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                <title>Kedarnath - Loktej</title>
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                <description>Kedarnath RSS Feed</description>
                
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                <title>केदारनाथ धाम की कठिन चढ़ाई अब आसान होने जा रही है : गौतम अदाणी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (वेब वार्ता)। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को सोनप्रयाग को केदारनाथ से जोड़ने वाली रोपवे परियोजना का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम की कठिन चढ़ाई अब आसान होने जा रही है।</p>
<p>गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, केदारनाथ धाम की कठिन चढ़ाई अब आसान होगी। अदाणी समूह श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए यह रोपवे बना रहा है।उन्होंने आगे लिखा,इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है।</p>
<p>महादेव सब पर अपनी कृपा बनाए रखें। जय बाबा केदारनाथ! गौतम अदाणी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143631/difficult-climb-of-kedarnath-dham-is-now-going-to-be"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2458_kedarnath-dham.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (वेब वार्ता)। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को सोनप्रयाग को केदारनाथ से जोड़ने वाली रोपवे परियोजना का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम की कठिन चढ़ाई अब आसान होने जा रही है।</p>
<p>गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, केदारनाथ धाम की कठिन चढ़ाई अब आसान होगी। अदाणी समूह श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए यह रोपवे बना रहा है।उन्होंने आगे लिखा,इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है।</p>
<p>महादेव सब पर अपनी कृपा बनाए रखें। जय बाबा केदारनाथ! गौतम अदाणी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में बताया गया है कि केदारनाथ की यात्रा लाखों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, लेकिन कठिन रास्ते, अप्रत्याशित मौसम और लंबा समय इसे चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। वहीं, अब अदाणी ग्रुप आस्था को सुविधा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठा रहा है।</p>
<p>12.9 किलोमीटर सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे के साथ इस कठिन यात्रा का समय 8-9 घंटे से घटकर मात्र 36 मिनट रह जाएगा। हर घंटे 1800 यात्री प्रति दिशा में यात्रा कर सकेंगे। इस रोपवे की कोंडोला में 35 सीटों की व्यवस्था होगी। यह भारत का पहला 3एस ट्राई केबल रोपवे बनेगा, जो विश्वकी सबसे सुरक्षित और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित होगा।</p>
<p>वीडियो में बताया गया है कि यह रोपवे यात्रियों की यात्रा का समय बचाएगा और सुरक्षित, सुगमयात्रा का अनुभव देगा। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे आसानी से दर्शन कर पाएंगे। पर्यटन और स्थानीयअर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>अदाणी ग्रुप के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण चुनौती है, लेकिन अदाणी ग्रुप ने सततनिर्माण, मंजूरी और स्थानीय भागीदारी का वादा किया है ताकि प्रकृति और आस्था का संतुलन बनारहे। जब आस्था की राह आसान और सुरक्षित होगी तभी भारत की विरासत पहले से अधिक मजबूतहोगी।</p>
<p>इससे पहले अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) की ओर से जानकारी दी गई थी कि इसपरियोजना पर कुल 4,081 करोड़ रुपए का निवेश होगा।कंपनी की पहली रोपवे परियोजना को पूरा होने में छह वर्ष का समय लगेगा और निर्माण के बाद 29वर्षों तक एईएल इसका संचालन करेगा।</p>
<p>इसका निर्माण अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड का रोड्स, मेट्रो, रेल और वॉटर डिवीजन(आरएमआरडब्ल्यू) करेगा।यह रोपवे नेशनल रोपवे डेवलपमेंट प्रोग्राम पर्वतमाला परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना सेकनेक्टिविटी में सुधार के साथ-साथ क्षेत्र में रोजगार सृजन और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 15:25:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गुप्तकाशी : भगवान शिव जहां करते हैं गुप्त रूप से वास</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रुद्रप्रयाग, 29 जून (वेब वार्ता)। देश की तीसरी काशी के रूप में गुप्तकाशी का भगवान शिव से सीधा संबंध जुड़ा है। द्वापर युग में यहां से गुप्त मार्ग से भगवान शिव केदारनाथ पहुंचे थे, जिस कारण इस स्थान का नाम गुप्तकाशी पड़ा। आज भी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ गुप्त दान का विशेष महत्व है।</p>
<p>रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला मुख्यालय से 41 किमी की दूरी पर स्थित केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गुप्तकाशी में भगवान शिव की विश्वनाथ के रूप में पूजा होती है। भगवान यहां स्वयंभू शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। शंकराचार्यकालीन मंदिर में सभामंडप के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141626/guptkashi-lord-shiva-in-secret"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/lord-bhagvan-shiva-shivaji-bholenath.jpg" alt=""></a><br /><p>रुद्रप्रयाग, 29 जून (वेब वार्ता)। देश की तीसरी काशी के रूप में गुप्तकाशी का भगवान शिव से सीधा संबंध जुड़ा है। द्वापर युग में यहां से गुप्त मार्ग से भगवान शिव केदारनाथ पहुंचे थे, जिस कारण इस स्थान का नाम गुप्तकाशी पड़ा। आज भी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ गुप्त दान का विशेष महत्व है।</p>
<p>रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला मुख्यालय से 41 किमी की दूरी पर स्थित केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गुप्तकाशी में भगवान शिव की विश्वनाथ के रूप में पूजा होती है। भगवान यहां स्वयंभू शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। शंकराचार्यकालीन मंदिर में सभामंडप के साथ गर्भगृह है, जहां स्वयंभू शिवलिंग की प्रतिदिन तीन समय पूजा-अर्चना होती है।</p>
<p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाभारत के युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को गुरू हत्या, गोत्र हत्या के पाप से मुक्त होने के लिए भगवान शिव के दर्शन की सलाह दी थी। तब, द्रोपदी के साथ पांचों पांडव हिमालय के लिए निकल पड़े। लेकिन भगवान शिव उन्हें दर्शन नहीं देना चाहते थे।</p>
<p>जब, पांडव इस स्थान पर पहुंचते तो भगवान शिव गुप्त मार्ग से केदारनाथ निकल गए, जिस कारण इस स्थान का नाम गुप्तकाशी पड़ा। यहां पर मंदिर परिसर में मणिकर्णिका घाट भी है, जिसमें गंगा व यमुना की जलधाराएं हैं, जिनमें स्नान से पुण्य की प्राप्त होती है। </p>
<p>दूसरी तरफ यह भी धार्मिक मान्यता है कि, सदियों पूर्व केदारनाथ मंदिर 400 वर्ष तक बर्फ में ढका रहा, तब भगवान केदारनाथ की पूजा-अर्चना विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में होती थी। इसलिए, इस स्थान को छोटा केदार के रूप में भी पूजा जाता है।</p>
<p>मंदिर के पुजारी शिव शंकर लिंग बताते हैं कि, केदारनाथ यात्रा का पुण्य तभी पूरी तरह से प्राप्त होता है, जब श्रद्धालु वापसी में विश्वनाथ के दर्शन भी करता है। इधर, वरिष्ठ तीर्थपुरोहित व बीकेटीसी के सदस्य श्रीनिवास पोस्ती का कहना है कि, गुप्तकाशी, राष्ट्रीय पहचान वाला धार्मिक कस्बा है। इसके विकास और यात्री सुविधाओं के लिए शासन, प्रशासन और मंदिर समिति के सहयोग से हरसंभव प्रयास किया जाएगा। है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Jun 2025 21:34:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले पायलट राजवीर का अंतिम संस्कार, पत्नी ने सैल्यूट कर दी विदाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर, 17 जून (वेब वार्ता)। केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले पायलट राजवीर सिंह चौहान का अंतिम संस्कार मंगलवार को जयपुर के चांदपोल मोक्षधाम में सैन्य सम्मान से किया गया। रविवार (15 जून) को हुए इस हादसे में पायलट राजवीर सहित सात लोगों की मौत हो गई थी।</p>
<p>राजवीर की पार्थिव देह सोमवार देर रात जयपुर स्थित उनके निवास शास्त्री नगर पहुंची, जहां पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी पत्नी दीपिका सिंह, जो स्वयं आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं, पार्थिव देह से लिपटकर विलाप करती रहीं। बुजुर्ग माता-पिता बेटे का चेहरा तक नहीं देख सके, क्योंकि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141368/pilot-rajveers-last-rites-who-lost-his-life-in-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2458_kedarnath-dham.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर, 17 जून (वेब वार्ता)। केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले पायलट राजवीर सिंह चौहान का अंतिम संस्कार मंगलवार को जयपुर के चांदपोल मोक्षधाम में सैन्य सम्मान से किया गया। रविवार (15 जून) को हुए इस हादसे में पायलट राजवीर सहित सात लोगों की मौत हो गई थी।</p>
<p>राजवीर की पार्थिव देह सोमवार देर रात जयपुर स्थित उनके निवास शास्त्री नगर पहुंची, जहां पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी पत्नी दीपिका सिंह, जो स्वयं आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं, पार्थिव देह से लिपटकर विलाप करती रहीं। बुजुर्ग माता-पिता बेटे का चेहरा तक नहीं देख सके, क्योंकि शव की हालत खराब हो चुकी थी। वे लगातार रोते हुए यही कहते रहे हमारा सब कुछ चला गया।</p>
<p>अंतिम यात्रा में दीपिका आर्मी यूनिफॉर्म में पति की तस्वीर हाथ में लेकर शामिल हुईं। 'राजवीर अमर रहें' के नारों के साथ जब शव यात्रा चांदपोल मोक्षधाम पहुंची, तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। सैन्य अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अंतिम विदाई के समय दीपिका ने अपने पति को सैल्यूट कर सैन्य सम्मान से विदा किया। सुबह 10:30 बजे राजवीर के भतीजे ने उन्हें मुखाग्नि दी।</p>
<p>राजवीर सिंह सेना से लेफ्टिनेंट कर्नल पद से सेवानिवृत्त होने के बाद एक निजी एविएशन कंपनी में हेलिकॉप्टर पायलट के रूप में कार्यरत थे। वे हाल ही में जुड़वां बेटों के पिता बने थे।</p>
<p>राजवीर के छोटे भाई चंद्रवीर सिंह ने बताया कि राजवीर टीम को लीड कर रहे थे। दुर्घटना के समय राजवीर सबसे आगे उड़ान भर रहे थे। उन्होंने पीछे आ रहे हेलीकॉप्टर के पायलट को खराब मौसम की जानकारी भी दी थी। कुछ ही देर बाद सुबह करीब 5:20 बजे उनका हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Jun 2025 15:44:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हेलीकॉप्टर हादसे के बाद चार धाम यात्रा के लिए आर्यन एविएशन का परिचालन निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 15 जून (वेब वार्ता)। केदारनाथ क्षेत्र में रविवार सुबह आर्यन एविएशन के एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से चार धाम यात्रा के लिए इसके संचालन को निलंबित कर दिया है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।</p>
<p>नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि हेलीकॉप्टर ने तड़के 05:10 बजे गुप्तकाशी से उड़ान भरी और 05:18 बजे श्री केदारनाथ जी हेलीपैड पर उतरा। यह सुबह 05:19 बजे गुप्तकाशी के लिए फिर से रवाना हुआ और 05:30 से 05:45 बजे के बीच गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में पांच यात्री, एक शिशु</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141340/aryan-aviation-operations-suspended-for-char-dham-yatra-after-helicopter"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2458_kedarnath-dham.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 15 जून (वेब वार्ता)। केदारनाथ क्षेत्र में रविवार सुबह आर्यन एविएशन के एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से चार धाम यात्रा के लिए इसके संचालन को निलंबित कर दिया है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।</p>
<p>नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि हेलीकॉप्टर ने तड़के 05:10 बजे गुप्तकाशी से उड़ान भरी और 05:18 बजे श्री केदारनाथ जी हेलीपैड पर उतरा। यह सुबह 05:19 बजे गुप्तकाशी के लिए फिर से रवाना हुआ और 05:30 से 05:45 बजे के बीच गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में पांच यात्री, एक शिशु और एक चालक दल का सदस्य सवार था।</p>
<p>इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने सुरक्षा एहतियात के तौर पर 15 और 16 जून को क्षेत्र में चार्टर और शटल हेलीकॉप्टर परिचालन को निलंबित करने की घोषणा की थी। मंत्रालय ने कहा कि प्रारंभिक संकेत बताते हैं कि इसका संभावित कारण 'नियंत्रित उड़ान क्षेत्र' (सीएफआईटी) हो सकता है, क्योंकि घाटी के प्रवेश क्षेत्र में खराब दृश्यता और व्यापक बादल होने के बावजूद हेलीकॉप्टर कथित तौर पर हवा में था।</p>
<p>विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सकेगा। इसमें कहा गया है कि नागर विमानन मंत्रालय ने डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) को तत्काल उड़ान योग्यता, सुरक्षा और संचालन से संबंधित अधिकारियों को तैनात करने का निर्देश दिया है, ताकि केदारनाथ घाटी में हेलीकॉप्टर की सभी गतिविधियों पर सक्रिय रूप से निगरानी रखी जा सके और यूसीएडीए नियंत्रण कक्ष के कामकाज की गहन समीक्षा की जा सके।</p>
<p>ट्रांसभारत एविएशन के दो हेलीकॉप्टर – वीटी-टीबीसी, जिसके पायलट योगेश ग्रेवाल कमांड में थे और वीटी-टीबीएफ, जिसके पायलट जितेन्द्र हरजाई पीआईसी थे, समान अनुपयुक्त मौसम स्थितियों में उड़ान भरते पाए गए।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि तदनुसार, दोनों पायलटों के लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिए गए हैं।</p>
<p>उत्तराखंड में केदारनाथ मंदिर से लोगों को लेकर जा रहा एक हेलीकॉप्टर रविवार सुबह खराब दृश्यता के कारण गौरीकुंड के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे सात लोगों की मौत हो गई।</p>
<p>निजी कंपनी आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित बेल 407 हेलीकॉप्टर केदारघाटी में गौरीकुंड और त्रिजुगीनारायण के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई। इससे उसमें सवार सभी लोग मारे गए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Jun 2025 20:59:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केदारनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर को आपात स्थिति में राजमार्ग पर उतारा गया, सभी यात्री सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>रुद्रप्रयाग, सात जून (भाषा) उत्तराखंड के केदारनाथ जा रहे एक हेलीकॉप्टर में शनिवार को तकनीकी खराबी आने के बाद उसे रुद्रप्रयाग जिले में राजमार्ग पर आपात स्थिति में उतारना पड़ा, जिससे उसमें सवार पांच तीर्थयात्री और एक पायलट बाल-बाल बच गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मामूली रूप से घायल हुए पायलट को अस्पताल ले जाया गया है।</p>
<p>सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में देखा जा सकता है कि केस्ट्रेल एविएशन का हेलीकॉप्टर राजमार्ग के बीच में खड़ा है और यह रिहायशी इमारतों के बहुत करीब था तथा उसके ‘टेल रोटर’ से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई।</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141197/the-helicopter-going-to-kedarnath-was-set-up-on-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-06/k07062025-194745.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>रुद्रप्रयाग, सात जून (भाषा) उत्तराखंड के केदारनाथ जा रहे एक हेलीकॉप्टर में शनिवार को तकनीकी खराबी आने के बाद उसे रुद्रप्रयाग जिले में राजमार्ग पर आपात स्थिति में उतारना पड़ा, जिससे उसमें सवार पांच तीर्थयात्री और एक पायलट बाल-बाल बच गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मामूली रूप से घायल हुए पायलट को अस्पताल ले जाया गया है।</p>
<p>सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में देखा जा सकता है कि केस्ट्रेल एविएशन का हेलीकॉप्टर राजमार्ग के बीच में खड़ा है और यह रिहायशी इमारतों के बहुत करीब था तथा उसके ‘टेल रोटर’ से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने बड़ासू हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने के कारण इसे आपात स्थिति में सिरसी के निकट राजमार्ग पर उतारना पड़ा।</p>
<p>उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे और वे बाल-बाल बच गए।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब लोगों ने हेलीकॉप्टर को हवा में असंतुलित होकर सड़क पर आपात स्थिति में उतरते हुए देखा, तो वे डर गए।</p>
<p>केदारनाथ हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि इस घटना से केदारनाथ मंदिर के लिए हेली शटल सेवा प्रभावित नहीं हुई है।</p>
<p>हेलीकॉप्टर को राजमार्ग से हटाने के प्रयास जारी हैं।</p>
<p>पुलिस ने सड़क मार्ग से केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे जहां हैं वहीं रुक जायें, क्योंकि राजमार्ग से हेलीकॉप्टर को हटाने में कुछ समय लग सकता है।</p>
<p>नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि केस्ट्रेल एविएशन के एडब्ल्यू119 (रजिस्टर्ड. वीटी-आरएनके) हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन आर पी एस सोढ़ी थे।</p>
<p>शुरुआती जानकारी के अनुसार, हेलीपैड से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद पायलट को एक संदिग्ध समस्या की सूचना दी गई। जवाब में, उन्होंने हेलीपैड के निकट सड़क पर हेलीकॉप्टर को आपात स्थिति में उतारा।</p>
<p>डीजीसीए ने बताया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।</p>
<p>पायलट को पीठ दर्द की शिकायत के कारण जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है।</p>
<p>इसने बताया कि हेलीकॉप्टर ने अपराह्न 12.52 बजे बड़ासू (सिरसी) हेलीपैड से उड़ान भरी थी।</p>
<p>डीजीसीए ने बताया कि मौके पर आकलन के लिए एक टीम भेजी जा रही है।</p>
<p>एक महीने में यह चौथी बार है जब चार धाम यात्रा मार्ग पर हवाई मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालु बाल-बाल बचे हैं।</p>
<p>शनिवार को हेलीकॉप्टर को ऐसे समय में आपात स्थिति में उतारा गया, जब लगभग एक महीने पहले आठ मई को गंगोत्री मंदिर जा रहा एक अन्य हेलीकॉप्टर उत्तरकाशी जिले के गंगनानी के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें पांच महिलाओं और पायलट सहित छह लोगों की मौत हो गई थी और एक पुरुष यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया था।</p>
<p>बारह मई को बद्रीनाथ से श्रद्धालुओं को लेकर सिरसी लौट रहे एक हेलीकॉप्टर को उखीमठ के एक स्कूल के मैदान में खराब दृश्यता के कारण आपात स्थिति में उतारना पड़ा था। इस घटना में सभी तीर्थयात्री सुरक्षित थे। मौसम ठीक होने पर लगभग एक घंटे बाद हेलीकॉप्टर ने फिर से उड़ान भरी थी।</p>
<p>ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से आई एक हेली एंबुलेंस उत्तराखंड में केदारनाथ हेलीपैड के निकट 17 मई को दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हालांकि उसमें सवार तीनों लोग -एक चिकित्सक, एक पायलट और एक अन्य व्यक्ति सुरक्षित बच गए थे।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 19:48:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड : द्वितीय केदार और तृतीय केदार के कपाट खुलने की तिथि घोषित, भक्तों में उत्साह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रुद्रप्रयाग, 15 अप्रैल (वेब वार्ता)। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पंचकेदारों में शामिल द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी और तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट खुलने की तारीखों की घोषणा कर दी गई है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पंचकेदारों में शामिल द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी और तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट खुलने की तारीखों की घोषणा कर दी गई है।</p><p>जनपद रुद्रप्रयाग के उखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान पंचांग गणना के उपरांत बुधवार, 21 मई को कर्क लग्न में पूर्वाह्न 11:30 बजे श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट विधि विधान के साथ खोले जाएंगे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140126/enthusiasm-among-devotees-announced-the-date-of-opening-of-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2458_kedarnath-dham.jpg" alt=""></a><br /><p>रुद्रप्रयाग, 15 अप्रैल (वेब वार्ता)। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पंचकेदारों में शामिल द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी और तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट खुलने की तारीखों की घोषणा कर दी गई है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पंचकेदारों में शामिल द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी और तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट खुलने की तारीखों की घोषणा कर दी गई है।</p><p>जनपद रुद्रप्रयाग के उखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान पंचांग गणना के उपरांत बुधवार, 21 मई को कर्क लग्न में पूर्वाह्न 11:30 बजे श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट विधि विधान के साथ खोले जाएंगे। उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री चंडीप्रसाद भट्ट, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल और मंदिर समिति के आचार्य एवं वेदपाठी ने कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की।</p><p>मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली 18 मई को ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में विराजमान होगी, जिसके बाद 19 मई को राकेश्वरी मंदिर रांसी, 20 मई को गौंडार और अंततः 21 मई की सुबह श्री मद्महेश्वर धाम पहुंचेगी, जहां भव्य धार्मिक आयोजन के बीच कपाट खोले जाएंगे। इसके अलावा, विश्व के सबसे ऊंचाई पर स्थित शिव मंदिर श्री तुंगनाथ जी के कपाट शुक्रवार, 2 मई को मिथुन लग्न में पूर्वाह्न 10:15 बजे खोले जाएंगे। कपाट खुलने की तिथि की घोषणा शीतकालीन गद्दीस्थल श्री मर्करेटेश्वर मंदिर, मक्कूमठ में आचार्य पुजारी विजय भारत मैठाणी द्वारा की गई।</p><p>बीकेटीसी के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल ने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए सफल यात्रा की कामना की। तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली 30 अप्रैल को मक्कूमठ से निकटवर्ती भूतनाथ मंदिर पहुंचेगी, जहां एक दिन का प्रवास रहेगा। 1 मई को डोली चोपता रात्रि विश्राम को पहुंचेगी और 2 मई की सुबह तुंगनाथ धाम पहुँचेगी। उसी दिन शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोले जाएंगे।</p><p>तुंगनाथ जी के पुजारी रविन्द्र मैठाणी ने बताया कि भगवान तृतीय केदार श्री तुंगनाथ जी के कपाट खुलने की तिथि तय हो गई है। आगामी 2 मई को मंदिर के कपाट सभी भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। 30 अप्रैल को तुंगनाथ जी की डोली भूतनाथ मंदिर पहुंचेगी, जहां यह एक दिन के प्रवास पर रहेगी। इसके पश्चात, 1 मई को डोली चोपता पहुंचेगी और फिर 2 मई को तुंगनाथ धाम। उसी दिन शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। सभी भक्तों से मेरा विनम्र निवेदन है कि वे तुंगनाथ धाम पधारें, भगवान श्री तुंगनाथ जी के दर्शन करें और पुण्य अर्जित करें।</p><p>श्री मद्महेश्वर और श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा से श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु इन पवित्र धामों की यात्रा करते हैं। इस बार भी कपाट खुलने के शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन द्वारा यात्रा मार्गों की तैयारी और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।</p><p><br /></p><p><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 15:22:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चारधाम यात्रा 2025 : उत्तराखंड सरकार ने पूरी की तैयारियां, सतपाल महाराज ने दिए सख्त निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 11 अप्रैल (वेब वार्ता)। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियां पूरी कर ली हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, उन्होंने हेली टिकटों की कालाबाजारी और यात्रा मार्ग पर मनमानी पार्किंग फीस वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>महाराज ने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को और आसान किया गया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण के अलावा मोबाइल ऐप और आधार नंबर के जरिए भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध होगी। हरिद्वार,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140032/chardham-yatra-2025-uttarakhand-government-preparations-satpal-maharaj-gave-strict"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/badrinath-chardham-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 11 अप्रैल (वेब वार्ता)। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियां पूरी कर ली हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, उन्होंने हेली टिकटों की कालाबाजारी और यात्रा मार्ग पर मनमानी पार्किंग फीस वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>महाराज ने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को और आसान किया गया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण के अलावा मोबाइल ऐप और आधार नंबर के जरिए भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध होगी। हरिद्वार, ऋषिकेश और हरबर्टपुर में ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा, देहरादून में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्यालय में 24 घंटे चलने वाला स्टेट लेवल कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता करेगा।</p>
<p>चारधाम यात्रा 30 अप्रैल 2025 से शुरू होगी, जब यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई, बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई और हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यात्रा की व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन, पर्यटन विभाग और अन्य विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।</p>
<p>यात्रा मार्गों पर सुविधाओं के लिए सरकार ने 12 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि आवंटित की है। इसमें गढ़वाल मंडल आयुक्त को 25 लाख, जिलाधिकारी हरिद्वार, टिहरी और देहरादून को एक-एक करोड़, जिलाधिकारी पौड़ी को 50 लाख, जिलाधिकारी चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग को तीन-तीन करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि से मार्गों पर पानी, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।</p>
<p>मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि हेलीकॉप्टर बुकिंग भी जल्द शुरू होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेली टिकटों की बिक्री में पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी तरह की कालाबाजारी को रोका जाए। साथ ही, यात्रा मार्गों पर पार्किंग शुल्क को लेकर मनमानी नहीं होनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। सरकार का लक्ष्य है कि लाखों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें। स्थानीय लोगों ने भी सरकार के प्रयासों की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस बार यात्रा पहले से अधिक व्यवस्थित होगी। यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं और तैयारियां अंतिम चरण में हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140032/chardham-yatra-2025-uttarakhand-government-preparations-satpal-maharaj-gave-strict</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 15:08:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो मई को खुलेंगे केदारनाथ के कपाट: हेली सेवा के लिए 15 मिनट के अंदर 39 हजार बुकिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 09 अप्रैल (वेब वार्ता)। केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवा की बुकिंग शुरू हो चुकी है। यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।</p>
<p>विशेषकर केदारनाथ धाम को लेकर लोगों की श्रद्धा का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि हेली सेवा की बुकिंग मंगलवार सुबह 12 बजे खुलने के मात्र 15 मिनट के भीतर ही पूरे माह के स्लॉट फुल हो गए।</p>
<p>इस दौरान आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर मई महीने के 38,850 टिकट बुक हुए। केदारनाथ धाम के कपाट दो मई को खुल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139977/39-thousand-bookings-will-be-opened-for-kedarnaths-doors-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2458_kedarnath-dham.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 09 अप्रैल (वेब वार्ता)। केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवा की बुकिंग शुरू हो चुकी है। यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।</p>
<p>विशेषकर केदारनाथ धाम को लेकर लोगों की श्रद्धा का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि हेली सेवा की बुकिंग मंगलवार सुबह 12 बजे खुलने के मात्र 15 मिनट के भीतर ही पूरे माह के स्लॉट फुल हो गए।</p>
<p>इस दौरान आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर मई महीने के 38,850 टिकट बुक हुए। केदारनाथ धाम के कपाट दो मई को खुल रहे हैं। धाम के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) और आईआरसीटीसी की अधिकारिक वेबसाइट के जरिए हेली सेवा की बुकिंग ले रहे हैं।</p>
<p>इसके तहत मई महीने के लिए आठ अप्रैल को बुकिंग स्लॉट खुलने के 15 मिनट के अंदर ही सारी टिकटें बिक गईं। टिकट बुक कराने को लेकर मची मारामारी के चलते साइट पर लोड बढ़ गया। इससे साइट खुलने में परेशानी भी हुई। केदारनाथ के कपाट 2 मई को खुलेंगे चारधाम यात्रा के लिए धामों के कपाट खुलने की तिथि तय की जा चुकी है।</p>
<p>यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल, केदारनाथ धाम के कपाट दो मई और बदरीनाथ धाम के कपाट चार मई को खुलेंगे। श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुलेंगे।<br />जून के लिए स्लॉट खुलने का इंतजार</p>
<p>टिकट बुक करने से चूक गए लोगों को अब जून के लिए स्लॉट खुलने का इंतजार करना पड़ेगा। मालूम हो कि केदारनाथ धाम के लिए पवन हंस, आर्यन एविएशन, हिमालयन हेली, ट्रांस भारत, ग्लोबल विक्ट्रा, थंबी एविएशन, केस्ट्रल एविएशन और एयरो एयरक्राफ्ट, हेली सेवा की सुविधा दे रही हैं।</p>
<p>एक आईडी से 6 टिकट ही बुक होगी एसीईओ यूकाडा दयानंद सरस्वती ने बताया, केदारनाथ हेली सेवा के तहत 1295 यात्री रोज के हिसाब से टिकट बुक की गई हैं। चूंकि यात्रा दो मई से शुरू हो रही है, ऐसे में मई में 30 दिन के लिए करीब 38,850 टिकट बुक किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 15:50:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title>चारधाम यात्रा में मंदिर के अंदर वीडियो और रील बनाने पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 28 मार्च (वेब वार्ता)। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा इस साल 30 अप्रैल से शुरू होगी। हर साल लाखों श्रद्धालु यात्रा पर आते हैं। इस बार चारधाम यात्रा को लेकर कुछ नए नियम बनाए गए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाने वालों के लिए खास नियम हैं।</p>
<p>मंदिर के अंदर वीडियो और रील बनाने पर रोक लगा दी गई है। ऐसा करने पर दर्शन किए बिना ही वापस भेज दिया जाएगा। इसके अलावा वीआईपी दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं।</p>
<p>इस बार यात्रा के लिए 9 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यात्रा को सुरक्षित बनाने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139654/ban-on-making-videos-and-reel-inside-the-temple-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/badrinath-chardham-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 28 मार्च (वेब वार्ता)। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा इस साल 30 अप्रैल से शुरू होगी। हर साल लाखों श्रद्धालु यात्रा पर आते हैं। इस बार चारधाम यात्रा को लेकर कुछ नए नियम बनाए गए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाने वालों के लिए खास नियम हैं।</p>
<p>मंदिर के अंदर वीडियो और रील बनाने पर रोक लगा दी गई है। ऐसा करने पर दर्शन किए बिना ही वापस भेज दिया जाएगा। इसके अलावा वीआईपी दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं।</p>
<p>इस बार यात्रा के लिए 9 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कई इंतजाम किए जा रहे हैं। केदारनाथ-बद्रीनाथ पंडा समाज ने फैसला लिया है कि इस बार यात्रा में रील बनाने वालों को मंदिर में घुसने नहीं दिया जाएगा। बीते साल वीडियों बनाने वाले यात्रियों की वजह से<br />कई जगह पर व्यवस्था बिगड़ गई थी।</p>
<p>केदारनाथ धाम में सिर्फ वीडियो बनाने के लिए ढोल-नगाड़े बज रहे थे। इससे प्रकृति और श्रद्धालुओं की शांति भंग हो रही थी। इसलिए इस बार प्रशासन ने कैमरा चालू करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।</p>
<p>वहीं इस साल चारधाम यात्रा में वीआईपी दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं। बद्रीनाथ धाम के पंडा पंचायत के कोषाध्यक्ष अशोक टोडरिया ने कहा कि पैसे लेकर दर्शन करवाना भगवान की मर्यादा के खिलाफ है। इसलिए इस बार सभी श्रद्धालु सामान्य दर्शन ही कर पाएंगे। इससे सभी को दर्शन करने<br />का समान मौका मिलेगा।</p>
<p>चारधाम यात्रा 30 अप्रैल, से शुरू होगी। सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने है। इसके बाद 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट और सबसे आखिर में 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।</p>
<p>यात्रा मार्ग को 10-10 किलोमीटर के हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से में 6 पुलिसकर्मी तैनात हैं। अगर मौसम खराब होता है, तब यात्रियों को राहत देने के लिए 10 जगहों पर होल्डिंग स्थल बनाए गए हैं। यहां पर खाने-पीने और दूसरी जरूरी चीजें मिलेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 15:44:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केदारनाथ और हेमकुंड साहिब तक रोपवे के निर्माण को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 05 मार्च (वेब वार्ता)। सरकार ने पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड में स्थिति तीर्थ स्थल बाबा केदारनाथ तथा सिखों के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को रोपवे की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कुल 6811 करोड रुपए की लागत की दो परियोजनाओं के निर्माण को आज मंजूरी प्रदान की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की आज यहां हुई बैठक में इन दोनों परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी।</p>
<p>रेल, सूचना प्रसारण, इलैक्टॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139027/approval-for-construction-of-ropeway-up-to-kedarnath-and-hemkund"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2458_kedarnath-dham.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 05 मार्च (वेब वार्ता)। सरकार ने पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड में स्थिति तीर्थ स्थल बाबा केदारनाथ तथा सिखों के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को रोपवे की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कुल 6811 करोड रुपए की लागत की दो परियोजनाओं के निर्माण को आज मंजूरी प्रदान की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की आज यहां हुई बैठक में इन दोनों परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी।</p>
<p>रेल, सूचना प्रसारण, इलैक्टॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इन परियोजनाओं पर डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और स्थानांतरण-डीबीएफओटी मोड पर काम कराया जाएगा जिन्हें चार से छह वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों रोपवे परियोजनाओं को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएल) द्वारा बनाया जाएगा।</p>
<p>श्री वैष्णव बताया कि उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ 12.9 किलोमीटर लम्बी रोपवे परियोजना के निर्माण पर 4081.28 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। रोपवे को सार्वजनिक-निजी भागीदारी में विकसित करने की योजना है और यह परियोजना सबसे उन्नत ट्राई-केबल डिटेचेबल गोंडोला-3एस तकनीक पर आधारित होगा जिसकी डिजाइन क्षमता 1800 यात्री प्रति घंटे प्रति दिशा होगी,जो प्रति दिन 18 हजार यात्रियों को लाने ले जाने में सक्षम होगी। एक गोंडोला मिनी बस के समान होगा जिसमें एक बार में 36 यात्री सवारी कर सकेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रोपवे निर्माण से केदारनाथ की यात्रा गौरीकुंड से 16 किलोमीटर की चढ़ाई में लगने वाला 8 से 9 घंटे की अवधि घटकर महज 36 मिनट रह जाएगी। प्रस्तावित रोपवे की योजना मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करने और सोनप्रयाग और केदारनाथ के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ में 6 से 7 महीने में हर साल लगभग 20 लाख तीर्थयात्री पहुंचते हैं। रोपवे के निर्माण से यह संख्या 23 लाख हो जाएगी।</p>
<p>श्री वैष्णव ने बताया कि गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किमी रोपवे परियोजना को भी डीबीएफओटी मोड पर तैयार किया जाएगा। इसमें 10.55 किलोमीटर तक गोविंदघाट से घांघरिया तक और 1.85 किलोमीटर घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक बनाया जाएगा। इस परियोजना पर 2730.13 करोड़ रुपए लागत आने का अनुमान है। करीब 15 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब की यात्रा गोविंदघाट से 21 किमी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस रोपवे से हेमकुंड साहिब के दर्शन के साथ ही फूलों की घाटी का दौरा करने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी जो घांघरिया से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर है। इस तीर्थ पर हर साल करीब दो लाख यात्री पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय हेमकुंड साहिब में चार से पांच घंटे ही दर्शन हो पाते हैं। रोपवे बनने के बाद दिन में दस घंटे तक दर्शन की सुविधा संभव हो सकेगी। रोपवे के माध्यम से एक दिन में करीब 1100 यात्री आ जा सकेंगे।</p>
<p>एक सवाल के जवाब में सूचना प्रसारण मंत्री ने बताया कि दोनों परियोजनाओं को मंजूरी देने से पहले पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तंत्र पर गहरायी से विचार किया गया है और सभी चिंताओं का समाधान किया गया है। रोपवे का संचालन उत्तराखंड रोपवे अधिनियम 2014 के अंतर्गत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि केदारनाथ एवं हेमकुंड साहिब के लिए माल पहुंचाने के लिए भी रोपवे सेवा बहुत उपयोगी साबित होगी। सामान के परिवहन की लागत घटने से यात्रियों को भी लाभ होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 21:19:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड : केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दो मई को खुलेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रुद्रप्रयाग, 26 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड में उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल में करीब छह माह बंद रहने के बाद श्रद्धालुओं के लिए दो मई को फिर खोल दिए जाएंगे ।</p>
<p>श्री बदरीनाथ—केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा केदार के शीतकालीन गद्दीस्थल उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में परंपरागत रूप से पूजा—अर्चना करने के बाद धर्माचार्य वेदपाठियों ने पंचाग गणना कर केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाने का मुहूर्त निकाला ।</p>
<p>भव्य रूप से फूलों से सजाए गए ओंकारेश्वर मंदिर में इस दौरान केदारनाथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/137641/uttarakhand--the-doors-of-kedarnath-temple-will-open-for-devotees-on-may-2"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/kedarnath-dham.jpg" alt=""></a><br /><p>रुद्रप्रयाग, 26 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड में उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल में करीब छह माह बंद रहने के बाद श्रद्धालुओं के लिए दो मई को फिर खोल दिए जाएंगे ।</p>
<p>श्री बदरीनाथ—केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा केदार के शीतकालीन गद्दीस्थल उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में परंपरागत रूप से पूजा—अर्चना करने के बाद धर्माचार्य वेदपाठियों ने पंचाग गणना कर केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाने का मुहूर्त निकाला ।</p>
<p>भव्य रूप से फूलों से सजाए गए ओंकारेश्वर मंदिर में इस दौरान केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल, मंदिर समिति के पदाधिकारियों और धर्माधिकारियों के अलावा सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद थे ।</p>
<p>थपलियाल ने बताया कि द्वादश ज्योर्तिलिंगों में से एक केदारनाथ मंदिर के कपाट दो मई, शुक्रवार को मिथुन राशि और वृष लग्न में सुबह सात बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।</p>
<p>केदारानाथ मंदिर के कपाट खुलने का मुहूर्त निकलने के साथ ही गढ़वाल हिमालय के चारों धामों के खुलने की तिथि तय हो गयी है । बदरीनाथ धाम के खुलने की तिथि चार मई है जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर खुलेंगे ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 12:27:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ष 2020-21 से केदारनाथ मंदिर की आमदनी दोगुनी से ज्यादा हुई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 24 फरवरी (भाषा) चढ़ावे, दान और श्रद्धालुओं को दी गयी विभिन्न सेवाओं से केदारनाथ मंदिर की आय 2021 से दोगुनी से भी अधिक हो गयी है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत एक आवेदन पर यह जानकारी सामने आयी है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के नोएडा के आरटीआई कार्यकर्ता अमित गुप्ता द्वारा आरटीआई कानून के तहत मांगी गयी जानकारी के जवाब में श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने बताया कि 2020-21 में केदारनाथ मंदिर की आय 22.04 करोड़ रुपये थी जो 2023-24 में बढ़कर 52.9 करोड़ रुपये हो गयी।</p>
<p>इसका विस्तृत विवरण देते हुए मंदिर समिति ने बताया कि गढ़वाल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/137093/the-income-of-kedarnath-temple-from-the-year-2020-21-was-more-than-doubled"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2458_kedarnath-dham.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 24 फरवरी (भाषा) चढ़ावे, दान और श्रद्धालुओं को दी गयी विभिन्न सेवाओं से केदारनाथ मंदिर की आय 2021 से दोगुनी से भी अधिक हो गयी है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत एक आवेदन पर यह जानकारी सामने आयी है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के नोएडा के आरटीआई कार्यकर्ता अमित गुप्ता द्वारा आरटीआई कानून के तहत मांगी गयी जानकारी के जवाब में श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने बताया कि 2020-21 में केदारनाथ मंदिर की आय 22.04 करोड़ रुपये थी जो 2023-24 में बढ़कर 52.9 करोड़ रुपये हो गयी।</p>
<p>इसका विस्तृत विवरण देते हुए मंदिर समिति ने बताया कि गढ़वाल हिमालय में स्थित बाबा केदार के मंदिर की आय 2021-22 में कोविड-19 के दौरान घटकर 16.52 करोड़ रुपये रह गयी लेकिन उसके अगले साल 2022-23 में यह बढ़कर 29.67 करोड़ रुपये और 2023-24 में 52.9 करोड़ रुपये हो गयी।</p>
<p>वर्ष 2020-21 से 2023—24 की अवधि में मंदिर की आय में बढ़ोत्तरी 2.3 गुना है ।</p>
<p>कोविड महामारी के मद्देनजर 2021 में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को देरी से खोले जाने, आरटी-पीसीआर परीक्षण रिपोर्ट को अनिवार्य किए जाने, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की दैनिक संख्या को सीमित किए जाने, मास्क पहनने और सामाजिक-दूरी बनाए रखने के मानदंडों के अनुपालन के कारण काफी कम संख्या में तीर्थयात्री मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे।</p>
<p>हांलांकि, जैसे-जैसे कोविड मामले कम हुए, यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी गई, अगले साल से तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होती गयी और मंदिर की कमाई एक बार फिर बढ़ गई।</p>
<p>मंदिर की आय श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान के साथ-साथ हेलीकॉप्टर से आने वाले लोगों को दी जाने वाली प्राथमिकता दर्शन की सुविधाओं से होती है जिसके लिए समिति द्वारा अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/137093/the-income-of-kedarnath-temple-from-the-year-2020-21-was-more-than-doubled</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 21:25:59 +0530</pubDate>
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