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                <title>Mahatma Gandhi - Loktej</title>
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                <description>Mahatma Gandhi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पीएम मोदी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, कहा- बापू के आदर्श विकसित भारत की प्रेरणा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 30 जनवरी (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 78वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि बापू के आदर्श हमें एक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन। पूज्य बापू का हमेशा स्वदेशी पर बल रहा, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का भी आधारस्तंभ है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।”</p>
<p>उन्होंने आगे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145319/pm-modi-paid-tribute-to-mahatma-gandhi-on-his-death"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/mahatma-gandhi.jpeg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 30 जनवरी (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 78वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि बापू के आदर्श हमें एक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन। पूज्य बापू का हमेशा स्वदेशी पर बल रहा, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का भी आधारस्तंभ है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।”</p>
<p>उन्होंने आगे लिखा कि पूज्य बापू ने मानवता की रक्षा के लिए हमेशा अहिंसा पर बल दिया। इसमें वह शक्ति है जो बिना हथियार के दुनिया को बदल सकती है। ‘अहिंसा परमो धर्मस्तथाऽहिंसा परन्तपः। अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते।’ अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है, अहिंसा ही सबसे बड़ा तप है और अहिंसा ही परम सत्य है, जिससे धर्म की स्थापना होती है।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन। सत्य, अहिंसा और सद्भाव के उनके आदर्श आज भी भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को मानवता का मार्ग दिखाते हैं। उनका जीवन हमें सेवा, समर्पण और नैतिक साहस की प्रेरणा देता रहेगा।”</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अहिंसा परमो धर्म: के पथप्रदर्शक, सत्य और करुणा के अग्रदूत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। पूज्य बापू ने स्वच्छता को स्वराज की आधारशिला माना- आइए, स्वच्छ भारत के संकल्प के साथ उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प लें।”</p>
<p>मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आपने सत्य, अहिंसा एवं एकता के संदेश से मानवता की सेवा का मार्ग दिखाया। आपका जीवन लोककल्याण के पावन ध्येय की प्राप्ति का अनुकरणीय अध्याय है।”</p>
<p>उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “विश्व को सत्य, अहिंसा और सेवा का मार्ग दिखाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कोटि- कोटि नमन। आपका जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रसेवा का अमर संदेश है, जो हमें सदैव न्याय, समरसता और शांति के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता रहेगा।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 15:14:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>‘गांधी-शास्त्री के आदर्शों पर चलकर आत्मनिर्भर भारत का सपना होगा साकार’, पीएम मोदी ने किया नमन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 02 अक्टूबर (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ‘आत्मनिर्भर’ और ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करेगा। पीएम मोदी ने गुरुवार सुबह राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि भी अर्पित की।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “गांधी जयंती पर हम अपने प्यारे बापू के असाधारण जीवन को याद करते हैं, जिनके आदर्शों ने मानव इतिहास को बदल दिया। उन्होंने दिखाया कि कैसे साहस और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143388/the-dream-of-self-reliant-india-will-be-realized-by-following"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/mahatma-gandhi.jpeg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 02 अक्टूबर (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ‘आत्मनिर्भर’ और ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करेगा। पीएम मोदी ने गुरुवार सुबह राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि भी अर्पित की।</p>
<p>पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “गांधी जयंती पर हम अपने प्यारे बापू के असाधारण जीवन को याद करते हैं, जिनके आदर्शों ने मानव इतिहास को बदल दिया। उन्होंने दिखाया कि कैसे साहस और सादगी महान बदलाव का जरिया बन सकते हैं। वे सेवा और करुणा की शक्ति पर विश्वास करते थे, क्योंकि वे लोगों को सशक्त बनाने का एक जरूरी तरीका थे।</p>
<p>विकसित भारत के निर्माण के हमारे लक्ष्य में हम उनके बताए रास्ते पर ही चलते रहेंगे।” महात्मा गांधी को ‘गांधी जयंती’ पर सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय के प्रति उनके आजीवन समर्पण के लिए याद किया जाता है। यह दिन न केवल उनकी शांति और नैतिक जीवन की विचारधारा का सम्मान करता है, बल्कि विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।</p>
<p>पीएम मोदी ने महात्मा गांधी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स प्लेटफॉर्म पर एक अन्य पोस्ट में लिखा, “लाल बहादुर शास्त्री एक महान राजनेता थे, जिनकी ईमानदारी, विनम्रता और दृढ़ संकल्प ने भारत को मजबूत किया।</p>
<p>उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय में भी नेतृत्व, शक्ति और निर्णायक कार्यवाही का उदाहरण प्रस्तुत किया। ‘जय जवान जय किसान’ का उनका नारा हमारे लोगों में देशभक्ति की भावना जगाता है। वे आज भी एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के हमारे प्रयासों में हमें प्रेरित करते रहते हैं।”</p>
<p>बता दें कि लाल बहादुर शास्त्री का 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में जन्म हुआ था। लाल बहादुर शास्त्री 1964 में जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Oct 2025 15:01:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बापू के आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं: प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।</p>
<p>मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ‘‘पूज्य बापू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। मैं हमारे राष्ट्र के लिए शहीद हुए सभी लोगों को भी श्रद्धांजलि देता हूं और उनकी सेवा एवं बलिदान को याद करता हूं।’’</p>
<p>राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 1948 में आज ही के दिन नाथूराम गोडसे ने गोली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/127594/bapu-s-ideals-inspire-us-to-build-a-developed-india--prime-minister-modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।</p>
<p>मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ‘‘पूज्य बापू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। मैं हमारे राष्ट्र के लिए शहीद हुए सभी लोगों को भी श्रद्धांजलि देता हूं और उनकी सेवा एवं बलिदान को याद करता हूं।’’</p>
<p>राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 1948 में आज ही के दिन नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।</p>
<p>बाद में मोदी ने महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट जाकर बापू को नमन किया और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।</p>
<p>इसकी तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘इससे पहले राजघाट पर पूज्य बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। हम अपने राष्ट्र के लिए उनके दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई अन्य नेता भी मौजूद थे।</p>
<p>प्रधानमंत्री शाम में गांधी स्मृति में आयोजित एक प्रार्थना सभा में शामिल हुए। गांधी स्मृति महात्मा गांधी का स्मारक है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 22:04:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बापू के आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं: प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।</p>
<p>मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, ‘‘पूज्य बापू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। मैं हमारे राष्ट्र के लिए शहीद हुए सभी लोगों को भी श्रद्धांजलि देता हूं और उनकी सेवा एवं बलिदान को याद करता हूं।’’</p>
<p>राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 1948 में आज ही के दिन नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/127329/bapu-s-ideals-inspire-us-to-build-a-developed-india--prime-minister-modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।</p>
<p>मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, ‘‘पूज्य बापू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके आदर्श हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। मैं हमारे राष्ट्र के लिए शहीद हुए सभी लोगों को भी श्रद्धांजलि देता हूं और उनकी सेवा एवं बलिदान को याद करता हूं।’’</p>
<p>राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 1948 में आज ही के दिन नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।</p>
<p>बाद में मोदी ने महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट जाकर बापू को नमन किया और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।</p>
<p>इसकी तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘इससे पहले राजघाट पर पूज्य बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। हम अपने राष्ट्र के लिए उनके दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पर आयोजित सर्व धर्म प्रार्थना सभा में भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई अन्य नेता भी मौजूद थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 15:10:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बापू की पुण्यतिथि पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि पर राष्ट्र की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p>राष्ट्रपति मुर्मू ने राजघाट पर बापू के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।</p>
<p>उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई अन्य नेताओं ने भी राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित किए।</p>
<p>इस अवसर पर महात्मा गांधी की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।</p>
<p>इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "पूज्य बापू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके आदर्श हमें एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/127259/many-leaders-including-president--prime-minister-paid-tribute-on-bapu-s-death-anniversary"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/today-in-history1.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि पर राष्ट्र की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p>राष्ट्रपति मुर्मू ने राजघाट पर बापू के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।</p>
<p>उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई अन्य नेताओं ने भी राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित किए।</p>
<p>इस अवसर पर महात्मा गांधी की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।</p>
<p>इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "पूज्य बापू को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। उनके आदर्श हमें एक विकसित भारत बनाने की प्रेरणा देते हैं। मैं उन सभी वीरों को भी नमन करता हूं जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।"</p>
<p>भारत की आजादी के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/127259/many-leaders-including-president--prime-minister-paid-tribute-on-bapu-s-death-anniversary</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 14:59:56 +0530</pubDate>
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                <title>30 जनवरी : नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) जनवरी का महीना जाते-जाते देश को एक बड़ा जख्म दे गया। दरअसल 30 जनवरी, 1948 की शाम को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की जान ले ली, जिससे यह दिन इतिहास में सबसे दुखद दिनों में शामिल हो गया।</p><p>विडंबना देखिए कि अहिंसा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर अंग्रेजों को देश से बाहर का रास्ता दिखाने वाले महात्मा गांधी खुद हिंसा का शिकार हुए। वह उस दिन भी रोज की तरह शाम की प्रार्थना के लिए जा रहे थे। उसी समय गोडसे ने उन्हें बहुत करीब से गोली मारी और साबरमती का संत ‘हे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/127063/january-30--nathuram-godse-killed-mahatma-gandhi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/mahatma-gandhi.jpeg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) जनवरी का महीना जाते-जाते देश को एक बड़ा जख्म दे गया। दरअसल 30 जनवरी, 1948 की शाम को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की जान ले ली, जिससे यह दिन इतिहास में सबसे दुखद दिनों में शामिल हो गया।</p><p>विडंबना देखिए कि अहिंसा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर अंग्रेजों को देश से बाहर का रास्ता दिखाने वाले महात्मा गांधी खुद हिंसा का शिकार हुए। वह उस दिन भी रोज की तरह शाम की प्रार्थना के लिए जा रहे थे। उसी समय गोडसे ने उन्हें बहुत करीब से गोली मारी और साबरमती का संत ‘हे राम’ कहकर दुनिया से विदा हो गया। अपने जीवनकाल में अपने विचारों और सिद्धांतों के कारण चर्चित रहे मोहन दास करमचंद गांधी का नाम दुनियाभर में सम्मान से लिया जाता है।</p><p>30 जनवरी 2023 को पाकिस्तान में अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर में उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में खचाखच भरी एक मस्जिद में दोपहर की नमाज की दौरान एक तालिबानी आत्मघाती हमलावर द्वारा विस्फोट कर खुद को उड़ा लेने से 61 लोगों की मौत हो गयी जबकि 150 से अधिक अन्य घायल हो गये।</p><p>देश-दुनिया के इतिहास में 30 जनवरी की अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-</p><p><br /></p><p>1903 : लार्ड कर्जन ने कलकत्ता के मटकॉफ हॉल में इंपीरियल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। वर्ष 1948 में इस लाइब्रेरी का नाम बदलकर नेशनल लाइब्रेरी कर दिया गया।</p><p>1933 : राष्ट्रपति पॉल वान हिंडेनबर्ग ने अडोल्फ हिटलर को जर्मनी का चांसलर बनाया।</p><p>1941 : नौवहन के इतिहास की एक बड़ी घटना में सोवियत संघ की एक पनडुब्बी ने जर्मनी का एक पोत डुबा दिया, जिससे उसमें सवार लगभग नौ हजार लोगों की मौत हो गई।</p><p>1948 : शाम की प्रार्थना के लिए जा रहे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की नयी दिल्ली के बिड़ला भवन में हत्या। तभी से इस दिन को ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।</p><p>1965: ब्रिटेन के लोगों ने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय देश के प्रधानमंत्री रहे विंस्टन चर्चिल को अंतिम विदाई दी। चर्चिल एक कुशल कूटनीतिज्ञ और प्रखर वक्ता थे और वह एकमात्र प्रधानमंत्री थे, जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें ब्रिटेन की महानतम विभूतियों में गिना जाता है।</p><p>1985 : लोकसभा ने दल बदल विरोधी कानून पारित कर राजनीतिक दलबदलुओं के स्वत: अयोग्य होने का रास्ता साफ कर दिया।</p><p>2004 : वैज्ञानिकों ने संवाददाता सम्मेलन में ऐलान किया कि मंगल पर भेजे गए अंतरिक्ष यान ‘अपोर्चुनिटी’ को मंगल ग्रह पर आयरन ऑक्साइड की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। इसका सीधा मतलब है कि संभवत: एक समय वहां पानी रहा होगा।</p><p>2007 : एक बड़े अन्तरराष्ट्रीय सौदे में भारत की दिग्गज कंपनी टाटा ने एंग्लो डच स्टील निर्माता कंपनी कोरस ग्रुप को 12 अरब डॉलर से अधिक में ख़रीदा।</p><p>2008 : चेन्नई की एक विशेष अदालत ने स्टाम्प घोटाला मामले के मुख्य आरोपी अब्दुल करीम तेलगी को 10 साल की सज़ा सुनाई।</p><p>2009 : ऑस्ट्रेलिया ओपन के मिक्स्ड डबल मुक़ाबले में सानिया मिर्ज़ा और महेश भूपति की जोड़ी फाइनल में पहुंची।</p><p>2009 : कोका कोला कंपनी ने ऐलान किया कि वह अमेरिका में अपने प्रमुख उत्पाद कोका कोला क्लासिक का नाम बदलकर कोका कोला करने जा रही है। कोका कोला के साथ ‘क्लासिक’ शब्द को 1985 में जोड़ा गया था।</p><p>2010 : विश्व के तत्कालीन नंबर एक खिलाड़ी रोजर फेडरर ने ब्रिटेन के एंडी मरे को हराकर ऑस्ट्रेलियाई ओपन में पुरुष एकल खिताब जीता।</p><p>2021 : रूस में ट्रैक्टर ट्रेलर और बस की टक्कर में 12 लोगों की मौत।</p><p>2023 : पेशावर में उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में आत्मघाती बम विस्फोट में 61 लोगों की मौत, 150 से ज्यादा घायल ।</p><p><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jan 2025 20:26:58 +0530</pubDate>
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                <title>महात्मा गांधी के सम्मान में गणतंत्र दिवस पर महाराष्ट्र के एक गांव में होता है मेले का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लातूर (महाराष्ट्र), 24 जनवरी (भाषा) अधिकांश गांव के लोग देवी-देवताओं को समर्पित मेलों का आयोजन करते हैं, वहीं महाराष्ट्र के लातूर जिले के उजेड गांव के निवासी पिछले 70 वर्षों से गणतंत्र दिवस पर महात्मा गांधी के सम्मान में वार्षिक मेले का आयोजन करते आ रहे हैं।</p>
<p>शिरूर अनंतपाल तहसील में 25 जनवरी से तीन दिवसीय गांधीबाबा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिन तक गांव की सड़कों के दोनों तरफ रंग बिरंगे झालर लगाए जाते हैं और हर घर के सामने रंगोली बनाई जाती है। राष्ट्रपिता के प्रति सम्मान में पिछले 70 वर्षों से उजेड के निवासी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/125002/a-fair-is-organized-in-a-village-in-maharashtra-on-republic-day-in-honor-of-mahatma-gandhi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/mahatma-gandhi.jpeg" alt=""></a><br /><p>लातूर (महाराष्ट्र), 24 जनवरी (भाषा) अधिकांश गांव के लोग देवी-देवताओं को समर्पित मेलों का आयोजन करते हैं, वहीं महाराष्ट्र के लातूर जिले के उजेड गांव के निवासी पिछले 70 वर्षों से गणतंत्र दिवस पर महात्मा गांधी के सम्मान में वार्षिक मेले का आयोजन करते आ रहे हैं।</p>
<p>शिरूर अनंतपाल तहसील में 25 जनवरी से तीन दिवसीय गांधीबाबा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिन तक गांव की सड़कों के दोनों तरफ रंग बिरंगे झालर लगाए जाते हैं और हर घर के सामने रंगोली बनाई जाती है। राष्ट्रपिता के प्रति सम्मान में पिछले 70 वर्षों से उजेड के निवासी इस मेले के माध्यम से गणतंत्र दिवस मनाते आ रहे हैं।</p>
<p>उजेड गांव की सरपंच नंदिनी जाधव ने शुक्रवार को एक जुलूस का नेतृत्व करते हुए ग्राम पंचायत कार्यालय में स्थित गांधीजी की प्रतिमा को गांव के चौराहे तक लाया।</p>
<p>मेले में कृषि प्रदर्शनी, बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं, कुश्ती मैच और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अनोखे आयोजन की शुरुआत के बारे में मेला समिति के अध्यक्ष अनंत जाधव ने बताया कि पहले गांव में भगवान शिव और मोइद्दीनसब खादरी को समर्पित मेले आयोजित किए जाते थे। हालांकि, 1948 में इसे बंद कर दिया गया और 1954 तक उजेड में कोई आयोजन नहीं हुआ।</p>
<p>उन्होंने बताया कि, 1955 में गांव के बुजुर्गों ने एक ऐसा मेला आयोजित करने का निर्णय लिया, जो धार्मिक आधार पर नहीं होगा। तभी उनलोगों को गणतंत्र दिवस पर गांधीजी की विरासत का जश्न मनाने का विचार आया, ताकि एकता, शांति और सद्भाव के मूल्यों को बढ़ावा दिया जा सके, जिनके लिए वह खड़े थे।</p>
<p>अनंत जाधव ने बताया कि कोरोना महामारी के दो वर्षों को छोड़कर, हर साल गांव में मेले का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि 27 जनवरी को मेले का समापन कुश्ती प्रतियोगिता के साथ होगा। कुश्ती देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2025 15:36:09 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अहमदाबाद : विश्वभर से लोग महात्मा गांधी के सर्वधर्म प्रार्थना के विचारों को कर रहे आत्मसात : भूपेन्द्र पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 2 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को महात्मा गांधी की जयंती पर उनकी जन्म स्थली पोरबंदर स्थित कीर्ति मंदिर में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में भी मुख्यमंत्री सहभागी हुए। पटेल ने बापू को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बापू के त्याग, तपस्या एवं बलिदान से हमें स्वतंत्रता के अमृत काल के मीठे पल चखने को मिल रहे हैं।<br /><br />पटेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अनूठा महत्व है। महात्मा गांधी कहते थे, ‘प्रार्थना आत्मा का आहार है। आत्म शुद्धि के लिए प्रार्थना बहुत ही आवश्यक है।’ मुख्यमंत्री</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/104713/ahmedabad-people-from-all-over-the-world-are-imbibing-mahatma"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-10/b02102024-07.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 2 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को महात्मा गांधी की जयंती पर उनकी जन्म स्थली पोरबंदर स्थित कीर्ति मंदिर में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में भी मुख्यमंत्री सहभागी हुए। पटेल ने बापू को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बापू के त्याग, तपस्या एवं बलिदान से हमें स्वतंत्रता के अमृत काल के मीठे पल चखने को मिल रहे हैं।<br /><br />पटेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रार्थना का अनूठा महत्व है। महात्मा गांधी कहते थे, ‘प्रार्थना आत्मा का आहार है। आत्म शुद्धि के लिए प्रार्थना बहुत ही आवश्यक है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वभर से लोग कीर्ति मंदिर आकर सर्वधर्म प्रार्थना के माध्यम नया बल प्राप्त करते हैं।</p>
<p>अहिंसा नम्रता की पराकाष्ठा है। समग्र विश्व को अहिंसा की राह दिखाने वाले पूज्य बापू का जीवन ही उनका संदेश है। महात्मा गांधी ने स्वराज दिला कर सुदूरवर्ती मानव को साथ रखते हुए ग्रामोत्थान का विचार दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उसी स्वराज को सुराज्य में परिवर्तित कर अंत्योदय से सर्वोदय का मंत्र सार्थक किया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महात्मा गांधी के अंत्योदय के मंत्र के साथ विकसित भारत के चार स्तंभों गरीब, किसान, युवा एवं नारी (ग्यान) को भी सशक्त किया है।<br /><br />केन्द्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने महात्मा गांधी को वंदन करते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने विश्व को बताया कि राज्य शासन परिवर्तन के लिए अहिंसा एक मार्ग हो सकता है। महात्मा गांधी द्वारा दिए गए दर्शन का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को विकसित बनाने के लिए कार्यान्वयन हो रहा है। बापू के अहिंसा, स्वच्छता, बुनियादी शिक्षा, अर्थव्यवस्था तथा अंत्योदय एवं समाज के स्वरूप के विचार दर्शन को लागू कर प्रधानमंत्री मोदी देश को विकसित भारत बनाने के लिए परिश्रम कर रहे हैं। हम भी महात्मा गांधी के दिखाए मार्ग पर आगे बढ़कर भारत को विकसित भारत बनाएं। इस अवसर पर जलापूर्ति एवं पोरबंदर जिला प्रभारी मंत्री कुंवरजीभाई बावळिया ने मुख्यमंत्री को चरखा भेंट किया।<br /><br />कीर्ति मंदिर में आयोजित इस सर्वधर्म प्रार्थना सभा में जिला पंचायत अध्यक्ष परबतभाई परमार, विधायक अर्जुनभाई मोढवाडिया, नगर पालिका अध्यक्ष चेतनाबेन तिवारी, पूर्व मंत्री बाबूभाई बोखीरिया, भागवताचार्य रमेशभाई ओझा, रीयर एडमिरल सतीश बासुदेव, जिला कलेक्टर एस. डी. धानाणी, जिला विकास अधिकारी के. बी. ठक्कर, रेंज पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नीलेश जाजडिया, जिला पुलिस अधीक्षक भगीरथसिंह जाडेजा, अग्रणी रमेशभाई ओडेदरा, पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी तथा नगरजन उपस्थित रहे। सभी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के कलावृंद ने अत्यंत भावमय ढंग से सर्वधर्म प्रार्थना प्रस्तुत की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Oct 2024 15:54:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चंपारण सत्याग्रह के 106 साल, जिसने दिखाई आजादी की राह</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>आनंद प्रकाश</strong><br /><br />भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चंपारण सत्याग्रह का प्रमुख महत्व है। यही वह सत्याग्रह है, जिसने मोहनदास करमचंद गांधी को महात्मा गांधी बना दिया। और यही वो सत्याग्रह है जिसने भारत को आजादी की राह दिखाई। 15 अप्रैल, 1917 को गांधी के मोतिहारी आगमन के बाद बिना किसी धरना, प्रदर्शन व अस्त्र- शस्त्र के प्रयोग के अंग्रेजों के शोषण और अत्याचार के विरुद्ध शुरू किया गया किसानों का यह सत्याग्रह पूरी तरह सफल रहा। यह उन दिनों की बात है जब प्रथम विश्वयुद्ध चल रहा था। फिरंगियों के अत्याचार और शोषण से पूरे देश के साथ बिहार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91258/106-years-of-champaran-satyagraha-which-showed-the-way-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/k14042023-18.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>आनंद प्रकाश</strong><br /><br />भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चंपारण सत्याग्रह का प्रमुख महत्व है। यही वह सत्याग्रह है, जिसने मोहनदास करमचंद गांधी को महात्मा गांधी बना दिया। और यही वो सत्याग्रह है जिसने भारत को आजादी की राह दिखाई। 15 अप्रैल, 1917 को गांधी के मोतिहारी आगमन के बाद बिना किसी धरना, प्रदर्शन व अस्त्र- शस्त्र के प्रयोग के अंग्रेजों के शोषण और अत्याचार के विरुद्ध शुरू किया गया किसानों का यह सत्याग्रह पूरी तरह सफल रहा। यह उन दिनों की बात है जब प्रथम विश्वयुद्ध चल रहा था। फिरंगियों के अत्याचार और शोषण से पूरे देश के साथ बिहार के चंपारण (बेतिया और मोतिहारी) जिले के किसान त्रस्त थे। उनकी जमीन पर जबरन नील की खेती करवाई जा रही थी। नील की खेती से न सिर्फ किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि की उर्वरता नष्ट हो रही थी, अपितु किसान अपने भोजन के लिए आवश्यक खाद्यान भी पैदा नही कर पा रहे थे।तीनकठिया प्रथा यानी एक बीघे जमीन में तीन कठ्ठा नील की खेती के साथ ही मनमाने करों की वसूली की जा रही थी। शोषण, पीड़ा और अत्याचार के विरुद्ध भीतर ही भीतर चिंगारी भी सुलग रही थी।<br /><br />चंपारण की पीड़ा पर गणेश शंकर विधार्थी के प्रताप अखबार में अग्रलेख छपने लगे । इसी बीच चंपारण के एक साधारण किसान राजकुमार शुक्ल ने पत्रकार पीर मोहम्मद मुनीस, लोमराज सिंह, संता राउत सहित अपने जैसे अन्य कई और किसानों को लामबंद करना शुरू किया। अंग्रेजों को इसकी भनक लगी तो इन लोगों को जेल में डाल दिया गया। लेकिन इन लोगों ने हार नहीं मानी। बाहर आने पर फिर अपने अभियान में शुरू हो गए। इनके पास कोई रास्ता नहीं बचा तो देश के किसी बड़े नेता को चंपारण लाने की ठानी गई। पहले वे बाल गंगाधर तिलक और फिर मदन मोहन मालवीय के पास भी गए। आखिर में राजकुमार शुक्ल इस संबंध में महात्मा गांधी से मिले और उनसे चंपारण में आंदोलन का नेतृत्व करने का आग्रह किया। इसके बाद जो हुआ, वो भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक के रूप में दर्ज है।<br /><br />गांधी ने चंपारण को सत्य और अहिंसा का प्रयोगशाला बनाया। गांधी अपनी जीवनी ''सत्य के प्रयोग'' में लिखते है- वहां जाने से पहले मैं चंपारण का नाम भी नहीं जानता था। नील की खेती होती है, यह सोचा भी नहीं था। राजकुमार शुक्ल नाम के चंपारण के एक किसान ने उनका पीछा किया और वकील बाबू (उस वक्त बिहार के नामी वकील और जयप्रकाश नारायण के ससुर ब्रजकिशोर प्रसाद) के बारे में कहते कि वे सब हाल बता देंगे। साथ ही चंपारण आने का निमंत्रण देते। यह क्रम चलता रहा और आखिर में मुझे चंपारण जाना ही पड़ा।</p><p><img src="https://www.loktej.com/media/2023-04/k14042023-18.jpg" alt="k14042023-18"></img><br /><br />गांधी के चंपारण पहुंचते ही अंग्रेज अफसरों के होश उड़ने लगे। उन्होंने महात्मा गांधी को जिला छोड़ने का आदेश दे दिया, लेकिन गांधी किसानों को इंसाफ दिलाने की ठान चुके थे। गांधी ने जिला छोड़ने से मना कर दिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर 18 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया। गांधी ने मजिस्ट्रेट के सामने बेहद निडर व विनम्र सुर में कहा कि वह चंपारण में किसानों की हालत जानने आए हैं, जब तक हालत से वाकिफ नहीं हो जाते, वे चंपारण नहीं छोड़ेंगे। अगर इस बात की उन्हें सजा भी मिले तो वो भुगतने को तैयार हैं। गांधी की सच्चाई और निडरता देख मजिस्ट्रेट चकरा गया। कुछ समझ नहीं आया तो उसने तारीख आगे बढ़ा दी। ...और यह चंपारण सत्याग्रह की पहली जीत थी।<br /><br />इतिहासकार बताते हैं कि अंग्रेजी हुकूमत एक ओर विश्व युद्ध और दूसरी ओर रूस में लेनिन बोल्शेविक क्रांति के बीच गांधी जैसे शख्ससियत से बैर नहीं मोल लेना चाह रही थी, अंतत:गांधी के आगे नतमस्तक अंग्रेजों ने मुकदमा वापस ले लिया और जांच में सहयोग करने का आदेश दिया। और यह चंपारण में सत्य की बड़ी जीत थी। अब गांधी चंपारण के गांव-गांव में घूमने लगे और वहां बड़ी संख्या में जुटने वाले किसान अपना बयान दर्ज कराने लगे। इसका परिणाम यह हुआ कि तत्कालीन प्रांतीय सरकार ने गांधी को शामिल करते हुए किसानों पर अत्याचार के खिलाफ जांच के लिए एक समिति बना दी। इसकी अनुशंसा पर सालों से चली आ रही तिनकठिया प्रथा कानूनी तौर पर खत्म हुई। साथ ही किसानों से वसूले गए धन का 25 प्रतिशत हिस्सा भी लौटाया गया। चंपारण के इस अहिंसक सत्याग्रह का असर देशव्यापी हुआ। इसके बाद जगह-जगह इसका प्रयोग होने लगा। इसका परिणाम यह हुआ कि हम सब आज आजाद हैं।<br /><br /><strong>(लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Apr 2023 14:36:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कनाडा में एक बार फिर महात्मा गाँधी की प्रतिमा हुई खंडित, भारतीय दूतावास ने की कड़ी निंदा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विदेशीं में भारतीय धरोहरों और भारत से जुड़ी ऐतिहासिक चीजों को क्षतिग्रस्त करने के बहुत से मामले सामने आ रहे हैं। अब एक बार फिर कनाडा में महात्मा गाँधी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की घटना सामने आई है। कनाडा के बर्नबाई में एक विश्वविद्यालय परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। वैंकूवर में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक, इस प्रतिमा को साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी के बर्नबाई कैंपस में पीस स्क्वायर में रखा गया है।</p>
<p><strong>दूतावास ने किया ट्वीट</strong></p>
<p>आपको बता दें कि महावाणिज्य दूतावास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>विदेशीं में भारतीय धरोहरों और भारत से जुड़ी ऐतिहासिक चीजों को क्षतिग्रस्त करने के बहुत से मामले सामने आ रहे हैं। अब एक बार फिर कनाडा में महात्मा गाँधी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की घटना सामने आई है। कनाडा के बर्नबाई में एक विश्वविद्यालय परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। वैंकूवर में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक, इस प्रतिमा को साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी के बर्नबाई कैंपस में पीस स्क्वायर में रखा गया है।</p>
<p><strong>दूतावास ने किया ट्वीट</strong></p>
<p>आपको बता दें कि महावाणिज्य दूतावास ने ट्वीट किया, हम साइमन फ्रेजर विश्वविद्यालय के बर्नाबी परिसर में शांति के अग्रदूत महात्मा गांधी की प्रतिमा के अपमान की कड़ी निंदा करते हैं और कनाडा के अधिकारियों से मामले की तुरंत जांच करने और अपराधियों को न्याय दिलाने का आग्रह करते हैं।</p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">"We strongly condemn the heinous crime of vandalizing the statute of harbinger of peace Mahatma Gandhiji, Simon Fraser University Burnaby campus. The Canadian authorities are urged to investigate the matter urgently and bring the perpetrators to justice swiftly," tweets… <a href="https://t.co/Q1WY5rqhFV">pic.twitter.com/Q1WY5rqhFV</a></p>
— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1640648432040783872?ref_src=twsrc%5Etfw">March 28, 2023</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p><strong>विष्णु मंदिर में स्थित गाँधी जी की प्रतिमा को भी पहुँचाया गया था नुकसान</strong></p>
<p>ज्ञात हो कि पिछले साल जुलाई में, कनाडा के रिचमंड हिल में विष्णु मंदिर में महात्मा गांधी की एक प्रतिमा को तोड़ दिया गया था, जिसकी टोरंटो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने कड़ी निंदा की थी। दूतावास ने एक ट्वीट में कहा, 'हम रिचमंड हिल में विष्णु मंदिर में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने से दुखी हैं। बर्बरता के इस आपराधिक घृणित कृत्य से कनाडा में भारतीय समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।</p>
<p><strong>राम मंदिर को भी पहुंचाया गया था नुकसान </strong></p>
<p>कनाडा ने हाल ही में खालिस्तान समर्थकों द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों में वृद्धि देखी है, जिन्होंने हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की है। मिसिसॉगा में एक राम मंदिर को 13 फरवरी को खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा भारत विरोधी भित्तिचित्रों से विरूपित कर दिया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/90789/once-again-the-statue-of-mahatma-gandhi-vandalized-in-canada</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Mar 2023 18:20:08 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा को पहुँचाया नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका समेत दुनिया के अलग-अलग देशों में चल रहा खालिस्तानी आंदोलन भारत के लिए खतरा बना हुआ है। कनाडा में हाल की बर्बरता की घटनाओं से यह स्पष्ट है कि किस प्रकार विदेशों में भारतीय सभ्यता और संस्कृति को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। अब एक कायरतापूर्ण कृत्य में, भारत-विरोधी तत्वों ने ओंटारियो के हैमिल्टन शहर में स्थापित महात्मा गांधी की एक प्रतिमा पर स्प्रे-पेंट द्वारा अश्लील और अनर्गल चित्र अंकित किया है। भारत सरकार द्वारा उपहार में दी गई छह फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा को भी खालिस्तानी झंडे से सजाया गया था और महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>अमेरिका समेत दुनिया के अलग-अलग देशों में चल रहा खालिस्तानी आंदोलन भारत के लिए खतरा बना हुआ है। कनाडा में हाल की बर्बरता की घटनाओं से यह स्पष्ट है कि किस प्रकार विदेशों में भारतीय सभ्यता और संस्कृति को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। अब एक कायरतापूर्ण कृत्य में, भारत-विरोधी तत्वों ने ओंटारियो के हैमिल्टन शहर में स्थापित महात्मा गांधी की एक प्रतिमा पर स्प्रे-पेंट द्वारा अश्लील और अनर्गल चित्र अंकित किया है। भारत सरकार द्वारा उपहार में दी गई छह फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा को भी खालिस्तानी झंडे से सजाया गया था और महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अपमानजनक नारों का उपयोग किया गया।</p>
<p><strong>अमेरिका-कनाडा में लगातार हो रही हैं ऐसी घटनाएँ</strong></p>
<p>आपको बता दें कि फिलहाल हैमिल्टन पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन यह हमला उत्तरी अमेरिका में भारतीय प्रतिष्ठानों और मंदिरों को निशाना बनाकर की गई घटनाओं की श्रृंखला में से एक है। पिछले साल, पूरे कनाडा में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़, इसी तरह से अनर्गल चित्रों को अंकित करना, आगजनी और सेंधमारी की करीब आधा दर्जन घटनाएं हुई हैं।</p>
<p><strong>सरकार से इन मामलों को गंभीरता से लेने की मांग</strong></p>
<p>ध्यान देने वाली बात है कि जनवरी में, ब्रैम्पटन में गौरी शंकर मंदिर में भारत विरोधी नारों के साथ असामजिक घटनाएँ घटित हुई थी। इसके बाद फरवरी में मिसिसॉगा में राम मंदिर पर हमला किया गया और पिछले साल जुलाई में रिचमंड हिल में विष्णु मंदिर में स्थित महात्मा गांधी की मूर्ति को खंडित कर दिया गया। भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य ने ओटावा सरकार से इन घटनाओं को गंभीरता से लेने और कनाडा में भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए कार्रवाई शुरू करने का आह्वान किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/90715/khalistani-supporters-damage-mahatma-gandhis-statue-in-canada</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Mar 2023 12:21:51 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमृता फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'नए भारत के राष्ट्रपिता' करार दिया</title>
                                    <description><![CDATA[उन्‍होंने कहा, महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रपिता हैं और मोदी जी नए भारत के पिता है; एक इस युग से और एक उस युग से]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/88233/amruta-fadnavis-termed-prime-minister-narendra-modi-as-the-father"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/jpg_20221222_125221_0000.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्‍ट्र के उपमुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्‍नी अमृता फडणवीस ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक बड़ी उपाधि देते हुए उन्हें देश का "राष्ट्रपिता" बताया है। अमृता फडणवीस के इस बयान से राज्य मे एक बार फिर से नई बहस छिड़ने की संभावना है। </p>
<p><strong>तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपिता बताया था</strong></p>
<p>आपको बता दें कि तीन साल पहले भी अमृता फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "राष्ट्रपिता" कहा था। उसके बाद भी उनकी आलोचना हुई थी। लेकिन वह अपने बयान पर अड़ी रही।</p>
<p>नागपुर में इस सप्‍ताह एक लेखक संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मंच पर इंटरव्‍यू के दौरान अमृता से पूछा गया था कि जब वे पीएम मोदी को "राष्‍ट्रपिता" कह रही है, तो महात्‍मा गांधी क्‍या होंगे? इस सवाल का मराठी में जवाब देते हुए उन्‍होंने कहा, "महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रपिता हैं और मोदी जी "नए भारत के पिता" है। एक इस युग से और एक उस युग से।" </p>
<p><strong>मैं खुद कभी राजनीतिक बयान नहीं देती - अमृता फडणवीस</strong></p>
<p>अपने बयान के बारे में बात करते हुए अमृता फडणवीस ने कहा, 'मैं खुद कभी राजनीतिक बयान नहीं देती, मुझे इनमें कोई दिलचस्पी नहीं है। मेरे बयानों को आम लोग ट्रोल नहीं करते। यह एनसीपी या शिवसेना के ईर्ष्यालु लोगों का काम है। मुझे उनकी ज्यादा परवाह नहीं है। मुझे केवल माँ या सास से डर लगता है। मुझे बाकी की परवाह नहीं है।" </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/88233/amruta-fadnavis-termed-prime-minister-narendra-modi-as-the-father</link>
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                <pubDate>Thu, 22 Dec 2022 13:54:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
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