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                <title>Startup - Loktej</title>
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                <description>Startup RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गुजरात सरकार ने पिछले चार वर्ष में 1,500 से अधिक स्टार्टअप को वित्तीय सहायता दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 23 दिसंबर (भाषा) छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (एसएसआईपी 2.0) के तहत पिछले चार वर्ष में गुजरात सरकार ने कुल 1,543 स्टार्टअप को वित्तीय सहायता दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>गुजरात कई पहल के दम पर उद्यमिता के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है और लगातार चौथी बार स्टार्टअप रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है।</p>
<p>आधिकारिक बयान के अनुसार, गुजरात को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में मान्यता दी गई है, जहां वर्तमान में समूचे प्रदेश में करीब 16,700 स्टार्टअप हैं।</p>
<p>युवाओं में नवोन्मेषण की मजबूत नींव बनाने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144788/gujarat-government-provided-financial-assistance-to-more-than-1500-startups"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/4135_startup-invest-made-in-india.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 23 दिसंबर (भाषा) छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (एसएसआईपी 2.0) के तहत पिछले चार वर्ष में गुजरात सरकार ने कुल 1,543 स्टार्टअप को वित्तीय सहायता दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>गुजरात कई पहल के दम पर उद्यमिता के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है और लगातार चौथी बार स्टार्टअप रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है।</p>
<p>आधिकारिक बयान के अनुसार, गुजरात को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में मान्यता दी गई है, जहां वर्तमान में समूचे प्रदेश में करीब 16,700 स्टार्टअप हैं।</p>
<p>युवाओं में नवोन्मेषण की मजबूत नींव बनाने के लिए राज्य सरकार ने 2022 से 2027 तक पांच वर्षीय एसएसआईपी 2.0 नीति की घोषणा की थी।</p>
<p>इसमें कहा गया, ‘‘ एसएसआईपी 2.0 नीति के तहत राज्य में 339 संस्थानों के माध्यम से 5,684 नवाचारों को पीओसी/प्रोटोटाइप बनाने और 2,296 नवाचारों को आईपीआर दाखिल करने के लिए सहायता प्रदान की गई। पीओसी/निधि सहायता के तहत 32.38 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराई गई है। पिछले चार वर्ष में एसएसआईपी 2.0 के तहत राज्य सरकार से 1,543 स्टार्टअप को वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।’’</p>
<p>बयान के अनुसार, एसएसआईपी 2.0 के तहत पांच साल की अवधि के लिए कुल 300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जिसमें प्रति वर्ष 60 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसमें से 30 करोड़ रुपये तकनीकी शिक्षा के लिए, 12 करोड़ रुपये आई-हब के लिए, 10 करोड़ रुपये उच्च शिक्षा के लिए और आठ करोड़ रुपये स्कूल के लिए आवंटित किए गए हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, ‘‘ स्टार्टअप में युवाओं को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने और दूसरों को रोजगार देने लायक बनाने की क्षमता है। गुजरात ने एक ऐसा परिवेश विकसित किया है जिसमें वी स्टार्ट और छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति जैसे कार्यक्रम महिला उद्यमियों को सशक्त बनाते हैं।’’</p>
<p>बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृढ़ विश्वास है कि नवोन्मेषी विचार, प्रौद्योगिकी आधारित समाधान एवं युवा उद्यमियों की ऊर्जा समग्र राष्ट्रीय विकास के आधार हैं। भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में स्टार्टअप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144788/gujarat-government-provided-financial-assistance-to-more-than-1500-startups</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 16:50:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीतारमण ने स्टार्टअप के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की ‘फंड ऑफ फंड्स’ योजना की घोषणा की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को उभरते उद्यमियों के वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप के लिए ‘फंड ऑफ फंड्स’ योजना के एक और दौर की घोषणा की।</p>
<p>यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।</p>
<p>उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने अब तक 1.5 लाख से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी है।</p>
<p>स्टार्टअप इंडिया की कार्ययोजना 16 जनवरी 2016 को पेश की गई थी। उसी वर्ष स्टार्टअप की वित्तीय जरूरतों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/128295/sitharaman-announced-a--fund-of-funds--scheme-of-rs-10-000-crore-for-startup"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/4135_startup-invest-made-in-india.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को उभरते उद्यमियों के वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप के लिए ‘फंड ऑफ फंड्स’ योजना के एक और दौर की घोषणा की।</p>
<p>यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।</p>
<p>उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने अब तक 1.5 लाख से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी है।</p>
<p>स्टार्टअप इंडिया की कार्ययोजना 16 जनवरी 2016 को पेश की गई थी। उसी वर्ष स्टार्टअप की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ ‘फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स’ (एफएफएस) योजना लाई गई थी।</p>
<p>डीपीआईआईटी एक निगरानी एजेंसी है और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) एफएफएस के लिए संचालन एजेंसी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 14:43:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टार्टअप इंडिया ने भारत को सबसे जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक बनने के लिए प्रेरित किया: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ‘स्टार्टअप इंडिया’ को एक ‘परिवर्तनकारी योजना’ बताया और इसकी 9वीं वर्षगांठ पर इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इसने भारत को वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े और सबसे जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में से एक बनने के लिए प्रेरित किया है।</p>
<p>उन्होंने इस पहल को अपने दिल के ‘बेहद करीब’ बताया, क्योंकि यह युवा सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में उभरा है और कहा कि यह एक ऐतिहासिक पहल है जिसने नवाचार, उद्यमिता और विकास को फिर से परिभाषित किया है।</p>
<p>उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/121907/startup-india-has-propelled-india-to-become-one-of-the-most-vibrant-startup-ecosystems--modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ‘स्टार्टअप इंडिया’ को एक ‘परिवर्तनकारी योजना’ बताया और इसकी 9वीं वर्षगांठ पर इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इसने भारत को वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े और सबसे जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में से एक बनने के लिए प्रेरित किया है।</p>
<p>उन्होंने इस पहल को अपने दिल के ‘बेहद करीब’ बताया, क्योंकि यह युवा सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में उभरा है और कहा कि यह एक ऐतिहासिक पहल है जिसने नवाचार, उद्यमिता और विकास को फिर से परिभाषित किया है।</p>
<p>उन्होंने ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, ‘‘पिछले नौ वर्षों में, इस परिवर्तनकारी कार्यक्रम ने अनगिनत युवाओं को सशक्त बनाया है और उनके अभिनव विचारों को सफल स्टार्टअप में बदला है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक दशक पहले इस प्रणाली में भारत की क्षमता पर संदेह किया जाता था।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि इस ‘परिवर्तनकारी’ कार्यक्रम ने अनगिनत युवाओं को सशक्त बनाया है और उनके नवोन्मेषी विचारों को सफल स्टार्टअप में बदला है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ग्रामीण नवाचारों के लिए तकनीक-संचालित समाधानों से, स्वास्थ्य देखभाल की प्रगति से लेकर बायोटेक की सफलताओं, फिनटेक से एडटेक, स्वच्छ ऊर्जा से लेकर टिकाऊ प्रौद्योगिकी तक, भारतीय स्टार्टअप वैश्विक चुनौतियों को हल कर रहे हैं, साथ ही रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में देश के प्रयास को मजबूती दे रहे हैं।</p>
<p>हर सपने को साकार करने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ में योगदान देने वाले उद्यमी माहौल को बढ़ावा देने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने स्टार्टअप की संस्कृति को प्रोत्साहित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की नीतियां ‘कारोबार में सुगमता’, संसाधनों तक अधिक पहुंच और सबसे महत्वपूर्ण हर मौके पर उनका समर्थन करने पर केंद्रित रही हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हम सक्रिय रूप से नवाचार और इनक्यूबेशन केंद्रों को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि हमारे युवा जोखिम लेने वाले बन सकें। मैं व्यक्तिगत रूप से आने वाले स्टार्टअप के साथ नियमित रूप से बातचीत कर रहा हूं। स्टार्टअप इंडिया की यह सफलता दर्शाती है कि आज का भारत गतिशील, आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए तैयार है।’’</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘मैं स्टार्टअप की दुनिया में हर युवा को बधाई देता हूं और अधिक से अधिक युवाओं से इसे आगे बढ़ाने का आग्रह करता हूं। यह मेरा आश्वासन है कि आप निराश नहीं होंगे।’’</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 15:12:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिजर्व बैंक इनोवेशन हब, आईआईएमए वेंचर्स का महिला केंद्रित फिनटेक स्टार्टअप बढ़ावा देने का कार्यक्रम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) रिजर्व बैंक इनोवेशन हब और आईआईएमए वेंचर्स ने बृहस्पतिवार को स्वनारी टेकस्प्रिंट तीन पेश किया। इसका उद्देश्य भारत में महिला केंद्रित वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) स्टार्टअप को बढ़ावा देना है।</p>
<p>यह कार्यक्रम फिनटेक से जुड़े शोधकर्ताओं को महिलाओं की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाले समाधानों की अवधारणा और विकास के लिए एक मंच प्रदान करता है।</p>
<p>रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (आरबीआईएच) भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है।</p>
<p>कंपनी ने बयान में कहा कि यह संस्करण महिला-केंद्रित वित्तीय उत्पाद तैयार करने वाले चयनित स्टार्टअप को विभिन्न प्रकार के रणनीतिक संसाधन, संरक्षण, नवप्रवर्तकों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/119450/reserve-bank-innovation-hub--iima-ventures--program-to-promote-women-centric-fintech-startups"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/4135_startup-invest-made-in-india.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) रिजर्व बैंक इनोवेशन हब और आईआईएमए वेंचर्स ने बृहस्पतिवार को स्वनारी टेकस्प्रिंट तीन पेश किया। इसका उद्देश्य भारत में महिला केंद्रित वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) स्टार्टअप को बढ़ावा देना है।</p>
<p>यह कार्यक्रम फिनटेक से जुड़े शोधकर्ताओं को महिलाओं की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाले समाधानों की अवधारणा और विकास के लिए एक मंच प्रदान करता है।</p>
<p>रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (आरबीआईएच) भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है।</p>
<p>कंपनी ने बयान में कहा कि यह संस्करण महिला-केंद्रित वित्तीय उत्पाद तैयार करने वाले चयनित स्टार्टअप को विभिन्न प्रकार के रणनीतिक संसाधन, संरक्षण, नवप्रवर्तकों के लिए अनुदान और अन्य वित्तपोषण सहायता प्रदान करेगा।</p>
<p>कार्यक्रम के तहत स्त्री-पुरूष समावेशी वित्तीय समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप से आवेदन आमंत्रित किया गया है। विशेष रूप से वे जिनके पास एक न्यूनतम व्यावहारिक उत्पाद (एमवीपी) है, शुरुआती वित्तपोषण जुटाने के चरण में हैं या पहले से ही राजस्व अर्जित कर रहे हैं।</p>
<p>बयान के अनुसार, ‘‘वित्तीय समावेश भारत की विकास गाथा का एक मूलभूत स्तंभ है और स्वनारी टेकस्प्रिंट महिलाओं की अद्वितीय वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नवप्रवर्तकों की पहचान और उनका समर्थन करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।’’</p>
<p>रिजर्व बैंक इनोवेशन हब में फिनटेक और स्टार्टअप मामलों के प्रमुख आकाश नायडू ने कहा, ‘‘नवोन्मेष को बढ़ावा देने और फिनटेक स्टार्टअप को सशक्त बनाकर, हमारा लक्ष्य प्रभावशाली समाधानों को बढ़ाना है जो न केवल महिलाओं के लिए वित्तीय समावेश को बल्कि उनके आर्थिक सशक्तीकरण को भी बढ़ावा देते हैं।’’</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/119450/reserve-bank-innovation-hub--iima-ventures--program-to-promote-women-centric-fintech-startups</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Jan 2025 15:50:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टार्ट-अप के फलने-फूलने के लिए अनुकूल माहौल बनाएं राज्य : प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को राज्यों से ऐसा माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने को कहा जहां स्टार्ट-अप फल-फूल सकें और वे नियम सरल हो सकें जिससे अकसर नागरिकों को परेशानी होती है।</p><p>उन्होंने यह भी कहा कि मोटापे को देश में बड़ी चुनौती के तौर पर लिया जाना चाहिए।</p><p>आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य सचिवों के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को शासन मॉडल में इस तरह सुधार करना चाहिए जिससे नागरिक भागीदारी को बढ़ावा मिले।</p><p>मोदी ने कहा कि ‘सुधार,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110748/states-should-create-conducive-environment-for-start-ups-to-flourish--prime-minister-modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/9726_modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को राज्यों से ऐसा माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने को कहा जहां स्टार्ट-अप फल-फूल सकें और वे नियम सरल हो सकें जिससे अकसर नागरिकों को परेशानी होती है।</p><p>उन्होंने यह भी कहा कि मोटापे को देश में बड़ी चुनौती के तौर पर लिया जाना चाहिए।</p><p>आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य सचिवों के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को शासन मॉडल में इस तरह सुधार करना चाहिए जिससे नागरिक भागीदारी को बढ़ावा मिले।</p><p>मोदी ने कहा कि ‘सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन’ पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है तथा लोगों को सरकार की विभिन्न पहल के बारे में जानकारी देना भी अहम है।</p><p>स्वास्थ्य क्षेत्र के संबंध में उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि मोटापे को देश में एक बड़ी चुनौती के रूप में लिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल एक स्वस्थ और तंदुरुस्त भारत ही ‘विकसित भारत’ बन सकता है।</p><p>प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को 2025 के अंत तक तपेदिक मुक्त बनाया जा सकता है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।</p><p>उन्होंने कहा कि पुरानी पांडुलिपियां भारत का खजाना हैं और राज्यों को इसे डिजिटल बनाने के वास्ते प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए कदम उठाने चाहिए।</p><p>मोदी ने कहा कि सम्मेलन का एक बड़ा लाभ यह है कि ‘टीम इंडिया’ खुले मन से चर्चा के लिए एक साथ आई है और ‘विकसित भारत’ के लिए मिलकर काम कर रही है।</p><p>प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्टार्ट-अप शुरू होने की सराहना करते हुए राज्यों से ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित करने और ऐसा वातावरण प्रदान करने की दिशा में काम करने को कहा, जहां स्टार्ट-अप फल-फूल सकें।</p><p>मोदी ने राज्यों से ‘ई-कचरे’ के पुनर्चक्रण के लिए व्यवहार्यता की अवधारणाएं तलाशने को कहा। उन्होंने कहा कि यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि समाज में डेटा और प्रौद्योगिकी की वृद्धि के साथ ही डिजिटल कचरा और भी बढ़ेगा।</p><p>आकांक्षी जिलों और प्रखंडों के कार्यक्रम के बारे में मोदी ने कहा कि इन प्रखंड और जिलों में तैनात सक्षम प्राधिकारी जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक-आर्थिक लाभ भी बहुत होगा।</p><p>मोदी ने अधिकारियों को मानव संसाधन विकास के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि शहरों को आर्थिक विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने शहरी शासन, जल और पर्यावरण प्रबंधन में विशेषज्ञता के लिए संस्थानों के विकास पर जोर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 09:06:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोग्लिक्स ने डीपीआईआईटी के साथ साझेदारी की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, चार दिसंबर (भाषा) ई-कॉमर्स मंच मोग्लिक्स ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के साथ प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर करने की बुधवार को घोषणा की।</p>
<p>मोग्लिक्स ने कहा, इस पहल का मकसद उन स्टार्टअप को उपकरण, संसाधन तथा अवसर प्रदान करना है, जो अभी वृद्धि के शुरुआती चरण में हैं। इससे उनकी प्रगति में तेजी आएगी और विनिर्माण क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राहुल गर्ग ने कहा, ‘‘ यह सहयोग भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है। मोग्लिक्स की प्रौद्योगिकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/106274/moglix-partners-with-dpiit"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/4135_startup-invest-made-in-india.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, चार दिसंबर (भाषा) ई-कॉमर्स मंच मोग्लिक्स ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के साथ प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर करने की बुधवार को घोषणा की।</p>
<p>मोग्लिक्स ने कहा, इस पहल का मकसद उन स्टार्टअप को उपकरण, संसाधन तथा अवसर प्रदान करना है, जो अभी वृद्धि के शुरुआती चरण में हैं। इससे उनकी प्रगति में तेजी आएगी और विनिर्माण क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राहुल गर्ग ने कहा, ‘‘ यह सहयोग भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है। मोग्लिक्स की प्रौद्योगिकी संबंधी विशेषज्ञता को डीपीआईआईटी के रणनीतिक मार्गदर्शन के साथ जोड़कर हमारा लक्ष्य टिकाऊ, नवाचार-संचालित विनिर्माण अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है जो उद्यमियों को सशक्त बनाता है। साथ ही भारत के वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने के दृष्टिकोण के साथ संरेखित है।’’</p>
<p>डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव सिंह ने कहा, ‘‘ स्टार्टअप भारत की आर्थिक तथा प्रौद्योगिकी प्रगति के लिए उत्प्रेरक हैं। मोग्लिक्स के साथ यह समझौता ज्ञापन नवाचार को बढ़ावा देने, उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और भारत के आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण के अनुरूप एक मजबूत विनिर्माण परिवेश बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/106274/moglix-partners-with-dpiit</link>
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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 15:17:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>महा-ई-सेवा.कॉम: भरोसा और पारदर्शिता के साथ किराए की नयी दिशा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गतिशील अचल सम्पत्ति मंच में, ओमकार भागवत ने महा-ई-सेवा.कॉम को बनाया। यहाँ लोग किराए पर लेने और देने की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ विशेष रूप से किराए पर लेने के समझौते और लाइसेंस समझौते की सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इस मंच की सुविधा और स्थिति की वजह से, यहाँ 7000 से अधिक ग्राहक संतुष्ट हैं।</p>
<p><strong>मुख्य किराया समस्याओं का समाधान</strong></p>
<p>महा-ई-सेवा.कॉम ने एक महत्वपूर्ण समस्या को पहचाना है - भारतीय किराए के बाजार में विश्वास और पारदर्शिता की कमी। इसके बाद, लिव्ह अँड लायसन्स समझौता सेवाओं में विशेषज्ञता हासिल करने के बाद, महा-ई-सेवा.कॉम ने संपत्ति के किराए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/99568/maha-e-sevacom-new-direction-for-rent-with-trust-and-transparency"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-02/k20022024-06.jpg" alt=""></a><br /><p>गतिशील अचल सम्पत्ति मंच में, ओमकार भागवत ने महा-ई-सेवा.कॉम को बनाया। यहाँ लोग किराए पर लेने और देने की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ विशेष रूप से किराए पर लेने के समझौते और लाइसेंस समझौते की सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इस मंच की सुविधा और स्थिति की वजह से, यहाँ 7000 से अधिक ग्राहक संतुष्ट हैं।</p>
<p><strong>मुख्य किराया समस्याओं का समाधान</strong></p>
<p>महा-ई-सेवा.कॉम ने एक महत्वपूर्ण समस्या को पहचाना है - भारतीय किराए के बाजार में विश्वास और पारदर्शिता की कमी। इसके बाद, लिव्ह अँड लायसन्स समझौता सेवाओं में विशेषज्ञता हासिल करने के बाद, महा-ई-सेवा.कॉम ने संपत्ति के किराए समझौतों को संभालने में मुख्य भूमिका निभाई है।</p>
<p>महा-ई-सेवा.कॉम ने ऑनलाइन किराए समझौतों की प्रक्रिया को तीन कदमों में संगठित किया है। पहले, उपयोगकर्ता समझौता जानकारी ऑनलाइन दर्ज करते हैं, जिसके बाद सिस्टम ऑनलाइन भुगतान या कैश-ऑन-डिलीवरी के लिए मुद्रास्पर्श प्रदान करता है। दूसरे, एक अपॉइंटमेंट बुक करके 365 दिनों के लिए उपलब्ध घर पहुंचने वाले बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए होम सर्विस की जाती है। तीसरे, ई-स्टैम्प्ड किराए समझौते की मृदु प्रति ईमेल के माध्यम से 3-4 कामकाजी दिनों में होम डिलीवरी प्राप्त की जा सकती है।</p>
<p><strong>महा-ई-सेवा.कॉम की विशेषताएं और सुरक्षा उपाय शामिल हैं। यहाँ कुछ मुख्य विशेषताएं हैं:</strong></p>
<p> ऑफ़लाइन समर्थन: पारंपरिक तरीकों का समर्थन करने के लिए ऑफलाइन समर्थन, समझौतों, अपॉइंटमेंट्स, और ऑफलाइन भुगतानों को सुविधा प्रदान करता है।<br /> विश्वास और सुरक्षा: कड़ी मेहनत करने वाले कर्मचारी 100% विश्वास और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।<br /> पुलिस सत्यापन: समापन से पूर्व-समापन पुलिस सत्यापन प्रक्रिया में सहायता चिंताओं को समाप्त करती है।<br /> रिमोट रजिस्ट्रेशन: वैश्विक विशेषज्ञता रिमोट ई-किराए समझौता पंजीकरण सेवाओं के लिए अनुमति देती है।<br /> सुरक्षा नीति: घर परीक्षण नियुक्तियाँ संयुक्त अधिकारियों और आईडी कार्ड्स द्वारा पहचाने जाने वाले विचारी द्वारा सुनिश्चित<br />करती हैं।</p>
<p>किराए समझौतों के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित करना हाल की घटनाएं ने बिना समझौते के रहने वाले आतंकवादीयों को प्रकट किया, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य<br />समझौतों की आवश्यकता उत्पन्न हुई। </p>
<p><strong>महा-ई-सेवा.कॉम के पीछे की कहानी: एक दृष्टि का साकार </strong></p>
<p>२०१७ में ओमकार भागवत द्वारा स्थापित, महा-ई-सेवा.कॉम एक समृद्धि सेवाओं की आवश्यकता से प्रेरित एक दृष्टि से उत्पन्न हुआ था। भागवत की माँ पुणे में ई-सेवा के लिए काम करती थी, जहां विभिन्न कार्यालय विविध कार्यों को प्रबंधित करते थे। सेवाएँ एक ही छत के नीचे समेकित करने के लिए, सरकार ने महा ई-सेवा केंद्र को प्रस्तुत किया, जिससे महा-ई-सेवा.कॉम का निर्माण हुआ।</p>
<p>भविष्य में, महा-ई-सेवा.कॉम एक फ्रैंचाइज़ मॉडल का सपना देख रहा है ताकि वह अपने पहुंच को बढ़ा सके, सिर्फ १०,००० रुपये की आर्थिक दर पर अवसर प्रदान करता है। यह कदम एक सामर्थ्यपूर्ण और सुविधाजनक सेवाएँ प्रदान करने के प्लेटफ़ॉर्म के मिशन के साथ मेल खाता है, जो वर्तमान और भविष्य के लिए सुविधाएँ प्रदान करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Feb 2024 13:30:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिट इंडिया हिट इंडिया इंदौरी आर्टिस्ट्स क्रिकेट लीग टूर्नामेंट फिजिकल फिटनेस और रियल लाइफ स्पोर्ट्स को बढ़ावा देता है प्रबल जैन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इंदौरी आर्टिस्ट के संस्थापक प्रबल जैन एक दूरदर्शी उद्यमी और भारत के एक छोटे से गाँव के एक भावुक कलाकार हैं। वह भारत की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली कलाकारों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने और अपनी कला का मुद्रीकरण करने के लिए एक मंच प्रदान करने के मिशन के साथ एक व्यक्ति हैं।</p>
<p>भारत के सबसे स्वच्छ शहर, स्वच्छ इंदौर के ब्रांड एंबेसडर के रूप में, प्रबल जैन स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने में सामूहिक प्रयास की शक्ति में दृढ़ विश्वास रखते हैं। वह नियमित रूप से शहर में स्वच्छता और स्वच्छता को बढ़ावा देने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91862/fit-india-hit-india-indorei-artists-cricket-league-tournament-promotes"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-05/image-3.jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौरी आर्टिस्ट के संस्थापक प्रबल जैन एक दूरदर्शी उद्यमी और भारत के एक छोटे से गाँव के एक भावुक कलाकार हैं। वह भारत की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली कलाकारों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने और अपनी कला का मुद्रीकरण करने के लिए एक मंच प्रदान करने के मिशन के साथ एक व्यक्ति हैं।</p>
<p>भारत के सबसे स्वच्छ शहर, स्वच्छ इंदौर के ब्रांड एंबेसडर के रूप में, प्रबल जैन स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने में सामूहिक प्रयास की शक्ति में दृढ़ विश्वास रखते हैं। वह नियमित रूप से शहर में स्वच्छता और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अभियान और पहल करता है।</p>
<p>प्रबल जैन ने मध्य भारत क्षेत्र में स्थानीय कलाकारों को बढ़ावा देने के लिए एक इंस्टाग्राम पेज के रूप में इंदौरी कलाकार की शुरुआत की। उनके अथक प्रयासों से, इंदौरी कलाकार अब 25k कलाकारों के एक जीवंत समुदाय में विकसित हो गया है, जो नवोदित और स्थापित कलाकारों को अपनी कला दिखाने और दुनिया भर के कला प्रेमियों से जुड़ने के लिए एक मंच प्रदान करता है।</p>
<p>एक महत्वाकांक्षी गायक से एक सफल उद्यमी बनने की प्रबल जैन की यात्रा कई लोगों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कला के प्रति अपने जुनून को एक फलते-फूलते व्यवसाय में बदल दिया है, जिससे कई नवोदित कलाकारों को अपने सपनों को पूरा करने में मदद मिली है। उन्होंने स्थापित कलाकारों को सोशल मीडिया पर बढ़ावा देकर और उनकी प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच प्रदान करके उनकी पहुंच का विस्तार करने में मदद की है।</p>
<p>मध्य भारत में बढ़ते स्टार्टअप इंदौरी आर्टिस्ट ने एक रोमांचक टूर्नामेंट आयोजन किया सोशल मीडिया स्टार्स क्रिकेट लीग टूर्नामेंट। टूर्नामेंट का उद्देश्य शारीरिक फिटनेस के महत्व और केवल वर्चुअल और एआई गेम खेलने से बचने की आवश्यकता के संदेश को फैलाना था।</p>
<p>इस बार इंदौरी के कलाकार ने इस टूर्नामेंट के जरिए फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत की।</p>
<p>टूर्नामेंट में पीजे के दिलवाले, महेश के बाहुबली, सागर के पार्टनर्स, चीकू के टाइगर्स, ओम के सितारे, हिमांशु के बाजीराव, क्षितिज के सिंघम, नीरज के शहजादे, वीर के दबंग और धर्मेंद्र जैसे आकर्षक नामों वाली टीमों ने भाग लिया। के शोले। सोशल मीडिया पर टीमों के सभी कप्तानों का बड़ा नाम है।</p>
<p>एक रोमांचक टूर्नामेंट के बाद, पीजे के दिलवाले फाइनल में महेश के बाहुबली को हराकर विजेता बनकर उभरे। इंदौरी कलाकार, अपने 25k कलाकार समुदाय के साथ, लाखों से अधिक कलाकारों की कला का प्रचार और मुद्रीकरण करने में मदद की है।</p>
<p>इंदौरी आर्टिस्ट के संस्थापक प्रबल जैन ने टूर्नामेंट की सफलता और भविष्य में इस तरह के आयोजनों को जारी रखने के अपने लक्ष्य के बारे में प्रसन्नता व्यक्त की।</p>
<p>टूर्नामेंट को विभिन्न सोशल मीडिया सितारों और प्रभावितों से भी समर्थन और सराहना मिली, जिन्होंने अपने अनुयायियों से शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए क्रिकेट और फुटबॉल जैसे वास्तविक जीवन के खेलों में शामिल होने की अपील की।</p>
<p>इस टूर्नामेंट के माध्यम से इंदौरी के कलाकार द्वारा फिट इंडिया, हिट इंडिया पहल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देने और लोगों को एक स्वस्थ जीवन शैली जीने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।</p>
<p>अंत में, इंदौरी कलाकार समुदाय ने इस क्रिकेट लीग टूर्नामेंट का आयोजन करके दूसरों के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देने और लोगों को वास्तविक जीवन के खेलों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यह एक शानदार पहल थी। यह आयोजन एक बड़ी सफलता थी, और उम्मीद है कि यह लोगों के बीच फिटनेस और खेल को बढ़ावा देने के लिए दूसरों को प्रेरित करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                            <category>क्रिकेट</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/91862/fit-india-hit-india-indorei-artists-cricket-league-tournament-promotes</link>
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                <pubDate>Fri, 05 May 2023 13:34:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसवीबी संकट के बीच सरकार ने उठाया कदम, स्टार्टअप संस्थापकों के साथ बैठक होगी</title>
                                    <description><![CDATA[स्टार्टअप के संस्थापकों और सीईओ के साथ बैठक करेंगे केन्द्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर, ताकि यह देखा जा सके संकट के समय सरकार उनकी कैसे मदद कर सकती है  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>अमेरिका में बड़े बैंकों में से एक सिलिकॉन वैली बैंक (एसवीबी) के पतन के बाद भारतीय स्टार्टअप पर संभावित असर का आकलन करने सरकार सक्रिय हुई है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को जानकारी दी है कि वह अगले सप्ताह स्टार्टअप के संस्थापकों और सीईओ के साथ बैठक करेंगे ताकि यह देखा जा सके संकट के समय सरकार उनकी कैसे मदद कर सकती है। सिलिकॉन वैली बैंक स्टार्ट अप में निवेश करने वाले बैंकों में अग्रणी बैंक है। </p>
<p><strong>सरकार करना चाहती है इन स्टार्ट अप की मदद</strong></p>
<p>चंद्रशेखर ने एक ट्वीट में कहा, "सिलिकॉन वैली बैंक का पतन निश्चित रूप से दुनिया भर में स्टार्टअप्स को बाधित कर रहा है। स्टार्टअप्स नए भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।" मंत्री ने कहा कि वह अगले सप्ताह भारतीय स्टार्टअप्स के महत्वपूर्ण लोगों के साथ बैठक करेंगे ताकि उन पर पड़ने वाले प्रभाव को समझ सकें और ये भी जान सकें कि इस संकट के दौरान नरेंद्र मोदी सरकार उनकी मदद कैसे कर सकती है।"</p>
<p><strong>भारत की लगभग इतनी स्टार्ट अप होंगी इससे प्रभावित</strong></p>
<p>ग्लोबल सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (सास) आधारित मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन के हालिया आंकड़ों के अनुसार, एसवीबी का भारत में कम से कम 21 स्टार्टअप में निवेश था, हालांकि इसने इन स्टार्टअप में निवेश की जानकारी का खुलासा नहीं किया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार 31 दिसंबर, 2022 तक सिलिकॉन वैली बैंक की कुल संपत्ति करीब 209 अरब डॉलर और कुल जमा करीब 175.4 अरब डॉलर थी। सिलिकॉन वैली बैंक का मुख्य कार्यालय और सभी शाखाएं 13 मार्च को फिर से खुलेंगी और सभी इंश्योर्ड डिपॉजिटर्स के पास सोमवार सुबह तक अपनी इंश्योर्ड डिपॉजिट तक पूरी पहुंच होगी। FDIC के मुताबिक स्टार्टअप केंद्रित-सिलिकॉन वैली बैंक की कैलिफोर्निया और मैसाचुसेट्स में 17 शाखाएं हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90366/govt-steps-up-amid-svb-crisis-to-hold-meeting-with</link>
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                <pubDate>Sun, 12 Mar 2023 16:41:25 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिलिकॉन वैली बैंक के पतन से भारतीय स्टार्टअप चिंतित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक (एसवीबी) के पतन ने कई भारतीय स्टार्टअप्स को अपने निवेश के जोखिम के बारे में चिंतित कर दिया है। ग्लोबल सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (सास) आधारित मार्केट इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन के आंकड़ों के मुताबिक, एसवीबी का एक्सपोजर कम से कम 21 भारतीय स्टार्टअप्स तक था, हालांकि निवेश के आकार का खुलासा नहीं किया गया था। इसके अलावा, SVB ने हाल ही में किसी भी भारतीय स्टार्टअप में निवेश नहीं किया है। कैलिफ़ोर्निया डिपार्टमेंट ऑफ़ फ़ाइनेंशियल प्रोटेक्शन एंड इनोवेशन, जिसने बैंक को बंद कर दिया, ने घोषणा की कि सभी बीमित जमाकर्ताओं की सोमवार, 13 मार्च, 2023 तक अपनी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक (एसवीबी) के पतन ने कई भारतीय स्टार्टअप्स को अपने निवेश के जोखिम के बारे में चिंतित कर दिया है। ग्लोबल सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (सास) आधारित मार्केट इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन के आंकड़ों के मुताबिक, एसवीबी का एक्सपोजर कम से कम 21 भारतीय स्टार्टअप्स तक था, हालांकि निवेश के आकार का खुलासा नहीं किया गया था। इसके अलावा, SVB ने हाल ही में किसी भी भारतीय स्टार्टअप में निवेश नहीं किया है। कैलिफ़ोर्निया डिपार्टमेंट ऑफ़ फ़ाइनेंशियल प्रोटेक्शन एंड इनोवेशन, जिसने बैंक को बंद कर दिया, ने घोषणा की कि सभी बीमित जमाकर्ताओं की सोमवार, 13 मार्च, 2023 तक अपनी बीमित जमा राशि तक पूरी पहुँच होगी। हालाँकि, स्टार्टअप संस्थापक चिंतित हैं।</p>
<p>समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पिंटरेस्ट और कॉइनबेस के बोर्ड के सदस्य गोकुल राजाराम ने ट्वीट किया कि "भारत-आधारित संस्थापकों को नहीं पता कि एसवीबी के विकल्प के रूप में किसे जाना है।" द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, SVB 2,500 से अधिक वेंचर कैपिटल फर्मों का बैंक था, जिनमें लाइट्सपीड, बैन कैपिटल और इनसाइट पार्टनर्स शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बैंक कई तकनीकी अधिकारियों की व्यक्तिगत संपत्ति का प्रबंधन करता है और सिलिकॉन वैली तकनीकी सम्मेलनों, पार्टियों, रात्रिभोज और मीडिया आउटलेट्स का एक प्रमुख प्रायोजक था।</p>
<p>वर्कप्लेस सेफ्टी एनालिटिक्स स्टार्टअप कॉम्पसाइंस के सीईओ जोश बटलर ने आशंका जताई कि वह बैंक से अपनी कंपनी का फंड नहीं निकाल पा रहे हैं। "मेरे निवेशकों से लेकर कर्मचारियों और मेरी अपनी मां तक हर कोई यह पूछने के लिए पहुंच रहा है कि क्या चल रहा है। बड़ा सवाल यह है कि हम जल्द ही बाकी फंडों तक कैसे पहुंच पाएंगे, अगर कितना भी हो तो? यह बिल्कुल डरावना है।" फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ने शुक्रवार को ग्राहक जमा में एसवीबी के $ 175 बिलियन का नियंत्रण ले लिया और नियामक द्वारा $250,000 तक की जमा राशि का बीमा किया गया। हालांकि, ग्राहकों को इस बात की कोई जानकारी नहीं मिली है कि वे अपने पैसे कब वापस पा सकेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90338/indian-startups-worried-about-the-collapse-of-silicon-valley-bank</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Mar 2023 13:15:05 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्टार्टअप इंडिया : केंद्र सरकार ने लॉन्च किया नया पोर्टल ‘मार्ग’, सफल स्टार्टअप बनने में मिलेगी मदद</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार अच्छे स्टार्टअप बनाने के लिए हर संभव मदद कर रही है, जिसके लिए MAARG पोर्टल बनाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/79487/startup-india-central-government-launches-new-portal-maarg-will-help-in-becoming-a-successful-startup"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/4135_startup-invest-made-in-india.jpg" alt=""></a><br /><div>भारत के स्टार्टअप इंडिया के तहत शुरू हुए स्टार्टअप्स को देश और दुनिया में काफी पसंद किया जा रहा है। स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में भारत वैश्विक बाजार में तीसरे स्थान पर है। स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत केंद्र सरकार ने की थी, अब एक नया मार्ग पोर्टल (MAARG Portal) लॉन्च किया गया है। यह पोर्टल लोगों को एक सफल स्टार्टअप बनने का मार्ग प्रशस्त करने में मदद करेगा। इससे आप एक बेहतर स्टार्टअप खोलने में मदद ले सकते हैं।</div>
<div> </div>
<h2>स्टार्टअप्स को मदद मिलेगी</h2>
<div> </div>
<div>केंद्र सरकार अच्छे स्टार्टअप बनाने के लिए हर संभव मदद कर रही है। जिसके लिए MAARG पोर्टल बनाया गया है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत एक राष्ट्रीय सलाह मंच है। यह स्टार्टअप इंडिया का एक हिस्सा है। सरकार ने MAARG पोर्टल पर पंजीकरण शुरू कर दिया है और देश भर के स्टार्टअप्स से आवेदन आमंत्रित किए हैं।</div>
<div> </div>
<h2>बहुत सारे स्टार्टअप और यूनिकॉर्न</h2>
<div> </div>
<div>इसके बाद MAARG में आने वाले स्टार्टअप्स को अपने-अपने क्षेत्र से जुड़कर अपने आइडिया को सफल बनाने का मौका मिलेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से स्टार्टअप्स और विशेषज्ञों को जोड़ा जाएगा। मालूम हो कि देशभर में लगातार नए स्टार्टअप खुल रहे हैं। भारत में अब तक 82,000 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। इनमें यूनिकॉर्न की संख्या भी 107 के करीब पहुंच गई है।</div>
<div> </div>
<h2>इस तरह से आपको मदद मिलेगी</h2>
<div> </div>
<div>MAARG पोर्टल की मदद से स्टार्टअप बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं। इसमें आप शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, सफल स्टार्टअप संस्थापकों, निवेशकों से जुड़ सकते हैं। साथ ही आपको विश्व स्तरीय सलाहकारों और विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।</div>
<div> </div>
<h2>400 से अधिक विशेषज्ञ</h2>
<div> </div>
<div>केंद्र सरकार ने MAARG पोर्टल का पहला चरण पूरा कर लिया है। इसके तहत सरकार ने इस पोर्टल पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 400 से अधिक विशेषज्ञों को लगाया है। जो आपकी सभी समस्याओं का समाधान कर सकता है। अब सरकार इसका दूसरा चरण शुरू करने जा रही है, जिसमें वह देश भर के स्टार्टअप्स को इस पोर्टल से जोड़ने जा रही है। इसके बाद आखिरी चरण में मेंटर्स और स्टार्टअप्स को जोड़ना है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Nov 2022 14:59:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : इन पांच लड़कों ने ख़त्म की देश की बहुत बड़ी समस्या, सौर्य उर्जा की मदद से बनाया खारे पानी को पीने लायक पानी में बदलने वाला यंत्र</title>
                                    <description><![CDATA[यश तरवाड़ी, भूषण परवते, नीलेश शाह, चिंतन शाह और जानवी राणा ने सात साल की मेहनत के बाद खारे पानी को मीठा करने का हल निकाला है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/75137/surat-these-five-boys-ended-the-country-s-big-problem-made-a-device-to-convert-salt-water-into-potable-water-with-the-help-of-solar-energy"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/9691_news20.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। 'नल से जल योजना' के माध्यम से छेवाड़ा के भीतरी इलाकों में पानी पहुंचाने का कठिन काम किया जा रहा है। सूरत के पांच युवा उद्यमियों ने एक 'सोलेंस एनर्जी' स्टार्ट-अप शुरू किया है और सरकार के काम में तेजी लाने और पानी की कमी को दूर करने के साथ-साथ समुद्री जल का उपयोग करके इसे पीने योग्य बनाने के लिए भारत के पहले सौर ऊर्जा से चलने वाले उपकरण का आविष्कार किया है।</span><br /></div><div>इस स्टार्टअप के सूत्रधार यश तरवाड़ी, भूषण परवते, नीलेश शाह, चिंतन शाह और जानवी राणा ने सात साल की मेहनत के बाद खारे पानी को मीठा करने का हल निकाला है। उन्होंने सूरत जिले के ओलपाड में एक विशेष उपकरण की मदद से पेयजल अलवणीकरण संयंत्र स्थापित किया है, जो प्रति दिन केवल 50 से 55 पैसे प्रति लीटर की लागत से 2000 लीटर समुद्री जल को शुद्ध कर सकता है। साथ ही इस दौरब 3 ग्राम सिंधव नमक भी प्रति लीटर मिलता है। केंद्र सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और राज्य सरकार की स्टार्ट-अप गुजरात योजना के तहत, उद्योग आयुक्तालय-गांधीनगर ने इस संयंत्र के विकास के लिए 30 लाख रुपये की सहायता प्रदान की है। उन्होंने इस डिवाइस का पेटेंट भी करा लिया है। सरकार ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के तहत पेटेंट के लिए 25,000 रुपये भी प्रदान किए हैं। खास बात यह है कि इस डिवाइस की रिसर्च के दौरान युवा 12 बार फेल हो चुके थे, लेकिन बिना हारे उन्होंने मेहनत करना जारी रखा और 13वां प्रयास रंग लाया और सफल साबित हुआ। असफलताओं की एक श्रृंखला के बाद, ये युवा अंततः अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल हुए हैं। यंत्र के खारे पानी से बना पानी मिनरल से भरपूर होने के साथ-साथ जलजनित रोगों में भी राहत देता है। </div><div>स्टार्ट-अप टीम के सदस्य यश तरवाड़ी ने परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पृथ्वी की सतह का 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका हुआ है। फिर भी आज दुनिया के कई देश पानी की भीषण समस्या से जूझ रहे हैं। दुनिया भर के वैज्ञानिक भविष्य में पानी की बड़ी कमी की भविष्यवाणी कर रहे हैं। समाचार पत्रों और समाचार चैनलों में पानी की समस्या के बारे में समाचार पढ़ने के बाद, एक स्टार्ट-अप शुरू करने का विचार आया जिसे दूषित पानी को शुद्ध करके पुनर्नवीनीकरण किया जा सकता है। तो हमारे पांच दोस्तों की टीम ने कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हुए पानी को पीने योग्य बनाने के लिए 'सोलेंस एनर्जी' नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया। इस परियोजना में हमने सौर ऊर्जा का उपयोग करके एक ऐसी तकनीक का आविष्कार किया जो उच्च टीडीएस के साथ समुद्री जल को पीने योग्य बना सकती है। महत्वपूर्ण रूप से, इस तकनीक को बाहरी बिजली की आपूर्ति, साथ ही परिचालन और रखरखाव लागत की आवश्यकता नहीं होती है। राज्य और केंद्र सरकार की स्टार्ट-अप योजनाओं की मदद से हमें इस क्षेत्र में काम करने के लिए एक नई प्रेरणा मिली है। </div><div>यह पूछे जाने पर कि यह सौर ऊर्जा से चलने वाला उपकरण कैसे काम करता है, यश तरवाड़ी ने कहा कि मशीन के स्वरों पर सूर्य की किरणों को केंद्रित करके, एक सांद्रक, यानी एक रिसीवर नामक उपकरण में खारा पानी लिया जाता है। खारे पानी में नमक और अन्य भाग रिसीवर में रहते हैं, और केवल भाप चलती है। हीट एक्सचेंजर नामक उपकरण भाप को तरल रूप में परिवर्तित करता है। यह संसाधित पानी तब पीने योग्य हो जाता है।</div><div>यदि यह परियोजना छेवाड़ा समुद्र तट के ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित की जाती है, तो ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल की आसान पहुंच होगी। इसलिए हम इस परियोजना के तहत शहरों के साथ-साथ गांवों में भी पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इस प्रकार, ऐसे समय में जब ग्लोबल वार्मिंग ग्लोबल वार्मिंग में एक गंभीर स्थिति पैदा कर रही है, पानी की समस्या को हल करने के लिए पांच युवाओं की पहल देश को पानी के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में एक लंबा रास्ता तय करेगी। यह तकनीक टेक्सटाइल सेक्टर में भी वाटर जेट यूनिट के लिए वरदान साबित होगी। सूरत में भारी कारोबार के साथ कपड़ा क्षेत्र में जल जेट इकाइयां फलफूल रही हैं। यह इकाई बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग करती है। मशीन से निकलने वाले दूषित पानी को सौर ऊर्जा से चलने वाले इस उपकरण की मदद से शुद्ध किया जा सकता है। सोलेंस एनर्जी की यह इकाई ऐसी इकाइयों में भी लगाई जा सकती है। उद्योगों और पीने के लिए भी आवश्यक पानी प्राप्त किया जा सकता है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 23:00:01 +0530</pubDate>
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