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                <title>Iraq - Loktej</title>
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                <description>Iraq RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>इराक के किरकुक में जातीय हिंसा के बाद कर्फ्यू, तीन प्रदर्शनकारियों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">बगदाद, 03 सितंबर (हि.स.)। इराक में उत्तरी प्रांत के जातीय रूप से मिश्रित आबादी वाले शहर किरकुक में कुर्दिश और अरब निवासियों के बीच भड़की हिंसा में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह जातीय संघर्ष कुर्दों, अरबों और तुर्कमेनिस्तान के लोगों के बीच छिड़ा है। इस हिंसक संघर्ष के बाद किरकुक में कर्फ्यू लगा दिया गया है।<br /><br />स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में इराक के सुरक्षा बलों और पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार किरकुक को तेल का शहर भी कहा जाता है। यहां कई दिन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/95266/curfew-after-ethnic-violence-in-iraqs-kirkuk-three-protesters-killed"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-09/d03092023-03.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बगदाद, 03 सितंबर (हि.स.)। इराक में उत्तरी प्रांत के जातीय रूप से मिश्रित आबादी वाले शहर किरकुक में कुर्दिश और अरब निवासियों के बीच भड़की हिंसा में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह जातीय संघर्ष कुर्दों, अरबों और तुर्कमेनिस्तान के लोगों के बीच छिड़ा है। इस हिंसक संघर्ष के बाद किरकुक में कर्फ्यू लगा दिया गया है।<br /><br />स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में इराक के सुरक्षा बलों और पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार किरकुक को तेल का शहर भी कहा जाता है। यहां कई दिन से जातीय समूहों के बीच टकराव हो रहा है। शनिवार को हुई झड़प के दौरान तीन प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और 14 अन्य लोग घायल हो गए। इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने किरकुक कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Sun, 03 Sep 2023 19:18:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लोगों की जिद के सामने झुकी ईरान सरकार, इस नियम में होंगे बड़े बदलाव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान की सरकार ने दशकों पुराने हिजाब कानून को बदलने की बनाई मंशा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/84683/iran-government-bowed-down-to-people-s-insistence-there-will-be-major-changes-in-this-rule"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/4209_jpg202212042111110000.jpg" alt=""></a><br /><div>ईरान में दो महीने से चल रहे हिजाब विरोधी आंदोलन में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में ईरान की इस्लामिक सरकार लोगों की इस मांग के आगे घुटने टेकने को तैयार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने लोगों की इस मांग के आगे झुकने का मन बना लिया है और ईरान की सरकार ने दशकों पुराने इस कानून को बदलने का फैसला किया है। बता दें कि ईरान में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना जरूरी है और ऐसा नहीं करने पर उन पर मुकदमा चलाया जाता है।</div><div><br /></div><h2>पुलिस हिरासत में महसा अमिनी की मौत</h2><div><br /></div><div>आपको बता दें कि ये मामला तब शुरू हुआ जब कुर्द मूल की महसा अमिनी (22) की 16 सितंबर को पुलिस हिरासत में मौत हो गई। अपने हिजाब को हटाने के लिए हिरासत में लिए जाने के बाद महसा अमिनी को पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया गया था। हालांकि, ईरानी प्रशासन स्पष्ट करता रहा है कि महसा की मौत एक दुर्घटना थी।</div><div><span style="color:rgb(69,90,100);font-size:24px;"><br /></span></div><div><span style="color:rgb(69,90,100);font-size:24px;">आंदोलन अमेरिका और ब्रिटेन की साजिश</span><br /></div><div><br /></div><div>यह आंदोलन अमिनी की मृत्यु के बाद शुरू हुआ और न केवल ईरान बल्कि कई अन्य देशों में फैल गया। बता दें कि ईरान ने इस आंदोलन को अमेरिका और ब्रिटेन की साजिश बताया था। इस आंदोलन के दौरान महिलाओं ने अपना हिजाब उतार कर सरेआम जला दिया और इस दौरान कई जगहों पर पुलिस ने कार्रवाई भी की। इसकी वजह से कई लोगों की जान चली गई। हाल ही में ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद जफर मोंटाजेरी ने कहा कि संसद और न्यायपालिका दोनों ही इस मामले को सुलझाने के लिए काम कर रही हैं। एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अटॉर्नी जनरल ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस कानून में किन बदलावों पर विचार किया जा रहा है, लेकिन बुधवार को संसद के संस्कृति आयोग की बैठक हुई।</div><div><br /></div><h2>300 मारे गए और 14 हजार गिरफ्तार</h2><div><br /></div><div>बता दें कि अप्रैल 1983 से ईरान में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना जरूरी है। अमेरिकी-आधारित राजशाही को उखाड़ फेंकने के बाद, ईरान में इस्लामी क्रांति हुई और तब से हिजाब अनिवार्य हो गया है। तब से यह एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। एक तरफ रूढ़िवादी हैं जो इसे अनिवार्य करने के पक्ष में हैं और दूसरी तरफ सुधारवादी हैं जो इसके खिलाफ हैं। महसा अमिनी की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के बारे में बोलते हुए, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एक जनरल ने कहा कि महसा अमिनी की मौत पर विरोध प्रदर्शनों के कारण अब तक लगभग 300 लोगों की जान चली गई है, हालांकि कुछ मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि 448 से अधिक लोगों की जान चली गई है इसके अलावा यूएन राइट्स चीफ का कहना है कि ईरान में बच्चों और महिलाओं समेत 14 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।</div><div><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/84683/iran-government-bowed-down-to-people-s-insistence-there-will-be-major-changes-in-this-rule</link>
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                <pubDate>Sun, 04 Dec 2022 21:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वादी-ए-सलाम: दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान, 5 लाख से ज्यादा लोग है दफ़न</title>
                                    <description><![CDATA[<div>क्या आपको पता है कि दुनिया में सबसे बड़ा कब्रिस्तान कहा बनाया गए हैं? चलिए हम आपको बताते है। दुनिया में सबसे बड़ा कब्रिस्तान वादी-ए-सलाम है। शायद ही इससे बड़ा कोई कब्रिस्तान होगा। इराक के नजफ में वादी-ए-सलाम कब्रिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान है। इस कब्रिस्तान को शांति की घाटी भी कहा जाता है। यह शिया मुसलमानों के पवित्र शहर नजफ में स्थित है। वादी-ए-सलाम कब्रिस्तान 1,485.5 एकड़ या कहें 6 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां 5 लाख से ज्यादा लोगों को दफनाया गया है। इतने लोगों का कहना है कि यहां दबे मृतकों की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>क्या आपको पता है कि दुनिया में सबसे बड़ा कब्रिस्तान कहा बनाया गए हैं? चलिए हम आपको बताते है। दुनिया में सबसे बड़ा कब्रिस्तान वादी-ए-सलाम है। शायद ही इससे बड़ा कोई कब्रिस्तान होगा। इराक के नजफ में वादी-ए-सलाम कब्रिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान है। इस कब्रिस्तान को शांति की घाटी भी कहा जाता है। यह शिया मुसलमानों के पवित्र शहर नजफ में स्थित है। वादी-ए-सलाम कब्रिस्तान 1,485.5 एकड़ या कहें 6 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां 5 लाख से ज्यादा लोगों को दफनाया गया है। इतने लोगों का कहना है कि यहां दबे मृतकों की संख्या उससे कहीं ज्यादा है.</div><div>आपको बता दें कि नजफ में कब्रिस्तान भी हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। ये कब्रिस्तान चौथे सुन्नी खलीफा और पहले शिया इमाम इमाम अली इब्न अबी तालिब की दरगाह के पास स्थित है। इराक में कई शिया इमाम अली इब्न अबी तालिब की दरगाह के निकट होने के कारण वादी-ए-सलाम में खुद को दफनाने पर जोर देते हैं। इसके अलावा दुनिया भर के शिया समुदाय के लोग भी यहां दफन होना चाहते हैं।</div><div>हालांकि कब्रिस्तान में दफनाने का मतलब यहां मौजूद ताबूत में शवों को रखना है। कब्रिस्तान की देखभाल करने वाले लोगों के मुताबिक हर तहखाने में 50 लाशें रखी गई हैं। 14 से अधिक वर्षों में दफन लाखों कब्रों के कारण कब्रों को मापना लगभग असंभव है। यहां वर्तमान मकबरे ईंटों और प्लास्टर से बने हैं। इन मकबरों पर अक्सर कुरान की आयतों भी लिखी है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/80050/wadi-e-salaam-world-s-largest-cemetery-more-than-5-lakh-people-are-buried</link>
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                <pubDate>Thu, 29 Jul 2021 21:17:33 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इराक में कोविड अस्पताल में रखा ऑक्सीज़न सिलिंडर फटा, 60 से अधिक लोगों की हुई मौत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मुस्तफा -अल-क़दीमी ने जिम्मेदार लोगों को निलंबित कर गिरफ्तार करने के दिये आदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/84093/oxygen-cylinder-kept-in-kovid-hospital-in-iraq-explodes-more-than-60-people-died"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/7348_s4-130721.jpg" alt=""></a><br /><div>बगदाद, 13 जुलाई (आईएएनएस)| इराक के एक अस्पताल में कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड में आग लगने से 60 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई <span style="font-size:1rem;">लोग घायल है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी शहर नसीरिया के अल-हुसैन अस्पताल में लगी आग पर सोमवार देर रात काबू पा लिया गया।</span></div><div><span style="font-size:1rem;">आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चला है कि ऑक्सीजन टैंक में विस्फोट होने के चलते यह आग लगी है। </span><span style="font-size:1rem;">पत्रकारों ने इमारत से जले हुए शवों को बाहर निकाले जाने की बात कही है। बचावकर्मी अभी भी जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। </span><span style="font-size:1rem;">स्वास्थ्य अधिकारी हैदर अल-जमीली ने एक प्रमुख मीडिया आउटलेट को बताया, "आशंका जताई जा रही है कि लोग अभी भी वार्ड के अंदर फंसे हुए हैं, जिसमें कथित तौर पर 60 रोगियों के लिए जगह है।"  </span></div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Death toll in <a href="https://twitter.com/hashtag/Iraq?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Iraq</a>'s <a href="https://twitter.com/hashtag/coronavirus?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#coronavirus</a> hospital fire in Nassiriya city rises to 64, with nearly 70 people injured <a href="https://t.co/w0f3Gp72SD">https://t.co/w0f3Gp72SD</a> <a href="https://t.co/2FElYYuAmB">pic.twitter.com/2FElYYuAmB</a></p>— Arab News (@arabnews) <a href="https://twitter.com/arabnews/status/1414857219435372545?ref_src=twsrc%5Etfw">July 13, 2021</a></blockquote> <div><span style="font-size:1rem;">आग लगने के बाद प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अधिकारियों के इस्तीफे की मांग की। </span><span style="font-size:1rem;">इराक के संसद अध्यक्ष मोहम्मद अल-हलबौसी ने ट्वीट किया कि इस तरह से आग लगना इराकी लोगों के जीवन की रक्षा करने में विफलता का स्पष्ट प्रमाण है और यह इस विनाशकारी विफलता को समाप्त करने का समय है। प्रधानमंत्री मुस्तफा -अल-क़दीमी ने भी तुरंत ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कदम उठाते हुए स्वास्थ्य और नागरिक सुरक्षा प्रबंधको को निलंबित करने और गिरफ्तार करने के आदेश दिये है।</span><br /></div><div><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Tue, 13 Jul 2021 15:47:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया का पहला ऐसा नन्हा बच्चा जो तीन लिंगों के साथ पैदा हुआ!</title>
                                    <description><![CDATA[इराक के दंपति का बालक जन्मा तीन लिंग के साथ, दुनिया का संभावत पहला केस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><span style="font-size:1rem;">भगवान द्वारा बनाई गई इतनी बड़ी दुनिया में आए दिन कोई न कोई अजीब और अनोखी घटना हमें देखने मिलती ही रहती है। कुछ ऐसी ही घटना एक बार और सामने आई है, जब इराक के रहने वाले एक दंपत्ति ने के ऐसे बालक को जन्म दिया जो तीन लिंग के साथ पैदा हुआ। </span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">7न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे का जब जन्म हुआ तब माता-पिता को बच्चें के शुक्रकोश की थैली के पास कुछ सूजन जैसा लगा। जब वहां मौजूद डॉक्टरों ने इस पर ध्यान दिया तो पता चला की वह स्किन प्रोजेकशंस, मतलब की शरीर में से ही निकले हुये अंग थे। इसके बाद सभी डॉक्टरों ने उन स्किन प्रोजेकशंस की अच्छे से जांच की जिसमें पता चला की बच्चे को तीन लिंग थे। जिसमें दूसरा लिंग पहले लिंग से जुड़ा हुआ था और लगभग 2 cm का था, वही तीसरा लिंग उसके शुक्रकोष की थैली के नीचे लगभग 1 cm जितना था। तीनों लिंग एक दूसरे से जुड़े थे, हालांकि इन सभी का मूत्र मार्ग अलग अलग नहीं था। </span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">डॉक्टरों ने बताया की इस तरह का पूरी दुनिया में संभवत पहला ही केस है। आज तक ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है। इसके अलावा बालक पूरी तरह से स्वस्थ है। डोकटरों ने कहा की इसके पहले कई बार एक साथ दो लिंग के साथ बालक के पैदा होने की खबर आई है। हालांकि इसकी संभावना भी काफी कम है। हर 5 से 6 मिलियन बालको में एक बालक दो लिंग के साथ पैदा होता है। पर तीन लिंग के साथ किसी बालक के पैदा होने की यह पहली घटना है। </span><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/79514/the-world-s-first-youngest-child-born-with-three-sexes</link>
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                <pubDate>Sat, 03 Apr 2021 21:07:36 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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