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                <title>Girnar - Loktej</title>
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                <description>Girnar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गिर के जंगलों में पालतू जानवरों का शिकार कर रहे हैं शेर :  सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) गुजरात के गिर के जंगलों में शेरों द्वारा पालतू जानवरों को मारने की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2023-24 में ऐसी 4,385 घटनाएं हुईं जो सर्वाधिक हैं।</p>
<p>गिर एशियाई शेरों का एकमात्र प्राकृतिक आवास है।</p>
<p>केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को राज्यसभा में बताया कि शेरों की ओर से पालतू जानवरों को मारने की घटनाएं 2019-20 में 2,605 से बढ़कर 2020-21 में 3,244; 2021-22 में 3,659; 2022-23 में 3,670 और 2023-24 में 4,385 हो गईं।</p>
<p>उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/130476/lions-are-hunting-pets-in-gir-forests--government"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/gujarat-map.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) गुजरात के गिर के जंगलों में शेरों द्वारा पालतू जानवरों को मारने की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2023-24 में ऐसी 4,385 घटनाएं हुईं जो सर्वाधिक हैं।</p>
<p>गिर एशियाई शेरों का एकमात्र प्राकृतिक आवास है।</p>
<p>केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को राज्यसभा में बताया कि शेरों की ओर से पालतू जानवरों को मारने की घटनाएं 2019-20 में 2,605 से बढ़कर 2020-21 में 3,244; 2021-22 में 3,659; 2022-23 में 3,670 और 2023-24 में 4,385 हो गईं।</p>
<p>उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि गिर में शेरों के लिए पर्याप्त शिकार आधार है और शिकार करने वाले जानवरों की संख्या बढ़ रही है।</p>
<p>आंकड़ों से पता चलता है कि गिर के जंगल में शिकार के लिए उपलब्ध जानवरों की संख्या वर्ष 2019 में 1,55,659 से बढ़कर वर्ष 2022 में 2,02,993 और वर्ष 2024 में 2,13,391 हो गई।</p>
<p>जून 2020 में गुजरात में एशियाई शेरों की आबादी 674 थी, जो 2015 में 523 थी।</p>
<p>‘नेचर’ पत्रिका में 2022 में प्रकाशित एक वैज्ञानिक रिपोर्ट से पता चला है कि 48 प्रतिशत शेर संरक्षित क्षेत्रों के बाहर फैल चले गए थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2025 22:00:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : महाशिवरात्रि मेले को लेकर नेचर सफारी पार्क चार दिन बंद रहेगा</title>
                                    <description><![CDATA[18 फरवरी को होने से वन विभाग के कर्मचारी मेले में व्यस्त रहेंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/89668/nature-safari-park-will-remain-closed-for-four-days-due"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-05/indian-lion.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">गिर के जंगल में 48 शेर विचरण करते हैं। इन शेरों को देखने के लिए हजारों लोग गिरनार नेचर सफारी पार्क आते हैं। हालांकि, इस सफारी पार्क में जाने की योजना बनाने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। गिरनार नेचर पार्क सफारी को 15 से 18 फरवरी यानी 4 दिन तक बंद रखने का फैसला किया गया है। यह फैसला वन विभाग के कर्मचारियों के महाशिवरात्रि मेले में कार्यरत रहने के कारण लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>गिरनार वन में अनुमानित 50 से अधिक शेर रहते हैं</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि गिरनार नेचर सफारी पार्क का शुभारंभ 26 जनवरी 2021 को हुआ था। इस पार्क ने गुजरात के लोगों को भी अपनी ओर आकर्षित किया। गिरनार जंगल की बात करें तो यहां 48 शेर रहते हैं। जूनागढ़ वन विभाग के अधिकारी अक्षय जोशी ने मीडिया को बताया कि 2020 की गिनती के अनुसार 48 शेर हैं। 15 से 20 शेर सफारी मार्ग पर रहते हैं, जबकि गिरनार जंगल में अनुमानित 50 से अधिक शेर रहते है। गिरनार नेचर सफारी का रूट 26 किलोमीटर है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दो साल में 7000 पर्यटक आए</strong></p>
<p style="text-align:justify;">गिरनार नेचर सफारी रूट से पर्यटक आकर्षित होते हैं। दो साल में करीब 7000 पर्यटक घूमने आ चुके हैं। इस नेचर सफारी पार्क में अब तक 6,976 पर्यटक आ चुके हैं। गिरनार नेचर सफारी पार्क से अब तक वन विभाग को 15 लाख की आय हो चुकी है। गिरनार नेचर सफारी पार्क से ड्राइवर और गाइड की आमदनी भी होती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये जानवर गिरनार के जंगल में रहते हैं</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इस गिरनार के जंगल में तेंदुआ, जंगली बिल्ली, सियार, चीतल, नीलगाय, जंगली सूअर समेत कई जंगली जानवर रहते हैं। पर्यटक कभी-कभी इन सभी जानवरों को गिरनार नेचर सफारी रूट पर देखते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/89668/nature-safari-park-will-remain-closed-for-four-days-due</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Feb 2023 19:21:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गीर: मानसून के कारण चार माह तक बंद रहे ये स्थल आज से पर्यटकों के लिए खुले</title>
                                    <description><![CDATA[गिर अभ्यारण्य और गिरनार अभयारण्य चार महीने के मानसून अवकाश के बाद आज से शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>कोरोना के कारण बीते दो साल से बंद के बाद नियमित रूप से शुरू हुए गिर अभ्यारण्य और गिरनार अभयारण्य चार महीने के मानसून अवकाश के चलते फिलहाल बंद थे। आज यानी 16 अक्टूबर से दोनों फिर से पर्यटकों के लिए खुल गए हैं। अब पर्यटक इस दर्शनीय स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। वर्तमान में सिर्फ देवलिया सफारी पार्क और धारी आंबरडी पार्क ही खुले हैं।</div><div>आपको बता दें कि शेरों के लिए चार महीने की मानसून छुट्टी के बाद विश्व प्रसिद्ध सासन गिर अभयारण्य आज फिर से खुल गया। दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए 16 अक्टूबर से 29 फरवरी तक सर्दी का मौसम माना जाता है।इस मौसम में, जब दर्शनीय स्थलों की यात्रा का समय जल्दी होता है, तो सुबह की यात्रा सुबह 6.45 बजे से 9.45 बजे तक और शाम को भी देर से होगी, ताकि पर्यटक अधिक समय तक आनंद ले सकें।</div><div>आपको बता दें कि  आज से दर्शनीय स्थलों की यात्रा शुरू हो गई है, जिसमें पर्यटकों को सरकार की कोरोना गाइडलाइन के साथ सभी नियमों का पालन करना होगा। पर्यटकों के लिए सामाजिक दूरी, मास्क, सैनिटाइजर अनिवार्य है और जंगल में प्लास्टिक की बोतलें या वेफर पैकेट ले जाना प्रतिबंधित है। इन सभी नियमों के साथ पर्यटकों को पहले की तरह प्रवेश दिया जाएगा। इस पर्यटन स्थल के वापस शुरू होने से सासन के 178 गाइड और 70 से अधिक जिप्सी ड्राइवरों के व्यवसाय को नई जान मिलेगी, जिससे सासन के स्थानीय होटलों और रिसॉर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/67936/gir-these-places-remained-closed-for-four-months-due-to-monsoon-these-places-are-open-for-tourists-from-today</link>
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                <pubDate>Sat, 16 Oct 2021 21:55:11 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गिरनार रोप-वे की अनोखी स्कीम; नीरज नाम वाले सभी लोगों को 20 अगस्त तक करवाई जाएगी फ्री में सवारी</title>
                                    <description><![CDATA[खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए एशिया के सबसे बड़े रोप-वे के मैनेजर ने की घोषणा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/67623/unique-scheme-of-girnar-ropeway-all-people-named-neeraj-will-be-given-free-ride-till-august-20"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/8828_s1-090821.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">ओलंपिक में नीरज चोपड़ा के गोल्ड मेडल जीतते ही एक नया इतिहास बन गया है। नीरज के इस प्रदर्शन से खुश होकर एशिया के सबसे बड़े रोप-वे ने अनोखी स्कीम शुरू की है। ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज के नाम पर 20 अगस्त तक जिस किसी का भी नाम नीरज होगा उन सभी को बिना कोई चार्ज लिए रोपवे की सफर करवाई जाएगी। </span><br /></div><div>रोप वे मैनेजर घनश्याम पटेल ने बताया कि तंत्र द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि आने वाली 20 अगस्त तक नीरज नाम के सभी लोगों को बिना किसी चार्ज के रोप वे में यात्रा करने दी जाएगी। गिरनार रोप-वे के अलावा अंबाजी मंदिर जाने वाले सभी नीरज नाम के व्यक्तियों को भी माता कि चुनरी दी जाने की घोषणा दी जाएगी। खुद मंदिर के महंत तनसुखगिरि ने इस बारे में जानकारी दी थी। </div><div>उल्लेखनीय है कि नीरज चोपड़ा ने पहली बार एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसी तरह अन्य खिलाड़ी भी अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन देकर भारत के लिए और भी अधिक पदक हासिल करे इस लिए इस तरह के कदम उठाकर उन्हें प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। </div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/67623/unique-scheme-of-girnar-ropeway-all-people-named-neeraj-will-be-given-free-ride-till-august-20</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Aug 2021 14:30:18 +0530</pubDate>
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