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                <title>NHAI - Loktej</title>
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                <description>NHAI RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत में इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ी मंज़ूरी: ₹364 करोड़ से 5 पुल और हाईवे चौड़ीकरण का काम तेज़ होगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। शहर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी गई है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के मार्गदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सूरत क्षेत्र में कुल 5 नए पुलों के निर्माण और एक महत्वपूर्ण हाईवे के चौड़ीकरण को स्वीकृति दी है।</p>
<p>NHAI की सूरत इकाई के परियोजना निदेशक संजय यादव के अनुसार, खाजोद, अभवा, हजीरा-कवास चौराहा (रिलायंस कंपनी गेट के पास) और उभराट-सूरत मार्ग (मिंढोला नदी के पास) सहित कुल पांच स्थानों पर पुलों का निर्माण किया जाएगा।</p>
<p>इन परियोजनाओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146964/big-approval-for-infrastructure-in-surat-%E2%82%B9364-crore-will-speed"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-05/b05052026-07.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। शहर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी गई है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के मार्गदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सूरत क्षेत्र में कुल 5 नए पुलों के निर्माण और एक महत्वपूर्ण हाईवे के चौड़ीकरण को स्वीकृति दी है।</p>
<p>NHAI की सूरत इकाई के परियोजना निदेशक संजय यादव के अनुसार, खाजोद, अभवा, हजीरा-कवास चौराहा (रिलायंस कंपनी गेट के पास) और उभराट-सूरत मार्ग (मिंढोला नदी के पास) सहित कुल पांच स्थानों पर पुलों का निर्माण किया जाएगा।</p>
<p>इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत ₹332 करोड़ है। इसके अलावा, हजीरा से इच्छापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए ₹32 करोड़ का प्रावधान किया गया है।</p>
<p>इन परियोजनाओं की प्रगति और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए NHAI कार्यालय में एक परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में सचिन GIDC क्षेत्र में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और दुर्घटनाओं पर विशेष चर्चा हुई। खासकर सचिन गेट-1 पर ट्रैफिक जाम और गेट-2 पर हो रही दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई गई।</p>
<p>इस संबंध में सचिन इंडस्ट्रियल सोसाइटी के नेताओं—मयूर गोलवाला, मितुल मेहता, नीलेश गामी और किशोर पटेल—ने विधायक संदीपभाई देसाई को ज्ञापन सौंपा था, जिसके बाद यह बैठक बुलाई गई।</p>
<p>बैठक में NHAI के प्रबंधक अजय सोनी और सचिन GIDC सोसाइटी के अध्यक्ष किशोरभाई पटेल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान किया जाएगा।</p>
<p>इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद सूरत के औद्योगिक क्षेत्रों में यातायात सुगम होने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 21:43:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर बंद कर सकती है कैश पेमेंट, पूरी तरह डिजिटल टोल सिस्टम लागू करने की योजना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 20 फरवरी (वेब वार्ता)। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) देश भर के नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर 1 अप्रैल 2026 से नकद लेनदेन पूरी तरह बंद करने पर विचार कर रहा है। इस कदम से नेशनल हाईवे पर पूरी तरह डिजिटल टोलिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा।</p>
<p>योजना लागू होने के बाद सभी टोल भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से किए जाएंगे, जिनमें फास्टैग या यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग होगा।</p>
<p>सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इस प्रस्ताव का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन से मिली उपलब्धियों को मजबूत करना और टोल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145682/government-may-stop-cash-payment-on-national-highway-from-april"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/toll-tax.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 20 फरवरी (वेब वार्ता)। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) देश भर के नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर 1 अप्रैल 2026 से नकद लेनदेन पूरी तरह बंद करने पर विचार कर रहा है। इस कदम से नेशनल हाईवे पर पूरी तरह डिजिटल टोलिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा।</p>
<p>योजना लागू होने के बाद सभी टोल भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से किए जाएंगे, जिनमें फास्टैग या यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग होगा।</p>
<p>सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इस प्रस्ताव का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन से मिली उपलब्धियों को मजबूत करना और टोल प्लाजा संचालन की दक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाना है।</p>
<p>आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह बदलाव नेशनल हाईवे उपयोगकर्ताओं के लिए ‘ईज ऑफ कम्यूटिंग’ को बेहतर बनाएगा। इससे लेन की क्षमता बढ़ेगी, टोल प्लाजा पर भीड़ कम होगी और टोल ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता आएगी।</p>
<p>देश में फास्टैग की पहुंच 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है, जिससे टोल संग्रह प्रणाली में बड़ा बदलाव आया है।</p>
<p>अधिकांश टोल ट्रांजैक्शन अब आरएफआईडी आधारित फास्टैग के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से किए जा रहे हैं, जिससे टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही बिना रुकावट और संपर्क रहित तरीके से हो रही है।</p>
<p>एनएचएआई के अनुसार, नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर यूपीआई भुगतान की सुविधा भी शुरू कर दी गई है, जिससे यात्रियों को तुरंत और आसान डिजिटल भुगतान विकल्प मिल रहे हैं।</p>
<p>वर्तमान में यदि कोई वाहन बिना वैध और सक्रिय फास्टैग के टोल प्लाजा में प्रवेश करता है और नकद भुगतान करता है, तो उससे निर्धारित शुल्क का दोगुना लिया जाता है।</p>
<p>वहीं, जो उपयोगकर्ता यूपीआई के जरिए भुगतान करते हैं, उनसे निर्धारित वाहन श्रेणी के अनुसार 1.25 गुना शुल्क लिया जाता है।</p>
<p>सरकार का कहना है कि केवल डिजिटल भुगतान प्रणाली अपनाने से संचालन में दक्षता बढ़ेगी, ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा, देरी कम होगी और देश भर के 1,150 से अधिक टोल प्लाजा पर यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा।</p>
<p>इस बीच, फास्टैग वार्षिक पास के उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 लाख से अधिक हो गई है। लॉन्च के छह महीनों के भीतर 26.55 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए हैं।</p>
<p>यह वार्षिक पास 3,000 रुपए के एकमुश्त भुगतान पर एक वर्ष या 200 टोल पार करने तक मान्य होता है, जिससे बार-बार रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ती।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 21:11:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात में एनएच-56 के धमासिया-बिटाडा-मोवी और नासरपुर-मालोथा खंडों को चार लेन का बनाने को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 14 फरवरी (वेब वार्ता)। सरकार ने गुजरात में धामसिया-बिटाडा-मोवी (47.46 किमी) और नासरपुर-मालोथा (60.21 किमी) के चार-लेन खंडों के निर्माण की परियोजना को मंजूरी दी है।</p>
<p>सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कुल परियोजना 107.67 किमी लंबी इस परियोजना पर 4583.64 करोड़ रुपये लागत आने का अनुमान है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह परियोजना एनएच-56 का हिस्सा है जो राजस्थान राज्य के निम्बाहेड़ा से शुरू होकर और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145584/approval-for-four-laning-of-dhamasia-bitada-movi-and-nassarpur-malotha-sections-of-nh-56"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/6711_highway-four-lane-road.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 14 फरवरी (वेब वार्ता)। सरकार ने गुजरात में धामसिया-बिटाडा-मोवी (47.46 किमी) और नासरपुर-मालोथा (60.21 किमी) के चार-लेन खंडों के निर्माण की परियोजना को मंजूरी दी है।</p>
<p>सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कुल परियोजना 107.67 किमी लंबी इस परियोजना पर 4583.64 करोड़ रुपये लागत आने का अनुमान है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह परियोजना एनएच-56 का हिस्सा है जो राजस्थान राज्य के निम्बाहेड़ा से शुरू होकर और गुजरात के दाहोद जिले, मध्य प्रदेश राज्य के अलीराजपुर जिले से होते हुए छोटा उदेपुर जिले के पास गुजरात में फिर से प्रवेश करती है और वापी के पास एनएच-48 के साथ अपने जंक्शन पर समाप्त होती है।</p>
<p>श्री वैष्णव के अनुसार स्वीकृत परियोजनाएं नर्मदा जिले से होकर गुजरती हैं और दाहोद, छोटा उदेपुर, तापी और भरूच के आदिवासी क्षेत्रों से संपर्क स्थापित करने में सहायक होंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास में मदद मिलेगी।</p>
<p>यह परियोजना एनएच-56 से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित केवडिया गांव में स्थित प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन स्थल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से भी संपर्क स्थापित करने में सहायक होगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि यह परियोजना 100 किमी प्रति घंटा की गति से वाहन चलाने के लिए डिज़ाइन की गई है,जिससे 70 किमी प्रति घंटा की औसत गति प्राप्त हो सकेगी। परियोजना पर काम पूरा होने के बाद यात्रा का समय 2.5 घंटे से घटकर 1.5 घंटे हो जाएगा।</p>
<p>स्वीकृत परियोजना की लंबाई 107.67 किलोमीटर है और इससे लगभग 19.38 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और 22.82 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।</p>
<p>प्रस्तावित कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण परियोजना से अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145584/approval-for-four-laning-of-dhamasia-bitada-movi-and-nassarpur-malotha-sections-of-nh-56</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145584/approval-for-four-laning-of-dhamasia-bitada-movi-and-nassarpur-malotha-sections-of-nh-56</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 20:33:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : टोल प्लाजा पर ब्रेक लगाने की छुट्टी! देश का पहला 'बैरियर-फ्री' टोल सिस्टम गुजरात में शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत।भारतीय राजमार्गों पर यात्रा को पूरी तरह डिजिटल और निर्बाध बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक शुरुआत हो रही है।</p>
<p>केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत गुजरात के सूरत में देश का पहला मल्टी-लेन बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम बनकर तैयार हो गया है, जिसका ट्रायल आज यानी 2 फरवरी से आधिकारिक तौर पर शुरू किया जा रहा है।</p>
<p><strong>क्या है बैरियर-फ्री सिस्टम और कैसे करेगा काम?</strong><br />अभी तक टोल प्लाजा पर वाहनों को 'बैरियर' (डंडे) के पास रुकना पड़ता था, जहाँ फास्टैग स्कैन होने के बाद बैरियर खुलता था। लेकिन इस नई तकनीक के आने के बाद बिना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145368/leave-to-apply-brakes-at-surat-toll-plaza-countrys-first"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b02022026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत।भारतीय राजमार्गों पर यात्रा को पूरी तरह डिजिटल और निर्बाध बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक शुरुआत हो रही है।</p>
<p>केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत गुजरात के सूरत में देश का पहला मल्टी-लेन बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम बनकर तैयार हो गया है, जिसका ट्रायल आज यानी 2 फरवरी से आधिकारिक तौर पर शुरू किया जा रहा है।</p>
<p><strong>क्या है बैरियर-फ्री सिस्टम और कैसे करेगा काम?</strong><br />अभी तक टोल प्लाजा पर वाहनों को 'बैरियर' (डंडे) के पास रुकना पड़ता था, जहाँ फास्टैग स्कैन होने के बाद बैरियर खुलता था। लेकिन इस नई तकनीक के आने के बाद बिना रुके सफर: हाईवे पर सफर करते समय अब टोल प्लाजा देखकर ब्रेक लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।</p>
<p>स्मार्ट सेंसर: चोर्यासी टोल प्लाजा पर लगे आधुनिक सेंसर और कैमरे वाहन के गुजरते ही उसकी गति को कम किए बिना स्वतः (Automatically) फास्टैग या जीपीएस आधारित सिस्टम से टोल काट लेंगे। समय की बचत: न लंबी कतारें लगेंगी और न ही ईंधन की बर्बादी होगी।</p>
<p><strong>कामरेज के चोर्यासी टोल प्लाजा से शुरुआत</strong><br />देश के इस पहले आधुनिक प्रयोग के लिए गुजरात के सूरत जिले में कामरेज स्थित चोर्यासी टोल प्लाजा को चुना गया है। यह नया सिस्टम मौजूदा पारंपरिक टोल सिस्टम की जगह लेगा। 2 फरवरी से शुरू हो रहे ट्रायल के दौरान तकनीकी पहलुओं और डेटा कलेक्शन की सटीकता की जांच की जाएगी।</p>
<p><strong>डिजिटल हाईवे की ओर बड़ा कदम</strong><br />यह कदम भारत सरकार के उस विजन का हिस्सा है जिसमें पूरे देश से धीरे-धीरे टोल बूथों को खत्म कर 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) सिस्टम लागू किया जाना है। गुजरात में इसका सफल ट्रायल देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बनेगा।</p>
<p>प्रमुख लाभ ट्रैफिक जाम से मुक्ति: चोर्यासी टोल पर पीक आवर्स में लगने वाला घंटों का जाम अब बीते दिनों की बात हो जाएगी।</p>
<p>पूरी तरह डिजिटल: मानवीय हस्तक्षेप खत्म होने से पारदर्शिता बढ़ेगी।</p>
<p>सुपरफास्ट कनेक्टिविटी: अहमदाबाद-मुंबई नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145368/leave-to-apply-brakes-at-surat-toll-plaza-countrys-first</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 18:37:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनएचएआई, रिलायंस जियो ने सुरक्षा चेतावनी प्रणाली लागू करने के लिए समझौता किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, दो दिसंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की एनएचएआई ने मंगलवार को कहा कि उसने रिलायंस जियो के साथ पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर दूरसंचार आधारित सुरक्षा चेतावनी प्रणाली शुरू करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।</p>
<p>एनएचएआई ने एक बयान में बताया कि जियो के मौजूदा 4जी और 5जी नेटवर्क का उपयोग करके यात्रियों को उनके मोबाइल फोन पर चेतावनी मिलेगी। ये चेतावनी उस समय मिलेगी, जब यात्री दुर्घटना-संभावित क्षेत्र, आवारा पशु वाले इलाके, कोहरे से प्रभावित क्षेत्र और आपातकालीन मार्ग परिवर्तन जैसे जोखिमपूर्ण स्थानों के करीब पहुंचेंगे।</p>
<p>इस पहल का मकसद राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को समय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144356/nhai-signs-agreement-with-reliance-jio-to-implement-security-alert"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/ahmdabad-vadodara-express_highway.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, दो दिसंबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की एनएचएआई ने मंगलवार को कहा कि उसने रिलायंस जियो के साथ पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर दूरसंचार आधारित सुरक्षा चेतावनी प्रणाली शुरू करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।</p>
<p>एनएचएआई ने एक बयान में बताया कि जियो के मौजूदा 4जी और 5जी नेटवर्क का उपयोग करके यात्रियों को उनके मोबाइल फोन पर चेतावनी मिलेगी। ये चेतावनी उस समय मिलेगी, जब यात्री दुर्घटना-संभावित क्षेत्र, आवारा पशु वाले इलाके, कोहरे से प्रभावित क्षेत्र और आपातकालीन मार्ग परिवर्तन जैसे जोखिमपूर्ण स्थानों के करीब पहुंचेंगे।</p>
<p>इस पहल का मकसद राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को समय पर जानकारी देकर सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है। इससे यात्री पहले ही सावधान हो जाएंगे और उसी के अनुसार गाड़ी चलाएंगे।</p>
<p>बयान में कहा गया कि चेतावनी एसएमएस, व्हाट्सऐप और उच्च प्राथमिकता वाली कॉल के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को भेजी जाएगी।</p>
<p>इस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से एनएचएआई के डिजिटल मंच जैसे ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1033 के साथ जोड़ा जाएगा।</p>
<p>यह स्वचालित प्रणाली राष्ट्रीय राजमार्गों पर या उसके आसपास मौजूद सभी जियो मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए काम करेगी और खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रियों को चेतावनी देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144356/nhai-signs-agreement-with-reliance-jio-to-implement-security-alert</link>
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                <pubDate>Tue, 02 Dec 2025 15:32:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फास्टैग में लो बैलेंस या भुगतान में देरी हुई तो देना होगा अतिरिक्त शुल्क</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 04 मार्च (वेब वार्ता)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाए हैं और गलत टोल कटौती के मामलों में भारी कमी दर्ज की है। फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जो गाड़ी के फ्रंट शीशे पर लगाया जाता है और आपके प्रीपेड वॉलेट से जुड़ा होता है।</p>
<p>जब वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है, तो रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी)तकनीक के अपने आप भुगतान हो जाता है। एनपीसीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2024 में फास्टैग लेनदेन 6 फीसदी बढ़कर 38.2 करोड़ हो गए, जबकि इसका कुल मूल्य 9 फीसदी बढ़कर 6,642 करोड़ रुपए हो गया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/138979/if-low-balance-or-payment-is-delayed-in-fastag-additional"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d13032024-11-fastag.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 04 मार्च (वेब वार्ता)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाए हैं और गलत टोल कटौती के मामलों में भारी कमी दर्ज की है। फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जो गाड़ी के फ्रंट शीशे पर लगाया जाता है और आपके प्रीपेड वॉलेट से जुड़ा होता है।</p>
<p>जब वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है, तो रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी)तकनीक के अपने आप भुगतान हो जाता है। एनपीसीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2024 में फास्टैग लेनदेन 6 फीसदी बढ़कर 38.2 करोड़ हो गए, जबकि इसका कुल मूल्य 9 फीसदी बढ़कर 6,642 करोड़ रुपए हो गया।</p>
<p>कई बार टोल ऑपरेटर वाहन का गलत नंबर दर्ज कर देते हैं। जब फास्टैग ठीक से स्कैन नहीं करता तो ऑपरेटर मैन्युअल रूप से एंट्री करता है, जिससे गलत कटौती हो जाती है। स्कैनर में तकनीकी दिक्कत या सिस्टम एरर के कारण भी यह समस्या आती है। गलत टोल कटौती के मामलों पर हाईवे ने सख्ती बरती है। कम से कम 250 मामलों में टोल ऑपरेटरों को दंडित किया है। टोल प्रबंधन इकाई ने 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया। इस सख्ती से 70 फीसदी तक मामलों में कमी आई और अब हर महीने 50 शिकायतें मिल रही हैं।</p>
<p>सरकार ने फास्टैग को लेकर नए नियम लागू किए हैं जिसमें अगर फास्टैग में लो बैलेंस है या भुगतान में देरी होती है, तो अतिरिक्त शुल्क देना होगा। टोल से गुजरने के 10 मिनट बाद तक फास्टैग सक्रिय नहीं रहा, तो लेनदेन अस्वीकार हो जाएगा। टोल पार करने के 15 मिनट बाद भुगतान होने पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है।</p>
<p>बैंकों और डिजिटल वॉलेट्स से फास्टैग खरीदा जा सकता है। टोल प्लाजा और पेट्रोल पंप पर भी फास्टैग उपलब्ध होते हैं। इसे समय-समय पर रिचार्ज करना जरूरी है। एनएचएआई की कड़ी निगरानी और सख्त जुर्माने से गलत फास्टैग कटौती के मामले कम हुए हैं, लेकिन अगर आपके साथ यह समस्या हो, तो शिकायत दर्ज कराकर पैसे वापस लिए सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/138979/if-low-balance-or-payment-is-delayed-in-fastag-additional</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 15:42:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फास्टैग लेनदेन पर नए नियमों से वाहन चालकों को नहीं होगी परेशानी : एनएचएआई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने स्पष्ट किया है कि फास्टैग लेनदेन पर नये नियमों के क्रियान्वयन से राजमार्गों के टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।</p>
<p>भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने टोल प्लाजा पर निष्क्रिय फास्टैग के कारण विलंबित लेनदेन के संबंध में एक नया विनियमन पेश किया। ये नियम 17 फरवरी से लागू हो गए हैं, जिसके बाद अब यह स्पष्टीकरण सामने आया है।</p>
<p>एनएचएआई ने बयान में कहा कि एनपीसीआई के परिपत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फास्टैग लेनदेन वाहन के टोल प्लाजा से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/135286/vehicle-drivers-will-not-face-problems-due-to-new-rules-on-fastag-transactions--nhai"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-03/d13032024-11-fastag.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने स्पष्ट किया है कि फास्टैग लेनदेन पर नये नियमों के क्रियान्वयन से राजमार्गों के टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।</p>
<p>भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने टोल प्लाजा पर निष्क्रिय फास्टैग के कारण विलंबित लेनदेन के संबंध में एक नया विनियमन पेश किया। ये नियम 17 फरवरी से लागू हो गए हैं, जिसके बाद अब यह स्पष्टीकरण सामने आया है।</p>
<p>एनएचएआई ने बयान में कहा कि एनपीसीआई के परिपत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फास्टैग लेनदेन वाहन के टोल प्लाजा से गुजरने के उचित समय के भीतर निपटाए जाएं, ताकि ग्राहकों को लेनदेन की प्रक्रिया में परेशानी का सामना न करना पड़े।</p>
<p>बयान में कहा गया है कि एनपीसीआई ने यह परिपत्र इसलिए जारी किया है ताकि जब वाहन टोल प्लाजा से गुजरते हैं और फास्टैग से जुड़ी कोई समस्या होती है, तो उस समस्या को हल करने के लिए दो बैंकों (अधिग्रहणकर्ता बैंक और जारीकर्ता बैंक) के बीच कोई विवाद न हो।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/135286/vehicle-drivers-will-not-face-problems-due-to-new-rules-on-fastag-transactions--nhai</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/135286/vehicle-drivers-will-not-face-problems-due-to-new-rules-on-fastag-transactions--nhai</guid>
                <pubDate>Wed, 19 Feb 2025 21:36:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनएचएआई ने 56,000 करोड़ रुपये का कर्ज समय से पहले चुकाया, 1,200 करोड़ रुपये का ब्याज बचाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने चालू वित्त वर्ष (2024-25) के दौरान 56,000 करोड़ रुपये के ऋण का समय से पहले भुगतान किया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इससे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को लगभग 1,200 करोड़ रुपये की ब्याज लागत बचाने में मदद मिली है।</p>
<p>अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में एनएचएआई का कुल कर्ज 3.35 लाख करोड़ रुपये था, जो तीसरी तिमाही के अंत में करीब 2.76 लाख करोड़ रुपये रह गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इनविट मौद्रीकरण प्राप्ति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/118006/nhai-repays-rs-56-000-crore-loan-ahead-of-schedule--saves-rs-1-200-crore-interest"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/6711_highway-four-lane-road.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने चालू वित्त वर्ष (2024-25) के दौरान 56,000 करोड़ रुपये के ऋण का समय से पहले भुगतान किया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इससे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को लगभग 1,200 करोड़ रुपये की ब्याज लागत बचाने में मदद मिली है।</p>
<p>अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में एनएचएआई का कुल कर्ज 3.35 लाख करोड़ रुपये था, जो तीसरी तिमाही के अंत में करीब 2.76 लाख करोड़ रुपये रह गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इनविट मौद्रीकरण प्राप्ति से लगभग 15,700 करोड़ रुपये का पूर्व भुगतान किया गया है, जबकि राष्ट्रीय लघु बचत कोष (30,000 करोड़ रुपये) और भारतीय स्टेट बैंक (10,000 करोड़ रुपये) को ऋण का 40,000 करोड़ रुपये का समय से पहले भुगतान किया गया है।</p>
<p>अधिकारी ने कहा, “एनएचएआई सफलतापूर्वक अपनी ऋण देनदारी कम कर रहा है।”</p>
<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल बजट में 2024-25 के लिए एनएचएआई को आवंटन 1.68 लाख करोड़ रुपये पर बरकरार रखा था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/118006/nhai-repays-rs-56-000-crore-loan-ahead-of-schedule--saves-rs-1-200-crore-interest</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Jan 2025 17:57:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : सड़क बनाने में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बनाया रिकॉर्ड, महज 105 घंटे में बनाई 75 किलोमीटर लंबी सड़क</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दी इस उपलब्धि की जानकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68933/gujarat-national-highway-authority-of-india-made-record-in-road-construction-75-km-long-road-built-in-just-105-hours"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/4195_news60.jpg" alt=""></a><br /><div>भारत सरकार सडकों के मामले में बहुत बदनाम है। ऐसा माना जाता है कि सरकार सड़क बनाने का काम कभी समय पर पूरा नही कर सकती। इसको लेकर तो सरकार का बहुत मजाक बनता है पर अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सिर्फ 105 घंटे में 75 किलोमीटर लंबी सड़क बनाकर एक खास वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस काम के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए नाही की जमकर तारीफ की।</div><div>आपको बता दें कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने राष्ट्रीय राजमार्ग -53 पर अमरावती से अकोला के बीच सिंगल लेन में 105 घंटे 33 मिनट के रिकॉर्ड समय में 75 किलोमीटर निरंतर बिटुमिनस कंक्रीट रोड का निर्माण कर सफलतापूर्वक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इस बारे में नितिन गडकरी ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। NHAI की हमारी असाधारण टीम, कंसल्टेंट्स और कंसेशनेयर, राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड और जगदीश कदम को NH-53 सेक्शन पर अमरावती और अकोला के बीच सिंगल लेन में 75 किलोमीटर निरंतर बिटुमिनस कंक्रीट रोड बिछाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल करने पर बधाई देते हुए बहुत खुशी हो रही है। मैं विशेष रूप से हमारे इंजीनियर्स और श्रमिकों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस असाधारण उपलब्धि को हासिल करने के लिए दिन-रात मेहनत की।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">...by constructing 75 Km continuous Bituminous Concrete in Single Lane on the section of NH-53 between Amravati to Akola. <a href="https://twitter.com/hashtag/PragatiKaHighway?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#PragatiKaHighway</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/GatiShakti?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#GatiShakti</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/8YearsOfInfraGati?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#8YearsOfInfraGati</a> <a href="https://twitter.com/PMOIndia?ref_src=twsrc%5Etfw">@PMOIndia</a> <a href="https://t.co/Obl11siWRl">pic.twitter.com/Obl11siWRl</a></p>— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari) <a href="https://twitter.com/nitin_gadkari/status/1534241496387309568?ref_src=twsrc%5Etfw">June 7, 2022</a></blockquote> <div>जानकरी के अनुसार, इस काम से पहले यह रिकॉर्ड कतर के नाम था। 27 फरवरी 2019 को कतर के लोक निर्माण प्राधिकरण ने सबसे तेज 22 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया था।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/68933/gujarat-national-highway-authority-of-india-made-record-in-road-construction-75-km-long-road-built-in-just-105-hours</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 22:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>उद्घाटन के पहले ही बिगड़ी मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे की सूरत, 8346 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क बरसात में टूटी</title>
                                    <description><![CDATA[एक्सप्रेसवे केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा, एनएचएआई के अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने को नहीं तैयार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/82743/the-appearance-of-meerut-delhi-expressway-deteriorated-even-before-the-inauguration-the-road-costing-rs-8346-crore-was-broken-in-the-rain"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/7940_.jpg" alt=""></a><br /><div>सरकारी काम का नाम सुनते ही सबके दिमाग में भ्रष्टाचार और ख़राब गुणवत्ता की बात आ जाती है। हाल ही में एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने इस सोच को और मजबूती दे दी। दरअसल 8346 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे का गुणवत्ता पोल मानसून की बारिश में उजागर हो गई। 90 किमी लंबे हाईवे पर जगह-जगह मिट्टी बह चुकी है। बीच-बीच में सड़कें भी टूट गई हैं। एक्सप्रेसवे केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा है।</div><div>आपको बता दें कि एनएचएआई के अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर सड़क की हालत हर तरफ जर्जर है। मेरठ से लेकर दिल्ली तक सड़कें समय-समय पर या तो खराब हो जाती हैं या बह जाती हैं। गौरतलब है कि बारिश में पानी के बहाव के दबाव में सब कुछ टूट जाता है। एक्सप्रेस-वे पर बने अधिकांश सीमेंट के नाले मिट्टी की दरारों के कारण बह गए हैं। आधुनिकता की अनूठी मिसाल के तौर पर पहचाने जाने वाले इस एक्सप्रेस-वे की तमाम खामियां इस बारिश में उजागर हो गई हैं। मौसमी बारिश ने हाईटेक मशीनों से बनी एक्सप्रेस वैन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</div><div>आपको बता दें कि एक्सप्रेस-वे को और नुकसान न हो इसके लिए जीआर इंफ्रा के कर्मचारी अब एक्सप्रेस-वे की मरम्मत में लगे हैं। परतापुर स्थित टोल प्लाजा के पास दो जगहों पर सड़क की एक गली है जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। दोनों जगहों पर कई मीटर लंबी सड़क करीब पांच फीट नीचे उतरती है। इससे एक्सप्रेस-वे पर लगे तार भी टूट गए। रेलिंग भी क्षतिग्रस्त है। इन दोनों जगहों पर बारिश का पानी भर गया। जिससे हाईवे के किनारे मिट्टी में दरारें आ गई। साथ ही सड़क भी टूट गई है।</div><div>अब एक्सप्रेस-वे के बगल में डूबी मिट्टी को जेसीबी से भरा जा रहा है। एक्सप्रेस-वे पर सड़कें और खाई गिरने का कारण नीचे की जमीन का खोखला होना बताया जा रहा है। साथ ही जमीन खोखली होने के कारण सड़क भी टूट गई। यही हाल दुहाई का है। इस एक्सप्रेस-वे पर हर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर पांच से सात फीट कीचड़ और जर्जर सड़क साफ देखी जा सकती है। किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए इन जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Aug 2021 20:13:05 +0530</pubDate>
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                <title>सूरत और चेन्नई के बीच बनेगा नया एक्सप्रेस हाइवे, केंद्र सरकार ने दी अनुमति</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश होकर तमिलनाडु पहुंचेगा नया हाइवे, कम होगा 100 किलोमीटर का अंतर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/71096/a-new-express-highway-will-be-built-between-surat-and-chennai-the-central-government-has-given-permission"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/ahmdabad-vadodara-express_highway.jpg" alt=""></a><br /><div>विश्व में सबसे तेजी से बढ़ने वाले शहरों में से एक सूरत की विकास की रफ्तार और भी तेज करने के लिए एक नया कदम लिया जा रहा है। सरकार द्वारा सूरत से चेन्नई तक का एक सीधा एक्सप्रेस बनाने की घोषणा कर दी गई है और इसका डीपीआर बनाने का कांट्रैक्ट भी दे दिया गया है। लगभग 50 हजार करोड़ के खर्च पर बनने वाला यह रोड अब सूरत को सीधा चेन्नई को जोड़ेगा। इसके साथ ही सूरत अब चारों महानगर दिल्ली, मुंबई, कलकत्ता और चेन्नई के साथ जमीन मार्ग से जुड़ जाएगा। </div><div>केंद्र सरकार के भारतमाला परियोजना के अंतर्गत इस योजना की नींव रखी जा रही है। सूरत-चेन्नई नेशनल कॉरीडोर नाम से पहचाने जाने वाला यह नेशनल हाइवे कुल 1461 किलोमीटर का होगा। नए बनने वाले हाइवे के कारण सूरत और चेन्नई के बीच का 100 किलोमीटर का अंतर कम हो जाएगा। नया बनने वाला यह एक्सप्रेस महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश होकर तमिलनाडु पहुंचेगा। हालांकि इसके लिए सूरत से नासिक के लिए इस्तेमाल होने वाले किसी भी हाइवे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सूरत से नवसारी और धरमपुर से नासिक तक यह एक्सप्रेस खेतों में से होकर गुजरेगा। जिसके लिए अभी सर्वे हो रहा है। </div><div>बता दे की सूरत से गुजरने वाला नेशन हाइवे नंबर 48 से सूरत मुंबई और दिल्ली से जुड़ता है। आने वाले समय में वडोदरा और मुंबई के एक्सप्रेस वे को भी सूरत से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा सूरत से जुड़ा हुआ नेशनल हाइवे नंबर 53 सीधा कलकत्ता जाता है। नए बनने वाले इस रूट से सूरत को दक्षिण भारत को जोड़ता हुआ एक नया रूट ही सूरतवासियों को मिलेगा। </div><div>बता दे की सूरत और चेन्नई के बीच का बिजनेस संबंध भी काफी पुराना है। नये बनने वाले इस रूट से सूरत से महाराष्ट्र और दक्षिण भारत तक ब्व्यपार बढ़ाया जा सकेगा। अभी तक अधिकतर ट्रक चेन्नई से मुंबई पहुँचने के लिए कर्नाटक से होकर गुजरते थे। पर नए रूट के बनने से ट्रकचालकों को भी 100 से 120 किलोमीटर की दूरी कम काटनी पड़ेगी। इसके अलावा वह रास्ता मात्र 2 लेन का है, इस लिए ट्रक चालक भी वह रास्ता अधिक पसंद नहीं करते। पर नया रोड बनने से यह समस्या भी दूर हो जाएगी। </div><div><br /></div><div><br /></div><div><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jul 2021 15:29:01 +0530</pubDate>
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                <title>जल्द बदलेगी हाइवे की सूरत, पेट्रोल पंप की जगह दिखाई देंगे चार्जिंग स्टेशन</title>
                                    <description><![CDATA[NHAI ने हाइवे पर इवी चार्जिंग स्टेशन बनाने का लिया फैसला, पूरे देश में 650 स्थान किए गए पसंद ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/81174/the-appearance-of-the-highway-will-change-soon-charging-stations-will-be-visible-instead-of-petrol-pumps"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/2940_s3-01072021.jpg" alt=""></a><br /><div><div><span style="font-size:1rem;">पिछले कई समय से दुनिया भर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों क्या चलन काफी बढ़ गया है। दुनिया के कई देश अब पेट्रोल डीजल की गाड़ियों को छोड़ कर अब इलेक्ट्रिक व्हीकल का रुख कर रहे है। भारत भी उन्ही देशों में से एक है। जिसके लिए सरकार द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई है। इलेक्ट्रिक व्हीकल से उपयोग के चलते सबसे बड़ी दिक्कत उसके चार्जिंग को लेकर हो सकती है। जिसके लिए NHAI द्वारा इवी चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना बनाई जा रही है।</span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">इस योजना से आने वाले समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल को बूस्टर मिलेगा। इसके अलावा NHAI द्वारा हाइवे को विकसित करने के लिए 22 राज्यों में लगभग 650 स्थानों को चिन्हित किया है। योजना के तहत दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर 94 साइट को पसंद किया गया है। इसके अलावा निर्माणाधीन हाइवे पर 376 और पहले से बने हुए अन्य हाइवे पर 180 जितने स्थानों को ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए चुना गया है। जिसके लिए सरकार की तरफ से काफी बड़ा रिटर्न भी मिल सकता है। </span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">बता दे की फिलहाल इलेक्ट्रिक कार चलाने वाले अधिकतर वाहन मालिकों को बैटरी चार्जिंग की समस्या रहती है। फिलहाल बैटरी की इस समस्या को दूर करने के लिए काफी कम चार्जिंग स्टेशन है। </span><span style="font-size:1rem;">हाइवे पर चार्जिंग स्टेशन बढ़ने से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। बता दे की केंद्रीय मार्ग और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कुछ ही समय पहले बताया था कि भारत का लक्ष्य इस दशक के अंत तक कॉमर्शियल कारों में 70 प्रतिशत, घरेलू कारों में 30 प्रतिशत, बसों में 40 और टू व्हीलर में 80 प्रतिशत गाड़ियों को इलेक्ट्रिक करने का है।</span></div></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jul 2021 18:16:39 +0530</pubDate>
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