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                <title>Real Estate - Loktej</title>
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                <description>Real Estate RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एनसीएलएटी का आदेश, रियल्टी कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया सिर्फ संबंधित परियोजना तक सीमित रहेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 12 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ शुरू की गई कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) केवल उसी परियोजना तक सीमित रहनी चाहिए जिसमें चूक (डिफॉल्ट) हुई है। अपीलीय न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इसे कॉरपोरेट देनदार की अन्य परियोजनाओं तक नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायाधिकरण ने कहा कि किसी रियल एस्टेट कंपनी की सभी परियोजनाओं को दिवाला कार्रवाई के तहत लाना न तो चूक वाली परियोजना के घर-खरीदारों और न ही अन्य परियोजनाओं के हितधारकों के हित में है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायाधिकरण</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, 12 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ शुरू की गई कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) केवल उसी परियोजना तक सीमित रहनी चाहिए जिसमें चूक (डिफॉल्ट) हुई है। अपीलीय न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इसे कॉरपोरेट देनदार की अन्य परियोजनाओं तक नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायाधिकरण ने कहा कि किसी रियल एस्टेट कंपनी की सभी परियोजनाओं को दिवाला कार्रवाई के तहत लाना न तो चूक वाली परियोजना के घर-खरीदारों और न ही अन्य परियोजनाओं के हितधारकों के हित में है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया कि यदि किसी विशेष परियोजना के घर के खरीदार धारा सात के तहत आवेदन करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सीआईआरपी उसी परियोजना तक सीमित रहेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने यह फैसला नवीन एम रहेजा की अपील पर सुनाया है। चेयरपर्सन न्यायमूर्ति अशोक भूषण और सदस्य (तकनीकी) बरुण मित्रा की एनसीएलएटी की पीठ ने कहा कि ऐसी परियोजनाएं जो संबंधित मामले से जुड़ी नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनको सीआईआरपी में शामिल करना घर खरीदारों और अन्य हितधारकों के हित में नहीं है। पीठ ने स्पष्ट किया कि कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया संबंधित परियोजना तक सीमित रहनी चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">एनसीएलएटी ने पिछले महीने रहेजा डेवलपर्स की एक अन्य परियोजना पर आदेश पारित करते हुए यह व्यवस्था दी थी कि सीआईआरपी सिर्फ एक परियोजना ‘रहेजा शिलास’ तक सीमित रहेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी सिद्धांत के आधार पर एनसीएलएटी ने कहा कि रहेजा डेवलपर्स के खिलाफ मौजूदा दिवाला प्रक्रिया सिर्फ ‘कृष्णा हाउसिंग स्कीम’ तक सीमित रहेगा। यह पूरे समूह के खिलाफ नहीं है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अंतिम आदेश जारी करते हुए एनसीएलएटी ने कहा कि रियल्टी कंपनी के खिलाफ परियोजना आधारित दिवाला प्रक्रिया के दौरान ऋणदाताओं और हितधारकों के दावे सिर्फ संबंधित परियोजना तक सीमित रहेंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अपीलीय न्यायाधिकरण ने समाधान पेशेवर को निर्देश दिया कि वह कृष्णा हाउसिंग स्कीम के हितधारकों को सीआईआरपी नियमन</span>, 2016<span lang="hi" xml:lang="hi"> के तहत </span>14<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन के भीतर दावे देने को कहे।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146569/nclat-order-insolvency-process-against-realty-company-will-be-limited</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 20:21:12 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रियल एस्टेट उद्योग ने आगामी बैठक में रेपो दर में कटौती की लगायी उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) जमीन, मकान के विकास से जुड़ी कंपनियों तथा विशेषज्ञों ने बुधवार को कहा कि आरबीआई का नीतिगत दर रेपो को 5.5 प्रतिशत पर कायम रखने से क्षेत्र को जरूरी स्थिरता मिलेगी। हालांकि उन्होंने उम्मीद जतायी कि आरबीआई आगामी बैठकों में दो चरणों में नीतिगत दर में 0.5 प्रतिशत की कटौती करेगा, जिससे क्षेत्र को जरूरी गति मिलेगी।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौजूदा घरेलू एवं वैश्विक परिस्थितियों पर गौर करते हुए प्रमुख नीतिगत दर रेपो को बुधवार को 5.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा।</p>
<p>रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष निकाय नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143366/real-estate-industry-expected-repo-rate-cut-in-the-upcoming"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/real-estate-business-industry-house-home-smart-city-infrastructure.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) जमीन, मकान के विकास से जुड़ी कंपनियों तथा विशेषज्ञों ने बुधवार को कहा कि आरबीआई का नीतिगत दर रेपो को 5.5 प्रतिशत पर कायम रखने से क्षेत्र को जरूरी स्थिरता मिलेगी। हालांकि उन्होंने उम्मीद जतायी कि आरबीआई आगामी बैठकों में दो चरणों में नीतिगत दर में 0.5 प्रतिशत की कटौती करेगा, जिससे क्षेत्र को जरूरी गति मिलेगी।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौजूदा घरेलू एवं वैश्विक परिस्थितियों पर गौर करते हुए प्रमुख नीतिगत दर रेपो को बुधवार को 5.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा।</p>
<p>रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष निकाय नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के अध्यक्ष जी. हरि बाबू ने कहा, ‘‘ वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत के अनुमान के साथ रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर बनाए रखने का निर्णय स्वागत योग्य है। हालांकि जिस तरह सरकार ने जीएसटी (माल एवं सेवा कर) में कटौती करके विभिन्न क्षेत्रों को गति देने का प्रयास किया है, उसी तरह रेपो दर में कटौती करके रियल एस्टेट क्षेत्र को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। हमें उम्मीद है कि आरबीआई अगली बैठक में रेपो दर को 5.5 प्रतिशत से नीचे लाने पर विचार करेगा।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ रेपो दर घटने पर आवास ऋण की मासिक किस्त कम होगी, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों की मकान खरीदने की क्षमता बढ़ेगी और ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ जैसे सरकारी मिशन को नई गति मिलेगी।’’</p>
<p>क्रेडाई (कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच यह कदम आवास क्षेत्र को आवश्यक स्थिरता प्रदान करता है लेकिन साथ ही उसने चालू वित्त वर्ष में रेपो दर में 0.5 प्रतिशत की और कटौती की उम्मीद जतायी।</p>
<p>बयान के अनुसार, ‘‘ स्थिर दरें मकान खरीदारों के लिए बेहद अहम हैं क्योंकि इससे उधार लेने की लागत स्थिर रहती है और लंबी अवधि की योजना बनाने का विश्वास बढ़ता है। हालांकि हम इस बार 0.25 प्रतिशत की कटौती की उम्मीद कर रहे थे लेकिन क्षेत्र को विश्वास है कि चालू वित्त वर्ष में आरबीआई आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दो चरणों में कुल 0.5 प्रतिशत की कटौती करेगा।’’</p>
<p>रियल एस्टेट से जुड़ी सेवाएं देने वाली सीबीआरई के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया व अफ्रीका) अंशुमान मैगजीन ने कहा, ‘‘ रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय त्योहारों से पहले और अस्थिर वैश्विक व्यापक आर्थिक एवं नीतिगत स्थितियों के बीच एक संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है। हाल ही में जीएसटी में कटौती और सीमित मुद्रास्फीति के साथ, इस घोषणा से उपभोक्ता धारणा में सुधार होने की संभावना है। साथ ही आने वाले हफ्तों में प्रमुख क्षेत्रों में मांग में वृद्धि को बढ़ावा मिल सकता है। ’’</p>
<p>उन्होंने कहा,‘‘ रियल एस्टेट क्षेत्र में यह एक स्थिर विकास परिदृश्य का संकेत देता है और बाजार के विश्वास को मजबूत करता है...। आगे चलकर, हमें उम्मीद है कि खपत में सुधार होगा और बाजार की गति और तेज होगी। ’’</p>
<p>सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लि. के संस्थापक एवं चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा, ‘‘ आरबीआई का यह कदम वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के वित्तीय तंत्र में स्थिरता और निरंतरता लाता है। इस कदम से नगदी, उपभोक्ता विश्वास को बढ़ावा मिलने और निवेश गतिविधियों को प्रोत्साहित करके रियल एस्टेट सहित सभी क्षेत्रों में सकारात्मक गति बनी रहने की उम्मीद है।’’</p>
<p>एसकेए ग्रुप के निदेशक संजय शर्मा ने कहा, ‘‘ नवरात्रि से लेकर दिवाली तक परंपरागत रूप से बुकिंग सबसे अधिक होती है। आरबीआई के रेपो रेट को यथावत रखने से मासिक किस्त स्थिर रहेंगी, जिससे खरीदारों को बड़े निवेश की योजना बनाते समय स्पष्टता मिलेगी। इस अवधि में असमंजस की स्थिति में रहने वाले खरीदारों के लिए निर्णय लेने की संभावना रहती है जिससे बाजार में बिक्री तेज होगी।’’</p>
<p>कृष्णा ग्रुप और क्रिसुमी कॉरपोरेशन के चेयरमैन अशोक कपूर ने कहा, ‘‘ रेपो दर को यथावत रखने का आरबीआई का निर्णय आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति प्रबंधन के दोहरे उद्देश्यों में संतुलन बनाए रखने के लिए एक सतर्क एवं विवेकपूर्ण दृष्टिकोण को दर्शाता है। हालांकि इस समय दर में कटौती से आवास की मांग और समग्र बाजार गतिविधि को अतिरिक्त बढ़ावा मिलता, लेकिन रियल एस्टेट क्षेत्र को पहले की गई कटौतियों तथा वाणिज्यिक बैंकों द्वारा मौजूदा ऋण दर समायोजनों से लाभ मिलना जारी है।’’</p>
<p>ओकस ग्रुप के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक प्रकाश मेहता ने कहा “आरबीआई ने रेपो रेट 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखते हुए और तटस्थ रुख अपनाकर यह दिखाया है कि वह वृद्धि को बढ़ावा देने और महंगाई को काबू में रखने में संतुलित कदम उठा रहा है। रियल एस्टेट के लिए यह अच्छा है क्योंकि इससे नीति के मोर्चे पर स्थिरता बनी रहेगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।’’</p>
<p>लोहिया वर्ल्डस्पेस के निदेशक पीयूष लोहिया ने कहा कि आरबीआई का फैसला बाजार में स्थिरता लाने और वृद्धि व मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाने का संकेत है। इससे डेवलपर और मकान खरीदने वालों दोनों को अनुमानित माहौल मिलता है।</p>
<p>ओरिस ग्रुप के बिक्री प्रमुख, विशाल सभरवाल ने कहा, “आरबीआई का रेपो रेट 5.5 प्रतिशत पर बनाए रखना कर्ज की लागत को स्थिर करता है, जिससे खरीदारों का निवेश करने में भरोसा बढ़ता है। पहली बार घर खरीदने वालों के लिए ईएमआई अहम भूमिका निभाती है और यह स्थिरता उन्हें लगातार किफायती खरीदारी का मौका देती है। त्योहारों के मौसम में बाजार में माहौल पहले से ही सकारात्मक है, इसलिए हमें उम्मीद है कि मांग मजबूत बनी रहेगी।’’</p>
<p>मणासुम सीनियर लिविंग होम्स के सह-संस्थापक अनंथा राम वरयूर ने कहा, “रेपो रेट स्थिर रखने का आरबीआई का निर्णय एक संतुलित रुख को दर्शाता है जो विकास को प्रोत्साहित करता है और साथ ही मुद्रास्फीति के जोखिमों को नियंत्रित रखता है। सीनियर लिविंग हाउसिंग क्षेत्र के लिए ब्याज दरों में यह स्थिरता राहत भरा है, क्योंकि इससे मकान खरीदने वालों के लिए उधारी लागत भरोसेमंद बनी रहती है। हालांकि, इस क्षेत्र की दीर्घकालिक प्रगति मांग की स्थिति, किफायत और वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल से जुड़ी नीतिगत पहलों पर निर्भर करेगी।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Oct 2025 14:51:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लोढ़ा डेवलपर्स ने मुंबई में 24 एकड़ जमीन एसटीटी ग्लोबल डेटा सेंटर्स को 500 करोड़ रुपये में बेची</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) रियल एस्टेट कंपनी लोढ़ा डेवलपर्स लि. ने मुंबई क्षेत्र में 24 एकड़ से अधिक जमीन सिंगापुर की एसटीटी ग्लोबल डेटा सेंटर्स को करीब 500 करोड़ रुपये में बेची है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। भूमि सौदा पहले ही पंजीकृत हो चुका है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, सिंगापुर की कंपनी डेटा सेंटर सेवा प्रदाता एसटी टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर (एसटीटी जीडीसी) ने हाल ही में पलावा में 24.34 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि लोढ़ा डेवलपर्स ने 1.74 एकड़ जमीन बेची है, जबकि उसकी अनुषंगी कंपनी पलावा इंडसलॉजिक 4 प्राइवेट लिमिटेड ने 22.6</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143166/lodha-developers-sold-24-acres-of-land-in-mumbai-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/real-estate-business-industry-house-home-smart-city-infrastructure.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) रियल एस्टेट कंपनी लोढ़ा डेवलपर्स लि. ने मुंबई क्षेत्र में 24 एकड़ से अधिक जमीन सिंगापुर की एसटीटी ग्लोबल डेटा सेंटर्स को करीब 500 करोड़ रुपये में बेची है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। भूमि सौदा पहले ही पंजीकृत हो चुका है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, सिंगापुर की कंपनी डेटा सेंटर सेवा प्रदाता एसटी टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर (एसटीटी जीडीसी) ने हाल ही में पलावा में 24.34 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि लोढ़ा डेवलपर्स ने 1.74 एकड़ जमीन बेची है, जबकि उसकी अनुषंगी कंपनी पलावा इंडसलॉजिक 4 प्राइवेट लिमिटेड ने 22.6 एकड़ जमीन करीब 499 करोड़ रुपये में बेची है।</p>
<p>इस महीने की शुरुआत में, लोढ़ा डेवलपर्स ने पलावा में हरित एकीकृत डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे।</p>
<p>समझौता ज्ञापन में बताया गया है कि कुल प्रस्तावित निवेश 30,000 करोड़ रुपये का होगा, जिससे 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Sep 2025 16:19:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुरुग्राम में 2,200 करोड़ रुपये से ट्रंप ब्रांड की आवासीय परियोजना बनाएंगी स्मार्टवर्ल्ड, ट्रिबेका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) रियल एस्टेट कंपनी स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स और ट्रिबेका डेवलपर्स गुरुग्राम में ‘ट्रंप’ ब्रांड के तहत लगभग 2,200 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ एक अल्ट्रा-लक्जरी (बेहद आलीशान) आवासीय परियोजना विकसित करेंगी।</p>
<p>एम3एम ग्रुप की कंपनी स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स और ट्रिबेका ने गुरुग्राम के सेक्टर 69 में ‘ट्रंप रेजिडेंस’ परियोजना शुरू की है।</p>
<p>कुल 288 इकाइयों वाली इस परियोजना का कुल बिक्री योग्य क्षेत्रफल 12 लाख वर्ग फुट है।</p>
<p>भारत, अमेरिका के बाहर ट्रंप ब्रांड का सबसे बड़ा बाजार बन गया है।</p>
<p>इस साल जनवरी में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140171/smartworld-tribeca-will-make-a-residential-project-of-trump-brand"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/real-estate-business-industry-house-home-smart-city-infrastructure.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) रियल एस्टेट कंपनी स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स और ट्रिबेका डेवलपर्स गुरुग्राम में ‘ट्रंप’ ब्रांड के तहत लगभग 2,200 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ एक अल्ट्रा-लक्जरी (बेहद आलीशान) आवासीय परियोजना विकसित करेंगी।</p>
<p>एम3एम ग्रुप की कंपनी स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स और ट्रिबेका ने गुरुग्राम के सेक्टर 69 में ‘ट्रंप रेजिडेंस’ परियोजना शुरू की है।</p>
<p>कुल 288 इकाइयों वाली इस परियोजना का कुल बिक्री योग्य क्षेत्रफल 12 लाख वर्ग फुट है।</p>
<p>भारत, अमेरिका के बाहर ट्रंप ब्रांड का सबसे बड़ा बाजार बन गया है।</p>
<p>इस साल जनवरी में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी, जिसके बाद भारत में ट्रंप ब्रांड की दूसरी परियोजना की घोषणा की गई है।</p>
<p>भारत में ट्रंप ब्रांड की आधिकारिक प्रतिनिधि मुंबई स्थित ट्रिबेका डेवलपर्स ने कहा कि इन सौदों पर छह से आठ महीने पहले ही हस्ताक्षर किए गए थे।</p>
<p>स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स के सह-संस्थापक पंकज बंसल ने यहां संवाददाताओं से कहा, “हम गुरुग्राम में ‘ट्रंप रेजिडेंस’ परियोजना शुरू कर रहे हैं। इसकी कुल लागत करीब 2,200 करोड़ रुपये होगी।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह परियोजना पांच साल में पूरी होगी। इस परियोजना की बिक्री क्षमता करीब 3,500 करोड़ रुपये आंकी गई है।</p>
<p>स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स इस आवासीय परियोजना का निर्माण करेगी, जबकि भारत में ट्रंप ब्रांड की आधिकारिक प्रतिनिधि ट्रिबेका डेवलपर्स डिजायन, विपणन, बिक्री और पीएमसी (परियोजना प्रबंधन परामर्श) का जिम्मा देखेगी।</p>
<p>यह ट्रंप ब्रांड की गुरुग्राम में दूसरी आवासीय परियोजना और भारत में छठी परियोजना है। गुरुग्राम में पहली ट्रंप परियोजना विकसित करने वाला एम3एम समूह इस महीने से कब्जा देना शुरू कर देगा।</p>
<p>बंसल ने बताया कि कंपनी इस परियोजना को 27,000 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से पेश कर रही है। एक अपार्टमेंट की कीमत आठ करोड़ रुपये से लेकर 12 करोड़ रुपये तक है।</p>
<p>इस परियोजना में 51 मंजिल के दो टावर होंगे। इनकी ऊंचाई लगभग 200 मीटर होगी।</p>
<p></p><div class="pbwidget wid6a0c1d1eaf1dd imagewidget"><div class="pbwidget-body"><img src="https://www.loktej.com/media/2025-03/loktej-pr-ad-slide-hindi.jpg" alt=""></img></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Apr 2025 20:08:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गोदरेज प्रॉपर्टीज ने गुरुग्राम में नई परियोजना में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत के 90 फ्लैट बेचे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड ने आवासीय संपत्ति बाजार में मांग में मंदी के बावजूद गुरुग्राम में अपनी नई लक्जरी आवास परियोजना के पेशकश के दिन करीब 90 फ्लैट 1,000 करोड़ रुपये से अधिक में बेचे हैं।</p>
<p>गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि गोल्फ कोर्स रोड स्थित ‘गोदरेज एस्ट्रा’ परियोजना के पेशकश के दिन करीब 90 फ्लैट बिके। यह परियोजना 2.76 एकड़ में फैली हुई है।</p>
<p>गोदरेज प्रॉपर्टीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी गौरव पांडे ने कहा, ‘‘ गुरुग्राम गोदरेज प्रॉपर्टीज के लिए एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139646/godrej-properties-sold-90-flats-worth-more-than-rs-1000"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/business-news-update.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड ने आवासीय संपत्ति बाजार में मांग में मंदी के बावजूद गुरुग्राम में अपनी नई लक्जरी आवास परियोजना के पेशकश के दिन करीब 90 फ्लैट 1,000 करोड़ रुपये से अधिक में बेचे हैं।</p>
<p>गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि गोल्फ कोर्स रोड स्थित ‘गोदरेज एस्ट्रा’ परियोजना के पेशकश के दिन करीब 90 फ्लैट बिके। यह परियोजना 2.76 एकड़ में फैली हुई है।</p>
<p>गोदरेज प्रॉपर्टीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी गौरव पांडे ने कहा, ‘‘ गुरुग्राम गोदरेज प्रॉपर्टीज के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण बाजार है। हम आने वाले वर्षों में वहां अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की उम्मीद करते हैं।’’</p>
<p>गोदरेज प्रॉपर्टीज देश के अग्रणी रियल एस्टेट डेवलपर में से एक है।</p>
<p></p><div class="pbwidget wid6a0c1d1eaccf0 imagewidget"><div class="pbwidget-body"><img src="https://www.loktej.com/media/2025-03/loktej-pr-ad-slide-hindi.jpg" alt=""></img></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 12:41:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सात प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च में घरों की बिक्री में 28 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) देश के सात प्रमुख शहरों में ऊंची कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच जनवरी-मार्च अवधि में मकानों की बिक्री सालाना आधार पर 28 प्रतिशत घटकर 93,280 इकाई रहने का अनुमान है।</p>
<p>रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक ने कहा, ‘‘ आवास कीमतों में आसमान छूती तेजी और भू-राजनीतिक स्थिति प्रतिकूल होने की वजह से 2025 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में भारतीय आवास बाजार की रफ्तार धीमी हो गई है।’’</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च, 2025 में घरों की कुल बिक्री 93,280 इकाई रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले की समान अवधि के 1,30,170 इकाई के आंकड़े</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139618/28-percent-decline-in-sales-of-houses-in-january-march-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/real-estate-business-industry-house-home-smart-city-infrastructure.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) देश के सात प्रमुख शहरों में ऊंची कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच जनवरी-मार्च अवधि में मकानों की बिक्री सालाना आधार पर 28 प्रतिशत घटकर 93,280 इकाई रहने का अनुमान है।</p>
<p>रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक ने कहा, ‘‘ आवास कीमतों में आसमान छूती तेजी और भू-राजनीतिक स्थिति प्रतिकूल होने की वजह से 2025 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में भारतीय आवास बाजार की रफ्तार धीमी हो गई है।’’</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च, 2025 में घरों की कुल बिक्री 93,280 इकाई रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले की समान अवधि के 1,30,170 इकाई के आंकड़े से 28 प्रतिशत कम है।</p>
<p>देश के सात प्रमुख शहरों में से दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मकानों की बिक्री जनवरी-फरवरी में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 93,280 इकाई होने का अनुमान है। वहीं मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 26 प्रतिशत घटकर 31,610 इकाई, बेंगलुरु में 16 प्रतिशत घटकर 15,000 इकाई, पुणे में 30 प्रतिशत घटकर 16,100 इकाई, हैदराबाद में 49 प्रतिशत घटकर 10,100 इकाई और चेन्नई में 26 प्रतिशत घटकर 4,050 इकाई और कोलकाता में आवासीय संपत्तियों की बिक्री के 31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,900 इकाई रहने का अनुमान है।</p>
<p>एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, ‘‘ भारत का समग्र आर्थिक परिदृश्य सकारात्मक बना हुआ है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक रहने का अनुमान है और मुद्रास्फीति भी नियंत्रण में है।’’</p>
<p>पुरी ने कहा, ‘‘ हालांकि, घरों की बढ़ती कीमतें और मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव तथा कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था जैसी चुनौतियों ने भारत के आवास बाजार की गतिविधियों पर असर डाला है। इन कारकों का असर 2025 की पहली तिमाही में भी देखने को मिलेगा।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Mar 2025 15:16:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश के 15 बड़े शहरों में आवासीय बिक्री 20 प्रतिशत बढ़कर 1.53 लाख करोड़ रुपये: प्रॉपइक्विटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) देश में 2024 में 15 बड़े शहरों में आवासीय बिक्री मूल्य के हिसाब से 20 प्रतिशत बढ़कर 1.52 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई।</p>
<p>रियल एस्टेट ‘डेटा एनालिटिक्स’ कंपनी प्रॉपइक्विटी ने बुधवार को 15 प्रमुख बड़े शहरों के आंकड़े जारी किए, जहां कुल आवासीय बिक्री 2024 में चार प्रतिशत बढ़कर 1,78,771 इकाई हो गई, जो 2023 में 1,71,903 इकाई थी। मूल्य के संदर्भ में बिक्री 20 प्रतिशत बढ़कर 2024 में 1,52,552 करोड़ रुपये हो गई, जो 2023 में 1,27,505 करोड़ रुपये थी।</p>
<p>इन 15 शहर में अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, गांधीनगर, नासिक, जयपुर, नागपुर, भुवनेश्वर,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/132551/residential-sales-increased-by-20-percent-to-rs-1-53-lakh-crore-in-15-big-cities-of-the-country--propketity"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/1231_houserealstate.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) देश में 2024 में 15 बड़े शहरों में आवासीय बिक्री मूल्य के हिसाब से 20 प्रतिशत बढ़कर 1.52 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई।</p>
<p>रियल एस्टेट ‘डेटा एनालिटिक्स’ कंपनी प्रॉपइक्विटी ने बुधवार को 15 प्रमुख बड़े शहरों के आंकड़े जारी किए, जहां कुल आवासीय बिक्री 2024 में चार प्रतिशत बढ़कर 1,78,771 इकाई हो गई, जो 2023 में 1,71,903 इकाई थी। मूल्य के संदर्भ में बिक्री 20 प्रतिशत बढ़कर 2024 में 1,52,552 करोड़ रुपये हो गई, जो 2023 में 1,27,505 करोड़ रुपये थी।</p>
<p>इन 15 शहर में अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, गांधीनगर, नासिक, जयपुर, नागपुर, भुवनेश्वर, मोहाली, विशाखापत्तनम, लखनऊ, कोयम्बटूर, गोवा, भोपाल और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं।</p>
<p>प्रॉपइक्विटी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) समीर जसूजा ने कहा, ‘‘ बिक्री मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि 2024 में बिक्री की मात्रा में केवल चार प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जो कच्चे माल की लागत में वृद्धि, सट्टा निवेश आदि जैसे कारकों के कारण इन शहरों में मकानों की कीमत में तेजी से वृद्धि को दर्शाता है, जो अचल संपत्ति बाजार को प्रभावित कर सकता है।’’</p>
<p>जसूजा ने कहा कि बजट घोषणाओं से इन शहरों में आवास की मांग को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/132551/residential-sales-increased-by-20-percent-to-rs-1-53-lakh-crore-in-15-big-cities-of-the-country--propketity</link>
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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 13:12:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेपो दर में कटौती से आवास मांग में आएगी तेजी: रियल एस्टेट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) जमीन, मकान के विकास से जुड़ी कंपनियों तथा विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के रेपो दर में कटौती से आवास मांग बढ़ेगी और इससे कंपनियां नई परियोजनाएं लाने को प्रोत्साहित होंगी जिससे निवेशकों के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे।</p>
<p>हालांकि उनका यह भी कहना है कि मौजूदा कटौती का प्रत्यक्ष प्रभाव सीमित हो सकता है। अगली एमपीसी बैठक में प्रमुख ब्याज दर में और कटौती से समग्र मांग को और अधिक बल मिलेगा, जिससे आवास बिक्री में तेजी आएगी।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को आर्थिक वृद्धि को गति देने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/130741/repo-rate-cuts-will-boom-in-housing-demand--real-estate"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/real-estate-business-industry-house-home-smart-city-infrastructure.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) जमीन, मकान के विकास से जुड़ी कंपनियों तथा विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के रेपो दर में कटौती से आवास मांग बढ़ेगी और इससे कंपनियां नई परियोजनाएं लाने को प्रोत्साहित होंगी जिससे निवेशकों के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे।</p>
<p>हालांकि उनका यह भी कहना है कि मौजूदा कटौती का प्रत्यक्ष प्रभाव सीमित हो सकता है। अगली एमपीसी बैठक में प्रमुख ब्याज दर में और कटौती से समग्र मांग को और अधिक बल मिलेगा, जिससे आवास बिक्री में तेजी आएगी।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को आर्थिक वृद्धि को गति देने के मकसद से प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया। केंद्रीय बैंक ने लगभग पांच साल बाद रेपो दर में कटौती की है।</p>
<p>रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष निकाय नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी. हरि बाबू ने कहा, ‘‘ इस कटौती का पूरे क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे आवास ऋण अधिक किफायती होगा और मकान की मांग बढ़ेगी। कम ब्याज दर से हम मकानों की बिक्री में वृद्धि और बिना बिके मकानों की संख्या कम होने की उम्मीद कर रहे हैं। इसके साथ ही मांग बढ़ने से डेवलपर नई परियोजनाएं लाने को प्रोत्साहित होंगे जिससे निवेशकों के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस कदम का किफायती आवास खंड पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जो सरकार का प्राथमिकता वाला क्षेत्र है। कम ब्याज दरों के साथ, अधिक घर खरीदार मकान खरीदने में रूचि दिखायेंगे जो किफायती आवास परियोजनाएं शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।</p>
<p>क्रेडाई (कॉन्फेडरेशन आफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोमन ईरानी ने कहा, ‘‘ आरबीआई का रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती के साथ इसे 6.25 प्रतिशत करने का निर्णय, बजट में हाल ही में की गई घोषणाओं के अनुरूप है जिसका उद्देश्य व्यय और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देना है। ’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि हाल ही में नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 0.50 प्रतिशत की कटौती के जरिये अर्थव्यवस्था में नकदी डाले जाने के बाद, यह ‘आवश्यक’ था।</p>
<p>ईरानी ने कहा, ‘‘हालांकि मौजूदा कटौती का प्रत्यक्ष प्रभाव सीमित हो सकता है, लेकिन हमारा अनुमान है कि अगली एमपीसी बैठक में ब्याज दर में और कटौती से कुल मांग को और अधिक बल मिलेगा, जिससे खासकर मध्यम आय और किफायती खंडों में आवास बिक्री में तेजी आएगी, ’’</p>
<p>सीबीआरई के चेयरमैन एवं सीईओ अंशुमान मैगजीन (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका) ने कहा, ‘‘ आरबीआई के कटौती करने के निर्णय से अधिक नकदी प्रवाह होगा और विकास को और बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कर्ज लेने वालों को राहत मिलेगी। यह बहुप्रतीक्षित कदम आवास क्षेत्र में मांग को बढ़ावा देगा। यह डेवलपर्स को नई परियोजनाएं शुरू करने का अवसर भी प्रदान करता है, क्योंकि यह निर्णय निर्माण लागत पर लागत दबाव से भी राहत प्रदान करेगा। कुल मिलाकर, दर में कटौती खरीदारों के साथ-साथ डेवलपर दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगी।’’</p>
<p>कोलियर्स इंडिया के वरिष्ठ निदेशक एवं अनुसंधान प्रमुख विमल नादर कहा, ‘‘ ... नई व्यवस्था के तहत कर राहत से संबंधित हाल ही में बजटीय घोषणाओं के साथ-साथ रेपो दर में कटौती से शहरी विकास को बढ़ावा मिलने और घरेलू खपत में वृद्धि होने की संभावना है। अधिक खर्च योग्य आय और वित्तपोषण लागत में कमी से मकान खरीदने वालों और डेवलपर दोनों को लाभ होगा। ’’</p>
<p>सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लि. के संस्थापक एवं चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा, ‘‘ रेपो दर में कटौती देश की आर्थिक गति को बनाए रखने के उद्देश्य से एक प्रगतिशील बदलाव का संकेत है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, ऐसे में यह कदम नकदी बढ़ाएगा, निवेश को प्रोत्साहित करेगा और प्रमुख क्षेत्रों में मांग को बढ़ावा देगा।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ रियल एस्टेट क्षेत्र को लंबे समय बाद हुई इस कटौती से बढ़ावा मिलेगा। उधारी लागत घटने से मकान खरीदना ज्यादा किफायती होगा, जिससे खासकर मध्यम आय वर्ग और प्रीमियम आवास खंड में खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा। ’’</p>
<p>प्रतीक ग्रुप के प्रबंध निदेशक प्रतीक तिवारी ने कहा, ‘‘ रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती से आवास ऋण पर ब्याज दरें कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इससे आवास मांग बढ़ेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘आरबीआई के इस फैसले से रियल एस्टेट क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। सस्ते कर्ज के चलते नई बुकिंग में उछाल आने की संभावना है, जिससे बिक्री तेज होगी और कुल मिलाकर क्षेत्र की वृद्धि को नई रफ्तार मिलेगी।’’</p>
<p>अनंत राज लि. के निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमन सरीन ने कहा, ‘‘ यह कदम खपत को प्रोत्साहित करने और क्रय शक्ति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘यह कटौती उधारी दरों को कम करेगी, जिससे उपभोक्ताओं के लिए ऋण लेना अधिक सुलभ और किफायती होगा। यह रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए विशेष तौर पर प्रेरक साबित होगा।’’</p>
<p>क्रिसुमी कॉरपोरेशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आकाश खुराना ने कहा, ‘‘ केंद्रीय बैंक का रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती का निर्णय निश्चित रूप से एक स्वागत योग्य कदम है, जिससे अर्थव्यवस्था में नगदी बढ़ेगी, ऋण अधिक सुलभ होगा और कुल खपत को बढ़ावा मिलेगा।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘‘ ब्याज दरों में कमी से आवासीय मांग को प्रोत्साहन मिलेगा जिससे रियल एस्टेट क्षेत्र को आवश्यक गति मिलेगी, जिससे अंततः आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिलेगा।’’</p>
<p>एसकेए ग्रुप के निदेशक संजय शर्मा ने कहा कि फरवरी का पहला सप्ताह खास तौर पर रियल एस्‍टेट के लिए बेहद सकारात्‍मक संकेत लेकर आया है। यह आम लोगों के साथ रियल एस्टेट क्षेत्र को गति देगा।</p>
<p>इमामी रियल्टी के सीईओ नितेश कुमार ने कहा, ‘‘ यह कटौती आर्थिक वृद्धि को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगी और बाजार धारणा को बढ़ाएगी। इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में आवास और वाणिज्यिक संपत्तियों की मांग को बढ़ावा मिलेगा। हमारा मानना है कि यह कदम एक अधिक मजबूत अर्थव्यवस्था में योगदान देगा।’’</p>
<p>प्रॉपइक्विटी के संस्थापक एवं सीईओ समीर जसूजा ने कहा, ‘‘ यह फैसला स्वागत योग्य है...इससे आर्थिक गतिविधि बढ़ाने और रियल एस्टेट क्षेत्र में खास तौर पर किफायती और मध्यम आय वाले आवास क्षेत्र में प्रत्यक्ष निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। उधार लेना सस्ता होने से न केवल नए और पुराने घर खरीदने वालों को मदद मिलेगी, साथ ही डेवलपर को भी फायदा होगा।’’</p>
<p>मिगसन ग्रुप के प्रबंध निदेशक यश मिगलानी ने कहा कि रेपो दर में 0.25 प्रतिशत में कटौती के साथ, आरबीआई ने अनुकूल कर्ज परिवेश सुनिश्चित करते हुए आर्थिक समर्थन का एक मजबूत संदेश दिया है। कर्ज की कम लागत न केवल ऋण को अधिक सुलभ बनाएगी बल्कि खर्च और निवेश को भी प्रोत्साहित करेगी, जिससे पूरी अर्थव्यवस्था में सकारात्मक प्रभाव पैदा होगा।’’</p>
<p>360 रियल्टर्स के निदेशक संजीव अरोड़ा ने कहा, ‘‘लंबे समय बाद रेपो दर में कटौती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम है...यह देश में रिहायशी और वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ाने में मदद करेगा। रियल एस्टेट क्षेत्र लंबे समय से इस कटौती का इंतजार कर रहा था...।’’</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Feb 2025 15:14:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रियल्टी कंपनियों में गोदरेज प्रॉपर्टीज ने 2024 में सबसे ज्यादा 28,800 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज 28,800 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की बिक्री के साथ कैलेंडर वर्ष 2024 में सभी सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों में सबसे आगे रही है।</p>
<p>कंपनी ने कहा कि देश के कई शहरों में उसकी आवासीय परियोजनाओं के प्रति घर खरीदारों का रुझान काफी अधिक रहा जिसकी वजह से उसका बिक्री आंकड़ा अच्छा रहा है।</p>
<p>बाजार मूल्यांकन के लिहाज से देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने 2024 में करीब 20,650 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां बेचीं। इसमें डीएलएफ की गुरुग्राम में स्थित बेहद आलीशान परियोजना ‘द डहेलियाज’ की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/129954/in-realty-companies--godrej-properties-recorded-the-highest-sales-of-rs-28-800-crore-in-2024"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/real-estate-business-industry-house-home-smart-city-infrastructure.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज 28,800 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की बिक्री के साथ कैलेंडर वर्ष 2024 में सभी सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों में सबसे आगे रही है।</p>
<p>कंपनी ने कहा कि देश के कई शहरों में उसकी आवासीय परियोजनाओं के प्रति घर खरीदारों का रुझान काफी अधिक रहा जिसकी वजह से उसका बिक्री आंकड़ा अच्छा रहा है।</p>
<p>बाजार मूल्यांकन के लिहाज से देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने 2024 में करीब 20,650 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां बेचीं। इसमें डीएलएफ की गुरुग्राम में स्थित बेहद आलीशान परियोजना ‘द डहेलियाज’ की अहम भूमिका रही।</p>
<p>गोदरेज प्रॉपर्टीज ने निवेशकों के समक्ष एक प्रस्तुति में कहा, ‘‘किसी भी सूचीबद्ध रियल एस्टेट डेवलपर के लिए एक कैलेंडर साल में सर्वाधिक बिक्री आंकड़े को हमने हासिल किया है। बुकिंग मूल्य 69 प्रतिशत बढ़कर 28,800 करोड़ रुपये का रहा जबकि मात्रा के लिहाज से हमने 2.63 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र बेचा है।’’</p>
<p>इसमें दिल्ली-एनसीआर बाजार ने 9,936 करोड़ रुपये मूल्य की बिक्री के साथ सबसे अहम भूमिका निभाई जबकि मुंबई महानगर क्षेत्र (9,177 करोड़ रुपये) दूसरे और बेंगलुरु (5,303 करोड़ रुपये) तीसरे स्थान पर रहा।</p>
<p>गोदरेज प्रॉपर्टीज के कार्यकारी चेयरपर्सन पिरोजशा गोदरेज ने कहा, ‘‘कंपनी ने रिकॉर्डतोड़ कैलेंडर साल 2024 में अपने सबसे अधिक बुकिंग, संग्रह, परिचालन नकदी प्रवाह, आमदमी और आपूर्ति आंकड़ा हासिल किया है।’’</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Feb 2025 16:32:32 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारतीय आवास बाजार में सुस्ती, रियल एस्टेट कंपनियों की उम्मीदें बजट पर टिकीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 30 दिसंबर (भाषा) भारत में 2024 में नए घरों की बिक्री में महामारी के बाद पहली बार गिरावट आई। आवास कीमतों में तेज वृद्धि और कर्ज की ऊंची लागत के कारण घर खरीदार कम हुए।</p>
<p>रियल एस्टेट उद्योग अब अनुकूल आर्थिक स्थितियों के लिए आगामी बजट पर नजर गड़ाए है। इसके बाद ही मांग फिर से बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p>कोविड महामारी के बाद लगातार तीन साल तक शानदार वृद्धि के बाद भारतीय आवास बाजार में मंदी आई है। पिछले वर्ष के उच्च आधार, नए घरों की आपूर्ति में गिरावट और मूल्य वृद्धि के कारण ऐसा हुआ।</p>
<p>देश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/116025/slowdown-in-indian-housing-market--real-estate-companies--hopes-rest-on-budget"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/real-estate-business-industry-house-home-smart-city-infrastructure.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 30 दिसंबर (भाषा) भारत में 2024 में नए घरों की बिक्री में महामारी के बाद पहली बार गिरावट आई। आवास कीमतों में तेज वृद्धि और कर्ज की ऊंची लागत के कारण घर खरीदार कम हुए।</p>
<p>रियल एस्टेट उद्योग अब अनुकूल आर्थिक स्थितियों के लिए आगामी बजट पर नजर गड़ाए है। इसके बाद ही मांग फिर से बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p>कोविड महामारी के बाद लगातार तीन साल तक शानदार वृद्धि के बाद भारतीय आवास बाजार में मंदी आई है। पिछले वर्ष के उच्च आधार, नए घरों की आपूर्ति में गिरावट और मूल्य वृद्धि के कारण ऐसा हुआ।</p>
<p>देश की प्रमुख संपत्ति सलाहाकर एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने वर्ष 2024 को भारतीय आवास बाजार के लिए मिला-जुला बताया। उन्होंने कहा कि किफायती आवास खंड की मांग कमजोर रही, लेकिन लक्जरी घरों की बिक्री और पेशकश मजबूत रही।</p>
<p>एनारॉक के आंकड़ों के अनुसार, भारत के आवासीय रियल एस्टेट बाजार को 2024 के दौरान बिक्री की मात्रा में मामूली चार प्रतिशत की गिरावट का सामना करना पड़ा। वर्ष 2020 में 47 प्रतिशत की गिरावट के बाद, 2021, 2022 और 2023 में घरों की बिक्री में क्रमशः 71 प्रतिशत, 54 प्रतिशत और 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।</p>
<p>एक अनुमान के मुताबिक, भारतीय आवासीय रियल एस्टेट बाजार 300 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का है।</p>
<p>महामारी के बाद अति-धनी लोगों ने पेशकश के समय ही शानदार फ्लैट, विला और पेंटहाउस खरीदना शुरू कर दिया और ऐसा इस साल भी जारी रहा।</p>
<p>रियल एस्टेट डेवलपर की लंबे समय से मांग है कि आयकर अधिनियम के तहत आवास ऋण पर ब्याज की कटौती सीमा में वृद्धि की जाए, ताकि घरों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा सके।</p>
<p>ऐसे में ज्यादातर रियल एस्टेट कंपनियों ने लक्जरी आवासीय परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया, जिसका नेतृत्व रियल्टी कंपनी डीएलएफ लिमिटेड ने किया। कंपनी ने गुरुग्राम में एक सुपर लक्जरी परियोजना ‘द डहलियाज’ पेश की, जिसमें लगभग 400 इकाई शामिल हैं और जिसका अनुमानित बिक्री मूल्य 26,000 करोड़ रुपये है।</p>
<p>क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोमन ईरानी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘2024 भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक और यादगार वर्ष रहा है, जिसमें उपभोक्ताओं की बढ़ती रुचि और किराये पर लेने के बजाय घर खरीदने की ओर रुझान बढ़ा। इस वजह से आवास क्षेत्र की मांग अब भी मजबूत बनी हुई है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि लक्जरी खंड ने विशेष रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है, जो भारतीय घर खरीदारों की बढ़ती इच्छा को और पुष्ट करता है, जो अब बेहतर जीवनशैली वाले बड़े घर चाहते हैं।</p>
<p>आवासीय खंड के विपरीत, कार्यालय बाजार में इस साल पट्टे पर कार्यास्थल की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। अपनी विस्तार योजनाओं के वित्तपोषण के लिए कोवर्किंग ऑपरेटर ऑफिस ने इस साल सफलतापूर्वक अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) पेश किया। स्मार्टवर्क्स और इंडीक्यूब स्पेस ने भी आईपीओ लाने के लिए बाजार नियामक सेबी के पास आवेदन किए हैं।</p>
<p>ई-कॉमर्स कारोबार में उछाल और भारत में विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने पर सरकार के ध्यान के साथ, इस साल औद्योगिक और लॉजिस्टिक खंड की मांग तेज बनी रही।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2024 16:42:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कार्यालय बाजार में तेजी, 250 लाख वर्ग फुट के प्रीमियम कार्यस्थल निर्माणाधीन: एनारॉक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (भाषा) प्रीमियम कार्यस्थलों की बढ़ती मांग के बीच रियल एस्टेट कंपनियां घरेलू तथा विदेशी कंपनियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रमुख शहरों में करीब 250 लाख वर्ग फुट के कार्यस्थल विकसित कर रही हैं। रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक के वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही।</p>
<p>एनारॉक ने इस वर्ष अप्रैल में कार्यालय पट्टा क्षेत्र में प्रवेश किया। आवास ब्रोकरेज, पूंजी बाजार लेनदेन, खुदरा के साथ-साथ औद्योगिक और गोदाम स्थानों को पट्टे पर देने आदि के साथ उसने अपने कारोबार का विस्तार किया।</p>
<p>रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक के वाणिज्यिक पट्टे एवं सलाहकार के प्रबंध निदेशक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/114421/office-market-booming--250-lakh-sq-ft-of-premium-workplace-under-construction--anarock"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/real-estate-business-industry-house-home-smart-city-infrastructure.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (भाषा) प्रीमियम कार्यस्थलों की बढ़ती मांग के बीच रियल एस्टेट कंपनियां घरेलू तथा विदेशी कंपनियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रमुख शहरों में करीब 250 लाख वर्ग फुट के कार्यस्थल विकसित कर रही हैं। रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक के वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही।</p>
<p>एनारॉक ने इस वर्ष अप्रैल में कार्यालय पट्टा क्षेत्र में प्रवेश किया। आवास ब्रोकरेज, पूंजी बाजार लेनदेन, खुदरा के साथ-साथ औद्योगिक और गोदाम स्थानों को पट्टे पर देने आदि के साथ उसने अपने कारोबार का विस्तार किया।</p>
<p>रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक के वाणिज्यिक पट्टे एवं सलाहकार के प्रबंध निदेशक पीयूष जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय कार्यालय बाजार के लिए वर्ष 2024 रिकॉर्ड सकल पट्टा मांग और रिक्तियों की दर में गिरावट के साथ बेहद अच्छा रहा है।</p>
<p>उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले वर्ष भी मांग में तेजी जारी रहेगी।</p>
<p>रियल एस्टेट क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले जैन ने कहा, ‘‘ वैश्विक महामारी के बाद कार्यालय बाजार ने मजबूत सुधार और समेकन दिखाया है।’’</p>
<p>जैन ने कहा कि बहुराष्ट्रीय निगमों द्वारा भारत में वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) स्थापित किए जा रहे हैं। इससे प्रमुख कार्यालय बाजारों बेंगलुरु, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मुंबई, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद और कोलकाता में कार्यालय स्थान की भारी मांग उत्पन्न हो रही है।</p>
<p>उन्होंने साथ ही गुरुग्राम, बेंगलुरु तथा पुणे में ‘ग्रेड ए’ कार्यालय स्थान की आपूर्ति की कमी की ओर इशारा किया, लेकिन कहा कि डेवलपर इस कमी को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं।</p>
<p>जीसीसी से मांग बनी रहने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘ बिल्कुल। जीसीसी से मांग मजबूत बने रहने की उम्मीद है। भारत की लागत प्रभावशीलता, कुशल कार्यबल तथा परिचालन दक्षता इसे बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं व बीमा (बीएफएसआई), स्वास्थ्य सेवा, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान एवं विकास जैसे उद्योगों में जीसीसी के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाती है।’’</p>
<p>कार्यालय बाजार के समक्ष चुनौतियों के बारे में जैन ने कहा कि कार्यालय बाजार के लिए प्रमुख चुनौतियों में कच्चे माल की उच्च लागत और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण निर्माण में देरी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/114421/office-market-booming--250-lakh-sq-ft-of-premium-workplace-under-construction--anarock</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Dec 2024 14:35:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिसंबर तिमाही में शीर्ष नौ शहरों में आवास बिक्री में 21 प्रतिशत की गिरावट: प्रॉपइक्विटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 21 दिसंबर (भाषा) देश के प्रमुख नौ शहरों में घरों की बिक्री में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान सालाना 21 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है, जो उच्च आधार प्रभाव के कारण 1.08 लाख इकाई रह जाएगी। रियल एस्टेट आंकड़ा विश्लेषक कंपनी प्रॉपइक्विटी ने शनिवार को एक रिपोर्ट में यह कहा।</p>
<p>प्रॉपइक्विटी ने भारत के प्रमुख नौ आवास बाजारों - दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, नवी मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, ठाणे के लिए बिक्री संख्या जारी की। इसने केवल दिल्ली-एनसीआर में बिक्री बढ़ने का अनुमान लगाया गया है।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, नौ शहरों में आवासीय संपत्तियों की कुल बिक्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/113103/housing-sales-decline-21-percent-in-top-nine-cities-in-december-quarter--propequity"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/1231_houserealstate.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 21 दिसंबर (भाषा) देश के प्रमुख नौ शहरों में घरों की बिक्री में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान सालाना 21 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है, जो उच्च आधार प्रभाव के कारण 1.08 लाख इकाई रह जाएगी। रियल एस्टेट आंकड़ा विश्लेषक कंपनी प्रॉपइक्विटी ने शनिवार को एक रिपोर्ट में यह कहा।</p>
<p>प्रॉपइक्विटी ने भारत के प्रमुख नौ आवास बाजारों - दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, नवी मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, ठाणे के लिए बिक्री संख्या जारी की। इसने केवल दिल्ली-एनसीआर में बिक्री बढ़ने का अनुमान लगाया गया है।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, नौ शहरों में आवासीय संपत्तियों की कुल बिक्री चालू तिमाही में घटकर 1,08,261 इकाई रह जाने की संभावना है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1,37,225 इकाई थी।</p>
<p>हालांकि, सितंबर तिमाही में 1,03,213 इकाई से बिक्री में पांच प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है।</p>
<p>प्रॉपइक्विटी के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) समीर जसूजा ने कहा कि उच्च आधार प्रभाव के कारण वार्षिक आधार पर बिक्री में गिरावट आई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि त्योहारी मांग के कारण तिमाही आधार पर बिक्री बढ़ने की संभावना है।</p>
<p>जसूजा ने कहा, “आंकड़ों पर करीब से नज़र डालने पर पता चलता है कि गिरावट के बावजूद, 2024 में आपूर्ति-खपत अनुपात 2023 के समान ही रहेगा, जो दर्शाता है कि रियल एस्टेट क्षेत्र के बुनियादी तत्व मजबूत और स्वस्थ हैं।”</p>
<p>हैदराबाद में अक्टूबर-दिसंबर 2024 के दौरान घरों की बिक्री 47 प्रतिशत घटकर 12,682 इकाई रह जाने का अनुमान है, जो एक साल पहले इसी अवधि में 24,044 इकाई थी।</p>
<p>बेंगलुरु में बिक्री 17,276 इकाई से 13 प्रतिशत घटकर 14,957 इकाई रह सकती है, जबकि चेन्नई में 4,673 इकाई से नौ प्रतिशत घटकर 4,266 इकाई रह सकती है।</p>
<p>मुंबई में घरों की बिक्री 13,878 इकाई से 27 प्रतिशत घटकर 10,077 इकाई रह जाने की संभावना है।</p>
<p>नवी मुंबई में दिसंबर तिमाही के दौरान घरों की बिक्री 8,607 इकाई से 13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,478 इकाई रहने का अनुमान है, जबकि ठाणे में 26,099 इकाई से 16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21,893 यूनिट रह जाने की संभावना है।</p>
<p>कोलकाता में 5,653 इकाई से 33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,763 इकाई रह जाने की संभावना है।</p>
<p>पुणे में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 26,641 इकाई से 24 प्रतिशत घटकर 20,230 इकाई रह सकती है।</p>
<p>हालांकि, दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) बाजार इस रुझान को बदलने के लिए तैयार है। एनसीआर बाजार में बिक्री दिसंबर तिमाही 2024 के दौरान 25 प्रतिशत बढ़कर 12,915 इकाई हो जाएगी, जो एक साल पहले की समान अवधि में 10,354 इकाई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Dec 2024 19:58:05 +0530</pubDate>
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