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                <title>Hyderabad - Loktej</title>
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                <description>Hyderabad RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>श्री भारद्वाज रचमदुगु बने साई सिल्क्स (कलामंदिर) लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना), 16 मई: साई सिल्क्स (कलामंदिर) लिमिटेड (SSKL) ने श्री भारद्वाज रचमदुगु को मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने की घोषणा की है। पिछले कई वर्षों में कंपनी के विकास और वृद्धि में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए यह नियुक्ति की गई है।</p>
<p>श्री भारद्वाज ने संगठन के कई महत्वपूर्ण रणनीतिक पहलों के साथ जुड़े रह कर कंपनी को विकास पथ पर अग्रसर किया है। उन्होंने ग्रुप के ई-कॉमर्स क्षेत्र का विकास, परिचालन सुदृढ़ीकरण, विस्तार योजना और अंतर-विभागीय कार्यान्वयन में भी एहम भूमिका निभाई है।</p>
<p>उन्होंने कंपनी के IPO सफ़र में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हुएआंतरिक और बाहरी टीमों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147156/shri-bhardwaj-rachamadugu-appointed-as-chief-executive-officer-of-sai"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-05/‍b16052026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना), 16 मई: साई सिल्क्स (कलामंदिर) लिमिटेड (SSKL) ने श्री भारद्वाज रचमदुगु को मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने की घोषणा की है। पिछले कई वर्षों में कंपनी के विकास और वृद्धि में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए यह नियुक्ति की गई है।</p>
<p>श्री भारद्वाज ने संगठन के कई महत्वपूर्ण रणनीतिक पहलों के साथ जुड़े रह कर कंपनी को विकास पथ पर अग्रसर किया है। उन्होंने ग्रुप के ई-कॉमर्स क्षेत्र का विकास, परिचालन सुदृढ़ीकरण, विस्तार योजना और अंतर-विभागीय कार्यान्वयन में भी एहम भूमिका निभाई है।</p>
<p>उन्होंने कंपनी के IPO सफ़र में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हुएआंतरिक और बाहरी टीमों के साथ समन्वय से SSKLको नए बाजारों और क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ाने में मदद की है।</p>
<p>इस नियुक्ति पर अपने विचार साझा करते हुए SSKLके संस्थापक और प्रबंध निदेशक श्री प्रसाद चालवाड़ी ने कहा: “कुछ सफ़रसे हमें गौरव का एहसास का होता है, इसलिए नहींक्योंकि हमने कोई बड़ी उपलब्धि हासिल की हैबल्कि इसलिए कि हमने इस उपलब्धि को पाने के लिए बड़ी जिम्मेदारी निभाई है।</p>
<p>वर्षों से, भारद्वाज ने संगठन के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाई है।महत्वपूर्ण मौकोंपर शांत रहकर टीम का नेतृत्व किया है, साथ ही वे टीमों को स्पष्टता और तेजी के साथ कार्य पूरा करने के लिए एकजुट करने की क्षमता भी रखते हैं। मुझे प्रसन्नता है कि वे अब CEO के रूप में कार्यभार संभालेंगे।”</p>
<p>कंपनी अपने भीतर ही लीडरों को पोषित करने की मान्यता में विश्वास रखती है ताकि विश्वास, प्रणालियों और निरंतरता के माध्यम से संगठन को लंबे समय तकमजबूत बनाए रखा जा सके।</p>
<p>SSKL अपने विस्तार के सफ़र को जारी रखते हुए, इस नई लीडरशिप संरचना के तहत प्रौद्योगिकी को अपनाने, परिचालन चपलता, ग्राहक अनुभव और खुदरा निष्पादन को अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य रखती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:32:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SheInspiresUs - एक सजग परिवर्तन की निरंतरता, संयोग नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना), मार्च 18: जब माननीय प्रधानमंत्री ने #SheInspiresUs पहल की शुरुआत की, तो इसका उद्देश्य केवल पदों पर आसीन महिलाओं को सम्मानित करना नहीं था।</p>
<p>यह उन महिलाओं को पहचान देने की एक पहल थी जो परिवर्तन की चिंगारी जगाती हैं। ऐसी महिलाएँ जिनका काम विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों में केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि संरचनात्मक बदलाव की दिशा में एक दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।तेलंगाना में इस विचारधारा का एक सशक्त उदाहरण हरी चंदना के कार्यों में दिखाई देता है।</p>
<p>पहली नजर में उनके सार्वजनिक कार्यों से जुड़े तीन पहल अलग-अलग दिखाई देते हैं —<br />एक 10K रन, जो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146090/sheinspiresus-the-continuation-of-a-conscious-transformation-is-not"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b18032026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना), मार्च 18: जब माननीय प्रधानमंत्री ने #SheInspiresUs पहल की शुरुआत की, तो इसका उद्देश्य केवल पदों पर आसीन महिलाओं को सम्मानित करना नहीं था।</p>
<p>यह उन महिलाओं को पहचान देने की एक पहल थी जो परिवर्तन की चिंगारी जगाती हैं। ऐसी महिलाएँ जिनका काम विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों में केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि संरचनात्मक बदलाव की दिशा में एक दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।तेलंगाना में इस विचारधारा का एक सशक्त उदाहरण हरी चंदना के कार्यों में दिखाई देता है।</p>
<p>पहली नजर में उनके सार्वजनिक कार्यों से जुड़े तीन पहल अलग-अलग दिखाई देते हैं —<br />एक 10K रन, जो सार्वजनिक भागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा देता है;<br />एक मासिक धर्म गरिमा आंदोलन, जो किशोरियों के स्वास्थ्य और सम्मान पर केंद्रित है;<br />और यूथ पार्लियामेंट, जो विद्यार्थियों में नागरिक भागीदारी और लोकतांत्रिक समझ विकसित करने का मंच प्रदान करता है।</p>
<p>लेकिन यदि इन पहलों को गहराई से देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि ये अलग-अलग कार्यक्रम नहीं हैं। वास्तव में ये एक सुविचारित और जुड़े हुए परिवर्तन की निरंतर प्रक्रिया के हिस्से हैं।</p>
<p>यह संयोग नहीं है।<br />यह एक सोच-समझकर बनाई गई संरचना है।</p>
<p>यूथ पार्लियामेंट 2025 — उपस्थिति से आवाज़ तक<br />हैदराबाद में आयोजित iVision Youth Parliament 2025 के ग्रैंड फिनाले का माहौल आत्मविश्वास और स्पष्टता से भरा हुआ था। युवा छात्र मंच पर खड़े होकर नीति, शासन और लोकतंत्र जैसे विषयों पर बहस कर रहे थे।</p>
<p>इनमें कई छात्राएँ भी थीं, जो राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रख रही थीं।<br />कई पर्यवेक्षकों के लिए यह दृश्य प्रतीकात्मक था।</p>
<p>कुछ दशक पहले तक कई क्षेत्रों में किशोरियों के लिए स्कूल में बने रहना ही एक चुनौती हुआ करता था। सामाजिक और जैविक कारणों के कारण उनकी शिक्षा अक्सर बाधित हो जाती थी। मासिक धर्म स्वास्थ्य से जुड़ी चर्चाएँ अक्सर चुप्पी में दबा दी जाती थीं, और सार्वजनिक विमर्श में उनकी भागीदारी सीमित रहती थी।</p>
<p>आज वही पीढ़ी केवल शिक्षा जारी नहीं रख रही है, बल्कि संविधानिक मूल्यों और सार्वजनिक नीतियों पर खुलकर चर्चा भी कर रही है।<br />यहाँ एक स्वाभाविक प्रश्न उठता है —<br />क्या यह मात्र संयोग है?</p>
<p>या फिर यह एक सुव्यवस्थित और पोषित पारिस्थितिकी तंत्र का परिणाम है?<br />जब लड़कियों को 10K रन जैसे अभियानों के माध्यम से सार्वजनिक रूप से प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उनकी भागीदारी और दृश्यता सामान्य बनती है…</p>
<p>जब मासिक धर्म गरिमा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि किशोरियों की पढ़ाई बाधित</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 16:37:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला हॉकी विश्व कप 2026 में अपनी जगह पक्की करने के इरादे से उतरेगी भारतीय टीम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 07 मार्च (वेब वार्ता)। भारत की महिला नेशनल फील्ड हॉकी टीम रविवार से हैदराबाद, तेलंगाना में शुरू हो रहे एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप क्वालिफायर 2026 में महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अपनी जगह पक्की करने के लक्ष्य के साथ उतरेगी।</p>
<p>इस टूर्नामेंट में मेजबान भारत के अलावा इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरुग्वे, वेल्स और ऑस्ट्रिया शामिल हैं। सभी 8 टीमों को 4-4 के दो ग्रुप में बांटा गया है।</p>
<p>ग्रुप ए में इंग्लैंड, कोरिया, इटली और ऑस्ट्रिया हैं, जबकि ग्रुप बी में भारत, स्कॉटलैंड, उरुग्वे और वेल्स हैं। प्रत्येक ग्रुप से 2-2 टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी। फाइनल के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145901/indian-team-will-enter-with-the-intention-of-securing-its"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-09/hockey.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 07 मार्च (वेब वार्ता)। भारत की महिला नेशनल फील्ड हॉकी टीम रविवार से हैदराबाद, तेलंगाना में शुरू हो रहे एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप क्वालिफायर 2026 में महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अपनी जगह पक्की करने के लक्ष्य के साथ उतरेगी।</p>
<p>इस टूर्नामेंट में मेजबान भारत के अलावा इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरुग्वे, वेल्स और ऑस्ट्रिया शामिल हैं। सभी 8 टीमों को 4-4 के दो ग्रुप में बांटा गया है।</p>
<p>ग्रुप ए में इंग्लैंड, कोरिया, इटली और ऑस्ट्रिया हैं, जबकि ग्रुप बी में भारत, स्कॉटलैंड, उरुग्वे और वेल्स हैं। प्रत्येक ग्रुप से 2-2 टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी। फाइनल के अलावा एक कांस्य पदक मैच होगा।</p>
<p>टूर्नामेंट में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाली टीमें विश्व कप 2026 के लिए सीधा क्वालिफिकेशन हासिल करेंगी। इसके अलावा, हैदराबाद में चौथे स्थान पर रहने वाली दुनिया की सबसे ऊंची रैंक वाली टीम को भी टूर्नामेंट में जगह मिलेगी।</p>
<p>आने वाले वर्ल्ड कप में पुरुषों और महिलाओं दोनों के कॉम्पिटिशन में 16 टीमें होंगी, जिसमें हर कैटेगरी में नौ टीमें पहले ही क्वालिफिकेशन हासिल कर चुकी हैं।</p>
<p>भारत हैदराबाद में शानदार प्रदर्शन के लिए मजबूत घरेलू समर्थन पर भरोसा करेगा। टीम हाल ही में नियुक्त मुख्य कोच शोर्ड मारिन के नेतृत्व में खेलेगी।</p>
<p>भारत अभी दुनिया में नौवें स्थान पर है और इंग्लैंड के बाद टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ऊंची रैंक वाली टीम है, जो दुनिया भर में सातवें स्थान पर है। भारत टूर्नामेंट में विश्व कप में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी।</p>
<p>इंडियन टीम अपने कैंपेन की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के खिलाफ करेगी। 9 मार्च और 11 मार्च को स्कॉटलैंड और वेल्स के खिलाफ मैच होंगे।<br />भारतीय महिला हॉकी टीम अब तक वर्ल्ड कप के आठ एडिशन खेल चुकी है। सबसे अच्छा प्रदर्शन 1974 में रहा था, जब टीम चौथे स्थान पर रही थीं।</p>
<p>टूर्नामेंट से पहले, “भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने कहा, “हम अपने फैन्स के सामने अपने घर पर क्वालिफायर खेलने के लिए बहुत उत्साहित हैं। टीम इस टूर्नामेंट के लिए बहुत मेहनत कर रही है क्योंकि हम जानते हैं कि क्या दांव पर लगा है। यहां हर टीम विश्व कप में जगह बनाने के लिए मुकाबला कर रही है। हमें शुरू से ही मुश्किल मैचों की उम्मीद है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “हैदराबाद में खेलना हमारे लिए बहुत खास होगा। घरेलू दर्शकों का हमेशा प्रेरणा देता है। हमारा फोकस एक बार में एक ही मैच पर रहने और अपना श्रेष्ठ देने पर होगा ताकि हम अच्छा प्रदर्शन कर सकें और विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर सकें।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 19:29:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिरयानी के बिल में छिपा था 70,000 करोड़ का टैक्स स्कैम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 20 फरवरी (वेब वार्ता)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने आयकर विभाग को एक ऐसे बड़े टैक्स स्कैम तक पहुँचाया है, जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया है।</p>
<p>हैदराबाद के मशहूर बिरयानी आउटलेट्स से शुरू हुई इस जांच ने फूड इंडस्ट्री के भीतर ₹70,000 करोड़ की रेवेन्यू चोरी का खुलासा किया है।</p>
<p>आयकर विभाग की हैदराबाद यूनिट ने एआई टूल्स और फॉरेंसिक डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर अरबों बिलों की बारीकी से जांच की। जांच में पाया गया कि वित्त वर्ष 2019-20 से अब तक रेस्टोरेंट्स ने जानबूझकर अपनी बिक्री के असली आंकड़े छुपाए थे।</p>
<p>टैक्स अधिकारियों ने अपनी जांच के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145669/tax-scam-worth-rs-70000-crore-was-hidden-in-biryani"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/income-tax-calculator-account-books-financial-pen-papers.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 20 फरवरी (वेब वार्ता)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने आयकर विभाग को एक ऐसे बड़े टैक्स स्कैम तक पहुँचाया है, जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया है।</p>
<p>हैदराबाद के मशहूर बिरयानी आउटलेट्स से शुरू हुई इस जांच ने फूड इंडस्ट्री के भीतर ₹70,000 करोड़ की रेवेन्यू चोरी का खुलासा किया है।</p>
<p>आयकर विभाग की हैदराबाद यूनिट ने एआई टूल्स और फॉरेंसिक डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर अरबों बिलों की बारीकी से जांच की। जांच में पाया गया कि वित्त वर्ष 2019-20 से अब तक रेस्टोरेंट्स ने जानबूझकर अपनी बिक्री के असली आंकड़े छुपाए थे।</p>
<p>टैक्स अधिकारियों ने अपनी जांच के दौरान लगभग 60 टीबी (Terabytes) बिलिंग डेटा का विश्लेषण किया। यह डेटा एक विशेष प्वाइंट ऑफ सेल (POS) सिस्टम से जुड़ा था, जो देशभर के करीब 1.7 लाख रेस्टोरेंट्स में इस्तेमाल होता है। </p>
<p>जांच में सामने आया कि रेस्टोरेंट मालिक कार्ड, यूपीआई और कैश के जरिए होने वाली सेल्स को सॉफ्टवेयर में दर्ज तो करते थे, लेकिन बाद में टैक्स देनदारी और जीएसटी (GST) से बचने के लिए कैश इनवॉइस के डेटा को सिस्टम से पूरी तरह डिलीट कर देते थे।</p>
<p>इस घोटाले के सबूत मिलने के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने जांच का दायरा पूरे देश में बढ़ा दिया है। शुरुआत में हैदराबाद और विशाखापत्तनम जैसे शहरों तक सीमित रही यह कार्रवाई अब देशभर के बड़े फूड चेंस तक पहुँच रही है।</p>
<p>अधिकारियों का मानना है कि पकड़ी गई ₹70,000 करोड़ की राशि अभी केवल ‘टिप ऑफ द आइसबर्ग’ हो सकती है।</p>
<p>आयकर विभाग अब उन सॉफ्टवेयर कंपनियों की भी जांच कर रहा है, जिन्होंने कथित तौर पर सेल्स डेटा को गायब करने वाले विशेष फीचर्स रेस्टोरेंट्स को उपलब्ध कराए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 15:06:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतिहास से भविष्य तक: हरि चंदना आईएएस की विरासत संरक्षण यात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 17: उस्मानिया विश्वविद्यालय प्रशासन और हैदराबाद मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के सहयोग से, परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर — मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है।</p>
<p>कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब 'द रेनवाटर प्रोजेक्ट' (The Rainwater Project) की तकनीकी विशेषज्ञता, सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है।</p>
<p>इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145629/hari-chandana-iass-heritage-conservation-journey-from-history-to-future"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b17022026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 17: उस्मानिया विश्वविद्यालय प्रशासन और हैदराबाद मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के सहयोग से, परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर — मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है।</p>
<p>कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब 'द रेनवाटर प्रोजेक्ट' (The Rainwater Project) की तकनीकी विशेषज्ञता, सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है।</p>
<p>इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर स्थिरता, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को जोड़ती रही है। यह बावड़ी का पुनर्जीवन कोई एकल उपलब्धि नहीं, बल्कि तेलंगाना भर में विरासत संरक्षण की उस निरंतर परंपरा का हिस्सा है, जिसे उन्होंने राज्य सरकार के नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास विभाग (MA&amp;UD) के समर्थन से नेतृत्व प्रदान किया है।</p>
<p>इस नवजागरण के केंद्र में वही अधिकारी हैं, जिनकी प्रशासनिक यात्रा ने तेलंगाना में उपेक्षित स्थानों को जीवंत सार्वजनिक संपत्तियों में बदला है।</p>
<p>शहर की विरासत: जीएचएमसी (GHMC) के वर्ष<br />जिला प्रशासन में आने से पहले, हरि चंदना आईएएस ने ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) में ज़ोनल कमिश्नर (वेस्ट और सेंट्रल ज़ोन) के रूप में हैदराबाद के शहरी परिदृश्य को आकार दिया — जहाँ स्थिरता और विरासत संरक्षण दैनिक शासन के मूल तत्व बने।</p>
<p>इस दौर की सबसे प्रतीकात्मक विरासत बहाली में से एक थी बांसिलालपेट बावड़ी — हैदराबाद के पुराने शहर में स्थित 17वीं सदी की बावड़ी, जो दशकों तक कचरे और उपेक्षा में दबी रही थी। इस परियोजना को तेलंगाना सरकार, 'द रेनवाटर प्रोजेक्ट' की कल्पना रमेश, SAHE (Society for Advancement of Hitech City and Nanakramguda) और गांडीपेट वेलफेयर सोसाइटी के साझा प्रयासों से अंजाम दिया गया।</p>
<p>इस बहाली ने एक कचरे से भरे गड्ढे को मनमोहक विरासत स्थल में बदल दिया — प्राचीन पत्थर की सीढ़ियाँ फिर खुलीं, पारंपरिक स्थापत्य बहाल हुआ और बावड़ी को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सार्वजनिक जीवन में लौटाया गया।</p>
<p>यह उस समय GHMC और MA&amp;UD विभाग में आए व्यापक बदलाव को भी दर्शाता था:<br />•    ऐतिहासिक सार्वजनिक स्थलों की पुनर्प्राप्ति<br />•    पारंपरिक जल संरचनाओं का पुनर्जीवन<br />•    शहरी विकास में स्थिरता का समावेश<br />यही शहरी विरासत जागरण आगे चलकर नारायणपेट जिले में नेतृत्व किए गए व्यापक बावड़ी पुनर्जीवन आंदोलन की नींव बना।</p>
<p>नारायणपेट में जिला-स्तरीय विरासत जागरण<br />नारायणपेट की कलेक्टर बनने पर उनकी सोच का पूर्ण रूप सामने आया — एक ऐसा क्षेत्र जो ऐतिहासिक बावड़ियों से समृद्ध था, पर लंबे समय से उपेक्षित रहा।</p>
<p>बाराम बावड़ी — जहाँ से पुनर्जीवन की शुरुआत हुई<br />पहली बड़ी सफलताओं में से एक थी बाराम बावड़ी, जो सदियों पुरानी होते हुए भी कचरे और उपेक्षा में दबी हुई थी।उनके नेतृत्व में जिला प्रशासन नारायणपेट, स्थानीय नगर पालिकाओं और तकनीकी संरक्षण वास्तुकारों ने मिलकर कार्य किया:<br />•    मलबा हटाया गया<br />•    मूल पत्थर संरचना का संरक्षण किया गया<br />•    सामुदायिक स्वामित्व को पुनर्स्थापित किया गया<br />परिणाम असाधारण रहे — त्योहार लौटे, परिवार जुटने लगे और बावड़ी ने फिर से जल स्रोत और सामाजिक केंद्र की अपनी भूमिका हासिल की।<br />यह केवल बहाली नहीं थी।</p>
<p>यह सार्वजनिक जीवन में पुनर्जन्म था। प्राचीन बावड़ियों के भूले हुए नेटवर्क की पुनः खोज, बाराम बावड़ी के पुनर्जीवन ने एक व्यापक पहल को जन्म दिया।</p>
<p>हरि चंदना ने नारायणपेट जिले में 'द रेनवाटर प्रोजेक्ट' और स्थानीय राजस्व विभाग के सहयोग से दर्जनों प्राचीन बावड़ियों के दस्तावेज़ीकरण और चरणबद्ध पुनर्स्थापन की शुरुआत की — जिनमें से कई पीढ़ियों से ओझल थीं।</p>
<p>ये केवल सौंदर्यात्मक सफाई अभियान नहीं थे।<br />इनका फोकस था:<br />•    पारंपरिक संरक्षण तकनीकें<br />•    भूजल पुनर्भरण<br />•    सामुदायिक संरक्षकता<br />•    दीर्घकालिक स्थिरता<br />धीरे-धीरे, पूरा जिला अपनी भूली हुई जल विरासत से फिर जुड़ गया — वे संरचनाएँ, जो सदियों पहले सूखे से लड़ने के लिए बनाई गई थीं, आज जलवायु लचीलापन बढ़ाने में सहायक बन रही हैं।</p>
<p>वैश्विक विरासत मूल्यों के अनुरूप स्थानीय नेतृत्व<br />बावड़ियों का महत्व यूनेस्को (UNESCO) द्वारा वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है, जो पारंपरिक जल प्रणालियों को जलवायु-अनुकूल इंजीनियरिंग और सांस्कृतिक वास्तुकला की उत्कृष्ट कृतियाँ मानता है।</p>
<p>भारत में यूनेस्को-सम्मानित स्थलों से यह स्पष्ट होता है कि बावड़ियाँ थीं:<br />•    पर्यावरणीय अवसंरचना<br />•    सामाजिक मेल-मिलाप के केंद्र<br />•    स्थापत्य चमत्कार<br />•    सतत जीवन के प्रतीक</p>
<p>हरि चंदना और उनकी सहयोगी टीमों (GHMC, HMDA और संरक्षणवादी समूहों) द्वारा किए गए कार्य इन वैश्विक सिद्धांतों के अनुरूप हैं — प्रामाणिकता की रक्षा करते हुए कार्यक्षमता और सामुदायिक प्रासंगिकता की बहाली।</p>
<p>मह लका बाई बावड़ी — दृष्टि का समन्वय<br />GHMC में शहरी स्थिरता और नारायणपेट में ग्रामीण विरासत पुनर्जीवन के ये सभी अनुभव उस्मानिया विश्वविद्यालय में मह लका बाई बावड़ी के पुनर्स्थापन में सशक्त रूप से एकत्र हुए।</p>
<p>यहाँ विरासत संरक्षण बना:<br />•    स्थापत्य पुनरुद्धार<br />•    भूजल स्थिरता<br />•    शैक्षणिक विरासत स्थल<br />•    सामुदायिक सहयोग<br />आज यह एक जड़ स्मारक नहीं, बल्कि हैदराबाद के अतीत द्वारा भविष्य को पोषित करता जीवंत प्रतीक है।<br />विरासत के माध्यम से विकास की नई परिभाषा</p>
<p>हरि चंदना आईएएस को विशिष्ट बनाता है केवल परियोजनाओं की संख्या नहीं, बल्कि उनके पीछे की सोच और सरकारी विभागों (जैसे MA&amp;UD, GHMC), नागरिक समाज (Civil Society) और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच बनाया गया सफल समन्वय।<br />उन्होंने दिखाया है कि:<br />•    विकास के लिए इतिहास का विनाश आवश्यक नहीं<br />•    विरासत स्थिरता की प्रेरक बन सकती है<br />•    शासन लोगों को अपनी जड़ों से फिर जोड़ सकता है<br />कंक्रीट विस्तार के इस दौर में, उनका कार्य सिद्ध करता है कि सच्ची प्रगति स्मृतियों को संजोते हुए भविष्य का निर्माण करती है।<br />शहर की गलियों से प्राचीन पत्थर की सीढ़ियों तक — बहती हुई विरासत GHMC के तहत शहरी हैदराबाद से… नारायणपेट की ग्रामीण बावड़ियों तक… और उस्मानिया विश्वविद्यालय।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 18:26:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मरने के लिए सात मिनट - गिग इकोनॉमी के टूटते शरीर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 16: Orchestro.AI, के संस्थापक और CEO शेखर नटराजन इस लेख में बताते हैं कि कैसे एल्गोरिदम ने गिग इकोनॉमी को प्रभावित किया है। एल्गोरिद्म ने मोहम्मद रिज़वान को सात मिनट दिए।</p>
<p>भारत के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी फूड डिलीवरी बाज़ार में क्विक-कॉमर्स ऑर्डर के लिए यही मानक समय है — ग्राहक के “ऑर्डर” क्लिक करने से लेकर खाना दरवाज़े तक पहुंचने तक सिर्फ सात मिनट। इन सात मिनटों में ऑर्डर उठाना, ट्रैफिक से गुजरना, पता ढूंढना और सीढ़ियां चढ़ना शामिल है।</p>
<p>रिज़वान को उस दिन काम पर होना भी नहीं था। उनके भाई खाजा, जिनके Swiggy अकाउंट पर डिलीवरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145603/seven-minutes-to-die-the-broken-bodies-of-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b16022026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 16: Orchestro.AI, के संस्थापक और CEO शेखर नटराजन इस लेख में बताते हैं कि कैसे एल्गोरिदम ने गिग इकोनॉमी को प्रभावित किया है। एल्गोरिद्म ने मोहम्मद रिज़वान को सात मिनट दिए।</p>
<p>भारत के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी फूड डिलीवरी बाज़ार में क्विक-कॉमर्स ऑर्डर के लिए यही मानक समय है — ग्राहक के “ऑर्डर” क्लिक करने से लेकर खाना दरवाज़े तक पहुंचने तक सिर्फ सात मिनट। इन सात मिनटों में ऑर्डर उठाना, ट्रैफिक से गुजरना, पता ढूंढना और सीढ़ियां चढ़ना शामिल है।</p>
<p>रिज़वान को उस दिन काम पर होना भी नहीं था। उनके भाई खाजा, जिनके Swiggy अकाउंट पर डिलीवरी रजिस्टर्ड थी, बुखार से बीमार थे। लेकिन एल्गोरिद्म को बुखार से कोई मतलब नहीं। उसे किसी चीज़ से मतलब नहीं, सिवाय काउंटडाउन के।</p>
<p>“हम मेहनतकश लोग हैं,” खाजा ने बाद में कहा। “अगर हम कमाई नहीं करेंगे तो किराया और खाना कैसे देंगे?”</p>
<p>इसलिए 10 जनवरी 2023 को रिज़वान ने अपने भाई के अकाउंट से लॉग-इन किया। उन्होंने एक फूड ऑर्डर उठाया और हैदराबाद के एक उच्च-मध्यमवर्गीय इलाके की ओर निकल पड़े। इमारत का मुख्य दरवाज़ा खुला था। घर का एक कुत्ता उन पर झपटा। हमले से बचने की कोशिश में रिज़वान तीसरी मंज़िल की बालकनी से गिर गए।</p>
<p>उनके भाई को रात 2 बजे — चार घंटे बाद — इसकी सूचना मिली। ग्राहक उन्हें अस्पताल ले गया था और वहीं छोड़कर चला गया। इलाज के लिए पैसे जुटाने में देर हुई और इलाज सुबह 4 बजे शुरू हो पाया। तीन दिन बाद, रिज़वान की मौत हो गई।</p>
<p>स्विगी का आधिकारिक बयान सटीक और दूरी बनाए हुए था: “घटना के दिन रिज़वान सक्रिय रूप से स्विगी के लिए काम नहीं कर रहे थे।” कंपनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया।</p>
<p>10 मिनट का वादा<br />भारत की क्विक-कॉमर्स प्रतिस्पर्धा में गति ही एकमात्र मापदंड है। Blinkit, Zepto और स्विगी इंस्टामार्ट ने “10 मिनट डिलीवरी” को अपनी पहचान बनाया। ग्राहक इसकी अपेक्षा करने लगे — और कामगार इससे डरने लगे। लेकिन 10 मिनट एक मार्केटिंग भ्रम है। वास्तविकता कहीं अधिक कठोर है।</p>
<p>एक ब्लिंकिट डिलीवरी पार्टनर ने बताया: “हमें सात या आठ मिनट में सामान उठाकर पहुंचाने को कहा जाता है। ट्रैफिक सिग्नल पर ही एक मिनट निकल जाता है। कोहरा, बारिश, गर्मी — सब कुछ खतरा बढ़ा देता है। फिर भी देर होने पर हमारी रेटिंग घटा दी जाती है।”</p>
<p>मोहम्मद नुमान, 30, मुंबई, स्विगी के लिए रोज़ 16 घंटे काम करते हैं, 35–40 ऑर्डर पूरे करते हैं। ईंधन और खर्च के बाद घर लगभग 700 रुपये — करीब 8 डॉलर — ले जाते हैं। “काम मुश्किल है,” वे कहते हैं, “लेकिन कोई विकल्प नहीं।”</p>
<p>एक अन्य डिलीवरी पार्टनर: “हमें 10 किलोमीटर दूर जाकर ऑर्डर उठाने और फिर लंबी दूरी तय करने को कहा जाता है। लक्ष्य पूरा न होने पर रेटिंग काट दी जाती है।”</p>
<p>पहले कंपनियां पेट्रोल और वाहन खर्च की दैनिक भरपाई करती थीं। अब भुगतान साप्ताहिक होता है, और उसमें भी कटौती के बहाने मिल जाते हैं।<br />ब्लिंकिट ने प्रति डिलीवरी न्यूनतम भुगतान 25 रुपये से घटाकर 15 रुपये कर दिया — जो पिछले वर्ष 50 रुपये था। दैनिक आय 1,200 रुपये से घटकर 600–700 रुपये रह गई।</p>
<p>मौतों की गिनती<br />आदिल अहमद ताहेर, 24, हैदराबाद: 28 जुलाई 2022 को स्विगी डिलीवरी पूरी करने की जल्दी में ट्रैक्टर की टक्कर से मौत। पीछे पत्नी और दो महीने की बेटी छोड़ गए। तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन ने 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। स्विगी ने 10 लाख रुपये बीमा की पेशकश की।</p>
<p>सुनील कुमार, इंदौर: रात 10:30 बजे डिलीवरी के बाद लूट और चाकूबाजी का शिकार।<br />एक Zomato कर्मचारी, अगस्त 2024: सड़क दुर्घटना में मौत। कंपनी ने परिवार के लिए कुछ नहीं किया।<br />प्रियंका देवी, जनवरी 2023: Uber ड्राइवर। हमले में घायल। कंपनी ने इमरजेंसी बटन न दबाने के लिए उन्हें दोषी ठहराया।<br />एक Flipkart डिलीवरी एजेंट, फरवरी 2023: आईफोन चोरी के प्रयास में ग्राहक द्वारा चाकू से हमला।</p>
<p>किसी भी प्लेटफॉर्म कंपनी ने नौकरी के दौरान हुई मौतों का आधिकारिक डेटा सार्वजनिक नहीं किया। वास्तविक संख्या अज्ञात है — और शायद जानबूझकर अज्ञात रखी गई है।</p>
<p>दिसंबर का विद्रोह<br />क्रिसमस डे 2025 पर अभूतपूर्व घटना हुई। भारत में 2 से 3 लाख गिग वर्कर्स हड़ताल पर चले गए — डिजिटल अर्थव्यवस्था के इतिहास की सबसे बड़ी श्रमिक कार्रवाई। उन्होंने साल के सबसे व्यस्त दिनों में काम बंद किया।</p>
<p>यह हड़ताल Indian Federation of App-Based Transport Workers (IFAT) और Telangana Gig and Platform Workers Union (TGPWU) ने आयोजित की।</p>
<p>मांगें स्पष्ट थीं:<br />* पारदर्शी और न्यायसंगत वेतन संरचना<br />* 10 मिनट डिलीवरी जैसे मॉडल की समाप्ति<br />* मनमाने दंड और आईडी निष्क्रियता पर रोक<br />* बुनियादी सामाजिक सुरक्षा</p>
<p>TGPWU के संस्थापक अध्यक्ष शेख सलाुद्दीन ने कहा: “एल्गोरिद्मिक नियंत्रण ने कामगारों को आर्थिक असुरक्षा में धकेल दिया है।” जनवरी 2026 में केंद्रीय श्रम मंत्री Mansukh Mandaviya ने प्लेटफॉर्म कंपनियों से मुलाकात की और 10 मिनट के वादे को खत्म करने को कहा। कंपनियों ने सहमति दी। ब्लिंकिट ने अपना नारा बदला। अन्य कंपनियों ने भी अनुसरण किया।</p>
<p>छोटी जीतें<br />विरोध के बाद ज़ोमैटो ने गिग वर्कर्स के लिए “रेस्टिंग पॉइंट” शुरू किए — फोन चार्ज करने और शौचालय उपयोग के लिए।<br />राजस्थान 2023 में गिग वर्कर्स (पंजीकरण एवं कल्याण) अधिनियम पारित करने वाला पहला राज्य बना।<br />कर्नाटक ने 2024 में गिग वर्कर्स संरक्षण विधेयक के लिए सुझाव आमंत्रित किए।<br />पारस्परिक सहायता समूहों के माध्यम से 15,000 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली।</p>
<p>एल्गोरिद्मिक पर्यवेक्षक<br />शेखर नटराजन, जिन्होंने वॉलमार्ट और डिज़्नी जैसी कंपनियों के लिए सप्लाई चेन सिस्टम बनाए, कहते हैं: “एल्गोरिद्म वही कर रहा है जिसके लिए उसे डिज़ाइन किया गया है — गति का अनुकूलन। लेकिन इसमें इंसान का विचार नहीं है।”</p>
<p>यदि सिस्टम में संतुलन (समा), सुरक्षा (रक्षा), सत्य और न्याय जैसे मूल्य शामिल होते, तो शायद नतीजे अलग होते। 10 मिनट डिलीवरी मॉडल में न रक्षा थी, न संतुलन — केवल गति थी।</p>
<p>भारत में 2020 में गिग वर्कर्स की संख्या 77 लाख थी। 2029 तक यह 2.35 करोड़ होने का अनुमान है। गिग कार्य भारतीय अर्थव्यवस्था में सालाना एक अरब डॉलर से अधिक का योगदान देता है।</p>
<p>एल्गोरिद्म उन्हें सात मिनट देता है। वह उन्हें विकल्प नहीं देता। गरिमा नहीं देता। सुरक्षा नहीं देता। जब तक कि कामगार संगठित होकर इसकी मांग न करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 15:19:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भूली-बिसरी विरासत में नई जान: हरि चंदना आईएएस की दृष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 09: हैदराबाद के ऐतिहासिक उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर — मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है।</p>
<p>कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है।</p>
<p>इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर स्थिरता, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को जोड़ती रही है। यह बावड़ी का पुनर्जीवन कोई एकल उपलब्धि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145509/hari-chandana-iass-vision-to-bring-new-life-to-a"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b10022026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 09: हैदराबाद के ऐतिहासिक उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर — मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है।</p>
<p>कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है।</p>
<p>इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर स्थिरता, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को जोड़ती रही है। यह बावड़ी का पुनर्जीवन कोई एकल उपलब्धि नहीं, बल्कि तेलंगाना भर में विरासत संरक्षण की उस निरंतर परंपरा का हिस्सा है, जिसे उन्होंने नेतृत्व प्रदान किया है।</p>
<p>इस नवजागरण के केंद्र में वही अधिकारी हैं, जिनकी प्रशासनिक यात्रा ने तेलंगाना में उपेक्षित स्थानों को जीवंत सार्वजनिक संपत्तियों में बदला है।<br />शहर की विरासत: जीएचएमसी के वर्ष</p>
<p>जिला प्रशासन में आने से पहले, हरि चंदना आईएएस ने ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) में ज़ोनल कमिश्नर के रूप में हैदराबाद के शहरी परिदृश्य को आकार दिया — जहाँ स्थिरता और विरासत संरक्षण दैनिक शासन के मूल तत्व बने।</p>
<p>इस दौर की सबसे प्रतीकात्मक विरासत बहाली में से एक थी बांसिलालपेट बावड़ी — हैदराबाद के पुराने शहर में स्थित 17वीं सदी की बावड़ी, जो दशकों तक कचरे और उपेक्षा में दबी रही थी।</p>
<p>इस बहाली ने एक कचरे से भरे गड्ढे को मनमोहक विरासत स्थल में बदल दिया — प्राचीन पत्थर की सीढ़ियाँ फिर खुलीं, पारंपरिक स्थापत्य बहाल हुआ और बावड़ी को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सार्वजनिक जीवन में लौटाया गया।</p>
<p>यह उस समय GHMC में आए व्यापक बदलाव को भी दर्शाता था:<br />•    ऐतिहासिक सार्वजनिक स्थलों की पुनर्प्राप्ति<br />•    पारंपरिक जल संरचनाओं का पुनर्जीवन<br />•    शहरी विकास में स्थिरता का समावेश<br />यही शहरी विरासत जागरण आगे चलकर नारायणपेट जिले में नेतृत्व किए गए व्यापक बावड़ी पुनर्जीवन आंदोलन की नींव बना।</p>
<p>नारायणपेट में जिला-स्तरीय विरासत जागरण<br />नारायणपेट की कलेक्टर बनने पर उनकी सोच का पूर्ण रूप सामने आया — एक ऐसा क्षेत्र जो ऐतिहासिक बावड़ियों से समृद्ध था, पर लंबे समय से उपेक्षित रहा।</p>
<p>बाराम बावड़ी — जहाँ से पुनर्जीवन की शुरुआत हुई<br />पहली बड़ी सफलताओं में से एक थी बाराम बावड़ी, जो सदियों पुरानी होते हुए भी कचरे और उपेक्षा में दबी हुई थी।<br />उनके नेतृत्व में:<br />•    मलबा हटाया गया<br />•    मूल पत्थर संरचना का संरक्षण किया गया<br />•    सामुदायिक स्वामित्व को पुनर्स्थापित किया गया<br />परिणाम असाधारण रहे — त्योहार लौटे, परिवार जुटने लगे और बावड़ी ने फिर से जल स्रोत और सामाजिक केंद्र की अपनी भूमिका हासिल की।<br />यह केवल बहाली नहीं थी।<br />यह सार्वजनिक जीवन में पुनर्जन्म था।</p>
<p>प्राचीन बावड़ियों के भूले हुए नेटवर्क की पुनः खोज<br />बाराम बावड़ी के पुनर्जीवन ने एक व्यापक पहल को जन्म दिया।<br />हरि चंदना ने नारायणपेट जिले में दर्जनों प्राचीन बावड़ियों के दस्तावेज़ीकरण और चरणबद्ध पुनर्स्थापन की शुरुआत की — जिनमें से कई पीढ़ियों से ओझल थीं।</p>
<p>ये केवल सौंदर्यात्मक सफाई अभियान नहीं थे।<br />इनका फोकस था:<br />•    पारंपरिक संरक्षण तकनीकें<br />•    भूजल पुनर्भरण<br />•    सामुदायिक संरक्षकता<br />•    दीर्घकालिक स्थिरता<br />धीरे-धीरे, पूरा जिला अपनी भूली हुई जल विरासत से फिर जुड़ गया — वे संरचनाएँ, जो सदियों पहले सूखे से लड़ने के लिए बनाई गई थीं, आज जलवायु लचीलापन बढ़ाने में सहायक बन रही हैं।</p>
<p>वैश्विक विरासत मूल्यों के अनुरूप स्थानीय नेतृत्व<br />बावड़ियों का महत्व यूनेस्को द्वारा वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है, जो पारंपरिक जल प्रणालियों को जलवायु-अनुकूल इंजीनियरिंग और सांस्कृतिक वास्तुकला की उत्कृष्ट कृतियाँ मानता है।<br />भारत में यूनेस्को-सम्मानित स्थलों से यह स्पष्ट होता है कि बावड़ियाँ थीं:<br />•    पर्यावरणीय अवसंरचना<br />•    सामाजिक मेल-मिलाप के केंद्र<br />•    स्थापत्य चमत्कार<br />•    सतत जीवन के प्रतीक<br />हरि चंदना द्वारा किए गए संरक्षण कार्य इन वैश्विक सिद्धांतों के अनुरूप हैं — प्रामाणिकता की रक्षा करते हुए कार्यक्षमता और सामुदायिक प्रासंगिकता की बहाली।</p>
<p>मह लका बाई बावड़ी — दृष्टि का समन्वय<br />GHMC में शहरी स्थिरता और नारायणपेट में ग्रामीण विरासत पुनर्जीवन के ये सभी अनुभव मह लका बाई बावड़ी के पुनर्स्थापन में सशक्त रूप से एकत्र हुए।<br />यहाँ विरासत संरक्षण बना:<br />•    स्थापत्य पुनरुद्धार<br />•    भूजल स्थिरता<br />•    शैक्षणिक विरासत स्थल<br />•    सामुदायिक सहयोग<br />आज यह एक जड़ स्मारक नहीं, बल्कि हैदराबाद के अतीत द्वारा भविष्य को पोषित करता जीवंत प्रतीक है।</p>
<p>विरासत के माध्यम से विकास की नई परिभाषा<br />हरि चंदना आईएएस को विशिष्ट बनाता है केवल परियोजनाओं की संख्या नहीं, बल्कि उनके पीछे की सोच।<br />उन्होंने दिखाया है कि:<br />•    विकास के लिए इतिहास का विनाश आवश्यक नहीं<br />•    विरासत स्थिरता की प्रेरक बन सकती है<br />•    शासन लोगों को अपनी जड़ों से फिर जोड़ सकता है<br />कंक्रीट विस्तार के इस दौर में, उनका कार्य सिद्ध करता है कि सच्ची प्रगति स्मृतियों को संजोते हुए भविष्य का निर्माण करती है।</p>
<p>शहर की गलियों से प्राचीन पत्थर की सीढ़ियों तक — बहती हुई विरासत<br />GHMC के तहत शहरी हैदराबाद से…<br />नारायणपेट की ग्रामीण बावड़ियों तक…<br />और उस्मानिया विश्वविद्यालय</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 15:42:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डेमोक्रेटिक संघ की चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल हुईं आईएएस हरि चंदना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना), जनवरी 29: लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूती देने और नागरिकों की भागीदारी को सशक्त बनाने के लिए कार्यरत सामाजिक सुधार संगठन डेमोक्रेटिक संघ ने आईएएस अधिकारी श्रीमती हरि चंदना को अपनी प्रतिष्ठित चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल किया है।</p><p> यह सम्मान उन्हें नागरिक-केंद्रित प्रशासन, सार्वजनिक नवाचार और समावेशी शासन व्यवस्था को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दिया गया है।<br /></p><p>डेमोक्रेटिक संघ की स्थापना सामाजिक कार्यकर्ता चैतन्य एमआरएसके और अभिनेत्री रेजिना कैसेंड्रा द्वारा की गई थी। संगठन हर वर्ष चेंज मेकर्स लिस्ट के माध्यम से उन व्यक्तियों और संस्थानों को पहचान देता है, जो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145300/ias-hari-chandana-joins-democratic-unions-change-makers-list-2025"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-01/b29012026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना), जनवरी 29: लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूती देने और नागरिकों की भागीदारी को सशक्त बनाने के लिए कार्यरत सामाजिक सुधार संगठन डेमोक्रेटिक संघ ने आईएएस अधिकारी श्रीमती हरि चंदना को अपनी प्रतिष्ठित चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल किया है।</p><p> यह सम्मान उन्हें नागरिक-केंद्रित प्रशासन, सार्वजनिक नवाचार और समावेशी शासन व्यवस्था को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दिया गया है।<br /></p><p>डेमोक्रेटिक संघ की स्थापना सामाजिक कार्यकर्ता चैतन्य एमआरएसके और अभिनेत्री रेजिना कैसेंड्रा द्वारा की गई थी। संगठन हर वर्ष चेंज मेकर्स लिस्ट के माध्यम से उन व्यक्तियों और संस्थानों को पहचान देता है, जो शासन, सार्वजनिक नीति, सतत विकास, व्यवसाय, प्रौद्योगिकी, कला, मीडिया और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य ऐसे नेतृत्व को सामने लाना है, जो केवल विचारों तक सीमित न होकर उन्हें ठोस परिणामों में बदलने की क्षमता रखता हो।<br /></p><p>चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 की घोषणा करते हुए डेमोक्रेटिक संघ के संस्थापक चैतन्य एमआरएसके ने कहा कि भारत इस समय एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है, जहां उसका लोकतांत्रिक भविष्य उन व्यक्तियों के हाथों में आकार ले रहा है, जो साहस, संवेदनशीलता और रचनात्मक सोच के साथ सार्वजनिक जीवन में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सूची उन लोगों को सम्मानित करने का प्रयास है, जिनका कार्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाता है।<br /></p><p>सह-संस्थापक रेजिना कैसेंड्रा ने कहा कि चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल सभी व्यक्तित्व एक ऐसे भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अधिक समावेशी, मानवीय और भविष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि इन व्यक्तियों की पहलें पारंपरिक प्रणालियों को नई दिशा देती हैं और बड़े स्तर पर सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करती हैं।<br /></p><p>आईएएस अधिकारी श्रीमती हरि चंदना को प्रशासन में लोगों को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। उन्होंने शासन को केवल नियमों और प्रक्रियाओं तक सीमित न रखते हुए उसे नागरिकों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया है। तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग के माध्यम से उन्होंने सरकारी सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने और सेवा वितरण को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।<br /></p><p>अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान श्रीमती हरि चंदना कई ऐसी पहलों से जुड़ी रही हैं, जिनका उद्देश्य जनसहभागिता को सरल बनाना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक उत्तरदायी बनाना और यह सुनिश्चित करना रहा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक सही समय पर पहुंचे। उनकी कार्यशैली को सक्रिय, समाधान-केंद्रित और नवाचार-प्रधान माना जाता है, जिसमें पारंपरिक शासन प्रणालियों को नागरिक-अनुकूल स्वरूप देने पर विशेष बल दिया गया है।<br /></p><p>डेमोक्रेटिक संघ द्वारा दिया गया यह सम्मान इस बात का संकेत है कि देश में अब ऐसे प्रशासकों को विशेष महत्व दिया जा रहा है, जो परंपरागत ढांचे से आगे बढ़कर दीर्घकालिक और संस्थागत सुधारों की दिशा में कार्य कर रहे हैं। चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 भारत में उभर रहे नेतृत्व की विविधता और गहराई को दर्शाती है और उन प्रयासों को मान्यता देती है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों को जमीनी स्तर पर साकार कर रहे हैं।<br /></p><p>डेमोक्रेटिक संघ ने यह भी घोषणा की है कि चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल चयनित व्यक्तियों को संगठन के वार्षिक फोरम के दौरान सम्मानित किया जाएगा। यह फोरम नीति-निर्माताओं, सामाजिक नेताओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और जागरूक नागरिकों को एक मंच पर लाकर भारत में लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा पर सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करता है।<br /></p><p>तेज़, पारदर्शी और मानवीय प्रशासन की बढ़ती सार्वजनिक अपेक्षाओं के बीच, आईएएस अधिकारी श्रीमती हरि चंदना जैसी अधिकारी एक नई पीढ़ी के चेंज मेकर्स का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो दृष्टि, प्रतिबद्धता और जवाबदेही के साथ शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145300/ias-hari-chandana-joins-democratic-unions-change-makers-list-2025</link>
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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 15:44:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चेंज मेकर’ IAS हरि चंदना को भारत की पहली व्हाट्सऐप-आधारित शिकायत निवारण प्रणाली के लिए सम्मानित किया गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, हैदराबाद की जिला कलेक्टर IAS हरि चंदना को हाल ही में प्रजा भवन में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क के हाथों सम्मानित किया गया।</p>
<p>यह सम्मान तेलंगाना राज्य में सार्वजनिक शिकायत निवारण के क्षेत्र में हैदराबाद जिले के सर्वोच्च प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया। इस सफलता के पीछे उनका क्रांतिकारी कदम — भारत की पहली व्हॉट्सऐप आधारित शिकायत निवारण प्रणाली — निर्णायक साबित हुआ है।</p>
<p>एक अग्रणी पहल: व्हॉट्सऐप प्रजावाणी</p>
<p>हालांकि सीएम प्रजावाणी और कलेक्टर प्रजावाणी जैसी पारंपरिक शिकायत निवारण व्यवस्थाएं पहले से मौजूद थीं, लेकिन हरि चंदना ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144929/change-maker-ias-hari-chandana-honored-for-indias-first-whatsapp-based"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b29122025-02.jpg" alt=""></a><br /><p>डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, हैदराबाद की जिला कलेक्टर IAS हरि चंदना को हाल ही में प्रजा भवन में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क के हाथों सम्मानित किया गया।</p>
<p>यह सम्मान तेलंगाना राज्य में सार्वजनिक शिकायत निवारण के क्षेत्र में हैदराबाद जिले के सर्वोच्च प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया। इस सफलता के पीछे उनका क्रांतिकारी कदम — भारत की पहली व्हॉट्सऐप आधारित शिकायत निवारण प्रणाली — निर्णायक साबित हुआ है।</p>
<p>एक अग्रणी पहल: व्हॉट्सऐप प्रजावाणी</p>
<p>हालांकि सीएम प्रजावाणी और कलेक्टर प्रजावाणी जैसी पारंपरिक शिकायत निवारण व्यवस्थाएं पहले से मौजूद थीं, लेकिन हरि चंदना ने महसूस किया कि शारीरिक सीमाएं और तकनीकी जटिलताएं कई कमजोर वर्गों को इन प्रक्रियाओं से दूर रखती हैं।</p>
<p>इसी चुनौती का समाधान निकालते हुए उन्होंने व्हॉट्सऐप प्रजावाणी (74166 87878) की शुरुआत की। इसके साथ ही हैदराबाद, देश का पहला जिला बन गया जिसने दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप को आधिकारिक शिकायत निवारण तंत्र से जोड़ा।</p>
<p>इस पहल का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों और दिव्यांग नागरिकों को सीधा और सरल सरकारी पहुंच उपलब्ध कराना था। घर बैठे आवेदन और दस्तावेज़ जमा करने की सुविधा देकर सरकारी दफ्तरों तक जाने की शारीरिक और आर्थिक बाधाओं को काफी हद तक समाप्त किया गया।</p>
<p>बढ़ी पहुंच, रिकॉर्ड भागीदारी</p>
<p>इस नवाचार का प्रभाव तुरंत और व्यापक रूप से देखने को मिला। जब सरकार “सिर्फ एक संदेश की दूरी पर” आ गई, तो शिकायतों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जो नागरिक पहले प्रक्रियाओं को जटिल या समय लेने वाला मानते थे, वे बड़ी संख्या में व्हॉट्सऐप के माध्यम से अपनी समस्याएं दर्ज कराने लगे।</p>
<p>शिकायतों की संख्या बढ़ने के बावजूद, सिस्टम की कार्यक्षमता बेहद प्रभावी बनी रही। हर संदेश स्वतः एक डिजिटल डैशबोर्ड पर दर्ज होता है, उसे एक यूनिक ट्रैकिंग आईडी मिलती है और की गई कार्रवाई की डिजिटल एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) सीधे नागरिक के मोबाइल पर भेजी जाती है। इस तकनीकी समन्वय ने प्रशासन की पारदर्शिता और तत्परता को पूरी तरह नया रूप दिया है।</p>
<p>‘पहली बार’ करने वाली पहलों की परंपरा और ‘चेंज मेकर’ पहचान</p>
<p>यह सम्मान IAS हरि चंदना की कई अग्रणी पहलों में से सिर्फ एक है। उनका प्रशासनिक सफर ऐसे नवाचारों से भरा रहा है जो “पहली बार” शुरू किए गए और आज राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बन चुके हैं। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भारत की पहली QR कोड आधारित फीडबैक प्रणाली शुरू की, साथ ही अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए सहयोग और संवाद पर आधारित सीनियर साथी कार्यक्रम की शुरुआत की।</p>
<p>गच्चीबावली में भारत का पहला पेट पार्क स्थापित करने से लेकर ग्रामीण कारीगरों के लिए आरुण्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शुरू करने तक, उनका काम हमेशा पारंपरिक प्रशासनिक सीमाओं से आगे रहा है। पुरानी समस्याओं के लिए नए और रचनात्मक समाधान खोजने की इसी सोच ने उन्हें जनता के बीच खास पहचान दिलाई है। यही कारण है कि लोग उन्हें स्नेहपूर्वक “द चेंज मेकर IAS ऑफिसर” कहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144929/change-maker-ias-hari-chandana-honored-for-indias-first-whatsapp-based</link>
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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 15:29:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवाचार की मिसाल: ‘चेंज मेकर’IAS हरि चंदना को भारत की पहली व्हाट्सऐप शिकायत व्यवस्था के लिए सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना) [भारत], 27 दिसंबर: डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तहत हैदराबाद की जिला कलेक्टर हरि चंदना को हाल ही में डिप्टी मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने प्रजा भवन में सम्मानित किया।</p>
<p>यह सम्मान तेलंगाना में जनता की शिकायतों का सबसे बेहतर समाधान करने वाले जिले के लिए दिया गया। इस सफलता के पीछे उनकी अनोखी पहल रही—भारत की पहली व्हाट्सऐप आधारित शिकायत निवारण प्रणाली।<br />एक नई पहल: व्हाट्सऐप प्रजावाणी</p>
<p>अब तक सीएम प्रजावाणी और कलेक्टर प्रजावाणी जैसे पारंपरिक प्लेटफॉर्म इस्तेमाल होते थे। लेकिन हरि चंदना ने समझा कि बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए दफ्तर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144893/change-maker-example-of-innovation-hari-chandana-honored-for-indias"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b29122025-02.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना) [भारत], 27 दिसंबर: डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तहत हैदराबाद की जिला कलेक्टर हरि चंदना को हाल ही में डिप्टी मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने प्रजा भवन में सम्मानित किया।</p>
<p>यह सम्मान तेलंगाना में जनता की शिकायतों का सबसे बेहतर समाधान करने वाले जिले के लिए दिया गया। इस सफलता के पीछे उनकी अनोखी पहल रही—भारत की पहली व्हाट्सऐप आधारित शिकायत निवारण प्रणाली।<br />एक नई पहल: व्हाट्सऐप प्रजावाणी</p>
<p>अब तक सीएम प्रजावाणी और कलेक्टर प्रजावाणी जैसे पारंपरिक प्लेटफॉर्म इस्तेमाल होते थे। लेकिन हरि चंदना ने समझा कि बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए दफ्तर तक आना या तकनीकी प्रक्रिया समझना आसान नहीं होता। इसी समस्या को हल करने के लिए उन्होंने व्हाट्सऐप प्रजावाणी (74166 87878) की शुरुआत की।</p>
<p>इसके जरिए हैदराबाद देश का पहला जिला बना, जहां सरकारी शिकायतें सीधे व्हाट्सऐप पर ली जाने लगीं। अब लोग घर बैठे ही अपनी शिकायत और जरूरी दस्तावेज भेज सकते हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है।<br />आसान पहुंच से बढ़ी लोगों की भागीदारी</p>
<p>इस पहल का असर तुरंत दिखा। सरकार अब सच में “एक मैसेज की दूरी” पर आ गई। बड़ी संख्या में लोगों ने इस सुविधा का इस्तेमाल करना शुरू किया, खासकर वे लोग जो पहले प्रक्रिया को मुश्किल मानते थे।</p>
<p>इतनी ज्यादा शिकायतें आने के बावजूद सिस्टम बहुत प्रभावी रहा। हर शिकायत डिजिटल सिस्टम में दर्ज होती है, उसे एक यूनिक ट्रैकिंग नंबर मिलता है और कार्रवाई की जानकारी (ATR) सीधे नागरिक के फोन पर भेजी जाती है। इससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।<br />‘चेंज मेकर’ की पहचान</p>
<p>यह सम्मान हरि चंदना के लिए पहला नहीं है। उनके करियर में कई ऐसी पहलें हैं जो देश में पहली बार शुरू हुईं। उन्होंने कलेक्टरेट में भारत का पहला QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम शुरू किया, जिससे कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ी।</p>
<p>उन्होंने सीनियर साथी कार्यक्रम की भी शुरुआत की, जो अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सहारा और साथ देता है। इसके अलावा गाचीबोवली में भारत का पहला पेट पार्क और ग्रामीण कारीगरों के लिए आरुण्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी उनकी ही देन है।</p>
<p>लगातार नई सोच और आसान समाधान लाने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें लोगों के दिलों में खास जगह दिलाई है। इसी वजह से लोग उन्हें प्यार से “द चेंज मेकर IAS ऑफिसर” कहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144893/change-maker-example-of-innovation-hari-chandana-honored-for-indias</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 14:40:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तेलंगाना: अभिनेत्री निधि अग्रवाल को कार्यक्रम में भीड़ ने घेरा, मॉल एवं आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 18 दिसंबर (भाषा) तेलंगाना के हैदराबाद में अभिनेता प्रभास की आगामी फिल्म ‘द राजा साहब’ के एक गाने के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान भीड़ ने अभिनेत्री निधि अग्रवाल को कथित तौर पर घेर लिया, जिसके बाद बृहस्पतिवार को मॉल प्रबंधन और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि मॉल प्रबंधन और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ बिना पूर्व अनुमति के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात को गाने के लॉन्च कार्यक्रम के लिए मॉल में बड़ी संख्या में प्रशंसक जमा हुए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144671/telangana-actress-nidhi-agarwal-was-surrounded-by-the-crowd-at"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/3864_bollywood-cinema-multiplex-theater1.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 18 दिसंबर (भाषा) तेलंगाना के हैदराबाद में अभिनेता प्रभास की आगामी फिल्म ‘द राजा साहब’ के एक गाने के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान भीड़ ने अभिनेत्री निधि अग्रवाल को कथित तौर पर घेर लिया, जिसके बाद बृहस्पतिवार को मॉल प्रबंधन और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि मॉल प्रबंधन और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ बिना पूर्व अनुमति के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात को गाने के लॉन्च कार्यक्रम के लिए मॉल में बड़ी संख्या में प्रशंसक जमा हुए थे।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि कार्यक्रम में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अभिनेत्री को परिसर से बाहर निकलते समय भीड़ ने घेर लिया।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, प्रशंसक तस्वीरें लेने के प्रयास में अभिनेत्री के चारों ओर जमा हो गए थे।</p>
<p>इस घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गए, जिनमें अभिनेत्री मॉल के बाहर निकलते समय भीड़ से घिरने के बाद परेशान और असहज दिखाई दे रही हैं।</p>
<p>बाद में सुरक्षाकर्मी उन्हें उनकी कार तक ले जाते नजर आए।</p>
<p>केपीएचबी थाने के एक अधिकारी ने बताया, “एक हस्ती को आमंत्रित किया गया था और बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मामला दर्ज कर लिया गया है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 15:21:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हैदराबाद में सार्वजनिक सेवा दक्षता के लिए देश की पहली क्यूआर कोड आधारित फीडबैक प्रणाली शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद (तेलंगाना) [भारत], 15 दिसंबर: सेवा वितरण और त्वरित प्रतिक्रिया में सुधार की दिशा में एक अग्रणी कदम उठाते हुए, हैदराबाद जिला कलेक्टर हरि चंदना आईएएस ने हैदराबाद कलेक्टरेट में क्यूआर कोड आधारित जन फीडबैक प्रणाली की शुरुआत की है।</p>
<p>यह पहल देश में अपनी तरह की पहली है, जो नागरिकों को प्राप्त सेवाओं के बारे में अपने अनुभव साझा करने और प्रतिक्रिया देने का एक सीधा और सुलभ माध्यम प्रदान करती है।</p>
<p>नव-प्रारंभ की गई यह प्रणाली नागरिकों और सेवा प्रदाताओं के बीच संचार को सरल और प्रभावी बनाने के लिए तैयार की गई है। क्यूआर कोड स्कैन करके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144630/countrys-first-qr-code-based-feedback-system-launched-in-hyderabad"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b16122025-02.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद (तेलंगाना) [भारत], 15 दिसंबर: सेवा वितरण और त्वरित प्रतिक्रिया में सुधार की दिशा में एक अग्रणी कदम उठाते हुए, हैदराबाद जिला कलेक्टर हरि चंदना आईएएस ने हैदराबाद कलेक्टरेट में क्यूआर कोड आधारित जन फीडबैक प्रणाली की शुरुआत की है।</p>
<p>यह पहल देश में अपनी तरह की पहली है, जो नागरिकों को प्राप्त सेवाओं के बारे में अपने अनुभव साझा करने और प्रतिक्रिया देने का एक सीधा और सुलभ माध्यम प्रदान करती है।</p>
<p>नव-प्रारंभ की गई यह प्रणाली नागरिकों और सेवा प्रदाताओं के बीच संचार को सरल और प्रभावी बनाने के लिए तैयार की गई है। क्यूआर कोड स्कैन करके आगंतुक तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कर सकते हैं, जिससे अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता और अपने प्रदर्शन पर रीयल-टाइम जानकारी प्राप्त होती है। यह व्यवस्था फीडबैक संग्रह से जुड़ी पुरानी समस्याओं—जैसे देरी, अक्षमता और पारदर्शिता की कमी—को दूर करने में सहायक होगी।</p>
<p>इस प्रणाली का एक प्रमुख लाभ यह है कि यह फीडबैक देने की प्रक्रिया को आसान और सभी के लिए सुलभ बनाती है। अब आगंतुकों को औपचारिक प्रक्रियाओं का इंतज़ार करने या जटिल फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है। क्यूआर कोड के माध्यम से वे अपनी शिकायत, सुझाव या सराहना तुरंत व्यक्त कर सकते हैं। यह प्रणाली स्मार्टफोन के साथ संगत है और इसके लिए किसी विशेष तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है, जिससे सभी आयु वर्ग और पृष्ठभूमि के लोग इसका उपयोग कर सकते हैं।</p>
<p>इस पहल का प्रभाव व्यापक होने की उम्मीद है। नागरिकों से सीधे फीडबैक मिलने से कर्मचारी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर सकेंगे, देरी कम होगी और सेवा की समग्र गुणवत्ता में सुधार होगा। फीडबैक प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाकर यह प्रणाली प्रशासनिक कार्यालय के सभी सदस्यों में अधिक जवाबदेही, दक्षता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देती है।</p>
<p>दक्षता के साथ-साथ, क्यूआर कोड फीडबैक प्रणाली सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने में प्रौद्योगिकी के उपयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। डिजिटल समाधान अपनाकर यह पहल दर्शाती है कि सरल तकनीकी उपकरण भी संचार की खाइयों को पाट सकते हैं, कार्यप्रवाह में सुधार कर सकते हैं और उत्तरदायित्व की संस्कृति विकसित कर सकते हैं।</p>
<p>रीयल-टाइम फीडबैक से बार-बार आने वाली समस्याओं की पहचान, सेवा गुणवत्ता की निगरानी और लक्षित सुधार संभव हो पाते हैं, जिससे सीधे तौर पर नागरिकों को लाभ मिलता है।</p>
<p>यह पहल अन्य कार्यालयों और संस्थानों के लिए भी एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करती है जो जवाबदेही और जन सहभागिता बढ़ाना चाहते हैं। सरल, पारदर्शी और प्रभावी फीडबैक तंत्र के माध्यम से हैदराबाद जिला यह दर्शाता है कि नवाचार किस प्रकार प्रशासन और जनता के बीच रोज़मर्रा के संवाद को बेहतर बना सकता है।</p>
<p>नागरिकों को अपने अनुभव साझा करने और सुधारों को प्रभावित करने का अवसर मिलता है, जिससे एक अधिक संवादात्मक और उत्तरदायी वातावरण बनता है।</p>
<p>क्यूआर कोड फीडबैक प्रणाली सामान्य टिप्पणियों और सुझावों से लेकर सेवा गुणवत्ता से संबंधित विशिष्ट शिकायतों तक, विभिन्न प्रकार के इनपुट को संभालने में सक्षम है। प्रत्येक प्रतिक्रिया को ट्रैक किया जाता है, जिससे कार्रवाई की निगरानी और परिणामों का मूल्यांकन किया जा सके।</p>
<p>समय के साथ यह प्रणाली रुझानों, पैटर्न और सुधार योग्य क्षेत्रों पर महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करेगी, जिससे सेवा सुधार के लिए डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाया जा सकेगा।</p>
<p>जनता के लिए यह पहल कार्यालय की संवेदनशीलता और प्रभावशीलता पर भरोसा बढ़ाती है। यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी शिकायत अनदेखी या विलंबित न हो और प्रत्येक फीडबैक को स्वीकार कर उस पर कार्रवाई की जाए। कर्मचारियों के लिए यह सहभागिता और जवाबदेही का नया स्तर स्थापित करती है, जो सक्रिय समस्या समाधान और निरंतर सुधार को प्रोत्साहित करती है।</p>
<p>इस फीडबैक प्रणाली की शुरुआत उपयोगकर्ता-केंद्रित सेवा मॉडल पर बढ़ते ज़ोर को दर्शाती है और यह दिखाती है कि सार्वजनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में तकनीक का व्यावहारिक उपयोग कैसे किया जा सकता है। उपयोगकर्ताओं और सेवा प्रदाताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित कर यह पहल पारदर्शिता, त्वरित प्रतिक्रिया और दक्षता को बढ़ावा देती है, जिससे सभी को लाभ होता है।</p>
<p>हैदराबाद कलेक्टरेट आने वाले आगंतुक कार्यालय परिसर में प्रमुख स्थानों पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर इस पहल में भाग ले सकते हैं। यह प्रणाली उपयोग में आसान और सभी के लिए सुलभ है, जिसके लिए केवल एक स्मार्टफोन की आवश्यकता होती है।</p>
<p>प्रक्रिया सुरक्षित है, चाहें तो गुमनाम रूप से भी फीडबैक दिया जा सकता है, और यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी सुझावों और प्रतिक्रियाओं को सेवा गुणवत्ता सुधार के लिए गंभीरता से लिया जाए।</p>
<p>संक्षेप में, क्यूआर कोड आधारित फीडबैक प्रणाली की शुरुआत सार्वजनिक सेवा की दक्षता और संवेदनशीलता को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह तकनीक का उपयोग करके संचार को अधिक सरल, तेज़ और पारदर्शी बनाती है, जिससे फीडबैक को सक्रिय रूप से एकत्रित, निगरानी और उस पर कार्रवाई की जा सके।</p>
<p>नागरिकों को अपने अनुभव और विचार साझा करने का अधिकार देकर यह पहल निरंतर सुधार और जवाबदेही की संस्कृति को प्रोत्साहित करती है और सेवा संचालन के लिए एक नया मानक स्थापित करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 16:42:59 +0530</pubDate>
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