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                <title>Stock Market - Loktej</title>
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                <description>Stock Market RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बेहतरीन IPO चुनने की पूरी गाइड - सही निवेश के लिए आपका रोडमैप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शेयर बाजार हमेशा नए अवसरों से भरा रहता है, और IPO निवेश आपकी संपत्ति तेजी से बढ़ाने के सबसे शानदार तरीकों में से एक है। हालांकि, किसी भी रिटेल निवेशक (छोटे निवेशक) के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह जानना है कि बाजार में आने वाले इतने सारे नए विकल्पों में से कौन सा IPO खरीदने के लिए सबसे अच्छा है (which IPO is best to buy)। बिना सही रिसर्च के निवेश करने से आपकी पूंजी डूबने का खतरा रहता है।<br /><br />वर्तमान में निवेश के लिए सबसे अच्छा IPO (best IPO to invest now) चुनने पर आधारित यह विस्तृत गाइड आपको</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147210/the-complete-guide-to-choosing-the-best-ipo-your"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-05/k20052026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>शेयर बाजार हमेशा नए अवसरों से भरा रहता है, और IPO निवेश आपकी संपत्ति तेजी से बढ़ाने के सबसे शानदार तरीकों में से एक है। हालांकि, किसी भी रिटेल निवेशक (छोटे निवेशक) के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह जानना है कि बाजार में आने वाले इतने सारे नए विकल्पों में से कौन सा IPO खरीदने के लिए सबसे अच्छा है (which IPO is best to buy)। बिना सही रिसर्च के निवेश करने से आपकी पूंजी डूबने का खतरा रहता है।<br /><br />वर्तमान में निवेश के लिए सबसे अच्छा IPO (best IPO to invest now) चुनने पर आधारित यह विस्तृत गाइड आपको सही जानकारी और रणनीति देने के लिए बनाई गई है। इसमें हम उन जरूरी पैमानों पर बात करेंगे जिनसे आप नई कंपनियों का सही मूल्यांकन कर सकते हैं। साथ ही, हम यह भी जानेंगे कि <a href="https://ipoindex.in/"><strong>IPO INDEX</strong></a> जैसा प्लेटफॉर्म आपकी रिसर्च को कैसे आसान और सटीक बना सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं।<br /><br /><strong>मूल बातें: IPO क्या है?</strong><br /><br />IPO (Initial Public Offering) या आरंभिक सार्वजनिक निर्गम वह प्रक्रिया है जिसके तहत कोई निजी कंपनी पहली बार आम जनता (पब्लिक) को अपने शेयर ऑफर करती है। प्राइवेट से पब्लिक कंपनी बनने की इस प्रक्रिया के जरिए कंपनी संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) और आम रिटेल निवेशकों से पूंजी जुटाती है। इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक दस्तावेजों में दी जाती है। IPO INDEX जैसे प्लेटफॉर्म इसी डेटा को इकट्ठा करके आपको यह तय करने में मदद करते हैं कि आपके लिए कौन सा IPO सबसे अच्छा रहेगा।<br /><br /><strong>कंपनियाँ IPO क्यों लाती हैं?</strong><br /><br />किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले यह जानना जरूरी है कि वह पैसे क्यों जुटा रही है:<br /><br />●    कारोबार के विस्तार के लिए: बैंक से महंगा लोन लेने के बजाय, नई फैक्ट्रियां लगाने, नए बाजारों में उतरने या रिसर्च के लिए बड़ी पूंजी जुटाने का यह एक शानदार तरीका है।<br />●    निवेशकों को एग्जिट देने के लिए: एंजेल निवेशक या वेंचर कैपिटलिस्ट (शुरुआती निवेशक) IPO के जरिए अपने शेयर बेचकर मुनाफा कमाते हैं।<br />●    ब्रांड की पहचान बढ़ाने के लिए: BSE या NSE जैसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होने से मीडिया कवरेज मिलती है, जिससे ग्राहकों और पार्टनर्स के बीच कंपनी का भरोसा बढ़ता है।<br />●    सही वैल्यूएशन जानने के लिए: शेयर बाजार में डिमांड और सप्लाई के आधार पर कंपनी की असली कीमत (Valuation) तय होती है।<br /><br /><strong>IPO में निवेश क्यों करें? (फायदे)</strong><br /><br />निवेशक हमेशा सबसे बेहतरीन IPO की तलाश में रहते हैं क्योंकि इसमें कई खास वित्तीय फायदे छिपे होते हैं:<br /><br />●    शानदार लिस्टिंग गेन्स (Listing Gains): जब किसी IPO की बाजार में भारी डिमांड होती है, तो उसके शेयर इश्यू प्राइस से काफी अधिक कीमत पर शेयर बाजार में लिस्ट होते हैं। इससे निवेशकों को लिस्टिंग वाले दिन ही बड़ा मुनाफा मिल सकता है।<br />●    शुरुआती चरण में निवेश का मौका: IPO आपको किसी अच्छी कंपनी के शुरुआती ग्रोथ फेज में जुड़ने का मौका देता है। अगर कंपनी का बिजनेस मजबूत है, तो लंबे समय में यह आपको कई गुना रिटर्न दे सकता है।<br />●    सभी के लिए समान अवसर: रिटेल कैटेगरी में सभी को एक तय प्राइस बैंड पर शेयर मिलते हैं। बड़े संस्थानों को कोई खास छूट नहीं मिलती, जिससे छोटे निवेशकों को भी बराबरी का मौका मिलता है।<br />●    पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन: IPO अक्सर नए और उभरते हुए सेक्टर्स (जैसे- ग्रीन एनर्जी, ई-कॉमर्स, AI) से आते हैं। इन्हें अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने से निवेश का रिस्क कम होता है।<br /><br /><strong>कैसे तय करें कि कौन सा IPO खरीदने के लिए सबसे अच्छा है?</strong><br /><br />बाजार की भीड़ और शोर-शराबे से बचकर सही IPO चुनना जरूरी है। इसके लिए आपको डेटा और फंडामेंटल एनालिसिस का सहारा लेना चाहिए। IPO INDEX आपको नीचे दिए गए पैमानों की तुलना करने में मदद करता है:<br /><br />●    बिजनेस मॉडल और वित्तीय स्थिति (Financials): कंपनी पैसे कैसे कमा रही है, यह समझना सबसे जरूरी है। पिछले 3 से 5 साल की बैलेंस शीट देखें। अगर कंपनी का रेवेन्यू (आय) और प्रॉफिट लगातार बढ़ रहा है, तो यह एक अच्छा संकेत है।<br />●    फंड का इस्तेमाल (Objects of the Issue): कंपनी आपके पैसों का क्या करेगी? अगर पैसे बिजनेस बढ़ाने में लगने वाले हैं, तो अच्छा है। लेकिन अगर सारा पैसा सिर्फ पुराने कर्ज चुकाने या प्रमोटर्स के शेयर बेचने (OFS) में जा रहा है, तो सावधान रहें।<br />●    प्रमोटर और मैनेजमेंट की जांच: किसी भी बिजनेस की सफलता उसे चलाने वालों पर निर्भर करती है। कंपनी के संस्थापकों का अनुभव और उनका पिछला ट्रैक रिकॉर्ड जरूर चेक करें।<br />●    वैल्यूएशन की तुलना (Valuation Metrics): कंपनी के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो की तुलना उसी सेक्टर की दूसरी लिस्टेड कंपनियों से करें। अगर IPO बहुत ज्यादा महंगा (Overvalued) है, तो लिस्टिंग के बाद मुनाफा कमाने की गुंजाइश कम रह जाती है।<br />●    संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी (QIB Subscription): QIB (Qualified Institutional Buyers) बड़े प्रोफेशनल निवेशक होते हैं। अगर बोली के आखिरी दिन QIB कैटेगरी में भारी सब्सक्रिप्शन आता है, तो इसका मतलब है कि एक्सपर्ट्स को इस कंपनी में दम नजर आ रहा है।<br />●    ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नज़र: GMP लिस्टिंग से पहले शेयरों की अनौपचारिक डिमांड को दर्शाता है। हालांकि यह एक अच्छा संकेत है, लेकिन निवेश का फैसला सिर्फ GMP देखकर नहीं, बल्कि कंपनी के फंडामेंटल्स देखकर करना चाहिए।<br /><br /><strong>IPO में निवेश करते समय इन गलतियों से बचें</strong><br /><br />बाजार के उत्साह में अक्सर लोग गलतियां कर बैठते हैं। इन नियमों का पालन कर अपनी पूंजी सुरक्षित रखें:<br /><br />●    मार्केटिंग के झांसे में न आएं: अखबारों के बड़े विज्ञापन और सोशल मीडिया ट्रेंड्स अक्सर पीआर (PR) एजेंसियों द्वारा बनाए जाते हैं। केवल वित्तीय डेटा और RHP (Red Herring Prospectus) पर भरोसा करें।<br />●    रिस्क फैक्टर (Risk Factors) को नजरअंदाज न करें: IPO के दस्तावेजों में 'रिस्क फैक्टर' का एक सेक्शन होता है जो बिजनेस से जुड़े खतरों को बताता है। IPO INDEX आपको इन खतरों का आसान और छोटा सारांश (Summary) देता है, इसे जरूर पढ़ें।<br />●    कंपनी के कर्ज (Debt) को चेक करना न भूलें: जिस कंपनी पर बहुत ज्यादा कर्ज होता है, उसे मुनाफा कमाने में मुश्किल होती है। हमेशा कंपनी के डेट-टू-इक्विटी (Debt-to-Equity) रेश्यो की जांच करें। एक ही IPO में अपना सारा पैसा लगाने के बजाय अलग-अलग IPO में थोड़ा-थोड़ा निवेश करें।<br /><br /><strong>IPO INDEX: सही जानकारी के लिए आपका बेहतरीन साथी</strong></p>
<p>शेयर बाजार के जटिल आंकड़ों को समझना मुश्किल हो सकता है, लेकिन IPO INDEX आपके लिए इस काम को बेहद आसान बना देता है। यह प्लेटफॉर्म निवेशकों को आने वाले IPO, लाइव सब्सक्रिप्शन स्टेटस और ग्रे मार्केट ट्रेंड्स की रियल-टाइम जानकारी देता है। चाहे आप नए निवेशक हों या अनुभवी, IPO INDEX की मदद से आप आसानी से यह तय कर सकते हैं कि निवेश के लिए कौन सा IPO सबसे अच्छा है।<br /><br /><strong>निष्कर्ष</strong><br /><br />यह तय करना कि कौन सा IPO खरीदने के लिए सबसे अच्छा है, पूरी तरह से आपकी रिसर्च और अनुशासन पर निर्भर करता है। सिर्फ बाजार के उत्साह (Hype) में बहने के बजाय कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य, मैनेजमेंट और सही वैल्यूएशन पर ध्यान दें। IPO INDEX जैसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके आप सही डेटा पा सकते हैं और समय के साथ एक मजबूत व मुनाफे वाला पोर्टफोलियो बना सकते हैं।<br /><br /><strong>अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)</strong><br /><br /><strong>रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) क्या है?</strong><br />RHP वह आधिकारिक दस्तावेज है जो कोई भी कंपनी IPO लाने से पहले मार्केट रेगुलेटर (SEBI) के पास जमा करती है। इसमें कंपनी के बिजनेस, वित्तीय आंकड़ों, प्रमोटर्स और भविष्य की योजनाओं की पूरी जानकारी होती है।<br /><br /><strong>मुझे कैसे पता चलेगा कि कौन सा IPO खरीदना है?</strong><br />ऐसी कंपनियों की तलाश करें जिनका प्रॉफिट पिछले तीन सालों से लगातार बढ़ रहा हो, जिनकी वैल्यूएशन बाजार में मौजूद उनके प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले सही हो, और जिनका QIB सब्सक्रिप्शन मजबूत हो।<br /><br /><strong>क्या हाई ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लिस्टिंग गेन्स की गारंटी है?</strong><br />बिल्कुल नहीं। हाई GMP सिर्फ यह बताता है कि शुरुआत में शेयर की डिमांड ज्यादा है। लेकिन ग्रे मार्केट अनौपचारिक होता है। यदि लिस्टिंग के दिन शेयर बाजार गिर जाता है या कोई खराब ग्लोबल न्यूज़ आ जाती है, तो GMP का असर खत्म हो सकता है।<br /><br /><strong>मैं IPO अलॉटमेंट की संभावना कैसे 100% पक्की कर सकता हूँ?</strong><br />जब किसी IPO में मांग से ज्यादा आवेदन (Oversubscription) आते हैं, तो अलॉटमेंट की कोई 100% गारंटी नहीं होती; यह पूरी तरह से लॉटरी सिस्टम पर निर्भर करता है। अपनी संभावनाएं बढ़ाने के लिए, आप अपने परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम (अलग-अलग पैन कार्ड वाले डीमैट अकाउंट) से आवेदन कर सकते हैं।<br /><br /><em>अस्वीकरण (Disclaimer): IPO INDEX पर दी गई जानकारी और विश्लेषण केवल शैक्षणिक और रिसर्च के उद्देश्यों के लिए है; यह किसी भी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है।</em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 May 2026 13:05:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से चार का बाजार पूंजीकरण एक लाख करोड़ रुपये घटा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 10 मई (वेब वार्ता)। शेयर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार के बीच बीते सप्ताह सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में सामूहिक रूप से में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई है।</p>
<p>इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा।</p>
<p>समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 414.69 अंक यानी 0.53 प्रतिशत चढ़ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 178.6 अंक यानी 0.74 प्रतिशत के लाभ में रहा।</p>
<p>सप्ताह के दौरान भारती एयरटेल, एसबीआई, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147041/market-capitalization-of-four-of-the-top-10-sensex-companies"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/4101_share-market-sensex-nifty-business-stock-finance-market-financial.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 10 मई (वेब वार्ता)। शेयर बाजार में सीमित दायरे में कारोबार के बीच बीते सप्ताह सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में सामूहिक रूप से में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई है।</p>
<p>इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा।</p>
<p>समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 414.69 अंक यानी 0.53 प्रतिशत चढ़ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 178.6 अंक यानी 0.74 प्रतिशत के लाभ में रहा।</p>
<p>सप्ताह के दौरान भारती एयरटेल, एसबीआई, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के बाजार पूंजीकरण में गिरावट दर्ज की गई।</p>
<p>वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के बाजार मूल्यांकन में कुल 46,685.21 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।</p>
<p>सप्ताह के दौरान एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 44,722.34 करोड़ रुपये घटकर 9,41,107.62 करोड़ रुपये रह गया। भारती एयरटेल का मूल्यांकन 31,167.1 करोड़ रुपये घटकर 11,18,055.03 करोड़ रुपये पर आ गया।</p>
<p>टीसीएस की बाजार हैसियत 28,456.26 करोड़ रुपये घटकर 8,66,477.69 करोड़ रुपये रही। वहीं एलएंडटी का मूल्यांकन 5,371.84 करोड़ रुपये घटकर 5,46,621.21 करोड़ रुपये पर आ गया।</p>
<p>इस रुख के उलट एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 15,425.09 करोड़ रुपये बढ़कर 12,02,699.26 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण 11,486.89 करोड़ रुपये बढ़कर 5,94,610.02 करोड़ रुपये हो गया।</p>
<p>हिंदुस्तान यूनिलीवर का मूल्यांकन 8,763.97 करोड़ रुपये बढ़कर 5,37,562.98 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 6,563.28 करोड़ रुपये बढ़कर 19,42,866.58 करोड़ रुपये रहा, जबकि एलआईसी का मूल्यांकन 2,751.37 करोड़ रुपये बढ़कर 5,07,549.44 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।</p>
<p>आईसीआईसीआई बैंक की बाजार हैसियत 1,694.61 करोड़ रुपये बढ़कर 9,06,675.39 करोड़ रुपये रही। शीर्ष 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही।</p>
<p>उसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 18:56:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेप्टो, धूत ट्रांसमिशन सहित छह कंपनियों को आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी मिली</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>  <span lang="hi" xml:lang="hi">(वेब वार्ता)। सामान की फटाफट आपूर्ति करने वाले मंच जेप्टो और वाहनों के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी धूत ट्रांसमिशन सहित छह कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से पूंजी जुटाने के लिए बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी मिल गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाजार नियामक से प्राप्त जानकारी के अनुसार अन्य जिन कंपनियों को मंजूरी मिली है उनमें होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सर्जीवियर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन और होटल पोलो टावर्स शामिल हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन कंपनियों ने अक्टूबर से फरवरी के बीच अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे और उन्हें</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147022/six-companies-including-zepto-dhoot-transmission-get-sebi-approval-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/ipo-stock-market.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span> <span lang="hi" xml:lang="hi">(वेब वार्ता)। सामान की फटाफट आपूर्ति करने वाले मंच जेप्टो और वाहनों के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी धूत ट्रांसमिशन सहित छह कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से पूंजी जुटाने के लिए बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी मिल गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाजार नियामक से प्राप्त जानकारी के अनुसार अन्य जिन कंपनियों को मंजूरी मिली है उनमें होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सर्जीवियर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन और होटल पोलो टावर्स शामिल हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन कंपनियों ने अक्टूबर से फरवरी के बीच अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे और उन्हें चार से आठ मई के बीच सेबी की टिप्पणियां प्राप्त हुईं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सेबी की भाषा में टिप्पणियां मिलना सार्वजनिक निर्गम लाने की मंजूरी है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जेप्टो और धूत ट्रांसमिशन ने गोपनीय पूर्व-प्रस्ताव मार्ग के तहत अपने दस्तावेज दाखिल किए थे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सूत्रों के अनुसार जेप्टो अपने आईपीओ के जरिए लगभग </span>11<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। अगर यह सूचिबद्ध होने में सफल होती है तो यह कंपनी अपने प्रतिस्पर्धियों जोमैटो और स्विगी की श्रेणी में शामिल हो जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पहले से शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिकी निवेश कंपनी बैन कैपिटल समर्थित धूत ट्रांसमिशन करीब </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ डॉलर (लगभग </span>2,258<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये) जुटाने की योजना में है। इसका आईपीओ नए शेयरों के निर्गम और मौजूदा निवेशकों की शेयर बिक्री (ओएफएस) का मिश्रण होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स का आईपीओ पूरी तरह नए शेयर का होगा और इसके माध्यम से कंपनी </span>2,600<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये जुटाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सर्जीवियर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन और होटल पोलो टावर्स के प्रस्तावित आईपीओ में भी नए निर्गम और बिक्री प्रस्ताव (ओएफएस) शामिल है। जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी विस्तार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्ज भुगतान तथा अन्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन सभी कंपनियों के शेयर बंबई शेयर बाजार (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध होंगे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 12:33:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भू-राजनीतिक तनावों के बीच मार्च में गोल्ड ईटीएफ में जोरदार उछाल, एयूएम तीन गुना बढ़कर हुआ 1.7 लाख करोड़ रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली </span><span lang="hi" xml:lang="hi">(वेब वार्ता)। भले ही फिजिकल सोने की मांग मजबूत रही हो</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सोने में निवेश तेजी से बढ़ा है। गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) अब रिटेल और संस्थागत निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गए हैं। मार्च </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2026</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में इनका कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़कर </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">1,71,468.4</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए हो गया</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो सालाना आधार पर लगभग तीन गुना है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आईसीआरए एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह आंकड़ा पिछले पांच वर्षों में </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">64.76</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) को दर्शाता है। मार्च </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2021</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में यह एयूएम सिर्फ </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">14,122.72</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए था।</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली </span><span lang="hi" xml:lang="hi">(वेब वार्ता)। भले ही फिजिकल सोने की मांग मजबूत रही हो</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सोने में निवेश तेजी से बढ़ा है। गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) अब रिटेल और संस्थागत निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गए हैं। मार्च </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2026</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में इनका कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़कर </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">1,71,468.4</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए हो गया</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो सालाना आधार पर लगभग तीन गुना है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आईसीआरए एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह आंकड़ा पिछले पांच वर्षों में </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">64.76</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) को दर्शाता है। मार्च </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2021</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में यह एयूएम सिर्फ </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">14,122.72</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सालाना आधार पर देखें तो मार्च </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2025</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> के </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">58,887.99</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए के मुकाबले एयूएम में </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">191.18</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो बताता है कि भारत में गोल्ड से जुड़े निवेश तेजी से बढ़ रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2026</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश (इनफ्लो) </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2,265.68</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए रहा</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पिछले साल इसी समय </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">77.21</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए की निकासी (आउटफ्लो) हुई थी। वहीं मार्च </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2021</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में यह इनफ्लो सिर्फ </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">662.45</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">महीने-दर-महीने आधार पर इनफ्लो में गिरावट देखी गई। फरवरी </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2026</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> के </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">5,254.95</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपए के मुकाबले मार्च में यह </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">56.88</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत घट गया। इसकी वजह सोने की कीमतों में थोड़े समय के लिए गिरावट और वैश्विक जोखिम में कमी बताई गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आईसीआरए एनालिटिक्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और मार्केट डेटा के हेड अश्विनी कुमार ने कहा कि निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने के पीछे दो बड़े कारण हैं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">; </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पहला</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वैश्विक अनिश्चितता और दूसरा</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सोने की मजबूत कीमतें।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने बताया कि हाल के समय में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सोने की कीमतों में तेजी के कारण निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अपनाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने यह भी कहा कि सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) माना जाता है और यही वजह है कि इसमें निवेश बढ़ा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">फिलहाल बाजार में </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">26</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> गोल्ड ईटीएफ स्कीम उपलब्ध हैं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें से </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">6</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> स्कीम वित्त वर्ष </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2025-26</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में लॉन्च की गई हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इन फंड्स का एक साल का औसत रिटर्न करीब </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">58.81</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत से </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">62.85</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत के बीच रहा है</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि पांच साल का सीएजीआर रिटर्न लगभग </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">25.78</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत से </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">26.11</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत के बीच है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि हाल के महीनों में इनफ्लो थोड़ा कम हुआ है</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन निवेशकों का भरोसा इस एसेट क्लास पर बना हुआ है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अश्विनी कुमार ने आगे कहा कि छोटी अवधि की गिरावट के बावजूद गोल्ड ईटीएफ की अहमियत बनी हुई है और इनफ्लो में कमी आने के बावजूद यह पूरी तरह बंद नहीं हुआ है</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे साफ है कि निवेशकों की रुचि अभी भी बरकरार है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने फिजिकल गोल्ड और ईटीएफ निवेश के बीच अंतर बताते हुए कहा कि गोल्ड ईटीएफ निवेश</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और बेहतर रिटर्न के लिए ज्यादा उपयुक्त है</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि फिजिकल गोल्ड अधिकतर उपयोग और पारंपरिक कारणों से खरीदा जाता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 13:19:23 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैश्विक कारकों, आरबीआई के बयान से तय होगी शेयर बाजार की दिशा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। बीते सप्ताह गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में वैश्विक कारकों के साथ रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति संबंधी बयान से शेयर बाजार को दिशा मिलेगी।<br /></p><p>निवेशकों की नजर फिलहाल मुख्य रूप से ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया संकट पर बनी हुई है। इसका फिलहाल कोई हल निकलता नहीं दिख रहा। इससे निवेश धारणा कमजोर बनी हुई है। </p><p>इसके अलावा, रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की गत 28 फरवरी को पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद पहली बैठक 06 अप्रैल को शुरू हो रही है। बैठक के फैसलों का भी बाजार पर असर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146431/the-direction-of-the-stock-market-will-be-decided-by"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/4101_share-market-sensex-nifty-business-stock-finance-market-financial.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। बीते सप्ताह गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में वैश्विक कारकों के साथ रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति संबंधी बयान से शेयर बाजार को दिशा मिलेगी।<br /></p><p>निवेशकों की नजर फिलहाल मुख्य रूप से ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया संकट पर बनी हुई है। इसका फिलहाल कोई हल निकलता नहीं दिख रहा। इससे निवेश धारणा कमजोर बनी हुई है। </p><p>इसके अलावा, रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की गत 28 फरवरी को पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद पहली बैठक 06 अप्रैल को शुरू हो रही है। बैठक के फैसलों का भी बाजार पर असर दिखेगा।<br /></p><p>पिछले सप्ताह 31 मार्च को महावीर जयंती और 03 अप्रैल को गुड फ्राइडे के अवकाश के कारण बाजार में तीन दिन ही कारोबार हुआ। इसमें सोमवार को प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट रही जबकि बुधवार और गुरुवार को प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स सप्ताह के दौरान कुल 263.67 अंक (0.36 प्रतिशत) टूटकर गुरुवार को 73,319.55 अंक पर बंद हुआ।<br /></p><p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 106.50 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट के साथ 22,713.10 अंक पर रहा। मझौली कंपनियों का निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.82 प्रतिशत टूट गया जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक लगभग अपरिवर्तित रहा।<br /></p><p>बीते सप्ताह सेंसेक्स की 30 में से 17 कंपनियों के शेयर टूट गये। सनफार्मा में सबसे अधिक 5.62 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट रही। एनटीपीसी का शेयर 4.23 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट का 3.85, बजाज फिनसर्व का 3.18, भारती एयरटेल का 2.86, बजाज फाइनेंस का 2.13 और कोटक महिंद्रा बैंक का 2.13 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।।<br /></p><p>पावरग्रिड का शेयर 1.88 प्रतिशत, एशियन पेंट्स का 1.72 और आईसीआईसीआई बैंक का 1.47 प्रतिशत टूट गया। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, इटरनल, एक्सिस बैंक और हिंदुस्तान यूनीलिवर के शेयर लाल निशान में रहे। ट्रेंट में सबसे अधिक 4.52 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई। </p><p>बीईएल का शेयर 4.14 प्रतिशत, टेक महिंद्रा का 3.63, अडानी पोर्ट्स का 2.97, टाइटन का 2.92, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 2.80 और टीसीएस का 2.59 प्रतिशत ऊपर रहा।</p><p> इंफोसिस का शेयर 2.40 प्रतिशत, इंडिगो का 2.30, मारुति सुजुकी का 1.97 और एलएंडटी का 1.34 प्रतिशत चढ़ा। टाटा स्टील में भी तेजी रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 18:23:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेबी ने कंपनियों को खुले बाजार से शेयर पुनर्खरीद की मंजूरी दोबारा देने का प्रस्ताव रखा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">02 अप्रैल (वेब वार्ता)। बाजार नियामक सेबी ने कर ढांचे में बदलाव के बाद कंपनियों को शेयर पुनर्खरीद के लिए स्टॉक एक्सचेंज के जरिये खुले बाजार से खरीद की अनुमति फिर से देने का बृहस्पतिवार को प्रस्ताव रखा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परामर्श पत्र में कहा है कि पुनर्खरीद का यह तरीका दोबारा शुरू करने से कंपनियों को पुनर्खरीद का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इसके साथ ही सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए समान अवसर और कराधान का और तरीका भी सुनिश्चित होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्टॉक एक्सचेंज के जरिये शेयरों की पुनर्खरीद को एक अप्रैल</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 2025</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">02 अप्रैल (वेब वार्ता)। बाजार नियामक सेबी ने कर ढांचे में बदलाव के बाद कंपनियों को शेयर पुनर्खरीद के लिए स्टॉक एक्सचेंज के जरिये खुले बाजार से खरीद की अनुमति फिर से देने का बृहस्पतिवार को प्रस्ताव रखा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परामर्श पत्र में कहा है कि पुनर्खरीद का यह तरीका दोबारा शुरू करने से कंपनियों को पुनर्खरीद का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इसके साथ ही सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए समान अवसर और कराधान का और तरीका भी सुनिश्चित होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्टॉक एक्सचेंज के जरिये शेयरों की पुनर्खरीद को एक अप्रैल</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 2025</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> से बंद कर दिया गया था। ऐसी आशंका थी कि ‘कीमत-समय मिलान प्रणाली’ के कारण कुछ निवेशक पुनर्खरीद का बड़ा हिस्सा हासिल कर लेते हैं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि अन्य इच्छुक निवेशक इससे वंचित रह जाते हैं। इसके अलावा</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पुराने कर ढांचे में शेयरधारकों के बीच कर संबंधी असमानता भी थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सेबी ने कहा कि वित्त अधिनियम </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2026</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत कर ढांचे में बदलाव के बाद ये चिंताएं काफी हद तक दूर हो गई हैं। अब एक अप्रैल</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 2026</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">से पुनर्खरीद की राशि पर कर कंपनियों के बजाय शेयरधारकों के हाथ में पूंजीगत लाभ पर लगाया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बाजार नियामक ने कहा कि ऐसा होने से पुनर्खरीद में भाग लेने वाले और बाहर रह जाने वाले निवेशकों के बीच फर्क यानी कर असमानता अब समाप्त हो जाएगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सेबी ने यह भी कहा कि वैश्विक बाजारों में खुले बाजार के जरिये पुनर्खरीद का तरीका व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है और इससे बेहतर मूल्य की तलाश</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तरलता और पूंजी आवंटन की दक्षता बेहतर होती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">फिक्की और भारतीय निवेश बैंकर संघ (एआईबीआई) जैसे उद्योग संगठनों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इससे बाजार में बिकवाली का दबाव कम करने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इस प्रस्ताव के तहत स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से पुनर्खरीद के लिए अलग ‘खिड़की’ उपलब्ध कराई जा सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सेबी ने इस पर </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">23</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> अप्रैल तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 13:34:26 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एफएंडओ सेगमेंट में शामिल हुए आठ नए शेयर, लॉट साइज तय होने के साथ ही शुरू हुई ट्रेडिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। घरेलू शेयर बाजार के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) सेगमेंट में आज से आठ नए शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए। इस तरह इस सेगमेंट में काम करने वाले कारोबारियों और निवेशकों के पास पहले से ज्यादा विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। एफएंडओ सेगमेंट में आज से मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदानी पावर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशाल मेगा मार्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोचीन शिपयार्ड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हुंडई मोटर इंडिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी और फोर्स मोटर्स के शेयर ट्रेडिंग के लिए शामिल हुए हैं। अभी एफएंडओ सेगमेंट से किसी शेयर को बाहर</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। घरेलू शेयर बाजार के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) सेगमेंट में आज से आठ नए शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए। इस तरह इस सेगमेंट में काम करने वाले कारोबारियों और निवेशकों के पास पहले से ज्यादा विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। एफएंडओ सेगमेंट में आज से मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदानी पावर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशाल मेगा मार्ट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोचीन शिपयार्ड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हुंडई मोटर इंडिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी और फोर्स मोटर्स के शेयर ट्रेडिंग के लिए शामिल हुए हैं। अभी एफएंडओ सेगमेंट से किसी शेयर को बाहर नहीं किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन मौजूदा ट्रेडिंग सीरीज खत्म होने के बाद इस सेगमेंट से टाटा टेक्नोलॉजीज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टोरेंट पावर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हुडको और पिरामल फार्मा के शेयर बाहर हो जाएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">एफएंडओ सेगमेंट में आज शामिल होने वाले शेयरों में मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के फ्यूचर्स का लॉट साइज </span>775<span lang="hi" xml:lang="hi"> शेयरों का है। यह शेयर फिलहाल अपने </span>52<span lang="hi" xml:lang="hi"> सप्ताह के उच्च स्तर </span>1,097<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये से </span>42<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। इसी तरह अदानी पावर के फ्यूचर्स के एक लॉट में </span>3,550<span lang="hi" xml:lang="hi"> शेयर रखे गए हैं। यह शेयर फिलहाल अपने </span>52<span lang="hi" xml:lang="hi"> सप्ताह के उच्च स्तर </span>182<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये से </span>18<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत नीचे गिर कर कारोबार कर रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज से ही सिगरेट का उत्पादन करने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयर भी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस सेगमेंट में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए हैं। कंपनी के एक लॉट में </span>275<span lang="hi" xml:lang="hi"> शेयर हैं। यह शेयर फिलहाल अपने </span>52<span lang="hi" xml:lang="hi"> सप्ताह के उच्च स्तर </span>3,947<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये से </span>52<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत नीचे गिर कर कारोबार कर रहा है। इसी तरह कुछ समय पहले ही स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुई कंपनी विशाल मेगा मार्ट को भी आज से एफएंडओ सेगमेंट में जगह मिल गई है। कंपनी के एक लॉट में </span>4,850<span lang="hi" xml:lang="hi"> शेयर रखे गए हैं। यह शेयर फिलहाल अपने उच्च स्तर </span>157<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये से </span>33<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत नीचे गिर कर कारोबार कर रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज से ही एफएंडओ सेगमेंट में कारोबार की शुरुआत करने वाले कोचीन शिपयार्ड का एक लॉट </span>400<span lang="hi" xml:lang="hi"> शेयर का है। यह शेयर फिलहाल अपने </span>52<span lang="hi" xml:lang="hi"> सप्ताह के उच्च स्तर </span>2,545<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये से </span>53<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत नीचे गिर कर कारोबार कर रहा है। इसी तरह </span>2024<span lang="hi" xml:lang="hi"> में भारत के सबसे बड़े आईपीओ के रूप में लिस्ट होने वाले हुंडई मोटर इंडिया के शेयर भी स्टॉक मार्केट में एंट्री करने के करीब </span>18<span lang="hi" xml:lang="hi"> महीने बाद एफएंडओ सेगमेंट में शामिल हुए हैं। एफएंडओ सेगमेंट में इसका लॉट साइज </span>275<span lang="hi" xml:lang="hi"> शेयर का है। फिलहाल कंपनी के शेयर अपने इश्यू प्राइस </span>1,960<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये से भी नीचे गिर कर कारोबार कर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके अलावा एफएंडओ सेगमेंट में आज से कारोबार शुरू करने वाले निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी के फ्यूचर्स का लॉट साइज </span>625<span lang="hi" xml:lang="hi"> शेयर का तय किया है। यह शेयर फिलहाल अपने उच्च स्तर </span>1,009<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये से </span>21<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत नीचे गिर कर कारोबार कर रहा है। वहीं कॉमर्शियल गाड़ियां बनाने वाली कंपनी फोर्स मोटर्स के शेयर भी आज से एफएंडओ सेगमेंट में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए हैं। कंपनी के एक लॉट में </span>25<span lang="hi" xml:lang="hi"> शेयर रखे गए हैं। यह शेयर फिलहाल अपने </span>52<span lang="hi" xml:lang="hi"> सप्ताह के उच्च स्तर </span>26,450<span lang="hi" xml:lang="hi"> रुपये से </span>27<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत नीचे गिर कर कारोबार कर रहा है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146369/eight-new-shares-joined-the-fo-segment-and-trading-started</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 14:28:55 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वित्त वर्ष के पहले दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 1,187 अंक चढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुंबई</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। चालू वित्त वर्ष के पहले दिन स्थानीय शेयर बाजार में तेजी रही और बीएसई सेंसक्स </span>1,187<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक चढ़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि एनएसई निफ्टी </span>348<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक की बढ़त में रहा। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद के बीच वैश्विक बाजारों में तेजी के साथ घरेलू बाजार बढ़त में रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स </span>1,186.77<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक यानी </span>1.65<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत बढ़कर </span>73,134.32<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक समय इसमें </span>2,017.03<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक की तेजी दर्ज की गई और यह </span>73,964.58<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक पर पहुंच गया था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी </span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मुंबई</span>, 01 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। चालू वित्त वर्ष के पहले दिन स्थानीय शेयर बाजार में तेजी रही और बीएसई सेंसक्स </span>1,187<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक चढ़ा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि एनएसई निफ्टी </span>348<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक की बढ़त में रहा। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद के बीच वैश्विक बाजारों में तेजी के साथ घरेलू बाजार बढ़त में रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स </span>1,186.77<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक यानी </span>1.65<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत बढ़कर </span>73,134.32<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक समय इसमें </span>2,017.03<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक की तेजी दर्ज की गई और यह </span>73,964.58<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक पर पहुंच गया था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी </span>348<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक यानी </span>1.56<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत चढ़कर </span>22,679.40<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक पर बंद हुआ।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार की धारणा को मजबूती दी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से ट्रेंट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंटरग्लोब एविएशन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अदाणी पोर्ट्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत इलेक्ट्रॉनिक्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय स्टेट बैंक और इटर्नल प्रमुख रूप से लाभ में रहीं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">दूसरी तरफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नुकसान में रहने वाले शेयरों में एनटीपीसी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सन फार्मा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पावर ग्रिड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अल्ट्राटेक सीमेंट और भारती एयरटेल शामिल हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">एशिया के अन्य बाजारों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दक्षिण कोरिया का कॉस्पी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जापान का निक्की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में सकारात्मक रुख था। अमेरिकी बाजारों में मंगलवार को तेजी थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय शेयर बाजारों ने नए वित्त वर्ष में सकारात्मक शुरुआत की। पश्चिम एशिया में संघर्ष में कमी आने और ऊर्जा आपूर्ति में समस्या कम होने की उम्मीदों के कारण शेयर बाजारों में तेजी आई।’’</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी ने बाजारों में तेजी लाने का काम किया। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ समझौता हो या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका ईरान से बाहर निकल सकता है। इससे वैश्विक जोखिम वाली परिसंपत्तियों में व्यापक राहत मिली।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पश्चिम एशिया संघर्ष के संभावित समाधान के संकेत वाले बयान के बाद जोखिम लेने की प्रवृत्ति में सुधार हुआ है। इसके कारण भारतीय शेयर बाजारों ने वित्त वर्ष </span>2026-27<span lang="hi" xml:lang="hi"> में मजबूत शुरुआत की।’’</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड </span>0.22<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत टूटकर </span>103.7<span lang="hi" xml:lang="hi"> डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।</span></p>
<p class="MsoNormal">‘<span lang="hi" xml:lang="hi">महावीर जयंती’ के मौके पर मंगलवार को शेयर बाजार बंद रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शेयर बाजार आंकड़ों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को </span>11,163.06<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने </span>14,894.72<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सेंसेक्स सोमवार को </span>1,635.67<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक टूटा था जबकि निफ्टी में </span>488.20<span lang="hi" xml:lang="hi"> अंक की गिरावट आई थी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146364/sensex-rises-1187-points-on-first-day-of-financial-year</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 20:33:52 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक महीने में 11 फीसदी लुढ़का सेंसेक्स, छह साल में पहली बार सालाना गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 31 मार्च (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया संकट के कारण मार्च में प्रमुख सूचकांकों में 11 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है और कोरोना काल के बाद छह साल में पहली बार वित्त वर्ष के दौरान इसने नकारात्मक रिटर्न दिया है।</p>
<p>वित्त वर्ष 2025-26 के आखिरी कारोबारी दिवस पर सोमवार को बीएसई का सेंसेक्स 71,947.55 अंक पर बंद हुआ। पूरे वित्त वर्ष के दौरान इसमें 5,467.37 अंक यानी 7.06 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। वित्त वर्ष 2019-20 के बाद यह पहला मौका है जब सेंसेक्स ने नकारात्मक रिटर्न दिया है।</p>
<p>कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने से मार्च</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146324/sensex-fell-11-percent-in-a-month-annual-decline-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/4101_share-market-sensex-nifty-business-stock-finance-market-financial.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 31 मार्च (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया संकट के कारण मार्च में प्रमुख सूचकांकों में 11 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है और कोरोना काल के बाद छह साल में पहली बार वित्त वर्ष के दौरान इसने नकारात्मक रिटर्न दिया है।</p>
<p>वित्त वर्ष 2025-26 के आखिरी कारोबारी दिवस पर सोमवार को बीएसई का सेंसेक्स 71,947.55 अंक पर बंद हुआ। पूरे वित्त वर्ष के दौरान इसमें 5,467.37 अंक यानी 7.06 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। वित्त वर्ष 2019-20 के बाद यह पहला मौका है जब सेंसेक्स ने नकारात्मक रिटर्न दिया है।</p>
<p>कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने से मार्च 2020 में शेयर बाजारों में भारी गिरावट रही थी और 2019-20 में सेंसेक्स 23.80 प्रतिशत टूटा था।<br />खास बात यह रही कि पहले 11 महीने में फरवरी 2026 तक सेंसेक्स 3,872.27 अंक ऊपर था, लेकिन मार्च में यह 9,339.64 अंक यानी 11.49 प्रतिशत का गोता लगा गया।</p>
<p>पश्चिम एशिया संकट के कारण एक तरफ निवेशक बाजार में जोखिम लेने से कतरा रहे हैं तो दूसरी तरफ रुपया कमजोर होता जा रहा है। रुपये के लगातार गिरने से विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय पूंजी बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। अकेले इक्विटी में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की है। इससे शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी जा रही है।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक मार्च में 2,847.25 अंक यानी 11.31 प्रतिशत लुढ़ककर 22,331.40 अंक पर बंद हुआ। पूरे वित्त वर्ष के दौरान इसमें 1,187.95 अंक (5.05 प्रतिशत) की गिरावट रही।</p>
<p>बड़ी कंपनियों के विपरीत मझौली कंपनियों ने मार्च में बड़ी गिरावट के बावजूद पूरे वित्त वर्ष के दौरान सकारात्मक रिटर्न दिया। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 421.75 अंक (2.90 प्रतिशत) की बढ़त से साथ 14,983.35 अंक पर पहुंच गया। मार्च में सूचकांक 10.63 प्रतिशत टूटा है।</p>
<p>छोटी कंपनियों के स्मॉलकैप- 100 सूचकांक में सालाना 891.90 अंक यानी 5.54 प्रतिशत की गिरावट रही। मार्च में यह 10.19 फीसदी टूटा है। रुपया फिलहाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। यह सोमवार को पहली बार 95 रुपये प्रति डॉलर के पार निकल गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 14:35:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से सात कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1.75 लाख करोड़ रुपये घटा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 29 मार्च (वेब वार्ता)। कम कारोबारी सत्रों वाले बीते सप्ताह के दौरान सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से सात के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में सामूहिक रूप से 1.75 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। सबसे अधिक नुकसान में रिलायंस इंडस्ट्रीज रही।</p>
<p>पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 949.74 अंक या 1.27 प्रतिशत नीचे आया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 294.9 अंक या 1.27 प्रतिशत के नुकसान में रहा।</p>
<p>समीक्षाधीन सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 89,720.3 करोड़ रुपये घटकर 18,24,515.62 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक की बाजार हैसियत 37,248.59</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146282/market-capitalization-of-seven-out-of-top-10-sensex-companies"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/4101_share-market-sensex-nifty-business-stock-finance-market-financial.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 29 मार्च (वेब वार्ता)। कम कारोबारी सत्रों वाले बीते सप्ताह के दौरान सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से सात के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में सामूहिक रूप से 1.75 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। सबसे अधिक नुकसान में रिलायंस इंडस्ट्रीज रही।</p>
<p>पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 949.74 अंक या 1.27 प्रतिशत नीचे आया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 294.9 अंक या 1.27 प्रतिशत के नुकसान में रहा।</p>
<p>समीक्षाधीन सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 89,720.3 करोड़ रुपये घटकर 18,24,515.62 करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक की बाजार हैसियत 37,248.59 करोड़ रुपये घटकर 11,64,018.69 करोड़ रुपये रह गई।</p>
<p>भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाजार पूंजीकरण में 35,399.42 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 9,41,569.15 करोड़ रुपये पर आ गया।<br />आईसीआईसीआई बैंक का मूल्यांकन 8,121.76 करोड़ रुपये घटकर 8,83,551.30 करोड़ रुपये रह गया और भारती एयरटेल की बाजार हैसियत 2,480.42 करोड़ रुपये घटकर 10,50,413.33 करोड़ रुपये पर आ गई।</p>
<p>हिंदुस्तान युनिलीवर का बाजार पूंजीकरण 2,091.13 करोड़ रुपये घटकर 4,87,540.19 करोड़ रुपये रहा, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मूल्यांकन 271.35 करोड़ रुपये घटकर 8,64,668.65 करोड़ रुपये पर आ गया।</p>
<p>इस रुख के उलट लार्सन एंड टुब्रो का बाजार मूल्यांकन 18,051.68 करोड़ रुपये बढ़कर 4,90,536.19 करोड़ रुपये हो गया।</p>
<p>बजाज फाइनेंस की बाजार हैसियत 8,680.36 करोड़ रुपये बढ़कर 5,25,395.48 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इन्फोसिस का बाजार पूंजीकरण 6,245.3 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 5,15,034.67 करोड़ रुपये रहा।</p>
<p>शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 18:42:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कच्चे तेल के दाम में तेजी से शेयर बाजार फिसला, सेंसेक्स 1,342 अंक टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 11 मार्च (वेब वार्ता)। स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को बड़ी गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 1,342 अंक का गोता लगा गया जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 अंक के नीचे आ गया। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कच्चे तेल के दाम में तेजी से शेयर बाजार में एक दिन की बढ़त के बाद गिरावट आई।</p>
<p>कारोबारियों के अनुसार, इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और प्रमुख बैंकों के शेयरों में बिकवाली दबाव से भी बाजार नुकसान में रहा।</p>
<p>तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,342.27 अंक यानी 1.72 प्रतिशत लुढ़क कर 76,863.71 अंक पर बंद हुआ।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145967/stock-market-slipped-due-to-rise-in-crude-oil-prices"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/4101_share-market-sensex-nifty-business-stock-finance-market-financial.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 11 मार्च (वेब वार्ता)। स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को बड़ी गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 1,342 अंक का गोता लगा गया जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 अंक के नीचे आ गया। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कच्चे तेल के दाम में तेजी से शेयर बाजार में एक दिन की बढ़त के बाद गिरावट आई।</p>
<p>कारोबारियों के अनुसार, इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और प्रमुख बैंकों के शेयरों में बिकवाली दबाव से भी बाजार नुकसान में रहा।</p>
<p>तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,342.27 अंक यानी 1.72 प्रतिशत लुढ़क कर 76,863.71 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसमें 1,446.72 अंक तक की गिरावट आई थी।</p>
<p>वहीं 50 शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 394.75 अंक यानी 1.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,866.85 अंक पर बंद हुआ।</p>
<p>सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, ट्रेंट, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।</p>
<p>दूसरी तरफ सन फार्मा और एनटीपीसी के शेयरों में तेजी रही। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 5.76 प्रतिशत बढ़कर 92.86 डॉलर प्रति बैरल हो गया।<br />शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 4,672.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,333.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।</p>
<p>एशिया के अन्य बाजारों में, जापान का निक्की, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट सकारात्मक दायरे में बंद हुए। जबकि हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुआ।</p>
<p>यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिका बाजार मंगलवार को स्थिर रुख के साथ बंद हुए थे।<br />सेंसेक्स मंगलवार को 639.82 अंक चढ़कर 78,205.98 अंक पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 233.55 अंक बढ़कर 24,261.60 अंक पर रहा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 21:42:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स और निफ्टी में दिखा एक साल से भी ज्यादा का दबाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 07 मार्च (वेब वार्ता)। इस हफ्ते 6 मार्च को समाप्त भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण समय रहा। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में लगातार गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई।</p>
<p>कमजोर ग्लोबल संकेतों, गिरते रुपये और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली ने बाजार में दबाव बढ़ाया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों की चिंता को बढ़ाया। परिणामस्वरूप हफ्ते के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी ‎गिरावट के साथ बंद हुए।</p>
<p>बीते सप्ताह होली के अवसर पर शेयर बाजार 3 मार्च को बंद रहा, ‎जिसकी वजह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145899/sensex-and-nifty-showed-pressure-for-more-than-a-year"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d08042024-12-bombe-stock-exchange-bse.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 07 मार्च (वेब वार्ता)। इस हफ्ते 6 मार्च को समाप्त भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण समय रहा। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में लगातार गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई।</p>
<p>कमजोर ग्लोबल संकेतों, गिरते रुपये और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली ने बाजार में दबाव बढ़ाया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों की चिंता को बढ़ाया। परिणामस्वरूप हफ्ते के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी ‎गिरावट के साथ बंद हुए।</p>
<p>बीते सप्ताह होली के अवसर पर शेयर बाजार 3 मार्च को बंद रहा, ‎जिसकी वजह से घरेलू शेयर बाजार में एक ‎दिन कम कारोबार हुआ। सप्ताह की शुरुआत सोमवार को ही बाजार लाल निशान में शुरू हुआ।</p>
<p>शुरुआती सत्र में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 1,048.34 अंक गिरकर 80,238.85 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 312.95 अंक की गिरावट के साथ 24,865.70 पर बंद हुआ।</p>
<p>पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत निवेशकों की सतर्कता को बढ़ाने वाले मुख्य कारण रहे। बुधवार को भी स्थिति अनुकूल नहीं रही। सेंसेक्स 1,122.66 अंक गिरकर 79,116.19 पर और निफ्टी 385.20 अंक गिरकर 24,480.50 पर बंद हुआ।</p>
<p>हालांकि गुरुवार को वैश्विक बाजारों में उछाल और एक दिन की राहत के कारण बाजार हरे निशान में कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स 899.71 अंक बढ़कर 80,015.90 पर और निफ्टी 285.40 अंक की तेजी के साथ 24,765.90 पर बंद हुआ।</p>
<p>शुक्रवार को फिर से बाजार दबाव में आया। अमेरिकी बाजारों की कमजोरी और एफआईआई की बिकवाली ने सेंसेक्स 1,097 अंक गिराकर 78,918.90 पर और निफ्टी 315.45 अंक गिराकर 24,450.45 पर बंद कराया।</p>
<p>इस तरह सप्ताह के अंत तक निवेशकों में सतर्कता और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति साफ तौर पर दिखाई दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 19:21:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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