<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/5345/britain" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Britain - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/5345/rss</link>
                <description>Britain RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वनडे विश्व कप की जीत ने टीम इंडिया को दिया दुनिया जीतने का अटूट विश्वास</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 26 मार्च (वेब वार्ता)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बुधवार को आत्मविश्वास से लबरेज होकर कहा कि पिछले साल घरेलू सरजमीं पर मिली वनडे विश्व कप की खिताबी जीत ने टीम की मानसिकता को पूरी तरह बदल दिया है।</p>
<p>द्वारका के ओमेक्स स्टेडियम में अपने नाम पर बने स्टैंड के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की मेहनत को असली पहचान तभी मिलती है जब वह कोई बड़ा खिताब जीतता है।</p>
<p>हरमनप्रीत के अनुसार, नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका को हराकर मिला पहला आईसीसी खिताब न केवल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146216/the-victory-of-the-odi-world-cup-gave-team-india"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/indian-women-cricket-team.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 26 मार्च (वेब वार्ता)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बुधवार को आत्मविश्वास से लबरेज होकर कहा कि पिछले साल घरेलू सरजमीं पर मिली वनडे विश्व कप की खिताबी जीत ने टीम की मानसिकता को पूरी तरह बदल दिया है।</p>
<p>द्वारका के ओमेक्स स्टेडियम में अपने नाम पर बने स्टैंड के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की मेहनत को असली पहचान तभी मिलती है जब वह कोई बड़ा खिताब जीतता है।</p>
<p>हरमनप्रीत के अनुसार, नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका को हराकर मिला पहला आईसीसी खिताब न केवल टीम के लिए, बल्कि भारत में महिला क्रिकेट के प्रति प्रशंसकों और मीडिया के नजरिए को बदलने में भी मील का पत्थर साबित हुआ है।</p>
<p>आगामी 12 जून से ब्रिटेन में शुरू होने वाले महिला टी20 विश्व कप को लेकर कप्तान ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वनडे विश्व कप से मिले आत्मविश्वास के दम पर टीम इंडिया इस बार भी इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p>हरमनप्रीत ने पूर्व महिला क्रिकेटरों के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि आज की सफलता उन दिग्गजों की मेहनत का परिणाम है जिन्होंने अपनी जेब से पैसे खर्च कर खेल को जिंदा रखा।</p>
<p>टीम अब दुनिया के किसी भी कोने में जाकर जीत हासिल करने का माद्दा रखती है और ब्रिटेन की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी खिताब जीतकर देश का मान बढ़ाने का लक्ष्य लेकर मैदान पर उतरेगी।</p>
<p>हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई बहु-प्रारूपीय श्रृंखला पर चर्चा करते हुए कप्तान ने हार के बावजूद सकारात्मक पहलुओं पर जोर दिया।</p>
<p>हालांकि भारत यह श्रृंखला 4-12 से हार गया, लेकिन हरमनप्रीत का मानना है कि टी20, वनडे और गुलाबी गेंद के टेस्ट मैच को एक साथ खेलने से टीम को नई चुनौतियों का सामना करने का अनुभव मिला है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक ही दौरे पर अलग-अलग फॉर्मेट में ढलना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इससे खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती और तकनीकी कौशल में सुधार हुआ है।</p>
<p>स्टेडियम में अपने नाम का स्टैंड होने पर उन्होंने गर्व महसूस किया और इसे आने वाली पीढ़ी की महिला क्रिकेटरों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>क्रिकेट</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146216/the-victory-of-the-odi-world-cup-gave-team-india</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/146216/the-victory-of-the-odi-world-cup-gave-team-india</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 15:39:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/indian-women-cricket-team.jpg"                         length="277903"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रम्प ने ब्रिटेन को कहा धन्यवाद, अब हमें मदद की जरूरत नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 08 मार्च (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में दो विमान-वाहक पोत भेजने पर विचार करने के लिए ब्रिटेन धन्यवाद दिया है और कहा है कि अब उन्हें इसकी जरूरत नहीं हैं।</p>
<p>ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर ब्रिटेन को धन्यवाद देते हुए कहा, “ब्रिटेन जो कभी हमारा सबसे बड़ा साथी था, शायद सबसे बड़ा, आखिरकार पश्चिम एशिया में दो विमान-वाहक पोत भेजने के बारे में गंभीरता से सोच रहा है।</p>
<p>कोई बात नहीं प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, हमें अब उनकी ज़रूरत नहीं है, लेकिन हम याद रखेंगे। हमें ऐसे लोगों की ज़रूरत नहीं है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145909/trump-said-thanks-to-britain-now-we-do-not-need"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 08 मार्च (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में दो विमान-वाहक पोत भेजने पर विचार करने के लिए ब्रिटेन धन्यवाद दिया है और कहा है कि अब उन्हें इसकी जरूरत नहीं हैं।</p>
<p>ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर ब्रिटेन को धन्यवाद देते हुए कहा, “ब्रिटेन जो कभी हमारा सबसे बड़ा साथी था, शायद सबसे बड़ा, आखिरकार पश्चिम एशिया में दो विमान-वाहक पोत भेजने के बारे में गंभीरता से सोच रहा है।</p>
<p>कोई बात नहीं प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, हमें अब उनकी ज़रूरत नहीं है, लेकिन हम याद रखेंगे। हमें ऐसे लोगों की ज़रूरत नहीं है जो हमारे जीतने के बाद जंग में शामिल हों!”</p>
<p>गौरतलब है कि ब्रिटेन ने ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिका को ब्रिटिश हवाई अड्डा का इस्तेमाल करने की इजाजत देने से मना कर दिया था।</p>
<p>इसके बाद  ट्रम्प ने एक अखबार को दिये साक्षात्कार में कहा था, “वह मददगार नहीं रहे हैं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा देखूंगा। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं UK से ऐसा देखूंगा।”</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/145909/trump-said-thanks-to-britain-now-we-do-not-need</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145909/trump-said-thanks-to-britain-now-we-do-not-need</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 18:00:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-11/donald-trump.jpg"                         length="50317"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2025 में मुक्त व्यापार समझौते की ऐतिहासिक उपलब्धि से भारत-ब्रिटेन संबंधों को मिली नयी गति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लंदन, 26 दिसंबर (भाषा) भारत और ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते पर पिछले चार वर्षों से काम जारी था और यह 2025 में आकार ले सका। इसके साथ ही व्यापार और निवेश से आगे द्विपक्षीय संबंधों को नयी ऊर्जा देने के लिए ‘विजन 2035’ समझौते पर भी सहमति बनी।</p>
<p>मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर वार्ताएं वर्ष के ज्यादातर समय सुर्खियों में रहीं। दोनों पक्ष समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध दिखे और जुलाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान इस पर औपचारिक हस्ताक्षर किए गए।</p>
<p>ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में अपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144839/historic-achievement-of-free-trade-agreement-in-2025-gives-new"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/united-kingdom-britain-flag.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन, 26 दिसंबर (भाषा) भारत और ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते पर पिछले चार वर्षों से काम जारी था और यह 2025 में आकार ले सका। इसके साथ ही व्यापार और निवेश से आगे द्विपक्षीय संबंधों को नयी ऊर्जा देने के लिए ‘विजन 2035’ समझौते पर भी सहमति बनी।</p>
<p>मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर वार्ताएं वर्ष के ज्यादातर समय सुर्खियों में रहीं। दोनों पक्ष समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध दिखे और जुलाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान इस पर औपचारिक हस्ताक्षर किए गए।</p>
<p>ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में अपना एक वर्ष पूरा करने वाले कीअर स्टार्मर ने लंदन के पास अपने ग्रामीण आवास ‘चैकर्स’ में मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और चाय पर द्विपक्षीय बातचीत की।</p>
<p>स्टार्मर ने कहा, “हमने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत के साथ एक ऐतिहासिक समझौता किया है।” उन्होंने अक्टूबर में अब तक के “सबसे बड़े ब्रिटिश व्यापार प्रतिनिधिमंडल” के साथ भारत यात्रा का निमंत्रण भी स्वीकार किया।</p>
<p>ब्रिटेन के व्यापार एवं वाणिज्य विभाग (डीबीटी) के विश्लेषण के अनुसार, व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) लागू होने पर द्विपक्षीय व्यापार मौजूदा 44.1 अरब पाउंड से बढ़कर 25 अरब पाउंड से अधिक हो सकता है।</p>
<p>उम्मीद है कि 2026 की पहली छमाही में समझौते को ब्रिटिश संसद की मंजूरी मिल जाएगी।</p>
<p>स्टार्मर ने संसद में कहा, “भारत वैश्विक मंच पर एक उभरती ताकत है और 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है।”</p>
<p>उच्चस्तरीय द्विपक्षीय संपर्कों से भरे इस वर्ष में दोनों देशों ने ‘महत्वाकांक्षी और भविष्य-उन्मुख’ 10 वर्षीय ‘भारत-ब्रिटेन विजन 2035’ रोडमैप को भी रेखांकित किया, जो विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग और नवाचार के रणनीतिक लक्ष्य तय करता है।</p>
<p>ब्रिटेन के उच्च शिक्षा क्षेत्र की भारत में बढ़ती मौजूदगी भी नए साल से फलीभूत होगी। कम से कम नौ ब्रिटिश विश्वविद्यालय भारत में अपने विदेशी परिसरों को अंतिम रूप दे रहे हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की भारतीय मांग को पूरा किया जा सकेगा। इसे ब्रिटेन की कड़ी आव्रजन नीति के बीच एक सकारात्मक संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>हालिया आंकड़ों के अनुसार, अध्ययन वीजा पर करीब 45,000 भारतीय और कामकाजी वीजा पर 22,000 पेशेवर देश से बाहर गए, जिससे वहां शुद्ध आव्रजन में कमी आई। स्थायी निवास के लिए प्रतीक्षा अवधि को बढ़ाकर 10 वर्ष करने जैसे सख्त नियमों से यह रुझान आगे भी बना रह सकता है।</p>
<p>उच्च कर व्यवस्था के चलते कुछ अरबपतियों ने देश छोड़ दिया। आर्सेलरमित्तल के संस्थापक लक्ष्मी एन. मित्तल सहित कई अमीर उद्योगपति कम-कर वाले देशों में स्थानांतरित होने की तैयारी में हैं।</p>
<p>यह वर्ष कई मायनों में एक युग के अंत का भी साक्षी बना। ब्रिटेन-स्थित भारतीय मूल के कई दिग्गज उद्योगपतियों का निधन हुआ, जिनमें होटल कारोबारी जोगिंदर सांगर, हिंदुजा समूह के सह-अध्यक्ष जी.पी. हिंदुजा, कैपारो समूह के संस्थापक लॉर्ड स्वराज पॉल और अर्थशास्त्री लॉर्ड मेघनाद देसाई शामिल हैं।</p>
<p>भारत-ब्रिटेन संबंधों में आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रतिबद्धता भी प्रमुख रही। नवंबर में दिल्ली में हुए आतंकी हमले पर ब्रिटेन ने संवेदना जताई और अप्रैल में कश्मीर के पहलगाम हमले के बाद कूटनीतिक समाधान का आह्वान किया।</p>
<p>इस वर्ष अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की उड़ान दुर्घटना ने भी दोनों देशों को झकझोर दिया। इस हादसे में 242 में से 241 लोगों की मौत हुई। जांच भारत में जारी है।</p>
<p>इसी बीच, भारत में वांछित भगोड़े आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण से जुड़े कानूनी मामलों पर भी सुनवाई जारी रही। विजय माल्या जमानत पर बाहर हैं, जबकि नीरव मोदी की अपील मार्च तक टल गई है। ब्रिटेन ने खालिस्तान समर्थक संगठन बब्बर खालसा की फंडिंग रोकने के लिए अपने घरेलू आतंकवाद-रोधी कानून का भी पहली बार इस्तेमाल किया।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/144839/historic-achievement-of-free-trade-agreement-in-2025-gives-new</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/144839/historic-achievement-of-free-trade-agreement-in-2025-gives-new</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 15:17:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/united-kingdom-britain-flag.jpg"                         length="53091"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराजा चार्ल्स के भाई एंड्रयू ने राजकुमार की उपाधि गंवाई, शाही आवास से भी बाहर निकलेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लंदन, 31 अक्टूबर (भाषा) महाराजा चार्ल्स तृतीय के विवादों में घिरे भाई एंड्रयू को आधिकारिक ‘रोल ऑफ द पीरेज’ से शुक्रवार को बाहर कर दिया गया, जिससे उन्होंने न सिर्फ अपनी राजकुमार की उपाधि गंवा दी, बल्कि उन्हें विंडसर कैसल एस्टेट स्थित भव्य शाही आवास ‘रॉयल लॉज’ भी छोड़ना पड़ेगा। बकिंघम पैलेस (ब्रिटेन का शाही महल) ने यह जानकारी दी।</p>
<p>‘रोल ऑफ द पीरेज’ एक सार्वजनिक रिकॉर्ड है, जिसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, आयरलैंड, ब्रिटेन और यूनाइटेड किंगडम के शाही घराने के सदस्य पंजीकृत होते हैं।</p>
<p>महाराजा चार्ल्स ने एंड्रयू से सभी शाही उपाधियां और सम्मान वापस लेने की प्रक्रिया बृहस्पतिवार शाम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143815/king-charless-brother-andrew-loses-his-title-of-prince-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/united-kingdom-britain-flag.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन, 31 अक्टूबर (भाषा) महाराजा चार्ल्स तृतीय के विवादों में घिरे भाई एंड्रयू को आधिकारिक ‘रोल ऑफ द पीरेज’ से शुक्रवार को बाहर कर दिया गया, जिससे उन्होंने न सिर्फ अपनी राजकुमार की उपाधि गंवा दी, बल्कि उन्हें विंडसर कैसल एस्टेट स्थित भव्य शाही आवास ‘रॉयल लॉज’ भी छोड़ना पड़ेगा। बकिंघम पैलेस (ब्रिटेन का शाही महल) ने यह जानकारी दी।</p>
<p>‘रोल ऑफ द पीरेज’ एक सार्वजनिक रिकॉर्ड है, जिसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, आयरलैंड, ब्रिटेन और यूनाइटेड किंगडम के शाही घराने के सदस्य पंजीकृत होते हैं।</p>
<p>महाराजा चार्ल्स ने एंड्रयू से सभी शाही उपाधियां और सम्मान वापस लेने की प्रक्रिया बृहस्पतिवार शाम को शुरू कर दी। इससे कुछ दिन पहले एंड्रयू ने यौन अपराधों में दोषी ठहराए गए जेफ्री एप्स्टीन से अपने संबंधों को लेकर “लगातार लगाए जा रहे आरोपों” के बीच ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ सहित अन्य सभी शाही उपाधियां और सम्मान खुद ही त्याग देने की घोषणा की थी।</p>
<p>हालांकि, यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था, क्योंकि ब्रिटिश सांसदों ने एंड्रयू के भव्य शाही आवास और रहन-सहन पर खर्च की जाने वाली भारी-भरकम धनराशि के मुद्दे पर बहस करने का असामान्य कदम उठाया।</p>
<p>बकिंघम पैलेस ने एक बयान में कहा, “महामहिम ने आज प्रिंस एंड्रयू की शाही उपाधियों और सम्मान को वापस लेने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी।”</p>
<p>बयान के मुताबिक, “प्रिंस एंड्रयू अब ‘एंड्रयू माउंटबैटन विंडसर’ के नाम से जाने जाएंगे। ‘रॉयल लॉज’ के उनके पट्टे ने अब तक उन्हें वहां निवास जारी रखने के लिए कानूनी सुरक्षा प्रदान की थी। अब पट्टा वापस करने के लिए औपचारिक नोटिस दे दिया गया है और वह वैकल्पिक निजी आवास में स्थानांतरित हो जाएंगे।”</p>
<p>बयान में कहा गया है कि ये कदम आवश्यक हैं, क्योंकि एंड्रयू अब भी अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार कर रहे हैं।</p>
<p>इसमें कहा गया, “महामहिम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि उनकी सहानुभूति और संवेदनाएं किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के शिकार लोगों के साथ रही हैं और हमेशा रहेंगी।”</p>
<p>एंड्रयू से सभी शाही उपाधियां और सम्मान वापस लेने की प्रक्रिया के तहत महाराजा चार्ल्स ने लॉर्ड चांसलर (ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी) को शाही वारंट भेजा, ताकि संसदीय दखल की आवश्यकता के बिना इस कदम को आधिकारिक शक्ल देने के लिए जरूरी सरकार की मंजूरी ली जा सके।</p>
<p>एंड्रयू से जो शाही उपाधियां और सम्मान वापस लिए जाएंगे, उनमें राजकुमार, ड्यूक ऑफ यॉर्क, अर्ल ऑफ इनवर्नेस, बैरन किलीलेघ, ‘हिज रॉयल हाइनेस’, ऑर्डर ऑफ द गार्टर और नाइट ग्रैंड क्रॉस ऑफ द विक्टोरियन ऑर्डर शामिल हैं।</p>
<p>शाही महल के सूत्रों के मुताबिक, एंड्रयू 30 कमरों वाले अपने शाही आवास को ‘जल्द से जल्द’ खाली करके महाराजा के निजी आवास ‘सैंड्रिंघम एस्टेट’ की एक संपत्ति में स्थानांतरित हो जाएंगे, जिसे चार्ल्स “निजी रूप से वित्त पोषित” करेंगे।</p>
<p>एंड्रयू के खिलाफ कार्रवाई वर्जीनिया ज्यूफ्रे की मरणोपरांत प्रकाशित आत्मकथा ‘नोबॉडीज गर्ल’ के जारी होने के बाद की गई है। इस किताब में ज्यूफ्रे ने जेफ्री एप्स्टीन और गिसलेन मैक्सवेल के लिए दो साल तक “यौन दास” के रूप में बिताए गए अपने जीवन का विस्तृत विवरण दिया है।</p>
<p>आत्मकथा में ज्यूफ्रे ने लिखा, “एप्स्टीन और उसके सहयोगियों के कृत्य सबके सामने थे, फिर भी लोगों ने आंखें मूंद रखी थीं।”</p>
<p>ज्यूफ्रे ने इस साल अप्रैल में पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के अपने फार्महाउस में आत्महत्या कर ली थी।</p>
<p>उन्होंने कुछ वर्ष पहले एंड्रयू पर आरोप लगाया था कि वह जब 17 साल की थीं, जब ब्रिटिश राजकुमार ने तीन मौकों पर उनका यौन उत्पीड़न किया था। हालांकि, एंड्रयू ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया।</p>
<p>ज्यूफ्रे के परिजनों ने अपने ताजा बयान में कहा, “वह (ज्यूफ्रे) अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसने सुनिश्चित किया कि यह लड़ाई उसके बाद भी जारी रहे और अपनी सच्चाई एवं असाधारण साहस के जरिये उसने एक ब्रिटिश राजकुमार को अर्श से फर्श पर ला दिया।”</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/143815/king-charless-brother-andrew-loses-his-title-of-prince-and</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/143815/king-charless-brother-andrew-loses-his-title-of-prince-and</guid>
                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 20:33:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/united-kingdom-britain-flag.jpg"                         length="53091"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजराइली बंधकों की रिहाई पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा, राहत महसूस कर रहे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लंदन, 13 अक्टूबर (भाषा) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर सोमवार को मिस्र में अन्य विश्व नेताओं के साथ एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं, जहां गाजा के लिए शांति योजना के विवरण पर चर्चा होनी है।</p>
<p>लंदन में ‘10 डाउनिंग स्ट्रीट’ स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, स्टॉर्मर ने युद्ध विराम के बाद बंधकों की रिहाई पर "काफी राहत" व्यक्त की।</p>
<p>स्टॉर्मर ने कहा, "मैं काफी राहत महसूस कर रहा हूं, क्योंकि अविनतन ओर और अन्य बंधकों को आज रिहा कर दिया गया है; लेकिन यह उस व्यवहार की भी याद दिलाता है, जो हमास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143596/british-prime-minister-said-he-is-feeling-relieved-on-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/united-kingdom-britain-flag.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन, 13 अक्टूबर (भाषा) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर सोमवार को मिस्र में अन्य विश्व नेताओं के साथ एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं, जहां गाजा के लिए शांति योजना के विवरण पर चर्चा होनी है।</p>
<p>लंदन में ‘10 डाउनिंग स्ट्रीट’ स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, स्टॉर्मर ने युद्ध विराम के बाद बंधकों की रिहाई पर "काफी राहत" व्यक्त की।</p>
<p>स्टॉर्मर ने कहा, "मैं काफी राहत महसूस कर रहा हूं, क्योंकि अविनतन ओर और अन्य बंधकों को आज रिहा कर दिया गया है; लेकिन यह उस व्यवहार की भी याद दिलाता है, जो हमास के हाथों उनके साथ हुआ था, और उन अत्याचारों की भी, जिन्होंने दो साल पहले दुनिया को हिलाकर रख दिया था।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "उनके परिवार से मिलने के बाद, मुझे पता है कि कोई भी वास्तव में उस यातना और पीड़ा को नहीं समझ सकता, जो उन्होंने दो वर्षों तक झेली। मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं।"</p>
<p>स्टॉर्मर ने कहा, "मैं अमेरिका, मिस्र, कतर और तुर्किये के अथक कूटनीतिक प्रयासों के लिए अपना आभार दोहराता हूं। अब यह महत्वपूर्ण है कि हम गाजा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना को लागू करने के लिए मिलकर काम करें, और आज मिस्र में मेरा ध्यान इसी पर होगा।"</p>
<p>ट्रंप सोमवार को अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे, जिसमें संघर्ष विराम के बाद के चरणों के विवरण पर चर्चा की जाएगी।</p>
<p>ट्रंप के मध्य पूर्व दूत स्टीवन विटकॉफ ने सोमवार को सोशल मीडिया पर लिखा, "मैं उन प्रयासों में सहायता और समन्वय करने में ब्रिटेन की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करना चाहूंगा, जिनके कारण हम इजराइल में इस ऐतिहासिक दिन तक पहुंचे हैं।’’</p>
<p>ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि मिस्र में शिखर सम्मेलन में शांति योजना पर हस्ताक्षर समारोह शामिल होगा, जो "दो वर्षों के संघर्ष और रक्तपात के बाद क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ होगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/143596/british-prime-minister-said-he-is-feeling-relieved-on-the</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/143596/british-prime-minister-said-he-is-feeling-relieved-on-the</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 21:35:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/united-kingdom-britain-flag.jpg"                         length="53091"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-ब्रिटेन संबंधों में नयी ऊर्जा आ गई है: प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, नौ अक्टूबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच साझेदारी वैश्विक स्थिरता एवं आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण आधार बन रही है।</p>
<p>भारत दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर के साथ व्यापक वार्ता के बाद मोदी ने कहा कि भारत-ब्रिटेन संबंधों का आधार लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन जैसे मूल्यों में साझा विश्वास है।</p>
<p>वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में स्टार्मर ने कहा कि भारत-ब्रिटेन का संबंध खास है। उन्होंने भारत की विकास गाथा को उल्लेखनीय बताते हुए कहा, ‘‘हम भविष्य पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143510/there-is-new-energy-in-india-uk-relations-prime-minister-modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d17062024-06-pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, नौ अक्टूबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच साझेदारी वैश्विक स्थिरता एवं आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण आधार बन रही है।</p>
<p>भारत दौरे पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर के साथ व्यापक वार्ता के बाद मोदी ने कहा कि भारत-ब्रिटेन संबंधों का आधार लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन जैसे मूल्यों में साझा विश्वास है।</p>
<p>वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में स्टार्मर ने कहा कि भारत-ब्रिटेन का संबंध खास है। उन्होंने भारत की विकास गाथा को उल्लेखनीय बताते हुए कहा, ‘‘हम भविष्य पर केंद्रित एक नयी आधुनिक साझेदारी गढ़ रहे हैं।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत और ब्रिटेन सैन्य प्रशिक्षण में सहयोग पर एक समझौते पर पहुंच गए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ब्रिटेन के साथ समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।’’</p>
<p>यूक्रेन संघर्ष और गाजा मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से शांति बहाल करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है।</p>
<p>दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत-ब्रिटेन संबंधों को बढ़ावा देने पर व्यापक रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए बातचीत की।</p>
<p>ब्रिटिश नेता ब्रिटेन के 125 सबसे प्रमुख व्यापारिक नेताओं, उद्यमियों और शिक्षाविदों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार सुबह दो दिवसीय यात्रा पर मुंबई पहुंचे।</p>
<p>स्टार्मर की भारत यात्रा दोनों देशों द्वारा एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के ढाई महीने बाद हुई है। इस समझौते से बाजार पहुंच बढ़ेगी, शुल्क में कटौती होगी और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होने की उम्मीद है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी की जुलाई में हुई लंदन यात्रा के दौरान व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143510/there-is-new-energy-in-india-uk-relations-prime-minister-modi</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/143510/there-is-new-energy-in-india-uk-relations-prime-minister-modi</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 14:48:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-06/d17062024-06-pm-modi.jpg"                         length="40657"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का दूसरा ब्रिटेन दौरा, किंग चार्ल्स ने किया शाही भोज का आयाेजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लंदन</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 18 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी तथा अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप इस समय ब्रिटेन की यात्रा पर हैं। मंगलवार शाम को किंग चार्ल्स तृतीय के निमंत्रण पर ब्रिटेन की दूसरी ऐतिहासिक राजकीय यात्रा ट्रंप और मेलानिया पहुंचे। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस खास मौके पर किंग चार्ल्स तृतीय ने विंडसर कैसल में भव्य तरीके से उनका स्वागत किया। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति के स्वागत और सम्मान में विशेष रात्रि भोज का आयोजन किया गया। इस खास स्वागत और सम्मान को देखकर ट्रंप काफी खुश हुए। इतना ही नहीं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप ने तो इसे अपने</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143130/trumps-second-tour-of-britain-king-charles-did-royal-banquet"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लंदन</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 18 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सितंबर (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी तथा अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप इस समय ब्रिटेन की यात्रा पर हैं। मंगलवार शाम को किंग चार्ल्स तृतीय के निमंत्रण पर ब्रिटेन की दूसरी ऐतिहासिक राजकीय यात्रा ट्रंप और मेलानिया पहुंचे। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस खास मौके पर किंग चार्ल्स तृतीय ने विंडसर कैसल में भव्य तरीके से उनका स्वागत किया। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति के स्वागत और सम्मान में विशेष रात्रि भोज का आयोजन किया गया। इस खास स्वागत और सम्मान को देखकर ट्रंप काफी खुश हुए। इतना ही नहीं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप ने तो इसे अपने जीवन के सर्वोच्च सम्मानों में से एक करार दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्टैनस्टेड हवाई अड्डे पर एअर फोर्स वन लैंड हुआ। इसके बाद ब्रिटेन में अमेरिकी राजदूत वॉरेन स्टीफंस और किंग्स लॉर्ड-इन-वेटिंग विस्काउंट हेनरी हूड ने राष्ट्रपति ट्रंप का स्वागत किया। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को विंडसर कैसल में एक भव्य शाही राजकीय भोज दिया गया। इस भव्य समारोह में कुल </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">160</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> अतिथियों के बीच राजा चार्ल्स तृतीय ने शांति की खोज के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रिटेन में हुए स्वागत और ट्रंप के लिए आयोजित खास समारोह ने ट्रंप का दिल जीता। राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्रिटेन की इस यात्रा को जीवन के सर्वोच्च सम्मानों में से एक बताया। इसके साथ ही ट्रंप ने अमेरिका और ब्रिटेन के संबंधों को एक ही राग में दो सुर बताया और कहा कि प्रत्येक अपने आप में सुंदर है। ट्रंप ने कहा कि इन्हें एक साथ बजाया जाना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इस बीच ट्रंप के ब्रिटेन दौरे के दौरान हजारों लोगों ने बुधवार को लंदन में मार्च निकालकर विरोध किया। वहीं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">,</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विंडसर कैसल के बाहर एक छोटी भीड़ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">बताया जाता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के स्वागत से पहले </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">'</span><span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप नॉट वेलकम</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">' </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नामक विरोध प्रदर्शन सेंट्रल लंदन में आयोजित किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में एमनेस्टी इंटरनेशनल</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अबार्शन राइट्स जैसे महिला संगठन और फलस्तीन समर्थक कार्यकर्ता शामिल थे। </span></p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/143130/trumps-second-tour-of-britain-king-charles-did-royal-banquet</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/143130/trumps-second-tour-of-britain-king-charles-did-royal-banquet</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 15:54:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-11/donald-trump.jpg"                         length="50317"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार भारत-ब्रिटेन एफटीए पर 1,000 हितधारक बैठकें, कार्यशालाएं आयोजित करेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 27 जुलाई (वेब वार्ता)। सरकार भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते पर उद्योग और राज्यों को जागरूक करने के लिए अगले 20 दिन में देशभर में हितधारक बैठकों, कार्यशालाओं, जागरूकता अभियानों और रायशुमारी सत्रों सहित कुल 1,000 संपर्क कार्यक्रम आयोजित करेगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>इस कवायद का मकसद 24 जुलाई को हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना और इसके लाभ को अधिकतम करना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवार संपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। केंद्रीय दल इस व्यापार समझौते के फायदों के बारे में जानकारी देने के लिए विभिन्न राज्यों का दौरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142176/government-will-organize-1000-stakeholder-meetings-workshops-on-india-britain-fta"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/hand-shake-business-deal-trade-friendship.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 27 जुलाई (वेब वार्ता)। सरकार भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते पर उद्योग और राज्यों को जागरूक करने के लिए अगले 20 दिन में देशभर में हितधारक बैठकों, कार्यशालाओं, जागरूकता अभियानों और रायशुमारी सत्रों सहित कुल 1,000 संपर्क कार्यक्रम आयोजित करेगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>इस कवायद का मकसद 24 जुलाई को हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना और इसके लाभ को अधिकतम करना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवार संपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। केंद्रीय दल इस व्यापार समझौते के फायदों के बारे में जानकारी देने के लिए विभिन्न राज्यों का दौरा भी करेंगे।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को यहां व्यापार समझौते पर चमड़ा और वस्त्र क्षेत्र के साथ बैठक करेंगे। इस समझौते के लागू होने पर, 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात ब्रिटेन में शुल्क मुक्त हो जाएंगे। इसके साथ ही कार, सौंदर्य प्रसाधन और व्हिस्की जैसे ब्रिटिश उत्पादों पर शुल्क भी कम हो जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142176/government-will-organize-1000-stakeholder-meetings-workshops-on-india-britain-fta</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142176/government-will-organize-1000-stakeholder-meetings-workshops-on-india-britain-fta</guid>
                <pubDate>Sun, 27 Jul 2025 18:06:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-05/hand-shake-business-deal-trade-friendship.jpg"                         length="53003"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘भारत-ब्रिटेन एफटीए’ को कंगना रनौत ने बताया ऐतिहासिक, ड्रग्स की समस्या पर जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 25 जुलाई (वेब वार्ता)। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को देश की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने ‘नो टैरिफ, नो टैक्स’ समझौते की सराहना करते हुए कहा कि यह 99 प्रतिशत वस्तुओं पर लागू होगा, जिससे भारत के व्यापार और कारोबार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।</p>
<p>कंगना ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण हमेशा याद रखा जाएगा। कंगना ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री जी को बधाई देती हूं। उनकी वजह से यह व्यापारिक उपलब्धि हासिल हुई। विपक्ष ने पीएम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142130/kangana-ranaut-told-india-britain-fta-worried-about-the-problem-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/7847_kangnaranaut2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 25 जुलाई (वेब वार्ता)। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को देश की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने ‘नो टैरिफ, नो टैक्स’ समझौते की सराहना करते हुए कहा कि यह 99 प्रतिशत वस्तुओं पर लागू होगा, जिससे भारत के व्यापार और कारोबार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।</p>
<p>कंगना ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण हमेशा याद रखा जाएगा। कंगना ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री जी को बधाई देती हूं। उनकी वजह से यह व्यापारिक उपलब्धि हासिल हुई। विपक्ष ने पीएम की ब्रिटेन यात्रा पर सवाल उठाए, लेकिन पीएम हमेशा कहते हैं कि उनका हर पल देश के लिए समर्पित है। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।”</p>
<p>उन्होंने इस समझौते को भारत के आर्थिक भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया, जो 99 प्रतिशत भारतीय निर्यातों पर शुल्क खत्म करेगा और द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक दोगुना करने में मदद करेगा।</p>
<p>इसके साथ ही कंगना ने हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे की समस्या पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिमाचल में ड्रग्स की स्थिति गंभीर है और अगर जल्द कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो राज्य पंजाब जैसे हालात का सामना कर सकता है, जहां कई गांवों में नशे की वजह से सिर्फ महिलाएं और विधवाएं रह गई हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया, “हिमाचल के बच्चे भोले हैं और पंजाब के रास्ते पाकिस्तान से आने वाले नशे का शिकार हो रहे हैं। नशे की जकड़ में फंसे बच्चे गहने बेच रहे हैं, चोरी कर रहे हैं और नशे की लत में खुद को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बच्चों ने चोरी कर अपनी गाड़ी तक बेच दी है। वे कमरे में खुद को बंद कर लेते हैं, फर्नीचर तोड़ते हैं, चिल्लाते और रोते भी हैं। यह एक तरह से मौत से भी बदतर स्थिति की तरह बन जाती है।</p>
<p>कंगना ने हिमाचल के गवर्नर शिव प्रताप शुक्ला के ‘उड़ता पंजाब’ बयान का समर्थन करते हुए इसे सही ठहराया। कंगना ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस के शासनकाल में इमरजेंसी जैसे काले अध्याय देखे गए, लेकिन भाजपा सभी प्रधानमंत्रियों की उपलब्धियों का सम्मान करती है। पीएम मोदी लगातार जनता के भरोसे पर खरे उतर रहे हैं और भविष्य में भी देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142130/kangana-ranaut-told-india-britain-fta-worried-about-the-problem-of</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142130/kangana-ranaut-told-india-britain-fta-worried-about-the-problem-of</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 15:10:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-10/7847_kangnaranaut2.jpg"                         length="88163"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक एफटीए पर हस्ताक्षर हुए, द्विपक्षीय कारोबार में 34 अरब डॉलर की होगी वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लंदन, 24 जुलाई (वेब वार्ता)। भारत-ब्रिटेन व्यापार और आर्थिक संबंधों के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए, जिससे वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार में लगभग 34 अरब डॉलर की वृद्धि होगी।</p>
<p>इस ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के तहत, भारत ब्रिटेन के 90 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क में कटौती करेगा, जबकि ब्रिटेन 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर शुल्क कम करेगा, जिससे सभी क्षेत्रों में शुल्क सीमा और नियामक प्रक्रियाओं में बड़ी कमी आएगी।</p>
<p>ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टारमर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारत के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142120/historical-fta-signed-between-india-bitten-will-increase-34-billion"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/import-export-port-harbour-ship-transport-truck.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन, 24 जुलाई (वेब वार्ता)। भारत-ब्रिटेन व्यापार और आर्थिक संबंधों के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए, जिससे वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार में लगभग 34 अरब डॉलर की वृद्धि होगी।</p>
<p>इस ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के तहत, भारत ब्रिटेन के 90 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क में कटौती करेगा, जबकि ब्रिटेन 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर शुल्क कम करेगा, जिससे सभी क्षेत्रों में शुल्क सीमा और नियामक प्रक्रियाओं में बड़ी कमी आएगी।</p>
<p>ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टारमर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारत के साथ हमारा ऐतिहासिक व्यापार समझौता ब्रिटेन के लिए एक बड़ी जीत है। इससे पूरे ब्रिटेन में हजारों नौकरियां पैदा होंगी, व्यवसायों के लिए नए अवसर खुलेंगे और देश के हर कोने में विकास को गति मिलेगी।”</p>
<p>इस समझौते से स्कॉच व्हिस्की, जिन, लग्जरी कारें, कॉस्मेटिक और चिकित्सा उपकरण जैसे आयातित सामान भारतीय उपभोक्ताओं के लिए और अधिक किफायती हो जाएंगे।</p>
<p>मुक्त व्यापार समझौते के होने से भारतीय कृषि उत्पादों को जर्मनी जैसे प्रमुख यूरोपीय निर्यातकों के साथ टैरिफ समानता प्राप्त होगी। वस्त्र और चमड़े पर शून्य शुल्क से बांग्लादेश और कंबोडिया जैसे क्षेत्रीय समकक्षों से भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p>इस करार से भारत के चमड़ा क्षेत्र की हिस्सेदारी अगले दो वर्षों में यूके के बाजार में 5 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।</p>
<p>अनुमान के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग निर्यात 2030 तक दोगुना होने की संभावना है, जबकि रत्न और आभूषण निर्यात अगले तीन वर्षों में दोगुना (वर्तमान 941 मिलियन डॉलर से) होने की संभावना है।</p>
<p>अधिकारियों का अनुमान है कि इस समझौते से लंबी अवधि में भारत को यूके का निर्यात लगभग 60 प्रतिशत बढ़ जाएगा।</p>
<p>इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने चेकर्स एस्टेट में स्टारमर से मुलाकात कर ब्रिटेन की अपनी चौथी यात्रा पर आधिकारिक कार्यक्रम शुरू किए थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी स्टारमर के साथ भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे और क्षेत्रीय एवं वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे। बाद में, वह किंग चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करेंगे।</p>
<p>चर्चा के दौरान, दोनों पक्ष व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे, जिसमें व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142120/historical-fta-signed-between-india-bitten-will-increase-34-billion</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142120/historical-fta-signed-between-india-bitten-will-increase-34-billion</guid>
                <pubDate>Thu, 24 Jul 2025 19:15:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/import-export-port-harbour-ship-transport-truck.jpg"                         length="113896"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोदी की यात्रा के दौरान ब्रिटेन एफटीए पर हस्ताक्षर होने की संभावना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 22 जुलाई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कल से शुरू हो रही ब्रिटेन यात्रा के दौरान दोनों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। </p>
<p>मोदी कल ब्रिटेन की यात्रा पर लंदन के लिए रवाना होंगे और वहां से सीधे मालदीव जाएंगे और 26 जुलाई को माले में मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के बाद स्वदेश लौटेंगे।</p>
<p>विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री की दो देशों की यात्रा की जानकारी दी। श्री मिस्री ने संकेत दिये कि श्री मोदी की ब्रिटिश प्रधानमंत्री के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142071/britain-fta-likely-to-be-signed-during-modis-visit"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d10062024-02-pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 22 जुलाई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कल से शुरू हो रही ब्रिटेन यात्रा के दौरान दोनों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। </p>
<p>मोदी कल ब्रिटेन की यात्रा पर लंदन के लिए रवाना होंगे और वहां से सीधे मालदीव जाएंगे और 26 जुलाई को माले में मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के बाद स्वदेश लौटेंगे।</p>
<p>विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री की दो देशों की यात्रा की जानकारी दी। श्री मिस्री ने संकेत दिये कि श्री मोदी की ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात के दौरान भारत ब्रिटेन एफटीए की घोषणा हो सकती है। उन्होंने ये संकेत भी दिये कि श्री मोदी ब्रिटिश सरकार के साथ खालिस्तानी आतंकवादियों एवं ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर दो टूक शब्दों में भारत की चिंताओं को रखेंगे।</p>
<p>मिस्री ने कहा, ...प्रधानमंत्री कल, 23 जुलाई को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीरस्टार्मर के साथ चर्चा के लिए ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। वह किंग चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करेंगे। भारत और ब्रिटेन, दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं के साथ बातचीत की भी योजना है। पदभार ग्रहण करने के बाद से यह प्रधानमंत्री की ब्रिटेन की चौथी यात्रा होगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव यात्रा पर विदेश सचिव ने कहा, प्रधानमंत्री की मालदीव यात्रा 25 और 26 जुलाई को होगी। वह मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज़्ज़ू के निमंत्रण पर राजकीय यात्रा पर जा रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। यह प्रधानमंत्री की मालदीव की तीसरी यात्रा होगी और नवंबर 2023 में पदभार ग्रहण करने के बाद से राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू द्वारा आयोजित किसी शासनाध्यक्ष की पहली राजकीय यात्रा होगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री की ब्रिटेन की यात्रा के विवरण को साझा करते हुए विदेश सचिव ने कहा, जैसा कि आप जानते हैं, भारत-ब्रिटेन साझीदारी को 2021 में एक व्यापक रणनीतिक साझीदारी में उन्नत किया गया था और तब से, नियमित रूप से उच्च स्तरीय राजनीतिक आदान-प्रदान हुए हैं और दोनों पक्ष इस साझीदारी को और भी ऊँचे स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री और उनके समकक्ष, ब्रिटिश विदेश सचिव के स्तर पर नियमित बैठकें होती रहती हैं और रणनीतिक मुद्दों, वित्तीय, आर्थिक, ऊर्जा-संबंधी मुद्दों के साथ-साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी से निपटने के लिए मंत्री स्तर पर कई अन्य संस्थागत तंत्र भी हैं। 2023-24 में हमारा द्विपक्षीय व्यापार 55 अरब डॉलर को पार कर गया।</p>
<p>ब्रिटेन भारत में छठा सबसे बड़ा निवेशक भी है, जिसका निवेश 36 अरब डॉलर है और दिलचस्प बात यह है कि भारत स्वयं ब्रिटेन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का एक बड़ा स्रोत है, जिसका सकल निवेश लगभग 20 अरब डॉलर है। रक्षा क्षेत्र में हम सशस्त्र बलों की सभी तीन शाखाओं के बीच नियमित बातचीत और अभ्यास देख रहे हैं।</p>
<p>ब्रिटेन-भारत मुक्त व्यापार समझौते के बारे में पूछे जाने पर मिस्री ने कहा, छह मई को प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें घोषणा की गई थी कि दोनों पक्षों ने मुक्त व्यापार समझौते और अन्य मुद्दों पर बातचीत पूरी कर ली है। तब से, दोनों पक्ष एक-दूसरे के बहुत निकट संपर्क में हैं। हम आपको उचित समय पर इससे संबंधित अंतिम विवरण से अवगत कराएंगे।</p>
<p>भारत में आर्थिक अपराधों में वांछित भगोड़ों के बारे में पूछे जाने पर विदेश सचिवने कहा, ब्रिटेन में भारतीय कानून और न्याय से भगोड़ों से संबंधित कुछ मुद्दे हैं। ये दोनों पक्षों के बीच चर्चा का विषय रहे हैं और हम ब्रिटिश सरकार द्वारा इन भगोड़ों को भारत में सौंपे जाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। ज़ाहिर है, दूसरे देश में ऐसे अनुरोधों और ऐसे मुद्दों के लिए एक कानूनी प्रक्रिया होती है और हम इन मामलों पर ब्रिटेन में अपने सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।</p>
<p>ब्रिटेन में खालिस्तानी उग्रवाद पर मिस्री ने कहा, खालिस्तानी उग्रवादियों और उनके करीबी लोगों की मौजूदगी का मुद्दा एक बार फिर हमने ब्रिटेन में अपने सहयोगियों के ध्यान में लाया है। हम ऐसा करते रहेंगे। यह न केवल हमारे लिए चिंता का विषय है, बल्कि हमारे सहयोगियों के लिए भी चिंता का विषय होना चाहिए, क्योंकि इसका इन अन्य देशों में भी सामाजिक सामंजस्य और सामाजिक व्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है।</p>
<p>ऊर्जा सुरक्षा को लेकर यूरोप एवं ब्रिटिश सरकार के रुख एवं भारत के रुख के बारें में एक सवाल के जवाब में विदेश सचिव ने कहा, हम इस बात पर बहुत स्पष्ट रहे हैं कि जहां तक ऊर्जा सुरक्षा का प्रश्न है, भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भारत के लोगों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करना है और हम इस संबंध में जो भी करना होगा, करेंगे।</p>
<p>ऊर्जा संबंधी मुद्दों पर भी, जैसा कि हमने पहले कहा है, दोहरे मापदंड न अपनाना और व्यापक ऊर्जा बाजार के संबंध में वैश्विक स्थिति के बारे में स्पष्ट दृष्टिकोण रखना महत्वपूर्ण है। हम समझते हैं कि यूरोप के सामने एक महत्वपूर्ण और गंभीर सुरक्षा मुद्दा है, लेकिन बाकी दुनिया भी... यह भी मौजूद है। यह उन मुद्दों से भी निपट रहा है जो बाकी दुनिया के लिए अस्तित्व से जुड़े हैं। मुझे लगता है कि इन मुद्दों पर बात करते समय संतुलन और परिप्रेक्ष्य बनाए रखना ज़रूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142071/britain-fta-likely-to-be-signed-during-modis-visit</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142071/britain-fta-likely-to-be-signed-during-modis-visit</guid>
                <pubDate>Tue, 22 Jul 2025 18:34:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-06/d10062024-02-pm-modi.jpg"                         length="37275"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटिश सेना में बनेगा सिख रेजीमेंट, इस मुद्दे पर लंदन में शुरु हुई बहस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लंदन, 20 जुलाई (वेब वार्ता)। ब्रिटेन की मीडिया में सुर्खियां बन गईं कि रक्षा मंत्री सिख रेजीमेंट के प्रस्ताव के लिए ‘तैयार’ हैं। हालांकि, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने साफ किया कि ऐसी कोई योजना नहीं है।</p>
<p>हाउस ऑफ लॉर्ड्स में लेबर पार्टी के सदस्य लॉर्ड साहोता ने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में सिख सैनिकों के बेहतरीन योगदान की याद दिलाई और रक्षा मंत्री लॉर्ड कोकर से सवाल किया कि क्या ब्रिटिश आर्मी में सिख रेजीमेंट की स्थापना की दिशा में कोई प्रगति हुई है। वहीं लॉर्ड कोकर ने इस पर विचार करने की बात कही और कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142021/sikh-regiment-to-be-built-in-british-army-debate-started"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/7637_senavardi.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन, 20 जुलाई (वेब वार्ता)। ब्रिटेन की मीडिया में सुर्खियां बन गईं कि रक्षा मंत्री सिख रेजीमेंट के प्रस्ताव के लिए ‘तैयार’ हैं। हालांकि, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने साफ किया कि ऐसी कोई योजना नहीं है।</p>
<p>हाउस ऑफ लॉर्ड्स में लेबर पार्टी के सदस्य लॉर्ड साहोता ने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में सिख सैनिकों के बेहतरीन योगदान की याद दिलाई और रक्षा मंत्री लॉर्ड कोकर से सवाल किया कि क्या ब्रिटिश आर्मी में सिख रेजीमेंट की स्थापना की दिशा में कोई प्रगति हुई है। वहीं लॉर्ड कोकर ने इस पर विचार करने की बात कही और कहा कि वे इस विषय पर और चर्चा को तैयार हैं।</p>
<p>सिख रेजीमेंट की स्थापना में लॉर्ड डलहौजी, लॉर्ड हर्डिंग और जनरल चार्ल्स गोर ओयूजले जैसे वरिष्ठ ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों की बड़ी भूमिका थी, जिन्होंने महसूस किया कि सिख सैनिक युद्ध में बेहद साहसी और निष्ठावान होते हैं।</p>
<p>इसकी 15वीं पंजाब रेजीमेंट में लॉर्ड सहोता के दादाजी भी शामिल थे।इतिहास में झांकें तो सिख रेजीमेंट की जड़ें ब्रिटिश इंडियन आर्मी में हैं। सिखों की बहादुरी, अनुशासन और युद्ध कौशल को देखकर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1846 के बाद उनके सैन्य कौशल को औपचारिक रूप से शामिल किया। सिख रेजीमेंट की स्थापना 1846 में हुई, जब सिख साम्राज्य के पतन के बाद बड़ी संख्या में सिख सैनिक ब्रिटिश सेना में भर्ती हुए।1857 के विद्रोह के दौरान भी सिख सैनिकों ने ब्रिटिश राज के समर्थन में भूमिका निभाई, जिससे उनकी वफादारी और बहादुरी को और मान्यता मिली।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, सिख रेजीमेंट की स्थापना ब्रिटेन के समानता कानून का उल्लंघन कर सकती है, क्योंकि यह नस्ल या धर्म के आधार पर विशेष रेजीमेंट बनाना माना जाएगा। मंत्रालय ने स्वीकार किया कि वे सिखों के योगदान को सम्मान देने के अन्य तरीके खोज सकते हैं, लेकिन सिख रेजीमेंट की दिशा में कदम उठाना फिलहाल संभव नहीं है।</p>
<p>लॉर्ड साहोता के दादा ब्रिटिश इंडियन आर्मी की 15वीं पंजाब रेजीमेंट में सेवा दे चुके है। वह रक्षा मंत्रालयी की इस तर्क से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर ब्रिटिश सेना में स्कॉटिश, वेल्श या यॉर्कशायर जैसी क्षेत्रीय रेजीमेंट हो सकती हैं, तो सिख रेजीमेंट भी हो सकती है।</p>
<p>उनके अनुसार यह रेजीमेंट केवल सिखों के लिए नहीं होगी, जैसे स्कॉटिश रेजीमेंट में सभी स्कॉटिश नहीं होते… उन्होंने कहा कि यह सिख विरासत और मूल्यों को प्रदर्शित करने वाली इकाई हो सकती है, जिसमें अन्य धर्मों के लोग भी सेवा दे सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/142021/sikh-regiment-to-be-built-in-british-army-debate-started</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142021/sikh-regiment-to-be-built-in-british-army-debate-started</guid>
                <pubDate>Sun, 20 Jul 2025 18:27:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-02/7637_senavardi.jpg"                         length="84748"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        