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                <title>SGCCI - Loktej</title>
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                <description>SGCCI RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : SGCCI की मांग पर केंद्र सरकार का फैसला, MEG और PTA पर कस्टम ड्यूटी राहत 15 जुलाई तक बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) की मांग पर केंद्र सरकार ने मोनो एथिलीन ग्लाइकॉल (MEG) और प्यूरिफाइड टेरेफ्थेलिक एसिड (PTA) पर कस्टम ड्यूटी में दी गई राहत की अवधि 15 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दी है।</p>
<p>इस निर्णय से विशेष रूप से सूरत की पॉलिएस्टर एवं मैन-मेड फाइबर (MMF) आधारित टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>चैंबर ने 24 जून, 2026 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) के चेयरमैन को पत्र लिखकर MEG और PTA पर कस्टम ड्यूटी राहत की अवधि बढ़ाने की मांग की थी।</p>
<p>इसके बाद वित्त मंत्रालय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/148003/central-governments-decision-on-surat-sgccis-demand-custom-duty-relief"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/sgcci.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) की मांग पर केंद्र सरकार ने मोनो एथिलीन ग्लाइकॉल (MEG) और प्यूरिफाइड टेरेफ्थेलिक एसिड (PTA) पर कस्टम ड्यूटी में दी गई राहत की अवधि 15 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दी है।</p>
<p>इस निर्णय से विशेष रूप से सूरत की पॉलिएस्टर एवं मैन-मेड फाइबर (MMF) आधारित टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>चैंबर ने 24 जून, 2026 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) के चेयरमैन को पत्र लिखकर MEG और PTA पर कस्टम ड्यूटी राहत की अवधि बढ़ाने की मांग की थी।</p>
<p>इसके बाद वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने अधिसूचना G.S.R. 529(E) जारी करते हुए 1 अप्रैल, 2026 की अधिसूचना संख्या 13/2026-कस्टम्स में संशोधन किया है। संशोधित अधिसूचना के अनुसार, पहले 30 जून, 2026 तक लागू यह राहत अब 15 जुलाई, 2026 तक प्रभावी रहेगी।</p>
<p>SGCCI के अनुसार, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण कच्चे तेल और उससे जुड़े उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसका सीधा असर पॉलिएस्टर उद्योग में उपयोग होने वाले प्रमुख कच्चे माल MEG और PTA की कीमतों पर पड़ा।</p>
<p>हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन भारतीय बाजार में क्रूड आधारित कच्चे माल की कीमतों में अपेक्षित कमी नहीं आई है। इसके चलते पॉलिएस्टर और MMF क्षेत्र की विनिर्माण इकाइयों पर उत्पादन लागत का अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।</p>
<p>चैंबर ने केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि कस्टम ड्यूटी राहत की अवधि बढ़ाई जाए, ताकि उद्योगों को कच्चे माल की लागत नियंत्रित रखने में सहायता मिले और वे घरेलू एवं वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रह सकें।</p>
<p>SGCCI का मानना है कि सरकार के इस निर्णय से उत्पादन लागत कम होगी, उद्योगों के कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) पर दबाव घटेगा तथा निर्यात और घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी।</p>
<p>चैंबर ने उद्योग की मांगों पर त्वरित एवं सकारात्मक निर्णय लेने के लिए केंद्र सरकार, वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) और CBIC का आभार व्यक्त किया है। साथ ही कहा है कि दक्षिण गुजरात के व्यापार और उद्योग से जुड़े मुद्दों को भविष्य में भी सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाकर उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए चैंबर लगातार प्रयास करता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 19:08:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय हब बनाने के लिए चैंबर का बड़ा प्रस्ताव, 26 राज्यों के मिनी-इंडिया के लिए सीधी उड़ानों की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विश्वस्तरीय एविएशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक पुल्ला हिजकिया के समक्ष विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक सोमवार, 29 जून 2026 को सरसाना स्थित समहति में आयोजित की गई।</p>
<p>बैठक में चैंबर के अध्यक्ष अशोक जीरावाला, मानद मंत्री परेश लाठिया, मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल, एविएशन एवं एयरपोर्ट समिति के मेंटर रजनीकांत मारफतिया, समिति के चेयरमैन लिनेश शाह, सूरत एयरपोर्ट के निदेशक आनंद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147997/chambers-big-proposal-to-make-surat-airport-a-world-class"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b30062026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विश्वस्तरीय एविएशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक पुल्ला हिजकिया के समक्ष विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक सोमवार, 29 जून 2026 को सरसाना स्थित समहति में आयोजित की गई।</p>
<p>बैठक में चैंबर के अध्यक्ष अशोक जीरावाला, मानद मंत्री परेश लाठिया, मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल, एविएशन एवं एयरपोर्ट समिति के मेंटर रजनीकांत मारफतिया, समिति के चेयरमैन लिनेश शाह, सूरत एयरपोर्ट के निदेशक आनंद शर्मा, एयरपोर्ट अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारी तथा चैंबर की एविएशन एवं एयरपोर्ट समिति के सदस्य उपस्थित रहे।</p>
<p>बैठक के दौरान अशोक जीरावाला ने कहा कि सूरत में देश के 26 राज्यों के नागरिक रोजगार, उद्योग और व्यापार से जुड़े हुए हैं। ऐसे में इन राज्यों के लिए पर्याप्त घरेलू उड़ान सेवाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए दीर्घकालिक और व्यापक योजना प्रस्तुत की।</p>
<p>चैंबर ने एयरपोर्ट के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय एयर कार्गो टर्मिनल की स्थापना।<br />अप्रोच लाइटिंग सिस्टम एवं एयर नेविगेशन सुविधाओं का आधुनिकीकरण।<br />समर्पित अंतरराष्ट्रीय यात्री टर्मिनल तथा भविष्य के लिए टर्मिनल विस्तार।<br />विमान पार्किंग (एप्रन) क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि।<br />एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर एवं ओवरहॉल (MRO) सुविधा की स्थापना।<br />NSOP, MRO, फ्लाइंग ट्रेनिंग एवं जनरल एविएशन गतिविधियों के लिए मौजूदा हैंगर का आधुनिकीकरण।<br />एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और एक साथ अधिक विमानों के संचालन की क्षमता विकसित करना।<br />रनवे विस्तार तथा हटाए गए लगभग 615 मीटर रनवे हिस्से के पुनः संचालन की योजना।<br />विजन-2047 के अनुरूप दीर्घकालिक एयरपोर्ट मास्टर प्लान तैयार करना।<br />एयरोट्रोपोलिस एवं एयरपोर्ट इकोनॉमिक ज़ोन का विकास।<br />भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए ग्रीनफील्ड अथवा दूसरे एयरपोर्ट की समयबद्ध योजना।<br />सार्वजनिक परिवहन, लास्ट माइल कनेक्टिविटी और ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार।<br />स्मार्ट एयरपोर्ट तकनीक, यात्री सुविधाओं और लैंडस्केपिंग का विकास।<br />सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और वर्षा जल संचयन जैसी ग्रीन एयरपोर्ट पहलों को बढ़ावा देना।<br />सूरत की आर्थिक क्षमता के अनुरूप एयरपोर्ट विकास की जरूरत</p>
<p>चैंबर ने अपनी प्रस्तुति में कहा कि सूरत देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे आर्थिक केंद्रों में शामिल है। हीरा, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, MSME, सोलर और सेवा क्षेत्र में शहर की वैश्विक पहचान लगातार मजबूत हो रही है। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और पर्यटन को देखते हुए विश्वस्तरीय एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर अब अपरिहार्य हो गया है।</p>
<p>प्रस्तुति में जनरल एविएशन सुविधाओं के विस्तार, एविएशन ट्रेनिंग एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना, एयर ट्रैफिक कंट्रोल क्षमता बढ़ाने और अधिक घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष बल दिया गया।</p>
<p>AAI ने सकारात्मक विचार का दिया भरोसा</p>
<p>AAI के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक पुल्ला हिजकिया ने चैंबर की व्यावहारिक और दूरदर्शी प्रस्तुति की सराहना करते हुए सभी सुझावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वर्तमान में चल रही तथा प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की जानकारी भी दी और क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने के लिए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
<p>बैठक के अंत में चैंबर ने विश्वास व्यक्त किया कि एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, गुजरात सरकार और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयासों से सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आने वाले वर्षों में पश्चिम भारत का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एविएशन, व्यापार और कनेक्टिविटी केंद्र बनकर दक्षिण गुजरात के आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 14:59:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : कैंसर की समय पर पहचान ही बचा सकती है जीवन, जागरूकता सत्र में विशेषज्ञों ने दी अहम सलाह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) और मुंबई के नानावटी मैक्स हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को ‘कैंसर केयर बियॉन्ड ट्रीटमेंट: अवेयरनेस, अर्ली डायग्नोसिस एंड क्वालिटी ऑफ लाइफ’ विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।</p>
<p>नानपुरा स्थित समृद्धि भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में कैंसर की समय पर पहचान, उपचार और उपचार के बाद जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत में चैंबर के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि भारत में हर वर्ष 15 लाख से अधिक नए कैंसर मरीज सामने आते हैं। उन्होंने चिंता जताई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147973/surat-only-timely-detection-of-cancer-can-save-life-experts"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b29062026-07.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) और मुंबई के नानावटी मैक्स हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को ‘कैंसर केयर बियॉन्ड ट्रीटमेंट: अवेयरनेस, अर्ली डायग्नोसिस एंड क्वालिटी ऑफ लाइफ’ विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।</p>
<p>नानपुरा स्थित समृद्धि भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में कैंसर की समय पर पहचान, उपचार और उपचार के बाद जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत में चैंबर के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि भारत में हर वर्ष 15 लाख से अधिक नए कैंसर मरीज सामने आते हैं। उन्होंने चिंता जताई कि देश में लगभग 70 प्रतिशत कैंसर मरीजों की पहचान तीसरे या चौथे चरण में होती है, जिससे उपचार जटिल हो जाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पुरुषों में प्रोस्टेट और गले का कैंसर तथा महिलाओं में स्तन और गर्भाशय का कैंसर अधिक देखा जाता है। यदि कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए तो अधिकांश मामलों में सफल उपचार संभव है।</p>
<p>हेड एंड नेक ऑन्को सर्जन डॉ. देवेंद्र चौकर ने बताया कि भारत में कुल कैंसर मामलों में लगभग 30 प्रतिशत मरीज गले और मुंह के कैंसर से जुड़े होते हैं, जबकि गुजरात में ओरल कैंसर के सबसे अधिक मामले दर्ज किए जाते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि केवल तंबाकू ही नहीं, बल्कि सुपारी, सिगरेट और ई-सिगरेट का सेवन भी कैंसर का प्रमुख कारण बन सकता है।</p>
<p>डॉ. चौकर ने लोगों से अपील की कि यदि मुंह या जीभ का घाव दो से तीन सप्ताह तक ठीक न हो, गले में लगातार दर्द या जलन रहे, आवाज में बदलाव आए, निगलने में परेशानी हो, गर्दन में गांठ महसूस हो या अचानक वजन कम होने लगे तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।</p>
<p>प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन डॉ. भरत सक्सेना ने कहा कि कैंसर का उपचार केवल मरीज की जान बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे सामान्य और आत्मविश्वासपूर्ण जीवन में वापस लाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मुंह और गले के कैंसर की सर्जरी के बाद बोलने, चबाने और निगलने जैसी समस्याओं को दूर करने में रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके लिए स्किन ग्राफ्ट, फ्लैप सर्जरी और माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे मरीज की कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।</p>
<p>कार्यक्रम में चैंबर के पूर्व अध्यक्ष निखिल मद्रासी, मानद मंत्री परेश लाठिया, मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल, ग्रुप चेयरमैन डॉ. पारुल वडगामा सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।</p>
<p>चैंबर की पब्लिक हेल्थ कमेटी के चेयरमैन डॉ. जगदीश वघासिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि कमेटी के सह-अध्यक्ष डॉ. राजन देसाई ने पूरे सत्र का संचालन किया। अंत में विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों के प्रश्नों के उत्तर देकर कैंसर से जुड़े विभिन्न भ्रम दूर किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147973/surat-only-timely-detection-of-cancer-can-save-life-experts</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 16:48:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत चैंबर और घाना इंडिया चैंबर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, दोनों देशों के उद्योगों के लिए खुलेंगे नए व्यापारिक अवसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) और घाना इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के बीच शुक्रवार, 26 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।</p>
<p>इस समझौते का उद्देश्य भारत और घाना के बीच व्यापार, उद्योग, निवेश तथा द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को नई गति देना है। इस साझेदारी से दोनों देशों के उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।</p>
<p>चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि किसी भी देश के साथ व्यापार शुरू करने से पहले वहां की सरकारी योजनाओं, औद्योगिक नीतियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147936/signing-of-mou-between-surat-chamber-and-ghana-india-chamber"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b28062026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) और घाना इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के बीच शुक्रवार, 26 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।</p>
<p>इस समझौते का उद्देश्य भारत और घाना के बीच व्यापार, उद्योग, निवेश तथा द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को नई गति देना है। इस साझेदारी से दोनों देशों के उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।</p>
<p>चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि किसी भी देश के साथ व्यापार शुरू करने से पहले वहां की सरकारी योजनाओं, औद्योगिक नीतियों और निवेश संबंधी प्रोत्साहनों की पूरी जानकारी होना आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दक्षिण गुजरात के उद्योगपति शुरुआत में घाना के साथ छोटे स्तर पर व्यापार शुरू करेंगे, जिसे भविष्य में चरणबद्ध तरीके से विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि घाना के साथ व्यापारिक गतिविधियों में चैंबर के माध्यम से समन्वय स्थापित करने से उद्योगों को बेहतर मार्गदर्शन और सहयोग मिलेगा।</p>
<p>घाना इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के कार्यकारी निदेशक स्टीफन क्वाकू डार्कू ने कहा कि सूरत और दक्षिण गुजरात के उद्यमियों के लिए घाना एक आकर्षक व्यापारिक गंतव्य है। उन्होंने बताया कि घाना की मुक्त व्यापार नीति (फ्री ट्रेड पॉलिसी) के कारण वहां कारोबार स्थापित करना अपेक्षाकृत आसान है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विशेष रूप से टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल, इलेक्ट्रिकल और सोलर सेक्टर में निवेश और उद्योग स्थापना की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। घाना इंडिया चैंबर उद्योगपतियों को व्यवसाय शुरू करने और निवेश संबंधी सभी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।</p>
<p>कार्यक्रम के अंत में चैंबर के मानद सचिव परेश लाठिया ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।</p>
<p>इस अवसर पर घाना इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन डेविड ब्रायन ओब्रो, कार्यकारी निदेशक स्टीफन क्वाकू डार्कू, सदस्य सोलोमन वियाफ, तथा सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल सहित दोनों संस्थाओं के पदाधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।</p>
<p>चैंबर का मानना है कि यह समझौता भारत और घाना के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देगा तथा दक्षिण गुजरात के उद्योगों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 18:48:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026’ में 600 करोड़ के कारोबार की संभावना, 3 दिनों में 35 हजार से ज्यादा विजिटर्स पहुंचे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) द्वारा 26 से 28 जून 2026 तक सरसाना स्थित सूरत इंटरनेशनल एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (SIECC) में आयोजित तीन दिवसीय ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026’ का रविवार को सफल समापन हुआ।</p>
<p>एक्सपो में देश-विदेश से आए खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों की भारी भागीदारी रही। आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनी में भाग लेने वाले प्रदर्शकों को स्पॉट और संभावित ऑर्डरों के रूप में 600 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार मिलने की संभावना है।</p>
<p>चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बताया कि एक्सपो का उद्देश्य फैब्रिक निर्माता, टेक्सटाइल उद्योगपति, गारमेंट निर्माता, फैशन डिजाइनर,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147935/surat-global-fabric-expo-2026-has-business-potential-of-rs-600"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b28062026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) द्वारा 26 से 28 जून 2026 तक सरसाना स्थित सूरत इंटरनेशनल एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (SIECC) में आयोजित तीन दिवसीय ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026’ का रविवार को सफल समापन हुआ।</p>
<p>एक्सपो में देश-विदेश से आए खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों की भारी भागीदारी रही। आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनी में भाग लेने वाले प्रदर्शकों को स्पॉट और संभावित ऑर्डरों के रूप में 600 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार मिलने की संभावना है।</p>
<p>चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बताया कि एक्सपो का उद्देश्य फैब्रिक निर्माता, टेक्सटाइल उद्योगपति, गारमेंट निर्माता, फैशन डिजाइनर, निर्यातक और थोक खरीदारों को एक साझा व्यावसायिक मंच उपलब्ध कराना था, जिसमें चैंबर को उल्लेखनीय सफलता मिली।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पहले दो दिनों में करीब 20,000 विजिटर्स प्रदर्शनी देखने पहुंचे, जबकि रविवार को अवकाश होने के बावजूद लगभग 15,000 लोगों ने एक्सपो का दौरा किया। इस तरह तीन दिनों में कुल 35,000 से अधिक विजिटर्स और 2,500 से ज्यादा वास्तविक खरीदारों ने प्रदर्शनी में भाग लिया।</p>
<p>जीरावाला के अनुसार, जयपुर, जोधपुर, इरोड, पुणे, वाराणसी, ग्वालियर, हैदराबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, लुधियाना, कोलकाता, लखनऊ, चेन्नई, मुंबई और दिल्ली सहित देश के प्रमुख टेक्सटाइल बाजारों से बड़ी संख्या में खरीदार तथा विभिन्न कॉर्पोरेट कंपनियों के खरीद प्रबंधक विशेष रूप से एक्सपो में पहुंचे।</p>
<p>एक्सपो के चेयरमैन डॉ. हरेश पटेल ने बताया कि इस बार आधुनिक टेक्नोलॉजी आधारित फैब्रिक ने खरीदारों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से पोजिशन प्रिंट वाले विस्कोस फैब्रिक, एयरजेट मशीन पर बने साल्सा प्लेन और साल्सा बूटी फैब्रिक की मांग सबसे अधिक रही।</p>
<p>इसके अलावा नायलॉन फैब्रिक, टॉप-डाइड साड़ी फैब्रिक, वॉटरजेट लूम पर तैयार प्लेन फैब्रिक तथा होम फर्निशिंग के लिए डॉबी फैब्रिक को भी खरीदारों ने पसंद किया।</p>
<p>डॉ. पटेल ने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान वॉटरजेट वैल्यू एडिशन फैब्रिक तथा डेनिम फैब्रिक को लेकर गारमेंट निर्माताओं की ओर से बड़ी संख्या में पूछताछ और ऑर्डर प्राप्त हुए। खरीदारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से सूरत के टेक्सटाइल उद्योग को नई व्यावसायिक संभावनाएं मिली हैं।</p>
<p>आयोजकों का मानना है कि इस एक्सपो ने न केवल सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने का सफल मंच प्रदान किया, बल्कि भविष्य में निर्यात और घरेलू कारोबार को भी नई गति देने की मजबूत नींव रखी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 18:44:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026 को मिला शानदार प्रतिसाद, दो दिनों में 20 हजार से अधिक विज़िटर्स पहुंचे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) द्वारा 26 से 28 जून 2026 तक सूरत इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (SIECC), सरसाना में आयोजित ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026’ को उद्योग जगत और खरीदारों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। आयोजन के पहले दो दिनों में करीब 20 हजार से अधिक विज़िटर्स ने एक्सपो का दौरा किया।</p>
<p>चैंबर के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बताया कि अपने नाम के अनुरूप यह एक्सपो वास्तव में वैश्विक पहचान बना रहा है। दो दिनों के दौरान देश के विभिन्न शहरों से 1,000 से अधिक खरीदार एक्सपो में पहुंचे, जबकि घाना और नीदरलैंड्स से भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147921/surat-global-fabric-expo-2026-got-great-response-more-than-20"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b27062026-07.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) द्वारा 26 से 28 जून 2026 तक सूरत इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (SIECC), सरसाना में आयोजित ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026’ को उद्योग जगत और खरीदारों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। आयोजन के पहले दो दिनों में करीब 20 हजार से अधिक विज़िटर्स ने एक्सपो का दौरा किया।</p>
<p>चैंबर के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बताया कि अपने नाम के अनुरूप यह एक्सपो वास्तव में वैश्विक पहचान बना रहा है। दो दिनों के दौरान देश के विभिन्न शहरों से 1,000 से अधिक खरीदार एक्सपो में पहुंचे, जबकि घाना और नीदरलैंड्स से भी अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने भाग लेकर प्रदर्शित उत्पादों में रुचि दिखाई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह एक्सपो सूरत और दक्षिण गुजरात के वीवर्स, निटर्स, टेक्निकल टेक्सटाइल, वेलवेट एवं पाइल फैब्रिक निर्माताओं तथा गारमेंट उद्योग को एक प्रभावी बी-टू-बी (B2B) प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है, जहां निर्माता सीधे घरेलू और विदेशी खरीदारों से संपर्क स्थापित कर रहे हैं।</p>
<p>प्रदर्शनी में होम टेक्सटाइल और प्रीमियम फैब्रिक की विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई है। इनमें हॉस्पिटल कर्टेन, शॉवर कर्टेन, ब्लैक-आउट एवं व्हाइट-आउट ड्रेपरी फैब्रिक, माइक्रोफाइबर पॉलिएस्टर फैब्रिक, बेडशीट, कम्फर्टर फैब्रिक, डुवेट एवं डुवेट कवर, पिलो कवर, बेडस्प्रेड, डिजिटल प्रिंटेड ब्लैक-आउट फैब्रिक तथा अल्ट्रासोनिक ब्लैक-आउट फैब्रिक प्रमुख आकर्षण रहे।</p>
<p>इन उत्पादों का निर्माण सूरत की उन इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल इकाइयों द्वारा किया जाता है, जहां वीविंग, निटिंग, प्रोसेसिंग और स्टिचिंग जैसी सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हैं।</p>
<p>एक्सपो में टेक्सटाइल उद्योग की नवीनतम तकनीकों और इनोवेटिव उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया। इनमें विस्कोस फैब्रिक पर पोजीशन प्रिंट, एयरजेट लूम पर तैयार साल्सा प्लेन और साल्सा बूटी फैब्रिक, पश्मीना बॉम्बर जैकेट फैब्रिक तथा लूम पर सीधे एम्ब्रॉयडरी प्रभाव देने वाले प्रीमियम लैपेट एम्ब्रॉयडर्ड फैब्रिक ने विशेष आकर्षण पैदा किया।</p>
<p>इसके अलावा टेक्सटाइल वेस्ट से तैयार रीसायकल कॉटन फैब्रिक को भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक फैशन और आरामदायक उपयोग का संतुलित संयोजन देखने को मिला।</p>
<p>एक्सपो में देश के प्रमुख टेक्सटाइल हाउस और डिजाइनरों ने ट्रेडिशनल, एथनिक और फ्यूजन वियर के आकर्षक कलेक्शन प्रस्तुत किए। पारंपरिक साड़ियों से लेकर आधुनिक फैशन परिधानों तक विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात बाजार से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147921/surat-global-fabric-expo-2026-got-great-response-more-than-20</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 18:07:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : ALMM-II नियमों पर साउथ गुजरात के सोलर उद्योग की चिंता, चैंबर ने केंद्र से 18 माह की मोहलत देने की मांग उठाने का दिया भरोसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) के सरसाना स्थित कार्यालय में शुक्रवार को दक्षिण गुजरात के सोलर पैनल निर्माताओं, ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स और प्रोजेक्ट डेवलपर्स के साथ हाइब्रिड मोड में बैठक आयोजित की गई।</p>
<p>बैठक में केंद्र सरकार द्वारा 1 जून 2026 से लागू किए गए उस प्रावधान पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके तहत केवल ALMM-II (Approved List of Models and Manufacturers) में सूचीबद्ध घरेलू सोलर सेल निर्माताओं के उत्पादों का उपयोग अनिवार्य किया गया है।</p>
<p>बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ALMM-II व्यवस्था को लागू करने से सोलर उद्योग के समक्ष गंभीर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147919/surat-chamber-is-concerned-about-the-solar-industry-of-south"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b27062026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) के सरसाना स्थित कार्यालय में शुक्रवार को दक्षिण गुजरात के सोलर पैनल निर्माताओं, ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स और प्रोजेक्ट डेवलपर्स के साथ हाइब्रिड मोड में बैठक आयोजित की गई।</p>
<p>बैठक में केंद्र सरकार द्वारा 1 जून 2026 से लागू किए गए उस प्रावधान पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके तहत केवल ALMM-II (Approved List of Models and Manufacturers) में सूचीबद्ध घरेलू सोलर सेल निर्माताओं के उत्पादों का उपयोग अनिवार्य किया गया है।</p>
<p>बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ALMM-II व्यवस्था को लागू करने से सोलर उद्योग के समक्ष गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। उन्होंने एकमत से मांग की कि MNRE की ALMM-II सूची के अनिवार्य क्रियान्वयन पर कम से कम 18 महीने के लिए रोक लगाई जाए, ताकि उद्योग को आवश्यक तैयारी का समय मिल सके।</p>
<p>बैठक में उद्योग जगत ने बताया कि पिछले वर्ष देश में लगभग 60 गीगावाट की डीसी क्षमता स्थापित की गई थी, जबकि ALMM-I सूची में शामिल मॉड्यूल निर्माताओं की कुल स्थापित क्षमता लगभग 170 गीगावाट है। इसके मुकाबले घरेलू सोलर सेल उत्पादन क्षमता करीब 28.5 गीगावाट बताई जा रही है, जो मांग की तुलना में अपर्याप्त है।</p>
<p>प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि ALMM-II सूची में शामिल अधिकांश सोलर सेल निर्माता स्वयं सोलर मॉड्यूल भी तैयार करते हैं। ऐसे में स्वतंत्र मॉड्यूल निर्माताओं को पर्याप्त मात्रा में सेल उपलब्ध होने तथा प्रतिस्पर्धी कीमत पर मिलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उनका कहना था कि इससे छोटे और मध्यम उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ेगी और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित होगी।</p>
<p>बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि वर्तमान में सूचीबद्ध कुल क्षमता में से TOPCon तकनीक वाले सोलर सेल की क्षमता लगभग 13.56 गीगावाट है, जबकि शेष क्षमता पुरानी मोनो पीईआरसी तकनीक की है।</p>
<p>उद्योग प्रतिनिधियों का कहना था कि वैश्विक बाजार में TOPCon तकनीक की मांग अधिक है, इसलिए आधुनिक तकनीक की उपलब्धता सीमित होने से भारतीय उद्योग प्रभावित हो सकता है।</p>
<p>प्रतिनिधियों ने दावा किया कि इन परिस्थितियों के कारण दक्षिण गुजरात में कई सोलर पैनल निर्माण इकाइयों का उत्पादन प्रभावित हुआ है तथा ईपीसी क्षेत्र में लगभग 500 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्ट रद्द हुए हैं।</p>
<p>उनके अनुसार, केवल दक्षिण गुजरात में ही करीब 1,500 करोड़ रुपये के अनुबंध प्रभावित हुए हैं। उद्योग जगत का यह भी कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो गुजरात में लगभग 2 लाख तथा देशभर में करीब 15 लाख लोगों के रोजगार पर असर पड़ सकता है।</p>
<p>बैठक को संबोधित करते हुए चैंबर के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने उद्योग प्रतिनिधियों की सभी बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि चैंबर इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत ने 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया है, ऐसे में ऐसी नीतियों की आवश्यकता है जो उत्पादन क्षमता और उद्योग दोनों को मजबूत करें।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश के लगभग 60 प्रतिशत सोलर पैनल निर्माता गुजरात में स्थित हैं और उनमें से लगभग 70 प्रतिशत दक्षिण गुजरात में कार्यरत हैं। इसलिए इस नीति का सबसे अधिक प्रभाव दक्षिण गुजरात के उद्योग पर पड़ने की आशंका है।</p>
<p>अंत में श्री जीरावाला ने उद्योग प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि चैंबर सोलर पैनल निर्माताओं और ईपीसी क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के हितों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 16:54:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : सरसाना में ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026’ का शुभारंभ, राज्य मंत्री डॉ. जयरामभाई गामित ने किया उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) तथा साउथ गुजरात चैंबर ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में सूरत इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (SIECC), सरसाना में आयोजित ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026’ का शुक्रवार को गुजरात सरकार के उद्योग, खेल, युवा सेवा एवं सांस्कृतिक गतिविधि राज्य मंत्री डॉ. जयरामभाई गामित ने उद्घाटन किया।</p>
<p>उद्घाटन के बाद उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े उद्यमियों से संवाद किया।</p>
<p>उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. गामित ने कहा कि सूरत आज देश का अग्रणी टेक्सटाइल हब बन चुका है। यहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147883/minister-of-state-dr-jairambhai-gamit-inaugurated-global-fabric-expo-2026"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b26062026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) तथा साउथ गुजरात चैंबर ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में सूरत इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (SIECC), सरसाना में आयोजित ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026’ का शुक्रवार को गुजरात सरकार के उद्योग, खेल, युवा सेवा एवं सांस्कृतिक गतिविधि राज्य मंत्री डॉ. जयरामभाई गामित ने उद्घाटन किया।</p>
<p>उद्घाटन के बाद उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े उद्यमियों से संवाद किया।</p>
<p>उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. गामित ने कहा कि सूरत आज देश का अग्रणी टेक्सटाइल हब बन चुका है। यहां के उद्योगपतियों ने गुणवत्ता, नवाचार और आधुनिक तकनीक के बल पर राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां स्थानीय निर्माताओं को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जोड़ने का प्रभावी मंच प्रदान करती हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत-2047’ के विज़न को साकार करने में टेक्सटाइल उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार आधुनिक सुविधाएं, सरल औद्योगिक नीतियां और आवश्यक आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराकर उद्योगों के विकास को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है।</p>
<p>राज्य मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र के बाद टेक्सटाइल उद्योग देश में सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र है। उन्होंने सूरत के टेक्सटाइल उद्योगपतियों की वैश्विक व्यापार, निवेश और रोजगार सृजन में अग्रणी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक आधारित उत्पादन, गुणवत्ता सुधार और वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादों के कारण सूरत का वस्त्र उद्योग लगातार मजबूत हो रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां नए व्यापारिक संबंध स्थापित करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रदर्शनी के दौरान उन्होंने फैब्रिक, टेक्सटाइल मशीनरी, आधुनिक तकनीक और उद्योग से जुड़े विभिन्न उत्पादों की जानकारी भी प्राप्त की तथा सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।</p>
<p>इस अवसर पर SGCCI के अध्यक्ष अशोक जीरावाला, ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के ग्लोबल प्रेसिडेंट मुरुगन थंकोंदर, अजमेरा फैशन लिमिटेड के सीईओ एवं संस्थापक अजय अजमेरा, सर्जन इंटरनेशनल के संस्थापक अमित डोभरिया, बॉम्बे डाइंग के मैनेजर रजनीश दत्त सहित देश-विदेश के अनेक टेक्सटाइल उद्योगपति, निर्माता, निर्यातक, व्यापारी और बड़ी संख्या में आगंतुक उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:25:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत को राष्ट्रीय एमएमएफ नॉलेज हब बनाने का प्रस्ताव, एसजीसीसीआई ने टेक्सटाइल मंत्रालय को दिए महत्वपूर्ण सुझाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। देश के टेक्सटाइल एवं परिधान निर्यात को वर्ष 2030 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के मद्देनज़र भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा 23 एवं 24 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित NASC कॉम्प्लेक्स, ICAR में “नेशनल कंसल्टेटिव टेक्सटाइल समिट” का आयोजन किया गया।</p>
<p>इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देशभर के टेक्सटाइल उद्योग संगठनों, निर्यातकों, निर्माताओं, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं एवं उद्योग जगत के विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया।</p>
<p>इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) के अध्यक्ष अशोक जीरावाला को उद्योग प्रतिनिधि के रूप में अपने सुझाव एवं विचार प्रस्तुत करने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147860/sgcci-proposes-to-make-surat-a-national-mmf-knowledge-hub"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b25062026-09.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। देश के टेक्सटाइल एवं परिधान निर्यात को वर्ष 2030 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के मद्देनज़र भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा 23 एवं 24 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित NASC कॉम्प्लेक्स, ICAR में “नेशनल कंसल्टेटिव टेक्सटाइल समिट” का आयोजन किया गया।</p>
<p>इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देशभर के टेक्सटाइल उद्योग संगठनों, निर्यातकों, निर्माताओं, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं एवं उद्योग जगत के विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया।</p>
<p>इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) के अध्यक्ष अशोक जीरावाला को उद्योग प्रतिनिधि के रूप में अपने सुझाव एवं विचार प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया था।</p>
<p>सम्मेलन को ओनलाईन संबोधित करते हुए अशोक जीरावाला ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत के टेक्सटाइल निर्यात में तेज़ वृद्धि के लिए मैन-मेड फाइबर (एमएमएफ) आधारित टेक्सटाइल सेक्टर पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर कुल फाइबर खपत में एमएमएफ की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है, जबकि भारतीय टेक्सटाइल उद्योग अभी भी मुख्य रूप से प्राकृतिक रेशों पर आधारित है।</p>
<p>एसजीसीसीआई अध्यक्ष ने वस्त्र मंत्रालय के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। उन्होंने सूरत में राष्ट्रीय एमएमएफ फैब्रिक डेटा बैंक एवं लाइब्रेरी स्थापित करने का प्रस्ताव दिया, जहां एमएमएफ फैब्रिक के नमूने, निर्माण तकनीक, उपयोग एवं वैश्विक बाजार संबंधी जानकारी उपलब्ध हो सके।</p>
<p>इसके अलावा, पुनर्चक्रित (रीसाइकिल्ड) पॉलिएस्टर और अन्य एमएमएफ फाइबर के उपयोग के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मानक एवं प्रमाणन प्रणाली विकसित करने, भारत की एमएमएफ उत्पादन क्षमता को चीन की क्षमता के कम से कम 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय रणनीति तैयार करने तथा पोस्ट-कंज्यूमर पॉलिएस्टर परिधानों की केमिकल रीसाइक्लिंग के लिए सूरत में विश्वस्तरीय संयंत्र स्थापित करने का सुझाव भी दिया गया।</p>
<p>उन्होंने MSME और SME इकाइयों के लिए AI आधारित फैशन फोरकास्टिंग सॉफ्टवेयर विकसित करने, मुक्त व्यापार समझौते (FTA) वाले देशों में एमएमएफ उत्पादों की मांग पर HSN आधारित वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित करने तथा भारतीय एमएमएफ निर्माताओं के लिए राष्ट्रीय रैंकिंग प्रणाली विकसित करने की भी आवश्यकता बताई।</p>
<p>चैंबर अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि सूरत देश का ऐसा प्रमुख टेक्सटाइल केंद्र है, जहां एमएमएफ उद्योग की पूरी वैल्यू चेन — फाइबर, यार्न, वीविंग, निटिंग, प्रोसेसिंग, एम्ब्रॉयडरी, गारमेंटिंग और निर्यात — एक ही शहर में उपलब्ध है। इसलिए प्रस्तावित राष्ट्रीय एमएमएफ फैब्रिक लाइब्रेरी एवं डेटा बैंक यदि सूरत में स्थापित किया जाता है, तो यह देशभर के लिए अनुसंधान, नवाचार और उत्पाद विकास का प्रमुख केंद्र बन सकता है।</p>
<p>एसजीसीसीआई अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए कदमों को लागू किया जाता है, तो अकेला सूरत शहर टेक्सटाइल एवं परिधान निर्यात में प्रतिवर्ष 10 से 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त योगदान देने में सक्षम होगा। इससे वर्ष 2030 तक भारत के 100 बिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।</p>
<p>अंत में एसजीसीसीआई ने वस्त्र मंत्रालय द्वारा देशभर के उद्योग प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर व्यापक परामर्श प्रक्रिया आयोजित करने की सराहना की तथा भविष्य में भी उद्योग जगत के सुझावों को नीति-निर्माण में शामिल करने के लिए मंत्रालय की प्रशंसा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 20:28:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : एसजीसीसीआई द्वारा 26 से 28 जून तक होगा ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026’</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) द्वारा 26 से 28 जून, 2026 तक सरसाना स्थित सूरत इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (एसआईईसीसी) में ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026’ का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p>टेक्सटाइल उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित यह प्रदर्शनी सूरत सहित देशभर के फैब्रिक निर्माताओं, व्यापारियों और खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण बिजनेस प्लेटफॉर्म साबित होगी।</p>
<p>चैंबर अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बताया कि पहले ‘विविनिट एग्जीबिशन’ के नाम से प्रसिद्ध यह आयोजन अब ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो’ के रूप में नई पहचान के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। इसका</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147829/%E2%80%98global-fabric-expo-2026%E2%80%99-will-be-organized-by-surat-sgcci-from"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b24062026-06.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) द्वारा 26 से 28 जून, 2026 तक सरसाना स्थित सूरत इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (एसआईईसीसी) में ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026’ का आयोजन किया जाएगा।</p>
<p>टेक्सटाइल उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित यह प्रदर्शनी सूरत सहित देशभर के फैब्रिक निर्माताओं, व्यापारियों और खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण बिजनेस प्लेटफॉर्म साबित होगी।</p>
<p>चैंबर अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने बताया कि पहले ‘विविनिट एग्जीबिशन’ के नाम से प्रसिद्ध यह आयोजन अब ‘ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो’ के रूप में नई पहचान के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सूरत की वीविंग, निटिंग, नैरो फैब्रिक्स, टेक्निकल टेक्सटाइल और गारमेंट इंडस्ट्री को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। यह प्रदर्शनी स्थानीय उद्योगों को ‘लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।</p>
<p>प्रदर्शनी में विस्कोस फैब्रिक पर पोजीशन प्रिंट, एयरजेट तकनीक आधारित साल्सा प्लेन और साल्सा बूटी फैब्रिक जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा पश्मीना बॉम्बर जैकेट फैब्रिक, लैपेट एम्ब्रॉयडर्ड फैब्रिक, रिसाइकिल कॉटन फैब्रिक तथा प्रीमियम फैशन फैब्रिक्स भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।</p>
<p>साथ ही माइक्रोफाइबर बेडशीट, डुवेट फैब्रिक, पिलो कवर, ब्लैकआउट कर्टेन फैब्रिक, हॉस्पिटल और शॉवर कर्टेन, होम फर्निशिंग फैब्रिक्स तथा विभिन्न तकनीकी टेक्सटाइल उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे।</p>
<p>चैंबर के मानद मंत्री परेश लाठिया और मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल ने बताया कि गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और चीन के शेंगझू शहर सहित विभिन्न क्षेत्रों से करीब 200 प्रदर्शक इस प्रदर्शनी में भाग लेंगे।</p>
<p>1.16 लाख वर्गफुट क्षेत्रफल वाले वातानुकूलित, पिलर-रहित हॉल में आयोजित इस एक्सपो में देशभर से 25,000 से अधिक B2B खरीदारों और विजिटर्स के आने की उम्मीद है।</p>
<p>जयपुर, जोधपुर, इरोड, पुणे, वाराणसी, ग्वालियर, हैदराबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, लुधियाना, कोलकाता, लखनऊ, चेन्नई, मुंबई और दिल्ली जैसे प्रमुख टेक्सटाइल बाजारों से भी बड़ी संख्या में खरीदार आमंत्रित किए गए हैं।</p>
<p>चैंबर के उपाध्यक्ष रवि राज देसाई ने बताया कि पिछले वर्ष आयोजित विविनिट प्रदर्शनी के माध्यम से प्रतिभागियों को छह माह के भीतर लगभग 450 करोड़ रुपये का कारोबार प्राप्त हुआ था। इस बार प्रदर्शनी का दायरा बढ़ाए जाने से 600 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026 का उद्घाटन 26 जून को सुबह 10 बजे उषाकांत मारफतिया हॉल , सरसाना में होगा। गुजरात सरकार के उद्योग मंत्री जयराम गामित मुख्य अतिथि और उद्घाटनकर्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।</p>
<p>कार्यक्रम में ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के ग्लोबल प्रेसिडेंट (बिजनेस डेवलपमेंट), अजमेरा फैशन लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ अजय अजमेरा, सर्जन इंटरनेशनल के संस्थापक अमित डोबरिया तथा बॉम्बे डाइंग के वरिष्ठ अधिकारी रजनीश दत्त विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे।</p>
<p>ग्लोबल फैब्रिक एक्सपो-2026 के चेयरमैन हरेश पटेल ने बताया कि प्रदर्शनी में भाग लेने वाले एमएसएमई उद्यमियों को गुजरात सरकार की सब्सिडी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। साथ ही उन्हें नए व्यापारिक अवसर, नेटवर्किंग, तकनीकी जानकारी और संभावित निवेशकों से सीधे जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।</p>
<p>ऑल एग्जीबिशन चेयरमैन मनीष कपाड़िया ने कहा कि यह प्रदर्शनी फैब्रिक निर्माताओं के लिए एक ‘वन-स्टॉप बिजनेस प्लेटफॉर्म’ साबित होगी, जहां वे अपने नवीनतम उत्पादों का प्रदर्शन करने के साथ-साथ नए उत्पाद लॉन्च, ब्रांड प्रमोशन, कॉर्पोरेट नेटवर्किंग और नए बाजारों तक पहुंच बनाने में सक्षम होंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एयरजेट, डिजिटल प्रिंटिंग, शिफली मशीन और बीड एम्ब्रॉयडरी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से तैयार फैब्रिक्स इस प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 19:26:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : नायलॉन, विस्कोस और स्पैन्डेक्स यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी नहीं लगाने के फैसले का एसजीसीसीआई ने किया स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत: दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) ने केंद्र सरकार द्वारा नायलॉन फिलामेंट यार्न (एनएफवाय), विस्कोस फिलामेंट यार्न (वीएफवाय) और स्पैन्डेक्स यार्न के आयात पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी (एडीडी) नहीं लगाने के निर्णय का स्वागत किया है। चैंबर ने इसे सूरत समेत देश की संपूर्ण टेक्सटाइल वैल्यू चेन के लिए बड़ी राहत बताया है।</p>
<p>डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज़ (डीजीटीआर) ने मार्च 2026 में इन यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की सिफारिश की थी। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने इन सिफारिशों को स्वीकार नहीं किया और निर्धारित समयसीमा समाप्त होने तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की। इससे स्पष्ट हो गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147812/sgcci-welcomes-decision-not-to-impose-anti-dumping-duty-on-surat"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b23062026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत: दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) ने केंद्र सरकार द्वारा नायलॉन फिलामेंट यार्न (एनएफवाय), विस्कोस फिलामेंट यार्न (वीएफवाय) और स्पैन्डेक्स यार्न के आयात पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी (एडीडी) नहीं लगाने के निर्णय का स्वागत किया है। चैंबर ने इसे सूरत समेत देश की संपूर्ण टेक्सटाइल वैल्यू चेन के लिए बड़ी राहत बताया है।</p>
<p>डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज़ (डीजीटीआर) ने मार्च 2026 में इन यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की सिफारिश की थी। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने इन सिफारिशों को स्वीकार नहीं किया और निर्धारित समयसीमा समाप्त होने तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की। इससे स्पष्ट हो गया कि केंद्र सरकार ने इन उत्पादों पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागू नहीं करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>एसजीसीसीआई ने लगातार केंद्र सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि नायलॉन, विस्कोस और स्पैन्डेक्स यार्न पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से सूरत और दक्षिण गुजरात की विशाल टेक्सटाइल इंडस्ट्री सहित पूरे देश के डाउनस्ट्रीम टेक्सटाइल सेक्टर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।</p>
<p>चैंबर ने सरकार को अवगत कराया था कि ये यार्न साड़ियों, ड्रेस मटेरियल, फैब्रिक्स, स्ट्रेचेबल गारमेंट्स, टेक्निकल टेक्सटाइल और अन्य वैल्यू-एडेड उत्पादों के निर्माण में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं।</p>
<p>चैंबर के अनुसार, एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागू होने से उत्पादन लागत बढ़ने, भारतीय उत्पादकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता कम होने, निर्यात प्रभावित होने और रोजगार पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका थी।</p>
<p>एसजीसीसीआई के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि नायलॉन फिलामेंट यार्न, विस्कोस फिलामेंट यार्न और स्पैन्डेक्स यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी नहीं लगाने का निर्णय टेक्सटाइल उद्योग के लिए अत्यंत सकारात्मक है।</p>
<p>इससे प्रतिस्पर्धी कीमतों पर कच्चे माल की उपलब्धता बनी रहेगी, उत्पादन लागत नियंत्रित रहेगी, निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा और लाखों लोगों को रोजगार देने वाले टेक्सटाइल उद्योग की विकास गति मजबूत होगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नायलॉन उद्योग से जुड़े मुद्दे पर एसजीसीसीआई ने केंद्र सरकार को यह भी सुझाव दिया है कि आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के बजाय नायलॉन उद्योग के प्रमुख कच्चे माल कैप्रोलैक्टम की उपलब्धता और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे पूरी नायलॉन वैल्यू चेन को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।</p>
<p>अशोक जीरावाला ने टेक्सटाइल मंत्रालय और वित्त मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों मंत्रालयों ने उद्योग जगत की वास्तविक चिंताओं को गंभीरता से समझते हुए संतुलित और दूरदर्शी निर्णय लिया है।</p>
<p>उन्होंने गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी का भी विशेष धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने समय रहते इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाकर गुजरात की टेक्सटाइल इंडस्ट्री की आवाज़ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p>चैंबर ने कहा कि वह भविष्य में भी टेक्सटाइल उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता, निर्यात वृद्धि, रोजगार सृजन और उद्योग हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के समक्ष प्रभावी रूप से अपनी बात रखता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147812/sgcci-welcomes-decision-not-to-impose-anti-dumping-duty-on-surat</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 20:40:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title>सूरत : बिज़नेस ग्रोथ में पारिवारिक एकता की अहम भूमिका, चैंबर ने आयोजित किया विशेष सत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत।सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) द्वारा शनिवार, 20 जून 2026 को सरसाना स्थित समहति में "बिज़नेस ग्रोथ के लिए फैमिली हार्मनी" विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया।</p>
<p>कार्यक्रम में फैमिली बिज़नेस मेंटर राकेश जैन ने पारिवारिक एकता और सामंजस्य के माध्यम से व्यवसाय में दीर्घकालिक सफलता प्राप्त करने के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।</p>
<p>कार्यक्रम के स्वागत भाषण में चैंबर के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि मजबूत व्यवसाय की नींव एक मजबूत और सौहार्दपूर्ण परिवार होता है। उन्होंने कहा कि भारत की कुल जीडीपी में फैमिली बिज़नेस का सबसे बड़ा योगदान है।</p>
<p>सूरत की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147783/surat-chamber-organizes-special-session-on-important-role-of-family"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-06/b22062026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत।सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) द्वारा शनिवार, 20 जून 2026 को सरसाना स्थित समहति में "बिज़नेस ग्रोथ के लिए फैमिली हार्मनी" विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया।</p>
<p>कार्यक्रम में फैमिली बिज़नेस मेंटर राकेश जैन ने पारिवारिक एकता और सामंजस्य के माध्यम से व्यवसाय में दीर्घकालिक सफलता प्राप्त करने के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।</p>
<p>कार्यक्रम के स्वागत भाषण में चैंबर के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि मजबूत व्यवसाय की नींव एक मजबूत और सौहार्दपूर्ण परिवार होता है। उन्होंने कहा कि भारत की कुल जीडीपी में फैमिली बिज़नेस का सबसे बड़ा योगदान है।</p>
<p>सूरत की टेक्सटाइल और डायमंड जैसी प्रमुख इंडस्ट्रीज़ भी मुख्य रूप से पारिवारिक व्यवसायों द्वारा संचालित की जाती हैं, जो राज्य की मैन्युफैक्चरिंग अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश और शहर की प्रगति के पीछे परिवारों की संस्कृति, मूल्य और आपसी सहयोग सबसे बड़ी ताकत है। जब परिवार में शांति और एकता होती है, तब व्यवसाय भी अधिक सशक्त और सफल बनता है।</p>
<p>मुख्य वक्ता राकेश जैन ने कहा कि इतिहास गवाह है कि वही परिवार आगे बढ़ते हैं जो साथ रहकर अपनी सामूहिक क्षमताओं का उपयोग करते हैं। प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग प्रतिभाएं और गुण होते हैं, और जब ये सभी एक साथ आते हैं तो सफलता का मार्ग आसान हो जाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों के विघटन की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे आर्थिक असमानता और आपसी महत्व को लेकर मतभेद उत्पन्न होते हैं। ऐसे में परिवार और व्यवसाय दोनों को मजबूत बनाए रखने के लिए चार महत्वपूर्ण तत्वों—विजन, रणनीति, तालमेल (अलाइनमेंट) और प्रभावी क्रियान्वयन (एक्जीक्यूशन)—का संतुलन आवश्यक है।</p>
<p>राकेश जैन ने कहा कि किसी भी परिवार और व्यवसाय का भविष्य स्पष्ट विजन, अगली पीढ़ी तक विचारों के प्रभावी हस्तांतरण, पारिवारिक समन्वय और निरंतर कार्यान्वयन पर निर्भर करता है।</p>
<p>इन चारों पहलुओं के संतुलन से न केवल परिवार मजबूत होता है बल्कि व्यवसाय भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचता है। उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक वैल्यू क्रिएशन तभी संभव है जब ग्राहकों की जरूरतों और अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।</p>
<p>कार्यक्रम में चैंबर के मानद सचिव परेश लाठिया ने सत्र की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल ने मुख्य वक्ता का परिचय कराया। इस अवसर पर चैंबर के उपाध्यक्ष रवि राज देसाई, ऑल एग्ज़िबिशन चेयरमैन मनीष कपाड़िया सहित विभिन्न उद्योगों से जुड़े बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।</p>
<p>सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने पारिवारिक व्यवसायों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका राकेश जैन ने विस्तार से उत्तर दिया। कार्यक्रम का संचालन चैंबर की हॉस्पिटैलिटी, टूर्स एंड ट्रैवल्स कमेटी के चेयरमैन विनेश शाह ने किया तथा अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:46:17 +0530</pubDate>
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