<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/4822/flood" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Flood - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/4822/rss</link>
                <description>Flood RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बहन के साथ बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए पंजाब पहुंचे सोनू सूद, बोले- ‘असली चुनौतियां बाकी हैं’</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चंडीगढ़, 08 सितंबर (वेब वार्ता)। पंजाब में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। ऐसे में बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस बार वह अपनी बहन मालविका सूद के साथ मोगा पहुंचे, जहां उन्होंने एक प्रेस वार्ता की। बातचीत के दौरान उन्होंने बाढ़ और उससे उत्पन्न हुई मुश्किलों को लेकर चिंता जताई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जैसे पहले कोरोना महामारी ने लोगों की हालत खराब की थी, वैसे ही अब बाढ़ ने पंजाब को भारी नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p>सोनू सूद ने कहा कि पंजाब के कई गांवों में हालात काफी खराब हैं। वहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142964/sonu-sood-who-arrived-in-punjab-to-help-the-flood"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-06/actor-sonu-sood2.jpg" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़, 08 सितंबर (वेब वार्ता)। पंजाब में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। ऐसे में बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस बार वह अपनी बहन मालविका सूद के साथ मोगा पहुंचे, जहां उन्होंने एक प्रेस वार्ता की। बातचीत के दौरान उन्होंने बाढ़ और उससे उत्पन्न हुई मुश्किलों को लेकर चिंता जताई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जैसे पहले कोरोना महामारी ने लोगों की हालत खराब की थी, वैसे ही अब बाढ़ ने पंजाब को भारी नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p>सोनू सूद ने कहा कि पंजाब के कई गांवों में हालात काफी खराब हैं। वहां के सरपंचों और स्थानीय मुखियाओं से बातचीत करके पीड़ितों की जानकारी ली जा रही है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि राहत कार्य जारी हैं और सूद फाउंडेशन की ओर से लगातार हर गांव में जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है। इस काम की जिम्मेदारी उनकी बहन मालविका सूद संभाल रही हैं, जो पहले से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।</p>
<p>प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोनू ने कहा कि अभी बाढ़ का पानी उतर रहा है, लेकिन असली समस्या तो कुछ महीनों बाद आएगी, जब लोग बीमार होने लगेंगे और उनके पास इलाज के पैसे नहीं होंगे।</p>
<p>उन्होंने चिंता जताई कि बहुत से गांव ऐसे हैं, जहां से लोग अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे लोगों के लिए एक स्थायी समाधान की जरूरत है और वह खुद इस दिशा में एक जरिया तैयार करने में लगे हुए हैं।</p>
<p>सोनू सूद ने आगे कहा कि जैसे उन्होंने और उनकी बहन ने कोरोना के समय लोगों की मदद की थी, वैसे ही अब वे बाढ़ पीड़ितों के लिए भी हर तरह की मदद पहुंचा रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हालात अभी तो कुछ संभले हैं, लेकिन असली चुनौतियां अभी बाकी हैं।</p>
<p>सोनू सूद ने लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर काम करें और एक-दूसरे की मदद करें। उन्होंने वादा किया कि वे हर स्तर पर लोगों के साथ खड़े रहेंगे और पंजाब को फिर से हरा-भरा और खुशहाल बनाएंगे।</p>
<p>मालविका सूद ने भी बताया कि सूद फाउंडेशन की टीम गांव-गांव जाकर राहत सामग्री बांट रही है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ राहत देना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को फिर से पटरी पर लाना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142964/sonu-sood-who-arrived-in-punjab-to-help-the-flood</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142964/sonu-sood-who-arrived-in-punjab-to-help-the-flood</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Sep 2025 15:36:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-06/actor-sonu-sood2.jpg"                         length="35451"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश : न अपने जान की और न ही आठ माह के बच्चे की थी परवाह, डूब रहे किसान को देखकर नाले में लगा दी छलांग और बचा लाई एक जान, जानिए बहादुर रवीना की कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल के पास के एक गांव नजीराबाद में रहने वाली एक 32 साल की महिला रवीना ने साहस का ऐसा नमूना पेश किया कि आज हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83701/madhya-pradesh-did-not-care-for-his-life-nor-for-his-eight-month-old-child-seeing-the-drowning-farmer-jumped-into-the-drain-and-saved-a-life-know-the-story-of-brave-raveena"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/6818_news76.jpg" alt=""></a><br /><div>मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास के एक गांव नजीराबाद में रहने वाली एक 32 साल की महिला रवीना ने साहस का ऐसा नमूना पेश किया कि आज हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है। रवीना ने ना सिर्फ अपनी जान की परवाह की और न ही अपने 8 महीने के बेटे की, रवीना ने बड़े सहस के साथ तेज धार पानी में डूब रहे एक किसान की जान बचाई है।</div><div>मामले में मिली जानकारी के अनुसार हुआ ऐसा था कि गुरुवार की शाम नजीराबाद के पास बहने वाले नाले में 'बाढ़' आ जाने से पानी का प्रवाह बहुत तेज हो गया। पानी की इस तेज धारा में दो किसान बहने लगे। रवीना ने इन्हें डूबता देख, उन्हें बचाने के लिए 32 साल की विवाहिता अपने 8 महीने के बेटे को नाले के पास जमीन पर रख नाले में छलांग लगा दी। उसने बहुत प्रयास किया लेकिन वह केवल एक ही किसान को बचा सकी जबकि दूसरा 25 वर्षीय किसान पानी में डूब गया। किसान का शव शुक्रवार सुबह स्थानीय गोताखोरों की मदद से नजीराबाद पुलिस ने नाले से बरामद किया। अब पुलिस समेत स्थानीय लोग महिला के साहस की सराहना कर रहे है। एसएचओ नजीराबाद ने महिला रवीना को पुरस्कृत किया। वहीं महिला का कहना है कि अगर मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी मदद की होती तो वह दूसरे किसान को भी बचा लेती।</div><div>इस बारे में एसएचओ नजीराबाद बीपी सिंह बैंस ने बताया कि नजीराबाद के गांव कढैयाशाह निवासी 25 वर्षीय राजू अहिरवार और 23 वर्षीय जितेंद्र अहिरवार सुबह नजीराबाद के खजुरिया गांव स्थित अपने खेत में सोयाबीन की फसल में कीटनाशक का छिड़काव करने गये थे। दोनों गांव के बीच एक नाला बहता है। जब वे अपने खेत को गए थे, तो नाले में कम पानी था। उन्होंने कढैयाशाह गांव के किनारे अपनी बाइक खड़ी की और पैदल ही नाले को पार किया। दोपहर में नजीराबाद में जोरदार बारिश होने के कारण शाम तक पानी से नाला उफना रहा था। नाले में पानी का बहाव तेज था। जितेंद्र और राजू ने नाले को पार करने की कोशिश की। स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें चेतावनी भी दी लेकिन राजू और जितेंद्र ने उनकी एक नहीं सुनी और नाले को पार करने की कोशिश की।</div><div>इसके बाद राजू और जितेंद्र तेज धारा में बहने लगे। पास ही कंजर टपरा झोंपड़ी में रहने वाली 32 वर्षीय रवीना घटना को देख रही थी। जैसे ही उसने राजू और जितेंद्र को तेज धारा में बहते हुए देखा, उसने अपने 8 महीने के बेटे को जमीन के ऊपर घास पर रख दिया और बचाने के लिए नाले में कूद पड़ी। रवीना ने अपनी हिम्मत से जितेंद्र को तो बचा लिया लेकिन राजू को नहीं बचा सकी। राजू पानी में डूब गया। घटना के बाद राजू के भाई सुरेश अहिरवार ने नजीराबाद पुलिस को मामले की सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और राजू की तलाश शुरू की। अगले दिन राजू का शव 15 फीट गहरे पानी से बरामद किया गया।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83701/madhya-pradesh-did-not-care-for-his-life-nor-for-his-eight-month-old-child-seeing-the-drowning-farmer-jumped-into-the-drain-and-saved-a-life-know-the-story-of-brave-raveena</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/83701/madhya-pradesh-did-not-care-for-his-life-nor-for-his-eight-month-old-child-seeing-the-drowning-farmer-jumped-into-the-drain-and-saved-a-life-know-the-story-of-brave-raveena</guid>
                <pubDate>Sun, 04 Sep 2022 09:29:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-09/6818_news76.jpg"                         length="61829"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया की सबसे गर्म जगह ‘डेथ वैली’ में 1000 साल में चौथी बार हुई ऐसी बारिश</title>
                                    <description><![CDATA[एक ऐतिहासिक लग्जरी होटल में मेहमानों और कर्मचारियों की 60 से अधिक कारें मलबे में दब गईं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/84631/in-the-world-s-hottest-place-death-valley-such-rain-occurred-for-the-fourth-time-in-1000-years"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/9961_news44.jpg" alt=""></a><br /><div>दुनिया की सबसे गर्म जगह के रूप में जाने जाने वाला स्थान अमेरिका के कैलिफोर्निया में डेथ वैली है। यह अमेरिका का सबसे शुष्क स्थान है। हालांकि, जलवायु परिवर्तन यहां की तस्वीर बदल रहा है। अमेरिका ने 1000 साल में चौथी बार ऐसी बारिश देखी है, जिससे घाटी में अचानक बाढ़ आ गई है। इस घटना ने कैलिफोर्निया के डेथ वैली नेशनल पार्क में एक हजार से अधिक लोगों को फंसा लिया है, जिससे अधिकारियों को इसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।</div><div>रिपोर्ट्स के मुताबिक, फर्नेस क्रीक में पार्क मुख्यालय के पास डेथ वैली में एक ऐतिहासिक लग्जरी होटल में मेहमानों और कर्मचारियों की 60 से अधिक कारें मलबे में दब गईं। जॉन सिर्लिन अमेरिका में तूफान और मौसम की घटनाओं को पकड़ते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें दुनिया के सबसे शुष्क क्षेत्रों में से एक में बाढ़ दिखाई दे रही है। क्षेत्र में बारिश के कारण लगभग 500 मेहमान और 500 कर्मचारी पार्क से बाहर नहीं निकल पाए, क्योंकि डेथ वैली के अंदर और बाहर सभी सड़कें बंद थीं। पार्क की प्रवक्ता एमी वाइन ने कहा कि फर्नेस क्रीक में 1.46 इंच (3.7 सेंटीमीटर) बारिश हुई। इससे पहले 1988 में 1.47 इंच बारिश हुई थी।</div><div>मॉनसून की बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ डेथ वैली की पारिस्थितिकी का एक स्वाभाविक हिस्सा है। पार्क के अधिकारियों ने कहा कि वर्ष 1936 के बाद से 1988 सबसे गर्म था। उस वक्त यहां 1.47 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/84631/in-the-world-s-hottest-place-death-valley-such-rain-occurred-for-the-fourth-time-in-1000-years</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/84631/in-the-world-s-hottest-place-death-valley-such-rain-occurred-for-the-fourth-time-in-1000-years</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Aug 2022 21:59:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-08/9961_news44.jpg"                         length="80307"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाथमती नदी तट पर बुजुर्ग की सुलगती चिता अचानक आये जल-प्रवाह में बह गई!</title>
                                    <description><![CDATA[अंतिम संस्कर के लिये मौजूद लोग समय रहते भाग कर सुरक्षित किनारे पहुंच गये]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/69062/the-smoldering-pyre-of-the-old-man-on-the-bank-of-the-hathmati-river-was-suddenly-washed-away-in-the-flow-of-water"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-07/2754_news48.jpg" alt=""></a><br /><div>बीते कुछ दिनों से गुजरात के अधिकांश इलाकों में मूसलाधार बारिश ने विस्त्र को जलमग्न कर दिया है। साबरकांठा के विजयनगर में भारी बारिश से नदी में बाढ़ की स्थिति देखने को मिली। उस समय विजयनगर की हाथमती नदी में हुई एक घटना ने पूरे लोगों को झकझोर कर रख दिया था। नदी के पास एक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। अंतिम संस्कार के दौरान जलती चिता के साथ शव अचानक नदी में बह गया। जिससे अंतिम संस्कार की रस्म पूरी नहीं हो सकी। कुछ स्थानीय लोगों ने पुल से पूरी घटना का वीडियो बना लिया।</div><div>खेड़ब्रह्मा विधान सभा के पूर्व विधायक अश्विन कोतवाल ने टेलीफोन पर बातचीत में बताया कि गांव के 90 वर्षीय सेवानिवृत्त प्राचार्य नानजी साजा डामोर, जो कि पर्वत प्राथमिक विद्यालय के प्राचार्य थे, मंगलवार की शाम विजयनगर के परवथ गांव के पास सेवानिवृत्त हो गए। । सोमवार शाम चार बजे उनका निधन हो गया। कलोल के पास एक निजी जगह पर काम करने वाला उनका बेटा देर रात सूचना देने पहुंचा। मंगलवार दोपहर 11।30 बजे समाज के रीति-रिवाजों के अनुसार उनकी अंतिम संस्कार यात्रा घर से निकली। और गांव की सीमा से गुजरते हुए हाटमती पुल के नीचे अंतिम संस्कार किया। इसी बीच नदी के ऊपरी हिस्से में भारी बारिश के कारण दाह संस्कार के बाद आधा शव आग के साथ बह गया।</div><div>बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान गंगा नदी में कई शवों के खिंचे जाने की भयावह तस्वीरें पूरे मीडिया में छाई रहीं। आज यह साबरकथा जिले के विजनगर की हाटमती नदी में मिला है। भारी बारिश और ऊपर की ओर बारिश के कारण हाथमती नदी में भीषण बाढ़ आ गई। उस समय हाथमती नदी के किनारे एक श्मशान घाट में अंतिम संस्कार हो रहा था। चिता को आग लगा दी गई और अचानक नदी का झोंका श्मशान घाट में घुस गया। इस जलधारा में एक जलती चिता बहने लगी थी।</div><div>भारी बारिश की आशंका के बीच आज तड़के साबरमती जिले में बारिश शुरू हो गई। कहीं-कहीं धीरे-धीरे बारिश हो रही है और कहीं तेज बारिश हुई है जिससे नदियां उफान पर हैं। इसलिए जिले में दिन के दौरान सबसे अधिक वर्षा पोशिना में और सबसे कम हिम्मतनगर तालुका में दर्ज की गई है। पोशिना में साढ़े तीन इंच, विजयनगर में दो इंच, इदर और खेड़ ब्रह्मा में ढाई इंच, वडाली में डेढ़ इंच और तालोद, प्रांतिज और हिम्मतनगर में डेढ़ इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। पोशिना में तीन-चौथाई इंच बारिश के बाद मुख्य बाजार में सड़क पर पानी बहने लगा। तो पोशिना के देलवाड़ा गांव के पास से गुजरने वाली साबरमती नदी ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के दौरान दो किनारों पर बह रही थी।खेड़ब्रह्मा में खेरोज के पास साबरमती नदी भी दो किनारों पर बहती देखी गई। जिससे 2 हजार क्यूसेक पानी धरोई जलाशय में बहने लगा। उधर, जब ऊपरी इलाकों में बारिश हो रही थी तो हाटमती जलाशय में पानी का बहाव शुरू हो गया और 5400 क्यूसेक पानी का बहाव शुरू हो गया। तो विजयनगर के हरनाव जलाशय में 900 क्यूसेक पानी बहने लगा।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/69062/the-smoldering-pyre-of-the-old-man-on-the-bank-of-the-hathmati-river-was-suddenly-washed-away-in-the-flow-of-water</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/69062/the-smoldering-pyre-of-the-old-man-on-the-bank-of-the-hathmati-river-was-suddenly-washed-away-in-the-flow-of-water</guid>
                <pubDate>Wed, 20 Jul 2022 22:59:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-07/2754_news48.jpg"                         length="28461"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम : बाढ़ की स्थिति के बीच जरूरतमंद के लिए नाव चालक बने नेताजी, देखिये वीडियो</title>
                                    <description><![CDATA[असम के कुल 36 जिलों में से 32 जिलों में भूमि का एक बड़ा हिस्सा ब्रह्मपुत्र और बराक नदियों के साथ ही उनकी सहायक नदियों के उफान पर होने के कारण जलमग्न हो गया है
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/81511/assam-netaji-became-a-boat-driver-for-the-needy-amidst-flood-situation-watch-video"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/9625_news18.jpg" alt=""></a><br /><div>इस समय देश के पूर्वोत्तर राज्य बाढ़ की चपेट में हैं। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही हैं। असम  सिक्किम समेत कई राज्यों में भूस्खलन के बाद अब असम के ज्यादातर इलाके नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण जलमग्न हो गए हैं। इससे वहां की स्थिति चिंताजनक है। लोग निसहाय नजर आ रहे हैं। इस बीच असम के परिवहन मंत्री परिमल शुक्लाबैद्य बाढ़ के बीच लोगों की मदद करते देखे जा रहे हैं। हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उन्हें एक मरीज को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने के लिए नाविक का काम करते देखा जा रहा है।</div><div>जानकारी के अनुसार परिवहन मंत्री परिमल असम के कछार जिले के सिलचर में डेरा डाले हुए हैं और तीनों जिलों के स्थानीय विधायकों, उपायुक्तों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बराक घाटी में बाढ़ की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। वहीं नदी के बढ़ रहे जलस्तर के कारण अपनी डायलिसिस के लिए अस्पताल जाने वाले शख्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिसके बाद परिवहन मंत्री परिमल उसकी मदद को आगे आए और खुद उसे नाव पर बैठा कर एक लकड़ी के चप्पू से नाव को बराक घाटी में बाढ़ वाली सड़क पार करते नजर आए।</div>,article&gt;<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Assam Minister Turns Boatman To Ferry Patient In Flooded Barak Valley. <a href="https://twitter.com/hashtag/AssamFloods2022?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#AssamFloods2022</a> <a href="https://t.co/yEIlh70UPT">pic.twitter.com/yEIlh70UPT</a></p>— Prof. Bholanath Dutta, IAF Veteran (@BholanathDutta) <a href="https://twitter.com/BholanathDutta/status/1539977918691934208?ref_src=twsrc%5Etfw">June 23, 2022</a></blockquote> <div>गौरतलब है कि असम के कुल 36 जिलों में से 32 जिलों में भूमि का एक बड़ा हिस्सा ब्रह्मपुत्र और बराक नदियों के साथ ही उनकी सहायक नदियों के उफान पर होने के कारण जलमग्न हो गया है। कई निचले इलाकों में लोगों को घुटने तक पानी में चलते हुए देखा जा रहा है। सेना और एनडीआरएफ की टीमें लगातार लोगों की मदद में तत्पर है। अब तक हजारों लोगों का रेस्क्यू भी किया जा रहा है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/81511/assam-netaji-became-a-boat-driver-for-the-needy-amidst-flood-situation-watch-video</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/81511/assam-netaji-became-a-boat-driver-for-the-needy-amidst-flood-situation-watch-video</guid>
                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 19:01:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-06/9625_news18.jpg"                         length="52266"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम : बाढ़ के बीच सड़कों पर मछली पकड़ते दिखाई दे रहे लोग</title>
                                    <description><![CDATA[असम में आये भीषण बाढ़ से अब तक 54 लोगों की हुई मौत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83611/assam-people-caught-fishing-on-roads-amid-floods"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/4508_news4.jpg" alt=""></a><br /><p>असम वर्तमान में भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है और इसमें अब तक 54 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां नेशनल हाईवे पर पानी भर गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग में पानी भर जाने के कारण उसमें मछलियां तैरती नजर आ रही है। जिससे लोगों ने बाढ़ के पानी में जाल डालकर मछली पकड़ना शुरू कर दिया। वहीं कई युवक बीच सड़क पर जाल बिछाए खड़े नजर आए।</p><p>आपको बता दें कि असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि असम में बाढ़ से नौ और लोगों की मौत हुई है। मरने वालों की संख्या 54 हो गई है। असम के होजई, नलबाडी, बजली, धुबरी, कामरूप, कोकराझार और सोनितपुर जिलों में मौत की सूची मिली है। राज्य में इस साल अब तक बाढ़ और भूस्खलन से 54 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही असम में बाढ़ से 28 जिलों के 18.94 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के आंकड़ों के मुताबिक, 96 मंडलियों के 2930 गांव इस समय पानी में डूबे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ प्रभावित जिले में 43338.39 हेक्टेयर फसल डूब गई है। राज्य के कई हिस्सों में बेकी, मानस, पगलाडिया, पुथिमारी, जिया भराली, कोपिली में ब्रह्मपुत्र ना दी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।</p><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> Kamrup, Assam | Locals lay nets to catch fish at the inundated National Highway 31 in Moranjana area, Rangia in the wake of floods; vehicular movement also restricted to one side <a href="https://t.co/UjGau0g8tw">pic.twitter.com/UjGau0g8tw</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1538107186131259393?ref_src=twsrc%5Etfw">June 18, 2022</a></blockquote> <p>हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक असम के कामरूप जिले में बाढ़ की स्थिति अभी भी खराब है। बाढ़ का पानी नए क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है। जिससे 70,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। लगातार हो रही बारिश से जिले की बोरोलिया नदी समेत अन्य प्रमुख नदियां उफान पर हैं। चौमुखा बांध के बोरोलिया नदी में गुरुवार को पानी भर गया और हाजो क्षेत्र के कई गांव जलमग्न हो गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83611/assam-people-caught-fishing-on-roads-amid-floods</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/83611/assam-people-caught-fishing-on-roads-amid-floods</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Jun 2022 22:00:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-06/4508_news4.jpg"                         length="58524"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देखें, बीच नदी फंसे लोगों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से कैसे बचाया गया, हो रही तारीफ</title>
                                    <description><![CDATA[बंगाल की खाड़ी में बने दबाव की वजह से आंध्र प्रदेश के कई तटीय जिलों में बारिश का कहर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83072/see-how-the-people-trapped-in-the-middle-of-the-river-were-rescued-by-the-helicopter-of-the-air-force-getting-praise"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/6238_1.jpg" alt=""></a><br /><div>बीते कुछ दिनों से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश जारी है। अनंतपुर जिले में चित्रावती नदी का जलस्तर बढ़ जाने से 10 लोग नदी में फंसे थे। वे लगातार मदद की गुहार लगा रहे थे। इन सबके बीच भारतीय वायुसेना ने बहादुरी का परिचय देते हुए अपने एमआई-17 विमान से बड़ी बहादुरी से लोगों को बचाया।</div><div>मिली जानकारी के मुताबिक मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इधर अनंतपुर जिले में चित्रावती नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी का स्तर इतना अधिक था कि पुल के ऊपर से पानी बह रहा था। जब एक कार में सवार चार लोग पुल को पार कर रहे थे लेकिन वे बाढ़ के पानी में फंस गए। फिर ये फंसे लोग मदद की गुहार लगाने लगे। स्थानीय स्तर पर छह लोग जेसीबी लेकर उन्हें बचाने पहुंचे। लेकिन जेसीबी भी पानी में फंस गई। ऐसे में अब 10 लोग पानी में फंस गए। इसी बीच किनारे पर मौजूद कुछ लोगों ने रस्सियों की मदद से उन्हें बचाने का प्रयास किया लेकिन वे सफल नहीं हो सके। ऐसे में चित्रावती नदी में फंसे 10 लोगों को भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Today, Indian Air Force's Mi-17 helicopter evacuated ten people stuck in the rising waters of Chitravati river in Ananthapur district, Andhra Pradesh, in difficult weather conditions. <br /><br />(Video: IAF) <a href="https://t.co/jT4qMBgxFl">pic.twitter.com/jT4qMBgxFl</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1461702476944478216?ref_src=twsrc%5Etfw">November 19, 2021</a></blockquote> <div>बता दें, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव की वजह से आंध्र प्रदेश के कई तटीय जिलों में बारिश कहर बरपा रही है। नेल्लोर, चित्तूर, कडप्पा जिलों में पिछले दिन से भारी बारिश हो रही है, कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83072/see-how-the-people-trapped-in-the-middle-of-the-river-were-rescued-by-the-helicopter-of-the-air-force-getting-praise</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/83072/see-how-the-people-trapped-in-the-middle-of-the-river-were-rescued-by-the-helicopter-of-the-air-force-getting-praise</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Nov 2021 21:49:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-11/6238_1.jpg"                         length="50963"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वायरल वीडियो : चेन्नई में बाढ़ में फंसे युवक को बचाने के लिए पुलिस इंस्पेक्टर ने दिखाई दिलेरी, कंधे पर उठाकर पहुँचाया अस्पताल</title>
                                    <description><![CDATA[वीडियो के वायरल होते ही पुलिस इंस्पेक्टर राजेश्वरी की हर तरफ हो रही है प्रशंसा ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83042/viral-video-police-inspector-showed-courage-to-save-the-youth-trapped-in-the-flood-in-chennai-carried-on-his-shoulder-and-transported-to-the-hospital"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/7589_1.jpg" alt=""></a><br /><div>वर्तमान में तमिलनाडु में भारी बारिश हो रही है और इसके कारण राज्य में आम जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। इसके अलावा बारिश के कारण विभिन्न हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है। भारी बारिश के कारण राज्य के 20 जिलों में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। इतना ही नहीं बारिश के चलते चेन्नई शहर का भी हाल बेहाल है। इस बुरे वक्त में लोग एक दूसरे की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इस बीच चेन्नई के टीपी छत्रम इलाके में एक कब्रिस्तान में बेहोश पड़े एक शख्स को भारी बारिश के बीच बचाने वाली पुलिस इंस्पेक्टर राजेश्वरी का वीडियो वायरल हो गया है।</div><div>आपको बता दें कि वायरल हो रहे इस वीडियो में एक बेहोश पड़े शख्स को अपने कंधों पर उठाकर ले जाती हुई पुलिस निरीक्षक दिख रही हैं। इसके बाद महिला अधिकारी उस शख्स को एक ऑटो में लिटा देती है, जिसे उनके साथ चल रहे लोग अस्पताल ले जाते हैं। इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस इंस्पेक्टर राजेश्वरी की हर तरफ प्रशंसा हो रही है।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr" xml:lang="hi"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> तमिलनाडु: चेन्नई में महिला पुलिस इंस्पेक्टर राजेश्वरी ने रास्ते पर पड़े एक बेहोश आदमी को कंधों पर उठाकर रेस्क्यू किया और अस्पताल पहुंचाया। <a href="https://t.co/jDS9M6Djvw">pic.twitter.com/jDS9M6Djvw</a></p>— ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/1458754578216734721?ref_src=twsrc%5Etfw">November 11, 2021</a></blockquote> <div>जानकारी के लिए गुरुवार को तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई थी, जिससेटीपी छत्रम इलाके में भारी बारिश के चलते कई पेड़ उखड़ गए थे। इस दौरान क्रबिस्तान में मौजूद एक शख्स इसकी चपेट में आ गया। पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस इंस्पेक्टर राजेश्वरी पर पहुंची और पेड़ के नीचे दबे शख्स को लोगों की मदद से निकाला। इसके बाद राजेश्वरी ने नंगे पांव उस शख्स को अपने कंधों पर उठाया और ऑटो में रखकर अस्पताल पहुंचाया।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83042/viral-video-police-inspector-showed-courage-to-save-the-youth-trapped-in-the-flood-in-chennai-carried-on-his-shoulder-and-transported-to-the-hospital</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/83042/viral-video-police-inspector-showed-courage-to-save-the-youth-trapped-in-the-flood-in-chennai-carried-on-his-shoulder-and-transported-to-the-hospital</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Nov 2021 21:38:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-11/7589_1.jpg"                         length="29520"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्यप्रदेश : सिंधु नदी में से निकले चाँदी के सिक्के, पानी के तेज बहाव के बीच भी लोग सिक्के ढूँढने के लिए कूदे</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा बंदोबस्त, करीब 280 साल पुराने सिक्के ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/82736/madhya-pradesh-silver-coins-came-out-of-the-indus-river-people-jumped-to-find-coins-even-in-the-midst-of-the-strong-current-of-water"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/1574_s14-100821.jpg" alt=""></a><br /><div>मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जगहों पर बाढ़ आ गई है। बारिश के कारण 600 से अधिक इमारतें जलमग्न हो गई हैं। 1,200 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। इस बीच, रविवार को शिवपुरी जिले के पंचावली गांव में सिंध नदी से चांदी के सिक्के मिलने की खबर सामने आई है। इस खबर के गाँव में फैलते ही सभी गाँव वाले सिक्के लेने के लिए दौड़ आए थे। </div><div><span style="font-size:1rem;">सिंधु नदी में पानी के उच्च प्रवाह के बावजूद, ग्रामीणों ने नदी से सिक्के खोजने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। ग्रामीणों को मिले सिक्के करीब 280 साल पुराने हैं। यानी ये सिक्के 18वीं सदी के हैं। कई सिक्कों पर अंग्रेजों की महारानी विक्टोरिया की छाप भी है। ईस्ट इंडिया कंपनी के सिक्के पर 1840 अंकित है। इस सिक्के को खजाना समझकर गाँव वाले खुश हो गए थे। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि नदी में इतने सिक्के कहां से आए। स्थानीय पुलिस द्वारा सिक्कों की जांच की जा रही है। शुरुआत में सभी को 1-2 सिक्के मिले जिसके बाद कई लोगों को 7-8 सिक्के मिले।</span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">नदी में चांदी के सिक्के मिलने की खबर सुनते ही पूरे गांव में लोगों की भीड़ जमा होने लगी। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। लोग नदी के पानी के बढ़ते लेवल को भूलकर भी लोग सिक्के ढूंढ रहे थे। बहुत से लोग मानते हैं कि यह चांदी के सिक्का किसी घर में छिपा होगे पर बारिश के कारण आई बाढ़ में वह सभी बाहर आ गए। </span><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/82736/madhya-pradesh-silver-coins-came-out-of-the-indus-river-people-jumped-to-find-coins-even-in-the-midst-of-the-strong-current-of-water</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/82736/madhya-pradesh-silver-coins-came-out-of-the-indus-river-people-jumped-to-find-coins-even-in-the-midst-of-the-strong-current-of-water</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Aug 2021 19:23:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-08/1574_s14-100821.jpg"                         length="41670"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाढ़ पीड़ित लोगों को देखने गए मंत्री खुद भी फंसे पानी में, हेलिकॉप्टर से किया गया रेस्क्यू</title>
                                    <description><![CDATA[बाढ़ग्रस्त इलाकों का निरीक्षण करने गए थे मंत्रीजी, बाढ़ में फंसे लोगों को देखकर छत पर चढ़े और फंस गए और छत पर ही फंस गए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/82725/the-minister-himself-went-to-see-the-flood-victims-was-also-trapped-in-the-water-rescue-was-done-by-helicopter"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/6053_s7-050821.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। जिसके चलते कई गाँव पानी में डूब गए है। बाढ़ से असरग्रस्त इन गांवों को देखने के लिए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा बुधवार को दतिया पहुंचे थे। जहां लाइफ जैकेट पहनकर उन्होंने NDRF और SDRF द्वारा किए जा रहे बचाव कार्य का निरीक्षण किया था। हालांकि बचाव कार्य का निरीक्षण कर रहे गृहमंत्री जब कोटरा पहुंचे तो वह खुद बाढ़ के पानी से फंस गए थे। इसके बाद उन्हें हेलिकॉप्टर द्वारा बाढ़ की स्थिति में से बाहर निकाला गया। </span><br /></div><div>दरअसल नरोत्तम मिश्रा NDRF की मोटरबोट में लाइफ जैकेट पहनकर बाढ़ग्रस्त इलाको में निरीक्षण कर रहे थे। इस दुयरन वह कोटरा गाँव पहुंचे थे। जहां उन्होंने बाढ़ में एक घर में कुछ लोगों को फंसे देखा। इसे देख कर वह खुद भी घर की छत पर चढ़ गए थे। एसडीआरएफ़ ने घर में से सभी को सुरक्षित निकाला पर खुद मंत्री जी वहाँ फंसे रह गए। जिसके बाद उन्हें हेलिकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू किया गया। हालांकि इसके पहले चारों लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था। </div><div>बाढ़ग्रस्त इलाकों का निरीक्षण कर नारित्तम मिश्रा ने सभी के खाने और रहने की व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। मंत्री जी ने कहा कि सिंधु नदी में आई बाढ़ के कारण नदी के किनारों पर आई गांवों की स्थिति काफी खराब है। सेना और वायु सेना द्वारा लगातार उन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया रहा है। बता दे की मध्यप्रदेश में आई बाढ़ के कारण कई इलाकों में भारी बाढ़ आई है। कई जगहें तो टापू बन गए है। बाढ़ के दौरान पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया था, जिसे अब सेना द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है। </div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/82725/the-minister-himself-went-to-see-the-flood-victims-was-also-trapped-in-the-water-rescue-was-done-by-helicopter</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/82725/the-minister-himself-went-to-see-the-flood-victims-was-also-trapped-in-the-water-rescue-was-done-by-helicopter</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Aug 2021 16:34:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-08/6053_s7-050821.jpg"                         length="40482"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मप्र में 200 गांव पानी से घिरे, 1600 लोगों को सुरक्षित निकाला गया</title>
                                    <description><![CDATA[राहत और बचाव के कार्य के लिए सेना की ली जा रही है मदद, हेलिकॉप्टर से निकाला जा रहा है पानी में फंसे लोगों को]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/82719/in-mp-200-villages-were-flooded-1600-people-were-evacuated"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/9208_s19-030821.jpg" alt=""></a><br /><div>भोपाल, 3 अगस्त (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश में बीते एक सप्ताह की बारिश ने कई इलाकों में जमकर तबाही मचाई है। नदी, नाले उफान पर हैं, बस्तियां जलमग्न हो गई हैं और गांव पानी से घिर गए हैं। राहत और बचाव कार्य में सेना की मदद ली जा रही है। पानी में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला जा रहा है। राज्य में अब तक बाढ़ में फंसे 16 सौ से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राज्य के बाढ़ के हालात को जाना। अति वृष्टि और बाढ़ से प्रदेश के शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, ग्वालियर, भिंड और रीवा में लगभग 1171 गांव प्रभावित हुए हैं। कुल 200 गांव घिरे हुए हैं। एसडीईआरएफ, एनडीईआरएफ की टीम ने लगभग 1600 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। राहत और बचाव के लिए सेना बुला ली गई है। एयर फोर्स के हेलीकॉप्टर की राहत और बचाव कार्य में मदद ली जा रही है।</div><div><span style="font-size:1rem;">मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि पांच हेलीकॉप्टरों ने ग्वालियर से मंगलवार की सुबह उड़ान भरी थी। वे खराब मौसम होने के कारण रेस्क्यू के लिए उतर नहीं सके। मौसम में सुधार होते ही हेलीकॉप्टर फिर राहत और बचाव के काम के लिए रवाना होंगे। विशेष रूप से शिवपुरी और श्योपुर में 22 गांव पानी से घिरे हैं। कल 11 लोगों को एयर फोर्स ने निकाला। एसडीईआरएफ की 70 टीमें और तीन एनडीईआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हैं। केंद्र से और टीमें भेजने का अनुरोध किया गया है। </span><br /></div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr" xml:lang="hi">आज रक्षामंत्री श्री <a href="https://twitter.com/rajnathsingh?ref_src=twsrc%5Etfw">@rajnathsingh</a> जी से टेलीफोन पर चर्चा कर मध्यप्रदेश में बाढ़ की स्थिति और बचावकार्य के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। मैंने उन्हें <a href="https://twitter.com/NDRFHQ?ref_src=twsrc%5Etfw">@NDRFHQ</a> की टीम और <a href="https://twitter.com/IAF_MCC?ref_src=twsrc%5Etfw">@IAF_MCC</a> को तुरंत भेजने के लिए धन्यवाद दिया, साथ ही सेना भेजने का भी अनुरोध किया है।</p>— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) <a href="https://twitter.com/ChouhanShivraj/status/1422517549325901828?ref_src=twsrc%5Etfw">August 3, 2021</a></blockquote> <div><span style="font-size:1rem;">मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण विकट स्थिति बनी है। शिवपुरी और श्योपुर में दो दिन में 800 मिली मीटर वर्षा हुई। इस अप्रत्याशित बरसात के कारण बाढ़ की स्थिति बनी है। ऐसा लगा जैसे बादल फट गए। पानी के बहाव के कारण बोट नहीं जा पा रही है। शिवपुरी के बीछी गाँव में तीन लोग पेड़ पर अटके थे, जिन्हें सुरक्षित निकाला गया हैं। दूर-दूर तक गांव खाली हैं। एक पुजारी मंदिर की छत पर घिरे हैं। हम उनकी चिंता कर रहे हैं। भोजन और राहत के प्रबंध कर रहे हैं। ढांढस बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं।</span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रभावित जिलों क्रमश: शिवपुरी, दतिया, ग्वालियर, अशोकनगर के कलेक्टर संपर्क में हैं। मड़ीखेड़ा डेम में पानी अधिक होने के कारण पानी छोड़ा गया था। डेम से पहले 12 हजार 500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, अब 10 हजार 500 क्यूसेक कर दिया गया है। डेम से पानी छोड़ने से प्रभावित होने वाले गांव के लोगों को सतर्क कर दिया गया है। बारिश का प्रभाव भी कम हुआ है। अब जल्द ही स्थिति सुधरेगी।</span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">मुख्यमंत्री चैहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश में बनी अति वृष्टि और बाढ़ की स्थिति से फोन पर अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हो रही निरंतर वर्षा के कारण विकट स्थिति बनी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने केन्द्र की ओर से हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया है। </span><span style="font-size:1rem;">इसी तरह मुख्यमंत्री चौहान ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर चर्चा कर मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में अति वर्षा के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति से अवगत करवाया। एनडीआरफ और वायुसेना को भेजने के लिए रक्षा मंत्री को धन्यवाद दिया और अतिरिक्त सेना भेजने का भी अनुरोध किया। रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री चौहान को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश की हर संभव मदद की जाएगी।</span></div><div><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/82719/in-mp-200-villages-were-flooded-1600-people-were-evacuated</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/82719/in-mp-200-villages-were-flooded-1600-people-were-evacuated</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Aug 2021 20:19:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-08/9208_s19-030821.jpg"                         length="60425"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        