<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/5311/varanasi" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Varanasi - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/5311/rss</link>
                <description>Varanasi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी रोड शो करते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, बटुकों ने शंखनाद से किया स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी, 29 अप्रैल (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र काशी में दौरे के दूसरे दिन बुधवार को रोड शो करते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। जगह-जगह काशीवासियों और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत किया।</p>
<p>दूसरी ओर, बंगाल में आज दूसरे चरण का मतदान जारी है। ऐसे में प्रधानमंत्री का श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन विशेष माना जा रहा है। श्री विश्वनाथ धाम में डमरुओं की गूंज और बटुकों ने शंखनाद के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146854/batukas-welcomed-shri-kashi-vishwanath-temple-with-conch-sound-while"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/5265_narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी, 29 अप्रैल (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र काशी में दौरे के दूसरे दिन बुधवार को रोड शो करते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। जगह-जगह काशीवासियों और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ उनका भव्य स्वागत किया।</p>
<p>दूसरी ओर, बंगाल में आज दूसरे चरण का मतदान जारी है। ऐसे में प्रधानमंत्री का श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन विशेष माना जा रहा है। श्री विश्वनाथ धाम में डमरुओं की गूंज और बटुकों ने शंखनाद के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन कर रहे हैं।</p>
<p>भाजपा ने बरेका से काशी विश्वनाथ मंदिर मार्ग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए पांच पॉइंट बनाए गये थे। इन पांच पॉइंट्स पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर उनका स्वागत किया।</p>
<p>इन पांचों पॉइंट्स पर मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं काशी की जनता उपस्थित रहे। ये मुख्य पॉइंट मंडुआडीह, पुलिस लाइन, लहुराबीर, मैदागिन, चौक और काशी विश्वनाथ मंदिर गेट थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146854/batukas-welcomed-shri-kashi-vishwanath-temple-with-conch-sound-while</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/146854/batukas-welcomed-shri-kashi-vishwanath-temple-with-conch-sound-while</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:09:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-09/5265_narendra-modi.jpg"                         length="36157"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी और तमिलनाडु के बीच ज्ञान का एक सेतु बना : धर्मेंद्र प्रधान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी, दो दिसंबर (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को नाम लिए बिना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना साधा और कहा कि तमिलनाडु में कुछ दोस्त अपने मामूली राजनीतिक फायदे के लिए भाषा के बहाने बंटवारा करना चाहते हैं।</p>
<p>प्रधान ने वाराणसी में ‘काशी तमिल संगमम 4.0’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज काशी तमिल संगमम एक जन आंदोलन बन गया है और न केवल तमिलनाडु बल्कि दूसरी राज्यों में भी लोग काशी तमिल संगमम के नए सत्र का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p>केंद्रीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144369/pradhan-becomes-a-bridge-of-knowledge-between-kashi-and-tamil"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d14062024-01-dharmendra-pradhan.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी, दो दिसंबर (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को नाम लिए बिना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना साधा और कहा कि तमिलनाडु में कुछ दोस्त अपने मामूली राजनीतिक फायदे के लिए भाषा के बहाने बंटवारा करना चाहते हैं।</p>
<p>प्रधान ने वाराणसी में ‘काशी तमिल संगमम 4.0’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज काशी तमिल संगमम एक जन आंदोलन बन गया है और न केवल तमिलनाडु बल्कि दूसरी राज्यों में भी लोग काशी तमिल संगमम के नए सत्र का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा, “तमिलनाडु में कुछ दोस्त अपने मामूली राजनीतिक फायदे के लिए भाषा के बहाने बंटवारा करना चाहते हैं। मैं बहुत विनम्रता से, हर साल तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखता हूं और उनसे कहता हूं कि कृपया काशी तमिल संगमम के उद्घाटन कार्यक्रम में आएं। आप खुद देखें कि तमिलनाडु के मेरे युवा दोस्त कैसे सभ्यता का जश्न मना रहे हैं। सभ्यता की कोई सीमा नहीं होती।”</p>
<p>प्रधान ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साफ तौर पर कहा है कि संस्कृत की तरह तमिल भी इंसानी सभ्यता की मुख्य भाषा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “भाषाओं के बीच कोई रुकावट नहीं है। वे महसूस कर सकती हैं, वे बात कर सकती हैं, वे समझ सकती हैं, वे एक-दूसरे से बातचीत कर सकती हैं। अपने फायदों की वजह से उनके बीच रुकावट पैदा हुई। काशी तमिल संगमम के उद्घाटन कार्यक्रम में मैं तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री, आदरणीय स्टालिन को फिर से न्योता देता हूं, कृपया काशी तमिल संगमम आएं।”</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने ऋषि अगस्त्य का जिक्र करते हुए कहा कि ऋषि अगस्त्य हिमालय से तमिलनाडु गए थे और वे तमिल व्याकरण व तमिलनाडु की सिद्ध मेडिसिन के दिग्गज हैं।</p>
<p>प्रधान ने जोर देकर कहा, “यही रुकावट है। आप बनावटी फूट और रुकावट नहीं डाल सकते। आप अपनी राजनीति में सफल हो सकते हैं लेकिन आप समाज को नहीं बांट सकते।”</p>
<p>केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं कि सभी भारतीय भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं। जब वे ऐसी बातें कहते हैं, तो यह सिर्फ भाषण नहीं होता, यह एक प्रतिबद्धता होती है। आज हम मानते हैं कि बहु भाषाई हमारी ताकत है।”</p>
<p>इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में काशी और तमिलनाडु के बीच ज्ञान के एक सेतु का निर्माण हुआ है।</p>
<p>‘काशी तमिल संगमम 4.0’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "यह पवित्रता का शहर है, ज्ञान का शहर है। भारतीय सभ्यता के इन दो हिस्सों के बीच सदियों पुराना रिश्ता है। अगर आप तमिलनाडु के किसी भी मंदिर में जाएंगे, तो आपको तमिलनाडु के सभी मंदिरों में काशी विश्वनाथ के विग्रह की प्रतिकृति देखने को मिलेगी।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि सदियों पहले दोनों तरफ से तीर्थयात्रा शुरू हुई थी।</p>
<p>प्रधान ने कहा, “देश के इस हिस्से में रामेश्वरम के लिए एक खास जगह है। देश के दक्षिणी हिस्से में, खासकर तमिलनाडु जैसे राज्य में, काशी विश्वनाथ की एक खास जगह है। यह हमारी सभ्यता की खासियत है, यह हमारी विविधता की खासियत है। विविधता ही हमारी ताकत है।”</p>
<p>इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, “2022 से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण, हमने काशी और तमिलनाडु के बीच ज्ञान का एक सेतु बनाया है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144369/pradhan-becomes-a-bridge-of-knowledge-between-kashi-and-tamil</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/144369/pradhan-becomes-a-bridge-of-knowledge-between-kashi-and-tamil</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 21:18:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-06/d14062024-01-dharmendra-pradhan.jpg"                         length="55670"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी में दीपावली पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ धाम को सुगंधित फूलों और रोशनी से सजाया गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी (उप्र), 18 अक्टूबर (भाषा) वाराणसी में दीपावली की तैयारियां शुरू हो गई हैं और इस कड़ी में बाबा श्री काशी विश्वनाथ धाम को सुगंधित फूलों और रंगीन रोशनी से सजाया गया है।</p>
<p>श्री काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि इस बार छह दिवसीय दीप ज्योति पर्व के लिए परिसर में कई क्विंटल सुगंधित पुष्पों की खुशबू के बीच विद्युत झालरों की चमक भक्तों को अपूर्व, अलौकिक और आध्यात्मिक अनुभव कराएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अनेक प्रकार के रंग-बिरंगे और बाबा को प्रिय सुगंधित पुष्पों से धाम परिसर को सजाया गया है। दरबार में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143664/shri-kashi-vishwanath-dham-was-decorated-with-fragrant-flowers-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-03/varanasi-banaras.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी (उप्र), 18 अक्टूबर (भाषा) वाराणसी में दीपावली की तैयारियां शुरू हो गई हैं और इस कड़ी में बाबा श्री काशी विश्वनाथ धाम को सुगंधित फूलों और रंगीन रोशनी से सजाया गया है।</p>
<p>श्री काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि इस बार छह दिवसीय दीप ज्योति पर्व के लिए परिसर में कई क्विंटल सुगंधित पुष्पों की खुशबू के बीच विद्युत झालरों की चमक भक्तों को अपूर्व, अलौकिक और आध्यात्मिक अनुभव कराएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अनेक प्रकार के रंग-बिरंगे और बाबा को प्रिय सुगंधित पुष्पों से धाम परिसर को सजाया गया है। दरबार में पूरे छह दिन तक विविध धार्मिक-सांस्कृतिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>मिश्र ने बताया कि धनतेरस के दिन से ही बाबा धाम स्थित मां अन्नपूर्णा का दरबार को भव्य रूप दिया गया है। दीपावली के दिन दीप मालिकाओं से बाबा का परिसर जगमगाएगा और इसी दिन मंदिर चौक में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p>मिश्र ने यह भी बताया कि अन्नकूट महोत्सव पर 56 भोग के लिए 14 क्विंटल मिठाइयों और अन्य व्यंजनों का चढ़ावा रखा जाएगा। इसके लिए अनेक प्रकार की मिठाइयां जैसे विभिन्न प्रकार के लड्डू और नमकीन, मठरी आदि मंदिर प्रशासन स्वयं बनवाएगा, जबकि अन्य मिठाइयां काशी की विश्वसनीय दुकानों से भी मंगाई जाएंगी।</p>
<p>महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि आगामी दीपावली, छठ पूजा एवं देव दीपावली के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का सर्वेक्षण करने के उद्देश्य से अस्सी घाट से राजघाट तक निरीक्षण किया गया।</p>
<p>उन्होंने संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और व्यवस्थापन से जुड़ी सभी तैयारियों को समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को त्योहारी माहौल में सुगमता और सौंदर्य का अनुभव हो सके।</p>
<p>प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने दीपावली के दौरान ग्रीन पटाखों की बिक्री और इनके इस्तेमाल की अनुमति दी है। बोर्ड ने आदेश दिया है कि 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक ग्रीन पटाखों की बिक्री की इजाजत होगी। इसके अलावा, ग्रीन पटाखे के इस्तेमाल का समय शाम छह बजे से रात 10 बजे तक रहेगा।</p>
<p>ग्रीन पटाखे ऐसे पटाखे होते हैं जो सामान्य पटाखों की तुलना में पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाते हैं। इनमें एलुमिनियम, पोटैशियम नाइट्रेट और सल्फर जैसे हानिकारक रसायनों की मात्रा या तो बहुत कम होती है या बिल्कुल नहीं होती।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143664/shri-kashi-vishwanath-dham-was-decorated-with-fragrant-flowers-and</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/143664/shri-kashi-vishwanath-dham-was-decorated-with-fragrant-flowers-and</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 14:52:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-03/varanasi-banaras.jpg"                         length="116404"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुरु पूर्णिमा पर अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी में उमड़े श्रद्धालु, लगाई आस्था की डुबकी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आज देश भर से श्रद्धा, भक्ति और आस्था की तस्वीरें सामने आईं। अयोध्या का सरयू तट हो, प्रयागराज का त्रिवेणी संगम या काशी का गंगा घाट, हर जगह श्रद्धालु उमड़ पड़े। स्नान, पूजन और गुरु वंदना के माध्यम से लोगों ने अपने श्रद्धाभाव को प्रकट किया।</p>
<p>अयोध्या धाम में इस बार गुरु पूर्णिमा का पर्व बेहद भव्य और ऐतिहासिक रहा। सरयू नदी के पवित्र घाटों पर श्रद्धालु तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही जुटने लगे। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्नान कर मां सरयू का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141825/devotees-gathered-in-ayodhya-prayagraj-and-varanasi-on-guru-purnima"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-01/ganga-vilas.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आज देश भर से श्रद्धा, भक्ति और आस्था की तस्वीरें सामने आईं। अयोध्या का सरयू तट हो, प्रयागराज का त्रिवेणी संगम या काशी का गंगा घाट, हर जगह श्रद्धालु उमड़ पड़े। स्नान, पूजन और गुरु वंदना के माध्यम से लोगों ने अपने श्रद्धाभाव को प्रकट किया।</p>
<p>अयोध्या धाम में इस बार गुरु पूर्णिमा का पर्व बेहद भव्य और ऐतिहासिक रहा। सरयू नदी के पवित्र घाटों पर श्रद्धालु तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही जुटने लगे। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्नान कर मां सरयू का आशीर्वाद लिया। इसके बाद श्रद्धालु मठ-मंदिरों में पहुंचकर अपने गुरुओं के दर्शन व आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए। चारों ओर हर-हर महादेव और जय गुरु देव के जयकारे गूंजते रहे।</p>
<p>प्रयागराज में भी गुरु पूर्णिमा पर भक्तों का जनसैलाब त्रिवेणी संगम पर उमड़ा। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर पुण्य लाभ कमा रहे हैं। स्नान के बाद लोग दान-दक्षिणा देकर अपने मठों और संतों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से ही त्रिवेणी की पावन धारा में आस्था की डुबकी लगाने के साथ-साथ दान पूर्ण कर रहे हैं। प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए। घाटों पर पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती रही।</p>
<p>श्रद्धालु राकेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन गंगा में डुबकी लगाकर मां गंगा का आशीर्वाद लिया और पंडित जी को दान-दक्षिणा दी। अब अपने संत-महात्माओं से आशीर्वाद लेंगे और सत्संग में भाग लेंगे। वहीं, एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि गुरु पूर्णिमा आत्मा की जागृति का दिन है। गुरु ही वह शक्ति है जो हमें परमात्मा से जोड़ती है और सही मार्ग दिखाती है।</p>
<p>गुरु पूर्णिमा को लेकर पुरोहित गोपाल दास ने कहा कि गुरु की महिमा का उत्सव मनाने का दिन ही गुरु पूर्णिमा है। गुरु ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग दिखाते हैं।</p>
<p>अयोध्या और प्रयागराज के अलावा, वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और घाट की सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं, लेकिन श्रद्धा में कोई कमी नहीं दिखी। लोग सुरक्षित स्थानों से गंगा स्नान कर रहे थे। कई श्रद्धालु पानी में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देते और गंगा जल से पूजन करते नजर आए। प्रशासन ने यहां भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर रखे हैं। एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें भी सतर्क रहीं। बनारस में स्नान के बाद श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए निकल पड़े।</p>
<p>मध्य प्रदेश के विदिशा से आए जय राम पटेल ने कहा कि हम गुरु पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने आए हैं। इसके बाद बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। वहीं, कमलेश मिश्रा ने कहा कि काशी का महत्व अवर्णनीय है। यह हमारा सौभाग्य है कि हम यहां आकर स्नान कर सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141825/devotees-gathered-in-ayodhya-prayagraj-and-varanasi-on-guru-purnima</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/141825/devotees-gathered-in-ayodhya-prayagraj-and-varanasi-on-guru-purnima</guid>
                <pubDate>Thu, 10 Jul 2025 16:10:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-01/ganga-vilas.jpg"                         length="74360"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात योग गुरु स्वामी शिवानंद का निधन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी (उप्र), चार मई (भाषा) पद्मश्री से सम्मानित वाराणसी निवासी प्रख्यात योग गुरु स्वामी शिवानंद का निधन हो गया। वह 128 वर्ष के थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।</p>
<p>बाबा शिवानंद के शिष्यों ने बताया कि अस्वस्थ होने के कारण उन्हें 30 अप्रैल को काशी हिंदू विश्वविद्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया था और शनिवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली।</p>
<p>उन्होंने बताया कि योग गुरु का अंतिम संस्कार रविवार शाम को किया जाएगा। श्रद्धांजलि देने के लिए बाबा शिवानंद के पार्थिव शरीर को कबीरनगर कॉलोनी स्थित उनके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140555/eminent-yoga-guru-swami-shivanand-who-was-awarded-padma-shri"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/k04052025-195759.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी (उप्र), चार मई (भाषा) पद्मश्री से सम्मानित वाराणसी निवासी प्रख्यात योग गुरु स्वामी शिवानंद का निधन हो गया। वह 128 वर्ष के थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।</p>
<p>बाबा शिवानंद के शिष्यों ने बताया कि अस्वस्थ होने के कारण उन्हें 30 अप्रैल को काशी हिंदू विश्वविद्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया था और शनिवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली।</p>
<p>उन्होंने बताया कि योग गुरु का अंतिम संस्कार रविवार शाम को किया जाएगा। श्रद्धांजलि देने के लिए बाबा शिवानंद के पार्थिव शरीर को कबीरनगर कॉलोनी स्थित उनके आवास पर रखा गया है।</p>
<p>शिष्यों ने बताया कि वर्तमान में बांग्लादेश के श्रीहट्ट जिले में आठ अगस्त 1896 को शिवानंद का जन्म हुआ था और बाबा शिवानंद जब छह साल के थे तभी उनके माता-पिता की भूख के कारण मृत्यु हो गई थी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि तब से वह आधा पेट ही भोजन करते थे। शिवानंद बाबा के माता-पिता के मौत के बाद उनकी जिम्मेदारी ओंकारनंद ने अपने ऊपर ले ली। इन्हीं के पास रह कर शिवानंद बाबा ने ज्ञान और शिक्षा ग्रहण की।</p>
<p>योग गुरु के शिष्यों ने बताया कि बाबा शिवानंद को 2022 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि बाबा की दिनचर्या और खानपान ही उनकी उम्र का राज था। वह नियमित रूप से तड़के तीन बजे उठ जाते थे और योग करते थे। वह अपना सारा काम खुद करते थे। वह केवल उबला हुआ भोजन करते थे और चटाई पर सोते थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने योग गुरु के निधन पर शोक प्रकट करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘योग साधक और काशी निवासी शिवानंद बाबा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। योग और साधना को समर्पित उनका जीवन देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। योग के जरिए समाज की सेवा के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित भी किया गया था।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘शिवानंद बाबा का शिवलोक प्रयाण हम सब काशीवासियों और उनसे प्रेरणा लेने वाले करोड़ों लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं इस दुःख की घड़ी में उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।’’</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘योग के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान देने वाले काशी के प्रख्यात योग गुरु ‘पद्मश्री’ स्वामी शिवानंद जी का निधन अत्यंत दुःखद है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!’’</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आपकी साधना एवं योगमय जीवन संपूर्ण समाज के लिए महान प्रेरणा है। आपने अपना पूरा जीवन योग के विस्तार में समर्पित कर दिया। बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं उनके शोकाकुल अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140555/eminent-yoga-guru-swami-shivanand-who-was-awarded-padma-shri</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140555/eminent-yoga-guru-swami-shivanand-who-was-awarded-padma-shri</guid>
                <pubDate>Sun, 04 May 2025 19:58:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-05/k04052025-195759.jpg"                         length="78405"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकास और विरासत साथ लेकर चल रहा है नया भारत: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी, 11 अप्रैल (वेब वार्ता)। विरोधी दलों पर परोक्ष रुप से परिवारवाद का पोषक होने का आरोप लगाते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले दस वर्षों में दुनिया में देश की पहचान बदली है और आज का भारत विकास और विरासत को साथ लेकर चल रहा है।</p>
<p>अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से पूर्वांचल के लिये 3,900 करोड़ रुपये की 44 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद  मोदी ने राजा के तालाब के मेहंदीगंज में एक जनसभा को संबोधित करते हुये कहा, “महात्मा ज्योतिबा फुले जैसे त्यागी, तपस्वी, महापुरुषों की प्रेरणा से ही देशसेवा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140030/new-india-is-going-on-with-development-and-heritage"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-03/varanasi-banaras.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी, 11 अप्रैल (वेब वार्ता)। विरोधी दलों पर परोक्ष रुप से परिवारवाद का पोषक होने का आरोप लगाते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले दस वर्षों में दुनिया में देश की पहचान बदली है और आज का भारत विकास और विरासत को साथ लेकर चल रहा है।</p>
<p>अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से पूर्वांचल के लिये 3,900 करोड़ रुपये की 44 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद  मोदी ने राजा के तालाब के मेहंदीगंज में एक जनसभा को संबोधित करते हुये कहा, “महात्मा ज्योतिबा फुले जैसे त्यागी, तपस्वी, महापुरुषों की प्रेरणा से ही देशसेवा का हमारा मंत्र रहा है, सबका साथ-सबका विकास। हम देश के लिए उस विचार को लेकर चलते हैं, जिसका समर्पित भाव है, सबका साथ-सबका विकास। जो लोग सत्ता हथियाने के लिए दिन रात-खेल खेलते रहते हैं, उनका सिद्धांत है, परिवार का साथ-परिवार का विकास।”</p>
<p>उन्होने कहा, “आज सामाजिक चेतना के प्रतीक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती भी है। महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले जी ने जीवन भर नारीशक्ति के हित, उनके आत्मविश्वास और समाज कल्याण के लिए काम किया। आज हम उनके विचारों को, उनके संकल्पों को, नारी सशक्तिकरण के उनके आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं, नई उर्जा दे रहे हैं।”</p>
<p>मोदी ने कहा, “आज भारत, दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। 10 साल में, दूध के उत्पादन में करीब 65 प्रतिशत वृद्धि हुई है। ये सफलता देश के करोड़ों किसानों की है, देश के पशुपालक भाइयों की है। ये सफलता एक दिन में नहीं मिली है, बीते 10 वर्षों से हम देश के पूरे डेयरी सेक्टर को मिशन मोड से आगे बढ़ा रहे हैं। हमने पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी है, उनके लिए लोन की सीमा बढ़ाई है, सब्सिडी की व्यवस्था की है और खुरपका और मुंहपका से पशुधन को बचाने के लिए मुफ्त वैक्सीन प्रोग्राम चलाया जा रहा है।”</p>
<p>उन्होने कहा कि बीते 10 वर्षों में बनारस के विकास ने एक नई गति पकड़ी है। काशी ने आधुनिक समय को साधा है, विरासत को संजोया है और भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में मजबूत कदम रखे हैं। आज काशी सिर्फ पुरातन नहीं, प्रगतिशील भी है। वास्तव में आज की काशी पूर्वांचल के विकास के रथ को खींच रही है। ”</p>
<p>पूर्वांचल में चिकित्सा सुविधाओं की बेहतरी के लिये सरकार के प्रयासों को गिनाते हुये उन्होने कहा, “10-11 साल पहले, पूरे पूर्वांचल में इलाज को लेकर जो परेशानियां थीं, वो भी हम जानते हैं। आज स्थितियां अलग हैं, मेरी काशी अब आरोग्य की राजधानी भी बन रही है। दिल्ली-मुंबई के बड़े-बड़े अस्पताल आज आपके घर के पास आ गए हैं। यही तो विकास है, जहां सुविधाएं लोगों के पास आती हैं।</p>
<p>अब इलाज के लिए जमीन बेचने की जरूरत नहीं, अब इलाज के लिए कर्ज लेने की जरूरत नहीं, अब इलाज के लिए दर-दर भटकने की जरूरत नहीं, आयुष्मान कार्ड से आपके इलाज का पैसा अब सरकार देगी । जब आपने हमें तीसरी बार आशीर्वाद दिया, तब हमने भी सेवक के रूप में स्नेह स्वरूप अपने कर्तव्य को निभाया है। मेरी गारंटी थी, बुजुर्गों का इलाज मुफ्त होगा, इसकी का परिणाम है, आयुष्मान वय वंदना योजना। ये योजना बुजुर्गों के इलाज के साथ ही उनके सम्मान के लिए है।”</p>
<p>प्रधानमंत्री ने वाराणसी के बदलते स्वरुप को लेकर कहा, “आज काशी होकर जो भी जाता है, वो यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर की, यहां की सुविधाओं की बहुत प्रशंसा करता है। हर दिन लाखों लोग बनारस आते हैं, बाबा विश्वनाथ का दर्शन करते हैं, मां गंगा में स्नान करते हैं। हर यात्री कहता है- बनारस, बहुत बदल गया है।</p>
<p>भारत आज विकास और विरासत, दोनों को एक साथ लेकर चल रहा है। इसका सबसे बढ़िया मॉडल हमारी काशी बन रही है। यहां गंगा का प्रवाह है और भारत की चेतना का भी प्रवाह है।”</p>
<p>मोदी ने कहा, “कल हनुमान जन्मोत्सव का पावन दिन है और आज मुझे संकटमोचन महाराज की काशी में आपके दर्शन का सौभाग्य मिला है। हनुमान जन्मोत्सव से पहले काशी की जनता आज विकास का उत्सव मनाने यहां एकत्र हुई है।”</p>
<p>मोदी की जनसभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा दोनो उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक मौजूद थे। इनके अलावा बनास डेयरी के चेयरमैन और गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी भी मंच पर थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री 1629.13 करोड़ रुपये की 19 योजनाएं का उद्घाटन और 2255.05 करोड़ रुपये की 25 योजनाएं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होने बनास (अमूल) से जुड़े प्रदेश के लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों को 106 करोड़ रुपये का बोनस भी ट्रांसफर किये। श्री मोदी ने तीन जीआई को सर्टिफिकेट और 70 वर्ष से अधिक आयु के तीन बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140030/new-india-is-going-on-with-development-and-heritage</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140030/new-india-is-going-on-with-development-and-heritage</guid>
                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 14:55:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-03/varanasi-banaras.jpg"                         length="116404"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी पहुंचे, अधिकारियों से सामूहिक बलात्कार मामले में सख्त कार्रवाई करने को कहा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी (उप्र),11 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार की सुबह वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे और अपने संसदीय क्षेत्र में हुई सामूहिक बलात्कार की एक घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।</p>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार के एक बयान में यह जानकारी दी गई।</p>
<p>इस बयान में कहा गया है कि वाराणसी में हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री को पुलिस आयुक्त, संभागीय आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट ने शहर में हाल ही में हुई बलात्कार की घटना के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>बयान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140023/prime-minister-modi-asked-officers-who-reached-varanasi-to-take"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी (उप्र),11 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार की सुबह वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे और अपने संसदीय क्षेत्र में हुई सामूहिक बलात्कार की एक घटना के बारे में विस्तृत जानकारी ली। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।</p>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार के एक बयान में यह जानकारी दी गई।</p>
<p>इस बयान में कहा गया है कि वाराणसी में हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री को पुलिस आयुक्त, संभागीय आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट ने शहर में हाल ही में हुई बलात्कार की घटना के बारे में जानकारी दी।</p>
<p>बयान के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया।’’</p>
<p>यह मामला 19 वर्षीय युवती के साथ छह दिनों में 23 व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किए जाने का है।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता को नशीला पदार्थ दिया, उसे विभिन्न होटलों में ले जाया गया जहां उसके साथ बलात्कार किया गया।</p>
<p>एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा था कि छह दिनों में 23 लोगों द्वारा 19 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।</p>
<p>अपर पुलिस आयुक्त, (छावनी) विदुष सक्सेना ने कहा था कि मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है ।</p>
<p>उन्होंने कहा, "पुलिस की टीमें अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए खोजबीन कर रही हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"</p>
<p>सक्सेना ने कहा कि बलात्कार पीड़िता ठीक है और पुलिस उसके परिवार के सदस्यों के संपर्क में है। पीड़िता के परिवार के सदस्यों ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया।</p>
<p>पीड़िता की मां ने कहा, "आपको जो भी जानकारी चाहिए, आप पुलिस से बात कर सकते हैं और थाने से ले सकते हैं।"</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि महिला 29 मार्च को कुछ युवकों के साथ बाहर गई थी। 4 अप्रैल को जब वह घर नहीं लौटी तो उसके परिवार ने शिकायत दर्ज कराई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140023/prime-minister-modi-asked-officers-who-reached-varanasi-to-take</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140023/prime-minister-modi-asked-officers-who-reached-varanasi-to-take</guid>
                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 13:06:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-06/narendra-modi.jpg"                         length="147631"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 50वां वाराणसी दौरा, भव्य स्वागत की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का 50वां दौरा करने जा रहे हैं। इस खास मौके पर वे काशीवासियों को 3,884 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसमें 1,629 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाओं का लोकार्पण और 2,255 करोड़ रुपये की 25 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को लेकर वाराणसी में उत्साह का माहौल है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके भव्य स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में मेहंदीगंज में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140000/prime-minister-narendra-modis-50th-visit-to-varanasi-preparations-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/5265_narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का 50वां दौरा करने जा रहे हैं। इस खास मौके पर वे काशीवासियों को 3,884 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसमें 1,629 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाओं का लोकार्पण और 2,255 करोड़ रुपये की 25 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को लेकर वाराणसी में उत्साह का माहौल है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके भव्य स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में मेहंदीगंज में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस जनसभा में लगभग 50 हजार लोग उनके संबोधन को सुनने के लिए मौजूद रहेंगे।</p>
<p>स्थानीय प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसकी तैयारियां जोर-शोर से की हैं। जनसभा स्थल पर भीड़ प्रबंधन, बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस ने संपूर्ण क्षेत्र में चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की है ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।</p>
<p>भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह 50वां दौरा उनके काशी के प्रति समर्पण को दर्शाता है। स्थानीय सांसद के रूप में नरेंद्र मोदी ने वाराणसी को न केवल विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, बल्कि इसे एक मॉडल क्षेत्र के रूप में भी स्थापित किया है। कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोग बड़ी संख्या में जनसभा में शामिल होने के लिए तैयार हैं।</p>
<p>काशी भाजपा के महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि कार्यकर्ता होल्डिंग, बैनर, ढोल-नगाड़ों और सजावट के साथ प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत करने को तैयार हैं। देश की आजादी के बाद किसी भी प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र का इतना दौरा नहीं किया, जितना हमारे प्रधानमंत्री जी काशी की चिंता करते हैं और लगातार यहां आते हैं। उनका यह 50वां आगमन काशी के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। इस दौरे पर 3,887 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास होगा, जो काशी के विकास को नई गति देगा। भाजपा कार्यकर्ता इस मौके को उत्सव के रूप में मना रहे हैं।</p>
<p>अग्रहरि ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा काशी से स्वच्छता अभियान की शुरुआत को याद करते हुए कार्यकर्ताओं ने स्वच्छता को संकल्प के रूप में अपनाया है। हम एक पखवाड़े का स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। चूंकि प्रधानमंत्री मोदी को स्वच्छता बहुत पसंद है, हम उन्हें उपहार स्वरूप स्वच्छ काशी प्रदान करेंगे। कार्यकर्ता साफ-सफाई के साथ-साथ शहर को सजाने में जुटे हैं ताकि प्रधानमंत्री के स्वागत में कोई कमी न रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140000/prime-minister-narendra-modis-50th-visit-to-varanasi-preparations-for</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140000/prime-minister-narendra-modis-50th-visit-to-varanasi-preparations-for</guid>
                <pubDate>Thu, 10 Apr 2025 15:43:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-09/5265_narendra-modi.jpg"                         length="36157"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काशी विश्वनाथ का संघ प्रमुख मोहन भागवत ने किया अभिषेक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत काशी प्रवास के तीसरे दिन शनिवार को काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ और काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के दरबार में पहुंचे।</p>
<p>संघ प्रमुख ने काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में बैठ कर बाबा के पावन ज्योर्तिलिंग का मंत्रोंच्चार के बीच अभिषेक किया। मंदिर के पुजारियों ने संघ प्रमुख को विधि विधान से बाबा का दर्शन पूजन कराया। संघ प्रमुख ने विश्वनाथ धाम का भी भ्रमण किया। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध रहे।</p>
<p>संघ प्रमुख इसके बाद कालभैरव मंदिर में पहुंचे और बाबा के विग्रह की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139874/sangh-chief-mohan-bhagwat-did-abhishek-of-kashi-vishwanath"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/lord-bhagvan-shiva-shivaji-bholenath.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत काशी प्रवास के तीसरे दिन शनिवार को काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ और काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के दरबार में पहुंचे।</p>
<p>संघ प्रमुख ने काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में बैठ कर बाबा के पावन ज्योर्तिलिंग का मंत्रोंच्चार के बीच अभिषेक किया। मंदिर के पुजारियों ने संघ प्रमुख को विधि विधान से बाबा का दर्शन पूजन कराया। संघ प्रमुख ने विश्वनाथ धाम का भी भ्रमण किया। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध रहे।</p>
<p>संघ प्रमुख इसके बाद कालभैरव मंदिर में पहुंचे और बाबा के विग्रह की विधिवत आरती उतारी। इस दौरान मंदिर और कालभैरव मार्ग पर सुरक्षा की किलेबंदी की गई थी। दर्शन पूजन के दौरान संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल, काशी प्रांत प्रचारक रमेश व अन्य पदाधिकारियों के साथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण,पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल भी मौजूद रहे।</p>
<p>यहां के बाद संघ प्रमुख तुलसीपुर महमूरगंज स्थित निवेदिता शिक्षा सदन में लौटे। यहां वे प्रबुद्धजन संग भी अलग-अलग बैठक कर संवाद करेंगे। छह अप्रैल को संघ प्रमुख मलदहिया लाजपत नगर जाएंगे और शाखा में शामिल होंगे। इसके बाद शहर के प्रबुद्धजनों से मिलेंगे। शाम को प्रांत टोली के साथ बैठक होगी। सात अप्रैल को लखनऊ के लिए प्रस्थान करने से पहले काशी प्रांत के अनुभवी कार्यकर्ताओं की टोली के साथ बैठक कर उनका मार्गदर्शन देंगे। इसके बाद प्रांत टोली के साथ भी बैठक कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/139874/sangh-chief-mohan-bhagwat-did-abhishek-of-kashi-vishwanath</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/139874/sangh-chief-mohan-bhagwat-did-abhishek-of-kashi-vishwanath</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 20:45:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/lord-bhagvan-shiva-shivaji-bholenath.jpg"                         length="166623"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ के अवधि में श्री काशी विश्वनाथ धाम में वर्चुअल रियलिटी से दर्शन का टूटा रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वाराणसी </span><span lang="hi" xml:lang="hi">(वेब वार्ता)। महाकुंभ की अवधि के दौरान श्री काशी विश्वनाथ धाम में वर्चुअल दर्शन पूजन के भी सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए। धाम में महाकुंभ के समय दर्शन पूजन का नया रिकॉर्ड बना है। काशी विश्वनाथ धाम में जहां लगभग तीन करोड़ श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रविवार को काशी विश्वनाथ धाम में स्थित दुर्लभ दर्शन केंद्र और दिव्य दर्शन केंद्र ने वर्चुअल दर्शन का आंकड़ा जारी किया। दुर्लभ दर्शन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार पूरे जनवरी और फरवरी माह के साथ महाकुंभ के</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/138824/darshans-broken-record-with-virtual-reality-in-shri-kashi-vishwanath"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-03/varanasi-banaras.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वाराणसी </span><span lang="hi" xml:lang="hi">(वेब वार्ता)। महाकुंभ की अवधि के दौरान श्री काशी विश्वनाथ धाम में वर्चुअल दर्शन पूजन के भी सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए। धाम में महाकुंभ के समय दर्शन पूजन का नया रिकॉर्ड बना है। काशी विश्वनाथ धाम में जहां लगभग तीन करोड़ श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रविवार को काशी विश्वनाथ धाम में स्थित दुर्लभ दर्शन केंद्र और दिव्य दर्शन केंद्र ने वर्चुअल दर्शन का आंकड़ा जारी किया। दुर्लभ दर्शन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार पूरे जनवरी और फरवरी माह के साथ महाकुंभ के अवधि में कुल </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">50,993</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> श्रद्धालुओं ने वर्चुअल रियलिटी(वीआर) के माध्यम से बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। वहीं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दिव्य दर्शन केंद्र के अनुसार कुल </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">10,566</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> श्रद्धालुओं ने वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">महाशिवरात्रि पर्व पर काशी विश्वनाथ धाम में विशेष पूजा का आयोजन किया गया। इसमें </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">20—22</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> फरवरी तक धाम स्थित प्रधान विग्रहों पर त्रिदिवसीय रुद्राभिषेक किया गया। इस महापर्व में याजक की भूमिका का निर्वहन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अफसरों ने निभाया। </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">20</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> फरवरी को प्रात:काल चंद्रगुप्तेश्वर महादेव</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मनोकामेश्वर महादेव</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अविमुक्तेश्वर महादेव</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तारकेश्वर महादेव</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नवग्रह मंडप</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बैकुंठेश्वर महादेव और दण्डपाणीश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया गया। </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">21</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> फरवरी को अमृतेश्वर महादेव</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नीलकंठेश्वर महादेव</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बालमुकुंदेश्वर महादेव</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मान्धातेश्वर महादेव</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और गंगेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक संपन्न किया गया। </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">22</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> फरवरी को त्रिसंधेश्वर महादेव और कुबेरेश्वर महादेव का शास्त्रोक्त विधि से रुद्राभिषेक किया गया। महाशिवरात्रि पर्व पर धाम स्थित अविमुक्तेश्वर महादेव (गुरु बाबा) विग्रह सहित सभी प्रधान विग्रहों पर भी रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">गुलाब की </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">11</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> क्विंटल पंखुड़ियों का हुआ उपयोग </span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">धाम में माह जनवरी और फरवरी में पड़ने वाले विशिष्ट पर्वों वसंत पंचमी</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री राम प्राण प्रतिष्ठा उत्सव और महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम की सजावट में कुल लगभग </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">14</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार मालाओं का उपयोग किया गया। इन पर्वों के दौरान धाम को भव्य रूप से सजाया गया</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे श्रद्धालुओं को एक दिव्य अनुभव प्राप्त हुआ। महाशिवरात्रि पर्व पर ही धाम के मुख्य प्रवेश द्वार (द्वार संख्या-</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">04) </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से नागा सन्यासियों के आगमन पर</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उनके स्वागत के लिए लगभग </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">11</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> क्विंटल गुलाब की पंखुड़ियों का उपयोग किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">वीडियो जारी हुए </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">482</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे महाकुम्भ पर्व (जनवरी-फरवरी) के दौरान</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से निरंतर सूचनाएं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अच्छे कार्यों से संबंधित पोस्ट</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बाबा विश्वनाथ की समस्त आरतियां</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">धाम में पधारे दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्थाओं से संबंधित विचार और अन्य महत्वपूर्ण पोस्ट जारी किए गए। कुल दो माह (जनवरी-फरवरी) के दौरान लगभग </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">482</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> अपडेट्स जारी किए गए</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">228</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> वीडियो अपडेट्स शामिल थे। इन </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">228</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> वीडियो अपडेट्स में </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">34</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> वीडियो दर्शनार्थियों द्वारा प्रशासन के बारे में विचार है। इसमें फेसबुक पेज पर </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">482</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> पोस्ट</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इंस्टाग्राम पर </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">480</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> पोस्ट एवं एक्स पर </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">474</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> पोस्ट की गईं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/138824/darshans-broken-record-with-virtual-reality-in-shri-kashi-vishwanath</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/138824/darshans-broken-record-with-virtual-reality-in-shri-kashi-vishwanath</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 12:35:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-03/varanasi-banaras.jpg"                         length="116404"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में 11.69 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाराणसी, 27 फरवरी (भाषा) महाशिवरात्रि के मौके पर वाराणसी में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा और इस धार्मिक नगरी में बुधवार को 11.69 लाख से अधिक लोगों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। बृहस्पतिवार को यहां जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन उपाय और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की। काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की देखरेख में निर्बाध दर्शन सुनिश्चित करने के लिए सुगम व्यवस्था की गई।</p>
<p>बयान के मुताबिक, महाशिवरात्रि के मौके पर बुधवार को सुबह से ही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/138084/more-than-11-69-lakh-devotees-offered-prayers-at-kashi-vishwanath-temple-on-mahashivaratri"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/2638_ujjain-mahakal-mandir-temple.jpg" alt=""></a><br /><p>वाराणसी, 27 फरवरी (भाषा) महाशिवरात्रि के मौके पर वाराणसी में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा और इस धार्मिक नगरी में बुधवार को 11.69 लाख से अधिक लोगों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। बृहस्पतिवार को यहां जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन उपाय और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की। काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की देखरेख में निर्बाध दर्शन सुनिश्चित करने के लिए सुगम व्यवस्था की गई।</p>
<p>बयान के मुताबिक, महाशिवरात्रि के मौके पर बुधवार को सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।</p>
<p>इसमें कहा गया है, “महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर में 11.69 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। जबकि, फरवरी के महीने में औसतन पांच से छह लाख श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं।”</p>
<p>बयान के अनुसार, “महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ पारंपरिक जलाभिषेक किया। इस अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम और गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे वातावरण दिव्य हो गया।”</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/138084/more-than-11-69-lakh-devotees-offered-prayers-at-kashi-vishwanath-temple-on-mahashivaratri</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/138084/more-than-11-69-lakh-devotees-offered-prayers-at-kashi-vishwanath-temple-on-mahashivaratri</guid>
                <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 16:40:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-03/2638_ujjain-mahakal-mandir-temple.jpg"                         length="87764"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ नगर की ओर जाने वाली सारी सड़कें जाम, काशी और अयोध्या में भी मुश्किल हालात</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाकुंभ नगर/वाराणसी/अयोध्या, 10 फरवरी (भाषा) महाकुंभ में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने और भारी भीड़ से निपटने के लिये रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं के वास्ते कई नयी व्यवस्थाएं की हैं। कई क्षेत्रों में व्यापक जाम और अन्य परेशानियों के बावजूद महाकुंभ नगर तथा वाराणसी में लोगों के पहुंचने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।</p>
<p>महाकुंभ में स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाराणसी और अयोध्या में दर्शन करने के लिये कूच कर रहे हैं। इससे इन दोनों नगरों की भी यातायात व्यवस्था चरमरा गयी है।</p>
<p>प्रयागराज के सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) शैलेंद्र सिंह ने बताया कि महाकुंभ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/131800/all-roads-leading-to-mahakumbh-nagar-are-also-difficult-situation-in-jam--kashi-and-ayodhya"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-01/first-bath-mahakumbh-2025.jpg" alt=""></a><br /><p>महाकुंभ नगर/वाराणसी/अयोध्या, 10 फरवरी (भाषा) महाकुंभ में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने और भारी भीड़ से निपटने के लिये रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं के वास्ते कई नयी व्यवस्थाएं की हैं। कई क्षेत्रों में व्यापक जाम और अन्य परेशानियों के बावजूद महाकुंभ नगर तथा वाराणसी में लोगों के पहुंचने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।</p>
<p>महाकुंभ में स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाराणसी और अयोध्या में दर्शन करने के लिये कूच कर रहे हैं। इससे इन दोनों नगरों की भी यातायात व्यवस्था चरमरा गयी है।</p>
<p>प्रयागराज के सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) शैलेंद्र सिंह ने बताया कि महाकुंभ मेले से निकलने वाली ज्यादातर भीड़ काशी और अयोध्या वाले मार्ग की ओर जा रही है।</p>
<p>सरकार के मुताबिक, महाकुंभ में प्रतिदिन औसतन 1.44 करोड़ लोग स्नान कर रहे हैं।</p>
<p>एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रयागराज स्टेशन के बाहर मौजूद भारी भीड़ की वजह से स्टेशन से बाहर निकलने वाले श्रद्धालुओं को हो रही असुविधा के चलते उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का प्रयागराज संगम स्टेशन 9 फरवरी को अपराह्न 1:30 बजे से 14 फरवरी के रात्रि 12:00 बजे तक यात्री आवागमन के लिए अस्थायी तौर पर बंद किया गया है।</p>
<p>महाकुंभ क्षेत्र में आने वाले अन्य आठ स्टेशनों से हालांकि नियमित और स्पेशल ट्रेनों का परिचालन सामान्य रूप से हो रहा है।</p>
<p>प्रयागराज के अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) कुलदीप सिंह ने बताया कि पिछले (2019) कुंभ में इतनी भीड़ नहीं आई थी खासकर सामान्य दिनों में, लेकिन इस बार सामान्य दिनों में इतनी अधिक भीड़ आ रही है जिससे यातायात जाम की स्थिति बनी है।</p>
<p>संगम में डुबकी लगाने बेटे के साथ रांची से सोमवार को प्रयागराज पहुंचीं डाक्टर सुषमा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “संगम में स्नान करने और मेला घूमने के बाद हम काशी जाकर भगवान भोले बाबा के दर्शन करेंगे और इसके बाद हमारी योजना अयोध्या जाने की है।”</p>
<p>इस बीच, अयोध्या से प्राप्त खबरों के मुताबिक प्रयागराज महाकुंभ से स्नान करने के बाद लाखों श्रद्धालुओं को रेला अयोध्या की तरफ बढ़ रहा है। जबर्दस्त भीड़ की वजह से अयोध्या की ओर जाने वाली सभी सड़कें कई किलोमीटर तक जाम हैं।</p>
<p>अयोध्या को जोड़ने वाले छह राष्ट्रीय राजमार्गों पर विभिन्न बैरिकेडिंग पर तैनात अधिकारियों ने 'पीटीआई—भाषा' को बताया कि लखनऊ, सुलतानपुर, रायबरेली, गोरखपुर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ से अयोध्या की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है। यहां तक कि दो पहिया वाहन भी रेंगते दिख रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अयोध्या शहर से लगभग 20 किलोमीटर पहले ही यातायात को मजबूरन प्रतिबंधित कर दिया गया है।</p>
<p>अयोध्या के साकेत डिग्री कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य वी. एन. अरोड़ा ने बताया, ''मुझे लखनऊ से फैजाबाद पहुंचने में लगभग आठ घंटे लगे।''</p>
<p>अयोध्या नगर के रायगंज क्षेत्र निवासी जितेन्द्र गुप्ता ने बताया कि ''अयोध्या में उमड़ रही भीड़ की वजह से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों की शिक्षण गतिविधियां भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल बसें, ई-बसें और ऑटो नहीं चलने के कारण अयोध्या नगर में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं 45 दिनों से स्कूल-कॉलेज नहीं जा पा रहे हैं।''</p>
<p>अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने बताया कि भीड़ कम होने पर ही व्यवस्था सामान्य हो पाएगी।</p>
<p>वाराणसी से मिली खबर के अनुसार काशी में बड़े पैमाने पर आ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा शहर में कई जगह चार पहिया वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है। बाहरी वाहनों को वाराणसी के बाहर ही रोक दिया जा रहा।</p>
<p>पुलिस उपायुक्त (काशी जोन) गौरव बंसवाल ने बताया, ‘‘भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई मार्गों पर चार पहिया वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से भीड भाड़ वाले स्थानों पर नजर रखी जा रही है।’’</p>
<p>पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं के हुजूम को देखते हुए कई जगह मार्ग परिवर्तन किया गया है।</p>
<p>वाराणसी में भारी भीड़ के बावजूद वहां जाने को लेकर लोगों का उत्साह कम नहीं हो रहा। मुंबई से महाकुंभ में आए निशांत अभिषेक ने कहा, “सुनने में आया है कि प्रयागराज के अलावा काशी और अयोध्या में भी भारी भीड़ है। इसके बावजूद हम आज काशी के लिए निकल रहे हैं। हम अयोध्या जी भी जाएंगे।”</p>
<p>काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है। मंदिर प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन करीब चार से छह लाख भक्त बाबा के दर्शन के लिये पहुंच रहे हैं।</p>
<p>सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नौ फरवरी तक प्रयागराज महाकुंभ में 43.57 करोड़ से अधिक लोग गंगा और संगम में स्नान कर चुके हैं। 10 फरवरी को सुबह 10 बजे तक 63 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/131800/all-roads-leading-to-mahakumbh-nagar-are-also-difficult-situation-in-jam--kashi-and-ayodhya</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/131800/all-roads-leading-to-mahakumbh-nagar-are-also-difficult-situation-in-jam--kashi-and-ayodhya</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 15:50:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-01/first-bath-mahakumbh-2025.jpg"                         length="223437"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        