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                <description>Somnath RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सोमनाथ स्वाभिमान पर्व : 11 मई को सोमनाथ पहुंचेंगे पीएम मोदी, ऐतिहासिक समारोह में होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 09 मई (वेब वार्ता)। आस्था, साहस और भारतीय सभ्यता की अमर पहचान माने जाने वाले सोमनाथ मंदिर का इतिहास एक बार फिर चर्चा में है।</p>
<p>‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के जरिए इस वर्ष मंदिर पर हुए पहले हमले के 1,000 साल और इसके पुनर्निर्माण के बाद दोबारा उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने का विशेष आयोजन किया जा रहा है। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई को सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे।</p>
<p>गुजरात के सौराष्ट्र तट पर प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला और सबसे पवित्र माना जाता है। शिव पुराण में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147034/somnath-swabhiman-parv-pm-modi-will-reach-somnath-on-may"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/6751_somnath.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 09 मई (वेब वार्ता)। आस्था, साहस और भारतीय सभ्यता की अमर पहचान माने जाने वाले सोमनाथ मंदिर का इतिहास एक बार फिर चर्चा में है।</p>
<p>‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के जरिए इस वर्ष मंदिर पर हुए पहले हमले के 1,000 साल और इसके पुनर्निर्माण के बाद दोबारा उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने का विशेष आयोजन किया जा रहा है। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई को सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे।</p>
<p>गुजरात के सौराष्ट्र तट पर प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला और सबसे पवित्र माना जाता है। शिव पुराण में वर्णित यह मंदिर भगवान शिव, भगवान कृष्ण और शक्ति की उपासना का प्रमुख केंद्र है।</p>
<p>द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र में भी सोमनाथ को सबसे पहला स्थान दिया गया है, जो भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत में इसकी सर्वोच्च पहचान को दर्शाता है।</p>
<p>सोमनाथ मंदिर का इतिहास संघर्ष और पुनर्निर्माण की अद्भुत गाथा है। वर्ष 1026 में इस मंदिर पर पहला बड़ा हमला हुआ था। इसके बाद 11वीं से 18वीं शताब्दी तक कई बार मंदिर को तोड़ा गया और लूटा गया, लेकिन हर बार भक्तों और राजाओं ने इसे फिर से खड़ा किया।</p>
<p>12वीं शताब्दी में राजा कुमारपाल ने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। इसके बाद जूनागढ़ के राजा और फिर इंदौर की मराठा महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने भी सोमनाथ मंदिर को नई पहचान दी।</p>
<p>स्वतंत्रता के बाद लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1947 में सोमनाथ के खंडहरों का दौरा किया और इसके पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। उनका मानना था कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण भारत के सांस्कृतिक आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करेगा। इसके बाद जनभागीदारी और राष्ट्रीय संकल्प के साथ वर्तमान मंदिर का निर्माण कैलाश महामेरु प्रसाद वास्तुशैली में किया गया।</p>
<p>11 मई 1951 को भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का पुनः उद्घाटन किया। आज, 75 साल बाद भी सोमनाथ भारत की आस्था, गौरव और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बना हुआ है।</p>
<p>सोमनाथ की कहानी केवल मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि उन वीरों की भी है जिन्होंने इसकी रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इनमें वीर हमिरजी गोहिल का नाम विशेष रूप से लिया जाता है। माना जाता है कि 1299 में जफर खान के हमले के दौरान उन्होंने मंदिर की रक्षा करते हुए बलिदान दिया था।</p>
<p>‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारत की उसी अटूट आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का उत्सव है। यह आयोजन एक तरफ 1026 में हुए पहले हमले की याद दिलाता है, तो दूसरी तरफ 1951 में मंदिर के पुनः उद्घाटन के जरिए भारत के सांस्कृतिक पुनर्जन्म का संदेश देता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं, ने मंदिर को भारत की ‘अजेय आत्मा’ का प्रतीक बताया है। उन्होंने ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र के साथ सोमनाथ में अगले 1,000 दिनों तक विशेष पूजा आयोजित करने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने लोगों से इस ऐतिहासिक काल में सोमनाथ आने की अपील भी की है।</p>
<p>जनवरी 2026 में भी प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हिस्सा लिया था। इस दौरान 72 घंटे तक ओंकार मंत्र का जाप हुआ और राष्ट्र की समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई। प्रभास पाटन में 108 घोड़ों के साथ भव्य शौर्य यात्रा भी निकाली गई, जो मंदिर की रक्षा करने वाले योद्धाओं को समर्पित थी।</p>
<p>दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से 30 अप्रैल 2026 को ‘चलो चलें सोमनाथ’ अभियान के तहत विशेष ट्रेन रवाना की गई थी। इस यात्रा में 1300 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। 1 मई को यात्रा सोमनाथ पहुंची, जहां आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया गया।</p>
<p>अरब सागर के किनारे स्थित यह भव्य मंदिर 150 फीट ऊंचे शिखर से सुसज्जित है, जिसके ऊपर 10 टन का कलश स्थापित है। मंदिर परिसर में 1666 स्वर्ण कलश और 14,200 ध्वज इसकी भव्यता को और बढ़ाते हैं। हर साल यहां 92 से 97 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।</p>
<p>सोमनाथ ट्रस्ट केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है।</p>
<p>ट्रस्ट ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए कंप्यूटर शिक्षा, सिलाई, डिजिटल साक्षरता और रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ जैसी पहल गांवों तक डिजिटल शिक्षा पहुंचा रही है।</p>
<p>कोविड-19 महामारी के दौरान ट्रस्ट ने पहली लहर में 8.73 करोड़ रुपए और दूसरी लहर में 2.21 करोड़ रुपए की सहायता दी। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ रुपये का योगदान भी दिया गया। ऑक्सीजन प्लांट, मेडिकल सहायता और जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाने का काम भी किया गया।</p>
<p>सोमनाथ को 2018 में ‘स्वच्छ आइकॉनिक प्लेस’ घोषित किया गया था। यहां मंदिर के फूलों से वर्मी कम्पोस्ट बनाई जाती है, प्लास्टिक कचरे से पावर ब्लॉक तैयार किए जाते हैं और हर महीने लगभग 30 लाख लीटर पानी को रीसायकल किया जाता है। 7200 पेड़ों वाला मियावाकी जंगल हर साल करीब 93 हजार किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है।</p>
<p>महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी सोमनाथ एक मिसाल बन चुका है। मंदिर ट्रस्ट के 906 कर्मचारियों में 262 महिलाएं हैं। बिल्व वन से लेकर प्रसाद वितरण और भोजन सेवा तक में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कुल 363 महिलाओं को सीधे रोजगार मिला है, जिनकी सालाना आय लगभग 9 करोड़ रुपये है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 17:37:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमनाथ में शुरू किए गए ‘राम नाम मंत्र लेखन यज्ञ’ में सहभागी बने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को प्रभास पाटण स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव का भक्ति भाव पूर्वक पूजन और जलाभिषेक किया। इसके बाद मुख्यमंत्री सोमनाथ ट्रस्ट के श्री राम मंदिर में चल रहे ‘सोमनाथ से अयोध्या राम नाम मंत्र लेखन यज्ञ’ में सहभागी बने। ‘सोमनाथ से अयोध्या राम नाम मंत्र लेखन यज्ञ’ का शुभारंभ देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में अपने गुजरात दौरे के दौरान गांधीनगर स्थित राजभवन में हुई सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक के बाद पहली बार राम नाम लिखकर कराया था। राम नाम मंत्र लेखन यज्ञ की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री</p>
<p>उल्लेखनीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/96973/gujarat-chief-minister-bhupendra-patel-became-a-participant-in-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-11/d04112023-13.jpg" alt=""></a><br /><p> मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को प्रभास पाटण स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव का भक्ति भाव पूर्वक पूजन और जलाभिषेक किया। इसके बाद मुख्यमंत्री सोमनाथ ट्रस्ट के श्री राम मंदिर में चल रहे ‘सोमनाथ से अयोध्या राम नाम मंत्र लेखन यज्ञ’ में सहभागी बने। ‘सोमनाथ से अयोध्या राम नाम मंत्र लेखन यज्ञ’ का शुभारंभ देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में अपने गुजरात दौरे के दौरान गांधीनगर स्थित राजभवन में हुई सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक के बाद पहली बार राम नाम लिखकर कराया था। राम नाम मंत्र लेखन यज्ञ की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल शनिवार, 4 नवंबर को अपने सोमनाथ दौरे के दौरान वहां स्थित राम मंदिर में मंत्र लेखन में शामिल हुए।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि सोमनाथ और राम मंदिर के बीच अद्वितीय समानताएं हैं। विसर्जन के बाद सृजन की यह महागाथा राष्ट्र की एकता को सुदृढ़ करने का कार्य करेगी। अयोध्या में तैयार हो रहे भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय सोमनाथ में लिखे गए राम नाम मंत्र समर्पित किए जाएंगे। जिस तरह भगवान राम की सेना द्वारा पत्थरों पर राम नाम लिखकर समुद्र पर राम सेतु का निर्माण किया गया था, उसी तरह देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा संघर्षपूर्ण भूतकाल से आगे बढ़कर नए भारत के भाग्योदय तक के राम नाम लेखन रूपी सेतु का निर्माण हो रहा है। यज्ञ के पहले ही दिन 1.51 लाख से अधिक राम नाम का लिखा जाना इस बात का प्रमाण है कि भाविक भक्तों ने इस यज्ञ को आत्मसात कर लिया है। सोमनाथ में देवाधिदेव महादेव और श्री राम प्रभु के सान्निध्य में राम नाम लेखन आत्मा को प्रसन्नता देता है।</p>
<p> श्री राम नाम लेखन यज्ञ में जुड़कर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज ‘सोमनाथ से अयोध्या राम नाम मंत्र लेखन यज्ञ’ से जुड़ने का धन्य अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने सोमनाथ आने वाले देश-विदेश के भक्तों को राम नाम मंत्र लेखन यज्ञ से जोड़कर अखंड भारत के राम नाम लेखन रूपी सेतु के निर्माण के लिए सोमनाथ ट्रस्ट को बधाई दी। इस अवसर पर सोमनाथ ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री जे. डी. परमार और सचिव श्री योगेन्द्रभाई देसाई ने मुख्यमंत्री का स्वागत-सम्मान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Nov 2023 18:35:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : दो विशिष्ट संस्कृतियों के संगम का यह कार्यक्रम भारत के सांस्कृतिक इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय बनेगा  : मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[यह अनूठा कार्यक्रम यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के सपने को पूर्ण करने की दिशा में अति महत्वपूर्ण सिद्ध होगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91356/gujarat-this-program-of-confluence-of-two-distinctive-cultures-will"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/d16042023-021.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">‘जय सोमनाथ’ और ‘वणक्कम’ के ऊष्मा पूर्ण अभिवादन के साथ मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने सौराष्ट्र-तमिल संगम कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणा व मार्गदर्शन में भगवान सोमनाथ महादेव के पवित्र सान्निध्य में यह ऐतिहासिक मिलन सृजित हुआ है। तमिलनाडु से सोमनाथ आए बंधुओं का स्वागत करते हुए पटेल ने कहा कि सदियों पहले तमिलनाडु जा चुके सौराष्ट्र मूल के तमिल निवासियों को अपने पैतृक वतन की यात्रा करने और इस प्रकार दो संस्कृतियों के संगम के उत्सव का यह अनूठा कार्यक्रम यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के सपने को पूर्ण करने की दिशा में अति महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>‘सौराष्ट्र-तमिल संगम’ उत्सव इस राष्ट्रीय एकता की नींव मज़बूत करेगा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि दो विशिष्ट संस्कृतियों के संगम का यह अनूठा कार्यक्रम भारत के सांस्कृतिक इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय बनेगा। श्री पटेल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जात-पात या किसी भी प्रकार के भेदभाव के बिना सब का समावेश करने वाली विकास की राजनीति की शुरुआत की है। उन्होंने तमिल बंधुओं से अनुरोध किया कि वे गुजरात के विभिन्न तीर्थ स्थानों और दूसरे प्रसिद्ध स्थलों को ज़रूर विज़िट करें और साथ ही दूसरों को इसके  <br />लिए प्रेरित करें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>इस उत्सव के बाद तमिलनाडु व गुजरात के बीच साहित्य, व्यापार, संस्कृति एवं वाणिज्य का आदान-प्रदान बढ़ेगा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">श्री पटेल ने आगे कहा कि भारत में विभिन्न भाषाएँ व अलग-अलग संस्कृति हैं, परंतु ये अलग-अलग संस्कृति, ध्येय और भावना से सभी एक सूत्र में जुड़े हुए हैं। कृष्णलाल श्रीधराणी और झवेरचंद मेघाणी जैसे साहित्यकारों के जरिये गुजराती साहित्य उज्ज्वल बना है, तो उसी प्रकार तमिल भाषा में वही भावनाएँ व्यक्त करने वाले कवि सुब्रमणियम जैसे कवि रत्न हैं। ये सारी बातें हम सब को जोड़ती हैं। नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में सौराष्ट्र-तमिल संगम के बाद तमिलनाडु तथा गुजरात के बीच साहित्य, व्यापार, संस्कृति तथा वाणिज्य का आदान-प्रदान बढ़ेगा। यह उत्सव हमारे राष्ट्रीय एकता की नींव बनेगा। उन्होंने अपील की कि इस माध्यम से हम अधिक से अधिक निकट आने का सामूहिक प्रयास करते रहें। मुख्यमंत्री ने ‘निक्का नांदरी’, ‘जय सोमनाथ’, ‘जय-जय गरवी गुजरात’ से संबोधन का समापन किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Apr 2023 19:56:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन व नेतृत्व में देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण क्षेत्र में हो रहा है अभूतपूर्व कार्य : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया सहित अन्य कई महानुभावों की रही प्रेरक उपस्थिति ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91354/under-the-guidance-and-leadership-of-gujarat-prime-minister-unprecedented"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/d16042023-03.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सौराष्ट्र-तमिल संगम कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विश्व के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव के सान्निध्य में तमिलनाडु तथा गुजरात; इन दो प्रदेशों के मिलन का यह कार्यक्रम भारत के सांस्कृतिक वैभव के दर्शन कराता है। भगवान सोमनाथ महादेव के पवित्र सान्निध्य में और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया सहित महानुभावों की प्रेरक उपस्थिति में सोमवार को केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कर कमलों से ‘सौराष्ट्र-तमिल संगम’ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के सपने को सार्थक करने की दिशा में गुजरात में सौराष्ट्र-तमिल संगम कार्यक्रम का आयोजन हुआ है, जिसके कारण यहाँ पधारे तमिल लोगों को भगवान सोमनाथ और अपनी पैतृक भूमि के दर्शन का अवसर मिला है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सीमा सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा के साथ-साथ आज देश में संस्कृति की सुरक्षा भी अनिवार्य</strong></p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा के साथ-साथ आज देश में संस्कृति की सुरक्षा भी अनिवार्य है। किसी भी राष्ट्र की सीमा को सुरक्षित रखने के लिए सीमा सुरक्षा आवश्यक है, उसी प्रकार उसकी अस्मिता बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक सुरक्षा भी बहुत ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में इस दिशा में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। हम देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण युग के साक्षी बने हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दो प्रदेशों के मिलन का यह कार्यक्रम भारत के सांस्कृतिक वैभव के दर्शन कराता है</strong></p>
<p style="text-align:justify;">राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से पूर्व में काशी-तमिल संगम का भव्य आयोजन हुआ था। इस प्रकार के आयोजन भारत की विभिन्न संस्कृतियों के बीच संबंधों को और मजबूत करने वाले और देश की एकता को दृढ़ करने वाले होते हैं। भारत एक विचार के साथ-साथ एक ऐसी अनुभूति भी है, जिसकी व्याख्या शब्दों से नहीं की जा सकती। इस विचार को सदियों से हुए विदेशी आक्रमण भी नष्ट नहीं कर सके। उसी प्रकार सौराष्ट्र की धरती पर समुद्री मार्ग से हुए अनेक आक्रमण सौराष्ट्र के जोश को तोड़ नहीं सके। आक्रमणकारी धन-वैभव लूट ले गए, उन्होंने साथ ही साथ मंदिरों, घरों, विद्यालयों, पुस्तकालयों को तोड़ा और उन्हें नष्ट किया, परंतु वे आक्रमणकारी सौराष्ट्र वासियों के मनोबल को नहीं तोड़ सके और सौराष्ट्र वासी बार-बार उठ खड़े होते रहे हैं। ऐसे सौराष्ट्र वासी अपने धर्म तथा संस्कृति को बचाने के लिए सदियों पहले तमिलनाडु में स्थायी हुए, अपनी मेहनत व बुद्धि से समृद्ध हुए, और उन्होंने तमिलनाडु के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>30 अप्रैल तक गीर सोमनाथ तथा द्वारका में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे</strong></p>
<p style="text-align:justify;">दूध में चीनी की भाँति एक-दूसरे के साथ घुल-मिल जाना और दूसरों को अपना लेना भारतीय संस्कृति का विशिष्ट लक्षण होता है। सौराष्ट्र-तमिल संगम ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का एक श्रेष्ठ उदाहरण है। ऐसे मूल सौराष्ट्र वासी तमिल आज जब अपने पैतृक भूमि की यात्रा पर आए हैं, तब ऐसा संगम लग रहा है, जैसे भारत के पश्चिमी समुद्र का जल दक्षिणी समुद्र के जल के साथ एक हो रहा हो। रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गाद अपि गरियसी’ अर्थात् माता तथा मातृ भूमि स्वर्ग से भी ऊँचे हैं। इस श्लोक व भाव का जीवंत उदाहरण आज का पवित्र संगम बना है। उन्होंने कहा कि आज का  <br />कार्यक्रम वर्ष 2006 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी द्वारा तमिल बंधुओं को आमंत्रित किए जाने के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दस दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत पहले दिन 300 तमिल यात्री सोमनाथ पहुँचे</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर वेंकटरमण, त्यागराग भगवापार तथा गुजरात के नरसिंह मेहता जैसे संतों को याद करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण की भजन परम्परा को श्रद्धावान मूल सौराष्ट्रियन तमिलों ने आगे बढ़ाया। एक समुद्र के छोर पर भगवान सोमेश्वर शिव बसते हैं, जबकि दूसरे छोर पर भगवान राम द्वारा स्थापित रामेश्वरम् है। यह संगम दोनों संस्कृतियों को जोड़ने वाला अद्भुत संगम है। इस समुदाय का इतिहास विकास साधने वाला रहा है। कला-साहित्य तथा भाषा के क्षेत्र में सौराष्ट्र के योगदान की चर्चा करते हुए राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि इस संगम में इन सभी क्षेत्रों का सूक्ष्मता के साथ विचार किया गया है। मुझे विश्वास है कि यह संगम दोनों राज्यों के लोगों और दोनों राज्यों के विकास में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Apr 2023 19:56:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : सौराष्ट्र तमिल संगम, तमिल भाषा में साइन बोर्ड के साथ तमिल बंधुओं के स्वागत के लिए सोमनाथ तैयार </title>
                                    <description><![CDATA[गुजरात और तमिलनाडु की संस्कृतियों का एक शानदार सम्मेलन सौराष्ट्र तमिल संगम तट पर होने वाला है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91329/gujarat-saurashtra-tamil-sangam-somnath-ready-to-welcome-tamil-brothers"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/d16042023-02.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री के 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के दृष्टिकोण को साकार करते हुए, गुजरात और तमिलनाडु की संस्कृतियों का एक शानदार सम्मेलन सौराष्ट्र तमिल संगम तट पर होने वाला है। सोमनाथ मूल रूप से सौराष्ट्र के रहने वाले और तमिलनाडु में बसे भाई-बहनों के स्वागत के लिए तैयार है। गुजरात के कोने-कोने से आए कलाकारों ने सोमनाथ मंदिर के आसपास के प्रभास क्षेत्र में 'वराहरुपम', 'दशावतारम', 'शेषशैय्या' जैसे भारतीय संस्कृति में पौराणिक महत्व को दर्शाने वाले भित्ति-चित्रों से सजाया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>तीर्थ स्थलों से तमिल सभ्यता की ऐतिहासिक विरासत को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाती हैं</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गुजरात के कोने-कोने से आए कलाकारों ने 90 से अधिक चित्रों से सोमनाथ मंदिर परिसर और प्रभासतीर्थ को अपनी अनूठी कलात्मकता से सजाया है। ये सभी पेंटिंग जैसे पलायन और प्रभास की भूमि में विभिन्न तीर्थ स्थलों से तमिल सभ्यता की ऐतिहासिक विरासत को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाती हैं। विजापुर के एक कलाकार राघवभाई प्रजापति ने कहा, "यहां जब लोग हमारी कला के साथ सेल्फी लेते हैं तो बड़ी खुशी होती है। सौराष्ट्र तमिल संगम में हमारी टीम की कलात्मकता के माध्यम से प्रभास तीर्थ की सेवा करने के लिए मैं अपनी पूरी टीम की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता  <br />हूं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>तमिल बंधु ध्वज पूजा भी अच्छी तरह से कर सके</strong></p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही मंदिर में होने वाला लाइट एंड साउंड शो भी अंग्रेजी भाषा में प्रस्तुत किया जाएगा। कलाकारों द्वारा विशेष रूप से सौराष्ट्र और तमिल गठबंधन को दर्शाने वाले भित्ति चित्र भी तैयार किए गए हैं और सभी व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि तमिल बंधु ध्वज पूजा भी अच्छी तरह से कर सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Apr 2023 22:23:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमनाथ महादेव का दर्शन-पूजन किया</title>
                                    <description><![CDATA[सोमनाथ ट्रस्ट ने असम के मुख्यमंत्री को सोमनाथ महादेव का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90991/gujarat-assam-chief-minister-himanta-biswa-sarma-visited-somnath-mahadev"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/d04042023--03.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">असम राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पत्नी के साथ प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव के दर्शन करने पहुंचे। देवाधिदेव सोमनाथ महादेव के दर्शन कर वे अपने को धन्यता की अनुभूति की। साथ ही उन्होंने सोमनाथ महादेव का अभिषेक कर पूजन सामग्री अर्पित की। असम के मुख्यमंत्री ने भी सोमनाथ में सोमनाथ महादेव की सोमेश्वर महापूजा की। हेमंत बिस्वा शर्मा का सोमनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी ने शास्त्रोक्त रीति से विभिन्न द्रव्यों से पूजन किया। सोमनाथ ट्रस्ट ने असम के मुख्यमंत्री को सोमनाथ महादेव का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ऐतिहासिक बाण स्तम्भ के दर्शन किए</strong></p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही जब सोमनाथ में ऐतिहासिक बाण स्तम्भ के दर्शन कर ऐतिहासिक जानकारी दी तो सदियों पूर्व भारतीय दर्शन में दक्षिण ध्रुव एवं समुद्री मार्गों के सटीक उल्लेख को लेकर उन्होंने सांस्कृतिक अस्मिता पर रोष प्रकट किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुल 8 जिलों में वस्त्र प्रसाद व महा प्रसाद का वितरण किया गया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि इससे पहले सोमनाथ ट्रस्ट ने महाशिवरात्रि पर जामनगर, सुरेंद्रनगर, बोटाद, कच्छ, पाटन, महिसागर, खेड़ा, नर्मदा समेत कुल 8 जिलों में वस्त्र प्रसाद और महाप्रसाद का वितरण किया था। फिर फागन मास की मासिक शिवरात्रि पर यह वितरण कार्यक्रम राज्य के 4 और जिलों भावनगर, मोरबी, पोरबंदर और वडोदरा में आयोजित किया गया। जिसमें सोमनाथ ट्रस्ट ने जिलों के कलेक्टरों और अधिकारियों से संपर्क कर सोमनाथ महादेव का वस्त्र प्रसाद और महाप्रसाद अग्रिम रूप से वितरित किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>माता पार्वती को अर्पित की गई साड़ियां माताओं बहनों को बांटी गईं</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सोमनाथ ट्रस्ट अब तक राज्य के 12 जिलों में सोमनाथ महादेव को समर्पित वस्त्रों का वितरण कर चुका है, साथ ही सोमनाथ महादेव को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र और सोमनाथ का प्रसाद, चिक्की और लड्डू का प्रसाद, बड़ो, युवकों को पैंट-शर्ट पीस एवं माताओं-बहनों को मां पार्वती को अर्पण की गई साड़ी वितरित की गई। हर शिवरात्रि पर्व से पहले, यह मानवता सभर वस्त्रप्रसाद सेवा विशेष रूप से सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा जिला प्रशासन के समन्वय से आयोजित की जाती है। वहीं सोमनाथ महादेव के वस्त्र प्रसाद व चिकी प्रसाद प्रशासन को निर्धारित स्थानों पर पहुंचाया जाता है। सोमनाथ ट्रस्ट भविष्य में प्रतिमास शिवरात्रि पर राज्य के और जिलों में प्रशासन के समन्वय से वस्त्र प्रसाद और महा प्रसाद का वितरण भी करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Apr 2023 21:02:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात  :  सोमनाथ महादेव के दर्शन करने पहुंचे दंपति के चाय पीने के दौरान बैल भड़का, महिला अस्पताल में भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[ महिला के साथ रहा पुरुष दूसरी तरफ जा गिरा ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/89023/gujarat-the-couple-who-went-to-visit-somnath-mahadev-was"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/kulhad-chai-tea.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">गुजरात में हाई कोर्ट की फटकार के बाद कुछ समय के लिए प्रशासन हरकत में आई, लेकिन फिर वही स्थिति देखने को मिल रही है। आवारा पशुओं को लेकर कई बार ज्ञापन देने के बाद भी सरकारी तंत्र जाग नहीं रहा है। राज्य में आवारा पशुओं के चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो चुकी है या गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी क्रम में सोमवार को सोमनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आया पर्यटक दंपति चाय पी रहा था, तभी आवारा मवेशी हिंसक रूप से उछल पड़ा। जिसमें महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चाय पीते समय बैल कूद गया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमनाथ मंदिर के पास चाय की लॉरी के पास खड़े पर्यटक युगल चाय पी रहे थे और अवारा मवेशियों ने उन्हें चपेट में ले लिया। महिला के घायल होने पर उसे इलाज के लिए एंबुलेंस से सिविल अस्पताल भेज दिया गया। जबकि उनके साथ मौजूद युवक साइड में गिर गया। इस घटना के बाद आसपास के लोग दौड़े-दौड़े पर्यटक दंपति के पास पहुंचे और उन्हें उठाकर बैठाया और ईलाज की व्यवस्था की। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">महिला के घायल होने पर 108 एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। सोमनाथ मंदिर के आसपास के इलाकों में आवारा मवेशियों और बैलों द्वारा पर्यटकों पर हमला किए जाने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। अवारा पशुओं के त्रास को समाप्त करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से पर्यटकों व स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jan 2023 23:08:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोमनाथ : मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को अब मिलेगा विशेष ‘चिकित्सकीय लाभ’, पांच मिनट में बीस जितनी रिपोर्ट्स और डिजिटल डॉक्टरों से जाँच</title>
                                    <description><![CDATA[बारह ज्योतिलिंगों में से एक सोमनाथ महादेव के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु उठा सकेंगे डिजिटल डॉक्टर नामक एक नई सुविधा का लाभ
कनाडा के दानवीर मुकुंद पुरोहित परिवार ने मंदिर को दिया एक उन्नत स्वास्थ्य पॉड-डिजिटल डॉक्टर मशीन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>सोमनाथ ट्रस्ट को कनाडा के दानवीर मुकुंद पुरोहित परिवार द्वारा एक उन्नत स्वास्थ्य पॉड-डिजिटल डॉक्टर मशीन उपहार में दी गई है। इस डिजिटल डॉक्टर-हेल्थ पॉड मशीन के माध्यम से ईसीजी सहित 20 से अधिक मेडिकल रिपोर्ट पांच मिनट से भी कम समय में प्राप्त की जा सकती है।</div><div>आपको बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की प्रेरक उपस्थिति में दानवीर मुकुंद पुरोहित ने गांधीनगर में सोमनाथ ट्रस्ट के ट्रस्टी पीके लहरी, सचिव योगेंद्र देसाई को यह मशीन समर्पित करने वाला पत्र भेंट किया। मुख्यमंत्री ने पुरोहित परिवार के मानव स्वास्थ्य कल्याण के दृष्टिकोण की सराहना की। इस हेल्थ पॉड डिजिटल डॉक्टर मशीन की मुख्य विशेषता यह है कि यह बैठे-बैठे व्यक्ति का ईसीजी लेती है और वह भी 5 मिनट से भी कम समय में इसकी रिपोर्ट प्राप्त हो जाती है।</div><div>इसके अलावा मशीन बॉडी मास इंडेक्स, ब्लड प्रेशर, बॉडी सेल मास, बॉडी फैट मास, बॉडी, मिनरल कंटेंट, मिनरल और प्रोटीन कंटेंट, विसरल फैट और कई अन्य की जाँच कर त्वरित रिपोर्ट प्रदान करती है। इस मशीन को टेलीमेडिसिन से जोड़ा गया है ताकि मरीज की रिपोर्ट आते ही वह पैनल पर मौजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों से एक क्लिक से बात कर सके और डॉक्टर रिपोर्ट देखकर ही दवा लिख दे। इस मशीन से जुड़ा डायटीशियन डॉक्टर डायट चार्ट बनाकर मरीज को भेजता है। इस मशीन द्वारा प्राप्त रिपोर्ट मरीज को उसके ईमेल पर, यहां तक कि व्हाट्सएप पर भी भेजी जाती है। प्रत्येक रोगी रिपोर्ट का विवरण ईमेल के माध्यम से भेजा जाता है। यह मशीन बेहद आधुनिक डिजिटल तकनीक से जुड़ी है।</div><div>मशीन द्वारा सृजित प्रत्येक रिपोर्ट चिकित्सकीय रूप से मान्य होती है। 4 इंच के थर्मल प्रिंटर, पेमेंट गेटवे से जुड़ी ऑडियो आउटपुट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा वाली एक मशीन, बायोमेट्रिक लॉगइन, बारकोड रीडर, स्मार्ट कार्ड पेमेंट और कई अन्य खूबियों से लैस इस मशीन की कीमत करीब 10 लाख रुपये है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/69173/somnath-devotees-coming-to-the-temple-will-now-get-special-medical-benefits-20-as-many-reports-in-five-minutes-and-digital-doctors-check-up</link>
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                <pubDate>Sun, 04 Sep 2022 10:31:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : सोमनाथ दादा के दर्शन को जाएंगे शहर के चार हजार वरिष्ठ नागरिक</title>
                                    <description><![CDATA[श्रवण तीर्थ दर्शन योजना के तहत सरकार द्वारा इन सभी के लिए 15 अगस्त को सोमनाथ में प्रथम ज्योतिर्लिंग दर्शन की व्यवस्था की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/75770/surat-four-thousand-senior-citizens-of-the-city-will-go-to-see-somnath-dada"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/6751_somnath.jpg" alt=""></a><br /><div>राज्य के वरिष्ठ शहरों में श्रावण मास में तीर्थयात्रा के हिस्से के रूप में श्रवण तीर्थ दर्शन योजना लागू की गई है। राज्य के परिवहन मंत्री पूर्णेश मोदी ने अपनी विधानसभा में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए श्रवण तीर्थ दर्शन योजना के तहत 15 अगस्त को सोमनाथ में प्रथम ज्योतिर्लिंग दर्शन की व्यवस्था की है। जिसके तहत सूरत शहर से 4,000 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को 75 बसों में ले जाने की योजना है।</div><div>जानकारी के अनुसार 15 अगस्त सोमवार को भगवान महादेव के दर्शन का लाभ वरिष्ठ नागरिकों को प्राप्त करने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही चोटिला, गोंडल, खोदलधाम, भालका तीर्थ, स्वामीनारायण मंदिर वड़ताल और भरूच नर्मदा भी लिया जाएगा। तीन दिन की यात्रा के दौरान रहने और खाने की भी व्यवस्था की जाएगी।</div><div>इस बारे में राज्य के परिवहन मंत्री पूर्णेश मोदी ने कहा कि श्रवण तीर्थ दर्शन योजना के तहत किसी धार्मिक स्थल या उससे अधिक जाने वाले 27 व्यक्तियों तक बस की व्यवस्था और खर्च होता है। इसकी लागत का 75 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए मंदिर में दर्शन करने के लिए इस योजना को लागू किया है। मेरे अपने विधानसभा क्षेत्र से यह पहली यात्रा है। हमने सोमनाथ ट्रस्ट से वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अलायदी दर्शन की व्यवस्था करने के लिए एक आइसोलेशन लाइन स्थापित करने का भी अनुरोध किया है। ताकि 4000 लोग समय पर दर्शन कर सकें।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Aug 2022 18:59:01 +0530</pubDate>
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                <title>सम्राट पृथ्वीराज : फिल्म की सफलता के लिए बनारस के बाद अब सोमनाथ में बाबा के दरबार पर पहुंचे अक्षय और मानुषी</title>
                                    <description><![CDATA[3 जून को रिलीज होगी अक्षय कुमार की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज, सम्राट पृथ्वीराज चौहान की भूमिका में है अक्की, मानुषी बनी है संयोगिता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/78499/emperor-prithviraj-after-banaras-for-the-success-of-the-film-now-akshay-and-manushi-reached-baba-s-court-in-somnath"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2526_news24.jpg" alt=""></a><br /><div>अक्षय कुमार 3 जून को रिलीज होने वाली फिल्म सम्राट पृथ्वीराज में में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही मानुषी छिल्लर ने महारानी पृथ्वीराज की पत्नी और महारानी संयोगिता की भूमिका निभा रही है। ये फिल्म पृथ्वीराज डॉ चंद्र प्रकाश द्विवेदी द्वारा लिखित और निर्देशित है। इस फिल्म में अक्षय-मानुषी के अलावा संजय दत्त, सोनू सूद, साक्षी तंवर, आशुतोष राणा, ललित तिवारी और मानव विज भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। यह फिल्म 3 जून को हिंदी, तमिल और तेलुगु के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।अक्षय कुमार आज अपनी आने वाली फिल्म 'सम्राट पृथ्वीराज' के प्रमोशन के लिए गुजरात के सोमनाथ महादेव पहुंचे हैं. उन्होंने यहां महादेव का आशीर्वाद लिया और पूजा-अर्चना की। वह निजी हेलीकॉप्टर से सोमनाथ आए जहां हेलीपैड पर उनका स्वागत किया गया। सोमनाथ अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर महादेव का आशीर्वाद लेने आए हैं।</div><div>आपको बता दें कि बीते दिन अक्षय कुमार ने बनारस के घाट पर गंगा में डुबकी लगाई और बाद में गंगा मैया की आरती की. उस वक्त उनके साथ उनकी फिल्म एक्ट्रेस मानुषी छिल्लर भी थीं। फिल्म के प्रमोशन के लिए अक्षय कुमार अपने प्राइवेट जेट से बनारस पहुंचे। जिसकी तस्वीर उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर शेयर की है. आज अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर सोमनाथ में बाबा सोमनाथ के दर्शन करेंगे और प्रभु के साथ फिल्म की सफलता के लिए कामना करेंगे।</div><div>गौरतलब है कि ये फिल्म रिलीज़ से पहले ही विवादों में हैं. करणी सेना ने निर्माताओं से महान सम्राट पृथ्वीराज चौहान को सम्मानित करने के लिए फिल्म के शीर्षक में 'सम्राट' जोड़ने के लिए कहा था। हालांकि इसके बाद फिल्म के मेकर्स ने फिल्म का टाइटल बदल कर 'पृथ्वीराज चौहान' से पहले 'सम्राट' जोड़ दिया।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 May 2022 22:59:01 +0530</pubDate>
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                <title>गुजरात  : सोमनाथ त्रिवेणी संगम में बनी दिल दहला देने वाली घटना, एनडीआरएफ की टीम ने 6 लोगों को डूबने से बचाया</title>
                                    <description><![CDATA[प्रान्त अधिकारी श्रीमती सरयूबेन जसरोटिया के मार्गदर्शन में सफल मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68114/gujarat-shocking-incident-happened-in-somnath-triveni-sangam-ndrf-team-rescued-6-people-from-drowning"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/6265_ndrf.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;"> सोमनाथ त्रिवेणी संगम में दिल दहला देने वाली घटना हुई। त्रिवेणी संगम में लोगों के डूबने का संदेश मिलने के बाद एनडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची,  नाव भेजकर बचाव अभियान शुरू किया। एनडीआरएफ के जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन में त्रिवेणी संगम के बीच से तीन लोगों को रबर की नाव से और तीन लोगों को तैरकर त्रिवेणी संगम के तट पर लाकर बचाया। इन लोगों को किनारे  पहुंचने पर जरूरी मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया। उनमें से एक को प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल ले जाया गया।</span><br /></div><div>प्रान्त अधिकारी श्रीमती सरयुबेन जसरोटिया ने बताया कि एनडीआरएफ, नगर पालिका, अग्निशमन, स्वास्थ्य, पुलिस सहित एजेंसियों के समन्वय से पूर्व निर्धारित स्थिति के अनुरूप मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न करायी गयी है। सरकार की ओर से मिले सूचना के अनुसंधान के अनुसार भारी बाढ़ के कारण  त्रिवेणी संगम में जलस्तर बढ़ गया था। ऐसी स्थिति में 6 यात्री डूब रहे थे। इस प्रकार निधारित की गई परिस्थिति में एनडीआरएफ के जवानों के सूझबूझ से डूब रहे 6 यात्रियों को बचाया गया। इस तरह सफलतापूर्वक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।</div><div>एनडीआरएफ-6 बटालियन के निरीक्षक राजेश कुमार महलावत ने कहा कि इस प्रकार की कवायद में विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय और प्रतिक्रिया समय महत्वपूर्ण होता है। यह मॉक ड्रिल एनडीआरएफ सहित सरकारी एजेंसियों की सतर्कता और दक्षता का परीक्षण करती है। ताकि प्राकृतिक आपदा के समय बचाव कार्य जोर-शोर से चलाया जा सके। इस बचाव अभियान में एनडीआरएफ को संदेश मिला कि लोग त्रिवेणी संगम में डूब रहे हैं, जिससे रबर की नावों, लाईफ सेविंग जैकेट और अन्य उपकरणों के साथ पहुंचकर  6 लोगों को सफलतापूर्वक बचाया।</div><div>इसके अलावा, एनडीआरएफ कर्मियों ने घर की वस्तुओं जैसे कि  प्लास्टिक की बोतलें, बर्तन, सूखे नारियल आदि जैसे घरेलू सामानों का उपयोग कर किस तरह बाढ़ की स्थिति में बचाव किया जा सकता है, इस बार में त्रिवेणी संगम में जानकारी दी। </div><div>  इस मॉक ड्रिल में कमा‌डिंग ऑफिसर के रुप में वेरावल नगर पालिका की मुख्य अधिकारी देवीबेन थीं। उन्होंने एनडीआरएफ की टीम को संदेश दिया था कि त्रिवेणी संगम में लोग डूब रहे हैं। </div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Dec 2021 23:09:21 +0530</pubDate>
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                <title>गुजरात : शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघानी ने श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय के 15वें युवा महोत्सव का उद्घाटन किया</title>
                                    <description><![CDATA[श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय को ए+रैंकिंग प्राप्त करने पर शिक्षामंत्री ने दी बधाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><span style="font-size:1rem;">श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय के 15वें युवा महोत्सव का उद्घाटन करते हुए शिक्षा मंत्री  जीतूभाई वाघानी ने कहा कि संस्कृत भाषा संस्कार और संस्कृति की नींव है। संस्कृत भाषा  हमेशा के लिए समाज और राष्ट्र का हिस्सा  रहने वाली है, तभी मनोबल-आत्मविश्वास और आयोजन के साथ कार्य करके संस्कृत भाषा को उसके उचित स्थान पर वापस लाया जा सकता है। आशावादी और आत्मविश्वास से भरपूर  समाज के निर्माण में संस्कृत-संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके अलावा, राज्य सरकार संस्कृत भाषा के प्रचार और विकास के लिए प्रयास कर रही है।</span><br /></div><div>श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में तीन दिनों से चल रहे 15वें युवा महोत्सव में विश्वविद्यालय से संबद्ध 26 महाविद्यालयों के 316 प्रतियोगी 44 प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं। इस उत्सव में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति, पीएच.डी. संशोधन विषय पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी।</div><div>इस अवसर पर तमिलनाडु के कुन्नूर में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए देश के पहले सीडीएस और जनरल बिपिन रावत को मौन श्रद्धांजलि अर्पित की गई।</div><div>श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय को नैक (एनएएसी)  द्वारा कराए गए मूल्यांकन में ए+रैंकिंग प्राप्त करने पर बधाई देते हुए शिक्षा मंत्री वाघानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी के नेतृत्व में बनाई गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति विभिन्न संप्रदायों के लोगों के बीच भी स्वीकृत हो गई है। यह शिक्षा नीति प्रचलित प्रवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। ताकि युवाओं को नई ताकत मिले और समय के साथ तालमेल बिठा सकें। इस प्रकार युवा-छात्र नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में सबसे आगे होंगे। इसके लिए शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी भी बहुत जरूरी है। मंत्री ने कहा कि यह युवा महोत्सव वास्तव में युवाओं की आंतरिक शक्ति को उजागर करने का एक साधन होगा।</div><div>इस अवसर पर संस्कृत भाषा के प्रजनक-विद्वान जे. डी परमार को श्री संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही, श्री सोमनाथ संस्कृति विश्वविद्यालय के लगभग 18 ब्रांड एम्बेसडर और राज्य भर के संस्कृत अनुरागियों  को संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए उत्कृष्ट सेवा के लिए गणमान्य व्यक्तियों द्वारा प्रमाण पत्र और पुस्तकें प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किए गए चार ग्रंथों का विमोचन किया गया।</div><div>श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति ललित कुमार पटेल ने अपने स्वागत भाषण में श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय की उल्लेखनीय उपलब्धियों और गतिविधियों के बारे में बताया। चेतन त्रिवेदी, भक्त कवि नरसिंह मेहता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर रावल ने प्रासंगिक भाषण दिया और कुल सचिव दशरथ जादव आभार विविध किया। </div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
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                <link>https://www.loktej.com/article/68112/gujarat-education-minister-jitubhai-vaghani-inaugurates-15th-youth-festival-of-shri-somnath-sanskrit-university</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Dec 2021 22:57:31 +0530</pubDate>
                
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