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                <description>Business RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सोने-चांदी की कीमतों में लगी आग, निवेश में आया जबरदस्त उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय सराफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच, भारत में 24 कैरेट सोने का भाव आज 1,55,780 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।</p>
<p>वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत 1,42,800 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। कीमती धातुओं के दाम में इस भारी उछाल ने निवेशकों को चौंका दिया है, क्योंकि मांग में कमी के बजाय बाजार में खरीदारी का उत्साह और बढ़ गया है।</p>
<p>सोने के साथ-साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146665/gold-and-silver-prices-on-fire-huge-jump-in-investment"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/gold-silver-news.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 18 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय सराफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच, भारत में 24 कैरेट सोने का भाव आज 1,55,780 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।</p>
<p>वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत 1,42,800 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। कीमती धातुओं के दाम में इस भारी उछाल ने निवेशकों को चौंका दिया है, क्योंकि मांग में कमी के बजाय बाजार में खरीदारी का उत्साह और बढ़ गया है।</p>
<p>सोने के साथ-साथ चांदी ने भी आज एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। औद्योगिक मांग और वैश्विक निवेशकों के रुझान के चलते एक किलो चांदी की कीमत आज 2,75,000 रुपये के पार निकल गई है।</p>
<p>अप्रैल महीने की शुरुआत से अब तक चांदी की कीमतों में करीब 20,000 रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक उछाल देखा गया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में चांदी की बढ़ती खपत इसके दामों को नई ऊंचाई पर ले जा रही है, जिससे यह ‘गरीबों का सोना’ अब अमीरों की पहली पसंद बनता जा रहा है।</p>
<p>कीमती धातुओं के दामों में इस बढ़ोतरी का सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की स्थिति और वैश्विक महंगाई से है। डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव ने भी घरेलू बाजार में कीमतों को प्रभावित किया है।</p>
<p>दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,55,930 रुपये और चेन्नई में 1,56,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने का आकर्षण कभी कम नहीं होता, यही वजह है कि महंगाई के इस दौर में भी लोग भौतिक सोने और चांदी में निवेश करना सबसे भरोसेमंद विकल्प मान रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 17:05:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार ने 15 बड़े बैंकों को 2029 तक सोना-चांदी आयात की दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 15 बड़े बैंकों को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक सोना और चांदी आयात करने की अनुमति दे दी है। इस सूची में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे प्रमुख बैंक शामिल हैं।</p>
<p>वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और स्बरबैंक को इस अवधि में केवल सोना आयात करने की अनुमति दी गई है। यह अधिसूचना डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) द्वारा जारी की गई है।</p>
<p>सरकार का यह कदम बुलियन (सोना-चांदी) के आयात को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146651/government-gives-permission-to-15-big-banks-to-import-gold"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/gold-silver-news.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 15 बड़े बैंकों को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक सोना और चांदी आयात करने की अनुमति दे दी है। इस सूची में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे प्रमुख बैंक शामिल हैं।</p>
<p>वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और स्बरबैंक को इस अवधि में केवल सोना आयात करने की अनुमति दी गई है। यह अधिसूचना डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) द्वारा जारी की गई है।</p>
<p>सरकार का यह कदम बुलियन (सोना-चांदी) के आयात को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। केवल अधिकृत बैंकों के जरिए आयात करने से लेनदेन की निगरानी आसान होगी और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।</p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अधिकृत बैंकों में एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, डॉयचे बैंक, फेडरल बैंक, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक समेत कई अन्य बैंक शामिल हैं, जिन्हें सोना और चांदी, दोनों आयात करने की अनुमति दी गई है।</p>
<p>इस बीच, मार्च 2026 में भारत का सोने का आयात घटकर 9 महीने के निचले स्तर 3.1 अरब डॉलर पर आ गया। मात्रा के हिसाब से यह करीब 20-25 टन रहा, जो पिछले 12 महीनों के औसत 62 टन से काफी कम है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) के अनुसार, इसकी वजह मांग में कमी और मध्य पूर्व से सप्लाई में बाधाएं हैं, जो भारत के लिए एक अहम ट्रांजिट हब है।</p>
<p>अप्रैल में सोने की कीमतों में कुछ सुधार देखने को मिला है। वहीं, इंपोर्ट में कमी और सप्लाई की दिक्कतों के कारण घरेलू बाजार में छूट (डिस्काउंट) भी कम हुई है।</p>
<p>सूचीबद्ध ज्वैलरी कंपनियों ने 2026 की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें शादी के सीजन, बढ़े हुए खर्च और बिजनेस विस्तार का योगदान रहा।</p>
<p>इसके अलावा, भारत में गोल्ड ईटीएफ में निवेश लगातार 11वें महीने भी जारी रहा। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के अनुसार, ईटीएफ में मार्च 2026 में करीब 22.7 अरब रुपए (244 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का शुद्ध निवेश हुआ।</p>
<p>बयान में कहा गया है कि गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की रुचि बनी हुई है और खातों या फोलियो की संख्या में वृद्धि से पता चलता है कि यह रुचि धीमी गति से ही सही, लेकिन बढ़ रही है।</p>
<p>डिजिटल गोल्ड की खरीदारी भी मजबूत बनी रही। फरवरी में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए करीब 30.3 अरब रुपए का डिजिटल गोल्ड खरीदा गया, जो मात्रा के हिसाब से लगभग 1.9 टन के बराबर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 21:39:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया में युद्धविराम की आहट से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी राहत दर्ज की गई, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>पश्चिम एशिया में जारी लंबे संघर्ष के थमने की खबरों के बीच वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।</p>
<p>वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 92.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।</p>
<p>भारतीय बाजार में भी इसका सीधा असर दिखा, जहाँ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146644/heavy-fall-in-crude-oil-prices-in-international-market-due"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/petrol-crude-oil.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी राहत दर्ज की गई, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>पश्चिम एशिया में जारी लंबे संघर्ष के थमने की खबरों के बीच वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।</p>
<p>वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 92.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।</p>
<p>भारतीय बाजार में भी इसका सीधा असर दिखा, जहाँ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कच्चा तेल 2.6 प्रतिशत लुढ़ककर 8,625 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।</p>
<p>तेल की कीमतों में आई इस नरमी का मुख्य श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिवसीय युद्धविराम की घोषणा को दिया जा रहा है। शांति वार्ताओं में प्रगति और ईरान के साथ एक बड़े परमाणु समझौते की संभावनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंताएं कम कर दी हैं।</p>
<p>राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट संकेत दिए हैं कि हिंसा समाप्त करने का समय आ गया है और तेहरान के साथ सकारात्मक संवाद जारी है।</p>
<p>इस कूटनीतिक सफलता ने बाजार में सकारात्मक उत्साह भर दिया है, जिससे पिछले सत्र की 5 प्रतिशत की उछाल के बाद अब कीमतों में स्थिरता आने लगी है।</p>
<p>कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे प्रमुख आयातक देशों के लिए संजीवनी के समान है, क्योंकि इससे देश के आयात बिल और राजकोषीय दबाव में कमी आएगी।</p>
<p>हालांकि, वैश्विक शेयर बाजारों में फिलहाल मिला-जुला रुख बना हुआ है; जहाँ भारतीय सेंसेक्स और निफ्टी सपाट खुले, वहीं अमेरिकी वॉल स्ट्रीट के इंडेक्स मामूली बढ़त पर रहे।</p>
<p>बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में शांति वार्ता स्थाई समझौते की ओर बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और सुधार होगा, जिससे परिवहन लागत कम होगी और घरेलू स्तर पर महंगाई से जूझ रही जनता को बड़ी राहत मिल सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 16:05:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रियलमी 16 5जी की धमक, बिक्री में 150 प्रतिशत उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 15 अप्रैल (वेब वार्ता)। रियलमी का नया स्मार्टफोन रियलमी 16 5G बाजार में तेजी से लोकप्रिय होता नजर आ रहा है। कंपनी के अनुसार, इस मॉडल ने अपनी पिछली पीढ़ी की तुलना में 150 प्रतिशत अधिक बिक्री दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।</p>
<p>कंपनी का कहना है कि यह सफलता युवाओं के बीच बढ़ती मांग और बेहतर तकनीक के प्रति झुकाव को दर्शाती है। आकर्षक डिजाइन, मजबूत प्रदर्शन और नए प्रयोगों के कारण यह उपकरण कम समय में ही उपभोक्ताओं की पसंद बन गया है।</p>
<p>इस स्मार्टफोन की प्रमुख विशेषताओं में उन्नत पोर्ट्रेट कैमरा अनुभव शामिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146609/150-percent-jump-in-sales-of-realme-16-5g"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/telephone-wifi-hotspot-social-media-smart-phone-internet-mobile-sms-chat-crime1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 15 अप्रैल (वेब वार्ता)। रियलमी का नया स्मार्टफोन रियलमी 16 5G बाजार में तेजी से लोकप्रिय होता नजर आ रहा है। कंपनी के अनुसार, इस मॉडल ने अपनी पिछली पीढ़ी की तुलना में 150 प्रतिशत अधिक बिक्री दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।</p>
<p>कंपनी का कहना है कि यह सफलता युवाओं के बीच बढ़ती मांग और बेहतर तकनीक के प्रति झुकाव को दर्शाती है। आकर्षक डिजाइन, मजबूत प्रदर्शन और नए प्रयोगों के कारण यह उपकरण कम समय में ही उपभोक्ताओं की पसंद बन गया है।</p>
<p>इस स्मार्टफोन की प्रमुख विशेषताओं में उन्नत पोर्ट्रेट कैमरा अनुभव शामिल है। इसमें 50 मेगापिक्सल का पिछला कैमरा और 50 मेगापिक्सल का अग्रिम कैमरा दिया गया है, जो प्राकृतिक त्वचा रंग, स्पष्ट विवरण और संतुलित प्रकाश के साथ उच्च गुणवत्ता की तस्वीरें लेने में सक्षम है।</p>
<p>इसके अलावा, इसमें जेस्चर पहचान, वॉयस काउंटडाउन और विशेष प्रकाश प्रणाली जैसे नए फीचर जोड़े गए हैं, जिससे फोटोग्राफी और भी सरल और प्रभावी हो जाती है। उपयोगकर्ताओं को चित्र और वीडियो को तुरंत बेहतर बनाने के लिए उन्नत संपादन सुविधाएं भी दी गई हैं।</p>
<p>डिवाइस में 7000 एमएएच की शक्तिशाली बैटरी, तीव्र चार्जिंग सुविधा और मजबूत संरचना दी गई है, जो इसे लंबे समय तक उपयोग के लिए उपयुक्त बनाती है। कंपनी ने इसे दो रंग विकल्पों में बाजार में उपलब्ध कराया है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित फीचर्स और आधुनिक तकनीक के कारण यह स्मार्टफोन आने वाले समय में भी उपभोक्ताओं के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाए रख सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 15:37:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शेयर बाजार में अगले हफ्ते कमाई की होगी बौछार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 13 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में अगले सप्ताह जबरदस्त गहमागहमी रहने वाली है। इंफ्रास्ट्रक्चर, टेलीकॉम और पावर जैसे प्रमुख क्षेत्रों की कई कंपनियां अपने आईपीओ (IPO) लेकर आ रही हैं।</p>
<p>इनमें सबसे अधिक चर्चा ‘सिटियस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट’ की है, जो 1,340 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य के साथ 17 अप्रैल को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा।</p>
<p>इसके साथ ही टेलीकॉम सेक्टर की ‘मेहुल टेलीकॉम’ भी इसी दौरान अपना एसएमई आईपीओ पेश करेगी, जिसका प्राइस बैंड 96 से 98 रुपये तय किया गया है।</p>
<p>दोनों ही कंपनियों के शेयरों की लिस्टिंग 24 अप्रैल को होने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146559/there-will-be-a-surge-of-earnings-in-the-stock"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/4101_share-market-sensex-nifty-business-stock-finance-market-financial.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 13 अप्रैल (वेब वार्ता)। भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में अगले सप्ताह जबरदस्त गहमागहमी रहने वाली है। इंफ्रास्ट्रक्चर, टेलीकॉम और पावर जैसे प्रमुख क्षेत्रों की कई कंपनियां अपने आईपीओ (IPO) लेकर आ रही हैं।</p>
<p>इनमें सबसे अधिक चर्चा ‘सिटियस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट’ की है, जो 1,340 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य के साथ 17 अप्रैल को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा।</p>
<p>इसके साथ ही टेलीकॉम सेक्टर की ‘मेहुल टेलीकॉम’ भी इसी दौरान अपना एसएमई आईपीओ पेश करेगी, जिसका प्राइस बैंड 96 से 98 रुपये तय किया गया है।</p>
<p>दोनों ही कंपनियों के शेयरों की लिस्टिंग 24 अप्रैल को होने की संभावना है, जिससे निवेशकों को अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों तरह के लाभ की उम्मीद है।</p>
<p>अगले हफ्ते केवल नए इश्यू ह नहीं, बल्कि पुरानी लिस्टिंग को लेकर भी निवेशकों में उत्साह रहेगा। पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनी ‘ओम पावर ट्रांसमिशन’ का 150.06 करोड़ रुपये का आईपीओ आज यानी 13 अप्रैल को बंद हो रहा है, जबकि रियल एस्टेट सेक्टर का ‘प्रॉपशेयर सेलेस्टिया’ (REIT) 16 अप्रैल तक निवेश के लिए खुला रहेगा।</p>
<p>इसके अलावा, जिन निवेशकों ने पूर्व में ‘एमियाक टेक्नोलॉजीज’ और ‘सेफ्टी कंट्रोल्स’ में दांव लगाया था, उनके लिए खुशी की खबर है क्योंकि इन कंपनियों के शेयरों की लिस्टिंग आज बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर होने जा रही है। बाजार में इन नई कंपनियों के प्रवेश से तरलता बढ़ने के आसार हैं।</p>
<p>शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि आईपीओ मार्केट में तेजी के बावजूद निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसके वित्तीय स्वास्थ्य, भविष्य की विकास योजनाओं और बाजार में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति का विश्लेषण करना अनिवार्य है।</p>
<p>चूंकि बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है, इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के भरोसे न रहकर कंपनी के फंडामेंटल्स पर ध्यान दें।</p>
<p>किसी भी बड़े निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना एक समझदारी भरा कदम होगा ताकि जोखिम को कम किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 16:23:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीपीएफ के जरिए रिटायरमेंट के बाद पाएं 61 हजार रुपये की मासिक पेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हैदराबाद, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आज भी मध्यम वर्ग के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है।</p>
<p>सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए इसकी ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखी है। यदि कोई निवेशक ’15+5+5′ का फॉर्मूला अपनाता है, यानी अपनी मैच्योरिटी को दो बार पांच-पांच साल के लिए बढ़ाता है, तो वह 25 साल में एक बड़ा फंड तैयार कर सकता है।</p>
<p>इसके लिए निवेशक को प्रति वर्ष अधिकतम ₹1.5 लाख (लगभग ₹12,500 प्रतिमाह) जमा करने होंगे। इस लंबी अवधि के निवेश में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146516/get-monthly-pension-of-rs-61-thousand-after-retirement-through"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/9459_epfo-employees-provident-fund-organization.jpg" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद, 10 अप्रैल (वेब वार्ता)। अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आज भी मध्यम वर्ग के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है।</p>
<p>सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए इसकी ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखी है। यदि कोई निवेशक ’15+5+5′ का फॉर्मूला अपनाता है, यानी अपनी मैच्योरिटी को दो बार पांच-पांच साल के लिए बढ़ाता है, तो वह 25 साल में एक बड़ा फंड तैयार कर सकता है।</p>
<p>इसके लिए निवेशक को प्रति वर्ष अधिकतम ₹1.5 लाख (लगभग ₹12,500 प्रतिमाह) जमा करने होंगे। इस लंबी अवधि के निवेश में कंपाउंडिंग का लाभ मिलने से छोटी बचत भी करोड़ों में बदल जाती है।</p>
<p>25 वर्षों के निरंतर निवेश के दौरान निवेशक की कुल जमा राशि ₹37,50,000 होगी। मौजूदा 7.1 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से इस अवधि में लगभग ₹65.58 लाख केवल ब्याज के रूप में जुड़ जाएंगे, जिससे कुल मैच्योरिटी वैल्यू ₹1.03 करोड़ से अधिक हो जाएगी।</p>
<p>इस निवेश की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से जोखिम रहित है और इसमें मिलने वाला रिटर्न सरकारी गारंटी के साथ आता है।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, पीपीएफ का विस्तार नियम उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो रिटायरमेंट के समय एक सुरक्षित और बड़ी पूंजी जमा करना चाहते हैं। एक बार जब 25 साल बाद ₹1.03 करोड़ का फंड तैयार हो जाता है, तो निवेशक इस मूलधन को बिना निकाले पीपीएफ खाते में ही छोड़ सकता है।</p>
<p>इस स्थिति में, जमा राशि पर मिलने वाला सालाना ब्याज लगभग ₹7.31 लाख होगा। यदि इस वार्षिक ब्याज को 12 महीनों में विभाजित किया जाए, तो यह लगभग ₹61,000 प्रति माह की नियमित आय (पेंशन) के रूप में प्राप्त किया जा सकता है।</p>
<p>खास बात यह है कि आपका मूलधन बैंक में सुरक्षित बना रहेगा और आप केवल ब्याज की राशि का उपयोग अपनी जरूरतों के लिए कर सकेंगे। अधिकतम लाभ के लिए हर महीने की 5 तारीख से पहले निवेश करना सबसे फायदेमंद माना जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:57:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.6 फीसदी रहने का जताया अनुमान </title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 09 अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया संकट के बीच विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के अनुमान को 6.3 फीसदी से बढ़ाकर 6.6 फीसदी कर दिया है।</p>
<p>ये वृद्धि दर मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक मजबूती का संकेत है, जबकि वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था विकास की राह पर है।</p>
<p>विश्व बैंक ने गुरुवार को जारी अपने ताजा दक्षिण एशिया इकोनॉमिक अपडेट में बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 में 7.6 फीसदी की दर से बढ़ सकती है, जो वित्त वर्ष 2024-25 के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146497/world-bank-estimates-indias-gdp-growth-to-be-66-percent"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-10/d03102023-10-world-bank.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 09 अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया संकट के बीच विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के अनुमान को 6.3 फीसदी से बढ़ाकर 6.6 फीसदी कर दिया है।</p>
<p>ये वृद्धि दर मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक मजबूती का संकेत है, जबकि वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था विकास की राह पर है।</p>
<p>विश्व बैंक ने गुरुवार को जारी अपने ताजा दक्षिण एशिया इकोनॉमिक अपडेट में बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 में 7.6 फीसदी की दर से बढ़ सकती है, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 7.1 फीसदी से ज्यादा है।</p>
<p>विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक इस ग्रोथ को मजबूत घरेलू मांग और एक्सपोर्ट का सपोर्ट मिलेगा।</p>
<p>विश्व बैंक ने अपनी दक्षिण एशिया इकोनॉमिक अपडेट रिपोर्ट में कहा कि मजबूत घरेलू मांग और एक्सपोर्ट में मजबूती के चलते भारत की ग्रोथ वित्त वर्ष 2024-25 के 7.1 फीसदी से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 (1 अप्रैल, 2025 से 31 मार्च, 2026) में 7.6 फीसदी होने का अनुमान है।</p>
<p>अपनी रिपोर्ट में विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ अनुमान को थोड़ा बढ़ाकर 6.6 फीसदी कर दिया है। हालांकि, विश्व बैंक ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती से वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में कंज्यूमर डिमांड बढ़ेगी, लेकिन पश्चिम एश्यिाा से पैदा होने वाली रुकावटें ग्रोथ को नुकसान पहुंचा सकती हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की समीक्षा बैठक में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है, जो विश्व बैंक के अनुमान से थोड़ा ज्यादा है।</p>
<p>भारत के ग्रोथ अनुमान में बढ़ोतरी की मुख्य वजह देश में मजबूत घरेलू मांग और बेहतर एक्सपोर्ट परफॉर्मेंस को माना गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:45:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वदेशी कंपनी टाटा और महिंद्रा की नई इलेक्ट्रिक एसयूवी जल्द होगी लांच</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा भारतीय बाजार में अपनी कई नई इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च करने की तैयारी में हैं।</p>
<p>इन अपकमिंग मॉडल्स में महिंद्रा बीई 07, महिंद्रा एक्सईवी 9ई, टाटा अविन्या, टाटा सफारी ईवी और टाटा सियेरा ईवी शामिल हैं, जो दमदार रेंज, आधुनिक फीचर्स और प्रीमियम डिजाइन के साथ आएंगी।</p>
<p>महिंद्रा अपनी नई बीई 07 को मिड-साइज इलेक्ट्रिक एसयूवी सेगमेंट में पेश करेगी, जिसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है। यह 59 केडब्ल्यूएच, 70 केडब्ल्यूएच और 79 केडब्ल्यूएच बैटरी विकल्पों के साथ आ सकती है और इसका मुकाबला आने वाली कई इलेक्ट्रिक एसयूवी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146484/new-electric-suv-of-indigenous-company-tata-and-mahindra-will"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/cars-automobiles-electric-vehicles-ev.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 08 अप्रैल (वेब वार्ता)। टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा भारतीय बाजार में अपनी कई नई इलेक्ट्रिक एसयूवी लॉन्च करने की तैयारी में हैं।</p>
<p>इन अपकमिंग मॉडल्स में महिंद्रा बीई 07, महिंद्रा एक्सईवी 9ई, टाटा अविन्या, टाटा सफारी ईवी और टाटा सियेरा ईवी शामिल हैं, जो दमदार रेंज, आधुनिक फीचर्स और प्रीमियम डिजाइन के साथ आएंगी।</p>
<p>महिंद्रा अपनी नई बीई 07 को मिड-साइज इलेक्ट्रिक एसयूवी सेगमेंट में पेश करेगी, जिसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी है। यह 59 केडब्ल्यूएच, 70 केडब्ल्यूएच और 79 केडब्ल्यूएच बैटरी विकल्पों के साथ आ सकती है और इसका मुकाबला आने वाली कई इलेक्ट्रिक एसयूवी से होगा।</p>
<p>वहीं, कंपनी एक्सईवी 9ई और बीई6 में 70 केडब्ल्यूएच बैटरी पैक का नया वेरिएंट जोड़ने जा रही है, जो करीब 242 बीएचपी की पावर और 380 एनएम टॉर्क के साथ लगभग 600 किमी तक की रेंज देने में सक्षम हो सकता है।<br /> </p>
<p>दूसरी ओर, टाटा मोटर्स अपनी प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी अविन्या के जरिए एक नया सेगमेंट बनाने की तैयारी में है।यह मॉडल केवल इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा और 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में लॉन्च हो सकता है।</p>
<p>इसके अलावा सफारी ईवी कंपनी की पहली थ्री-रो इलेक्ट्रिक एसयूवी होगी, जिसे फेस्टिव सीजन के आसपास पेश किए जाने की उम्मीद है। इसमें 65 केडब्ल्यूएच और 75 केडब्ल्यूएच बैटरी विकल्प के साथ रियर-व्हील और ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम मिल सकता है। इसके साथ ही सियेरा ईवी भी कंपनी की बड़ी पेशकश होगी, जिसे 2026 के मध्य तक लॉन्च किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:24:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एयर इंडिया सीईओ कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से दिया इस्तीफा, कौन बनेगा नया बॉस? रेस में कई दिग्गज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 07 अप्रैल (वेब वार्ता)। एयर इंडिया सीईओ कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दिया। टाटा समूह नए नेतृत्व की तलाश में है, जबकि एयरलाइन भारी घाटे और AI 171 हादसे की जांच जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।</p>
<p>एयर इंडिया, जो टाटा समूह के स्वामित्व में है, में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह तब तक अपनी जिम्मेदारियां संभालते रहेंगे जब तक नए सीईओ की नियुक्ति नहीं हो जाती।</p>
<p>उनका कार्यकाल इस साल सितंबर में समाप्त होना था, और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146462/air-india-ceo-campbell-wilson-resigns-from-his-post-many"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-01/0222.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 07 अप्रैल (वेब वार्ता)। एयर इंडिया सीईओ कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दिया। टाटा समूह नए नेतृत्व की तलाश में है, जबकि एयरलाइन भारी घाटे और AI 171 हादसे की जांच जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।</p>
<p>एयर इंडिया, जो टाटा समूह के स्वामित्व में है, में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह तब तक अपनी जिम्मेदारियां संभालते रहेंगे जब तक नए सीईओ की नियुक्ति नहीं हो जाती।</p>
<p>उनका कार्यकाल इस साल सितंबर में समाप्त होना था, और उन्होंने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वह आगे इस पद पर नहीं रहेंगे। इसी कारण कंपनी ने जनवरी से ही नए चेहरे की तलाश शुरू कर दी थी।</p>
<p>हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह हुई बोर्ड बैठक (Air India) में विल्सन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। नेतृत्व में किसी तरह का व्यवधान न आए, इसलिए वह सितंबर 2026 तक या नए सीईओ के चयन तक पद पर बने रहेंगे।</p>
<p>कौैन बनेगा Air India का नया CEO?<br />नए सीईओ की खोज अब अंतिम चरण में है। इस पद की दौड़ में कई अंतरराष्ट्रीय और फुल-सर्विस एयरलाइंस के अनुभवी दिग्गज शामिल हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले सप्ताह होने वाली अहम बैठक में नए नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है, हालांकि एयरलाइन ने अभी तक उम्मीदवारों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।</p>
<p>इस बीच, एयर इंडिया कई चुनौतियों से जूझ रही है। परिचालन बाधाओं और बढ़ती लागत के चलते वित्तीय वर्ष 2026 में एयरलाइन का घाटा लगभग 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।</p>
<p>पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एयरस्पेस प्रतिबंधों ने लंबी दूरी की उड़ानों को प्रभावित किया है, जिससे विमानों को लंबे रूट और अतिरिक्त फ्यूल स्टॉप लेने पड़ रहे हैं, और लागत में भारी इजाफा हो रहा है।</p>
<p>जून में आएगी अंतिम जांच रिपोर्ट<br />नेतृत्व परिवर्तन की इस प्रक्रिया पर जून 2025 में हुई AI 171 विमान दुर्घटना का असर भी देखा जा रहा है। अहमदाबाद से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए इस बोइंग ड्रीमलाइनर विमान हादसे में 241 लोगों की जान चली गई थी।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि नए सीईओ की नियुक्ति का समय इस हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट पर भी निर्भर कर सकता है, जिसके जून 2026 तक आने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 15:09:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वैश्विक कारकों, आरबीआई के बयान से तय होगी शेयर बाजार की दिशा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। बीते सप्ताह गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में वैश्विक कारकों के साथ रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति संबंधी बयान से शेयर बाजार को दिशा मिलेगी।<br /></p><p>निवेशकों की नजर फिलहाल मुख्य रूप से ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया संकट पर बनी हुई है। इसका फिलहाल कोई हल निकलता नहीं दिख रहा। इससे निवेश धारणा कमजोर बनी हुई है। </p><p>इसके अलावा, रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की गत 28 फरवरी को पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद पहली बैठक 06 अप्रैल को शुरू हो रही है। बैठक के फैसलों का भी बाजार पर असर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146431/the-direction-of-the-stock-market-will-be-decided-by"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/4101_share-market-sensex-nifty-business-stock-finance-market-financial.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 05 अप्रैल (वेब वार्ता)। बीते सप्ताह गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में वैश्विक कारकों के साथ रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति संबंधी बयान से शेयर बाजार को दिशा मिलेगी।<br /></p><p>निवेशकों की नजर फिलहाल मुख्य रूप से ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया संकट पर बनी हुई है। इसका फिलहाल कोई हल निकलता नहीं दिख रहा। इससे निवेश धारणा कमजोर बनी हुई है। </p><p>इसके अलावा, रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की गत 28 फरवरी को पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद पहली बैठक 06 अप्रैल को शुरू हो रही है। बैठक के फैसलों का भी बाजार पर असर दिखेगा।<br /></p><p>पिछले सप्ताह 31 मार्च को महावीर जयंती और 03 अप्रैल को गुड फ्राइडे के अवकाश के कारण बाजार में तीन दिन ही कारोबार हुआ। इसमें सोमवार को प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट रही जबकि बुधवार और गुरुवार को प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स सप्ताह के दौरान कुल 263.67 अंक (0.36 प्रतिशत) टूटकर गुरुवार को 73,319.55 अंक पर बंद हुआ।<br /></p><p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 106.50 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट के साथ 22,713.10 अंक पर रहा। मझौली कंपनियों का निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.82 प्रतिशत टूट गया जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक लगभग अपरिवर्तित रहा।<br /></p><p>बीते सप्ताह सेंसेक्स की 30 में से 17 कंपनियों के शेयर टूट गये। सनफार्मा में सबसे अधिक 5.62 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट रही। एनटीपीसी का शेयर 4.23 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट का 3.85, बजाज फिनसर्व का 3.18, भारती एयरटेल का 2.86, बजाज फाइनेंस का 2.13 और कोटक महिंद्रा बैंक का 2.13 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।।<br /></p><p>पावरग्रिड का शेयर 1.88 प्रतिशत, एशियन पेंट्स का 1.72 और आईसीआईसीआई बैंक का 1.47 प्रतिशत टूट गया। महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, इटरनल, एक्सिस बैंक और हिंदुस्तान यूनीलिवर के शेयर लाल निशान में रहे। ट्रेंट में सबसे अधिक 4.52 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई। </p><p>बीईएल का शेयर 4.14 प्रतिशत, टेक महिंद्रा का 3.63, अडानी पोर्ट्स का 2.97, टाइटन का 2.92, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 2.80 और टीसीएस का 2.59 प्रतिशत ऊपर रहा।</p><p> इंफोसिस का शेयर 2.40 प्रतिशत, इंडिगो का 2.30, मारुति सुजुकी का 1.97 और एलएंडटी का 1.34 प्रतिशत चढ़ा। टाटा स्टील में भी तेजी रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 18:23:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रियल्टी गुरुकुल का सफल शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इंदौर (मध्य प्रदेश) [भारत], 01 अप्रैल: रियल एस्टेट क्षेत्र में एक नई दिशा और संरचित विकास की पहल करते हुए रियल्टी गुरुकुल, powered by Realty 21, का भव्य शुभारंभ इंदौर में किया गया।</p>
<p>इस अवसर पर शहर के प्रमुख रियल एस्टेट प्रोफेशनल्स, डेवलपर्स, निवेशक और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।</p>
<p>यह आयोजन केवल एक लॉन्च इवेंट नहीं था, बल्कि रियल एस्टेट इंडस्ट्री को एक संगठित, शिक्षित और प्रोफेशनल दिशा देने की शुरुआत थी।<br />इस पहल का नेतृत्व कर रहे हैं श्री एच. एस. मेहता, जो इंदौर के रियल एस्टेट क्षेत्र में एक विश्वसनीय और सम्मानित नाम हैं।</p>
<p>उन्होंने अपने संबोधन में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146417/successful-launch-of-realty-gurukul"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-04/b04042026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौर (मध्य प्रदेश) [भारत], 01 अप्रैल: रियल एस्टेट क्षेत्र में एक नई दिशा और संरचित विकास की पहल करते हुए रियल्टी गुरुकुल, powered by Realty 21, का भव्य शुभारंभ इंदौर में किया गया।</p>
<p>इस अवसर पर शहर के प्रमुख रियल एस्टेट प्रोफेशनल्स, डेवलपर्स, निवेशक और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।</p>
<p>यह आयोजन केवल एक लॉन्च इवेंट नहीं था, बल्कि रियल एस्टेट इंडस्ट्री को एक संगठित, शिक्षित और प्रोफेशनल दिशा देने की शुरुआत थी।<br />इस पहल का नेतृत्व कर रहे हैं श्री एच. एस. मेहता, जो इंदौर के रियल एस्टेट क्षेत्र में एक विश्वसनीय और सम्मानित नाम हैं।</p>
<p>उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में रियल एस्टेट केवल प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास, ज्ञान और दीर्घकालिक संबंधों का व्यवसाय बन चुका है।</p>
<p>उन्होंने कहा "रियल्टी गुरुकुल का उद्देश्य रियल एस्टेट इंडस्ट्री में प्रोफेशनलिज़्म, स्ट्रक्चर और एथिक्स को बढ़ावा देना है।"</p>
<p>कार्यक्रम में श्री गुरकरण सिंह मेहता, डायरेक्टर Realty 21 एवं संस्थापक रियल्टी गुरुकुल, ने बताया कि आज के समय में केवल नेटवर्किंग नहीं बल्कि सीखना और सिस्टम के साथ काम करना आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने कहा "रियल्टी गुरुकुल एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो प्रोफेशनल्स को सीखने, जुड़ने और आगे बढ़ने का सही वातावरण प्रदान करेगा।"</p>
<p>रियल्टी गुरुकुल के माध्यम से प्रोफेशनल्स को मिलेगा:<br />* संरचित ट्रेनिंग<br />* वेरिफाइड प्रोजेक्ट्स<br />* डेवलपर्स के साथ नेटवर्किंग<br />* डील क्लोजिंग सपोर्ट<br />* एथिकल बिज़नेस फ्रेमवर्क<br />यह प्लेटफॉर्म 10 फाउंडिंग मेंबर्स से शुरू होकर प्रत्येक चैप्टर में 100 मेंबर्स तक विकसित होगा। कार्यक्रम के दौरान फाउंडिंग मेंबर्स का सम्मान किया गया और सदस्यता प्रक्रिया की जानकारी दी गई।</p>
<p>अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:<br />https://www.realtygurukul.com<br />रियल्टी गुरुकुल के बारे में: यह एक प्रोफेशनल रियल एस्टेट कम्युनिटी है जो शिक्षा, नेटवर्किंग और एथिकल ग्रोथ पर आधारित है।<br />Realty 21 के बारे में: यह इंदौर की एक अग्रणी रियल एस्टेट कंपनी है जो पारदर्शिता और मेंडेटेड प्रोजेक्ट्स के लिए जानी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 16:22:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक महीने में 11 फीसदी लुढ़का सेंसेक्स, छह साल में पहली बार सालाना गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 31 मार्च (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया संकट के कारण मार्च में प्रमुख सूचकांकों में 11 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है और कोरोना काल के बाद छह साल में पहली बार वित्त वर्ष के दौरान इसने नकारात्मक रिटर्न दिया है।</p>
<p>वित्त वर्ष 2025-26 के आखिरी कारोबारी दिवस पर सोमवार को बीएसई का सेंसेक्स 71,947.55 अंक पर बंद हुआ। पूरे वित्त वर्ष के दौरान इसमें 5,467.37 अंक यानी 7.06 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। वित्त वर्ष 2019-20 के बाद यह पहला मौका है जब सेंसेक्स ने नकारात्मक रिटर्न दिया है।</p>
<p>कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने से मार्च</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146324/sensex-fell-11-percent-in-a-month-annual-decline-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/4101_share-market-sensex-nifty-business-stock-finance-market-financial.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 31 मार्च (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया संकट के कारण मार्च में प्रमुख सूचकांकों में 11 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है और कोरोना काल के बाद छह साल में पहली बार वित्त वर्ष के दौरान इसने नकारात्मक रिटर्न दिया है।</p>
<p>वित्त वर्ष 2025-26 के आखिरी कारोबारी दिवस पर सोमवार को बीएसई का सेंसेक्स 71,947.55 अंक पर बंद हुआ। पूरे वित्त वर्ष के दौरान इसमें 5,467.37 अंक यानी 7.06 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। वित्त वर्ष 2019-20 के बाद यह पहला मौका है जब सेंसेक्स ने नकारात्मक रिटर्न दिया है।</p>
<p>कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने से मार्च 2020 में शेयर बाजारों में भारी गिरावट रही थी और 2019-20 में सेंसेक्स 23.80 प्रतिशत टूटा था।<br />खास बात यह रही कि पहले 11 महीने में फरवरी 2026 तक सेंसेक्स 3,872.27 अंक ऊपर था, लेकिन मार्च में यह 9,339.64 अंक यानी 11.49 प्रतिशत का गोता लगा गया।</p>
<p>पश्चिम एशिया संकट के कारण एक तरफ निवेशक बाजार में जोखिम लेने से कतरा रहे हैं तो दूसरी तरफ रुपया कमजोर होता जा रहा है। रुपये के लगातार गिरने से विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय पूंजी बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। अकेले इक्विटी में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की है। इससे शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखी जा रही है।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक मार्च में 2,847.25 अंक यानी 11.31 प्रतिशत लुढ़ककर 22,331.40 अंक पर बंद हुआ। पूरे वित्त वर्ष के दौरान इसमें 1,187.95 अंक (5.05 प्रतिशत) की गिरावट रही।</p>
<p>बड़ी कंपनियों के विपरीत मझौली कंपनियों ने मार्च में बड़ी गिरावट के बावजूद पूरे वित्त वर्ष के दौरान सकारात्मक रिटर्न दिया। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 421.75 अंक (2.90 प्रतिशत) की बढ़त से साथ 14,983.35 अंक पर पहुंच गया। मार्च में सूचकांक 10.63 प्रतिशत टूटा है।</p>
<p>छोटी कंपनियों के स्मॉलकैप- 100 सूचकांक में सालाना 891.90 अंक यानी 5.54 प्रतिशत की गिरावट रही। मार्च में यह 10.19 फीसदी टूटा है। रुपया फिलहाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। यह सोमवार को पहली बार 95 रुपये प्रति डॉलर के पार निकल गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146324/sensex-fell-11-percent-in-a-month-annual-decline-for</link>
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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 14:35:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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