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                <description>Girl child RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बेटियां ईश्वर का उपहार हैं, संस्कारों का विस्तार हैं: योगी आदित्यनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लखनऊ, 24 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ की बधाई देते हुए कहा कि बेटियां ईश्वर का उपहार हैं, संस्कारों का विस्तार हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए अपने बधाई संदेश में कहा कि ‘‘बेटियां ईश्वर का उपहार हैं, संस्कारों का विस्तार हैं।’’</p>
<p>इसी पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘‘आज ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ के अवसर पर सभी माताओं-बहनों का अभिनंदन एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई!’’</p>
<p>योगी ने भरोसा दिलाया, ‘‘डबल इंजन की सरकार ‘सुरक्षा कवच’ के रूप में सदैव मातृशक्ति के साथ है। आपकी प्रगति, उन्नति एवं आपका सशक्तिकरण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/124889/daughters-are-the-gift-of-god--the-expansion-of-rites--yogi-adityanath"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/uttar-pradesh-chief-minister-yogi-adityanath-1.jpg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ, 24 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ की बधाई देते हुए कहा कि बेटियां ईश्वर का उपहार हैं, संस्कारों का विस्तार हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए अपने बधाई संदेश में कहा कि ‘‘बेटियां ईश्वर का उपहार हैं, संस्कारों का विस्तार हैं।’’</p>
<p>इसी पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘‘आज ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ के अवसर पर सभी माताओं-बहनों का अभिनंदन एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई!’’</p>
<p>योगी ने भरोसा दिलाया, ‘‘डबल इंजन की सरकार ‘सुरक्षा कवच’ के रूप में सदैव मातृशक्ति के साथ है। आपकी प्रगति, उन्नति एवं आपका सशक्तिकरण हमारी प्रतिबद्धता है।’’</p>
<p>‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ भारत में हर वर्ष 24 जनवरी को मनाया जाता है जिसकी शुरुआत महिला और बाल विकास मंत्रालय ने वर्ष 2008 में की थी। मोदी सरकार ने विभिन्न पहलों से बाल लिंगानुपात को बढ़ाने और लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए 2015 में 22 जनवरी को अपनी महत्वाकांक्षी ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना शुरू की।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 14:57:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की 10वीं वर्षगांठ को व्यापक स्तर पर मनाएगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय अपनी महत्वाकांक्षी ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की 10वीं वर्षगांठ व्यापक स्तर पर मनाने जा रहा है।</p>
<p>महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>कई हफ्तों तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह बुधवार को यहां विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>इस कार्यक्रम में सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारी भाग लेंगी। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रालयों की उप सचिव और उससे ऊपर के स्तर की महिला अधिकारी भी विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/123944/government-will-celebrate-the-10th-anniversary-of--beti-bachao-beti-padhao--on-a-large-scale"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-05/mother-daugher-family-girl-child-sisters.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय अपनी महत्वाकांक्षी ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की 10वीं वर्षगांठ व्यापक स्तर पर मनाने जा रहा है।</p>
<p>महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>कई हफ्तों तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह बुधवार को यहां विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>इस कार्यक्रम में सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारी भाग लेंगी। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रालयों की उप सचिव और उससे ऊपर के स्तर की महिला अधिकारी भी विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। इनके आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक/कार्यकर्ता और राज्य और जिले के प्रतिनिधियों को भी इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।</p>
<p>इस 10वीं वर्षगांठ का जश्न 22 जनवरी से आठ आठ मार्च तक चलेगा, जिसका समापन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर होगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को 22 जनवरी, 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था। यह अभियान लिंग असंतुलन और घटते बाल लिंग अनुपात की चिंताजनक स्थितियों के जवाब में शुरू किया गया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 20:40:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रसव का कष्टदायक अनुभव स्तनपान को कैसे करता है प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लिंकन (ब्रिटेन), पांच जनवरी (द कन्वरसेशन) बच्चे को जन्म देना बहुत खुशी का पल होता है। लेकिन कुछ माताओं के लिए, बच्चे को जन्म देने का अनुभव कष्टप्रद हो सकता है और मानसिक आघात का कारण बन सकता है।</p>
<p>प्रसव पीड़ा शारीरिक जटिलताओं और मनोवैज्ञानिक विकार दोनों का कारण हो सकती है। अक्सर ऐसा तब होता है जब माताएं प्रसव के दौरान खुद को असमर्थ महसूस करती हैं।</p>
<p>शोध से पता चलता है कि तीन में से एक माता को बच्चे को जन्म देने का अनुभव आघातपूर्ण लगता है, तथा लगभग चार प्रतिशत माताओं में प्रसवोत्तर तनाव विकार (पीटीएसडी) विकसित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/118060/how-does-the-painful-experience-of-childbirth-affect-breastfeeding"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/hand-parent-care-baby-kid-child-help.jpg" alt=""></a><br /><p>लिंकन (ब्रिटेन), पांच जनवरी (द कन्वरसेशन) बच्चे को जन्म देना बहुत खुशी का पल होता है। लेकिन कुछ माताओं के लिए, बच्चे को जन्म देने का अनुभव कष्टप्रद हो सकता है और मानसिक आघात का कारण बन सकता है।</p>
<p>प्रसव पीड़ा शारीरिक जटिलताओं और मनोवैज्ञानिक विकार दोनों का कारण हो सकती है। अक्सर ऐसा तब होता है जब माताएं प्रसव के दौरान खुद को असमर्थ महसूस करती हैं।</p>
<p>शोध से पता चलता है कि तीन में से एक माता को बच्चे को जन्म देने का अनुभव आघातपूर्ण लगता है, तथा लगभग चार प्रतिशत माताओं में प्रसवोत्तर तनाव विकार (पीटीएसडी) विकसित हो जाता है। इस मानसिक आघात के कारण थकावट, भावनात्मक तनाव, तथा शारीरिक रूप से स्वस्थ होने में लम्बा समय लग सकता है।</p>
<p>बच्चों को जन्म देने के समय का अनुभव स्तनपान को भी प्रभावित कर सकता है। मेरे शोध में पाया गया है कि जो माताएं अपनी चिकित्सकीय देखभाल से संतुष्ट थीं और अपने प्रसव के अनुभव को सकारात्मक रूप से लेती थीं, उनके द्वारा अपने बच्चों को स्तनपान कराने की संभावना अधिक होती थी। इन माताओं द्वारा अपने शिशु के पहले जन्मदिन के बाद भी स्तनपान जारी रखने की संभावना अधिक थी।</p>
<p>दूसरी ओर, जिन माताओं को प्रसव के दौरान परेशानी का अनुभव हुआ, उनमें स्तनपान कराने या लम्बे समय तक स्तनपान जारी रखने की संभावना कम थी।</p>
<p>कष्टदायक प्रसव से शुरुआती जुड़ाव में बाधा आ सकती है, जिससे माताएं भावनात्मक रूप से अलग महसूस कर सकती हैं। कुछ माताएं बताती हैं कि वे बिना किसी भावनात्मक जुड़ाव के अपने बच्चे की देखभाल कर रही हैं।</p>
<p>शारीरिक चुनौतियों का भी असर हो सकता है। दर्द, थकान और सीमित गतिशीलता के कारण शिशु को सही स्थिति में रखना या स्तनपान कराना मुश्किल हो सकता है।</p>
<p>जिन माताओं को अधिक प्रसव पीड़ा होती है, उन्हें स्तनपान कराने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन कई रणनीतियां इन चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकती हैं।</p>
<p>प्रसवोत्तर देखभाल के केवल शारीरिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, ये पेशेवर अपने रोगियों के सामने आने वाली भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों पर भी विचार करते हैं।</p>
<p>परामर्श या सहकर्मी समूहों के माध्यम से भावनात्मक समर्थन माताओं को कष्टप्रद अनुभवों से निपटने में मदद कर सकता है और अकेलेपन को कम कर सकता है।</p>
<p>आघात के बाद मातृत्व</p>
<p>मातृत्व की यात्रा को एक दर्दनाक शुरुआत से परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p>स्तनपान से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, लेकिन लंबे समय में मां-बच्चे के बीच संबंध के लिए यह जरूरी नहीं है। हाल में हुए शोधों से पता चलता है कि स्तनपान कराने वाली और ‘फॉर्मूला’ दूध पिलाने वाली माताओं के बीच संबंध की गुणवत्ता में कोई खास अंतर नहीं होता है।</p>
<p>‘फॉर्मूला’ दूध में मां के दूध की तरह प्रोटीन, शर्करा, वसा और विटामिन के मिश्रण का इस्तेमाल किया जाता है।</p>
<p>जन्म के समय होने वाला आघात निस्संदेह एक कठिन शुरुआत है। हालांकि, सही परामर्श के साथ माताएं ठीक हो सकती हैं, आत्मविश्वास हासिल कर सकती हैं और अपने शिशुओं के साथ मजबूत जुड़ाव बना सकती हैं - चाहे स्तनपान के माध्यम से हो या अन्य तरीकों से।</p>
<p>माताओं की सहायता के लिए सकारात्मक चिकित्सकीय देखभाल और प्रसव के समय के आघात को समझना जरूरी है। इससे उन्हें चुनौतीपूर्ण शुरुआत से मातृत्व के एक संतोषजनक अनुभव की ओर बढ़ने में मदद मिल सकती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jan 2025 18:20:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान : कुछ दिन पहले सड़क किनारे मिली नवजात बच्ची की नाबालिक माँ को पुलिस ने हिरासत में लिया</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस ने नाबालिग बच्ची की मां को भी गिरफ्तार कर पूछताछ की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>कुछ दिन पहले राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक नवजात बच्ची सड़क के किनारे मिली थी। ग्रामीणों ने नवजात को देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी और पुलिस की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने इस मामले में बच्ची को जन्म देने वाली नाबालिग लड़की को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने नाबालिग बच्ची की मां को भी गिरफ्तार कर पूछताछ की है।</div><div><br /></div><h2>20 अक्टूबर को सड़क किनारे मिली थी एक नवजात बच्ची</h2><div><br /></div><div>मिली जानकारी के अनुसार धोरीम इलाके में 20 अक्टूबर को एक नवजात बच्ची को सड़क किनारे रोते हुए देखा गया। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी और बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि 17 साल की नाबालिग लड़की ने इस बच्चे को जन्म दिया है। उसके बाद बच्ची के परिजन नवजात बच्ची को सड़क किनारे छोड़ गए। इस मामले में पुलिस ने नाबालिग लड़की की मां को पुलिस संरक्षण में ले लिया। पुलिस ने नाबालिग की मां को गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ ड्राइवर और नर्स से भी पूछताछ की जा रही है।</div><div><br /></div><h2>पुलिस ने कराया बच्ची और माँ का डीएनए टेस्ट</h2><div><br /></div><div>पुलिस जांच अधिकारी ने बताया है कि नाबालिग लड़की की शादी कम उम्र में कर दी गई थी। लड़की अपने मायके में रहती थी। इन सबके बीच नौ बच्ची को प्रेग्नेंसी हुई। नाबालिग बच्ची के पेट में दर्द होने पर किराए की कार लेकर सांचोर चली गई। इन सबके बीच रास्ते में उसने एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के जन्म के बाद नाबालिग बच्ची और उसकी मां ने नवजात को सड़क पर फेंक दिया। पुलिस इस मामले में ड्राइवर और नर्स से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने नाबालिग मां और नवजात का डीएनए टेस्ट किया है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83760/rajasthan-a-few-days-ago-the-minor-mother-of-a-newborn-girl-found-on-the-roadside-was-taken-into-custody-by-the-police</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Oct 2022 21:59:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : सौतेले बाप ने ही बनाया हवस का शिकार, 11 साल की बच्ची को किया गर्भवती</title>
                                    <description><![CDATA[मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने राक्षसी पिता को हिरासत में लिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>आज के समय में लड़कियों के साथ होने वाले दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामलों में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। आज के समय लड़कियां समाज तो दूर घर में भी सुरक्षित नहीं है। गुजरात के खेड़ा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इस बात को सही साबित कर दिया कि लड़कियों को घर में भी बहुत चौकन्ना रहने की जरुरत है। दरअसल खेड़ा के मातर में 11 वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाला और कोई नहीं बल्कि उसी का सौतेले पिता था। मामले की जानकारी सामने आते ही इलाके में हडकंप मच गया और घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने सौतेले पिता को हिरासत में ले लिया।</div><div>इस संबंध में प्राप्त विवरण के अनुसार मूल रूप से पाटन के राधनपुरा के निवासी मुस्तफा हनीफमियां मियां पिछले 8 महीने से मटर एम्पायर फार्म हाउस परिवार के साथ फार्म हाउस के केयरटेकर का काम कर रहे थे। मुस्तफा अपनी पत्नी और अपनी पत्नी के पूर्व पति से पैदा हुई बेटियों के साथ-साथ अपने छोटे बेटे के साथ रह रहा था। एक दिन अचानक मुस्तफा की पत्नी की 11 वर्षीय बेटी के पेट में दर्द हुआ और उसे इलाज के लिए नडियाद सिविल अस्पताल ले जाया गया। जब डॉक्टर ने जाँच में पाया कि वह लड़की गर्भवती है तो अस्पताल के अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।</div><div>जानकरी के अनुसार पीड़िता की मां की पहली शादी गोधरा में हुई थी। संतान में उनकी 3 बेटियां थीं। तीनों बेटियों के पालन-पोषण और भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने मुस्तफा से दूसरी शादी की थी। माता ने जिस शख्स परअपनी बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी सौपी उसने ही सिर्फ 11 साल की बेटी के साथ बार बार-बार रेप कर उसे गर्भवती कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक पीडिता 11 हफ्ते की गर्भवती है। जब बेटी ने इस बारे में बताया कि मां की गैर मौजूदगी में उसके सौतेले पिता ने पांच महीने तक उसके साथ बार-बार बलात्कार किया। ये जानने के बार तो मां के कदमों तले जमीन खिसक गई और मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/68187/gujarat-step-father-made-a-victim-of-lust-made-11-year-old-girl-pregnant</link>
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                <pubDate>Sun, 02 Jan 2022 20:28:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>अफगानिस्तान : पेट की आग के आगे बेबस पिता, परिवार पालने के लिए अपनी मासूम बेटी का किया सौदा</title>
                                    <description><![CDATA[अफगानिस्तान के राहत शिविर में रहने वाले अब्दुल मलिक ने परिवार को सहारा देने के लिए अपनी 9 वर्षीय एक मासूम बेटी को बेच दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अफगानिस्तान से लगातार दुखद खबरें सामने आ रही है। हाल ही में एक अफगान पिता ने परिवार को सहारा देने के लिए अपनी 9 वर्षीय एक मासूम बेटी को बेच दिया। 55 वर्षीय को बेचते समय पिता की आंख भर आई। उसने कहा, यह तुम्हारी दुल्हन है, उसका ख्याल रखना, इसे मारना मत।</div><div>आपको बता दें कि कैंप में अब्दुल मलिक नाम का शख्स अपने 8 सदस्यों के परिवार के साथ रहता है। अब्दुल मलिक ने पिछले महीने कहा था कि उनकी 9 साल की बेटी परवाना मलिक को 55 साल के एक शख्स को बेच दिया गया है। अब्दुल के पास अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पैसे नहीं बचे थे, इसलिए उसने अपनी बेटी के साथ सौदा किया। अब्दुल के परिवार में 8 लोग हैं और सभी राहत शिविरों में रहते हैं। परिवार को जिंदा रखने के लिए बेटी को बेच दिया है। इससे पहले अब्दुल मलिक ने अपनी 12 साल की बेटी को भी बेचा था। खाने के लिए पैसे नहीं होने के कारण उसने अब इसे दूसरी लड़की को बेच दिया है।</div><div>इस मामले पर परिजनों ने कहा कि उनके पास और कोई चारा नहीं है। ऐसे कई बेसहारा परिवारों को जीवित रहने के लिए अपनी बेटियों को बेचने के लिए मजबूर है। अफगानिस्तान में कई परिवार ऐसे हैं जिन्हें अपनी बेटियों को बेचने के लिए मजबूर किया गया है। वहीं परवाना ने कहा कि मेरे पिता के पास न रोटी है, न चावल, न आटा। इसलिए उन्होंने मुझे एक बूढ़े आदमी को बेच दिया है। साथ ही उसके पिता अब्दुल ने कहा कि वह अपनी बेटी को बेचने के अपराधबोध से रात को सो भी नहीं पाते।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/84324/afghanistan-father-helpless-in-front-of-stomach-fire-made-a-deal-for-his-innocent-daughter-to-raise-a-family</link>
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                <pubDate>Wed, 03 Nov 2021 16:03:03 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>झारखंड : दोस्तों के साथ शराब पीने के लिए इस पिता ने बेच दी अपनी 28 दिन की नवजात बेटी</title>
                                    <description><![CDATA[मामला पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड के मेरेलगाड़ा गांव का मामला, मामला सामने आने पर आरोपी फरार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>इस दुनिया में माँ-बाप के लिए उसकी औलाद से बढ़कर कोई जमापूंजी नहीं होती और किसी बच्चे के लिए उसके माँ-बाप से बढ़कर कोई नहीं होता लेकिन कभी कभार ऐसी ख़बरें सुनने को मिल जाती है जो इस रिश्ते को तारतार कर देती है। एक ऐसा ही मामला पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड के मेरेलगाड़ा गांव फिर सामने आया है जहाँ एक पिता ने ही चार दिन पहले अपनी नवजात बेटी का सौदा महज 30 हजार रुपये में कर डाला।</div><div>जानकारी के अनुसार, नोवामुंडी प्रखंड के मेरेलगाड़ा गांव में रहने वाले और पेशे से ड्राइवर बुधवराम चतोम्बा ने मात्र दोस्तों के साथ शराब पार्टी करने के लिए अपनी 28 दिन की का सौदा कर डाला। ग्रामीणों से इसकी जानकारी मिलने पर परम बालजोड़ी के मानकी सुरेंद्र चतोम्बा और गांव के मुंडा (मुखिया) जयराम बारजो जब बुधराम के घर पहुंचे तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। जैसे ही आरोपी पिता ने मानकी और मुंडा के साथ ग्रामीणों को देखा वो फरार हो गया। लोगों की माने तो चार दिन पहले दो पत्नी और नौ बच्चे वाले आरोपी बुधराम के घर एक पुरुष और तीन महिलाएं आये थे। आरोपी पति अपनी 28 दिन की बेटी को उन्हें ये कहते हुए दे दिया कि पहले से इतने सारे बच्चे है, उन्हें पालना मुश्किल हो रहा है। ये सौदा तीस हजार रुपये में हुआ था। पैसे का लेनदेन कब और कहां हुआ इसकी जानकारी आरोपी के अलावा किसी को नहीं है। लोगों का तो ये भी कहना है कि गर्भ में ही बुधराम ने सौदा कर लिया था।</div><div>पत्नी उन्वासी ने बताया पैसे मिलने के बाद उसका पति घर के खर्च के लिए पैसा न देकर दोस्तों के साथ हड़िया (शराब) पीने और पिलाने में खर्च कर रहा है। बुधराम की पहली पत्नी जानिका चातोंबा से छह बेटियां हैं, जबकि उन्वासी से तीन बेटी और एक बेटा हैं। इसमें से एक मासूम को बेच दिया गया। बड़ी बेटी रश्मि चातोंबा 4 वर्ष, सुनिका चातोंबा 3 वर्ष, कृष्णा चातोंबा दो वर्ष के हैं।</div><div>गाँव के बड़े लोगों का मानना है कि बच्चा बेचना कानूनन अपराध है और बुधराम ने अपराध किया है। उसको हर हाल में सजा मिलना चाहिए। साथ ही पैसे देकर किसी की बच्ची लेना गलत है। बच्ची को गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए थी। ऐसे में बच्चा खरीदने वाले भी दोषी हैं और दोनों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल आरोपी फरार चल रहा है और उसकी खोजबीन चल रही है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/82773/jharkhand-this-father-sold-his-28-day-old-newborn-daughter-to-drink-with-friends</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Aug 2021 09:28:48 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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