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                <title>Textiles - Loktej</title>
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                <description>Textiles RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : विस्कोस फिलामेंट यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी के प्रस्ताव का विरोध तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। विस्कोस फिलामेंट यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ सूरत की विस्कोस वीवर्स इंडस्ट्री ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।</p>
<p>विस्कोस वीवर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय और मुंबई स्थित टेक्सटाइल कमेटी के समक्ष विस्तृत प्रस्तुति देकर इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए यार्न स्पिनरों की मांगों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>एसोसिएशन का कहना है कि जिन स्पिनरों ने 75 डेनियर से अधिक विस्कोस फिलामेंट यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की मांग की है, वे आज भी करीब 60 वर्ष पुरानी PSY तकनीक और मशीनरी के आधार पर उत्पादन कर रहे हैं।</p>
<p>एसोसिएशन के अनुसार, स्पिनरों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147195/surat-opposition-to-the-proposal-of-anti-dumping-duty-on-viscose"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-05/b18052026-10.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। विस्कोस फिलामेंट यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ सूरत की विस्कोस वीवर्स इंडस्ट्री ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।</p>
<p>विस्कोस वीवर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय और मुंबई स्थित टेक्सटाइल कमेटी के समक्ष विस्तृत प्रस्तुति देकर इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए यार्न स्पिनरों की मांगों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।</p>
<p>एसोसिएशन का कहना है कि जिन स्पिनरों ने 75 डेनियर से अधिक विस्कोस फिलामेंट यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की मांग की है, वे आज भी करीब 60 वर्ष पुरानी PSY तकनीक और मशीनरी के आधार पर उत्पादन कर रहे हैं।</p>
<p>एसोसिएशन के अनुसार, स्पिनरों द्वारा उत्पादित करीब 40 प्रतिशत यार्न निम्न गुणवत्ता का होता है, ऐसे में पुरानी तकनीक पर आधारित उत्पादन को संरक्षण देने के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी की मांग उचित नहीं मानी जा सकती।</p>
<p>वीवर्स एसोसिएशन ने यह भी सवाल उठाया कि स्पिनर खुद यह स्वीकार कर रहे हैं कि 75 डेनियर से कम वाले यार्न में उन्हें लाभ हो रहा है, जबकि 75 डेनियर से अधिक वाले यार्न में नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में, लाभदायक श्रेणी के यार्न का उत्पादन बढ़ाने के बजाय घाटे वाले यार्न के लिए संरक्षण मांगना कई सवाल खड़े करता है।</p>
<p>एसोसिएशन ने बताया कि वर्तमान में देश में 75 डेनियर से कम श्रेणी के केवल लगभग 6 हजार टन यार्न का उत्पादन हो रहा है, जबकि करीब 40 हजार टन यार्न का आयात किया जा रहा है। इसके बावजूद घरेलू उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए हैं।</p>
<p>एसोसिएशन ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज़ (DGTR) की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि DGTR की टीम ने बिना किसी तकनीकी विशेषज्ञ को साथ लिए केवल स्पिनिंग यूनिट्स का दौरा किया, जबकि वीविंग यूनिट्स, जो इस प्रस्ताव से सबसे अधिक प्रभावित होंगी, उनका निरीक्षण नहीं किया गया।</p>
<p>एसोसिएशन ने कहा कि ऐसी स्थिति में एंटी-डंपिंग ड्यूटी के संबंध में तैयार की गई रिपोर्ट की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है।</p>
<p>वीवर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि विस्कोस फिलामेंट यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागू की गई, तो सूरत की करीब 10 हजार करोड़ रुपये के टर्नओवर वाली वीविंग इंडस्ट्री पर गंभीर असर पड़ेगा। इसके साथ ही लगभग 1000 MSME उद्यमियों और करीब 4.5 लाख लोगों के रोजगार पर भी संकट खड़ा हो सकता है।</p>
<p>एसोसिएशन का कहना है कि बीते सात वर्षों में सूरत के बुनकरों ने बैंक लोन, संपत्तियां गिरवी रखकर और ऊंचे ब्याज पर वित्त जुटाकर एयरजेट, रेपियर और रेपियर जैक्वार्ड जैसी आधुनिक मशीनरी में भारी निवेश किया है। यदि आयातित धागा महंगा हुआ, तो वीविंग उद्योग आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएगा।</p>
<p>एसोसिएशन ने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2007 से 2017 के दौरान भी विस्कोस फिलामेंट यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागू थी। उस अवधि में स्पिनरों ने अच्छा मुनाफा कमाया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी 50 से 60 वर्ष पुरानी तकनीक और मशीनरी को अपग्रेड करने की दिशा में पर्याप्त निवेश नहीं किया।</p>
<p>वीवर्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सूरत की वीविंग इंडस्ट्री, MSME सेक्टर और लाखों श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 21:21:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : SGCCI और ITTA ने आयोजित किया ‘टेक्निकल टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव 2026</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सधर्न गुजरात चैंबर ऑफ कोमर्स एन्ड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) और इंडियन टेक्निकल टेक्सटाइल एसोसिएशन (आईटीटीए) द्वारा सरसाना स्थित यूकेएम हॉल में ‘टेक्निकल टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन किया गया।</p>
<p>‘स्मार्टर टुमॉरो के लिए टेक्सटाइल में इनोवेशन’ थीम पर आधारित इस कॉन्क्लेव में देशभर से आए विशेषज्ञों ने सूरत के टेक्सटाइल उद्योगपतियों को आधुनिक और भविष्य उन्मुख बिज़नेस मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>कार्यक्रम में टेक्निकल टेक्सटाइल्स के बढ़ते वैश्विक महत्व, नई टेक्नोलॉजी, सरकारी नीतियों और उद्योग के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि डिफेंस, मेडिकल, कंस्ट्रक्शन, स्पोर्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में टेक्निकल टेक्सटाइल्स की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147193/surat-sgcci-and-itta-organized-%E2%80%98technical-textiles-conclave-2026%E2%80%99"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-05/b18052026-08.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सधर्न गुजरात चैंबर ऑफ कोमर्स एन्ड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) और इंडियन टेक्निकल टेक्सटाइल एसोसिएशन (आईटीटीए) द्वारा सरसाना स्थित यूकेएम हॉल में ‘टेक्निकल टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन किया गया।</p>
<p>‘स्मार्टर टुमॉरो के लिए टेक्सटाइल में इनोवेशन’ थीम पर आधारित इस कॉन्क्लेव में देशभर से आए विशेषज्ञों ने सूरत के टेक्सटाइल उद्योगपतियों को आधुनिक और भविष्य उन्मुख बिज़नेस मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>कार्यक्रम में टेक्निकल टेक्सटाइल्स के बढ़ते वैश्विक महत्व, नई टेक्नोलॉजी, सरकारी नीतियों और उद्योग के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि डिफेंस, मेडिकल, कंस्ट्रक्शन, स्पोर्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में टेक्निकल टेक्सटाइल्स की मांग लगातार बढ़ रही है और सूरत के लिए यह एक बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है।</p>
<p>चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट एवं प्रेसिडेंट (इलेक्ट) अशोक जीरावाला ने कहा कि टेक्निकल टेक्सटाइल्स का उपयोग विश्वभर में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के नेशनल मिशन के चलते यह सेक्टर वैश्विक स्तर पर भारतीय उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाएगा। उन्होंने उद्योगपतियों से पारंपरिक टेक्सटाइल्स से आगे बढ़कर इस इनोवेटिव सेक्टर में प्रवेश करने का आह्वान किया।</p>
<p>आईटीटीए के वाइस चेयरमैन डॉ. नंदन कुमार ने कहा कि देश के एमएसएमई सेक्टर को अब पॉलिमर से हाई-परफॉर्मेंस फाइबर की दिशा में आगे बढ़ना होगा। वहीं पूर्व एडिशनल टेक्सटाइल कमिश्नर एस.पी.वर्मा ने कहा कि टेक्निकल टेक्सटाइल्स में करीब 80 प्रतिशत मैन मेड फाइबर (एमएमएफ) का उपयोग होता है, जो सूरत के उद्योगपतियों के लिए एक सुनहरा अवसर है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यदि भारत हाई-एंड परफॉर्मेंस यार्न उत्पादन में सफलता हासिल करता है, तो देश टेक्निकल टेक्सटाइल्स के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व कर सकता है। उन्होंने उद्योगपतियों को “आउट ऑफ द बॉक्स” सोचने और अगले 5 से 10 वर्षों में टेक्निकल टेक्सटाइल्स की ओर डायवर्सिफिकेशन करने की सलाह दी।</p>
<p>डीआईसी के जनरल मैनेजर एवं जॉइंट कमिश्नर ऑफ इंडस्ट्रीज जे.बी.दवे  ने बताया कि गुजरात सरकार की टेक्सटाइल पॉलिसी में टेक्निकल टेक्सटाइल्स को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने उद्योगपतियों को कैपिटल सब्सिडी, पावर सब्सिडी और इंटरेस्ट सब्सिडी जैसी योजनाओं की जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी अपनाने वाले उद्योगों को अतिरिक्त लाभ मिलेंगे और भविष्य में यूरोपियन यूनियन के कार्बन टैक्स जैसे वैश्विक मानकों को ध्यान में रखते हुए उद्योगों को अपने प्रोसेस को अपग्रेड करना होगा।</p>
<p>कॉन्क्लेव के दौरान चार विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें उद्योग विशेषज्ञों ने अलग-अलग विषयों पर प्रेजेंटेशन दिए।</p>
<p>डायवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी सेशन में वैल्यू-एडेड टेक्निकल टेक्सटाइल्स पर चर्चा हुई।<br />डिफेंस एप्लीकेशन सेशन में रक्षा क्षेत्र में टेक्निकल टेक्सटाइल्स की जरूरतों पर पैनल डिस्कशन आयोजित हुआ।<br />जियो टेक्सटाइल्स और बिल्डिंग टेक्सटाइल्स सेशन में सस्टेनेबल डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर उपयोग पर जानकारी दी गई।<br />स्पोर्टेक और स्टैंडर्डाइजेशन सेशन में स्पोर्ट्स टेक्सटाइल्स और क्वालिटी स्टैंडर्ड पर चर्चा हुई।</p>
<p>कार्यक्रम के अंत में आईटीटीए के डायरेक्टर डॉ. धवल पटेल तथा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार वासुपील्लाई ने उपस्थित अतिथियों, विशेषज्ञों और उद्योगपतियों का आभार व्यक्त किया। कॉन्क्लेव में सूरत और दक्षिण गुजरात के बड़ी संख्या में टेक्सटाइल उद्योगपति मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 21:06:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : शहर के टेक्सटाईल मार्केटों में अग्निकांड रोकने के लिए फोस्टा की पहल, टोरेंट पावर अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत।  फेडरेशन ऑफ सूरत ट्रेड एन्ड टेक्सटाईल एसोसिएशन  (फोस्टा) ने शहर के विभिन्न कपड़ा बाजारों में हाल के समय में हुई आगजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विद्युत सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण पहल शुरू की है।</p>
<p>इसी क्रम में फोस्टा द्वारा टोरंट पावर  के अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें तकनीकी और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।</p>
<p>बैठक के दौरान यह बात प्रमुख रूप से सामने आई कि कई दुकानों में स्वीकृत क्षमता से अधिक विद्युत लोड का उपयोग किया जा रहा है। इससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी घटनाओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147186/fostas-initiative-to-prevent-fire-in-textile-markets-of-surat"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-05/b18052026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत।  फेडरेशन ऑफ सूरत ट्रेड एन्ड टेक्सटाईल एसोसिएशन  (फोस्टा) ने शहर के विभिन्न कपड़ा बाजारों में हाल के समय में हुई आगजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विद्युत सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण पहल शुरू की है।</p>
<p>इसी क्रम में फोस्टा द्वारा टोरंट पावर  के अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें तकनीकी और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।</p>
<p>बैठक के दौरान यह बात प्रमुख रूप से सामने आई कि कई दुकानों में स्वीकृत क्षमता से अधिक विद्युत लोड का उपयोग किया जा रहा है। इससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। अधिकारियों ने व्यापारियों को समय-समय पर विद्युत लोड की जांच कराने और आवश्यकतानुसार लोड बढ़वाने की सलाह दी।</p>
<p>इसी विषय को ध्यान में रखते हुए फोस्टा ने टोरंट पावर के लाइसेंसधारी इलेक्ट्रिशियनों के साथ भी एक विशेष बैठक आयोजित की। इस बैठक में बाजारों में विद्युत सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।</p>
<p>व्यापारियों को जागरूक करने और सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करने के उद्देश्य से फोस्टा ने अपने कार्यालय का भी विद्युत लोड चेक कराया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्यालय का लोड तत्काल बढ़वाया गया, जिसकी प्रक्रिया अब सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है।</p>
<p>फोस्टा ने घोषणा की है कि आने वाले समय में शहर के सभी प्रमुख बाजारों में विद्युत सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते रोका जा सके और व्यापारिक परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147186/fostas-initiative-to-prevent-fire-in-textile-markets-of-surat</link>
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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 19:38:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : कपड़ा बाजार में पार्सल ढुलाई शुल्क बढ़ा, 1 जून से प्रति पार्सल 15 रुपये अतिरिक्त लगेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सूरत के कपड़ा बाजार में पार्सल ढुलाई शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। सूरत जिला टेक्सटाइल मार्केटिंग ट्रांसपोर्ट लेबर यूनियन  ने बढ़ती महंगाई और बढ़ी हुई परिचालन लागत को देखते हुए प्रति पार्सल 15 रुपये शुल्क बढ़ाने की घोषणा की है।</p>
<p>यूनियन के अध्यक्ष उमाशंकर मिश्रा  और प्रवक्ता शान खान  ने बताया कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। इसके साथ ही ईंधन, परिवहन और श्रम शुल्क में भी लगातार वृद्धि हो रही है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यूनियन ने पार्सल ढुलाई शुल्क में संशोधन करने का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147157/parcel-transportation-charges-increased-in-surat-textile-market-rs-15"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/surat-market-textile.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सूरत के कपड़ा बाजार में पार्सल ढुलाई शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। सूरत जिला टेक्सटाइल मार्केटिंग ट्रांसपोर्ट लेबर यूनियन  ने बढ़ती महंगाई और बढ़ी हुई परिचालन लागत को देखते हुए प्रति पार्सल 15 रुपये शुल्क बढ़ाने की घोषणा की है।</p>
<p>यूनियन के अध्यक्ष उमाशंकर मिश्रा  और प्रवक्ता शान खान  ने बताया कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। इसके साथ ही ईंधन, परिवहन और श्रम शुल्क में भी लगातार वृद्धि हो रही है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यूनियन ने पार्सल ढुलाई शुल्क में संशोधन करने का निर्णय लिया है।</p>
<p>यूनियन की ओर से इस संबंध में कपड़ा बाजार के सभी मार्केट प्रबंधन को औपचारिक पत्र भेजा जाएगा। साथ ही पार्सल मजदूरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने व्यापारियों को नई दरों की जानकारी दें।</p>
<p>नई बढ़ी हुई दरें 1 जून 2026 से लागू होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147157/parcel-transportation-charges-increased-in-surat-textile-market-rs-15</link>
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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 18:59:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : फोस्टा बोर्ड बैठक में चुनाव प्रक्रिया को लेकर अहम फैसले</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। फेडरेशन ऑफ सूरत टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन (फोस्टा) की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 22 अप्रैल 2026 को सायं 5:00 बजे फोस्टा कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सभी निदेशकों की सहमति से आगामी चुनावों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।</p>
<p>बैठक में तय किया गया कि जिन व्यापारियों का सदस्यता शुल्क 30 अप्रैल 2026 तक फोस्टा कार्यालय में प्राप्त हो जाएगा, केवल वही सदस्य आगामी चुनाव में प्रत्याशी बनने और मतदान करने के पात्र होंगे। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त शुल्क वाले सदस्य संगठन के सदस्य तो रहेंगे, लेकिन इस वर्ष के चुनाव में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146760/important-decisions-regarding-election-process-taken-in-surat-fosta-board"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-04/b23042026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। फेडरेशन ऑफ सूरत टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन (फोस्टा) की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 22 अप्रैल 2026 को सायं 5:00 बजे फोस्टा कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सभी निदेशकों की सहमति से आगामी चुनावों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।</p>
<p>बैठक में तय किया गया कि जिन व्यापारियों का सदस्यता शुल्क 30 अप्रैल 2026 तक फोस्टा कार्यालय में प्राप्त हो जाएगा, केवल वही सदस्य आगामी चुनाव में प्रत्याशी बनने और मतदान करने के पात्र होंगे। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त शुल्क वाले सदस्य संगठन के सदस्य तो रहेंगे, लेकिन इस वर्ष के चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगे।</p>
<p>फोस्टा ने सदस्यता को तीन श्रेणियों—प्लेटिनम, डायमंड और गोल्ड—में विभाजित किया है। प्रत्येक मार्केट से हर श्रेणी में केवल एक प्रत्याशी ही चुनाव लड़ सकेगा, जबकि मतदान का अधिकार सभी पात्र सदस्यों को रहेगा।</p>
<p>इसके अलावा, जिन मार्केट्स की मेंटेनेंस फीस 30 अप्रैल तक जमा होगी, उन्हीं मार्केट्स के सदस्य चुनाव में प्रत्याशी बनने के योग्य होंगे। जिन मार्केट्स का शुल्क बकाया रहेगा, उनके सदस्य केवल मतदान कर सकेंगे, प्रत्याशी नहीं बन पाएंगे।</p>
<p>बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जो सदस्य किसी मार्केट के बजाय सिंगल हाउस या अन्य क्षेत्रों में व्यापार कर रहे हैं, उन्हें प्रत्याशी बनने के लिए एक वर्ष का मेंटेनेंस शुल्क निर्धारित तिथि तक जमा करना अनिवार्य होगा। अन्यथा उन्हें केवल मतदान का अधिकार मिलेगा।</p>
<p>संगठन द्वारा सदस्यता जीएसटी नंबर के आधार पर प्रदान की गई है, इसलिए सदस्य अपने जीएसटी में दर्ज पते के अनुसार ही संबंधित मार्केट से चुनाव लड़ सकेंगे।</p>
<p>फोस्टा की ओर से बताया गया कि चुनाव अधिकारी की नियुक्ति, चुनाव तिथि और अन्य विस्तृत जानकारी शीघ्र ही घोषित की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146760/important-decisions-regarding-election-process-taken-in-surat-fosta-board</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 19:04:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : टेक्निकल टेक्सटाइल और स्पोर्टटेक सेक्टर के लिए नए अवसरों पर मार्गदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा टेक्निकल टेक्सटाइल, MMF (मैन मेड फाइबर), स्पोर्टटेक और एक्टिववियर सेक्टर में उभरते अवसरों पर एक विशेष सेशन का आयोजन किया गया।</p>
<p>यह कार्यक्रम 9 अप्रैल, 2026 को नानपुरा स्थित समृद्धि में आयोजित हुआ, जिसमें मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल्स, ऑफिस ऑफ द टेक्सटाइल कमिश्नर, ITADC सूरत और कॉन्सेप्ट्स एन स्ट्रैटेजीज का सहयोग रहा।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत में चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए टेक्निकल टेक्सटाइल और स्पोर्टटेक जैसे नए क्षेत्रों में बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला और उद्योगपतियों को इन क्षेत्रों में आगे आने के लिए प्रेरित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146537/guidance-on-new-opportunities-for-surat-technical-textile-and-sportstech"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-04/b11042026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा टेक्निकल टेक्सटाइल, MMF (मैन मेड फाइबर), स्पोर्टटेक और एक्टिववियर सेक्टर में उभरते अवसरों पर एक विशेष सेशन का आयोजन किया गया।</p>
<p>यह कार्यक्रम 9 अप्रैल, 2026 को नानपुरा स्थित समृद्धि में आयोजित हुआ, जिसमें मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल्स, ऑफिस ऑफ द टेक्सटाइल कमिश्नर, ITADC सूरत और कॉन्सेप्ट्स एन स्ट्रैटेजीज का सहयोग रहा।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत में चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए टेक्निकल टेक्सटाइल और स्पोर्टटेक जैसे नए क्षेत्रों में बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला और उद्योगपतियों को इन क्षेत्रों में आगे आने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>ITADC, सूरत के असिस्टेंट डायरेक्टर निलय पंड्या ने टेक्निकल टेक्सटाइल और MMF सेक्टर में सरकार की विभिन्न योजनाओं, नीतियों और सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।</p>
<p>एक्सपर्ट स्पीकर के रूप में किशन कुमार डागा ने वैश्विक स्तर पर टेक्निकल टेक्सटाइल और स्पोर्टटेक सेक्टर में बढ़ती मांग और सूरत के लिए मौजूद अवसरों पर प्रकाश डाला।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह सेक्टर भविष्य में तेजी से विकसित होगा और स्थानीय उद्योगपतियों के लिए नए द्वार खोलेगा। साथ ही उन्होंने इनोवेशन, क्वालिटी, रिसर्च एवं डेवलपमेंट और आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया।</p>
<p>कॉन्सेप्ट्स एन स्ट्रैटेजीज की सीनियर कंसल्टेंट सुश्री अंबिका कुमारी ने इंडस्ट्रियलिस्ट्स को टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर में प्रवेश के लिए आवश्यक रणनीति, मार्केट स्टडी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी योजनाओं, एक्सपोर्ट प्रमोशन और क्लस्टर डेवलपमेंट इनिशिएटिव का लाभ उठाने की भी सलाह दी।</p>
<p>कार्यक्रम का संचालन चैंबर के GFRRC के को-चेयरमैन अमरीश भट्ट ने किया, जबकि टेक्निकल टेक्सटाइल कमेटी के चेयरमैन परेश थुमर ने स्पीकर्स का परिचय कराया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में इंडस्ट्रियलिस्ट और टेक्सटाइल सेक्टर के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।</p>
<p>यह सेशन सूरत के टेक्सटाइल उद्योग के लिए नए क्षेत्रों में विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146537/guidance-on-new-opportunities-for-surat-technical-textile-and-sportstech</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 17:19:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत में ‘टेक्सटाइल अवार्ड्स’ की घोषणा, 45 कैटेगरी में उत्कृष्ट कार्यों को मिलेगा सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><br />सूरत। टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नई दिशा देने और इनोवेशन व सस्टेनेबल डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने मई 2026 में ‘टेक्सटाइल अवार्ड्स’ आयोजित करने की घोषणा की है। इस पहल के तहत कुल 45 अलग-अलग कैटेगरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों और संस्थानों को सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p>चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने बताया कि ये अवार्ड्स टेक्सटाइल इंडस्ट्री के सभी प्रमुख सेगमेंट—फैब्रिक, यार्न, गारमेंट्स, मेड-अप्स, प्रोसेसिंग, डाइंग, ट्रेडिंग और रिटेलिंग—को कवर करेंगे, जिससे पूरे सेक्टर को प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p>अवार्ड्स की प्रमुख श्रेणियों में प्रोडक्ट इनोवेशन और बेस्ट अल्टरनेट मटीरियल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146489/textile-awards-announced-in-surat-excellent-work-will-be-honored"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/sgcci.jpg" alt=""></a><br /><p><br />सूरत। टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नई दिशा देने और इनोवेशन व सस्टेनेबल डेवलपमेंट को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने मई 2026 में ‘टेक्सटाइल अवार्ड्स’ आयोजित करने की घोषणा की है। इस पहल के तहत कुल 45 अलग-अलग कैटेगरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों और संस्थानों को सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p>चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने बताया कि ये अवार्ड्स टेक्सटाइल इंडस्ट्री के सभी प्रमुख सेगमेंट—फैब्रिक, यार्न, गारमेंट्स, मेड-अप्स, प्रोसेसिंग, डाइंग, ट्रेडिंग और रिटेलिंग—को कवर करेंगे, जिससे पूरे सेक्टर को प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p>अवार्ड्स की प्रमुख श्रेणियों में प्रोडक्ट इनोवेशन और बेस्ट अल्टरनेट मटीरियल यूज़, एक्सपोर्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन, क्वालिटी मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी अपनाने में श्रेष्ठता, बेस्ट HR प्रैक्टिस (एम्प्लॉई वेलफेयर) और टेक्सटाइल रीसाइक्लिंग जैसी कैटेगरी शामिल हैं। इन श्रेणियों के माध्यम से इंडस्ट्री में आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता सुधार और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p>इस अवार्ड में बुनकर, स्पिनर, डाइंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स, गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स, टेक्निकल टेक्सटाइल और मेड-अप्स सेक्टर के उद्यमी आवेदन कर सकेंगे। साथ ही कुछ चुनिंदा कैटेगरी में ट्रेडर्स को भी भाग लेने का अवसर दिया जाएगा।</p>
<p>चैंबर का मानना है कि यह पहल टेक्सटाइल इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के साथ-साथ क्वालिटी, इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी के स्तर को ऊंचा उठाने में अहम भूमिका निभाएगी। यह आयोजन उत्कृष्ट कार्य करने वाली इकाइयों को पहचान देने के साथ-साथ अन्य उद्योगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146489/textile-awards-announced-in-surat-excellent-work-will-be-honored</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 20:03:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : अब केवल 7 दिनों में मिलेगा नया इंडस्ट्रियल गैस कनेक्शन, मजदूरों को आधार कार्ड पर मिलेंगे छोटे सिलेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सूरत में इंडस्ट्रीज़ को निर्बाध गैस सप्लाई सुनिश्चित करने और कारीगरों को आसानी से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के मुद्दे पर शनिवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अठवा लाइन्स स्थित सर्किट हाउस में गुजरात गैस की मैनेजिंग डायरेक्टर अवंतिका सिंह (IAS) की अध्यक्षता में हुई।</p>
<p>बैठक में द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों, उद्योगपतियों, गैस कंपनी के अधिकारियों और जिला आपूर्ति विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।</p>
<p>जिला आपूर्ति अधिकारी ने जानकारी दी कि HPCL, BPCL और IOCL के डीलरों द्वारा 3 और 5 किलो के गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146415/surat-will-now-get-new-industrial-gas-connection-in-just"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-04/b04042026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सूरत में इंडस्ट्रीज़ को निर्बाध गैस सप्लाई सुनिश्चित करने और कारीगरों को आसानी से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के मुद्दे पर शनिवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अठवा लाइन्स स्थित सर्किट हाउस में गुजरात गैस की मैनेजिंग डायरेक्टर अवंतिका सिंह (IAS) की अध्यक्षता में हुई।</p>
<p>बैठक में द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों, उद्योगपतियों, गैस कंपनी के अधिकारियों और जिला आपूर्ति विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।</p>
<p>जिला आपूर्ति अधिकारी ने जानकारी दी कि HPCL, BPCL और IOCL के डीलरों द्वारा 3 और 5 किलो के गैस सिलेंडरों की सप्लाई शुरू कर दी गई है। इसके तहत औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कारीगर अपने संस्थान के लेटरहेड पर आवेदन और आधार कार्ड की प्रति देकर सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था कारीगरों के पलायन को रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है।</p>
<p>इसके अलावा PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। पहले जहां कनेक्शन में 45 दिन लगते थे, अब इसे घटाकर केवल 7 दिन कर दिया गया है। जिन औद्योगिक क्षेत्रों में गैस लाइन उपलब्ध नहीं है, उनकी जानकारी चैंबर द्वारा गुजरात गैस को भेजी जाएगी।</p>
<p>चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में चैंबर उद्योग, प्रशासन और गैस कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित करने में सेतु की भूमिका निभाएगा। वहीं वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला ने बताया कि सचिन, पलसाना, पांडेसरा, किम-पिपोदरा, सायण और  मांगरोल जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में जल्द गैस पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव दिया गया है।</p>
<p>साथ ही, जिन क्षेत्रों में गैस लाइन बिछ चुकी है लेकिन मीटर के अभाव में सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है, वहां जल्द मीटर लगाने की मांग भी रखी गई। इस पर गुजरात गैस प्रबंधन ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।</p>
<p>इस बैठक को इंडस्ट्री के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, जिससे उत्पादन और रोजगार पर पड़ रहे असर को कम करने में मदद मिल सकती है।</p>
<p>इस ज़रूरी मीटिंग में द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी, वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला, तत्कालीन प्रेसिडेंट  विजय मेवावाला, ऑनरेरी ट्रेज़रर CA मितिश मोदी, पूर्व प्रेसिडेंट आशीष गुजराती, मेंबर अतुल पटेल, सेक्रेटरी पॉलिक देसाई, साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन के डायरेक्टर विनोद अग्रवाल समेत इंडस्ट्रियलिस्ट, गुजरात गैस के बड़े अधिकारी और डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर मौजूद थे।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146415/surat-will-now-get-new-industrial-gas-connection-in-just</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 15:58:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संघर्ष का सूरत के कपड़ा केंद्र पर बुरा असर, लागत बढ़ी, काम के दिन घटाए गए</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सूरत</span>, 03 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण गुजरात के कपड़ा केंद्र सूरत में लागत बढ़ने का असर अब महसूस होने लगा है। कई इकाइयों ने या तो अपने रोजाना काम करने के घंटे कम कर दिए हैं या फिर अपने उत्पादन के सक्रिय दिन घटा दिए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ पदाधिकारियों ने दावा किया कि उद्योग को इस समय रोजाना लगभग </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। सूरत शहर भारत में मानव निर्मित कपड़े के उत्पादन के सबसे बड़े केंद्रों में से एक है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन ने बढ़ती लागत को</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सूरत</span>, 03 <span lang="hi" xml:lang="hi">अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण गुजरात के कपड़ा केंद्र सूरत में लागत बढ़ने का असर अब महसूस होने लगा है। कई इकाइयों ने या तो अपने रोजाना काम करने के घंटे कम कर दिए हैं या फिर अपने उत्पादन के सक्रिय दिन घटा दिए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कुछ पदाधिकारियों ने दावा किया कि उद्योग को इस समय रोजाना लगभग </span>100<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। सूरत शहर भारत में मानव निर्मित कपड़े के उत्पादन के सबसे बड़े केंद्रों में से एक है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन ने बढ़ती लागत को नियंत्रित करने के लिए इन इकाइयों के काम करने के दिनों को सात से घटाकर हफ़्ते में पांच दिन करने का फैसला किया है। संघ के अध्यक्ष जितेंद्र वक्तानिया ने यह जानकारी दी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">कच्चे माल और कोयले की बढ़ती कीमतों के कारण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सूरत और दक्षिण गुजरात का कपड़ा प्रसंस्करण उद्योग संकट का सामना कर रहा है।’’</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष और सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष अशोक जिरावाला ने बताया कि कई इकाइयों ने अपने उत्पादन चक्र को भी </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे से घटाकर </span>12<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे प्रतिदिन कर दिया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कुल उत्पादन पर असर पड़ा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हालात काफी मुश्किल हो गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उद्योग को रोजाना लगभग </span>90-100<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।’’</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस संकट को मजदूरों की कमी ने और भी बढ़ा दिया है। उद्योग के अनुमानों के अनुसार मजदूरों की संख्या में </span>35<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की कमी आई है। जिरावाला ने बताया कि पिछले कुछ हफ़्तों में </span>2,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> से ज्यादा प्रवासी मजदूर शहर छोड़कर चले गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे पहले खाना पकाने वाली गैस सिलेंडरों की कमी के कारण मज़दूरों का पलायन शुरू हो गया था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कामकाज पर और भी ज़्यादा दबाव पड़ गया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने बताया कि मानव निर्मित फाइबर सहित आयातित कच्चे माल की क़ीमतों में भी </span>30-35<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">वक्तानिया ने कहा कि बुनाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रसंस्करण और व्यापार – इन सभी क्षेत्रों में काम में </span>25-30<span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा मंदी के बावजूद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आने वाले शादी के मौसम से मांग बढ़ने और इस क्षेत्र को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंपालाल बोथरा ने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">अंतरराष्ट्रीय संकट से पहले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उद्योग रोजाना लगभग सात करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन करता था। लेकिन अब उत्पादन घटकर लगभग आधा रह गया है।’’</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि संघर्ष शांत होने और धागे की कीमतों तथा श्रमिकों की उपलब्धता जैसे कारकों के स्थिर होने के बाद भी उद्योग को पटरी पर लौटने में दो से तीन महीने लग सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने हाल ही में सूरत में उद्योग जगत के नेताओं के साथ एक समीक्षा बैठक की और श्रमिकों के लिए पांच किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति का आश्वासन दिया।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 22:15:38 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : शहर जिले के वीविंग सेक्टर का बड़ा फैसला, अब केवल एक शिफ्ट में चलेंगी मशीनें, 50% प्रोडक्शन की कटौती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सूरत के टेक्सटाइल उद्योग पर मंडरा रहे आर्थिक संकट और प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए बुनकरों के सबसे बड़े संगठन फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स वेलफेयर एसोसिएशन (फोगवा) ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है।</p>
<p>सोमवार को हुई विभिन्न वीवर एसोसिएशनों की सार्वजनिक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्तमान वैश्विक युध्द की परिस्थिति के दौरान अब से सूरत की सभी वीविंग इकाइयाँ 24 घंटे के बजाय केवल 12 घंटे (एक शिफ्ट) ही चलेंगी।</p>
<p>फोगवा के अध्यक्ष एवं  दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कोमर्स के उपाध्यक्ष अशोक जिरावाला ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146314/big-decision-of-weaving-sector-of-surat-city-district-now"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b30032026-07.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सूरत के टेक्सटाइल उद्योग पर मंडरा रहे आर्थिक संकट और प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए बुनकरों के सबसे बड़े संगठन फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स वेलफेयर एसोसिएशन (फोगवा) ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है।</p>
<p>सोमवार को हुई विभिन्न वीवर एसोसिएशनों की सार्वजनिक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्तमान वैश्विक युध्द की परिस्थिति के दौरान अब से सूरत की सभी वीविंग इकाइयाँ 24 घंटे के बजाय केवल 12 घंटे (एक शिफ्ट) ही चलेंगी।</p>
<p>फोगवा के अध्यक्ष एवं  दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कोमर्स के उपाध्यक्ष अशोक जिरावाला ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस फैसले से पहले फोगवा ने 'गूगल फॉर्म' के जरिए शहर जिले के विभिन्न इंडस्ट्रीयल क्षेत्रों के हजारों बुनकरों से उनकी राय मांगी थी। रिव्यू में मिले सुझावों के आधार पर आज सोमवार को हुई पब्लिक मीटिंग में सभी घटक संगठनों ने इस पर अपनी मुहर लगा दी।</p>
<p>सभी बुनकरों को अपनी फैक्टरी अब केवल एक शिफ्ट में चलाने का निर्देश दिया गया है। इस कटौती का मुख्य उद्देश्य वर्तमान मंदी के दौर में इंडस्ट्री के अस्तित्व को बचाना और अनुभवी कारीगरों  को पलायन से रोकना है।</p>
<p>एसोसिएशन का मानना है कि उत्पादन में 50 प्रतिशत की स्वैच्छिक कटौती करने से बाजार में तैयार माल का अंबार नहीं लगेगा, जिससे भविष्य में कपड़ों की मांग और कीमतों में सुधार देखने को मिलेगा। फोगवा ने स्पष्ट किया है कि जब हालात सामान्य होंगे और दोबारा पूरा उत्पादन शुरू करना होगा, तब एसोसिएशन द्वारा आधिकारिक सूचना दे दी जाएगी।</p>
<p>इस महत्वपूर्ण निर्णय में सूरत के लगभग सभी प्रमुख वीविंग क्लस्टर्स और संगठनों ने एकजुटता दिखाई है।</p>
<p>• फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर वेलफेयर एसोसिएशन (FOGWA)<br />• रैपियर जैक्वार्ड वीवर एसोसिएशन (RJWAS)<br />• सूरत एयरजेट वीवर एसोसिएशन (SAWA)<br />• वॉटरजेट वीवर्स एसोसिएशन<br />• लसकाना वीवर्स एसोसिएशन<br />• किम पिपोदरा वीवर्स एसोसिएशन<br />• बामरोली वीवर्स एसोसिएशन<br />• पांडेसरा वीवर्स एसोसिएशन<br />• जोलवा वीवर्स एसोसिएशन<br />• सचिन होजीवाला एसोसिएशन<br />• परब-उभेल वीवर्स एसोसिएशन<br />• सायन वीवर्स एसोसिएशन</p>
<p>एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभी बुनकरों से अपील की है कि वे व्यापक हित को देखते हुए इस फैसले का कड़ाई से पालन करें। वर्तमान मुश्किल हालात में एकजुट रहकर ही टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मंदी के भंवर से निकाला जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 20:36:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : प्रोसेसिंग मिलों का बड़ा फैसला, हफ्ते में दो दिन यूनिट बंद रखने का ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सूरत के टेक्सटाइल उद्योग में मौजूदा हालात को देखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। सोमवार, 23 मार्च 2026 को शाम 4 बजे साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए) की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न घटकों के 25 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।</p>
<p>बैठक में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, युद्ध जैसे हालात, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और कम सप्लाई पर विस्तार से चर्चा की गई। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सभी प्रोसेसिंग और प्रिंटिंग मिलों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि आज से अगले आदेश तक सप्ताह में दो दिन यूनिट बंद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146168/big-decision-of-surat-processing-mills-announcement-of-keeping-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b23032026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सूरत के टेक्सटाइल उद्योग में मौजूदा हालात को देखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। सोमवार, 23 मार्च 2026 को शाम 4 बजे साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (एसजीटीपीए) की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न घटकों के 25 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।</p>
<p>बैठक में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, युद्ध जैसे हालात, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और कम सप्लाई पर विस्तार से चर्चा की गई। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सभी प्रोसेसिंग और प्रिंटिंग मिलों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि आज से अगले आदेश तक सप्ताह में दो दिन यूनिट बंद रखी जाएंगी।</p>
<p>एसोसिएशन के प्रेसिडेंट जितेंद्र कुमार वखारिया ने बताया कि यह कदम इंडस्ट्री को आर्थिक दबाव से राहत देने और मांग-सप्लाई के बीच संतुलन बनाने के लिए उठाया गया है।</p>
<p>बैठक में पांडेसरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट कमलविजय तुलस्यान सहित कई उद्योग अग्रणी मौजूद रहे। इस दौरान प्रमोद चौधरी, विनय अग्रवाल, जे.पी. अग्रवाल, अनिल राठी और चंदन पालीवाल जैसे उद्योग नेताओं ने भी अपने विचार रखे और इस निर्णय का समर्थन किया।</p>
<p>उद्योग जगत का मानना है कि यह अस्थायी कदम लंबे समय में टेक्सटाइल सेक्टर को स्थिरता देने और बढ़ते खर्चों के दबाव को कम करने में मदद करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 19:03:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : टेक्सटाइल प्रोसेस हाउस क्लस्टर की अहम बैठक, हफ्ते में 2 दिन बंद रखने का प्रस्ताव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े प्रोसेस हाउस क्लस्टर के प्रतिनिधियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें इंडस्ट्री की मौजूदा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।</p>
<p>बैठक में बढ़ती प्रोडक्शन कॉस्ट, कारीगरों की कमी, मार्केट में डिमांड की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे मुद्दों पर गंभीर मंथन किया गया। इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों ने मौजूदा हालात को देखते हुए स्थायी समाधान तलाशने की आवश्यकता पर जोर दिया।</p>
<p>चर्चा के दौरान प्रोसेस हाउस को सप्ताह में 2 दिन बंद रखने का एक प्रारंभिक प्रस्ताव भी रखा गया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य प्रोडक्शन लागत को कम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146126/proposal-to-keep-the-important-meeting-of-surat-textile-process"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b20032026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े प्रोसेस हाउस क्लस्टर के प्रतिनिधियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें इंडस्ट्री की मौजूदा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।</p>
<p>बैठक में बढ़ती प्रोडक्शन कॉस्ट, कारीगरों की कमी, मार्केट में डिमांड की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे मुद्दों पर गंभीर मंथन किया गया। इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों ने मौजूदा हालात को देखते हुए स्थायी समाधान तलाशने की आवश्यकता पर जोर दिया।</p>
<p>चर्चा के दौरान प्रोसेस हाउस को सप्ताह में 2 दिन बंद रखने का एक प्रारंभिक प्रस्ताव भी रखा गया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य प्रोडक्शन लागत को कम करना, बाजार में सप्लाई और डिमांड के बीच संतुलन बनाए रखना और इंडस्ट्री को दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करना बताया गया।</p>
<p>हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन के अनुसार, सभी संबंधित पक्षों की सहमति से ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसके लिए आने वाले दिनों में और विस्तृत चर्चाएं की जाएंगी।</p>
<p>इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इससे मौजूदा आर्थिक दबाव को कम करने और टेक्सटाइल सेक्टर को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146126/proposal-to-keep-the-important-meeting-of-surat-textile-process</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 16:56:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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