<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/4703/hindu-temple" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Hindu Temple - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/4703/rss</link>
                <description>Hindu Temple RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>केरल : अनंतपद्मनाभ स्वामी मंदिर की झील में 70 सालों से रहने वाले ‘शाकाहारी’ मगरमच्छ की हुई मौत</title>
                                    <description><![CDATA[शनिवार से था लापता, मंदिर में बने ‘प्रसादम’ पर ही निर्भर रहता था ‘बाबिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83737/kerala-vegetarian-crocodile-living-for-70-years-dies-in-ananthapadmanabha-swamy-temple-lake"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/1653_jpg202210111613580000.jpg" alt=""></a><br /><div><div>केरल के श्री अनंतपद्मनाभ स्वामी मंदिर की झील में बीते कई दशकों से रहने वाले एकमात्र ‘शाकाहारी’ मगरमच्छ की मौत हो जाने से माहौल गमगीन बन गया है। शनिवार से लापता और 9 अक्टूबर देर रात मृत पाया गया यह मगरमच्छ था मंदिर की झील में 70 साल से रह रहा था। इस बात की जानकारी मंदिर के अधिकारियों ने दी। साथ ही उन्होंने बताया कि मगरमच्छ को ‘बबिया’ नाम से पुकारा जाता था और ये मंदिर में बने ‘प्रसादम’ पर ही निर्भर था. बबिया मंदिर का प्रसाद चावल और गुड़ खाता था।</div><div><br /></div><h2>शनिवार को हुआ था लापता</h2><div><br /></div><div>इस मामले में बात करें तो शनिवार को लापता होने के बाद रविवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे मगरमच्छ मृत अवस्था में झील में पाया गया।  इस घटना की सूचना पुलिस और पशुपालन विभाग को देने के बाद मंदिर प्रशासन ने मृत मगरमच्छ को शीशे के बक्से में रखा गया।  विभिन्न राजनेताओं सहित कईं लोगों ने सोमवार को उसके अंतिम दर्शन किए। </div><div><br /></div><h2>हस्तियों ने जताया शोक</h2><div><br /></div><div>इस मगरमच्छ के मरने की जानकारी सामने आने के बाद बहुत से लोगों ने बाबिया को श्रृद्धांजलि अर्पित की है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने भी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से बबिया को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा, ''बबिया चला गया. दशकों तक, वह कुंबला अनंतपुरम महाविष्णु मंदिर में लगातार मौजूद रहा. लाखों श्रद्धालुओं ने इसे भगवान की छवि मानकर इसके दर्शन किए. प्रणाम.'' केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि 70 वर्षों से अधिक समय से मंदिर में रहने वाले ‘भगवान के इस मगरमच्छ’ को ‘सद्गति’ प्राप्त हो.</div><div><br /></div><h2>मंदिर की वेबसाइट पर दी गई ये जानकारी</h2><div><br /></div><div>आपको बता दें कि ये महाविष्णु मंदिर उत्तरी केरल के कासरगोड जिले के कुंबला के पास अनंतपुर में है। इस मंदिर को तिरुवनंतपुरम के श्री अनंत पद्मनाभ स्वामी मंदिर के मूल स्रोत 'मूलस्थान' के रूप में जाना जाता है। मंदिर के अनुसार , मंदिर की झील से जुड़ी बहुत ही असामान्य घटनाएं हुईं. पुराने लोग बताते हैं कि मंदिर की झील में एक ही मगरमच्छ रहता है। स्थानीय लोगों, पंडितों और आध्यात्मिक लोगों के मुताबिक, जब एक मगरमच्छ मर जाता है तो झील में दूसरा आ जाता है। बबिया, जिसकी मृत्यु हुई, वह तीसरा इस झील का तीसरा मगरमच्छ था।  हैरानी की नात ये है कि मंदिर के पास कोई नदी या तालाब नहीं है जहां मगरमच्छ मौजूद हों। महाविष्णु मंदिर की झील में इसकी मौजूदगी भागवत पुराण की प्रसिद्ध गजेंद्र मोक्ष कहानियों में से एक की याद दिलाती है।</div></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83737/kerala-vegetarian-crocodile-living-for-70-years-dies-in-ananthapadmanabha-swamy-temple-lake</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/83737/kerala-vegetarian-crocodile-living-for-70-years-dies-in-ananthapadmanabha-swamy-temple-lake</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Oct 2022 16:24:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-10/1653_jpg202210111613580000.jpg"                         length="71091"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान: सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला, हिन्दू धर्म स्थल तोड़ने वाले अरोपियों को ही करानी होगी स्थल की मरम्मत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधान न्यायाधीश गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली दो न्यायाधीशों की पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि समाधि के विस्तार के लिए और भूमि आवंटित की जाए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/84308/pakistan-supreme-court-has-given-a-historic-verdict-only-those-accused-who-break-hindu-religious-places-will-have-to-get-the-site-repaired"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/5072_1.png" alt=""></a><br /><div>पाकिस्तान में हिन्दुओं पर अत्याचार की खबर कोई नई नहीं है। आयर दिन अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की ख़बरें सामने आती रहती है। पाकिस्तान में हिन्दुओं को प्रताड़ित करने के साथ साथ उन्हें पवित्र धर्म स्थल को तोड़ा-फोड़ा जाता है। ऐसे ही एक मामले में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनते हुए हिंदू संत परमहंसजी महाराज की समाधि में तोड़फोड़ करने के आरोपियों पर 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। वहां की अदालत ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार को जुर्माना लगाकर एक महीने के भीतर स्थल की मरम्मत करने का आदेश दिया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी चिंता के साथ फैसला सुनाया है।</div><div>जानकारी के अनुसार प्रधान न्यायाधीश गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली दो न्यायाधीशों की पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि समाधि के विस्तार के लिए और भूमि आवंटित की जाए। पीठ ने कहा कि अतिरिक्त जमीन के लिए स्थानीय लोगों से संपर्क किया जा सकता है। अगर वे जमीन बेचने को तैयार हैं, तो प्रांतीय सरकार इसे खरीदकर  समाधी का विस्तार करेगी। </div><div>पाकिस्तानी इतिहास को देखें तो सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला इसलिए भी ऐतिहासिक बनता है क्योंकि ऐसा फैसला अल्पसंख्यकों के पक्ष में पहली बार हुआ है। इस फैसले को कई पीढ़ियां याद रखेंगी। इससे पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय का न्यायपालिका में विश्वास बढ़ा है। खैबर पख्तूनख्वा सरकार पहले भी अदालती आदेशों का पालन करने में लापरवाही बरतती रही है।</div><div>वहीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी अपने देश के चल रहे अल्पसंख्यक हिन्दुओं के प्रताड़ना पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि कोमिला में दुर्गा पूजा स्थलों और हिंदू मंदिरों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कोमिला में हुए हमले की जांच की जाएगी और एक भी अपराधी को रिहा नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिससे हमारा देश प्रभावित हो और हम हिंदुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़े। अगर भारत में कुछ होता है तो हम वहां के हिंदुओं को प्रभावित करते हैं। उन्होंने यह बात राजधानी ढाका के ढाकेश्वरी मंदिर में दुर्गा पूजा के अवसर पर हिंदुओं का अभिवादन करते हुए कही। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री पूजा महोत्सव में शामिल हुए।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/84308/pakistan-supreme-court-has-given-a-historic-verdict-only-those-accused-who-break-hindu-religious-places-will-have-to-get-the-site-repaired</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/84308/pakistan-supreme-court-has-given-a-historic-verdict-only-those-accused-who-break-hindu-religious-places-will-have-to-get-the-site-repaired</guid>
                <pubDate>Sat, 16 Oct 2021 18:59:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-10/5072_1.png"                         length="54815"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांग्लादेश : मुस्लिम समुदाय ने किया अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर हमला, मंदिर-पंडाल तोड़े, तीन लोगों की हुई मौत</title>
                                    <description><![CDATA[बांग्लादेश में दुर्गा पूजा समारोह दौरान कुछ हिंदू मंदिर में तोड़-फोड़ की गई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/84307/bangladesh-muslim-community-attacked-minority-hindus-in-neighboring-country-demolished-temple-pandals-three-people-died"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/8604_screenshot13.png" alt=""></a><br /><div>हमारे पड़ोसी देशों से हिन्दुओं पर अत्याचार की खबरें आये दिन आती रहती है। खास कर पाकिस्तान और बांग्लादेश में आये दिन अल्पसंख्यक हिन्दुओं को प्रताड़ित किया जाता है। एक बार फिर बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार की घटना सामने आई है। दरअसल बांग्लादेश में मुस्लिम समुदाय द्वारा हिन्दुओं के धार्मिक स्थानों को निशाना बनाया गया है। जानकारी के अनुसार बांग्लादेश में दुर्गा पूजा समारोह दौरान कुछ हिंदू मंदिर में तोड़-फोड़ की गई। इसके बाद शुरू हुए तनाव में तीन लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हो गए। माहौल इतना बिगड़ गया कि सरकार को 22 जिलों में अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा।</div><div>आपको बता दें कि दुर्गा पूजा हिंदुओं का पवित्र त्योहार है। नवरात्रि पर माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। लेकिन, यह जीवंत त्योहार बांग्लादेश के हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के लिए हिंसा और बर्बरता में बीता। फेसबुक पर वायरल हुई एक फेक पोस्ट के बाद इस्लामिक समुदाय ने अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ बर्बरता की।  राजधानी ढाका से लगभग सौ किलोमीटर दूर कुमिला में एक पोस्ट के बाद दोनों समुदाय के बीच हिंसक झड़प हुई जिसमें काफी नुकसान हुआ और फिर इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने इस मामले को शांत करने की कोशिश की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चाँदपुर के हाजीगंज, चटोग्राम और कोक्सबाजार में भी हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएँ भी सामने आई हैं। चाँदपुर के हाजीगंज, चट्टोग्राम के बंशखली, चपैनवाबगंज के शिबगंज और कॉक्स बाजार के पेकुआ में मंदिरों पर बेरहमी से हमला किया गया और हिंदू भक्तों को पीटा गया। इस हिंसक झड़प कथित तौर पर तीन हिंदू मारे गए हैं। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Spreading rumors of insulting the Qur'an, the puja mandapa of Nanua Dighi par in Comilla was attacked. <a href="https://t.co/KmljSISWFu">https://t.co/KmljSISWFu</a> <a href="https://t.co/4oM1gS46yJ">pic.twitter.com/4oM1gS46yJ</a></p>— Bangladesh Hindu Unity Council (@UnityCouncilBD) <a href="https://twitter.com/UnityCouncilBD/status/1448215985987600387?ref_src=twsrc%5Etfw">October 13, 2021</a></blockquote> <div>आपको बता दें कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा के बारे में कई स्थानीय हिंदू और हिंदू संगठनों ने ट्विटर पर इस इस्लामिक बर्बरता के दृश्यों को साझा किया है। सरकार ने बांग्लादेश पुलिस रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) और बांग्लादेश के अर्धसैनिक सीमा गार्ड को शांति व्यवस्था बनाएं रखने के लिए तैनात किया था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने आपातकालीन सूचना जारी कर लोगों से शांति बनाएं रखने का अनुरोध किया है। नोटिस में सांप्रदायिक सद्भाव और शांति का आह्वान दोहराया गया था।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/84307/bangladesh-muslim-community-attacked-minority-hindus-in-neighboring-country-demolished-temple-pandals-three-people-died</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/84307/bangladesh-muslim-community-attacked-minority-hindus-in-neighboring-country-demolished-temple-pandals-three-people-died</guid>
                <pubDate>Thu, 14 Oct 2021 20:24:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-10/8604_screenshot13.png"                         length="65799"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत नहीं बल्कि इस देश में भी है हजारों साल पुराना रहस्यमयी शिवलिंग</title>
                                    <description><![CDATA[वहां के लोग इसे मानते है भाग्य का पत्थर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/80175/thousands-of-years-old-mysterious-shivling-is-not-in-india-but-in-this-country-too"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/2302_1.jpg" alt=""></a><br /><div>दुनिया में बहुत सी रहस्यमयी मंदिर और मूर्तियाँ हैं। ऐसा ही एक रहस्यमयी शिवलिंग है, लेकिन यह भारत में नहीं बल्कि आयरलैंड में है। कहा जाता है कि आयरलैंड में सैकड़ों साल पहले जादुई शक्तियों वाले लोगों ने इस शिवलिंग की स्थापना की थी। कई बार लोगों ने उन्हें चोट पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन कोई इनका कुछ नहीं बिगाड़ सका।</div><div>जानकारी के अनुसार आयरलैंड के काउंटी मिथ में तारा हिल क्षेत्र में विशाल पत्थर की ईंटों का घेरा बनाकर इस शिवलिंग की स्थापना की गई थी। वहां के लोग इसे एक रहस्यमयी पत्थर मानते हैं और इसे लिआ फिल (भाग्य का पत्थर) कहते हैं और इसकी पूजा करते है। फ्रांसीसी भिक्षुओं के प्राचीन दस्तावेज के अनुसार, चार मास्टर्स के खनिक, इसकी स्थापना एक निश्चित जादुई शक्ति वाले समूह के नेता टुथा डी डेनॉन ने की थी। यह दस्तावेज़ 1632-1636 में लिखा गया था। तूथा दी दान यानी देवी दानू की संतान ने 1897 ईसा पूर्व से 1700 ईसा पूर्व तक आयरलैंड पर शासन किया। यह पत्थर इतना खास था कि इसका इस्तेमाल 500 ईस्वी तक सभी आयरिश राजाओं के राज्याभिषेक के लिए किया जाता था।</div><div>देवी दानू यूरोपीय परंपरा में एक नदी देवी थी। इससे कई नदियां भी जुड़ी हुई हैं। कुछ आयरिश ग्रंथों में देवी दानू के पिता को सर्वश्रेष्ठ देवता कहा गया है। वैदिक परंपरा में भी दानू देवी का उल्लेख मिलता है। दनु देवी दक्ष की बेटी और नदियों की देवी कश्यप मुनि की पत्नी थीं। संस्कृत में दानु शब्द का अर्थ बहता हुआ जल होता है। दक्ष सती और दानु की पुत्री थीं। दक्ष की दूसरी पुत्री माता सती का विवाह भगवान शिव से हुआ था। वैदिक परंपरा को मानने वालों के अनुसार लिया फेल नाम काफी हद तक शिव लिंग से मिलता-जुलता है।</div><div>आपको बता दें कि कई लोगों ने आयरिश शिवलिंग को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह क्षतिग्रस्त नहीं हुआ। पूरे विश्व में भगवान शिव की पूजा की जाती थी। इसके बहुत सारे सबूत हैं। आईएस आतंकवादियों द्वारा नष्ट किए गए निमरुद जैसे प्राचीन शहरों में भी शिव पूजा के साक्ष्य मिले थे।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/80175/thousands-of-years-old-mysterious-shivling-is-not-in-india-but-in-this-country-too</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/80175/thousands-of-years-old-mysterious-shivling-is-not-in-india-but-in-this-country-too</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Sep 2021 22:33:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-09/2302_1.jpg"                         length="48446"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना को देखते हुए इस मंदिर ने लिया बड़ा फैसला, बिना वैक्सीनेशन नहीं मिलेगा प्रवेश</title>
                                    <description><![CDATA[मंदिर ट्रस्ट ने भक्तों से वैक्सीन लगवाने की विनंती की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। इसके लिए टीकाकरण अभियान पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में छोटीला माताजी मंदिर में भी कोरोना से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। अब छोटा डूंगर ट्रस्ट ने एक नया फैसला लिया है। मंदिर के अनुसार बिना वैक्सीन लिए आने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।</div><div>जानकारी के अनुसार चोटिला डूंगर ट्रस्ट द्वारा लिए गए एक नए निर्णय के अनुसार, केवल उन भक्तों को माताजी के दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी, जिन्हें टीका लगा गया हो। ऐसे में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को अपने साथ वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र रखना होगा जिससे पता चल सके कि उन्हें कोरोना का टीका लगाया गया है।</div><div>आपको बता दें कि चोटिला मंदिर के महंत ने भी सभी श्रद्धालुओं से कोविड वैक्सीन लेने की अपील की है। इतना ही नहीं, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही मास्क पहनना होता है। इसके अलावा सामाजिक दूरी समेत सारे जरूरी नियमों का पालन करना होगा।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/67814/in-view-of-corona-this-temple-has-taken-a-big-decision-will-not-get-admission-without-vaccination</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/67814/in-view-of-corona-this-temple-has-taken-a-big-decision-will-not-get-admission-without-vaccination</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Sep 2021 19:31:55 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान में हिन्दू : जन्माष्टमी के उत्सव के दौरान दंगाइयों में किया मंदिर पर हमला, कृष्ण जी की मूर्ति तोड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान के सिंध में हिंदू धर्म के लोगों और स्थानों पर हमले बहुत आम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/84253/hindus-in-pakistan-during-the-celebration-of-janmashtami-rioters-attacked-the-temple-broke-the-idol-of-krishna-ji"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/7734_pakistan-hindu.jpg" alt=""></a><br /><div>पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र के सांघार जिले के खिप्रो में जन्माष्टमी के दिन दंगाइयों ने कृष्ण मंदिर में तोड़फोड़ की.  सोमवार को दंगाइयों ने मंदिर में कृष्ण प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की। यह घटना मंदिर में जन्माष्टमी के त्योहार को मनाने के लिए आयोजित की गई एक धार्मिक समारोह के दौरान हुई। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है। इसके बाद पूरे इलाके में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। हालांकि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।</div><div>आपको बता दें कि यह जानकारी एक पाकिस्तानी एक्टिविस्ट वकील राहत ऑस्टिन द्वारा दी गई। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक कृष्ण मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। उन्होंने आगे कहा कि हमला उस समय किया गया जब भक्त मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा कर रहे थे।</div><div>इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें साझा की गईं जिनमें दिखाया गया कि कैसे भक्तों पर हमला किया जा रहा था। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदुओं और हिंदू मंदिरों पर हमले आम हैं। इस महीने की शुरुआत में, लाहौर से लगभग 590 किलोमीटर दूर रहीम यार खान जिले के भोंग शहर में भीड़ द्वारा एक हिंदू मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।</div><div>गौरतलब है कि मानवाधिकार संगठन मूवमेंट फॉर सॉलिडेरिटी एंड पीस (MSP) के अनुसार, पाकिस्तान में हर साल 1,000 से अधिक ईसाई और हिंदू महिलाओं या लड़कियों का अपहरण किया जाता है। फिर उनका धर्म परिवर्तन किया जाता है और इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार उनकी शादी कर दी जाती है। ज्यादातर पीड़ितों की उम्र 12 से 25 साल के बीच है। आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक, पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं, जिनमें से ज्यादातर सिंध प्रांत में हैं। भारत ने कई मौकों पर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर-पीओके) में अल्पसंख्यकों और गैर-इस्लामिक धार्मिक संरचनाओं पर हमलों पर चिंता व्यक्त की है। पिछले साल, सिंध, पाकिस्तान में कई मंदिरों पर हमला किया गया था, जिसमें माता रानी भाटिया का मंदिर, गुरुद्वारा श्री का जन्मस्थान और खैबर पख्तूनख्वा में कराक का हिंदू मंदिर शामिल था। पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/84253/hindus-in-pakistan-during-the-celebration-of-janmashtami-rioters-attacked-the-temple-broke-the-idol-of-krishna-ji</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/84253/hindus-in-pakistan-during-the-celebration-of-janmashtami-rioters-attacked-the-temple-broke-the-idol-of-krishna-ji</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Aug 2021 20:41:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-08/7734_pakistan-hindu.jpg"                         length="58225"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान : मात्र 5 दिनों में की गई मंदिर की मरम्मत, जल्द ही शुरू होगी पुजा</title>
                                    <description><![CDATA[हिरासत में लिए गए लोगों से वसूल किए जाएँगे मंदिर की मरम्मत का खर्च, ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/84161/pakistan-temple-repair-done-in-just-5-days-worship-will-start-soon"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/8873_s1-100821.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">पाकिस्तान में पोचले हफ्ते भीड़ द्वारा एक हिंदू मंदिर के तोड़े जाने की घटना सामने आई थी। जिसके कारण काफी विवाद खड़ा हुआ था। मंदिर में हुई तोडफोड के खिलाफ पाकिस्तान में बस्ने वाले हिंदुओं ने काफी विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों को सजा देने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार द्वारा मात्र 5 दिनों के अंदर ही मंदिर की मरम्मत कर दी गई और हिंदू समुदाय के लोगों को फिर से सौंप दिया गया है। जिला प्रशासनीय अधिकारी के अनुसार जल्द ही स्थानीय लोग जल्द ही पुजा पाठ शुरू कर सकेगे। </span><br /></div><div>गौरतलब है कि पाँच दिन पहले ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मंदिर पर हमला किया था। सभी लोगों ने मंदिर पर हमला कर मंदिर के प्रवेशद्वार पर आग लगा दी थी। यह सभी इस बात से गुस्सा थे कि कोर्ट द्वारा कुछ आठ वर्षीय हिंदू बालकों को एक धार्मिक स्कूल का अपमान करने के केस में जमानत दे दी गई थी। सभी बालकों पर कथित तौर पर आरोप था कि उन्होंने स्कूल की लाइब्रेरी पर पेशाब किया था, जहां इस्लाम संबंधी धार्मिक चीजें रखी थी। भीड़ ने आरोप लगाया था कि सभी लोगों ने ईशनिंदा की है, जिसकी सजा मात्र मौत है।</div><div>पर सभी बालकों को कोर्ट ने जमानत दे दी थी। जिसके चलते उन्होंने मंदिर में तोड़फोड़ की थी। इस मामले में तकरीबन 10-12 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन सभी को मंदिर की मरम्मत में हुये खर्च का पैसा देना होगा, ऐसा आदेश दिया गया है। उल्लेखनीय है की पिछले कई सालों से पाकिस्तान में हिंदू मंदिरो पर हमले की घटना काफी बढ़ गई है। </div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/84161/pakistan-temple-repair-done-in-just-5-days-worship-will-start-soon</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/84161/pakistan-temple-repair-done-in-just-5-days-worship-will-start-soon</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Aug 2021 14:31:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-08/8873_s1-100821.jpg"                         length="13804"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        