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                <description>Tourism RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>यात्रा बुकिंग मंचों ने तुर्किये, अजरबैजान के विकल्प हटाए, ‘गैर जरूरी’ सफर से बचने की सलाह</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, नौ मई (भाषा) पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच विभिन्न ऑनलाइन यात्रा बुकिंग मंचों ने शुक्रवार को पाकिस्तान को ‘समर्थन’ देने वाले देशों तुर्किये और अजरबैजान के यात्रा विकल्प निलंबित कर दिए हैं।</p>
<p>विभिन्न मंचों ने यह घोषणा करते हुए ग्राहकों को इन गंतव्यों की ‘गैर-जरूरी’ यात्रा से बचने की सलाह दी, जबकि भारतीय यात्रियों से संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा की योजना बनाने से पहले ‘अत्यधिक सावधानी’ बरतने का आग्रह किया।</p>
<p>कॉक्स एंड किंग्स ने कहा कि उसने अजरबैजान, उज्बेकिस्तान और तुर्किये के लिए सभी नए यात्रा विकल्पों को अस्थायी रूप से हटाने का फैसला किया है।</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140663/travel-booking-forums-removed-the-options-for-turkas-azerbaijan-advice"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/4337_airport-raiway-station-waiting-travel-suitcase-luggage-journey-trip-saman-bag-tourist.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>नयी दिल्ली, नौ मई (भाषा) पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच विभिन्न ऑनलाइन यात्रा बुकिंग मंचों ने शुक्रवार को पाकिस्तान को ‘समर्थन’ देने वाले देशों तुर्किये और अजरबैजान के यात्रा विकल्प निलंबित कर दिए हैं।</p>
<p>विभिन्न मंचों ने यह घोषणा करते हुए ग्राहकों को इन गंतव्यों की ‘गैर-जरूरी’ यात्रा से बचने की सलाह दी, जबकि भारतीय यात्रियों से संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा की योजना बनाने से पहले ‘अत्यधिक सावधानी’ बरतने का आग्रह किया।</p>
<p>कॉक्स एंड किंग्स ने कहा कि उसने अजरबैजान, उज्बेकिस्तान और तुर्किये के लिए सभी नए यात्रा विकल्पों को अस्थायी रूप से हटाने का फैसला किया है।</p>
<p>कॉक्स एंड किंग्स के निदेशक करण अग्रवाल ने कहा, “हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए हमने अजरबैजान, उज्बेकिस्तान और तुर्किये के लिए सभी नए यात्रा विकल्पों को स्थगित करने का फैसला किया है। यह निर्णय हमारे और हमारे देश के लोगों के लिए महत्वपूर्ण सिद्धांतों को बनाए रखने की हमारी प्रतिबद्धता से प्रेरित है। हम भारतीय यात्रियों को सलाह देते हैं कि वे विवेक का प्रयोग करें और व्यापक भू-राजनीतिक वातावरण में अधिक स्पष्टता और संरेखण होने तक इन गंतव्यों की किसी भी गैर-जरूरी यात्रा से बचें।”</p>
<p>ईजमाईट्रिप ने बृहस्पतिवार शाम सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “यात्रा परामर्श - पहलगाम हमले और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बाद, यात्रियों से सतर्क रहने का आग्रह किया जाता है। चूंकि तुर्किये और अज़रबैजान ने पाकिस्तान के लिए समर्थन दिखाया है, इसलिए हम दृढ़ता से सलाह देते हैं कि केवल तभी जाएं जब बहुत ज़रूरी हो।”</p>
<p>ट्रैवोमिंट ने कहा कि कंपनी ने भारतीयों द्वारा तुर्किये और अजरबैजान के बहिष्कार के आह्वान का समर्थन करते हुए इन दोनों देशों के लिए सभी यात्रा पैकेजों की बिक्री निलंबित कर दी है।</p>
<p>ट्रैवोमिंट के चेयरमैन और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आलोक के सिंह ने बयान में कहा, “पाकिस्तान और तुर्किये तथा अजरबैजान जैसे देशों के साथ बढ़ते तनाव के बीच हमने तुर्किये और अजरबैजान के बहिष्कार के भारतीयों के आह्वान का समर्थन करने का फैसला किया है। ट्रैवोमिंट ने तत्काल प्रभाव से इन देशों के लिए सभी यात्रा पैकेजों की बिक्री निलंबित कर दी है।”</p>
<p>इसके अलावा, उन्होंने कहा कि तुर्किये और अजरबैजान के लिए मौजूदा बुकिंग रद्द करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।</p>
<p>सिंह ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति या तत्काल आवश्यकता के मामले में आपातकालीन उड़ान बुकिंग उपलब्ध होगी।</p>
<p>इस बीच, फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के उपाध्यक्ष और होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (पश्चिमी भारत) - एचआरएडब्ल्यूआई के प्रवक्ता प्रदीप शेट्टी ने बताया कि राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में होटलों में बुकिंग रद्द की गई है।</p>
<p>उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, “रद्दीकरण के मामले आए हैं... हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।”</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140663/travel-booking-forums-removed-the-options-for-turkas-azerbaijan-advice</link>
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                <pubDate>Fri, 09 May 2025 20:14:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत और चीन ने जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने का फैसला किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) भारत और चीन जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करेंगे। पांच साल के अंतराल के बाद यह यात्रा होने जा रही है।</p>
<p>इस कदम को पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध से बुरी तरह प्रभावित दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि यह यात्रा जून से अगस्त तक दो मार्गों - उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रा और सिक्किम में नाथू ला के जरिए होगी।</p>
<p>चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की तीर्थयात्रा का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140402/india-and-china-decided-to-resume-kailash-mansarovar-yatra-from"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-04/kailash-mansarovar-.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) भारत और चीन जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करेंगे। पांच साल के अंतराल के बाद यह यात्रा होने जा रही है।</p>
<p>इस कदम को पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध से बुरी तरह प्रभावित दोनों देशों के संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि यह यात्रा जून से अगस्त तक दो मार्गों - उत्तराखंड में लिपुलेख दर्रा और सिक्किम में नाथू ला के जरिए होगी।</p>
<p>चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की तीर्थयात्रा का हिंदुओं के साथ-साथ जैन और बौद्धों के लिए भी बड़ा धार्मिक महत्व है।</p>
<p>मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा जून से अगस्त 2025 तक होने वाली है।’’</p>
<p>प्रारंभ में कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में यात्रा को निलंबित कर दिया गया था और बाद में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिरोध के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।</p>
<p>(प्रधानमंत्री नरेन्द्र)मोदी-(चीनी राष्ट्रपति) शी (चिनफिंग) वार्ता के बाद, दोनों पक्षों ने पिछले कुछ महीनों में कई बैठकें कीं, जिनका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाना था।</p>
<p>जनवरी में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बीजिंग का दौरा किया और अपने चीनी समकक्ष सन वेइदोंग के साथ बातचीत की। बैठक में दोनों पक्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने पर सहमत हुए थे।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘‘इस साल लिपुलेख दर्रे से उत्तराखंड होते हुए पांच जत्थे तथा नाथू ला दर्रे से सिक्किम होते हुए 10 जत्थे (मानसरोवर) यात्रा पर जायेंगे। हर जत्थे में 50 यात्री होंगे।’’</p>
<p>यात्रा के लिए आवेदन संबंधित वेबसाइट पर जमा किए जा सकते हैं।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने कहा कि आवेदकों में से यात्रियों का चयन उचित प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/140402/india-and-china-decided-to-resume-kailash-mansarovar-yatra-from</link>
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                <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 20:00:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात के 18 विरासत स्थलों को देखने पिछले साल आए 37 लाख पर्यटक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अहमदाबाद, 17 अप्रैल (भाषा) गुजरात के 18 विरासत स्थलों को देखने पिछले वर्ष 36.95 लाख से अधिक पर्यटक (भारतीयों के साथ-साथ विदेशी नागरिक शामिल हैं) आए। राज्य सरकर ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक इन स्थलों में से, अकेले चार यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों को देखने 12.88 लाख से अधिक पर्यटक आए, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला और रोजगार का सृजन हुआ।</p>
<p>विज्ञप्ति के मुताबिक विरासत शहर का दर्जा प्राप्त अहमदाबाद में 7.15 लाख से अधिक पर्यटक आए, पाटन में रानी की वाव बावड़ी को 3.64 लाख पर्यटकों ने देखा, कच्छ में धोलावीरा को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140198/37-lakh-tourists-came-to-see-18-heritage-sites-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/gujarat-map.jpg" alt=""></a><br /><p>अहमदाबाद, 17 अप्रैल (भाषा) गुजरात के 18 विरासत स्थलों को देखने पिछले वर्ष 36.95 लाख से अधिक पर्यटक (भारतीयों के साथ-साथ विदेशी नागरिक शामिल हैं) आए। राज्य सरकर ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक इन स्थलों में से, अकेले चार यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों को देखने 12.88 लाख से अधिक पर्यटक आए, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला और रोजगार का सृजन हुआ।</p>
<p>विज्ञप्ति के मुताबिक विरासत शहर का दर्जा प्राप्त अहमदाबाद में 7.15 लाख से अधिक पर्यटक आए, पाटन में रानी की वाव बावड़ी को 3.64 लाख पर्यटकों ने देखा, कच्छ में धोलावीरा को 1.6 लाख से अधिक पर्यटक देखने आए और पंचमहल जिले के चंपानेर 47,000 पर्यटक आए।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन चार स्थानों को वास्तुकला की विशिष्टता, इतिहास, जल प्रबंधन और कला और नगर नियोजन जैसी विशेषताओं के लिए यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया है।</p>
<p>चंपानेर और निकटवर्ती पावागढ़ को 2004 में विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया गया।</p>
<p>विज्ञप्ति के मुताबिक राज्य सरकार की विरासत पर्यटन नीति 2020-25 के तहत गुजरात के गांवों और कस्बों में स्थित विरासत भवनों, महलों और किलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 20:46:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत का पर्यटन बाजार 10 वर्ष में 21.6 करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा: मेकमाईट्रिप संस्थापक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) मेकमाईट्रिप के संस्थापक एवं चेयरमैन दीप कालरा ने बुधवार को कहा कि भारत का सतत पर्यटन बाजार एक दशक में बढ़कर 21.6 करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा जो फिलहाल 3.7 करोड़ डॉलर है।</p>
<p>मेकमाईट्रिप फाउंडेशन द्वारा आयोजित यात्रा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कालरा ने सतत पर्यटन विकास के चलते प्रस्तुत अपार संभावनाओं का उल्लेख किया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ भारत का सतत पर्यटन बाजार अब भी आकार में छोटा है। डॉलर के हिसाब से यह करीब 3.7 करोड़ डॉलर का है। आज यह करोड़ों में होना चाहिए... अभी यह लगभग 320 करोड़ रुपये है, लेकिन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140148/indias-tourism-market-will-reach-216-million-dollars-in-10"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/goa-beach.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) मेकमाईट्रिप के संस्थापक एवं चेयरमैन दीप कालरा ने बुधवार को कहा कि भारत का सतत पर्यटन बाजार एक दशक में बढ़कर 21.6 करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा जो फिलहाल 3.7 करोड़ डॉलर है।</p>
<p>मेकमाईट्रिप फाउंडेशन द्वारा आयोजित यात्रा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कालरा ने सतत पर्यटन विकास के चलते प्रस्तुत अपार संभावनाओं का उल्लेख किया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ भारत का सतत पर्यटन बाजार अब भी आकार में छोटा है। डॉलर के हिसाब से यह करीब 3.7 करोड़ डॉलर का है। आज यह करोड़ों में होना चाहिए... अभी यह लगभग 320 करोड़ रुपये है, लेकिन 10 वर्ष में यह 21.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने के साथ ही सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक होगा।’’</p>
<p>मेकमाईट्रिप के संस्थापक एवं चेयरमैन ने बताया कि स्थिरता के संदर्भ में, आज भारत में कुल पर्यटन का केवल एक से दो प्रतिशत ही सतत कहा जा सकता है। यह संख्या अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों से बिल्कुल अलग है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर सतत पर्यटन 10 वर्षों में 11400 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ जाएगा, जो कि चालू वित्त वर्ष में लगभग 3120 अरब अमेरिकी डॉलर है।</p>
<p></p><div class="pbwidget wid6a13aad78c536 imagewidget"><div class="pbwidget-body"><img src="https://www.loktej.com/media/2025-03/loktej-pr-ad-slide-hindi.jpg" alt=""></img></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Apr 2025 13:13:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पर्यटक अमेरिका की यात्राएं रद्द कर रहे, कैसे यह इसकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डाल सकता है?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(रॉस बेनेट-कुक, लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी)</p>
<p>लीड्स (ब्रिटेन), 31 मार्च (द कन्वरसेशन) अमेरिका दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है जहां सबसे ज्यादा पर्यटक आते हैं। सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क और शिकागो जैसे शहर और योसेमाइट जैसे नेशनल पार्क दशकों से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं।</p>
<p>अमेरिका में 2023 में 6.65 करोड़ पर्यटक आए थे और 2024 का आंकड़ा इससे कहीं अधिक होने की उम्मीद है।</p>
<p>लेकिन हाल के महीनों में बहुत कुछ बदल गया है और 2025 के आंकड़े उतने उत्साहजनक रहने की उम्मीद नहीं है। पिछले साल डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139738/tourists-can-impact-its-economy"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/usa-flag.jpg" alt=""></a><br /><p>(रॉस बेनेट-कुक, लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी)</p>
<p>लीड्स (ब्रिटेन), 31 मार्च (द कन्वरसेशन) अमेरिका दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है जहां सबसे ज्यादा पर्यटक आते हैं। सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क और शिकागो जैसे शहर और योसेमाइट जैसे नेशनल पार्क दशकों से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं।</p>
<p>अमेरिका में 2023 में 6.65 करोड़ पर्यटक आए थे और 2024 का आंकड़ा इससे कहीं अधिक होने की उम्मीद है।</p>
<p>लेकिन हाल के महीनों में बहुत कुछ बदल गया है और 2025 के आंकड़े उतने उत्साहजनक रहने की उम्मीद नहीं है। पिछले साल डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में फिर से चुने जाने और उसके परिणामस्वरूप विदेशी कूटनीति तथा संबंधों में बदलाव के कारण अमेरिका के प्रति वैश्विक दृष्टिकोण में परिवर्तन देखा जा रहा है। पर्यटकों के अमेरिका जाने की इच्छा प्रभावित होती दिख रही है।</p>
<p>रिसर्च फर्म ‘टूरिज्म इकोनॉमिक्स’ की एक हालिया रिपोर्ट में अमेरिका में पर्यटकों की संख्या में इस साल 5.5 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान जताया गया है जबकि पहले इसमें लगभग नौ प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया गया था।</p>
<p>शुल्क और व्यापार युद्धों के और व्यापक होने के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में और कमी आ सकती है जिससे 2025 में पर्यटकों के खर्च में सालाना 18 अरब अमेरिकी डॉलर की कमी आ सकती है।</p>
<p>यात्रा रद्द किए जाने के परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। ट्रंप द्वारा कई कनाडाई सामानों पर 25 प्रतिशत शुल्क की घोषणा किए जाने के बाद से कुछ ही दिनों में पिछले साल की तुलना में अमेरिका जाने वाले कनाडा के लोगों की संख्या 45 प्रतिशत तक गिर गई है।</p>
<p>अमेरिका में आने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों में सबसे ज्यादा संख्या कनाडा के लोगों की रहती है। ‘एयर कनाडा’ ने ऐलान किया है कि वह मार्च से लास वेगास सहित कुछ अमेरिकी पर्यटन स्थलों के लिए मांग घटने के कारण उड़ानों में कटौती कर रहा है।</p>
<p>कनाडाई बाजार शोधकर्ता ‘लेगर’ द्वारा मार्च में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिका की यात्रा की योजना बनाने वाले 36 प्रतिशत कनाडावासियों ने पहले ही इसे रद्द कर दिया है। विमानन विश्लेषण कंपनी ‘ओएजी’ के डेटा के अनुसार, कनाडा से अमेरिका के मार्गों पर यात्री बुकिंग पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक तक कम हुई है।</p>
<p>‘यूएस ट्रैवल एसोसिएशन’ ने आगाह किया है कि कनाडा से आने वाले पर्यटकों की संख्या में 10 प्रतिशत की कमी से भी 2.1 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो सकता है जिससे 140,000 आतिथ्य रोजगार खतरे में पड़ सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p>अमेरिका का मौजूदा माहौल?</p>
<p>कुछ संभावित पर्यटकों ने अमेरिका की यात्रा से बचने के लिए देश के राजनीतिक माहौल का हवाला दिया है जो स्वागत योग्य नहीं है। इसके लिए उन्होंने विदेशियों, प्रवासियों और एलजीबीटीक्यू प्लस समुदाय के बारे में बयानबाजी का उदाहरण दिया। ‘टूरिज्म इकनॉमी रिपोर्ट’ में यात्रा रद्द होने के एक कारक के तौर पर ‘‘ट्रंप प्रशासन की ध्रुवीकरण वाली नीतियों और बयानबाजी’’ का भी हवाला दिया गया है।</p>
<p>मार्च में ‘यूजीओवी’ द्वारा किए गए शोध में पाया गया कि पिछले साल नवंबर में ट्रंप के फिर से चुने जाने के बाद से अमेरिका के प्रति पश्चिमी यूरोपीय दृष्टिकोण अधिक नकारात्मक हो गया है। ब्रिटेन (53 प्रतिशत), जर्मनी (56 प्रतिशत), स्वीडन (63 प्रतिशत) और डेनमार्क (74 प्रतिशत) में आधे से अधिक लोगों की अमेरिका को लेकर अब नकारात्मक राय है।</p>
<p> </p>
<p>वैकल्पिक स्थल</p>
<p>हजारों पर्यटक अमेरिका की अपनी यात्राएं रद्द कर अन्य पर्यटन स्थलों में रुचि दिखा रहे हैं। बरमूडा के होटलों में पूछताछ में बढ़ोतरी दर्ज की गई है क्योंकि कनाडाई नागरिक कारोबार और अपनी छुट्टियों की यात्राओं के लिए अमेरिका से दूर के विकल्प तलाश रहे हैं। कनाडाई पर्यटकों के बरमूडा का रुख किए जाने से उसके राजस्व में 20 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया गया है।</p>
<p>कुछ खबरों के अनुसार यूरोप ने भी कनाडा से बुकिंग में वृद्धि दर्ज की है और पिछले वर्ष की तुलना में गर्मियों में किराए की संपत्तियों के इस्तेमाल में 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।</p>
<p>पहले से ही इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि वीजा और प्रवेश प्रतिबंध, 2026 में अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में आयोजित होने वाले फीफा विश्व कप के प्रशंसक और एथलीट के उत्साह को फीका कर सकते हैं। ब्राजील, तुर्किए और कोलंबिया जैसे कुछ देशों के पर्यटकों को वीजा के लिए 700 दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है।</p>
<p>‘इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी’ ने लॉस एंजिल्स में 2028 ओलंपिक खेलों को लेकर भी चिंता जताई है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया है कि ‘‘अमेरिका खुले तौर पर लोगों का स्वागत करेगा।’’</p>
<p>द कन्वरसेशन</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 31 Mar 2025 18:50:48 +0530</pubDate>
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                <title>गोवा कार्निवल 28 फरवरी से होगा प्रारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पणजी, 18 फरवरी (भाषा) गोवा में प्रति वर्ष धूमधाम से मनाया जाने वाला कार्निवल इस वर्ष 28 फरवरी से शुरु हो रहा है और इस तटीय राज्य में झांकियां एक मार्च से निकाली जाएंगी। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>पर्यटन विभाग ने क्लीवेन मैथ्यू फर्नांडिस को इस साल का 'किंग मोमो' घोषित किया है। 'किंग मोमो' एक काल्पनिक चरित्र है जिसे पूरे कार्निवल का प्रमुख माना जाता है।</p>
<p>दक्षिण गोवा के बेनाउलिम के रहने वाले फर्नांडिस को चार आवेदकों में से चुना गया है।</p>
<p>पर्यटन विभाग के निदेशक केदार नाइक ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि राज्य में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/134641/goa-carnival-will-start-from-february-28"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/goa-beach.jpg" alt=""></a><br /><p>पणजी, 18 फरवरी (भाषा) गोवा में प्रति वर्ष धूमधाम से मनाया जाने वाला कार्निवल इस वर्ष 28 फरवरी से शुरु हो रहा है और इस तटीय राज्य में झांकियां एक मार्च से निकाली जाएंगी। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>पर्यटन विभाग ने क्लीवेन मैथ्यू फर्नांडिस को इस साल का 'किंग मोमो' घोषित किया है। 'किंग मोमो' एक काल्पनिक चरित्र है जिसे पूरे कार्निवल का प्रमुख माना जाता है।</p>
<p>दक्षिण गोवा के बेनाउलिम के रहने वाले फर्नांडिस को चार आवेदकों में से चुना गया है।</p>
<p>पर्यटन विभाग के निदेशक केदार नाइक ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि राज्य में वार्षिक कार्निवल महोत्सव 28 फरवरी से चार मार्च तक मनाया जाएगा।</p>
<p>नाइक ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत पणजी में झांकियों को हरी झंडी दिखाएंगे।</p>
<p>इसके बाद दो मार्च को मडगांव (गोवा दक्षिण), तीन मार्च को वास्को (गोवा दक्षिण) और चार मार्च को मापुसा और मोरजिम (दोनों गोवा उत्तर) में झांकियां निकाली जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 13:38:52 +0530</pubDate>
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                <title>गोवा में 2023 की तुलना में 2024 में बढ़ी विदेशी पर्यटकों की आमद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पणजी, नौ फरवरी (भाषा) गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खुंटे ने कहा है कि विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है और पिछले साल 4.67 लाख विदेशी पर्यटक राज्य में पहुंचे, जबकि 2023 में यह संख्या 4.52 लाख थी।</p>
<p>हाल ही में राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश एक लिखित जवाब में खुंटे ने कहा कि वर्ष 2020 के दौरान कुल 3,00,193 विदेशी पर्यटक गोवा पहुंचे, लेकिन 2021 में यह संख्या घटकर 22,128 रह गई थी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में गोवा में फिर से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी और राज्य में 1.69 लाख पर्यटक आए,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/131423/foreign-tourist-influx-in-2024-compared-to-2023-in-goa"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/goa-beach.jpg" alt=""></a><br /><p>पणजी, नौ फरवरी (भाषा) गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खुंटे ने कहा है कि विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है और पिछले साल 4.67 लाख विदेशी पर्यटक राज्य में पहुंचे, जबकि 2023 में यह संख्या 4.52 लाख थी।</p>
<p>हाल ही में राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश एक लिखित जवाब में खुंटे ने कहा कि वर्ष 2020 के दौरान कुल 3,00,193 विदेशी पर्यटक गोवा पहुंचे, लेकिन 2021 में यह संख्या घटकर 22,128 रह गई थी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में गोवा में फिर से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ी और राज्य में 1.69 लाख पर्यटक आए, इसके बाद 2023 में विदेश पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़कर 4.52 लाख हो गई।</p>
<p>गोवा फॉरवर्ड पार्टी के विधायक विजय सरदेसाई के एक सवाल का जवाब देते हुए खुंटे ने कहा कि पिछले साल 4.67 लाख विदेशी पर्यटक आए थे।</p>
<p>राज्य विधानसभा का दो दिवसीय शीतकालीन सत्र छह और सात फरवरी को आहूत किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Feb 2025 14:24:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बजट में आतिथ्य क्षेत्र को बुनियादी ढांचे का दर्जा देने, कर दरों को युक्तिसंगत बनाने की जरूरत : एचएआई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) भारत के आतिथ्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, कर दरों को युक्तिसंगत बनाने, आसान वीजा प्रक्रिया और निवेश को बढ़ावा देने की जरूरत है।</p>
<p>होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) के अध्यक्ष के बी काचरू ने बजट को लेकर उम्मीदों पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्य सरकारों को अधिक प्रोत्साहन देना चाहिए।</p>
<p>काचरू ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि भारत को बेहतर तरीके से प्रचार करने की जरूरत है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया और थाइलैंड जैसे देश पर्यटन क्षेत्र को महत्व देकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/125750/there-is-a-need-to-give-infrastructure-status-to-hospitality-sector-in-the-budget--rationalize-tax-rates--hai"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/4337_airport-raiway-station-waiting-travel-suitcase-luggage-journey-trip-saman-bag-tourist.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) भारत के आतिथ्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, कर दरों को युक्तिसंगत बनाने, आसान वीजा प्रक्रिया और निवेश को बढ़ावा देने की जरूरत है।</p>
<p>होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) के अध्यक्ष के बी काचरू ने बजट को लेकर उम्मीदों पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्य सरकारों को अधिक प्रोत्साहन देना चाहिए।</p>
<p>काचरू ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि भारत को बेहतर तरीके से प्रचार करने की जरूरत है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया और थाइलैंड जैसे देश पर्यटन क्षेत्र को महत्व देकर अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को बढ़ाने में सक्षम हैं।</p>
<p>उन्होंने भारत के लिए उच्च क्षमता वाले एमआईसीई (बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनी) स्थलों की पहचान करने और उन्हें बढ़ावा देने की बात कही।</p>
<p>काचरू ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में काम करने की जरूरत है।</p>
<p>एचएआई के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हमें निवेश की जरूरत है। निवेश अकेले सरकार नहीं कर सकती है। निजी क्षेत्र को आना होगा और निवेश करना होगा। उन्हें देश में निवेश करने के लिए जो चीज प्रेरित करेगी, वह यह है कि उन्हें निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलना चाहिए। वे तभी निवेश करेंगे।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत में कराधान एक बड़ा मुद्दा है और कर दरों को तर्कसंगत बनाने की जरूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jan 2025 19:19:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>उप्र के धार्मिक स्थलों में नए साल के जश्न के लिए श्रद्धालुओं की भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अयोध्या/मथुरा/वाराणसी, 31 दिसंबर (भाषा) नए वर्ष के आगमन में अब कुछ ही घंटे शेष हैं और इसके जश्न के लिए उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों... अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।</p>
<p>सुरक्षा उपायों और विस्तृत भीड़ प्रबंधन योजनाओं के साथ, भगवान राम की जन्मभूमि से जुड़ा पवित्र शहर अयोध्या 2025 की आध्यात्मिक शुरुआत के लिए मंदिरों और पवित्र स्थलों पर आने वाले तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को समायोजित करने के लिए तैयार हैं।</p>
<p>नए साल से पहले अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है, खासकर नवनिर्मित राम मंदिर में भगवान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/116316/crowd-of-devotees-to-celebrate-new-year-in-religious-places-of-uttar-pradesh"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/5185_ayodhya.jpg" alt=""></a><br /><p>अयोध्या/मथुरा/वाराणसी, 31 दिसंबर (भाषा) नए वर्ष के आगमन में अब कुछ ही घंटे शेष हैं और इसके जश्न के लिए उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों... अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।</p>
<p>सुरक्षा उपायों और विस्तृत भीड़ प्रबंधन योजनाओं के साथ, भगवान राम की जन्मभूमि से जुड़ा पवित्र शहर अयोध्या 2025 की आध्यात्मिक शुरुआत के लिए मंदिरों और पवित्र स्थलों पर आने वाले तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को समायोजित करने के लिए तैयार हैं।</p>
<p>नए साल से पहले अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है, खासकर नवनिर्मित राम मंदिर में भगवान राम का आशीर्वाद लेने के लिए हजारों लोग आ रहे हैं।</p>
<p>अयोध्या और पास के फैजाबाद में होटल पूरी तरह से आरक्षित हो चुके हैं और मंदिर ट्रस्ट ने अपेक्षित भीड़ को प्रबंधित करने के लिए दर्शन का समय बढ़ा दिया है।</p>
<p>एक होटल के मालिक अंकित मिश्रा ने कहा, "हम श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयार हैं और हमारे सभी कमरे 15 जनवरी तक आरक्षित हैं।"</p>
<p>हिंदू नववर्ष मार्च-अप्रैल के आसपास मनाया जाता है, लेकिन कई श्रद्धालु अंग्रेजी कैलेंडर वर्ष के पहले दिन रामलला के दर्शन करते हैं।</p>
<p>स्थानीय पुजारी रमाकांत तिवारी ने बताया, "कई लोग भगवान राम के आशीर्वाद के साथ वर्ष की शुरुआत करना चाहते हैं।"</p>
<p>राम मंदिर में भगवान राम के बाल विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद, 2025 पहला नववर्ष है, जो इसे महत्वपूर्ण अवसर बनाता है। अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजकरण नैयर ने राम मंदिर, हनुमानगढ़ी और गुप्तार घाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की पुष्टि की है।</p>
<p>भगवान शिव की आध्यात्मिक नगरी वाराणसी में इस नववर्ष में बड़ी संख्या में आगंतुकों के आने की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर ने 31 दिसंबर से एक जनवरी तक "स्पर्श दर्शन" पर प्रतिबंध लगा दिया है। आगंतुकों को दूर से ही भगवान के दर्शन करने की अनुमति होगी।</p>
<p>शहर की पुलिस ने व्यापक सुरक्षा उपाय लागू किए हैं, जिसमें अस्सी घाट और संकट मोचन मंदिर सहित प्रमुख स्थानों पर 45 ड्यूटी पॉइंट बनाए गए हैं।</p>
<p>काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसल ने पुष्टि की कि प्रमुख स्थानों पर एनडीआरएफ, जल पुलिस और पीएसी की टीमें तैनात की गई हैं। अनुमानित पांच से सात लाख आगंतुकों के साथ, मंदिर क्षेत्र को पाँच सेक्टरों में विभाजित किया गया है, और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 12 त्वरित प्रतिक्रिया दल तैयार हैं।</p>
<p>मथुरा-वृंदावन में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। मंदिर के अधिकारियों ने बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों से भीड़भाड़ वाले समय में मंदिर में आने से बचने का आग्रह किया है। बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीश शर्मा ने कहा, "हम श्रद्धालुओं को असुविधा से बचने के लिए दर्शन करने से पहले भीड़ का आकलन करने की सलाह देते हैं।"</p>
<p>मंदिर ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्त वन-वे प्रवेश और निकास प्रणाली लागू की है। सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है और वृंदावन में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मंदिरों तक दर्शनार्थियों को ले जाने के लिए ई-रिक्शा शुरू किए गए हैं।</p>
<p>पुलिस ने सुगम आवागमन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैरियर लगाए हैं और अधिकारियों को तैनात किया है। साथ ही विभिन्न मार्गों से आने वाले दर्शनार्थियों के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/116316/crowd-of-devotees-to-celebrate-new-year-in-religious-places-of-uttar-pradesh</link>
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                <pubDate>Tue, 31 Dec 2024 14:00:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नये साल में विदेशी पर्यटकों को रिझाने के लिए तैयार आतिथ्य क्षेत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p>(राजकुमार लीशेम्बा)</p>
<p>नयी दिल्ली, 22 दिसंबर (भाषा) भारतीय आतिथ्य उद्योग विदेशी पर्यटकों के लिए लाल कालीन बिछाने के साथ 2025 के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p>अनुमान है कि विदेशी पर्यटकों की संख्या नये साल में कोविड-19 महामारी से पहले के स्तर को पार कर जाएगी, और देश की अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान जारी रखेगी।</p>
<p>यह क्षेत्र 2047 तक भारत की अर्थव्यवस्था में 1,000 अरब डॉलर का योगदान करने के लिए तैयार है। क्षेत्र को हालांकि सरकार से एकीकृत लाइसेंसिंग, कार्यबल का कौशल विकास और लक्षित बुनियादी ढांचा निवेश जैसे नीतिगत हस्तक्षेप की उम्मीद भी है।</p>
<p>भारत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/113437/hospitality-sector-ready-to-woo-foreign-tourists-in-the-new-year"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/4337_airport-raiway-station-waiting-travel-suitcase-luggage-journey-trip-saman-bag-tourist.jpg" alt=""></a><br /><p>(राजकुमार लीशेम्बा)</p>
<p>नयी दिल्ली, 22 दिसंबर (भाषा) भारतीय आतिथ्य उद्योग विदेशी पर्यटकों के लिए लाल कालीन बिछाने के साथ 2025 के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p>अनुमान है कि विदेशी पर्यटकों की संख्या नये साल में कोविड-19 महामारी से पहले के स्तर को पार कर जाएगी, और देश की अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान जारी रखेगी।</p>
<p>यह क्षेत्र 2047 तक भारत की अर्थव्यवस्था में 1,000 अरब डॉलर का योगदान करने के लिए तैयार है। क्षेत्र को हालांकि सरकार से एकीकृत लाइसेंसिंग, कार्यबल का कौशल विकास और लक्षित बुनियादी ढांचा निवेश जैसे नीतिगत हस्तक्षेप की उम्मीद भी है।</p>
<p>भारत के दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनने के क्रम में पैदा होने वाली मांग को पूरा करने के लिए यह जरूरी है।</p>
<p>होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) के अध्यक्ष के बी काचरू ने पीटीआई-भाषा से कहा, “भारत का लक्ष्य 2047 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है और आतिथ्य क्षेत्र इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। अर्थव्यवस्था पर इस क्षेत्र का विनिर्माण और कृषि से कहीं अधिक गुणक प्रभाव है।”</p>
<p>उन्होंने आतिथ्य उद्योग के भविष्य को आशाजनक बताते हुए कहा कि होटल के कमरे अधिक भरे रहने और प्रति कमरा अधिक आय की उम्मीद है।</p>
<p>इसी तरह की उम्मीद जताते हुए इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पुनीत चटवाल ​​ने कहा कि आतिथ्य क्षेत्र में मांग में उछाल जारी रहेगी।</p>
<p>फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के उपाध्यक्ष प्रदीप शेट्टी ने कहा कि 2025 में भारत के आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्रों के लिए संभावनाएं बहुत आशाजनक हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, 'देखो अपना देश' जैसी पहलों और स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत बुनियादी ढांचे में सुधार से घरेलू पर्यटन में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, “देश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। विदेशी पर्यटकों के आगमन की संख्या 1.7 करोड़ को पार कर सकती है, जिससे 36 अरब डॉलर से अधिक की विदेशी मुद्रा मिलेगी।”</p>
<p>पर्यटन मंत्रालय को उम्मीद है कि 2028 तक 3.05 करोड़ अंतरराष्ट्रीय आगंतुक भारत आएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Dec 2024 13:00:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>इस साल भारत के लगभग आधे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों ने अंतिम समय में उड़ान बुकिंग की: रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 19 दिसंबर (भाषा) इस साल यानी 2024 में भारत के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच स्वैच्छिक यात्रा में वृद्धि देखी गई। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से लगभग आधे लोगों ने अपने प्रस्थान से बमुश्किल एक सप्ताह पहले ही अंतिम क्षण में योजना बनाते हैं।</p>
<p>यात्रा-बैंकिंग वित्तीय प्रौद्योगिकी मंच नियो द्वारा तैयार यात्रा रिपोर्ट भारतीय यात्रियों की बदलती मानसिकता पर प्रकाश डालती है, जो लचीलेपन को अपना रहे हैं, अनुभवों को प्राथमिकता दे रहे हैं, तथा सुव्यवस्थित यात्रा प्रक्रियाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, “इस साल भारतीयों द्वारा की गई 48 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/112166/nearly-half-of-india-s-international-travelers-made-last-minute-flight-bookings-this-year--report"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-02/airport-passanger-bag.jpeg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 19 दिसंबर (भाषा) इस साल यानी 2024 में भारत के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच स्वैच्छिक यात्रा में वृद्धि देखी गई। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से लगभग आधे लोगों ने अपने प्रस्थान से बमुश्किल एक सप्ताह पहले ही अंतिम क्षण में योजना बनाते हैं।</p>
<p>यात्रा-बैंकिंग वित्तीय प्रौद्योगिकी मंच नियो द्वारा तैयार यात्रा रिपोर्ट भारतीय यात्रियों की बदलती मानसिकता पर प्रकाश डालती है, जो लचीलेपन को अपना रहे हैं, अनुभवों को प्राथमिकता दे रहे हैं, तथा सुव्यवस्थित यात्रा प्रक्रियाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, “इस साल भारतीयों द्वारा की गई 48 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बुकिंग यात्रा से सिर्फ़ सात दिन के अंदर की गई। इस प्रवृत्ति को आसान यात्रा पहुंच से समर्थन मिला, जहां 58 देशों ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा-मुक्त या आगमन पर वीजा के विकल्प प्रदान किए।”</p>
<p>रिपोर्ट कहती है, हालांकि कई यात्रियों ने अल्प सूचना पर ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बुक कर ली थीं, लेकिन ‘30 प्रतिशत वीजा आवेदन’ यात्रा से 16-30 दिन पहले दिए गए थे, जो कि एक निश्चित स्तर की तैयारी का संकेत है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, अबतक भारतीय यात्रियों के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य दुबई ने अपनी शानदार खरीदारी और मनोरंजन के साथ ‘45 प्रतिशत’ छुट्टियां मनाने वालों को आकर्षित किया।</p>
<p>सूची में दूसरे स्थान पर वियतनाम था, जो अपनी संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, जिसने 15 प्रतिशत यात्रियों को आकर्षित किया। कम संख्या में यात्रियों ने ओमान और जापान (एक-एक प्रतिशत) को चुना।</p>
<p>पॉप संस्कृति ने भी इस वर्ष भारतीयों की यात्रा पसंद पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला। उदाहरण के लिए, ‘एमिली इन पेरिस’ जैसी वेब शृंखला ने कई भारतीय महिलाओं को फ्रांस की यात्रा करने के लिए प्रेरित किया, जिसमें 30 प्रतिशत भारतीयों ने फ्रांस को अपने गंतव्य के रूप में चुना। इसके बाद ब्रिटेन (29 प्रतिशत) और सिंगापुर (26 प्रतिशत) का स्थान रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/112166/nearly-half-of-india-s-international-travelers-made-last-minute-flight-bookings-this-year--report</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Dec 2024 15:30:45 +0530</pubDate>
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                <title>भारतीय पर्यटन क्षेत्र 10 साल में हो जाएगा दोगुना: डब्ल्यूटीटीसी प्रमुख</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई, 15 दिसंबर (भाषा) भारत के पर्यटन क्षेत्र का आकार अगले 10 साल में दोगुना होकर 523 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद (डब्ल्यूटीटीसी) की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जूलिया सिम्पसन ने यह कहा है।</p>
<p>डब्ल्यूटीटीसी यात्रा और पर्यटन उद्योग के मुद्दों पर सरकारों के साथ काम करती है और इस क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक योगदान पर वैश्विक प्राधिकरण है।</p>
<p>सिम्पसन ने पीटीआई भाषा के साथ विशेष बातचीत में कहा, “यात्रा और पर्यटन क्षेत्र भारत में 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार देता है और मूल्य के हिसाब से यह दोगुना होने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110566/indian-tourism-sector-will-double-in-10-years--wttc-chief"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/4337_airport-raiway-station-waiting-travel-suitcase-luggage-journey-trip-saman-bag-tourist.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई, 15 दिसंबर (भाषा) भारत के पर्यटन क्षेत्र का आकार अगले 10 साल में दोगुना होकर 523 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद (डब्ल्यूटीटीसी) की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जूलिया सिम्पसन ने यह कहा है।</p>
<p>डब्ल्यूटीटीसी यात्रा और पर्यटन उद्योग के मुद्दों पर सरकारों के साथ काम करती है और इस क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक योगदान पर वैश्विक प्राधिकरण है।</p>
<p>सिम्पसन ने पीटीआई भाषा के साथ विशेष बातचीत में कहा, “यात्रा और पर्यटन क्षेत्र भारत में 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार देता है और मूल्य के हिसाब से यह दोगुना होने जा रहा है। अगले 10 वर्षों में भारत में यह क्षेत्र 523 अरब डॉलर का हो जाएगा, जो वर्तमान आकार 256 अरब डॉलर से दोगुना से भी अधिक है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “10 साल में भारत में पर्यटन क्षेत्र 6.3 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करेगा।”</p>
<p>सिम्पसन ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे खूबसूरत और अद्भुत देशों में से एक है। सदियों से पर्यटक और आगंतुक इसके तटों और अद्भुत शहरों की ओर आकर्षित होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का खुले दिल से स्वागत करता है और भारतीय आतिथ्य अविश्वसनीय है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “पर्यटन भारतीय अर्थव्यवस्था का लगभग सात प्रतिशत हिस्सा है और 2019 में यह लगभग 211 अरब डॉलर था। अब यह लगभग 256 अरब डॉलर है और भारत में 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार देता है।”</p>
<p>वरिष्ठ कार्यकारी ने कहा कि वैश्विक पर्यटन का लगभग 50 प्रतिशत तटीय रिजॉर्ट्स और समुद्र के नजदीकी इलाकों में होता है। लोग समुद्र तटों को देखना चाहते हैं और अद्भुत जल क्रीड़ाओं का आनंद लेना चाहते हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि हालांकि, तटीय क्षेत्र मौसम में खतरनाक परिवर्तनों और बढ़ते समुद्री स्तर के मामले में ग्लोबल वार्मिंग के प्रति बहुत संवेदनशील हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीटीसी ने हाल ही में तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा में मदद करने के उपायों के बारे में एक रिपोर्ट जारी की है। ‘अगर आप मियामी जैसी जगहों को देखें तो वे अपने तटीय क्षेत्र को मजबूत बनाने में बहुत निवेश कर रहे हैं। उनके पास अच्छी चेतावनी प्रणाली हैं और उन्होंने ऐसे बुनियादी ढांचे का भी निर्माण किया है जो इन बहुत ही चुनौतीपूर्ण मौसम की घटनाओं का प्रतिरोध करता है।’</p>
<p>सिम्पसन ने कहा कि “मैं जानती हूं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वायु प्रदूषण को कम करने की कोशिश करना अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बना लिया है। उनके नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे उन्नत विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/110566/indian-tourism-sector-will-double-in-10-years--wttc-chief</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 09:50:32 +0530</pubDate>
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