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                <title>Diwali - Loktej</title>
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                <description>Diwali RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दीपावली उत्सव यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) भारत के प्रमुख उत्सव दीपावली को बुधवार को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया गया। दिल्ली में लाल किले पर आयोजित यूनेस्को की एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया।</p>
<p>यह पहली बार है कि भारत अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (आईसीएच) के संरक्षण के लिए अंतरसरकारी समिति के सत्र की मेजबानी कर रहा है। इस समिति का 20वां सत्र लाल किले में आठ से 13 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>यूनेस्को द्वारा दीपावली उत्सव को प्रतिष्ठित सूची में शामिल किए जाने की घोषणा के बाद ‘वंदे मातरम’</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144502/diwali-festival-included-in-unescos-intangible-cultural-heritage-of-humanity"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/baisakhi-festival.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) भारत के प्रमुख उत्सव दीपावली को बुधवार को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया गया। दिल्ली में लाल किले पर आयोजित यूनेस्को की एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया।</p>
<p>यह पहली बार है कि भारत अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (आईसीएच) के संरक्षण के लिए अंतरसरकारी समिति के सत्र की मेजबानी कर रहा है। इस समिति का 20वां सत्र लाल किले में आठ से 13 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है।</p>
<p>यूनेस्को द्वारा दीपावली उत्सव को प्रतिष्ठित सूची में शामिल किए जाने की घोषणा के बाद ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे हवा में गूंज उठे।</p>
<p>विभिन्न पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकारों ने मुख्य मंच के सामने प्रस्तुति दी और एक बड़ी स्क्रीन पर दीपावली उत्सव के चित्र प्रदर्शित किए गए।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे त्योहार की वैश्विक लोकप्रियता में और वृद्धि होगी।</p>
<p>मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत और दुनिया भर के लोग रोमांचित हैं।”</p>
<p>अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (आईसीएच) के संरक्षण के लिए अंतरसरकारी समिति के 20वें सत्र के दौरान दीपावली के इस सूची में शामिल होने की घोषणा के तुरंत बाद केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने देश की ओर से एक बयान दिया।</p>
<p>यह मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होने वाली भारत की 16वीं सांस्कृतिक परंपरा है।</p>
<p>भारत की 15 सांस्कृतिक परंपराएं वर्तमान में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल हैं, जिनमें कुंभ मेला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, गुजरात का गरबा नृत्य, योग, वैदिक मंत्रोच्चार की परंपरा और रामलीला - महाकाव्य ‘रामायण’ का पारंपरिक प्रदर्शन शामिल हैं।</p>
<p>शेखावत और भारतीय दल के अन्य सदस्यों ने इस अवसर पर पारंपरिक पगड़ी पहनी।</p>
<p>प्रकाश का उत्सव दीपावली भारत के उन चिरस्थायी त्योहारों में से एक है जो अब दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी मनाया जाता है।</p>
<p>इस अवसर पर लोग अपने घरों को पारंपरिक दीयों से सजाते हैं और इमारतों को रोशन किया जाता है, जिससे रात में एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत होता है।</p>
<p>भारत ने 2024-25 के लिए 2023 में यूनेस्को को दीपावली नामांकन का दस्तावेज भेजा था।</p>
<p>शेखावत ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘हर भारतीय के लिए दीपावली बेहद भावनात्मक त्योहार है; इसे पीढ़ियों से मनाया जा रहा है, इसे महसूस किया जाता है और आत्मसात किया जाता है।’’</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दीपावली को इस सूची में शामिल करके ‘‘यूनेस्को ने नवीकरण, शांति और अच्छाई की जीत के लिए शाश्वत मानवीय अभिलाषा का सम्मान किया है।’’</p>
<p>शेखावत ने कहा कि कुम्हारों से लेकर कारीगरों तक लाखों हाथ इस विरासत को जीवित रखते हैं। उन्होंने कहा कि यूनेस्को का यह ‘टैग’ भी एक जिम्मेदारी है और ‘‘हमें सुनिश्चित करना होगा कि दीपावली हमेशा एक विरासत बनी रहे।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों को पता होना चाहिए कि दीपावली राम राज्य यानी सुशासन का त्योहार है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आगामी दीपावली पर लोगों को ‘‘एक अतिरिक्त दीपक जलाना चाहिए, कृतज्ञता का दीपक, शांति का दीपक, मानवता की साझेदारी का दीपक और सुशासन का दीपक।’’</p>
<p>शेखावत ने अपने संबोधन में 'तमसो मां ज्योतिर्गमय' (अंधेरे से मुझे प्रकाश की ओर ले चलो) के संस्कृत मंत्र का उच्चारण किया और इसे 'जय हिंद, भारत माता की जय, राजा राम चंद्र जी की जय' के साथ समाप्त किया।</p>
<p>यहां पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात पाकिस्तानी राजनयिक शोएब सरवर संधू ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘दीपावली के अवसर पर भारत को मेरी हार्दिक बधाई।’’</p>
<p>इससे एक दिन पहले पाकिस्तान के सिंध प्रांत का प्राचीन लोक संगीत वाद्ययंत्र बोरींडो और उसकी धुनें, पैराग्वे की प्राचीन चीनी मिट्टी की शिल्पकला और केन्या के दाईदा समुदाय के म्वाजिंडिका आध्यात्मिक नृत्य को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची (आईसीएच) में शामिल किया गया था।</p>
<p>पेरिस स्थित विश्व निकाय के अनुसार, समिति इस सत्र के दौरान यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने के लिए लगभग 80 देशों द्वारा प्राप्त ‘कुल 67 नामांकनों’ पर विचार करेगी।</p>
<p>मंगलवार को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में बांग्लादेश के तंगेल की पारंपरिक साड़ी बुनाई कला और अफगानिस्तान की बहजाद की लघु चित्रकला शैली को शामिल करने की मंजूरी दी थी।</p>
<p>कई अरब देशों द्वारा नामित ‘बिष्ट’ (पुरुषों द्वारा पहना जाने वाला अबा या गाउन) बनाने के कौशल और तरीकों को भी इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल करने की मंजूरी दी गई।</p>
<p>बुधवार को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में अन्य नई चीजों में इराक से अल-मुहैबी: इससे जुड़ी सामाजिक प्रथाएं और परंपराएं; जॉर्डन से अल-मिहरास वृक्ष: इससे जुड़ा ज्ञान, कौशल और अनुष्ठान; और कुवैत में एक एकीकृत सांस्कृतिक प्रथा दीवानिया को शामिल किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 15:06:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दीपोत्सव 2025 : अयोध्या में पांच देशों के कलाकार करेंगे अंतरराष्ट्रीय रामलीला का भव्य मंचन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या, (उप्र), 14 अक्टूबर (भाषा) अयोध्या में दीपोत्सव के लिए तैयारियां चरम पर हैं और 56 घाटों और मंदिरों पर लाखों दीपों की रोशनी में इस साल पारंपरिक और आधुनिक सजावट और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन इस पावन नगरी की सांस्कृतिक विरासत को और भी समृद्ध करेगा।</p>
<p>एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अयोध्या में एक अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीला का मंचन करेंगे।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की भागीदारी अयोध्या को न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143601/artists-from-five-countries-will-stage-a-grand-international-ramlila"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/5185_ayodhya.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या, (उप्र), 14 अक्टूबर (भाषा) अयोध्या में दीपोत्सव के लिए तैयारियां चरम पर हैं और 56 घाटों और मंदिरों पर लाखों दीपों की रोशनी में इस साल पारंपरिक और आधुनिक सजावट और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन इस पावन नगरी की सांस्कृतिक विरासत को और भी समृद्ध करेगा।</p>
<p>एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अयोध्या में एक अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के कलाकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीला का मंचन करेंगे।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की भागीदारी अयोध्या को न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र भी बनाएगी। इस बार कुल 90 विदेशी कलाकार अयोध्या की पावन भूमि पर अपनी कला और सांस्कृतिक धरोहर के माध्यम से रामकथा को जीवंत रूप में पेश करेंगे। अयोध्या के राम कथा पार्क में इस वर्ष विभिन्न राज्यों की प्रसिद्ध रामलीलाओं का मंचन किया जाएगा।</p>
<p>रूस से आए 15 कलाकार रामलीला के दौरान राम और सीता के स्वयंवर का दृश्य प्रस्तुत करेंगे। रूस के कलाकारों ने इस प्रस्तुति के लिए महीनों की तैयारी की है।</p>
<p>थाईलैंड से आए 10 कलाकार रामलीला में शूर्पणखा और राम-लखन संघर्ष, मारीच से संघर्ष और राम-रावण युद्ध का मंचन करेंगे। थाईलैंड के कलाकारों की पारंपरिक नृत्य-नाट्य शैली इस प्रस्तुति को और भी जीवंत बनाएगी।</p>
<p>इंडोनेशिया के 10 कलाकार रामलीला में लंका दहन और अयोध्या वापसी के दृश्य को अद्भुत ढंग से प्रस्तुत करेंगे।</p>
<p>बयान के अनुसार, नेपाल से आए 33 कलाकार इस बार रामलीला में पहली बार लक्ष्मण पर शक्ति प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले नेपाल की रामलीला मुख्य रूप से मां सीता पर केंद्रित होती थी।</p>
<p>श्रीलंका के 22 कलाकार में से दो कलाकार पहले ही अयोध्या पहुंच चुके हैं। यह टीम रामेश्वर की भूमि पर रावणेश्वरा का दृश्य प्रस्तुत करेगी। श्रीलंका वासी आज भी रावण को ईश्वर की भूमिका में मानते हैं और इस भाव को मंच पर जीवंत रूप से दिखाया जाएगा।</p>
<p>अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय रामलीला 17 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलेगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य न केवल रामलीला की परंपरा को जीवंत रखना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्कृति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करना है।</p>
<p>अयोध्या के 56 घाटों और मंदिरों में लाखों दीपों की रोशनी में यह रामलीला देखने वालों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनेगी।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, इस साल अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंचन, पारंपरिक भारतीय वेशभूषा, लाइटिंग और सेट डिजाइन, सभी दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव होगा। उन्होंने कहा कि विदेशी कलाकारों की प्रस्तुति से न केवल भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान बढ़ेगी, बल्कि अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव की भव्यता और आकर्षण भी दोगुना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 13:48:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका के कैलिफोर्निया में दिवाली के दिन छुट्टी, स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 08 अक्टूबर (वेब वार्ता)। दीवाली का त्योहार जैसे-जैसे करीब आ रहा है, भारत के अलग-अलग हिस्सों में हलचल तेज हो रही है। बाजार और घरों की साफ-सफाई और सजावट शुरू हो चुकी है।</p>
<p>हालांकि, दीवाली के इस त्योहार की जगमगाहट भारत तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भी दीवाली मनाई जाने लगी है। इसी क्रम में अमेरिका के कैलिफोर्निया में दीवाली के दिन छुट्टी की घोषणा की गई है।</p>
<p>मंगलवार को कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने असेंबली बिल 268 पर साइन करके इसे आधिकारिक तौर पर राज्य की छुट्टियों की लिस्ट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143493/school-college-and-government-offices-will-be-closed-on-diwali-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/usa-flag.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन, 08 अक्टूबर (वेब वार्ता)। दीवाली का त्योहार जैसे-जैसे करीब आ रहा है, भारत के अलग-अलग हिस्सों में हलचल तेज हो रही है। बाजार और घरों की साफ-सफाई और सजावट शुरू हो चुकी है।</p>
<p>हालांकि, दीवाली के इस त्योहार की जगमगाहट भारत तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भी दीवाली मनाई जाने लगी है। इसी क्रम में अमेरिका के कैलिफोर्निया में दीवाली के दिन छुट्टी की घोषणा की गई है।</p>
<p>मंगलवार को कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने असेंबली बिल 268 पर साइन करके इसे आधिकारिक तौर पर राज्य की छुट्टियों की लिस्ट में शामिल कर दिया है। इस कानून के तहत कैलिफोर्निया के सरकारी कार्यालय, कम्युनिटी कॉलेज और सरकारी स्कूलों में दीवाली की छुट्टी होगी। इसके अलावा स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को दिवाली के मौके पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति भी मिल गई है।</p>
<p>बता दें कि पेंसिल्वेनिया अमेरिका का पहला राज्य है, जहां दिवाली के मौके पर अवकाश घोषित किया गया था। इसके अलावा कनेक्टिकट और न्यूयॉर्क में भी दिवाली के मौके पर छुट्टी होती है।</p>
<p>पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के पूर्व सलाहकार और सिलिकॉन वैली के प्रसिद्ध उद्यमी और समाजसेवी अजय जैन भूटोरिया ने इस मौके पर कैलिफोर्निया के गवर्नर को धन्यवाद देते हुए कहा, “धन्यवाद गवर्नर न्यूसम, एबी 268 पर हस्ताक्षर करके दिवाली को कैलिफोर्निया का अवकाश बनाने के लिए सीनेट सदस्य अश कालरा और डॉ. दर्शन पटेल को इस विधेयक का समर्थन करने और इसे अंतिम रूप देने, प्रकाश, एकता और हमारे विविध समुदायों का जश्न मनाने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।”</p>
<p>अश कालरा ने पिछले महीने कहा था, “कैलिफोर्निया भारतीय अमेरिकियों की सबसे बड़ी आबादी वाला स्थान है और दिवाली को आधिकारिक राजकीय अवकाश घोषित करने से लाखों कैलिफोर्निया वासियों तक इसका संदेश पहुंचेगा जो इसे मनाते हैं और विविधता से भरे हमारे राज्य में कई लोगों को इसे अपनाने में मदद मिलेगी।”</p>
<p>मॉरीशस में भारी संख्या में भारतीय मूल की आबादी होने की वजह से दीवाली के दिन राष्ट्रीय अवकाश है। इसके अलावा मलेशिया में हरी दीवाली के नाम से दीवाली की छुट्टी होती है। म्यांमार में भी दीवाली के दिन छुट्टी है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 15:36:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वलसाड : रॉकेट मुंह में रखकर आतिशबाजी कर रहे युवक का वीडियो हुआ वायरल</title>
                                    <description><![CDATA[इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रहे हैं युवा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/69266/valsad-video-of-youth-doing-fireworks-with-rockets-in-mouth-went-viral"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/7480_news-loktej10.jpg" alt=""></a><br /><div>दिवाली पर लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। लोगों ने मन खोलकर पटाखे जलाये। इस बीच मुंह में रखकर रॉकेट जला रहे वलसाड के एक युवक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिखाई दे रहा हैं कि युवक मुंह में रखकर राकेट जला रहा है।</div><div><br /></div><h2>सिटी पैलेस के पास की है ये घटना</h2><div><br /></div><div>आपको बता दें कि यह वीडियो वलसाड के सिटी पैलेस के पास का बताया जा रहा था। ये पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और अब इसका वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देखकर ऐसा लगा रहा हैं मानो सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं तो वहीं दूसरों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं।</div><div><br /></div><h2>पहले भी आ चुकी है इस तरह की हरकत के वीडियो</h2><div><br /></div><div>गौरतलब है कि आजकल युवा सोशल मीडिया पर रील लगाकर फेमस होने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इससे पहले भी कई युवाओं के खतरनाक स्टंट करते और हथियारों के साथ करतब दिखाने वाले वीडियो सामने आ चुके हैं। फिर इन रीलों का चलन पुलिस के लिए भी सिरदर्द बन गया है। हालांकि इन सबके सामने पुलिस द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन अभी भी युवा कानून की धज्जियां उड़ाकर अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसे वीडियो बना रहे हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Oct 2022 14:59:01 +0530</pubDate>
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                <title>दीपोत्सव में मनुष्यत्व ही प्रकट होना चाहिए.. : रविंद्र पारेख</title>
                                    <description><![CDATA[<div>आज से प्रारंभ हो रहे नूतन वर्ष की सभी स्वजनों को अनंत शुभकामनाएं । गत वर्ष में अनेक घटनाएं  घटी और उसका अच्छा बुरा प्रभाव भी हम पर पड़ा। हमने कुछ पाया, तो कुछ खोया भी ! मन में खुशी की लहर दौड़ी, तो कहीं पर जलन भी उठीं ! सच तो यह है कि जलना ही किसी न किसी रूप में हमारे  साथ चलता रहा है। यह जलना हमारा चालक बल बनता है, तो कभी यह हम को राख में भी परिवर्तित कर देता है। सच पूछो तो हम सूक्ष्म या स्थूल रूप से कहीं न कहीं अग्नि स्वरूप</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/80811/humanity-should-manifest-itself-in-the-festival-of-lights-ravindra-parekh"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/8584_newsphoto28.jpg" alt=""></a><br /><div>आज से प्रारंभ हो रहे नूतन वर्ष की सभी स्वजनों को अनंत शुभकामनाएं । गत वर्ष में अनेक घटनाएं  घटी और उसका अच्छा बुरा प्रभाव भी हम पर पड़ा। हमने कुछ पाया, तो कुछ खोया भी ! मन में खुशी की लहर दौड़ी, तो कहीं पर जलन भी उठीं ! सच तो यह है कि जलना ही किसी न किसी रूप में हमारे  साथ चलता रहा है। यह जलना हमारा चालक बल बनता है, तो कभी यह हम को राख में भी परिवर्तित कर देता है। सच पूछो तो हम सूक्ष्म या स्थूल रूप से कहीं न कहीं अग्नि स्वरूप ही रहें हैं, और फिर आखरी रूप में अग्नि को ही समर्पित हो जाते हैं।</div><div><br /></div><div><br /></div><div>हम दिवाली में दिये जलाते हैं। वह इस लिए की दीपोत्सव प्रकाश का पर्व है। बीतते वर्ष को और आते हुए वर्ष को हम प्रकाश से संमार्जित करना चाहते हैं। सामान्य तया हमारा पथ सदा प्रशस्त हो ऐसी मनसा हममें बनी रहती हैं। यही कारण है कि क्रिसमस में हम मोमबत्तियाँ जलाते हैं, और आते हुए वर्ष का प्रकाश से सत्कार करते है। वैसे मोमबत्ती जलाकर भी हम प्रशस्त तो अपना ही मार्ग करना चाहते हैं। दोनों त्यौहार वर्ष के आखिर में आते हैं और दोनों में प्रकाश का अपना ही महत्व है। देखा न ! यहाँ भी जलना ही सामने आता है। रूप शायद बदलता हैं, पर जलना ही केंद्र में हैं। जलने का मतलब जलाने तक ही सीमित नहीं है। ऐसा भी नहीं की जलना हर वक्त राख ही करें। दिल जलता है, तो रौशनी नहीं होती, पर जलना भी नहीं होता, ऐसा कोई नहीं कहेगा। </div><div><br /></div><div><br /></div><div>दिया खुद जलता है, पर दूसरों को प्रकाश देता है। मोमबत्ती पिघलती है, पर वह बहुत कुछ बातें प्रकाश में भी लाती है। यह भी है कि दिया आग का कारण बन सकता है। आग में प्रकाश के साथ दाहकता भी होती है, इन दोनों से संभव तो विनाश ही होता है, जो सृजन से विपरीत हैं। जहां तक हो सके हम दाहकता से दूर रहते हैं। सूर्य को हमने भगवान माना है, फिर भी उसे हम घर में नहीं लाते, घर के लिए  तो दिया या मोमबत्ती ही पर्याप्त है। </div><div><br /></div><div><br /></div><div>जरा सोचने पर हम पाते हैं कि अग्नि का भी संयत रूप ही हमे अपेक्षित है। अगर हमे मंद और स्निग्ध रूप चाहिए तो अग्नि को हम दिये पर रख देते हैं। किसी देवी देवता कि प्रार्थना करनी है तो हम अग्नि को आरती पर धर देते हैं, खाना पकाना है तो अग्नि को चूल्हे में छोड़ देते हैं। यही अग्नि घर को जलाकर राख भी कर देता है। अगर युद्ध की ललक बढ़ती है तो मिसाइल्स दाग देते हैं। कहने का तात्पर्य यह है कि दिये से ले कर बम तक में अग्नि ही व्याप्त है, यह हम पर निर्भर करता है कि हम दिये से संतुष्ट होना चाहते हैं या धमाकों में ही हमे जीवन दिखता हैं? </div><div><br /></div><div><br /></div><div>गौर से देखेंगे तो मनुष्य भी अग्नि का ही विभिन्न रूप प्रतीत होता है। कोई मनुष्य दिये जैसा शांत और सौम्य हैं, तो किसी में आरती जैसी पवित्रता और स्निग्धता हैं। किसी में चूल्हे जैसी आग पनपती है, तो किसी में मिसाइल-सी आक्रमकता ठूँसी हुईं हैं। किसी को राख में ही साँसे सुनाई पड़ती हैं। यह हम पर है कि हम स्वयं को दीप-सा प्रकट करना चाहते हैं, या बम-सा आतंक फैलाना ही हमारा एक मात्र लक्ष्य है। आँखें तो रोयेंगी ही, हम तय कर लें, हम पीड़ा बहाना चाहते हैं या हर्ष को प्रवाहित करना चाहते हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Oct 2022 17:59:01 +0530</pubDate>
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                <title>एक बार फिर देश के जवानों के साथ दीवाली मनाने कारगिल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, आठ सालों से जारी है सीमा पर त्यौहार मनाने की परंपरा</title>
                                    <description><![CDATA[सीमा पर जवानों के साथ दिवाली मनाते हुए देश को दी शुभकामनाएं, हर साल अलग अलग सीमाओं पर जाते हैं प्रधानमंत्री मोदी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/81611/once-again-prime-minister-narendra-modi-reached-kargil-to-celebrate-diwali-with-the-soldiers-of-the-country-the-tradition-of-celebrating-the-festival-on-the-border-continues-for-eight-years"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/9418_newsphoto20.jpg" alt=""></a><br /><div>देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में प्रधानमंत्री पद पर काबिज होने के बाद से हर एक कम बिना भूले करते आ रहे हैं और वो हैं सीमा पर जवानों के साथ दिवाली मनाना। साल २०१४ के बाद से ही पीएम मोदी देश के जवानों के साथ दिवाली का पावन पर्व मनाते आ रहे हैं। इस साल भी पीएम मोदी दिवाली मनाने कारगिल पहुंचे हैं। साथ ही पीएम मोदी ने ट्वीट कर देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'सभी को दीपावली की शुभकामनाएं। दिवाली खुशियों और चमक से जुड़ी है। यह पावन पर्व हमारे जीवन में सुख-समृद्धि की भावना का संचार करेगा। मुझे आशा है कि आपके पास परिवार और दोस्तों के साथ एक शानदार दिवाली है।'</div><div><br /></div><h2>सेना को परिवार मानते हैं पीएम मोदी</h2><div><br /></div><div>पीएम मोदी का कहना है कि सेना के जवानों की वजह से हम अपने घरों में सुरक्षित दिवाली मना सकते हैं। यदि वे सीमा पर तैनात नहीं होते, तो शायद हम अपने घरों में बिना डरे दीये नहीं जला पाते और हम इस तरह त्योहार नहीं मना पाते। दिवाली पर हमें मिलने वाली हर खुशी के पीछे कहीं न कहीं बहुत सी जाने की कुर्बानी होती है। इसलिए पीएम मोदी सेना को अपना परिवार मानते हैं और हर बार जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए अपने कैंप में जाते हैं। पीएम मोदी 2014 से लगातार सेना के साथ दिवाली मना रहे हैं।</div><div><br /></div><h2>दिवाली हर साल अलग-अलग जगहों पर मनाई जाती है</h2><div><br /></div><div>साल 2014 में पहली बार पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने सेना के साथ अपनी पहली दिवाली मनाई थी और इस दौरान पीएम मोदी सियाचिन गए थे। इसके बाद पीएम अगले साल यानी 2015 में उन्होंने पाकिस्तान की सीमा से जुड़े पंजाब गए थे और पंजाब बॉर्डर पर दिवाली मनाई थी। इसके बाद 2016 में उन्होंने हिमाचल प्रदेश में सैनिकों के साथ दिवाली मनाई। 2017 में जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा गए थे, जहां उन्होंने ड्यूटी पर तैनात बीएसएफ और सेना के जवानों के साथ दिवाली सेलिब्रेट की। 2018 में पीएम मोदी ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में आइटीबीपी के साथ दिवाली मनाई थी। इसके बाद साल 2019 में जम्मू-कश्मीर के राजौरी और 2020 में राजस्थान के जैसलमेर में दिवाली मनाई। इसके बाद पिछले साल दिवाली के मौके पर पीएम मोदी जम्मू-कश्मीर के ही नौशेरा सेक्टर में जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे थे। इस साल वो कारगिल पर हैं।</div><div><br /></div><h2>हम सीमा पर खड़े हैं, आप खुशी-खुशी दिवाली मनाएं: सेना का देश को संदेश</h2><div><br /></div><div>दिवाली का त्योहार पूरा देश मना रहा है। इस बीच हमारे भारतीय सेना के जवान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर देश की रक्षा करके घर से दूर त्योहार मना रहे हैं। तब भारतीय सेना के जवानों ने जम्मू में एलओसी पर दिवाली मनाई और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इसी के साथ उन्होंने कहा कि आपको घबराने और चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम सीमा पर खड़े हैं। दीपावली मंगलमय हो।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Oct 2022 13:44:02 +0530</pubDate>
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                <title>कारोबार : दिवाली के खास मौके पर आज होगी ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’, जानिए कब खुलेगा बाजार</title>
                                    <description><![CDATA[शेयर बाजार के निवेशकों के लिए भी दिवाली का त्योहार बेहद शुभ, शाम को लक्ष्मी पूजन के बाद एक घंटे तक होती है मुहूर्त ट्रेडिंग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/79474/business-muhurta-trading-will-happen-today-on-the-special-occasion-of-diwali-know-when-the-market-will-open"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/5643_newsphoto18.jpg" alt=""></a><br /><div>आज पूरे देश में रोशनी का त्योहार दिवाली बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस विशेष दिन पर, लोग देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं और पूरे वर्ष अपने घरों में धन और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। शेयर बाजार के निवेशकों के लिए भी दिवाली का त्योहार बेहद शुभ है। हालांकि इस दिन शेयर बाजार बंद रहता है, लेकिन दिवाली पर शाम को लक्ष्मी पूजन के बाद एक घंटे तक मुहूर्त ट्रेडिंग की जाती है। एक घंटे के अंदर निवेशक शेयर बाजार में ढेर सारा पैसा लगा देते हैं और अपना निवेश शुरू कर देते हैं। अगर आप भी दिवाली के पावन अवसर पर मुहूर्त ट्रेडिंग में हिस्सा लेना चाहते हैं तो हम आपको इसके पूरे कार्यक्रम की जानकारी दे रहे हैं।</div><div><br /></div><h2>बहुत शुभ माना जाता है मुहूर्त व्यापार</h2><div><br /></div><div>आपको बता दें कि विक्रम संवत् 2079 के शुभारंभ के अवसर पर दीपावली के दिन देश के प्रमुख शेयर बाजारों बीएसई (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में मुहूर्त कारोबार इस वर्ष एक घंटे शाम 6.15 बजे से लेकर 7.15 बजे तक का होगा। शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा करीब 50 साल पुरानी है। हिंदू धर्म के अनुसार दिवाली के दिन से कोई भी निवेश शुरू करना बहुत शुभ माना जाता है। मुहूर्त ट्रेडिंग के दिनों में निवेशक कम निवेश करते हैं और अधिक निवेश करते हैं। इस साल मुहूर्त ट्रेडिंग बेहद खास है क्योंकि इस साल शनिवार और रविवार को धनतेरस पड़ रहा है। ऐसे में निवेशक इस दिन शेयर बाजार में निवेश नहीं कर सकते हैं। दिवाली के दिन एक घंटे में शेयर बाजार के काफी मजबूत रहने की उम्मीद है।</div><div><br /></div><div><br /></div><div>शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग शुरू होने से पहले गणेश-लक्ष्मी की पूजा की जाती है। स्टॉक एक्सचेंज के सदस्य इस पूजा में भाग लेते हैं। इसके बाद फिर से मुहूर्त का कारोबार शुरू होता है। उम्मीद है कि पीक ट्रेडिंग ऑवर्स के दौरान स्टॉक 60,000 का आंकड़ा पार कर जाएगा। बीएसई के अनुसार, 24 अक्टूबर को शाम छह बजे से प्री ओपन सत्र शुरू होगा जो 6.08 बजे समाप्त होगा। इसके बाद आम निवेशकों के लिए 6.15 बजे से कारोबार की शुरूआत होगी जो एक घंटे तक 7.15 बजे तक चलेगा। दिवाली के दिन निवेश को शुभ माना जाता है और इस दिन अधिकांश बड़े निवेशक या कंपनियां शेयर बाजार में खरीद बेच करती है।</div><div><br /></div><h2>संवत 2078 में इतनी बढ़ी निवेशकों की दौलत</h2><div><br /></div><div>हिंदू कैलेंडर वर्ष के मुताबिक संवत 2078 में सेंसेक्स 456 अंक गिरकर 59,307.15 अंक पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 253 अंक फिसलकर 17,576.30 के स्तर पर बंद हुआ। संवत 2078 में शेयर बाजार के निवेशकों की दौलत 11.3 लाख करोड़ रुपये बढ़ी। एक वर्ष में बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 11.3 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 274.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ा। ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि संवत 2078 पिछले सात सालों में भारतीय बाजारों के लिए सबसे खराब साल रहा।</div><div><br /></div><h2>एक साल में शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया</h2><div><br /></div><div>पिछले साल दिवाली के दिन 4 नवंबर 2021 को मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन किया गया था। शेयर बाजार के लिए दिन बहुत अच्छा रहा। आज के दिन सेंसेक्स ने 60 हजार का आंकड़ा पार किया था। वहीं निफ्टी 17,921 पर बंद हुआ। वहीं, पिछले एक साल में शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।</div><div><br /></div><div>महंगाई, कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध, रुपये की गिरती कीमतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते शेयर बाजार में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। शुक्रवार को सेंसेक्स 104.25 अंक ऊपर 59,307.15 पर बंद हुआ था।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 24 Oct 2022 12:08:21 +0530</pubDate>
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                <title>दिवाली से पहले इस बैंक ने दिया अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा, FD पर ब्याज दरों में की वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों को दिवाली से पहले बड़ा तोहफा देते हुए एक निश्चित अवधि के लिए पेश किया ये प्लान ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><span style="font-size:1rem;">भारतीय स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों को दिवाली से पहले बड़ा तोहफा दिया है। बैंक ने एक निश्चित अवधि के लिए FD पर ब्याज दरों में 0.8 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। स्टेट बैंक की वेबसाइट के मुताबिक, विभिन्न अवधियों के लिए दरों को 0.25 फीसदी से बढ़ाकर 0.8 फीसदी किया गया है। ये नई दरें 22 अक्टूबर से प्रभावी होंगी। बैंक ने एक हफ्ते में दूसरी बार FD दरों में बढ़ोतरी की है।  इस अवधि के दौरान सावधि जमा पर दरों में 0.9 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई।</span><br /></div><div><br /></div><h2>FD पर कितनी बढ़ी दर?</h2><div><br /></div><div>बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस बढ़ोतरी से 211 दिन से ज्यादा लेकिन एक साल से कम की अवधि के लिए दो करोड़ रुपये से कम की जमा पर 5.50 फीसदी ब्याज लगेगा, जो पहले 4.70 प्रतिशत था। अन्य परिपक्वताओं के लिए ब्याज दर 0.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.60 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं, 7 से 45 दिनों की अवधि के लिए जमा पर ब्याज को तीन प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया है। 46 दिनों की अवधि के लिए 179 दिनों के लिए FD पर ब्याज दर 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.5 प्रतिशत कर दी गई है। वहां 180 दिन से 210 दिन की अवधि के लिए FD की दरों को 4.65 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, 5 साल से 10 साल की अवधि के लिए दर 5.85 फीसदी से बढ़ाकर 6.1 फीसदी कर दी गई है।</div><div><br /></div><h2>वरिष्ठ नागरिकों को भी मिली राहत</h2><div><br /></div><div>बढ़ती महंगाई के बीच वरिष्ठ नागरिकों को भी राहत मिली है।  46 दिनों की अवधि के लिए 179 दिनों के लिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए जमा दर को 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं 180 दिन से 210 दिन की अवधि के लिए जमा पर दर को 5.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.75 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, 211 दिनों से लेकर 1 साल से कम की अवधि के लिए जमा पर दर को 5.2 फीसदी से बढ़ाकर 6 फीसदी कर दिया गया है। वहीं एक साल से ज्यादा और दो साल से कम की जमा पर ब्याज दर अब 6.1 फीसदी से बढ़कर 6.6 फीसदी हो गई है।  2 साल से ज्यादा और 3 साल से कम की जमा पर ब्याज दर 6.15 फीसदी से घटकर 6.75 फीसदी हो गई है। वहीं, 3 से 5 साल के लिए दर 6.3 फीसदी से बढ़कर 6.6 फीसदी और 5 साल से 10 साल तक जमा करने की दर 6.65 फीसदी से बढ़कर 6.9 फीसदी हो गई।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/80809/before-diwali-this-bank-gave-a-big-gift-to-its-customers-increased-interest-rates-on-fd</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Oct 2022 17:05:19 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत का एक परिवार जो सीमा पर जवानों के साथ मनाता है दिवाली, पिछले सात सालों से चल रही हैं ये परंपरा</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना काल में भी नहीं टूटी ये परंपरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/76384/a-family-of-surat-who-celebrates-diwali-with-soldiers-on-the-border-this-tradition-is-going-on-for-the-last-seven-years"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/2626_newsphoto3.jpg" alt=""></a><br /><div>दिवाली के त्यौहार में अपने करीबियों और रिश्तेदारों का मुंह मीठा करना भारतीय परंपरा रही है। हम पूरा परिवार और दोस्त एक साथ दिवाली मनाते हैं, लेकिन देश की सीमाओं पर बैठे लोगों के लिए दिवाली क्या, होली क्या है? सब दिन एक जैसे हैं। सूरत से एक देशभक्त देश की अलग-अलग सीमाओं पर जाकर इन जवानों को हर दिवाली मिठाई खिलाकर उनसे मिल कर देशभक्ति की मीठी सौगात ले रहे हैं. वे पिछले सात सालों से इसी तरह से देशभक्ति के रंग में रंगी एक अनोखी दिवाली मना रहे हैं।</div><div><br /></div><h2>हर साल परिवार के साथ सीमा पर दीवाली मनाने जाते है पिंतुल जीवराजभाई काकड़िया</h2><div> </div><div>आपको बता दें कि सूरत के वराछा इलाके में रहने वाले पिंतुल जीवराजभाई काकड़िया 2016 से दिवाली के दिनों में अपने परिवार के साथ हिंदुस्तान की विभिन्न सीमाओं पर पहुंचते हैं. सीमा पर बीएसएफ जवानों से मिलते हैं और उन्हें मिठाई खिलाकर अनोखी दिवाली मानते हैं. दिवाली उनकी सीमा यात्रा के 30 से 40 दिनों तक चलती है। एक दौरे में पांच से छह राज्य की सीमाएं शामिल होती हैं।</div><div><br /></div><h2>इस साल इन जगहों पर गया ये परिवार</h2><div><br /></div><div>इस दिवाली के वो19 सितंबर को, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, असम, सिक्किम और पश्चिम बंगाल की सीमाओं पर मिठाइयाँ खिलाई गईं और 5 अक्टूबर को वे पंजाब, जम्मू कश्मीर गए और सैनिकों के मुंह मीठा किया। दिवाली से पहले मिशन मिठाई राजस्थान और गुजरात की सीमाओं तक जाएगी। इस काम में सिर्फ सीमा पर एक सैनिक के हाथ में मिठाई का डिब्बा देना देने जैसी औपचारिक बात नहीं होती, लेकिन पहले सैनिक के सिर पर उसकी बहन-बेटी द्वारा तिलक किया जाता है, बाद में सैनिक की आरती की जाती है और फूलों का अभिवादन किया जाता है और फिर मिठाई की जाती है। प्यार से दिए जाते हैं। बाद में जवानों से काफी बात होती है। यह सब कानूनी अनुमति से किया जाता है।</div><div><br /></div><h2>कोरोना में भी नहीं टूटी परंपरा</h2><div><br /></div><div>गौरतलब है कि यह पहल पिछले सात साल से लगातार चल रही है। यह पहल कोरोना के समय में भी नहीं टूटी है। कोरोना की पहली लहर में गुजरात के नडाबेट सीमा पर सुइगाम और भुज लकिनाला में सैनिटाइज़र, मास्क, एनर्जी ड्रिंक आदि वितरित किए गए। बाद में दूसरी लहर में नडाबेट में सैनिटाइजर, नल का पानी, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, मास्क, मिठाई, काढ़ा आदि वितरित किए गए। जबकि भुज बॉर्डर पर एयर कूलर, सीलिंग फैन, मास्क, सैनिटाइजर, ऑक्सीमीटर, एनर्जी डिंक आदि वितरित किए गए। साल 2021 में ये देश के 7 राज्यों की सीमा पर पहुंचे। और मिठाई के साथ जरूरी चीजें भी दीं। इस काम में दानदाताओं का भी सहयोग मिलता है।</div><div><br /></div><h2>जो देश की रक्षा कर रहे उनका मुंह मीठा करना हमारा फ़र्ज़</h2><p><br /></p><div>मूल रूप से भावनगर जिले के तलजा तालुका के सखवाड़ा गांव के रहने वाले पिंतुलभाई विरता कल्याण ट्रस्ट चलाते हैं, जिसके तत्वावधान में सामाजिक कार्य किए जाते हैं। पिंतुल काकड़िया ने कहा, "हमारे जीवन को मीठा बनाने वालों को मिठाई खिलाना हमारा नैतिक कर्तव्य है और ऐसा करने से भी हम उनके कर्ज से मुक्त नहीं हो सकते। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे यह काम करने का अवसर मिला है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Oct 2022 21:44:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पर्व : इस साल बन रहा विशेष संयोग, दिवाली और नए साल के बीच ग्रहण</title>
                                    <description><![CDATA[सोमवार 24 अक्टूबर को दिवाली और 26 अक्टूबर को नए साल के बीच मंगलवार 25 अक्टूबर को सूर्यग्रहण का मुहूर्त है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/81598/festival-special-coincidence-is-being-made-this-year-eclipse-between-diwali-and-new-year"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/9180_newsphoto5.jpg" alt=""></a><br /><div>कोरोना के कारण दो सालों तक अपने प्रिय त्यौहारों को ना मना पाने वाले शहरवासियों में इस साल हर त्यौहार को लेकर अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। पहले गणेश चतुर्थी, फिर नवरात्रि और अब दीवाली। इस साल लोगों ने जमकर गरबा खेला और अब हिंदू धर्म के सबसे बड़े त्योहार दिपोत्सवी को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। हिंदू धर्म में दिवाली का बहुत अधिक महत्व होता है। दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। दिवाली के महापर्व का हर किसी को इंतजार रहता है। धनतेरस से भैय्या दूज तक दिवाली की धूम रहती है। इस साल दिवाली का महापर्व अक्टूबर माह में पड़ रहा है। दिवाली के पावन दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधि- विधान से पूजा- अर्चना की जाती है।  इस बीच इस साल दिवाली और नए साल के बीच उत्सव के बीच एक अजीब सी स्थिति देखी जा रही है। सोमवार 24 अक्टूबर को दिवाली और 26 अक्टूबर को नए साल के बीच मंगलवार 25 अक्टूबर को सूर्यग्रहण का मुहूर्त है। ऐसे में लोगों में असमंजस की स्थिति देखी जा रही है। ज्योतिषी राय दे रहे हैं कि संवत-2078 के पांच ग्रहणों में से यह भारत में देखा जाने वाला एकमात्र और आखिरी ग्रहण है।</div><div><br /></div><div><br /></div><div>उल्लेखनीय है कि सूर्य ग्रहण सहित खगोलीय घटनाओं को लेकर शहरवासियों में उत्सुकता है। जिसमें अब 25 अक्टूबर को लगने वाला सूर्यग्रहण अन्य कारणों से भी चर्चा का विषय बन रहा है क्योंकि, यह ग्रहण दिवाली और नए साल के बीच लग रहा है। जिससे दो महत्वपूर्ण पर्वों के बीच एक दिन खाली रहने के कारण शुभ कार्यों को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।</div><div><br /></div><h2>भारत में दिखाई देगा ग्रहण</h2><div><br /></div><div>एक ज्योतिषी के अनुसार हिन्दू संवत वर्ष 2078 में कुल 5 ग्रहण हैं। 25 अक्टूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत समेत यूरोप, अफ्रीका महाद्वीप का उत्तरपूर्वी भाग, एशिया का दक्षिण-पश्चिमी भाग और अटलांटिक में दिखाई देगा। ग्रहण की शुरुआत 25 अक्टूबर की शाम 4 बजकर 29 मिनट से होगी और समाप्ति 5 बजकर 42 पर होगी। ये इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। इससे पहले 19 नवंबर 2021, 4 दिसंबर 2021, 30 अप्रैल 2022 और 16 मई को लगे ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिए थे। अब 25 अक्टूबर को ग्रहण भारत में दिखाई देगा। मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ग्रहण के दौरान वेधा के दर्शन के लिए मंदिर के मुख्य द्वार बंद रहेंगे।</div><div><br /></div><h2>कब मनाई जाएगी दिवाली? कब होगा भाई दूज का मुहूर्त</h2><div><br /></div><div>गौरतलब है कि 24 अक्टूबर की शाम 4.29 बजे से इस वर्ष दिवाली और नूतनवर्षा तिथि के अजीब संयोग के बीच काली चौदस मनाई जाएगी। 24 अक्टूबर सोमवार शाम 5.28 बजे तक चौदशा की तिथि है। रविवार को सुबह 6.04 बजे से सोमवार को शाम 5.28 बजे तक काली चौदस मनाया जाएगा। इस साल महालक्ष्मी पूजा 24 अक्टूबर, सोमवार को है। कार्तिक मास की अमावस्या के दिन महालक्ष्मी पूजा होती है। इस पावन दिन विधि- विधान से मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इस दिन विधि- विधान से भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा- अर्चना की जाती है। सोमवार शाम 5.29 बजे के बाद जब अमास के साथ दीपावली पर्व मनाया जाएगा तो उसी दिन दीपमाला, दीपदान होगा। चित्रा नक्षत्र में दीपावली पर्व मनाया जाएगा। अगला दिन मंगलवार शाम 4.19 बजे तक है। बीच में एक खाली दिन रहेगा और बुधवार को नया वर्ष मनाया जाएगा और उसी दिन दोपहर 2.43 बजे से भाई दूज मनाया जाएगा। ऐसे में इस बार 26 और 27 दोनों ही दिन भाई दूज का पर्व मनाया जा रहा है। लेकिन 26 अक्टूबर को ज्यादा श्रेष्ठ माना जा रहा है।</div><div><br /></div><h2>असमंजस की स्थिति</h2><div><br /></div><div>वर्तमान में जब दीपावली पर्व की अवधि 15 दिन शेष है तो दीपावली और नव वर्ष के बीच एक दिन खाली रहने से नगरवासियों में असमंजस की स्थिति है। ऐसा संयोग कई वर्षों के बाद देखने को मिल रहा है। आमतौर पर नूतन वर्ष दिवाली के बाद दूसरे दिन मनाया जाता है पर इस साल ऐसा नहीं होगा।</div><div><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Oct 2022 22:14:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>बॉलीवुड: विक्की की मम्मी ने अपनी होने वाली बहु को भेजा खास तोहफा</title>
                                    <description><![CDATA[जल्द ही विक्की कौशल और कैटरीना करने जा रहे हैं शादी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div align="left"><p dir="ltr">आज कल बॉलीवुड में एक कपल काफी चर्चा में है। ये कपल है कैटरीना कैफ और विक्की कौशल। हाल ही में इनकी शादी की खबरें सामने आ रही हैं, हालांकि दोनों की तरफ से इस पर कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन खबरों में शादी की जगह और मेन्यू तक सब सामने आ रहा है। इस बीच ये दोनों एक साथ दीवाली की पार्टी मनाते हुए दिखाई दिए थे। अब ये खबर आई है कि विक्की कौशल की मम्मी ने कैटरीना को दीपावली के मौके पर एक विशेष गिफ्ट भेजा है।<br />
</p>
</div><div align="left"><p dir="ltr">आपको बता दें कि एक रिपोर्ट के मुताबिक विक्की कौशल की मां ने अपनी होने वाली बहू यानि कैटरीना को शगुन का लिफाफा और कुछ खास गिफ्ट भी भेजा हैं। आरती शेट्टी के निवास हुई दीपावली पार्टी में कैटरीना-विक्की एक साथ देखे गये थे। इन तस्वीरों ने दोनों की शादी की खबर पर मुहर तो ही लगा दी है।<br />
ऐसे में खबर है कि कैटरीना को विक्की कौशल की मां वीणा कौशल ने दिवाली पर अपने हाथ से बनाई हुई डार्क चॉकलेट, कुछ गहने, शगुन का लिफाफा, कुछ नमकीन और साड़ी गिफ्ट भेजा है।<br />
गौरतलब है कि कैटरीना-विक्की पिछले 2 वर्ष से अधिक समय से एक दूसरे को डेट भी कर रहे हैं। इस कपल को अक्सर एक साथ लंच-डिनर करते कई बार देखा जा चुका है। इससे पहले ये दोनों पिछले साल भी एक साथ दिवाली मनाई थी।<br />
इन दोनों की शादी की बात करें तो  ऐसा दावा किया जा रहा है कि कैटरीना और विक्की राजस्थान के “सिक्स सेंसेज बरवारा रिसोर्ट” में 7-9 दिसंबर 2021 के बीच शादी करने जा रहे हैं।</p></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/80277/bollywood-kaushal-s-mother-sent-a-special-gift-to-her-future-daughter-in-law</link>
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                <pubDate>Sat, 06 Nov 2021 15:15:29 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजकोट : नगर निगम की ओर से बहनों को मिला भाईदूज का तोहफा</title>
                                    <description><![CDATA[आज भाईदूज पर महिलाएं बीआरटीएस और सिटी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/87590/rajkot-sisters-got-the-gift-of-bhai-dooj-from-the-municipal-corporation"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/5123_brts.jpg" alt=""></a><br /><div>आज दीवाली के बाद दूसरा दिन है। आज भाई बहन के प्यार का पावन पर्व भाईदूज है। जहां यह पर्व पूरे गुजरात में मनाया जा रहा है। भाईदूज को लेकर गुजरात के राजकोट शहर में बड़ा ऐलान किया गया है। राजकोट में आज महिलाओं को शहर की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी।</div><div>जानकारी के अनुसार भाईबीज पर राजकोट नगर निगम ने शहर की महिलाओं को खास तोहफा दिया है। राजकोट नगर निगम ने आज भाईबीज के अवसर पर घोषणा की कि महिलाएं बीआरटीएस और सिटी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।</div><div>आपको बता दें कि यह अहम ऐलान नगर आयुक्त और मेयर ने किया है। हर साल की तरह मनपा द्वारा बहनों को भाईदूज का तोहफा दिया गया है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजकोट</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Nov 2021 13:41:48 +0530</pubDate>
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