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                <title>Uttarakhand - Loktej</title>
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                <description>Uttarakhand RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आईआईटी-रुड़की में अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 18 दिसंबर (भाषा) उत्तराखंड में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की में बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन शुरू हुआ जिसका उद्देश्य शिक्षा में इसके महत्व को बताना है।</p>
<p>तीन दिवसीय इस सम्मेलन में भारत के अलावा विदेशों से आए विद्वान, संत और शोधकर्ता भारतीय ज्ञान परंपरा पर विचार विमर्श करेंगे। सम्मेलन में करीब 150 शोध पत्र पेश किए जाएंगे।</p>
<p>सम्मेलन में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक शिक्षा को रामायण के मूल्यों को समझने और आत्मसात करने जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ आजीविका कमाना नहीं है बल्कि मानवता की सेवा करना है।</p>
<p>सम्मेलन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144695/international-ramayana-conference-begins-in-iit-roorkee"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/3931_iit-delhi.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 18 दिसंबर (भाषा) उत्तराखंड में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की में बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन शुरू हुआ जिसका उद्देश्य शिक्षा में इसके महत्व को बताना है।</p>
<p>तीन दिवसीय इस सम्मेलन में भारत के अलावा विदेशों से आए विद्वान, संत और शोधकर्ता भारतीय ज्ञान परंपरा पर विचार विमर्श करेंगे। सम्मेलन में करीब 150 शोध पत्र पेश किए जाएंगे।</p>
<p>सम्मेलन में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक शिक्षा को रामायण के मूल्यों को समझने और आत्मसात करने जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ आजीविका कमाना नहीं है बल्कि मानवता की सेवा करना है।</p>
<p>सम्मेलन को संबोधित करते हुए आईआईटी- रुड़की के निदेशक प्रोफेसर के.के. पंत ने बताया कि उनके संस्थान का कुलगीत भी कवि गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस की चौपाई से प्रेरित है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘रामचरितमानस की पंक्ति ‘परहित सरिस धर्म नहिं भाई’ और आईआईटी-रुड़की का कुलगीत ‘सर्जन हित जीवन नित अर्पित’ दोनों समाज सेवा के महत्व को रेखांकित करते हैं।’’</p>
<p>पंत ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के सिद्धांत अमूल्य हैं।</p>
<p>उन्होंने रामायण के मूल्यों, माता-पिता के प्रति कर्तव्य, सामाजिक जिम्मेदारी, सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और ‘रामराज्य के आदर्श’ को सतत विकास, स्वास्थ्य, नैतिकता एवं राष्ट्र-निर्माण जैसे समकालीन विषयों से जोड़ते हुए युवाओं से आग्रह किया कि वे ज्ञान को केवल उच्च वेतन प्राप्ति का साधन न मानकर समाज की सेवा एवं ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण का माध्यम समझें।</p>
<p>संत महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानंद ने मोबाइल फोन और भौतिक चीजो के पीछे भागने वाले इस दौर में चरित्र निर्माण और आंतरिक सुख के लिए रामायण, महाभारत और दूसरे धर्मग्रंथों के महत्व के बारे में बताया।</p>
<p>उद्घाटन सत्र में ‘गीता शब्द अनुक्रमणिका’ (गीता शब्द इंडेक्स) का विमोचन भी किया गया।</p>
<p>यह सम्मेलन आईआईटी-रुड़की और श्री रामचरित भवन, अमेरिका द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>श्री रामचरित भवन के संस्थापक एवं ह्यूस्टन–डाउनटाउन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि रामायण एवं संबंधित आध्यात्मिक साहित्य पर आधारित लगभग 150 शोध पत्र सम्मेलन में प्रस्तुत किए जाएंगे।</p>
<p>प्रसिद्ध संस्कृत विद्वान प्रो. महावीर अग्रवाल को संस्कृत साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपराओं में पांच दशकों तक शिक्षण, अनुसंधान और सेवा के लिए मरणोपरांत ‘रामायण रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 21:28:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बॉलीवुड अभिनेता धमेंद्र की अस्थियां गंगा में विसर्जित की गयीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हरिद्वार (उत्तराखंड), तीन दिसंबर (भाषा) बॉलीवुड के ‘ही मैन’ धर्मेंद्र की अस्थियां बुधवार को यहां गंगा में विसर्जित की गयीं। उनके पारिवारिक पुरोहित ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुरोहित ने बताया कि अस्थि विसर्जन कर्म से मीडिया और आम लोगों को पूरी तरह से दूर रखा गया था।</p>
<p>धर्मेंद्र (89) का पिछले माह 24 नवंबर को निधन हो गया था और मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया था।</p>
<p>अभिनेता के पारिवारिक पुरोहित पंडित संदीप पाराशर श्रोत्रिय ने ‘भाषा’ को बताया कि हरकी पौड़ी पर धर्मेंद्र की अस्थियां विसर्जित की गयीं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि अस्थि विसर्जन के पूर्व की कर्मकांड विधि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144384/the-ashes-of-bollywood-actor-dharmendra-were-immersed-in-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/dharmendra.jpg" alt=""></a><br /><p>हरिद्वार (उत्तराखंड), तीन दिसंबर (भाषा) बॉलीवुड के ‘ही मैन’ धर्मेंद्र की अस्थियां बुधवार को यहां गंगा में विसर्जित की गयीं। उनके पारिवारिक पुरोहित ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुरोहित ने बताया कि अस्थि विसर्जन कर्म से मीडिया और आम लोगों को पूरी तरह से दूर रखा गया था।</p>
<p>धर्मेंद्र (89) का पिछले माह 24 नवंबर को निधन हो गया था और मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया था।</p>
<p>अभिनेता के पारिवारिक पुरोहित पंडित संदीप पाराशर श्रोत्रिय ने ‘भाषा’ को बताया कि हरकी पौड़ी पर धर्मेंद्र की अस्थियां विसर्जित की गयीं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि अस्थि विसर्जन के पूर्व की कर्मकांड विधि निजी होटल में संपन्न करायी गयी। क्षोत्रिय ने बताया कि इसके बाद सन्नी देओल के बेटे करण देओल और परिजन उनके साथ एक दोपहिया वाहन से हरकी पौड़ी पहुंचे और वहां अस्थि विसर्जन किया गया।</p>
<p>पुरोहित ने बताया कि अस्थि विसर्जन संबंधी विधियां सन्नी देओल ही करना चाहते थे मगर उनके जाने पर भीड़ एकत्र होने की आशंका से धर्मेंद्र के पौत्र करण ने इन्हें पूरा किया।</p>
<p>पुरोहित के मुताबिक अभिनेता सन्नी देओल और बॉबी देओल परिजनों के साथ मंगलवार को ही हरिद्वार पहुंच गए थे और इसी दिन अस्थि विसर्जन किया जाना था, लेकिन एक परिजन के समय से नहीं पहुंच पाने के कारण यह नहीं हो पाया। पुरोहित ने बताया कि यहां अस्थि विसर्जन कर्म के वक्त धर्मेंद्र की पत्नी हेमामलिनी और उनकी तरफ से कोई भी मौजूद नहीं था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 16:56:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड की धामी सरकार ने यूसीसी और धर्मांतरण विरोधी कानून बनाकर साहसिक कदम उठाया : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, नौ नवंबर (भाषा)प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को जनसांख्यिकी बदलाव रोकने के उपाय, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), अवैध धर्मांतरण पर रोक और दंगा नियंत्रण को लेकर उत्तराखंड सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को ‘साहसिक’ करार देते हुए उनकी प्रशंसा की और सुझाव दिया कि अन्य राज्यों को भी उनका अनुकरण करना चाहिए।</p>
<p>मोदी ने उत्तराखंड के गठन की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की सरकार ने जिस गंभीरता से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू किया, वह अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल है। राज्य सरकार ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143959/dhami-government-of-uttarakhand-took-a-bold-step-by-making"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/7698_narendra-modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, नौ नवंबर (भाषा)प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को जनसांख्यिकी बदलाव रोकने के उपाय, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), अवैध धर्मांतरण पर रोक और दंगा नियंत्रण को लेकर उत्तराखंड सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को ‘साहसिक’ करार देते हुए उनकी प्रशंसा की और सुझाव दिया कि अन्य राज्यों को भी उनका अनुकरण करना चाहिए।</p>
<p>मोदी ने उत्तराखंड के गठन की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की सरकार ने जिस गंभीरता से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू किया, वह अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल है। राज्य सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा नियंत्रण कानून जैसे राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर साहसिक नीतियां अपनाई हैं।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार (उत्तराखंड में) भूमि हड़पने और जनसांख्यिकीय परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी ठोस कार्रवाई कर रही है।’’</p>
<p>देहरादून में वन अनुसंधान संस्थान के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने रिमोट के जरिये 8260.72 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार की सराहना की और कहा कि उत्तराखंड अगले कुछ वर्षों में खुद को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित कर सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘उत्तराखंड की विकास यात्रा को अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ा है, लेकिन भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकार ने हर बार उन पर विजय प्राप्त की है और यह सुनिश्चित किया है कि विकास की गति न थमे।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कि उत्तराखंड आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र इसके भविष्य की यात्रा के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ वाली भाजपा सरकार उत्तराखंड की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए काम कर रही है।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘आप सभी जानते हैं कि उत्तराखंड से मेरा कितना गहरा लगाव है। जब भी मैं आध्यात्मिक यात्राओं पर यहां आया, पहाड़ों में रहने वाले लोगों के संघर्ष और कड़ी मेहनत ने मुझे हमेशा प्रेरित किया। इसने मुझे उत्तराखंड की अपार संभावनाओं से परिचित कराया।’’</p>
<p>उन्होंने कहा,‘‘बाबा केदार के दर्शन के बाद मैंने कहा था कि यह दशक उत्तराखंड का है। यह कोई सामान्य बात नहीं थी, मुझे आप पर पूरा विश्वास था।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का असली सार इसकी आध्यात्मिक शक्ति में निहित है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि उत्तराखंड दृढ़ निश्चय कर ले तो अगले कुछ वर्षों में वह विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित हो सकता है।’’</p>
<p>मोदी ने कहा कि 25 साल पहले उत्तराखंड की जो तस्वीर थी, वह अब पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘यहां आने से पहले, मैंने रजत जयंती समारोह में प्रदर्शनी देखी थी। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि हर नागरिक इसे देखे। यह पिछले 25 वर्षों में उत्तराखंड की यात्रा को दर्शाती है।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘शिक्षा, पर्यटन, उद्योग, स्वास्थ्य, ऊर्जा और ग्रामीण विकास जैसे कई क्षेत्रों में सफलता की कहानियां प्रेरणादायक हैं।’’उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्तराखंड की प्रगति की सराहना की।</p>
<p>मोदी ने कहा कि 25 साल पहले उत्तराखंड का बजट केवल 4,000 करोड़ रुपये था, जो अब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि 25 सालों में उत्तराखंड में बिजली उत्पादन चार गुना बढ़ गया है और सड़कों की लंबाई दोगुनी हो गई है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हर छह महीने में हवाई मार्ग से आने वाले 4,000 यात्रियों की तुलना में आज प्रतिदिन 4,000 से अधिक यात्री आते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इन 25 वर्षों में इंजीनियरिंग महाविद्यालयों की संख्या 10 गुना से भी अधिक बढ़ी है। पहले केवल एक चिकित्सा महाविद्यालय था, लेकिन अब 10 हो गए हैं।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह परिवर्तन समावेशिता की नीति और प्रत्येक उत्तराखंडी के संकल्प का परिणाम है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि उत्तराखंड 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के प्रयास में मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने 8000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में जमरानी बांध और देहरादून में सोंग बांध पेयजल की कमी को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सेब और कीवी किसानों को डिजिटल मुद्रा के माध्यम से अनुदान उपलब्ध कराएगी।</p>
<p>मोदी ने कहा कि राज्य में दो लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं जिनमें ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे शामिल हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने बताया कि गौरीकुंड-केदारनाथ और हेमकुंड रोपवे का भी शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘ये सभी परियोजनाएं उत्तराखंड के विकास को नई गति दे रही हैं।’’</p>
<p>उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का सुझाव दिया जिनमें राज्य में विकास की अपार संभावनाएं हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम यहां के मंदिरों, आश्रमों, ध्यान और योग केंद्रों को वैश्विक नेटवर्क से जोड़ सकते हैं। देश-विदेश से लोग यहां स्वास्थ्य लाभ के लिए आते हैं। यहां जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक औषधियों की मांग तेज़ी से बढ़ रही है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘उत्तराखंड ने सुगंधित पौधों, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, योग और स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब समय आ गया है कि एक सम्पूर्ण पैकेज पर विचार किया जाए। उत्तराखंड के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में योग केंद्र, आयुर्वेदिक केंद्र, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र और होमस्टे को प्रोत्साहित किया जाए।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वह चाहते हैं कि उत्तराखंड का हर गांव एक छोटा ‘पर्यटन केंद्र’ बने। उन्होंने कहा, ‘‘होमस्टे स्थापित किए जाने चाहिए और स्थानीय खान-पान व संस्कृति को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।’’</p>
<p>उन्होंने कहा,‘‘कल्पना कीजिए कि विदेशी पर्यटकों को कैसे आनंद का अनुभव होगा जब वे घरेलू माहौल में डूब जाएंगे और चुड़कानी, अरसा, भात और झंगोरा की खीर खाएंगे।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि यह खुशी इन पर्यटकों को उत्तराखंड वापस लाएगी।</p>
<p>मोदी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन, शीतकालीन पर्यटन, साहसिक पर्यटन, विवाह स्थलों का विकास और फिल्म शूटिंग स्थल ऐसे अन्य क्षेत्र हो सकते हैं जहां उत्तराखंड प्रगति कर सकता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन की गई परियोजनाएं पेयजल, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास सहित कई प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित हैं।</p>
<p>समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Nov 2025 18:38:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण उत्तराखंड की संस्कृति का अभिन्न अंग: मुख्यमंत्री धामी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, छह नवंबर (भाषा) प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण को उत्तराखंड की संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को कहा कि हमारे पूर्वजों ने मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व की जो विचारधारा दी, वह आज भी हमारी जीवनशैली का आधार है।</p>
<p>नैनीताल जिले के रामनगर में उत्तराखंड स्थापना के रजत जयंती उत्सव के तहत आयोजित 'जन वन महोत्सव' का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव जनता और जंगलों के बीच अटूट रिश्ते का प्रतीक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह रिश्ता हमें सिखाता है कि विकास तभी सार्थक है, जब पारिस्थितिकी और आर्थिकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143908/nature-and-wildlife-conservation-is-an-integral-part-of-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d13032024-01-cm-dhami.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, छह नवंबर (भाषा) प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण को उत्तराखंड की संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को कहा कि हमारे पूर्वजों ने मानव और प्रकृति के सहअस्तित्व की जो विचारधारा दी, वह आज भी हमारी जीवनशैली का आधार है।</p>
<p>नैनीताल जिले के रामनगर में उत्तराखंड स्थापना के रजत जयंती उत्सव के तहत आयोजित 'जन वन महोत्सव' का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव जनता और जंगलों के बीच अटूट रिश्ते का प्रतीक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह रिश्ता हमें सिखाता है कि विकास तभी सार्थक है, जब पारिस्थितिकी और आर्थिकी के बीच सामंजस्य बना रहे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों में प्रदेश ने प्रकृति, संस्कृति और विकास का संतुलन बनाए रखते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं ।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पारिस्थितिकी, आर्थिकी और प्रौद्योगिकी के संतुलन पर कार्य कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वन्य जीव संरक्षण के लिए प्रदेश में जीपीएस ट्रैकिंग, ड्रोन से निगरानी, श्वान दल जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।</p>
<p>धामी ने कहा कि राज्य में ‘इको-टूरिज्म मॉडल’ पर तेजी से काम किया जा रहा है ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलें और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिम कॉबेट राष्ट्रीय पार्क के बिजरानी, गर्जिया और ढिकुली जोन को आधुनिक रूप में विकसित किया गया है जिससे हजारों ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।</p>
<p>इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रकृति के बारे में जानकारी रखने वाले गाइड, ड्रोन पायलट, वन्यजीव फोटोग्राफर, वन्यजीव पर्यटन आधारित कौशल को उद्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है जिससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके ।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने की जरूरत पर बल देते हुए उसे सबसे बड़ी पूंजी बताया।</p>
<p>इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सत्तर के दशक में चमोली जिले में हुए चिपको आंदोलन का भी उल्लेख किया तथा कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा पेड़ों से लिपटकर दिए गए संदेश ने विश्वभर में पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह आंदोलन महिला सशक्तिकरण, सत्याग्रह और पर्यावरण प्रेम का प्रतीक बन गया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कई गांवों में विकास के लिए घोषणाएं करने के साथ ही पर्यटन सत्र 2025-26 में महिला जिप्सी चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की भी घोषणा की ।</p>
<p>उन्होंने नगर वन में लाइट एंड साउंड शो शीघ्र प्रारंभ किये जाने, रामनगर में सामुदायिक सोवेनियर शॉप का निर्माण कर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन दिये जाने की भी घोषणा की।</p>
<p>इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि वन विभाग के प्रयासों से प्रदेश में वन्य जीवों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 20:24:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाघों की गणना के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ऋषिकेश, 24 सितंबर (भाषा) पूरे देश में बाघों की 2026 में अनुमानित संख्या तथा उससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के सटीक एवं वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान (डब्लूआईआई) ने जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है।</p>
<p>संस्थान के निदेशक गोविन्द एस भारद्वाज ने बताया कि देश में छठी बार हो रही बाघों की गणना का कार्य केंद्रीय वन मंत्रालय और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के निर्देश पर संस्थान द्वारा किया जा रहा है ।</p>
<p>उन्होंने बताया कि ‘टाइगर लैंड स्केप’ में आने वाले वन प्रभाग के अग्रिम पंक्ति के वन कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143255/work-starts-at-the-ground-level-to-calculate-tigers"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/tiger-rests-at-bandhavgarh-national-park-madhya-pradesh.jpg" alt=""></a><br /><p>ऋषिकेश, 24 सितंबर (भाषा) पूरे देश में बाघों की 2026 में अनुमानित संख्या तथा उससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के सटीक एवं वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान (डब्लूआईआई) ने जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है।</p>
<p>संस्थान के निदेशक गोविन्द एस भारद्वाज ने बताया कि देश में छठी बार हो रही बाघों की गणना का कार्य केंद्रीय वन मंत्रालय और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के निर्देश पर संस्थान द्वारा किया जा रहा है ।</p>
<p>उन्होंने बताया कि ‘टाइगर लैंड स्केप’ में आने वाले वन प्रभाग के अग्रिम पंक्ति के वन कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण का कार्यक्रम शुरू हो चुका है ।</p>
<p>भारद्वाज ने बताया कि इसी माह 15-16 सितंबर को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पेंच बाघ अभयारण्य में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें मध्य और पश्चिम भारत के बाघ की मौजूदगी वाले राज्यों के प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया ।</p>
<p>भारद्वाज ने बताया कि प्रशिक्षण का दूसरा चरण 24-25 सितंबर को दक्षिण के राज्यों के लिए मुद्दु मलाई बाघ अभयारण्य और बांदीपुर बाघ अभयारण्य में होगा जबकि तीसरा चरण 28 से 30 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के विश्व धरोहर स्थल सुंदरबन बाघ अभयारण्य में होगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि चौथा चरण 18 से 20 नवंबर को उत्तर भारत के राज्यों के लिए उत्तराखंड के राजाजी बाघ अभयारण्य में तथा पूर्वोत्तर के लिए असम के नमेरी बाघ अभयारण्य में होगा ।</p>
<p>निदेशक के मुताबिक, प्रशिक्षण में बताया जा रहा है कि बाघ गणना के लिए चिन्हित वन क्षेत्रों में बाघ के अलावा अन्य सह शिकारी जीवों, शिकार की प्रजातियों, परिमार्जक जीवों, पारिस्थितिकीय तंत्र सहित आश्रय स्थल की गुणवत्ता आदि की स्थिति के बारे में भी जानकारी इकट्ठा करनी है ।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस बार देश की ‘टाइगर टास्क फोर्स’ के निर्देश पर चिन्हित वन क्षेत्रों में डबल सैंपलिंग विधि प्रयोग में लाई जाएगी।</p>
<p>भारद्वाज ने बताया कि इसके अलावा, कैमरा ट्रैपिंग सहित पूरी प्रक्रिया को पारदर्शिता और सटीकता के साथ पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Sep 2025 21:19:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड: चमोली के नंदानगर में बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन में 14 लोग लापता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून/गोपेश्वर, 18 सितंबर (भाषा) उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बृहस्पतिवार तड़के चार स्थानों पर बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 14 लोग लापता हो गए और 20 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>देहरादून में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर नंदानगर में अतिवृष्टि से उत्पन्न हालात की जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संवाददाताओं को बताया कि नंदानगर के चार अलग-अलग स्थान कुंतरी लगा फाली, कुंतरी लगा सरपाणीं, सेरा और धुर्मा में बादल फटने और भारी मात्रा में मलबा आने से 35 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143124/14-people-missing-in-cloudburst-and-landslide-in-nandanagar-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/9287_monsoon-to-come.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून/गोपेश्वर, 18 सितंबर (भाषा) उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बृहस्पतिवार तड़के चार स्थानों पर बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 14 लोग लापता हो गए और 20 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>देहरादून में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर नंदानगर में अतिवृष्टि से उत्पन्न हालात की जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संवाददाताओं को बताया कि नंदानगर के चार अलग-अलग स्थान कुंतरी लगा फाली, कुंतरी लगा सरपाणीं, सेरा और धुर्मा में बादल फटने और भारी मात्रा में मलबा आने से 35 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और कई दुकानों व गोशालाओं को नुकसान पहुंचा।</p>
<p>उन्होंने बताया, ‘‘इन घटनाओं में 14 लोग लापता हैं और लगभग 20 लोग घायल हुए हैं। इस आपदा से 200 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।’’</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), पुलिस सहित विभिन्न एजेंसियां मौके पर पहुंच चुकी हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि चमोली के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी सुबह ही घटनास्थल की ओर रवाना हो गए थे। स्थानीय विधायक भूपाल राम टम्टा और कुछ स्थानीय लोग भी राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भेजा जा रहा है। इसमें एक बच्चा भी शामिल है जिसे सिर में चोट आई है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में कुछ लोग अभी भी अपने घरों में फंसे हुए हैं, जिन्हें वहां से निकालने की कार्रवाई जारी है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा प्रयास है कि सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।’’</p>
<p>एक सवाल के जवाब में धामी ने कहा कि जब तक मानसून पूरी तरह से थम नहीं जाता, तब तक सभी जिलों के आपदा प्रबंधन से जुड़े लोग और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित सभी एजेंसियां अलर्ट पर रहेंगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मौसम विभाग से निरंतर संपर्क रखा जा रहा है और उनके पूर्वानुमान के अनुसार सावधानी बरती जा रही है।</p>
<p>इस बीच, चमोली जिला आपदा प्रबंधन केंद्र ने कुंतरी लगा फाली गांव में लापता एक परिवार के चार सदस्यों सहित आठ लोगों और धुर्मा गांव के दो लोगों की सूची जारी की है।</p>
<p>कुंतरी लगा फाली में कुंवर सिंह (42), उनकी पत्नी कांता देवी (38), उनके बेटे विकास (10) और विशाल (10), नरेंद्र सिंह (40), जगदम्बा प्रसाद (70) व उनकी पत्नी भागा देवी (65), देवेश्वरी देवी (65) लापता हैं। धुर्मा गांव से गुमान सिंह (75) और ममता देवी (38) लापता हैं।</p>
<p>चमोली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मौके पर एक मेडिकल टीम और तीन एम्बुलेंस भेजी गई हैं।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि नंदानगर को जोड़ने वाली सड़कें कई स्थानों पर बाधित हो गई हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के प्रयास जारी हैं।</p>
<p>मौके पर अपनी टीम के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे कुंतरी गांव के निवासी एवं ‘इंडियन रेडक्रॉस’ की जिला शाखा के उप सभापति नंदन सिंह ने बताया कि दलदल और भारी मलबे के कारण राहत कार्यों में काफी कठिनाई हो रही है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि तेज बारिश के दौरान कुंतरी गांव के ऊपर पहाड़ी से तीन जगहों पर बरसाती नालों में भारी मात्रा में मिट्टी, मलबा, पानी और पत्थर बहते हुए आए, जिससे सब कुछ तबाह हो गया।</p>
<p>नंदन सिंह ने कहा, ‘‘कई लोग जैसे-तैसे बच निकले, लेकिन कुछ लोग मलबे में दब गए।’’</p>
<p>उन्होंने बताया कि उसी पहाड़ी की दूसरी ओर स्थित मोख घाटी में भी भारी बारिश के कारण मोख नदी में बाढ़ आ गई, जिससे धुर्मा से सेरा तक कई भवन क्षतिग्रस्त हो गए।</p>
<p>पिछले माह के अंत में भी कुंतरी गांव में जमीन धंसने और गहरी दरारों के कारण लगभग 16 मकान खतरे की जद में आ गए थे, जिसके बाद वहां के 64 लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया था।</p>
<p>इस मानसून सीजन में उत्तराखंड को लगातार कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है। दो दिन पहले ही बादल फटने और भारी बारिश के कारण बाढ़ व भूस्खलन की घटनाओं में देहरादून में भारी तबाही हुई थी, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य लापता हो गए थे।</p>
<p>देहरादून में आई आपदा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अवरुद्ध मार्गों और बाधित बिजली-पानी आपूर्ति जैसी सुविधाओं को बहाल करने का कार्य जारी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अब तक कई सुविधाएं दुरुस्त की जा चुकी हैं।</p>
<p>धामी ने कहा कि आपदा के कारण शिविरों में रह रहे लोगों का हर प्रकार से ध्यान रखा जा रहा है और सरकार जल्दी से जल्दी स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रही है।</p>
<p>एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि चारों धामों की यात्रा सुचारू रूप से जारी है, लेकिन यात्रियों से अपील है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा का नियोजन करें ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हर यात्री की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा संपूर्ण प्रयास है कि सभी यात्रियों की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो।’’</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भी दुनिया के हर हिस्से की तरह जलवायु परिवर्तन का प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस क्षेत्र में काम करने वाले संस्थानों का सहयोग लेकर आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने के लिए परीक्षण और सर्वेक्षण कराएगी।</p>
<p>केदारनाथ में 17 सितंबर से दोबारा शुरू हुई हेलीकॉप्टर सेवाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इसके लिए देहरादून और सिरसी में एक-एक हवाई यातायात नियंत्रक (एटीसी) स्थापित कर दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 15:13:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारी बारिश से देहरादून और आसपास के इलाकों में भीषण तबाही, पांच लोग बहे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 16 सितंबर (भाषा) उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को बादल फटने और रात भर हुई भारी बारिश से भीषण तबाही मची जिसमें कम से कम पांच लोग बह गए और 500 से अधिक लोग विभिन्न स्थानों पर फंस गए।</p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार सहस्त्रधारा, मालदेवता, संतला देवी और डालनवाला आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। सहस्त्रधारा में 192 मिमी, मालदेवता में 141.5 मिमी, हाथी बरकला और जॉली ग्रांट में 92.5 मिमी और कालसी में 83.5 मिमी बारिश हुई।</p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय ने बताया कि कई सड़कें, मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143085/due-to-heavy-rains-five-people-flowed-in-dehradun-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/2944_riverpondhanddrowndrown2.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 16 सितंबर (भाषा) उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाकों में मंगलवार को बादल फटने और रात भर हुई भारी बारिश से भीषण तबाही मची जिसमें कम से कम पांच लोग बह गए और 500 से अधिक लोग विभिन्न स्थानों पर फंस गए।</p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार सहस्त्रधारा, मालदेवता, संतला देवी और डालनवाला आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। सहस्त्रधारा में 192 मिमी, मालदेवता में 141.5 मिमी, हाथी बरकला और जॉली ग्रांट में 92.5 मिमी और कालसी में 83.5 मिमी बारिश हुई।</p>
<p>जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय ने बताया कि कई सड़कें, मकान और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं तथा मंगलवार तड़के एक पुल बह गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार पानी में पांच लोग बह गए और 584 लोग फंसे हुए हैं।</p>
<p>बारिश के बाद ज़्यादातर नदियां उफान पर हैं। तमसा नदी जिसके किनारे प्रसिद्ध टपकेश्वर मंदिर स्थित है, खतरे के निशान के बहुत करीब बह रही है। गंगा और यमुना भी चेतावनी स्तर के करीब बह रही हैं।</p>
<p>सुबह तमसा नदी तेज़ी से उफान पर आ गई, जिससे टपकेश्वर मंदिर पूरी तरह डूब गया और प्रवेश द्वार के पास स्थित विशाल हनुमान प्रतिमा कंधों तक डूब गई। मंदिर के पुजारी बिपिन जोशी ने बताया कि उन्होंने पिछले 25-30 सालों में नदी का पानी इतना ऊपर बहते नहीं देखा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सौभाग्य से सुबह के समय जब बाढ़ आई, उस समय मंदिर परिसर में बहुत कम श्रद्धालु थे। उन्होंने कहा कि मंदिर में रहने वाले पुजारी सुरक्षित हैं।</p>
<p>आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि प्रभावित इलाकों में टीम राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं, वहीं 300 से 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।</p>
<p>सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि देहरादून के पौंधा क्षेत्र में देवभूमि संस्थान परिसर में जलभराव में फंसे लगभग 200 बच्चों को राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की टीम ने बचाया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि टिहरी में जलभराव के कारण गीता भवन में लोग फंस गए थे जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अलावा भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के मलबे से नैनीताल में एक सड़क आवागमन के लिए बंद हो गई है।</p>
<p>वहीं मझारा गांव के निवासी सड़कों पर इकट्ठा हैं और उनका कहना है कि वे भूस्खलन से बाल बाल बचे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग लापता हो गए हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जिले के बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया। स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ मौजूद रहे।</p>
<p>बारिश से प्रभावित मालदेवता क्षेत्र में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘ भारी बारिश के कारण सभी नदियां उफान पर हैं। 25 से 30 स्थानों पर सड़कें टूट गई हैं और संपर्क मार्ग कट गए हैं। मकान और सरकारी संपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं तथा सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राहत टीम युद्धस्तर पर काम कर रही हैं ताकि स्थिति को सामान्य किया जा सके।’’</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ राज्य सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ है। प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन लगातार सक्रिय है।’’</p>
<p>वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद की स्थिति से अवगत कराया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने राज्य को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार संकट की इस घड़ी में उत्तराखंड के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।</p>
<p>भारी बारिश के कारण सोंग नदी उफान पर है जिससे आस-पास के इलाकों में बाढ़ आ गई।</p>
<p>इसे पहले सदर के उपमंडल मजिस्ट्रेट हरि गिरि ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा, ‘‘जलस्तर बढ़ रहा है और बहाव बहुत तेज़ है। किसी के मारे जाने की खबर नहीं है। पर्यटक होटलों में ठहरे हुए हैं।’’</p>
<p>नदी के कारण मालदेवता में एक पुल खतरे में पड़ गया, जिसके कारण प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी तथा सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए समन्वय से काम करना पड़ा।</p>
<p>देहरादून के आईटी पार्क इलाके में भी जलभराव की सूचना है और कई कार्यालयों में पानी घुस गया है जिससे लोग फंस गए हैं।</p>
<p>स्थानीय निवासी ऋतिक शर्मा ने कहा, ‘‘मैं सुबह साढ़े पांच बजे से यहां फंसा हुआ हूं। यहां बहुत पानी है, मेरी कार पानी में डूबी हुई है। कार्यालयों और बेसमेंट में पानी घुस गया है।’’</p>
<p>धामी ने भारी बारिश से प्रभावित देहरादून जिले के मालदेवता और केसरवाला क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए और स्थानीय लोगों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान धामी के साथ कई नेता और अधिकारी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 15:24:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ का भव्य और दिव्य आयोजन राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता: धामी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, तीन सितंबर (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ मेले का भव्य और दिव्य आयोजन राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले से संबंधित स्थायी प्रकृति के सभी कार्य अगले वर्ष अक्टूबर तक पूर्ण कर लिए जाएं।</p>
<p>कुंभ की तैयारियों को लेकर यहां आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर समयबद्ध रूप से पूर्ण करें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कुंभ मेले से जुड़े</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142872/the-grand-and-divine-event-of-kumbh-to-be-held"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d13032024-01-cm-dhami.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, तीन सितंबर (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ मेले का भव्य और दिव्य आयोजन राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले से संबंधित स्थायी प्रकृति के सभी कार्य अगले वर्ष अक्टूबर तक पूर्ण कर लिए जाएं।</p>
<p>कुंभ की तैयारियों को लेकर यहां आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकृत कर समयबद्ध रूप से पूर्ण करें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कुंभ मेले से जुड़े सभी कार्य मास्टर प्लान के अनुरूप किए जाएं, ताकि आयोजन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाया जा सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सेक्टर, मार्ग, पार्किंग, घाट और शिविर स्थलों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाए ताकि आवश्यकता अनुसार भूमि का अधिग्रहण और अस्थायी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p>भीड़ के दबाव को कम करने के उद्देश्य से उन्होंने नए घाटों के निर्माण तथा मौजूदा घाटों की मरम्मत समय से पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने मेले को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सरकारी भूमि और सड़कों से अतिक्रमण को सख्ती से हटाने के निर्देश भी दिए।</p>
<p>उन्होंने हरिद्वार गंगा गलियारे में किए जा रहे कार्यों और निर्माणाधीन बहादराबाद-श्यामपुर बाईपास को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा, ताकि उसका लाभ कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को मिल सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ‘जीरो वेस्ट कॉन्सेप्ट’ अपनाने तथा पर्याप्त मोबाइल शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।</p>
<p>उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालु उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर लौटें। इसके लिए उन्होंने कार्मिकों को व्यवहार कुशलता का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को कुंभ मेले की तैयारियों की हर 15 दिन में समीक्षा करने का निर्देश दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Sep 2025 21:12:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तरकाशी आपदा : भारतीय सेना ने गुजरात के 10 तीर्थयात्रियों का किया रेस्क्यू, परिवारों से मिलाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 08 अगस्त (वेब वार्ता)। उत्तराखंड के धराली में आपदा के कारण फंसे गुजरात के बनासकांठा जिले के 10 तीर्थयात्रियों को भारतीय सेना ने बचा लिया है। सेना ने बनासकांठा जिले के 10 तीर्थयात्रियों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें ऋषिकेश पहुंचा दिया है।</p>
<p>ये तीर्थयात्री बनासकांठा जिले के भाभर तालुका में स्थित चिचोदरा गांव के निवासी हैं, जो धार्मिक यात्रा पर उत्तराखंड आए थे। 5 अगस्त को आपदा के कारण उनका अपने परिवार से संपर्क टूट गया था। लगातार दो दिनों तक संपर्क न होने से परिवारों की चिंता बढ़ गई थी।</p>
<p>सौभाग्य से 7 अगस्त को दोपहर 4</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142419/uttarkashi-disaster-indian-army-introduced-10-pilgrims-of-gujarat-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/uttarakhand-map.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 08 अगस्त (वेब वार्ता)। उत्तराखंड के धराली में आपदा के कारण फंसे गुजरात के बनासकांठा जिले के 10 तीर्थयात्रियों को भारतीय सेना ने बचा लिया है। सेना ने बनासकांठा जिले के 10 तीर्थयात्रियों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें ऋषिकेश पहुंचा दिया है।</p>
<p>ये तीर्थयात्री बनासकांठा जिले के भाभर तालुका में स्थित चिचोदरा गांव के निवासी हैं, जो धार्मिक यात्रा पर उत्तराखंड आए थे। 5 अगस्त को आपदा के कारण उनका अपने परिवार से संपर्क टूट गया था। लगातार दो दिनों तक संपर्क न होने से परिवारों की चिंता बढ़ गई थी।</p>
<p>सौभाग्य से 7 अगस्त को दोपहर 4 बजे संचार बहाल होने पर वीडियो कॉल के जरिए परिवारों ने अपने परिवार वालों से बात की, जिससे उन्होंने राहत की सांस ली।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, सेना ने 11 में से 10 तीर्थयात्रियों को हेलीकॉप्टर से आपदा क्षेत्र से निकालकर ऋषिकेश पहुंचाया है। वे अब बनासकांठा लौट रहे हैं। बचाए गए तीर्थयात्रियों में से एक ने स्वेच्छा से अपनी यात्रा जारी रखने का फैसला किया।</p>
<p>धराली में बादल फटने से सड़क संपर्क और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारतीय सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सैटेलाइट और रेडियो रिले सिस्टम स्थापित किए, जिससे फंसे लोगों और उनके परिवारों के बीच सैटेलाइट इंटरनेट के जरिए संपर्क स्थापित हो सका।</p>
<p>इसके साथ ही, सेना की इंजीनियर रेजिमेंट ने धराली और मुखवा गांव के बीच पहुंच बहाल करने के लिए महत्वपूर्ण निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।</p>
<p>उत्तरकाशी पुलिस के अनुसार, भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), स्थानीय पुलिस, अग्निशमन सेवाएं, और राजस्व विभाग की टीमें पूरे जोर-शोर से राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।</p>
<p>फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर से मातली के आईटीबीपी कैंप तक पहुंचाया जा रहा है और यह कार्य सुबह से जारी है। क्षेत्र पूरी तरह खाली होने तक यह अभियान चलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 15:19:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड में बड़ा हादसा: सूरत का सोनी परिवार दुर्घटनाग्रस्त, ड्रीमी सोनी की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। गुरुवार 26 जून की सुबह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में जा गिरी। हादसा धौलथिर-बद्रीनाथ हाईवे पर हुआ। ट्रैवलर में सवार 18 से 20 यात्रियों में से अब तक तीन की मौत हो चुकी है, आठ घायल हैं और नौ लोग लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों में सूरत की ड्रीमी सोनी भी शामिल है।</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, इस टेंपो ट्रैवलर में गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के श्रद्धालु सवार थे, जो धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए यात्रा कर रहे थे। हादसे का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141566/big-accident-in-uttarakhand-surats-soni-family-crashed-drumi-soni"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-06/b26062025-09.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। गुरुवार 26 जून की सुबह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में जा गिरी। हादसा धौलथिर-बद्रीनाथ हाईवे पर हुआ। ट्रैवलर में सवार 18 से 20 यात्रियों में से अब तक तीन की मौत हो चुकी है, आठ घायल हैं और नौ लोग लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों में सूरत की ड्रीमी सोनी भी शामिल है।</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, इस टेंपो ट्रैवलर में गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के श्रद्धालु सवार थे, जो धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए यात्रा कर रहे थे। हादसे का शिकार हुए यात्रियों में सूरत के पर्वत पाटिया क्षेत्र स्थित सिलिकॉन पैलेस में रहने वाला सोनी परिवार भी शामिल था।</p>
<p>बस में सवार सोनी परिवार के सदस्यों की पहचान ईश्वर सोनी, भावना सोनी, ड्रीमी सोनी, भव्या सोनी और चेष्टा सोनी के रूप में हुई है। इनमें ड्रीमी सोनी की मौके पर ही मौत हो गई। वह पढ़ाई में होशियार थी और हाल ही में 12वीं साइंस में 89% अंक प्राप्त किए थे। ड्रीमी का सपना आईआईटी में दाखिला लेकर इंजीनियर बनने का था।</p>
<p>ईश्वरभाई सोनी सूरत के प्रसिद्ध "विधाता ज्वैलर्स" के मालिक हैं। वे अपने परिवार के साथ 17 जून को सूरत से निकले थे और उदयपुर होते हुए उत्तराखंड पहुंचे थे। यह यात्रा धार्मिक तीर्थस्थलों के दर्शन के उद्देश्य से की जा रही थी।</p>
<p>परिवार मूल रूप से राजस्थान के उदयपुर जिले के भद्रदा गांव का रहने वाला है, जो पिछले 12 वर्षों से सूरत में निवासरत है। ईश्वरभाई के साथ उनकी पत्नी भावनाबेन, दो बेटियां और एक बेटा हैं। बताया जा रहा है कि भावनाबेन के मायके पक्ष के कुछ सदस्य — उनके साले, साली और भतीजी — भी इस यात्रा पर साथ गए थे।</p>
<p>प्रशासन की ओर से फिलहाल मृतकों और घायलों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। राहत और बचाव कार्य जारी है। घटनास्थल पर एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें पहुंच चुकी हैं और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।</p>
<p>स्थानीय प्रशासन और सूरत के परिजनों के बीच संपर्क स्थापित किया जा रहा है। हादसे से सोनी परिवार के जानने वालों और सूरतवासियों में शोक की लहर दौड़ गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Jun 2025 21:34:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केदारनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर को आपात स्थिति में राजमार्ग पर उतारा गया, सभी यात्री सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>रुद्रप्रयाग, सात जून (भाषा) उत्तराखंड के केदारनाथ जा रहे एक हेलीकॉप्टर में शनिवार को तकनीकी खराबी आने के बाद उसे रुद्रप्रयाग जिले में राजमार्ग पर आपात स्थिति में उतारना पड़ा, जिससे उसमें सवार पांच तीर्थयात्री और एक पायलट बाल-बाल बच गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मामूली रूप से घायल हुए पायलट को अस्पताल ले जाया गया है।</p>
<p>सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में देखा जा सकता है कि केस्ट्रेल एविएशन का हेलीकॉप्टर राजमार्ग के बीच में खड़ा है और यह रिहायशी इमारतों के बहुत करीब था तथा उसके ‘टेल रोटर’ से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई।</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141197/the-helicopter-going-to-kedarnath-was-set-up-on-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-06/k07062025-194745.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>रुद्रप्रयाग, सात जून (भाषा) उत्तराखंड के केदारनाथ जा रहे एक हेलीकॉप्टर में शनिवार को तकनीकी खराबी आने के बाद उसे रुद्रप्रयाग जिले में राजमार्ग पर आपात स्थिति में उतारना पड़ा, जिससे उसमें सवार पांच तीर्थयात्री और एक पायलट बाल-बाल बच गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मामूली रूप से घायल हुए पायलट को अस्पताल ले जाया गया है।</p>
<p>सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में देखा जा सकता है कि केस्ट्रेल एविएशन का हेलीकॉप्टर राजमार्ग के बीच में खड़ा है और यह रिहायशी इमारतों के बहुत करीब था तथा उसके ‘टेल रोटर’ से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने बड़ासू हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने के कारण इसे आपात स्थिति में सिरसी के निकट राजमार्ग पर उतारना पड़ा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे और वे बाल-बाल बच गए।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब लोगों ने हेलीकॉप्टर को हवा में असंतुलित होकर सड़क पर आपात स्थिति में उतरते हुए देखा, तो वे डर गए।</p>
<p>केदारनाथ हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि इस घटना से केदारनाथ मंदिर के लिए हेली शटल सेवा प्रभावित नहीं हुई है।</p>
<p>हेलीकॉप्टर को राजमार्ग से हटाने के प्रयास जारी हैं।</p>
<p>पुलिस ने सड़क मार्ग से केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे जहां हैं वहीं रुक जायें, क्योंकि राजमार्ग से हेलीकॉप्टर को हटाने में कुछ समय लग सकता है।</p>
<p>नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि केस्ट्रेल एविएशन के एडब्ल्यू119 (रजिस्टर्ड. वीटी-आरएनके) हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन आर पी एस सोढ़ी थे।</p>
<p>शुरुआती जानकारी के अनुसार, हेलीपैड से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद पायलट को एक संदिग्ध समस्या की सूचना दी गई। जवाब में, उन्होंने हेलीपैड के निकट सड़क पर हेलीकॉप्टर को आपात स्थिति में उतारा।</p>
<p>डीजीसीए ने बताया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।</p>
<p>पायलट को पीठ दर्द की शिकायत के कारण जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है।</p>
<p>इसने बताया कि हेलीकॉप्टर ने अपराह्न 12.52 बजे बड़ासू (सिरसी) हेलीपैड से उड़ान भरी थी।</p>
<p>डीजीसीए ने बताया कि मौके पर आकलन के लिए एक टीम भेजी जा रही है।</p>
<p>एक महीने में यह चौथी बार है जब चार धाम यात्रा मार्ग पर हवाई मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालु बाल-बाल बचे हैं।</p>
<p>शनिवार को हेलीकॉप्टर को ऐसे समय में आपात स्थिति में उतारा गया, जब लगभग एक महीने पहले आठ मई को गंगोत्री मंदिर जा रहा एक अन्य हेलीकॉप्टर उत्तरकाशी जिले के गंगनानी के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें पांच महिलाओं और पायलट सहित छह लोगों की मौत हो गई थी और एक पुरुष यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया था।</p>
<p>बारह मई को बद्रीनाथ से श्रद्धालुओं को लेकर सिरसी लौट रहे एक हेलीकॉप्टर को उखीमठ के एक स्कूल के मैदान में खराब दृश्यता के कारण आपात स्थिति में उतारना पड़ा था। इस घटना में सभी तीर्थयात्री सुरक्षित थे। मौसम ठीक होने पर लगभग एक घंटे बाद हेलीकॉप्टर ने फिर से उड़ान भरी थी।</p>
<p>ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से आई एक हेली एंबुलेंस उत्तराखंड में केदारनाथ हेलीपैड के निकट 17 मई को दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हालांकि उसमें सवार तीनों लोग -एक चिकित्सक, एक पायलट और एक अन्य व्यक्ति सुरक्षित बच गए थे।</p>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 19:48:04 +0530</pubDate>
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                <title>उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से छह लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>उत्तरकाशी, आठ मई (भाषा) उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बृहस्पतिवार सुबह गंगनानी के समीप एक निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच श्रद्धालुओं समेत छह लोगों की मौत हो गई और एक अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है।</p>
<p>इस हादसे की जांच विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) करेगा।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि हादसा सुबह आठ बजकर 11 मिनट पर ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के पास हुआ। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर में पायलट समेत सात लोग सवार थे।</p>
<p>राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ)</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140621/six-people-died-after-a-helicopter-crashes-in-uttarkashi-district"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/4586_dead-body-feature2.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>उत्तरकाशी, आठ मई (भाषा) उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बृहस्पतिवार सुबह गंगनानी के समीप एक निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच श्रद्धालुओं समेत छह लोगों की मौत हो गई और एक अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है।</p>
<p>इस हादसे की जांच विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) करेगा।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि हादसा सुबह आठ बजकर 11 मिनट पर ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के पास हुआ। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर में पायलट समेत सात लोग सवार थे।</p>
<p>राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) के अनुसार ‘एयरोट्रांस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ का हेलीकॉप्टर यमुनोत्री दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को गंगोत्री धाम लेकर जा रहा था जहां उसे हर्षिल हेलीपैड पर उतरना था।</p>
<p>एसडीआरएफ के अनुसार हेलीकॉप्टर 200-250 मीटर गहरी खाई में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे पांच श्रद्धालुओं समेत छह लोगों की मौत हो गई।</p>
<p>हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस तथा एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान गुजरात के वडोदरा निवासी पायलट रॉबिन सिंह (60), मुंबई की पवई की निवासी विजयलक्ष्मी रेड्डी (57), रुचि अग्रवाल (56), कला चंद्रकांत सोनी (61), उत्तर प्रदेश के बरेली की निवासी राधा अग्रवाल (79) और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर की निवासी वेदांती देवी (48) के रूप में हुई है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वेदांती देवी के पति मकतूर भास्कर (51) दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।</p>
<p>उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ. मेहरबार सिंह बिष्ट ने बताया कि घायल को एयर एंबुलेंस से ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भेजा गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘उत्तरकाशी के गंगनानी के समीप हेलीकॉप्टर क्रैश में कुछ लोगों के हताहत होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई हैं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ईश्वर हादसे में दिवंगत लोगों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’’</p>
<p>धामी ने कहा, ‘‘प्रशासन को घायलों को हर संभव सहायता पहुंचाने एवं हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूं और हर स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।’’</p>
<p>इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि हादसे की जांच एएआईबी करेगा। अधिकारियों के अनुसार निजी कंपनी का ‘बेल हेलीकॉप्टर’ दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।</p>
<p>नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार ‘एयरोट्रांस सर्विसेज’ में दो ‘बेल हेलीकॉप्टर’ और एक ‘सेसना’ विमान हैं।</p>
<p>नागर विमानन मंत्रालय के तहत आने वाला एएआईबी ‘‘सुरक्षा संबंधी घटनाओं’’ का वर्गीकरण भी करता है जिसमें भारतीय हवाई क्षेत्र में विमान दुर्घटनाएं, गंभीर हादसे और अन्य हादसे शामिल हैं|</p>
<p>एएआईबी दुर्घटनाओं की विस्तृत जांच करता है और सुरक्षा में सुधार के उपायों का भी सुझाव देता है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140621/six-people-died-after-a-helicopter-crashes-in-uttarkashi-district</link>
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                <pubDate>Thu, 08 May 2025 14:28:57 +0530</pubDate>
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