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                <description>Road RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>2026 में परिवहन मंत्रालय के एजेंडे में बाधारहित टोलिंग, सड़क सुरक्षा शीर्ष पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 26 दिसंबर (भाषा) देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध, बाधारहित टोलिंग को लागू करना और एक नया सड़क सुरक्षा विधेयक पारित कराना 2026 में सड़क परिवहन मंत्रालय की शीर्ष प्राथमिकताएं होंगी।</p><p>मंत्रालय सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने पर खासतौर से जोर दे रहा है। इस समय सड़क दुर्घटनाओं में हर साल लगभग 1.8 लाख लोगों की जान जाती है।</p><p>सड़क परिवहन मंत्रालय ने अगले साल उद्घाटन के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे की एक प्रभावशाली सूची तैयार की है। इनमें लंबे समय से लंबित 1,362 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (नवंबर 2026 तक पूरा होगा),</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144835/barrier-free-tolling-road-safety-on-top-of-transport-ministrys-agenda"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/fastag-toll-plaza-highway1.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 26 दिसंबर (भाषा) देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध, बाधारहित टोलिंग को लागू करना और एक नया सड़क सुरक्षा विधेयक पारित कराना 2026 में सड़क परिवहन मंत्रालय की शीर्ष प्राथमिकताएं होंगी।</p><p>मंत्रालय सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने पर खासतौर से जोर दे रहा है। इस समय सड़क दुर्घटनाओं में हर साल लगभग 1.8 लाख लोगों की जान जाती है।</p><p>सड़क परिवहन मंत्रालय ने अगले साल उद्घाटन के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे की एक प्रभावशाली सूची तैयार की है। इनमें लंबे समय से लंबित 1,362 किलोमीटर लंबा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (नवंबर 2026 तक पूरा होगा), अमृतसर-जामनगर राजमार्ग (दिसंबर 2026 तक), बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे (जून 2026 तक), अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे (मार्च 2026 तक), इंदौर-हैदराबाद राजमार्ग (मई 2026 तक) और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (जनवरी 2026 तक) शामिल हैं।</p><p>सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक साक्षात्कार में पीटीआई-भाषा से कहा, ''हम देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध, बाधारहित टोलिंग प्रणालियां स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। शुरुआती तौर पर इसके लिए हमने 10 निविदाएं निकाली हैं। टोल संग्रह की लागत वर्तमान में कुल टोल संग्रह के लगभग 15 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत तक आ जाएगी।''</p><p>उन्होंने कहा कि अगर सालाना 50–60 हजार करोड़ रुपये का टोल संग्रह होता है, तो साल में लगभग 8,000 करोड़ रुपये तक की बचत हो सकती है। इससे खामियां भी दूर होंगी और टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा समय भी घटेगा।</p><p>यह नई प्रणाली एकीकृत प्रौद्योगिकियों के उपयोग से बाधारहित टोलिंग को बढ़ावा देती है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषण के साथ स्वचालित नंबर प्लेट पहचान और आरएफआईडी आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली फास्टैग शामिल है।</p><p>सड़क सुरक्षा के बारे में गडकरी ने कहा कि मंत्रालय एक नया सड़क सुरक्षा विधेयक तैयार करेगा, जिसे संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।</p><p>उन्होंने कहा, ''हम लगातार सड़क सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसमें कई समस्याएं हैं। हम फिर से प्रयास करेंगे और एक नया सड़क सुरक्षा विधेयक लाएंगे, और हमारा प्रयास रहेगा कि इसे अगले ही सत्र में संसद के समक्ष रखा जाए।''</p><p>गडकरी ने यह भी कहा कि 13 किलोमीटर लंबी जोजिला सुरंग परियोजना, जो एशिया की सबसे लंबी सुरंग बनने जा रही है, का उद्घाटन भी अगले वर्ष अप्रैल में किया जाएगा। जोजिला सुरंग परियोजना श्रीनगर और लेह के बीच हर मौसम में संपर्क उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 15:06:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़क हादसों का कारण नशा ही नहीं नींद भी है, 1200 लोगों पर किए शोध से हुआ खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 15 जुलाई (वेब वार्ता)। उत्तराखंड में सड़क हादसों का कारण नींद और इससे संबंधित बीमारियां हैं। एम्स के मनोरोग विभाग के शोध में यह बात सामने आई है।</p>
<p>अक्टूबर 2021 से अप्रैल 2022 तक 1200 लोगों पर किए गए अध्ययन से पता चला है कि 21 फीसदी दुर्घटनाएं नींद आने या नींद से संबंधित समस्या के कारण हुईं हैं। नशे को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण माना जाता रहा है, लेकिन इस शोध ने नींद को एक अहम कारक बताया है। </p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एम्स के मनोरोग विभाग के निद्रा प्रभाग के चिकित्सकों के शोध में यह बात सामने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141923/due-to-road-accidents-not-only-drug-addiction-is-also"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/road-accident-10121.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 15 जुलाई (वेब वार्ता)। उत्तराखंड में सड़क हादसों का कारण नींद और इससे संबंधित बीमारियां हैं। एम्स के मनोरोग विभाग के शोध में यह बात सामने आई है।</p>
<p>अक्टूबर 2021 से अप्रैल 2022 तक 1200 लोगों पर किए गए अध्ययन से पता चला है कि 21 फीसदी दुर्घटनाएं नींद आने या नींद से संबंधित समस्या के कारण हुईं हैं। नशे को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण माना जाता रहा है, लेकिन इस शोध ने नींद को एक अहम कारक बताया है। </p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एम्स के मनोरोग विभाग के निद्रा प्रभाग के चिकित्सकों के शोध में यह बात सामने आई है। उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण नशे को माना जाता है। चिकित्सकों ने शोध से साफ कर दिया किया है कि नींद व नींद से संबंधित समस्या उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण हैं।</p>
<p>शोधकर्ताओं ने पाया कि 32 फीसदी दुर्घटनाओं का कारण नशा था, लेकिन इनमें से कई चालक नींद की समस्या से पीड़ित थे, जिससे नशा करने पर उनकी समस्या और बढ़ गई। </p>
<p>डॉक्‍टरों ने अक्टूबर 2021 से अप्रैल 2022 तक करीब 1200 लोगों पर शोध किया। ये सभी लोग कई इलाकों में वाहन दुर्घटना में घायल हुए थे, जो इलाज के लिए एम्स में भर्ती हुए थे। इनमें से 575 घायल वाहन चालक थे। इन वाहन चालकों में 75 फीसदी संख्या दोपहिया व तिपहिया वाहन चालकों की थी।</p>
<p>शोध निर्देशक व डॉक्टर ने बताया कि 21 फीसदी दुर्घटनाएं वाहन चलाते समय नींद आना या नींद से संबंधित समस्या के चलते हुई। वहीं अत्यधिक थकान से आने वाली नींद भी 26 फीसदी दुर्घटनाओं का कारण बनी। 32 फीसदी दुर्घटनाओं का कारण नशा था, लेकिन इनमें ज्यादातर वे चालक शामिल थे जो नींद व नींद से संबंधित समस्या से भी ग्रसित थे और नशा करने से उनकी यह समस्या और अधिक बढ़ गई और दुर्घटना का कारण बनी। </p>
<p>शोध में कहा गया है कि नींद की समस्या के चलते होने वाली करीब 68 फीसदी दुर्घटनाएं सीधी सपाट व रोजमर्रा में प्रयोग होने वाली सड़कों पर हुई हैं। ज्यादातर दुर्घटनाएं शाम 6 बजे से रात 12 बजे के बीच हुईं। क्योंकि कुछ लोग शाम को शराब का सेवन भी करते हैं और ऐसे में नींद से संबंधित समस्या और बढ़ जाती है।</p>
<p>शोध के मुताबिक 68 फीसदी दुर्घटनाएं सीधी सड़कों पर हुईं। प्रशासन नशे के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाता है। अभियान के तहत एल्कोमीटर से वाहन चालकों की जांच की जाती है। यह शोध अमेरिका के क्यूरियस मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Jul 2025 14:51:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़क पर बने गड्ढे को भरने के लिए शख्स ने किया कुछ ऐसा कि अब हर कोई कर रहा उसकी तारीफ</title>
                                    <description><![CDATA[मलेशिया सामने आई तस्वीर, सरकार की लापरवाही के बाद सड़क के गड्ढे को पुराने कपड़ों से भरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/79668/to-fill-the-pothole-on-the-road-the-person-did-something-that-now-everyone-is-praising-him"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-01/9536_3.png" alt=""></a><br /><div>अपने देश में सड़कों पर बने गड्ढे कोई बड़ी बात नहीं है। कुछ सड़कें तो ऐसी है जिन्हें देखने के बाद तय कर पाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क में गड्ढे है या गड्ढों में सड़क! इन गड्ढों की वजह से आए दिन यहां कहीं न कहीं दुर्घटना होती ही रहती और आये दिन इन दुर्घटनाओं की खबर सामने आती रहती है। भारत में तो ठेकेदार लालच के कारण कमजोर और कच्ची सड़क बनाते हैं। हर साल इन ठेकेदारों के लालच की वजह से कितने मासूम लोग सड़क दुर्घटना का शिकार होते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि ये समस्या सिर्फ भारत में है। हाल ही में मलेशिया से भी ऐसी एक खबर सामने आई।</div><div>जानकरी के अनुसार मलेशिया में भी सड़कों पर मौजूद गड्ढे लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं। यहाँ भी हर दिन इसी कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में एक सड़क में बने गड्ढे को लेकर कई बार शिकायत की गई और जब कई बार कंप्लेन करने के बाद भी अथॉरिटी इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो समस्या से तंग आकर एक शख्स ने गड्ढे को भरने का अलग ही जुगाड़ निकाला। उसने जो किया वो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं।</div><div>आपको बता दें कि किलंटन स्टेट फेसबुक पेज पर ये साझा की गई तस्वीरों में देख सकते है कि किलंटन के पसिर मस के पास से गुजरती सड़क में इतना बड़ा गड्ढा बन गया था कि कई लोगों का एक्सीडेंट हो चुका था। आख़िरकार यहां रहने वाले एक शख्स ने ने पुराने-फटे कपड़े लाकर गड्ढों को भर दिया। इन तस्वीरों को यहां रहने वाले एक शख्स ने शेयर किया। उसने लिखा कि अपने गांव जाते हुए सड़क के गड्ढों को कुछ ऐसे भरा देखा गया। </div><div>देखते ही देखते ये पोस्ट वायरल हो गया। एक तरफ लोग जहां इस सड़क को कपड़ों से भरने वाले शख्स की तारीफ कर रहे वहीं कई ने इस लापरवाही के लिए सरकार को जमकर कोसा। अब इस घटना के बाद लोग इस तरह के गड्ढों को भरने के लिए खुद ही घर से पुराने कपड़े ले आते हैं और इसे गड्ढों में भर देते हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Jan 2022 14:50:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका : सड़कों पर न कोई ट्राफिक लाइट, न साइन बोर्ड फिर भी इस एक आईडिया से निकला दुर्घटना और प्रदुषण का सटीक उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के कार्मेल के एक आईडिया से न सिर्फ रुकी दुर्घटनाएं बल्कि साल भर में करीब 76 हजार लीटर पेट्रोल की हो रह बचत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/80324/america-no-traffic-lights-no-sign-boards-on-the-roads-yet-this-one-idea-came-out-of-the-exact-solution-of-accident-and-pollution"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/4507_1.png" alt=""></a><br /><div>क्या यह संभव है कि किसी शहर की सड़कों पर एक भी ट्रैफिक लाइट और 'स्टॉप' साइनबोर्ड न हो और फिर भी उन सड़कों पर दुर्घटनाएं न के बराबर न हों और प्रदूषण बहुत कम हो? सुनने में असंभव लगने वाली ये बात अमेरिका के इंडिया के कार्मेल में संभव हो पाया है। लगभग दस लाख की आबादी वाले कार्मेल में 140 से अधिक सर्पिल या गोल चक्कर वाली सड़कें हैं। साथ ही ऐसी दर्जनों अन्य सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। अमेरिका की सबसे घुमावदार सड़कें यहीं हैं।</div><div>इस बारे में वहां के मेयर जिम बर्नार्ड कहते हैं कि इन सड़कों का उद्देश्य सुरक्षा है, पारंपरिक फोर-लेन सड़कों की तुलना में सर्पिल सड़कें और सर्कल से सड़क दुर्घटना और मृत्यु में कमी होती हैं। शहर के एक पूर्व इंजीनियर माइक मैकब्राइड के अनुसार, लाल ट्रैफिक लाइट नहीं होने के कारण वाहनों को रुकना नहीं पड़ता है जिससे प्रदूषण भी कम होता है।</div><div>द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार एक सर्वे के मुताबिक इससे साल भर में करीब 76 हजार लीटर पेट्रोल की बचत होती है। मिसिसिपी विश्वविद्यालय के शोध के अनुसार, सर्पिल सड़कें भी कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 56% तक कम करती हैं। इसके अलावा ट्रैफिक लाइट के लिए बिजली की जरूरत नहीं होती है। अमेरिकन इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाईवे सेफ्टी के अनुसार, कार्मेल में दुर्घटनाओं में 64 राउंड में 50% की गिरावट आई है। डॉगबोन में ऐसी दुर्घटनाएं बहुत कम होती हैं। बाकी शहरों में 20.8 की तुलना में 2020 में, कार्मेल में प्रति 1 मिलियन लोगों पर औसत यातायात मृत्यु 1.9 थी।</div><div>जानकारी के अनुसार 1980 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान मेयर बर्नार्ड को पहली बार गोल चक्कर सड़कों के लाभ के बारे में पता चला और फिर 1995 में कार्मेल के मेयर बनने के बाद उस दिशा में काम करना शुरू कर दिया। अपने कार्यकाल में पहले 10 वर्षों में 50 और दूसरे दशक में उन्होंने कुछ और ऐसी सड़कों का निर्माण किया। यू.एस. संघीय राजमार्ग प्रशासन ने भी इस योजना को स्वीकार कर लिया है कि ऐसी सड़कें प्रदूषण को कम करती हैं। फ्लोरिडा के सरसोटा ने कार्मेल की सफलता से सीखते हुए डेढ़ दर्जन सड़कें बनाई हैं। अपनी सफलता का जश्न मनाने के लिए कार्मेल में राष्ट्रीय गोल चक्कर सप्ताह आयोजित किया जा रहा है। इस विषय पर एक पुस्तक भी प्रकाशित हुई है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Nov 2021 21:54:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अहमदाबाद : सड़कों की समस्याओं और आवारा मवेशियों मामले पर हाई कोर्ट का कड़ा रुख, सरकार को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[अगर आप अच्छी सड़कें नहीं दे सकते तो आम जनता का टैक्स का पैसा वापस करें : हाई कोर्ट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/67960/ahmedabad-high-court-s-strong-stand-on-the-problems-of-roads-and-stray-cattle-case-big-responsibility-entrusted-to-the-government"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/gujarat-high-court.jpg" alt=""></a><br /><div>सड़कों पर गड्ढों की समस्या से कोई अछूता नहीं है। राज्य भर में गली-कूंचे की छोडिये प्रमुख सड़कों के हाल बेहाल है। इस पर इन दिनों सड़कों पर भटने वाली मवेशियों का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में गुजरात हाईकोर्ट ने सड़कों, आवारा मवेशियों और पार्किंग की समस्या को लेकर सरकार और निगम के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है।</div><div>एक मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने अहमदाबाद नगर निगम को जमकर फटकार लगते हुए कहा कि अहमदाबाद में करीब 60 फीसदी सड़कें अभी भी जर्जर हैं और अगर आप अच्छी सड़कें नहीं दे सकते तो आम जनता का टैक्स का पैसा वापस करें। इसके साथ साथ अदालत ने यातायात की समस्या के मुद्दे पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है और फ्लाईओवर के नीचे की जगह को पार्किंग के लिए इस्तेमाल करने का भी निर्देश दिया है।</div><div>वहीं यातायात की समस्या पर सरकार ने अपने बचाव में कहा कि उसने अहमदाबाद निगम की पार्किंग नीति को मंजूरी दे दी है। हाईकोर्ट ने निगम, यातायात विभाग के आयुक्त को रोड, आवारा पशु और पार्किंग मामले पर 22 नवंबर तक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Oct 2021 21:50:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>गुजरात : नवरात्री पर मुख्यमंत्री ने दिया जनता को नया तोहफा, तारापुर से वासद तक बनेगी छह लेन हाईवे</title>
                                    <description><![CDATA[गुजरात सरकार द्वारा बीते 5 साल में राज्य में सवा लाख किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और 200 रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का काम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>गुजरात की कमान सँभालने के साथ ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल जनता को नए  नए तोहफे दे रहे है। अब मुख्यमंत्री ने गुजरात की जनता को तारापुर से वासद तक 48 किमी लंबे छह लेन हाईवे का तोहफा दिया। गुजरात को रेलवे फाटक मुक्त बनाने की दिशा में अग्रसर गुजरात सरकार द्वारा बीते 5 साल में राज्य में सवा लाख किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और 200 रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का काम शुरू किया गया।</div><div>आपको बता दें कि नवरात्री के खास मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल ने आणंद जिले के तारापुर से वासद तक करीब 48 किलोमीटर सिक्स लेन के हाईवे का लोकार्पण किया। उनके साथ राज्य के सड़क एवं भवन निर्माण मंत्री पूर्णेश मोदी भी उपस्थित थे। इस सड़क के आने के साथ ही ये दुरी महज 35 मिनट में पार किया जा सकेगा। इस हाइवे के जरिए दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र का सफर आसान हो जाएगा। इस हाईवे का निर्माण करीब 1005 करोड़ की लागत से किया गया है। इस मौके पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये कोई चुनाव को ध्यान में रख कर किया गया काम नहीं है बल्कि जनता की समस्याओं को ध्यान में रखकर उनके जीवन को आसान और सुविधा युक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाया गया कदम है। पूर्व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त छह लेन के मार्ग के आने से सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के बीच का परिवहन आसान हो जाने की बात कही। राज्य के सड़क एवं भवन निर्माण विभाग ने बताया कि पिछले 5 साल में गुजरात में करीब सवा लाख किलोमीटर सड़कों के मरम्मत का काम किया गया।</div><div>गौरतलब है कि विभाग ने पिछले 5 साल में प्राथमिकता के आधार पर सड़कों के मरम्मत के साथ वहां बुनियादी सुविधाएं सड़क सुरक्षा महिला सशक्तिकरण बेटी बचाओ आदिवासी क्षेत्र विकास जैसे कामों को प्रमुखता से किया है। सरकार लंबे समय से गुजरात को रेल फाटक मुक्त राज्य बनाने के लिए भी लगी हुई है जिसके तहत करीब 9163 करोड़ की लागत से रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है जिसमें 27 ओवर ब्रिज बन चुके है जबकि 52 पुल बन रहे है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/67906/gujarat-chief-minister-gave-a-new-gift-to-the-public-on-navratri-a-six-lane-highway-will-be-built-from-tarapur-to-vasad</link>
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                <pubDate>Sat, 09 Oct 2021 23:50:37 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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