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                <title>Price Hike - Loktej</title>
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                <description>Price Hike RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गुजरात : आम आदमी को एक और झटका, अमूल ने दूध की कीमतों में की 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">आज अप्रैल के पहले ही दिन आम आदमी को बड़ा झटका लगा है। गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने राज्य में अमूल दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। दि`संबर 2022 में राज्य विधानसभा चुनाव के बाद दूध की कीमतों में यह पहली वृद्धि है।</p>
<p dir="ltr"><strong>इस कारण बढ़ी कीमतें</strong></p>
<p dir="ltr">आपको बता दें कि गुजरात में दुग्ध सहकारी समितियों का शीर्ष निकाय जीसीएमएमएफ आमतौर पर दूध की कीमतों में वृद्धि की घोषणा पहले ही कर देता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया। सूत्रों का कहना है कि चारे और परिवहन की बढ़ती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90903/another-blow-to-the-gujarat-common-man-amul-hikes-milk"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/1133_amul.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">आज अप्रैल के पहले ही दिन आम आदमी को बड़ा झटका लगा है। गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने राज्य में अमूल दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। दि`संबर 2022 में राज्य विधानसभा चुनाव के बाद दूध की कीमतों में यह पहली वृद्धि है।</p>
<p dir="ltr"><strong>इस कारण बढ़ी कीमतें</strong></p>
<p dir="ltr">आपको बता दें कि गुजरात में दुग्ध सहकारी समितियों का शीर्ष निकाय जीसीएमएमएफ आमतौर पर दूध की कीमतों में वृद्धि की घोषणा पहले ही कर देता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया। सूत्रों का कहना है कि चारे और परिवहन की बढ़ती कीमतों के कारण दूध उत्पादन की लागत में वृद्धि के कारण कीमतों में वृद्धि हुई है।</p>
<p dir="ltr"><strong>ये है नई कीमतें</strong></p>
<p dir="ltr">ध्यान देने वाली बात ये है कि मूल्य संशोधन के बाद अमूल भैंस के दूध की कीमत अब 68 रुपये प्रति लीटर, जबकि अमूल गोल्ड की कीमत 64 रुपये प्रति लीटर और अमूल शक्ति की कीमत 58 रुपये प्रति लीटर हो गई है। अमूल गाय के दूध की कीमत अब 54 रुपये प्रति लीटर, अमूल ताज़ा की 52 रुपये प्रति लीटर और अमूल टी-स्पेशल की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर हो गई है। बताते चले कि राज्य विधानसभा चुनावों से पहले यानी अक्टूबर 2022 में अमूल ने 2 रुपये प्रति लीटर और फिर फरवरी 2023 में दूध की कीमतों में गुजरात को छोड़कर सभी बाजारों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Apr 2023 19:56:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तो इस कारण आसमान छू रही हैं नींबू की कीमत, जानिए क्या हैं नींबू के उत्पादन की प्रक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[बाजारों में नींबू की कीमत 20 रुपये प्रति पीस तक पहुंच गई
असंतोषजनक माहौल और लंबे समय तक अत्यधिक गर्म परिस्थितियों ने इस साल नींबू की फसल को प्रभावित किया है, नतीजतन, किसानों को इस साल सामान्य फसल नहीं मिल रही]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/80620/so-due-to-this-the-price-of-lemon-is-touching-the-sky-know-what-is-the-process-of-production-of-lemon"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/6924_lemon2.jpg" alt=""></a><br /><div>नींबू की आसमान छूती कीमतों ने इस भयानक गर्मी में आम लोगों को एक और बड़ा झटका दिया हैं। गर्मियों में लोगों का पसंदीदा पेय नींबू पानी भी अब लक्ज़री चीजों में से एक हो चुका हैं। बाजारों में नींबू की कीमत 20 रुपये प्रति पीस तक पहुंच गई और अधिकांश खुदरा बाजारों में 10 रुपये से 15 रुपये के बीच है।</div><div>बाजार में नींबू के दाम बढ़ने के कई कारण हैं जैसे मांग में वृद्धि, कम फसल, फसलों को नुकसान, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी आदि। राज्य के कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “असंतोषजनक माहौल और लंबे समय तक अत्यधिक गर्म परिस्थितियों ने इस साल नींबू की फसल को प्रभावित किया है। नतीजतन, किसानों को इस साल सामान्य फसल नहीं मिल रही है। इसने बाजार की आपूर्ति को प्रभावित किया है और इस तरह कीमतें बढ़ गई हैं। नींबू की कटाई के लिए गर्म, मध्यम शुष्क और नम जलवायु अनुकूल होती है। भारी वर्षा फलों की वृद्धि को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। आम तौर पर एक एकड़ भूमि पर लगभग 210-250 नींबू के पेड़ लगाए जाते हैं, और बागों में रोपण के 3 साल बाद अपना पहला फल मिलता है। एक पेड़ से औसतन लगभग 1,000-1,500 फल मिल सकते हैं।</div><div>बता दें कि पिछले साल मानसून अच्छा था लेकिन सितंबर और अक्टूबर के महीनों में भारी बारिश हुई थी, जिससे नींबू की खेती प्रभावित हुई थी जिसके परिणामस्वरूप कम फसल हुई। नींबू के बाग भारी वर्षा को सहन नहीं कर सके क्योंकि वे अधिक नमी के प्रति संवेदनशील होते हैं। अंबे बहार के प्रारंभिक चरण में, उपज में गिरावट की सूचना मिली थी और उच्च तापमान के कारण फरवरी में छोटे फल गिर गए थे। नींबू को आमतौर पर कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है। इस फल को आम तौर पर कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है और अम्बे बहार आने तक इसकी मार्केटिंग की जाती है। वर्तमान में भंडारित फल बाजार को खिला रहे हैं।</div><div>जानकारी के अनुसार भारत दुनिया के लगभग 17% नींबू का उत्पादन करता है। देश में हर साल 37.17 लाख टन से अधिक फलों का उत्पादन होता है। यह देश भर में संयुक्त 3.17 लाख एकड़ में फैले बगीचों में उगाया जाता है। नींबू के पेड़ साल में तीन बार फल देते हैं। देश में आंध्र प्रदेश सबसे अधिक नींबू उगाने वाले राज्यों की सूची में सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा और तमिलनाडु का स्थान है। दिलचस्प बात यह है कि भारत घरेलू स्तर पर नींबू की खपत करता है और इसका न तो निर्यात किया जाता है और न ही आयात किया जाता है।</div><div>गौरतलब हैं कि विटामिन सी और इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर नींबू गर्मियों में सबसे फायदेमंद फल माना जाता है। नींबू हर साल तीन चक्र में उगाया जाता है। तीन बहार अम्बे, मृग और हस्ता हैं। अम्बे बहार में जनवरी-फरवरी का महीना शामिल है जब फूल आना शुरू होता है और अप्रैल में फल बनना होता है। मृग बहार में जून-जुलाई के दौरान बागों का खिलना और अक्टूबर में कटाई शामिल है। हस्त बहार के दौरान, सितंबर-अक्टूबर में बाग खिलते हैं, मार्च के बाद कटाई होती है। हालाँकि, ये तीन चक्र ओवरलैप भी होते हैं।</div><div>नींबू की मांग में करीब 35 फीसदी की गिरावट के बावजूद खुदरा और थोक कीमतों में बढ़ोतरी जस की तस बनी हुई है। शहर के पश्चिमी हिस्सों में इसकी कीमत 360 रुपये से 400 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच है, जबकि थोक बाजार में कीमतें 120 रुपये से 200 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच हैं। किसानों और व्यापारियों ने इसे सबसे दुर्लभ वर्षों में से एक माना जब लगातार दो बहार विफल रहे। अंबे बहार फ़ीड बाजार में सबसे अधिक योगदान देता है। जैसा कि अनुमान लगाया गया था, कीमत में सुधार तुरंत नहीं होगा।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Apr 2022 23:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आखिर नींबू क्यों महंगा होता जा रहा है?, आपको यह कारण जानना होगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div>राज्य भर में नींबू की कीमतों में काफी इजाफा देखने मिल रहा है। कुछ दिनों पहले 40 रुपये किलो मिलने वाले नींबू की कीमत आज लगभग 10 गुना तक बढ़ गए है। नींबू की आज की कीमत तकरीबन 400 रुपये किलो है। गर्मी में वैसे भी नींबू की कीमत बढ़ जाती है। हालांकि इतने अधिक कीमत बढ़ जाने के पीछे कई कारण जिम्मेदार है। इनमें सबसे बड़ा कारण है राज्य में आया ताऊते चक्रवात।</div><div>जी हाँ, ताऊते चक्रवात के कारण नींबू के औसतन उत्पादन में 40 प्रतिशत की कमी हो गई। ऐसे में नींबू की सप्लाय के मुक़ाबले उसकी मांग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68662/after-all-why-is-lemon-becoming-expensive-you-need-to-know-this-reason"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/2247_s23-140422.jpg" alt=""></a><br /><div>राज्य भर में नींबू की कीमतों में काफी इजाफा देखने मिल रहा है। कुछ दिनों पहले 40 रुपये किलो मिलने वाले नींबू की कीमत आज लगभग 10 गुना तक बढ़ गए है। नींबू की आज की कीमत तकरीबन 400 रुपये किलो है। गर्मी में वैसे भी नींबू की कीमत बढ़ जाती है। हालांकि इतने अधिक कीमत बढ़ जाने के पीछे कई कारण जिम्मेदार है। इनमें सबसे बड़ा कारण है राज्य में आया ताऊते चक्रवात।</div><div>जी हाँ, ताऊते चक्रवात के कारण नींबू के औसतन उत्पादन में 40 प्रतिशत की कमी हो गई। ऐसे में नींबू की सप्लाय के मुक़ाबले उसकी मांग काफी अधिक हो रही थी। ऐसे में नींबू की कीमतों में तेजी से इजाफा होने लगा। हालांकि राहत की बात यह है की आने वाले दिनों में अन्य राज्यों में से आने वाले स्टॉक के चलते नींबू की कीमतों में कमी देखने मिल सकती है। </div><div>गर्मियों के मौसम में तपती गर्मी से राहत के लिए नींबू का इस्तेमाल कई तरीकों से होता है। नींबू विटामिन सी का बड़ा स्रोत होता है। नींबू शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ ही पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखता है। विटमिन सी से भरपूर नींबू का रस पीने से हृदय रोग होने का खतरा और दिल का दौरा पड़ने की संभावना कम हो जाती है। अगर आपका ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा है तब भी नींबू का रस आपके लिए फायदेमंद है। नींबू के रस में लिम्फेटिक प्रक्रिया को बढ़ाने का गुण होता है जो इम्यूनिटी को बढ़ाता है। <span style="font-size:1rem;">ऐसे में हॉलसेल व्यापारियों के कहे अनुसार यदि आने वाले समय में नींबू की कीमतों में कमी आए तो ही आम आदमी के लिए कुछ राहत मिल सकेगी। </span></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Apr 2022 23:09:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लो कर लो बात...!! व्यापारी के गोडाउन में से गायब हुये 60 किलो नींबू</title>
                                    <description><![CDATA[<div>उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है. व्यापारी के गोदाम से जो चीज चोरी हुई है वह बेहद हैरान करने वाली है। चोरों ने न केवल पैसे और गहने बल्कि केवल सब्जियां चुरा लीं। चोर ने बड़ी चतुराई से सबसे पहले नींबू पर हाथ साफ किए। बाजार में इन दिनों फलों से ज्यादा नींबू महंगे है। इसी वजह से चोरों ने गोदाम से 60 किलो नींबू चुरा लिया। इतना ही नहीं चोरों ने नींबू के साथ लहसुन, प्याज और वजन कांटा भी चुरा लिया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83433/hey-what-are-you-saying-60-kg-lemons-disappeared-from-the-merchant-s-godown"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/3567_s13-110422.jpg" alt=""></a><br /><div>उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है. व्यापारी के गोदाम से जो चीज चोरी हुई है वह बेहद हैरान करने वाली है। चोरों ने न केवल पैसे और गहने बल्कि केवल सब्जियां चुरा लीं। चोर ने बड़ी चतुराई से सबसे पहले नींबू पर हाथ साफ किए। बाजार में इन दिनों फलों से ज्यादा नींबू महंगे है। इसी वजह से चोरों ने गोदाम से 60 किलो नींबू चुरा लिया। इतना ही नहीं चोरों ने नींबू के साथ लहसुन, प्याज और वजन कांटा भी चुरा लिया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।</div><div><span style="font-size:1rem;">मामला तिलहर जिले का है। बहादुरगंज महला निवासी मनोज कश्यप ने बताया कि बजरिया में उनकी सब्जी मंडी की दुकान है। दुकान के सामने रात में सब्जी रखने का गोदाम है। मनोज ने बताया कि रविवार सुबह जब वह सब्जी मंडी पहुंचे तो देखा कि गोदाम का ताला टूटा हुआ था और सड़क पर सारा सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने उनके गोदाम से 60 किलो नींबू, करीब 40 किलो प्याज, 38 किलो लहसुन और एक कांटा चुरा लिया। व्यापारी मनोज ने बताया कि नींबू 200 रुपये किलो के थोक भाव पर बिक रहा है। जबकि वही नींबू 250 से 280 रुपये प्रति किलो के भाव से बाजार में बिक रहा है। चोरी की सूचना पर व्यापारियों ने रैली की और नाराजगी जताई है।</span><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Apr 2022 22:19:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगाई के चलते बिगड़ रहा है गृहिणीयों का बजट, हर चीजों की कीमत में हो रहा है जबर्दस्त इजाफा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><span style="font-size:1rem;">देश भर में लगातार चढ़ रहे पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण अब महंगाई भी काफी बढ़ गई है। बढ़ती हुई महंगाई के कारण हर किसी की जेब पर असर पड़ रहा है। बढ़ती हुई महंगाई के बीच सब्जियों की कीमत में भी काफी इजाफा देखा जा रहा है। सब्जियों की बढ़ती कीमतों के कारण गृहिणीयों के घर का बजट भी बिगड़ चुका है। जिसके चलते आम आदमी को अपना जीवनयापन करने में भी काफी दिक्कत हो रही है।</span><br /></div><div>सब्जी मार्केट की बात करे तो फिलहाल हरी सब्जियों की कीमत दोगुना बढ़ गई है। बाजारों में पहले की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/80601/housewives-budget-is-deteriorating-due-to-inflation-the-price-of-everything-is-increasing-tremendously"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/7913_s14-040422.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">देश भर में लगातार चढ़ रहे पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण अब महंगाई भी काफी बढ़ गई है। बढ़ती हुई महंगाई के कारण हर किसी की जेब पर असर पड़ रहा है। बढ़ती हुई महंगाई के बीच सब्जियों की कीमत में भी काफी इजाफा देखा जा रहा है। सब्जियों की बढ़ती कीमतों के कारण गृहिणीयों के घर का बजट भी बिगड़ चुका है। जिसके चलते आम आदमी को अपना जीवनयापन करने में भी काफी दिक्कत हो रही है।</span><br /></div><div>सब्जी मार्केट की बात करे तो फिलहाल हरी सब्जियों की कीमत दोगुना बढ़ गई है। बाजारों में पहले की तरह सब्जियों के बड़े-बड़े ढेर भी नहीं दिखाई देते। पालक, भिंडी, परवल तथा लौकी की कीमतों में होने वाले इजाफे के कारण हर कोई परेशान है। यहीं नहीं गर्मी की सीजन में ठंडक देने वाला नींबू भी कई स्थान पर 10 रुपये तक मिल रहा है। दिल्ली और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में सब्जियों की किस्मत आसमान को छु रही है। </div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Apr 2022 21:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जानें अमेरिका ने ऐसा क्या निर्णय लिया जिससे क्रूड ऑयल के दाम नीचे सरके</title>
                                    <description><![CDATA[रूस और युक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/84522/know-what-was-the-decision-taken-by-america-to-bring-down-the-price-of-crude-oil"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/petrol-crude-oil.jpg" alt=""></a><br /><div>रूस और युक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। इस समस्या के बीच तेल की कीमतें गुरुवार को तेजी से गिरावट आई क्योंकि अमेरिका के शीर्ष कच्चे भंडार अमेरिका ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण आपूर्ति को बढ़ावा देने के लिए भंडार खोलने की घोषणा की। अमेरिका की इस घोषणा के बाद क्रूड की कीमत 100 प्रति बैरल से नीचे आ गई है।</div><div>आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अमेरिका अपने कच्चे तेल के भंडार को खोलेगा। इतिहास में बहुत कम मामलों में अमेरिका ने कच्चे तेल की मुद्रास्फीति को पूरा करने के लिए रिजर्व खोला है। शुक्रवार को शुरुआती सत्र में डब्ल्यूटीआई क्रूड वायदा 2% से अधिक गिरकर 98 प्रति बैरल पर आ गया और ब्रेंट क्रूड भी 2% गिरकर 102.75 पर बंद हुआ। इस सप्ताह में अब तक 15% कमी देखी गई है, जो पिछले दो वर्षों में कोरोना के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है।</div><div>एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की छह महीने के लिए रोजाना 10 लाख बैरल कच्चा तेल छोड़ने की योजना है। इसके अलावा गुरुवार को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक ओपेक प्लस देश मई में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर आपूर्ति बढ़ा सकते हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Fri, 01 Apr 2022 19:59:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर रोज थोड़े-थोड़े पैसे जुड़ते गए और ₹4 महंगा हो गया पेट्रोल</title>
                                    <description><![CDATA[विभिन्न राज्यों में चल रहे चुनावों के चलते नवंबर से मार्च तक नहीं हुआ था पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><span style="font-size:1rem;">पिछले काफी समय से देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी से इजाफा होते जा रहा है। पेट्रोल की कीमतों में फिर एक बार 30 पैसे और डीजल की कीमतों में 37 पैसों का इजाफा किया गया है। पिछले सात दिनों में यह छट्ठी बार था जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया हो। इसके साथ ही अहमदाबाद में पेट्रोल की कीमत 95.13 रुपये और डीजल की कीमत में 89.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। </span><br /></div><div>22 मार्च के बाद से पेट्रोल की कीमतों में 4 रुपये और डीजल की कीमत 4.10 रुपये बढ़ गई है। मुंबई में अब पेट्रोल की कीमत 114.19 रुपये और डीजल की कीमत 98.50 रुपये हो गई है। इसके अलावा चेन्नई में पेट्रोल 105.18 रुपये और डीजल 95.33 रुपये शुरू हुये थे। वहीं कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 108.85 और डीजल की कीमत 93.92 रुपये हो चुकी  है। </div><div>उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर से इस साल 21 मार्च तक पेट्रोल कि कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। हालांकि चुनाव पूर्ण होने के साथ ही पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई ठी। मुडीज़ के एक रिपोर्ट के अनुसार ऑइल कंपनियाँ जैसे की IOC, HPCL और BPCL द्वारा चुनाव के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई भी इजाफा नहीं किया गया था। यूक्रेन पर रूस द्वारा किए हमले के बाद क्रूड ऑइल मार्केट में भी काफी हलचल मची हुई है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/81477/every-day-little-money-was-added-and-petrol-became-expensive-by-4</link>
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                <pubDate>Mon, 28 Mar 2022 12:00:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पता चला?; 5 दिनों में ₹3.5 से भी ज्यादा बढ़ गए हैं पेट्रोल-डीजल के दाम!</title>
                                    <description><![CDATA[<div>लगभग 137 दिनों तक स्थिर रहने के बाद अब इस हफ्ते में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी जारी है। एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 50 पैसा और 55 पैसा की बढ़ोतरी हुई है। इसी के साथ महज पांच दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में थोडा-थोड़ा करते हुए साढ़े तीन रूपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। बढ़ी हुई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 99.11 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.42 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 53 पैसे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>लगभग 137 दिनों तक स्थिर रहने के बाद अब इस हफ्ते में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी जारी है। एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 50 पैसा और 55 पैसा की बढ़ोतरी हुई है। इसी के साथ महज पांच दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में थोडा-थोड़ा करते हुए साढ़े तीन रूपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। बढ़ी हुई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 99.11 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.42 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 53 पैसे और 58 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद यहां पेट्रोल की कीमत 113.88 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 98.13 रुपए प्रति लीटर हो गई है।</div><div>आपको बता दें कि इससे पहले कल यानी 26 मार्च को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 80 पैसे की बढ़ोत्तरी हुई है। 22 मार्च से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी जारी है। 22 मार्च को इन कीमतों में 80 पैसे लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। फिर 23 मार्च को भी 80 पैसे की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा 25 और 26 मार्च को भी ईंधन में 80 पैसे लीटर की बढ़ोतरी हुई।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/79372/got-to-know-petrol-diesel-prices-have-increased-by-more-than-3-5-in-5-days</link>
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                <pubDate>Sun, 27 Mar 2022 08:41:41 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महंगाई की एक और मार, पेट्रोल और डीजल के बाद अब दवाओं की कीमत भी बढ़ेंगी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><span style="font-size:1rem;">दुनिया भर में बढ़ रही महंगाई के चलते भारत में भी पेट्रोल-डीजल तथा अन्य कई जरूरी चीजों की कीमतों में इजाफा हो रहा है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती इन कीमतों के बीच में अब जल्द ही दवाएं भी महंगी हो रही है। देश की ड्रग्स प्राइसिंग अथॉरिटी ने शिड्यूल दवाओं की कीमतों में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि करने की छूट दी है। इसके चलते अब अप्रैल से पैन किलर, एंटी बायोटिक्स, एंटी वायरल सहित अन्य कई जरूरी दवाओं की कीमत में भी इजाफा देखा जा सकता है। </span><br /></div><div>The Economic Times के एक हवाले से यह जानकारी सामने आई है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><span style="font-size:1rem;">दुनिया भर में बढ़ रही महंगाई के चलते भारत में भी पेट्रोल-डीजल तथा अन्य कई जरूरी चीजों की कीमतों में इजाफा हो रहा है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती इन कीमतों के बीच में अब जल्द ही दवाएं भी महंगी हो रही है। देश की ड्रग्स प्राइसिंग अथॉरिटी ने शिड्यूल दवाओं की कीमतों में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि करने की छूट दी है। इसके चलते अब अप्रैल से पैन किलर, एंटी बायोटिक्स, एंटी वायरल सहित अन्य कई जरूरी दवाओं की कीमत में भी इजाफा देखा जा सकता है। </span><br /></div><div>The Economic Times के एक हवाले से यह जानकारी सामने आई है। जिसके अंतर्गत NLIM की सूची में आने वाली 800 से अधिक दवाओं की कीमत में इजाफा हो जाएगा। बता दें की इन जरूरी दवाओं की सूची में 875 से अधिक दवाओं के नाम शामिल है। जिसमें डायाबिटिस, कैंसर की दवा, हैपेटाइटिस, हाई ब्लड प्रेशर, गुर्दे की बीमारी जैसी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल है। इस सूची में पेरासीटामोल, एझीथ्रोमाइसिन जैसी एंटीबायोटिक दवाओं के अलावा एंटी एनेमीया, विटामिन्स, मिनरल्स तथा कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल है।</div><div>उल्लेखनीय है कि पिछले दो सालों के अंदर दवाओं के उत्पादन में जरूरी एपीआई में 15 से 130 प्रतिशत तक का इजाफा देखने मिला है। जहां देश में पेट्रोल और डीजल कि कीमतें आसमान छु रही है। वहीं दूसरी और अब दवाओं कि कीमतें भी बढने के चलते आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि पिछले पाँच दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये से भी अधिक का इजाफा किया गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/81472/another-hit-of-inflation-after-petrol-and-diesel-now-the-price-of-medicines-will-also-increase</link>
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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 09:55:38 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : खूब बढ़े नींबू के दाम, जानें क्या है कारण?</title>
                                    <description><![CDATA[सीजन आने के बाद भी महेसाणा में नींबू का नहीं हुआ पर्याप्त उत्पादन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68539/lemon-prices-skyrocketed-in-gujarat-know-what-is-the-reason"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-03/3047_s2-230322.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">गर्मी की शुरुआत होते ही नींबू की कीमतें बढ्ने लगी है। वैसे तो गुजरात के महेसाणा जिले में नींबू का भरपूर उत्पादन होता है। हालांकि इस साल महेसाणा में नया माल अधिक नहीं होने के चलते लोगों को महंगे नींबू खरीदने की नौबत आई है। गुजरात सहित अन्य राज्य तथा पड़ोसी देशों में भी नींबू का सप्लाय करने के लिए महेसाणा एक बड़ा केंद्र स्थान है। हालांकि गर्मी की शुरुआत होने के साथ नींबू की मांग में काफी इजाफ़ा देखने मिला है। यही कारण है कि नींबू की कीमतों में काफी इजाफा देखने मिला है। </span><br /></div><div>अधिकतर किसानों के खेत में अभी तक नींबू का उत्पादन शुरू नहीं हुआ है। इसके चलते नींबू की काफी कमी देखने मिल रही है। स्थानीय मार्केट में उत्पादन शुरू ना होने के चलते महेसाणा के उदलपुर के व्यापारी अन्य राज्यों में से नींबू मंगा कर उसे आसपास के लोकल मार्केट में बेच रहे है। जहां आम दिनों में नींबू की हॉलसेल कीमत 20 से 30 रुपये प्रति किलो होती है, वहीं सीजन आते ही यह कीमत 100 से 120 रुपये प्रतिकिलों तक आ चुका है। व्यापारियों का कहना है अधिक मांग के सामने उतना उत्पादन ना होने के कारण कीमतों में इजाफा देखने मिला है। हालांकि महेसाणा में जैसे-जैसे नींबू का उत्पादन बढ़ेगा, उसकी कीमतों में भी गिरावट देखने मिलेगी।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Mar 2022 10:30:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>झारखंड सरकार का जनता को तोहफा, इन लोगों को मिलेगा सस्ता पेट्रोल</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार देगी गरीब बाइक और स्कूटर वालों को 25 रुपए प्रति लीटर सस्ता पेट्रोल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div align="left"><p dir="ltr">बीते दिनों में पेट्रोल की कीमतों में इजाफा  देखने को मिला। इस बीच दीवाली के समय केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने जनता को राहत देने के लिए अपने अपने स्तर पर पेट्रोल डीज़ल की कीमतों को कम कर दिया। अब </p>
</div><div align="left"><p dir="ltr">झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार ने अपनी दूसरी वर्षगांठ पर पेट्रोल की ऊंची कीमतों से आम आदमी को राहत देने के लिए बड़ा ऐलान करते हुए राज्य सरकार गरीब बाइक और स्कूटर वालों को पेट्रोल 25 रुपए प्रति लीटर सस्ता देने की बात कही। इस घोषणा के अनुसार राशन कार्डधारी ग्राहक प्रति महीने अधिकतम 10 लीटर पेट्रोल पर यह लाभ ले सकते हैं। हालांकि ये लाभ उन्हें सीधे नहीं मिलेगा बल्कि उन्हें पेट्रोल पंप पर उन्हें पूरी कीमत देनी होगी और राज्य सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सब्सिडी की राशि खाते में भेजेगी। आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में राशन कार्डधारियों की कुल संख्या करीब 59 लाख है।</p><p dir="ltr"><span style="font-size:1rem;">आपको बता दें कि इस बारे में मुख्यमंत्री कार्यलाय की ओर से ट्वीट कर बताया गया, ''पेट्रोल-डीजल के मूल्य में लगातार इजाफा हो रहा है, इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। इसलिए सरकार ने राज्य स्तर से दुपहिया वाहन के लिए पेट्रोल पर प्रति लीटर ₹25 की राहत देगी, इसका लाभ 26 जनवरी 2022 से मिलना शुरू होगा।'' सरकार की ओर से बताया गया कि यदि कोई राशन कार्डधारी अगर अपनी गाड़ी में पेट्रोल भराता है तो झारखंड सरकार प्रति महीने 10 लीटर तक के पेट्रोल पर 25 रुपए प्रति लीटर यानी 250 रुपए उनके अकाउंट में कैश ट्रांसफर करेगी। कुल मिलाकर गरीबों को स्कूटर/बाइक में पेट्रोल भराने पर प्रति महीने अधिकतम 250 रुपए का लाभ मिलेगा।</span></p></div><p dir="ltr">
गौरतलब है कि आशंका जताई जा रही है कि झारखंड सरकार के इस फैसले के बाद देश के कुछ और राज्यों में इस तरह की मांग उठ सकती है। झारखंड सरकार ने अपने इस फैसले से उन कमजोर वर्गों को साधने का प्रयास किया जो लोग दुपहिया वाहनों का इस्तेमाल अधिक करते हैं। बता दें कि 25 रुपये प्रति लीटर की बड़ी राहत देने का दांव हेमंत सोरेन सरकार के लिए चुनाव में भी ट्रंप कार्ड साबित हो सकता है।</p>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83169/jharkhand-government-s-gift-to-the-people-these-people-will-get-cheap-petrol</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Dec 2021 20:55:25 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>त्यौहारों के पहले आम आदमी को एक और झटका, रसोई गैस की कीमतों में भी हुई बढ़ोत्तरी</title>
                                    <description><![CDATA[बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर के भाव में 15 रुपये का इजाफा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>घरेलू रसोई गैस सिलेंडर एक बार फिर महंगे हो गए हैं।  बुधवार यानी 6 अक्टूबर को एक बार फिर बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई है। प्रति सिलेंडर के भाव में 15 रुपये का इजाफा किया है। तेल कंपनियों ने बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर के भाव में 15 रुपये का इजाफा किया है। इससे पहले 1 अक्टूबर को सिर्फ 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई थी।  दिल्ली-मुंबई में बिना सब्सिडी वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 884.50 रुपये से बढ़कर 899.50 रुपये हो गई है।</div><div>कोलकाता में 926 किलो के एलपीजी सिलेंडर और चेन्नई में 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 915.50 रुपये होगी। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि इस बार रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 1,000 रुपये के पार जा सकती है.।</div><div>आपको बता दें कि 1 अक्टूबर को कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। वहीं, 1 सितंबर को 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 25 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले 18 अगस्त को पेट्रोलियम कंपनियों ने गैस सिलेंडर के दाम में 25 रुपये की बढ़ोतरी की थी।  पिछले एक साल में दिल्ली में एक घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 305.50 रुपये बढ़ी है, जबकि अब सब्सिडी नहीं मिल रही है।</div><div>आपको बता दें कि जुलाई और अगस्त में भी कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी जबकि मई और जून में घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ। अप्रैल में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 10 रुपये की कमी की गई थी।  दिल्ली में एक रसोई गैस सिलेंडर की कीमत इस साल जनवरी में 694 रुपये थी, जिसे फरवरी में बढ़ाकर 719 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया था। 15 फरवरी को कीमत बढ़ाकर 769 रुपये कर दी गई थी।  इसके बाद 25 फरवरी को रसोई गैस सिलेंडर की कीमत घटाकर 794 रुपये कर दी गई।  मार्च में एलपीजी सिलेंडर की कीमत घटाकर 819 रुपये कर दी गई थी।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/80204/another-blow-to-the-common-man-before-the-festivals-the-price-of-cooking-gas-also-increased</link>
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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 22:46:20 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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