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                <title>Boxing - Loktej</title>
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                            <item>
                <title>निशा और मुस्कान के स्वर्ण से एशियाई अंडर-19 मुक्केबाजी में भारत के नाम नौ पदक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बैंकॉक, 10 अगस्त (वेब वार्ता)। युवा भारतीय मुक्केबाज निशा और मुस्कान ने अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए रविवार को यहां अंडर-19 एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते, जबकि पांच अन्य खिलाड़ियों ने रजत पदक हासिल किए।</p>
<p>इस प्रतियोगिता के अंडर 19 वर्ग में भाग लेने वाली 10 महिला मुक्केबाजों में से नौ पदक जीतकर वापस लौटेंगी, जिनमें दो स्वर्ण और पांच रजत के अलावा दो कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और चीन जैसे देशों के मुक्केबाजों को कड़ी चुनौती देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।</p>
<p>निशा ने 54 किग्रा वर्ग में चीन की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142455/nine-medals-in-india-in-asian-under-19-boxing-with-nisha"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-03/loktej-defult-news-image.jpg" alt=""></a><br /><p>बैंकॉक, 10 अगस्त (वेब वार्ता)। युवा भारतीय मुक्केबाज निशा और मुस्कान ने अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए रविवार को यहां अंडर-19 एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते, जबकि पांच अन्य खिलाड़ियों ने रजत पदक हासिल किए।</p>
<p>इस प्रतियोगिता के अंडर 19 वर्ग में भाग लेने वाली 10 महिला मुक्केबाजों में से नौ पदक जीतकर वापस लौटेंगी, जिनमें दो स्वर्ण और पांच रजत के अलावा दो कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और चीन जैसे देशों के मुक्केबाजों को कड़ी चुनौती देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।</p>
<p>निशा ने 54 किग्रा वर्ग में चीन की सिरुई यांग के खिलाफ तीसरे और अंतिम दौर में अपने खेल के स्तर को ऊंचा करते हुए 3-1 से जीत दर्ज की, जबकि मुस्कान (57 किग्रा) ने आक्रामक इरादे दिखाते हुए कजाकिस्तान की अयाझान एर्मेक की चुनौती को 3-2 के खंडित फैसले से मात दी।</p>
<p>आरती कुमारी (75 किग्रा) को चीन की टोंगटोंग गु से हार का सामना करना पड़ा, जबकि कृतिका वासन (80 किग्रा) का प्रयास कजाकिस्तान की कुराले येगिनबाइकिजी के खिलाफ 2:3 से हार से बचने के लिए काफी नहीं था।</p>
<p>पारची टोकस (80+ किग्रा) को उज्बेकिस्तान की सोबिराखोन शाहोबिदिनोवा के खिलाफ इसी तरह के अंतर से हार मिली।</p>
<p>विनी 60 किग्रा फाइनल में उज्बेकिस्तान की सेवारा ममातोवा से हार गईं, जबकि 65 किग्रा के खिताबी मुकाबले में जापान की अरिंदा अकीमोटो ने निशा को 4-1 से हराया।</p>
<p>पुरुष वर्ग के फाइनल में भी तीन भारतीय मुक्केबाज चुनौती पेश करेंगे।</p>
<p>भारतीय मुक्केबाजों ने अंडर-22 वर्ग में पहले ही 13 पदक पक्के कर लिये है। इसके स्वर्ण पदक के मैच सोमवार को खेले जायेंगे।</p>
<p>भारत ने अंडर-19 और अंडर-22 वर्ग में इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में 40 खिलाड़ियों का दल उतारा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Aug 2025 18:27:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिता के विश्वास ने निकहत जरीन को बनाया दुनिया का दिग्गज मुक्केबाज</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 13 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जून (वेब वार्ता)। भारत में हॉकी के बाद क्रिकेट सर्वाधिक लोकप्रिय खेल के रूप में उभरा है। बेशुमार पैसे की बदौलत आज भी क्रिकेट देश में युवाओं की पहली पसंद है। लेकिन</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">माहौल बदल रहा है। क्रिकेट को दूसरे खेलों से चुनौती मिल रही है। इसमें पुरुषों के अलावा कई महिलाओं ने भी अहम योगदान दिया है। इसी कड़ी में एक बड़ा नाम मुक्केबाज निकहत जरीन का है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मुक्केबाजी को देश में पुरुषों का खेल माना जाता रहा है। लेकिन</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चीजें बदली हैं। अब भारत में मुक्केबाजी से महिलाएं अछूती नहीं हैं। मैरीकॉम के</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141303/fathers-faith-made-nikhat-zarine-the-worlds-legendary-boxer"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-03/loktej-defult-news-image.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 13 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जून (वेब वार्ता)। भारत में हॉकी के बाद क्रिकेट सर्वाधिक लोकप्रिय खेल के रूप में उभरा है। बेशुमार पैसे की बदौलत आज भी क्रिकेट देश में युवाओं की पहली पसंद है। लेकिन</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">माहौल बदल रहा है। क्रिकेट को दूसरे खेलों से चुनौती मिल रही है। इसमें पुरुषों के अलावा कई महिलाओं ने भी अहम योगदान दिया है। इसी कड़ी में एक बड़ा नाम मुक्केबाज निकहत जरीन का है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मुक्केबाजी को देश में पुरुषों का खेल माना जाता रहा है। लेकिन</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">चीजें बदली हैं। अब भारत में मुक्केबाजी से महिलाएं अछूती नहीं हैं। मैरीकॉम के बाद इस खेल में जिस खिलाड़ी ने बड़ी उम्मीद जगाई है</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">वह हैं निकहत जरीन। </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">14</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">1996</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> को तेलंगाना (पूर्व में आंध्रप्रदेश) के निजामाबाद में जन्मी निकहत का मुक्केबाजी से परिचय उनके पिता मोहम्मद जमील अहमद ने कराया था। इसके लिए उन्हें परिवार</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पड़ोसी और रिश्तेदारों से ताने सुनने पड़े। लेकिन</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें अपनी बेटी पर भरोसा था</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका परिणाम आज दुनिया के सामने है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2009</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में निकहत को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। वहीं से एक विश्वस्तरीय मुक्केबाज बनने की उनकी यात्रा शुरू हुई। उन्होंने आईवी राव के साथ ट्रेनिंग शुरू की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जरीन को </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2010</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में इरोड राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ‘गोल्डेन बेस्ट बॉक्सर’ चुना गया था। </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2014</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में उन्होंने बुल्गारिया में आयोजित युवा विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था। </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2014</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में ही सर्बिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग टूर्नामेंट में उन्होंने गोल्ड जीता था। </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2015-16</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में असम में आयोजित सीनियर वुमेन राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 2019</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में थाईलैंड ओपन अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग टूर्नामेंट में सिल्वर</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 2019</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में बुल्गारिया में स्ट्रांजा मेमोरियल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में गोल्ड</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 2022</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, 2023</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में आईबीए विमेंस वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड। </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2024</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में पेरिस ओलंपिक में वह पदक नहीं जीत पाई थीं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">निकहत को बॉक्सिंग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2022</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा। </span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">2021</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में उन्हें बैंक ऑफ इंडिया के हैदराबाद स्थित जोनल ऑफिस में राज्य अधिकारी के रूप में नियुक्ति दी गई। निकहत की वजह से देश में मुक्केबाजी खासकर लड़कियों में काफी लोकप्रिय हो रही है। वह उन करोड़ों लड़कियों के लिए प्रेरणा के रूप में उभरी हैं</span><span lang="en-gb" xml:lang="en-gb">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो सामान्य जीवन और सोच से आगे बढ़कर कुछ करना चाहती हैं और सफलता अर्जित करना चाहती हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Jun 2025 16:02:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओलंपिक पदक विजेता लवलीना अपनी मुक्केबाजी अकादमी शुरू करेंगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 01 जून (वेब वार्ता)। तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की अकादमी का उद्घाटन मंगलवार को गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा करेंगे।</p>
<p>लवलीना ने कहा, ‘‘यह अकादमी सिर्फ प्रशिक्षण सुविधा से कहीं बढ़कर है। यह एक सपना है जो मैंने खुद और असम के उन अनगिनत युवा लड़कों और लड़कियों के लिए देखा है जो रिंग में उतरना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘‘लवलीना मुक्केबाजी अकादमी’ के साथ मैं ऐसा माहौल बनाना चाहती हूं जहां महत्वाकांक्षी खिलाड़ी न केवल मुक्केबाजी की कला सीखें बल्कि सफल होने के लिए जरूरी जज्बा, अनुशासन और मजबूत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141082/olympic-medalist-lovelina-will-start-her-boxing-academy"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/tokyo-olympics-and-paralympics-torches.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 01 जून (वेब वार्ता)। तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की अकादमी का उद्घाटन मंगलवार को गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा करेंगे।</p>
<p>लवलीना ने कहा, ‘‘यह अकादमी सिर्फ प्रशिक्षण सुविधा से कहीं बढ़कर है। यह एक सपना है जो मैंने खुद और असम के उन अनगिनत युवा लड़कों और लड़कियों के लिए देखा है जो रिंग में उतरना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘‘लवलीना मुक्केबाजी अकादमी’ के साथ मैं ऐसा माहौल बनाना चाहती हूं जहां महत्वाकांक्षी खिलाड़ी न केवल मुक्केबाजी की कला सीखें बल्कि सफल होने के लिए जरूरी जज्बा, अनुशासन और मजबूत आत्मविश्वास भी हासिल करें।’’</p>
<p>यह अकादमी युवा प्रतिभा को पोषित कर उन्हें विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचा प्रदान करने की लवलीना की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेल और खेल से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास में एक ऐतिहासिक कदम भी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 18:44:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हितेश को स्वर्ण, भारत ने 6 पदकों के साथ समाप्त किया अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फोज डू इगुआकु (ब्राजील), 06 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय मुक्केबाजी दल ने विश्व मुक्केबाजी द्वारा आयोजित एलीट स्तर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपने पहले प्रदर्शन में प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसमें फोज डू इगुआकु में विश्व मुक्केबाजी कप ब्राजील 2025 में एक स्वर्ण और एक रजत सहित छह पदक जीते।</p>
<p>हितेश विश्व मुक्केबाजी कप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बन गए। उनके प्रतिद्वंद्वी, इंग्लैंड के ओडेल कामारा घायल हो गए और 70 किग्रा के फाइनल में रिंग में नहीं उतर सके।</p>
<p>65 किग्रा वर्ग में फाइनल में पहुंचने वाले अन्य भारतीय मुक्केबाज अभिनाश जामवाल ने स्थानीय पसंदीदा यूरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139884/hiteshs-golden-india-ended-the-campaign-with-6-medals"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-03/news-photo-(24).jpg" alt=""></a><br /><p>फोज डू इगुआकु (ब्राजील), 06 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय मुक्केबाजी दल ने विश्व मुक्केबाजी द्वारा आयोजित एलीट स्तर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपने पहले प्रदर्शन में प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसमें फोज डू इगुआकु में विश्व मुक्केबाजी कप ब्राजील 2025 में एक स्वर्ण और एक रजत सहित छह पदक जीते।</p>
<p>हितेश विश्व मुक्केबाजी कप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बन गए। उनके प्रतिद्वंद्वी, इंग्लैंड के ओडेल कामारा घायल हो गए और 70 किग्रा के फाइनल में रिंग में नहीं उतर सके।</p>
<p>65 किग्रा वर्ग में फाइनल में पहुंचने वाले अन्य भारतीय मुक्केबाज अभिनाश जामवाल ने स्थानीय पसंदीदा यूरी रीस के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन अनुकूल फैसला पाने के लिए पर्याप्त प्रदर्शन नहीं कर सके और रजत पदक जीता।</p>
<p>चार भारतीय खिलाड़ियों ने कांस्य पदक जीते, जिनमें जदुमणि सिंह मंडेंगबाम (50 किग्रा), मनीष राठौर (55 किग्रा), सचिन (60 किग्रा) और विशाल (90 किग्रा) शामिल हैं।</p>
<p>विश्व मुक्केबाजी कप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बनने के बाद हितेश ने टूर्नामेंट से पहले ब्राजील में 10 दिवसीय तैयारी शिविर का श्रेय दिया, जिससे उन्हें और टीम को काफी मदद मिली।</p>
<p>हितेश ने कहा, “शिविर ने मुझे कुछ सामरिक बारीकियां सीखने में मदद की, जिससे मुझे प्रतियोगिता में काफी मदद मिली। इस टूर्नामेंट ने हमें उच्चतम स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने का मौका दिया और मुझे खुशी है कि मैं स्वर्ण पदक जीत सका।”</p>
<p>भारत ने पेरिस ओलंपिक के बाद अपने पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन, विश्व मुक्केबाजी कप के लिए 10 सदस्यीय दल उतारा था और छह पदक जीते। इससे न केवल टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि लॉस एंजेलिस खेलों से पहले 2028 ओलंपिक चक्र की तैयारी भी शुरू होगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Apr 2025 18:20:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुक्केबाजी को ओलंपिक में बनाए रखने के लिए सभी उचित कदम उठाए जाने चाहिए : लवलीना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुवाहाटी, पांच जनवरी (भाषा) मुक्केबाजी का जब ओलंपिक खेल के रूप में भविष्य अधर में लटका हुआ है तब भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने रविवार को इस खेल को 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों में बनाए रखने के लिए सभी उचित कदम उठाने की अपील की।</p>
<p>मुक्केबाजी को लॉस एंजिल्स ओलंपिक के शुरुआती कार्यक्रम में जगह नहीं मिल पाई और इस खेल को ओलंपिक में बनाए रखने के लिए प्रयास जारी हैं।</p>
<p>लवलीना अब विश्व मुक्केबाजी (वर्ल्ड बॉक्सिंग) की नवगठित एशियाई इकाई के एथलीट आयोग का हिस्सा हैं।</p>
<p>लवलीना ने साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>गुवाहाटी, पांच जनवरी (भाषा) मुक्केबाजी का जब ओलंपिक खेल के रूप में भविष्य अधर में लटका हुआ है तब भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने रविवार को इस खेल को 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों में बनाए रखने के लिए सभी उचित कदम उठाने की अपील की।</p>
<p>मुक्केबाजी को लॉस एंजिल्स ओलंपिक के शुरुआती कार्यक्रम में जगह नहीं मिल पाई और इस खेल को ओलंपिक में बनाए रखने के लिए प्रयास जारी हैं।</p>
<p>लवलीना अब विश्व मुक्केबाजी (वर्ल्ड बॉक्सिंग) की नवगठित एशियाई इकाई के एथलीट आयोग का हिस्सा हैं।</p>
<p>लवलीना ने साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) मीडिया से कहा, ‘‘इस समिति में होना सौभाग्य की बात है क्योंकि निर्णय लेने में अब भारत की आवाज भी सुनी जाएगी। ’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि मुक्केबाजी की तकनीकी पहलुओं विशेष रूप से ‘स्कोरिंग और जजिंग’ की निष्पक्ष आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है।</p>
<p>लवलीना ने कहा, ‘‘अभी तक भारत सिर्फ एक सामान्य सदस्य था जिसके पास विरोध जताने या व्यवस्था में खामी बताने के बहुत कम मौके होते थे। यह अब बदलने जा रहा है क्योंकि एशियाई निकाय में हमारे पास सात पद होंगे। ’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘यह उन खिलाड़ियों के लिए बहुत फायदे वाली बात है जो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं और ओलंपिक पदक जीतना चाहते हैं। मुक्केबाजी को लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलों में बनाए रखने के लिए सभी उचित कदम उठाए जाने चाहिए।’’</p>
<p>मुक्केबाजी को अगर लॉस एंजिल्स ओलंपिक में शामिल किया जाता है तो लवलीना लगातार तीसरी बार इन खेलों का हिस्सा बनना चाहती हैं। उन्होंने 2021 में तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था लेकिन पिछले साल पेरिस ओलंपिक से उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ा था।</p>
<p>लवलीना ने कहा, ‘‘तोक्यो ओलंपिक का आयोजन कोविड के समय हुआ था जबकि पेरिस ओलंपिक सीखने का दौर था। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुझे इसका कोई मलाल नहीं है कि मैं पदक नहीं जीत पाई। प्रत्येक खिलाड़ी को कुछ नए सबक सिखाने के लिए मिलते हैं और लॉस एंजिल्स में मैं अधिक समझदारी के साथ आगे बढ़ना चाहती हूं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं अपनी तैयारियों में जल्दबाजी नहीं करूंगी। लॉस एंजिल्स ओलंपिक में अभी काफी समय है। अभी उचित वजन बनाए रखना और चोट से बचना मेरी योजनाओं में शामिल हैं। मैं अभी उत्तराखंड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों से आगे के बारे में नहीं सोच रही हूं।’’</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/118063/all-appropriate-steps-should-be-taken-to-keep-boxing-in-olympics--lovlina</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jan 2025 18:16:21 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय मुक्केबाजी के लिए निराशाजनक रहा वर्ष 2024</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 23 दिसंबर (भाषा) कोचिंग संकट से लेकर पेरिस ओलंपिक की असफलता तक भारतीय मुक्केबाजी के लिए वर्ष 2024 निराशाजनक रहा।</p>
<p>भारतीय मुक्केबाजों ने वर्ष 2023 में अच्छा प्रदर्शन किया था और इसलिए उनसे काफी उम्मीद की जा रही थी। लेकिन पेरिस ओलंपिक में कोई भी भारतीय मुक्केबाज पदक नहीं जीत पाया।</p>
<p>भारत ने अभी तक ओलंपिक खेलों की मुक्केबाजी में तीन कांस्य पदक जीते हैं। यह पदक विजेंदर सिंह (2008), एमसी मैरी कॉम (2012) और लवलीना बोरगोहेन (2021) ने हासिल किए हैं और इस साल इसमें कुछ नए नाम जुड़ने की उम्मीद थी।</p>
<p>निशांत देव दुर्भाग्य से ओलंपिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/113642/the-year-2024-was-disappointing-for-indian-boxing"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/k22122024-06.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 23 दिसंबर (भाषा) कोचिंग संकट से लेकर पेरिस ओलंपिक की असफलता तक भारतीय मुक्केबाजी के लिए वर्ष 2024 निराशाजनक रहा।</p>
<p>भारतीय मुक्केबाजों ने वर्ष 2023 में अच्छा प्रदर्शन किया था और इसलिए उनसे काफी उम्मीद की जा रही थी। लेकिन पेरिस ओलंपिक में कोई भी भारतीय मुक्केबाज पदक नहीं जीत पाया।</p>
<p>भारत ने अभी तक ओलंपिक खेलों की मुक्केबाजी में तीन कांस्य पदक जीते हैं। यह पदक विजेंदर सिंह (2008), एमसी मैरी कॉम (2012) और लवलीना बोरगोहेन (2021) ने हासिल किए हैं और इस साल इसमें कुछ नए नाम जुड़ने की उम्मीद थी।</p>
<p>निशांत देव दुर्भाग्य से ओलंपिक पदक से चूक गए लेकिन निकहत जरीन और लवलीना ने निराश किया जबकि इन्हें पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा था।</p>
<p>रिंग से इतर भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) की लापरवाही के कारण भारत ने एक ओलंपिक कोटा भी गंवाया। विश्व स्तर की बात करें तो मुक्केबाजी के शीर्ष अधिकारी इस खेल को ओलंपिक में बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।</p>
<p>भारत को पहले विश्व क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में निराशा हाथ लगी और उसके नौ मुक्केबाजों में से कोई भी ओलंपिक कोटा हासिल नहीं कर पाया। इसके बाद हाई परफार्मेंस निदेशक बर्नार्ड डन को अपना पद छोड़ना पड़ा।</p>
<p>केवल हार ही परेशान करने वाली नहीं थी बल्कि जिस तरह से भारतीय मुक्केबाज बाहर हुए वह चिंता का विषय था। भारत के अधिकतर मुक्केबाज नॉकआउट में बाहर हुए।</p>
<p>भारतीय मुक्केबाजी की निराशा तब और बढ़ गई जब महिलाओं के 57 किग्रा भार वर्ग में परवीन हुड्डा को अपना ओलंपिक कोटा गंवाना पड़ा। यह मुक्केबाज अपना ठिकाना बताने में नाकाम रही जिसके लिए विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने उन्हें 22 महीने के लिए निलंबित कर दिया।</p>
<p>इसके लिए भारतीय मुक्केबाजी महासंघ भी दोषी रहा क्योंकि विश्व संस्था ने उसे इस चूक के बारे में पहले ही अवगत करा दिया था।</p>
<p>भारत के छह मुक्केबाजों ने पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया जबकि पिछले ओलंपिक खेलों में भारत के नौ मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था।</p>
<p>भारतीय खिलाड़ियों में जरीन को पदक का मुख्य दावेदार माना जा रहा था लेकिन महिलाओं के 50 किग्रा वर्ग में चीन की मुक्केबाज वू यू के सामने उनकी एक नहीं चल पाई। पिछले ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना को भी चीन की खिलाड़ी ने हराया।</p>
<p>अमित पंघाल फिर से प्री क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाए लेकिन सबसे दिल तोड़ने वाली हार निशांत की रही जिन्हें पुरुषों के 71 किग्रा भार वर्ग के क्वार्टर फाइनल में दबदबा बनाए रखने के बावजूद मेक्सिको के मार्को वर्डे अल्वारेज़ ने 1-4 से हराया।</p>
<p>इस बीच अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) ने धमकी दी कि अगर राष्ट्रीय खेल महासंघ निलंबित अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ से जुड़े रहते हैं तो इस खेल को 2028 में लॉस एंजेलिस में होने वाले ओलंपिक खेलों से बाहर किया जा सकता है। भारत ने इसके बाद वर्ल्ड बॉक्सिंग का हाथ थाम दिया जिसे आईओसी से मान्यता हासिल है।</p>
<p>मुक्केबाजी 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों का हिस्सा रहेगी या नहीं इसको लेकर मामला अभी अधर में लटका हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/113642/the-year-2024-was-disappointing-for-indian-boxing</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 13:06:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला बॉक्सिंग विश्व चैंपियनशिप : भारत के झोली में आया चौथा सोना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए बहुत अच्छी खबर आई है। भारत ने चार अंतिम मुकाबलों में से  चारों स्वर्ण अपने नाम कर लिया। कल भारत के मुक्केबाजों ने भारत को दो स्वर्ण दिलाया था और आज भी दोनों मुक्केबाजों ने दोनों पदक अपने नाम किया। भारतीय मुक्केबाज निखत ज़रीन ने फाइनल में प्रभावी प्रदर्शन के साथ वियतनाम की गुयेन थी टैम को हराकर अपना दूसरा महिला विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं लवलीना बोरगोहेन ने 70-75 किग्रा भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली में चौथा स्वर्ण डाला।</p>
<p><strong>निखत ने कुछ इस तरह दिलाया पदक</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए बहुत अच्छी खबर आई है। भारत ने चार अंतिम मुकाबलों में से  चारों स्वर्ण अपने नाम कर लिया। कल भारत के मुक्केबाजों ने भारत को दो स्वर्ण दिलाया था और आज भी दोनों मुक्केबाजों ने दोनों पदक अपने नाम किया। भारतीय मुक्केबाज निखत ज़रीन ने फाइनल में प्रभावी प्रदर्शन के साथ वियतनाम की गुयेन थी टैम को हराकर अपना दूसरा महिला विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं लवलीना बोरगोहेन ने 70-75 किग्रा भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली में चौथा स्वर्ण डाला।</p>
<p><strong>निखत ने कुछ इस तरह दिलाया पदक</strong></p>
<p>आपको बता दें कि निखत से पहले ही स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही थी और उन्होंने आशा अनुसार प्रदर्शन कर देश को पदक दिलाया है। रविवार को हुई इस बाउट में निखत ने शुरू से ही आक्रामक रवैया अपनाया, अपने प्रतिद्वंद्वी को खेल में आने का कोई मौका नहीं दिया और पंचों की झड़ी के साथ पहला राउंड 5-0 से जीत लिया। दूसरा राउंड भी निखत के पक्ष में गया। तीसरे राउंड में उन्होंने वियतनाम की मुक्केबाज को शानदार पंच जड़ा। इसके बाद रेफरी ने मैच रोककर वियतनाम की मुक्केबाज का हाल-चाल जाना। यहीं से निखत की जीत तय हो गई थी। अंत में उन्होंने यह मुकाबला 5-0 के अंतर से अपने नाम किया और लगातार दूसरी बार बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीत ली।</p>
<p><strong>इस तरह लवलीना बोरगोहेन ने जीता मैच</strong></p>
<p>वहीं लवलीना बोरगोहेन ने 70-75 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। फाइनल मुकाबले में लवलीना बोरगोहेन ने ऑस्ट्रेलियाई मुक्केबाज ऑस्ट्रेलिया की कैटलिन एन पार्कर के साथ हुए मुकाबले में पहला राउंड लवलीना ने 3-2 के अंतर से अपने नाम किया। दूसरा राउंड ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ी जबकि तीसरे और आखिरी राउंड में दोनों के बीच कांटे की टक्कर रही। रिव्यू के लिए गये सभी जज ने मिलकर लवलीना को विजेता घोषित किया। इसके साथ ही देश को इस प्रतियोगिता में चौथा स्वर्ण पदक मिल गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90754/womens-boxing-world-championship-indias-fourth-gold-first-nikhat-zareen</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Mar 2023 23:50:10 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बॉक्सिंग से आई अच्छी खबर, महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के दो मुक्केबाजों ने दिलाया स्वर्ण पदक </title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत में चल रहे महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए बहुत अच्छी खबर आई है। भारत के लिए हरियाणा की युवा बॉक्सर नीतू घणघस और स्वीटी बूरा ने महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। नीतू ने आज शनिवार को 45-48 किलोग्राम भारवर्ग में हुए मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। वहीं स्वीटी ने इस प्रतियोगिता में देश को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया है। उन्होंने 75-81 किलोग्राम भारवर्ग में देश को सोना दिलाया है।</p>
<p><strong>नीतू ने मंगोलिया की लुत्साइखान को हराया</strong></p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">𝐆𝐎𝐋𝐃 🥇 𝐅𝐎𝐑 𝐈𝐍𝐃𝐈𝐀 🇮🇳<br /><br />NITU GHANGHAS beat</p></blockquote></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90732/good-news-came-from-boxing-two-indian-boxers-won-gold"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-03/news-photo-(24).jpg" alt=""></a><br /><p>भारत में चल रहे महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए बहुत अच्छी खबर आई है। भारत के लिए हरियाणा की युवा बॉक्सर नीतू घणघस और स्वीटी बूरा ने महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। नीतू ने आज शनिवार को 45-48 किलोग्राम भारवर्ग में हुए मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। वहीं स्वीटी ने इस प्रतियोगिता में देश को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया है। उन्होंने 75-81 किलोग्राम भारवर्ग में देश को सोना दिलाया है।</p>
<p><strong>नीतू ने मंगोलिया की लुत्साइखान को हराया</strong></p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">𝐆𝐎𝐋𝐃 🥇 𝐅𝐎𝐑 𝐈𝐍𝐃𝐈𝐀 🇮🇳<br /><br />NITU GHANGHAS beat Lutsaikhan Atlantsetseg of Mongolia by 5⃣-0⃣in the FINAL 🥊<a href="https://twitter.com/hashtag/WorldChampionships?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WorldChampionships</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/WWCHDelhi?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WWCHDelhi</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Boxing?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Boxing</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/WBC2023?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WBC2023</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/WBC?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WBC</a> <a href="https://twitter.com/NituGhanghas333?ref_src=twsrc%5Etfw">@NituGhanghas333</a> <a href="https://t.co/5kpl6dUFzU">pic.twitter.com/5kpl6dUFzU</a></p>
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) <a href="https://twitter.com/ddsportschannel/status/1639611816421756929?ref_src=twsrc%5Etfw">March 25, 2023</a></blockquote>

</div>
<p><strong>

</strong></p>
<p>नीतू घणघस की बात करें तो वह पहली बार विश्व चैंपियन बनी हैं। अपने फाइनल मुकाबले में मंगोलिया की लुत्साइखान के सामने नीतू ने शानदार खेल दिखाया और आसानी से मात दे दी। उन्होंने 5-0 से मुकाबले को अपने नाम कर देश को पहला स्वर्ण दिला दिया। इस काफी रोमांचक मुकाबले में आखिरी तक विजेता का अंदाजा लगामा मुश्किल था।</p>
<p><strong>स्वीटी ने चीनी मुक्केबाज को हराया</strong></p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">𝐆𝐎𝐋𝐃 🥇 𝐅𝐎𝐑 𝐈𝐍𝐃𝐈𝐀 🇮🇳<br /><br />NITU GHANGHAS beat Lutsaikhan Atlantsetseg of Mongolia by 5⃣-0⃣in the FINAL 🥊<a href="https://twitter.com/hashtag/WorldChampionships?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WorldChampionships</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/WWCHDelhi?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WWCHDelhi</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Boxing?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Boxing</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/WBC2023?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WBC2023</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/WBC?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WBC</a> <a href="https://twitter.com/NituGhanghas333?ref_src=twsrc%5Etfw">@NituGhanghas333</a> <a href="https://t.co/5kpl6dUFzU">pic.twitter.com/5kpl6dUFzU</a></p>
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) <a href="https://twitter.com/ddsportschannel/status/1639611816421756929?ref_src=twsrc%5Etfw">March 25, 2023</a></blockquote>

</div>
<p><strong>

</strong></p>
<p>वहीं स्वीटी की बात करें तो उन्होंने अपने स्वर्ण मुकाबले में चीन की लिना वोंग को हराया। पूरे मैच के दौरान कांटे की टक्कर के बीच शुरुआती दो राउंड में स्वीटी ने 3-2 की बढ़त बनाई थी। ऐसे में तीसरे राउंड के बाद फैसला रिव्यू के लिए गया। यहां पर भी स्वीटी के पक्ष में नतीजा आया और भारत को अपना दूसरा स्वर्ण पदक मिल गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90732/good-news-came-from-boxing-two-indian-boxers-won-gold</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Mar 2023 23:17:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खेल : चार भारतीय मुक्केबाजों ने बनाई महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में जगह, अब स्वर्ण पदक के लिए खेलेंगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत में चल रही महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल के लिए चार भारतीय मुक्केबाजों ने क्वालीफाई कर लिया है। इससे भारत को 2006 के बाद पहली बार महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की उम्मीद है। नीतू घनघास, स्वीटी बूरा के साथ निकहत ज़रीन और लवलीना बोरगोहेन ने अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक मुकाबले के लिए क्वालीफाई किया है।</p>
<p><strong>इनसे करना होगा नीतू घंघस और स्वीटी बूरा को गोल्ड मेडल मुकाबला</strong></p>
<p>आपको बता दें कि नीतू घंघस और स्वीटी बूरा का गोल्ड मेडल मुकाबला खेला जाएगा। नीतू घंघस 48 किग्रा फाइनल में मंगोलिया की दो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>भारत में चल रही महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल के लिए चार भारतीय मुक्केबाजों ने क्वालीफाई कर लिया है। इससे भारत को 2006 के बाद पहली बार महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की उम्मीद है। नीतू घनघास, स्वीटी बूरा के साथ निकहत ज़रीन और लवलीना बोरगोहेन ने अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक मुकाबले के लिए क्वालीफाई किया है।</p>
<p><strong>इनसे करना होगा नीतू घंघस और स्वीटी बूरा को गोल्ड मेडल मुकाबला</strong></p>
<p>आपको बता दें कि नीतू घंघस और स्वीटी बूरा का गोल्ड मेडल मुकाबला खेला जाएगा। नीतू घंघस 48 किग्रा फाइनल में मंगोलिया की दो बार की एशियाई कांस्य पदक विजेता लुत्सईखान से भिड़ेंगी। नीतू ने अपने तीनों मुकाबलों में एकतरफा जीत हासिल की है. वहीं एक मुकाबले नें प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को इतना जोर से मुक्का मारा कि रेफरी को मैच रोकना पड़ा। जबकि 30 साल की स्वीटी बूरा ने नौ साल बाद महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश किया। 81 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में स्वीटी का सामना 2018 की चीन की विश्व चैम्पियन लीना वांग से होगा।</p>
<p><strong>निखत जरीन के पास इतिहास रचने का मौका</strong></p>
<p>वहीं निखत जरीन लगातार दूसरे वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल की उम्मीद कर रही हैं। वह मैरी कॉम के बाद विश्व चैंपियनशिप में दो बार स्वर्ण जीतने वाली दूसरी मुक्केबाज बन सकती हैं। रविवार को 50 किग्रा भार वर्ग में उनका मुकाबला वियतनाम के थि टैम ग्यून से होगा। जबकि ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहान रविवार को 75 किलोग्राम भार वर्ग में ऑस्ट्रेलिया की कैटलिन पार्कर से भिड़ेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90717/sports-four-indian-boxers-made-it-to-the-finals-of</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Mar 2023 12:22:50 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में भारतीय महिला मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन, देश के लिए जीते चार स्वर्ण पदक</title>
                                    <description><![CDATA[देश के लिए सोना लाने वाले भारतीय मुक्केबाजों में लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), परवीन हुड्डा (63 किग्रा), स्वीटी (81 किग्रा) और अल्फिया खान (81+ किग्रा) का नाम शामिल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/78938/great-performance-of-indian-women-boxers-in-asian-boxing-championship-won-four-gold-medals-for-the-country"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/4505_newsphoto4.jpg" alt=""></a><br /><div>जॉर्डन में चल रही एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में भारतीय महिला एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार महिला मुक्केबाजों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। देश के लिए सोना लाने वाले भारतीय मुक्केबाजों में लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), परवीन हुड्डा (63 किग्रा), स्वीटी (81 किग्रा) और अल्फिया खान (81+ किग्रा) का नाम शामिल है।</div><div><br /></div><h2>लवलीना बोर्गोहैन का शानदार प्रदर्शन</h2><div><br /></div><div>ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने उज्बेकिस्तान की रूजमेतोवो सोखीबा को 5-0 से हराया। यह जीत 25 वर्षीय लवलीना के लिए मनोबल बढ़ाने वाली थी, जो टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद से ही वो खराब फॉर्म में है। उसने विश्व चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Lovlina Borgohain wins ????????'s 2nd ???? in Asian Boxing Championship ????<br /><br />Lovlina won the Women's 75kg Final vs ????????'s Ruzmetova Sokhiba by Unanimous Decision ????<br /><br />What a dominating performance by the Tokyo 2020 Medalist ????<br /><br />Congratulations champion ???? <a href="https://t.co/JRwFBeYe3X">pic.twitter.com/JRwFBeYe3X</a></p>— SAI Media (@Media_SAI) <a href="https://twitter.com/Media_SAI/status/1591058923511238656?ref_src=twsrc%5Etfw">November 11, 2022</a></blockquote> <div><br /></div><h2>परवीन का बेहतरीन अभिनय</h2><div><br /></div><div>परवीन हुड्डा ने जापान की किटो माई को इतने ही अंतर से हराया। विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता परवीन ने राष्ट्रमंडल खेलों में जगह नहीं बनाई, लेकिन यहां चौथी वरीयता प्राप्त माई पर हावी होकर जीत हासिल की। दोनों मुक्केबाजों ने आक्रामक शुरुआत की लेकिन परवीन ने जल्द ही अपना दबदबा बना लिया और अपने प्रतिद्वंद्वी पर कई मुक्के बरसाए। कीटो ने पहला राउंड हारने के बाद वापसी करने की कोशिश की लेकिन परवीन ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। तीसरे दौर में भारतीय मुक्केबाज ने अपने अपरकट का अच्छा उदाहरण दिया।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Parveen wins ????????'s first ???? at the Asian Boxing Championship 2022 ????<br /><br />Parveen defeated ????????'s Kito Mai by Unanimous Decision in the Women's 63kg Final????<br /><br />Congratulations Champion on the terrific performance ???? <a href="https://t.co/1Ucyc3kkEQ">pic.twitter.com/1Ucyc3kkEQ</a></p>— SAI Media (@Media_SAI) <a href="https://twitter.com/Media_SAI/status/1591049791286710272?ref_src=twsrc%5Etfw">November 11, 2022</a></blockquote> <div><br /></div><h2>स्वीटी ने दिखाई अपनी ताकत</h2><div><br /></div><div>स्वीटी ने महिलाओं के 81 किग्रा फाइनल में गुलसाया यरजन को सर्वसम्मत निर्णय से हराया। स्वीटी ने सर्वसम्मत निर्णय से कजाकिस्तान की गुलसाया को 5-0 से हराया।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">3rd ???? for ???????? at the Asian Women's Boxing Championship 2022 ????<br /><br />Saweety thwarted ????????'s Gulsaya Yerzhan by Unanimous Decision in the Women's 81 kg Final ????<br /><br />Many congratulations Champion ???? <a href="https://t.co/GnU68dRqVI">pic.twitter.com/GnU68dRqVI</a></p>— SAI Media (@Media_SAI) <a href="https://twitter.com/Media_SAI/status/1591063216230387712?ref_src=twsrc%5Etfw">November 11, 2022</a></blockquote> <div><br /></div><h2>अल्फिया खान जीती</h2><div><br /><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Alfiya wins the 4th???? of the day for ???????? women, taking their final medal tally at the Asian Boxing Championships to 7⃣ ???? <br /><br />Alfiya Khan won the Women's 81+ kg final as her opponent, ????????'s Islam Husaili was disqualified<br /><br />Indian women finish their campaign with:<br />4 ???? 1 ???? &amp; 2 ???? <a href="https://t.co/jjAuoepvwe">pic.twitter.com/jjAuoepvwe</a></p>— SAI Media (@Media_SAI) <a href="https://twitter.com/Media_SAI/status/1591070710520500225?ref_src=twsrc%5Etfw">November 11, 2022</a></blockquote> </div><div>अल्फिया खान ने महिलाओं के लिए दिन का चौथा स्वर्ण पदक जीता। अल्फिया खान ने महिलाओं का 81 प्लस किग्रा फाइनल जीता। इस्लाम हुसैनी को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इन्हीं महिलाओं की वजह से एशियन चैंपियनशिप में भारत का नाम चमका।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Nov 2022 19:59:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खेल : भारत की स्टार मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम की सर्जरी रही सफल</title>
                                    <description><![CDATA[जून में राष्ट्रमंडल खेलों के चयन ट्रायल के 48 किलोग्राम भार वर्ग के शुरुआती मिनटों में चोट लग गई थी
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/78921/sports-india-s-star-boxer-mc-mary-kom-s-surgery-was-successful"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/8966_news18.jpg" alt=""></a><br /><div>भारत की स्टार मुक्केबाज और छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम के बाएं घुटने की कल सफल सर्जरी हुई है। उसके घुटने की मांसपेशियां फट गईं। मैरीकॉम को जून में राष्ट्रमंडल खेलों के चयन ट्रायल के 48 किलोग्राम भार वर्ग के शुरुआती मिनटों में चोट लग गई थी, जिसने उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर कर दिया था।</div><div><br /></div><h2>चोट के कारण राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं ले पाईं</h2><div>मुंबई के एक अस्पताल में उनकी सर्जरी हुई। मैरीकॉम ने राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने के लिए 8 से 20 मई तक विश्व चैंपियनशिप को छोड़ दिया। मैरीकॉम के कोच छोटे लाल यादव ने कहा, ‘मैरीकॉम के घुटने में चोट थी जिसके लिए मंगलवार को मुंबई में उनकी सर्जरी हुई।’ चोट के कारण 39 साल की मैरीकॉम राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं ले पाईं थी जहां वह 2018 में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनी थी। मैरीकॉम ने पिछला टूर्नामेंट टोक्यो ओलंपिक के रूप में खेला था जहां वह प्री क्वार्टर फाइनल में हार गईं थी।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Aug 2022 19:59:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में सरिता मोर, सुषमा ने जीता कांस्य</title>
                                    <description><![CDATA[<div>एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत को फिर एक बार निराशा मिली है। भारत ने अब तक इस चैंपियनशिप में एक भी गोल्ड मेडल नहीं जीता है। पिछले साल की चैंपियन सरिता मोरे ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाई, लेकिन फिर भी उन्होंने एशिया कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने में कामयाबी हासिल की। इसके अलावा सुषमा शौकिन को भी कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।</div><div><span style="font-size:1rem;">2021 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता सरिता ने 59 किग्रा में दो हार के साथ शुरुआत की। इस भार वर्ग में पांच पहलवान प्रतिस्पर्धा कर रहे थे और सरिता शुरू में मंगोलिया की</span></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/78465/sarita-mor-sushma-win-bronze-in-asian-wrestling-championship"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/9357_s12-220422.jpg" alt=""></a><br /><div>एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत को फिर एक बार निराशा मिली है। भारत ने अब तक इस चैंपियनशिप में एक भी गोल्ड मेडल नहीं जीता है। पिछले साल की चैंपियन सरिता मोरे ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाई, लेकिन फिर भी उन्होंने एशिया कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने में कामयाबी हासिल की। इसके अलावा सुषमा शौकिन को भी कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।</div><div><span style="font-size:1rem;">2021 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता सरिता ने 59 किग्रा में दो हार के साथ शुरुआत की। इस भार वर्ग में पांच पहलवान प्रतिस्पर्धा कर रहे थे और सरिता शुरू में मंगोलिया की शुवदोर बतरजाओ (1-2) और जापान की सारा नतामी से हार गईं। इसके बाद उन्होंने अंतिम दो मैच जीतकर वापसी की। सरिता ने पहले उज्बेकिस्तान की दिलफुजा अंबेटोवा को हराया और फिर डायना कुमोवा पर 5-2 से जीत दर्ज की।</span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">सरिता ने कहा, "मैं मंगोलियाई खिलाड़ी के खिलाफ जीत सकती थी लेकिन मेजबान टीम से होने के कारण उन्हें रेफरी का समर्थन प्राप्त हुआ। वह मेट से दूर जा रही थी लेकिन उसे कोई चेतावनी नहीं दी गई। जिससे उसे फायदा हुआ। </span><span style="font-size:1rem;"> वह जापानी पहलवान के सामने भी हार सकती थी, हालांकि आज उनका दिन नहीं था। मैंने जैसा चाहा वैसा प्रदर्शन नहीं किया। शायद यह मौसम की वजह से है। क्योंकि यह शहर काफी ऊंचाई पर स्थित है। वह मेट पर सक्रिय नहीं हो सकी थी। इसके अलावा उनके मैचों के बीच कम समय था।</span></div><div><span style="font-size:1rem;">सुषमा ने 55 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता। इस कैटेगरी में सिर्फ पांच पहलवान शामिल थे। सुषमा जापान की उमी इमाई से हार गईं लेकिन कजाकिस्तान की अल्टिन शगायेवा पर 5-0 से जीत के साथ वापसी की। बाद में उन्होंने उज्बेकिस्तान की सर्बीना ज़िनबाएवा को हराया। हालांकि सुषमा स्थानीय पहलवान ओटगोंजरगल से हार गईं। मनीषा 50 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक की दौड़ में भी थीं, लेकिन पदक मैच में उज्बेकिस्तान की जैस्मीन इमाएवा से हार गईं। भारत इस चैंपियनशिप में अब तक सात कांस्य पदक जीत चुका है।</span><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Apr 2022 19:38:45 +0530</pubDate>
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