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                <title>Andhra Pradesh - Loktej</title>
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                <description>Andhra Pradesh RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आंध्र प्रदेश में कार ट्रक से टकरायी, इंजीनियरिंग के पांच छात्रों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चिलकलूरिपेट (आंध्र प्रदेश), पांच दिसंबर (भाषा) आंध्र प्रदेश में पालनाडु जिले के चिलकलूरिपेट में एक कार ट्रक से टकरा गयी जिससे इंजीनियरिंग के पांच छात्रों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना बृहस्पतिवार देर रात चिलकलूरिपेट में नए बाईपास रोड पर उस समय हुई जब ट्रक चालक ने कथित तौर पर अचानक अपने वाहन की गति धीमी कर दी।</p>
<p>पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘चारों छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया।’’</p>
<p>पुलिस ने बताया कि ये विद्यार्थी गुंटूर से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144424/five-engineering-students-killed-when-car-collides-with-truck-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/road-accident-1012.jpg" alt=""></a><br /><p>चिलकलूरिपेट (आंध्र प्रदेश), पांच दिसंबर (भाषा) आंध्र प्रदेश में पालनाडु जिले के चिलकलूरिपेट में एक कार ट्रक से टकरा गयी जिससे इंजीनियरिंग के पांच छात्रों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना बृहस्पतिवार देर रात चिलकलूरिपेट में नए बाईपास रोड पर उस समय हुई जब ट्रक चालक ने कथित तौर पर अचानक अपने वाहन की गति धीमी कर दी।</p>
<p>पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘चारों छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया।’’</p>
<p>पुलिस ने बताया कि ये विद्यार्थी गुंटूर से श्री सत्य साईं जिले के पेनुकोंडा जा रहे थे।</p>
<p>पुलिस ने इस हादसे के सिलसिले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 15:21:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत जैविक खेती का वैश्विक केंद्र बनने की राह पर: प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोयंबटूर, 19 नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत जैविक खेती का वैश्विक केन्द्र बनने की राह पर है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह देश की स्वदेशी और पारंपरिक पद्धति है।</p>
<p>मोदी ने यहां दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 और एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि युवा तेजी से कृषि को एक आधुनिक और व्यापक अवसर के रूप में पहचान रहे हैं और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी।</p>
<p>बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की शानदार जीत के बाद मोदी ने अपने यहां आगमन पर लोगों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144160/prime-minister-modi-on-the-way-to-become-a-global"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>कोयंबटूर, 19 नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत जैविक खेती का वैश्विक केन्द्र बनने की राह पर है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह देश की स्वदेशी और पारंपरिक पद्धति है।</p>
<p>मोदी ने यहां दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 और एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि युवा तेजी से कृषि को एक आधुनिक और व्यापक अवसर के रूप में पहचान रहे हैं और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी।</p>
<p>बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की शानदार जीत के बाद मोदी ने अपने यहां आगमन पर लोगों द्वारा गमछा लहराने का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था कि ‘‘बिहार की हवा’’ उनसे पहले ही तमिलनाडु में आ गई है।</p>
<p>तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाला राजग अगले साल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन से मुकाबला करेगा। विपक्षी गठबंधन एम के स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है।</p>
<p>इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने नौ करोड़ किसानों को सहायता देने के लिए पीएम-किसान योजना की 21वीं किस्त जारी की। इस किस्त की कुल राशि 18,000 करोड़ रुपये से अधिक है।</p>
<p>मोदी ने कहा कि इस योजना के तहत अब तक छोटे किसानों के बैंक खातों में सीधे चार लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं, जिससे वे विभिन्न कृषि जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो गए हैं।</p>
<p>उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत यह कहते हुए की कि प्राकृतिक खेती उनके दिल के बहुत करीब है। मोदी ने कहा कि प्राकृतिक खेती का विस्तार 21वीं सदी की कृषि की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में, बढ़ती मांग के कारण खेतों और कृषि से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में रसायनों के इस्तेमाल में तेजी से वृद्धि हुई है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रसायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता कम हो रही है, मिट्टी की नमी प्रभावित हो रही है और साल दर साल खेती की लागत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण और जैविक खेती मृदा संबंधी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि साथ ही जैविक खेती जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मदद करती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती भारत का अपना स्वदेशी विचार है और यह देश की परंपराओं में निहित है तथा पर्यावरण के अनुकूल है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य प्राकृतिक खेती को पूरी तरह से विज्ञान समर्थित आंदोलन बनाना होना चाहिए।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘प्राकृतिक खेती एक स्वदेशी भारतीय अवधारणा है - कहीं और से आयातित नहीं है बल्कि परंपरा से जन्मी और पर्यावरण के साथ जुड़ी हुई है।’’</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘भारत प्राकृतिक खेती का वैश्विक केंद्र बनने की राह पर है।’’ उन्होंने कहा कि देश की जैव विविधता विकसित हो रही है और युवा अब कृषि को एक आधुनिक और व्यापक अवसर के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में पूरे कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि भारत का कृषि निर्यात लगभग दोगुना हो गया है और सरकार ने कृषि के आधुनिकीकरण में किसानों की सहायता के लिए हरसंभव अवसर खोले हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अकेले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के माध्यम से ही इस वर्ष किसानों को 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि सात साल पहले पशुधन और मत्स्य पालन क्षेत्रों को केसीसी लाभों का विस्तार दिए जाने के बाद से, इन क्षेत्रों में कार्यरत लोग भी इसका व्यापक लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैव-उर्वरकों पर जीएसटी में कमी से किसानों को और लाभ हुआ है।</p>
<p>प्राकृतिक खेती के ‘एक एकड़, एक मौसम’ की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि जैविक खेती जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने, मिट्टी की उर्वरता को पुनर्जीवित करने और फसलों के पोषण मूल्य को बढ़ाने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि देश को प्राकृतिक खेती के रास्ते पर आगे बढ़ना होगा और यह एक दृष्टिकोण और आवश्यकता दोनों है और तभी जैव विविधता को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा सकेगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है और एक साल पहले उसने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन शुरू किया था, जिससे अब तक लाखों किसान जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का सकारात्मक प्रभाव विशेष रूप से दक्षिण भारत में दिखाई दे रहा है, अकेले तमिलनाडु में लगभग 35,000 हेक्टेयर भूमि पर जैविक और प्राकृतिक खेती की जा रही है।</p>
<p>मोदी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि दक्षिण भारत में किसान लगातार पारंपरिक प्राकृतिक कृषि पद्धतियों जैसे पंचगव्य, जीवामृत, बीजामृत आदि को अपना रहे हैं, जिससे मृदा की स्थिति में सुधार होता है, फसलें रसायन मुक्त रहती हैं और लागत भी कम होती है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘श्री अन्न’ (मिलेट्स) की खेती को प्राकृतिक खेती के साथ एकीकृत करना धरती माता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और मोटा अनाज दक्षिणी राज्यों में पीढ़ियों से पारंपरिक आहार का हिस्सा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार इस ‘सुपरफूड’ को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और रसायन-मुक्त खेती इसकी अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।</p>
<p>मोदी ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन में ऐसे प्रयासों पर चर्चा जरूर होनी चाहिए।</p>
<p>बहु-फसलीय कृषि का समर्थन करते हुए, उन्होंने केरल और कर्नाटक के पहाड़ी इलाकों का उदाहरण दिया जहां नारियल, सुपारी, फलदार पौधे, मसाले और काली मिर्च जैसी कई फसलें एक ही खेत में उगाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी एकीकृत खेती प्राकृतिक खेती के मूल दर्शन को दर्शाती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कृषि के इस मॉडल को अखिल भारतीय स्तर पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने जब दो छात्राओं को राष्ट्र के आर्थिक परिवर्तन के लिए उनके दृष्टिकोण की सराहना करते हुए तख्तियां लहराते देखा तो उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से इन तख्तियों को लाने को कहा और छात्राओं की सराहना की।</p>
<p>इससे पहले प्रधानमंत्री ने हवाई अड्डे से कोयंबटूर जिला लघु उद्योग संघ (सीओडीआईएसएसआईए) मैदान तक लगभग दो किलोमीटर की दूरी तक रोड शो किया तथा आम नागरिक एवं पार्टी कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े थे।</p>
<p>उनके स्वागत में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये और लोगों ने प्रधानमंत्री के वाहन पर फूल बरसाए जबकि प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 21:20:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऐश्वर्या राय ने श्री सत्य साईं बाबा के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के पैर छुए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुट्टपर्थी (आंध्र प्रदेश), 19 नवंबर (भाषा) अभिनेत्री और पूर्व मिस वर्ल्ड ऐश्वर्या राय बच्चन ने बुधवार को यहां दिवंगत आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पैर छुए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी के अलावा, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, श्री सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी आर जे रत्नाकर और अन्य लोग मंच पर मौजूद थे।</p>
<p>सत्य साईं बाल विकास कार्यक्रम की पूर्व छात्रा ऐश्वर्या राय ने अपने संबोधन में कहा कि हालांकि एक शताब्दी बीत गई है, लेकिन गुरु की शिक्षा, मार्गदर्शन और करुणा आज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144148/aishwarya-rai-touches-the-feet-of-prime-minister-modi-at"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-01/7464_aishwarya.jpg" alt=""></a><br /><p>पुट्टपर्थी (आंध्र प्रदेश), 19 नवंबर (भाषा) अभिनेत्री और पूर्व मिस वर्ल्ड ऐश्वर्या राय बच्चन ने बुधवार को यहां दिवंगत आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पैर छुए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी के अलावा, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, श्री सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी आर जे रत्नाकर और अन्य लोग मंच पर मौजूद थे।</p>
<p>सत्य साईं बाल विकास कार्यक्रम की पूर्व छात्रा ऐश्वर्या राय ने अपने संबोधन में कहा कि हालांकि एक शताब्दी बीत गई है, लेकिन गुरु की शिक्षा, मार्गदर्शन और करुणा आज भी दुनिया भर में लाखों लोगों के हृदय में समाहित है।</p>
<p>उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आपकी यहां उपस्थिति शताब्दी समारोह में पवित्रता और प्रेरणा जोड़ती है तथा हमें स्वामी के इस संदेश की याद दिलाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा है और मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है।’’</p>
<p>उन्होंने सत्य साईं बाबा की शिक्षाओं को याद करते हुए कहा कि वह अक्सर पांच आवश्यक गुणों - अनुशासन, समर्पण, भक्ति, दृढ़ संकल्प और विवेक के बारे में बात करते थे, जो एक सार्थक, उद्देश्यपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से स्थिर जीवन के लिए आवश्यक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144148/aishwarya-rai-touches-the-feet-of-prime-minister-modi-at</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 15:45:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बैंकों में 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक जमा: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुट्टपर्थी (आंध्र प्रदेश), 19 नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अब तक चार करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और इन खातों में 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा की जा चुकी है।</p>
<p>श्री सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारतीय परंपरा में गायों को जीवन, समृद्धि और करुणा का प्रतीक माना जाता है क्योंकि वे इन परिवारों की वित्तीय, पोषण संबंधी और सामाजिक भलाई में मदद करती हैं।</p>
<p>मोदी ने कहा, “दस वर्ष पहले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144147/modi-deposited-more-than-rs-325-lakh-crore-in-banks"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d17062024-06-pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>पुट्टपर्थी (आंध्र प्रदेश), 19 नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अब तक चार करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और इन खातों में 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा की जा चुकी है।</p>
<p>श्री सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारतीय परंपरा में गायों को जीवन, समृद्धि और करुणा का प्रतीक माना जाता है क्योंकि वे इन परिवारों की वित्तीय, पोषण संबंधी और सामाजिक भलाई में मदद करती हैं।</p>
<p>मोदी ने कहा, “दस वर्ष पहले भारत सरकार ने बेटियों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ शुरु की थी। यह देश की उन योजनाओं में से एक है, जिसमें हमारी बेटियों को सबसे अधिक यानी 8.2 प्रतिशत ब्याज दर मिलती है। अब तक सुकन्या समृद्धि योजना के तहत चार करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और आपको यह जानकर खुशी होगी कि इन खातों में अब तक 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा हो चुकी है।”</p>
<p>गोरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत वाराणसी में लोगों को 480 से अधिक गायें प्रदान की गईं थीं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वाराणसी में एक नई परंपरा शुरू की गई है जिसमें दी जा चुकी गाय से जन्मी बछिया अन्य क्षेत्र में किसानों को निशुल्क प्रदान की जाती है और इससे गायों की संख्या बढ़ रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “हमारी परंपरा में ‘गौ माता’ को जीवन, समृद्धि और करुणा का प्रतीक माना गया है। ये गायें इन परिवारों की आर्थिक, पोषण संबंधी और सामाजिक भलाई में सहायक होती हैं। गौ माता की रक्षा से समृद्धि का संदेश देश के कोने-कोने में और विदेशों में भी देखा जा सकता है।”</p>
<p>मोदी ने दिवंगत आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साई बाबा को भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं और सेवा दुनिया भर में लाखों अनुयायियों का मार्गदर्शन करती रहेंगी।</p>
<p>मोदी ने उनकी स्मृति में 100 रुपये का सिक्का और डाक टिकटों का एक सेट भी जारी किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144147/modi-deposited-more-than-rs-325-lakh-crore-in-banks</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 15:42:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमित शाह ने आंधप्रदेश में भगदड़ में लोगों की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, एक नवंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के एक मंदिर में भगदड़ में हुई लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।</p>
<p>आंध्र प्रदेश में श्रीकाकुलम जिले में काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार सुबह भगदड़ मचने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।</p>
<p>शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आंध्र प्रदेश में श्रीकाकुलम के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ में हुई दुखद मौतों से बेहद दुखी हूं।</p>
<p>हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143820/amit-shah-expressed-deep-sorrow-over-the-death-of-people"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/d17042024-02-amit-shah.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, एक नवंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के एक मंदिर में भगदड़ में हुई लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।</p>
<p>आंध्र प्रदेश में श्रीकाकुलम जिले में काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार सुबह भगदड़ मचने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।</p>
<p>शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आंध्र प्रदेश में श्रीकाकुलम के काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ में हुई दुखद मौतों से बेहद दुखी हूं।</p>
<p>हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143820/amit-shah-expressed-deep-sorrow-over-the-death-of-people</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 15:32:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आंध्र प्रदेश में मोंथा तूफान से एक व्यक्ति की मौत, सड़कें जलमग्न, फसलें क्षतिग्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमरावती, 29 अक्टूबर (भाषा) भीषण चक्रवाती तूफान मोंथा के रात में आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने के बाद एक महिला की मौत हो गई, सड़कें जलमग्न हो गईं और आंध्र प्रदेश में कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।</p>
<p>प्रारंभिक अनुमानों का हवाला देते हुए सरकार ने मंगलवार को बताया था कि मोंथा के प्रभाव से 38,000 हेक्टेयर में खड़ी कृषि फसलें नष्ट हो गईं तथा 1.38 लाख हेक्टेयर में बागवानी फसलें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।</p>
<p>कोनासीमा जिले के मकानगुडेम गांव में 28 अक्टूबर को तेज हवा के कारण ताड़ का एक पेड़ उखड़कर महिला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143763/one-person-dead-roads-submerged-crops-damaged-in-andhra-pradesh"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/4639_gulab-cyclon-tufaan.jpg" alt=""></a><br /><p>अमरावती, 29 अक्टूबर (भाषा) भीषण चक्रवाती तूफान मोंथा के रात में आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने के बाद एक महिला की मौत हो गई, सड़कें जलमग्न हो गईं और आंध्र प्रदेश में कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।</p>
<p>प्रारंभिक अनुमानों का हवाला देते हुए सरकार ने मंगलवार को बताया था कि मोंथा के प्रभाव से 38,000 हेक्टेयर में खड़ी कृषि फसलें नष्ट हो गईं तथा 1.38 लाख हेक्टेयर में बागवानी फसलें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।</p>
<p>कोनासीमा जिले के मकानगुडेम गांव में 28 अक्टूबर को तेज हवा के कारण ताड़ का एक पेड़ उखड़कर महिला पर गिर जाने से 43 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी।</p>
<p>आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने कोनासीमा निवासी एक महिला की मौत की पुष्टि की। जैन ने कहा कि एपीएसडीएमए नुकसान की रिपोर्टों की पुष्टि कर रहा है और चक्रवात के प्रभाव से किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।</p>
<p>पश्चिम गोदावरी जिले के पुलिस अधीक्षक अदनान नईम असमी ने बताया कि जिले भर में 141 पेड़ उखड़ गए और लोगों को सांपों द्वारा काटे जाने के आठ मामले सामने आए।</p>
<p>असमी ने पीटीआई-भाषा को बताया, "चक्रवात अंतरवेदी के पास तट पार कर गया। कुछ खंभों और पेड़ों के उखड़ने सहित नुकसान बहुत सीमित है। मोगलतुरु इलाके में एक-दो फूस के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।" उन्होंने आगे कहा कि जिले में किसी की जान नहीं गई।</p>
<p>इसी तरह, उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति में कोई बड़ी बाधा नहीं आई और अधिकारियों ने सुरक्षा के लिए कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति काट दी।</p>
<p>पश्चिम गोदावरी जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडीएसपी) वी भीमा राव ने बताया कि चक्रवात से निपटने के लिए बेहतरीन तैयारियां की गई थीं जिसके कारण 15 मिनट के भीतर उखड़े हुए पेड़ों को हटा दिया गया।</p>
<p>राव ने बताया कि आधी रात के आसपास, जब मोंथा (थाई भाषा में जिसका अर्थ सुगंधित फूल होता है) तट पार कर रहा था, समुद्र पेरूपलेम गांव में समुद्र तट से लगती सड़क तक पहुंच गया।</p>
<p>एडीएसपी ने चक्रवात के प्रभावी प्रबंधन का श्रेय लोगों में व्यापक जागरूकता और समुद्र तटीय गांवों में वायरलेस सेट के माध्यम से गहन संचार को दिया।</p>
<p>कोनासीमा जिले के अंतरवेदी गांव में चक्रवात ने दस्तक दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 200 पेड़ों के उखड़ने और 70 बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने के अलावा ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। अधिकारी ने बताया कि पेड़ों के गिरने से दो लोग घायल हुए हैं।</p>
<p>आपदा प्रबंधन मामलों के विशेष मुख्य सचिव जी साई प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बारिश और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक वस्तुओं का वितरण करने का निर्देश दिया।</p>
<p>प्रसाद ने एक सरकारी आदेश में कहा, "सरकार प्रभावित जिलों के जिला कलेक्टरों को राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित परिवारों और प्रभावित मछुआरों को आवश्यक वस्तुओं का निःशुल्क वितरण करने की अनुमति देती है।"</p>
<p>सरकार 25 किलो चावल और लाल चना दाल, एक-एक लीटर खाना पकाने का तेल, प्याज, आलू और चीनी वितरित करेगी। बुनकरों और मछुआरों को चावल की दोगुनी मात्रा, यानी 50 किलो, वितरित की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 15:03:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चक्रवात ‘मोंथा’ के कारण विशाखापत्तनम हवाई अड्डे से सभी 32 उड़ानें रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमरावती, 28 अक्टूबर (भाषा) भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के कारण मंगलवार को विशाखापत्तनम हवाई अड्डे से संचालित होने वाली कुल 32 उड़ानें रद्द कर दी गईं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>विशाखापत्तनम हवाई अड्डे के निदेशक एन. पुरुषोत्तम ने कहा कि 27 अक्टूबर को एअर इंडिया एक्सप्रेस की दो उड़ानें रद्द कर दी गई थीं।</p>
<p>पुरुषोत्तम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘दरअसल हम हर दिन 30 से 32 उड़ानें संचालित कर रहे हैं, जिनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों शामिल हैं। आज वे सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143749/all-32-flights-canceled-from-visakhapatnam-airport-due-to-cyclone"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/4639_gulab-cyclon-tufaan.jpg" alt=""></a><br /><p>अमरावती, 28 अक्टूबर (भाषा) भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के कारण मंगलवार को विशाखापत्तनम हवाई अड्डे से संचालित होने वाली कुल 32 उड़ानें रद्द कर दी गईं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>विशाखापत्तनम हवाई अड्डे के निदेशक एन. पुरुषोत्तम ने कहा कि 27 अक्टूबर को एअर इंडिया एक्सप्रेस की दो उड़ानें रद्द कर दी गई थीं।</p>
<p>पुरुषोत्तम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘दरअसल हम हर दिन 30 से 32 उड़ानें संचालित कर रहे हैं, जिनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों शामिल हैं। आज वे सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के दिशानिर्देशों के अनुसार भीषण चक्रवाती तूफान से बचाव के लिए सावधानियां बरती हैं, जिसमें चक्रवात से पहले और बाद के चरण शामिल हैं। इसी तरह, विजयवाड़ा हवाई अड्डे ने आज 16 उड़ानें रद्द कर दीं लेकिन पांच उड़ानें संचालित कीं।</p>
<p>विजयवाड़ा हवाई अड्डे के निदेशक लक्ष्मीकांत रेड्डी ने कहा, ‘‘कल (सोमवार) विशाखापत्तनम के लिए केवल एक उड़ान रद्द हुई थी। लेकिन आज दिल्ली और मुंबई सहित देश भर के विभिन्न गंतव्यों के लिए 16 उड़ानें रद्द कर दी गईं।’’</p>
<p>रेड्डी के अनुसार, एयरलाइनों ने मंगलवार के लिए परिचालन स्थगित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बुधवार की उड़ानों के संचालन के बारे में शाम तक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। इसी तरह, तिरुपति हवाई अड्डे पर चार उड़ानें रद्द कर दी गईं।</p>
<p>इस बीच, एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) जोन में 27 अक्टूबर और मंगलवार को कुल 120 ट्रेनें रद्द कर दी गईं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143749/all-32-flights-canceled-from-visakhapatnam-airport-due-to-cyclone</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Oct 2025 14:57:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आंध्र प्रदेश: चक्रवात ‘मोंथा’ तट से टकराया, अधिकारी हाई अलर्ट पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमरावती, 27 अक्टूबर (भाषा) आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने सोमवार को बताया कि चक्रवात ‘मोंथा’ के तट से टकराने की शुरुआत हो गयी है और इसे एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।</p>
<p>तटीय जिलों में बारिश और तेज आंधी चल रही है।</p>
<p>जैन ने एक विज्ञप्ति में बताया, “चक्रवात टकराना शुरू हो गया है। तटीय जिलों में आंधी के साथ बारिश हो रही है।”</p>
<p>उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे यह तूफान जमीन के पास पहुंचेगा और तेज होता जाएगा। जैन ने बताया कि पिछले छह घंटों में चक्रवात 18 किलोमीटर प्रति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143744/andhra-pradesh-cyclone-montha-hits-coast-officials-on-high-alert"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/4639_gulab-cyclon-tufaan.jpg" alt=""></a><br /><p>अमरावती, 27 अक्टूबर (भाषा) आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने सोमवार को बताया कि चक्रवात ‘मोंथा’ के तट से टकराने की शुरुआत हो गयी है और इसे एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।</p>
<p>तटीय जिलों में बारिश और तेज आंधी चल रही है।</p>
<p>जैन ने एक विज्ञप्ति में बताया, “चक्रवात टकराना शुरू हो गया है। तटीय जिलों में आंधी के साथ बारिश हो रही है।”</p>
<p>उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे यह तूफान जमीन के पास पहुंचेगा और तेज होता जाएगा। जैन ने बताया कि पिछले छह घंटों में चक्रवात 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा और शाम तक यह विशाखापत्तनम से लगभग 560 किलोमीटर दूर था तथा मंगलवार सुबह तक इसके एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।</p>
<p>उन्होंने बताया, “चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर की शाम या रात में एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में काकीनाडा के पास आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है।”</p>
<p>जैन ने तटीय जिलों के निवासियों से सतर्क रहने और सुरक्षा परामर्श का पालन करने का आग्रह किया।</p>
<p>एनटीआर जिलाधिकारी जी. लक्ष्मीशा ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा को बताया कि सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया, “कई टीमें तैनात की गई हैं और समन्वय से काम कर रही हैं। हमने 180 पुनर्वास केंद्र तैयार रखे हैं, साथ ही मौसम की निरंतर निगरानी के लिए 24 ड्रोन भी तैनात किए हैं।”</p>
<p>विजयवाड़ा के पुलिस आयुक्त एसवी राजशेखर बाबू ने बताया कि पुलिस विभाग चक्रवात के लिए पूरी तरह तैयार है और प्रत्येक वार्ड सचिवालय में अधिकारी तैनात हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया, “एक नियंत्रण कक्ष स्थिति पर नजर रख रहा है और वास्तविक समय के आकलन के लिए 42 ड्रोन तैनात किए गए हैं।”</p>
<p>बाबू ने बताया कि एहतियात के तौर पर 360 घरों के निवासियों को निकाला जा रहा है।</p>
<p>चक्रवात ‘मोंथा’ के कारण कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाएं चलीं, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।</p>
<p>चित्तूर जिले के नागरी निर्वाचन क्षेत्र में चक्रवात के प्रभाव के कारण चार दिनों से लगातार मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है।</p>
<p>कुशस्थली नदी में बाढ़ आ जाने से सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे अधिकारियों को नागरी शहर और थिरुट्टानी व पल्लीपट्टू जैसे ग्रामीण इलाकों के बीच यातायात रोकना पड़ा है।</p>
<p>वाहनों की आवाजाही बाईपास मार्गों से मोड़ी जा रही है।</p>
<p>खतरनाक धाराओं और उफनती नदियों के कारण लोगों को नदी के किनारों पर जाने से रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।</p>
<p>सिंचाई, राजस्व और नगरपालिका अधिकारियों ने कृष्णापुरम जलाशय से 1,000 क्यूसेक पानी छोड़ने सहित एहतियाती कदम उठाए हैं।</p>
<p>काकीनाडा जिले में तेज हवाओं व भारी बारिश के कारण उप्पदा तट पर समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं।</p>
<p>तट पर रहने वाले मछुआरों ने आशंका जताई है कि लहरें तट की ओर बढ़ रही हैं और तटीय कटाव की स्थिति बढ़ रही है।</p>
<p>समुद्र में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण पुलिस ने उप्पदा, सुब्बमपेट, मायापट्टनम और सुरदापेट गांवों से निवासियों को उनके घरों से निकाल लिया है।</p>
<p>तिरुपति के जिलाधिकारी एस. वेंकटेश्वर ने बताया कि जिले में 75 किलोमीटर लंबी तटरेखा है और पांच तटीय मंडलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।</p>
<p>उन्होंने बताया, “नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और लोगों को आपात स्थिति को छोड़कर घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।”</p>
<p>निवासियों को मवेशियों को चराने व पेड़ों, बिजली के खंभों या होर्डिंग्स के नीचे न खड़े होने की सलाह दी गई है।</p>
<p>तिरुमाला जाने वाले तीर्थयात्रियों से यात्रा योजनाओं को अस्थायी रूप से स्थगित करने का आग्रह किया गया है।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, जैसे-जैसे चक्रवात आंध्र प्रदेश तट के करीब पहुंचेगा और काकीनाडा के पास दस्तक देगा बारिश व हवा की तीव्रता में वृद्धि होने की आशंका है।</p>
<p>जिला प्रशासन ने बताया कि वे चक्रवात से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और एहतियाती उपाय लगातार लागू किए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Oct 2025 21:25:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चक्रवात मोंथा: मोदी ने मुख्यमंत्री नायडू से बात की, अधिकारियों को ऐहतियाती कदम उठाने का निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमरावती, 27 अक्टूबर (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को अधिकारियों को चक्रवात मोंथा के मद्देनजर उन जगहों पर एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया जहां बारिश और बाढ़ की आशंका है। चक्रवात मोंथा मंगलवार सुबह तक एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री नायडू से फोन पर बात की और चक्रवात के बारे में जानकारी ली।</p>
<p>इसके बाद, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ समन्वय करने के लिए कहा गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने चक्रवात को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।</p>
<p>एक आधिकारिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143734/cyclone-montha-modi-spoke-to-chief-minister-naidu-directed-officials"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/4639_gulab-cyclon-tufaan.jpg" alt=""></a><br /><p>अमरावती, 27 अक्टूबर (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को अधिकारियों को चक्रवात मोंथा के मद्देनजर उन जगहों पर एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया जहां बारिश और बाढ़ की आशंका है। चक्रवात मोंथा मंगलवार सुबह तक एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री नायडू से फोन पर बात की और चक्रवात के बारे में जानकारी ली।</p>
<p>इसके बाद, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ समन्वय करने के लिए कहा गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने चक्रवात को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।</p>
<p>एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, “मुख्यमंत्री ने उन जगहों पर अग्रिम कार्रवाई के आदेश दिए जहां बारिश और बाढ़ की आशंका है। उन्होंने अधिकारियों से फसलों को नुकसान से बचाने के लिए नहरों के किनारों को मजबूत करने को कहा है।”</p>
<p>नायडू ने अधिकारियों को चक्रवात की गति पर हर घंटे नजर रखने का निर्देश दिया।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया है कि चक्रवात के प्रभाव के कारण कृष्णा जिले में सोमवार से दो दिन तक भारी से बहुत भारी स्तर की बारिश होने का पूर्वानुमान है।</p>
<p>इसी तरह, गुंटूर, बापटला, एनटीआर, पालनाडु और पश्चिम गोदावरी जिलों में भी भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Oct 2025 14:35:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आंध्र प्रदेश के कुरनूल में निजी बस में आग लगी, 20 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कुरनूल (आंध्र प्रदेश), 24 अक्टूबर (भाषा) हैदराबाद से बेंगलुरू जा रही एक निजी बस में शुक्रवार को एक दोपहिया वाहन से टक्कर के बाद आग लग गई, जिससे 20 लोगों की मौत हो गई। अधिकतर व्यक्तियों की मौत आग में झुलसने से हुई। यह जानकारी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि मृतकों में बाइक सवार भी शामिल है।</p>
<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घटना पर दुख व्यक्त किया।</p>
<p>कुछ शव इतने जल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143712/20-people-killed-in-fire-in-private-bus-in-kurnool"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/sad-death-tragic-news-candle-condolence-tribute.jpg" alt=""></a><br /><p>कुरनूल (आंध्र प्रदेश), 24 अक्टूबर (भाषा) हैदराबाद से बेंगलुरू जा रही एक निजी बस में शुक्रवार को एक दोपहिया वाहन से टक्कर के बाद आग लग गई, जिससे 20 लोगों की मौत हो गई। अधिकतर व्यक्तियों की मौत आग में झुलसने से हुई। यह जानकारी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि मृतकों में बाइक सवार भी शामिल है।</p>
<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घटना पर दुख व्यक्त किया।</p>
<p>कुछ शव इतने जल चुके थे कि उनकी पहचान नहीं हो पा रही थी, जिसके कारण अधिकारियों को मृतकों के डीएनए नमूने एकत्र करने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाना पड़ा।</p>
<p>एक अधिकारी ने बताया कि कई यात्री इस दुर्घटना में बच नहीं पाए क्योंकि यह रात में उस समय हुई जब वे सो रहे थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अनुग्रह राशि की घोषणा भी की।</p>
<p>प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोटरसाइकिल कुरनूल में चिन्नातेकुर के पास बस से टकरा कर उसके नीचे आ गई और उसका ईंधन टंकी का ढक्कन खुल गया।</p>
<p>कुरनूल रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कोया प्रवीण ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘अब तक जली हुई बस से 19 शव निकाले जा चुके हैं। बाइक सवार का शव मुर्दाघर में है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि हताहतों और जीवित बचे लोगों की पूरी स्थिति, पूरी जांच और दुर्घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान के बाद ही सामने आएगी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण बस का दरवाजा जाम हो गया और बस कुछ ही मिनट में पूरी तरह जल गई। पुलिस ने बताया कि अधिकतर जीवित बचे लोगों की उम्र 25 से 35 साल के बीच है।</p>
<p>जिला कलेक्टर ए. सिरी ने बताया कि बस में 41 लोग सवार थे, जिनमें चालक भी शामिल था। बस में सवार 41 लोगों में से 21 का पता लगा लिया गया है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में बच गए लोगों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि कई यात्री इस हादसे के बाद बस से बाहर नहीं निकल पाये क्योंकि यह रात में हुआ जब वे सो रहे थे। उन्होंने बताया कि बस का दरवाजा तुरंत नहीं खुला क्योंकि कुछ तार कट गए थे जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई। सिरी ने बताया कि अधिकतर यात्री हैदराबाद के थे।</p>
<p>अधिकारियों ने शुरू में कहा था कि बस पड़ोसी राज्य तेलंगाना के हैदराबाद जा रही थी।</p>
<p>प्रवीण ने बताया कि पुलिस सुरक्षा एहतियात बरत रही है और बस का डीजल टैंक खाली कर रही है। प्रवीण ने बताया कि इस बीच, जले हुए शवों के डीएनए नमूने लेने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम मौके पर पहुंच गई है।</p>
<p>डीआईजी ने कहा कि जिस बस में आग लगी, उसमें अग्नि नियंत्रण के कोई उपाय मौजूद नहीं थे, जिससे यात्रा के दौरान सुरक्षा अनुपालन और आपातकालीन तैयारियों में खामियों का पता चलता है।</p>
<p>राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आंध्र प्रदेश के कुरनूल में बस में आग लगने की दुखद घटना में लोगों की मृत्यु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना में जनहानि पर दुख जताया।</p>
<p>मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में दुर्घटना के कारण हुई जनहानि से अत्यंत दुःखी हूं।’’</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक मृतक के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’’</p>
<p>आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। नायडू ने कहा कि उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से बात की है और घायलों का इलाज किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "कुरनूल जिले के चिन्नातेकुर गांव के पास हुई भीषण बस आग दुर्घटना के बारे में जानकर स्तब्ध हूं। मेरी गहरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। सरकारी प्राधिकारी घायलों और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।’’</p>
<p>तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त की।</p>
<p>रेड्डी ने कुरनूल के पड़ोसी तेलंगाना के गडवाल जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को राहत कार्यों के तहत दुर्घटना स्थल का दौरा करने का निर्देश दिया।</p>
<p>तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही निजी बस के यात्रियों के परिजनों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की है।</p>
<p>सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि मदद के लिए उसके अधिकारियों - एम श्रीरामचंद्र और ई चिट्टीबाबू से संपर्क किया जा सकता है।</p>
<p>कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने भी इस दुखद घटना पर दुख व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 11:29:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेंगलुरु के श्रद्धालु ने आंध्र प्रदेश में टीटीडी के अस्पताल को एक करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>तिरुपति, छह सितंबर (भाषा) बेंगलुरु के एक श्रद्धालु ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम की श्री बालाजी आरोग्य वरप्रसादिनी योजना के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया है।</p>
<p>श्रद्धालु ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अध्यक्ष बी. आर. नायडू को तिरुमला स्थित उनके शिविर कार्यालय में डिमांड ड्राफ्ट सौंपा।</p>
<p>टीटीडी ने शुक्रवार देर रात एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, "बेंगलुरु के एक अज्ञात श्रद्धालु ने श्री बालाजी आरोग्य वरप्रसादिनी योजना के लिए 1,00,50,000 रुपये (एक करोड़ पचास हजार रुपये) का दान दिया है।"</p>
<p>टीटीडी संस्थान, श्री वेंकटेश्वर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसवीआईएमएस) से संबद्ध, श्री बालाजी आरोग्य वरप्रसादिनी योजना (एसबीएवीपीएस) का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142919/devotees-of-bengaluru-donated-more-than-one-crore-rupees-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/temple-bell-hinduism-hindu-mandir-bell-temple-bell--.jpg" alt=""></a><br /><p>तिरुपति, छह सितंबर (भाषा) बेंगलुरु के एक श्रद्धालु ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम की श्री बालाजी आरोग्य वरप्रसादिनी योजना के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया है।</p>
<p>श्रद्धालु ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अध्यक्ष बी. आर. नायडू को तिरुमला स्थित उनके शिविर कार्यालय में डिमांड ड्राफ्ट सौंपा।</p>
<p>टीटीडी ने शुक्रवार देर रात एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, "बेंगलुरु के एक अज्ञात श्रद्धालु ने श्री बालाजी आरोग्य वरप्रसादिनी योजना के लिए 1,00,50,000 रुपये (एक करोड़ पचास हजार रुपये) का दान दिया है।"</p>
<p>टीटीडी संस्थान, श्री वेंकटेश्वर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसवीआईएमएस) से संबद्ध, श्री बालाजी आरोग्य वरप्रसादिनी योजना (एसबीएवीपीएस) का उद्देश्य गरीब और दिव्यांग व्यक्तियों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।</p>
<p>टीटीडी तिरुपति स्थित दुनिया के सबसे धनी हिंदू मंदिर श्री वेंकटेश्वर मंदिर का आधिकारिक संरक्षक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 15:37:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कछुए ने 51 दिन में 1,000 किलोमीटर की यात्रा की</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>केंद्रपाड़ा (ओडिशा), 16 मई (भाषा) ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के गहिरमाथा समुद्र तट पर एक उपग्रह से जुड़े ‘ट्रैकिंग’ उपकरण के साथ ‘टैग’ किया गया एक ओलिव रिडले कछुआ 51 दिन में समुद्र में लगभग 1,000 किलोमीटर की यात्रा करके आंध्र प्रदेश तट पर पहुंच गया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि कछुआ पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने से पहले श्रीलंका, पुडुचेरी और तमिलनाडु के जलक्षेत्र से होकर गुजरा।</p>
<p>अधिकारी ने बताया, "कछुआ श्रीलंका, तमिलनाडु और पुडुचेरी के समुद्री क्षेत्र से होते हुए 51 दिन में आंध्र प्रदेश तट पर</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140801/turtle-traveled-1000-km-in-51-days"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/k16052025-08.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>केंद्रपाड़ा (ओडिशा), 16 मई (भाषा) ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के गहिरमाथा समुद्र तट पर एक उपग्रह से जुड़े ‘ट्रैकिंग’ उपकरण के साथ ‘टैग’ किया गया एक ओलिव रिडले कछुआ 51 दिन में समुद्र में लगभग 1,000 किलोमीटर की यात्रा करके आंध्र प्रदेश तट पर पहुंच गया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि कछुआ पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने से पहले श्रीलंका, पुडुचेरी और तमिलनाडु के जलक्षेत्र से होकर गुजरा।</p>
<p>अधिकारी ने बताया, "कछुआ श्रीलंका, तमिलनाडु और पुडुचेरी के समुद्री क्षेत्र से होते हुए 51 दिन में आंध्र प्रदेश तट पर पहुंच गया। इसने करीब 1,000 किलोमीटर की दूरी तय की।"</p>
<p>प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) प्रेम शंकर झा ने बताया कि भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) के नवीनतम ट्रैकिंग उपग्रह ने आंध्र प्रदेश में समुद्री जल में घूम रहे टैग किए गए कछुओं में से एक का पता लगाया है, और पाया है कि वह लगभग 1,000 किलोमीटर तक का सफर कर चुका है।</p>
<p>चार साल पहले ओडिशा में ट्रैकिंग उपकरण से टैग किया गया एक कछुआ 3,500 किलोमीटर की दूरी तय करके हाल ही में महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के एक समुद्र तट पर अंडे देने के लिए आया था।</p>
<p>कछुए गंजम जिले में रुशिकुल्या नदी के मुहाने और पुरी में देवी नदी के मुहाने पर भी सामूहिक रूप से घोंसले बनाने के लिए आते हैं।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, प्रतिवर्ष लगभग 3,000 कछुओं को ‘ट्रैकिंग’ उपकरण से टैग किया जाता है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना ​​है कि कम से कम एक लाख कछुओं को टैग किया जाना आवश्यक है, ताकि उनके प्रजनन जीव विज्ञान, आवागमन और विकास दर, प्रवास मार्ग और भोजन के क्षेत्रों के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त की जा सके।</p>
<p>ओडिशा वन विभाग ने 1999 में टैगिंग की कवायद शुरू की थी और तब कम से कम दो टैग किए गए कछुए श्रीलंका तट पर देखे गए थे। बाद में, टैगिंग प्रक्रिया को निलंबित कर दिया गया और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (जेडएसआई) ने 2021 में यह कवायद फिर से शुरू की।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि 2021 से 2024 के बीच गहिरमाथा और रुशिकुल्या नदी के मुहाने पर स्थित मैदानों में लगभग 12,000 कछुओं को टैग किया गया।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 14:38:30 +0530</pubDate>
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