<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/4655/death" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Death - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/4655/rss</link>
                <description>Death RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तेलंगाना : गले में चॉकलेट अटकने से हुई एक आठ साल के बच्चे की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[ पिता ऑस्ट्रेलिया से लेकर आया था चॉकलेट, गले में अटकने के बाद दम घुटने से हुई बच्चे की मौत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83801/telangana-eight-year-old-boy-dies-after-chocolate-gets-stuck-in-his-throat"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/1162_orphan-anath-child-boy1.jpg" alt=""></a><br /><div>किस बच्चे को चॉकलेट खाना नहीं पसंद! हर बच्चा, बच्चा क्या बड़ा भी चॉकलेट खाना पसंद करता है। ऐसा कहा जाता है कि ज्यादा चॉकलेट खाने से दांतों में सडन जैसी समस्या हो सकती हैं पर क्या आपने सुना है कि किसी बच्चे की मौत चॉकलेट खाने के कारण हो गई! सुनने में अजीब लगे पर तेलंगाना के वारंगल शहर से ये चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां चॉकलेट खाने के चक्कर में एक 8 साल के बच्चे की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक ये चॉकलेट उनके पिता ऑस्ट्रेलिया से लाए थे। इस घटना की चर्चा सिर्फ तेलंगाना ही नहीं बल्कि पूरे देश में हो रही है। </div>
<div> </div>
<h2>विद्यालय में था छात्र जब हुआ ये हादसा</h2>
<div> </div>
<div>बताते चलें कि बच्चे की पहचान संदीप के रूप में हुई है, जो दूसरी कक्षा का छात्र है। संदीप के साथ जब यह घटना हुई, उस समय वो स्कूल में था। 8 वर्षीय संदीप सिंह चॉकलेट खा रहा था। इसी बीच चॉकलेट का एक टुकड़ा उसके गले में फंस गया और संदीप जोर-जोर से खांसने लगा। लाख कोशिशों के बाद भी न तो चॉकलेट का टुकड़ा गले से नीचे उतरा और ना ही मुंह से बाहर निकला। बेटे की बुरी हालत देख परिजन घबरा गए और तुरंत उसे एमजीएम अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं स्कूल अथॉरिटी के मुताबिक, संदीप अपने पिता द्वारा स्कूल छोड़े जाने के बाद अपनी कक्षा में जाने के बाद जैसे ही वो अपनी सीट पर बैठने वाला था, वो गिर कर बेहोश हो गया। इसके बाद प्रिंसिपल ने कंघन सिंह को बुलाया, जबकि कर्मचारियों ने लड़के को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचाया।</div>
<div> </div>
<h2>हो गई थी सर्जरी की तैयारी, लेकिन बच्चे ने तोड़ा दम</h2>
<div> </div>
<div>रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने गले में फंसे चॉकलेट, जिसके कारण उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी निकालने के लिए सर्जरी की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन ऑपरेशन से पहले बच्चे की सांस फूलने से मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक संदीप के पिता बिजली की दुकान चलाते हैं। वह हाल ही में ऑस्ट्रेलिया गए थे, जब वह लौटे तो बच्चों के लिए चॉकलेट ले आए। पुलिस के मुताबिक चॉकलेट बच्चे की मां गीता ने उसे दी थी। राजस्थान के मूल निवासी कंघन करीब 20 साल पहले वारंगल चले गए थे और अपने परिवार और चार बच्चों के साथ रह रहे थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83801/telangana-eight-year-old-boy-dies-after-chocolate-gets-stuck-in-his-throat</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/83801/telangana-eight-year-old-boy-dies-after-chocolate-gets-stuck-in-his-throat</guid>
                <pubDate>Mon, 28 Nov 2022 12:29:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-12/1162_orphan-anath-child-boy1.jpg"                         length="12998"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक : एक बार फिर सेल्फी बनी मौत की वजह, झरने के पास सेल्फी लेने के दौरान फिसलकर डूबने से चार छात्राओं की हुई मौत</title>
                                    <description><![CDATA[दुनिया भर में सेल्फी लेने के दौरान होने वाली मौतों के अध्ययन के बाद सामने आई रिपोर्ट में कहा गया कि भारत इस मामले में पूरी दुनिया में अव्वल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83798/karnataka-once-again-selfie-became-the-cause-of-death-four-girl-students-died-due-to-drowning-while-taking-selfie-near-the-waterfall"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/7643_dead1.jpg" alt=""></a><br /><div>आजकल लोगों में सेल्फी का बहुत क्रेज है। लोगों को जहां भी मौका मिलता है, वे सेल्फी लेने लगते हैं। कई बार सेल्फी लेने के चक्कर में बड़े हादसे भी हो जाते हैं। वहीं कर्नाटक में एक झरने के पास सेल्फी लेने के दौरान फिसलकर डूबने से चार छात्राओं की मौत का मामला सामने आया है। यह घटना शनिवार दोपहर बेलगावी तालुक की सीमा के पास किटवाड़ जलप्रपात के पास हुई। ये सभी बेलगावी के रहने वाले थे और कामत गली स्थित मदरसे के छात्र थे।</div><div><br /></div><h2>संतुलन बिगाड़ा और 5 लड़कियां पानी में गिरी</h2><div><br /></div><div>मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह मदरसे के कुल 40 छात्र किटवाड़ जलप्रपात देखने गए थे। बताया जा रहा है कि यह घटना तब हुई जब कुछ लोग झरने के पास खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से 5 छात्राएं पानी में गिर गईं। लड़कियों को बचाया नहीं जा सका क्योंकि किनारे के पास खड़े लोगों में से कोई भी तैरना नहीं जानता था।</div><div><br /></div><h2>एक छात्र को बचाकर अस्पताल पहुँचाया गया, हालत गंभीर</h2><div><br /></div><div>आपको बता दें कि झरने में गिरने के बाद किसी तरह एक छात्र को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने से मिली जानकारी के अनुसार उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे में बाकी चार लड़कियों की मौत हो गई। हादसे की खबर सुनते ही जिला अस्पताल में काफी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। पुलिस ने एहतियात के तौर पर परिसर के आसपास अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। पुलिस उपायुक्त रवींद्र घदादी और बिम्स अस्पताल के सर्जन अन्नासाहेब पाटिल स्थिति की निगरानी के लिए अस्पताल पहुंचे।</div><div><br /></div><h2>सेल्फी लेने के दौरान होने वाली मौतों में भारत अव्वल</h2><div><br /></div><div>गौरतलब है कि बीते दिनों दुनिया भर में सेल्फी लेने के दौरान होने वाली मौतों के अध्ययन के बाद सामने आई रिपोर्ट में कहा गया कि भारत इस मामले में पूरी दुनिया में अव्वल है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली और भारतीय तकनीकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के शोधकर्ताओं की ओर से किए गए इस अध्ययन में कहा गया था कि अक्तूबर 2011 से नवंबर 2017 के बीच पूरी दुनिया में ऐसी घटनाओं में जो 259 मौतें हुई थीं उनमें से 158 भारत में हुई थीं। उसके बाद भी यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। इसके बाद रूस, अमेरिका और पाकिस्तान का नंबर आता है। इस मामले की गंभीरता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेल्फी लेने के दौरान होने वाली मौतों के मामले में दूसरे स्थान पर रहे रूस में इस दौरान महज 16 और तीसरे स्थान पर रहे अमेरिका में 14 लोगों की मौत हुई थी। भारत में ज्यादातर मौतें झील, नदी या समुद्र में डूबने के दौरान हुई। इसके बाद चलती ट्रेन के सामने और हिंसक जानवरों के साथ सेल्फी लेने में लोगों ने जान गंवाई। वहीं, विदेशों में ऊंची इमारतों और जंगली जानवरों के साथ सेल्फी के दौरान सबसे ज्यादा लोग मारे गए गए।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83798/karnataka-once-again-selfie-became-the-cause-of-death-four-girl-students-died-due-to-drowning-while-taking-selfie-near-the-waterfall</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/83798/karnataka-once-again-selfie-became-the-cause-of-death-four-girl-students-died-due-to-drowning-while-taking-selfie-near-the-waterfall</guid>
                <pubDate>Sun, 27 Nov 2022 13:59:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-11/7643_dead1.jpg"                         length="50632"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओआरएस के जनक डॉ दिलीप महालनोबिस का गुमनामी में निधन</title>
                                    <description><![CDATA[दुनिया भर में सम्मान पाने वाले इस बंगाली डॉक्टर ने करोड़ों की जान, पर अपने ही देश में नहीं मिली मान्यता]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/81605/father-of-ors-dr-dilip-mahalanobis-passes-away-in-oblivion"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/7453_jpg202210171744540000.jpg" alt=""></a><br /><div>साल 1971 के युद्ध के दौरान हैजा की महामारी के दौरान एक डॉक्टर ने बांग्लादेश के युद्ध और दुनिया भर में कम से कम 7 करोड़ लोगों की जान बचाई थी. इनमें ज्यादातर बच्चे थे. इस डॉक्टर का नाम डॉ दिलीप महालनोबिस था। ये डॉक्टर बाल रोग विशेषज्ञ होने के साथ साथ ओआरएस के जनक थे। डॉ दिलीप महालनोबिस ने जॉन्स हॉपकिन्स इंटरनेशनल सेंटर फॉर मेडिकल रिसर्च एंड ट्रेनिंग की मदद से शरणार्थी शिविरों में करोड़ों की जान बचाई थी। उनकी खोज का क्या महत्त्व है इसे इस बात से समझ सकते है कि वर्तमान में, दुनिया में लगभग हर कोई डायरिया की बीमारियों के इलाज के लिए ओआरएस का उपयोग करता है।</div><div><br /></div><div><br /></div><div>जानकारी के अनुसार ओआरएस के जनक डॉ दिलीप महालनोबिस ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। शनिवार की रात को कोलकाता के ईएम बाईपास के पास एक निजी अस्पताल में डॉ दिलीप महालनोबिस अंतिम सांस ली। सूत्रों के मुताबिक 88 वर्ष के डॉ. दिलीप महालनोबिस लंबे समय से बुढ़ापे की समस्या से जूझ रहे थे। </div><div><br /></div><h2> 1971 के युद्ध के दौरान ओआरएस ने बचाई थी करोड़ों की जान</h2><div><br /></div><div>साल 1971 में बांग्लादेश युद्ध के दौरान पश्चिम बंगाल के बनगांव में एक शरणार्थी शिविर में हैजा फैल गया था. उस समय हैजा के इलाज के अत: स्रावी द्रव का इस्तेमाल होता था, लेकिन उसका स्टॉक भी खत्म हो गया था। इस अनिश्चित स्थिति में डॉ जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर मेडिकल रिसर्च एंड ट्रेनिंग की मदद से डॉ. दिलीप महालनोबिस ने कैंप के निवासियों के लिए ओरल रिहाइड्रेशन थेरेपी या ओआरटी का उपयोग करने का जोखिम उठाया। ओआरएस में चार चम्मच टेबल सॉल्ट, तीन चम्मच बेकिंग सोडा और 20 चम्मच कमर्शियल ग्लूकोज का मिश्रण तैयार किया और इसका तत्काल प्रभाव पड़ा। ओआरएस के प्रयोग ने दो सप्ताह के भीतर उनकी देखरेख में शिविरों में मृत्यु दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 3.6 प्रतिशत कर दिया. नमक और ग्लूकोज को मिलाकर ओआरएस कैसे बनाया जाता है. लैंसेट जर्नल ने ओआरएस को 20वीं सदी की ‘शायद सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा प्रगति’ कहा था, लेकिन, दुखद बात ये हैं कि डॉ दिलीप महालनोबिस और उनकी उपलब्धि को सबने भुला दिया। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें केंद्र या राज्य सरकारों से उचित मान्यता नहीं मिली।  </div><div><br /></div><div><br /></div><h2>विदेशों में मिली इज्जत लेकिन  अपने ही देश में नहीं मिला सम्मान</h2><div><br /></div><div>विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डॉ दिलीप महालनोबिस के इलाज की मान्यता देते हुए ओआरएस का उपयोग करना शुरू कर दिया गया।  इस असाधारण योगदान के लिए 1994 में डॉ दिलीप महालनोबिस को रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज के सदस्य के रूप में चुना गया. डॉ दिलीप महालनोबिस को 2002 में, उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका से पॉलीन पुरस्कार और 2006 में थाईलैंड सरकार से प्रिंस महिदोल पुरस्कार मिला। हैरानी की बात यह है कि डायरिया के इलाज में क्रांति लाने के लिए दुनिया भर में सम्मानित होने के बाद भी बंगाली डॉक्टर को अपने ही देश में मान्यता नहीं मिली और बिना केंद्र या राज्य सरकार की मदद और सम्मान के बिना एक गुमनाम मौत मिली।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/81605/father-of-ors-dr-dilip-mahalanobis-passes-away-in-oblivion</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/81605/father-of-ors-dr-dilip-mahalanobis-passes-away-in-oblivion</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Oct 2022 18:06:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-10/7453_jpg202210171744540000.jpg"                         length="56834"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लिंक्डइन पर दादी की मौत की खबर साझा करने पर ट्रोल हुए हाइपरसोशल के सीईओ ब्रैडेन वालेक</title>
                                    <description><![CDATA[इससे पहले भी ट्रोल हो चुका है ये सीईओ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/84658/hypersocial-ceo-braden-walleck-trolled-for-sharing-news-of-grandmother-s-death-on-linkedin"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/2908_jpg202210142119060000.jpg" alt=""></a><br /><div>आपको कुछ समय पहले अपनी कंपनी से कई कर्मचारियों को निकाल देने और इसके बाद लिंक्डइन पर रोते हुए अपनी एक सेल्फी पोस्ट करने वाले अमेरिकी व्यवसाय हाइपरसोशल के सीईओ ब्रैडेन वालेक तो याद ही होंगे! उनके उस तस्वीर को देखने के बाद इंटरनेट के एक महत्वपूर्ण हिस्से ने उसे "मगरमच्छ के आँसू" के रूप में संदर्भित किया। अब ऐसा प्रतीत होत रहा है कि वैलेक ने वैसी ही एक गलती फिर दोहराई है। ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं के अनुसार, वैलेक ने हाइपरस्पेस विज्ञापन के रूप में लिंक्डइन पर अपनी दादी के निधन की दुखद खबर पोस्ट की। कहने की जरूरत नहीं है कि उन्हें एक बार फिर से जमकर ट्रोल किया गया।</div><div><br /></div><h2>लिंक्डइन पोस्ट में दी जानकारी</h2><div><br /></div><div>आपको बता दें कि ब्रैडेन वालेक ने अपनी दादी के निधन की दुखद खबर साझा करने के लिए लिंक्डइन का सहारा लिया। अपने लिंक्डइन पोस्ट में ब्रैडन ने लिखा "मुझे अपनी माँ से संदेश मिला, मैंने अपना कंप्यूटर बंद कर दिया, और सीधे उनके घर चला गया।" अपने टुकड़े में, उन्होंने “ऊधम संस्कृति” पर भी चर्चा की और व्यक्तिगत जीवन और उपलब्धि कैसे परस्पर अनन्य हैं। सीईओ ने आगे कहा “मुझे आज के दिनों के महत्व के बारे में याद दिलाया गया था जब मैं अपनी मां के घर जा रहा था। क्योंकि जीवन सिर्फ काम करने से ज्यादा है। देखिए, ऊधम संस्कृति ने हमें यह विश्वास करने के लिए वातानुकूलित किया है कि हमें एक सफल करियर और एक पूर्ण व्यक्तिगत के बीच जीवन चयन करना चाहिए।"</div><div><br /></div><h2>हाइपरसोशल के निर्माण के पीछे तर्क पर की बात</h2><div><br /></div><div>हालांकि, वैलेक ने पोस्ट के अंत में हाइपरसोशल के निर्माण के पीछे तर्क पर चर्चा शुरू की। उन्होंने लिखा, "लेकिन मैंने हाइपरसोशल शुरू करने का कारण उन्हीं लोगों को पृष्ठभूमि में अपना व्यवसाय बनाने में मदद करना था ताकि वे मौज-मस्ती कर सकें, परिवार के साथ समय बिता सकें, काम के अलावा महत्वपूर्ण चीजें कर सकें, लोगों के बगल में रहें।"</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/84658/hypersocial-ceo-braden-walleck-trolled-for-sharing-news-of-grandmother-s-death-on-linkedin</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/84658/hypersocial-ceo-braden-walleck-trolled-for-sharing-news-of-grandmother-s-death-on-linkedin</guid>
                <pubDate>Fri, 14 Oct 2022 21:25:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-10/2908_jpg202210142119060000.jpg"                         length="38120"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अहमदाबाद : आवारा मवेशी के कारण हुई मौत में पहली बार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[भाविन पटेल नाम के एक व्यक्ति का आवारा पशुओं के कारण एक्सीडेंट में मौत हो गई थी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>अहमदाबाद में आवारा पशुओं के कारण एक युवक की मौत को लेकर पशुपालक और अहमदाबाद महानगर पालिका (एएमसी) के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में मवेशी मालिक और एएमसी के अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. आवारा पशु के कारण हुए मौत में पशु मालिकों, एएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ अपराध का पहला मामला दर्ज किया है।</div>
<div> </div>
<h2>आवारा पशुओं के कारण कई लोगों की मौत</h2>
<div> </div>
<div>गौरतलब है कि आवारा मवेशियों के चपेट में आ जाने से भाविन पटेल की मौत हुई थी। सड़कों पर आवारा पशुओं के अत्याचार से कई लोगों की मौत हो चुकी है। भाविन पटेल नाम के एक व्यक्ति का आवारा पशुओं के कारण एक्सीडेंट हो गया था और उसके मस्तिष्क में कई बार रक्तस्राव हुआ था। इसके बाद इस मामले पर कृष्णानगर पुलिस स्टेशन में आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज कर ली गई है। साथ ही धारा 304 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। जिसमें नरोदा के भाविन पटेल नाम के शख्स की मौत से लोगों में आक्रोश फैल गया है.</div>
<div> </div>
<h2>व्यक्ति की मौत के बाद लोगों में फैला गुस्सा</h2>
<div> </div>
<div>गुजरात हाई कोर्ट ने पहले भी आवारा पशुओं को प्रताड़ित करने के मामले में सख्त रुख अपनाया था। लेकिन आवारा पशुओं की समस्या अब और भी गंभीर होती जा रही है। जिसमें आवारा मवेशियों के लिए सरकारी व्यवस्था जिम्मेदार है। व्यवस्था के भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा मवेशी पकड़ने वाली पार्टी को मजबूर कर मवेशियों को नहीं पकड़ा जाता है। इसलिए सड़क पर दुर्घटनाएं होती हैं। और निर्दोष नागरिकों की जान जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/87099/ahmedabad-for-the-first-time-in-the-death-due-to-stray-cattle-a-case-of-culpable-homicide-has-been-registered-against-those-responsible</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/87099/ahmedabad-for-the-first-time-in-the-death-due-to-stray-cattle-a-case-of-culpable-homicide-has-been-registered-against-those-responsible</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Oct 2022 18:59:02 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेहत : जानलेवा साबित हो सकता है आपका आलस, विश्व स्वास्थ्य संगठन की नई रिपोर्ट में सामने आए हैं चौंकाने वाले आंकड़े</title>
                                    <description><![CDATA[खराब जीवनशैली और आलस के कारण हर साल दुनिया भर में मर रहे करोड़ों लोग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपने हालिया शोध में जो जानकारी सामने दी है, वो एक तरह से देश के लोगो के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। हु की नई रिपोर्ट के अनुसार अब भारत के साथ साथ दुनिया भर में लोग लाइफस्टाइल की बीमारियों यानी हार्ट अटैक, कैंसर और डायबिटीज से मारे जा रहे हैं। इस चिंताजनक स्थिति का मुख्य कारण की आलस है, इसके चलते लोग बीमार पड़ रहे हैं।</div><div><br /></div><div><br /></div><div>विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, उन लोगों को आलसी माना जाता है जो लोग हफ्ते में 150 मिनट की साधारण या हफ्ते में 75 मिनट तक जमकर कसरत नहीं करते। इस रिपोर्ट की माने तो दुनिया भर में होने वाली कुल मौतों में से 74% लाइफस्टाइल वाली बीमारियों से होती हैं। भारत के संदर्भ में ये आंकड़ा 66% हैं। दुनिया में हर 2 सेकेंड में एक व्यक्ति लाइफ स्टाइल वाली बीमारी से मारा जा रहा है।</div><div><br /></div><div><br /></div><div>आपको बता दें कि दुनिया भर में हर साल 70 वर्ष से कम उम्र के 1 करोड़ 70 लाख लोग नॉन कम्युनिकेबल यानी लाइफस्टाइल वाली बीमारियों से मारे जा रहे हैं। इन मौतों में शामिल लोगों में से 86% लोग भारत जैसे मिडिल इंकम देशों के हैं। इन लाइफस्टाइल वाली बीमारियों की वजह से दुनिया भर के देशों  को 2011 से 2030 यानी 20 वर्षों में बहुत नुकसान उठाना पड़ सकता है। ये आंकड़ा 30 लाख करोड़ का होने का अनुमान लगाया गया है। WHO के मुताबिक अगर गरीब देश हर वर्ष इन बीमारियों को रोकने के लिए 1 हज़ार 800 करोड़ खर्च कर ले, तो कम मौतें होंगी और कई करोड़ का आर्थिक नुकसान भी बचाया जा सकेगा।</div><div><br /></div><h2>क्या है भारत के आंकड़े</h2><div><br /></div><div>भारत की बात करें तो भारत में होने वाली कुल मौतों में से 66% की वजह लाइफ-स्टाइल से होने वाली बीमारियां हैं। भारत में हर साल 60 लाख 46 हज़ार 960 लोग खराब लाइफ स्टाइल से गंभीर बीमारियों के शिकार होकर मारे जा रहे हैं। भारत में इस तरह जान गंवाने वाले 54% लोगों की उम्र 70 वर्ष से कम है।भारत में हर वर्ष 28% लोग दिल की बीमारी से, 12% लोग सांस की बीमारियों से, 10% लोग कैंसर से, 4% लोग डायबिटीज़ से और बाकी 12% दूसरी लाइफस्टाइल वाली बीमारियों का शिकार बन रहे हैं। अगर इन बीमारियों के कारण पर ध्यान दें तो शराब इसमें प्रमुख कारण है। भारत में 15 वर्ष से उपर का एक व्यक्ति औसतन 5.6 लीटर शराब ,औसतन पुरुष 9 लीटर और महिलाएं 2 लीटर शराब प्रति वर्ष पीते हैं। साथ ही 15 वर्ष से उपर के 28% लोग तंबाकू के शिकार हैं. </div><div><br /></div><h2>आलस इंसान का सबसे बड़ा शत्रु</h2><p><br /></p><div>भारत में 18 वर्ष से ऊपर के 34% लोग आलसी हैं और फिजीकल इनएक्टिविटी के शिकार हैं। इससे भी सबसे ज्यादा चिंताजनक बात ये है कि देश में 11 से 17 साल के 74% बच्चे आलसी हैं और जरुरी फिजीकल एक्टिविटी से कोसों दूर हैं। हर वर्ष दुनिया के 8 लाख 30 हज़ार लोग अल्ज़ के कारण मारे जाते हैं। भारत में 31% लोगों को हाई ब्लड प्रेशर है, जबकि इनमें से आधे लोगों को ये नहीं पता है कि उन्हें हाईबीपी हो चुका है।</div><div><br /></div><h2>दुनिया भर में इन कारण से होती हैं सबसे अधिक मौतें  </h2><p><br /></p><div>हर साल होने वाली मौतों की बात करें तो हर तीन में से एक मौत की वजह दिल की बीमारी बनती है। दिल की बीमारी के शिकार दो तिहाई लोग गरीब देशों में रहते हैं। वहीं हर 6 में से 1 मौत कैंसर के कारण होती है। दुनिया भर में 90 लाख से ज्यादा लोग कैंसर से मारे जा रहे हैं। इनमें से 44% जानें बचाई जा सकती हैं। दुनिया भर में होने वाली 13 मौतों में से 1 सांस की बीमारियों से हो रही हैं। भारत जैसे कई देशों में हवा प्रदूषण इन बीमारियो के लिए जवाबदार है। दुनिया भर में 40 लाख लोग केवल सांस की बीमारी होने की वजह से मर रहे हैं। इनके अलावा हर 28 में से एक व्यक्ति की जान डायबिटीज़ और 80 लाख लोगों की जान तंबाकू ले रहा है। चौंकाने वाली बात ये है कि हर साल लगभग 10 लाख लोग पैसिव स्मोकिंग यानी किसी दूसरे की सिगरेट के धुंए के शिकार होकर मारे जा रहे हैं। वहीं सबसे बड़ी बात कि देशभर में 80 लाख लोग हर साल खराब खाने, कम खाने या ज्यादा खाने की वजह से मारे जा रहे हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/80784/health-your-laziness-can-prove-to-be-fatal-shocking-figures-have-come-out-in-the-new-report-of-the-world-health-organization</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/80784/health-your-laziness-can-prove-to-be-fatal-shocking-figures-have-come-out-in-the-new-report-of-the-world-health-organization</guid>
                <pubDate>Fri, 23 Sep 2022 07:44:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एकतरफा प्रेम में पागल मुस्लिम युवक की घिनौनी करतूत, युवती को जला दिया!</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले 4 दिनों से रिम्स में जिंदगी की जंग लड़ रही अंकिता जिंदगी की लड़ाई हार गई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83695/the-heinous-act-of-a-muslim-youth-madly-in-unrequited-love-burnt-the-girl"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/dead-body.jpg" alt=""></a><br /><div>दुमका के जरुवाडीह में पेट्रोल से जलाई गई 16 वर्षीय छात्रा अंकिता शनिवार देर रात जिंदगी की अपनी लड़ाई हार गई। पिछले 4 दिनों से रिम्स में जिंदगी की जंग लड़ रही अंकिता ने आखिरी सांस ली है। अंकिता की मौत की खबर जैसे ही दुमका पहुंची, लोग भड़क गए। घटना के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन शुरू हो गए। लोग दुकान बंद करने लगे। जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। एहतियात के तौर पर शहर भर में पुलिस के इंतजाम किए गए हैं। शहर में 144 लागू कर दिया गया है।</div><div><br /></div><h2>एकतरफा प्यार में पागल शाहरुख़ ने पेट्रोल डालकर आग लगा दिया</h2><div>जानकारी के लिए बता दें कि 23 अगस्त को एकतरफा प्रेम में पड़े शाहरुख नाम के युवक ने खिड़की से पेट्रोल छिड़का और अंकिता के शरीर में आग लगा दी। जिसमें अंकिता करीब 95 फीसदी जल गया। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में रिम्स में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान शनिवार रात उसकी मौत हो गई। अंकिता की मौत के बाद बजरंग दल, विहिप और बीजेपी के महिला मोर्चा ने दुमका को बंद कर दिया। दुमका में गुस्साए लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने मांग की कि आरोपियों पर मुकदमा चलाया जाए और उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट में फांसी दी जाए।</div><div><br /></div><h2>मृतक छात्र के घर पहुंचे एसपी</h2><div>रविवार शाम दुमका के एसपी अंकिता के घर पहुंचे। वहां उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर दोषी युवक को सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। हत्या के आरोपी शाहरुख फिलहाल दुमका जेल में हैं। बच्ची की मौत के बाद इलाके में तनाव की स्थिति है। सिस्टम ने धारा 144 लागू कर दी है।</div><div><br /></div><h2>अंकिता का पंचतत्व में विलीन होना</h2><div>कड़ी सुरक्षा के बीच अंकिता के शव का अंतिम संस्कार बेतिया घाट पर किया जाएगा। अंतिम तीर्थयात्रा में बड़ी संख्या में दुमका लोगों ने भाग लिया। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है ताकि शहर में हालात न बिगड़ें, हालांकि पुलिस इस बारे में कुछ भी कहने से बच रही है। आज अंकिता का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया है। अंकिता के दादा ने अंकिता मुखग्नि को दिया।</div><div><br /></div><h2>राज्यपाल ने लिया इस नरसंहार का संज्ञान</h2><div>गौरतलब है कि अंकिता मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई हुई है। झारखंड के राज्यपाल रमेश बेस ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। झारखंड के राज्यपाल ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए डीजीपी नीरज सिन्हा और झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को पत्र भेजा है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/83695/the-heinous-act-of-a-muslim-youth-madly-in-unrequited-love-burnt-the-girl</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/83695/the-heinous-act-of-a-muslim-youth-madly-in-unrequited-love-burnt-the-girl</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Aug 2022 18:30:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-08/dead-body.jpg"                         length="26879"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : अगर आपके घर में भी हैं छोटे बच्चें तो सब पर रखें ध्यान, वरना बाद में पड़ सकता है पछताना</title>
                                    <description><![CDATA[माचिस से खेल रही लड़की की भूल ने घर की खुशियों को जलाकर रख दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>हम सबके घरों में अक्सर ऐसा होता है कि सोते हुए छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उसके बड़े भाई या बहन को दी जाती है। हलवाड़ के घनश्यामपुर में रहने वाले एक परिवार ने भी यही किया था पर उन्हें शायद ये पता नहीं था कि एक बड़ी अनहोनी उनके द्वार पर ही है। दरअसल माचिस से खेल रही एक लड़की ने गलती से माचिस की तिल्ली जलाकर उस बिस्तर पर फेंक दिया जहां उसका 6 महीने का भाई सो रहा था। इस घटना में उसका पूरा पलंग जल गया और बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।</div><div>इस बारे में प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मुकेशभाई चौहान का परिवार एक मजदूर के रूप में काम करता था और वहां हलवाड़ तालुक के घनश्यामपुर गांव के बाहरी इलाके में वाडी में रहता था। इस परिवार के दो बच्चे तीन साल की अनीशा और छह माह के राजेश थे। राजेश चारपाई में सो रहा था। बहन वहीं बैठी खेल रही थी। तीन साल की बहन अनीशा माचिस के साथ खेल रही थी। इसी बीच लड़की ने माचिस जलाई लेकिन वह देखकर डर गई। इसलिए उसने जलती हुई दियासलाई अपने हाथ से फेंक दिया। उसने ध्यान नहीं दिया पर वो जाकर पलंग पर गिरी जहां छह महीने का राजेश सो रहा था। इस दियासलाई से राजेश का बिस्तर जलने लगा। इस आग की चपेट में आने से  दीपक बुरी तरह झुलस गया।</div><div>इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां  इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत हो गई। इस संबंध में हलवाड़ तालुका पॉलस को सूचित किया गया है कि दुर्घटनावश मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में आगे की जांच की है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/69096/gujarat-even-if-you-have-small-children-in-your-house-then-take-care-of-everyone-else-you-may-have-to-repent-later</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/69096/gujarat-even-if-you-have-small-children-in-your-house-then-take-care-of-everyone-else-you-may-have-to-repent-later</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Aug 2022 19:00:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बुजुर्ग महिला चारा बिनने गई थी तभी जंगली सूअरों ने हमला कर दिया</title>
                                    <description><![CDATA[खेरगाम के पटेल फलिया की 65 वर्षीय विजया अमृत नायक की हुई मौत, स्थानीय लोगों ने रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68825/the-elderly-woman-had-gone-to-collect-fodder-when-wild-boars-attacked"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/4420_dead-body.jpg" alt=""></a><br /><div>नवसारी जिले के पूर्वी क्षेत्र के किसान जंगली सूअर के कारण फसलों को भारी नुकसान की शिकायत करते रहे हैं। लेकिन अब जंगली सूअर का उत्पीड़न इस हद तक बढ़ गया है कि इससे लोगों को जान-माल का नुकसान भी हो रहा है। नवसारी तालुका के खेरगाम में, एक अधेड़ उम्र की महिला जो मंगलवार शाम एक वाडी में चारा लेने गई थी, उस पर जंगली सूअरों के झुंड ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और फिर उसी महिला के आंगन में बैठ गये।</div><div>जानकारी के अनुसार खेरगाम के पटेल फलिया की 65 वर्षीय विजया अमृत नायक के परिवार में दो बेटे हैं, जिनमें से एक उनका बेटा महेश है और मां चारा काटने के लिए अलग-अलग खेतों में गई हैं। जहां उसका बेटा महेश खेत से चारा लेकर घर आया और माँ के ना मिलने पर मां की तलाश की। करीब आठ बजे मां का शव वाडी में मिला। वे तुरंत मां को गणदेवी स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। पूरे मामले की सूचना वन विभाग को भी दी गई।</div><div>स्थानीय लोगों द्वारा बहुत समय से की जा रही एक शिकायत के अनुसार जंगली सुअर कई वर्षों से कृषि उपज को नुकसान पहुंचा रहे हैं लेकिन अब इनके कारण एक महिला की जान चली गई है। वन विभाग ने इस मामले पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया। वहीं किसानों को सुअरों के उत्पीड़न से बचाने के लिए कृषि विभाग और वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से काम किया जा रहा है।</div><div>गौरतलब है कि किसानों के लिए ये समस्या दिन-बा-दिन मुश्किल होती जा रही है। सूअर अक्सर झुंड में आकर उनके फसलों को नुकसान पहुंचा रहते हैं। किसानों और स्थानीय लोगों द्वारा सूअरों पर नियंत्रण के लिए व्यवस्था की ओर से जल्द प्रयास की मांग भी की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकी है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/68825/the-elderly-woman-had-gone-to-collect-fodder-when-wild-boars-attacked</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/68825/the-elderly-woman-had-gone-to-collect-fodder-when-wild-boars-attacked</guid>
                <pubDate>Fri, 13 May 2022 13:59:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-05/4420_dead-body.jpg"                         length="51110"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑस्ट्रेलिया : आप की करते हैं डिओ का इस्तेमाल तो हो जाइये सावधान, बॉडी स्प्रे ने ली एक मासूम की जान</title>
                                    <description><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया में बॉडी स्प्रे से एक लड़की की मौत का मामला सामने आया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/84565/australia-if-you-use-deodorant-then-be-careful-body-spray-took-the-life-of-an-innocent"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/5055_newphoto18.jpg" alt=""></a><br /><div>आमतौर पर सभी घरों में डिओडोरेंट का इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल इसलिए किया जाता है ताकि गर्मी में शरीर से ऐसी दुर्गंध को दूर किया जा सके। इन दिनों युवाओं में डियोड्रेंट यानी बॉडी स्प्रे काफी पॉपुलर है। गर्मी के मौसम में इसका यूज और बढ़ जाता है, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि जिस बॉडी स्प्रे को आप इतना यूज करते हैं वो जानलेवा भी हो सकता है। यह बात सुनकर शायद आपको भरोसा न हो, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में बॉडी स्प्रे से एक लड़की की मौत का मामला सामने आया है। एक लड़की अपने घर के फर्श पर मृत पाई गई थी, उसके हाथ में डिओडोरेंट की बोतल थी और माना जाता है कि सोते समय उसकी मृत्यु हो गई थी।</div><div>आपको बता दें कि यह रहस्यमयी मामला ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स का है। जहां अपने परिवार के साथ ब्रोकन हिल्स में रहने वाली एनी नाम की महिला की 16 वर्षीय लड़की ब्रुक रयान का शव घर के फर्श पर पड़ा मिला। फर्श पर एक डिओडोरेंट और एक तौलिया पाया गया। लड़की एक प्रतिभाशाली एथलीट थी और क्रॉमिंग नामक एक घातक गतिविधि के बाद एक एरोसोल को सूंघने के बाद एक संदिग्ध स्थिति में उसकी मृत्यु हो गई। माना जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। ऐसा माना जा रहा है कि मौत एयरोसोल्स सूंघने के बाद हुए हार्ट अटैक से हुई थी। डॉक्टरों की मानें तो इसे 'क्रोमिंग' कहते हैं। वहीं ब्रुक की मां एनी का मानना है कि उसकी मौत की वजह सडेन स्निफिंग डेथ सिंड्रोम है। दरअसल ब्रुक एंग्जायटी से भी पीड़ित थी। हालांकि अभी ब्रुक की मेडिकल और जांच रिपोर्ट नहीं आई है। ऑस्ट्रेलिया की एक स्कूली शिक्षिका ने इससे पहले ऐसी स्थिति को रोकने के लिए डियोड्रेंट की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी।</div><div>मृतक बच्ची की मां का मानना है कि अचानक सूंघने की बीमारी शुरू होने से उसकी बेटी की मौत हो गई, हालांकि अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं यूनिवर्सिटी ञफ रोचेस्टर मेडिकल सेंटर की मानें तो एयरोसोल स्प्रे या सॉल्वेंट में मौजूद केमिकल को अगर कोई बहुत देर तक सूंघता है तो उसे दिल का दौरा और दिल से जुड़ी कई अन्य दिक्कतें हो सकती हैं। इससे उस शख्स की जान भी जा सकती है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/84565/australia-if-you-use-deodorant-then-be-careful-body-spray-took-the-life-of-an-innocent</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/84565/australia-if-you-use-deodorant-then-be-careful-body-spray-took-the-life-of-an-innocent</guid>
                <pubDate>Wed, 11 May 2022 08:59:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-05/5055_newphoto18.jpg"                         length="43713"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : सोने का पाउडर और हीरे ढूंढने वह दोनों गटर में उतरे थे, दम घुटने से हो गई मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div>सूरत में नाले में दम घुटने से दो लोगों की मौत होने की घटना सामने आई है। भागल इलाके के अंबाजी रोड पर दो मजदूर नाले की सफाई करने के लिए उसमें उतरे थे। जहाँ दम घुटने से वो बेहोश हो गये और इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।</div><div>उल्लेखनीय है कि देर रात दो व्यक्ति अंबाजी रोड पर नाले में काम कर रहे थे।  ऑपरेशन के दौरान गैस के दम घुटने से कर्मचारी बेहोश हो गए। इस बारे में दमकल विभाग को सूचना दी गई। दमकल कर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।  पता चला कि रेस्क्यू ऑपरेशन के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>सूरत में नाले में दम घुटने से दो लोगों की मौत होने की घटना सामने आई है। भागल इलाके के अंबाजी रोड पर दो मजदूर नाले की सफाई करने के लिए उसमें उतरे थे। जहाँ दम घुटने से वो बेहोश हो गये और इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।</div><div>उल्लेखनीय है कि देर रात दो व्यक्ति अंबाजी रोड पर नाले में काम कर रहे थे।  ऑपरेशन के दौरान गैस के दम घुटने से कर्मचारी बेहोश हो गए। इस बारे में दमकल विभाग को सूचना दी गई। दमकल कर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।  पता चला कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मजदूर की मौत हो गई। यह अनुमान लगाया गया था कि एक व्यक्ति की उम्र 30 वर्ष और दूसरे की 40 वर्ष थी। यह घटना गुरुवार तड़के की है, जिसमें नाले में गैस के दम घुटने से दो लोगों की मौत हो गई। </div><div>जानकारी के अनुसार सूरत के अंबाजी रोड इलाके में महालक्ष्मी की खाई के पास मोहल्ले में एक मकान के पास नाले में दो व्यक्ति उतरे थे।  दोनों युवक सोने का पाउडर और हीरे की तलाश में गटर में उतरे।  न तो दोनों नगर पालिकाओं के सफाई कर्मचारी थे और न ही ठेकेदार के आदमी। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों युवक अजनबी थे।  पास में ही सोने के आभूषण की फैक्ट्रियां हैं।  सोने के कचरे और हीरे जैसी मूल्यवान वस्तुओं को अक्सर सीवर में फेंक दिया जाता है।  उसकी तलाश में दोनों युवक नाले में गए।  हालांकि जब स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने दमकल विभाग को फोन किया। फिर आगे की कार्यवाही हुई।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/74253/surat-both-of-them-had-descended-in-the-gutter-to-find-gold-powder-and-diamonds-died-of-suffocation</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/74253/surat-both-of-them-had-descended-in-the-gutter-to-find-gold-powder-and-diamonds-died-of-suffocation</guid>
                <pubDate>Thu, 07 Apr 2022 21:59:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अहमदाबाद : गलत टाइप का रक्त चढ़ा देने पर महिला की मौत; जानिए क्या है परिवार का आरोप और पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[परिवार का मानना कि डॉक्टरों ने चढ़ा दिया गलत खून, खून चढ़ाने के बाद पहले हुई थी बेचैनी, फिर तडके हो गई मौत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/86343/ahmedabad-woman-dies-after-transfusion-of-wrong-type-of-blood-know-what-is-the-allegation-of-the-family-and-the-whole-matter"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-04/4420_dead-body4.jpg" alt=""></a><br /><div>अहमदाबाद में अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। शहर के सरदारनगर पुलिस ने 45 वर्षीय महिला मंजू दिवाकर की कथित रूप से गलत प्रकार का रक्त चढ़ाने के बाद आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है। उसके परिवार ने कहा कि रक्त चढ़ाये जाने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई थी।</div><div>आपको बता दें कि नरोदा निवासी मंजू को रविवार को चौधरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उसे खून देने की सलाह दी थी। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात उन्हें एक यूनिट रक्त दिया गया और इसके बाद महिला ने बेचैनी होने की शिकायत की। मंगलवार को तड़के तीन बजे डॉक्टरों ने उसे एक और यूनिट रक्त देने का फैसला किया।</div><div>इसके बाद हालत स्थिर ना होने पर मृतक मंजू और परिवार ने खून चढाने से इनकार कर दिया लेकिन डॉक्टरों ने जोर दिया। आखिरकार मृतक को सुबह 4 बजे एक और बोतल खून दिया गया। इसके बाद सुबह 6 बजे उसकी मौत हो गई। इस मामले में परिवार को संदेह है कि महिला को जो रक्त दिया गया वो सही नहीं था और इसीलिए खून चढ़ाने के बाद पहले महिला को बेचैनी हुई और अंत में उसकी मौत हो गई।</div><div>इस बारे में परिवार का कहना है कि उन्होंने डॉक्टरों से सारी रिपोर्ट और मृतक को चढ़ाए गये खून की जानकारी देने के लिए कहा लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें उपचार रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया। आखिरकार, परिवार  सरदारनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करने का फैसला किया। सरदारनगर पुलिस निरीक्षक एम एम सोलंकी ने कहा कि फिलहाल दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और सिविल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम किया गया है। उन्होंने कहा, "पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता चलेगा और उसके बाद ही आगे जाँच हो पायेगी।"</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/86343/ahmedabad-woman-dies-after-transfusion-of-wrong-type-of-blood-know-what-is-the-allegation-of-the-family-and-the-whole-matter</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/86343/ahmedabad-woman-dies-after-transfusion-of-wrong-type-of-blood-know-what-is-the-allegation-of-the-family-and-the-whole-matter</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Apr 2022 22:59:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-04/4420_dead-body4.jpg"                         length="51110"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        