<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/4793/donate-life" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Donate life - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/4793/rss</link>
                <description>Donate life RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : दिल्ली में आयोजित ‘वरदान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में डोनेट लाइफ को दो बड़ी उपलब्धियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। अंग, शरीर और नेत्रदान को समर्पित दुनिया का पहला फिल्म महोत्सव वरदान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 26 और 27 फरवरी को दिल्ली स्थित गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में आयोजित हुआ। दधीचि देहदान समिति और संप्रेषण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया।</p>
<p>फिल्म फेस्टिवल में सूरत की डोनेट लाइफ संस्था ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की। संस्था द्वारा निर्मित सच्ची घटना पर आधारित संवेदनशील शॉर्ट फिल्म काया - द मिशन ऑफ लाइफ को बेस्ट शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि म्यूजिक वीडियो अंगदान कर ले रे मानव, तू ईश्वर बन जाएगा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145833/surats-donate-life-made-two-big-achievements-in-vardaan-international"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b02032026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। अंग, शरीर और नेत्रदान को समर्पित दुनिया का पहला फिल्म महोत्सव वरदान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 26 और 27 फरवरी को दिल्ली स्थित गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में आयोजित हुआ। दधीचि देहदान समिति और संप्रेषण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया।</p>
<p>फिल्म फेस्टिवल में सूरत की डोनेट लाइफ संस्था ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की। संस्था द्वारा निर्मित सच्ची घटना पर आधारित संवेदनशील शॉर्ट फिल्म काया - द मिशन ऑफ लाइफ को बेस्ट शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि म्यूजिक वीडियो अंगदान कर ले रे मानव, तू ईश्वर बन जाएगा को फर्स्ट रनर-अप घोषित किया गया।</p>
<p>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘वरदान फिल्म फेस्टिवल’ को अंगदान आंदोलन का सशक्त माध्यम बताते हुए विश्वास जताया कि यह पहल समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाएगी और जीवनदान की भावना को मजबूती देगी। उन्होंने डोनेट लाइफ के संस्थापक नीलेश मंडलेवाला के अंगदान क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्राने भी उन्हें सम्मानित किया।</p>
<p>दधीचि देहदान समिति के संस्थापक आलोक कुमार ने नीलेश मंडलेवाला के योगदान को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज के लिए मिसाल है। फेस्टिवल के दौरान नीलेश मंडलेवाला को अंगदान के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।</p>
<p>डोनेट लाइफ ने शॉर्ट फिल्म, मोटिवेशनल फिल्म, रील और म्यूजिक वीडियो जैसी विभिन्न श्रेणियों में भाग लिया। संस्था का उद्देश्य ऑर्गन डोनेशन के महत्व को दर्शाना और यह संदेश देना था कि “अंगदान ही जीवनदान है।” फिल्म और संगीत जैसे रचनात्मक माध्यमों के जरिए संस्था ने यह संदेश देश के दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंचाने में सफलता पाई है।</p>
<p>इस दो दिवसीय समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर, फिल्म अभिनेता मनोज जोशी, सांसद मनोज तिवारी, हृदय प्रत्यारोपण सर्जन डॉ. अनिल अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।</p>
<p>‘वरदान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ अंगदान जागरूकता के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल साबित हुआ, जिसने सामाजिक संवेदनशीलता और मानवता के संदेश को नई दिशा दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145833/surats-donate-life-made-two-big-achievements-in-vardaan-international</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145833/surats-donate-life-made-two-big-achievements-in-vardaan-international</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 16:51:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-03/b02032026-02.jpg"                         length="126246"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत :  ब्रेन डेड रमेशभाई नरोला ने चार लोगों को दी नई जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। शहर में एक बार फिर मानवता की मिसाल सामने आई है। डोनेट लाइफ संस्था ने  सीम्स हॉस्पिटल से 53 वर्षीय रमेशभाई वल्लभभाई नरोला के अंगदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई। ब्रेन हेमरेज के बाद ब्रेन डेड घोषित किए गए रमेशभाई ने अपने लिवर, एक किडनी और दोनों आंखें दान कर चार जरूरतमंदों को नई जिंदगी और नई रोशनी दी।</p>
<p>कतारगाम निवासी रमेशभाई 18 फरवरी की रात भोजन के दौरान अचानक चक्कर और बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाए गए। जांच में ब्लड प्रेशर अत्यधिक बढ़ा हुआ पाया गया। बाद में डॉ. नरेन्द्र गडीया की देखरेख में सिम्स</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145680/surat-brain-dead-rameshbhai-narola-gave-new-life-to-four"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b20022026-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। शहर में एक बार फिर मानवता की मिसाल सामने आई है। डोनेट लाइफ संस्था ने  सीम्स हॉस्पिटल से 53 वर्षीय रमेशभाई वल्लभभाई नरोला के अंगदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई। ब्रेन हेमरेज के बाद ब्रेन डेड घोषित किए गए रमेशभाई ने अपने लिवर, एक किडनी और दोनों आंखें दान कर चार जरूरतमंदों को नई जिंदगी और नई रोशनी दी।</p>
<p>कतारगाम निवासी रमेशभाई 18 फरवरी की रात भोजन के दौरान अचानक चक्कर और बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाए गए। जांच में ब्लड प्रेशर अत्यधिक बढ़ा हुआ पाया गया। बाद में डॉ. नरेन्द्र गडीया की देखरेख में सिम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां सीटी स्कैन में ब्रेन हेमरेज की पुष्टि हुई। 19 फरवरी को मेडिकल टीम ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया।</p>
<p>परिजनों के अनुसार रमेशभाई अक्सर अंगदान को “ईश्वरीय कार्य” बताते थे और ब्रेन डेड होने की स्थिति में अंगदान की इच्छा व्यक्त करते थे। उनकी पत्नी मधुबेन, पुत्र नेमिश और केनिल सहित पूरे परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए अंगदान की सहमति दी।</p>
<p>डोनेट लाइफ के फाउंडर पद्मश्री निलेश मांडेलवाला के मार्गदर्शन में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।</p>
<p>राज्य स्तरीय समन्वय के बाद लिवर के डी अस्पताल, अहमदाबाद भेजा गया, जहां 42 वर्षीय मरीज में सफल प्रत्यारोपण किया गया। एक किडनी स्टर्लिंग अस्पताल बड़ौदा में प्रत्यारोपित की गई। दूसरी किडनी चिकित्सीय कारणों से उपयोग में नहीं लाई जा सकी। आंखें लोक दृष्टि आई बैंक ने स्वीकार कीं।</p>
<p>अंगों को समय पर अहमदाबाद पहुंचाने के लिए सूरत सिटी पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया। उल्लेखनीय है कि सूरत पुलिस अब तक 142 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर विभिन्न अंगों को देशभर में समय पर पहुंचाने में सहयोग कर चुकी है।</p>
<p>डोनेट लाइफ के माध्यम से अब तक 1375 अंग और टिशू दान किए जा चुके हैं, जिनमें 552 किडनी, 241 लिवर, 57 हृदय, 56 फेफड़े, 9 पैंक्रियास, 11 हाथ, 1 छोटी आंत और 448 आंखें शामिल हैं। इन दानों से देश-विदेश के 1267 लोगों को नया जीवन और दृष्टि मिल चुकी है।</p>
<p>टेक्सटाइल और डायमंड सिटी के रूप में प्रसिद्ध सूरत अब “ऑर्गन डोनर सिटी” के रूप में भी पहचान बना रहा है। रमेशभाई नरोला और उनके परिवार का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145680/surat-brain-dead-rameshbhai-narola-gave-new-life-to-four</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145680/surat-brain-dead-rameshbhai-narola-gave-new-life-to-four</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 20:46:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-02/b20022026-04.jpg"                         length="101308"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : टीचर की आख़िरी सीख—मृत्यु के बाद भी जीवनदान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सूरत की एक शिक्षिका ने मृत्यु के बाद भी मानवता को जीने का संदेश दिया। करंज प्राइमरी स्कूल की प्रिंसिपल 48 वर्षीय जागृतिबेन दिलीपभाई पटेल के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके परिवार ने डोनेट लाइफ संस्था के माध्यम से उनका दाहिना हाथ और आंखें दान कर तीन ज़रूरतमंदों को नई ज़िंदगी और नई रोशनी दी।</p>
<p>डोनेट लाईफ के संस्थापक निलेश मांडलेवाला ने जानकारी देते हुए कहा कि अंगदान सूरत के महावीर हॉस्पिटल में किया गया। दाहिना हाथ समय पर चेन्नई पहुंचाने के लिए सूरत सिटी पुलिस ने महावीर हॉस्पिटल से सूरत एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया, ताकि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145508/surat-teachers-last-lesson-giving-life-even-after-death"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b09022026-08.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सूरत की एक शिक्षिका ने मृत्यु के बाद भी मानवता को जीने का संदेश दिया। करंज प्राइमरी स्कूल की प्रिंसिपल 48 वर्षीय जागृतिबेन दिलीपभाई पटेल के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके परिवार ने डोनेट लाइफ संस्था के माध्यम से उनका दाहिना हाथ और आंखें दान कर तीन ज़रूरतमंदों को नई ज़िंदगी और नई रोशनी दी।</p>
<p>डोनेट लाईफ के संस्थापक निलेश मांडलेवाला ने जानकारी देते हुए कहा कि अंगदान सूरत के महावीर हॉस्पिटल में किया गया। दाहिना हाथ समय पर चेन्नई पहुंचाने के लिए सूरत सिटी पुलिस ने महावीर हॉस्पिटल से सूरत एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया, ताकि ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में कोई देरी न हो।</p>
<p>जागृतिबेन 5 फरवरी की रात करंज गांव में मेलडी मां मंदिर की सालगिरह के अवसर पर आयोजित भजन कार्यक्रम में गई थीं। इसी दौरान उनका ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया और वे बेहोश हो गईं। परिजनों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस के ज़रिए उन्हें महावीर हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां CT स्कैन में ब्रेन हेमरेज की पुष्टि हुई।</p>
<p>6 फरवरी को न्यूरोफिज़ीशियन डॉ. भौतिक पटेल, इंटेंसिविस्ट डॉ. श्रेया माहेश्वरी, मेडिकल एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. निमिश पारिख और RMO डॉ. पूजा पटेल ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया।</p>
<p>ब्रेन डेथ की जानकारी मिलने के बाद परिवार और चैंबर मेंबर अंकुर पटेल ने डोनेट लाइफ संस्था के CEO और ट्रस्टी नीरव मंडलेवाला से संपर्क किया। डोनेट लाइफ की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जागृतिबेन के पति दिलीपभाई, बेटियों हनी और ध्वनि, बेटे प्रिंस, पिता शांतुभाई और अन्य परिजनों को अंगदान की प्रक्रिया और महत्व समझाया।</p>
<p>परिवार ने गुरुहरि प्रबोध स्वामीजी और गुरुप्रसाद स्वामी से मार्गदर्शन लिया, जिन्होंने अंगदान को मानवता की सेवा बताते हुए आशीर्वाद दिया। इसके बाद परिवार ने अंगदान की सहमति दी।</p>
<p>मेडिकल कारणों से किडनी, लिवर, हार्ट और फेफड़ों का दान संभव नहीं हो सका। गुजरात में हाथ के लिए उपयुक्त मरीज़ न होने पर NOTTO के माध्यम से दाहिना हाथ ग्लेनीगल्स हेल्थसिटी हॉस्पिटल, चेन्नई को आवंटित किया गया।</p>
<p>चेन्नई के डॉक्टर अरविंद महाराज और उनकी टीम सूरत पहुंची और हाथ को लेकर गई। बाद में 17 वर्षीय तमिलनाडु के एक किशोर में सफल ट्रांसप्लांट किया गया। आंखों का दान लोक दृष्टि आई बैंक द्वारा लिया गया।</p>
<p>टेक्सटाइल और डायमंड सिटी के रूप में पहचाना जाने वाला सूरत अब देश में ऑर्गन डोनर सिटी के रूप में भी पहचान बना रहा है। सूरत सिटी पुलिस अब तक 141 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दिल, फेफड़े, हाथ, लिवर, किडनी और अन्य अंगों को समय पर देश के विभिन्न शहरों तक पहुंचा चुकी है।</p>
<p>डोनेट लाइफ संस्था अब तक 1371 अंग और टिश्यू डोनेट करवा चुकी है, जिनमें 551 किडनी, 240 लिवर, 57 दिल, 56 फेफड़े, 11 हाथ और 446 आंखें शामिल हैं। इन दानों से देश-विदेश में 1263 लोगों को नई ज़िंदगी और नई नज़र मिली है।</p>
<p>डोनेट लाइफ संस्था स्वर्गीय जागृतिबेन दिलीपभाई पटेल के परिवार को इस महान मानवीय निर्णय के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145508/surat-teachers-last-lesson-giving-life-even-after-death</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145508/surat-teachers-last-lesson-giving-life-even-after-death</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 19:58:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-02/b09022026-08.jpg"                         length="103544"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : पद्म श्री से सम्मानित सूरत की विभूतियों का चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा भव्य सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से बुधवार को पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित सूरत की प्रतिष्ठित हस्तियों के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह विशेष सम्मान समारोह 4 फरवरी 2026 को शाम 5.30 बजे, सरसाना स्थित प्लैटिनम हॉल में आयोजित हुआ।</p>
<p>इस वर्ष पद्म श्री अवॉर्ड के लिए घोषित किए गए चैंबर के पूर्व अध्यक्ष और डोनेट लाइफ ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक श्री नीलेशभाई मंडलेवाला को इस अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले पद्म श्री से सम्मानित डॉ. कनुभाई टेलर, श्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145460/surat-chamber-of-commerce-honors-eminent-personalities-of-surat-who"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b07022026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से बुधवार को पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित सूरत की प्रतिष्ठित हस्तियों के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह विशेष सम्मान समारोह 4 फरवरी 2026 को शाम 5.30 बजे, सरसाना स्थित प्लैटिनम हॉल में आयोजित हुआ।</p>
<p>इस वर्ष पद्म श्री अवॉर्ड के लिए घोषित किए गए चैंबर के पूर्व अध्यक्ष और डोनेट लाइफ ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक श्री नीलेशभाई मंडलेवाला को इस अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले पद्म श्री से सम्मानित डॉ. कनुभाई टेलर, श्री मथुरभाई सवाणी, श्री यज़्दीभाई करंजिया और श्री सवजीभाई ढोलकिया को भी सम्मान प्रदान किया गया।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत में चैंबर के अध्यक्ष श्री निखिल मद्रासी ने सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पद्म श्री सम्मानित व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और ऐसे महान लोगों का सम्मान करना चैंबर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह समारोह समाज, सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक यादगार प्रयास है।</p>
<p>समारोह में 2011 के पद्म श्री सम्मानित डॉ. कनुभाई टेलर ने अपने अनुभव साझा करते हुए समाजसेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं 2014 के पद्म श्री सम्मानित श्री मथुरभाई सवाणी ने किसानों और समाज के लिए किए गए अपने कार्यों की भावनात्मक अभिव्यक्ति की।</p>
<p>2020 के पद्म श्री सम्मानित श्री यज़्दीभाई करंजिया ने सामाजिक ज़िम्मेदारी निभाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।इसी वर्ष पद्म श्री से सम्मानित श्री सवजीभाई ढोलकिया की ओर से यह सम्मान उनके भाई श्री तुलसीभाई ढोलकिया ने स्वीकार किया।</p>
<p>इस अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित श्री नीलेशभाई मंडलेवाला ने कहा कि पद्म श्री सम्मान उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी अंगदाताओं और उनके परिवारों का सम्मान है, जिन्होंने मानवता के लिए जीवनदान दिया। उन्होंने सूरत पुलिस, एयरपोर्ट अथॉरिटी, मेडिकल स्टाफ, मीडिया, स्वयंसेवकों और डोनेट लाइफ संस्था की टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अंगदान से जीवन पाने वाले लोगों और उनके परिवारों के चेहरों पर दिखने वाली खुशी से बड़ा कोई पुरस्कार नहीं हो सकता और इस सम्मान ने उनकी जिम्मेदारी और बढ़ा दी है।</p>
<p>कार्यक्रम में सूरत पुलिस कमिश्नर श्री अनुपम सिंह गहलोत, चैंबर के पूर्व अध्यक्ष श्री कमलेश याग्निक, श्री शरदचंद्र कपाड़िया, श्री केतन देसाई, वडोदरा के क्रांतिकारी श्री मार्गेस्मिट स्वामीजी और चैंबर सदस्य श्रीमती रेशमाबेन मंडलेवाला ने भी अपने प्रेरणादायक विचार रखे।</p>
<p>श्रीमती रेशमाबेन मंडलेवाला ने कहा कि नीलेश मंडलेवाला के लिए ऑर्गन डोनेशन केवल एक कार्य नहीं, बल्कि जीवन का मिशन है, जिसके लिए उन्होंने कई त्याग किए हैं। उन्होंने कहा कि दूसरों के लिए जीना ही जीवन की सच्ची सार्थकता है और उन्हें नीलेश की जीवनसंगिनी होने पर गर्व है।</p>
<p>इस दौरान विभिन्न पद्म श्री सम्मानितों के प्रशस्ति पत्र चैंबर के पदाधिकारियों द्वारा पढ़े गए। कार्यक्रम के अंत में चैंबर के उपाध्यक्ष श्री अशोक जीरावाला ने सभी सम्मानित अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए समारोह के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145460/surat-chamber-of-commerce-honors-eminent-personalities-of-surat-who</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145460/surat-chamber-of-commerce-honors-eminent-personalities-of-surat-who</guid>
                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 15:43:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-02/b07022026-03.jpg"                         length="91268"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : जिस दिन होनी थी बेटी की विदाई, उसी दिन दुनिया छोड़ गए बिल्डर तुषार घेलानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सूरत के जाने-माने बिल्डर तुषार घेलानी के निधन से पूरे शहर और व्यापारिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। नियति का क्रूर खेल देखिए कि जिस तारीख को उनकी बेटी की शादी तय थी, उसी दिन पिता की अंतिम यात्रा निकली। चार दिनों तक अस्पताल में मौत से जूझने के बाद तुषारभाई जिंदगी की जंग हार गए।</p>
<p>गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती तुषार घेलानी को बुधवार को डॉक्टरों ने 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया था। इस अपार दुख के बीच भी उनके परिवार ने साहस दिखाते हुए अंगदान (Organ Donation) का फैसला किया, ताकि दूसरों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145430/surat-builder-tushar-ghelani-left-the-world-on-the-day"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b05022026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सूरत के जाने-माने बिल्डर तुषार घेलानी के निधन से पूरे शहर और व्यापारिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। नियति का क्रूर खेल देखिए कि जिस तारीख को उनकी बेटी की शादी तय थी, उसी दिन पिता की अंतिम यात्रा निकली। चार दिनों तक अस्पताल में मौत से जूझने के बाद तुषारभाई जिंदगी की जंग हार गए।</p>
<p>गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती तुषार घेलानी को बुधवार को डॉक्टरों ने 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया था। इस अपार दुख के बीच भी उनके परिवार ने साहस दिखाते हुए अंगदान (Organ Donation) का फैसला किया, ताकि दूसरों को जीवन मिल सके। परिवार की सहमति के बाद 'डोनेट लाइफ' संस्था और अहमदाबाद के जायडस हॉस्पिटल की मेडिकल टीमें अंगदान की प्रक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार थीं।</p>
<p>अंगदान की कानूनी और मेडिकल प्रक्रियाएं चल ही रही थीं कि अचानक तुषारभाई को ज़ोरदार कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आया। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए करीब 20 मिनट तक CPR दिया, लेकिन सफलता नहीं मिली।</p>
<p>'डोनेट लाइफ' के संस्थापक नीलेश मंडलेवाला ने बताया "ब्रेन डेड घोषित होने के बाद हम लिवर और अन्य अंगों के दान की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक आए हार्ट अटैक की वजह से हृदय की गति रुक गई। हृदय रुक जाने के बाद किडनी, लिवर या हार्ट जैसे महत्वपूर्ण अंगों का दान संभव नहीं हो पाता। इसलिए, अंततः केवल चक्षुदान (Eye Donation) ही संपन्न हो सका।"</p>
<p>तुषार घेलानी के निधन की खबर मिलते ही उद्योगपति मुकेश पटेल, समाजसेवी महेश सवाणी सहित शहर के कई दिग्गज और मित्र अस्पताल पहुंचे। उमरा श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।</p>
<p>जिस घर में बेटी की शादी की शहनाइयां गूंजनी थीं, वहां आज सन्नाटा और मातम पसरा है। परिवार के इस कठिन समय में अंगदान के फैसले की सराहना की जा रही है, क्योंकि उनके चक्षुदान से अब दो लोगों के जीवन में नई रोशनी आएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145430/surat-builder-tushar-ghelani-left-the-world-on-the-day</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145430/surat-builder-tushar-ghelani-left-the-world-on-the-day</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 16:43:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-02/b05022026-02.jpg"                         length="80371"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : डोनेट लाइफ के संस्थापक निलेश मांडलेवाला को पद्मश्री सम्मान की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। डोनेट लाइफ संस्था के संस्थापक एवं सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) के पूर्व अध्यक्ष श्री निलेशभाई मांडलेवाला को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से नवाज़े जाने की घोषणा की गई है। उनके इस सम्मान से न केवल सूरत बल्कि पूरे गुजरात में खुशी और गौरव का माहौल है।</p>
<p>SGCCI के वर्तमान अध्यक्ष श्री निखिल मद्रासी ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह चैंबर परिवार के लिए अत्यंत गौरव की बात है कि संस्था के एक पूर्व अध्यक्ष को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक से सम्मानित किया गया है। उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145256/announcement-of-padma-shri-award-to-nilesh-mandlewala-founder-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-01/b25012026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। डोनेट लाइफ संस्था के संस्थापक एवं सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) के पूर्व अध्यक्ष श्री निलेशभाई मांडलेवाला को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से नवाज़े जाने की घोषणा की गई है। उनके इस सम्मान से न केवल सूरत बल्कि पूरे गुजरात में खुशी और गौरव का माहौल है।</p>
<p>SGCCI के वर्तमान अध्यक्ष श्री निखिल मद्रासी ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह चैंबर परिवार के लिए अत्यंत गौरव की बात है कि संस्था के एक पूर्व अध्यक्ष को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि डोनेट लाइफ के माध्यम से निलेशभाई मांडलेवाला ने सूरत, गुजरात और पूरे देश में अंगदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने और अनगिनत ज़िंदगियों को बचाने का ऐतिहासिक कार्य किया है, जिसकी केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर सराहना की है।</p>
<p>श्री निखिल मद्रासी ने निलेशभाई को हार्दिक अभिनंदन देते हुए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे आगे भी इसी तरह जीवन रक्षा और लोककल्याण के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहें, यही कामना है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि इस सम्मान के साथ निलेशभाई मांडलेवाला सूरत से पद्मश्री पाने वालों की प्रतिष्ठित सूची में शामिल हो गए हैं, जिसमें पहले से एजदीभाई करजिया, कनुभाई टेलर और सवजीभाई ढोलकिया जैसे नाम शामिल हैं। यह सम्मान सूरत की सामाजिक सेवा परंपरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला एक और महत्वपूर्ण अध्याय माना जा रहा है।</p>
<p><strong>नीलेश विनोदचंद्र मांडलेवाला (पद्म श्री)</strong><br />सूरत के नीलेश विनोदचंद्र मांडलेवाला को सोशल वर्क के लिए पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उन्हें गुजरात में ऑर्गन डोनेशन एक्टिविटी के पायनियर के तौर पर जाना जाता है और वे डोनेट लाइफ ऑर्गनाइजेशन के फाउंडर हैं। साल 1997 में नीलेशभाई के पिता की किडनी फेल हो गई थी। 2004 से उन्हें रेगुलर डायलिसिस करवाना पड़ता था। इस दौरान मरीज़ और परिवार को होने वाली असहनीय परेशानियों को देखकर नीलेशभाई ने इस फील्ड में काम करने का पक्का इरादा किया। सितंबर 2011 में उनके पिता का निधन हो गया।</p>
<p>नीलेशभाई के पिता के इलाज के दौरान, नीलेशभाई को किडनी के मरीज़ों और उनके परिवारों की परेशानियों के बारे में पता चला। उनके पिता की किडनी की बीमारी ने नीलेशभाई के लिए एक नई सोच और एक नई दिशा खोली और वह थी ऑर्गन डोनेशन। 2005 से ऑर्गन डोनेशन के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए वन-मैन आर्मी की तरह काम करते हुए, नीलेशभाई ने 2014 में डोनेट लाइफ नाम की एक संस्था शुरू की।</p>
<p>2006 में किडनी डोनेशन से शुरू हुआ यह कैंपेन धीरे-धीरे लिवर, पैंक्रियास, हार्ट, लंग्स, इंटेस्टाइन, हाथ और हड्डियों तक फैल गया है। ऑर्गन डोनेशन एक्टिविटीज़ में, 22 जनवरी 2026 तक कुल 1366 ऑर्गन और टिशू डोनेट करके, देश और विदेश के अलग-अलग राज्यों के कुल 1258 लोगों ने अपनी ज़िंदगी को फिर से ज़िंदा करने में अहम योगदान दिया है।</p>
<p>ऐसे समय में भी जब कोरोना की ग्लोबल महामारी के कारण पूरे देश में ऑर्गन डोनेशन में कमी आई थी, उन्होंने सूरत से कुल 203 ऑर्गन और टिशू डोनेट किए और 182 ऑर्गन फेलियर मरीज़ों को फिर से ज़िंदा किया। 2020-21 में, गुजरात राज्य सरकार ने उनके काम पर ध्यान दिया और उन्हें ऑर्गन और टिशू ट्रांसप्लांटेशन के लिए स्टेट एडवाइज़री कमेटी का मेंबर बनाया।</p>
<p>गुजरात सरकार ने गुजरात में ऑर्गन डोनेशन एक्टिविटी के पायनियर नीलेशभाई मंडलेवाला पर ध्यान दिया, जिन्होंने ऑर्गन डोनेशन के क्षेत्र में नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर गुजरात को गौरवान्वित किया है, और उन्हें 01/05/2022 को गुजरात सरकार का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान दिया है। गुजरात गौरव दिवस पर पाटन में गवर्नर और मुख्यमंत्री ने उन्हें "गुजरात गरिमा अवॉर्ड" दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145256/announcement-of-padma-shri-award-to-nilesh-mandlewala-founder-of</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/145256/announcement-of-padma-shri-award-to-nilesh-mandlewala-founder-of</guid>
                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 19:29:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2026-01/b25012026-01.jpg"                         length="59769"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : गणेश विसर्जन की पूर्व संध्या पर ब्रेनडेड महिला का अंगदान, पाँच लोगों को मिला नया जीवन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत।  गणेश विसर्जन की पूर्व संध्या पर सूरत के स्मीमेर अस्पताल में एक और प्रेरणादायी अंगदान हुआ। डोनेट लाइफ संस्था के सहयोग से सोरठिया प्रजापति कुंभार समाज की शारदाबेन जेंतीभाई देवलिया (उम्र 58 वर्ष) के परिवार ने अंगदान कर पाँच ज़िंदगियों को नई आशा दी। डोनेट लाईफ के संस्थापक निलेश मांडेलवाला से मिली </p>
<p>जानकारी के अनुसार, कोसाड के किरन पर्ल में रहने वाली शारदाबेन का 3 सितंबर की सुबह कोसाड रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से सिर में गंभीर चोट लगी। उन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद से स्मीमेर अस्पताल लाया गया, जहाँ जाँच में ब्रेन हेमरेज की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142912/five-people-got-new-life-on-the-eve-of-surat"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-09/b05092025-07.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत।  गणेश विसर्जन की पूर्व संध्या पर सूरत के स्मीमेर अस्पताल में एक और प्रेरणादायी अंगदान हुआ। डोनेट लाइफ संस्था के सहयोग से सोरठिया प्रजापति कुंभार समाज की शारदाबेन जेंतीभाई देवलिया (उम्र 58 वर्ष) के परिवार ने अंगदान कर पाँच ज़िंदगियों को नई आशा दी। डोनेट लाईफ के संस्थापक निलेश मांडेलवाला से मिली </p>
<p>जानकारी के अनुसार, कोसाड के किरन पर्ल में रहने वाली शारदाबेन का 3 सितंबर की सुबह कोसाड रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से सिर में गंभीर चोट लगी। उन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद से स्मीमेर अस्पताल लाया गया, जहाँ जाँच में ब्रेन हेमरेज की पुष्टि हुई।</p>
<p>4 सितंबर को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जितेंद्र दर्शन, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना नेमा, न्यूरोसर्जन डॉ. दीपेश कक्कड़ और आरएमओ डॉ. अरबिंदकुमार सिंह की टीम ने शारदाबेन को ब्रेन डेड घोषित किया। इसके बाद, डोनेट लाइफ संस्था के अनुरोध पर परिजनों ने अंगदान का निर्णय लिया।</p>
<p>शारदाबेन के बेटे विपुलभाई, जो बढ़ई का काम करते हैं, ने कहा हम गरीब हैं, लेकिन माँ के ब्रेन डेड होने के बाद हमने उनके अधिक से अधिक अंगदान करने का निर्णय लिया, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले और दूसरों की ज़िंदगी बच सके।"</p>
<p>परिवार की सहमति से शारदाबेन की दोनों किडनी और लिवर अहमदाबाद स्थित आईकेडीआरसी में तीन मरीज़ों को प्रत्यारोपित किए जाएँगे। वहीं, स्मीमेर अस्पताल के नेत्र विभाग ने उनकी आँखें स्वीकार कर ली हैं, जिससे दो और ज़रूरतमंदों को दृष्टि मिलेगी।</p>
<p>डोनेट लाइफ संस्था ने इसे "मानवता की मिसाल" बताते हुए कहा कि गणेशोत्सव की पूर्व संध्या पर हुआ यह अंगदान सूरत ही नहीं, पूरे समाज को अंगदान के महत्व का संदेश देता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142912/five-people-got-new-life-on-the-eve-of-surat</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142912/five-people-got-new-life-on-the-eve-of-surat</guid>
                <pubDate>Fri, 05 Sep 2025 20:30:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-09/b05092025-07.jpg"                         length="99490"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत में ब्रेन डेड मरीज़ के अंगों ने छह लोगों को दिया नया जीवन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। रक्षाबंधन के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर, सूरत के स्मीमेर अस्पताल में एक हृदयविदारक घटना मानवता की मिसाल बन गई। हीरा कारखाने में काम करने वाले प्रवीणभाई हरिभाई नाकरानी (52) को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद, उनके परिवार ने अंगदान का एक बड़ा फैसला लिया। इस फैसले से छह ज़रूरतमंद लोगों को नया जीवन मिला। </p>
<p>डोनेट लाईफ संस्था के निलेश मांडलेवाला ने जानकारी देते हुए कहा कि सरथाणा वी.टी.नगर, मेघ मल्हारा रेसिडेन्सी के निवासी  प्रवीणभाई 4 अगस्त को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें स्मीमेर अस्पताल में भर्ती कराया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142449/brain-dead-patient-organs-gave-new-life-to-six-people"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-08/b09082025-06.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। रक्षाबंधन के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर, सूरत के स्मीमेर अस्पताल में एक हृदयविदारक घटना मानवता की मिसाल बन गई। हीरा कारखाने में काम करने वाले प्रवीणभाई हरिभाई नाकरानी (52) को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद, उनके परिवार ने अंगदान का एक बड़ा फैसला लिया। इस फैसले से छह ज़रूरतमंद लोगों को नया जीवन मिला। </p>
<p>डोनेट लाईफ संस्था के निलेश मांडलेवाला ने जानकारी देते हुए कहा कि सरथाणा वी.टी.नगर, मेघ मल्हारा रेसिडेन्सी के निवासी  प्रवीणभाई 4 अगस्त को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें स्मीमेर अस्पताल में भर्ती कराया गया।</p>
<p>कई दिनों तक चले इलाज के बाद, डॉक्टरों ने उन्हें 7 अगस्त को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसकी जानकारी डोनेट लाइफ संस्था के संस्थापक नीलेश मंडलेवाला को दी गई, जिन्होंने तुरंत प्रवीणभाई के परिवार से संपर्क किया।</p>
<p>परिवार के सदस्यों, खासकर उनके भतीजे धर्मेशभाई ने भावुक होकर कहा, "हमारा परिवार सामान्य है और जीवन में कुछ बड़ा दान नहीं कर सकते, लेकिन आज जब हमारे चाचा ब्रेन डेड हो गए हैं, तो हमें उनके अंगों का दान ज़रूर करना चाहिए ताकि ज़रूरतमंदों को नया जीवन मिल सके।" परिवार की इस महान भावना के बाद, अंगदान की प्रक्रिया शुरू की गई। </p>
<p>प्रवीणभाई के अंगों से 6 लोगों को मिला जीवनदान। हृदय: अहमदाबाद के यू.एन. मेहता अस्पताल में एक 57 वर्षीय व्यक्ति में और लीवर सूरत के किरण अस्पताल में मुंबई के एक 38 वर्षीय व्यक्ति को प्रत्यारोपित किया गया।</p>
<p>दो ज़रूरतमंद मरीजों को अहमदाबाद के अस्पताल में किडनी दी गई।दो ज़रूरतमंद मरीज़ों को आँखों का दान किया गया, जिससे उन्हें नई दृष्टि मिली।</p>
<p>अंगों को समय पर अहमदाबाद पहुँचाने के लिए सूरत पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया। सूरत पुलिस ने अब तक 135 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अंगदान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है। डोनेट लाइफ संस्था ने अब तक कुल 1,336 अंग और ऊतक दान किए हैं, जिससे 1,232 से ज़्यादा लोगों को नया जीवन मिला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142449/brain-dead-patient-organs-gave-new-life-to-six-people</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142449/brain-dead-patient-organs-gave-new-life-to-six-people</guid>
                <pubDate>Sat, 09 Aug 2025 20:50:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-08/b09082025-06.jpg"                         length="87851"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : ब्रेनडेड रिया के हाथों से भाई को बंधी राखी, मानवता की मिसाल बना रक्षाबंधन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। इस साल का रक्षाबंधन एक अनोखी और हृदयस्पर्शी घटना का गवाह बना, जिसने रिश्तों, प्रेम और मानवता की नई परिभाषा गढ़ी है।  9 वर्षीय ब्रेनडेड बच्ची रिया बॉबी मिस्त्री के हाथ का दान पाने वाली मुंबई की 15 वर्षीय अनामता अहमद, रिया के भाई शिवम को राखी बांधने के लिए वलसाड पहुंचीं। यह पल सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि दो परिवारों और दो धर्मों को जोड़ने वाली एक अविस्मरणीय घटना बन गया।</p>
<p>सूरत के किरण अस्पताल में सितंबर 2024 में वलसाड कि रिया को ब्रेनडेड घोषित किए जाने के बाद, 'डोनेट लाइफ' संस्था के माध्यम से उसका दाहिना हाथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142427/raksha-bandhan-became-an-example-of-humanity-tied-to-brothers"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-08/b08082025-05.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। इस साल का रक्षाबंधन एक अनोखी और हृदयस्पर्शी घटना का गवाह बना, जिसने रिश्तों, प्रेम और मानवता की नई परिभाषा गढ़ी है।  9 वर्षीय ब्रेनडेड बच्ची रिया बॉबी मिस्त्री के हाथ का दान पाने वाली मुंबई की 15 वर्षीय अनामता अहमद, रिया के भाई शिवम को राखी बांधने के लिए वलसाड पहुंचीं। यह पल सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि दो परिवारों और दो धर्मों को जोड़ने वाली एक अविस्मरणीय घटना बन गया।</p>
<p>सूरत के किरण अस्पताल में सितंबर 2024 में वलसाड कि रिया को ब्रेनडेड घोषित किए जाने के बाद, 'डोनेट लाइफ' संस्था के माध्यम से उसका दाहिना हाथ दान कर दिया गया था। डॉ. नीलेश सातभाई ने यह हाथ गोरेगांव की अनामता अहमद को सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया।</p>
<p>अनामता ने अपना दाहिना हाथ एक दुर्घटना में खो दिया था। इस प्रत्यारोपण से अनामता को न सिर्फ एक नया हाथ मिला, बल्कि रिया के रूप में एक बहन और शिवम के रूप में एक भाई भी मिला।</p>
<p>राखी बांधने के लिए अनामता ने मुंबई से वलसाड तक का सफर तय किया। जब उन्होंने रिया के ही हाथों से शिवम की कलाई पर राखी बांधी, तो वहां मौजूद हर किसी की आँखें नम हो गईं।</p>
<p>रिया के माता-पिता, बॉबी और तृष्णा, ने कहा, "आज ऐसा लग रहा है कि रिया हमारे बीच वापस आ गई है। उसकी राखी, उसका स्पर्श, सब कुछ ऐसा लग रहा है मानो वापस आ गया हो।" उन्होंने अनामता को गले लगाकर अपनी बेटी को महसूस किया।</p>
<p>अनामता ने भावुक होते हुए कहा, "रिया के परिवार का शुक्रिया अदा करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। रिया के हाथ ने मेरे जीवन में एक नई शुरुआत की है।"</p>
<p>'डोनेट लाइफ' संस्था के अध्यक्ष  नीलेश मंडलेवाला ने इस घटना को "मानवता का सबसे बड़ा धर्म" बताया। इस अनोखी पहल ने यह साबित कर दिया कि प्रेम और सेवा का कोई धर्म नहीं होता। इस साल का यह रक्षाबंधन सचमुच ईश्वर और अल्लाह की सच्ची दिव्यता को साकार करने वाला पल बन गया।</p>
<p>डोनेट लाइफ के माध्यम से अब तक कुल 1336 अंग और ऊतक दान किए जा चुके हैं। इनमें से 542 किडनी, 235 लीवर, 57 हृदय, 52 फेफड़े, 9 अग्न्याशय, 8 हाथ, 1 छोटी आंत और 432 आँखें दान की गई हैं, जिससे देश-विदेश के कुल 1232 लोगों को सफलतापूर्वक नया जीवन और नई दृष्टि प्रदान की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142427/raksha-bandhan-became-an-example-of-humanity-tied-to-brothers</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/142427/raksha-bandhan-became-an-example-of-humanity-tied-to-brothers</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 19:03:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-08/b08082025-05.jpg"                         length="118681"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : मौत के बाद भी मानवता की मिसाल, ब्रेईन डेड शि‌क्षिका से पांच जिंदगियां रोशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत : टेक्सटाइल और डायमंड के लिए प्रसिद्ध सूरत शहर अब अंगदान की मानवतावादी पहल में भी अग्रणी बनता जा रहा है। हाल ही में वापी के गुरुकुल विद्यालय की प्राथमिक शिक्षिका नम्रता भाविन पांचाल के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके परिवार ने डोनेट लाइफ संस्था के माध्यम से उनकी किडनी, लिवर और आंखें दान कर पाँच जरूरतमंद लोगों को जीवनदान दिया।</p>
<p>44 वर्षीय नम्रताबेन, जो वापी के छारवाड़ा रोड स्थित कृष्णा कृपा रेजिडेंसी में रहती थीं, को 25 अप्रैल को असहनीय सिरदर्द और उल्टी के बाद हरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक उपचार के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140637/even-after-surat-death-five-lives-illuminated-with-breine-dead"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-05/b08052025-02.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत : टेक्सटाइल और डायमंड के लिए प्रसिद्ध सूरत शहर अब अंगदान की मानवतावादी पहल में भी अग्रणी बनता जा रहा है। हाल ही में वापी के गुरुकुल विद्यालय की प्राथमिक शिक्षिका नम्रता भाविन पांचाल के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके परिवार ने डोनेट लाइफ संस्था के माध्यम से उनकी किडनी, लिवर और आंखें दान कर पाँच जरूरतमंद लोगों को जीवनदान दिया।</p>
<p>44 वर्षीय नम्रताबेन, जो वापी के छारवाड़ा रोड स्थित कृष्णा कृपा रेजिडेंसी में रहती थीं, को 25 अप्रैल को असहनीय सिरदर्द और उल्टी के बाद हरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक उपचार के बाद घर लौटने पर उनकी हालत फिर बिगड़ी और न्यूरोफिजिशियन द्वारा जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मस्तिष्क की एक रक्त वाहिका फट चुकी थी। इलाज के लिए उन्हें सूरत के मैत्रेय मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल लाया गया, जहां 26 अप्रैल को उनकी ब्रेन सर्जरी की गई। हालांकि, 8 मई को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।</p>
<p>नम्रता के पति भाविनभाई और परिजनों ने डोनेट लाइफ संस्था के प्रतिनिधियों से चर्चा कर अंगदान की प्रक्रिया को स्वीकृति दी। भाविनभाई, जो वापी स्थित एक फार्मास्युटिकल कंपनी में सहायक प्रबंधक हैं, ने कहा, "हमने अस्पताल में लगातार अंगदान के पोस्टर देखे और महसूस किया कि अंगदान एक दिव्य कार्य है। मेरी पत्नी के अंगों से किसी को जीवन मिले, इससे बड़ा पुण्य और क्या हो सकता है।"</p>
<p>डोनेट लाइफ के संस्थापक नीलेश मंडलेवाला की देखरेख में लीवर, किडनी और आंखों का दान सुनिश्चित किया गया। लीवर और एक किडनी अहमदाबाद के अपोलो अस्पताल को भेजे गए, लेकिन तकनीकी कारणों से लीवर को ज़ाइडस अस्पताल को स्थानांतरित किया गया। किडनी की एचएलए रिपोर्ट के आधार पर दोनों किडनी जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित की गईं। नेत्रदान लोक दृष्टि आई बैंक के डॉ. प्रफुल शिरोया ने स्वीकार किया।</p>
<p>ओडिशा निवासी एक 53 वर्षीय मरीज को लीवर प्रत्यारोपण से नया जीवन मिला। अंगों को समय पर अहमदाबाद पहुंचाने के लिए सूरत पुलिस द्वारा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जो कि सूरत से अहमदाबाद तक के लिए 134वां ग्रीन कॉरिडोर था।</p>
<p>नम्रता पांचाल की यह प्रेरक कहानी केवल अंगदान नहीं, बल्कि शिक्षक की भूमिका को मृत्यु के बाद भी जीवित रखने का संदेश देती है। उनके इस निर्णय ने समाज को एक नई दिशा और नई उम्मीद दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140637/even-after-surat-death-five-lives-illuminated-with-breine-dead</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140637/even-after-surat-death-five-lives-illuminated-with-breine-dead</guid>
                <pubDate>Thu, 08 May 2025 21:57:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-05/b08052025-02.jpg"                         length="81087"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : डोनेट लाइफ के प्रयासों से किरण अस्पताल में अंगदान से चार को नया जीवन </title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी बनते जा रहे सूरत शहर में एक और प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। डोनेट लाइफ संगठन के सहयोग से किरण अस्पताल में हिंदू मराठा पाटिल समुदाय के 45 वर्षीय किरणभाई मोरेश्वरभाई पाटिल के अंगदान से चार लोगों को नया जीवन मिला है। टेक्सटाइल और डायमंड के लिए प्रसिद्ध सूरत अब "अंगदान नगरी" के रूप में भी पहचान बना रहा है।</p>
<p>मूल रूप से महाराष्ट्र के जलगाँव जिले के अमलनेर तहसिल के खेड़ी- गांव के निवासी किरणभाई सूरत के भेस्तान क्षेत्र में सोमेश्वर नगर -1, जियाव बुड़िया रोड, अपने परिवार के साथ रहते थे और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140127/surat-donate-lifes-efforts-kiran-hospital-has-a-new-life"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-04/‍b15042025-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी बनते जा रहे सूरत शहर में एक और प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। डोनेट लाइफ संगठन के सहयोग से किरण अस्पताल में हिंदू मराठा पाटिल समुदाय के 45 वर्षीय किरणभाई मोरेश्वरभाई पाटिल के अंगदान से चार लोगों को नया जीवन मिला है। टेक्सटाइल और डायमंड के लिए प्रसिद्ध सूरत अब "अंगदान नगरी" के रूप में भी पहचान बना रहा है।</p>
<p>मूल रूप से महाराष्ट्र के जलगाँव जिले के अमलनेर तहसिल के खेड़ी- गांव के निवासी किरणभाई सूरत के भेस्तान क्षेत्र में सोमेश्वर नगर -1, जियाव बुड़िया रोड, अपने परिवार के साथ रहते थे और सचिन की एक डाइंग मिल में डाइंग मास्टर के रूप में कार्यरत थे। 13 अप्रैल को दोपहर के भोजन के दौरान उन्हें अचानक दौरा पड़ा, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें तुरंत वाइब्रेंट अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद न्यूरो विशेषज्ञ डॉ. भोमिक ठाकोर की देखरेख में उन्हें किरण अस्पताल रेफर किया गया, जहां सीटी स्कैन में ब्रेन हेमरेज पाया गया।</p>
<p>14 अप्रैल को डॉ. भौमिक ठाकोर और उनकी टीम ने किरणभाई को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद डोनेट लाइफ के संस्थापक नीलेश मांडलेवाला से संपर्क कर परिजनों को अंगदान की प्रक्रिया समझाई गई। परिवार ने भावुक लेकिन साहसिक निर्णय लेते हुए अंगदान के लिए सहमति दे दी।</p>
<p>किरणभाई की पत्नी श्रद्धा पाटिल ने कहा, जब शरीर राख बनना है, तो क्यों न इससे किसी को जीवनदान दिया जाए?"परिजनों की इस सहमति के बाद सॉट्टो (SOTTO) के माध्यम से अंगों का आवंटन किया गया।</p>
<p>दोनों किडनियां सूरत के किरण अस्पताल में ट्रांसप्लांट की गईं – एक 42 वर्षीय महिला और दूसरी 35 वर्षीय पुरुष को नया जीवन मिला। इसके अलावा, डॉ. संकित शाह द्वारा दो जरूरतमंदों को नेत्र प्रत्यारोपण कर नई दृष्टि दी गई।</p>
<p>किरणभाई के परिवार में उनकी पत्नी श्रद्धा (39), बड़ी बेटी निधि (20), छोटी बेटी दीया (17) और बेटा ऋषि (16) हैं। परिवार ने जिस संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ यह निर्णय लिया, वह अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणा है।</p>
<p>डोनेट लाइफ के अनुसार अब तक संगठन के माध्यम से कुल 1,319 अंग और ऊतक दान किए जा चुके हैं, जिससे 536 किडनी, 232 लीवर, 56 हृदय, 52 फेफड़े, 9 अग्न्याशय, 8 हाथ, 1 छोटी आंत और 425 आंखों के दान से देश-विदेश के कुल 1215 लोगों को नया जीवन और नई दृष्टि देने में सफलता मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140127/surat-donate-lifes-efforts-kiran-hospital-has-a-new-life</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/140127/surat-donate-lifes-efforts-kiran-hospital-has-a-new-life</guid>
                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 16:37:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-04/%E2%80%8Db15042025-01.jpg"                         length="87578"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : अंगदान के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए नीलेश मंडलेवाला को “ड्राइवर्स ऑफ चेंज” पुरस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। अंगदान जागरूकता की लौ जलाए रखने वाले डोनेट लाइफ संस्था के संस्थापक नीलेश मंडलेवाला को उनके दो दशक लंबे अथक प्रयासों के लिए मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह में “ड्राइवर्स ऑफ चेंज” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पूर्व राज्यसभा सांसद और अर्थशास्त्री नरेंद्र जाधव द्वारा प्रदान किया गया।</p>
<p>नीलेशभाई के जीवन में यह बदलाव तब आया जब उनके पिता किडनी रोग से पीड़ित हुए। उस समय अंगदान को लेकर समाज में गहरा भय, अज्ञानता और धार्मिक भ्रांतियां थीं। इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए उन्होंने वर्ष 2005 से अंगदान के लिए जागरूकता अभियान की शुरुआत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139949/drivers-of-change-to-nilesh-mandawalawala-for-unique-contribution-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-04/b08042025-05.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। अंगदान जागरूकता की लौ जलाए रखने वाले डोनेट लाइफ संस्था के संस्थापक नीलेश मंडलेवाला को उनके दो दशक लंबे अथक प्रयासों के लिए मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह में “ड्राइवर्स ऑफ चेंज” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पूर्व राज्यसभा सांसद और अर्थशास्त्री नरेंद्र जाधव द्वारा प्रदान किया गया।</p>
<p>नीलेशभाई के जीवन में यह बदलाव तब आया जब उनके पिता किडनी रोग से पीड़ित हुए। उस समय अंगदान को लेकर समाज में गहरा भय, अज्ञानता और धार्मिक भ्रांतियां थीं। इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए उन्होंने वर्ष 2005 से अंगदान के लिए जागरूकता अभियान की शुरुआत की।</p>
<p>आज, नीलेशभाई और उनकी संस्था डोनेट लाइफ पूरे वर्ष 24x7x365 आधार पर स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, श्मशान, ट्रैफिक सिग्नल जैसे विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, वॉकथॉन, सेमिनार, पतंग महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से जन-जागरूकता फैला रहे हैं।</p>
<p>डोनेट लाइफ ने अब तक सूरत और दक्षिण गुजरात से कुल 1315 अंग और ऊतक दान करवाए हैं, जिससे भारत और विदेशों के 1211 से अधिक लोगों को नया जीवन मिला है। संस्था का प्रभाव सिर्फ गुजरात या भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से यूएई, यूक्रेन, रूस, सूडान और बांग्लादेश जैसे देशों के मरीजों को भी जीवनदान मिला है।</p>
<p>साल 2006 में सूरत से किडनी दान से शुरू हुआ यह अभियान आज लीवर, अग्न्याशय, हृदय, फेफड़े, हड्डी, छोटी आंत और हाथ जैसे अंगों के दान तक फैल चुका है।</p>
<p>नीलेश मंडलेवाला को इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। इनमें गुजरात सरकार का सर्वोच्च नागरिक सम्मान "गुजरात गरिमा" पुरस्कार भी शामिल है।</p>
<p>उनकी यह उपलब्धि सिर्फ सूरत ही नहीं, पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है, जिसने अंगदान के क्षेत्र में सामाजिक चेतना और बदलाव की नई मिसाल कायम की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/139949/drivers-of-change-to-nilesh-mandawalawala-for-unique-contribution-in</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/139949/drivers-of-change-to-nilesh-mandawalawala-for-unique-contribution-in</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 19:56:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2025-04/b08042025-05.jpg"                         length="169976"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        