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                <description>Animals RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत में पशुओं के काटने के हर चार में से तीन मामले कुत्तों से जुड़े: लैंसेट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) ‘द लैंसेट इन्फेक्शियस डिजीज जर्नल’ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार पशुओं के काटने की हर चार में से तीन घटनाओं में कुत्ते शामिल होते हैं और भारत में रेबीज के कारण हर वर्ष 5,700 से अधिक लोगों की मृत्यु होने का अनुमान है।</p>
<p>भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने मार्च 2022 से अगस्त 2023 तक देशभर के 15 राज्यों के 60 जिलों में एक सर्वेक्षण किया। इस दौरान 78,800 से अधिक परिवारों में 3,37,808 व्यक्तियों से परिवार में पशुओं के काटने, एंटी-रेबीज टीकाकरण और पशुओं के काटने से होने वाली मौतों के बारे में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/125365/three-out-of-four-animal-bite-cases-in-india-involve-dogs--lancet"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/dog-bite.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) ‘द लैंसेट इन्फेक्शियस डिजीज जर्नल’ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार पशुओं के काटने की हर चार में से तीन घटनाओं में कुत्ते शामिल होते हैं और भारत में रेबीज के कारण हर वर्ष 5,700 से अधिक लोगों की मृत्यु होने का अनुमान है।</p>
<p>भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने मार्च 2022 से अगस्त 2023 तक देशभर के 15 राज्यों के 60 जिलों में एक सर्वेक्षण किया। इस दौरान 78,800 से अधिक परिवारों में 3,37,808 व्यक्तियों से परिवार में पशुओं के काटने, एंटी-रेबीज टीकाकरण और पशुओं के काटने से होने वाली मौतों के बारे में पूछा गया।</p>
<p>आईसीएमआर-राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान, चेन्नई के शोधकर्ताओं समेत विभिन्न शोधकर्ताओं ने पाया कि पशुओं के काटने की हर चार में से तीन घटनाओं के लिए कुत्ते जिम्मेदार थे।</p>
<p>सर्वेक्षण में शामिल 2,000 से अधिक लोगों ने पशुओं के काटने की पूर्व की घटना के बारे में जानकारी दी, जिनमें से 76.8 प्रतिशत (1,576) घटनाओं में कुत्तों ने काटा।</p>
<p>इसके अलावा शोध के लेखकों ने कहा कि प्रति हजार लोगों में से छह को किसी जानवर ने काटा है, "जिसका अर्थ है कि राष्ट्रीय स्तर पर 91 लाख लोगों को जानवर काट चुके हैं।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “हमारा अनुमान है कि भारत में प्रतिवर्ष रेबीज से 5,726 लोगों की मृत्यु होती है।”</p>
<p>शोध लेखकों ने कहा कि इन अनुमानों से यह समझने में मदद मिल सकती है कि देश 2030 तक मनुष्यों में कुत्तों से होने वाले रेबीज के मामलों को समाप्त करने के वैश्विक लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है या नहीं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jan 2025 14:32:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैसे मैं अपनी बिल्ली को रख सकता हूं खुश? ये पांच टिप्स बनाएंगे आपकी बिल्ली की जिंदगी खुशहाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(ऐनी क्वेन, सिडनी विश्वविद्यालय)</p>
<p>सिडनी, 21 दिसंबर (द कन्वरसेशन) ऑस्ट्रेलिया के करीब एक तिहाई घरों में कम से कम एक बिल्ली मौजूद है और कई सर्वेक्षण कहते हैं कि घरों में पलने वाली इन बिल्लियों की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं।</p>
<p>बिल्लियां भले ही इंटरनेट पर छाई रहती हों लेकिन मनुष्य अक्सर उनके बर्ताव को लेकर भ्रमित रहते हैं। इस वर्ष की शुरुआत में वाशिंगटन पोस्ट ने घोषित किया था कि बिल्लियां पागल नहीं होती बल्कि उनके गलत समझा जाता है। इसके बाद शोध की शुरुआत हुई, जिसमें सामने आया कि जैसा कि लोग पुराने जमाने में मानते थे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/113107/how-can-i-keep-my-cat-happy"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/cat.jpg" alt=""></a><br /><p>(ऐनी क्वेन, सिडनी विश्वविद्यालय)</p>
<p>सिडनी, 21 दिसंबर (द कन्वरसेशन) ऑस्ट्रेलिया के करीब एक तिहाई घरों में कम से कम एक बिल्ली मौजूद है और कई सर्वेक्षण कहते हैं कि घरों में पलने वाली इन बिल्लियों की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं।</p>
<p>बिल्लियां भले ही इंटरनेट पर छाई रहती हों लेकिन मनुष्य अक्सर उनके बर्ताव को लेकर भ्रमित रहते हैं। इस वर्ष की शुरुआत में वाशिंगटन पोस्ट ने घोषित किया था कि बिल्लियां पागल नहीं होती बल्कि उनके गलत समझा जाता है। इसके बाद शोध की शुरुआत हुई, जिसमें सामने आया कि जैसा कि लोग पुराने जमाने में मानते थे उसके विपरीत बिल्लियां असामाजिक नहीं होतीं। बिल्लियां मनुष्यों के साथ घनिष्ठ संबंध बना सकती हैं और बनाती भी हैं।</p>
<p>जितना अधिक हम बिल्लियों के बारे में जानना शुरू करते हैं, उतना ही हमें यह अहसास होता है कि उनका व्यक्तित्व अद्वितीय होता है और उनकी प्राथमिकताएं भले ही जटिल हों लेकिन वे सीखने में सक्षम होती हैं।</p>
<p>अपनी बिल्ली की बोली को समझने से लेकर उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए विज्ञान-समर्थित कु‍छ सुझाव दिए गए हैं, जो आपकी बिल्ली के जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।</p>
<p>1-शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान दें</p>
<p>बिल्लियां अपनी शारीरिक प्रतिक्रिया और आवाज के जरिए मनुष्यों से संवाद करती हैं। बिल्लियां हालांकि इंसानों की ओर देखकर म्याऊं करती हैं और संदर्भ के आधार पर उनका यह म्याऊं-म्याऊं अलग होता है लेकिन इंसान उन्हें समझने में माहिर नहीं होते। लेकिन हम बिल्लियों की शारीरिक प्रतिक्रियाओं को पढ़ सकते हैं।</p>
<p>उदाहरण के लिए बिल्ली का धीरे-धीरे पलक झपकाना सकारात्मक भावनात्मक स्थिति का संकेत देता है। जो बिल्लियां खुश नहीं होती हैं (उदाहरण के लिए, जिन्हें मनुष्यों का स्पर्श पसंद नहीं होता) वे रुक जाती हैं, दूर चली जाती हैं, अपने कान चपटा कर लेती हैं, फुफकारती हैं, या अगर उन्हें लगता है कि उनके पास कोई और विकल्प नहीं है तो वे खरोंचती हैं या काटती भी हैं।</p>
<p>2- एक स्वस्थ माहौल मुहैया कराएं</p>
<p>‘अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फेलिन प्रैक्टिशनर्स एंट इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ फेलिन मेडिसिन’ ने बिल्ली के स्वस्थ माहौल के कुछ बिंदु सुझाए हैं: एक सुरक्षित स्थान ताकि बिल्लियां डरने पर पीछे हट सकें।</p>
<p>कई, अलग-अलग मुख्य संसाधन (भोजन, पानी पीने, शौच क्षेत्र, ऐसी जगह जहां वह खेल सकें, आराम कर सकें या फिर सो सकें) ताकि बिल्लियां आराम से अपनी दैनिक गतिविधिया कर सकें।</p>
<p>उन्हें खेलने और शिकार करने के लिए मौके प्रदान करें।</p>
<p>बिल्ली से सकारात्मक, सुसंगत संवाद करें और बिल्ली की पसंद का सम्मान करें तथा देखें कि वे क्या और कैसे बातचीत करती हैं।</p>
<p>3-उनकी ट्रे साफ रखें</p>
<p>बिल्ली को ट्रे में लेटना बेहद पसंद होता है और उस ट्रेन को साफ करना आपके लिए एक अप्रिय काम हो सकता है। बिल्लियां साफ ट्रे पसंद करती हैं फिर चाहे वह घर में अकेली बिल्ली ही क्यों न हो।</p>
<p>बिल्लियां शौच से पहले, शौच के दौरान और शौच के बाद ट्रे में समय बिताना पसंद करती हैं और वे आम तौर पर बड़ी ट्रे पसंद करती हैं।</p>
<p>ट्रे का साफ न होना मूत्र संबंधी समस्याओं के जोखिम से जुड़ा है और यह बिल्ली के जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है।</p>
<p>4- बिल्ली के कमरे को समझें</p>
<p>क्या आपके पास एक से ज्यादा बिल्लियां हैं? घर की बिल्लियों के बीच तनाव होना आम बात है लेकिन अक्सर इसे अनदेखा कर दिया जाता है क्योंकि यह हमेशा शारीरिक तौर पर लड़ी जाने वाली लड़ाई नहीं होती।</p>
<p>बिल्लियों के बीच तनाव के संकेतों में लंबे समय तक घूरना, या यहां तक कि ट्रे या बिल्लियों के लिए बने छोटे घर में दरवाजों का इस्तेमाल न करने देना शामिल हो सकता है, ताकि दूसरी बिल्ली उसका इस्तेमाल न कर सकें।</p>
<p>‘अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फेलिन प्रैक्टिशनर्स’ ने अपने 2024 के दिशा-निर्देशों में बताया कि इससे बिल्लियों में गहरा डर, चिंता और तनाव से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं।</p>
<p>घरेलू बिल्लियों के बीच तनाव को पहचानना और उसका प्रबंधन करना सीखना सभी पक्षों के कल्याण में सुधार कर सकता है।</p>
<p>5- बिल्लियों और अन्य जानवरों को सुरक्षित रखें</p>
<p>ऐतिहासिक रूप से पालतू बिल्लियां अक्सर अनाज के भंडार को चूहों से बचाती हैं। हालांकि मौजूदा वक्त में बिल्ली के जिम्मेदार मालिकाना हक का मतलब बदल गया है।</p>
<p>ऑस्ट्रेलिया के लगभग 65 फीसदी बिल्ली मालिक अपनी बिल्लियों को हमेशा घर के अंदर ही रखते हैं जबकि 24 फीसदी अपनी बिल्लियों को रात में भी घर के अंदर ही रखते हैं।</p>
<p>आदर्श रूप से बिल्लियों को बिना निगरानी के खुले में घूमने नहीं देना चाहिए, जहां वे वन्यजीवों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इतना ही नहीं बिल्लियां यहां तक कि उस संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं, जहां आप रहते हैं। ऑस्ट्रेलिया में एक तिहाई से अधिक स्थानीय आबादी ने अब बिल्लियों को रात भर या दिन में 24 घंटे घर के अंदर ही रखने की अनिवार्यता कर दी है।</p>
<p>इसमें कोई दो राय नहीं कि बिल्लियां बुद्धिमान होती हैं और आम धारणा के विपरीत, उन्हें प्रशिक्षित किया जा सकता है।</p>
<p>यह प्रक्रिया बिल्लियों और मनुष्यों दोनों के लिए समृद्धकारी हो सकती है। धैर्य और प्रतिबद्धता के साथ आप अपनी बिल्ली को प्रशिक्षित कर सकते हैं।</p>
<p>संक्षेप में बिल्लियों को विकल्प दें, उनकी पहचान का सम्मान करें, उनकी जरूरतों पर ध्यान दें और हमारी दुनिया को उनके नजरिए से देखने की कोशिश करें।</p>
<p>आपकी बिल्ली इससे ज्यादा खुश होगी।</p>
<p>द कन्वरसेशन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Dec 2024 23:00:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली में कुत्तों पर चाकू से हमला: पेटा ने सुराग देने वाले को 50,000 रुपये का ईनाम देने की घोषणा की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 13 दिसंबर (भाषा) पशु अधिकार संगठन पेटा इंडिया ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में दो आवारा कुत्तों को चाकू से गोदने की घटना में शामिल संदिग्धों के बारे में जानकारी देने वाले को 50,000 रुपये तक का ईनाम देने की घोषणा की है।</p>
<p>‘पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स’ (पेटा) के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले हफ्ते कबीर नगर में दो दिन के अंतराल पर किये गये इन हमलों में एक कुत्ते की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि पांच दिसंबर की रात को चाकू से हमले में घायल कुत्ते का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/109939/knife-attack-on-dogs-in-delhi--peta-announces-reward-of-rs-50-000-for-information"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/6079_stray-dog.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 13 दिसंबर (भाषा) पशु अधिकार संगठन पेटा इंडिया ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में दो आवारा कुत्तों को चाकू से गोदने की घटना में शामिल संदिग्धों के बारे में जानकारी देने वाले को 50,000 रुपये तक का ईनाम देने की घोषणा की है।</p>
<p>‘पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स’ (पेटा) के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले हफ्ते कबीर नगर में दो दिन के अंतराल पर किये गये इन हमलों में एक कुत्ते की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि पांच दिसंबर की रात को चाकू से हमले में घायल कुत्ते का इलाज किया जा रहा है, जबकि छह दिसंबर की रात को जिस कुत्ते पर हमला हुआ, उसकी अस्पताल में मौत हो गई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अपराधियों का अब भी पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अपराधियों की पहचान में सहायता करने वाले को संगठन की ओर से 50,000 रुपये तक का ईनाम दिया जाएगा।</p>
<p>पेटा इंडिया द्वारा जारी बयान के अनुसार बृहस्पतिवार को वेलकम पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/109939/knife-attack-on-dogs-in-delhi--peta-announces-reward-of-rs-50-000-for-information</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Dec 2024 20:01:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका: टेक्सास के डेयरी फार्म में धमाके से लगी भीषण आग, 18 हजार गायों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ऑस्टिन, 14 अप्रैल (हि.स.)। अमेरिका के टेक्सास प्रांत स्थित एक डेयरी फार्म में धमाके से भीषण आग लग गयी। इस कारण वहां 18 हजार गायों की मौत हो गयी।<br /><br />टेक्सास प्रांत के डिमिट शहर में साउथ फोर्क डेयरी में किसी मशीनरी में दिक्कत आने की वजह तेज धमाका हुआ। धमाके से वहां भीषण आग लग गयी। धमाके व आग की चपेट में आकर 18 हजार गायों की मौत हो गई। इस दौरान वहां एक व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91274/18000-cows-killed-in-massive-fire-at-dairy-farm-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-04/k14042023-28.jpg" alt=""></a><br /><p>ऑस्टिन, 14 अप्रैल (हि.स.)। अमेरिका के टेक्सास प्रांत स्थित एक डेयरी फार्म में धमाके से भीषण आग लग गयी। इस कारण वहां 18 हजार गायों की मौत हो गयी।<br /><br />टेक्सास प्रांत के डिमिट शहर में साउथ फोर्क डेयरी में किसी मशीनरी में दिक्कत आने की वजह तेज धमाका हुआ। धमाके से वहां भीषण आग लग गयी। धमाके व आग की चपेट में आकर 18 हजार गायों की मौत हो गई। इस दौरान वहां एक व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद फार्म में फंसे व्यक्ति को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद फार्म में मौजूद कुछ गायों काे भी रेस्क्यू किया गया है।<br /><br />पुलिस अधिकारी सल रिवेरा ने आशंका जताई कि हादसा एक मशीन के ओवरहीट होने की वजह से हुआ। ज्यादा इस्तेमाल की वजह से मशीन गर्म हो गई होगी। इसके बाद मीथेन गैस निकलने लगी। इसकी वजह से विस्फोट हुआ और गायों के लिए मौजूद चारे में आग लग गई होगी। काउंटी जज मैंडी गेफेलर ने कहा कि जब धमाका हुआ तो दूध निकालने के इंतजार में गायें एक बाड़े में बंधी हुई थीं। लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर डेयरी फार्म की ओर जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है। डिमिट के मेयर रोजर मालोन ने कहा कि ये हादसा दिल दहला देने वाला है। उन्होंने मामले की जांच करवाने की बात कही है।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/91274/18000-cows-killed-in-massive-fire-at-dairy-farm-in</link>
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                <pubDate>Fri, 14 Apr 2023 19:39:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्रूरता की हद : हवसखोर ने कुत्ते से किया रेप, वीडियो सामने आने के बाद मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिहार की राजधानी पटना में रेप की एक अकल्पनीय घटना हुई है. पटना में एक आवारा कुत्ते के साथ एक शख्स ने रेप किया है.</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, घटना होली के दिन 8 मार्च को हुई थी. घटना की जानकारी होने पर फुलवारीशरीफ थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.</p>
<p>फुलवारीशरीफ की फैसल कॉलोनी में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना की जानकारी तब सामने आई जब यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसे देखने के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90567/the-extent-of-cruelty-the-lustful-rape-of-a-dog"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/6079_stray-dog.jpg" alt=""></a><br /><p>बिहार की राजधानी पटना में रेप की एक अकल्पनीय घटना हुई है. पटना में एक आवारा कुत्ते के साथ एक शख्स ने रेप किया है.</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, घटना होली के दिन 8 मार्च को हुई थी. घटना की जानकारी होने पर फुलवारीशरीफ थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.</p>
<p>फुलवारीशरीफ की फैसल कॉलोनी में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना की जानकारी तब सामने आई जब यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसे देखने के बाद एक स्वयंसेवी संस्था ने फुलवारीशरीफ थाने में तहरीर दी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई.</p>
<p>फुलवारीशरीफ एएसपी मनीष कुमार के मुताबिक इस संबंध में एक शिकायत मिली है. आईपीसी और एनिमल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच पड़ताल चल रही है।</p>
<p>पिछले महीने राष्ट्रीय राजधानी के इंद्रपुरी इलाके में रहने वाले एक शख्स ने भी इसी तरह एक आवारा कुत्ते के साथ रेप किया था. इसके बाद इंद्रपुरी थाने में मामला दर्ज किया गया था। उस मामले में पशु अधिनियम की धारा 377 व 11 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. तब पता चला कि आरोपी नशे का आदी था।</p>
<p>इस तरह की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही हैं, ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं मानो इंसान अपनी चाहत को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. ऐसे में जब वीडियो सामने आने के बाद घटना सामने आती है तो मानव जाति के लिए यह देखना शर्म की बात है कि इंसानों ने कैसे और किस हद तक ऐसे क्रूर जीवों का इस्तेमाल किया है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Mar 2023 15:23:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' डॉक्यूमेंट्री के लिए ऑस्कर जीतने के बाद पर्यटक थेप्पाकडू हाथी शिविर देखने उमड़ रहे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म "द एलिफेंट व्हिस्परर्स" द्वारा 95वें अकादमी पुरस्कारों में ऑस्कर जीतने के बाद तमिलनाडु के मुदुमलाई नेशनल पार्क में थेप्पाकडू एलीफेंट कैंप में पर्यटकों का हुजूम उमड़ रहा है।</p>
<p>यह फिल्म दो हाथियों, रघु और अम्मू और उनके महावत, बोमन और बेली के इर्द-गिर्द घूमती है।</p>
<p>लकड़ी काटने वालों के लिए 1917 में स्थापित शिविर में वर्तमान में 28 हाथियों को रखा गया है, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों के लिए समस्या पैदा करने वाले जंगली हाथी के रूप में पकड़ लिया गया था।</p>
<p>इन हाथियों को "कुम्की" हाथी बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है जो जंगली हाथियों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म "द एलिफेंट व्हिस्परर्स" द्वारा 95वें अकादमी पुरस्कारों में ऑस्कर जीतने के बाद तमिलनाडु के मुदुमलाई नेशनल पार्क में थेप्पाकडू एलीफेंट कैंप में पर्यटकों का हुजूम उमड़ रहा है।</p>
<p>यह फिल्म दो हाथियों, रघु और अम्मू और उनके महावत, बोमन और बेली के इर्द-गिर्द घूमती है।</p>
<p>लकड़ी काटने वालों के लिए 1917 में स्थापित शिविर में वर्तमान में 28 हाथियों को रखा गया है, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों के लिए समस्या पैदा करने वाले जंगली हाथी के रूप में पकड़ लिया गया था।</p>
<p>इन हाथियों को "कुम्की" हाथी बनने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है जो जंगली हाथियों को पकड़ने में मदद करते हैं। हाथी और उनके महावत से मिलने और उनके संबंध के बारे में जानने के लिए स्थानीय और विदेशी दोनों पर्यटक शिविर में आ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90415/tourists-flock-to-theppakadu-elephant-camp-after-winning-an-oscar</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Mar 2023 13:51:17 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केकड़ों की एक प्रजाति जिसका खून है नीला, लाखों में बिकता है इसका खून</title>
                                    <description><![CDATA[डायनोसोर से भी पहले से इस धरती पर रहने वाले केकड़ों की ये विशेष प्रजाति, इनके एक लीटर खून की कीमत लाखों में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>दुनिया में न जाने कितने तरह के जीव रहते हैं। एक समय था जब विशालकाय डायनासोर जैसे जीव भी धरती पर रहा करते थे। ऐसे कई जीव हैं जिन पर हम किसी न किसी रूप में निर्भर हैं। ऐसा ही एक जानवर है, जिसका नाम है नीले खून वाला केकड़ा। दुनिया में बहुत से लोग इस प्रजाति से अनजान हैं। दिखने में यह मकड़ी और विशालकाय जूं जैसे जीव के बीच की प्रजाति है। घोड़े की नाल केकड़े पृथ्वी पर डायनासोर से भी पुराने हैं। वे कम से कम 450 मिलियन वर्षों से इस ग्रह पर हैं।</p>
<p><strong>एक लीटर खून की कीमत 11 लाख रुपए</strong></p>
<p>अटलांटिक के ये अतिविशेष केकड़े वसंत से मई-जून तक उच्च ज्वार के दौरान दिखाई देते हैं। इस जानवर ने अब तक लाखों लोगों की जान बचाई है। चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की बाँझपन का परीक्षण करने के लिए वैज्ञानिक 1970 के दशक से इस जानवर के खून का उपयोग कर रहे हैं। इस जानवर का खून जैविक विषाक्त पदार्थों के प्रति बहुत संवेदनशील होता है। बायोमेडिकल उपयोग के लिए हर साल लगभग 50 मिलियन अटलांटिक हॉर्सशू केकड़े पकड़े जाते हैं। उनके एक लीटर खून की कीमत 11 लाख रुपए तक है।</p>
<p><strong>विशेष होता है इसका खून</strong></p>
<p>जानकारी के लिए बता दें कि इस जीव का खून नीला होता है। उसके खून में कॉपर होता है। जिससे उसके खून का रंग नीला हो जाता है। उसके खून में एक खास केमिकल होता है, जो बैक्टीरिया के आसपास इकट्ठा हो जाता है और उन्हें फंसा लेता है। इस तरह उनका खून निकाला जाता है</p>
<p><strong>इस तरह निकाला जाता है खून</strong></p>
<p>इन केकड़ों के खोल में उनके दिल के पास छेद करके तीस प्रतिशत खून निकाल दिया जाता है। इसके बाद केकड़ों को वापस उनकी दुनिया में छोड़ दिया जाता है। हालांकि, कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि इस प्रक्रिया में 10 से 30 प्रतिशत केकड़े मर जाते हैं, और शेष मादा केकड़ों को प्रजनन संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>केवल चार प्रजातियां ही शेष</strong></p>
<p>विशेषज्ञों के मुताबिक, दुनिया में फिलहाल हॉर्सशू केकड़े की चार प्रजातियां बची हैं। बायोमेडिकल क्षेत्र में और मछली के भोजन के साथ-साथ प्रदूषण के लिए ओवरफिशिंग के कारण सभी चार प्रजातियों के लिए संकट का माहौल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/89740/a-species-of-crabs-whose-blood-is-blue-its-blood</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Feb 2023 09:00:05 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : शेर के पीछे जेसीबी मशीन दौड़ाने वाले अब हवालात में!</title>
                                    <description><![CDATA[गुजरात के जफराबाद की घटना, वीडियो वायरल हुआ था]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/88899/those-who-run-jcb-machine-after-gujarat-lion-are-now"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-01/12012023-21.jpg" alt=""></a><br /><p>गुजरात के जफराबाद की घटना, वीडियो वायरल हुआ थागुजरात  जफराबाद के लुनसापुर गांव में शेर के पीछे जेसीबी वाहन दौड़ा कर जंगली जानवर को परेशान करने वाले तीन लोगों का वीडियो वायरल हुआ था। इस संबंध में वन विभाग ने सघन जांच के बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जिनकी जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी और उन्हें जेल भेज दिया।</p>
<p>इस बारे में विवरण यह है कि कुछ समय पहले शेर के पीछे जेसीबी मशीन दौड़ाने और शेर को अपने शिकार से दूर भगाने का प्रयास करते तीन लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद जाफराबाद के आरएफओ और उनकी टीम द्वारा मामले की सघन जांच की गई। वीडियो में दिख रहे तीन लोगों की पहचान जाफराबाद बीट के लुनसापुर गांव मनोजभाई जोधाभाई वंश, शुभम भागेलू प्रजापति, राणा मानिक कलिता के रूप में की गई। इनको हिरासत में लेते हुए आरोपियों के खिलाफ वाइल्ड लाइफ एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। </p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="gu" xml:lang="gu">અમરેલીમાં સિંહ પાછળ JCB દોડાવીને પજવણી કરવી ભારે પડી, જાણો કેવા થયા હાલ ! (VIDEO)<a href="https://twitter.com/hashtag/AMRELI?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#AMRELI</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/LION?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#LION</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/VIRALVIDEO?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#VIRALVIDEO</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/AMRELIPOLICE?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#AMRELIPOLICE</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/THREEPEPOLE?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#THREEPEPOLE</a> <a href="https://t.co/GbsKcoHk73">pic.twitter.com/GbsKcoHk73</a></p>
— Watch Gujarat (@WatchGujarat) <a href="https://twitter.com/WatchGujarat/status/1613393705238695937?ref_src=twsrc%5Etfw">January 12, 2023</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>आरोपियों की ओर से कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई है। जमानत याचिका का विरोध करते हुए ए.पी.पी. डी बी गांधी ने कहा कि शेर अनुसूची-1 के अनुसार एक आरक्षित पशु है। शेरों के प्रजनन के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। वन्य जीव अधिनियम-1972 के अनुसार शेर को परेशान करना उसका शिकार करने के समान है। इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती। अदालत ने उपरोक्त तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी की जमानत नामंजूर करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jan 2023 10:54:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खतरनाक हो जाता है जब अभ्यारण्य में गेंडा पर्यटकों की गाड़ी के पीछे पड़ जाए, देखें ताजा वायरल वीडियो</title>
                                    <description><![CDATA[असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान में घटी 29 दिसंबर, 2022 की है ये घटना, सौभाग्य से किसी सैलानी को नुकसान नहीं हुआ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/88523/it-becomes-dangerous-when-the-rhinoceros-in-the-sanctuary-falls"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/31122022-07.jpg" alt=""></a><br /><p>छुट्टियों में विभिन्न पर्यटन स्थलों पर जाने वाले सैलानी कभी-कभार किसी अभ्यारण्य में भी जाना पसंद करते हैं। अभ्यारण्य में जाने का उद्देश्य होता है जंगल सफारी के बहाने वन्य जीवों को नजदीक से देखना। लेकिन क्या हो जब कोई जंगली जानवर बिफर उठे और सैलानियों के पीछे पड़ जाए? जी हां, सोशल मीडिया पर आजकल एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि एक भारी-भरकम गेंडा जीप पर सवार पर्यटकों का पीछा करने लगता है। इतना ही नहीं, गैंडे की ये दौड़ लगभग तीन किमी तक चलती है और इस दौरान सैलानियों की अपने-अपने वाहनों में चीख-पुकार मची रहती है। </p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="gu" xml:lang="gu">નેશનલ પાર્કમાં ટુરિસ્ટને 2 મિનિટ માટે મોત દેખાઈ ગયું<br /><br />અસમના માનસ નેશનલ પાર્કનો એક વાયરલ વીડિયો સામે આવ્યો છે જેમાં એક શિંગડાવાળો ગેંડો ટુરિસ્ટના વાહન પાછળ જબરો દોડ્યો હતો. આ ઘટના 29 ડિસેમ્બરે બની હતી અને વન અધિકારીઓ પ્રમાણે કોઈ જાનહાનિ થઈ નથી.<a href="https://twitter.com/hashtag/Assam?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Assam</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/NationalPark?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#NationalPark</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/rhinoceros?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#rhinoceros</a> <a href="https://t.co/sxV6yKuTeo">pic.twitter.com/sxV6yKuTeo</a></p>
— Gujarat Samachar (@gujratsamachar) <a href="https://twitter.com/gujratsamachar/status/1609085468267937792?ref_src=twsrc%5Etfw">December 31, 2022</a></blockquote>

</div>
<p>

</p>
<p>आपको बता दें कि ये वाकया असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान का है और घटना 29 दिसंबर की है। इस घटना की पुष्टि मानस राष्ट्रीय उद्यान के फोरेस्ट रैंज ऑफिसर बाबुल ब्रह्मा ने मीडिया के समक्ष की है। वीडियो में पर्यटकों की गाड़ी के पीछे गैंडे की दौड़ साफ दिखती है। एक बारगी तो गैंडा गाड़ी के बिलकुल करीब आ जाता है और लगता है कि बस अब वह हमला कर ही देगा। </p>
<p>वीडियो में उद्यान के हबारी वन क्षेत्र का दृश्य है जहां गैंडा एक झील से निकलता है और वाहन के पीछे दौड़ पड़ता है। प्रतीत होता है कि गैंडा काफी गुस्से में था। लंबी दौड़ के बाद गैंडा थक कर जंगल में चला जाता है। तब तक जीप में सवार सैलानियों की सांसे अलख में अटकी रहती हैं। क्या महिलाएं और क्या पुरुष - सभी के चीखने की आवाजें सुनाई देती हैं। </p>
<p>जानकारों का मानना है कि जंगल क्षेत्रों में इंसानों की बढ़ती पैंठ के कारण जानवर खुद को असुरक्षित महसूस करने लगते हैं और फिर यदा-कदा ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। कभी-कभार ऐसी वारदातें जानलेवा भी हो सकती हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Dec 2022 18:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हैवानियत की हद; किसी ने कुत्ते को पेड़ से फांसी पर लटका दिया!</title>
                                    <description><![CDATA[एक दूसरा कुत्ता पास मरा मिला, दिल्ली की घटना, पुलिस जांच में जुटी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/88500/the-extent-of-inhumanity-someone-hanged-the-dog-from-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/pet-dog-animal.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली के द्वारका इलाके में एक बेहद अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। सेक्टर-9 इलाके में मूक कुत्ते को अज्ञात लोगों ने फांसी दे दी। कुत्ते का शव पेड़ से गले में रस्सी से लटका मिला। दूसरी ओर, एक और कुत्ते को मार कर पास की एक दीवार से पटक दिया गया था।</p>
<p>दिल्ली में इस तरह की घटना सामने आने के बाद लोग इसे हैवानियत की हद बता रहे हैं। वहीं इस मामले में दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 429 के तहत मामला दर्ज कर दोनों कुत्तों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।</p>
<p>इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति ने पेड़ से कुत्ते का शव लटका देख दिल्ली पुलिस को सूचना दी। उसने बताया कि वह रोजाना आवारा कुत्तों को खाना खिलाता था। जब वह इन कुत्तों को खिलाने के लिए देख रहा था, तो बहुत खोजबीन के बाद उसे एक कुत्ते का शव पेड़ से लटका हुआ मिला, जिसके गले में रस्सी बंधी हुई थी। पास में एक और कुत्ते का शव भी मिला।</p>
<p>अब पुलिस मामले की जांच कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास कर रही है। साथ ही आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। हालांकि 28 दिसंबर को मामला सामने आने के बाद अभी तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। साथ ही लोगों का कहना है कि ये कुत्ते इसी इलाके में घूमते थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Dec 2022 20:23:23 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>फीचर : भारत की व्हाइट चीक्ड डांसिंग फ्रॉग, अंडमान स्मूथहाउंड शार्क और येलो हिमालयन फ्रिटिलरी समेत कीड़ों की 29 प्रजातियां संकटग्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर की रेड लिस्ट में सामने आई चिंताजनक जानकारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/80838/feature-29-species-of-insects-including-india-s-white-cheeked-dancing-frog-andaman-smoothhound-shark-and-yellow-himalayan-fritillary-are-endangered"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/6825_jpg202212121145590000.jpg" alt=""></a><br /><div>भारत में मौजूद जीवित कीड़ों की 29 प्रजातियों के संकटग्रस्त हो जाने पर उनका नाम इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर यानी IUCN रेड लिस्ट में शामिल किया गया है। जिन तीन जीवों पर इसका सबसे ज्यादा खतरा है। वे हैं व्हाइट चीक्ड डांसिंग फ्रॉग, अंडमान स्मूथहाउंड शार्क और येलो हिमालयन फ्रिटिलरी। <span style="font-size:1rem;">इन जीवित कीड़ों के विलुप्त होने का प्रमुख कारण उनका अवैध शिकार, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और बीमारियाँ हैं।</span></div><div><br /></div><h2>इस संस्था से जुड़े हुए हैं 15 हजार से अधिक वैज्ञानिक</h2><div><br /></div><div>आपको बता दें कि IUCN रेड लिस्ट दुनिया की जैव विविधता के स्वास्थ्य के बारे में बताती है। इसमें कहा गया है कि धरती पर मौजूद कौन से ऐसे जीव हैं जिनकी प्रजातियां खतरे में हैं या विलुप्त होने वाली हैं। इस संस्था से दुनिया भर के 15 हजार से ज्यादा वैज्ञानिक जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा है कि भारत में पौधों, जानवरों और कवक की 9472 प्रजातियों में से 1355 प्रजातियों पर संकट मंडरा रहा है। उनमें से कुछ विलुप्त हैं, कुछ विलुप्त होने के बहुत करीब हैं। कुछ गंभीर खतरे में हैं।</div><div><br /></div><h2>239 प्रजातियों की हुई जांच, 29 प्रजाति पाई गई संकटग्रस्त</h2><div><br /></div><div>इस वर्ष भारत में जीवित कीड़ों की 239 प्रजातियों की जांच की गई है। जिनमें से 29 जीवित कीट प्रजातियों को संकटग्रस्त दिखाया गया है। आईयूसीएन के निदेशक ब्रूनो ओबेरल ने कहा कि मानवीय गतिविधियों के कारण जीवित कीड़ों की स्थिति बिगड़ रही है। यह लगातार घट रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो धरती से जीवित कीड़े-मकोड़े गायब हो जाएंगे। मूल रूप से मॉन्ट्रियल, कनाडा में 7 से 19 दिसंबर तक IUCN के 196 सदस्य शामिल थे। भारत भी इसमें सदस्य था। इन सभी देश के वैज्ञानिक मिलकर एक जैव विविधता ढांचा तैयार करने का काम कर रहे हैं। साथ ही एक ऐतिहासिक समझौता भी होने जा रहा है ताकि प्रकृति को होने वाले नुकसान को रोका जा सके। प्रजातियों को बचाया जा सकता है। ब्रूनो ने कहा कि हमें तत्काल जैव विविधता और जलवायु के बीच संबंध सुधारने की कोशिश करनी चाहिए। नहीं तो कुछ ही वर्षों में धरती से जीवित कीड़े-मकोड़े लुप्त हो जायेंगे। कर्नाटक के पश्चिमी घाट में पाया जाने वाला सफेद गाल वाला डांसिंग फ्रॉग अब 167 वर्ग किमी में मुश्किल से पाया जाता है। यह इस सूची में शामिल होने वाला सबसे नया प्राणी है।</div><div><br /></div><h2>कौन कौन से जीव हैं विलुप्ति की कगार पर, ये है महत्वपूर्ण कारण</h2><div><br /></div><div>मेंढक की यह प्रजाति विलुप्त होती जा रही है क्योंकि अखरोट और कॉफी की खेती के लिए जंगलों को साफ किया जा रहा है। उनके निवास स्थान का विलेख किया जा रहा है। जीजीएस इंद्रप्रस्थ वन्यजीव जीवविज्ञानी डॉ सुमित दुकिया का कहना है कि डांसिंग मेंढकों की 30 प्रतिशत प्रजातियां संकटग्रस्त हैं लेकिन सरकार उनकी सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। प्रदूषण, बीमारियां, आक्रामक प्रजातियां, तापमान इन जीवों को मार रहे हैं</div><div><br /></div><div><br /></div><div>अंडमान स्मूथहाउंड शार्क भी लुप्तप्राय हैं। ये शार्क अंडमान सागर, पूर्वी हिंद महासागर, म्यांमार, थाईलैंड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास पाई जाती हैं। इसी गहराई पर सबसे ज्यादा मछलियां पकड़ी जाती हैं। यह प्रजाति तेजी से विलुप्त हो रही है। यह एक छोटी शार्क है, जिसे पिछले साल खोजा गया था। इसके बाद से इसे अंडमान स्मूथहाउंड शार्क नाम दिया गया। इसे जरूरत से ज्यादा फिशिंग किया जा रहा है, जिससे इस प्रजाति के लिए खतरा बढ़ रहा है। वहीं येलो हिमालयन फ्रिटिलरी एक बहुत ही खूबसूरत फूल है। यह भी खतरे में है। इसकी ठीक से खेती नहीं होने के कारण यह संकट में आ गया है। इनके अलावा तीन अन्य जीवों को इस सूची में शामिल किया गया है।</div><div><br /></div><h2>रेड लिस्ट में शामिल है इतनी प्रजातियां</h2><div><br /></div><div>अब इस रेड लिस्ट में 150388 प्रजातियां शामिल हैं। जिनमें से 42108 के खत्म होने का खतरा है। 1550 से अधिक समुद्री जीवों और 17903 प्रजातियों की प्रजातियों पर जल्द ही विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। जलवायु परिवर्तन का समुद्री जीवन पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है। इस लिस्ट के 41 फीसदी जानवर समुद्री हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Dec 2022 11:01:01 +0530</pubDate>
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                <title>वड़ोदरा : जानिए किस जानवर के भय से पेड़ पर सोने को मजबूर है गांववासी</title>
                                    <description><![CDATA[वड़ोदरा के पडरा गांव में लोग भैंस के बच्चे के कारण दहशत भरी जिंदगी जी रहे है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/87970/vadodara-know-the-fear-of-which-animal-the-villagers-are-forced-to-sleep-on-the-tree"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-01/6049_3.png" alt=""></a><br /><div>गाय और भैंस जैसे जानवर पालतू माने जाते है और ग्रामीण इलाकों में अधिकांश लोग इनको पालते है। लोग इनसे दूध प्राप्त करते है। साथ ही बोझ धोने जैसा काम करते है। वैसे तो ये जानवर बेहद शांत और मित्र प्रवृत्ति के होते है पर वडोदरा में इससे उलट नजारा देखने को मिल रहा है। यहाँ पिछले कुछ दिनों में एक भैंस के बच्चे ने आतंक मचाया हुआ है। </div><div>दरअसल वड़ोदरा के पडरा गांव में लोग किसी जंगली जानवर से नहीं बल्कि एक भैंस के बच्चे के कारण दहशत भरी जिंदगी जी रहे है। क्षेत्र में पाड़ा आतंक के कारण कई लोग घायल हो गए थे। लोग दहशत से बचने के लिए घर के बजाय पेड़ों पर सोना पसंद कर रहे हैं। बता दें कि डबका गांव से गुजरने वाली माही नदी के किनारे तलिया भट्टा इलाके में लंबे समय से लोगों भैंस के बच्चे के आतंक को झेल रहे है। यहाँ पाडा लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। पाड़ा का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि पाड़ा का नाम आते ही लोगों में खौफ पैदा हो जाता है। </div><div>आपको बता दें कि क्षेत्र के 100 से अधिक निवासी अपना घर छोड़कर खेतों में रह रहे हैं और उनमें से कुछ पाडा के डर से पेड़ों पर रात बिताने को मजबूर हैं। बीते कुछ दिनों में पाड़ा हमले में कई लोग घायल हो गए हैं। घटना की जानकारी होने पर पडरा के चौकसी नेता ने इलाके का दौरा किया और लोगों को परेशान करने वाले पाडा को पकड़ने के लिए तंत्र से मदद मांगी।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>वड़ोदरा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Jan 2022 19:27:44 +0530</pubDate>
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