<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/4662/scam" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Scam - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/4662/rss</link>
                <description>Scam RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ऑनलाइन होटल लिस्टिंग का फायदा उठाकर देश भर में  नकली कस्टमर केयर नंबरों के साथ लोगों को ठग रहे हैं स्कैमर</title>
                                    <description><![CDATA[एआई-संचालित साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने भारत में Google पर होटलों, विशेष रूप से तीर्थ शहरों में लक्षित एक घोटाले अभियान की चेतावनी दी ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90712/scammers-are-duping-people-across-the-country-with-fake-customer"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/5750_fraud-crime-city-money2.jpg" alt=""></a><br /><p>इन दिनों तकनीक का उपयोग हर जगह हो रहा हैं। हर जगह का अर्थ है हर जगह, मतलब कि क्राइम और स्कैम में भी तकनीक का उपयोग हो रहा है। साइबर-सिक्योरिटी फर्म क्लाउडएसइके CloudSEK के शोधकर्ताओं के अनुसार, भारत में Google पर लिस्टेड होटल के सहारे होने वाला एक घोटाला अभियान खोजा गया है। देश भर के विभिन्न शहरों विशेष रूप से तीर्थ शहरों में गूगल पर लिस्ट की गई होटलों के समान दिखने वाले होटल के कमरे की छवियों का उपयोग कर उसी होटल जैसा प्रोफाइल बना कर अलग-अलग फोन नंबर के सहारे ये धोखाधड़ी चल रही हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए इन छवियों को होटल लिस्टिंग के समीक्षा अनुभाग में अपलोड करते हैं। ग्राहक सेवा के रूप में फ़ोन नंबर इस तरह से लिखे जाते हैं कि ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (OCR) उन्हें नहीं पढ़ सकता, लेकिन इंसान पढ़ सकते हैं।</p>
<p><strong>किसी विशेष स्थान तक सिमित नहीं हैं ये घोटाला</strong></p>
<p>आपको बता दें कि ये धोखाधड़ी किसी भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, और सभी श्रेणियों के होटलों को लक्षित किया जा रहा है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने जगन्नाथ पुरी, उज्जैन और वाराणसी जैसे तीर्थ शहरों में इस सकेंगे को बड़े पैमाने पर देखा। घोटालेबाज नियमित रूप से नए Google खाते बनाते हैं और घोटाले को चालू रखने के लिए नए फ़ोन नंबरों का उपयोग करते हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि इस स्कैम में कितने लोगों का समूह है।</p>
<p><strong>फर्जी कस्टमर केयर नंबर के सहारे करते है ये कांड</strong></p>
<p>घोटाले के अभियान का प्रभाव महत्वपूर्ण है फर्जी कस्टमर केयर नंबर, जिनके सहारे होटलों के ग्राहकों को लुभाने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित को आर्थिक नुकसान होता है। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि घोटाले से होटलों की ब्रांड छवि भी प्रभावित हो रही है। Truecaller के रिकॉर्ड बताते हैं कि शोध के दौरान खोजे गए 19 फर्जी नंबरों में से लगभग 71 प्रतिशत कॉल का जवाब ऐसे लोगों ने दिया जो शिकार बन सकते थे। प्रत्येक नंबर से औसतन 126 कॉल की गईं। Truecaller प्रोफाइल पर स्कैन किए गए नंबरों से जुड़े नाम उनके Google खातों से जुड़े नामों से मेल नहीं खाते।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90712/scammers-are-duping-people-across-the-country-with-fake-customer</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/90712/scammers-are-duping-people-across-the-country-with-fake-customer</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Mar 2023 12:21:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-11/5750_fraud-crime-city-money2.jpg"                         length="71675"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिरयानी घोटाला : जानिये कितने की बिरयानी चट कर गये अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[खिलाड़ियों के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए मिले लाखों रूपये बिरयानी में चट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/78915/biryani-scam-know-how-much-biryani-officials-stole"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/4017_news22.jpg" alt=""></a><br /><div>लोगों का सरकारी काम के प्रति इतना विश्वास है कि जब किसी सरकारी काम में घोटाले न हो तो लोगों को हैरानी होती है। सरकारी काम में आम जनता तक पहुंचने के बजाय कैसे सरकारी धन की बर्बादी होती है, इसको लेकर एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। ये मामला खेल क्षेत्र से सामने आया है जहाँ के अधिकारियों ने खिलाड़ियों के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए मिले पैसों की बिरयानी खा गये। पूरा मामला सामने आने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 45 लाख रुपये की हेराफेरी के मामले में जम्मू कश्मीर फुटबॉल संघ (जेकेएफए) के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।</div><div>आपको बता दें कि इस मामले में आरोप है कि फुटबॉल संघ के पदाधिकारियों ने जम्मू कश्मीर खेल परिषद से मिले 45 लाख रुपये का दुरूपयोग किया है। एसीबी अधिकारियों के अनुसार जेकेएफए के पूर्व अध्यक्ष जमीर अहमद ठाकुर, कोषाध्यक्ष एसएस बंटी, मुख्य कार्यकारी एसए हामिद, जिला अध्यक्ष जेकेएफए फैयाज अहमद और अन्य सदस्यों ने फर्जी और फर्जी बिल तैयार कर पैसे का गबन किया है।</div><div>जम्मू-कश्मीर में खेलो इंडिया और मुफ्ती मेमोरियल गोल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में फुटबॉल मैच आयोजित करने के लिए पैसे दिए गए। फुटबॉल एसोसिएशन के अधिकारियों ने उन मैचों के आयोजन के दौरान जिला टीम को बिरयानी परोसने के नाम पर मुगल दरबार, पोलो व्यू श्रीनगर जैसे रेस्तरां को 43,06,500 रुपये का भुगतान किया। लेकिन जांच में पता चला कि पूरे कश्मीर के किसी भी जिले में किसी भी टीम को बिरयानी नहीं परोसी गई।</div><div>एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि जम्मू कश्मीर खेल परिषद और अन्य सरकारी और अर्ध-सरकारी एजेंसियों द्वारा दिए गए पैसे में घोटाला किया गया है। उस शिकायत के आधार पर जांच की गई। जांच में पता चला कि सभी बिलों में एक ही व्यक्ति के पत्र थे, जो फर्जी बिल साबित हुए।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/78915/biryani-scam-know-how-much-biryani-officials-stole</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/78915/biryani-scam-know-how-much-biryani-officials-stole</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Aug 2022 21:59:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-08/4017_news22.jpg"                         length="90650"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिलायंस जिओ : ई-केवाईसी सत्यापन के नाम पर जनता को चूना लगा रहे है स्कैमर्स, कंपनी ने सावधान रहने के लिए दिए पांच टिप्स</title>
                                    <description><![CDATA[रिलायंस जिओ ई-केवाईसी सत्यापन के नाम पर फ्रॉडगिरी की जानकारी आई सामने, कंपनी ने दिए ई-केवाईसी स्कैम से बचाने के लिए कुछ टिप्स]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>आज के समय फ्रॉड करने वाले लोग तरह तरह के हथकंडे अपना रहे है। इसमें क्रेडिट कार्ड से लेकर बैंक केवाईसी जैसी बातों के सहारे ये लोग जनता को चूना लगा रहे है। हाल में अब रिलायंस जिओ के नाम पर फ्रॉडगिरी की जानकारी सामने आई है। इस घटना के मद्देनजर रिलायंस जिओ ने अपने ग्राहकों को ई-केवाईसी स्कैम से बचाने के लिए कुछ टिप्स दिए हैं। यूजर्स को इस स्कैम से बचाने के लिए कंपनी अक्सर मैसेज अलर्ट भी भेजती है। तो आइए जानते हैं 5 टिप्स के बारे में:-</div><div><b>1. ई-केवाईसी सत्यापन के नाम पर धोखाधड़ी से बचें</b></div><div>आपको बता दें की ई-केवाईसी सत्यापन के नाम पर धोखाधड़ी से बचने के बारे में रिलायंस जियो ने कहा, ई-केवाईसी वेरिफिकेशन के नाम पर किसी भी कॉल या मैसेज का जवाब न दें। यह धोखाधड़ी करने वाले उपयोगकर्ताओं को केवाईसी सत्यापन के लिए एक अज्ञात नंबर पर कॉल करने के लिए कहता है। ऐसे फर्जी कॉलों से सावधान रहने की जरूरत है।</div><div><b>2. केवाईसी अपडेट के लिए ऐप डाउनलोड न करें</b></div><div>कंपनी ने अपने ग्राहकों को सावधान किया है कि केवाईसी अपडेट के लिए अपने फोन या पीसी पर कोई ऐप डाउनलोड न करें। यह आपके डिवाइस तक पहुंच को स्कैमर तक पहुंचने की अनुमति दे सकता है और आपको वित्तीय नुकसान पहुंचा सकता है, जिसका अर्थ है कि आपके खाते से पैसा निकल सकता है।</div><div><b>3. महत्वपूर्ण जानकारी साझा न करें</b></div><div>कंपनी और साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक, ग्राहक को आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर, ओटीपी जैसी अहम जानकारियां देने की जरूरत नहीं है। जियो का फर्जी कस्टमर केयर बनकर स्कैमर्स ग्राहकों से जरूरी डिटेल्स मांगते हैं। धोखाधड़ी से बचने के लिए किसी के साथ जानकारी साझा न करें।</div><div><b>4. कनेक्शन बंद करने की धमकी वाले कॉलों से सावधान रहें</b></div><div>कंपनी का कहना है कि अगर आपको कनेक्शन बंद करने वाले कॉल या मैसेज आते हैं तो सावधान रहें। रिलायंस जियो ने ग्राहकों से कहा, "ये कॉल ग्राहकों को ई-केवाईसी पूरा करने के लिए कहते हैं। ई-केवाईसी पूरा नहीं होने पर डिस्कनेक्ट करने की धमकी देता है।</div><div><b>5. मैसेज में मिले अनजान लिंक पर क्लिक न करें</b></div><div>जियो का कहना है कि, 'ई-केवाईसी कहने वाले मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। कंपनी कभी भी My jio ऐप के अलावा कोई थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहती है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/80417/reliance-jio-scammers-are-defrauding-the-public-in-the-name-of-e-kyc-verification-the-company-has-given-five-tips-to-be-careful</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/80417/reliance-jio-scammers-are-defrauding-the-public-in-the-name-of-e-kyc-verification-the-company-has-given-five-tips-to-be-careful</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Dec 2021 12:44:40 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भावनगर : शहर में सफाई के नाम पर घोटाला, कचरे के जगह भारी पत्थर भर बढ़ाया जा रहा था गाड़ी का वजन</title>
                                    <description><![CDATA[भावनगर शहर से कचरा हटाने के लिए निगम ने ओम सेनिटेशन को ठेका दिया, प्रतिदिन अधिक मुनाफे के लिए हो रहा था ये सब]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68125/bhavnagar-scam-in-the-name-of-cleanliness-in-the-city-the-weight-of-the-vehicle-was-being-increased-by-filling-heavy-stones-instead-of-garbage"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/7279_1.png" alt=""></a><br /><div>आज की राजनीति के समय में कब कौन सा घोटाला सामने आ जाये ये कहा नहीं जा सकता। अब एक नया घोटाला सामने आया है। भावनगर में कचरे के नाम पर पत्थर तौल कर लाखों रुपये का भुगतान करने का घोटाला सामने आया है। एजेंसी के लोग कचरा भरने की जगह डामर के गोले और भारी पत्थर भरकर निगम से पैसा ऐठ रही है, जिससे लोगों का पैसा बर्बाद हो रहा है। लोगों ने पत्थरों से भरते हुए वाहन चालकों को रंगे हाथों पकड़ा गया। निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दैनिक कामकाज समेत कार्रवाई की।</div><div>बता दें कि भावनगर शहर से कचरा हटाने के लिए निगम ने ओम सेनिटेशन को ठेका दिया है। दिन के दौरान एक वाहन में 1700 किलो कचरा एकत्र किया जाता है और नियत स्थान पर फेंकने पर निगम से प्रति वाहन प्रति दिन 1650 रुपये का भुगतान होता है। लेकिन पता चला कि घर-घर कूड़ा उठाने की जगह लोग सड़क किनारे पड़े डामर के गोले और भारी पत्थरों को लेकर कांड कर रहे है। इस पर नगर सेवक उषाबेन कल्पेशभाई बधेका ने टेम्पो चालकों से पूछताछ की तो ओम सेनिटेशन एजेंसी के लोगों ने माना कि वजन बढ़ाने के लिए गोलमाल किया गया। गाड़ियों में कूड़े के बजाय डामर के गोले और भारी पत्थरों से भरा हुआ नगर सेवक उषाबेन ने तुरंत स्वास्थ्य अध्यक्ष राजेश पंड्या और नगर निगम के अधिकारी जेएम सोमपुरा को सूचित किया। निगम के सुपरवाइजर मोखदाजी सर्कल में पहुंचे। तब तक टेम्पो चालक वाहन छोड़कर फरार हो चुका था। इसी बीच ओम सेनिटेशन एजेंसी के सुपरवाइजर आए और गाड़ी से पत्थर और डामर के गोले अपने आदमियों से निकलवाए। इस बीच निगम के कर्मचारियों द्वारा कार्यवाही कर जुर्माना सहित कार्य किया गया। हालांकि एजेंसी ने इसे भूल बताया। साईट पर पहुंचकर एजेंसी के सुपरवाइजर मामले को छुपाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक सिस्टम संचालक, अधिकारी, लोग मौके पर जमा हो चुके थे और पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया था। सिस्टम ऑपरेटरों की मौजूदगी में आखिरकार वाहन से पत्थर हटा दिए गए।</div><div>गौरतलब है कि सफाई कर के नाम पर निगम लोग से करोड़ों रुपये लेकर अपने खजाने में जमा करता हैं। इस घोटाले में कूड़े के ढेर के डंपिंग स्थल पर कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना ऐसा होना संभव नहीं बताया जा रहा है। फ़िलहाल ये यह जांच का विषय बन गया है। पूर्व में भी एक डंपिंग स्टेशन पर लोडेड वाहन के साथ खाली गाड़ी को लेकर बड़ा घोटाला हुआ है, जिसके अभी भी जारी होने की आशंका है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/68125/bhavnagar-scam-in-the-name-of-cleanliness-in-the-city-the-weight-of-the-vehicle-was-being-increased-by-filling-heavy-stones-instead-of-garbage</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/68125/bhavnagar-scam-in-the-name-of-cleanliness-in-the-city-the-weight-of-the-vehicle-was-being-increased-by-filling-heavy-stones-instead-of-garbage</guid>
                <pubDate>Sun, 12 Dec 2021 16:38:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-12/7279_1.png"                         length="79340"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साणंद: जिला के विद्यालयों में सामने आया आरओ प्लांट से जुड़ा बड़ा घोटाला</title>
                                    <description><![CDATA[घोटाले की जानकारी सामने आने के बाद डीडीओ ने दिया जांच के आदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/67593/sanand-big-scam-related-to-ro-plant-surfaced-in-the-schools-of-the-district"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/7739_1.jpg" alt=""></a><br /><div>साणंद तालुका के 42 स्कूलों में 2.50 लाख रुपये के आरओ प्लांट के बजाय स्कूलों में बैरल भेजकर आपूर्तिकर्ता द्वारा 1 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जानकारी सामने आने के बाद डीडीओ ने मामले की जांच के आदेश दिए। हालांकि यह बात सामने आई है कि घोटाले की जानकारी रेली जिला पंचायत तक पहुंचने से पहले रातों-रात स्कूलों में आरओ प्लांट लगाकर घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।</div><div>जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल, 2021 को सानंद तालुका पंचायत की कार्यकारी बैठक ने तालुका के स्कूलों में वाटर प्यूरीफायर और आरओ प्लांट के कार्यों को मंजूरी दी और आरओ प्लांट और वाटर प्यूरीफायर की लागत 1,75,000 रुपये से 2,50,000 रुपये तक को मंजूरी दी। स्कूलों में आरओ प्लांट और वाटर प्यूरीफायर लगाने  का बिल भी तालुका पंचायत में श्रीराम मंडली के नाम पर रखकर उसके सामने पैसे लिया गये है।</div><div>यह पता चला कि तालुका के 42 स्कूलों में आरओ प्लांट के बजाय प्लास्टिक ड्रम का इस्तेमाल किया गया था और सामने आया कि स्कूलों के प्रिंसिपलों को स्कूल में ऐसा कोई आरओ प्लांट नहीं मिला इसकी लिखित जानकारी सामने आई। घोटाले के बाद, डीडीओ ने जांच के आदेश दिए और सानंद टीपीईओ ने दो शिक्षा निरीक्षकों को जांच सौंपी। हालांकि जाँच से बचने और घोटाले के सामने आने से पहले स्कूलों में रातोंरात प्लांट  फिट कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार इस घोटाले में श्रीराम मंडल का बिल रखने वाले कांट्रेक्टर, मार्ग और मकान विभाग और अन्य अधिकारीयों के इसमें शामिल होने की जानकारी सामने आई है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/67593/sanand-big-scam-related-to-ro-plant-surfaced-in-the-schools-of-the-district</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/67593/sanand-big-scam-related-to-ro-plant-surfaced-in-the-schools-of-the-district</guid>
                <pubDate>Sat, 31 Jul 2021 21:10:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-07/7739_1.jpg"                         length="58244"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        