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                <title>Goods and Service Tax (GST) - Loktej</title>
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                <description>Goods and Service Tax (GST) RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिसंबर में जीएसटी संग्रह छह फीसदी बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 01 जनवरी (वेब वार्ता)। बीते महीने में जीएसटी संग्रह छह प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। करों में कटौती के चलते घरेलू बिक्री से प्राप्त राजस्व की दर में थोड़ी सुस्ती देखने को मिली है।</p>
<p>यही कारण है कि बीते वर्ष की समान अवधि के मुकाबले दिसंबर में कुल संग्रह 6.1 फीसदी बढ़ा है। दिसंबर 2024 में कुल संग्रह 164556 करोड़ रुपये का रहा था जो बीते महीने में 1,74,550 करोड़ रुपये का रहा है।</p>
<p>गुरुवार को जारी आंकड़ों के हिसाब से बीते महीने में घरेलू लेनदेन से सकल राजस्व 1.2 प्रतिशत बढ़कर 1.22 लाख</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144969/gst-collection-increased-by-six-percent-in-december"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/gst-212.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 01 जनवरी (वेब वार्ता)। बीते महीने में जीएसटी संग्रह छह प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। करों में कटौती के चलते घरेलू बिक्री से प्राप्त राजस्व की दर में थोड़ी सुस्ती देखने को मिली है।</p>
<p>यही कारण है कि बीते वर्ष की समान अवधि के मुकाबले दिसंबर में कुल संग्रह 6.1 फीसदी बढ़ा है। दिसंबर 2024 में कुल संग्रह 164556 करोड़ रुपये का रहा था जो बीते महीने में 1,74,550 करोड़ रुपये का रहा है।</p>
<p>गुरुवार को जारी आंकड़ों के हिसाब से बीते महीने में घरेलू लेनदेन से सकल राजस्व 1.2 प्रतिशत बढ़कर 1.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रहा है।<br />जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 19.7 प्रतिशत बढ़कर 51,977 करोड़ रुपये रहा।</p>
<p>वहीं, दिसंबर में रिफंड 30.9 प्रतिशत बढ़कर 28,980 करोड़ रुपये रहा, जो दिसंबर 2024 में 22138 करोड़ रुपये का रहा था। इसी तरह से शुद्ध जीएसटी राजस्व (रिफंड समायोजन के बाद) 1.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.2 प्रतिशत अधिक है।</p>
<p>दिसंबर 2024 में शुद्ध जीएसटीसंग्रह 1.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रहा था। बीते महीने उपकर संग्रह घटकर 4,238 करोड़<br />रुपये रहा,जो दिसंबर 2024 की समान अवधि में 12,003 करोड़ रुपये था। चालू वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक जीएसटी संग्रह अप्रैल में हुआ था।</p>
<p>चालू वित्त वर्ष में महीनेवार जीएसटी संग्रह<br />महीना जीएसटी संग्रह<br />अप्रैल 2.37<br />मई 2.01<br />जून 1.85<br />जुलाई 1.96<br />अगस्त 1.86<br />सितंबर 1.89<br />अक्टूबर 1.96<br />नवंबर 1.70<br />दिसंबर 1.74<br />नोट - संख्या लाख करोड़ रुपये में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144969/gst-collection-increased-by-six-percent-in-december</link>
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                <pubDate>Thu, 01 Jan 2026 21:00:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : ‘GST की समस्याएं और समाधान’ पर चैंबर का गाइडेंस सेशन आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने सूरत टिम्बर मर्चेंट एसोसिएशन और बारडोली प्रदेश टिम्बर मर्चेंट एसोसिएशन के सहयोग से सरसाना स्थित समहति में ‘GST की समस्याएं और समाधान’ विषय पर एक गाइडेंस सेशन का सफल आयोजन किया।</p>
<p>इस सेशन में मुख्य वक्ता के रूप में SGCCI के ग्रुप चेयरमैन और GST विशेषज्ञ CA हार्दिक शाह ने टिम्बर व्यवसाय से जुड़े GST के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।</p>
<p>चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने व्यापारियों से चैंबर की सदस्यता लेने और चैंबर द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय दौरों में भाग लेने की अपील की।</p>
<p>CA हार्दिक शाह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144827/surat-chambers-guidance-session-organized-on-gst-problems-and-solutions"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b25122025-05.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने सूरत टिम्बर मर्चेंट एसोसिएशन और बारडोली प्रदेश टिम्बर मर्चेंट एसोसिएशन के सहयोग से सरसाना स्थित समहति में ‘GST की समस्याएं और समाधान’ विषय पर एक गाइडेंस सेशन का सफल आयोजन किया।</p>
<p>इस सेशन में मुख्य वक्ता के रूप में SGCCI के ग्रुप चेयरमैन और GST विशेषज्ञ CA हार्दिक शाह ने टिम्बर व्यवसाय से जुड़े GST के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।</p>
<p>चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने व्यापारियों से चैंबर की सदस्यता लेने और चैंबर द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय दौरों में भाग लेने की अपील की।</p>
<p>CA हार्दिक शाह ने अपने संबोधन में बताया कि GST 2.0 के तहत कई अहम सुधार किए गए हैं। उन्होंने ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) के लिए सप्लायर के रिटर्न की नियमित जांच पर जोर दिया और बताया कि अब केंद्र और राज्य GST विभाग AI टूल्स के माध्यम से GSTR-1 और ई-वे बिल का मिलान कर रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों को छोटी-छोटी GST त्रुटियों से बचने के उपाय बताए, ताकि पेनल्टी और नोटिस की स्थिति से बचा जा सके।</p>
<p>रिफंड प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 60 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर रिफंड को स्वीकृत या अस्वीकृत किया जाता है, जिसके बाद अपील का विकल्प उपलब्ध रहता है। इसके साथ ही उन्होंने सेक्शन 73, 74, नए सेक्शन 76, रिफंड और प्रोडक्ट क्लासिफिकेशन जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से जानकारी दी।</p>
<p>कार्यक्रम का संचालन चैंबर की GST कमेटी के चेयरमैन सी. मुकुंद चौहान ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत सूरत टिम्बर मर्चेंट्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी श्री किशोर पटेल के स्वागत भाषण से हुई, जबकि बारडोली प्रदेश टिम्बर मर्चेंट्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट श्री गौरांग धनानी ने आयोजन की जानकारी दी।</p>
<p>विशेष अतिथि के रूप में ऑस्ट्रेलिया से आए गुजरात टिम्बर मर्चेंट्स फेडरेशन के पूर्व चीफ सेक्रेटरी प्रेमजी पटेल ने अपने अनुभव साझा किए। सेशन के अंत में सवाल-जवाब और ओपन फोरम का आयोजन किया गया, जिसमें व्यापारियों ने अपनी GST संबंधी समस्याएं रखीं और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया।</p>
<p>इस गाइडेंस सेशन में बड़ी संख्या में टिम्बर व्यापार से जुड़े व्यापारी और उद्योगपति उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 19:41:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत :  नेशनल टैक्स कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन, टैक्सेशन की चुनौतियों और तकनीक पर हुआ मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स (AIFTP – वेस्टर्न ज़ोन) के सहयोग से शनिवार, 20 दिसंबर 2025 को उषाकांत मारफतिया हॉल, SIECC कैंपस, सरसाना में एक दिवसीय ‘नेशनल टैक्स कॉन्क्लेव 2025’ का सफल आयोजन किया।</p>
<p>इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव में टैक्सेशन से जुड़े कानूनी पहलुओं, प्रैक्टिकल समस्याओं और आधुनिक टेक्नोलॉजी के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>कॉन्क्लेव के चीफ गेस्ट सूरत के चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स  राजर्षि द्विवेदी (IRS) थे, जबकि AIFTP के नेशनल प्रेसिडेंट एडवोकेट समीर जानी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एडवोकेट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144734/surat-national-tax-conclave-2025-organized-brainstorming-on-challenges-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-12/b20122025-04.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स (AIFTP – वेस्टर्न ज़ोन) के सहयोग से शनिवार, 20 दिसंबर 2025 को उषाकांत मारफतिया हॉल, SIECC कैंपस, सरसाना में एक दिवसीय ‘नेशनल टैक्स कॉन्क्लेव 2025’ का सफल आयोजन किया।</p>
<p>इस राष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव में टैक्सेशन से जुड़े कानूनी पहलुओं, प्रैक्टिकल समस्याओं और आधुनिक टेक्नोलॉजी के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई।</p>
<p>कॉन्क्लेव के चीफ गेस्ट सूरत के चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स  राजर्षि द्विवेदी (IRS) थे, जबकि AIFTP के नेशनल प्रेसिडेंट एडवोकेट समीर जानी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एडवोकेट समीर जानी ने टैक्स प्रैक्टिशनर्स से गुजरात को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोजेक्ट करने का आह्वान किया।</p>
<p>अपने संबोधन में राजर्षि द्विवेदी (IRS) ने थर्ड पार्टी सर्च की जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सर्च की कार्रवाई में कई बार ऐसे लोग भी जांच के दायरे में आ जाते हैं, जो सीधे तौर पर मुख्य व्यक्ति से जुड़े नहीं होते।</p>
<p>उन्होंने बताया कि सर्च के दौरान मिले दस्तावेज़ों और तथ्यों की सही व्याख्या बेहद ज़रूरी है और जांच व टैक्सपेयर्स के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना कानून का उद्देश्य रहा है। उन्होंने ‘डमी डॉक्यूमेंट्स’ की समस्या पर भी चिंता जताई और फैक्ट्स के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।</p>
<p>गुजरात हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट तुषार हेमानी ने “थर्ड पार्टी सर्च और इनकम टैक्स की कार्रवाई पर इसका प्रभाव” विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि थर्ड पार्टी के खिलाफ कार्रवाई तभी वैध मानी जाएगी जब आयकर विभाग द्वारा तय कानूनी प्रक्रिया और गाइडलाइंस का सख्ती से पालन किया जाए।</p>
<p>पुणे के प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट परीक्षित औरंगाबादकर ने टैक्सेशन और फाइनेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि AI के ज़रिए रिटर्न फाइलिंग, स्क्रूटनी, रिस्क असेसमेंट और फ्रॉड डिटेक्शन जैसे काम तेज़ और अधिक पारदर्शी हो गए हैं।</p>
<p>अमृतसर की चार्टर्ड अकाउंटेंट आंचल कपूर ने ऑनलाइन सत्र में GSTR-9/9C फाइलिंग और GST ट्रिब्यूनल मामलों पर प्रैक्टिकल गाइडेंस दी। उन्होंने डेटा रिकंसिलिएशन और ITC मिसमैच जैसी समस्याओं पर सावधानी बरतने की सलाह दी।</p>
<p>कार्यक्रम की शुरुआत में चैंबर के पूर्व प्रेसिडेंट विजय मेवावाला ने स्वागत भाषण दिया। ऑनरेरी सेक्रेटरी बिजल जरीवाला ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा, जबकि ऑनरेरी ट्रेज़रर CA मितेश मोदी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। AIFTP (वेस्टर्न ज़ोन) के चेयरमैन एडवोकेट सचिन गांधी ने समापन संबोधन किया।</p>
<p>इस कॉन्क्लेव में सूरत सहित मुंबई, वडोदरा, राजकोट, पुणे, नागपुर, नासिक और अन्य शहरों से बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, वकील, टैक्स प्रोफेशनल्स और उद्यमी शामिल हुए, जिससे यह आयोजन टैक्सेशन क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 19:55:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईसीआईसीआई बैंक को 238 करोड़ रुपये जीएसटी मांग को लेकर नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 18 दिसंबर (भाषा) आईसीआईसीआई बैंक को आयकर विभाग ने कथित रूप से कम जीएसटी भुगतान को लेकर 238 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है। बैंक ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>बैंक ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसे महाराष्ट्र माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम, 2017 की धारा 73 के तहत संबंधित प्राधिकरण से एक आदेश प्राप्त हुआ है, जिसमें कुल 237,90,04,448 रुपये की जीएसटी मांग की गई है। इसमें 216,27,31,316 रुपये कर और 21,62,73,132 रुपये जुर्माने के रूप में शामिल हैं। इसमें ब्याज भी शामिल है।</p>
<p>बैंक ने कहा कि वह पहले भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144673/notice-to-icici-bank-regarding-gst-demand-of-rs-238"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/gst-212.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 18 दिसंबर (भाषा) आईसीआईसीआई बैंक को आयकर विभाग ने कथित रूप से कम जीएसटी भुगतान को लेकर 238 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है। बैंक ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>बैंक ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसे महाराष्ट्र माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम, 2017 की धारा 73 के तहत संबंधित प्राधिकरण से एक आदेश प्राप्त हुआ है, जिसमें कुल 237,90,04,448 रुपये की जीएसटी मांग की गई है। इसमें 216,27,31,316 रुपये कर और 21,62,73,132 रुपये जुर्माने के रूप में शामिल हैं। इसमें ब्याज भी शामिल है।</p>
<p>बैंक ने कहा कि वह पहले भी ऐसे ही मामलों में जारी आदेशों और कारण बताओ नोटिस पर कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। हालांकि, इस मामले में राशि अधिक होने के कारण इसकी जानकारी सार्वजनिक की गई है।</p>
<p>आईसीआईसीआई बैंक ने बताया कि वह तय समय सीमा के भीतर रिट याचिका या अपील के जरिए इस आदेश को चुनौती देगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144673/notice-to-icici-bank-regarding-gst-demand-of-rs-238</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 15:28:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : चैंबर ऑफ कॉमर्स ने GST में फेसलेस असेसमेंट और अपील प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के अंतर्गत फेसलेस असेसमेंट, फेसलेस एडजुडिकेशन और फेसलेस अपील मैकेनिज्म लागू करने के संबंध में भारत की माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को एक विस्तृत प्रेजेंटेशन सौंपा है।</p>
<p>चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने बताया कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को अवगत कराया गया कि इनकम टैक्स में लागू की गई फेसलेस असेसमेंट और फेसलेस अपील स्कीम एक ऐतिहासिक और सफल सुधार साबित हुई है। इससे टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ी है, व्यक्तिगत संपर्क समाप्त होने से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144575/surat-chamber-of-commerce-proposed-to-implement-faceless-assessment-and"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/sgcci.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के अंतर्गत फेसलेस असेसमेंट, फेसलेस एडजुडिकेशन और फेसलेस अपील मैकेनिज्म लागू करने के संबंध में भारत की माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को एक विस्तृत प्रेजेंटेशन सौंपा है।</p>
<p>चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने बताया कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को अवगत कराया गया कि इनकम टैक्स में लागू की गई फेसलेस असेसमेंट और फेसलेस अपील स्कीम एक ऐतिहासिक और सफल सुधार साबित हुई है। इससे टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ी है, व्यक्तिगत संपर्क समाप्त होने से निर्णय प्रक्रिया में एकरूपता आई है और टैक्सपेयर्स का भरोसा मजबूत हुआ है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि GST सिस्टम पहले से ही काफी हद तक डिजिटल है, जिसमें रिटर्न फाइलिंग, ई-इनवॉइस, ई-वे बिल, रिफंड क्लेम और विभिन्न एप्लीकेशन पूरी तरह ऑनलाइन हैं। ऐसे में GST के तहत असेसमेंट, एडजुडिकेशन और ऑडिट की प्रक्रिया को भी फेसलेस बनाना समय की आवश्यकता है।</p>
<p>चैंबर ने यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान में लागू ई-स्कीम को पूरी तरह फेसलेस में बदला जाए, क्योंकि अभी ऑनलाइन प्रक्रिया के बावजूद व्यापारियों और प्रोफेशनल्स को दस्तावेज जमा करने के लिए भौतिक रूप से GST कार्यालय जाना पड़ता है। इससे ई-स्कीम का मूल उद्देश्य प्रभावित होता है।</p>
<p>प्रेजेंटेशन में बताया गया कि फिलहाल GST के अंतर्गत असेसमेंट और प्रोसिडिंग्स जूरिस्डिक्शनल अधिकारियों द्वारा फिजिकली की जाती हैं, जिससे अलग-अलग व्याख्याएं, अतिरिक्त लागत और अनावश्यक विवाद पैदा होते हैं। यह प्रक्रिया खासकर माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) के लिए जटिल और महंगी साबित हो रही है।</p>
<p>चैंबर ने सुझाव दिया कि फेसलेस असेसमेंट को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए, जिसमें रिटर्न स्क्रूटनी, GSTR-1 और GSTR-3B के मिसमैच नोटिस, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े मामले, CGST एक्ट की धारा 73 और 74 के तहत कारण बताओ नोटिस, रिफंड वेरिफिकेशन और ऑडिट प्रोसीजर शामिल किए जा सकते हैं। इसके लिए इनकम टैक्स की तर्ज पर नेशनल फेसलेस GST सेंटर जैसे सेंट्रल डिजिटल प्लेटफॉर्म की सिफारिश की गई है।</p>
<p>चैंबर ने GST के तहत फेसलेस अपील सिस्टम लागू करने की भी मांग की है। वर्तमान में GST अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) पूरी तरह कार्यरत नहीं होने के कारण अपील मामलों में भारी पेंडेंसी है। यदि कमिश्नर (अपील) स्तर पर फेसलेस अपील मैकेनिज्म लागू किया जाता है, तो त्वरित और पारदर्शी न्याय सुनिश्चित हो सकेगा।</p>
<p>चैंबर ने यह भी कहा कि स्टेट GST (SGST) अधिकारियों को इस फेसलेस सिस्टम में पूरी तरह इंटीग्रेट किया जाना चाहिए, ताकि सेंट्रल और स्टेट दोनों स्तरों पर एक समान, निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया लागू हो सके। इससे कोऑपरेटिव फेडरलिज्म की भावना भी मजबूत होगी।</p>
<p>चैंबर ऑफ कॉमर्स का मानना है कि GST में फेसलेस असेसमेंट और फेसलेस अपील सिस्टम लागू करना एक फ्यूचर-ओरिएंटेड और टैक्सपेयर-फ्रेंडली सुधार होगा, जो “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” के विजन को साकार करेगा। इससे न केवल पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा, बल्कि भारत को ग्लोबल लेवल पर डिजिटल टैक्स गवर्नेंस का एक मजबूत मॉडल बनाने में भी मदद मिलेगी।</p>
<p>अंत में, चैंबर ने केंद्रीय वित्त मंत्री से इस सुधार के लिए आवश्यक पॉलिसी निर्णय, विधायी संशोधन और टेक्नोलॉजिकल रोडमैप को शीघ्र लागू करने का अनुरोध किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 19:48:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवंबर में जीएसटी संग्रह 1.7 लाख करोड़ रुपये पर, कर दरों में कटौती का दिखा असर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, एक दिसंबर (भाषा) माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह नवंबर में सालाना आधार पर केवल 0.7 प्रतिशत बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले एक साल का निचला स्तर है। अधिकांश उत्पादों एवं सेवाओं पर कर दरों में कटौती के बावजूद खपत में सुधार जारी है। सोमवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।</p>
<p>सरकार ने 22 सितंबर से जीएसटी की पांच और 18 प्रतिशत की केवल दो कर दरें ही लागू की थीं। हालांकि, विलासिता एवं हानिकारक वस्तुओं पर 40 प्रतिशत कर की एक विशेष दर भी तय की गई है।</p>
<p>कर दरों में कटौती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144350/impact-of-tax-rate-cut-visible-on-gst-collection-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/gst-212.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, एक दिसंबर (भाषा) माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह नवंबर में सालाना आधार पर केवल 0.7 प्रतिशत बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले एक साल का निचला स्तर है। अधिकांश उत्पादों एवं सेवाओं पर कर दरों में कटौती के बावजूद खपत में सुधार जारी है। सोमवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।</p>
<p>सरकार ने 22 सितंबर से जीएसटी की पांच और 18 प्रतिशत की केवल दो कर दरें ही लागू की थीं। हालांकि, विलासिता एवं हानिकारक वस्तुओं पर 40 प्रतिशत कर की एक विशेष दर भी तय की गई है।</p>
<p>कर दरों में कटौती और त्योहारी मौसम में जबर्दस्त खरीदारी से अक्टूबर में जीएसटी संग्रह बढ़ा था। इस लिहाज से नवंबर के आंकड़े त्योहारी मौसम बीतने के बाद भी खपत में आई तेजी को दर्शाते हैं।</p>
<p>आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में कुल जीएसटी संग्रह (बिना उपकर के) 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के समान महीने में 1.69 लाख करोड़ रुपये से मामूली वृद्धि दर्शाता है।</p>
<p>हालांकि, अक्टूबर महीने के 1.96 लाख करोड़ रुपये संग्रह से यह काफी कम है। लेकिन अक्टूबर के आंकड़ों में क्षतिपूर्ति उपकर भी शामिल थे।</p>
<p>उपकर को शामिल किए जाने पर नवंबर का कुल कर संग्रह 1.74 लाख करोड़ रुपये रहा लेकिन यह नवंबर, 2024 के 1.82 लाख करोड़ रुपये से 4.22 प्रतिशत कम है।</p>
<p>जीएसटी की नई व्यवस्था लागू होने के बाद से क्षतिपूर्ति उपकर सिर्फ तंबाकू एवं पान मसाला उत्पादों पर ही लगता है।</p>
<p>सरकारी सूत्रों ने कहा कि नवंबर के जीएसटी संग्रह आंकड़े तैयार करते समय उपकर को शामिल नहीं किया गया है।</p>
<p>एक सूत्र ने कहा कि कंपनियों की तरफ से दाखिल जीएसटी रिटर्न में कर-योग्य आपूर्ति का मूल्य सालाना आधार पर बढ़ने से एक आशावादी रुझान झलकता है।</p>
<p>सूत्र ने कहा, ‘‘बढ़ी खपत दर्शाती है कि जीएसटी कटौती का असर सकारात्मक है। इसी वजह से हमें भरोसा है कि यह कर सुधार न सिर्फ अभी के लिए टिकाऊ रहेगा, बल्कि आने वाले समय में भी इसका अर्थव्यवस्था पर कई गुना बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।’’</p>
<p>नवंबर में घरेलू राजस्व 2.3 प्रतिशत घटकर 1.24 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि आयात से राजस्व 10.2 प्रतिशत बढ़कर 45,976 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।</p>
<p>इस अवधि में रिफंड चार प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,196 करोड़ रुपये रहा। रिफंड को समायोजित करने के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.52 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 1.3 प्रतिशत अधिक है।</p>
<p>रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने संभावना जताई कि अधिकांश उत्पादों पर कर दरों में कटौती के असर को खपत में वृद्धि निष्प्रभावी कर सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘लगता है कि चालू वित्त वर्ष में कर संग्रह बजट अनुमान से कम रहेगा। लेकिन सरकार को अपेक्षा से ज्यादा गैर-कर राजस्व मिलने की संभावना है, जिससे इस कमी के एक हिस्से की भरपाई हो जाएगी।’’</p>
<p>डेलॉयट इंडिया में साझेदार एम. एस. मणि ने कहा कि विभिन्न राज्यों में कर संग्रह में व्यापक अंतर दिख रहा है। ऐसे में जरूरी है कि अलग-अलग क्षेत्रों का कारण-विश्लेषण करना जरूरी है, ताकि गिरावट की वजह को समझा जा सके और जीएसटी वसूली बढ़ाने के लिए सही नीतिगत कदम उठाए जा सकें।</p>
<p>कर विशेषज्ञ विवेक जालान ने कहा कि जीएसटी संग्रह कमजोर दिखने का कारण यह है कि खपत उतनी नहीं बढ़ी, कर दरें कम की गईं और रिफंड भी बढ़े हैं। ऐसे में वित्त वर्ष के बाकी महीनों में खपत बढ़ानी जरूरी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Dec 2025 21:35:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जीएसटी को युक्तिसंगत बनाने से खपत में तेजी, आर्थिक वृद्धि की गति रहेगी बरकरार: रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 27 नवंबर (भाषा) माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों को युक्तिसंगत बनाने से खपत को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है और भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जोखिमों से निपटने तथा वृद्धि की गति बनाए रखने के लिए मजबूत स्थिति में है। वित्त मंत्रालय की बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया।</p>
<p>वित्त मंत्रालय की अक्टूबर माह की मासिक आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि मुद्रास्फीति के दबाव में कमी आने तथा हाल के कर सुधारों से खर्च योग्य घरेलू आय में वृद्धि से निकट भविष्य में उपभोग का परिदृश्य सकारात्मक लग रहा है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144281/rationalization-of-gst-will-boost-consumption-and-economic-growth-will"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/gst-212.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 27 नवंबर (भाषा) माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों को युक्तिसंगत बनाने से खपत को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है और भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जोखिमों से निपटने तथा वृद्धि की गति बनाए रखने के लिए मजबूत स्थिति में है। वित्त मंत्रालय की बृहस्पतिवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया।</p>
<p>वित्त मंत्रालय की अक्टूबर माह की मासिक आर्थिक समीक्षा में कहा गया कि मुद्रास्फीति के दबाव में कमी आने तथा हाल के कर सुधारों से खर्च योग्य घरेलू आय में वृद्धि से निकट भविष्य में उपभोग का परिदृश्य सकारात्मक लग रहा है।</p>
<p>खुदरा मुद्रास्फीति अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह अक्टूबर 2025 में 0.25 प्रतिशत रह गई है जबकि सितंबर 2025 में यह 1.44 प्रतिशत थी।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि इस गिरावट का मुख्य कारण जीएसटी दरों में कमी, अनुकूल तुलनात्मक आधार प्रभाव और खाद्य मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट है।</p>
<p>अक्टूबर की मासिक आर्थिक समीक्षा में कहा गया, ‘‘ जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने से उपभोग को उल्लेखनीय बढ़ावा मिला है। यह उच्च आवृत्ति संकेतकों (पीएमआई, जीएसटी सग्रह, ई-वे बिल आदि) में मजबूती से पता चलता है। इसमें अधिक ई-वे बिल सृजन, त्योहारों के दौरान मोटर वाहन की रिकॉर्ड बिक्री, यूपीआई लेनदेन और ट्रैक्टर की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि शामिल है।’’</p>
<p>इसने कहा कि ये चीजें शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मांग की स्थिति में व्यापक सुधार की ओर इशारा करती हैं।</p>
<p>मासिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार, ‘‘ जीएसटी युक्तिकरण का व्यय व्यवहार पर पूरा प्रभाव अगली दो तिमाहियों में और अधिक स्पष्ट हो जाएगा।’’</p>
<p>जीएसटी को युक्तिसंगत बनाने के तहत 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के बजाय पांच प्रतिशत तथा 18 प्रतिशत की दो दरों में तब्दील किया गया है। इससे 99 प्रतिशत दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें कम हुई हैं। नई दरें 22 सितंबर से लागू हुईं।</p>
<p>वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया कि बाह्य माहौल में व्यापार नीति संबंधी अनिश्चितता बनी हुई है हालांकि वैश्विक दबाव पहले की तुलना में कम हुआ है।</p>
<p>वृद्धि संभावनाओं के बारे में इसमें कहा गया कि विभिन्न स्वतंत्र आर्थिक आकलनों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर सात से 7.5 प्रतिशत के दायरे में है जो आर्थिक गतिविधियों में निरंतर मजबूती का संकेत देता है। अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में मजबूत आधार के साथ प्रवेश कर रही है।</p>
<p>राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) 28 नवंबर को दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि के आंकड़े जारी करने वाला है। पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर पांच तिमाहियों के उच्चतम स्तर 7.8 प्रतिशत पर रही थी।</p>
<p>रिपोर्ट में अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन को बनाए रखने और उसमें तेजी लाने के लिए संरचनात्मक सुधारों का आह्वान किया गया है।</p>
<p>गौरतलब है कि श्रम बाजारों में सुधार के लिए भारत सरकार ने चार श्रम संहिताएं वेतन संहिता, 2019, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 लागू की हैं। इससे 29 प्रचलित श्रम कानूनों को सुव्यवस्थित किया गया है।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया कि यह ऐतिहासिक कदम श्रम नियमों का आधुनिक रूप देता है, औपनिवेशिक काल की संरचनाओं को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ता है, श्रमिकों के कल्याण में सुधार करता है और श्रम परिवेश को कार्य की बदलती दुनिया के साथ जोड़ता है।</p>
<p>इसमें कहा गया कि यह भविष्य के लिए तैयार कार्यबल और मजबूत उद्योगों की नींव है जो 2047 तक विकसित भारत के लिए श्रम सुधारों का समर्थन करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/144281/rationalization-of-gst-will-boost-consumption-and-economic-growth-will</link>
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                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 15:03:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अक्टूबर में जीएसटी संग्रह 4.6 प्रतिशत बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपये हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, एक नवंबर (भाषा) जीएसटी दरों में कटौती के बावजूद त्योहारी खरीदारी के कारण अक्टूबर में सकल जीएसटी संग्रह 4.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये हो गया।</p>
<p>रसोई के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सहित 375 वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की नयी दरें 22 सितंबर से प्रभावी हुईं थीं। यह नवरात्रि का पहला दिन था और यह समय नए सामान खरीदने के लिए शुभ माना जाता है।</p>
<p>अक्टूबर के जीएसटी संग्रह के आंकड़े त्योहारी सत्र की बिक्री और दबी हुई मांग के प्रभाव को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143817/gst-collection-increased-by-46-percent-to-rs-196-lakh"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/gst-212.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, एक नवंबर (भाषा) जीएसटी दरों में कटौती के बावजूद त्योहारी खरीदारी के कारण अक्टूबर में सकल जीएसटी संग्रह 4.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये हो गया।</p>
<p>रसोई के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सहित 375 वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की नयी दरें 22 सितंबर से प्रभावी हुईं थीं। यह नवरात्रि का पहला दिन था और यह समय नए सामान खरीदने के लिए शुभ माना जाता है।</p>
<p>अक्टूबर के जीएसटी संग्रह के आंकड़े त्योहारी सत्र की बिक्री और दबी हुई मांग के प्रभाव को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में दिवाली से पहले जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा की थी। इसके बाद उपभोक्ताओं ने जीएसटी दरों में कटौती का इंतजार करते हुए अपनी खरीदारी का फैसला टाल दिया था।</p>
<p>शनिवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में सकल जीएसटी संग्रह लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो अक्टूबर 2024 के 1.87 लाख करोड़ रुपये के संग्रह से 4.6 प्रतिशत अधिक है।</p>
<p>इस साल अगस्त और सितंबर में कर संग्रह क्रमशः 1.86 लाख करोड़ रुपये और 1.89 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।</p>
<p>हालांकि अक्टूबर में जीएसटी संग्रह में सालाना आधार पर 4.6 प्रतिशत की वृद्धि पिछले महीनों में देखी गई लगभग नौ प्रतिशत की औसत वृद्धि से कम है।</p>
<p>सकल घरेलू राजस्व, जो स्थानीय बिक्री का एक संकेतक है, अक्टूबर में दो प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये हो गया। दूसरी ओर आयात कर लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 50,884 करोड़ रुपये रहा।</p>
<p>जीएसटी रिफंड भी सालाना आधार पर 39.6 प्रतिशत बढ़कर 26,934 करोड़ रुपये हो गया।</p>
<p>अक्टूबर 2025 में शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.69 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.2 प्रतिशत अधिक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 15:26:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इटरनल को मिला 128 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी मांग नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) जोमैटो और ब्लिंकिट ब्रांडों के मालिक इटरनल ने रविवार को कहा कि उसे उत्तर प्रदेश के कर अधिकारियों से 128 करोड़ रुपये से अधिक के कर मांग का नोटिस मिला है। इस राशि में जीएसटी, लागू ब्याज और जुर्माना शामिल है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित राज्य कर उपायुक्त से मिला मांग आदेश अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के लिए आउटपुट टैक्स के कम भुगतान और इनपुट टैक्स क्रेडिट का अधिक लाभ लेने के संबंध में है।</p>
<p>इटरनल ने कहा कि गुण-दोष के आधार पर उसका मामला मजबूत है और वह उचित प्राधिकारी के समक्ष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143686/eternal-received-gst-demand-notice-of-more-than-rs-128"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/gst-212.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) जोमैटो और ब्लिंकिट ब्रांडों के मालिक इटरनल ने रविवार को कहा कि उसे उत्तर प्रदेश के कर अधिकारियों से 128 करोड़ रुपये से अधिक के कर मांग का नोटिस मिला है। इस राशि में जीएसटी, लागू ब्याज और जुर्माना शामिल है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित राज्य कर उपायुक्त से मिला मांग आदेश अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के लिए आउटपुट टैक्स के कम भुगतान और इनपुट टैक्स क्रेडिट का अधिक लाभ लेने के संबंध में है।</p>
<p>इटरनल ने कहा कि गुण-दोष के आधार पर उसका मामला मजबूत है और वह उचित प्राधिकारी के समक्ष आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगी।</p>
<p>इटरनल ने शेयर बाजार को बताया, ''कंपनी को 18 अक्टूबर 2025 को अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के लिए उप-आयुक्त, राज्य कर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश से एक आदेश मिला है, जिसमें लागू ब्याज सहित 64,17,43,503 रुपये के जीएसटी और 64,17,43,503 रुपये के जुर्माने की मांग की गई है।''</p>
<p>कंपनी ने मार्च में जोमैटो से अपना नाम बदलकर इटरनल कर लिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Oct 2025 20:55:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जीएसटी सुधारों के कारण इस साल 20 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक्स बिक्री की उम्मीद: वैष्णव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि जीएसटी सुधारों के कारण इस साल 20 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक्स बिक्री होने की उम्मीद है।</p>
<p>मंत्री ने कहा कि सभी खुदरा श्रृंखलाओं के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले नवरात्रि की तुलना में 20-25 प्रतिशत अधिक बिक्री हुई और 85 इंच के टीवी जैसी कई ऐसी श्रेणियां हैं जिनका स्टॉक पूरी तरह से बिक गया।</p>
<p>वैष्णव ने कहा, ''इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की बढ़ती मांग का सीधा असर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर पड़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण अब दोहरे अंकों की वार्षिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143663/vaishnav-expects-additional-electronics-sales-of-rs-20-lakh-crore"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/gst-212.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि जीएसटी सुधारों के कारण इस साल 20 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक्स बिक्री होने की उम्मीद है।</p>
<p>मंत्री ने कहा कि सभी खुदरा श्रृंखलाओं के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले नवरात्रि की तुलना में 20-25 प्रतिशत अधिक बिक्री हुई और 85 इंच के टीवी जैसी कई ऐसी श्रेणियां हैं जिनका स्टॉक पूरी तरह से बिक गया।</p>
<p>वैष्णव ने कहा, ''इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की बढ़ती मांग का सीधा असर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर पड़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण अब दोहरे अंकों की वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है। इस साल खपत में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होने की पूरी संभावना है, जिसका अर्थ है कि पिछले वर्ष की तुलना में 20 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिक्री होने की प्रबल संभावना है।''</p>
<p>वह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जीएसटी सुधारों से होने वाली बचत पर बोल रहे थे। ये सुधार 22 सितंबर, 2025 से लागू हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 14:50:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत-अहमदाबाद के 8 बड़े गरबा आयोजकों पर जीएसटी का शिकंजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने गुजरात के अहमदाबाद, सूरत और गांधीनगर जैसे बड़े शहरों में 8 प्रमुख गरबा आयोजकों के यहाँ सोमवार (30 सितंबर) से जाँच शुरू कर दी है। जीएसटी की 10 टीमों द्वारा एक साथ मारे गए छापों से गरबा आयोजकों में हड़कंप मच गया है।</p>
<p>यह जाँच मुख्य रूप से उन आयोजनों पर केंद्रित है जिनके पास/टिकट की कीमत 500 से अधिक है। बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और कर चोरी के गंभीर आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, लोकप्रिय स्थानों जैसे रंग मोरला,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143364/gst-screws-on-8-big-garba-organizers-of-surat-ahmedabad"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/6712_garba-navratri-navratry.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने गुजरात के अहमदाबाद, सूरत और गांधीनगर जैसे बड़े शहरों में 8 प्रमुख गरबा आयोजकों के यहाँ सोमवार (30 सितंबर) से जाँच शुरू कर दी है। जीएसटी की 10 टीमों द्वारा एक साथ मारे गए छापों से गरबा आयोजकों में हड़कंप मच गया है।</p>
<p>यह जाँच मुख्य रूप से उन आयोजनों पर केंद्रित है जिनके पास/टिकट की कीमत 500 से अधिक है। बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और कर चोरी के गंभीर आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, लोकप्रिय स्थानों जैसे रंग मोरला, स्वर्ण नगरी और स्वर्णिम नगरी सहित कुल आठ स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए। जाँच के दायरे में आदित्य गढ़वी और जिगरदान गढ़वी जैसे स्टार कलाकारों के कार्यक्रम और पूर्व मंत्रियों से जुड़े आयोजन भी शामिल थे।</p>
<p>यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की गई कि निर्धारित मूल्य पर बिक्री के लिए रखे गए पास कथित तौर पर काला बाज़ार में दोगुने या तिगुने दामों पर बेचे जा रहे थे।</p>
<p>अधिकारी इस बात की जाँच कर रहे हैं कि क्या आयोजकों ने राजस्व घोषणाओं में हेरफेर करके संग्रह को कम करके दिखाया है और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p>जीएसटी विभाग ने आयोजकों से पास की बिक्री, आय और व्यय का पूरा हिसाब मांगा है। इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरकार गरबा जैसे बड़े आयोजनों में कर चोरी रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है। जाँच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और जानकारी सामने आने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                            <category>सूरत</category>
                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143364/gst-screws-on-8-big-garba-organizers-of-surat-ahmedabad</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Sep 2025 21:02:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'जीएसटी 2.0' से अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार: सिंधिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुवाहाटी, 26 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों (जीएसटी 2.0) ने देश की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार दी है। इस फैसले से उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता बढ़ी है और विक्रेताओं की बिक्री में वृद्धि हुई है।</p>
<p>उन्होंने विपक्षी दलों के इन सुधारों की आलोचना करने को उनकी 'आंतरिक नकारात्मकता' बताते हुए खारिज कर दिया।</p>
<p>केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''मैंने कई दुकानों का दौरा किया और दुकानदारों तथा ग्राहकों से बातचीत की। हर जगह सकारात्मकता का माहौल है।''</p>
<p>उन्होंने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143307/the-economy-will-get-new-speed-with-gst20"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-09/gst-212.jpg" alt=""></a><br /><p>गुवाहाटी, 26 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों (जीएसटी 2.0) ने देश की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार दी है। इस फैसले से उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता बढ़ी है और विक्रेताओं की बिक्री में वृद्धि हुई है।</p>
<p>उन्होंने विपक्षी दलों के इन सुधारों की आलोचना करने को उनकी 'आंतरिक नकारात्मकता' बताते हुए खारिज कर दिया।</p>
<p>केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''मैंने कई दुकानों का दौरा किया और दुकानदारों तथा ग्राहकों से बातचीत की। हर जगह सकारात्मकता का माहौल है।''</p>
<p>उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधारों ने कम और सरल करों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि को एक नई रफ्तार दी है।</p>
<p>मंत्री ने दावा किया, ''इसके चलते ग्राहकों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा है और विक्रेताओं की बिक्री के आंकड़े बढ़ गए हैं। इससे सभी वर्गों और उम्र के लोगों को लाभ हुआ है।''</p>
<p>सिंधिया ने आगे कहा, ''ये सुधार प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जिसका मकसद देश को आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनाना है।''</p>
<p>विपक्षी दलों के सुधारों की आलोचना करने पर मंत्री ने कहा, ''विपक्ष के पास विरोध करने के अलावा कोई और काम नहीं है। अगर कोई अच्छी बात, वृद्धि या प्रगति की बात है, तो वे विरोध करेंगे। वे भारत के संस्थागत ढांचे को ध्वस्त करने की कोशिश करेंगे, चाहे वह उच्चतम न्यायालय हो या चुनाव आयोग।''</p>
<p>सिंधिया ने कहा कि विपक्षी दलों की 'आंतरिक नकारात्मकता' अब 'बाहरी नकारात्मक व्यक्तित्व में बदल गई है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/143307/the-economy-will-get-new-speed-with-gst20</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 14:42:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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