<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/4919/diamond-industry" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Diamond Industry - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/4919/rss</link>
                <description>Diamond Industry RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात का सूरत की इंडस्ट्री पर साया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बने युद्ध जैसे हालातों ने वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर सूरत और दक्षिण गुजरात की प्रमुख इंडस्ट्रीज़ पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों ने इस संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उद्योगपतियों से सतर्क रहने की अपील की है।</p>
<p><strong>डायमंड इंडस्ट्री पर सबसे बड़ा खतरा</strong></p>
<p>चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने कहा कि सूरत की डायमंड इंडस्ट्री पहले से ही चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। इज़राइल वैश्विक डायमंड ट्रेड का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145811/surat-war-like-situation-in-west-asia-casts-shadow-on"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b01032026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बने युद्ध जैसे हालातों ने वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर सूरत और दक्षिण गुजरात की प्रमुख इंडस्ट्रीज़ पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों ने इस संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उद्योगपतियों से सतर्क रहने की अपील की है।</p>
<p><strong>डायमंड इंडस्ट्री पर सबसे बड़ा खतरा</strong></p>
<p>चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने कहा कि सूरत की डायमंड इंडस्ट्री पहले से ही चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। इज़राइल वैश्विक डायमंड ट्रेड का प्रमुख केंद्र है, ऐसे में वहां की अस्थिरता का असर सूरत में रफ डायमंड की सप्लाई पर पड़ सकता है। अमेरिका की संभावित भागीदारी से वहां लग्ज़री उत्पादों की मांग घटने की आशंका है, जिससे डायमंड और ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रभावित हो सकता है।</p>
<p>रूस के रफ डायमंड पर प्रतिबंध, रेड सी रूट पर बढ़ते फ्रेट और इंश्योरेंस खर्च के कारण उत्पादन लागत में वृद्धि हो रही है। लंबे समय तक हालात बने रहने पर जेमोलॉजिस्ट और संबंधित कर्मचारियों की नौकरियों पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही डॉलर-रुपये के उतार-चढ़ाव से निर्यातकों की चिंता और बढ़ सकती है।</p>
<p><strong>टेक्सटाइल सेक्टर पर कच्चे तेल का दबाव</strong></p>
<p>चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला ने बताया कि सूरत का टेक्सटाइल हब मुख्य रूप से पॉलिएस्टर और मैन-मेड फाइबर (MMF) पर आधारित है, जो पेट्रोलियम उत्पाद हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है, जिससे शॉर्ट टर्म में यार्न और कच्चे माल की कीमतें 15–20 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं।</p>
<p>दुबई और खाड़ी देश सूरत के टेक्सटाइल निर्यात के प्रमुख गेटवे हैं। मौजूदा हालात के चलते शिपमेंट में देरी और पेमेंट सिक्योरिटी का जोखिम बढ़ गया है। हालांकि कुछ अंतरराष्ट्रीय खरीदार भारत को विकल्प के रूप में देख रहे हैं, लेकिन बढ़ती लागत के बीच प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।</p>
<p><strong>ऊर्जा लागत और लॉजिस्टिक्स पर असर</strong></p>
<p>चैंबर के तत्कालीन पूर्व प्रेसिडेंट विजय मेवावाला ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है। समुद्री मार्गों में बाधा आने पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे पेट्रोल, डीजल, गैस और बिजली की लागत में वृद्धि होगी। इसका असर टेक्सटाइल, केमिकल, प्लास्टिक, पावरलूम और डायमंड प्रोसेसिंग जैसी ऊर्जा-आधारित इंडस्ट्रीज़ पर पड़ेगा।</p>
<p>ऑनरेरी मिनिस्टर बिजल जरीवाला ने कहा कि समुद्री मार्गों में रुकावट से फ्रेट चार्ज और इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ सकते हैं, कंटेनरों की कमी हो सकती है और एक्सपोर्ट ऑर्डर में देरी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ सकती है।</p>
<p><strong>होर्मुज स्ट्रेट और महंगाई की आशंका</strong></p>
<p>ऑनरेरी ट्रेजरर सीए मितेश मोदी ने कहा कि ईरान के पास स्थित होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है। यदि वहां बाधा आती है तो तेल और क्रूड की सप्लाई प्रभावित होगी। क्रूड कीमतों में तेज वृद्धि से देश में महंगाई बढ़ सकती है, राजकोषीय घाटे पर दबाव आ सकता है और ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी संभव है।</p>
<p><strong>उद्योग के लिए सलाह</strong></p>
<p>चैंबर पदाधिकारियों ने उद्योगपतियों से फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ नीति अपनाने, खासकर खाड़ी देशों को नए ऑर्डर देते समय भुगतान शर्तों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। कच्चे माल का पर्याप्त स्टॉक रखने, वैकल्पिक बाजार तलाशने और आंतरिक दक्षता बढ़ाकर लागत नियंत्रित करने पर जोर दिया गया है।</p>
<p>चैंबर ने स्पष्ट किया कि यदि वैश्विक हालात लंबे समय तक बने रहते हैं तो केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष उद्योगों के लिए राहत पैकेज, ब्याज दर में छूट, निर्यात प्रोत्साहन और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं में सुधार की मांग उठाई जाएगी, ताकि सूरत की इंडस्ट्री इस चुनौतीपूर्ण दौर में स्थिरता बनाए रख सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145811/surat-war-like-situation-in-west-asia-casts-shadow-on</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145811/surat-war-like-situation-in-west-asia-casts-shadow-on</guid>
                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 18:54:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-03/b01032026-01.jpg"                         length="55656"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : हीरा श्रमिकों को राहत, जीजेईपीसी देगी 35,000 रुपये का स्वास्थ्य बीमा और बच्चों को शैक्षणिक सामग्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। देश के प्रमुख हीरा उद्योग केंद्र सूरत में मंदी से प्रभावित रत्न कलाकारों (हीरा श्रमिकों) के लिए राहत की खबर आई है। रत्न एवं आभूषण संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने हीरा श्रमिकों के लिए 35,000 रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा और उनके बच्चों के लिए शैक्षणिक नोटबुक वितरित करने की योजना शुरू की है। यह योजना केवल उन श्रमिकों को उपलब्ध होगी जिनका पंजीकरण जीजेईपीसी द्वारा किया गया हो और जिनके पास आधिकारिक पहचान पत्र होगा।</p>
<p>पिछले दो वर्षों से हीरा उद्योग गंभीर आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, और बीते छह महीनों में लेब्रोन डायमंड और रियल डायमंड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140732/relief-to-surat-diamond-workers-will-give-gjepc-health-insurance"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/9388_gjepc.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। देश के प्रमुख हीरा उद्योग केंद्र सूरत में मंदी से प्रभावित रत्न कलाकारों (हीरा श्रमिकों) के लिए राहत की खबर आई है। रत्न एवं आभूषण संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने हीरा श्रमिकों के लिए 35,000 रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा और उनके बच्चों के लिए शैक्षणिक नोटबुक वितरित करने की योजना शुरू की है। यह योजना केवल उन श्रमिकों को उपलब्ध होगी जिनका पंजीकरण जीजेईपीसी द्वारा किया गया हो और जिनके पास आधिकारिक पहचान पत्र होगा।</p>
<p>पिछले दो वर्षों से हीरा उद्योग गंभीर आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, और बीते छह महीनों में लेब्रोन डायमंड और रियल डायमंड क्षेत्र में गिरावट ने श्रमिकों की कमर तोड़ दी है। सूरत में कई रत्न कलाकारों ने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाया, जिससे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हीरा श्रमिक संघ ने विरोध रैली का आयोजन किया था।</p>
<p>हीरा उद्योग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लाखों लोग इस संकट का सामना कर रहे हैं। काम के घंटों में कटौती और वेतन में 50 प्रतिशत तक की गिरावट के चलते श्रमिकों के सामने परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है। इन हालातों को देखते हुए राज्य सरकार ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए एक विशेष समिति गठित करने और आर्थिक सहायता योजना पर विचार करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>इसी के तहत जीजेईपीसी ने पहले चरण में पंजीकृत रत्न कलाकारों को बीमा का लाभ देने का फैसला किया है। परिषद की अध्यक्ष जयंती सावलिया ने बताया कि, “हम रत्न कलाकारों के लिए परिचय पत्र बनाने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्य में डायमंड एसोसिएशन, ज्वेलरी एसोसिएशन और डायमंड वर्कर्स यूनियन को भी शामिल किया गया है।”</p>
<p>श्रमिकों का आधार कार्ड और बैंक विवरण एकत्र कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही लाभार्थियों को बीमा और शैक्षणिक सामग्री जैसे नोटबुक वितरित की जाएंगी। सावलिया ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केवल पंजीकृत श्रमिकों को ही योजना का लाभ दिया जाएगा।</p>
<p>हीरा उद्योग की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कदम रत्न कलाकारों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। हालांकि, इस योजना का सफल क्रियान्वयन श्रमिकों के समुचित पंजीकरण और पहचान प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140732/relief-to-surat-diamond-workers-will-give-gjepc-health-insurance</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140732/relief-to-surat-diamond-workers-will-give-gjepc-health-insurance</guid>
                <pubDate>Tue, 13 May 2025 15:27:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-08/9388_gjepc.jpg"                         length="45347"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत का रत्न, आभूषण निर्यात बीते वित्त वर्ष में 11.72 प्रतिशत घटकर 28.5 अरब डॉलर पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 15 अप्रैल (भाषा) भू-राजनीतिक तनाव जारी रहने के कारण भारत का कुल रत्न एवं आभूषण निर्यात बीते वित्त वर्ष (2024-25) में 11.72 प्रतिशत घटकर 28.5 अरब डॉलर (करीब 2.41 लाख करोड़ रुपये) रहा है। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।</p>
<p>वित्त वर्ष 2023-24 में कुल रत्न एवं आभूषण निर्यात 32.2 अरब डॉलर (2.67 लाख करोड़ रुपये) रहा था।</p>
<p>हालांकि, मार्च में निर्यात में थोड़ा सुधार हुआ और यह 1.02 प्रतिशत बढ़कर 258.30 करोड़ डॉलर (22,340.89 करोड़ रुपये) हो गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 255.70 करोड़ डॉलर (21,228.71 करोड़</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140141/indias-gem-jewelery-exports-decreased-by-1172-percent-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/diamonds-labegron-industry.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 15 अप्रैल (भाषा) भू-राजनीतिक तनाव जारी रहने के कारण भारत का कुल रत्न एवं आभूषण निर्यात बीते वित्त वर्ष (2024-25) में 11.72 प्रतिशत घटकर 28.5 अरब डॉलर (करीब 2.41 लाख करोड़ रुपये) रहा है। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।</p>
<p>वित्त वर्ष 2023-24 में कुल रत्न एवं आभूषण निर्यात 32.2 अरब डॉलर (2.67 लाख करोड़ रुपये) रहा था।</p>
<p>हालांकि, मार्च में निर्यात में थोड़ा सुधार हुआ और यह 1.02 प्रतिशत बढ़कर 258.30 करोड़ डॉलर (22,340.89 करोड़ रुपये) हो गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 255.70 करोड़ डॉलर (21,228.71 करोड़ रुपये) था।</p>
<p>जीजेईपीसी के चेयरमैन किरीट भंसाली ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘रत्न एवं आभूषण निर्यात में गिरावट मुख्य रूप से चीन और भारत के प्रमुख निर्यात बाजारों अमेरिका की में मांग में लगातार कमी के कारण है। मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के कारण ऐसा हुआ है। साथ ही, कच्चे हीरे की कीमतों में 10-15 प्रतिशत की गिरावट के कारण मूल्य प्रभावित हुआ, जिससे निर्यात में कुल गिरावट आई।’’</p>
<p>तराशे और पॉलिश किए गए हीरों (सीपीडी) का कुल निर्यात पिछले वर्ष की इसी अवधि के 1,596.70 करोड़ डॉलर (1.32 लाख करोड़ रुपये) की तुलना में 16.75 प्रतिशत घटकर 1,329 करोड़ 20 लाख डॉलर (1.12 लाख करोड़ रुपये) रह गया।</p>
<p>अप्रैल, 2024-मार्च, 2025 की अवधि के लिए पॉलिश किए गए लैब-निर्मित हीरों का निर्यात पिछले वर्ष के 140.24 करोड़ डॉलर (11,612.36 करोड़ रुपये) की तुलना में 9.64 प्रतिशत घटकर 126 करोड़ 72.6 लाख डॉलर (10,716.13 करोड़ रुपये) रह गया।</p>
<p>वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान सोने के आभूषणों का कुल निर्यात 2023-24 के 1,122.77 करोड़ डॉलर (93,066.82 करोड़ रुपये) के मुकाबले 0.11 प्रतिशत घटकर 1,121 करोड़ 54.6 लाख डॉलर (94,937.78 करोड़ रुपये) रह गया।</p>
<p>वित्त वर्ष 2024-25 में चांदी के आभूषणों का निर्यात 40.58 प्रतिशत घटकर 96.18 करोड़ डॉलर (8,115.32 करोड़ रुपये) रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 161 करोड़ 86 लाख डॉलर (13,424.4 करोड़ रुपये) का हुआ था।</p>
<p>हालांकि, 2024-25 में प्लैटिनम के आभूषणों का निर्यात पिछले वर्ष के 16.35 करोड़ डॉलर (1,354.41 करोड़ रुपये) के मुकाबले 11.79 प्रतिशत बढ़कर 18.27 करोड़ डॉलर (1,547.3 करोड़ रुपये) हो गया।</p>
<p>इस बीच, रंगीन रत्न निर्यात 2024-25 के दौरान 8.01 प्रतिशत घटकर 44 करोड़ 3.8 लाख डॉलर (3,729.93 करोड़ रुपये) रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 47.87 करोड़ डॉलर (3,961.98 करोड़ रुपये) था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140141/indias-gem-jewelery-exports-decreased-by-1172-percent-to</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140141/indias-gem-jewelery-exports-decreased-by-1172-percent-to</guid>
                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 20:32:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-12/diamonds-labegron-industry.jpg"                         length="121529"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी से पहले भारत ने 1 अरब डॉलर से अधिक के रत्न और आभूषण निर्यात किए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत, 9 अप्रैल 2025: अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ोतरी लागू होने से पहले भारत के रत्न और आभूषण उद्योग ने तेजी से कदम उठाते हुए 1 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के उत्पादों का निर्यात किया। यह कदम अमेरिका के नए टैरिफ नियमों के प्रभाव से बचने के लिए उठाया गया, जिसमें 5 अप्रैल को 10% टैरिफ लागू हुआ और 9 अप्रैल को यह बढ़कर 26% हो गया।</p>
<p>टाइम्स ऑफ इंडिया की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, भारत के इस प्रमुख निर्यात-उन्मुख क्षेत्र ने मार्च 28 से अप्रैल 4 के बीच निर्यात में भारी उछाल दर्ज किया। इस दौरान 709.5 मिलियन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139961/india-exported-gems-and-jewelery-worth-more-than-1"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/diamonds-labegron-industry.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत, 9 अप्रैल 2025: अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ोतरी लागू होने से पहले भारत के रत्न और आभूषण उद्योग ने तेजी से कदम उठाते हुए 1 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के उत्पादों का निर्यात किया। यह कदम अमेरिका के नए टैरिफ नियमों के प्रभाव से बचने के लिए उठाया गया, जिसमें 5 अप्रैल को 10% टैरिफ लागू हुआ और 9 अप्रैल को यह बढ़कर 26% हो गया।</p>
<p>टाइम्स ऑफ इंडिया की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, भारत के इस प्रमुख निर्यात-उन्मुख क्षेत्र ने मार्च 28 से अप्रैल 4 के बीच निर्यात में भारी उछाल दर्ज किया। इस दौरान 709.5 मिलियन डॉलर मूल्य के रत्न और आभूषण उत्पादों का निर्यात किया गया, जिसमें से केवल 1 से 4 अप्रैल के बीच अमेरिका को 506.65 मिलियन डॉलर के उत्पाद भेजे गए। यह आंकड़ा 2024 की समान अवधि की तुलना में 502% अधिक है। पिछले साल इसी अवधि में केवल 223.24 मिलियन डॉलर का निर्यात हुआ था।</p>
<p>उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च 28 से निर्यात में तेजी शुरू हुई, जब उद्योग ने 10% टैरिफ लागू होने से पहले अपने उत्पादों को भेजने की रणनीति बनाई। मार्च के अंतिम चार दिनों (28-31 मार्च) में 162.43 मिलियन डॉलर के उत्पाद निर्यात किए गए, जो 2024 की समान अवधि में 110.35 मिलियन डॉलर की तुलना में काफी अधिक था।</p>
<p>जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने कहा, "इस छोटी अवधि में इतनी बड़ी मात्रा में रत्न और आभूषण उत्पादों का निर्यात हमारी उद्योग की ताकत को दर्शाता है। हमारे पास पाइपलाइन में उत्पाद तैयार थे, जिन्हें हमने समय रहते पूरा कर निर्यात कर दिया।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस निर्यात से अमेरिकी ग्राहकों की कम से कम एक महीने की मांग पूरी हो जाएगी और उद्योग ने अपना व्यवसाय सुरक्षित कर लिया है।</p>
<p>सूरत, जो विश्व का सबसे बड़ा डायमंड कटिंग और पॉलिशिंग केंद्र है, इस तेजी में सबसे आगे रहा। GJEPC के क्षेत्रीय अध्यक्ष जयंती सवालिया ने कहा, "यह अप्रत्याशित टैरिफ बढ़ोतरी थी, और इसके प्रभाव की किसी ने कल्पना नहीं की थी। इन निर्यातों ने सूरत के डायमंड और आभूषण उद्योग की परिपक्वता को दिखाया, जो नई परिस्थितियों में स्मार्ट तरीके से प्रतिक्रिया दे सका।"</p>
<p>अमेरिका भारत के रत्न और आभूषण निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है, जो 2023-2024 में भारत के कुल 32.85 बिलियन डॉलर के निर्यात का 30% हिस्सा लेता है। हालांकि, नए टैरिफ नियमों ने उद्योग के लिए चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में लाभ मार्जिन केवल 2% है। उद्योग अब वैकल्पिक रणनीतियों पर विचार कर रहा है, जिसमें दुबई के रास्ते निर्यात को री-रूट करना शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/139961/india-exported-gems-and-jewelery-worth-more-than-1</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/139961/india-exported-gems-and-jewelery-worth-more-than-1</guid>
                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 10:02:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-12/diamonds-labegron-industry.jpg"                         length="121529"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन के हीरा उद्योग में सुधार के संकेत से भारतीय निर्यातकों की उम्मीद बढ़ी: जीजेईपीसी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(के जे एम वर्मा)</p>
<p>बीजिंग, 23 मार्च (भाषा) चीन के हीरा बाजार में सुधार के संकेत ने भारतीय हीरा उद्योग की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे हीरा विनिर्माण परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही।</p>
<p>चीन में आर्थिक मंदी और विवाह दर में गिरावट के चलते हीरा बाजार में मंदी आई। चीन का हीरा बाजार लगभग नौ अरब अमेरिकी डॉलर का है।</p>
<p>पिछले साल, चीन के हीरा बाजार ने लगभग 5.7 अरब डॉलर का राजस्व हासिल किया था और बाजार विश्लेषकों के अनुसार 2030 तक इसके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139519/gjepc-increased-the-hope-of-indian-exporters-with-indication-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-10/gjepc.jpg" alt=""></a><br /><p>(के जे एम वर्मा)</p>
<p>बीजिंग, 23 मार्च (भाषा) चीन के हीरा बाजार में सुधार के संकेत ने भारतीय हीरा उद्योग की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे हीरा विनिर्माण परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही।</p>
<p>चीन में आर्थिक मंदी और विवाह दर में गिरावट के चलते हीरा बाजार में मंदी आई। चीन का हीरा बाजार लगभग नौ अरब अमेरिकी डॉलर का है।</p>
<p>पिछले साल, चीन के हीरा बाजार ने लगभग 5.7 अरब डॉलर का राजस्व हासिल किया था और बाजार विश्लेषकों के अनुसार 2030 तक इसके 7.2 अरब डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p>चीन में हीरे की मांग में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है, जबकि पिछले दो वर्षों में हीरे की थोक कीमतों में लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट हुई। इसका असर भारत में भी देखने को मिला, जिसकी तराशे और पॉलिश किए गए हीरे के निर्यात में एक तिहाई हिस्सेदारी है।</p>
<p>जीजेईपीसी ने पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों में कहा कि अमेरिका और चीन में मांग लगातार घटने के बाद फरवरी में भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात में सालाना आधार पर 23.49 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 242.29 करोड़ डॉलर रह गया।</p>
<p>जीजेईपीसी की विज्ञप्ति में उसके चेयरमैन किरीट भंसाली ने कहा, ''हीरे की स्थिर कीमतें और चीन की मांग में सुधार, वैश्विक उद्योग के लिए सकारात्मक संके हैं। भारत का मजबूत विनिर्माण आधार इस अवसर का लाभ उठाने की स्थिति में है।''</p>
<p>जीजेईपीसी के वाइस चेयरमैन शौनक पारेख ने कहा कि लंबी मंदी के बाद बिक्री स्थिर हो रही है और यह नई मांग भारत के हीरा विनिर्माण उद्योग को नया आकार दे सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/139519/gjepc-increased-the-hope-of-indian-exporters-with-indication-of</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/139519/gjepc-increased-the-hope-of-indian-exporters-with-indication-of</guid>
                <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 20:00:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-10/gjepc.jpg"                         length="24520"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोलिटैरियो लैब ग्रोन डायमंड्स ने आईपीओ से पहले वित्तपोषण में 36 लाख डॉलर जुटाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) कृत्रिम हीरों के अग्रणी ब्रांड सोलिटैरियो लैब ग्रोन डायमंड ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले वित्तपोषण चरण में 36 लाख डॉलर जुटाए हैं।</p>
<p>मंगलवार को कंपनी ने एक बयान में कहा कि वित्तपोषण चरण में नीरज गुप्ता (मेरु कैब्स के संस्थापक), मॉरीशस स्थित एफपीआई इन्वेस्टी ग्लोबल, विको ग्रुप और सीमा मनीष नुवाल (सोलर इंडस्ट्रीज के प्रवर्तक) सहित कई उल्लेखनीय निवेशकों ने हिस्सा लिया, साथ ही अमित अग्रवाल, राजेश सिंगला, गरिमा थीती और संदीप सिंह सहित कई बहुत अमीर व्यक्ति (यूएचएनआई) भी शामिल हुए।</p>
<p>आभूषण उद्योग के दिग्गज रिकी वासंदानी और बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/134614/solitario-lab-grone-diamonds-raised---36-million-in-financing-before-ipo"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/business-news-update.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) कृत्रिम हीरों के अग्रणी ब्रांड सोलिटैरियो लैब ग्रोन डायमंड ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले वित्तपोषण चरण में 36 लाख डॉलर जुटाए हैं।</p>
<p>मंगलवार को कंपनी ने एक बयान में कहा कि वित्तपोषण चरण में नीरज गुप्ता (मेरु कैब्स के संस्थापक), मॉरीशस स्थित एफपीआई इन्वेस्टी ग्लोबल, विको ग्रुप और सीमा मनीष नुवाल (सोलर इंडस्ट्रीज के प्रवर्तक) सहित कई उल्लेखनीय निवेशकों ने हिस्सा लिया, साथ ही अमित अग्रवाल, राजेश सिंगला, गरिमा थीती और संदीप सिंह सहित कई बहुत अमीर व्यक्ति (यूएचएनआई) भी शामिल हुए।</p>
<p>आभूषण उद्योग के दिग्गज रिकी वासंदानी और बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित सोलिटैरियो टिकाऊ, पर्यावरण के प्रति जागरूक हीरे के आभूषणों का निर्माण करता है, जिसमें हार, अंगूठी, झुमके, कंगन और पेंडेंट शामिल हैं।</p>
<p>विवेक ओबेरॉय ने कहा, “नई जुटाई गई पूंजी का उपयोग सोलिटैरियो के खुदरा नेटवर्क को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने, नए भौगोलिक बाजारों में प्रवेश करने, ब्रांडिंग और विपणन पहलों को बढ़ाने, अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को व्यापक बनाने और अपनी विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।”</p>
<p>कंपनी की खुदरा उपस्थिति मजबूत है और 10 प्रमुख भारतीय शहरों में इसके 18 स्टोर हैं। कंपनी के दुबई, मलेशिया और स्पेन में 38 आउटलेट हैं।</p>
<p>सोलिटैरियो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रिकी वासंदानी ने बयान में कहा, “यह निवेश सुंदर, टिकाऊ आभूषण बनाने के हमारे दृष्टिकोण को मान्य करता है जो हमारे ग्रह के भविष्य से समझौता नहीं करता है।”</p>
<p>भारतीय रत्न एवं आभूषण बाजार के 2021 में 43 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 तक 91 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।</p>
<p>कृत्रिम रूप से (प्रयोगशाला में) विकसित हीरे के बाजार वर्तमान मूल्य 2023 में 25 करोड़ डॉलर है और 2033 तक इसके 1.2 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।</p>
<p>सोलिटैरियो का लक्ष्य 2028 तक 500 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/134614/solitario-lab-grone-diamonds-raised---36-million-in-financing-before-ipo</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/134614/solitario-lab-grone-diamonds-raised---36-million-in-financing-before-ipo</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 12:57:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/business-news-update.jpg"                         length="52512"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवंबर में रत्न, आभूषण निर्यात 12.94 प्रतिशत घटकर 198.62 करोड़ डॉलर पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 18 दिसंबर (भाषा) रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने बुधवार को कहा कि लंबे समय तक भू-राजनीतिक तनाव के कारण नवंबर में रत्न और आभूषण निर्यात 12.94 प्रतिशत घटकर 198.62 करोड़ डॉलर (16,763.13 करोड़ रुपये) रह गया है।</p>
<p>नवंबर, 2023 में रत्न और आभूषण निर्यात 228.14 करोड़ डॉलर का रहा था।</p>
<p>जीजेईपीसी के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में तराशे एवं पॉलिश किए गए हीरों का निर्यात पिछले साल की समान अवधि के 110.65 करोड़ डॉलर की तुलना में 39.81 प्रतिशत घटकर 66.60 करोड़ डॉलर रह गया।</p>
<p>नवंबर के दौरान पॉलिश किए गए प्रयोगशाला में तैयार हीरों का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111887/gems-and-jewelery-exports-declined-by-12-94-percent-to--198-62-million-in-november"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/daimond3.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 18 दिसंबर (भाषा) रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने बुधवार को कहा कि लंबे समय तक भू-राजनीतिक तनाव के कारण नवंबर में रत्न और आभूषण निर्यात 12.94 प्रतिशत घटकर 198.62 करोड़ डॉलर (16,763.13 करोड़ रुपये) रह गया है।</p>
<p>नवंबर, 2023 में रत्न और आभूषण निर्यात 228.14 करोड़ डॉलर का रहा था।</p>
<p>जीजेईपीसी के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में तराशे एवं पॉलिश किए गए हीरों का निर्यात पिछले साल की समान अवधि के 110.65 करोड़ डॉलर की तुलना में 39.81 प्रतिशत घटकर 66.60 करोड़ डॉलर रह गया।</p>
<p>नवंबर के दौरान पॉलिश किए गए प्रयोगशाला में तैयार हीरों का निर्यात (अस्थायी आंकड़ा) पिछले वर्ष के 10.91 करोड़ डॉलर की तुलना में 42.37 प्रतिशत घटकर 6.28 करोड़ डॉलर रह गया।</p>
<p>हालांकि, सादे सोने के आभूषणों का निर्यात नवंबर में 72.12 प्रतिशत बढ़कर 65.28 करोड़ डॉलर का हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 37.92 करोड़ डॉलर का हुआ था।</p>
<p>जीजेईपीसी के पूर्व अध्यक्ष कॉलिन शाह ने कहा, ‘‘लंबे समय से चल रहा भू-राजनीतिक तनाव भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, जिसके कारण पिछले महीने में तेजी देखने के बाद निर्यात में मंदी आई है। इसलिए, भू-राजनीतिक मोर्चे पर कोई भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम आने वाले समय में व्यापार गतिविधियों को बाधित करना जारी रख सकता है। हालांकि, छुट्टियों के मौसम के करीब होने के कारण, हमें उम्मीद है कि बढ़ती खरीदारी की भावना से मांग में तेजी बनी रहेगी।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/111887/gems-and-jewelery-exports-declined-by-12-94-percent-to--198-62-million-in-november</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/111887/gems-and-jewelery-exports-declined-by-12-94-percent-to--198-62-million-in-november</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Dec 2024 12:55:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-12/daimond3.jpg"                         length="61638"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मांग में कमी के कारण 3 साल से हीरा उद्योग चुनौतियों का सामना कर रहा : गोयल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, छह दिसंबर (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि देश का हीरा क्षेत्र पिछले तीन साल से मांग में कमी और रूस पर जी7 प्रतिबंध आदि के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी। उनसे सवाल किया गया था कि क्या यह सच है कि पिछले तीन साल से देश में हीरा क्षेत्र को भारी मंदी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>इसके जवाब में गोयल ने कहा, ‘‘जी हां, हीरा क्षेत्र पिछले तीन साल से प्रमुख</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/107219/diamond-industry-facing-challenges-for-last-3-years-due-to-lack-of-demand--goyal"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/diamonds-labegron-industry.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, छह दिसंबर (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि देश का हीरा क्षेत्र पिछले तीन साल से मांग में कमी और रूस पर जी7 प्रतिबंध आदि के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है।</p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी। उनसे सवाल किया गया था कि क्या यह सच है कि पिछले तीन साल से देश में हीरा क्षेत्र को भारी मंदी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>इसके जवाब में गोयल ने कहा, ‘‘जी हां, हीरा क्षेत्र पिछले तीन साल से प्रमुख निर्यात गंतव्यों में मांग में कमी और रूसी मूल के हीरों पर जी 7 प्रतिबंधों जैसे आपूर्ति संबंधी वजहों के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में हीरे का निर्यात घटकर 18.37 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया जो 2021-22 में 25.48 अरब अमेरिकी डॉलर था। उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में आयात भी घटकर 23 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जबकि 2021-22 में यह 28.86 अरब अमेरिकी डॉलर था।</p>
<p>गोयल ने बताया कि अक्टूबर 2020 के नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) रत्न और आभूषण अध्ययन के अनुसार, हीरा उद्योग में लगभग 18,036 कंपनियां और 8,19,926 कर्मचारी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/107219/diamond-industry-facing-challenges-for-last-3-years-due-to-lack-of-demand--goyal</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/107219/diamond-industry-facing-challenges-for-last-3-years-due-to-lack-of-demand--goyal</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Dec 2024 19:05:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-12/diamonds-labegron-industry.jpg"                         length="121529"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई एयरपोर्ट पर स्ट्रोंग रुम बनवा रहा सूरत डायमंड बुर्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत के खजोद स्थित सूरत डायमंड बुर्स में संपूर्ण रुप से कामकाजी व्यवस्था कायम करने के उद्देश्य से मुंबई एयरपोर्ट पर  सूरत डायमंड बुर्स द्वारा 10x20 साइज का स्ट्रॉंग रूम बनाने की कवायद शुरु कर दी गई है। विदेश से आने वाले डायमंड के पार्सलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर बीकेसी के स्ट्रॉंग रूम के बगल में इस स्ट्रॉंग रूम का कामकाज शुरु किया गया है और लगभग पखवाड़े के भीतर यह काम पूरा हो जायेगा।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार सूरत के खजोद में लगभग 3400 करोड़ रुपये की लागत पर तैयार किये गये दुनिया के सबसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/101445/surat-diamond-burse-is-building-a-strong-room-at-mumbai"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-05/03052024-gs1.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत के खजोद स्थित सूरत डायमंड बुर्स में संपूर्ण रुप से कामकाजी व्यवस्था कायम करने के उद्देश्य से मुंबई एयरपोर्ट पर  सूरत डायमंड बुर्स द्वारा 10x20 साइज का स्ट्रॉंग रूम बनाने की कवायद शुरु कर दी गई है। विदेश से आने वाले डायमंड के पार्सलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर बीकेसी के स्ट्रॉंग रूम के बगल में इस स्ट्रॉंग रूम का कामकाज शुरु किया गया है और लगभग पखवाड़े के भीतर यह काम पूरा हो जायेगा।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार सूरत के खजोद में लगभग 3400 करोड़ रुपये की लागत पर तैयार किये गये दुनिया के सबसे बड़े ऑफिस बिल्डिंग समान सूरत डायमंड बुर्स में कामकाज बढ़ाने के लिये नई कार्यसमिति द्वारा भरसक प्रयास किये जा रहे हैं। सूरत और मुंबई के डायमंड के उद्यमियों के साथ सिलसिलेवार बैठकों के पश्चात् निर्णय हुआ है कि जुलाई तक बुर्स स्थित कार्यालयों में कामकाज की गति बढ़ाई जायेगी। इस सिलसिले में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्ट्रॉंग रूम बनाने की कवायद की गई है। बुर्स कमिटी के अग्रणियों के अनुसार कस्टम विभाग की इस संबंध में मंजूरी मिली गई है। अधिकांश इंटरनेशल फ्लाईट्स मुंबई एयरपोर्ट पर आती हैं और विदेश से आने वाले डायमंड के पार्सल रिसिव करने के लिये कुरियर कंपनी का स्टाफ वहां 24 घंटे कार्यरत नहीं रहता है। ऐसे में डायमंड के पार्सलों के इंश्योरंस से लेकर उसकी सुरक्षा के लिये एयरपोर्ट पर ये व्यवस्था की गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/101445/surat-diamond-burse-is-building-a-strong-room-at-mumbai</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/101445/surat-diamond-burse-is-building-a-strong-room-at-mumbai</guid>
                <pubDate>Fri, 03 May 2024 12:49:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-05/03052024-gs1.jpg"                         length="74738"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : चैंबर की महिलाएं हुई सक्रिय, उपाध्यक्ष पद पर महिला चेहरे को पदासीन करने के मुड़ में</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आठ दशकों से सूरत सहित दक्षिण गुजरात के उद्योग जगत का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रति‌ष्ठित संस्था द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स के इस बार के चुनाव रोचक मोड़ ले सकते हैं। उपाध्यक्ष पद के लिये होने वाले चुनाव में हमेशा की तरह इंडस्ट्री के नामी-गिरामी पुरुष चेहरे अपनी जोर-आजमाईश करते दिख रहे हैं। लेकिन इस बाद लगता है कुछ नया होगा। जी हां, अब तक पर्दे के पीछे से चैंबर के कामकाज में उपयोगी भूमिका निभाने वाली महिला इकाई की सदस्यों ने उपाध्यक्ष पद के लिये महिला चेहरे को पदासीन करने की पैरवी लगा दी है। इसके लिये उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91192/the-women-of-surat-chamber-became-active-in-the-turn"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/5243_chamberlogo.jpg" alt=""></a><br /><p>आठ दशकों से सूरत सहित दक्षिण गुजरात के उद्योग जगत का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रति‌ष्ठित संस्था द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स के इस बार के चुनाव रोचक मोड़ ले सकते हैं। उपाध्यक्ष पद के लिये होने वाले चुनाव में हमेशा की तरह इंडस्ट्री के नामी-गिरामी पुरुष चेहरे अपनी जोर-आजमाईश करते दिख रहे हैं। लेकिन इस बाद लगता है कुछ नया होगा। जी हां, अब तक पर्दे के पीछे से चैंबर के कामकाज में उपयोगी भूमिका निभाने वाली महिला इकाई की सदस्यों ने उपाध्यक्ष पद के लिये महिला चेहरे को पदासीन करने की पैरवी लगा दी है। इसके लिये उन्होंने बाकायदा सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित जागरूकता पत्र तैयार किया गया है और क्षेत्र के सांसदों, मंत्रियों और मीडिया तक पहुंचा कर इस विषय में माहौल तैयार करने के साथ समर्थन जुटाने का अभियान छेड़ दिया है।</p>
<p>चैंबर रूपी व्यापारी-महाजनों की इस संस्था की महिला इकाई की सदस्यों का मानना है कि वे वर्षों से महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ व्यापार-धंधे में आने वाली दिक्कतों के निवारण के लिये, उपयोगी प्रेजेन्टेशन तैयार करने से लेकर सेमीनारों, वर्कशॉप, कोन्क्लेव सहित के आयोजनों में परिणाम लक्षी भागीदारी कर रही हैं। चैंबर की महिला इकाई ने अपनी साख भी समाज में स्थापित की है। </p>
<p>महिला सदस्यों का कहना है उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाया है, बावजूद इसके बार-बार क्यों महिलाओं को अपनी क्षमता प्रमाणित करनी पड़ती है? टेक्सटाइल और हीरा क्षेत्र में अपनी पहचान कायम करने वाले सूरत शहर की प्रतिनिधि संस्था चैंबर में आठ दशकों से पुरुषों का वर्चस्व रहा है। शहर में एक से बढ़कर एक महिला प्रतिभाएं हैं जो संस्था का प्रतिनिधित्व और नेतृत्व करने करने में समक्ष हैं। </p>
<p>चैंबर की इन महिला सदस्यों के सवाल उठाया है कि एक ओर हम समाज में महिलाओं को समान अवसर देने की बातें करते हैं, दूसरी ओर आठ दशकों से संस्था के प्रमुख पद पर एक महिला चेहरे को नहीं बैठा पाए हैं, यह कैसा दोगलापन है? क्यों संस्था के पुरुष सदस्य किसी महिला को सर्वोच्च पद के लिये उम्मीदवार नहीं बनाते? जब देश के सर्वोच्च पद पर राष्ट्रपति के रुप में महिला पदासीन हो सकती हैं तो सूरत के उद्योग जगत की इस प्रतिनिधि संस्था में क्यों नहीं? महिला सदस्यों ने आह्वान किया है कि दक्षिण गुजरात के आला उद्यमी और चैंबर के सदस्य आगे आएं और हमारी सभ्यता और संस्कृति की साख कायम रहे इस प्रकार उदार विचारों के साथ महिला को नेतृत्व देने के लिये पहल करें। </p>
<p>हमेशा से ऐसा चलन रहा है कि चैंबर कार्यकारिणी के चुनाव में दावेदारी करने वाली महिला प्रतिनिधियों को समझा-बूझा कर चुनाव से हटा लिया जाता है। लेकिन जिस प्रकार महिला इकाई ने इस बार कमर कसी है, और यदि कोई चेहरा उपाध्यक्ष पद के लिये दावेदारी करती हैं और आखिरी वक्त तक मैदान में डटी रहती हैं, तो चैंबर का इस बार का चुनाव रोचक मोड़ ले सकता है। देखना होगा आने वाले दिनों में चुनावी सगर्मिंयां क्या बानगी प्रस्तुत करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/91192/the-women-of-surat-chamber-became-active-in-the-turn</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/91192/the-women-of-surat-chamber-became-active-in-the-turn</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Apr 2023 19:40:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-08/5243_chamberlogo.jpg"                         length="54430"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : जानिये हीरा कंपनी ने रत्नकलाकारों के साथ ऐसा क्या अन्याय किया जो 20 हजार का जुर्माना लग गया?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत की एक बड़ी हीरा कंपनी पर सूरत के श्रम विभाग द्वारा 20 हजार रुपये का जुर्माने लगाया गया है। इस कंपनी द्वारा हीरा तराशने वालों अर्थात रत्न कलाकारों को उनका अधिकार नहीं देने पर यह कार्यवाही की गई।</p>
<p>हीरा उद्योग में कई कारखानों के श्रमिक यानी रत्न कलाकार श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित हैं। सूरत में मारूति इम्पेक्स डायमंड की बड़ी फैक्ट्री है जिसमें दो हजार रत्न कलाकार काम करते हैं। इस कंपनी द्वारा श्रम विभाग अधिनियम के तहत रत्न कलाकारों को लाभ नहीं देने की शिकायत विभाग को मिली थी। इसके बाद विभाग ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90897/surat-know-what-injustice-was-done-by-the-diamond-company"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/story-01042023-b14.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत की एक बड़ी हीरा कंपनी पर सूरत के श्रम विभाग द्वारा 20 हजार रुपये का जुर्माने लगाया गया है। इस कंपनी द्वारा हीरा तराशने वालों अर्थात रत्न कलाकारों को उनका अधिकार नहीं देने पर यह कार्यवाही की गई।</p>
<p>हीरा उद्योग में कई कारखानों के श्रमिक यानी रत्न कलाकार श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित हैं। सूरत में मारूति इम्पेक्स डायमंड की बड़ी फैक्ट्री है जिसमें दो हजार रत्न कलाकार काम करते हैं। इस कंपनी द्वारा श्रम विभाग अधिनियम के तहत रत्न कलाकारों को लाभ नहीं देने की शिकायत विभाग को मिली थी। इसके बाद विभाग ने मारुति इम्पेक्स पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया।</p>
<p>श्रम अधिनियम के तहत कंपनी में काम करने वाले रत्न कलाकारों को भविष्य निधि, वेतन पर्ची, ईएसआईसी, पहचान पत्र, महंगाई के हिसाब से वेतन वृद्धि, बोनस, हक रजा, ग्रेज्युईटी, ओवरटाइम का वेतन, कैंटीन सहित अन्य लाभ देने होते हैं, जो कंपनी द्वारा नहीं ‌दिये जा रहे थे।इस मामले में रत्नकलाकार एसोसिएशन द्वारा श्रम विभाग में शिकायत करने के बाद कंपनी को जुर्माना लगाया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90897/surat-know-what-injustice-was-done-by-the-diamond-company</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/90897/surat-know-what-injustice-was-done-by-the-diamond-company</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Apr 2023 19:49:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2023-04/story-01042023-b14.jpg"                         length="59105"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : डायमंड बुर्स के उद्घाटन के लिए और एक संभावित तिथि </title>
                                    <description><![CDATA[अब मई महिने में हो सकता है विश्व की इस सबसे बड़ी व्यावसायिक इमारत का लोकार्पण, मेन्टेनेन्स शुरु हो जाने से सदस्यों को शिकायत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>सूरत डायमंड बुर्स (एसडीबी) पूरी तरह तैयार हो चुका लेकिन लंबे समय से इसके उद्घाटन को लेकर पेंच अड़ा हुआ है। इसके उद्घाटन के लिए एक बार और तारीख बदली गई है। पहले इसे दिवाली के तुरंत बाद और फिर मार्च में खोला जाना था, लेकिन अब इसका मई में उद्घाटन करने की योजना है।  </p>
<p>डायमंड बुर्स का ज्यादातर काम खत्म हो गया है, लेकिन अब अन्य प्रक्रियाएं चल रही हैं और इसे जल्द से जल्द खत्म करने के लिए बुर्स प्रबंधन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। बुर्स में 4,500 सदस्य हैं और जनवरी से उनसे मेंटेनेंस भी लेना शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने नाराजगी जताई है कि भाई अभी काम शुरू नहीं हुआ और मेंटेनेंस शुरू हो गया है। बुर्स से जुडे़ लोगों का कहना है कि जो सुविधा दे रहे हैं, उसके लिए भुगतान करना पड़ता है, इसलिए मेंटेनेंस भी देना होगा। </p>
<p>इस बात की जानकारी देते हुए सूरत डायमंड बुर्स के अधिकारी ने मीडिया को बताया कि यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है और ऐसे में एक बार उद्घाटन हो जाने के बाद इसे तुरंत चालू किया जाना चाहिए, इसे पड़ा हुआ नहीं छोड़ना चाहिए। हमारा अनुमान है कि यह मई तक चालू हो जाएगा और उसी के अनुसार काम हो रहा है। प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है। ग्राऊन्ड फ्लोर क्षेत्र विभिन्न बैंकों को पट्टे पर दिए जाने की प्रक्रिया में है। सभी प्रारंभिक सीमा शुल्क निकासी प्राप्त कर ली गई है और कार्य भी प्रगति पर है।</p>
<p>उन्होंने आगे बताया कि हमने सुरक्षा के सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए दो तिजोरियां - सेफ वोल्ट बनाई हैं। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए थे। इसकी दो कंपनियां फाइनल भी हो चुकी हैं। उनकी दस्तावेजी प्रक्रिया भी चल रही है। सदस्यों के पंजीकरण का कार्य तुरंत शुरू किया जाएगा। इस प्रकार इस परियोजना के चालू होने के साथ-साथ सभी सुविधाओं को भी चालू किया जाना है, जिसका कार्य अब समाप्त हो गया है। हमें उम्मीद है कि मई तक बुर्स खुल जाएगा।</p>
<p>मेंटेनेंस शुरू किए जाने को लेकर बुर्स के संचालकों ने कहा कि 'हम इस सूरत डायमंड बुर्स को नो-प्रॉफिट, नो-लॉस के आधार पर चलाना चाहते हैं। इसलिए सदस्यों के लिए जो भी सुविधाएं दे रहे हैं जैसे सुरक्षा, सफाई, रख-रखाव और अन्य सुविधाएं रखनी होती हैं और उसके कर्मचारियों का वेतन देना होता है, इसलिए मेन्टेनन्स शुरू किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/89789/another-possible-date-for-the-opening-of-the-surat-diamond</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/89789/another-possible-date-for-the-opening-of-the-surat-diamond</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Feb 2023 14:59:42 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        