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                <title>Jobs - Loktej</title>
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                            <item>
                <title>आईटी दिग्गज ओरेकल ने भारत में 12,000 कर्मचारियों की छुट्टी की, अगले महीने दूसरे दौर की छंटनी की आशंका से तकनीकी क्षेत्र में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">01 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी आईटी दिग्गज ओरेकल ने भारतीय बाजार में अपने कार्यबल में भारी कटौती करते हुए लगभग </span>12,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। वैश्विक स्तर पर कंपनी अब तक करीब </span>30,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भारत में इसका असर सबसे व्यापक देखा जा रहा है। कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों को भेजे आधिकारिक ईमेल में इस छंटनी का मुख्य कारण ‘संगठनात्मक बदलाव’ और ‘ऑपरेशन को सुव्यवस्थित करना’ बताया है। भारत में ओरेकल के पास लगभग </span>30,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> कर्मचारियों का मजबूत आधार था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका अर्थ है कि इस अचानक लिए</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146352/it-giant-oracle-furloughs-12000-employees-in-india-fear-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-10/jobs.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">01 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी आईटी दिग्गज ओरेकल ने भारतीय बाजार में अपने कार्यबल में भारी कटौती करते हुए लगभग </span>12,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। वैश्विक स्तर पर कंपनी अब तक करीब </span>30,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन भारत में इसका असर सबसे व्यापक देखा जा रहा है। कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों को भेजे आधिकारिक ईमेल में इस छंटनी का मुख्य कारण ‘संगठनात्मक बदलाव’ और ‘ऑपरेशन को सुव्यवस्थित करना’ बताया है। भारत में ओरेकल के पास लगभग </span>30,000<span lang="hi" xml:lang="hi"> कर्मचारियों का मजबूत आधार था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका अर्थ है कि इस अचानक लिए गए फैसले से भारत स्थित कंपनी की एक-तिहाई वर्कफोर्स सीधे तौर पर प्रभावित हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए सेवरेंस पैकेज की घोषणा तो की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इसे कई कड़ी शर्तों के अधीन रखा गया है। पैकेज के तहत सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए </span>15<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों का वेतन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नोटिस पीरियड पे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी शामिल है। इसके अतिरिक्त</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दो महीने के वेतन का ‘टॉप-अप’ ऑफर भी दिया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन यह लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो बिना किसी विरोध के स्वेच्छा से इस्तीफा देने पर सहमत होंगे। इस बीच</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कंपनी की कार्य संस्कृति पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कुछ पूर्व कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि </span>16-<span lang="hi" xml:lang="hi">घंटे की लंबी वर्क शिफ्ट का विरोध करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">आईटी जगत के जानकारों का मानना है कि ओरेकल में छंटनी का यह दौर अभी थमा नहीं है और अगले एक महीने के भीतर दूसरे दौर की कटौती की प्रबल आशंका है। इस छंटनी की मार न केवल भारत में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अमेरिका में कार्यरत भारतीय मूल के आईटी पेशेवरों पर भी पड़ी है। सूत्रों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विदेशी वीजा पर काम कर रहे भारतीयों को निकालना कंपनी के लिए स्थानीय कानूनों के लिहाज से आसान रहा है। फिलहाल ओरेकल ने भविष्य की योजनाओं पर कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन इस कदम ने भारतीय आईटी बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे आने वाले हफ्तों में अन्य कंपनियों पर भी दबाव बढ़ सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 15:43:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी सुनिश्चित कर रही : प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रही है कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में इजाफा हो।</p>
<p>केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित 51,000 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद रोजगार मेले के 15वें संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसरों का समय है।</p>
<p>उन्होंने डिजिटल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था वाला देश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140384/government-prime-minister-modi-is-ensuring-an-increase-in-employment"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठा रही है कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में इजाफा हो।</p>
<p>केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में चयनित 51,000 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद रोजगार मेले के 15वें संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसरों का समय है।</p>
<p>उन्होंने डिजिटल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था वाला देश बना रहेगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।</p>
<p>मोदी ने कहा कि ऑटोमोबाइल और फुटवियर उद्योगों में उत्पादन व निर्यात ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार पैदा हुए हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा किए गए बदलाव का हवाला देते हुए बताया कि अंतर्देशीय जलमार्ग के माध्यम से माल प्रबंधन की मात्रा 2014 में 1.8 करोड़ टन थी, जो बढ़कर 14.5 करोड़ टन हो गई है, जबकि राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या पांच से बढ़कर 110 हो गई है और उनकी लंबाई 2,700 किलोमीटर से बढ़कर 5,000 किलोमीटर से अधिक हो गई है।</p>
<p>मोदी ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह रही है कि विकास समावेशी रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।</p>
<p>मोदी ने कहा कि इस साल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में शीर्ष पांच में से तीन ‘टॉपर’ महिलाएं हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि 90 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं।</p>
<p>मोदी ने कहा कि इस दशक में युवाओं ने प्रौद्योगिकी, डेटा और नवाचार के क्षेत्र में भारत के उत्थान को गति दी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि देश ‘रियल टाइम’ डिजिटल लेनदेन में अग्रणी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबई में आयोजित होने वाला विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) भी युवाओं के लिए वैश्विक मंच पर अपने कौशल दिखाने का एक बड़ा अवसर होगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उन्हें कृत्रिम मेधा (एआई) और ‘इमर्सिव मीडिया’ को समझने का भी मौका मिलेगा तथा यह कार्यक्रम डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में एक नयी ऊर्जा का संचार करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 12:50:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत को 10-12 वर्ष तक सालाना 80 लाख नौकरियां पैदा करनी होंगी: मुख्य आर्थिक सलाहकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(योशिता सिंह)</p>
<p>न्यूयॉर्क, 21 अप्रैल (भाषा) भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अगले 10-12 वर्षों तक प्रति वर्ष कम से कम 80 लाख नौकरियां पैदा करनी होंगी तथा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विनिर्माण की हिस्सेदारी बढ़ानी होगी।</p>
<p>नागेश्वरन ने शनिवार को यहां कहा, “हमारा दृष्टिकोण 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करना है। भारत के आकार के अलावा सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अगले 10-20 वर्षों तक बाहरी वातावरण उतना अनुकूल नहीं रहने वाला है,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140265/india-will-have-to-create-80-lakh-jobs-annually-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-10/jobs.jpg" alt=""></a><br /><p>(योशिता सिंह)</p>
<p>न्यूयॉर्क, 21 अप्रैल (भाषा) भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अगले 10-12 वर्षों तक प्रति वर्ष कम से कम 80 लाख नौकरियां पैदा करनी होंगी तथा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विनिर्माण की हिस्सेदारी बढ़ानी होगी।</p>
<p>नागेश्वरन ने शनिवार को यहां कहा, “हमारा दृष्टिकोण 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करना है। भारत के आकार के अलावा सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अगले 10-20 वर्षों तक बाहरी वातावरण उतना अनुकूल नहीं रहने वाला है, जितना 1990 के बाद पिछले 30 वर्षों में रहा होगा।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “लेकिन इस संदर्भ में यह तो तय है कि आप एक सीमा से आगे अपना बाह्य वातावरण नहीं चुन सकते - हमें कम से कम अगले 10 से 12 वर्षों तक प्रति वर्ष 80 लाख नौकरियां पैदा करनी होंगी और जीडीपी में विनिर्माण का हिस्सा बढ़ाना होगा। हमें यह देखना होगा कि चीन ने विनिर्माण में, खासकर कोविड महामारी के बाद जबरदस्त प्रभुत्व हासिल कर लिया है।”</p>
<p>नागेश्वरन कोलंबिया विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स’ में भारतीय आर्थिक नीतियों पर ‘दीपक और नीरा राज केंद्र’ द्वारा आयोजित ‘कोलंबिया भारत शिखर सम्मेलन-2025’ को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई), प्रौद्योगिकी और रोबोटिक्स ऐसी चुनौतियां हैं जिनका सामना आज के कुछ विकसित देशों को अपनी वृद्धि यात्रा में नहीं करना पड़ रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “...लेकिन भारत को अपने आकार के हिसाब से इस विशाल, जटिल चुनौती से निपटना होगा और इसका कोई आसान जवाब नहीं है। अगर आप उन नौकरियों की संख्या देखें जिन्हें हमें बनाने की ज़रूरत है, तो यह हर साल लगभग 80 लाख नौकरियां हैं। ...और शुरुआती स्तर की नौकरियों को खत्म करने में एआई की बड़ी भूमिका हो सकती है, या कम आईटी-सक्षम सेवाओं वाली नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Apr 2025 13:37:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>काम, निजी जिंदगी में संतुलन की मौजूदा स्थिति से अधिकतर कर्मचारी असंतुष्टः रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) अधिकतर कर्मचारी कामकाज और निजी जिंदगी के बीच संतुलन की मौजूदा स्थिति से असंतुष्ट हैं जिसकी मुख्य वजह काम के घंटों में लचीलेपन की कमी है। सोमवार को एक रिपोर्ट में यह बात कही गई।</p>
<p>भर्ती और मानव संसाधन सेवा प्रदाता जीनियस कंसल्टेंट्स की सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, 52 प्रतिशत प्रतिभागी व्यक्तिगत और व्यावसायिक जिम्मेदारियों के प्रबंधन के तरीके से असंतुष्ट हैं और केवल 36 प्रतिशत कर्मचारी ही अपने वर्तमान कार्य-जीवन संतुलन से संतुष्ट हैं।</p>
<p>यह रिपोर्ट विभिन्न क्षेत्रों के 2,763 कर्मचारियों के बीच कराए गए एक सर्वेक्षण पर आधारित है।</p>
<p>सर्वेक्षण के मुताबिक, 40</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139552/work-most-employees-dissatisfied-with-the-current-situation-of-balance"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/7311_lady-working-woman-job-executive.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) अधिकतर कर्मचारी कामकाज और निजी जिंदगी के बीच संतुलन की मौजूदा स्थिति से असंतुष्ट हैं जिसकी मुख्य वजह काम के घंटों में लचीलेपन की कमी है। सोमवार को एक रिपोर्ट में यह बात कही गई।</p>
<p>भर्ती और मानव संसाधन सेवा प्रदाता जीनियस कंसल्टेंट्स की सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, 52 प्रतिशत प्रतिभागी व्यक्तिगत और व्यावसायिक जिम्मेदारियों के प्रबंधन के तरीके से असंतुष्ट हैं और केवल 36 प्रतिशत कर्मचारी ही अपने वर्तमान कार्य-जीवन संतुलन से संतुष्ट हैं।</p>
<p>यह रिपोर्ट विभिन्न क्षेत्रों के 2,763 कर्मचारियों के बीच कराए गए एक सर्वेक्षण पर आधारित है।</p>
<p>सर्वेक्षण के मुताबिक, 40 प्रतिशत कर्मचारियों का मानना है कि उनकी कंपनियां निजी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए घर से काम करने या लचीले कामकाजी घंटे देने जैसा लचीलापन पर्याप्त रूप से नहीं दिखाती हैं।</p>
<p>सर्वेक्षण में शामिल 79 प्रतिशत कर्मचारी मानते हैं कि काम से संबंधित तनाव उनके निजी जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। यह आंकड़ा कामकाजी संगठनों के लिए बेहतर नीतियों और मददगार प्रणालियों के जरिये कार्यस्थल पर तनाव दूर करने की तत्काल जरूरत को दर्शाता है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, 89 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं का मानना है कि यदि कंपनियां कर्मचारी कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य पहल को प्राथमिकता देती हैं तो वे अपनी नौकरी से अधिक संतुष्ट होंगे।</p>
<p>करियर में उन्नति के मामले में 47 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उनकी नौकरियों में करियर विकास के लिए पर्याप्त अवसर नहीं हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, 68 प्रतिशत कर्मचारियों को लगता है कि नौकरी में लगाए गए समय और प्रयास की तुलना में उनका वेतन कम है जो उनके भीतर असंतोष का भाव पैदा करता है।</p>
<p>जीनियस कंसल्टेंट्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आर पी यादव ने कहा, ‘‘जो नियोक्ता काम एवं निजी जीवन के बीच संतुलन और उचित पारिश्रमिक को प्राथमिकता देते हैं, वे कर्मचारियों की बेहतरी के साथ दीर्घकालिक व्यावसायिक सफलता को भी बढ़ावा देंगे।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/139552/work-most-employees-dissatisfied-with-the-current-situation-of-balance</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Mar 2025 20:22:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत ने झारखंड के लोगों को निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण संबंधी कानून पर रोक लगाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रांची, 12 दिसंबर (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में निजी क्षेत्र में 40,000 रुपये प्रति माह तक के वेतन वाली नौकरियों में स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण की गारंटी देने वाले कानून को लागू किए जाने पर रोक लगा दी है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायमूर्ति दीपक रोशन की खंडपीठ ने बुधवार को ‘झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम, 2021’ के प्रावधानों को चुनौती देने वाली एक लघु उद्योग संघ की याचिका पर सुनवाई की।</p>
<p>झारखंड विधानसभा द्वारा 2021 में पारित अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक नियोक्ता, जहां सकल मासिक वेतन या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/109382/the-court-stayed-the-law-related-to-75-percent-reservation-in-private-sector-jobs-for-the-people-of-jharkhand"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/court-symbol5.jpg" alt=""></a><br /><p>रांची, 12 दिसंबर (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में निजी क्षेत्र में 40,000 रुपये प्रति माह तक के वेतन वाली नौकरियों में स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण की गारंटी देने वाले कानून को लागू किए जाने पर रोक लगा दी है।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायमूर्ति दीपक रोशन की खंडपीठ ने बुधवार को ‘झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम, 2021’ के प्रावधानों को चुनौती देने वाली एक लघु उद्योग संघ की याचिका पर सुनवाई की।</p>
<p>झारखंड विधानसभा द्वारा 2021 में पारित अधिनियम के अनुसार, प्रत्येक नियोक्ता, जहां सकल मासिक वेतन या मजदूरी 40,000 रुपये से अधिक नहीं है, उसे ऐसे पदों के संबंध में कुल मौजूदा रिक्तियों में 75 प्रतिशत पदों को स्थानीय उम्मीदवारों द्वारा भरना होगा।</p>
<p>झारखंड लघु उद्योग संघ के वकील ए.के. दास ने कहा कि इस अधिनियम से राज्य के उम्मीदवारों और झारखंड से बाहर के उम्मीदवारों के बीच स्पष्ट विभाजन पैदा हो गया है।</p>
<p>दास ने दावा किया कि अधिनियम का कार्यान्वयन संविधान के सिद्धांतों के विरुद्ध है जो रोजगार में समानता की गारंटी देता है।</p>
<p>वकील ने दलील दी कि राज्य सरकार निजी कंपनियों को केवल एक निश्चित श्रेणी के लोगों को रोजगार देने के संबंध में निर्देश नहीं दे सकती।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा पहले ही निर्णय दिया जा चुका है, जिसने पंजाब एवं हरियाणा सरकारों द्वारा लाए गए इसी प्रकार के कानून को खारिज कर दिया था।</p>
<p>झारखंड उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार को याचिका पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया तथा 20 मार्च को इस पर पुनः सुनवाई की जाएगी।</p>
<p>झारखंड विधानसभा ने सितंबर 2021 में ‘झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम, 2021’ पारित किया था, जो निजी क्षेत्र में 40,000 रुपये प्रति माह तक के वेतन वाली नौकरियों में स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है।</p>
<p>इस विधेयक को विधानसभा की एक प्रवर समिति ने कुछ बदलावों के साथ मंजूरी दी थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Dec 2024 14:48:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कामकाज में श्रमबल की जगह लेंगी कृत्रिम मेधा प्रौद्योगिकी: पेटीएम संस्थापक शर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(प्रसून श्रीवास्तव)</p>
<p>जयपुर, 10 दिसंबर (भाषा) पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा ने मंगलवार को कहा कि कामकाज में श्रमबल की जगह लेने वाली प्रौद्योगिकियों को अपनाने में विफल रहने वाली स्टार्टअप कंपनियां लंबे समय तक टिक नहीं पाएंगी।</p>
<p>हालांकि, शर्मा ने राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश सम्मेलन में कहा कि उनकी कंपनी को प्रौद्योगिकी के विकास और कृत्रिम मेधा (एआई) को अपनाने को समर्थन के लिए और लोगों की जरूरत होगी।</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि क्या पेटीएम भी अपने कार्यबल को कम करने के लिए प्रौद्योगिकियों पर विचार कर रही है, उन्होंने कहा, ‘‘हमें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108734/artificial-intelligence-technology-will-replace-manpower-in-work--paytm-founder-sharma"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/vijay-shekhar-sharma-paytm.jpg" alt=""></a><br /><p>(प्रसून श्रीवास्तव)</p>
<p>जयपुर, 10 दिसंबर (भाषा) पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा ने मंगलवार को कहा कि कामकाज में श्रमबल की जगह लेने वाली प्रौद्योगिकियों को अपनाने में विफल रहने वाली स्टार्टअप कंपनियां लंबे समय तक टिक नहीं पाएंगी।</p>
<p>हालांकि, शर्मा ने राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश सम्मेलन में कहा कि उनकी कंपनी को प्रौद्योगिकी के विकास और कृत्रिम मेधा (एआई) को अपनाने को समर्थन के लिए और लोगों की जरूरत होगी।</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि क्या पेटीएम भी अपने कार्यबल को कम करने के लिए प्रौद्योगिकियों पर विचार कर रही है, उन्होंने कहा, ‘‘हमें प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहायता के लिए और अधिक लोगों को नियुक्त करने की आवश्यकता होगी। प्रौद्योगिकी अपनाने से प्रौद्योगिकी कंपनियां मजबूत होंगी।’’</p>
<p>शर्मा ने डिजिटल बदलाव पर आयोजित सत्र में कहा कि जो कुछ भी शारीरिक या मानसिक रूप से किया जा रहा है, उसका स्थान एआई लेगी। जैसे कार चलाना और और कोड लिखना। मानव कार्यों को प्रतिस्थापित करने के लिए प्रौद्योगिकी विकसित नहीं करने वाले स्टार्टअप लंबे समय तक नहीं चल पाएंगे।</p>
<p>शर्मा ने कहा, ‘‘यदि आप एक ऐसा स्टार्टअप नहीं बना रहे हैं जो मनुष्य के काम करने की बाध्यता को समाप्त कर देता है, तो आप एक ऐसी कंपनी नहीं बना रहे हैं जो पांच साल बाद भी बनी रहेगी।’’</p>
<p>शर्मा ने कहा कि पहले कंपनियां कर्मचारियों की संख्या से जानी जाती थीं लेकिन अब एक व्यक्ति वाली कंपनियां भी हो रही हैं जहां एआई उनका मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य मानव संसाधन अधिकारी है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मशीनें उन प्रक्रियाओं और प्रणालियों का ध्यान रखेंगी जो आमतौर पर मनुष्य करते हैं...।’’</p>
<p>शर्मा ने कहा कि एआई अर्थव्यवस्था, व्यापार और काम के लिहाज व्यापक स्तर पर बदलाव लाएगी। यह उन लोगों और देशों के हाथों में शक्ति केंद्रित करेगी जिनके पास कंप्यूटर और उन प्रणालियों का उपयोग करने की क्षमता है।</p>
<p>शर्मा ने कहा, ‘‘मैं यह सोचकर परेशान हो जाता हूं कि हमारे देश के कार्यबल का क्या होगा।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2024 20:04:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में जनवरी-मार्च 2025 में रोजगार परिदृश्य वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत:सर्वेक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) भारत में जनवरी-मार्च 2025 में रोजगार परिदृश्य वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत रहने के आसार हैं। एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई।</p>
<p>मैनपावरग्रुप रोजगार परिदृश्य सर्वेक्षण में शामिल 40 प्रतिशत कॉरपोरेट जगत के लोगों ने अगले तीन महीनों में अपने कर्मचारियों के स्तर की संख्या बढ़ाने की बात कही।</p>
<p>सर्वेक्षण में भारत के विभिन्न क्षेत्रों के 3,000 से अधिक नियोक्ताओं को शामिल किया गया। मंगलवार को जारी इस सर्वेक्षण के अनुसार, 53 प्रतिशत नियोक्ता कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, जबकि 13 प्रतिशत नियोक्ताओं ने 2025 कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108458/employment-outlook-in-india-strongest-globally-in-january-march-2025--survey"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-10/jobs.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 10 दिसंबर (भाषा) भारत में जनवरी-मार्च 2025 में रोजगार परिदृश्य वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत रहने के आसार हैं। एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई।</p>
<p>मैनपावरग्रुप रोजगार परिदृश्य सर्वेक्षण में शामिल 40 प्रतिशत कॉरपोरेट जगत के लोगों ने अगले तीन महीनों में अपने कर्मचारियों के स्तर की संख्या बढ़ाने की बात कही।</p>
<p>सर्वेक्षण में भारत के विभिन्न क्षेत्रों के 3,000 से अधिक नियोक्ताओं को शामिल किया गया। मंगलवार को जारी इस सर्वेक्षण के अनुसार, 53 प्रतिशत नियोक्ता कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, जबकि 13 प्रतिशत नियोक्ताओं ने 2025 कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही में कर्मचारियों की संख्या कम करने की आशंका जतायी। वहीं 31 प्रतिशत नियोक्ता किसी बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।</p>
<p>मैनपावरग्रुप के भारत एवं पश्चिम एशिया के प्रबंध निदेशक संदीप गुलाटी ने कहा, ‘‘ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है और 2025 की पहली तिमाही के लिए रोजगार परिदृश्य में वैश्विक नेता के रूप में इसकी स्थिति देश की आर्थिक प्रगति में नियोक्ताओं के विश्वास को दर्शाती है।’’</p>
<p>भारत में सबसे अधिक 40 प्रतिशत शुद्ध रोजगार अनुमान प्रतिशत है। इसके बाद 34 प्रतिशत के साथ अमेरिका, 32 प्रतिशत के साथ मेक्सिको का क्रमश: दूसरा तथा तीसरा स्थान है। अर्जेंटीना के लिए रोजगार पूर्वानुमान सबसे खराब -1 प्रतिशत रहा। वहीं वैश्विक औसत 25 प्रतिशत आंका गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2024 14:23:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि में नवंबर में मामूली गिरावट;रोजगार वृद्धि 2005 के बाद सबसे तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) देश में सेवा क्षेत्र की गतिविधियां नवंबर में मामूली गिरावट के साथ 58.4 रह गई, जबकि इस क्षेत्र में रोजगार में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।</p>
<p>मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सेवा व्यवसाय गतिविधि सूचकांक अक्टूबर के 58.5 से नवंबर में मामूली गिरावट के साथ 58.4 रहा।</p>
<p>क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम अंक का आशय संकुचन से होता है।</p>
<p>एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘‘ भारत की सेवा क्षेत्र की गतिविधियों की वृद्धि दर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/106246/slight-decline-in-india-s-services-sector-growth-in-november--employment-growth-fastest-since-2005"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-05/8043_job-girl-woman-office-executive-pen-write-lady1.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, चार दिसंबर (भाषा) देश में सेवा क्षेत्र की गतिविधियां नवंबर में मामूली गिरावट के साथ 58.4 रह गई, जबकि इस क्षेत्र में रोजगार में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।</p>
<p>मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सेवा व्यवसाय गतिविधि सूचकांक अक्टूबर के 58.5 से नवंबर में मामूली गिरावट के साथ 58.4 रहा।</p>
<p>क्रय प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम अंक का आशय संकुचन से होता है।</p>
<p>एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘‘ भारत की सेवा क्षेत्र की गतिविधियों की वृद्धि दर नवंबर में 58.4 रही जो पिछले महीने के 58.5 से केवल थोड़ा सा कम है। नवंबर में सेवा क्षेत्र में रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। यह 2005 में इस सर्वेक्षण के शुरू होने के बाद से अभी तक की सबसे तेज गति से बढ़ा।’’</p>
<p>भंडारी ने कहा, ‘‘ नियुक्तियों में उछाल क्षेत्र में कारोबारी आत्मविश्वास में सुधार, नए ऑर्डर में वृद्धि तथा जोरदार अंतरराष्ट्रीय मांग दर्शाता है...’’</p>
<p>सर्वेक्षण में शामिल लोगों ने अपनी सेवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय मांग में सुधार का संकेत देना जारी रखा, जबकि नए निर्यात ऑर्डर में तीन महीनों में सबसे तेज वृद्धि हुई, लेकिन यह वर्ष के मध्य में देखी गई वृद्धि से काफी कम है।</p>
<p>कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ, श्रम लागत ने मुद्रास्फीति पर दबाव डाला। कुल मिलाकर व्यय तथा ‘आउटपुट’ शुल्क क्रमशः 15 महीनों और लगभग 12 वर्षों में सबसे तेज दर से बढ़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 14:28:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बड़ी-बड़ी कंपनियों के बाद अब इस कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी फर्म से भी बड़े पैमाने पर काम से निकालें जायेंगे कर्मचारी</title>
                                    <description><![CDATA[कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी फर्म  ज़ूम लगभग 1,300 कर्मचारियों या अपने कार्यबल के 15 प्रतिशत को बंद करने की योजना
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/89569/after-big-companies-now-this-communication-technology-firm-has-also"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/zoom.jpg" alt=""></a><br /><p>इन दिनों अमेजॉन, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों में बड़े पैमाने पर होने वाली छंटनी के बारे में सुनने को मिला था। अब कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी फर्म ज़ूम लगभग 1,300 कर्मचारियों, या अपने कार्यबल के 15 प्रतिशत को बंद करने की योजना बना रही है। इस बात की जानकारी कंपनी के सीईओ एरिक युआन ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पर दी। कोरोना के कारण दुनिया भर में लगाये गये लॉकडाउन के समय ऑनलाइन क्लास लेने से लेकर मीटिंग करने तक के लिए ज़ूम एप्लीकेशन का बहुत उपयोग हुआ करता था। </p>
<p><strong>कर्मचारियों को ईमेल के जरिए दी जाएगी सूचना</strong></p>
<p>आपको बता दें कि कंपनी के सीईओ एरिक युआन ने अपने ब्लॉग में कहा कि अमेरिका में काम करने से प्रभावित "हमारे मेहनती, प्रतिभाशाली सहयोगी" को एक ईमेल प्राप्त होगा और सभी गैर-अमेरिकी कर्मचारियों को भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार सूचित किया जाएगा। युआन ने आगे कहा कि अगर आप अमेरिका में काम कर रहे हैं और आप भी इस छंटनी में शामिल हैं तो आपको अगले 30 मिनट के अंदर जूम और पर्सनल इनबॉक्स में एक ईमेल मिलेगा। जिसमें लिखा होगा कि [IMPACTED] Departing Zoom- आपको क्या जानने की जरूरत है। गैर-अमेरिकी कर्मचारियों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अधिसूचित किया जाएगा।</p>
<p><strong>काम से निकलने वाले कर्मचारियों को मिलेगा ये लाभ</strong></p>
<p>हालांकि, जो अमेरिका में काम कर रहे थे और छंटनी में शामिल हैं, उन्हें 16 सप्ताह का वेतन और इंश्योरेंस की पेशकश की जाएगी। कंपनी के द्वारा कर्मचारी के वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान किये प्रदर्शन के आधार पर वार्षिक बोनस का भुगतान भी किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Feb 2023 16:52:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ये लो! इस शख्स ने तो कुत्तों को घुमा-घुमाकर बना लिए करोड़ो, अब दूसरों को दे रहा है नौकरी</title>
                                    <description><![CDATA[कभी बच्चों को पढ़ाने का काम करता था अब है डॉग वॉकर, ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/89285/here-you-go-this-person-has-made-crores-by-roaming"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-01/a20230127-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>पैसा हर एक की जरुरत होती है। हर कोई पैसा कमाने के लिए कुछ न कुछ तो करता ही है। कोई अपना खुद का व्यवसाय करता है तो कोई नौकरी। हालांकि कुछ लोगों का काम ऐसा भी होता है जिसे सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं। ऐसा ही एक काम है दूसरे लोगों के कुत्तों को टहलाने का पार्ट टाइम काम।</p>
<p>आप सोच रहे होंगे कि यह काम तो ठीक है, लेकिन इस काम से ज्यादा से ज्यादा क्या ही मिल जाता होगा? कोई ये सब करके कितना ही कमा लेगा? लेकिन आपको जानकर ये हैरानी होगी कि एक शख्स इसी काम को करते हुए करोड़पति बन गया। सुनने में भले ही अजीब लगेगा लेकिन ये बात सच है।</p>
<p><strong>पहले था शिक्षक अब करता है कुत्तों को सैर</strong></p>
<p>आपको बता दें कि एक आदमी जो कभी बच्चों को पढ़ाता था, उसने अब कुत्ते की सैर को अपने पूर्णकालिक व्यवसाय में बदल दिया है। इसी काम को करते हुए करोड़पति बन गया। इस व्यवसाय को डॉग वॉकर कहा जाता है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, माइकल जोसेफ नाम का शख्स बतौर टीचर साल के 30 लाख रुपए कमाता था, लेकिन डॉग वॉकिंग बिजनेस शुरू कर एक साल में ही करोड़पति बन गया। इस काम से उन्होंने एक साल में करीब 1 करोड़ की कमाई की। इसके बाद उन्होंने फुल टाइम डॉग वॉकिंग बिजनेस शुरू किया। इस बिजनेस से उन्होंने न्यूजर्सी में अपना घर खरीदा और खुद की कार भी खरीद ली।</p>
<p><strong>दूसरों को भी नौकरी देता है</strong></p>
<p>2019 में उनसे पार्क में किसी ने पूछा कि क्या वह अपने कुत्तों के साथ अपने कुत्तों को घुमाएंगे। माइकल ने नौकरी के लिए हां कर दी। इस काम से उन्हें अच्छी खासी आमदनी होने लगी। उन्होंने पार्कसाइड पप्स नाम से अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया। इस काम के लिए लोग उसे आधे घंटे के लिए 1500 रुपये देते है। इतना ही नहीं अब जोसेफ ने इसके लिए एक ऐप भी लॉन्च किया है और कई कर्मचारियों को काम पर रखा है। उनके रेट के हिसाब से एक कुत्ते को 1 घंटे घुमाने का चार्ज 2000-2500 रुपए तक है। साथ ही यदि कोई अपने कुत्ते को प्रशिक्षण देना चाहता हैं, तो उसके लिए 5000 रुपये तक का भुगतान करना होता है और यदि आपको कुत्ते को एक रात के लिए रखना होता है  तो उसके लिए 5200 रुपये शुल्क लिया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jan 2023 00:41:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>व्हाट्सएप इंडिया के एक और बड़े अधिकारी ने दिया अपने पद से इस्तीफा, लिंक्डइन पर साझा की जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[व्हाट्सएप पे इंडिया के प्रमुख विनय सोलंकी ने कल कहा कंपनी को अलविदा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>दुनियाभर के बड़ी टेक कंपनियों में छंटनी के बीच एक और बड़े अधिकारी के अपने पद से इस्तीफा देने की खबर सामने आई है। दरअसल व्हाट्सएप इंडिया के एक और शीर्ष अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया है। अक्टूबर 2021 में व्हाट्सएप पे बैक में मर्चेंट पेमेंट्स के प्रमुख के रूप में शामिल हुए और बाद में सितंबर 2022 में व्हाट्सएप पे इंडिया के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने वाले विनय छोलेटी ने बुधवार को एक लिंक्डइन पोस्ट के माध्यम से अपने इस्तीफे की घोषणा की।</div><div><br /></div><h2>अपने पोस्ट में क्या लिखा?</h2><div><br /></div><div>आपको बता दें कि अपने इस्तीफे के बारे में विनय ने बताते हुए लिखा 'व्हाट्सएप पे पर आज मेरा आखिरी दिन था और मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि भारत में व्हाट्सएप के पैमाने और प्रभाव को देखना एक शानदार अनुभव रहा है। व्यक्तिगत रूप से पिछला एक साल सीखने और उत्साह से भरा एक शानदार सफर रहा है।  मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि ग्राहक व्हाट्सएप पे का इस्तेमाल कर इसे अपना रहे हैं।'</div><div><br /></div><h2>इन अधिकारियों ने भी छोड़ी कंपनी</h2><div><br /></div><div>गौर करने वाली बात ये है कि व्हाट्सएप पे प्रमुख विनय ने उस समय इस्तीफा दिया है जब पहले ही व्हाट्सएप इंडिया के प्रमुख अभिजीत बोस और मेटा इंडिया के सार्वजनिक नीति निदेशक राजीव अग्रवाल सहित कई अन्य शीर्ष अधिकारी कंपनी छोड़ चुके है।  हाल ही में मेटा इंडिया के प्रमुख अजीत मोहन ने भी कंपनी छोड़ दी है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/80839/another-senior-official-of-whatsapp-india-resigns-from-his-post-information-shared-on-linkedin</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Dec 2022 08:14:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वड़ोदरा : दोस्त को मिली न्यूजीलैंड में नौकरी, साथ रहने वाले दोस्त ने कंपनी को फर्जी मेल भेजकर किया बदनाम, कंपनी ने नहीं दिया काम</title>
                                    <description><![CDATA[साइबर क्राइम सेल में दर्ज हुआ मामला, एक दोस्त ने न्यूजीलैंड की कंपनी को फर्जी ईमेल भेजकर दोस्त की नौकरी छुड़वाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>शहर के युवक को न्यूजीलैंड में नौकरी मिलने के बाद उसके साथ रह रहे एक दोस्त ने न्यूजीलैंड की एक कंपनी को फर्जी ईमेल भेजकर नौकरी पाने से रोकने की कोशिश की। साइबर क्राइम की पूरी जानकारी सामने आने के बाद दोस्त के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है।</div><div><br /></div><div>क्या है मामला?</div><div><br /></div><div>मामले में मिली जानकारी के अनुसार शहर के प्रतापनगर दंतेश्वर क्षेत्र में रहने वाले धर्मेंद्र दिनकर जादव एक निजी कंपनी में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं.  उसने पिछले साल अगस्त में एक दोस्त के हवाले से न्यूजीलैंड की एक निजी कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन किया था।  कुछ दिन बाद जूम के जरिए इंटरव्यू हुआ।  तो धर्मेंद्र जादव ने इसकी जानकारी वडोदरा में रहने वाले अपने दोस्त रवि मिश्रा को दी और उन्हें भी कंपनी का ईमेल पता देकर आवेदन करने को कहा.</div><div><br /></div><h2>कंपनी ने अस्वीकार किया आवेदन</h2><div><br /></div><div>नौकरी के लिए प्रक्रिया करने के बाद न्यूजीलैंड की कंपनी के निदेशक का फोन आया और आपके नाम पर जमीन हड़पने की शिकायत है, ऐसा मेल न्यूजीलैंड दूतावास, कानूनी विभाग और कंपनी के मेल पर आया है। इस मेल की वजह से दूतावास में हमारी कंपनी का नाम खराब हो रहा है। हम इस कंपनी में नौकरी के लिए आपके आवेदन को रद्द करते हैं। बाद में दोस्त मिहिर पटेल से बात करने पर उन्हें बताया गया कि आपके ईमेल के कारण अन्य जिन लोगों को लिया जाना था उनकी प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है।</div><div>धर्मेंद्र जादव ने जब रामजी मंदिर के ट्रस्टी से बात की तो पता चला कि उन्होंने ऐसा कोई ईमेल नहीं भेजा था, तो धर्मेंद्र जादव ने ईमेल एड्रेस के आधार पर वडोदरा साइबर क्राइम में इसकी शिकायत की।</div><div><br /></div><h2>पुलिस में दर्ज कराई शिकायत</h2><div><br /></div><div>पुलिस ने इसकी जांच की और पाया कि ईमेल आईडी से जुड़ा मोबाइल नंबर धर्मेंद्र जादव के दोस्त रवि मिश्रा का है।  रवि ने ही न्यूजीलैंड की कंपनी को अपने दोस्त धर्मेंद्र के खिलाफ झूठा ईमेल भेजा था और माफीनामा भी भेजा था।  लिहाजा धर्मेंद्र जादव ने अपने दोस्त रवि मिश्रा के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मानहानि और प्रतिष्ठा खराब करने की शिकायत दर्ज कराई है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>वड़ोदरा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Dec 2022 15:59:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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