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                <title>Telangana - Loktej</title>
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                <description>Telangana RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को ड्रोन उड़ाने, होटल प्रबंधन और कार चलाने का प्रशिक्षण देगी तेलंगाना सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। तेलंगाना सरकार ने एक कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को ड्रोन उड़ाने, होटल प्रबंधन और कार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।</p>
<p>राज्य के दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक एवं ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण मंत्री ए. लक्ष्मण कुमार ने शनिवार को इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज में सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने के लिए कई पहल कर रही है।</p>
<p>एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा कि सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के सामने लंबे समय से मौजूद सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को गंभीरता से लिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146432/telangana-government-will-provide-training-to-transgender-persons-in-flying"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/drone.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। तेलंगाना सरकार ने एक कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को ड्रोन उड़ाने, होटल प्रबंधन और कार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।</p>
<p>राज्य के दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक एवं ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण मंत्री ए. लक्ष्मण कुमार ने शनिवार को इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज में सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने के लिए कई पहल कर रही है।</p>
<p>एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा कि सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय के सामने लंबे समय से मौजूद सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को गंभीरता से लिया है।</p>
<p>मंत्री ने कहा कि सरकार ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे वे आर्थिक आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान हासिल कर सकें।</p>
<p>इस कार्यक्रम के तहत 50 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को ‘मारुति सुजुकी ड्राइविंग स्कूल’ के माध्यम से कार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें चालक के रूप में नौकरी पाने और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।</p>
<p>इसके अलावा, यहां ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट’ (एनआईटीएचएम) के जरिए 25 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को होटल प्रबंधन और कैंटीन शेफ का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें होटल, रेस्तरां और कैटरिंग संस्थानों में रोजगार मिल सके।</p>
<p>विज्ञप्ति के अनुसार, 16 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को बेगमपेट स्थित ‘तेलंगाना स्टेट एविएशन एकेडमी’ में ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ड्रोन तकनीक कृषि, सर्वेक्षण और उद्योग जैसे क्षेत्रों में तेजी से मांग में है।</p>
<p>इन तीनों कार्यक्रमों के तहत कुल 91 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिस पर 17.72 लाख रुपये खर्च होंगे और इसके लिए सरकार ने विशेष बजट आवंटित किया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के सुझाव पर पहले हैदराबाद पुलिस ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को यातायात सहायक के रूप में भी नियुक्त किया था, ताकि वे पुलिसकर्मियों की सहायता कर सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 18:27:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SheInspiresUs - एक सजग परिवर्तन की निरंतरता, संयोग नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना), मार्च 18: जब माननीय प्रधानमंत्री ने #SheInspiresUs पहल की शुरुआत की, तो इसका उद्देश्य केवल पदों पर आसीन महिलाओं को सम्मानित करना नहीं था।</p>
<p>यह उन महिलाओं को पहचान देने की एक पहल थी जो परिवर्तन की चिंगारी जगाती हैं। ऐसी महिलाएँ जिनका काम विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों में केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि संरचनात्मक बदलाव की दिशा में एक दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।तेलंगाना में इस विचारधारा का एक सशक्त उदाहरण हरी चंदना के कार्यों में दिखाई देता है।</p>
<p>पहली नजर में उनके सार्वजनिक कार्यों से जुड़े तीन पहल अलग-अलग दिखाई देते हैं —<br />एक 10K रन, जो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146090/sheinspiresus-the-continuation-of-a-conscious-transformation-is-not"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b18032026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना), मार्च 18: जब माननीय प्रधानमंत्री ने #SheInspiresUs पहल की शुरुआत की, तो इसका उद्देश्य केवल पदों पर आसीन महिलाओं को सम्मानित करना नहीं था।</p>
<p>यह उन महिलाओं को पहचान देने की एक पहल थी जो परिवर्तन की चिंगारी जगाती हैं। ऐसी महिलाएँ जिनका काम विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों में केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि संरचनात्मक बदलाव की दिशा में एक दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।तेलंगाना में इस विचारधारा का एक सशक्त उदाहरण हरी चंदना के कार्यों में दिखाई देता है।</p>
<p>पहली नजर में उनके सार्वजनिक कार्यों से जुड़े तीन पहल अलग-अलग दिखाई देते हैं —<br />एक 10K रन, जो सार्वजनिक भागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा देता है;<br />एक मासिक धर्म गरिमा आंदोलन, जो किशोरियों के स्वास्थ्य और सम्मान पर केंद्रित है;<br />और यूथ पार्लियामेंट, जो विद्यार्थियों में नागरिक भागीदारी और लोकतांत्रिक समझ विकसित करने का मंच प्रदान करता है।</p>
<p>लेकिन यदि इन पहलों को गहराई से देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि ये अलग-अलग कार्यक्रम नहीं हैं। वास्तव में ये एक सुविचारित और जुड़े हुए परिवर्तन की निरंतर प्रक्रिया के हिस्से हैं।</p>
<p>यह संयोग नहीं है।<br />यह एक सोच-समझकर बनाई गई संरचना है।</p>
<p>यूथ पार्लियामेंट 2025 — उपस्थिति से आवाज़ तक<br />हैदराबाद में आयोजित iVision Youth Parliament 2025 के ग्रैंड फिनाले का माहौल आत्मविश्वास और स्पष्टता से भरा हुआ था। युवा छात्र मंच पर खड़े होकर नीति, शासन और लोकतंत्र जैसे विषयों पर बहस कर रहे थे।</p>
<p>इनमें कई छात्राएँ भी थीं, जो राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रख रही थीं।<br />कई पर्यवेक्षकों के लिए यह दृश्य प्रतीकात्मक था।</p>
<p>कुछ दशक पहले तक कई क्षेत्रों में किशोरियों के लिए स्कूल में बने रहना ही एक चुनौती हुआ करता था। सामाजिक और जैविक कारणों के कारण उनकी शिक्षा अक्सर बाधित हो जाती थी। मासिक धर्म स्वास्थ्य से जुड़ी चर्चाएँ अक्सर चुप्पी में दबा दी जाती थीं, और सार्वजनिक विमर्श में उनकी भागीदारी सीमित रहती थी।</p>
<p>आज वही पीढ़ी केवल शिक्षा जारी नहीं रख रही है, बल्कि संविधानिक मूल्यों और सार्वजनिक नीतियों पर खुलकर चर्चा भी कर रही है।<br />यहाँ एक स्वाभाविक प्रश्न उठता है —<br />क्या यह मात्र संयोग है?</p>
<p>या फिर यह एक सुव्यवस्थित और पोषित पारिस्थितिकी तंत्र का परिणाम है?<br />जब लड़कियों को 10K रन जैसे अभियानों के माध्यम से सार्वजनिक रूप से प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उनकी भागीदारी और दृश्यता सामान्य बनती है…</p>
<p>जब मासिक धर्म गरिमा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि किशोरियों की पढ़ाई बाधित</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 16:37:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतिहास से भविष्य तक: हरि चंदना आईएएस की विरासत संरक्षण यात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 17: उस्मानिया विश्वविद्यालय प्रशासन और हैदराबाद मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के सहयोग से, परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर — मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है।</p>
<p>कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब 'द रेनवाटर प्रोजेक्ट' (The Rainwater Project) की तकनीकी विशेषज्ञता, सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है।</p>
<p>इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145629/hari-chandana-iass-heritage-conservation-journey-from-history-to-future"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b17022026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 17: उस्मानिया विश्वविद्यालय प्रशासन और हैदराबाद मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के सहयोग से, परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर — मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है।</p>
<p>कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब 'द रेनवाटर प्रोजेक्ट' (The Rainwater Project) की तकनीकी विशेषज्ञता, सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है।</p>
<p>इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर स्थिरता, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को जोड़ती रही है। यह बावड़ी का पुनर्जीवन कोई एकल उपलब्धि नहीं, बल्कि तेलंगाना भर में विरासत संरक्षण की उस निरंतर परंपरा का हिस्सा है, जिसे उन्होंने राज्य सरकार के नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास विभाग (MA&amp;UD) के समर्थन से नेतृत्व प्रदान किया है।</p>
<p>इस नवजागरण के केंद्र में वही अधिकारी हैं, जिनकी प्रशासनिक यात्रा ने तेलंगाना में उपेक्षित स्थानों को जीवंत सार्वजनिक संपत्तियों में बदला है।</p>
<p>शहर की विरासत: जीएचएमसी (GHMC) के वर्ष<br />जिला प्रशासन में आने से पहले, हरि चंदना आईएएस ने ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) में ज़ोनल कमिश्नर (वेस्ट और सेंट्रल ज़ोन) के रूप में हैदराबाद के शहरी परिदृश्य को आकार दिया — जहाँ स्थिरता और विरासत संरक्षण दैनिक शासन के मूल तत्व बने।</p>
<p>इस दौर की सबसे प्रतीकात्मक विरासत बहाली में से एक थी बांसिलालपेट बावड़ी — हैदराबाद के पुराने शहर में स्थित 17वीं सदी की बावड़ी, जो दशकों तक कचरे और उपेक्षा में दबी रही थी। इस परियोजना को तेलंगाना सरकार, 'द रेनवाटर प्रोजेक्ट' की कल्पना रमेश, SAHE (Society for Advancement of Hitech City and Nanakramguda) और गांडीपेट वेलफेयर सोसाइटी के साझा प्रयासों से अंजाम दिया गया।</p>
<p>इस बहाली ने एक कचरे से भरे गड्ढे को मनमोहक विरासत स्थल में बदल दिया — प्राचीन पत्थर की सीढ़ियाँ फिर खुलीं, पारंपरिक स्थापत्य बहाल हुआ और बावड़ी को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सार्वजनिक जीवन में लौटाया गया।</p>
<p>यह उस समय GHMC और MA&amp;UD विभाग में आए व्यापक बदलाव को भी दर्शाता था:<br />•    ऐतिहासिक सार्वजनिक स्थलों की पुनर्प्राप्ति<br />•    पारंपरिक जल संरचनाओं का पुनर्जीवन<br />•    शहरी विकास में स्थिरता का समावेश<br />यही शहरी विरासत जागरण आगे चलकर नारायणपेट जिले में नेतृत्व किए गए व्यापक बावड़ी पुनर्जीवन आंदोलन की नींव बना।</p>
<p>नारायणपेट में जिला-स्तरीय विरासत जागरण<br />नारायणपेट की कलेक्टर बनने पर उनकी सोच का पूर्ण रूप सामने आया — एक ऐसा क्षेत्र जो ऐतिहासिक बावड़ियों से समृद्ध था, पर लंबे समय से उपेक्षित रहा।</p>
<p>बाराम बावड़ी — जहाँ से पुनर्जीवन की शुरुआत हुई<br />पहली बड़ी सफलताओं में से एक थी बाराम बावड़ी, जो सदियों पुरानी होते हुए भी कचरे और उपेक्षा में दबी हुई थी।उनके नेतृत्व में जिला प्रशासन नारायणपेट, स्थानीय नगर पालिकाओं और तकनीकी संरक्षण वास्तुकारों ने मिलकर कार्य किया:<br />•    मलबा हटाया गया<br />•    मूल पत्थर संरचना का संरक्षण किया गया<br />•    सामुदायिक स्वामित्व को पुनर्स्थापित किया गया<br />परिणाम असाधारण रहे — त्योहार लौटे, परिवार जुटने लगे और बावड़ी ने फिर से जल स्रोत और सामाजिक केंद्र की अपनी भूमिका हासिल की।<br />यह केवल बहाली नहीं थी।</p>
<p>यह सार्वजनिक जीवन में पुनर्जन्म था। प्राचीन बावड़ियों के भूले हुए नेटवर्क की पुनः खोज, बाराम बावड़ी के पुनर्जीवन ने एक व्यापक पहल को जन्म दिया।</p>
<p>हरि चंदना ने नारायणपेट जिले में 'द रेनवाटर प्रोजेक्ट' और स्थानीय राजस्व विभाग के सहयोग से दर्जनों प्राचीन बावड़ियों के दस्तावेज़ीकरण और चरणबद्ध पुनर्स्थापन की शुरुआत की — जिनमें से कई पीढ़ियों से ओझल थीं।</p>
<p>ये केवल सौंदर्यात्मक सफाई अभियान नहीं थे।<br />इनका फोकस था:<br />•    पारंपरिक संरक्षण तकनीकें<br />•    भूजल पुनर्भरण<br />•    सामुदायिक संरक्षकता<br />•    दीर्घकालिक स्थिरता<br />धीरे-धीरे, पूरा जिला अपनी भूली हुई जल विरासत से फिर जुड़ गया — वे संरचनाएँ, जो सदियों पहले सूखे से लड़ने के लिए बनाई गई थीं, आज जलवायु लचीलापन बढ़ाने में सहायक बन रही हैं।</p>
<p>वैश्विक विरासत मूल्यों के अनुरूप स्थानीय नेतृत्व<br />बावड़ियों का महत्व यूनेस्को (UNESCO) द्वारा वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है, जो पारंपरिक जल प्रणालियों को जलवायु-अनुकूल इंजीनियरिंग और सांस्कृतिक वास्तुकला की उत्कृष्ट कृतियाँ मानता है।</p>
<p>भारत में यूनेस्को-सम्मानित स्थलों से यह स्पष्ट होता है कि बावड़ियाँ थीं:<br />•    पर्यावरणीय अवसंरचना<br />•    सामाजिक मेल-मिलाप के केंद्र<br />•    स्थापत्य चमत्कार<br />•    सतत जीवन के प्रतीक</p>
<p>हरि चंदना और उनकी सहयोगी टीमों (GHMC, HMDA और संरक्षणवादी समूहों) द्वारा किए गए कार्य इन वैश्विक सिद्धांतों के अनुरूप हैं — प्रामाणिकता की रक्षा करते हुए कार्यक्षमता और सामुदायिक प्रासंगिकता की बहाली।</p>
<p>मह लका बाई बावड़ी — दृष्टि का समन्वय<br />GHMC में शहरी स्थिरता और नारायणपेट में ग्रामीण विरासत पुनर्जीवन के ये सभी अनुभव उस्मानिया विश्वविद्यालय में मह लका बाई बावड़ी के पुनर्स्थापन में सशक्त रूप से एकत्र हुए।</p>
<p>यहाँ विरासत संरक्षण बना:<br />•    स्थापत्य पुनरुद्धार<br />•    भूजल स्थिरता<br />•    शैक्षणिक विरासत स्थल<br />•    सामुदायिक सहयोग<br />आज यह एक जड़ स्मारक नहीं, बल्कि हैदराबाद के अतीत द्वारा भविष्य को पोषित करता जीवंत प्रतीक है।<br />विरासत के माध्यम से विकास की नई परिभाषा</p>
<p>हरि चंदना आईएएस को विशिष्ट बनाता है केवल परियोजनाओं की संख्या नहीं, बल्कि उनके पीछे की सोच और सरकारी विभागों (जैसे MA&amp;UD, GHMC), नागरिक समाज (Civil Society) और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच बनाया गया सफल समन्वय।<br />उन्होंने दिखाया है कि:<br />•    विकास के लिए इतिहास का विनाश आवश्यक नहीं<br />•    विरासत स्थिरता की प्रेरक बन सकती है<br />•    शासन लोगों को अपनी जड़ों से फिर जोड़ सकता है<br />कंक्रीट विस्तार के इस दौर में, उनका कार्य सिद्ध करता है कि सच्ची प्रगति स्मृतियों को संजोते हुए भविष्य का निर्माण करती है।<br />शहर की गलियों से प्राचीन पत्थर की सीढ़ियों तक — बहती हुई विरासत GHMC के तहत शहरी हैदराबाद से… नारायणपेट की ग्रामीण बावड़ियों तक… और उस्मानिया विश्वविद्यालय।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145629/hari-chandana-iass-heritage-conservation-journey-from-history-to-future</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 18:26:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मरने के लिए सात मिनट - गिग इकोनॉमी के टूटते शरीर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 16: Orchestro.AI, के संस्थापक और CEO शेखर नटराजन इस लेख में बताते हैं कि कैसे एल्गोरिदम ने गिग इकोनॉमी को प्रभावित किया है। एल्गोरिद्म ने मोहम्मद रिज़वान को सात मिनट दिए।</p>
<p>भारत के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी फूड डिलीवरी बाज़ार में क्विक-कॉमर्स ऑर्डर के लिए यही मानक समय है — ग्राहक के “ऑर्डर” क्लिक करने से लेकर खाना दरवाज़े तक पहुंचने तक सिर्फ सात मिनट। इन सात मिनटों में ऑर्डर उठाना, ट्रैफिक से गुजरना, पता ढूंढना और सीढ़ियां चढ़ना शामिल है।</p>
<p>रिज़वान को उस दिन काम पर होना भी नहीं था। उनके भाई खाजा, जिनके Swiggy अकाउंट पर डिलीवरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145603/seven-minutes-to-die-the-broken-bodies-of-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b16022026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 16: Orchestro.AI, के संस्थापक और CEO शेखर नटराजन इस लेख में बताते हैं कि कैसे एल्गोरिदम ने गिग इकोनॉमी को प्रभावित किया है। एल्गोरिद्म ने मोहम्मद रिज़वान को सात मिनट दिए।</p>
<p>भारत के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी फूड डिलीवरी बाज़ार में क्विक-कॉमर्स ऑर्डर के लिए यही मानक समय है — ग्राहक के “ऑर्डर” क्लिक करने से लेकर खाना दरवाज़े तक पहुंचने तक सिर्फ सात मिनट। इन सात मिनटों में ऑर्डर उठाना, ट्रैफिक से गुजरना, पता ढूंढना और सीढ़ियां चढ़ना शामिल है।</p>
<p>रिज़वान को उस दिन काम पर होना भी नहीं था। उनके भाई खाजा, जिनके Swiggy अकाउंट पर डिलीवरी रजिस्टर्ड थी, बुखार से बीमार थे। लेकिन एल्गोरिद्म को बुखार से कोई मतलब नहीं। उसे किसी चीज़ से मतलब नहीं, सिवाय काउंटडाउन के।</p>
<p>“हम मेहनतकश लोग हैं,” खाजा ने बाद में कहा। “अगर हम कमाई नहीं करेंगे तो किराया और खाना कैसे देंगे?”</p>
<p>इसलिए 10 जनवरी 2023 को रिज़वान ने अपने भाई के अकाउंट से लॉग-इन किया। उन्होंने एक फूड ऑर्डर उठाया और हैदराबाद के एक उच्च-मध्यमवर्गीय इलाके की ओर निकल पड़े। इमारत का मुख्य दरवाज़ा खुला था। घर का एक कुत्ता उन पर झपटा। हमले से बचने की कोशिश में रिज़वान तीसरी मंज़िल की बालकनी से गिर गए।</p>
<p>उनके भाई को रात 2 बजे — चार घंटे बाद — इसकी सूचना मिली। ग्राहक उन्हें अस्पताल ले गया था और वहीं छोड़कर चला गया। इलाज के लिए पैसे जुटाने में देर हुई और इलाज सुबह 4 बजे शुरू हो पाया। तीन दिन बाद, रिज़वान की मौत हो गई।</p>
<p>स्विगी का आधिकारिक बयान सटीक और दूरी बनाए हुए था: “घटना के दिन रिज़वान सक्रिय रूप से स्विगी के लिए काम नहीं कर रहे थे।” कंपनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया।</p>
<p>10 मिनट का वादा<br />भारत की क्विक-कॉमर्स प्रतिस्पर्धा में गति ही एकमात्र मापदंड है। Blinkit, Zepto और स्विगी इंस्टामार्ट ने “10 मिनट डिलीवरी” को अपनी पहचान बनाया। ग्राहक इसकी अपेक्षा करने लगे — और कामगार इससे डरने लगे। लेकिन 10 मिनट एक मार्केटिंग भ्रम है। वास्तविकता कहीं अधिक कठोर है।</p>
<p>एक ब्लिंकिट डिलीवरी पार्टनर ने बताया: “हमें सात या आठ मिनट में सामान उठाकर पहुंचाने को कहा जाता है। ट्रैफिक सिग्नल पर ही एक मिनट निकल जाता है। कोहरा, बारिश, गर्मी — सब कुछ खतरा बढ़ा देता है। फिर भी देर होने पर हमारी रेटिंग घटा दी जाती है।”</p>
<p>मोहम्मद नुमान, 30, मुंबई, स्विगी के लिए रोज़ 16 घंटे काम करते हैं, 35–40 ऑर्डर पूरे करते हैं। ईंधन और खर्च के बाद घर लगभग 700 रुपये — करीब 8 डॉलर — ले जाते हैं। “काम मुश्किल है,” वे कहते हैं, “लेकिन कोई विकल्प नहीं।”</p>
<p>एक अन्य डिलीवरी पार्टनर: “हमें 10 किलोमीटर दूर जाकर ऑर्डर उठाने और फिर लंबी दूरी तय करने को कहा जाता है। लक्ष्य पूरा न होने पर रेटिंग काट दी जाती है।”</p>
<p>पहले कंपनियां पेट्रोल और वाहन खर्च की दैनिक भरपाई करती थीं। अब भुगतान साप्ताहिक होता है, और उसमें भी कटौती के बहाने मिल जाते हैं।<br />ब्लिंकिट ने प्रति डिलीवरी न्यूनतम भुगतान 25 रुपये से घटाकर 15 रुपये कर दिया — जो पिछले वर्ष 50 रुपये था। दैनिक आय 1,200 रुपये से घटकर 600–700 रुपये रह गई।</p>
<p>मौतों की गिनती<br />आदिल अहमद ताहेर, 24, हैदराबाद: 28 जुलाई 2022 को स्विगी डिलीवरी पूरी करने की जल्दी में ट्रैक्टर की टक्कर से मौत। पीछे पत्नी और दो महीने की बेटी छोड़ गए। तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन ने 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। स्विगी ने 10 लाख रुपये बीमा की पेशकश की।</p>
<p>सुनील कुमार, इंदौर: रात 10:30 बजे डिलीवरी के बाद लूट और चाकूबाजी का शिकार।<br />एक Zomato कर्मचारी, अगस्त 2024: सड़क दुर्घटना में मौत। कंपनी ने परिवार के लिए कुछ नहीं किया।<br />प्रियंका देवी, जनवरी 2023: Uber ड्राइवर। हमले में घायल। कंपनी ने इमरजेंसी बटन न दबाने के लिए उन्हें दोषी ठहराया।<br />एक Flipkart डिलीवरी एजेंट, फरवरी 2023: आईफोन चोरी के प्रयास में ग्राहक द्वारा चाकू से हमला।</p>
<p>किसी भी प्लेटफॉर्म कंपनी ने नौकरी के दौरान हुई मौतों का आधिकारिक डेटा सार्वजनिक नहीं किया। वास्तविक संख्या अज्ञात है — और शायद जानबूझकर अज्ञात रखी गई है।</p>
<p>दिसंबर का विद्रोह<br />क्रिसमस डे 2025 पर अभूतपूर्व घटना हुई। भारत में 2 से 3 लाख गिग वर्कर्स हड़ताल पर चले गए — डिजिटल अर्थव्यवस्था के इतिहास की सबसे बड़ी श्रमिक कार्रवाई। उन्होंने साल के सबसे व्यस्त दिनों में काम बंद किया।</p>
<p>यह हड़ताल Indian Federation of App-Based Transport Workers (IFAT) और Telangana Gig and Platform Workers Union (TGPWU) ने आयोजित की।</p>
<p>मांगें स्पष्ट थीं:<br />* पारदर्शी और न्यायसंगत वेतन संरचना<br />* 10 मिनट डिलीवरी जैसे मॉडल की समाप्ति<br />* मनमाने दंड और आईडी निष्क्रियता पर रोक<br />* बुनियादी सामाजिक सुरक्षा</p>
<p>TGPWU के संस्थापक अध्यक्ष शेख सलाुद्दीन ने कहा: “एल्गोरिद्मिक नियंत्रण ने कामगारों को आर्थिक असुरक्षा में धकेल दिया है।” जनवरी 2026 में केंद्रीय श्रम मंत्री Mansukh Mandaviya ने प्लेटफॉर्म कंपनियों से मुलाकात की और 10 मिनट के वादे को खत्म करने को कहा। कंपनियों ने सहमति दी। ब्लिंकिट ने अपना नारा बदला। अन्य कंपनियों ने भी अनुसरण किया।</p>
<p>छोटी जीतें<br />विरोध के बाद ज़ोमैटो ने गिग वर्कर्स के लिए “रेस्टिंग पॉइंट” शुरू किए — फोन चार्ज करने और शौचालय उपयोग के लिए।<br />राजस्थान 2023 में गिग वर्कर्स (पंजीकरण एवं कल्याण) अधिनियम पारित करने वाला पहला राज्य बना।<br />कर्नाटक ने 2024 में गिग वर्कर्स संरक्षण विधेयक के लिए सुझाव आमंत्रित किए।<br />पारस्परिक सहायता समूहों के माध्यम से 15,000 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली।</p>
<p>एल्गोरिद्मिक पर्यवेक्षक<br />शेखर नटराजन, जिन्होंने वॉलमार्ट और डिज़्नी जैसी कंपनियों के लिए सप्लाई चेन सिस्टम बनाए, कहते हैं: “एल्गोरिद्म वही कर रहा है जिसके लिए उसे डिज़ाइन किया गया है — गति का अनुकूलन। लेकिन इसमें इंसान का विचार नहीं है।”</p>
<p>यदि सिस्टम में संतुलन (समा), सुरक्षा (रक्षा), सत्य और न्याय जैसे मूल्य शामिल होते, तो शायद नतीजे अलग होते। 10 मिनट डिलीवरी मॉडल में न रक्षा थी, न संतुलन — केवल गति थी।</p>
<p>भारत में 2020 में गिग वर्कर्स की संख्या 77 लाख थी। 2029 तक यह 2.35 करोड़ होने का अनुमान है। गिग कार्य भारतीय अर्थव्यवस्था में सालाना एक अरब डॉलर से अधिक का योगदान देता है।</p>
<p>एल्गोरिद्म उन्हें सात मिनट देता है। वह उन्हें विकल्प नहीं देता। गरिमा नहीं देता। सुरक्षा नहीं देता। जब तक कि कामगार संगठित होकर इसकी मांग न करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 15:19:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल गवर्नेंस में नई पहल: IAS हरि चंदना को व्हाट्सऐप आधारित शिकायत प्रणाली के लिए सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना) [भारत], 5 जनवरी: डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तहत हैदराबाद की जिला कलेक्टर हरि चंदना को हाल ही में डिप्टी मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने प्रजा भवन में सम्मानित किया। यह सम्मान तेलंगाना में जनता की शिकायतों का सबसे बेहतर समाधान करने वाले जिले के लिए दिया गया। इस सफलता के पीछे उनकी अनोखी पहल रही—भारत की पहली व्हाट्सऐप आधारित शिकायत निवारण प्रणाली।</p>
<p><strong>एक नई पहल: व्हाट्सऐप प्रजावाणी</strong></p>
<p>अब तक सीएम प्रजावाणी और कलेक्टर प्रजावाणी जैसे पारंपरिक प्लेटफॉर्म इस्तेमाल होते थे। लेकिन हरि चंदना ने समझा कि बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए दफ्तर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145017/new-initiative-in-digital-governance-ias-hari-chandana-honored-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-01/img-20260105-wa0006.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना) [भारत], 5 जनवरी: डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तहत हैदराबाद की जिला कलेक्टर हरि चंदना को हाल ही में डिप्टी मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने प्रजा भवन में सम्मानित किया। यह सम्मान तेलंगाना में जनता की शिकायतों का सबसे बेहतर समाधान करने वाले जिले के लिए दिया गया। इस सफलता के पीछे उनकी अनोखी पहल रही—भारत की पहली व्हाट्सऐप आधारित शिकायत निवारण प्रणाली।</p>
<p><strong>एक नई पहल: व्हाट्सऐप प्रजावाणी</strong></p>
<p>अब तक सीएम प्रजावाणी और कलेक्टर प्रजावाणी जैसे पारंपरिक प्लेटफॉर्म इस्तेमाल होते थे। लेकिन हरि चंदना ने समझा कि बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए दफ्तर तक आना या तकनीकी प्रक्रिया समझना आसान नहीं होता। इसी समस्या को हल करने के लिए उन्होंने व्हाट्सऐप प्रजावाणी (74166 87878) की शुरुआत की।</p>
<p>इसके जरिए हैदराबाद देश का पहला जिला बना, जहां सरकारी शिकायतें सीधे व्हाट्सऐप पर ली जाने लगीं। अब लोग घर बैठे ही अपनी शिकायत और जरूरी दस्तावेज भेज सकते हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है।</p>
<p><strong>आसान पहुंच से बढ़ी लोगों की भागीदारी</strong></p>
<p>इस पहल का असर तुरंत दिखा। सरकार अब सच में “एक मैसेज की दूरी” पर आ गई। बड़ी संख्या में लोगों ने इस सुविधा का इस्तेमाल करना शुरू किया, खासकर वे लोग जो पहले प्रक्रिया को मुश्किल मानते थे।</p>
<p>इतनी ज्यादा शिकायतें आने के बावजूद सिस्टम बहुत प्रभावी रहा। हर शिकायत डिजिटल सिस्टम में दर्ज होती है, उसे एक यूनिक ट्रैकिंग नंबर मिलता है और कार्रवाई की जानकारी (ATR) सीधे नागरिक के फोन पर भेजी जाती है। इससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।</p>
<p>नई सोच की मिसाल: ‘चेंज मेकर’ IAS हरि चंदना को भारत की पहली व्हाट्सऐप शिकायत व्यवस्था के लिए सम्मान</p>
<p>सरकारी कामकाज में नई सोच की एक बड़ी उपलब्धि के तहत हैदराबाद की जिला कलेक्टर हरि चंदना को यह सम्मान प्रदान किया गया। यह उपलब्धि तेलंगाना में जनता की शिकायतों के प्रभावी समाधान और प्रशासन में तकनीकी नवाचार की मिसाल बनकर सामने आई है।</p>
<p><strong>‘चेंज मेकर’ की पहचान</strong></p>
<p>यह सम्मान हरि चंदना के लिए पहला नहीं है। उनके करियर में कई ऐसी पहलें हैं जो देश में पहली बार शुरू हुईं। उन्होंने कलेक्टरेट में भारत का पहला QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम शुरू किया, जिससे कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ी।</p>
<p>उन्होंने सीनियर साथी कार्यक्रम की भी शुरुआत की, जो अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सहारा और साथ देता है। इसके अलावा गाचीबोवली में भारत का पहला पेट पार्क और ग्रामीण कारीगरों के लिए आरुण्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी उनकी ही देन है।</p>
<p>लगातार नई सोच और आसान समाधान लाने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें लोगों के दिलों में खास जगह दिलाई है। इसी वजह से लोग उन्हें प्यार से “द चेंज मेकर IAS ऑफिसर” कहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 16:37:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेलंगाना: अभिनेत्री निधि अग्रवाल को कार्यक्रम में भीड़ ने घेरा, मॉल एवं आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 18 दिसंबर (भाषा) तेलंगाना के हैदराबाद में अभिनेता प्रभास की आगामी फिल्म ‘द राजा साहब’ के एक गाने के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान भीड़ ने अभिनेत्री निधि अग्रवाल को कथित तौर पर घेर लिया, जिसके बाद बृहस्पतिवार को मॉल प्रबंधन और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि मॉल प्रबंधन और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ बिना पूर्व अनुमति के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात को गाने के लॉन्च कार्यक्रम के लिए मॉल में बड़ी संख्या में प्रशंसक जमा हुए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144671/telangana-actress-nidhi-agarwal-was-surrounded-by-the-crowd-at"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/3864_bollywood-cinema-multiplex-theater1.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 18 दिसंबर (भाषा) तेलंगाना के हैदराबाद में अभिनेता प्रभास की आगामी फिल्म ‘द राजा साहब’ के एक गाने के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान भीड़ ने अभिनेत्री निधि अग्रवाल को कथित तौर पर घेर लिया, जिसके बाद बृहस्पतिवार को मॉल प्रबंधन और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि मॉल प्रबंधन और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ बिना पूर्व अनुमति के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात को गाने के लॉन्च कार्यक्रम के लिए मॉल में बड़ी संख्या में प्रशंसक जमा हुए थे।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि कार्यक्रम में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अभिनेत्री को परिसर से बाहर निकलते समय भीड़ ने घेर लिया।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, प्रशंसक तस्वीरें लेने के प्रयास में अभिनेत्री के चारों ओर जमा हो गए थे।</p>
<p>इस घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गए, जिनमें अभिनेत्री मॉल के बाहर निकलते समय भीड़ से घिरने के बाद परेशान और असहज दिखाई दे रही हैं।</p>
<p>बाद में सुरक्षाकर्मी उन्हें उनकी कार तक ले जाते नजर आए।</p>
<p>केपीएचबी थाने के एक अधिकारी ने बताया, “एक हस्ती को आमंत्रित किया गया था और बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मामला दर्ज कर लिया गया है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144671/telangana-actress-nidhi-agarwal-was-surrounded-by-the-crowd-at</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 15:21:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदाणी समूह तेलंगाना में 2500 करोड़ रुपये के निवेश से 48 मेगावाट का डेटा सेंटर स्थापित करेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, आठ दिसंबर (भाषा) अदाणी समूह तेलंगाना में 2,500 करोड़ रुपये की लागत से 48 मेगावाट का अत्याधुनिक ‘एआई ग्रीन डेटा सेंटर’ स्थापित कर रहा है।</p>
<p>अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने सोमवार को ‘तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट’ के उद्घाटन सत्र में कहा कि समूह ने तेलंगाना में बुनियादी ढांचे एवं विनिर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में अब तक 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ डिजिटल बुनियादी ढांचे में अदाणी समूह 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से तेलंगाना में 48 मेगावाट का ‘ग्रीन डेटा सेंटर’ स्थापित कर रहा है। यह सुविधा अत्याधुनिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144481/adani-group-to-set-up-48-mw-data-center-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/data-centers.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, आठ दिसंबर (भाषा) अदाणी समूह तेलंगाना में 2,500 करोड़ रुपये की लागत से 48 मेगावाट का अत्याधुनिक ‘एआई ग्रीन डेटा सेंटर’ स्थापित कर रहा है।</p>
<p>अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने सोमवार को ‘तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट’ के उद्घाटन सत्र में कहा कि समूह ने तेलंगाना में बुनियादी ढांचे एवं विनिर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में अब तक 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ डिजिटल बुनियादी ढांचे में अदाणी समूह 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से तेलंगाना में 48 मेगावाट का ‘ग्रीन डेटा सेंटर’ स्थापित कर रहा है। यह सुविधा अत्याधुनिक कृत्रिम मेधा (एआई), क्लाउड टेक्नोलॉजी और उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग में अग्रणी होगी और तेजी से डिजिटल होते भारत की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी। ’’</p>
<p>तेलंगाना ने पिछले कुछ वर्ष में पूंजीगत अवसंरचना एवं लॉजिस्टिक्स अवसंरचना में जबरदस्त वृद्धि देखी है। समूह ने सड़कों के विकास एवं लॉजिस्टिक्स को और अधिक कुशल बनाने तथा राज्य को एक ‘लॉजिस्टिक्स गेटवे’ के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, समूह ने पिछले तीन साल में राज्य के बुनियादी ढांचे एवं विनिर्माण सुविधाओं के निर्माण में अब तक करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है और 7,000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार सृजन में योगदान दिया है।’’</p>
<p>बयान के अनुसार, अदाणी समूह ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ लक्ष्य के अनुरूप हैदराबाद में एक अग्रणी रक्षा एवं वैमानिकी पार्क विकसित किया है जो यूएवी का विनिर्माण करता है और भारतीय सशस्त्र बलों तथा वैश्विक बाजार दोनों को उत्पादों की आपूर्ति करता है। इस सुविधा से 1,500 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।</p>
<p>अदाणी समूह ने सड़क अवसंरचना में 4,000 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ मनचेरियल, सूर्यपेट, कोडाद और खम्मम जैसे प्रमुख जिलों को जोड़ने वाले 100 किलोमीटर से अधिक लंबे राजमार्गों का निर्माण किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144481/adani-group-to-set-up-48-mw-data-center-in</link>
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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 18:45:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हैदराबाद ने शुरू किया 'सीनियर साथी', अकेले रहने वाले बुज़ुर्गों के लिए सामुदायिक सहयोग का नया मॉडल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना), दिसंबर 5: Hyderabad जिला प्रशासन ने सीनियर साथी नामक एक अनोखी पहल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य ऐसे बुज़ुर्ग नागरिकों को भावनात्मक और सामाजिक सहारा देना है जो अकेले रहते हैं।</p>
<p>इस कार्यक्रम का शुभारंभ Hyderabad कलेक्टरेट में जिला प्रभारी मंत्री पोनम प्रभाकर और जिला कलेक्टर हरि चंदना द्वारा किया गया। यह पहल यंगिस्तान फाउंडेशन और विकलांग तथा वरिष्ठ नागरिक कल्याण विभाग के सहयोग से तैयार की गई है।</p>
<p>तेज़ी से बदलते पारिवारिक ढांचे, बच्चों का दूसरे शहरों या देशों में बस जाना और शहरी जीवनशैली के चलते आज कई बुज़ुर्ग लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144428/hyderabad-launches-senior-saathi-a-new-model-of-community-support"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b05122025-04.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना), दिसंबर 5: Hyderabad जिला प्रशासन ने सीनियर साथी नामक एक अनोखी पहल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य ऐसे बुज़ुर्ग नागरिकों को भावनात्मक और सामाजिक सहारा देना है जो अकेले रहते हैं।</p>
<p>इस कार्यक्रम का शुभारंभ Hyderabad कलेक्टरेट में जिला प्रभारी मंत्री पोनम प्रभाकर और जिला कलेक्टर हरि चंदना द्वारा किया गया। यह पहल यंगिस्तान फाउंडेशन और विकलांग तथा वरिष्ठ नागरिक कल्याण विभाग के सहयोग से तैयार की गई है।</p>
<p>तेज़ी से बदलते पारिवारिक ढांचे, बच्चों का दूसरे शहरों या देशों में बस जाना और शहरी जीवनशैली के चलते आज कई बुज़ुर्ग लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहते हुए भी अकेलापन महसूस करते हैं। सीनियर साथी इस दूरी को कम करने के लिए एक सुव्यवस्थित सामाजिक व भावनात्मक सहयोग मॉडल पेश करता है।</p>
<p>सामुदायिक आधारित साथ-सहयोग मॉडल<br />इस पहल के तहत प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवक—जिनका मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, पृष्ठभूमि सत्यापन और संवेदनशीलता प्रशिक्षण किया गया है—हर सप्ताह बुज़ुर्ग नागरिकों के साथ समय बिताएंगे। इन गतिविधियों में बातचीत, टहलना, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पढ़ने में सहायता, मोबाइल व डिजिटल सीख, और छोटे-मोटे कामों में मदद शामिल होगी।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुज़ुर्गों में अपनापन, भावनात्मक सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाना है। पीढ़ियों को जोड़ने की जरूरत: मंत्री का संदेश</p>
<p>शुभारंभ के दौरान मंत्री पोनम प्रभाकर ने कहा कि पहले संयुक्त परिवारों में बुज़ुर्गों से नियमित बातचीत होती थी, लेकिन आधुनिक जीवनशैली में यह संपर्क कम हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बुज़ुर्गों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और लोगों से अपील की कि वे अपने माता-पिता से दूर रहने पर भी फोन या डिजिटल माध्यम से जुड़े रहें।</p>
<p>उन्होंने साइबर सुरक्षा और संपत्ति से जुड़े जोखिमों पर भी चिंता जताई, जिनका सामना अक्सर बुज़ुर्गों को करना पड़ता है, और परिवारों तथा समुदायों से ज़्यादा जिम्मेदारी और देखभाल दिखाने की अपील की।</p>
<p>कलेक्टर का दृष्टिकोण: सहायक शहरी संस्कृति का निर्माण<br />कलेक्टर हरि चंदना ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण संवेदना और मजबूत संस्थागत समर्थन पर आधारित है। उन्होंने बताया कि प्रशासन बुज़ुर्गों से जुड़ी समस्याओं का नियमित रूप से समाधान करता है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है।</p>
<p>उन्होंने समुदायिक मूल्यों और साझा स्थानों में आ रही गिरावट पर चिंता व्यक्त की और कहा कि नई पीढ़ी को बुज़ुर्गों के जीवन अनुभवों से सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही Hyderabad जिले में एक सीनियर डे-केयर सेंटर स्थापित किया जाएगा, ताकि बुज़ुर्गों को और भी बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।</p>
<p>सीनियर साथी क्यों महत्वपूर्ण है<br />अध्ययनों के अनुसार, भारत में 13% से अधिक बुज़ुर्ग अवसाद के लक्षणों का अनुभव करते हैं, जिसमें अकेलापन एक बड़ा कारण है। दुनिया के कई देशों में हुए शोध बताते हैं कि नियमित सामाजिक संपर्क चिंता कम करता है, दिमागी क्षमता बढ़ाता है, और समय से पहले होने वाली मृत्यु के जोखिम को लगभग 30% तक कम करता है।</p>
<p>अधिकारियों का मानना है कि सीनियर साथी वैश्विक अनुभवों को स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार जोड़ता है और अन्य जिलों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है। मंत्री प्रभाकर ने आशा व्यक्त की कि Hyderabad की यह पहल राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रेरक मॉडल बनेगी।<br />कार्यान्वयन और जिम्मेदारी</p>
<p>यंगिस्तान फाउंडेशन के संस्थापक अरुण, जिन्होंने इस कार्यक्रम की कल्पना की, को मंत्री ने विशेष प्रशंसा दी। कल्याण विभाग के अधिकारी, वरिष्ठ नागरिक संघों के सदस्य और विभिन्न साझेदार संगठनों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुए।</p>
<p>अब यह पहल ज़मीनी स्तर पर लागू की जाएगी और जिला प्रशासन स्वयंसेवकों की निरंतर भागीदारी तथा बुज़ुर्गों को समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए इसकी निगरानी करेगा।</p>
<p>बुज़ुर्ग होती जनसंख्या के लिए एक आदर्श मॉडल<br />तेज़ी से विकसित हो रहे Hyderabad जो तकनीक और वैश्विक केंद्रों का एक बड़ा हब बन चुका है के प्रशासन का कहना है कि शहर का विकास केवल ढांचागत प्रगति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सामाजिक समावेशन और भावनात्मक देखभाल को भी दर्शाना चाहिए। सीनियर साथी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बुज़ुर्ग नागरिकों को सक्रिय, सम्मानित और समाज से जुड़े रहने में मदद करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 18:44:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व क्रिकेटर अजहरुद्दीन को एमएलसी पद के लिए नामित किया गया, पार्टी हाईकमान का जताया आभार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 31 अगस्त (वेब वार्ता)। तेलंगाना सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन और प्रोफेसर कोडंडाराम रेड्डी को विधान परिषद (एमएलसी) के लिए नामित करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>कैबिनेट बैठक में नामों पर मुहर लगाई गई। इस निर्णय को लेकर खेल जगत और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच, अजहरुद्दीन ने पार्टी हाईकमान का आभार जताया है।</p>
<p>मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “तेलंगाना में राज्यपाल कोटे के अंतर्गत एमएलसी पद के लिए मुझे मनोनीत करने के कैबिनेट के फैसले से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142814/former-cricketer-azharuddin-nominated-for-the-post-of-mlc-thanked"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/politics.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 31 अगस्त (वेब वार्ता)। तेलंगाना सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन और प्रोफेसर कोडंडाराम रेड्डी को विधान परिषद (एमएलसी) के लिए नामित करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>कैबिनेट बैठक में नामों पर मुहर लगाई गई। इस निर्णय को लेकर खेल जगत और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच, अजहरुद्दीन ने पार्टी हाईकमान का आभार जताया है।</p>
<p>मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “तेलंगाना में राज्यपाल कोटे के अंतर्गत एमएलसी पद के लिए मुझे मनोनीत करने के कैबिनेट के फैसले से मैं बेहद सम्मानित और विनम्र महसूस कर रहा हूं।</p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल को उनके विश्वास और आशीर्वाद के लिए हार्दिक धन्यवाद।”</p>
<p>उन्होंने आगे लिखा, “मैं मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू और कैबिनेट, टीपीसीसी अध्यक्ष महेश गौड़ और तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराज के मार्गदर्शन और समर्थन के लिए आभारी हूं।</p>
<p>मैं ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने राज्य की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।”इससे पहले, तेलंगाना के जुबली हिल्स सीट पर होने वाले उपचुनाव में भी उम्मीदवार के तौर पर अजहरुद्दीन का नाम सामने आया था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था। हालांकि, राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए पार्टी ने उन्हें अब विधान परिषद भेजने का फैसला लिया है।</p>
<p>अजहरुद्दीन 2009 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से लोकसभा सांसद बने थे। 2014 में उन्हें राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर से टिकट मिला, लेकिन वे हार गए। 2018 में उन्हें तेलंगाना कांग्रेस का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया था। 2023 में उन्हें जुबली हिल्स से टिकट मिला था, लेकिन वे चुनाव हार गए।</p>
<p>बीआरएस नेता मागांती गोपीनाथ ने उन्हें चुनाव में हराया था। बाद में, विधायक मागांती गोपीनाथ के निधन के बाद जुबली हिल्स सीट खाली हो गई है, जिसके बाद उपचुनाव होने थे। अजहरुद्दीन ने इस सीट से उपचुनाव लड़ने के लिए दावेदारी की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142814/former-cricketer-azharuddin-nominated-for-the-post-of-mlc-thanked</link>
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                <pubDate>Sun, 31 Aug 2025 19:21:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेलंगाना के हल्दी उत्पादक किसानों के लिए प्रतिबद्ध है मोदी सरकार: अमित शाह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>निजामाबाद, 29 जून (वेब वार्ता)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हल्दी किसानों का चालीस साल पुराना सपना पूरा किया है। केंद्र तेलंगाना के हल्दी उत्पादक किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2030 तक एक बिलियन डॉलर की हल्दी का निर्यात करने का लक्ष्य है। </p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यहां निजामाबाद के विनायकनगर में स्थापित राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड कार्यालय का उद्घाटन समारोह को संबोधित कररहे थे। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि तेलंगाना के लिए हल्दी बोर्ड के लिए भाजपा सांसदों ने लड़ाई लड़ी।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के हल्दी उत्पादककिसानों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141625/modi-government-is-committed-to-turmeric-producing-turmeric-producing-farmers"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/2655_amit-shah.jpg" alt=""></a><br /><p>निजामाबाद, 29 जून (वेब वार्ता)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हल्दी किसानों का चालीस साल पुराना सपना पूरा किया है। केंद्र तेलंगाना के हल्दी उत्पादक किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2030 तक एक बिलियन डॉलर की हल्दी का निर्यात करने का लक्ष्य है। </p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यहां निजामाबाद के विनायकनगर में स्थापित राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड कार्यालय का उद्घाटन समारोह को संबोधित कररहे थे। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि तेलंगाना के लिए हल्दी बोर्ड के लिए भाजपा सांसदों ने लड़ाई लड़ी।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के हल्दी उत्पादककिसानों के लगभग चालीस साल पुराना सपना पूरा किया है। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूँ कि मैंने अपने हाथों से हल्दी बोर्ड की शुरुआत की।</p>
<p>शाह ने कहा कि तेलंगाना के लिए हल्दी बोर्ड के लिए भाजपा सांसदों ने लड़ाई लड़ी। हमने न केवल तेलंगाना को हल्दी बोर्ड दिया, बल्कि तेलंगाना के ही एक व्यक्ति को इसका अध्यक्ष भी नियुक्त किया। उन्होंने कहा कि निज़ामाबाद की हल्दी की फसल पूरी दुनिया में मशहूर है।</p>
<p>हल्दी एक दिव्य औषधि है। यह एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-कैंसर के रूप में काम करती है। हमें वर्ष 2030 तक एक बिलियन डॉलर की हल्दी का निर्यात करने का लक्ष्य बनाना चाहिए। </p>
<p>केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने केंद्र सरकार तेलंगाना के हल्दी उत्पादक किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस बोर्ड के माध्यम से हम किसानों को खेती के नए तरीकों के बारे में प्रशिक्षित करेंगे। हम यहां हल्दी की फसल के लिए जियो-टैगिंग कर रहे हैं।</p>
<p>हम भारत सहकारी समिति के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहे है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि वर्तमान हल्दी का मंडी में भाव 14 हजार क्विंटल के आसपास है और अगले साल तक इसके भाव 19 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है। </p>
<p>हल्दी बोर्ड कार्यालय के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी, केन्द्रीय राज्यमंत्री व करीमनगर सांसद बंदी संजय, राज्य मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव, सीताक्का, निजामाबाद के सांसद अरविंद, राज्यसभा सदस्य के. लक्ष्मण, हल्दी बोर्ड के अध्यक्ष गंगा रेड्डी और अन्य वरिष्ठ लोग मौजूद रहे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141625/modi-government-is-committed-to-turmeric-producing-turmeric-producing-farmers</link>
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                <pubDate>Sun, 29 Jun 2025 21:25:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की प्रतिभागियों ने लक्ष्मी नरसिंह मंदिर में पूजा की</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>हैदराबाद, 16 मई (भाषा) मिस वर्ल्ड 2025 प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली प्रतिभागियों ने बृहस्पतिवार को हैदराबाद के समीप यादगिरिगुट्टा स्थित प्रसिद्ध लक्ष्मी नरसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना की।</p>
<p>उन्होंने यह भी देखा कि प्रसिद्ध इकत साड़ियों की हाथ से बुनाई कैसे की जाती है।</p>
<p>अफ्रीका की 25 प्रतिभागियों ने पोचमपल्ली गांव का दौरा किया। इस गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ विश्व पर्यटन गांव’ का पुरस्कार दिया गया था।</p>
<p>पोचमपल्ली में बृहस्पतिवार को मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की इन प्रतिभागियों का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। ये प्रतिभागी इकत साड़ियों को बनाने की जटिल प्रक्रिया</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140798/participants-of-miss-world-competition-worshiped-in-lakshmi-narasimha-temple"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/k16052025-03.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>हैदराबाद, 16 मई (भाषा) मिस वर्ल्ड 2025 प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली प्रतिभागियों ने बृहस्पतिवार को हैदराबाद के समीप यादगिरिगुट्टा स्थित प्रसिद्ध लक्ष्मी नरसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना की।</p>
<p>उन्होंने यह भी देखा कि प्रसिद्ध इकत साड़ियों की हाथ से बुनाई कैसे की जाती है।</p>
<p>अफ्रीका की 25 प्रतिभागियों ने पोचमपल्ली गांव का दौरा किया। इस गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ विश्व पर्यटन गांव’ का पुरस्कार दिया गया था।</p>
<p>पोचमपल्ली में बृहस्पतिवार को मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की इन प्रतिभागियों का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। ये प्रतिभागी इकत साड़ियों को बनाने की जटिल प्रक्रिया देखकर काफी खुश नजर आईं। इनमें से कुछ प्रतिभागियों ने चरखे की मदद से सूत भी काता।</p>
<p>गांव के एक ‘एम्फीथिएटर’ में भारतीय महिलाओं द्वारा इकत और हथकरघा साड़ियों में प्रस्तुत किए गए फैशन शो को देखकर प्रतिभागी बहुत खुश हुईं।</p>
<p>मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में नौ देशों से हिस्सा लेने वाली प्रतिभागियों के एक समूह ने पारंपरिक भारतीय परिधान साड़ी पहनकर यादगिरिगुट्टा स्थित भगवान लक्ष्मी नरसिंह मंदिर में भगवान के दर्शन किए।</p>
<p>प्रतिभागियों ने मंदिर में ‘दीपार्जन’ (पारंपरिक दीप जलाने) में भाग लिया।</p>
<p>उन्होंने मुख्य देवता के दर्शन किये और मंदिर के पुजारियों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।</p>
<p>प्रतिभागियों ने स्थानीय महिलाओं के साथ लाठी लेकर पारंपरिक ‘कोलाटम्’ नृत्य भी प्रस्तुत किया।</p>
<p>तेलंगाना सरकार ने राज्य को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी छवि को शीर्ष पर पहुंचाने और निवेश आकर्षित करने के मकसद से इस वैश्विक आयोजन का लाभ उठाने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है।</p>
<p>अपने प्रवास के दौरान, मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली प्रतिभागी राज्य भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगी।</p>
<p>प्रतिभागियों ने 13 मई को यहां ऐतिहासिक चारमीनार पर हेरिटेज वॉक किया और 14 मई को मुलुगु जिले में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल- रामप्पा मंदिर का दौरा किया।</p>
<p>मिस वर्ल्ड 2025 प्रतियोगिता 10 मई को हैदराबाद में एक शानदार समारोह के साथ शुरू हुई और 31 मई तक जारी रहेगी।</p>
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                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 12:38:39 +0530</pubDate>
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                <title>तेलंगाना के एक ही परिवार के तीन सदस्यों की अमेरिका में सड़क दुर्घटना में मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 17 मार्च (भाषा) अमेरिका के फ्लोरिडा में सड़क दुर्घटना में तेलंगाना के एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई जिनमें सॉफ्टवेयर पेशेवर एक महिला और उसका छह वर्षीय बेटा भी शामिल है। मृतकों के परिजनों ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>महिला के पिता मोहन रेड्डी ने बताया कि ट्रक से हुई इस दुर्घटना में प्रगति रेड्डी (35), उसके बेटे और उसकी सास (56) की मौत हो गई, जबकि कार चला रहे महिला के पति घायल हो गए।</p>
<p>यह परिवार रंगा रेड्डी जिले के टेकुलापल्ली गांव का रहने वाला था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139349/three-members-of-the-same-family-of-telangana-died-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-03/road-accident-11032025.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 17 मार्च (भाषा) अमेरिका के फ्लोरिडा में सड़क दुर्घटना में तेलंगाना के एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई जिनमें सॉफ्टवेयर पेशेवर एक महिला और उसका छह वर्षीय बेटा भी शामिल है। मृतकों के परिजनों ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>महिला के पिता मोहन रेड्डी ने बताया कि ट्रक से हुई इस दुर्घटना में प्रगति रेड्डी (35), उसके बेटे और उसकी सास (56) की मौत हो गई, जबकि कार चला रहे महिला के पति घायल हो गए।</p>
<p>यह परिवार रंगा रेड्डी जिले के टेकुलापल्ली गांव का रहने वाला था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 12:12:55 +0530</pubDate>
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