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                <title>Christmas - Loktej</title>
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                <description>Christmas RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>केरल में क्रिसमस के पहले चार दिनों में 332.62 करोड़ रुपये की हुई शराब बिक्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p>तिरुवनंतपुरम, 26 दिसंबर (भाषा) केरल में क्रिसमस के जश्न के दौरान केरल स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन (केएसबीसी) ने अपने बीईवीसीओ बिक्री केंद्रों से पहले चार दिनों में 332.62 करोड़ रुपये की शराब बेची। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, चार दिनों में केएसबीसी की शराब दुकानों और गोदामों से कुल 332.62 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। पिछले साल की इसी अवधि में यह बिक्री 229.54 करोड़ रुपये थी।</p>
<p>सबसे अधिक बिक्री 24 दिसंबर को 114.45 करोड़ रुपये की हुई। 22 दिसंबर को 77.62 करोड़ रुपये, 23 दिसंबर को 81.34 करोड़ रुपये और 25 दिसंबर को 59.21 करोड़</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144858/liquor-sales-worth-rs-33262-crore-in-kerala-in-first"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/party-friends-wedding-event-alcohol-wine-gathering.jpg" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम, 26 दिसंबर (भाषा) केरल में क्रिसमस के जश्न के दौरान केरल स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन (केएसबीसी) ने अपने बीईवीसीओ बिक्री केंद्रों से पहले चार दिनों में 332.62 करोड़ रुपये की शराब बेची। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, चार दिनों में केएसबीसी की शराब दुकानों और गोदामों से कुल 332.62 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। पिछले साल की इसी अवधि में यह बिक्री 229.54 करोड़ रुपये थी।</p>
<p>सबसे अधिक बिक्री 24 दिसंबर को 114.45 करोड़ रुपये की हुई। 22 दिसंबर को 77.62 करोड़ रुपये, 23 दिसंबर को 81.34 करोड़ रुपये और 25 दिसंबर को 59.21 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई।</p>
<p>केएसबीसी 22 से 31 दिसंबर तक के समय को क्रिसमस-नए साल का त्योहारी मौसम मानता है।</p>
<p>केएसबीसी के अधिकारियों के अनुसार नए साल के जश्न के दौरान 30 और 31 दिसंबर को शराब की बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 14:54:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : शिव सोमेश्वर एन्क्लेव में बच्चों ने मनाया क्रिसमस, नन्हे 'इवेंट मैनेजर्स' ने दिखाया शानदार आयोजन कौशल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। भीमराड कैनाल रोड स्थित शिव सोमेश्वर एन्क्लेव सोसाइटी में 24 दिसंबर 2025 को क्रिसमस का पर्व बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस विशेष आयोजन की खास बात यह रही कि पूरे कार्यक्रम की योजना, प्रबंधन और संचालन सोसाइटी के बच्चों ने स्वयं किया।</p>
<p>इस क्रिसमस सेलिब्रेशन में कुल 27 बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम की प्लानिंग और एग्जीक्यूशन उत्सवी चोरावाला (12 वर्ष) और मोही जैन (9 वर्ष) ने किया, जिन्होंने इवेंट मैनेजमेंट और ऑर्गनाइजेशनल स्किल्स का बेहतरीन प्रदर्शन किया।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजक गेम्स आयोजित किए गए, गिफ्ट्स वितरित किए गए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144820/children-celebrated-christmas-in-surat-shiv-someshwar-enclave-little-event"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b25122025-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। भीमराड कैनाल रोड स्थित शिव सोमेश्वर एन्क्लेव सोसाइटी में 24 दिसंबर 2025 को क्रिसमस का पर्व बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस विशेष आयोजन की खास बात यह रही कि पूरे कार्यक्रम की योजना, प्रबंधन और संचालन सोसाइटी के बच्चों ने स्वयं किया।</p>
<p>इस क्रिसमस सेलिब्रेशन में कुल 27 बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम की प्लानिंग और एग्जीक्यूशन उत्सवी चोरावाला (12 वर्ष) और मोही जैन (9 वर्ष) ने किया, जिन्होंने इवेंट मैनेजमेंट और ऑर्गनाइजेशनल स्किल्स का बेहतरीन प्रदर्शन किया।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजक गेम्स आयोजित किए गए, गिफ्ट्स वितरित किए गए और स्वादिष्ट खाने-पीने की व्यवस्था की गई, जिससे पूरे परिसर में उत्सव का जीवंत और खुशनुमा माहौल बन गया।</p>
<p>सोसाइटी के निवासियों ने बच्चों की इस पहल, टीमवर्क और लीडरशिप की जमकर सराहना की। बच्चों द्वारा पूरी जिम्मेदारी के साथ आयोजित यह क्रिसमस सेलिब्रेशन सभी के लिए यादगार बन गया और बच्चों के आत्मविश्वास व रचनात्मकता का सुंदर उदाहरण पेश किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144820/children-celebrated-christmas-in-surat-shiv-someshwar-enclave-little-event</link>
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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 16:44:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देशभर में क्रिसमस का उल्लास; गिरजाघरों में उमड़ी भीड़, शांति और सद्भाव की प्रार्थना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (भाषा) देशभर में बृहस्पतिवार को क्रिसमस का त्यौहार पारंपरिक श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के साथ मनाया गया। विभिन्न राज्यों में आधी रात की विशेष प्रार्थना सभाओं (मिडनाइट मास) के साथ जश्न की शुरुआत हुई, जहां गिरजाघरों को रंग-बिरंगी रोशनी और झांकियों से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने गिरजाघरों में जाकर शांति, समृद्धि और भाईचारे की कामना की।</p>
<p>केरल में बृहस्पतिवार को हर्षोल्लास और प्रार्थनाओं के साथ क्रिसमस मनाया गया, जहां राज्य भर के गिरजाघरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए।</p>
<p>कोच्चि के कक्कानद में सिरो-मालाबार चर्च के प्रमुख राफेल थट्टिल ने प्रार्थना सभा का नेतृत्व किया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144817/christmas-joy-across-the-country-crowds-gathered-in-churches-praying"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/christmas.png" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (भाषा) देशभर में बृहस्पतिवार को क्रिसमस का त्यौहार पारंपरिक श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के साथ मनाया गया। विभिन्न राज्यों में आधी रात की विशेष प्रार्थना सभाओं (मिडनाइट मास) के साथ जश्न की शुरुआत हुई, जहां गिरजाघरों को रंग-बिरंगी रोशनी और झांकियों से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने गिरजाघरों में जाकर शांति, समृद्धि और भाईचारे की कामना की।</p>
<p>केरल में बृहस्पतिवार को हर्षोल्लास और प्रार्थनाओं के साथ क्रिसमस मनाया गया, जहां राज्य भर के गिरजाघरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए।</p>
<p>कोच्चि के कक्कानद में सिरो-मालाबार चर्च के प्रमुख राफेल थट्टिल ने प्रार्थना सभा का नेतृत्व किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जीवन में कई चुनौतियां आएंगी, लेकिन लोगों को मसीह की ओर मुड़कर शक्ति प्राप्त करनी चाहिए क्योंकि विश्वास ही कठिन परिस्थितियों से ऊपर उठने का साहस देता है।</p>
<p>मलंकरा कैथोलिक चर्च के प्रमुख कार्डिनल बेसेलियस क्लीमीस ने देश के विभिन्न हिस्सों में ईसाइयों और क्रिसमस कार्यक्रमों पर होने वाले कथित हमलों की खबरों के बीच स्थिति को अत्यंत गंभीर बताया।</p>
<p>उन्होंने शांति का आह्वान करते हुए लोगों से नफरत फैलाने वालों के लिए प्रार्थना करने को कहा और सत्ता में बैठे लोगों से न्याय व जिम्मेदारी की भावना के साथ शासन करने की अपील की।</p>
<p>तटीय राज्य गोवा में बृहस्पतिवार को आधी रात की विशेष प्रार्थना सभाओं (मिडनाइट मास) के साथ क्रिसमस का त्यौहार उल्लास के साथ शुरू हुआ। इस अवसर पर राज्य के शहर, बाज़ार और घर रोशनी एवं सजावट से जगमगा उठे।</p>
<p>लगभग 30 प्रतिशत ईसाई आबादी वाले इस राज्य में हजारों श्रद्धालुओं ने गिरजाघरों में एकत्र होकर प्रार्थना की और ‘कैरोल’ (भक्ति गीत) गाए। लोगों ने अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में प्रभु यीशु के जन्म को दर्शाने वाली सुंदर झांकियां (क्रिब्स) सजाईं।</p>
<p>इस अवसर पर राज्यपाल पी अशोक गजपति राजू ने अपने संदेश में कहा कि ईसा मसीह का जन्म मानवता के लिए शांति, प्रेम, बलिदान और भाईचारे के शाश्वत मूल्य लेकर आया। उन्होंने एक ऐसे गोवा के निर्माण का आह्वान किया जहां शांति, सद्भाव और एकता बनी रहे।</p>
<p>वहीं, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने क्रिसमस को "शांति, सद्भावना, करुणा और आशा का उत्सव" बताया, जो गोवा के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करता है।</p>
<p>इस दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों ने भी सड़कों और समुद्र तटों पर स्थानीय लोगों के साथ जश्न में हिस्सा लिया।</p>
<p>झारखंड में बृहस्पतिवार को गिरजाघरों में आधी रात की विशेष प्रार्थना सभाओं के साथ क्रिसमस मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। राज्य के गिरजाघरों को रंग-बिरंगी लाइट और कलाकृतियों से सजाया गया था, जहां कैरोल और भजनों के साथ उत्सव मनाया गया।</p>
<p>राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इस उत्सव को प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक बताया।</p>
<p>मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में कहा कि प्रभु यीशु का जीवन और संदेश हमें मानवता, त्याग और भाईचारे के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने इसे प्रेम, करुणा और सेवा का त्यौहार बताया।</p>
<p>राजधानी रांची के सेंट मैरी कैथेड्रल में आर्कबिशप विंसेंट आइंद ने कहा, "हमें धर्म और जाति के नाम पर विभाजित होना बंद करना चाहिए। अपनी विविधता में एकता के कारण हम पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण हैं।"</p>
<p>मेघालय में बृहस्पतिवार को गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाओं और सड़कों पर कैरोल जुलूसों के साथ क्रिसमस मनाया गया। इस अवसर पर शिलांग की सड़कें रोशनी और सजावट से चमक उठीं, जिससे पूरे शहर में त्यौहार का माहौल नजर आया।</p>
<p>इस मौके पर ईसाई धर्मगुरुओं ने लोगों से प्रभु यीशु के आशा, शांति और प्रेम के संदेश को याद करने की बात कही।</p>
<p>कैथोलिक कैथेड्रल में 'मिडनाइट मास' के दौरान बिशप विक्टर ने कहा कि ईसा मसीह का जन्म अंधेरे पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।</p>
<p>शहर में जगह-जगह की गई सजावट और ख्य्न्दैलाद जंक्शन पर लगा विशाल क्रिसमस ट्री पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण रहा। दिल्ली और मुंबई से आए पर्यटकों ने यहां के उत्सव की सादगी और खूबसूरती की सराहना की।</p>
<p>तमिलनाडु में क्रिसमस का त्यौहार पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। चेन्नई के ऐतिहासिक सैंथोम बेसिलिका और सेंट थॉमस माउंट चर्च में मध्यरात्रि की प्रार्थना सभाओं में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।</p>
<p>मद्रास-मायलापुर के आर्कबिशप रेव जॉर्ज एंटोनीसामी ने युद्ध, धार्मिक भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार को समाप्त करने की बात कही। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्रिसमस लोगों को शांति, सद्भाव और मानवीय गरिमा के लिए सक्रिय रूप से काम करने के लिए प्रेरित करे।</p>
<p>नागापट्टिनम जिले के प्रसिद्ध वेलांकन्नी चर्च में पड़ोसी राज्यों से आए तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ देखी गई।</p>
<p>मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने ईसाई समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए समानता और सेवा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p>राज्यपाल आर एन रवि ने भी शुभकामनाएं देते हुए निस्वार्थ सेवा और करुणा के त्योहार के संदेश पर जोर दिया।</p>
<p>राज्यभर के बाजारों और बेकरियों में केक, सजावटी सितारों और लाइटों की बिक्री में तेजी दर्ज की गई। वहीं, शांतिपूर्ण उत्सव सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रमुख गिरजाघरों में पुलिस के पुख्ता इंतजाम रहे।</p>
<p>पश्चिम बंगाल में बृहस्पतिवार को क्रिसमस मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग और पिकनिक मनाने वाले बाहर निकले। तापमान में अचानक आई गिरावट ने उत्सव के उल्लास को और बढ़ा दिया।</p>
<p>राज्य भर के गिरजाघरों में लोगों का बड़ा जमावड़ा देखा गया, जहां श्रद्धालुओं ने दिन में आयोजित विशेष प्रार्थनाओं में हिस्सा लिया।</p>
<p>कोलकाता में लोग अलीपुर चिड़ियाघर, विक्टोरिया मेमोरियल, मैदान और इको पार्क जैसे लोकप्रिय स्थानों पर उमड़ पड़े।</p>
<p>वहीं, पिकनिक मनाने वाले छोटे और बड़े समूहों में दिन का पूरा आनंद लेने के लिए प्राकृतिक स्थलों की ओर गए।</p>
<p>स्कूलों और कॉलेजों में सर्दियों की छुट्टियां होने के कारण, दीघा और मंदारमणि जैसे समुद्र तटीय रिसॉर्ट से लेकर दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जैसे पहाड़ी जिले पर्यटकों से पूरी तरह भरे रहे।</p>
<p>शहर की प्रतिष्ठित पार्क स्ट्रीट को विशेष लाइट और अन्य सजावट से सजाया गया है। यहां शाम को जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए खास तैयारियां की गई हैं, जहां रेस्तरां में ग्राहकों की इतनी अधिक संख्या रही कि उन्हें जगह देने में मशक्कत करनी पड़ी।</p>
<p>एक अधिकारी ने बताया कि त्यौहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे राज्य में पुलिस के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 15:40:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्रिसमस पर बच्चों की उपहार अपेक्षाओं से कैसे निपटें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(एलिजाबेथ वेस्ट्रप - देकिन यूनिवर्सिटी, क्रिस्टियाने केहो - द यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न)</p>
<p>मेलबर्न, 24 दिसंबर (द कन्वरसेशन) ऐसे त्योहारों में भावनाएं अक्सर उद्वेलित होती हैं जिनमें उपहार देने की परंपरा है। तोहफे खोलने का उत्साह अक्सर तीव्र अपेक्षाओं और कभी-कभी निराशा से जुड़ा रहता है।</p>
<p>एक यादगार दिन बनाने में समय, सोच और पैसे लगाने के बाद, बच्चे की नकारात्मक प्रतिक्रिया माता-पिता को आहत या निराश कर सकती है। यदि उपहार किसी रिश्तेदार या मित्र का हो, तो बच्चे की भावना समझने और देने वाले को आहत न करने के बीच असहजता भी पैदा होती है।</p>
<p>ऐसे में माता-पिता को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144801/how-to-deal-with-childrens-gift-expectations-at-christmas"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/christmas.png" alt=""></a><br /><p>(एलिजाबेथ वेस्ट्रप - देकिन यूनिवर्सिटी, क्रिस्टियाने केहो - द यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न)</p>
<p>मेलबर्न, 24 दिसंबर (द कन्वरसेशन) ऐसे त्योहारों में भावनाएं अक्सर उद्वेलित होती हैं जिनमें उपहार देने की परंपरा है। तोहफे खोलने का उत्साह अक्सर तीव्र अपेक्षाओं और कभी-कभी निराशा से जुड़ा रहता है।</p>
<p>एक यादगार दिन बनाने में समय, सोच और पैसे लगाने के बाद, बच्चे की नकारात्मक प्रतिक्रिया माता-पिता को आहत या निराश कर सकती है। यदि उपहार किसी रिश्तेदार या मित्र का हो, तो बच्चे की भावना समझने और देने वाले को आहत न करने के बीच असहजता भी पैदा होती है।</p>
<p>ऐसे में माता-पिता को लग सकता है कि कहीं उन्होंने कृतज्ञता सिखाने में कमी तो नहीं की, या बच्चा ‘बिगड़ा’ तो नहीं है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो, निराशा बच्चों के भावनात्मक विकास का सामान्य हिस्सा है और यह जुड़ाव व सीख का अवसर भी बन सकती है।</p>
<p>---- अपेक्षाएं इतनी ज्यादा क्यों होती हैं ----</p>
<p>खास मौकों पर खुशी, उत्साह और तुलना—सब कुछ बढ़ जाता है। विज्ञापनों और दोस्तों की बातचीत से बच्चों की इच्छाएं और तीव्र हो जाती हैं। यह केवल भौतिकवाद का मामला नहीं है। बचपन और मध्य बाल्यावस्था में बच्चे अपनी पहचान गढ़ते हैं कि वे कौन हैं, क्या पसंद करते हैं और कहां फिट होते हैं। किसी खास खिलौने, कपड़े या ब्रांड का प्रतीकात्मक अर्थ हो सकता है। जब यह इच्छा पूरी नहीं होती, तो ‘छूट जाने’ की भावना ‘अलग-थलग’ होने जैसी महसूस हो सकती है।</p>
<p>उपहार की अपेक्षा पूरी न होने पर डोपामिन हार्मोन का स्तर घटता है और निराशा पैदा होती है। यह प्रक्रिया आत्म-नियंत्रण सीखने का सामान्य हिस्सा है, जो बच्चों को यथार्थवादी बनना और जीवन की निराशाओं से निपटना सिखाती है।</p>
<p>---- बड़े दिन से पहले बात करें ----</p>
<p>समय रहते, सहज बातचीत मददगार होती है। इससे माता-पिता यह समझ पाते हैं कि अपेक्षाएं सहकर्मी दबाव, विज्ञापनों या ट्रेंड से तो नहीं बन रहीं—जो उम्र या पारिवारिक मूल्यों से मेल न खाती हों। जैसे, उम्र के लिहाज़ से अनुपयुक्त वीडियो गेम या प्री-स्कूल के बच्चे का अचानक मेकअप चाहना। निराशा का इंतज़ार करने के बजाय पहले चर्चा बेहतर है।</p>
<p>ये बातचीत पारिवारिक मूल्यों, पैसे और समय के उपयोग तथा घर में बचपन की समझ साझा करने का अवसर देती है। कुछ परिवार उपहारों के लिए स्पष्ट ढांचा तय करते हैं—जैसे ‘चार उपहार नियम’: एक मनपसंद, एक ज़रूरत का, पहनने का एक और पढ़ने का एक।</p>
<p>बातचीत में गर्मजोशी और जिज्ञासा रखें, निर्णयात्मक न हों—इस साल तुम क्या उम्मीद कर रहे हो? क्या यथार्थवादी हो सकता है? बड़ी उम्मीदें पूरी न हों तो कैसा लगेगा?</p>
<p>---- जब निराशा सामने आए ----</p>
<p>निराशा से निपटना बच्चों के लिए कठिन होता है। ऐसी स्थिति में ‘कृतज्ञ होना चाहिए’ जैसी फटकार से बचें। पहले भावनाएं व्यक्त होने दें-उदासी में हम दूसरों के बारे में नहीं सोच पाते। कहा जा सकता है: ‘‘तुम उस साइकिल की बहुत उम्मीद कर रहे थे’’; लेकिन जब ऐसा नहीं होता तो मुश्किल लगता है।</p>
<p>भावनाओं को मान्यता देने से बच्चे सुरक्षित महसूस करते हैं और कठिन भावनाएं सहने की क्षमता विकसित होती है। हालांकि निराश होना ठीक है, बदतमीज़ी या गुस्सा निकालना नहीं। शांत होने पर विनम्रतापूर्वक बात करें—हम अपनी भावनां दूसरों को चोट पहुंचाए बिना कैसे दिखा सकते हैं?</p>
<p>---- समय के साथ कृतज्ञता विकसित करें ----</p>
<p>कृतज्ञता जबरन नहीं सिखाई जा सकती। यह जुड़ाव और अनुभवों से पनपती है। छोटे-छोटे प्रयासों को ध्यान दे कर उदाहरण पेश करें—जैसे किसी ने पसंदीदा रंग में उपहार लपेटा हो।</p>
<p>परिवार के साथ समय की सराहना करें और साझा पलों की खुशी पर ज़ोर दें। बच्चों को दूसरों के लिए उपहार चुनने, लपेटने या सरप्राइज़ की योजना बनाने में शामिल करें। ‘देने वाले’ की भूमिका निभाने से सहानुभूति बढ़ती है और उपहार चुनने में लगने वाली सोच व मेहनत की समझ विकसित होती है।</p>
<p>( द कन्वरसेशन ) मनीषा शोभना</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 14:51:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्रिसमस के जश्न को खास बनाने के लिए चर्च में भोजपुरी में गाये गये अनोखे कैरल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी/लखनऊ, 25 दिसंबर (भाषा) इस क्रिसमस पर वाराणसी के "भोजपुरी चर्च" के नाम से मशहूर महमूरगंज चर्च में एक अलग सांस्कृतिक माहौल देखने को मिला।</p>
<p>इस चर्च में भोजपुरी में कैरल गाए गए, ताकि चर्च की सेवाओं को स्थानीय समुदाय तक पहुंचाया जा सके और लोगों की अपनी बोली में ईसा मसीह के 'जन्म' का जश्न मनाया जा सके। साल 1986 में शुरू हुई इस परंपरा में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं जो भोजपुरी में कैरल गाते हैं।</p>
<p>वाराणसी निवासी लिटिल राव वर्षों से चर्च की भोजपुरी कैरल सर्विस में भाग लेते रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, "आज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/114600/unique-carols-sung-in-bhojpuri-in-church-to-make-christmas-celebration-special"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/christmas.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी/लखनऊ, 25 दिसंबर (भाषा) इस क्रिसमस पर वाराणसी के "भोजपुरी चर्च" के नाम से मशहूर महमूरगंज चर्च में एक अलग सांस्कृतिक माहौल देखने को मिला।</p>
<p>इस चर्च में भोजपुरी में कैरल गाए गए, ताकि चर्च की सेवाओं को स्थानीय समुदाय तक पहुंचाया जा सके और लोगों की अपनी बोली में ईसा मसीह के 'जन्म' का जश्न मनाया जा सके। साल 1986 में शुरू हुई इस परंपरा में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं जो भोजपुरी में कैरल गाते हैं।</p>
<p>वाराणसी निवासी लिटिल राव वर्षों से चर्च की भोजपुरी कैरल सर्विस में भाग लेते रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, "आज चर्च में आनंद मनाने का दिन है ताकि शांति और प्रेम कायम रहे। ईश्वर ने हमें जो प्रेम दिखाया है हम उसे अपने परिवार, मित्रों और समुदाय तक पहुँचाना चाहते हैं।"</p>
<p>उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भोजपुरी का उपयोग दूरियों को पाटने में मदद करता है और मसीह के संदेशों को सभी तक पहुँचाता है।</p>
<p>राव ने कहा, "भोजपुरी यहाँ व्यापक रूप से बोली जाती है, और वंदन गीतों और प्रार्थनाओं में इस भाषा का उपयोग करने से लोगों को बेहतर ढंग से जुड़ने में मदद मिलती है।"</p>
<p>पादरी एंड्रयू थॉमस, पैरिश पादरी ने एकत्रित भीड़ को भोजपुरी में संबोधित किया।</p>
<p>थॉमस ने 'पीटीआई-वीडियो' को बताया, "भोजपुरी सिर्फ़ एक क्षेत्रीय भाषा नहीं है, बल्कि यह यहां के लोगों के साथ गहराई से जुड़ती है। कई लोग अंग्रेजी में प्रार्थना को पूरी तरह से समझ नहीं पाते हैं, इसलिए अपनी मातृभाषा में प्रार्थना करने से उन्हें संदेश से ज़्यादा जुड़ाव महसूस होता है।"</p>
<p>उन्होंने बताया कि 1986 में स्थापित यह चर्च समुदाय की सेवा कर रहा है। यहां नियमित रूप से रविवार की प्रार्थना सभा आयोजित होती है और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियां की जाती हैं। चर्च में इस उत्सव में महिलाओं की विशेष उपस्थिति थी, जिनमें से कई ने स्थानीय रीति-रिवाजों का पालन करते हुए साड़ी पहनी थी और सिंदूर लगाया था।</p>
<p>इस बीच, लखनऊ के हजरतगंज में सेंट जोसेफ कैथेड्रल में क्रिसमस की धूम रही। समारोह में बड़ी संख्या में आगंतुक आए जिनमें विभिन्न धर्मों के लोग भी शामिल थे। इससे उत्सव का माहौल और भी बढ़ गया।</p>
<p>वर्षों से कैथेड्रल की क्रिसमस के जश्न में भाग लेते आ रहे शहर के निवासी राकेश ने कहा, "इस साल कैथेड्रल ने एक नृत्य प्रदर्शन का भी आयोजन किया है, जो हमारे उत्साह को और बढ़ा रहा है।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "पहले यहां बहुत भीड़ होती थी, लेकिन आज यहां शांति है। हमें बड़ी भीड़ की कमी खल रही थी, लेकिन फिर भी जश्न शानदार है। मैं आज अपनी पत्नी, बहन, बेटे और बेटी के साथ यहां आया हूं।"</p>
<p>आरती नामक एक अन्य आगंतुक ने कहा, "यह बहुत सुंदर कार्यक्रम है। मैं अपने पूरे परिवार के साथ क्रिसमस उत्सव का आनंद लेने आयी हूं।"</p>
<p>पहली बार गिरजाघर में आई एंजल ने इस अनुभव पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, "गिरजाघर में संगीतमय प्रदर्शन मंत्रमुग्ध कर देने वाले थे,"</p>
<p>उन्होंने बताया कि कैसे चर्च की विशेष व्यवस्था ने इस कार्यक्रम को उनके लिए और भी यादगार बना दिया। भाषा किशोर सलीम शोभना</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Dec 2024 10:11:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘जिंगल बेलवा’ से ‘यशू दी बल्ले-बल्ले’ : क्रिसमस कैरोल में क्षेत्रीय भाषाओं का लगा तड़का</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (भाषा) ईसाइयों का प्रमुख त्योहार क्रिसमस पूरी दुनिया में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है और इस बार सांता क्लॉज और क्रिसमस कैरोल अलग अलग और मनोरंजक अंदाज में देखने और सुनने को मिल रहा है।</p>
<p>देश के पूर्वी हिस्से में सांता क्लॉज भोजपुरी में ‘जिंगल बेलवा’ गा रहा है तो पश्चिमोत्तर में वह भांगड़ा की धुन पर बल्ले-बल्ले करता नजर आ रहा है। वहीं, हो-हो-हो में कुछ हा-हा-हा जोड़ कर इसे और मनोरंजक रूप दिया गया है।</p>
<p>चाहे वह इंस्टाग्राम रील्स हों, यूट्यूब शॉर्ट्स हों या फेसबुक पोस्ट, इस साल सोशल मीडिया हास्यपूर्ण क्रिसमस कैरोल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/114545/from-%E2%80%98jingle-belwa%E2%80%99-to-%E2%80%98yeshu-di-balle-balle%E2%80%99--christmas-carols-with-a-touch-of-regional-languages"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/christmas.png" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (भाषा) ईसाइयों का प्रमुख त्योहार क्रिसमस पूरी दुनिया में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है और इस बार सांता क्लॉज और क्रिसमस कैरोल अलग अलग और मनोरंजक अंदाज में देखने और सुनने को मिल रहा है।</p>
<p>देश के पूर्वी हिस्से में सांता क्लॉज भोजपुरी में ‘जिंगल बेलवा’ गा रहा है तो पश्चिमोत्तर में वह भांगड़ा की धुन पर बल्ले-बल्ले करता नजर आ रहा है। वहीं, हो-हो-हो में कुछ हा-हा-हा जोड़ कर इसे और मनोरंजक रूप दिया गया है।</p>
<p>चाहे वह इंस्टाग्राम रील्स हों, यूट्यूब शॉर्ट्स हों या फेसबुक पोस्ट, इस साल सोशल मीडिया हास्यपूर्ण क्रिसमस कैरोल के संग्रह से भरा पड़ा है। इन्हें उनके मूल अंग्रेजी संस्करण से पंजाबी, भोजपुरी, हिंदी और अन्य विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में रूपांतरित किया गया है, जो उत्सव की भावना में स्थानीय पुट जोड़ते हैं।</p>
<p>जेम्स लॉर्ड पियरपोंट ने 19वीं शताब्दी में कालजयी कैरोल ‘जिंगल बेल्स’ की रचना की थी और इसमें सबसे अधिक देसी बदलाव किया गया है। इसमें कई लोगों ने हंसी के लिए एनिमेटेड हास्य वीडियो और मनमौजी धुनें भी जोड़ दी हैं।</p>
<p>गीत का भोजपुरी संस्करण ‘‘जिंगल बेलवा’’ को संभवतः सबसे अधिक देखा जा रहा है और अनगिनत व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।</p>
<p>पियरपोंट द्वारा 1850 में लिखे प्रसिद्ध क्रिसमस कैरोल के भोजपुरी संस्करण के बोल हैं, ‘‘जिंगल बेलवा जिंगल बेलवा जिंगल बेलवा बाजेला, पकी दाढ़ी वाला बुढ़वा झोला लेके भागेला, घर घर आवेला, तोहफा बांटेला, हर बच्चा चिल्लावे कि देख सैंटा आवेला।’’</p>
<p>इस समय पूरी दुनिया में धूम मचा रहा पंजाबी संगीत सांता को अपनी धुनों पर नचाने से कैसे रोक सकता है? नतीजा यह है कि पंजाबी ‘जिंगल बेल्स’ के एक संस्करण के अलावा, पंजाबी पार्टी गानों की एक पूरी श्रृंखला ढोल की थाप पर भांगड़ा करते देसी सांता के वीडियो के साथ इंटरनेट पर धूम मचा रही है।</p>
<p>आईटी पेशेवर खुशी भट्ट कहती हैं,‘‘हर कोई क्रिसमस से प्यार करता है। क्षेत्रीय भाषाओं में कैरोल्स का संस्करण उसे अपनत्व का भाव देता है। मैंने खुद इसे कई बार देखा है और इसे अपने दोस्तों और परिवार को शुभकामनाओं के रूप में भेजा है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में, वे इतने मज़ेदार हैं कि मैं उन्हें बार-बार सुन रही हूं और यूट्यूब पर ऐसे और संस्करणों की तलाश कर रही हूं। जितने ज्यादा होंगे उतना अच्छा होगा, है न?’’</p>
<p>कैरोल्स के रूपांतरण के अलावा, यीशु मसीह की प्रशंसा करने वाले और ईसाई धर्म का जश्न मनाने वाले कई पंजाबी गाने, जैसे ‘‘यशु दी बल्ले बल्ले’’ और ‘‘यशु दा जनम होया भागा वली रात नू’’ ने भी कई वीडियो और मीम्स के साथ इंटरनेट पर धूम मचा दी है।’’</p>
<p>उदाहरण के लिए, इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे ऐसे ही एक वीडियो में एक ईसाई व्यक्ति को क्रिसमस के दौरान चुपचाप ईश्वर से प्रार्थना करते हुए दिखाया गया है, जबकि गैर-ईसाई लोग उत्सव की भावना में डूबे हुए, ‘‘यशु दा जनम होया भागा वाली रात नू’ गाने की हृदयस्पर्शी धुन पर नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/114545/from-%E2%80%98jingle-belwa%E2%80%99-to-%E2%80%98yeshu-di-balle-balle%E2%80%99--christmas-carols-with-a-touch-of-regional-languages</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 18:57:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोवा में हर्षोल्लास से मनाया गया क्रिसमस, गिरजाघरों में उमड़े श्रद्धालु</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पणजी, 25 दिसंबर (भाषा) गोवा में बुधवार को गिरजाघरों में मध्यरात्रि की प्रार्थना सभा के साथ क्रिसमस समारोहों की शुरुआत हुई। इस दौरान शहर में बाजारों और घरों को सजाया गया है।</p>
<p>हजारों श्रद्धालु प्रभु यीशु के जन्म का जश्न मनाने के लिए आधी रात से ही राज्य के गिरजाघरों में पहुंच गए थे। उन्होंने प्रार्थना की और ईसा मसीह की प्रशंसा में ‘कैरोल’ गाए।</p>
<p>लगभग 30 प्रतिशत ईसाई आबादी वाले गोवा के कई हिस्सों में क्रिसमस के मौके पर बुधवार तड़के तक सड़कों और समुद्र तटों पर बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और पर्यटक देखे गए।</p>
<p>इस त्योहार के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/114360/christmas-celebrated-with-great-enthusiasm-in-goa--devotees-gathered-in-churches"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/christmas.png" alt=""></a><br /><p>पणजी, 25 दिसंबर (भाषा) गोवा में बुधवार को गिरजाघरों में मध्यरात्रि की प्रार्थना सभा के साथ क्रिसमस समारोहों की शुरुआत हुई। इस दौरान शहर में बाजारों और घरों को सजाया गया है।</p>
<p>हजारों श्रद्धालु प्रभु यीशु के जन्म का जश्न मनाने के लिए आधी रात से ही राज्य के गिरजाघरों में पहुंच गए थे। उन्होंने प्रार्थना की और ईसा मसीह की प्रशंसा में ‘कैरोल’ गाए।</p>
<p>लगभग 30 प्रतिशत ईसाई आबादी वाले गोवा के कई हिस्सों में क्रिसमस के मौके पर बुधवार तड़के तक सड़कों और समुद्र तटों पर बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और पर्यटक देखे गए।</p>
<p>इस त्योहार के साथ ही पर्यटकों के लिए नए साल का जश्न भी शुरू हो गया। पुलिस ने पूरे राज्य में कड़ी गश्त की, जहां क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहले ही पहुंच चुके हैं।</p>
<p>उत्तरी गोवा और दक्षिणी गोवा के पुलिस अधीक्षकों ने रात भर संवेदनशील इलाकों में गश्त की निगरानी की।</p>
<p>गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने क्रिसमस के अवसर पर लोगों, विशेषकर कैथलिक समुदाय को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार शांति, करुणा और सद्भाव के मूल्यों की शिक्षा देता है।</p>
<p>सावंत ने अपने संदेश में कहा कि क्रिसमस शांति और सद्भाव की भावना को पुनर्जीवित करता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "लोगों की भलाई के लिए अपना जीवन त्याग देने वाले यीशु मसीह का जीवन हमें शांति, करुणा, क्षमा, त्याग, भाईचारे और सद्भाव के शाश्वत मूल्यों की शिक्षा देता है।"</p>
<p>मंगलवार को अपने क्रिसमस संदेश में गोवा और दमन के आर्कबिशप फादर फिलिप नेरी कार्डिनल फेराओ ने कहा, “युद्ध, विभाजन और पीड़ा से ग्रस्त संसार में, प्रभु यीशु का जन्म हमें याद दिलाता है कि ईश्वर हमारे साथ है। वह हमें प्रकाश और प्रेम की ओर ले जाता है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/114360/christmas-celebrated-with-great-enthusiasm-in-goa--devotees-gathered-in-churches</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 10:41:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्रिसमस कई लोगों के लिए हो सकता तनावपूर्ण: इन उपायों से बच सकते</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(जोलेल मियाह, वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय)</p>
<p>लंदन, 22 दिसंबर (द कन्वरसेशन) क्रिसमस खुशी और एकजुटता का मौसम है। लेकिन कई लोगों के लिए यह साल का सबसे तनावपूर्ण समय भी होता है।</p>
<p>तनाव हम पर थोपी गई मांगों और उन मांगों को पूरा करने की हमारी क्षमता के बीच असंतुलन से उत्पन्न होता है। मनोवैज्ञानिक रूप से, तनाव इस बात से जुड़ा है कि हम परिस्थितियों का सामना कैसे करते हैं और क्या हम उन्हें चुनौतीपूर्ण और खतरनाक मानते हैं। हम किसी स्थिति को जितना अधिक चुनौतीपूर्ण या खतरनाक मानते हैं, उतनी ही अधिक आशंका है कि हम तनावग्रस्त हो जाएं।</p>
<p>इससे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/113441/christmas-can-be-stressful-for-many-people--these-measures-can-avoid-it"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/christmas.png" alt=""></a><br /><p>(जोलेल मियाह, वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय)</p>
<p>लंदन, 22 दिसंबर (द कन्वरसेशन) क्रिसमस खुशी और एकजुटता का मौसम है। लेकिन कई लोगों के लिए यह साल का सबसे तनावपूर्ण समय भी होता है।</p>
<p>तनाव हम पर थोपी गई मांगों और उन मांगों को पूरा करने की हमारी क्षमता के बीच असंतुलन से उत्पन्न होता है। मनोवैज्ञानिक रूप से, तनाव इस बात से जुड़ा है कि हम परिस्थितियों का सामना कैसे करते हैं और क्या हम उन्हें चुनौतीपूर्ण और खतरनाक मानते हैं। हम किसी स्थिति को जितना अधिक चुनौतीपूर्ण या खतरनाक मानते हैं, उतनी ही अधिक आशंका है कि हम तनावग्रस्त हो जाएं।</p>
<p>इससे फिर यह समझ में आता है कि क्रिसमस कई लोगों के लिए साल का एक तनावपूर्ण समय भी है।</p>
<p>छुट्टियों को ‘‘बेहतर’’ बनाने का दबाव, अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए आवश्यकता से अधिक धन खर्च करना, छुट्टियों की खरीदारी, सजावट और सामाजिक मेलजोल जैसी प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाने की जद्दोजहद हमें अभिभूत और थका हुआ महसूस करा सकती है।</p>
<p>अन्य कुछ लोगों के लिए क्रिसमस अकेलेपन, दुख या प्रियजनों से अलगाव की भावनाओं को उजागर करता है। यह मौसम खत्म हो चुके रिश्ते, आर्थिक मुश्किलों या जीवन के अधूरे लक्ष्यों की दर्दनाक याद दिला सकता है।</p>
<p>परिवार के सदस्यों से मुलाकात से भी तनाव पैदा हो सकता है क्योंकि हमें ऐसे रिश्तेदारों से बातचीत करने के लिए बाध्य होना पड़ता है जिनके विचार या आदतें आपस में मेल नहीं खाती हैं और इससे झड़प हो सकती है या विवाद फिर से उभर सकते हैं।</p>
<p>छुट्टियों के दौरान हालांकि कुछ तनाव होना अपरिहार्य है, लेकिन आप इससे निपटने के लिए कई चीजें कर सकते हैं और यहां तक ​​कि इस तनाव को पहले ही रोक सकते हैं।</p>
<p>आगे की योजना:</p>
<p>जब हमारा मस्तिष्क जानता है कि क्या होने वाला है, तो उसे समाधान खोजने के लिए कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इससे हमें किसी भी चुनौती का सामना करने में आसानी होती है और आगे की योजना बनाकर यह हमें अपने विचारों पर नियंत्रण रखने और संभावित तनाव को कम करने में मदद करता है।</p>
<p>छुट्टियों के आने से पहले, उन चीजों के बारे में सोचने में समय बिताने का प्रयास करें जो आपके लिए तनाव का कारण है और इस तनाव को दूर करने के लिए एक योजना बनाएं।</p>
<p>सीमाएं तय करें:</p>
<p>आपसे जो भी कहा जाए, उससे सहमत होने के बजाय ‘‘नहीं’’ कहना सीखना महत्वपूर्ण है। अपनी सीमाओं को समझने और उनका सम्मान करने से आपको अपना समय और संसाधन अधिक प्रभावी ढंग से आवंटित करने में मदद मिलेगी जिससे तनाव को दूर किया जा सकता है।</p>
<p>इस कौशल को विकसित होने में समय लगता है लेकिन यह आपकी दीर्घकालिक भलाई के लिए आवश्यक फायदा पहुंचा सकती है। हम अपने सामने आने वाली चुनौतियों का प्रबंधन करने की अपनी क्षमताओं के प्रति जितना अधिक आश्वस्त होंगे, हम सीमाएं निर्धारित करने में उतने ही बेहतर बनेंगे और अंततः तनाव को दूर कर सकेंगे।</p>
<p>अपेक्षाओं का प्रबंधन करें:</p>
<p>यह पहचानना महत्वपूर्ण है कि सब कुछ आपके नियंत्रण में नहीं है। क्रिसमस पर आप कई चीजों की योजना बना सकते हैं और तैयारी कर सकते हैं, लेकिन कई चीजें ऐसी भी हैं जो आपके हाथ से बाहर हैं। उदाहरण के लिए, आप इस बात को नियंत्रित नहीं कर सकते कि क्रिसमस के मौके पर रात के भोजन के समय दूसरे लोग किस तरह से व्यवहार करेंगे, या कोई व्यक्ति आपके द्वारा खरीदे गए उपहार पर किस तरह से प्रतिक्रिया करेगा।</p>
<p>चिंतन के लिए समय निकालें:</p>
<p>छुट्टियों के तनाव से निपटने का एक और सार्थक तरीका है, रुकना और अपनी भावनाओं से जुड़ना। अपने विचारों को कागज के एक टुकड़े पर लिखें। फिर रुकें और गंभीरता से सोचें कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं। अपने दिमाग को यह समझने के लिए कुछ समय दें कि क्या हो रहा है, इससे आपको अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।</p>
<p>यदि आपको छुट्टियों के दौरान दोस्तों और परिवार के साथ घुलने-मिलने में दिक्कत हो रही है, तो प्रतिक्रिया देने या कुछ ऐसा कहने से पहले रुकें जो आप कहना नहीं चाहते। इससे आपको अपनी भावनाओं पर काबू पाने और तनाव दूर करने में भी मदद मिलेगी।</p>
<p>छुट्टियों के बाद की स्थिति से निपटना:</p>
<p>कुछ लोगों को छुट्टियों के बाद उदासी जैसा अनुभव हो सकता है - जिसे अक्सर ‘‘पोस्ट-फेस्टिव ब्लूज’’ या ‘‘पोस्ट-हॉलिडे ब्लूज’’ कहा जाता है।</p>
<p>छुट्टियों का मौसम अक्सर खुशी और तनाव का मिश्रण होता है, जिससे भावनात्मक उतार-चढ़ाव पैदा होते हैं और हमारे शरीर में थकावट और कमजोरी महसूस होती है।</p>
<p>छुट्टियों के बाद होने वाले इन अवसादों को दूर करने के लिए आप कई रणनीतियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। नियमित व्यायाम, यथार्थवादी और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य निर्धारित करना और दूसरों के साथ फिर से जुड़ना जैसी गतिविधियां हमारे मूड को बेहतर बना सकती है।</p>
<p>(द कन्वरसेशन)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 12:00:19 +0530</pubDate>
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                <title>आस्ट्रेलिया में क्रिसमस: जगमगाते शहर, परिवार के साथ जश्न और खेल भी परंपरा में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(मोना पार्थसारथी)</p>
<p>सिडनी, 15 दिसंबर (भाषा) ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट, ‘सिडनी .होबर्ट यॉट रेस’ या फिर परिवार के साथ बीच क्रिकेट, हर आस्ट्रेलियाई के क्रिसमस कैलेंडर में शामिल है कोई खेल और उनके खेल प्रेम की झलक इस त्योहार की तैयारियों में भी नजर आ रही है।</p>
<p>सिडनी से लेकर मेलबर्न और ब्रिसबेन तक हर शहर में क्रिसमस की तैयारियां चरम पर हैं। संगीत कन्सर्ट, तोहफों का आदान प्रदान, पारंपरिक खान -पान और रात में नदी के किनारे जगमगाती रोशनी के बीच डिनर- इन दिनों हर शहर में यही नजारा है। शाम को पार्क में या बीच पर लोग परिवार के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110471/christmas-in-australia--bright-cities--family-celebrations-and-games-also-included-in-the-tradition"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/christmas.png" alt=""></a><br /><p>(मोना पार्थसारथी)</p>
<p>सिडनी, 15 दिसंबर (भाषा) ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट, ‘सिडनी .होबर्ट यॉट रेस’ या फिर परिवार के साथ बीच क्रिकेट, हर आस्ट्रेलियाई के क्रिसमस कैलेंडर में शामिल है कोई खेल और उनके खेल प्रेम की झलक इस त्योहार की तैयारियों में भी नजर आ रही है।</p>
<p>सिडनी से लेकर मेलबर्न और ब्रिसबेन तक हर शहर में क्रिसमस की तैयारियां चरम पर हैं। संगीत कन्सर्ट, तोहफों का आदान प्रदान, पारंपरिक खान -पान और रात में नदी के किनारे जगमगाती रोशनी के बीच डिनर- इन दिनों हर शहर में यही नजारा है। शाम को पार्क में या बीच पर लोग परिवार के साथ क्रिकेट, वॉलीबॉल या फिर फुटबॉल खेलते दिखेंगे।</p>
<p>चंडीगढ से पहली बार यहां घूमने आई दीपना अरोड़ा ने कहा,‘‘ मैंने इतना खूबसूरत क्रिसमस कहीं नहीं देखा। हर जगह इतनी रोशनी है और लोगों में जबर्दस्त उत्साह है। हर कोई परिवार के साथ है और यह जश्न नये साल तक चलता रहेगा क्योंकि तीन जनवरी से यहां भारत और आस्ट्रेलिया के बीच पांचवां टेस्ट भी खेला जाना है।’’</p>
<p>दक्षिणी गोलार्ध में होने के कारण आस्ट्रेलिया में क्रिसमस गर्मियों में पड़ता है और इसी दौरान रहता है क्रिकेट का भी मौसम। लिहाजा खेलों के दीवाने आस्ट्रेलियाई लोगों के लिये तो यह सोने पे सुहागा है । क्रिकेट देखने के अलावा खूबसूरत बीच पर परिवार के साथ क्रिकेट खेलते या तैराकी का मजा लेते भी लोग बड़ी संख्या में दिख जायेंगे ।</p>
<p>क्रिसमस के अगले दिन मेलबर्न का ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट तो दुनिया भर में मशहूर है ही, वहीं सिडनी से होबर्ट तक इसी दिन शुरू होने वाली 1170 किलोमीटर की यॉट रेस (नाव की दौड़) भी क्रिसमस परंपरा में शामिल है जिसकी शुरूआत 1945 में हुई थी। इस साल भी आस्ट्रेलिया के क्रूसिंग यॉट क्लब द्वारा आयोजित 78वीं रेस में भाग लेने के लिये 112 यॉट तैयार हैं और रेस दो जनवरी को होबर्ट में खत्म होगी जहां इसके स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं।</p>
<p>ब्रिसबेन में क्वींस स्ट्रीट मॉल पर दर्जनों बेकरी से आती केक की खुशबू हवा में तैर रही है। युवाओं का कोई ग्रुप सैंटा क्लाज के कपड़ों में रेस्त्रां में बैठकर गप्पे लड़ा रहा है तो एक किनारे पर कोई कलाकार वायलिन बजा रहा है या फिर कहीं गीतों के जरिये क्रिसमस की कहानी सुनाई जा रही है। रात में शहर के मशहूर सिटी हॉल पर लाइट और साउंड शो ‘सांटास एसओएस : अ क्रिसमस रेस्क्यू’ चल रहा है ।</p>
<p>गाबा पर भारत और आस्ट्रेलिया के बीच तीसरा टेस्ट खेला जा रहा है लेकिन बारह वर्ष के एलेन को इसकी टिकट नहीं मिल सकी और अब वह अपने दादाजी के साथ साउथबैंक पर क्रिकेट खेलने जाना चाहते हैं ।</p>
<p>एलेन ने कहा,‘‘ मैं अपने दादाजी से कह रहा हूं कि हम वीकेंड पर क्रिकेट खेलते हैं। मेरे लिये क्रिसमस का मतलब अपने दादा- दादी के साथ समय बिताना है और हम इस दौरान खूब मस्ती करते हैं, खूब खेलते हैं। मुझे साल भर इसका इंतजार रहता है।’’</p>
<p>फ्रांसीसी मूल की मेलिना को आस्ट्रेलिया में क्रिसमस ज्यादा अच्छा लगता है क्योंकि इस दौरान यहां गर्मी का मौसम रहता है ।</p>
<p>उन्होंने कहा,‘‘ यूरोप में इस समय बर्फ गिरती है लेकिन आस्ट्रेलिया में क्रिसमस गर्मियों में होता है और इसलिये मुझे बहुत पसंद है। साउथ बैंक पर देर रात तक पूल में बच्चे, बूढे सभी यहां तैराकी करते दिखते हैं और फिर परिवार, दोस्तों के साथ नदी किनारे बने रेस्त्रां में डिनर करते हैं। बहुत अच्छा लगता है ।’’</p>
<p>मेलबर्न का व्यस्त फेडरेशन स्क्वेयर इन दिनों क्रिसमस स्क्वेयर बना हुआ है जहां तरह- तरह के फूड स्टॉल, सैंटा वर्कशॉप और 16 मीटर ऊंचा क्रिसमस ट्री आकर्षण का केंद्र है। हार्बर एस्प्लेनेड पर लाल और नीले रंगों से लिखा ‘मैरी क्रिसमस’ चमक रहा है और क्रिसमस का अगला दिन भी विक्टोरियावासियों के लिये खास है।</p>
<p>क्रिसमस के अगले दिन नजरें दुनिया के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट मैदान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर लगी होंगी जहां इस बार भारत और आस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट खेला जायेगा। इसके बाद आस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस ग्रैंडस्लैम शुरू हो जायेगा ।</p>
<p>राजस्थान के हनुमानगढ के रहने वाले सुमित जैन पिछले 15 साल से मेलबर्न में बसे हैं ।</p>
<p>उन्होंने कहा,‘‘यह छुट्टियों का और हमारे लिये तो क्रिकेट का समय है। अपने आस्ट्रेलियाई दोस्तों के साथ क्रिसमस जश्न में शामिल होने के बाद अगले दिन हम टेस्ट मैच देखने जायेंगे लेकिन वहां मेरे दोस्त अपनी टीम की हौसलाअफजाई करेंगे और हम भारत की। इसमें बड़ा मजा आता है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>क्रिकेट</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Dec 2024 12:25:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बॉलीवुड : कैटरीना कैफ ने अपने परिवार के साथ मनाया क्रिसमस, सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें</title>
                                    <description><![CDATA[कैटरीना ने अपनी बहन इसाबेल कैफ और दोस्तों करिश्मा कोहली और मिनी माथुर के साथ इंस्टाग्राम पर पायजामा पार्टी से तस्वीरें साझा कीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/88356/bollywood-katrina-kaif-celebrated-christmas-with-her-family-shared-pictures"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/jpg_20221227_112752_0000.jpg" alt=""></a><br /><p>बॉलीवुड की अभिनेत्री कैटरीना कैफ आये दिन किसी न किसी कारण चर्चा में बनी रहती हैं। विक्की कौशल से शादी करने के बाद से ही कैटरिना लगातार अपने फिल्मों के अलावा अपने निजी जीवन के लिए भी सुर्ख़ियों में रहती हैं। कैटरीना ने यह "क्रिसमस लंच, पायजामा पार्टी और मूवी नाइट्स" थी, जिन्होंने अपनी गर्ल गैंग और ससुराल वालों के साथ मनाया। कैटरीना सोशल मीडिया पर खासी एक्टिव रहती हैं और वक्त वक्त पर पोस्ट भी करती हैं। क्रिसमस के मौके पर कैटरीना ने फैमिली सेलिब्रेशन की तस्वीरें पोस्ट की हैं। कैटरीना ने अपनी बहन इसाबेल कैफ और दोस्तों करिश्मा कोहली और मिनी माथुर के साथ इंस्टाग्राम पर पायजामा पार्टी से तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "क्रिसमस लंच, पायजामा पार्टी और मूवी नाइट्स।"</p>
<p><strong>नेहा-अंगद भी हुए शामिल</strong> </p>
<p>आपको बता दें कि नेहा धूपिया और अंगद बेदी भी कैटरिना कैफ के सेलिब्रेशन में शामिल हुए और अंगद ने इंस्टा स्टोरी पर पार्टी की तस्वीरें शेयर कीं। तस्वीर में विक्की और अंगद पोज देते नजर आए। तस्वीर के साथ अंगद ने लिखा, थैंक यू विक्की। लाब जूस।" वहीं अन्य एक तस्वीर को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "मुझे लगता है कि मैं टेबल छोड़ने वाला आखिरी व्यक्ति था!!! #NoSharm।"</p>
<p><strong>विक्की-कैटरिना ने इंस्टा हैंडल पर साझा की तस्वीरें </strong></p>
<p><strong><img src="https://www.loktej.com/media/2022-12/jpg_20221227_112752_0000.jpg" alt="jpg_20221227_112752_0000"></img></strong></p>
<p>इसके अलावा रविवार को, कैटरीना कैफ और विक्की कौशल ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अपने परिवार के साथ क्रिसमस उत्सव की एक झलक साझा की। इन तस्वीरों में, कैटरीना को उनकी सास वीना कौशल और बहन इसाबेल कैफ के साथ लाल रंग के आउटफिट में देखा जा सकता है, जबकि विक्की और उनके भाई सनी सहित परिवार के पुरुष सांता टोपी पहने नजर आ रहे हैं। वहीं विक्की के पिता को परिवार के साथ पोज देते हुए एक बड़ी मुस्कान लिए देखा जा सकता है। वहीं एक दूसरी तस्वीर में एक खूबसूरती से सजाया गया क्रिसमस ट्री दिखाई दे रहा है। तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "मेरी क्रिसमस।" विक्की कौशल ने भी क्रिसमस ट्री की वही तस्वीर अपने इंस्टा हैंडल पर शेयर की।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/p/Cmn2PNztIlO/?igshid=Yzg5MTU1MDY=">https://www.instagram.com/p/Cmn2PNztIlO/?igshid=Yzg5MTU1MDY=</a></strong></blockquote>
<p>

</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/p/Cml624TNgtX/?igshid=Yzg5MTU1MDY=">https://www.instagram.com/p/Cml624TNgtX/?igshid=Yzg5MTU1MDY=</a></strong></blockquote>
<p><strong>

</strong></p>
<p><strong>इन फिल्मों में नजर आने वाली है कैटरिना</strong></p>
<p>वहीं काम की बात करें तो कैटरीना को हाल ही में सिद्धांत चतुर्वेदी और ईशान खट्टर के साथ हॉरर कॉमेडी फिल्म 'फोन भूत' में देखा गया था, जिसे दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। इसके बाद वह आदित्य चोपड़ा की आगामी एक्शन थ्रिलर फिल्म 'टाइगर 3' में सलमान खान के साथ दिखाई देंगी, जो दिवाली 2023 के अवसर पर सिनेमाघरों में आने को तैयार है। इसके अलावा, अभिनेत्री के पास दक्षिण अभिनेता विजय सेतुपति के साथ श्रीराम राघवन की आगामी फिल्म 'मेरी क्रिसमस' और आलिया भट्ट और प्रियंका चोपड़ा के साथ फरहान अख्तर की आगामी फिल्म 'जी ले जरा' भी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Dec 2022 12:51:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अहमदाबाद : छुट्टियों में सोमनाथ, दीव, डांग समेत द्वारका में उमड़ रहे हैं सैलानी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोरोना के खौफ के बीच क्रिसमस की छुट्टियों में सोमनाथ, दीव, द्वारका समेत पर्यटन स्थलों पर खचाखच भीड़ रही। क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के दौरान लोग समुद्र तट पर उमड़ पड़े। सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। हालांकि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुविधा बनी रहे, इसके लिए सोमनाथ में व्यवस्था की गई है। पर्यटकों ने सोमनाथ का दौरा किया और प्रार्थना की कि महामारी न फैले।</p>
<p><strong>25 दिसंबर के बाद जब सभी गेस्ट हाउस फुल बुक हो गए</strong></p>
<p>क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान 25 दिसंबर से सौराष्ट्र के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/88329/tourists-are-flocking-to-dwarka-including-somnath-diu-dang-during"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/11.jpg" alt=""></a><br /><p>कोरोना के खौफ के बीच क्रिसमस की छुट्टियों में सोमनाथ, दीव, द्वारका समेत पर्यटन स्थलों पर खचाखच भीड़ रही। क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के दौरान लोग समुद्र तट पर उमड़ पड़े। सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। हालांकि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुविधा बनी रहे, इसके लिए सोमनाथ में व्यवस्था की गई है। पर्यटकों ने सोमनाथ का दौरा किया और प्रार्थना की कि महामारी न फैले।</p>
<p><strong>25 दिसंबर के बाद जब सभी गेस्ट हाउस फुल बुक हो गए</strong></p>
<p>क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान 25 दिसंबर से सौराष्ट्र के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। सोमनाथ द्वारका सासन दीव समेत मनपसंद जगहों पर सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। लिहाजा सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा संचालित सागरदर्शन, लीलावती, माहेश्वरी और अन्य गेस्ट हाउस खचाखच भरे हुए थे। फिलहाल निजी होटल भी फुल हैं।</p>
<p>सोमनाथ में 25 दिसंबर के बाद जब सभी गेस्ट हाउस फुल बुक हो गए तो निजी होटलों में भी भारी ट्रैफिक देखने को मिला। दूसरी तरफ जहां प्रदेश भर में कोरोना व ऑमिक्रॉन मरीजों की संख्या बढ़ रही है वहीं मंदिर जाने वाले लोगों को सुरक्षा विभाग द्वारा सैनिटाइज करने के साथ ही तापमान की जांच और दूरी बनाए रखने के साथ मास्क पहनने की सूचना दी गई है। </p>
<p><strong>अमरेली, तुलसी श्याम, द्वारका में भी बड़ी संख्या में सैलानी देखे गए</strong></p>
<p>आर्थिक रूप से पर्यटकों पर निर्भर द्वारका नगरी में फिर से तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। व्यापारिक व्यवसाय में उछाल आया है। तीर्थयात्रियों की भीड़ के कारण छोटे-बड़े सभी व्यवसाय फलफूल रहे हैं। द्वारका के आसपास सभी तीर्थ स्थलों पर तीर्थयात्रियों की भीड़ देखा जा रहा है। द्वाराधीश के छप्पन सीढ़ी थता मोक्ष द्वार पर भी  श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं। </p>
<p>फिलहाल जहां एक ओर कोरोना के नए वैरिएंट ने दस्तक दी है, वहीं तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ भी व्यवस्था की चिंता बढ़ा सकती है। ऐसी भीड़ के बीच कोविड नियमों का पालन करना असंभव है। भीड़ के बीच सोशल डिस्टेंस का पालन कराना भी मुश्किल है। इस खतरे के बीच यात्रियों बिन्दास होकर वैकेशन का आनंद ले रहे हैं। दूसरी ओर बढ़ती भीड़ को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। चोरी की घटना न बने इसके लिए पुलिस द्वारा सख्त बंदोबस्त की गई है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे से पैनी नजर भी रखी जा रही है।<br /> <br /><strong>दक्षिण गुजरात के डांग और सापूतारा में भी पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा</strong></p>
<p>पांच दिवसीय क्रिसमस की छुट्टी और यहां तक ​​कि शनिवार और रविवार की छुट्टियां आने के साथ, पर्यटक अपने परिवारों के साथ बाहर जाते हैं, जिससे राज्य का एकमात्र हिल स्टेशन सापुतारा अपनी विभिन्न साहसिक गतिविधियों के कारण सभी की पहली पसंद बन जाता है।</p>
<p>गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित इस हिल स्टेशन पर ठंड के मौसम में सुहावने मौसम के बीच लोग अपने परिवारों के साथ उमड़ते हैं। साथ ही बोटिंग पैराग्लाइडिंग का मजा लेने के साथ शॉपिंग का लुत्फ उठाते नजर आए। पर्यटकों की आमद से स्थानीय होटल व्यवसायियों और छोटे मेलों को भी अच्छी आमदनी हुई। गौरतलब है कि गुजरात पर्यटन विभाग द्वारा किए गए विकास के कारण सापुतारा में पर्यटकों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Dec 2022 23:53:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
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                <title>सूरत : क्रिसमस पर अदाणी फाउंडेशन की वंचित बच्चों के लिए  'टॉय से जॉय' पहल को जबरदस्त प्रतिसाद मिला</title>
                                    <description><![CDATA[अदाणी फाऊन्डेशन की ओर से क्रिसमस पर खिलौनौं का उपहार पाकर खुशी जताते बच्चे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/88247/surat-adani-foundations-overwhelming-response-to-toys-se-joy-initiative"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/story-22122022-b17.jpg" alt=""></a><br /><p>"चूल्हा ही जलता है मेरा, ये खिलौने बेचकर। अरे साब ले लो दो चार खिलौने ले लो..!" उपरोक्त पंक्तियाँ वंचित बच्चों की अपनी कहानी बया करती है। खिलौने बच्चों के लिए एक आनंद हैं, लेकिन कई बच्चे ऐसे हैं जो उन्हें नहीं जी सकते। अदाणी फाउंडेशन ने ऐसे बच्चों के जीवन में खुशियां लाने के लिए 'टॉय से जॉय' नाम से एक पहल की।</p>
<p><strong>अदाणी फाउंडेशन द्वारा बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने का काम जारी</strong></p>
<p>इस विशेष पहल के तहत अदाणी समूह की कंपनियों के कर्मचारियों ने क्रिसमस के मौके पर विशेष खिलौने दान किए। यही नहीं कर्मचारियों ने एकत्रित खिलौनों को वंचित बच्चों को वितरित करने के लिए स्वेच्छा से उत्कृष्ट सेवा का उदाहरण पेश किया है। सालों से वंचित बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने का काम कर रहे अदाणी फाउंडेशन ने इस साल भी इस क्रम को बरकरार रखा है। क्रिसमस का त्योहार अपनों के साथ हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है। 'टॉय से जॉय' के तहत एकत्रित खिलौनों को अहमदाबाद में विभिन्न स्थानों पर वंचित बच्चों को वितरित किया गया। इस पहल में, कर्मचारियों ने स्वेच्छा से और उत्साहपूर्वक सेवा प्रदान की।</p>
<p><strong>सामुदायिक-निर्माण अभियान के लिए तत्परता व्यक्त की </strong></p>
<p>अदानी समूह की एक कर्मचारी पूजा दलवानी कहती हैं, "इस अभ्यास के दौरान एक स्वयंसेवक होने का अनुभव बहुत ही संतुष्टिदायक था, जब हमने खिलौनों का वितरण किया तो बच्चों के चेहरों पर मुस्कान अद्वितीय थी, जिसे मैं हमेशा संजो कर रखूंगी। 'टॉय से जॉय' पहल के पहले संस्करण को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है, जबकि फाउंडेशन की टीम ने भविष्य में भी इस तरह के सामुदायिक-निर्माण अभियान के लिए तत्परता व्यक्त की है।</p>
<p><strong>क्रिसमस पर बच्चों को खिलौनों का उपहार </strong></p>
<p>अदानी फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक वसंत गढ़वी कहते हैं, “क्रिसमस प्रियजनों के साथ खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। त्योहारों के जश्न में वंचित बच्चों को भी खुश करने के लिए कर्मचारियों के प्रयास सराहनीय हैं। वह कहते हैं, “ज्यादातर हम कपड़े, स्टेशनरी या शैक्षिक किताबें दान करते हैं। शुरुआत में हम इन सभी चीजों को हासिल करना चाहते थे, लेकिन अंत में हमने खिलौनों का विकल्प चुना, जो एकदम सही था। इस पहल में एकत्रित खिलौनों को अपंग मानव मंडल, विकासगृह, बाल गृह, शिशुगढ़ और शहर में चल रहे निर्माण स्थलों के बच्चों को वितरित किया गया। खिलौने पाकर बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ने हर स्वयंसेवक को संतोष और प्रसन्नता का अनुभव कराया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Dec 2022 21:30:27 +0530</pubDate>
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