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                <title>Solar Energy - Loktej</title>
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                <description>Solar Energy RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : PM-KUSUM योजना के तहत DGVCL का पहला सोलर पावर प्रोजेक्ट RAYZON GREEN द्वारा सफलतापूर्वक कार्यरत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। भारत सरकार की PM-KUSUM (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना, जो नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई है, के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में सोलर पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित किए जा रहे हैं।</p>
<p>इसी क्रम में तापी जिले में DGVCL द्वारा 1 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक शुरू किया गया है।</p>
<p>इस अवसर पर DGVCL के कॉर्पोरेट ऑफिसर  एच.एच. पटेल एवं  एस.ए. भाटिया, व्यारा डिवीजन कार्यालय से सर्कल ऑफिसर एन.एच. चौधरी एवं एस.एफ. चौधरी, तथा Rayzon Green Pvt. Ltd. के डायरेक्टर  दर्शील गोंडालिया उपस्थित रहे।</p>
<p>यह सोलर पावर प्रोजेक्ट साउथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144930/surat-first-solar-power-project-of-dgvcl-under-pm-kusum-scheme"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b31122025-01.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। भारत सरकार की PM-KUSUM (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) योजना, जो नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई है, के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में सोलर पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित किए जा रहे हैं।</p>
<p>इसी क्रम में तापी जिले में DGVCL द्वारा 1 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक शुरू किया गया है।</p>
<p>इस अवसर पर DGVCL के कॉर्पोरेट ऑफिसर  एच.एच. पटेल एवं  एस.ए. भाटिया, व्यारा डिवीजन कार्यालय से सर्कल ऑफिसर एन.एच. चौधरी एवं एस.एफ. चौधरी, तथा Rayzon Green Pvt. Ltd. के डायरेक्टर  दर्शील गोंडालिया उपस्थित रहे।</p>
<p>यह सोलर पावर प्रोजेक्ट साउथ गुजरात का पहला PM-KUSUM (कंपोनेंट-C) फीडर लेवल सोलराइजेशन (FLS) प्रोजेक्ट है, जिसे Rayzon Green Pvt. Ltd. द्वारा विकसित और संचालित किया गया है।</p>
<p>PM-KUSUM योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों को दिन के समय पर्याप्त और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे सिंचाई एवं कृषि कार्य अधिक सुगम और किफायती बनेंगे।</p>
<p>अब तक किसानों को सिंचाई के लिए अक्सर रात में खेतों में जाना पड़ता था। इस प्रोजेक्ट के बाद उन्हें दिन के समय भरोसेमंद बिजली मिलेगी। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत साउथ गुजरात में पहले सोलर प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन से तापी जिले में सौर ऊर्जा की पहुंच बढ़ेगी, साथ ही पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी।</p>
<p>सोलर एनर्जी के उपयोग से खेती की लागत कम होगी और बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।क्लीन एनर्जी के उत्पादन से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और तापी जिले में ईको-फ्रेंडली ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन होने से ट्रांसमिशन के दौरान होने वाले नुकसान (Line Losses) में कमी आएगी।</p>
<p>यह प्रोजेक्ट अन्य जिलों के लिए एक 'मॉडल' के रूप में काम करेगा। जैसे-जैसे अन्य फीडर्स का सोलराइजेशन होगा, गुजरात के ग्रामीण इलाकों में ऊर्जा संकट पूरी तरह समाप्त हो सकता है। Rayzon Green जैसी निजी कंपनियों और DGVCL जैसे सरकारी निगमों का यह तालमेल भारत के 'नेट जीरो' लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144930/surat-first-solar-power-project-of-dgvcl-under-pm-kusum-scheme</link>
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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 16:07:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आयकर अधिकारियों ने वारी एनर्जीज के कार्यालयों, प्रतिष्ठानों की जांच-पड़ताल की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) आयकर अधिकारियों ने वारी एनर्जीज के कार्यालयों और प्रतिष्ठानों की जांच-पड़ताल की है। कंपनी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>गुजरात स्थित यह कंपनी सौर ऊर्जा आयात पर शुल्क चोरी के आरोप में अमेरिका में भी जांच का सामना कर रही है।</p>
<p>कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा कि वह आयकर अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।</p>
<p>वारी एनर्जीज ने कहा, ‘‘ ...आयकर (आईटी) विभाग के कुछ अधिकारियों ने आयकर अधिनियम, 1961 के तहत जांच-पड़ताल करने के लिए भारत में कंपनी के कुछ कार्यालयों और इसकी सुविधाओं का दौरा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144142/income-tax-officials-investigated-the-offices-and-establishments-of-vari"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/8511_income-tax-department.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) आयकर अधिकारियों ने वारी एनर्जीज के कार्यालयों और प्रतिष्ठानों की जांच-पड़ताल की है। कंपनी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>गुजरात स्थित यह कंपनी सौर ऊर्जा आयात पर शुल्क चोरी के आरोप में अमेरिका में भी जांच का सामना कर रही है।</p>
<p>कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा कि वह आयकर अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।</p>
<p>वारी एनर्जीज ने कहा, ‘‘ ...आयकर (आईटी) विभाग के कुछ अधिकारियों ने आयकर अधिनियम, 1961 के तहत जांच-पड़ताल करने के लिए भारत में कंपनी के कुछ कार्यालयों और इसकी सुविधाओं का दौरा किया।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि कार्यवाही जारी है और अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है।</p>
<p>वारी एनर्जीज ने सितंबर में कहा था कि वह सौर ऊर्जा आयात पर शुल्क की कथित चोरी के लिए कंपनी के खिलाफ जारी जांच में अमेरिकी सरकार के साथ सहयोग करना जारी रखेगी।</p>
<p>कंपनी की अनुषंगी कंपनी वारी सोलर अमेरिकाज की टेक्सास में 1.6 गीगावाट मॉड्यूल विनिर्माण सुविधा है, जिसे 3.2 गीगावाट तक विस्तारित किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 15:23:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत, दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक बना, पवन ऊर्जा में चौथे स्थान पर पहुंचा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 20 अगस्त (वेब वार्ता)। भारत स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में विश्व में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इसके साथ देश पवन ऊर्जा में विश्व का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। यह जानकारी मंगलवार को सरकार की ओर से दी गई।</p>
<p>सरकार ने अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (आईआरईएनए) के हवाले से बताया कि देश स्थापित अक्षय ऊर्जा के मामले में विश्व में चौथे, पवन ऊर्जा में चौथे और सौर ऊर्जा में तीसरे स्थान पर है। </p>
<p>सरकार के बयान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने 1,08,494 गीगावाट घंटा सौर ऊर्जा का उत्पादन किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142602/india-became-the-third-largest-solar-energy-producer-in-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/solar-energy-22122024.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 20 अगस्त (वेब वार्ता)। भारत स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में विश्व में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इसके साथ देश पवन ऊर्जा में विश्व का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। यह जानकारी मंगलवार को सरकार की ओर से दी गई।</p>
<p>सरकार ने अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (आईआरईएनए) के हवाले से बताया कि देश स्थापित अक्षय ऊर्जा के मामले में विश्व में चौथे, पवन ऊर्जा में चौथे और सौर ऊर्जा में तीसरे स्थान पर है। </p>
<p>सरकार के बयान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने 1,08,494 गीगावाट घंटा सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जो जापान के 96,459 गीगावाट घंटा से अधिक है। इस दौरान देश की सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 38 गीगावाट से बढ़कर 74 गीगावाट हो गई है।</p>
<p>भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 484.82 गीगावाट में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान अब 50.07 प्रतिशत पर पहुंच गया है। यह लक्ष्य सीओपी26 की प्रतिबद्धता है, जिसे भारत ने निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले ही प्राप्त कर लिया है। </p>
<p>भारत की संचयी सौर ऊर्जा क्षमता जलाई 2025 तक 119.02 गीगावाट थी<br />भारत की संचयी सौर ऊर्जा क्षमता जलाई 2025 तक 119.02 गीगावाट थी। इसमें जमीन पर स्थापित सौर संयंत्र क्षमता 90.99 गीगावाट, ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सिस्टम की क्षमता 19.88 गीगावाट, हाइब्रिड परियोजनाओं से 3.06 गीगावाट की क्षमता और ऑफग्रिड सौर प्रतिष्ठानों से 5.09 गीगावाट की क्षमता शामिल है, जो नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार के लिए देश के विविध दृष्टिकोण को दर्शाता है।</p>
<p>भारतीय महाद्वीप की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 748 गीगावाट है<br />सरकार के मुताबिक, भारत उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में स्थित है, जहां कर्क रेखा कई राज्यों से होकर गुजरती है। इससे देश में सौर ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। भारतीय महाद्वीप की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 748 गीगावाट है।</p>
<p>राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र , मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में देश की सबसे अधिक सौर ऊर्जा क्षमता है,जो उन्हें भारत के स्वच्छ ऊर्जा विकास के प्रमुख चालक बनाती है। इसके अलावा सरकार ने बताया कि देश की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर जुलाई 2025 तक 227 गीगावाट हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142602/india-became-the-third-largest-solar-energy-producer-in-the</link>
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                <pubDate>Wed, 20 Aug 2025 15:38:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>5 बड़े फायदे लखनऊ में सोलर पैनल लगाने के</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लखनऊ में बिजली की बढ़ती कीमतों और लगातार कटौती को देखते हुए, बहुत से लोग सोलर पैनल की तरफ रुख कर रहे हैं। अच्छी खबर यह है कि अब <a href="https://solarbeelucknow.com/"><strong>Solar Bee Lucknow</strong></a> जैसी कंपनियों की मदद से सोलर पैनल लगाना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सस्ता हो गया है। आइए जानते हैं कि लखनऊ में सोलर पैनल लगाने के 5 मुख्य फायदे क्या हैं।<br /><br /><strong>सोलर पैनल क्या होता है? (What is Solar Panel?)</strong></p>
<p>सोलर पैनल एक simple device (यंत्र) है जो सूरज की रोशनी को बिजली में बदल देता है। यह बिल्कुल वैसे ही काम करता है जैसे calculator</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142062/5-big-benefits-of-installing-solar-panels-in-lucknow"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-07/22072025-144137.jpg" alt=""></a><br /><p>लखनऊ में बिजली की बढ़ती कीमतों और लगातार कटौती को देखते हुए, बहुत से लोग सोलर पैनल की तरफ रुख कर रहे हैं। अच्छी खबर यह है कि अब <a href="https://solarbeelucknow.com/"><strong>Solar Bee Lucknow</strong></a> जैसी कंपनियों की मदद से सोलर पैनल लगाना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सस्ता हो गया है। आइए जानते हैं कि लखनऊ में सोलर पैनल लगाने के 5 मुख्य फायदे क्या हैं।<br /><br /><strong>सोलर पैनल क्या होता है? (What is Solar Panel?)</strong></p>
<p>सोलर पैनल एक simple device (यंत्र) है जो सूरज की रोशनी को बिजली में बदल देता है। यह बिल्कुल वैसे ही काम करता है जैसे calculator में लगी छोटी solar strip काम करती है, बस यह बड़ा होता है।</p>
<p><strong>सोलर पैनल के parts:</strong></p>
<p>●    Solar cells (सोलर सेल्स): ये छोटे-छोटे squares होते हैं जो light को electricity में convert करते हैं<br />●    Glass cover (कांच का cover): पैनल को protect करता है<br />●    Frame (फ्रेम): मजबूती के लिए aluminum का बना होता है<br />●    Wiring (तारें): बिजली को घर तक पहुंचाने के लिए</p>
<p><strong>कैसे काम करता है:</strong></p>
<ol>
<li>   सूरज की किरणें (sunlight) पैनल पर पड़ती हैं<br />2.    Solar cells इस light को DC current में बदल देते हैं<br />3.    Inverter इस DC को AC current में convert करता है<br />4.    यह AC current सीधे आपके घर में इस्तेमाल होती है</li>
</ol>
<p>सबसे अच्छी बात यह है कि यह process बिल्कुल silent होती है - कोई आवाज नहीं, कोई pollution नहीं, सिर्फ clean energy!</p>
<p><img src="https://www.loktej.com/media/2025-07/22072025-144139.jpg" alt="22072025-144139" width="1280" height="720"></img></p>
<p><strong>1. बिजली का बिल हो जाएगा कम (Electricity Bill Reduction)</strong></p>
<p>सोलर पैनल लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपका महीने का बिजली का बिल बहुत कम हो जाएगा। लखनऊ में धूप अच्छी मिलती है, जिससे सोलर पैनल अच्छी बिजली बना सकते हैं।</p>
<p><strong>कितनी बचत हो सकती है:</strong></p>
<p>●    छोटे घर में: 50-70% तक बिल कम<br />●    बड़े घर में: 70-90% तक बिल कम<br />●    व्यापारिक जगह (commercial places) में: 60-80% तक बिल कम</p>
<p>सोलर पैनल से जो बिजली बनती है, वह सीधे आपके घर में इस्तेमाल होती है। जो बची रह जाती है, उसे आप सरकार को वापस बेच भी सकते हैं।</p>
<p><strong>2. पर्यावरण (Environment) के लिए अच्छा</strong></p>
<p>लखनऊ में प्रदूषण (pollution) की समस्या बढ़ती जा रही है। सोलर पैनल लगाकर आप इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं।</p>
<p><strong>पर्यावरण को कैसे फायदा:</strong></p>
<p>●    कोई धुआं या गैस नहीं निकलती<br />●    हवा साफ रहती है<br />●    कोयले की कम जरूरत<br />●    आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर माहौल</p>
<p>एक घर में लगा सोलर पैनल साल भर में उतना फायदा करता है जितना 10-15 पेड़ लगाने से होता है।</p>
<p><strong>3. एक बार लगाने के बाद 25 साल तक फायदा</strong></p>
<p>सोलर पैनल एक investment (निवेश) है जो लंबे समय तक फायदा देती है। अच्छी quality के सोलर पैनल 25-30 साल तक चलते हैं।</p>
<p><strong>लंबे समय के फायदे:</strong></p>
<p>●    2-3 साल में पूरा पैसा वापस<br />●    बाकी 22-25 साल मुफ्त बिजली<br />●    maintenance (देखभाल) बहुत कम<br />●    बारिश में अपने आप साफ हो जाते हैं</p>
<p>लखनऊ के मौसम में सोलर पैनल बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। गर्मी में ज्यादा बिजली बनाते हैं और सर्दी में भी अच्छी मात्रा (quantity) में बिजली मिलती है।</p>
<p><strong>4. घर की कीमत बढ़ जाती है (Property Value Increase)</strong></p>
<p>सोलर पैनल लगाने से आपके घर की market value बढ़ जाती है। लखनऊ में अब लोग ऐसे घर खरीदना पसंद करते हैं जिनमें सोलर पैनल पहले से लगे हों।</p>
<p><strong>Property value कैसे बढ़ती है:</strong></p>
<p>●    खरीदार को कम बिजली का बिल देना पड़ता है<br />●    Modern (आधुनिक) घर की image मिलती है<br />●    Environment friendly घर माना जाता है<br />●    5-10% तक घर की कीमत बढ़ सकती है</p>
<p><strong>5. सरकारी subsidy (छूट) और आसान installment</strong></p>
<p>भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार सोलर पैनल लगाने पर अच्छी छूट देती है। लखनऊ में यह छूट 30-40% तक मिल सकती है।</p>
<p><strong>सरकारी छूट के फायदे:</strong></p>
<p>●    Central government से 30% subsidy<br />●    State government से अतिरिक्त (additional) छूट<br />●    आसान loan की व्यवस्था<br />●    Net metering की सुविधा मुफ्त</p>
<p>बाकी पैसे को आप आसान installments में दे सकते हैं। कई कंपनियां 0% interest पर loan भी देती हैं।</p>
<p>अगर आप भी चाहते हैं सोलर का लाभ उठाना तो आज ही संपर्क करें</p>
<p>Solar Bee Lucknow से +91 9919401171</p>
<p><img src="https://www.loktej.com/media/2025-07/22072025-144138.jpg" alt="22072025-144138" width="1280" height="720"></img></p>
<p><strong>अक्सर पूछे जाने वाले सवाल </strong></p>
<p><strong>लखनऊ में सोलर पैनल कितने में आता है?</strong></p>
<p>लखनऊ में 1 kW सोलर पैनल की कीमत लगभग ₹50,000 से ₹70,000 तक होती है। सरकारी subsidy के बाद यह ₹30,000 से ₹50,000 में आ जाता है।</p>
<p><strong>कितनी जगह चाहिए सोलर पैनल के लिए?</strong></p>
<p>1 kW के लिए लगभग 100 square feet जगह चाहिए। एक normal घर के लिए 3-5 kW system काफी होता है।</p>
<p><strong>बारिश में और सर्दी में काम करते हैं?</strong></p>
<p>हां, बारिश में कम लेकिन काम करते हैं। सर्दी में भी अच्छी बिजली बनाते हैं। लखनऊ में साल भर अच्छी धूप मिलती है।</p>
<p><strong>कितने समय में installation हो जाता है?</strong></p>
<p>Permission मिलने के बाद 2-3 दिन में installation हो जाता है। पूरा process 15-30 दिन में complete हो जाता है।</p>
<p><strong>Maintenance कैसे करें?</strong></p>
<p>बहुत कम maintenance चाहिए। महीने में एक बार पानी से साफ कर दें। Professional cleaning साल में 1-2 बार कराएं।</p>
<p><strong>क्या रात में बिजली मिलेगी?</strong></p>
<p>Battery के साथ लगाएं तो रात में भी मिलेगी। Normal system में दिन में बनी बिजली grid में store होती है।</p>
<p><strong>Net metering क्या है?</strong></p>
<p>यह system है जिससे आप extra बिजली को electric company को बेच सकते हैं। आपका meter उल्टा भी चलता है।</p>
<p><strong>Insurance और warranty कितनी मिलती है?</strong></p>
<p>Panels पर 25 साल warranty, inverter पर 5-10 साल। Insurance भी करा सकते हैं natural disasters के लिए।</p>
<p><strong>निष्कर्ष</strong></p>
<p>सोलर पैनल लगाना आज के समय में एक smart decision है। लखनऊ जैसे शहर में जहाँ धूप अच्छी मिलती है और बिजली के दाम बढ़ते जा रहे हैं, सोलर energy एक perfect solution है।</p>
<p><strong>आपको मिलने वाले फायदे:</strong></p>
<p>●    पैसों की बचत हर महीने<br />●    साफ हवा और बेहतर environment<br />●    घर की बढ़ी हुई value<br />●    25 साल तक free बिजली</p>
<p>आखिरी सलाह: सोलर पैनल लगाने से पहले किसी experienced company से बात करें। अपनी बिजली की जरूरत का सही हिसाब लगवाएं और quality products ही खरीदें। थोड़ा research करके सही decision लें - आपका future आपको धन्यवाद देगा!</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142062/5-big-benefits-of-installing-solar-panels-in-lucknow</link>
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                <pubDate>Tue, 22 Jul 2025 14:43:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टाटा पावर ने शुरू किया किफायती रूफटॉप सौर समाधान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 जून (वेब वार्ता)। विद्युत क्षेत्र की निजी कंपनी टाटा पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) ने ‘घर घर सोलर’ पहल के तहत हर घर तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने के उद्देश्य से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में देश के सबसे सस्ते और सुलभ रूफटॉप सौर समाधान की शुरुआत की है।</p>
<p>कंपनी ने बुधवार को यहां बयान जारी कर बताया कि इस योजना के तहत ओडिशा के निवासी अब मात्र 2,499 रुपये की न्यूनतम अग्रिम राशि देकर एक किलोवाट क्षमता की सौर प्रणाली अपने घर पर स्थापित कर सकते हैं। दो किलोवाट के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141396/tata-power-starts-affordable-rooftop-solar-solution"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/solar-energy-22122024.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 18 जून (वेब वार्ता)। विद्युत क्षेत्र की निजी कंपनी टाटा पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) ने ‘घर घर सोलर’ पहल के तहत हर घर तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने के उद्देश्य से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में देश के सबसे सस्ते और सुलभ रूफटॉप सौर समाधान की शुरुआत की है।</p>
<p>कंपनी ने बुधवार को यहां बयान जारी कर बताया कि इस योजना के तहत ओडिशा के निवासी अब मात्र 2,499 रुपये की न्यूनतम अग्रिम राशि देकर एक किलोवाट क्षमता की सौर प्रणाली अपने घर पर स्थापित कर सकते हैं। दो किलोवाट के लिए 4,999 रुपये और तीन किलोवाट के लिए 7,999 रुपये की प्रारंभिक लागत रखी गई है।</p>
<p>टीपीआरईएल की यह पहल केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' और राज्य सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी योजनाओं के साथ मिलकर उपभोक्ताओं के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो रही है। केंद्र सरकार तीन किलोवाट तक की प्रणाली पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दे रही है।</p>
<p>साथ ही राज्य सरकार एक किलोवाट पर 25,000 रुपये, दो किलोवाट पर 50,000 रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक पर 60,000 रुपये तक की अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है। इन योजनाओं से कुल स्थापना लागत का एक बड़ा हिस्सा सब्सिडी के रूप में कवर हो जाता है, जिससे आम नागरिकों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना पहले से कहीं अधिक सुलभ हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Jun 2025 15:59:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली की पूरी मांग को सौर ऊर्जा से पूरा करने वाला दीव देश का पहला जिला बना</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 29 मई (भाषा) दीव अपनी पूरी बिजली मांग को सौर ऊर्जा से पूरा करने वाला देश का पहला जिला बन गया है। इसने कुल 11.88 मेगावाट क्षमता हासिल की है।</p>
<p>नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री (एमएनआरई) प्रल्हाद जोशी ने कहा कि दीव नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने में एक राष्ट्रीय उदाहरण है। जहां दिन के समय की पूरी बिजली की मांग सौर ऊर्जा से पूरी की जाती है।</p>
<p>जोशी ने बृहस्पतिवार को दीव का दौरा किया और सौर ऊर्जा अपनाने में इसकी उल्लेखनीय प्रगति की समीक्षा की तथा पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन का आकलन किया।</p>
<p>मंत्री ने</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141036/diu-became-the-first-district-in-the-country-to-meet"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/solar-energy-22122024.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, 29 मई (भाषा) दीव अपनी पूरी बिजली मांग को सौर ऊर्जा से पूरा करने वाला देश का पहला जिला बन गया है। इसने कुल 11.88 मेगावाट क्षमता हासिल की है।</p>
<p>नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री (एमएनआरई) प्रल्हाद जोशी ने कहा कि दीव नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने में एक राष्ट्रीय उदाहरण है। जहां दिन के समय की पूरी बिजली की मांग सौर ऊर्जा से पूरी की जाती है।</p>
<p>जोशी ने बृहस्पतिवार को दीव का दौरा किया और सौर ऊर्जा अपनाने में इसकी उल्लेखनीय प्रगति की समीक्षा की तथा पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन का आकलन किया।</p>
<p>मंत्री ने दीव में केंद्र शासित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन की स्थिति, इसकी वर्तमान आपूर्ति रूपरेखा तथा भविष्य के विस्तार की संभावनाओं की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।</p>
<p>मंत्री ने कहा कि दीव में नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना में पिछले एक दशक में किये गये पूंजी निवेश की भरपाई सौर ऊर्जा की आपूर्ति तथा बिक्री के माध्यम से पहले ही हो चुकी है।</p>
<p>उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के निवासियों के लिए पीएम-सूर्य घर योजना के और भी तेज तथा अधिक प्रभावी कार्यान्वयन का आह्वान किया।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 May 2025 20:22:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जर्मनी को पछाड़कर, तीसरा सबसे बड़ा सौर और पवन ऊर्जा उत्पादक देश बना भारत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 09 अप्रैल (वेब वार्ता)।  भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक और कीर्तिमान रच दिया है। दरअसल भारत, जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरा सबसे बड़ा सौर और पवन ऊर्जा उत्पादक देश बना है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने साल 2024 में दुनिया के कुल सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन का 15 प्रतिशत उत्पादन किया। </p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया कि नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा सहित कम कार्बन वाले स्रोतों को मिलाकर साल 2024 में दुनिया की 40.9 प्रतिशत बिजली का उत्पादन हुआ। यह साल 1940 के बाद पहली बार हुआ, जब परमाणु ऊर्जा उत्पादन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139974/india-became-the-third-largest-solar-and-wind-power-producing"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-10/d03102023-11-wind-power.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 09 अप्रैल (वेब वार्ता)।  भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक और कीर्तिमान रच दिया है। दरअसल भारत, जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरा सबसे बड़ा सौर और पवन ऊर्जा उत्पादक देश बना है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने साल 2024 में दुनिया के कुल सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन का 15 प्रतिशत उत्पादन किया। </p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया कि नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा सहित कम कार्बन वाले स्रोतों को मिलाकर साल 2024 में दुनिया की 40.9 प्रतिशत बिजली का उत्पादन हुआ। यह साल 1940 के बाद पहली बार हुआ, जब परमाणु ऊर्जा उत्पादन ने 40 प्रतिशत का आंकड़ा पार किया।</p>
<p>भारत में, स्वच्छ स्रोतों से 22 प्रतिशत ऊर्जा का उत्पादन हुआ। इसमें से जलविद्युत ऊर्जा ने सबसे अधिक 8 प्रतिशत का योगदान दिया, जबकि पवन और सौर ऊर्जा ने मिलकर 10 प्रतिशत का योगदान दिया। वैश्विक स्तर पर, साल 2024 में रिकॉर्ड 858 टेरावाट घंटे (टीडब्लयूएच) स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन हुआ, जो कि साल 2022 में पिछले रिकॉर्ड से 49 प्रतिशत अधिक है।</p>
<p>सौर ऊर्जा लगातार तीसरे वर्ष बिजली का सबसे बड़ा स्रोत रही, जिसमें 2024 में 474 टीडब्लयूएच जोड़े। यह लगातार 20वें वर्ष सबसे तेजी से बढ़ने वाला बिजली स्रोत भी रहा। केवल तीन वर्षों में, वैश्विक सौर ऊर्जा उत्पादन दोगुना होकर कुल बिजली उत्पादन का 6.9 प्रतिशत हो गया।</p>
<p>भारत में भी सौर ऊर्जा में तेजी से वृद्धि देखी गई। 2024 में सौर ऊर्जा ने देश की बिजली में 7 प्रतिशत का योगदान दिया और साल 2021 से उत्पादन बढ़कर दोगुना हो गया। भारत ने 2024 में भारत 24 गीगावाट (जीडब्लयू) सौर क्षमता जोड़ी, जो 2023 में जोड़े गए जोड़ से दोगुने से भी अधिक है। इससे चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 15:41:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अक्टूबर तक 20 लाख घरों में होगी सौर प्रणाली: मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने बृहस्पतिवार को कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत छतों पर लगाये जा रहे सौर संयंत्रों की संख्या अक्टूबर 2025 तक 20 लाख के आंकड़े पर पहुंचने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने यहां उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के ‘डिस्कॉम’ सम्मेलन में कहा कि मार्च तक छतों पर लगभग 10 लाख सौर संयंत्र स्थापित होने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना छतों पर सौर प्रणाली लगाने की दुनिया की सबसे बड़ी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/127416/solar-system-will-be-held-in-20-lakh-houses-by-october-under-pm-surya-ghar-free-power-scheme--minister"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/solar-energy-22122024.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने बृहस्पतिवार को कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत छतों पर लगाये जा रहे सौर संयंत्रों की संख्या अक्टूबर 2025 तक 20 लाख के आंकड़े पर पहुंचने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने यहां उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के ‘डिस्कॉम’ सम्मेलन में कहा कि मार्च तक छतों पर लगभग 10 लाख सौर संयंत्र स्थापित होने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना छतों पर सौर प्रणाली लगाने की दुनिया की सबसे बड़ी पहल है। इस योजना के तहत मार्च, 2027 तक एक करोड़ घरों की छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>नाइक ने कहा कि योजना के तहत मार्च तक सौर प्रणाली की संख्या 10 लाख का आंकड़ा पार कर जाने और अक्टूबर तक यह संख्या दोगुनी होकर 20 लाख हो जाने की उम्मीद है।</p>
<p>मंत्री ने कहा कि योजना के तहत मार्च, 2026 तक यह आंकड़ा 40 लाख तक और अंततः मार्च, 2027 तक एक करोड़ तक पहुंच जाएगा।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 फरवरी, 2024 को 75,021 करोड़ रुपये के बजट व्यय के साथ शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य छतों पर सौर प्रणाली लगाने को सुगम बनाकर घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/127416/solar-system-will-be-held-in-20-lakh-houses-by-october-under-pm-surya-ghar-free-power-scheme--minister</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 18:53:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत ओडिशा से सात लाभार्थी गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बरहमपुर (ओडिशा), 23 जनवरी (भाषा) ओडिशा के गंजाम जिले से ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के सात लाभार्थी 26 जनवरी को नयी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लाभार्थियों ने योजना के तहत छत पर सौर पैनल स्थापित किए हैं और सरकार के इस प्रमुख कार्यक्रम का सर्वोत्तम इस्तेमाल किया है।</p>
<p>‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य भारत में एक करोड़ घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है, जो छत पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/124605/under-%E2%80%98pm-surya-ghar-free-electricity-scheme%E2%80%99--seven-beneficiaries-from-odisha-will-attend-the-republic-day-celebrations"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/solar-energy-22122024.jpg" alt=""></a><br /><p>बरहमपुर (ओडिशा), 23 जनवरी (भाषा) ओडिशा के गंजाम जिले से ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के सात लाभार्थी 26 जनवरी को नयी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लाभार्थियों ने योजना के तहत छत पर सौर पैनल स्थापित किए हैं और सरकार के इस प्रमुख कार्यक्रम का सर्वोत्तम इस्तेमाल किया है।</p>
<p>‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य भारत में एक करोड़ घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है, जो छत पर सौर बिजली इकाई स्थापित करते हैं। इन घरों को हर महीने 300 यूनिट बिजली मुफ्त मिल सकेगी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि वे 24 जनवरी को भुवनेश्वर से रवाना होंगे और परेड में भाग लेने के बाद 27 जनवरी को वापस लौटेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रंगारंग परेड देखने के लिए देशभर से आमंत्रित किए गए विशेष अतिथि विभिन्न क्षेत्रों से हैं। उन्होंने कहा कि इनमें विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले और सरकार की विभिन्न योजनाओं का सर्वोत्तम उपयोग करने वाले लोग शामिल हैं।</p>
<p>सेवानिवृत्त आयुर्वेदिक अधिकारी ए. बालकृष्ण (64) ने बताया, ‘‘नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी ने मुझे नयी दिल्ली में परेड में विशेष अतिथि के बारे में जानकारी दी।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि उन्होंने गांधी नगर स्थित अपने घर में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत छत पर सौर पैनल लगाने के बारे में जानकारी जुटाई थी।</p>
<p>उन्होंने इस योजना के तहत 2.25 लाख रुपये की लागत से अपने घर में तीन किलोवाट का सौर पैनल लगवाया है और केंद्र सरकार से 75,000 रुपये की सब्सिडी भी ली है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘अब मैं राज्य सरकार से सब्सिडी के लिए आवेदन करूंगा।’’</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि पिछले साल जून में सौर प्रणाली स्थापित करने के बाद से उन्होंने कोई बिजली शुल्क नहीं दिया है।</p>
<p>गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित जीतेंद्रिया मोपात्रा (56) ने बताया कि उन्होंने पिछले साल जून में अपनी छत पर दो किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया था।</p>
<p>गोशनिनुआगांव के कौटिक नगर निवासी मोपात्रा ने कहा कि परियोजना की लागत 1.35 लाख रुपये थी और इसमें से 62,000 रुपये योजना के तहत सब्सिडी के रूप में दिए गए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 17:01:34 +0530</pubDate>
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                <title>गुजरात के बनासकांठा का मसाली भारत का पहला ‘सीमावर्ती सौर गांव’ बना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 22 दिसंबर (भाषा) गुजरात के बनासकांठा जिले के अंतर्गत मसाली गांव भारत का पहला ‘सीमावर्ती सौर गांव’ बन गया है। यहां प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना के तहत 199 घरों में ‘सोलर रूफटॉप’ (छतों पर सौर ऊर्जा पैनल) लगाने का काम पूरा हो गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की सीमा से मात्र 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित 800 की आबादी वाले इस गांव में यह योजना राजस्व विभाग, उत्तर गुजरात विज कंपनी लिमिटेड, बैंकों और सौर ऊर्जा कंपनियों के सहयोग से 1.16 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/113338/masali-of-banaskantha--gujarat-becomes-india-s-first--border-solar-village"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/solar-energy-22122024.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 22 दिसंबर (भाषा) गुजरात के बनासकांठा जिले के अंतर्गत मसाली गांव भारत का पहला ‘सीमावर्ती सौर गांव’ बन गया है। यहां प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना के तहत 199 घरों में ‘सोलर रूफटॉप’ (छतों पर सौर ऊर्जा पैनल) लगाने का काम पूरा हो गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की सीमा से मात्र 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित 800 की आबादी वाले इस गांव में यह योजना राजस्व विभाग, उत्तर गुजरात विज कंपनी लिमिटेड, बैंकों और सौर ऊर्जा कंपनियों के सहयोग से 1.16 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित की गई है।</p>
<p>एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘कुल 225.5 किलोवाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है, जो गांव की आवश्यकता से अधिक है। मसाली, बनासकांठा जिले के 17 सीमावर्ती गांवों में से पहला ऐसा गांव हैं जो इस योजना के तहत पूर्णत: लाभान्वित हुआ है।</p>
<p>बयान में कहा गया है, ‘‘यह देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और अक्षय ऊर्जा का उपयोग करके भविष्य के सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों का हिस्सा है। जिला प्रशासन के प्रयासों से मसाली पूरी तरह से सौर ऊर्जा आधारित गांव बन गया है। गांव में कुल 119 घरों की छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाए गए हैं।’’</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस परियोजना को प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना के तहत 59.81 लाख रुपये का अनुदान, 20.52 लाख रुपये के सार्वजनिक योगदान और 35.67 लाख रुपये की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि से कार्यान्वित किया गया है।</p>
<p>बनासकांठा के जिलाधिकारी मिहिर पटेल ने कहा, ‘‘यह गर्व और खुशी की बात है कि मोढेरा के बाद मसाली को राज्य का दूसरा और देश के सीमावर्ती क्षेत्र का पहला सौर गांव होने का खिताब मिला है।’’</p>
<p>माधपुरा मसाली समूह ग्राम पंचायत के सरपंच मगनीराम रावल ने कहा कि इस योजना से बिजली आपूर्ति की कमी की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना दुनिया की सबसे बड़ी घरेलू ‘रूफटॉप’ सौर पहल है और इसका लक्ष्य मार्च 2027 तक एक करोड़ घरों को सौर ऊर्जा प्रदान करना है। इस साल 15 फरवरी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका शुभारंभ किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Dec 2024 16:00:09 +0530</pubDate>
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                <title>अनोखी बात : दुनियाभर को साफ ऊर्जा देने के लिए फ्रांस बना रहा है नया 'सूरज'</title>
                                    <description><![CDATA[भारत समेत 35 देशों के वैज्ञानिक लगे है इस महारथी काम में]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83574/unique-thing-france-is-making-new-sun-to-give-clean-energy-to-the-world"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/2740_jpg202206072032230000.jpg" alt=""></a><br /><div>दुनिया भर में अलग अलग देशों के वैज्ञानिक ऊर्जा के वैकल्पिक व्यवस्था पर काम कर रहे हैं। ऐसे में अब जानकारी सामने आई है कि भारत समेत 35 देशों के वैज्ञानिक फ्रांस में दक्षिण के पहाड़ी इलाके में दुनियाभर में साफ और स्वच्छ ऊर्जा के स्रोतों को हासिल करने के लिए सूरज बनाने की तैयारी चल रही है।</div><div>इस सूरज से एक ग्राम परमाणु ईंधन से 8 टन तेल के बराबर ऊर्जा बनेगी। ऐसे में अगर ये योजना सफल हो जाती है तो मानव इतिहास का ऊर्जा का सबसे बड़ा संकट खत्म हो जाएगा। साथ ही जलवायु परिवर्तन के कहर से जूझ रही धरती को भी संकट से मुक्ति मिल जाएगी। इसमें  वैज्ञानिक परमाणु संलयन प्रक्रिया पर काम कर रहे है। न्यूक्लियर फ्यूजन वही प्रक्रिया है जो हमारे असली सूरज और अन्य सितारों में प्राकृतिक रूप से होती है।</div><div>न्यूक्लियर फ्यूज़न की प्रक्रिया सामान्य रूप से धरती पर दोहराना आसान नहीं है। हालांकि इस प्रक्रिया में असीमित और पर्यावरण को नुकसान ना पहुँचाने वाली ऊर्जा मिलती है। इससे रेडियो एक्टिव कचरे से भी मुक्ति मिलने की उम्मीद है।</div><div>गौरतलब है कि फ्रांस के अंतरराष्‍ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगात्मक रिएक्टर पहली ऐसी डिवाइस होगी जो लंबे वक्त तक फ्यूजन रिएक्शन जारी रख सकेगी। इसमें इंटिग्रेटेड टेक्नोलॉजी और मैटीरियल को टेस्ट किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल फ्यूजन से बिजली के व्यवसायिक उत्पादन के लिए किया जाएगा। इसका 1985 में एक्सपेरिमेंट का पहला आइडिया लॉन्च किया गया था। इसकी डिजाइन बनाने में भारत, जापान, कोरिया, यूरोपियन यूनियन और अमेरिका की भूमिका है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 20:34:25 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काफी आगे है सूरत; लोग बिना बिजली बिल के गर्मी में पंखे-एसी चला रहे!</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार देती है एक से तीन किलोवाट क्षमता के लिए निर्धारित लागत का 40 फीसदी और 4 से 10 किलोवाट क्षमता के लिए पूंजीगत लागत का 20 फीसदी सब्सिडी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>देश में काई मामलों में सबसे आगे रहने वाला गुजरात का सबसे लोकप्रिय जिला सूरत अब एक और मामले में अपना नाम आगे बढ़ा रहा है। सूरत नगर निगम ने सूरत में सौर ऊर्जा संयंत्र से शून्य (शून्य) बिजली बिल का दावा किया है। हीरा और साड़ी जैसे क्षेत्रों में सबसे आगे सूरत के लाभार्थी भी शून्य बिल के साथ खुश है। इस गर्मी में सूरत शहर में सौर ऊर्जा संयंत्र का उत्पादन बढ़ा है।</div><div>आपको बता दें कि सूरत देश की सौर ऊर्जा का 3% और राज्य की सौर ऊर्जा का 12% उत्पन्न करता है। वर्तमान में, शहर सोलर सिटी कार्यक्रम के तहत सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। इस संबंध में नगर निगम के अपर नगर अभियंता ने बताया कि शहर में 42,000 से अधिक घरों में 205 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए गए हैं। बिजली संयंत्र सालाना 29 करोड़ यूनिट पैदा कर रहा है। नगर पालिका द्वारा कराए गए सर्वे के मुताबिक शहर में 418 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाया जा सकता है।</div><div>सूरत में आधी क्षमता के बिजली संयंत्र चालू कर दिए गए हैं। सौर उर्जा के एक लाभार्थी ने कहा कि नागरिकों से भी अपील की जाती है कि वे सूरत को सौर शहर बनाने के लिए 100 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए सौर संयंत्रों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिसका सीधा लाभ प्लांटर्स को होगा। 1000 से 1200 यानि क्रेडिट यूसेज के हिसाब से क्रेडिट किया जाता है, जो एक महीने के बिल के हिसाब का पैसा जमा हो जाता है। साथ ही सोलर ऊर्जा से बिल शून्य होने पर बचत में राहत मिलती है,</div><div>सोलर पावर प्लांट के एडिशनल सिटी इंजीनियर केएच खतवानी का कहना है कि केंद्र सरकार एक से तीन किलोवाट क्षमता के लिए निर्धारित लागत का 40 फीसदी और 4 से 10 किलोवाट क्षमता के लिए पूंजीगत लागत का 20 फीसदी सब्सिडी देती है। अपार्टमेंट के सामान्य उपयोग के लिए 1 kW से 500 kW की क्षमता वाले रूफटॉप सोलर पावर प्लांट के लिए निर्धारित लागत का बीस प्रतिशत सब्सिडी के रूप में दिया जाता है। कहा जाता है कि भारत सरकार की सब्सिडी का लाभ उठाकर नागरिक अपने बिजली के बिल को शून्य कर सकते हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/74348/surat-is-ahead-in-the-field-of-solar-energy-people-are-running-fan-ac-in-summer-without-electricity-bill</link>
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                <pubDate>Fri, 15 Apr 2022 21:00:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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