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                <title>सूरत : जन्माष्टमी आते ही अपने गाँव की ओर रवाना हो रहे हैं सौराष्ट्र के लोग, बसों में नहीं मिल रही जगह, वसूला जा रहा है ज्यादा किराया</title>
                                    <description><![CDATA[सौराष्ट्र में जन्माष्टमी पर्व को लेकर करीब एक सप्ताह तक जश्न का माहौल रहता है ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>आज से जैसे ही जन्माष्टमी का उत्सव शुरू हो रहा है, वैसे ही सौराष्ट्र में भी त्योहार का माहौल तैयार हो रहा है. राजकोट समेत शहरों में आज से लोक मेलों की शुरुआत हो गई है. पिछले दो दिनों से सूरत से बड़ी संख्या में रत्न कलाकार अपने परिवार के साथ सौराष्ट्र में सातवें-आठवें त्योहार को मनाने के लिए निकल पड़े हैं। सूरत से आने वाली एसटी और निजी बसें ओवरफ्लो हो रही हैं, हालांकि अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं जिससे ट्रैफिक बढ़ रहा है।</div><div>आपको बता दें कि सौराष्ट्र में जन्माष्टमी पर्व को लेकर करीब एक सप्ताह तक जश्न का माहौल रहता है। हर कस्बे और गांव में गजब का उत्साह रहता है। सौराष्ट्र के अलावा सूरत के अन्य शहरों में भी जन्माष्टमी इतने धूमधाम से नहीं मनाई जाती है। विशेष रूप से मूल रूप से सौराष्ट्र में रहने वाले लाखों जौहरी इन त्योहारों को मनाने के लिए सौराष्ट्र आते हैं।</div><div>अमरेली भावनगर जिले के गांवों के लिए ट्रेन की संख्या कम है, निजी बसों में यातायात बढ़ रहा है। साथ सूरत से राजकोट आने वाली बसें भी फुल हो रही हैं। चूंकि अधिकांश बसें ऑनलाइन बुक हो चुकी हैं, इसलिए राजकोट डिपो द्वारा दो अतिरिक्त बसें शुरू की गई हैं। सूरत-वडोदरा से सौराष्ट्र की ओर आने वाली एसटी बसों में जगह नहीं है तो निजी बसों में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। सूरत से अमरेली-भावनगर के लिए रोजाना 100 से 125 बसें आ रही हैं। फिर भी जगह नहीं मिलने के कारण वे ज्यादा किराया दे रहे हैं। शिकायतें हैं कि इस एक सप्ताह के लिए अत्यधिक दाम वसूले जा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि शनिवार के बाद सौराष्ट्र से सूरत के लिए ट्रैफिक बढ़ जाएगा।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/75808/surat-people-of-saurashtra-are-leaving-for-their-village-as-soon-as-janmashtami-arrives-space-is-not-available-in-buses-more-fare-is-being-charged</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Aug 2022 21:29:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>भगवान कृष्ण से जानिए कर्म का सिद्धांत और जीवन का रहस्य</title>
                                    <description><![CDATA[कौन है कृष्ण और क्या सिखाता है कृष्ण का व्यक्तित्व]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><span style="font-size:1rem;">भगवान कृष्ण का व्यक्तित्व देखकर आश्चर्य होता है कि आखिर कृष्ण हैं कौन? कृष्ण केवल भगवान नहीं हैं, कृष्ण मित्र हैं, सुदामा और द्रौपदी के मित्र हैं। कृष्ण प्रेमी हैं, कृष्ण गोपियों और भक्तों के प्रेम है। कृष्ण के प्रेम में दुनिया भुला देने की शक्ति है । कृष्ण जगद्गुरु हैं। एक गुरु जिसकी प्रतीक्षा पूरी दुनिया कर रही है। कृष्ण प्रबंधन गुरु हैं। कृष्ण सिखाते हैं कि कब कहाँ, क्या, और कैसे होना चाहिए।</span><br /></div><div>कृष्ण एक सच्चे नेता हैं जो महाभारत युद्ध के दौरान निराश अर्जुन को प्रेरित करते हैं और उसे धर्मयुद्ध लड़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। कभी-कभी प्रश्न उठता है, कृष्ण क्या नहीं हैं? जवाब है कि कृष्ण ही सब कुछ हैं । कृष्ण में सब कुछ है, इसलिए कृष्ण को पूर्ण पुरुषोत्तम कहा जाता है। कृष्ण उत्कृष्ट हैं और परिपूर्ण भी।</div><div>दुनिया में शायद ही कोई ऐसी मां होगी जिसने अपने बेटे को कभी कान्हा, गोपाल, लाला या मोहन न कहा हो! अधिकांश माताएं अपने बेटें को कम से कम एक बार सिर पर मुकुट में मोर पंख, पीले वस्त्र और हाथ में बांसुरी धारण कराकर कृष्ण जरुर बनाती है। कृष्ण की सुंदरता यह है कि हम उन्हें अपना मानते हैं।</div><div>कृष्ण ही एकमात्र भगवान हैं जो उधम करते हैं, प्यार करते हैं, लड़ते हैं और यहां तक कि तार्किक तर्क भी देते हैं कि वे जो करते हैं वह सच क्यों है। कृष्ण धर्म और सत्य को सबसे पहले रखते हुए कहते हैं कि जब सत्य की बात आती है तो अपने रिश्तेदारों से भी लड़ना चाहिए। सच्चाई रिश्तेदारी से ज्यादा महत्वपूर्ण है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/80113/know-the-principle-of-karma-and-the-secret-of-life-from-lord-krishna</link>
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                <pubDate>Mon, 30 Aug 2021 18:38:47 +0530</pubDate>
                
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