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                <title>Archery - Loktej</title>
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                <description>Archery RSS Feed</description>
                
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                <title>दीपिका और धीरज का एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ढाका, 11 नवंबर (भाषा) स्टार तीरंदाज दीपिका कुमारी और धीरज बोम्मादेवरा ने टीम स्पर्धाओं में जगह बनाने से चूकने के बाद मंगलवार को एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप की रिकर्व स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया जिससे भारत ने कम से कम तीन व्यक्तिगत पदक पक्के किए।</p>
<p>क्वालीफिकेशन दौर में अपने हमवतन खिलाड़ियों के बीच अंतिम स्थान पर रहने के बाद टीम स्पर्धाओं में जगह बनाने में असफल रहे शीर्ष रैंकिंग वाले भारतीयों दीपिका और धीरज ने व्यक्तिगत एलिमिनेशन शुरू होने पर जोरदार वापसी की।</p>
<p>दीपिका ने शंघाई विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता कोरिया की ली गेह्युन को 7-3 से हराकर महिला रिकर्व</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144005/deepika-and-dheerajs-brilliant-performance-in-asian-archery-championship"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-02/6002_archery.jpg" alt=""></a><br /><p>ढाका, 11 नवंबर (भाषा) स्टार तीरंदाज दीपिका कुमारी और धीरज बोम्मादेवरा ने टीम स्पर्धाओं में जगह बनाने से चूकने के बाद मंगलवार को एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप की रिकर्व स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया जिससे भारत ने कम से कम तीन व्यक्तिगत पदक पक्के किए।</p>
<p>क्वालीफिकेशन दौर में अपने हमवतन खिलाड़ियों के बीच अंतिम स्थान पर रहने के बाद टीम स्पर्धाओं में जगह बनाने में असफल रहे शीर्ष रैंकिंग वाले भारतीयों दीपिका और धीरज ने व्यक्तिगत एलिमिनेशन शुरू होने पर जोरदार वापसी की।</p>
<p>दीपिका ने शंघाई विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता कोरिया की ली गेह्युन को 7-3 से हराकर महिला रिकर्व सेमीफाइनल में प्रवेश किया जहां उनका सामना हमवतन अंकिता भकत से होगा।</p>
<p>इस बीच अंकिता ने दिन का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए शीर्ष वरीयता प्राप्त और पूर्व विश्व चैंपियन कोरिया की जेंग मिन्ही को 6-4 से हराया।</p>
<p>संगीता ने भी ईरान की जारे रेहाने को 7-1 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया जहां उनकी भिड़ंत कोरिया की नाम सुह्योन से होगी।</p>
<p>दीपिका, अंकिता और संगीता तीनों के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ भारत के पास महिला रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में क्लीन स्वीप करने का मौका होगा।</p>
<p>पुरुष रिकर्व वर्ग में धीरज ने अपने खराब क्वालीफिकेशन दौर की भरपाई करते हुए उज्बेकिस्तान के अमीरखोन सादिकोव को शूट ऑफ में हराया। चार सेट में स्कोर 5-5 से बराबर रहने के बाद दोनों ने 10 अंक बनाए लेकिन धीरज ने केंद्र के पास तीर मारकर जीत हासिल की।</p>
<p>सेमीफाइनल में उनका सामना कोरिया के जेंग चाएवान से होगा।</p>
<p>ग्यारहवीं वरीयता प्राप्त राहुल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए चीनी ताइपे के लिन जिह-सियांग को 6-2 से हराकर दूसरे सेमीफाइनल में जगह बनाई जहां उनका सामना कोरिया के सियो मिंगी से होगा।</p>
<p>हालांकि शीर्ष वरीयता प्राप्त यशदीप भोगे को प्री क्वार्टर फाइनल में स्थानीय प्रबल दावेदार मोहम्मद रकीब मिया के खिलाफ 4-6 से हार का सामना करना पड़ा।</p>
<p>दो बार के ओलंपियन अतनु दास को भी अपने पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा।</p>
<p>कंपाउंड स्पर्धाओं में ज्योति सुरेखा वेन्नम और पृथिका प्रदीप ने महिला वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत की पदक की उम्मीदों को जीवंत रखा।</p>
<p>पृथिका ने हमवतन चिकिथा थिप्पेस्वामी को 148-146 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया जहां उनका सामना बांग्लादेश की मोस्ट कुलसुम अख्तर मोने से होगा। ज्योति ने कोरिया की ओह यूहयुन को 147-145 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। वह अगले दौर में चीनी ताइपे की सी-यू चेन से भिड़ेंगी।</p>
<p>हालांकि पुरुषों के कंपाउंड वर्ग में निराशा हाथ लगी जहां साहिल जाधव, प्रथमेश फुगे और अभिषेक वर्मा की हार के साथ कोई भी भारतीय सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 20:24:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेदांता लांजीगढ़ ने ओडिशा स्कूल तीरंदाजी में मचाया धमाल, 12 पदक जीते</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लांजीगढ़ [ओडिशा], अक्टूबर 10: भारत के सबसे बड़े एल्युमिनियम उत्पादक वेदांता एल्युमिनियम ने अपनी जमीनी खेल पहल की एक बड़ी उपलब्धि का जश्न मनाया है, जब इस कार्यक्रम के युवा तीरंदाजों ने ओडिशा स्कूल तीरंदाजी चैम्पियनशिप में प्रतिष्ठित “ओवरऑल चैम्पियन” का खिताब जीत लिया।</p>
<p>कालाहांडी ज़िले के इन तीरंदाजों ने, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SGFI) द्वारा सुंदरगढ़ में आयोजित इस प्रतियोगिता में, कुल 8 स्वर्ण, 3 रजत और 1 कांस्य पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।</p>
<p>वेदांता लांजीगढ़ की प्रमुख स्पोर्ट्स ट्रेनिंग इनिशिएटिव युवा तीरंदाजों को विशेषज्ञ कोचिंग, विश्वस्तरीय उपकरण और प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करती है, जो वेदांता की स्थानीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143555/vedanta-lanjigarh-created-a-stir-in-odisha-school-archery-won"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-10/b11102025-01.jpg" alt=""></a><br /><p>लांजीगढ़ [ओडिशा], अक्टूबर 10: भारत के सबसे बड़े एल्युमिनियम उत्पादक वेदांता एल्युमिनियम ने अपनी जमीनी खेल पहल की एक बड़ी उपलब्धि का जश्न मनाया है, जब इस कार्यक्रम के युवा तीरंदाजों ने ओडिशा स्कूल तीरंदाजी चैम्पियनशिप में प्रतिष्ठित “ओवरऑल चैम्पियन” का खिताब जीत लिया।</p>
<p>कालाहांडी ज़िले के इन तीरंदाजों ने, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SGFI) द्वारा सुंदरगढ़ में आयोजित इस प्रतियोगिता में, कुल 8 स्वर्ण, 3 रजत और 1 कांस्य पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।</p>
<p>वेदांता लांजीगढ़ की प्रमुख स्पोर्ट्स ट्रेनिंग इनिशिएटिव युवा तीरंदाजों को विशेषज्ञ कोचिंग, विश्वस्तरीय उपकरण और प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करती है, जो वेदांता की स्थानीय प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</p>
<p>इन खिलाड़ियों की उपलब्धि न केवल कालाहांडी के युवाओं की अपार क्षमता को उजागर करती है, बल्कि संगठित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के परिवर्तनकारी प्रभाव को भी सिद्ध करती है।</p>
<p>इस सफलता पर टिप्पणी करते हुए, वेदांता एल्युमिना बिजनेस के सीईओ प्रणब कुमार भट्टाचार्य ने कहा, “वेदांता लांजीगढ़ में, हम मानते हैं कि सच्ची प्रगति उन अवसरों से मापी जाती है जो हम अपने समुदायों के लिए निर्मित करते हैं।</p>
<p>हमारे युवा तीरंदाजों की यह असाधारण उपलब्धि यह दर्शाती है कि जमीनी स्तर की पहल किस प्रकार छिपी हुई प्रतिभाओं को उभार सकती है और उन्हें विजेता बना सकती है। हम कालाहांडी के युवाओं को सशक्त बनाने, उनमें आत्मविश्वास जगाने और उत्कृष्टता की राह पर अग्रसर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”</p>
<p>2018 में आरंभ की गई वेदांता की स्पोर्ट्स ट्रेनिंग इनिशिएटिव वंचित समुदायों से खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें तीरंदाजी और एथलेटिक्स में विशेषज्ञ कोचिंग, उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण और प्रशिक्षण ढांचा उपलब्ध कराती है। इस पहल के तहत राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी को भी प्रोत्साहन दिया जाता है।</p>
<p>अब तक 100 से अधिक युवा तीरंदाज इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किए जा चुके हैं, जिन्होंने केवल पिछले वर्ष ही राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 50 से अधिक पदक जीते हैं, जो खेलों के जमीनी विकास के प्रति वेदांता की सतत प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 15:39:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा, मिश्रित टीम को रजत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ग्वांगजू (दक्षिण कोरिया), सात सितंबर (भाषा) भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने रविवार को यहां फाइनल में फ्रांस को हराकर विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा और इस तरह से महिला टीम को मिली निराशा को दूर कर दिया जो आठ साल में पहली बार पोडियम पर जगह बनाने में नाकाम रही।</p>
<p>व्यक्तिगत वर्ग में आठवें स्थान पर रहने वाले ऋषभ यादव ने भी मिश्रित टीम स्पर्धा में अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम के साथ रजत पदक जीतकर वापसी की। महिला वर्ग में निराशा हाथ लगी क्योंकि टीम प्री-क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गई और 2017 से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142947/indian-mens-compound-archery-team-won-the-gold-medal-by"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-02/6002_archery.jpg" alt=""></a><br /><p>ग्वांगजू (दक्षिण कोरिया), सात सितंबर (भाषा) भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने रविवार को यहां फाइनल में फ्रांस को हराकर विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा और इस तरह से महिला टीम को मिली निराशा को दूर कर दिया जो आठ साल में पहली बार पोडियम पर जगह बनाने में नाकाम रही।</p>
<p>व्यक्तिगत वर्ग में आठवें स्थान पर रहने वाले ऋषभ यादव ने भी मिश्रित टीम स्पर्धा में अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम के साथ रजत पदक जीतकर वापसी की। महिला वर्ग में निराशा हाथ लगी क्योंकि टीम प्री-क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गई और 2017 से लगातार पदक जीतने का उसका अभियान समाप्त हो गया।</p>
<p>तेईस वर्षीय ऋषभ ने अमन सैनी और प्रथमेश फुगे के साथ मिलकर भारत को पुरुष कंपाउंड टीम के खिताबी मुकाबले में फ्रांस पर 235-233 से रोमांचक जीत दिलाई।</p>
<p>फ्रांस ने निकोलस गिरार्ड, जीन फिलिप बौल्च और फ्रेंकोइस डुबोइस को मैदान में उतारा, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव में भी उल्लेखनीय धैर्य दिखाया।</p>
<p>इसका श्रेय फुगे को जाना चाहिए, जो क्वालीफायर में 19वें और भारतीय खिलाड़ियों में अंतिम स्थान पर रहे थे। इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने पहले चरण में 9-9 का स्कोर बनाया लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार छह परफेक्ट 10 लगाए। इसमें निर्णायक अंतिम तीर भी शामिल था, जिसने भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया।</p>
<p>भारत के मुख्य कंपाउंड कोच जीवनजोत सिंह तेजा ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह सिर्फ फुगे की बात नहीं है, बल्कि तीनों खिलाड़ियों ने अपना जज्बा दिखाया और दबाव में आए बिना एक-दूसरे का साथ दिया। ’’</p>
<p>पहले चरण के बाद भारत 57-59 से पीछे था, लेकिन दूसरे चरण में उसने छह 10-10 के साथ वापसी करते हुए स्कोर 117-117 पर बराबर कर दिया। तीसरे चरण में दोनों टीमों ने 59-59 अंक बनाए, जिससे स्कोर 176-176 से बराबर रहा। अंतिम चरण में फ्रांस की टीम लड़खड़ा गई और भारत स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रचने में सफल रहा।</p>
<p>भारत ने फाइनल तक के अपने सफ़र में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और तुर्की पर प्रभावशाली जीत दर्ज की थी।</p>
<p>इससे पहले दिन में यादव और ज्योति को मिश्रित टीम फाइनल में नीदरलैंड के विश्व नंबर एक माइक श्लोएसर और साने डे लाट की जोड़ी से 155-157 से हार का सामना करना पड़ा।</p>
<p>भारतीय जोड़ी ने पहले चरण के बाद एक अंक की बढ़त बना ली थी, लेकिन दूसरे चरण में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वे 76-77 से पीछे हो गए। नीदरलैंड की जोड़ी ने इसके बाद भी अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा और छह 10 अंक बनाकर स्वर्ण पदक हासिल किया।</p>
<p>भारत का इस स्पर्धा में 2021 के बाद यह पहला पदक है। दो साल पहले बर्लिन में उसे पदक नहीं मिला था।</p>
<p>तेजा ने कहा, ‘‘पिछली बार पदक से चूकने के बाद इस बार हम पदक जीतकर खुश हैं। प्रदर्शन तो अच्छा है, लेकिन खेल में आप हर बार नहीं जीत सकते। नीदरलैंड के खिलाड़ियों ने आज बेहतरीन प्रदर्शन किया।‘‘</p>
<p>भारत को एकमात्र झटका महिला कंपाउंड टीम से लगा, जो शनिवार को प्री-क्वार्टर फ़ाइनल में हारकर पदक की दौड़ से बाहर हो गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Sep 2025 19:26:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेक्सिको : तीरंदाजी विश्व कप फाइनल: दीपिका ने जीता अपना पांचवां रजत; धीरज पहले दौर से बाहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ट्लाक्सकाला (मेक्सिको), 21 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय रिकर्व तीरंदाज दीपिका कुमारी ने यहां चीन की ली जियामन से 0-6 से हारने के बाद विश्व कप फाइनल में अपना पांचवां रजत पदक जीता।<br /><br />दिसंबर 2022 में अपनी बेटी के जन्म के तीन साल बाद विश्व कप फाइनल में वापसी करते हुए, चार बार की ओलंपियन दीपिका को आठ-तीरंदाज क्षेत्र में तीसरी वरीयता दी गई थी।<br /><br />सेमीफ़ाइनल में उनका प्रदर्शन आसान रहा, लेकिन शायद उनपर, चौथी वरीयता प्राप्त ली जियामन के खिलाफ स्वर्ण पदक मैच का दबाव आ गया।<br /><br />विश्व कप फाइनल में यह दीपिका की नौवीं उपस्थिति थी जहां उन्होंने कांस्य पदक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/105066/mexico-archery-world-cup-final-deepika-wins-her-fifth-silver"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-10/b21102024-09.jpg" alt=""></a><br /><p>ट्लाक्सकाला (मेक्सिको), 21 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय रिकर्व तीरंदाज दीपिका कुमारी ने यहां चीन की ली जियामन से 0-6 से हारने के बाद विश्व कप फाइनल में अपना पांचवां रजत पदक जीता।<br /><br />दिसंबर 2022 में अपनी बेटी के जन्म के तीन साल बाद विश्व कप फाइनल में वापसी करते हुए, चार बार की ओलंपियन दीपिका को आठ-तीरंदाज क्षेत्र में तीसरी वरीयता दी गई थी।<br /><br />सेमीफ़ाइनल में उनका प्रदर्शन आसान रहा, लेकिन शायद उनपर, चौथी वरीयता प्राप्त ली जियामन के खिलाफ स्वर्ण पदक मैच का दबाव आ गया।<br /><br />विश्व कप फाइनल में यह दीपिका की नौवीं उपस्थिति थी जहां उन्होंने कांस्य पदक भी जीता।<br /><br />डोला बनर्जी विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय तीरंदाज हैं, जिन्होंने दुबई 2007 में पोडियम में शीर्ष स्थान हासिल किया था।<br /><br />पुरुष रिकर्व वर्ग में, धीरज बोम्मदेवरा 4-2 से आगे होने के बावजूद, शुरुआती दौर में दक्षिण कोरिया के पेरिस ओलंपिक कांस्य पदक विजेता, ली वू सियोक की चुनौती से पार नहीं पा सके और जल्दी बाहर हो गए।<br /><br />पांच सदस्यीय भारतीय दल, जिसमें तीन कंपाउंड और दो रिकर्व तीरंदाज शामिल थे, ने इस प्रकार अपने सीज़न के अंत विश्व कप फाइनल अभियान का समापन केवल एक पदक के साथ किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/105066/mexico-archery-world-cup-final-deepika-wins-her-fifth-silver</link>
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                <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 15:57:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टोक्यो ओलिंपिक 2020 : प्रतियोगिता से बाहर होने के बाद दीपिका ने उठाया संघ के फैसले पर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[अतनु  के साथ जोड़ी तोड़ने को लेकर किया सवाल, साथ में होते तो लेकर आते पदक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>टोक्यो ओलंपिक की तीरंदाजी स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतियोगिता अब समाप्त हो गई है। अतनु दास शनिवार को पुरुष एकल प्री-क्वार्टर फाइनल में जापान के ताकाहारू फुरुकावा से 4-6 से हार गए। इससे पहले शुक्रवार को विश्व की नंबर एक दीपिका कुमारी को भी क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की सुनउन से हार मिली थी। डबल्स में दीपिका और प्रवीण जाधव को 24 जुलाई को हार का सामना करना पड़ा था।</div><div>आपको बता दें कि दीपिका कुमारी और अतनु दास की जोड़ी टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत से पहले मिश्रित युगल में पसंदीदा जोड़ी थी। लेकिन अतनु दास और दीपिका की जोड़ी नहीं बनी क्योंकि इवेंट के रैंकिंग दौर में उनका स्कोर प्रवीण जाधव से कम था। इस ओलंपिक स्पर्धा में जाधव 31वें और 35वें स्थान पर थे। भारतीय तीरंदाजी प्रबंधन टीम ने रैंकिंग के आधार पर आगे बढ़ने का फैसला किया। प्रबंधन ने पेरिस विश्व कप के प्रदर्शन को भी नजरअंदाज किया और प्रवीण जाधव और दीपिका की जोड़ी बनाई, जिसके परिणामस्वरूप कोरिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उनकी हार हुई।</div><div>अब दीपिका कुमारी ने भारतीय तीरंदाजी संघ के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा, "अगर आपने और अतनु ने ओलंपिक में हिस्सा लिया होता तो हम पदक जीत लेते। अतनु के साथ मेरी बॉन्डिंग और तालमेल सबसे अच्छा है।” दूसरी ओर अतनु ने भी प्रबंधन के फैसले को चुनौती दी। उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद थी कि दीपिका के साथ खेलकर मैं देश के लिए मेडल जीत कर वापस आ जाता, लेकिन मैं अब भी इस बात को लेकर असमंजस में हूं कि हमारी जोड़ी क्यों टूटी। मुझे नहीं पता ऐसा क्यों किया गया।</div><div>दीपिका और अतनु ने पिछले साल जून में शादी की थी। एक ही ओलंपिक में भाग लेने वाले पहले भारतीय जोड़े थे। मिक्स्ड डबल्स में भी दीपिका अपने पति को चीयर करने पहुंचीं। जब अतनु का मैच जिन हायेक और ताकाहारु फुरुकावा के खिलाफ था तो दीपिका ने अपने पति का उत्साह बढ़ाया।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/78776/tokyo-olympics-2020-after-being-out-of-the-competition-deepika-raised-questions-on-the-decision-of-the-association</link>
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                <pubDate>Sat, 31 Jul 2021 21:05:25 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>पैरा तीरंदाजी : भारत ने दूसरे दिन पक्के किए 2 रजत और 1 स्वर्ण पदक</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के पैरा तीरंदाज राकेश कुमार और श्याम सुंदर स्वामी ने सेमीफाइनल के अपने-अपने मुकाबले जीत फाइनल में जगह बनाई जबकि ज्योति बालियान ने भी महिला वर्ग में जीत हासिल फाइनल में स्थान पक्का किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/78661/fazza-world-ranking-tourny-indians-ensure-2-silver-and-a-gold"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-02/6002_archery.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="font-size:1rem;">दुबई, 25 फरवरी (आईएएनएस)| भारत के पैरा तीरंदाजों ने सातवें फाजा पैरा तीरंदाजी विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट के दूसरे दिन दो रजत और एक स्वर्ण पदक पक्के कर लिए हैं। भारत के पैरा तीरंदाज राकेश कुमार और श्याम सुंदर स्वामी ने सेमीफाइनल के अपने-अपने मुकाबले जीत फाइनल में जगह बनाई जबकि ज्योति बालियान ने भी महिला वर्ग में जीत हासिल फाइनल में स्थान पक्का किया।</span><br /></p><p><span style="font-size:1rem;">सेमीफाइनल मुकाबले में राकेश ने तुर्की ने अयागन एर्दोगन को 143-138 से हराया और फाइनल में जगह बनाई। </span><span style="font-size:1rem;">एक अन्य मुकाबले में स्वामी ने पिछले वर्ष के चैंपियन स्लोवाकिया के मारसेल पावलिक को 145-143 से हराया। </span><span style="font-size:1rem;">महिला वर्ग में ज्योति ने रूस की दजियोएवा अनास्तासिया को महज एक अंक के अंतराल से 139-138 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।</span><br /></p><p><span style="font-size:1rem;">ज्योति का फाइनल में रूस की स्टेपानिदा अर्ताखिनोवा से मुकाबला होगा। ज्योति ने 2019 एशियाई चैम्पियनशिप में श्याम सुंदर के साथ मिश्रित वर्ग में रजत पदक जीता था।</span><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Feb 2021 14:50:36 +0530</pubDate>
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