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                <title>राजकोट : इस परिवार की अनोखी पहल, बेटी के जन्म पर बांट रहे है रामचरितमानस</title>
                                    <description><![CDATA[बेटी के जन्म पर पिता ने खर्चे अपनी पगार, समाज को दे रहे अनोखी सीख]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/87619/rajkot-unique-initiative-of-this-family-ramcharitmanas-is-distributing-on-the-birth-of-daughter"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/1519_1.png" alt=""></a><br /><div>किसी भी परिवार में किसी नए सदस्य के आने की ख़ुशी ही कुछ और होती है। हर कोई इस मौके पर जश्न मनाता है। आमतौर पर परिवार में किसी नए सदस्य के जन्म के बाद लोग अपने रिश्तेदारों का मुंह मीठा करते हैं, एक दुसरे को मिठाई खिलाते है। ऐसे में राजकोट में एक पोपट परिवार ने इस पारंपरिक परंपरा से परे कुछ नया करने की सोची। उन्होंने अपनी बेटी के जन्म की खुशी में अपने रिश्तेदारों को रामचरित मानस देने का फैसला किया है।</div><div>इस पर खुशी जाहिर करते हुए बेटी रुद्री की मां हिमानी बेन ने कहा कि मिठाई बांटने से कुछ पल के लिए मुंह मीठा हो सकता है। लेकिन अगर हम किसी के जीवन को हमेशा के लिए मधुर बनाना चाहते हैं, तो उन्हें मानस पढने के लिए प्रेरित करना चाहिए और हमने इसी इरादे से रामचरित मानस बांटने का फैसला किया है। ये पढ़ने वालों के स्वभाव और उनके रिश्ते में हमेशा के लिए मिठास फैलाएगा। रामचरित मानस को पढ़ने से पढ़ने वाले के जीवन में अद्भुत परिवर्तन आएगा।</div><div>उन्होंने आगे कहा कि आज एकल परिवारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में रामचरित मानस पारिवारिक संबंधों को कैसे व्यवस्थित रखा जाए, इसकी पूरी जानकारी देता है। ससुर, ससुर, दामाद और ससुर इस बात पर गहराई से विचार करते हैं कि रिश्ता कैसा होना चाहिए।  कहा जाता है कि एक बेटा अपनी मां से सबसे ज्यादा प्यार करता है। वहीं बेटी अपने पिता को सबसे ज्यादा प्यार करती है। ऐसे में एक पिता अपनी बेटी रुद्री के जन्म को अनोखे रूप से मनाने के लिए अपनी पूरी तनख्वाह खर्च कर रामचरित मानस बांटेंगे ।</div><div>बता दें कि इस परिवार द्वारा रामचरित मानस का उपहार राजकोट जिला जेल में, शहर के पुलिस आयुक्त कार्यालय में पुस्तकालय से लेकर शहर भर के सभी थानों के पुस्तकालयों के साथ-साथ विभिन्न संस्थानों के पुस्तकालयों में दिया जाएगा। साथ ही अपनों की मित्र मंडली और धार्मिक संस्थान भी दिए जाएंगे। साथ ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की ओर से रामचरित मानस को प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा।</div><div>गौरतलब है कि आज जब लोग आंख मूंदकर पाश्चात्य संस्कृति की नकल करते हैं और रेस्टोरेंट में पार्टी और केक आदि काटकर हजारों रुपये फूंक देते हैं। ऐसे में इस परिवार ने अपनी बेटी के जन्म को अनोखे रूप से मना कर समाज को एक अच्छी उम्मीद देने की कोशिश की है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजकोट</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Dec 2021 21:50:38 +0530</pubDate>
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                <title>समाज के लिए मिसाल बनी इन अधिकारियों की शादी, आईपीएस तपस्या ने कन्यादान से किया मना, पिता से बोलीं- 'मैं बेटी, कोई दान की चीज नहीं!”</title>
                                    <description><![CDATA[मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की घटना, महिला आईएएस अधिकारी तपस्या परिहार की शादी आईएफएस अधिकारी गर्वित गंगवार से हुई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83136/the-marriage-of-these-officers-became-an-example-for-the-society-ips-tapasya-refused-to-donate-said-to-the-father-i-am-a-daughter-nothing-for-charity"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/3417_1.jpg" alt=""></a><br /><div>समाज में कभी-कभी घटित कोई घटना समाज के लोगों के लिए आदर्श बन जाता है। जब हम ऐसी घटनाओं से रूबरू होते हैं जो समाज का प्रतिबिंब होती हैं, तो हमें खुशी होती है। खासकर जब हम देखते हैं कि महिलाओं के प्रति हमारा नजरिया बदल रहा है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक आईएएस और एक आईएफएस अधिकारियों की शादी हुई थी। महिला आईएएस अधिकारी तपस्या परिहार की शादी आईएफएस अधिकारी गर्वित गंगवार से हुई। हालांकि इस जोड़े ने 6 महीने पहले शादी कर ली थी। इस शादी की खास बात यह है कि आईएएस अधिकारी ने शादी में एक मिसाल कायम की। </div><div>आपको बता दें कि हिन्दू समाज में शादी के दौरान वधु के पिता द्वारा वधु का कन्यादान करने की परंपरा है। तपस्या ने इस प्रथा को स्वीकार नहीं किया और अपने पिता को कन्यादान न करने को कहा। तपस्या ने समझाया कि मैं कोई दान करने वाली वस्तु नहीं आपकी बेटी हूं। तपस्या परिहार और गरवित गंगवार दोनों ट्रेनिंग के दौरान मिले और एक दूसरे को पसंद करने लगे। यूपीएससी परीक्षा में तपस्या परिहार ने 23वीं रैंक हासिल की है। शादी नरसिंहपुर जिले के जोवा गांव में हुई। शादी में दोनों पक्षों के रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए थे।</div><div>तपस्या का बचपन एक संयुक्त परिवार में बड़े शौक से बीता।त पस्या बचपन से ही कन्यादान के खिलाफ थीं। उनका मानना है कि बेटी दान की चीज कैसे हो सकती है। कोई उनकी इच्छा के बिना उनका दान कैसे कर सकता है! यह बात उन्होंने अपने परिवार को बताई तो वे कन्यादान नहीं करने को राजी हो गए। उनके पति आईएफएस गर्वित गंगवार का परिवार भी उनकी बात से सहमत हो गया। तपस्या ने कहा कि जब दो परिवार आपस में मिलकर विवाह करते हैं तो फिर बड़ा-छोटा या ऊंचा-नीचा होना ठीक नहीं। क्यों किसी का दान किया जाए? जब मैं शादी के लिए तैयार हुई तो मैंने भी परिवार के लोगों से चर्चा कर कन्यादान की रस्म को शादी से दूर रखा। ओशो भक्त तपस्या के पिता विश्वास परिहार कहते हैं कि बेटे और बेटी में कोई अंतर न हो। बेटियों को दान करके उनके हक और सम्पत्ति से वंचित नही किया जा सकता।  परिवार वालों ने कहा कि बेटी को हमेशा पूरे परिवार ने प्यार किया है। परिवार के सभी सदस्य खुश हैं। अभी उसकी खुशी ही हमारी खुशी है। ये बेटी को दान करके उनके हक से उन्हें वंचित करती हैं। बेटियों के मामले में दान शब्द ही उन्हें ठीक नहीं लगता।</div><div>इस बड़े फैसले के बारे में तपस्या ने कहा, "मुझे बचपन से ही ऐसी परंपरा पसंद नहीं हैं। परंपरा के नाम पर महिलाओं के खिलाफ अत्याचार ने मुझे आहत किया है। इस सब में मेरे परिवार का बहुत सहयोग रहा। मैंने अपने परिवार और अपने ससुराल को मना लिया। इस तरह हमने मिलकर कन्यादान की पुरानी परंपराओं को तोड़ दिया।"</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Dec 2021 22:20:37 +0530</pubDate>
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                <title>सूरत : इस परिवार ने पेश की अनोखी मिसाल, बेटे की शादी में किया विभिन्न सामाजिक संस्थान में दान</title>
                                    <description><![CDATA[जय जवान नागरिक समिति, सौराष्ट्र पटेल केलवानी मंडल और डायमंड एसोसिएशन द्वारा संचालित अस्पताल जैसी संस्थानों को दिया दान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/72758/surat-this-family-set-a-unique-example-donated-to-various-social-institutions-in-son-s-marriage"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/1120_1.png" alt=""></a><br /><div><div>आज कल जहां अमीर लोग शादियों पर करोड़ों खर्च कर रहे हैं, वहीं मोटा वराछा रिवरव्यू हाइट्स में रहने वाले राबडिया परिवार के रमेशभाई के बेटे जिल ने अपनी शादी में राष्ट्रीय सेवा, शैक्षिक सेवा और स्वास्थ्य सेवा के लिए दान देकर समाज के लिए एक नेक उदाहरण पेश किया है।</div><div>आपको बता दें कि वेडरोड दाभोली के केके फार्म में राबडिया परिवार ने तमिलनाडु में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हुए जवानों के परिवारों के लिए जय जवान नागरिक समिति को 25 हजार रुपये, सौराष्ट्र पटेल केलवानी मंडल को शैक्षिक उद्देश्यों के लिए 25 हजार रुपये और बहुत ही मामूली दर पर स्वास्थ्य सुविधा देने वाले डायमंड एसोसिएशन द्वारा संचालित अस्पताल को 30 बहनों की डिलीवरी के लिए 51 हजार रुपये का दान दिया है।</div><div>इसके अलावा जब सौराष्ट्र पटेल सेवा समाज वर्ष 2021 को पारिवारिक बचत वर्ष के रूप में मनाते हुए अपने ही परिवार में नवविवाहित दुल्हन ने मैच्योरिटी पर 25 लाख रुपये की एफडी प्राप्त कर एक नई मिसाल कायम की है।</div><div>नवविवाहितों के जीवन में समृद्ध होने के लिए सौराष्ट्र पटेल सेवा समाज के उपाध्यक्ष सावजी वेकारिया, जय जवान नागरिक समिति के पूर्व विधायक प्रफुल्ल पंसेरिया, वराछा बैंक भवन नवपारा के अध्यक्ष मुकेश चौटिया, सौराष्ट्र पटेल केलवानी मंडल के अध्यक्ष डॉ। सी।एम। वघानी, डायमंड हॉस्पिटल के चेयरमैन सीपी वनानी, धनजी जदाफिया ने दूल्हा-दुल्हन को वेद संहिता भेंट की।</div></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Dec 2021 22:01:08 +0530</pubDate>
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                <title>गुजरात : शादी में बेटी को सोलर पैनल भेंट की, बिजली के बिल से मिलेगा राहत!</title>
                                    <description><![CDATA[परिवार के लिए उपयोगी और पर्यावरण के लिए भी लाभदायक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68063/gujarat-presented-solar-panels-to-daughter-in-marriage-will-get-relief-from-electricity-bill"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/9390_1.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">आम तौर पर किसी की शादी में सारिक होने वाले लोग नवदंपति को घर उपयोगी तोहफे देते है पर आज कल लोगों की रचनात्मकता का असर है कि लोग इसमें भी कुछ न कुछ नया करने की कोशिश करते है जो समाज में एक मिसाल बन जाता है। सूरत में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहाँ सूरत में रहने वाले सौराष्ट्र परिवार शादियों सहित कई मौकों पर कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। ऐसे मौकों पर इन परिवारों की ओर से वृक्षारोपण, पुस्तक वितरण, रक्तदान शिविर, तुलसी के पौधों का वितरण जैसी गतिविधियां देखने को मिलती हैं। अब अमरेली जिले के चरण समधियाला गांव के मूल निवासी और सूरत नानसाद रोड पर स्वप्ना विला रेजीडेंसी के रहने वाले कनुभाई हिरानी की बेटी प्रियंका की शादी राधे फार्म सरोवर में हुई थी, जिसमें नवविवाहित जोड़े को तोहफे के रूप में को 3.5 किलो सोलर पैनल दी गई ।</span><br /></div><div>इस बारे में कनुभाई ने कहा, "यह एक ऐसा उपहार है जो मेरी बेटी के परिवार की मदद करेगा। साथ ही पर्यावरण प्रदूषण मुक्त होगा, इसलिए हमने ऐसी चीजें उपहार में दी हैं जो पर्यावरण के अनुकूल हैं और बेटी के लिए स्थायी रूप से उपयोगी हैं।" साथ ही उन्होंने समाज के अन्य वर्गों में भी इस तरह की जागरूकता पैदा करने की बात कही। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में यदि अन्य परिवार अपनी बेटियों को ऐसे उपहार देना शुरू कर दें, तो उनका ये प्रयास सफल माना जाएंगा।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Nov 2021 18:44:59 +0530</pubDate>
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                <title>उड़ीसा : एक पल में इस महिला ने एक रिक्शा-चालक के नाम कर दी अपनी सारी संपति, जानिए क्या है पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[कटक की 63 वर्षीय महिला मीनती पटनायक ने अपनी जीवनभर की सम्पंती उनका ध्यान रखने वाले परिवार को सौंपा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/79616/orissa-in-a-moment-this-woman-gave-all-her-property-in-the-name-of-a-rickshaw-puller-know-what-is-the-whole-matter"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/7383_1.jpg" alt=""></a><br /><div>एक कहावत है ‘कर भला तो हो भला!’ जिसका शब्दिक अर्थ है कि अगर आप किसी के साथ अच्छा करेंगे, किसी की मदद करेंगे तो आपके साथ भी भला या अच्छा ही होगा पर आज के समय में जहाँ कोई भी बेवजह किसी की मदद नहीं करना चाहता। आज के समय लगभग हर कोई सबसे पहले अपना फायदा देखता है और फिर अगर कोई फायदा दिखता है तो ही किसी की मदद करता है पर हाल ही में हुई एक घटना ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच रखा है। दरअसल उड़ीसा में एक एक गरीब परिवार ने एक बूढ़ी औरत की निस्वार्थ  25 साल सेवा की और अब उस परिवार को इसका अनोखा इनाम मिला है। उड़ीसा में कटक में रहने वाली 63 वर्षीय महिला मीनती पटनायक ने अपनी जीवनभर की सम्पंती उस परिवार के नाम कर दिया जो दुनिया की नजरों में मिसाल बन गया।</div><div>आपको बता दें कि इस रिक्शा चालक और उसके परिवार ने जीवन की हर मुश्किल में इस महिला का साथ दिया है। परिवार से दूर इस मिनाति को इस परिवार ने एक पल के लिए भी अकेलापन महसूस नहीं होने दिया। जिसके चलते मीनती पटनायक ने अपना तीन मंजिला मकान रिक्शा चालक के नाम ट्रांसफर कर दिया है। उन्होंने इस रिक्शा चालक को अपना कीमती सामान भी सौंप दिया है। इस बारे में मीनती ने कहा कि उनके पति कृष्ण कुमार को कैंसर था और पिछले साल जुलाई में उनकी मृत्यु हो गई थी। पति के जाने के बाद उनके जीवन का एकमात्र आधार उनकी बेटी थी। इस साल जनवरी में उसे भी एक दुर्घटना में आग लग गई और बाद में दिल का दौरा पड़ने से उसकी मृत्यु हो गई। एक साल से भी कम समय में दो भीषण हादसों में वो भीतर से टूट गई। इस समय भी उस समय परिवार ने उसना साथ नहीं छोड़ा।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Odisha: A 63-year-old widow has donated all her properties worth about Rs 1 crore to a rickshaw puller in Cuttack<br /><br />"After my husband &amp; daughter died in quick succession, Budha Samal &amp; his family have been taking care of me so I'm giving him my properties," Minati Patnaik says <a href="https://t.co/9djGEnn8jn">pic.twitter.com/9djGEnn8jn</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1459907588913463297?ref_src=twsrc%5Etfw">November 14, 2021</a></blockquote> <div>अपने बारे में बताते हुए मीनती ने कहा, "मैं हृदय रोग और हाइपर टेंशन से पीड़ित हूं, लेकिन इस परिवार के बच्चों ने मुझे अवसाद से बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने मेरे स्वास्थ्य का ख्याल रखा और वे अभी भी मेरी दैनिक जरूरतों का ख्याल रखते हैं।" आपको बता दें तीन मंजिला मकान में मीनती पटनायक काफी बेसहारा महसूस करती थी। रिश्तेदार हाल-चाल पूछकर चले गए। लेकिन, रिक्शा चालक बुड्ढा सामल ही हर मुसीबत में उनके साथ जुड़ा हुआ था। उनकी देखभाल करता था। इस परिवार का पूरा ख्याल रखता था। बुड्ढा सामल ने इस परिवार की काफी सेवा की। कोमल को बचपन में स्कूल ले जाने से लेकर उकृष्ण कुमार को दवाई लाकर देना, अस्पताल व बाजार ले जाना आदि तमाम कार्य बुड्ढा समल ही हमेशा करता आ रहा था। लिहाजा, अब महिला ने सारी संपत्ति उस रिक्शा चालक को देने का फैसला किया है। </div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Nov 2021 21:27:19 +0530</pubDate>
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