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                <title>Farmers - Loktej</title>
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                <description>Farmers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तमिलनाडु में प्राकृतिक खेती से प्रभावित हुए प्रधानमंत्री मोदी, किसानों से इसे अपनाने का आग्रह किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को देश के सभी किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने पर विचार करने का आह्वान किया और कहा कि इससे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर बढ़ती निर्भरता जैसी कृषि से संबंधित कई चुनौतियों का समाधान हो सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों से मिट्टी की उर्वरता, नमी और दीर्घकालिक स्थिरता समेत कई पहलू प्रभावित होते हैं।</p>
<p>मोदी ने ‘लिंक्डइन’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैंने किसानों को ‘वन एकड़, वन सीजन’ से शुरुआत करने के लिए प्रोत्साहित किया। छोटे भूखंड से मिले परिणाम भी आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144380/prime-minister-modi-impressed-by-natural-farming-in-tamil-nadu"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/7698_narendra-modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को देश के सभी किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने पर विचार करने का आह्वान किया और कहा कि इससे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर बढ़ती निर्भरता जैसी कृषि से संबंधित कई चुनौतियों का समाधान हो सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों से मिट्टी की उर्वरता, नमी और दीर्घकालिक स्थिरता समेत कई पहलू प्रभावित होते हैं।</p>
<p>मोदी ने ‘लिंक्डइन’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैंने किसानों को ‘वन एकड़, वन सीजन’ से शुरुआत करने के लिए प्रोत्साहित किया। छोटे भूखंड से मिले परिणाम भी आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं और व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।”</p>
<p>मोदी ने लिखा कि उन्होंने 19 नवंबर को कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती सम्मेलन 2025 में भाग लिया, जहां उन्हें किसानों के एक समूह ने आमंत्रित किया था।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि वह यह देखकर अभिभूत हो गए कि “विविध पृष्ठभूमियों के लोग जैसे वैज्ञानिक, एफपीओ नेता, स्नातक की पढ़ाई करने वाले, पारंपरिक किसान और विशेष रूप से उच्च वेतन वाली कॉर्पोरेट नौकरियां छोड़ देने वाले लोग अपनी जड़ों की ओर लौटकर प्राकृतिक खेती को अपनाने का निर्णय ले चुके हैं।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “प्राकृतिक खेती, जैसा कि हम सभी जानते हैं, भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और आधुनिक पारिस्थितिक सिद्धांतों से प्रेरित है, और बिना सिंथेटिक रसायनों के फसल उगाने पर केंद्रित है। यह विविधीकृत खेतों को बढ़ावा देती है, जहां पौधे, पेड़ और पशुधन प्राकृतिक जैव विविधता में मददगार साबित होते हैं। यह पद्धति बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग तरीकों से मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “कोयंबटूर में यह सम्मेलन हमेशा मेरी स्मृतियों में रहेगा! इसने मानसिकता, कल्पना और आत्मविश्वास में बदलाव को दर्शाया है, जिसके साथ भारत के किसान और कृषि-उद्यमी कृषि के भविष्य को आकार दे रहे हैं।”</p>
<p>मोदी ने उल्लेख किया कि कार्यक्रम में तमिलनाडु के किसानों के साथ संवाद हुआ, जिसमें उन्होंने प्राकृतिक खेती में अपने प्रयासों को प्रदर्शित किया और “मैं आश्चर्यचकित रह गया!”</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, “मैंने ऐसे लोगों से मुलाकात की जिनकी जीवन यात्राएं और कुछ नया करने की प्रतिबद्धता उल्लेखनीय थीं।”</p>
<p>व्यक्तिगत उद्यमियों के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक किसान लगभग 10 एकड़ में केला, नारियल, पपीता, काली मिर्च और हल्दी की खेती कर रहा है।</p>
<p>मोदी ने कहा, “वह 60 देसी गायें, 400 बकरियां और मुर्गीपालन भी करता है।”</p>
<p>प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में भारत की सराहनीय प्रगति का जिक्र करते हुए मोदी ने केंद्र के राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन का उल्लेख किया और कहा कि लाखों किसान इससे जुड़ चुके हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, “देशभर में हजारों हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है। सरकार के प्रयास — जैसे निर्यात को बढ़ावा देना, किसान क्रेडिट कार्ड (जिसमें पशुपालन और मत्स्य पालन भी शामिल हैं) के माध्यम से संस्थागत ऋण में उल्लेखनीय वृद्धि, और पीएम-किसान ने भी प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की मदद की है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 16:14:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नये साल में सरकार का पहला फैसला किसानों को समर्पित: प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ‘फसल बीमा योजना’ के लिए आवंटन बढ़ाने सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल के कुछ अन्य फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि नये साल में सरकार का पहला फैसला किसानों को समर्पित है।</p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक के बाद एक पोस्ट में यह भी कहा कि उनके नेतृत्व वाली केंद्र सरकार किसानों के कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</p>
<p>प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2021-22 से लेकर वर्ष 2025-26 तक कुल 69,515.71 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/116719/government-s-first-decision-in-the-new-year-dedicated-to-farmers--prime-minister-modi"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d10062024-02-pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ‘फसल बीमा योजना’ के लिए आवंटन बढ़ाने सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल के कुछ अन्य फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि नये साल में सरकार का पहला फैसला किसानों को समर्पित है।</p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक के बाद एक पोस्ट में यह भी कहा कि उनके नेतृत्व वाली केंद्र सरकार किसानों के कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।</p>
<p>प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2021-22 से लेकर वर्ष 2025-26 तक कुल 69,515.71 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को 2025-26 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी।</p>
<p>इस निर्णय से 2025-26 तक देश भर के किसानों को नहीं रोके जा सकने योग्य प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के जोखिम कवरेज में मदद मिलेगी।</p>
<p>इस फैसले का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘नए वर्ष का पहला निर्णय हमारे देश के करोड़ों किसान भाई-बहनों को समर्पित है। हमने फसल बीमा के लिए आवंटन बढ़ाने को मंजूरी दी है। इससे जहां अन्नदाताओं की फसलों को और ज्यादा सुरक्षा मिलेगी, वहीं नुकसान की चिंता भी कम होगी।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार किसानों के कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमें अपने सभी किसान बहनों और भाइयों पर गर्व है जो हमारे राष्ट्र का पेट भरने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। 2025 का पहला, मंत्रिमंडल का फैसला हमारे किसानों की समृद्धि बढ़ाने के लिए समर्पित है। मुझे खुशी है कि इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा किसानों को सस्ती दर पर डीएपी उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एकमुश्त विशेष पैकेज को 3,850 करोड़ रुपये तक बढ़ाने के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसानों को सस्ती कीमतों पर डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।</p>
<p>मंत्रिमंडल के इस फैसले से किसानों को डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) की 50 किलो वजन की एक बोरी 1,350 रुपये में मिल सकेगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/116719/government-s-first-decision-in-the-new-year-dedicated-to-farmers--prime-minister-modi</link>
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                <pubDate>Wed, 01 Jan 2025 19:06:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों के सुझाव और मांग के लिए न्यायालय के दरवाजे हमेशा खुले हैं : उच्चतम न्यायालय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 18 दिसंबर (भाषा) पंजाब सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और अन्य किसानों के साथ लगातार बैठकें की गईं, लेकिन उन्होंने शीर्ष अदालत द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया था।</p>
<p>न्यायमूर्ति सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ को पंजाब के महाधिवक्ता (एजी) गुरमिंदर सिंह ने सूचित किया कि समिति ने उन्हें 17 दिसंबर को आमंत्रित किया था, लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों ने उनसे बात नहीं की।</p>
<p>सिंह ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिदिन किसानों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/111761/court-doors-are-always-open-for-farmers--suggestions-and-demands--supreme-court"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 18 दिसंबर (भाषा) पंजाब सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और अन्य किसानों के साथ लगातार बैठकें की गईं, लेकिन उन्होंने शीर्ष अदालत द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया था।</p>
<p>न्यायमूर्ति सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ को पंजाब के महाधिवक्ता (एजी) गुरमिंदर सिंह ने सूचित किया कि समिति ने उन्हें 17 दिसंबर को आमंत्रित किया था, लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों ने उनसे बात नहीं की।</p>
<p>सिंह ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिदिन किसानों को मनाने का प्रयास कर रही है और उन्होंने सुझाव दिया कि उन्हें अपनी मांगों को सीधे अदालत में रखने की अनुमति दी जा सकती है।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने कहा, ‘‘हम स्पष्ट करते हैं कि किसानों द्वारा सीधे या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से दिए गए किसी भी सुझाव या मांग के लिए अदालत के दरवाजे हमेशा खुले हैं।’’</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने डल्लेवाल की स्वास्थ्य स्थिति का भी संज्ञान लिया और पंजाब सरकार को बिना देरी किए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने को कहा।</p>
<p>पंजाब के महाधिवक्ता ने कहा कि राज्य के अधिकारियों और केंद्र के एक प्रतिनिधि ने डल्लेवाल से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली लेकिन उन्होंने चिकित्सा जांच कराने से इनकार कर दिया।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने डल्लेवाल के स्वास्थ्य की देखभाल में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने का सुझाव दिया।</p>
<p>पीठ ने कहा कि डल्लेवाल एक गैर-राजनीतिक नेता हैं और वह किसानों के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।</p>
<p>मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को तय की गई है।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए शुक्रवार को कहा था कि प्रदर्शनकारी किसानों को विरोध का गांधीवादी तरीका अपनाना चाहिए।</p>
<p>पंजाब-हरियाणा सीमा पर एक पखवाड़े से अधिक समय से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे डल्लेवाल की तबीयत बिगड़ रही है।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि उसके द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समिति, जिसके बारे में कहा गया है कि वह अच्छा काम कर रही है, प्रदर्शनकारी किसानों से बात करेगी और अदालत को सिफारिशें देगी, जिन्हें अंततः निर्णय के लिए हितधारकों के समक्ष रखा जाएगा।</p>
<p>डल्लेवाल 26 नवंबर से पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर अनशन पर हैं ताकि केंद्र पर फसलों के एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी सहित आंदोलनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया जा सके।</p>
<p>सुरक्षा बलों द्वारा किसानों के दिल्ली कूच को रोके जाने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं।</p>
<p>शंभू सीमा पर आंदोलन कर रहे किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश नवाब सिंह की अध्यक्षता में दो सितंबर को गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी मान्यता देने और प्रत्यक्ष आय सहायता की पेशकश की संभावना पर गौर करने सहित विभिन्न समाधान सुझाए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/111761/court-doors-are-always-open-for-farmers--suggestions-and-demands--supreme-court</link>
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                <pubDate>Wed, 18 Dec 2024 20:56:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई ने बिना गारंटी के कृषि ऋण की सीमा बढ़ाकर दो लाख रुपये की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक जनवरी, 2025 से किसानों के लिए बिना गारंटी के ऋण की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी है।</p>
<p>यह कदम खेती की बढ़ती लागत के बीच छोटे और सीमांत किसानों की सहायता करने के लिए उठाया गया है।</p>
<p>नए निर्देश में देशभर के बैंकों से प्रत्येक उधारकर्ता के लिए दो लाख रुपये तक के कृषि और संबद्ध गतिविधि ऋण के लिए जमानत और मार्जिन आवश्यकताओं को माफ करने को कहा गया है।</p>
<p>कृषि मंत्रालय के अनुसार, यह फैसला बढ़ती लागत और किसानों के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/110207/rbi-increased-the-limit-of-agricultural-loan-without-guarantee-to-rs-2-lakh"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/4787_rbi-logo-bank-india1.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक जनवरी, 2025 से किसानों के लिए बिना गारंटी के ऋण की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी है।</p>
<p>यह कदम खेती की बढ़ती लागत के बीच छोटे और सीमांत किसानों की सहायता करने के लिए उठाया गया है।</p>
<p>नए निर्देश में देशभर के बैंकों से प्रत्येक उधारकर्ता के लिए दो लाख रुपये तक के कृषि और संबद्ध गतिविधि ऋण के लिए जमानत और मार्जिन आवश्यकताओं को माफ करने को कहा गया है।</p>
<p>कृषि मंत्रालय के अनुसार, यह फैसला बढ़ती लागत और किसानों के लिए ऋण पहुंच में सुधार के लिए लिया गया है।</p>
<p>बयान में कहा गया, ''इस उपाय से छोटे और सीमांत भूमिधारक 86 प्रतिशत से अधिक किसानों को काफी लाभ होगा।''</p>
<p>बैंकों को दिशानिर्देशों को तेजी से लागू करने और नए ऋण प्रावधानों के बारे में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p>इस कदम से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण तक आसान पहुंच की सुविधा मिलने की उम्मीद है और यह सरकार की संशोधित ब्याज सहायता योजना का पूरक होगा। इस योजना के तहत सरकार चार प्रतिशत प्रभावी ब्याज दर पर तीन लाख रुपये तक का ऋण देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/110207/rbi-increased-the-limit-of-agricultural-loan-without-guarantee-to-rs-2-lakh</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Dec 2024 13:38:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृत्रिम मेधा, ब्लॉकचेन से कृषि क्षेत्र में 20 प्रतिशत बढ़ेगा उत्पादन: रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) कृत्रिम मेधा, ब्लॉकचेन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों से आने वाले समय में फसल उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई है।</p>
<p>कृषि कंपनी सिनर्जी टेक्नोफिन और ब्रांड कम्युनिकेशन कंपनी स्नेलइंटीग्रल प्राइवेट लि. ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय कृषि को आईओटी, कृत्रिम मेधा (एआई) और ब्लॉकचेन से बढ़ावा मिलेगा, किसान सशक्त होंगे और फसल उत्पादन में 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी।</p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी में पिछले हफ्ते आयोजित कृषि एवं ग्रामीण संचार शिखर सम्मेलन के दौरान यह रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट कहती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/108248/artificial-intelligence--blockchain-will-increase-production-in-agriculture-sector-by-20-percent--report"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-05/5323_artificial-intelligence-brain-think-mental-power.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) कृत्रिम मेधा, ब्लॉकचेन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों से आने वाले समय में फसल उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई है।</p>
<p>कृषि कंपनी सिनर्जी टेक्नोफिन और ब्रांड कम्युनिकेशन कंपनी स्नेलइंटीग्रल प्राइवेट लि. ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय कृषि को आईओटी, कृत्रिम मेधा (एआई) और ब्लॉकचेन से बढ़ावा मिलेगा, किसान सशक्त होंगे और फसल उत्पादन में 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी।</p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी में पिछले हफ्ते आयोजित कृषि एवं ग्रामीण संचार शिखर सम्मेलन के दौरान यह रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट कहती है कि देश में कृषि को बढ़ावा देने के लिए नई प्रौद्योगिकियों के बारे में किसानों को जागरूक करने की जरूरत है। यह रिपोर्ट ग्रामीण संचार और भारत में कृषि पर केंद्रित है।</p>
<p>सम्मेलन की आयोजक स्नेलइंटीग्रल के संस्थापक अमित खरे ने कहा कि ये नवाचार किसानों के कामकाजी तरीके बदलने, आंकड़ा-संचालित कृषि को अधिक सुलभ बनाने और पैदावार बढ़ाने, फसल की गुणवत्ता में सुधार करने तथा अपनी आजीविका को बढ़ाने के लिए सशक्त बनाने के लिए तैयार हैं।</p>
<p>इस मौके पर कृषि आयुक्त डॉ. पी.के. सिंह ने कृषि में टिकाऊ वृद्धि के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय कृषि प्रणाली पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों पर आधारित है। टिकाऊ गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) प्रणाली को लागू कर रही है और रसायनों और उर्वरक के उपयोग को कम करने के लिए नई बीज किस्मों का विकास कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘इन प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रभावी संचार महत्वपूर्ण है। किसानों को टिकाऊ गतिविधियों के बारे में डिजिटल मंच, कार्यशालाओं और प्रदर्शनों के माध्यम से शिक्षित किया जा सकता है।’’</p>
<p>इस सम्मेलन का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के लिए नवीन कृषि एवं ग्रामीण संचार रणनीतियों, अनुकूल नीतियों और विभिन्न पक्षों के बीच सहयोग पर चर्चा करना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 21:14:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईटीसी ने औषधीय, सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सीहोर (मध्य प्रदेश), आठ दिसंबर (भाषा) आईटीसी का कृषि व्यवसाय विभाग खाद्य, व्यक्तिगत देखभाल और अन्य श्रेणियों में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती को प्रोत्साहित कर रहा है।</p>
<p>आईटीसी का कृषि विभाग किसानों के साथ काम कर रहा है और उन्हें मध्य प्रदेश में अश्वगंधा, तुलसी और कलौंजी तथा दक्षिणी राज्यों में हल्दी जैसी उच्च मांग वाली फसलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।</p>
<p>आईटीसी के कृषि व्यवसाय विभाग के सीईओ एस गणेश कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि 'आईटीसी नेक्स्ट' रणनीति के तहत कंपनी ने वृद्धि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/107703/itc-expands-cultivation-of-medicinal--aromatic-plants"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/k08122024-03.jpg" alt=""></a><br /><p>सीहोर (मध्य प्रदेश), आठ दिसंबर (भाषा) आईटीसी का कृषि व्यवसाय विभाग खाद्य, व्यक्तिगत देखभाल और अन्य श्रेणियों में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती को प्रोत्साहित कर रहा है।</p>
<p>आईटीसी का कृषि विभाग किसानों के साथ काम कर रहा है और उन्हें मध्य प्रदेश में अश्वगंधा, तुलसी और कलौंजी तथा दक्षिणी राज्यों में हल्दी जैसी उच्च मांग वाली फसलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।</p>
<p>आईटीसी के कृषि व्यवसाय विभाग के सीईओ एस गणेश कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि 'आईटीसी नेक्स्ट' रणनीति के तहत कंपनी ने वृद्धि और प्रतिस्पर्धात्मकता में तेजी के लिए अपने मूल्य-वर्धित कृषि उत्पादों (वीएएपी) को तेजी से बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस रणनीति के तहत कंपनी अश्वगंधा जैसे औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दे रही है।</p>
<p>आईटीसी के कृषि व्यवसाय प्रभाग ने मध्य प्रदेश में अपने औषधीय और सुगंधित पौधों के अर्क (एमएपीई) पहल कार्यक्रम के जरिये किसानों की आय में 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि की है।</p>
<p>किसानों के बीच इस पहल को बढ़ावा देने के लिए आईटीसी ने मध्य प्रदेश के सीहोर में 100 एकड़ का अत्याधुनिक जैविक प्रमाणित प्रायोगिक और प्रशिक्षण फार्म स्थापित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Dec 2024 13:31:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों ने बजट पूर्व बैठक में सस्ता ऋण, कम कर, पीएम-किसान राशि दोगुनी करने की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, सात दिसंबर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बजट से पहले होने वाली बैठकों के क्रम में किसान प्रतिनिधियों और कृषि हितधारकों के साथ बैठक की।</p>
<p>इस दौरान किसानों ने सरकार से सस्ता दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने, कम कर लागू करने और पीएम-किसान आय सहायता को दोगुना करने का आग्रह किया।</p>
<p>बैठक में दो घंटे तक विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान वित्तीय राहत, बाजार सुधार और रणनीतिक निवेश जैसी कृषि क्षेत्र की कई चुनौतियों का समाधान करने पर विचार किया गया।</p>
<p>भारत कृषक समाज के चेयरमैन अजय वीर जाखड़ ने कृषि उत्पादकता और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/107506/farmers-demanded-cheaper-loans--reduced-taxes--doubling-of-pm-kisan-amount-in-pre-budget-meeting"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/plough-ox-farmer-field-agriculture-land.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, सात दिसंबर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बजट से पहले होने वाली बैठकों के क्रम में किसान प्रतिनिधियों और कृषि हितधारकों के साथ बैठक की।</p>
<p>इस दौरान किसानों ने सरकार से सस्ता दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने, कम कर लागू करने और पीएम-किसान आय सहायता को दोगुना करने का आग्रह किया।</p>
<p>बैठक में दो घंटे तक विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान वित्तीय राहत, बाजार सुधार और रणनीतिक निवेश जैसी कृषि क्षेत्र की कई चुनौतियों का समाधान करने पर विचार किया गया।</p>
<p>भारत कृषक समाज के चेयरमैन अजय वीर जाखड़ ने कृषि उत्पादकता और किसान कल्याण को बढ़ावा देने के लिए लक्षित हस्तक्षेप की जरूरत पर जोर दिया।</p>
<p>किसानों की मुख्य मांगों में कृषि ऋणों पर ब्याज दर को एक प्रतिशत तक कम करना और वार्षिक पीएम-किसान किस्त को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये करना शामिल था।</p>
<p>हितधारकों ने इसके अलावा कराधान सुधार प्रस्तावों के तहत कृषि मशीनरी, उर्वरक, बीज और दवाओं पर जीएसटी छूट की मांग की।</p>
<p>पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कीटनाशक पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का अनुरोध किया।</p>
<p>जाखड़ ने राष्ट्रीय कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए चना, सोयाबीन और सरसों जैसी विशिष्ट फसलों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आठ वर्षों के लिए सालाना 1,000 करोड़ रुपये की लक्षित निवेश रणनीति का प्रस्ताव रखा।</p>
<p>भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तंत्र की व्यापक समीक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि एमएसपी की गणना में भूमि किराया, कृषि मजदूरी और कटाई के बाद के खर्चों को शामिल करना चाहिए।</p>
<p>वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त तथा कृषि मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Dec 2024 19:44:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों के मार्च से पहले बैरिकेड लगाने की वजह से दिल्ली-नोएडा सीमा पर यातायात जाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, दो दिसंबर (भाषा) किसानों के राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर मार्च के मद्देनजर पुलिस ने कई बैरिकेड लगा दिए हैं, जिससे सोमवार को दिल्ली-नोएडा सीमा पार करने वाले यात्रियों को भारी यातायात जाम का सामना करना पड़ा।</p>
<p>पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमा पर जांच की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पूर्व) सागर सिंह कलसी ने कहा, ‘‘हमने पूर्वी दिल्ली की सीमाओं पर पर्याप्त व्यवस्था की है और दंगा-रोधी उपकरणों सहित सभी एहतियाती कदम उठाए हैं। हम सतर्कता के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और इलाके में वाहनों की सुचारू आवाजाही के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/105771/traffic-jam-on-delhi-noida-border-due-to-installation-of-barricades"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/k02122024-05.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, दो दिसंबर (भाषा) किसानों के राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर मार्च के मद्देनजर पुलिस ने कई बैरिकेड लगा दिए हैं, जिससे सोमवार को दिल्ली-नोएडा सीमा पार करने वाले यात्रियों को भारी यातायात जाम का सामना करना पड़ा।</p>
<p>पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमा पर जांच की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पूर्व) सागर सिंह कलसी ने कहा, ‘‘हमने पूर्वी दिल्ली की सीमाओं पर पर्याप्त व्यवस्था की है और दंगा-रोधी उपकरणों सहित सभी एहतियाती कदम उठाए हैं। हम सतर्कता के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और इलाके में वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए यातायात पुलिस के साथ समन्वय भी कर रहे हैं।’’</p>
<p>ग्रेटर नोएडा की निवासी अपराजिता सिंह ने कहा कि चिल्ला बॉर्डर पर लगाए गए बैरिकेड से यात्रियों को असुविधा हो रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उस हिस्से से गुजरने में लगभग एक घंटा लग गया। पुलिस ने दिल्ली-नोएडा सीमा के दोनों ओर बैरिकेड लगा दिए है, जिससे यातायात जाम लग गया है, खासकर नोएडा से दिल्ली की ओर जाने वाले मार्ग पर।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/105771/traffic-jam-on-delhi-noida-border-due-to-installation-of-barricades</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 16:22:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने की किसानों से मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को किसान नेताओं से मुलाकात की। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। इनके साथ कुछ अन्य मांगों को लेकर वे लोकसभा में नेता विपक्ष से आज संसद में मिले।<br /><br />कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसान नेताओं से कहा कि मोदी सरकार ने अपने बजट में किसानों की मांगों को नजरअंदाज किया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी खामोश नहीं बैठेगी। किसानों की आवाज को पार्टी सड़क से संसद तक बुलंद करेगी। हम अन्नदाताओं को न्याय दिलाकर रहेंगे। इस दौरान पंजाब के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/103334/new-delhi-congress-leader-rahul-gandhi-met-farmers"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-07/b24072024-09.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 24 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को किसान नेताओं से मुलाकात की। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। इनके साथ कुछ अन्य मांगों को लेकर वे लोकसभा में नेता विपक्ष से आज संसद में मिले।<br /><br />कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसान नेताओं से कहा कि मोदी सरकार ने अपने बजट में किसानों की मांगों को नजरअंदाज किया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी खामोश नहीं बैठेगी। किसानों की आवाज को पार्टी सड़क से संसद तक बुलंद करेगी। हम अन्नदाताओं को न्याय दिलाकर रहेंगे। इस दौरान पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री एवं आप नेता चरण सिंह चन्नी भी मौजूद रहे।<br /><br />राहुल गांधी ने किसान नेताओं के साथ संसद के मकर द्वार पर मीडिया को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर कानूनी गारंटी का पार्टी ने अपने घोषणापत्र में जिक्र किया था। यह कानूनी गारंटी दी जा सकती है। इस संबंध में वे आईएनडीआई गठबंधन के अन्य नेताओं से बातचीत करेंगे और आगे की रणनीति तैयार करेंगे।<br /><br />किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि कांग्रेस नेता ने हमारी बात सुनी। एमएसपी पर कानूनी गारंटी पर उन्होंने हमें आश्वासन दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/103334/new-delhi-congress-leader-rahul-gandhi-met-farmers</link>
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                <pubDate>Wed, 24 Jul 2024 15:26:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title>गुजरात : किसानों से प्याज खरीदेगी सरकार, 9 मार्च से शुरू होगी खरीदी, किसानों को मिलेगा ऑनलाइन पेमेंट</title>
                                    <description><![CDATA[नेशनल एग्रीकल्चरल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) गुजरात में प्याज की गिरती कीमतों के मुद्दे को हल करने के लिए खरीफ प्याज की खरीद शुरू करेगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/90288/gujarat-government-will-buy-onions-from-farmers-will-start-from"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/onion-vegitable.jpg" alt=""></a><br /><p>गुजरात में प्याज और आलू के दाम नहीं मिलने से किसान संकट में हैं। किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा इस हस्तक्षेप की योजना बनाई गई है। कृषि मंत्री राधवजी पटेल ने कहा कि राज्य सरकार ने किसान हित में एक और फैसला किया है और प्याज उगने वाले किसानों को 70 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। कृषि मंत्री ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के समन्वय से विचार-विमर्श किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केंद्र सरकार द्वारा भी प्याज की खरीद की जाए।</p>
<p><strong>प्याज की गिरती कीमतों के मद्देनजर लिया फैसला</strong></p>
<p>आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेते हुए नौ मार्च से नेफ्रेड के माध्यम से खरीद करने का निर्णय लिया है। कृषि मंत्री राधवजी पटेल ने कहा कि भारत सरकार के निर्देश पर नेशनल एग्रीकल्चरल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) गुजरात में प्याज की गिरती कीमतों के मुद्दे को हल करने के लिए खरीफ प्याज की खरीद शुरू करेगा। भारत सरकार के इस कदम से राज्य में प्याज का बाजार स्थिर हो जाएगा। साथ ही प्याज उत्पादक किसानों को वाजिब कीमत मिलेगी। गुजरात के किसानों, खासकर सौराष्ट्र के किसानों को इसका विशेष लाभ मिलेगा।</p>
<p><strong>इस दिन से शुरू होगी बिक्री</strong></p>
<p>गौरतलब है कि उपभोक्ता मामलों और सार्वजनिक वितरण विभाग (डीओसीए) ने कृषि मंत्री की प्रस्तुति के बाद राज्य में खरीफ सीजन के अंत में प्याज की कीमतों में गिरावट के कारण स्थिति का संज्ञान लेते हुए देश के तीन प्रमुख बाजारों से प्याज की खरीद शुरू करने का फैसला किया है। नेफेड के माध्यम से गुजरात नेफेड द्वार 9 मार्च से भावनगर (महुवा), गोंडल और पोरबंदर में प्याज की खरीद शुरू करेगा। भारत सरकार द्वारा खरीद किये जाने से किसानों को प्रदेश में प्याज की गिरती कीमतों से तत्काल राहत मिलेगी और बेहतर कीमतों का लाभ मिलेगा। किसानों को भुगतान ऑनलाइन किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Mar 2023 01:07:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात किसानों के लिए राहत की खबर, एमएसपी पर तुवर की खरीद के संबंध में राज्य सरकार ने लिया महत्वपूर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[खरीद की समयसीमा १५ मई, २०२२ से बढ़ाकर ३० मई, २०२२ की गई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68869/the-news-of-relief-for-gujarat-farmers-the-state-government-took-important-steps-regarding-the-purchase-of-tuvar-on-msp"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2792_loktej5.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">गुजरात के कुछ इलाकों में तुवर की फसल की बुवाई और कटाई में देरी होने के कारण कई पंजीकृत किसान अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं बेच सकते थे। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए गुजरात सरकार ने एमएसपी पर तुवर खरीदने की समयावधि को 15 दिन बढ़ाने की दरखास्त केंद्र सरकार को भेजी थी। इसी के भाग स्वरूप केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में एमएसपी पर तुवर खरीदने की समयावधि को अब बढ़ाकर 30 मई 2022 कर दिया है। खेती नियामक की विज्ञप्ति में आशा व्यक्त की गई है कि इस निर्णय से महत्तम किसानों को लाभ होगा।</span><br /></div><div>इसके उपरांत वर्ष 2021-22 में भारत सरकार द्वारा तुवर के लिए ₹6300 प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। इसके अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत तुवर की एमएसपी पर खरीदी के लिए कुल 18535 किसानों ने पंजीकरण कराया है। प्रदेश में तुवर की एमएसपी पर खरीदी राज्य नोडल एजेंसी गुज्कोमासोल द्वारा 15 फरवरी 2022 से शुरू की गई थी। इसमें अब तक प्रदेश के 8617 किसानों से 104 करोड रुपए कीमत की 16480 मेट्रिक टन तुवर खरीदी जा चुकी है। केंद्र सरकार द्वारा एमएससी पर तुवर की खरीद की समयावधि 15 मई 2022 से बढ़ाकर 30 मई 2022 करने से शेष किसान की इसका लाभ ले पाएंगे।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 May 2022 18:54:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्र सरकार ने की कॉटन काउंसिल ऑफ इंडिया की रचना, जानिए कैसे होगा किसानों को इससे फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों की मदद करने और कपास की फसलों को उचित मूल्य दिलाने के लिए हुआ गठन
केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने इस सीजन में कपास और धागे की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि पर चर्चा करने के लिए कपास मूल्य श्रृंखला के अधिकारियों के साथ बैठक की]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>केंद्र सरकार ने कपास की खेती करने वाले किसानों को होने वाली कठिनाइयों को कम करने और उन्हें उनकी फसलों का अच्छा मूल्य मिले यह सुनिश्चित करने के लिए भारतीय कपास परिषद के गठन की घोषणा की है। केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने इसका ऐलान किया है। भारतीय कपास परिषद कपड़ा उद्योग के सामने आने वाली कठिनाइयों का भी समाधान करेगी। भारतीय कपास परिषद के गठन से न केवल कपड़ा उद्योग बल्कि किसानों को भी लाभ होगा। किसानों को उनकी फसल का अच्छा दाम मिलेगा। साथ ही वे अपनी फसल को कहीं भी बेच सकेंगे।</div><div>केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने इस सीजन में कपास और धागे की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि पर चर्चा करने के लिए कपास मूल्य श्रृंखला के अधिकारियों के साथ बैठक की। मंत्री ने कपास किसानों की उत्पादकता में सुधार के लिए बीजों की बेहतर गुणवत्ता की उपलब्धता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पिछड़े और अग्रगामी एकीकरण में लगे हुए नियुक्तियों को हर संभव सहायता देने के अलावा कपास किसानों की मदद करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कपास उद्योग के हितधारकों के साथ मुलाकात की और उनसे "केवल अधिशेष कपास और यार्न को निर्यात के लिए पुनर्निर्देशित करने" का आग्रह किया। यह कहते हुए कि सरकार कपास किसानों, बुनकरों और बुनकरों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, मंत्री गोयल ने आश्वासन दिया कि बुनाई उद्योग को आयात शुल्क से छूट देने की मांग पर सक्रिय रूप से विचार किया जाएगा। गोयल ने कहा कि कपड़ा क्षेत्र को पहले घरेलू उद्योग को कपास देना चाहिए। उन्होंने समुदाय से कपास मूल्य श्रृंखला में हितधारकों के साथ एक बैठक में कपास किसानों, स्पिनरों और श्रमिकों की सहायता करने का आग्रह किया। सुरेश भाई कोटक की अध्यक्षता में मंत्री ने कॉटन काउंसिल ऑफ इंडिया का भी गठन किया।</div><div>एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, "परिषद में कपड़ा, कृषि, वाणिज्य, वित्त, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारतीय कपास निगम और कपास अनुसंधान संस्थान के सदस्य होंगे।"  बैठक में "तत्काल आधार" पर "कपास की कीमतों में नरमी" के विचारों और सुझावों पर चर्चा की गई।</div><div>गोयल ने कहा कि सरकार "उन आयात अनुबंधों पर आयात शुल्क से छूट के लिए कताई क्षेत्र के अनुरोध का सक्रिय रूप से मूल्यांकन करेगी, जिसमें मौजूदा कपास संकट और लॉजिस्टिक चुनौतियों से निपटने के लिए 30 सितंबर, 2022 तक लदान के बिल जारी किए जाते हैं।  </div><div>सरकार ने सुरेश भाई कोटक की अध्यक्षता में भारतीय कपास परिषद का गठन किया है, जिसमें कपड़ा, कृषि, वाणिज्य, वित्त, वाणिज्य और उद्योग, भारतीय कपास निगम और कपास अनुसंधान संस्थान के प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रस्तावित परिषद की पहली बैठक 28 मई को होगी, जिसमें कपास खंड में ठोस सुधार लाने के लिए चर्चा, विचार-विमर्श और एक मजबूत कार्य योजना तैयार की जाएगी।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 May 2022 10:14:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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