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                <title>Ayodhya - Loktej</title>
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                <description>Ayodhya RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>श्रीराम जन्मभूमि परकोटा के सभी मंदिरों में 13 अप्रैल से होंगे सामान्य दर्शन, आनलाइन बुकिंग शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में आगामी 13 अप्रैल सोमवार से परकोटा के सभी मंदिर, शेषावतार मंदिर, सप्त मंदिर, कुबेर टीला का दर्शन शुरू हाे जाएंगे।</p>
<p>श्रद्धालुओं के लिए सामान्य दर्शन पास की आज से ऑनलाइन बुकिंग कर दी गई है।</p>
<p>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मंदिर व्यवस्था में लगे गोपाल राव ने शुक्रवार को बताया कि सुगम दर्शन, विशिष्ट दर्शन, सामान्य दर्शन पास धारक (तथा संभव हो तो वील चेयर) श्रद्धालुओं काे अवसर</p>
<p>मिलेगा। अभी प्रारंभ में प्रति दो घंटे के स्लाट में अधिकतम 1500 श्रद्धालुजन इस दर्शन कर सकते हैं। सामान्य दर्शन पास का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146518/general-darshan-will-be-held-in-all-the-temples-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/ayodhya-ram-temple.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में आगामी 13 अप्रैल सोमवार से परकोटा के सभी मंदिर, शेषावतार मंदिर, सप्त मंदिर, कुबेर टीला का दर्शन शुरू हाे जाएंगे।</p>
<p>श्रद्धालुओं के लिए सामान्य दर्शन पास की आज से ऑनलाइन बुकिंग कर दी गई है।</p>
<p>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मंदिर व्यवस्था में लगे गोपाल राव ने शुक्रवार को बताया कि सुगम दर्शन, विशिष्ट दर्शन, सामान्य दर्शन पास धारक (तथा संभव हो तो वील चेयर) श्रद्धालुओं काे अवसर</p>
<p>मिलेगा। अभी प्रारंभ में प्रति दो घंटे के स्लाट में अधिकतम 1500 श्रद्धालुजन इस दर्शन कर सकते हैं। सामान्य दर्शन पास का आनलाइन बुकिंग आज से शुरू हाे गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 16:07:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रामलला प्रतिष्ठा दिवस की तीसरी वर्षगांठ पर रिलीज हुआ मनोज भावुक का गीत ‘मेरे राम’</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 21 जनवरी (वेब वार्ता)। रामलला प्रतिष्ठा दिवस की तीसरी वर्षगांठ पर मनोज भावुक का गीत ‘मेरे राम’ रिलीज किया गया है। 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में राम मंदिर का भव्य उद्घाटन हुआ, जहां रामलला की मूर्ति स्थापित की गई।</p>
<p>उस ऐतिहासिक दिन के ठीक एक दिन पहले भगवान राम पर एक हिंदी गीत रिलीज हुआ है- मेरे राम! इस शानदार गीत के गीतकार हिंदी-भोजपुरी के प्रख्यात कवि मनोज भावुक हैं।</p>
<p>भोजपुरी फिल्म मेहमान का यह गीत आज ही एस आर के म्यूजिक चैनल पर रिलीज हुआ है। दिसंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज इस फिल्म के नायक अरविंद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145190/manoj-bhavuks-song-mere-ram-released-on-the-third-anniversary"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/ayodhya-ram-temple.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 21 जनवरी (वेब वार्ता)। रामलला प्रतिष्ठा दिवस की तीसरी वर्षगांठ पर मनोज भावुक का गीत ‘मेरे राम’ रिलीज किया गया है। 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में राम मंदिर का भव्य उद्घाटन हुआ, जहां रामलला की मूर्ति स्थापित की गई।</p>
<p>उस ऐतिहासिक दिन के ठीक एक दिन पहले भगवान राम पर एक हिंदी गीत रिलीज हुआ है- मेरे राम! इस शानदार गीत के गीतकार हिंदी-भोजपुरी के प्रख्यात कवि मनोज भावुक हैं।</p>
<p>भोजपुरी फिल्म मेहमान का यह गीत आज ही एस आर के म्यूजिक चैनल पर रिलीज हुआ है। दिसंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज इस फिल्म के नायक अरविंद अकेला कल्लू हैं। यह गीत उन्हीं की आवाज़ में है।</p>
<p>इस फिल्म के निर्माता रोशन सिंह और सह-निर्माता शर्मिला आर. सिंह निर्मित्त हैं।इस भोजपुरी फिल्म के 9-10 गीतों में सिर्फ यही एक गीत हिंदी में है। शायद राम की व्यापकता को ध्यान में रखकर इसे हिंदी में रखा गया है। इस राम गीत के संगीतकार भोजपुरी फिल्मों के ख्यातिलब्ध लेखक-निर्देशक-संगीतकार रजनीश मिश्रा हैं।</p>
<p>फिल्म मेहमान एक पारिवारिक मनोरंजक फिल्म है, जो समाज को एक सकारात्मक संदेश देती है। फिल्म में अरविंद अकेला कल्लू के साथ दर्शना बनिक, पूजा ठाकुर, समर्थ चतुर्वेदी, संजय पांडेय, विनोद मिश्रा, श्रद्धा नवल, रामसुजन सिंह, बीना पांडेय, संजीव मिश्रा, सोनू पांडेय, स्वस्तिका, अनु पांडेय, रिंकू आयुषी, अखिलेश वर्मा, माधवी श्री और विष्णु कुमार जैसे दमदार कलाकारों ने अभिनय किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 16:15:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रकथा में पवन सिंह का भजन, ब्रिजभूषण शरण सिंह के मार्गदर्शन में 4 जनवरी 2026 उत्सव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या (उत्तर प्रदेश) [भारत], 5 जनवरी: अयोध्या महोत्सव में चल रही राष्ट्रकथा इस समय नंदिनी निकेतन, नंदिन नगर, अयोध्या में प्रतिभागियों को आध्यात्म, संस्कृति और राष्ट्र चेतना के संगम का अनुभव करा रही है। यह बहु दिवसीय महोत्सव 1 जनवरी से 8 जनवरी तक चल रहा है और इसमें राष्ट्र चेतना, राम कथा, हनुमान कथा, कृष्ण कथा, सनातन परंपराएँ, ज्ञान-विज्ञान और संतुलित जीवन जीने की कला का अद्भुत समागम देखने को मिल रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाना, सामाजिक उत्तरदायित्व जागृत करना और देशभक्ति की भावना को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145035/bhajan-of-pawan-singh-in-rashtrakatha-under-the-guidance-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-01/img-20260106-wa0007.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या (उत्तर प्रदेश) [भारत], 5 जनवरी: अयोध्या महोत्सव में चल रही राष्ट्रकथा इस समय नंदिनी निकेतन, नंदिन नगर, अयोध्या में प्रतिभागियों को आध्यात्म, संस्कृति और राष्ट्र चेतना के संगम का अनुभव करा रही है। यह बहु दिवसीय महोत्सव 1 जनवरी से 8 जनवरी तक चल रहा है और इसमें राष्ट्र चेतना, राम कथा, हनुमान कथा, कृष्ण कथा, सनातन परंपराएँ, ज्ञान-विज्ञान और संतुलित जीवन जीने की कला का अद्भुत समागम देखने को मिल रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाना, सामाजिक उत्तरदायित्व जागृत करना और देशभक्ति की भावना को जोड़ना इसका मुख्य उद्देश्य है। इस आयोजन में बृजभूषण शरण सिंह जी की उपस्थिति इसे और अधिक प्रतिष्ठित बना रही है।</p>
<p>4 जनवरी, यानी राष्ट्रकथा का तीसरा दिन, खास रहा क्योंकि इस दिन भोजपुरी सुपरस्टार और लोकप्रिय गायक-कलाकार पवन सिंह महोत्सव स्थल पर उपस्थित हुए।अपने मधुर स्वर और आकर्षक व्यक्तित्व के लिए जाने जाने वाले पवन सिंह ने उपस्थित सभी भक्तों, संतों और आयोजकों से मुलाकात की, जिससे तीसरे दिन की विशेषता और बढ़ गई। उनके आगमन से महोत्सव में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रंग भी भर गया।</p>
<p>पवन सिंह का आगमन संध्या आरती के समय हुआ, जब वे उपस्थित लोगों से अभिवादन कर रहे थे। उन्होंने आरती में शामिल होकर एक भजन प्रस्तुत किया, जो सभी के हृदय को छू गया। उनकी यह भजन प्रस्तुति राष्ट्रकथा की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को और उभार रही थी। उपस्थित भक्तों और प्रतिभागियों ने इस अनुभव को गहराई से महसूस किया और पवन सिंह की प्रस्तुति ने तीसरे दिन की भक्ति-भरी झलक को और जीवंत बना दिया।</p>
<p>राष्ट्रकथा का आयोजन युवा सशक्तिकरण, नैतिक मूल्य, चरित्र निर्माण और सामाजिक जागरूकता को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। बृजभूषण शरण सिंह जी की देखरेख और मार्गदर्शन में, आयोजक सुनिश्चित कर रहे हैं कि यह महोत्सव सुसंगठित, उद्देश्यपूर्ण और सबके लिए सुलभ रहे। इसका उद्देश्य केवल आध्यात्मिक शिक्षा देना नहीं है, बल्कि युवाओं और आम लोगों को जीवन में नैतिक और राष्ट्रीय मूल्यों के साथ जोड़ना भी है।</p>
<p><img src="https://www.loktej.com/media/2026-01/img-20260106-wa0008.jpg" alt="K06012026-03" width="1200" height="675"></img></p>
<p>तीसरे दिन के इस सांस्कृतिक हाइलाइट के बाद, महोत्सव 5 जनवरी को चौथे दिन में प्रवेश कर रहा है, जो परम पूज्य साधगुरु श्री ऋतेश्वर महाराज का जन्मदिन भी है। उनकी शिक्षाएँ इस महोत्सव की आध्यात्मिक नींव हैं। जन्मदिन का पर्व भव्य उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रकथा के प्रवाह में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है।</p>
<p>परम पूज्य साधगुरु श्री ऋतेश्वर महाराज चौथे दिन अपने शांत और चिंतनशील प्रवचन के माध्यम से नैतिक स्पष्टता, आत्म-अनुशासन, संतुलित जीवन और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दे रहे हैं। उनका संदेश आधुनिक जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। उपस्थित युवा और अन्य प्रतिभागी ध्यानपूर्वक सीख रहे हैं, जो महोत्सव के उद्देश्य को और सशक्त कर रहा है।</p>
<p>चौथे दिन की कार्यवाही में प्रतिक भूसन सिंह और करण भूसन सिंह की उपस्थिति भी दर्ज की गई। उनकी भागीदारी ने महोत्सव में सामूहिक सहयोग और समर्थन की भावना को मजबूत किया।</p>
<p>प्राक्षेत्र नंदिनी निकेतन में व्यवस्थाएं सरल, व्यवस्थित और सहज बनी हुई हैं। आयोजक सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई व्यवधान न हो और सभी प्रतिभागी राष्ट्रकथा के संदेशों में पूरी तरह डूब सकें। इस संरचित माहौल ने तीसरे और चौथे दिन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावशाली बना दिया है।</p>
<p>अयोध्या जैसे पवित्र और सांस्कृतिक शहर में चल रही यह राष्ट्रकथा महोत्सव यह साबित कर रही है कि आध्यात्म, संस्कृति और राष्ट्र चेतना अलग नहीं हैं, बल्कि जीवन में नैतिकता, जिम्मेदारी और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। पवन सिंह के तीसरे दिन आगमन और चौथे दिन साधगुरु ऋतेश्वर महाराज के नेतृत्व के साथ, महोत्सव सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सामाजिक मूल्यों को जोड़ते हुए लगातार आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>राष्ट्रकथा महोत्सव का संदेश स्पष्ट है – आध्यात्मिक ज्ञान, सांस्कृतिक जागरूकता और राष्ट्र चेतना को जीवन में लागू करके, हम युवा पीढ़ी को नैतिक, जिम्मेदार और सशक्त नागरिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 19:12:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के नेता वेदांती नहीं रहे, अयोध्या में होगा अंतिम संस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रीवा/अयोध्या, 15 दिसंबर (भाषा) श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी नेता रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद राम विलास वेदांती का हृदयाघात के कारण सोमवार को मध्यप्रदेश के रीवा स्थित एक अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि वेदांती लंबे समय से बीमार थे और सोमवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। वेदांती 67 वर्ष के थे।</p>
<p>वेदांती के शिष्य छोटे दास महाराज ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार अयोध्या में किया जाएगा। वेदांती के उत्तराधिकारी महंत राघवेश दास ने बताया कि पूर्व सांसद के पार्थिव शरीर को आज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144618/vedanti-leader-of-shri-ram-janmabhoomi-movement-is-no-more"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/5185_ayodhya.jpg" alt=""></a><br /><p>रीवा/अयोध्या, 15 दिसंबर (भाषा) श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी नेता रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद राम विलास वेदांती का हृदयाघात के कारण सोमवार को मध्यप्रदेश के रीवा स्थित एक अस्पताल में निधन हो गया। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि वेदांती लंबे समय से बीमार थे और सोमवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। वेदांती 67 वर्ष के थे।</p>
<p>वेदांती के शिष्य छोटे दास महाराज ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार अयोध्या में किया जाएगा। वेदांती के उत्तराधिकारी महंत राघवेश दास ने बताया कि पूर्व सांसद के पार्थिव शरीर को आज अयोध्या लाया जा रहा है।</p>
<p>रीवा स्थित श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के अधीक्षक अक्षय श्रीवास्तव ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि वेदांती को रविवार सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब वेदांती को भर्ती कराया गया तब उन्हें रक्त विषाक्तता (सेप्टीसीमिया) का संक्रमण था और यह बहुत ज्यादा फैल चुका था।</p>
<p>श्रीवास्तव ने बताया कि उनका रक्तचाप बेहद कम हो गया था और किडनी ने भी काम करना बंद कर दिया था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि रविवार रात उन्हें हृदयाघात आया और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।</p>
<p>चिकित्सा अधीक्षक ने कहा, ‘‘लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका। सोमवार सुबह उनका निधन हो गया।’’</p>
<p>श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष रहे वेदांती कथा वाचन के लिए 10 दिसंबर से रीवा जिले के भठवा (लालगांव) में थे।</p>
<p>चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि रविवार को हृदयाघात के बाद उन्हें एयर एंबुलेंस से भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाने का प्रयास किया गया था, लेकिन खराब दृश्यता के कारण यह संभव नहीं हो सका।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदांती के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, पूर्व सांसद एवं अयोध्या धाम स्थित वशिष्ठ आश्रम के पूज्य संत डॉ. रामविलास वेदांती महाराज का गोलोक गमन आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘उनका जाना एक युग का अवसान है। धर्म, समाज एवं राष्ट्र की सेवा को समर्पित उनका त्यागमय जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’’</p>
<p>प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केन्‍द्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री पंकज चौधरी ने वेदांती के निधन पर दुख प्रकट करते हुए ''एक्‍स'' पर लिखा, ''श्री राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले प्रख्यात संत एवं पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज के ब्रह्मलीन होने का समाचार अत्यंत दुखद है।''</p>
<p>उन्‍होंने कहा ,''उनका निधन सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्रीराम के प्रति उनका समर्पण, तपस्या और संघर्ष सदैव समाज को धर्म, मर्यादा और श्रद्धा के मार्ग पर प्रेरित करता रहेगा। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल शिष्यों और अनुयायियों को इस अथाह दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।''</p>
<p>उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘एक्‍स’ पर पोस्ट किया, ''श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले विश्व हिन्दू परिषद के अग्रणी नेता, पूर्व सांसद एवं पूज्य संत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।''</p>
<p>मौर्य ने कहा, ''उनका निधन आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। धर्म, समाज और राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा को समर्पित उनका त्यागपूर्ण जीवन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। प्रभु श्री राम जी से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा उनके शिष्यों एवं अनुयायियों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें।''</p>
<p>उपमुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ''एक्‍स'' पर लिखा, ''श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रखर मार्गदर्शक, पूर्व सांसद एवं अयोध्या धाम स्थित वशिष्ठ आश्रम के पूज्य संत डॉ० रामविलास वेदांती जी महाराज के देवलोकगमन की अत्यंत हृदय विदारक सूचना से मन द्रवित है। प्रभु श्री राम जी से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त अनुयायियों को संबल प्रदान करें। ''</p>
<p>राम विलास वेदांती का जन्म सात अक्टूबर 1958 को रीवा जिले के गुढ़वा (गुढ़) में हुआ था। वह श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से लंबे समय तक जुड़े रहे और अयोध्या में रहकर आंदोलन का नेतृत्व किया। वह उत्तर प्रदेश के मछलीशहर (1996 से 1998 तक) और प्रतापगढ़ (1998 से 1999 तक) से लोकसभा सदस्य रहे।</p>
<p>महंत राघवेश दास ने बताया कि राम विलास वेदांती, हनुमानगढ़ी के महंत अभिराम दास के शिष्य थे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वेदांती अयोध्या में हिंदू धाम नया घाट पर रहते थे और ‘वशिष्ठ भवन’ नाम से उनका एक आश्रम भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 21:31:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण ‘एक नए युग की शुरुआत’ है: योगी आदित्यनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण को “एक नए युग की शुरुआत” बताया।</p>
<p>उन्होंने इस कार्यक्रम में मौजूद रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत तथा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का धन्यवाद किया।</p>
<p>आगंतुकों को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान राम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की “आस्था, सम्मान और आत्म-गौरव” का प्रतीक है। उन्होंने इसके निर्माण में योगदान देने वाले सभी “कर्मयोगियों” का दिल से आभार व्यक्त किया।</p>
<p>उन्होंने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144243/flag-hoisting-on-the-peak-of-ram-temple-is-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/yogi-adityanath.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण को “एक नए युग की शुरुआत” बताया।</p>
<p>उन्होंने इस कार्यक्रम में मौजूद रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत तथा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का धन्यवाद किया।</p>
<p>आगंतुकों को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान राम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की “आस्था, सम्मान और आत्म-गौरव” का प्रतीक है। उन्होंने इसके निर्माण में योगदान देने वाले सभी “कर्मयोगियों” का दिल से आभार व्यक्त किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह दिन ‘‘उन संतों, योद्धाओं और राम भक्तों की “अटूट भक्ति” को समर्पित है जिन्होंने इस आंदोलन और लंबे संघर्ष के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, जिसका नतीजा मंदिर के निर्माण के रूप में सामने आया।’’</p>
<p>आदित्यनाथ ने कहा कि जब 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने देश का नेतृत्व संभाला था, तो लाखों लोगों के दिलों में “संकल्प और विश्वास का सूरज” जगा।</p>
<p>उन्होंने कहा, “आज, वह संकल्प इस भव्य राम मंदिर के रूप में सभी भारतीयों और भक्तों के सामने पूरा हुआ है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि राम मंदिर के ऊपर फहरा रहा ध्वज सच्चाई, न्याय, गरिमा और राष्ट्रीय धर्म का प्रतीक है।</p>
<p>आदित्यनाथ ने कहा, “यह एक विकसित भारत के दृष्टिकोण को भी दिखाता है, क्योंकि संकल्प का कोई विकल्प नहीं है, और पिछले 11 सालों में हम सभी ने एक बदलते भारत को देखा है। हम एक ऐसा भारत देख रहे हैं जहां विरासत और विकास पूरे तालमेल के साथ मौजूद हैं, जो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।”</p>
<p>उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि अटूट विश्वास बना रहा, और जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेतृत्व में संघर्ष शुरू हुआ, तो पूरे आंदोलन में एक ही संकल्प गूंजा: “रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे… लाठी-गोली खाएंगे, पर मंदिर वहीं बनाएंगे।”</p>
<p>आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय था जब अयोध्या को नज़रअंदाज़ किया जाता था और यहां अव्यवस्था थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, यह अब “वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी” में बदल गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 15:18:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर ध्वजारोहण युगांतकारी, सदियों के जख्म भर रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां राम मंदिर ध्वजारोहण को ‘युगांतकारी’ क्षण की संज्ञा देते हुए कहा कि “सदियों के ज़ख्म और दर्द भर रहे हैं” क्योंकि 500 साल पुराना संकल्प आखिरकार राम मंदिर के औपचारिक निर्माण के साथ पूरा हो रहा है।</p>
<p>मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में कहा कि ''राम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक मूल्य हैं, एक मर्यादा हैं, एक दिशा हैं और अगर भारत को 2047 तक विकसित बनाना है, अगर समाज को शक्तिशाली बनाना है तो हमें अपने भीतर राम को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144242/ram-mandir-flag-hoisting-is-revolutionary-prime-minister-modi-is"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/5077_modi.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां राम मंदिर ध्वजारोहण को ‘युगांतकारी’ क्षण की संज्ञा देते हुए कहा कि “सदियों के ज़ख्म और दर्द भर रहे हैं” क्योंकि 500 साल पुराना संकल्प आखिरकार राम मंदिर के औपचारिक निर्माण के साथ पूरा हो रहा है।</p>
<p>मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में कहा कि ''राम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक मूल्य हैं, एक मर्यादा हैं, एक दिशा हैं और अगर भारत को 2047 तक विकसित बनाना है, अगर समाज को शक्तिशाली बनाना है तो हमें अपने भीतर राम को जगाना होगा।''</p>
<p>उन्होंने भगवान राम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमें अपने भीतर के राम की समीक्षा करनी होगी। इस संकल्प के लिए आज से बेहतर दिन क्या हो सकता है।''</p>
<p>राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण समारोह में मोदी के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा, “सदियों के घाव और दर्द आज भर रहे हैं और 500 साल पुराना संकल्प पूरा हो रहा है।”</p>
<p>इससे पहले रामनगरी पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। ‘जय श्री राम’ और ‘जय जय हनुमान’ नारों के बीच अयोध्यावासियों ने प्रधानमंत्री के काफिले पर पुष्प वर्षा की।</p>
<p>इस पल को “युगांतकारी” बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या एक और ऐतिहासिक पड़ाव देख रहा है। उन्होंने कहा “पूरा देश और दुनिया भगवान राम में डूबी हुई है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और उत्कर्ष-बिंदु की साक्षी बन रही है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर ध्वजारोहण उत्सव का यह क्षण अद्वितीय और अलौकिक है।''</p>
<p>मोदी ने कहा कि पवित्र ध्वज इस बात का सबूत होगा कि “असत्य पर आखिरकार सत्य की जीत होती है।’’</p>
<p>उन्होंने मंदिर निर्माण में योगदान देने वालों का उल्लेख करते हुए इस अवसर पर कहा, ‘‘मैं इस खास मौके पर राम भक्तों को बधाई देता हूं, उन सभी को बधाई देता हूं जिन्होंने राम मंदिर निर्माण में दान दिया या किसी भी तरह से मदद की।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने समारोह में यह भी कहा, ‘‘2047 तक जब हम भारत की आजादी के 100 साल पूरे कर लेंगे, तो हमें एक विकसित भारत बनाना होगा।’’</p>
<p>उन्‍होंने कहा कि ''हमें याद रखना है जो सिर्फ वर्तमान का सोचते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करते हैं। हमें वर्तमान के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के बारे में सोचना है क्योंकि जब हम नहीं थे, यह देश तब भी था। जब हम नहीं रहेंगे, यह देश तब भी रहेगा।''</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘हमें एक जीवंत समाज के लिए दूरदृष्टि से काम करना होगा।''</p>
<p>उन्‍होंने कहा, ‘‘आज से 190 साल पहले 1835 में मैकाले नाम के एक अंग्रेज ने भारत को अपनी जड़ों से उखाड़ने के बीज बोये थे। कुछ दिन पहले हमने एक कार्यक्रम में आग्रह किया था कि आने वाले 10 वर्षों में भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे।''</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘देश को आगे बढ़ना है तो अपनी विरासत पर गर्व करना होगा। हमें गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त होना होगा।''</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘'आज राम मंदिर के प्रांगण में हमारी स्‍मृति की वापसी है, हमारी अस्मिता का पुनर्जागरण है।''</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ''मैकाले ने जो कुछ सोचा था......हमें आजादी मिली लेकिन हीन भावना से मुक्ति नहीं मिली। हमारे यहां एक विकार आ गया कि विदेश की हर व्यवस्था अच्छी है और हमारी जो अपनी चीजें हैं, उनमें खोट ही खोट है। गुलामी की यही मानसिकता है।’’</p>
<p>उन्‍होंने कहा, ‘‘कहा गया कि हमारा संविधान विदेश से प्रेरित है, जबकि सच्चाई यह है कि भारत लोकतंत्र की जननी है। लोकतंत्र हमारे ''डीएनए'' में है।’’</p>
<p>ध्वजारोहण समारोह को ऐतिहासिक करार देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘यह धर्म ध्वजा केवल ध्वजा नहीं, यह भारतीय सभ्‍यता के पुनर्जागरण का ध्‍वज है। इसका भगवा रंग, इस पर रचित सूर्यवंश की ख्‍याति, वर्णित शब्द 'ओम'' और अंकित कोविदार वृक्ष राम राज्य की कीर्ति को प्रतिरूपित करते हैं। यह ध्‍वज संकल्प है, यह ध्‍वज सफलता है, यह ध्‍वज संघर्ष से सृजन की गाथा है, यह ध्‍वज सदियों से चले आ रहे सपनों का साकार स्वरूप है।''</p>
<p>उन्‍होंने विस्तार से ध्‍वज की महिमा का बखान करते हुए कहा, ‘‘यह ध्‍वज संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणति है। साथियो, आने वाली सदियों और सहस्र शताब्दियों तक यह धर्म ध्वज प्रभु राम के आदर्शों और सिद्धांतों का जयघोष करेगा, यह धर्म ध्वज आह्वान करेगा ''सत्यमेव जयते'' यानी जीत सत्य की ही होती है असत्य की नहीं।''</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘यह धर्म ध्वज हमें संकल्पित करेगा कि हम ऐसा समाज बनाएं जहां गरीबी न हो, कोई दुखी और लाचार न हो।’’</p>
<p>उन्‍होंने ग्रंथों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं आ पाते और दूर से मंदिर के ध्वज को प्रणाम कर लेते हैं, उन्हें भी उतना ही पुण्‍य मिल जाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह धर्म ध्वज इस मंदिर के ध्‍येय का प्रतीक है और यह दूर से ही राम लला की जन्‍मभूमि के दर्शन कराएगा तथा युगों-युगों तक प्रभु श्रीराम के आदर्शों और प्रेरणा को मानव मात्र तक पहुंचाएगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने ‘संपूर्ण विश्व के करोड़ों राम भक्तों, मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले दानवीरों, निर्माण से जुड़े हर श्रमवीर, हर कारीगर, हर योजनाकार, हर वास्‍तुकार’ सभी का अभिनंदन करते हुए कहा, ''अयोध्या वह भूमि है जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं। इसी अयोध्‍या ने संसार को बताया कि एक व्यक्ति कैसे समाज की शक्ति और उसके संस्कारों से पुरुषोत्तम बनता है।''</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘राम अयोध्या से वनवास पर गए तो युवराज राम थे, लेकिन जब लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर आए। उनके मर्यादा पुरुषोत्तम बनने में महर्षि वशिष्ठ का ज्ञान, महर्षि विश्वामित्र की शिक्षा, महर्षि अगस्त्य का मार्गदर्शन, निषाद राज की मित्रता, मां शबरी की ममता, समर्पण इन सबकी, अनगिनत लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।''</p>
<p>मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए समाज की सामूहिक शक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि राम मंदिर का प्रांगण भारत के सामूहिक सामर्थ्‍य की भी चेतना स्‍थली बन रहा है। यहां सप्‍त मंदिर बने हैं, यहां माता शबरी का मंदिर है जो जनजातीय समाज के प्रेम भाव और आतिथ्य परंपरा की प्रतिमूर्ति है। यहां निषाद राज का मंदिर है जहां उनकी मित्रता की भावना को पूजा जाता है।''</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘आज हर देशवासी से कहूंगा कि वह जब भी राम मंदिर आएं तो सप्‍त मंदिर के दर्शन अवश्य</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 15:16:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाले लोगों की आत्मा को आज ध्वजारोहण के बाद शांति मिली होगी: भागवत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाले लोगों की आत्मा को आज मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद शांति मिली होगी। उन्होंने कहा कि आज ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण की शास्त्रीय प्रक्रिया पूर्ण हो गई।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के साथ मोहन भागवत ने मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया। इस मौके पर खासतौर पर मौजूद आरएसएस प्रमुख ने कहा, ''आज हम सबके लिए एक सार्थकता का दिवस है।''</p>
<p>उन्‍होंने कहा, ''इतने लोगों ने सपना देखा,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144241/the-souls-of-those-who-sacrificed-for-ram-temple-would"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/3843_mohan-bhagwat-rss.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या (उप्र), 25 नवंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाले लोगों की आत्मा को आज मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद शांति मिली होगी। उन्होंने कहा कि आज ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण की शास्त्रीय प्रक्रिया पूर्ण हो गई।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के साथ मोहन भागवत ने मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया। इस मौके पर खासतौर पर मौजूद आरएसएस प्रमुख ने कहा, ''आज हम सबके लिए एक सार्थकता का दिवस है।''</p>
<p>उन्‍होंने कहा, ''इतने लोगों ने सपना देखा, प्रयास किया, प्राण अर्पण किये, आज उनकी आत्मा तृप्त हुई होगी। आज वास्तव में अशोक जी (राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख दिवंगत अशोक सिंघल) की आत्मा को वहां शांति मिली होगी।''</p>
<p>मोहन भागवत ने मंदिर आंदोलन से जुड़े संतों को स्मरण करते हुए कहा, ''महंत रामचंद्र दास महाराज, डालमिया जी (विहिप प्रमुख दिवंगत विष्णु हरि डालमिया) कितने संतों, कितने विचारकों ने अपना पसीना बहाया, अपना प्राण अर्पित किया।''</p>
<p>उन्‍होंने कहा, ‘‘और जो उनके पीछे थे वे अपनी इच्छा व्यक्त करते रहे कि मंदिर बनेगा और आज मंदिर निर्माण की शास्त्रीय प्रक्रिया पूर्ण हो गई। ध्वजारोहण हो गया।''</p>
<p>आरएसएस प्रमुख ने इसे गौरवमयी क्षण बताते हुए इस अवसर पर शामिल होने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, ‘‘रामराज्य का ध्‍वज जो कभी अयोध्या में फहराता था और संपूर्ण विश्व में सुख-शांति प्रदान करता था, वह ध्‍वज शिखर पर विराजमान होते हमने अपनी आंखों से देखा है।''</p>
<p>भागवत ने कहा, ''ध्वज प्रतीक होता है। ध्‍वज फहराने में समय लगा, मंदिर बनने में भी समय लगाा। उस मंदिर के रूप में हमने कुछ तत्वों को ऊपर पहुंचाया है।</p>
<p>सारा विश्‍व जिससे ठीक चलेगा, अपने व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक जीवन से लेकर, सृष्टि जीवन ठीक से चलेगा, उस धर्म का प्रतीक भगवा रंग, वही इस धर्म ध्वज का रंग है और इस पर रघुकुल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है। यह वृक्ष देवगुणों का समुच्चय है और यह रघुकुल की सत्ता का प्रतीक है।''</p>
<p>उन्‍होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर पर फहराया गया ध्वज उन सिद्धांतों का प्रतीक है जो व्यक्ति, परिवार और दुनिया भर में सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।</p>
<p>समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित थे।</p>
<p>भागवत ने कहा, ‘‘कई लोगों ने इस दिन का सपना देखा था और कई लोगों ने इसके लिए अपनी जान दे दी। आज उनकी आत्मा को शांति मिली होगी।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग हर दिन पृष्ठभूमि में काम करते थे, उन्होंने भी राम मंदिर का सपना देखा था, अब जब रस्में पूरी हो गई हैं तो 'राम राज्य' का झंडा फहराया गया है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, “इतना ऊंचा ध्वज फहराने में बहुत समय लगा है। आप सब जानते हैं कि मंदिर बनने में कितना समय लगा — अगर 500 साल को छोड़ भी दें, तो 30 साल लगे।”</p>
<p>संघ प्रमुख ने कहा कि इस ध्वज के माध्यम से कुछ बुनियादी मूल्यों को ऊपर उठाया गया है।</p>
<p>भागवत ने कहा, “ये वो मूल्य हैं जो दुनिया को रास्ता दिखाएंगे — निजी जीवन से लेकर पारिवारिक जीवन और पूरी सृष्टि के जीवन तक। धर्म ही सबकी भलाई सुनिश्चित करता है।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि झंडे का केसरिया रंग धर्म को दिखाता है और इसलिए इसे ‘धर्म ध्वज’ कहा जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144241/the-souls-of-those-who-sacrificed-for-ram-temple-would</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 15:14:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दीपोत्सव 2025 : अयोध्या में पांच देशों के कलाकार करेंगे अंतरराष्ट्रीय रामलीला का भव्य मंचन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या, (उप्र), 14 अक्टूबर (भाषा) अयोध्या में दीपोत्सव के लिए तैयारियां चरम पर हैं और 56 घाटों और मंदिरों पर लाखों दीपों की रोशनी में इस साल पारंपरिक और आधुनिक सजावट और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन इस पावन नगरी की सांस्कृतिक विरासत को और भी समृद्ध करेगा।</p>
<p>एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अयोध्या में एक अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीला का मंचन करेंगे।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की भागीदारी अयोध्या को न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143601/artists-from-five-countries-will-stage-a-grand-international-ramlila"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/5185_ayodhya.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या, (उप्र), 14 अक्टूबर (भाषा) अयोध्या में दीपोत्सव के लिए तैयारियां चरम पर हैं और 56 घाटों और मंदिरों पर लाखों दीपों की रोशनी में इस साल पारंपरिक और आधुनिक सजावट और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन इस पावन नगरी की सांस्कृतिक विरासत को और भी समृद्ध करेगा।</p>
<p>एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अयोध्या में एक अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीला का मंचन करेंगे।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की भागीदारी अयोध्या को न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र भी बनाएगी। इस बार कुल 90 विदेशी कलाकार अयोध्या की पावन भूमि पर अपनी कला और सांस्कृतिक धरोहर के माध्यम से रामकथा को जीवंत रूप में पेश करेंगे। अयोध्या के राम कथा पार्क में इस वर्ष विभिन्न राज्यों की प्रसिद्ध रामलीलाओं का मंचन किया जाएगा।</p>
<p>रूस से आए 15 कलाकार रामलीला के दौरान राम और सीता के स्वयंवर का दृश्य प्रस्तुत करेंगे। रूस के कलाकारों ने इस प्रस्तुति के लिए महीनों की तैयारी की है।</p>
<p>थाईलैंड से आए 10 कलाकार रामलीला में शूर्पणखा और राम-लखन संघर्ष, मारीच से संघर्ष और राम-रावण युद्ध का मंचन करेंगे। थाईलैंड के कलाकारों की पारंपरिक नृत्य-नाट्य शैली इस प्रस्तुति को और भी जीवंत बनाएगी।</p>
<p>इंडोनेशिया के 10 कलाकार रामलीला में लंका दहन और अयोध्या वापसी के दृश्य को अद्भुत ढंग से प्रस्तुत करेंगे।</p>
<p>बयान के अनुसार, नेपाल से आए 33 कलाकार इस बार रामलीला में पहली बार लक्ष्मण पर शक्ति प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले नेपाल की रामलीला मुख्य रूप से मां सीता पर केंद्रित होती थी।</p>
<p>श्रीलंका के 22 कलाकार में से दो कलाकार पहले ही अयोध्या पहुंच चुके हैं। यह टीम रामेश्वर की भूमि पर रावणेश्वरा का दृश्य प्रस्तुत करेगी। श्रीलंका वासी आज भी रावण को ईश्वर की भूमिका में मानते हैं और इस भाव को मंच पर जीवंत रूप से दिखाया जाएगा।</p>
<p>अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय रामलीला 17 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलेगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य न केवल रामलीला की परंपरा को जीवंत रखना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्कृति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करना है।</p>
<p>अयोध्या के 56 घाटों और मंदिरों में लाखों दीपों की रोशनी में यह रामलीला देखने वालों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनेगी।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, इस साल अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन, पारंपरिक भारतीय वेशभूषा, लाइटिंग और सेट डिजाइन, सभी दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव होगा। उन्होंने कहा कि विदेशी कलाकारों की प्रस्तुति से न केवल भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान बढ़ेगी, बल्कि अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव की भव्यता और आकर्षण भी दोगुना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 13:48:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या में ‘दीपोत्सव-2025’ की तैयारियां तेज, 30 हजार स्वयंसेवक देंगे भव्य आयोजन को गति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या (उप्र), पांच अक्टूबर (भाषा) भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जाने वाले ‘दीपोत्सव-2025’ की भव्य तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं।</p>
<p>रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार अयोध्या को आलोकित करने वाले इस विश्वविख्यात आयोजन के लिए अब घाटों को व्यवस्थित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।</p>
<p>डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में विश्वविद्यालय की टीम घाटों को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने में जुटी हुई है।</p>
<p>दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि उनकी देखरेख</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143445/preparations-for-deepotsav-2025-in-ayodhya-will-give-a-grand-event"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/5185_ayodhya.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या (उप्र), पांच अक्टूबर (भाषा) भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किए जाने वाले ‘दीपोत्सव-2025’ की भव्य तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं।</p>
<p>रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार अयोध्या को आलोकित करने वाले इस विश्वविख्यात आयोजन के लिए अब घाटों को व्यवस्थित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।</p>
<p>डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में विश्वविद्यालय की टीम घाटों को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने में जुटी हुई है।</p>
<p>दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि उनकी देखरेख में घाटों की सफाई के उपरांत चिह्नित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि दीयों की सुंदर सजावट के लिए प्रत्येक ब्लॉक में 4.5 वर्ग फुट का क्षेत्र चिह्नित किया जा रहा है, जबकि श्रद्धालुओं के आवागमन हेतु ढाई फुट चौड़ा मार्ग छोड़ा गया है।</p>
<p>प्रो. मिश्र ने बताया कि दीपोत्सव के लिए कुल 56 घाटों की पहचान की गई है, जिन पर लाखों दीपों की ज्योति से अयोध्या जगमगाएगी। चिह्नित करने का कार्य करने वाली कमेटी के संयोजक डॉ. रंजन सिंह (विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी) एवं उनकी टीम यह कार्य एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर लेंगी।</p>
<p>विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि दीपोत्सव के सफल संचालन हेतु 30,000 स्वयंसेवकों का ऑनलाइन पंजीकरण अंतिम चरण में है। साथ ही, शीघ्र ही दीपों की आपूर्ति प्रक्रिया भी प्रारंभ की जाएगी।</p>
<p>बयान में दावा किया गया है कि यह भव्य दीपोत्सव न केवल अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक मंच पर और अधिक उजागर करेगा, बल्कि “राम की नगरी, प्रकाश की नगरी” का संदेश एक बार फिर संपूर्ण विश्व तक पहुंचाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Oct 2025 20:23:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुरु पूर्णिमा पर अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी में उमड़े श्रद्धालु, लगाई आस्था की डुबकी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आज देश भर से श्रद्धा, भक्ति और आस्था की तस्वीरें सामने आईं। अयोध्या का सरयू तट हो, प्रयागराज का त्रिवेणी संगम या काशी का गंगा घाट, हर जगह श्रद्धालु उमड़ पड़े। स्नान, पूजन और गुरु वंदना के माध्यम से लोगों ने अपने श्रद्धाभाव को प्रकट किया।</p>
<p>अयोध्या धाम में इस बार गुरु पूर्णिमा का पर्व बेहद भव्य और ऐतिहासिक रहा। सरयू नदी के पवित्र घाटों पर श्रद्धालु तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही जुटने लगे। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्नान कर मां सरयू का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141825/devotees-gathered-in-ayodhya-prayagraj-and-varanasi-on-guru-purnima"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-01/ganga-vilas.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आज देश भर से श्रद्धा, भक्ति और आस्था की तस्वीरें सामने आईं। अयोध्या का सरयू तट हो, प्रयागराज का त्रिवेणी संगम या काशी का गंगा घाट, हर जगह श्रद्धालु उमड़ पड़े। स्नान, पूजन और गुरु वंदना के माध्यम से लोगों ने अपने श्रद्धाभाव को प्रकट किया।</p>
<p>अयोध्या धाम में इस बार गुरु पूर्णिमा का पर्व बेहद भव्य और ऐतिहासिक रहा। सरयू नदी के पवित्र घाटों पर श्रद्धालु तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही जुटने लगे। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्नान कर मां सरयू का आशीर्वाद लिया। इसके बाद श्रद्धालु मठ-मंदिरों में पहुंचकर अपने गुरुओं के दर्शन व आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए। चारों ओर हर-हर महादेव और जय गुरु देव के जयकारे गूंजते रहे।</p>
<p>प्रयागराज में भी गुरु पूर्णिमा पर भक्तों का जनसैलाब त्रिवेणी संगम पर उमड़ा। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर पुण्य लाभ कमा रहे हैं। स्नान के बाद लोग दान-दक्षिणा देकर अपने मठों और संतों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से ही त्रिवेणी की पावन धारा में आस्था की डुबकी लगाने के साथ-साथ दान पूर्ण कर रहे हैं। प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए। घाटों पर पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती रही।</p>
<p>श्रद्धालु राकेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन गंगा में डुबकी लगाकर मां गंगा का आशीर्वाद लिया और पंडित जी को दान-दक्षिणा दी। अब अपने संत-महात्माओं से आशीर्वाद लेंगे और सत्संग में भाग लेंगे। वहीं, एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि गुरु पूर्णिमा आत्मा की जागृति का दिन है। गुरु ही वह शक्ति है जो हमें परमात्मा से जोड़ती है और सही मार्ग दिखाती है।</p>
<p>गुरु पूर्णिमा को लेकर पुरोहित गोपाल दास ने कहा कि गुरु की महिमा का उत्सव मनाने का दिन ही गुरु पूर्णिमा है। गुरु ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग दिखाते हैं।</p>
<p>अयोध्या और प्रयागराज के अलावा, वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और घाट की सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं, लेकिन श्रद्धा में कोई कमी नहीं दिखी। लोग सुरक्षित स्थानों से गंगा स्नान कर रहे थे। कई श्रद्धालु पानी में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देते और गंगा जल से पूजन करते नजर आए। प्रशासन ने यहां भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर रखे हैं। एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें भी सतर्क रहीं। बनारस में स्नान के बाद श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए निकल पड़े।</p>
<p>मध्य प्रदेश के विदिशा से आए जय राम पटेल ने कहा कि हम गुरु पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने आए हैं। इसके बाद बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। वहीं, कमलेश मिश्रा ने कहा कि काशी का महत्व अवर्णनीय है। यह हमारा सौभाग्य है कि हम यहां आकर स्नान कर सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Jul 2025 16:10:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या में राम दरबार जनता के लिए खोला गया</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>अयोध्या (उप्र), 14 जून (भाषा) अयोध्या में राम मंदिर की पहली मंजिल पर स्थापित राम दरबार शनिवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>मंदिर न्यास द्वारा शुक्रवार देर शाम को इस संबंध में निर्णय लिए जाने के बाद शनिवार से राम मंदिर में आने वाले भक्त राम दरबार में प्रवेश कर सकेंगे।</p>
<p>श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा कि चूंकि फैसला देर शाम को लिया गया था इसलिए शनिवार को दर्शन के लिए केवल दो पाली- शाम पांच से सात बजे और शाम सात से नौ बजे तक</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141311/ram-darbar-opened-to-public-in-ayodhya"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-01/ayodhya-ram-temple.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>अयोध्या (उप्र), 14 जून (भाषा) अयोध्या में राम मंदिर की पहली मंजिल पर स्थापित राम दरबार शनिवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>मंदिर न्यास द्वारा शुक्रवार देर शाम को इस संबंध में निर्णय लिए जाने के बाद शनिवार से राम मंदिर में आने वाले भक्त राम दरबार में प्रवेश कर सकेंगे।</p>
<p>श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा कि चूंकि फैसला देर शाम को लिया गया था इसलिए शनिवार को दर्शन के लिए केवल दो पाली- शाम पांच से सात बजे और शाम सात से नौ बजे तक के लिए सीमित संख्या में पास की व्यवस्था की गई है।</p>
<p>मिश्रा ने कहा कि स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चंपत राय ने भक्तों को दरबार में जाने की अनुमति दी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि राम लला के दर्शन के लिए दिए जाने वाले पास की तरह, राम दरबार में जाने के इच्छुक लोगों के लिए भी पास उपलब्ध कराए जाएंगे।</p>
<p>भगवान राम के शाही स्वरूप राम दरबार और राम जन्मभूमि परिसर के अंदर आठ नवनिर्मित मंदिरों में प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा पांच जून को हुई।</p>
<p>अनिल मिश्रा ने कहा कि राम लला के दर्शन की व्यवस्था की तरह ही राम दरबार के लिए भी प्रत्येक पाली सुबह सात से नौ बजे, नौ से 11 बजे, दोपहर एक से तीन बजे, तीन से पांच बजे, पांच से सात बजे और सात से नौ बजे तक के लिए 300 पास उपलब्ध होंगे।</p>
<p>जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट दोनों को 150-150 पास दिए गए हैं। इनमें से 100 पास विशेष दर्शन के लिए हैं और 50 सुगम दर्शन के लिए हैं।</p>
<p>भगवान राम की प्रतिमा के साथ-साथ राम दरबार में सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की प्रतिमाएं भी हैं।</p>
<p>मंदिर ट्रस्ट के अनुसार जिन देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं उनमें उत्तर-पूर्व कोने में भगवान शिव, दक्षिण-पूर्व कोने में भगवान गणेश, दक्षिणी विंग में भगवान हनुमान, दक्षिण-पश्चिम कोने में सूर्य, उत्तर-पश्चिम कोने में भगवती और उत्तरी विंग में अन्नपूर्णा की प्रतिमाएं शामिल हैं।</p>
<p>पारंपरिक नागर शैली में निर्मित मंदिर 360 फुट लंबा, 235 फुट चौड़ा और 161 फुट ऊंचा है। 2.77 एकड़ में फैले तीन मंजिला मंदिर में 392 नक्काशीदार स्तंभ, 44 दरवाजे और हिंदू देवताओं की आकृतियां उकेरी गई हैं।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/141311/ram-darbar-opened-to-public-in-ayodhya</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Jun 2025 14:21:07 +0530</pubDate>
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                <title>अयोध्या में रामनवमी की व्यापक तैयारी, चप्पे-चप्पे में सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामनवमी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्रीराम जन्मोत्सव पर देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है।</p>
<p>पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) प्रवीण कुमार ने बताया कि अयोध्या में रामनवमी को लेकर सुरक्षा की सारी तैयारियां जोरों पर हैं। हर महत्वपूर्ण जगह सीसीटीवी लगाए गए हैं। सुरक्षा के लिए कई जगह कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। अयोध्यावासी भी हमारी सुरक्षा का हिस्सा हैं। मल्लाह और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139875/widespread-preparation-of-ram-navami-in-ayodhya"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/5185_ayodhya.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामनवमी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्रीराम जन्मोत्सव पर देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है।</p>
<p>पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) प्रवीण कुमार ने बताया कि अयोध्या में रामनवमी को लेकर सुरक्षा की सारी तैयारियां जोरों पर हैं। हर महत्वपूर्ण जगह सीसीटीवी लगाए गए हैं। सुरक्षा के लिए कई जगह कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। अयोध्यावासी भी हमारी सुरक्षा का हिस्सा हैं। मल्लाह और वेंडर सभी की सुरक्षा के पहलुओं को देख रहे हैं और कार्रवाई कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग अयोध्या आते हैं। उनके प्रबंधन का इंतजाम किया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के साथ तालमेल करके सारे इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी लोग मिलकर टीम भावना के साथ काम कर रहे हैं।</p>
<p>भीड़ प्रबंधन का बेहतर इंतजाम किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। राम मंदिर, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, रामपथ तक जोन में बंटे हुए हैं। आवश्यकता पड़ने पर इंटरनल डायवर्जन भी किए जाएंगे।</p>
<p>अयोध्या में जिला प्रशासन ने रामनवमी पर्व को लेकर बेहद खास तैयारियां की हैं। रामकथा पार्क में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। रामनवमी के दिन मंदिर में होने वाले 'सूर्य तिलक' अनुष्ठान की विशेष महिमा होगी, जिसे विश्व भर के श्रद्धालु लाइव देख सकेंगे।</p>
<p>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि रामनवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और वैज्ञानिक परंपराओं का अद्वितीय उदाहरण है। रामनवमी के दिन सुबह 6 बजे श्रीरामलला का पवित्र जल, पंचामृत और औषधियों से अभिषेक किया जाएगा।</p>
<p>इसके बाद, 9:30 से 10:30 बजे तक विशेष श्रृंगार और भोग अर्पण होगा। दोपहर 12 बजे, जब श्रीराम जन्मोत्सव मनाया जाएगा, विशेष आरती और छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Apr 2025 20:47:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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