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                <description>Government school RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : NMMS परीक्षा में  नगर निगम स्कूलों का दबदबा, 375 छात्र मेरिट में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप (NMMS) परीक्षा के परिणामों में सूरत नगर निगम के स्कूलों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। सीमित संसाधनों के बावजूद नगर निगम स्कूलों के छात्रों ने यह साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।</p>
<p>इस वर्ष सूरत जिले के कुल 451 कोटे में से 375 छात्र नगर निगम संचालित स्कूलों से मेरिट सूची में शामिल हुए हैं। इनमें ताड़वाड़ी-वरियाव स्थित श्री करसनदास मानेक प्राइमरी स्कूल की छात्रा श्वेता काकलोतर ने 167 अंक प्राप्त कर दक्षिण गुजरात में पहला स्थान हासिल किया है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146742/municipal-corporation-schools-dominate-surat-nmms-exam-375-students-included"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-05/gujarat-school-students-teacher-education.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप (NMMS) परीक्षा के परिणामों में सूरत नगर निगम के स्कूलों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। सीमित संसाधनों के बावजूद नगर निगम स्कूलों के छात्रों ने यह साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।</p>
<p>इस वर्ष सूरत जिले के कुल 451 कोटे में से 375 छात्र नगर निगम संचालित स्कूलों से मेरिट सूची में शामिल हुए हैं। इनमें ताड़वाड़ी-वरियाव स्थित श्री करसनदास मानेक प्राइमरी स्कूल की छात्रा श्वेता काकलोतर ने 167 अंक प्राप्त कर दक्षिण गुजरात में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य स्तर के अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन श्वेता के राज्य स्तर पर भी शीर्ष स्थानों में आने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>इसके अलावा, धनानी कृसंग रसिकलाल ने 164 अंक के साथ दूसरा और महतो नंदिनी कुमारी ने 163 अंक के साथ जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि श्री करसनदास मानेक प्राइमरी स्कूल के 30 छात्रों में से 14 छात्रों ने मेरिट में स्थान बनाया है।</p>
<p>NMMS योजना के तहत चयनित छात्रों को कक्षा 9 से 12 तक प्रति वर्ष 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है, जिससे चार वर्षों में कुल 48,000 रुपये की सहायता मिलती है। यह आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आगे की पढ़ाई में महत्वपूर्ण सहयोग साबित होती है।</p>
<p>नगर प्राइमरी शिक्षा समिति के तहत स्कूलों में शिक्षा स्तर में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। शिक्षकों और प्राचार्यों द्वारा विशेष योजना और अतिरिक्त प्रयासों के कारण छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयार किया जा रहा है।</p>
<p>स्कूल की प्रिंसिपल मीनाक्षी अटोदरिया के अनुसार, “शिक्षकों की अतिरिक्त मेहनत और समर्पण के कारण हर साल हमारे स्कूल के परिणाम बेहतर हो रहे हैं और अधिक से अधिक छात्रों को स्कॉलरशिप का लाभ मिल रहा है।”</p>
<p>यह उपलब्धि न केवल नगर निगम स्कूलों की गुणवत्ता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सरकारी स्कूल अब उत्कृष्ट शिक्षा के भरोसेमंद केंद्र बनते जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 16:55:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : शिक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच फंसे शिक्षक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सूरत नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के स्कूलों में इन दिनों शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी का दबाव बढ़ गया है। एक ओर राज्य सरकार द्वारा 6 से 16 नवंबर तक “पढ़ना-लिखना-गणना” अभियान चलाया जा रहा है, तो दूसरी ओर कई शिक्षकों को मतदाता सूची संशोधन कार्य (बीएलओ ड्यूटी) में भी नियुक्त किया गया है। दोनों कार्यों की एकसाथ जिम्मेदारी निभाने में शिक्षकों की हालत खराब हो रही है।</p>
<p>शहर के विभिन्न स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार, कई प्रधानाध्यापक बीएलओ कार्य के लिए शिक्षकों को छुट्टी नहीं दे रहे, जिससे शिक्षकों में असंतोष फैल गया है। वहीं, दूसरी तरफ मतदाता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144042/surat-teachers-stuck-between-education-and-administrative-responsibilities"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-05/gujarat-school-students-teacher-education.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सूरत नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के स्कूलों में इन दिनों शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी का दबाव बढ़ गया है। एक ओर राज्य सरकार द्वारा 6 से 16 नवंबर तक “पढ़ना-लिखना-गणना” अभियान चलाया जा रहा है, तो दूसरी ओर कई शिक्षकों को मतदाता सूची संशोधन कार्य (बीएलओ ड्यूटी) में भी नियुक्त किया गया है। दोनों कार्यों की एकसाथ जिम्मेदारी निभाने में शिक्षकों की हालत खराब हो रही है।</p>
<p>शहर के विभिन्न स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार, कई प्रधानाध्यापक बीएलओ कार्य के लिए शिक्षकों को छुट्टी नहीं दे रहे, जिससे शिक्षकों में असंतोष फैल गया है। वहीं, दूसरी तरफ मतदाता सूची का कार्य राष्ट्रीय दायित्व होने के कारण इसे टालना भी संभव नहीं है।</p>
<p>शिक्षकों का कहना है कि दिवाली अवकाश के बाद जैसे ही नया सत्र शुरू हुआ, वैसे ही उन पर बीएलओ कार्य का बोझ डाल दिया गया। स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों की कमी की समस्या गंभीर है, ऐसे में शिक्षकों के डबल ड्यूटी करने से छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।</p>
<p>शिक्षा समिति की ओर से इस अवधि में छात्रों के पठन, लेखन और गणना कौशल सुधारने के लिए विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन अधिकतर शिक्षक बीएलओ कार्य में व्यस्त होने के कारण इस अभियान पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। शिक्षकों का डर है कि यदि निरीक्षण के दौरान छात्रों का प्रदर्शन खराब पाया गया, तो उन पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।</p>
<p>शिक्षक संघों ने मांग की है कि या तो बीएलओ कार्य की समयसीमा बढ़ाई जाए या फिर शिक्षकों को इस अभियान से अस्थायी रूप से मुक्त किया जाए, ताकि वे विद्यालयी शिक्षण पर पूरा ध्यान दे सकें और अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 19:41:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : सरकारी विद्यालय की अनोखी पहल, छात्राएं जन्मदिन पर चॉकलेट या केक नहीं बल्कि बांटती हैं साबुन, लगाती हैं पेड़</title>
                                    <description><![CDATA[सूरत नगर प्राथमिक शिक्षा समिति द्वारा संचालित भटार के डॉ सीएम देसाई प्राथमिक विद्यालय की अनोखी पहल, स्वच्छता के साथ साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता करने के लिए उठाया गया ये कदम]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/75082/surat-unique-initiative-of-government-school-girls-do-not-distribute-chocolates-or-cakes-on-birthdays-but-distribute-soap-plant-trees"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/2500_news17.jpg" alt=""></a><br /><div>कोरोना के आने के साथ ही स्वच्छता और सफाई का महत्व सबको समझ आ गया। अब सूरत के एक सरकारी स्कूल में बच्चों ने कोरोना के दौरान घोषित हाथ धोने के नियमों का पालन करना आदत बना ली है। इसीलिए स्कूल ने कोरोना के बाद शुरू हुए स्कूल में साबुन बैंक की स्थापना की है। इसके अलावा, पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए पक्षियों और वृक्षारोपण के लिए एक अन्य बैंक भी है। यह गतिविधि छात्रों के जन्मदिन के अवसर पर की जा रही है ताकि बच्चे इन सभी गतिविधियों में सीधे और भावनात्मक रूप से शामिल हो सकें।</div><div>सूरत नगर प्राथमिक शिक्षा समिति द्वारा संचालित भटार के डॉ सीएम देसाई प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के जन्मदिन की बात आती है तो स्कूल छात्रों के जन्मदिन को अनोखे तरीके से मनाता है। स्कूल ने बर्थडे गर्ल के लिए क्राउन के साथ बर्थडे फोटो के लिए स्पेशल स्कार्फ बनाया है। जिस छात्र का जन्मदिन होता है उसे इस कमरे में जाकर बधाई दी जाती है। जन्मदिन की लड़की अपना जन्मदिन मनाने के लिए स्कूल में चॉकलेट या केक नहीं लाती बल्कि साबुन और चिड़ियों के लिए दाना लाती है। स्कूल ने कोरोना के बाद साबुन बैंक की स्थापना की है जिसमें साबुन दान किया जाता है जबकि पक्षियों के लिए दाना बैंक भी स्थापित किया गया है।</div><div>इस बारे में स्कूल की प्रिंसिपल भूमिका पटेल का कहना है कि कोरोना के बाद जब स्कूल दोबारा खुला तो छात्रों को हाथ धोना पड़ता था। इसके लिए कमेटी की ओर से हैंड वाश की व्यवस्था की जाती है। लेकिन हमने सोप बैंक को स्थायी बनाने का फैसला किया है ताकि हमारे स्कूल के छात्र इस स्वच्छता और सतर्कता अध्ययन में सीधे शामिल हो सकें। अब जब भी किसी बच्ची का जन्मदिन होता था तो पहले ये चॉकलेट लाते थे पर अब उन्हें चॉकलेट की जगह साबुन देने के लिए राजी किया गया। आश्चर्य की बात ये है कि सभी माता-पिता और छात्रों ने तुरंत हमारे सुझाव को स्वीकार कर लिया। कोई भी छात्र जिसका जन्मदिन होता है, वह चॉकलेट के बजाय कम से कम एक बार साबुन और चना बैंक के लिए कम से कम एक मुट्ठी चना लाता है। साथ ही जन्मदिन पर छात्रा परिसर में एक वृक्ष लगाती है। इस प्रकार की गतिविधि न केवल छात्रों को स्वच्छता और जीवन देने वाला पाठ सिखाती है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा कर सकें।</div><div>सूरत नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के विद्यालयों में दानदाता विभिन्न प्रकार का चंदा दे रहे हैं, उसी प्रकार भातर के इस विद्यालय में कम्यूटर जैसे उपकरणों के साथ अन्य दान भी आ रहे हैं। हालांकि स्कूल आने वाले लोगों की भी कोशिश रहती है कि स्कूल के शिक्षकों और प्रिंसिपल द्वारा ज्यादा से ज्यादा साबुन दान में दिया जाए। इसी प्रयास से इस स्कूल के साबुन बैंक में लगातार साबुन आ रहे हैं और छात्र साबुन से हाथ धो रहे हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 17:59:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश : छात्राओं की शिकायत पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने की सरकारी स्कूल के शौचालय की सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[पहले भी ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह सार्वजनिक शौचालयों और सड़कों की सफाई करते आ चुके हैं नजर ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83134/madhya-pradesh-energy-minister-pradyuman-singh-tomar-cleans-toilets-of-government-schools-on-the-complaint-of-girl-students"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/3448_1.jpg" alt=""></a><br /><div>मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक सरकारी स्कूल के शौचालय की सफाई करते हुए लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। बता दें कि इससे पहले भी ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह सार्वजनिक शौचालयों और सड़कों की सफाई करते नजर आ चुके हैं।</div><div>मिली जानकारी के अनुसार प्रद्युम्न सिंह तोमर राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने स्कूल के छात्राओं से बातचीत की। छात्राओं ने मंत्री को बताया कि स्कूल का शौचालय बहुत गंदा है। जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। यह सुनकर ऊर्जा मंत्री सीधे शौचालय में गए और बिना समय बर्बाद किए अपने हाथों से शौचालय की सफाई करने लगे। ऊर्जा मंत्री ने पूरे शौचालय की अच्छी तरह से सफाई की।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Madhya Pradesh Energy Minister Pradhuman Singh Tomar cleaned the toilet of a govt school in Gwalior <br /><br />"A girl student told me that there is no cleanliness in the toilets of the school, because of which the students face problems," Minister Pradhuman Singh Tomar said. (17.12) <a href="https://t.co/Lcqu7QfGWL">pic.twitter.com/Lcqu7QfGWL</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1471995303683231744?ref_src=twsrc%5Etfw">December 18, 2021</a></blockquote> <div>आपको बता दें कि मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एएनआई को बताया, "एक छात्र ने मुझसे कहा कि स्कूल में शौचालय साफ नहीं हैं, जिससे छात्रों को परेशानी होती है।" उन्होंने आगे कहा, "मैंने 30 दिनों के लिए स्वच्छता के लिए प्रतिबद्ध किया है और मैं हर दिन किसी न किसी संस्थान में जाकर सफाई करूंगा। मैं चाहता हूं कि सभी लोगों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचे, मैं ऐसा इसलिए कर रहा हूं ताकि सभी को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जा सके।"</div><div>उन्होंने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्कूल के शौचालयों को दैनिक आधार पर साफ रखें।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Dec 2021 19:12:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजकोट : गाने गा-गा कर बच्चों को गणित पढ़ाने वाली शिक्षिका को राज्य स्तर पर मिला श्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[गुजरात राज्य शिक्षा विभाग द्वारा सर्वश्रेष्ठ शिक्षक की घोषणा, राजकोट की दो महिला शिक्षक शामिल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/87550/rajkot-the-teacher-who-taught-mathematics-to-children-by-singing-songs-got-the-best-teacher-award-at-the-state-level"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/5268_1.png" alt=""></a><br /><div>हाल ही में गुजरात राज्य शिक्षा विभाग द्वारा सर्वश्रेष्ठ शिक्षक की घोषणा की गई है। इसमें राजकोट की दो महिला शिक्षकों को शामिल करने के बाद दिल्ली से घोषित राष्ट्रीय स्तर पर 44 सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों की सूची में गुजरात के दो शिक्षकों को शामिल किया गया है। राजकोट नगर निगम द्वारा संचालित सरोजिनी नायडू गर्ल्स स्कूल की प्रिंसिपल सोनलबेन फल्दू, उपलेटा प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका रंजनाबेन निमावत, जबकि राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार के लिए राजकोट नगर निगम द्वारा संचालित प्राइमरी स्कूल की 93 वर्षीय वनीताबेन राठौर को चुना गया है। राजकोट की एक शिक्षिका रंजनाबेन निमावत का सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में चुने जाने के पीछे अपने बच्चों को पढ़ाने की एक अद्भुत शैली है।</div><div>राजकोट मु। राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार के लिए नायडू गर्ल्स स्कूल सरोजिनी की प्रिंसिपल सोनलबेन फल्दू, उपलेटा प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका रंजनाबेन निमावत और राजकोट म्यू कॉर्पो संचालित प्राइमरी स्कूल की प्रिंसिपल 93 वर्षीय वनीताबेन राठौर को चुना गया है। राजकोट की एक शिक्षिका रंजनाबेन निमावत का अपने बच्चों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में चुने जाने के पीछे पढ़ाने की एक अद्भुत शैली है।</div><div>आपको बता दें कि कुछ शिक्षक गानों के जरिए बच्चों को हंसाते हैं, उनका मनोरंजना करते हैं। लेकिन रंजनाबेन निमावत गणित जैसे जटिल विषय को गानों के जरिए पढ़ाती हैं। इसी उपलब्धि के कारण उन्हें राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2021 के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के पुरस्कार के लिए चुना गया है। रंजनाबेन निमावत राजकोट के उपलेटा के वडाली प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका हैं। उन्होंने गुजराती विषय के अक्षरों की पहचान के लिए खिलौनों के साथ-साथ खेल और गीतों का भी सहारा लिया है। इस नवाचार के कारण, रंजनाबेन पूरे गुजरात में लोकप्रिय हैं। उन्हें वर्ष 2018 में तालुका स्तर पर और वर्ष 2019 में जिला स्तर पर सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार मिला।</div><div>आपको बता दें कि रंजनाबेन ने बच्चों को पढ़ाने के लिए तरह-तरह के इनोवेशन किए हैं। जिसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। वे गणित पढ़ाने के लिए गाती हैं। गाने के सहारे वो बच्चों को 1 से 100 तक गिनना सिखाती है। इसी तरह उन्होंने गुजराती वर्णमाला और व्यंजन सिखाने के लिए नवाचार किया है। वो गीत, खेल, खिलौने की मदद से बच्चे को सिखाती हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजकोट</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Sep 2021 14:28:08 +0530</pubDate>
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                <title>साणंद: जिला के विद्यालयों में सामने आया आरओ प्लांट से जुड़ा बड़ा घोटाला</title>
                                    <description><![CDATA[घोटाले की जानकारी सामने आने के बाद डीडीओ ने दिया जांच के आदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/67593/sanand-big-scam-related-to-ro-plant-surfaced-in-the-schools-of-the-district"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/7739_1.jpg" alt=""></a><br /><div>साणंद तालुका के 42 स्कूलों में 2.50 लाख रुपये के आरओ प्लांट के बजाय स्कूलों में बैरल भेजकर आपूर्तिकर्ता द्वारा 1 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जानकारी सामने आने के बाद डीडीओ ने मामले की जांच के आदेश दिए। हालांकि यह बात सामने आई है कि घोटाले की जानकारी रेली जिला पंचायत तक पहुंचने से पहले रातों-रात स्कूलों में आरओ प्लांट लगाकर घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।</div><div>जानकारी के अनुसार 27 अप्रैल, 2021 को सानंद तालुका पंचायत की कार्यकारी बैठक ने तालुका के स्कूलों में वाटर प्यूरीफायर और आरओ प्लांट के कार्यों को मंजूरी दी और आरओ प्लांट और वाटर प्यूरीफायर की लागत 1,75,000 रुपये से 2,50,000 रुपये तक को मंजूरी दी। स्कूलों में आरओ प्लांट और वाटर प्यूरीफायर लगाने  का बिल भी तालुका पंचायत में श्रीराम मंडली के नाम पर रखकर उसके सामने पैसे लिया गये है।</div><div>यह पता चला कि तालुका के 42 स्कूलों में आरओ प्लांट के बजाय प्लास्टिक ड्रम का इस्तेमाल किया गया था और सामने आया कि स्कूलों के प्रिंसिपलों को स्कूल में ऐसा कोई आरओ प्लांट नहीं मिला इसकी लिखित जानकारी सामने आई। घोटाले के बाद, डीडीओ ने जांच के आदेश दिए और सानंद टीपीईओ ने दो शिक्षा निरीक्षकों को जांच सौंपी। हालांकि जाँच से बचने और घोटाले के सामने आने से पहले स्कूलों में रातोंरात प्लांट  फिट कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार इस घोटाले में श्रीराम मंडल का बिल रखने वाले कांट्रेक्टर, मार्ग और मकान विभाग और अन्य अधिकारीयों के इसमें शामिल होने की जानकारी सामने आई है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Jul 2021 21:10:21 +0530</pubDate>
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                <title>अहमदाबाद: अभिभावकों को रास आने लगे सरकारी विद्यालय, महज दस दिनों में 17 हजार छात्रों ने लिया प्रवेश</title>
                                    <description><![CDATA[बीते 3 सालों में से इस साल सबसे अधिक दाखले]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>शहर के प्रतिष्ठित निजी स्कूलों की महंगी फीस के कारण <span style="font-size:1rem;">पिछले कुछ वर्षों में</span><span style="font-size:1rem;"> </span><span style="font-size:1rem;">अहमदाबाद म्यूनिसिपल स्कूल बोर्ड द्वारा संचालित स्कूलों में प्रवेश पाने के लिए छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी गई है। इस क्रम में सिर्फ 10 दिनों में लगभग 17 हजार छात्रों ने निजी स्कूलों से नगर निगम के स्कूलों में प्रवेश लिया और अभी बहुत से छात्र प्रवेश के लिए कतार में हैं। ऐसे में उम्मीद है कि इस वर्ष सरकारी विद्यालयों में लगभग 25 हजार छात्रों द्वारा प्रवेश लिया जायेगा।</span></div><div>जानकारी के अनुसार पिछले पांच वर्षों में नगर निगम के स्कूलों में 36,000 से अधिक छात्रों ने प्रवेश लिया है। इतना ही नहीं नगर निगम के स्कूलों में प्रवेश के लिए एक प्रतीक्षा सूची भी तैयार होती है और अभिभावक अपने बच्चों को नगर निगम के स्कूलों में नामांकित करने के लिए विधायकों और पार्षदों से सिफारिशें लेकर आते हैं। निजी स्कूलों में दाखिले के लिए विधायकों की सिफारिश लाना आम बात थी लेकिन अब सरकारी विद्यालय के लिए भी माता-पिता विधायकों की सिफारिशों के साथ आ रहे हैं ये अनोखी बात है। पिछले 10 दिनों में कक्षा-11 के लगभग 1,500 छात्रों को नगर निगम के स्कूलों में प्रवेश मिला है और जब तक स्कूल शुरू होंगे, तब तक निजी स्कूलों में कक्षा-11 से आने वाले छात्रों की संख्या 5,000 को पार कर जाने की संभावना है।</div><div>आपको बता दें कि अहमदाबाद नगर प्राथमिक शिक्षा समिति द्वारा संचालित स्कूलों में उच्च योग्य शिक्षकों द्वारा प्रदान की जाने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ साथ, सरकारी शैक्षिक योजनाएं, मुफ्त किताबें, बुनियादी ढांचा, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला, बड़ा खेल का मैदान, मध्याह्न भोजन योजना व्यवस्था से अभिभावक अधिक प्रभावित हो रहे हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों के नामांकन के लिए पिछले दिसंबर में नगर स्कूल बोर्ड द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया था। जिसके चलते इस साल नया सत्र शुरू होने के साथ ही नए छात्रों के प्रवेश आने शुरू हो गये हैं।</div><div>गौरतलब है कि नगर निगम के स्कूलों में छात्रों को शिक्षा के अलावा ड्राइंग, संगीत, खेल, अन्य पढ़ने आदि सहित अन्य गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही स्कॉलरशिप परीक्षा पास करने वाले छात्रों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति जमा की जाती है। यही कारण है कि बीते तीन सालों में इस साल सबसे अधिक नए छात्रों का दाखला देखने को मिल रहा है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jul 2021 20:30:30 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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