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                <title>America - Loktej</title>
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                <title>वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास सीक्रेट सर्विस की बड़ी कार्रवाई: सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश कर रहे हथियारबंद संदिग्ध को एजेंट ने मारी गोली</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 05 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने सोमवार को व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर 15वें स्ट्रीट और इंडिपेंडेंस एवेन्यू के पास एक हथियारबंद संदिग्ध को गोली मार दी।</p>
<p>सीक्रेट सर्विस के डिप्टी डायरेक्टर मैट क्विन ने बताया कि निगरानी दल के अधिकारियों ने संदिग्ध के पास हथियार होने का ‘विजुअल प्रिंट’ देखा था। जब सुरक्षाकर्मियों ने उससे पूछताछ करने की कोशिश की, तो संदिग्ध पैदल भागने लगा और उसने अधिकारियों पर फायरिंग कर दी।</p>
<p>जवाबी कार्रवाई में एजेंटों ने संदिग्ध को गोली मारकर काबू किया। इस घटना के दौरान एक नाबालिग राहगीर भी घायल हो गया,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146950/major-action-by-the-secret-service-near-the-white-house"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-05/b05052026-01.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन, 05 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने सोमवार को व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर 15वें स्ट्रीट और इंडिपेंडेंस एवेन्यू के पास एक हथियारबंद संदिग्ध को गोली मार दी।</p>
<p>सीक्रेट सर्विस के डिप्टी डायरेक्टर मैट क्विन ने बताया कि निगरानी दल के अधिकारियों ने संदिग्ध के पास हथियार होने का ‘विजुअल प्रिंट’ देखा था। जब सुरक्षाकर्मियों ने उससे पूछताछ करने की कोशिश की, तो संदिग्ध पैदल भागने लगा और उसने अधिकारियों पर फायरिंग कर दी।</p>
<p>जवाबी कार्रवाई में एजेंटों ने संदिग्ध को गोली मारकर काबू किया। इस घटना के दौरान एक नाबालिग राहगीर भी घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। राहत की बात यह है कि बच्चे की चोट जानलेवा नहीं है।</p>
<p>यह घटना उस समय हुई जब वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैन्स का काफिला कुछ ही देर पहले उस इलाके से गुजरा था। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि काफिले और इस गोलीबारी के बीच फिलहाल कोई सीधा संबंध नहीं मिला है।</p>
<p>हमले का उद्देश्य क्या था और क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसके निशाने पर थे, इस बारे में सीक्रेट सर्विस ने फिलहाल कोई भी कयास लगाने से इनकार कर दिया है। एजेंसी ने कहा कि वे 24 घंटे हर साइट पर कड़ी निगरानी रखते हैं और जांच के बाद ही संदिग्ध की असली मंशा स्पष्ट हो पाएगी।</p>
<p>फिलहाल संदिग्ध को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसके जीवित बचने की उम्मीद है।</p>
<p>गोलीबारी के बाद मेट्रोपॉलिटन पुलिस डिपार्टमेंट और सीक्रेट सर्विस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की चेतावनी दी है। इमरजेंसी क्रू और जांच एजेंसियां साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर तैनात हैं।</p>
<p>फॉक्स न्यूज के अनुसार, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और जनता के लिए किसी बड़े खतरे का संकेत नहीं है। पुलिस सड़कों पर लगे सुरक्षा कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध वहां अकेले था या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146950/major-action-by-the-secret-service-near-the-white-house</link>
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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 15:24:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका सोमवार से होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने में करेगा मदद :ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 04 मई (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके सैन्य बल सोमवार से होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने में मदद करेंगे।</p>
<p>बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “ ईरान, मध्य पूर्व और अमेरिका के हित में, हमने इन देशों को बताया है कि हम उनके जहाजों को इन प्रतिबंधित जलमार्गों से सुरक्षित रूप से बाहर निकालेंगे, ताकि वे स्वतंत्र रूप से और कुशलता से अपना काम कर सकें।”</p>
<p>ट्रंप ने हालांकि पोस्ट किसी देश के नाम का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146934/america-will-help-in-safely-evacuating-the-ships-stuck-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 04 मई (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके सैन्य बल सोमवार से होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने में मदद करेंगे।</p>
<p>बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “ ईरान, मध्य पूर्व और अमेरिका के हित में, हमने इन देशों को बताया है कि हम उनके जहाजों को इन प्रतिबंधित जलमार्गों से सुरक्षित रूप से बाहर निकालेंगे, ताकि वे स्वतंत्र रूप से और कुशलता से अपना काम कर सकें।”</p>
<p>ट्रंप ने हालांकि पोस्ट किसी देश के नाम का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह के हस्तक्षेप काे ‘कड़ाई से निपटा जाएगा’, उन्होंने इसे ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम दिया है। ईरान ने फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से यातायात को काफी हद तक सीमित कर दिया है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी भी लागू कर रखी है।</p>
<p>अपने पोस्ट में  ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधि ईरान के साथ ‘बहुत सकारात्मक’ बातचीत कर रहे हैं और ये वार्ता “ सभी के लिए कुछ बहुत सकारात्मक परिणाम ला सकती है। ”  </p>
<p>ट्रंप ने कहा कि यह अभियान अमेरिका, ईरान और अन्य मध्य पूर्वी देशों की ओर से किया गया एक ‘मानवीय प्रयास’ होगा, हालांकि उन्होंने उन देशों के नाम नहीं बताये। उन्होंने तेहरान के साथ सहयोग के प्रबंधन के बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी।</p>
<p> ट्रंप ने कहा, “ सभी मामलों में, उन्होंने कहा है कि जब तक क्षेत्र नौवहन के लिए सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक वे वापस नहीं लौटेंगे… जहाजों की आवाजाही का उद्देश्य केवल उन लोगों, कंपनियों और देशों को मुक्त करना है जिन्होंने बिल्कुल भी कोई गलती नहीं की है।</p>
<p>अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ में 15,000 कर्मी, निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोत और 100 से अधिक विमान शामिल होंगे। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी में अनुमानित 20,000 नाविक फंसे हुए हैं। घटती आपूर्ति और नाविकों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।</p>
<p>विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का परिवहन आमतौर पर इसी जलडमरूमध्य से होकर होता है और इस संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा की कीमतें आसमान छू रही हैं।</p>
<p>रविवार देर रात, यूनाइटेड किंगडम मेरीटाइम ट्रांसपोर्टेशन ऑपरेशन (यूकेएमटीओ) ने बताया कि जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर ‘अज्ञात प्रक्षेपास्त्र’ से हमला हुआ है, और चालक दल सुरक्षित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 14:56:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान का बर्ताव सही नहीं रहा तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला: ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 03 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें ईरान के साथ संभावित समझौते की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी गई है, लेकिन अंतिम ‘शब्दावली’ का इंतजार है, उसके बाद ही वे कोई निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि तेहरान ने “मिस बिहेव” (गलत व्यवहार) किया, तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प अब भी खुला है।</p>
<p>मियामी जाने से पहले फ्लोरिडा में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, “उन्होंने मुझे डील के कॉन्सेप्ट के बारे में बताया है। अब वे मुझे इसकी सटीक शब्दावली देंगे।”</p>
<p>उनकी यह टिप्पणी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146913/trump-is-open-to-the-option-of-military-action-if"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 03 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें ईरान के साथ संभावित समझौते की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी गई है, लेकिन अंतिम ‘शब्दावली’ का इंतजार है, उसके बाद ही वे कोई निर्णय लेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि तेहरान ने “मिस बिहेव” (गलत व्यवहार) किया, तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प अब भी खुला है।</p>
<p>मियामी जाने से पहले फ्लोरिडा में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, “उन्होंने मुझे डील के कॉन्सेप्ट के बारे में बताया है। अब वे मुझे इसकी सटीक शब्दावली देंगे।”</p>
<p>उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और कूटनीतिक प्रयास नाजुक स्थिति में हैं। अमेरिका एक ओर बातचीत के लिए तैयार दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर दबाव बनाए रखने की रणनीति भी अपना रहा है। ट्रंप ने दोहराया कि ईरान के खिलाफ दोबारा हमले शुरू करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p>एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के अनुसार, तेहरान ने एक प्रस्ताव रखा है, जिसे स्वीकार करने पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के जरिए शिपिंग फिर से शुरू हो सकती है और ईरान के अनुसार अमेरिकी “नाकेबंदी” खत्म हो सकती है।</p>
<p>हालांकि, इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर विस्तृत बातचीत को बाद के लिए टाल दिया गया है—जिसे ट्रंप ने फिलहाल अस्वीकार कर दिया है।</p>
<p>इस बीच, ट्रंप ने प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, “मैं जल्द ही उस योजना की समीक्षा करूंगा जो ईरान ने हमें भेजी है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगी, क्योंकि उन्होंने पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसके लिए उन्होंने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है।”</p>
<p>कूटनीतिक मोर्चे पर ईरान ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। उप विदेश मंत्री (कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों) काजेम गरीबाकबादी ने तेहरान में विदेशी दूतों को संबोधित करते हुए अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव कम करने के लिए एक नई पहल की जानकारी दी।</p>
<p>ईरानी अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से भेजा गया, जो तेहरान और वाशिंगटन के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।</p>
<p>ब्रीफिंग के दौरान गरीबाकबादी ने जोर देकर कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर कूटनीति के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी सैन्य बढ़त का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p>उन्होंने इस प्रस्ताव को “थोपी गई दुश्मनी” का “स्थाई अंत” करने की कोशिश बताया और कहा कि अब यह अमेरिका पर निर्भर है कि वह टकराव जारी रखता है या सार्थक बातचीत का रास्ता चुनता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 18:28:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान युद्ध विवाद पर ट्रंप का नाटो को बड़ा झटका! जर्मनी से बुलाएंगे 5000 सैनिक वापस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ईरान, 02 मई (वेब वार्ता)। ताजा जानकारी के अनुसार अमेरिका ने यूरोप में नाटो को एक बहुत बड़ा झटका दिया है। अमेरिका ने शुक्रवार को अधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि वह अपने सहयोगी देश जर्मनी से 5000 सैनिक वापस बुला रहा है।</p>
<p>यह चौकाने वाला कदम उस समय उठाया गया है जब राष्ट्रपति ट्रम्प और जर्मन चांसलर की टिप्पड़ी से यूरोप से विरोध गहरा गया। पेंटागन ने यह कदम ट्रंप और जर्मन चांसलर के बीच हुई बहस के बाद उठाया है।</p>
<p>इस पूरे विवाह की प्रमुख वजह राष्ट्रपति ट्रंप की इरान युद्ध को लेकर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146896/trumps-big-blow-to-nato-on-iran-war-dispute-germany"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>ईरान, 02 मई (वेब वार्ता)। ताजा जानकारी के अनुसार अमेरिका ने यूरोप में नाटो को एक बहुत बड़ा झटका दिया है। अमेरिका ने शुक्रवार को अधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि वह अपने सहयोगी देश जर्मनी से 5000 सैनिक वापस बुला रहा है।</p>
<p>यह चौकाने वाला कदम उस समय उठाया गया है जब राष्ट्रपति ट्रम्प और जर्मन चांसलर की टिप्पड़ी से यूरोप से विरोध गहरा गया। पेंटागन ने यह कदम ट्रंप और जर्मन चांसलर के बीच हुई बहस के बाद उठाया है।</p>
<p>इस पूरे विवाह की प्रमुख वजह राष्ट्रपति ट्रंप की इरान युद्ध को लेकर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से हुई एक तीखी बहस है। इस बहस के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए सैनिकों की संख्या में कटौती करने की धमकी दी थी।</p>
<p>अमेरिका का यह फैसला यूरोप और नाटो देशों के लिए बहुत ही सख्त कूटनीतिक और कड़ा संदेश है। पेंटागन के इस कदम से यूरोप में सुरक्षा को लेकरचिंताएं बढ़ गई हैं।</p>
<p>ट्रंप और फ्रेडरिक मर्ज की बहस का कारण जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को ईरान युद्ध पर विवादित टिप्पड़ी की थी। उन्होंने कहा था कि दो महीनों से चल रहे युद्ध को ख़त्म करने की बातचीत में ईरान अमेरिका को अपमानित कर रहा है।</p>
<p>इसके जवाब में ट्रंप ने तीखे लहजे में कहा कि मर्ज को रूस और युक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें अपने देश को ठीक करने पर ध्यान देना चाहिए। ईरान युद्ध पर उन्हें अपना टाइम वेस्ट नहीं करना चाहिए।</p>
<p>पेंटागन का आधिकारिक बयान<br />पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जर्मनी की हालिया बयानबाजी बहुत ही अनुचित थी। उन्होंने यह भी कहा कि नाटो देशों से सेना हटाकर राष्ट्रपति इन टिप्पड़ियों का बिलकुल सही जवाब दे रहे हैं।</p>
<p>सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया 6 से 12 महीनों में पूरी हो जाएगी। पेंटागन की इस कटौती से यूरोप में अमेरिकी सैनिकों का स्तर 2022 से पहले के स्तर पर आ जाएगा। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद उस समय के राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूरोप में सैनिकों की संख्या बढाई थी। लेकिन अब अमेरिका उन फैसलों को पलट रहा है।</p>
<p>बता दें कि यूरोप में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है और जर्मनी नाटो का एक अहम सदस्य है। यहां अभी लगभग 35000 सैनिक तैनात हैं। यहां एक अहम ट्रेनिंग हब भी है।</p>
<p>पिछले कुछ महीनों से जर्मनी और नाटो ट्रम्प के निशाने पर जोरो से हैं। ट्रंप ने ईरान युद्ध में हार्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए अपनी नौसेना न भेजने पर यूरोपीय सहयोगियों और नाटो की कड़ी आलोचना की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 14:52:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप ने ईरान की घेराबंदी जारी रखने का आदेश दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 29 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच बात ठप होने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रशासन को ईरान की घेराबंदी जारी रखने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>स्थानीय मीडिया के अनुसार, व्हाइट हाउस में सोमवार को शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ हुई बैठक में ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल निर्यात पर दबाव बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है। इसके तहत ईरानी बंदरगाहों से होने वाली जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह रोकने की रणनीति अपनाई गई है।</p>
<p>वॉल स्ट्रीट जर्नल अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, श्री ट्रंप वर्तमान में अपनी इस मांग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146850/trump-ordered-to-continue-the-siege-of-iran"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 29 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच बात ठप होने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रशासन को ईरान की घेराबंदी जारी रखने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>स्थानीय मीडिया के अनुसार, व्हाइट हाउस में सोमवार को शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ हुई बैठक में ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल निर्यात पर दबाव बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है। इसके तहत ईरानी बंदरगाहों से होने वाली जहाजों की आवाजाही को पूरी तरह रोकने की रणनीति अपनाई गई है।</p>
<p>वॉल स्ट्रीट जर्नल अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, श्री ट्रंप वर्तमान में अपनी इस मांग को छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं कि ईरान कम से कम 20 वर्षों के लिए अपने परमाणु संवर्धन को स्थगित करने की शपथ ले और उसके बाद भी कड़े प्रतिबंधों को स्वीकार करे।</p>
<p>ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और परमाणु वार्ता को बाद की वार्ताओं के लिए छोड़ने का ईरान का तीन चरणों वाला प्रस्ताव यह साबित करता है कि ईरान नेक नीयत से बातचीत नहीं कर रहा है।</p>
<p>व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध में अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की सफल घेराबंदी के कारण, अमेरिका के पास अब अधिकतम लाभ की स्थिति है।</p>
<p>रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि घेराबंदी जारी रहने से संघर्ष लंबा खिंच रहा है, जिससे गैस की कीमतों में वृद्धि हुई है। इसका असर ट्रंप की लोकप्रियता और मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की संभावनाओं पर भी पड़ रहा है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बड़े हमलों के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से समुद्री परिवहन अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 14:34:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान का पत्ता कट…ट्रंप ने ईरान को दिया बड़ा ऑफर, बोले-शांति वार्ता के लिए सीधे कर सकते हैं कॉल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फोन पर बातचीत का ऑफर देते हुए इस्लामाबाद मिशन रद्द कर दिया है। साथ ही, नाटो से अलग होने के संकेत देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं।</p>
<p>ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज चैनल’ को दिए साक्षात्कार में बताया कि उन्होंने उड़ान में 17 घंटे लगाकर प्रतिनिधिमंडल भेजने के बजाय यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हमारे पास सभी विकल्प मौजूद हैं। अगर ईरान बातचीत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146819/pakistans-card-cuttrump-gave-a-big-offer-to-iran-said"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>अमेरिका, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फोन पर बातचीत का ऑफर देते हुए इस्लामाबाद मिशन रद्द कर दिया है। साथ ही, नाटो से अलग होने के संकेत देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं।</p>
<p>ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज चैनल’ को दिए साक्षात्कार में बताया कि उन्होंने उड़ान में 17 घंटे लगाकर प्रतिनिधिमंडल भेजने के बजाय यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हमारे पास सभी विकल्प मौजूद हैं। अगर ईरान बातचीत करना चाहता है, तो वे सीधे अमेरिका आ सकते हैं या फोन पर संवाद कर सकते हैं।</p>
<p>इस वार्ता का दूसरा दौर तभी विवादास्पद हो गया जब ईरान के शीर्ष राजनयिक अब्बास अराघची पाकिस्तान से रवाना हो गए। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी दूतों को इस्लामाबाद नहीं जाने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि वार्ता में प्रगति न होने के कारण मिशन रद्द कर दिया गया और ईरान जब चाहे, हमसे संपर्क कर सकता है।</p>
<p>नाटो से अलग होने पर विचार कर रहा अमेरिका: ट्रंप<br />इसी साक्षात्कार में डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह इस सैन्य गठबंधन से ‘बहुत निराश’ हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका नाटो से अलग होने पर विचार कर सकता है क्योंकि सदस्य देशों ने ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद अमेरिकी मदद की अपील को नजरअंदाज किया।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि अमेरिका कई वर्षों से नाटो देशों की मदद कर रहा है, खरबों डॉलर खर्च कर चुका है, लेकिन जब हमें उनकी जरूरत थी तो वे मौजूद नहीं थे।</p>
<p>24 घंटे में दूसरी बार पासिस्तान पहुंचे अराघची<br />इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद का दौरा फिर से किया। उन्होंने शनिवार देर रात वहां से मॉस्को जाने के लिए रवाना होने के बाद लौटकर वार्ता की संभावनाओं को जीवित रखा।</p>
<p>अराघची इससे पहले ओमान भी गए थे, जिसने पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की थी।</p>
<p>इस्लामाबाद वार्ता पर लटकी तलवार<br />पाकिस्तानी अधिकारियों ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के क्षेत्र में लौटने की तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को कहा था कि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर दूसरे दौर की वार्ता के लिए इस्लामाबाद भेजे जाएंगे, लेकिन अराघची के रवाना होने के बाद ट्रंप ने मिशन रद्द कर दिया। उन्होंने दोहराया कि ईरान जब चाहे अमेरिका से संपर्क कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 16:33:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति पद ‘खतरनाक पेशा’ पर हिंसा से नहीं डरेंगे, व्हाइट हाउस के पास फायरिंग के बाद बोले ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 26 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद को ‘खतरनाक पेशा’ बताते हुए कहा कि वे हिंसा से डरकर पीछे नहीं हटेंगे।</p>
<p>यह बयान उस घटना के कुछ घंटों बाद आया, जब व्हाइट हाउस संवाददाता संघ के रात्रिभोज स्थल के पास एक बंदूकधारी को पकड़ा गया।</p>
<p>अमेरिकी समयानुसार, शनिवार रात व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग में ट्रंप ने कहा, “जब ऐसा कुछ होता है तो यह हमेशा चौंकाने वाला होता है। मैं पूरी तरह से हैरान था कि कुछ हुआ।”</p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी के आखिर से काफी तनावपूर्ण माहौल है। जब उनसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146807/the-presidency-is-a-dangerous-profession-and-will-not-be"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 26 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद को ‘खतरनाक पेशा’ बताते हुए कहा कि वे हिंसा से डरकर पीछे नहीं हटेंगे।</p>
<p>यह बयान उस घटना के कुछ घंटों बाद आया, जब व्हाइट हाउस संवाददाता संघ के रात्रिभोज स्थल के पास एक बंदूकधारी को पकड़ा गया।</p>
<p>अमेरिकी समयानुसार, शनिवार रात व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग में ट्रंप ने कहा, “जब ऐसा कुछ होता है तो यह हमेशा चौंकाने वाला होता है। मैं पूरी तरह से हैरान था कि कुछ हुआ।”</p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी के आखिर से काफी तनावपूर्ण माहौल है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस घटना के पीछे ईरान का हाथ है, तो ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं लगता ऐसा, लेकिन इसके बारे में आप कुछ कह नहीं सकते।”</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह घटना बहुत तेजी से घटी, जिससे प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय मिला। उन्होंने कहा, “मैं देख रहा था कि क्या हो रहा है। जब सुरक्षा कर्मी सक्रिय हो गए तो फर्स्ट लेडी को तुरंत समझ में आ गया कि क्या हुआ।</p>
<p>उन्होंने बताया कि शुरू में उन्होंने गोली चलने की आवाज को कम गंभीर समझा। मुझे लगा कि कोई ट्रे गिर गई। आवाज काफी तेज थी, लेकिन वह गोली की आवाज थी।</p>
<p>राष्ट्रपति ने कि खतरे को उनके या मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से पहले ही काबू में कर लिया गया था। ट्रंप ने कहा, “वह व्यक्ति क्षेत्र में बिल्कुल भी प्रवेश नहीं कर पाया, और उसे काफी दूरी पर ही रोक दिया गया।</p>
<p>घटना के बावजूद ट्रंप ने कहा कि वे कार्यक्रम स्थल छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। मैंने रुकने के लिए पूरी कोशिश की। वह ऐसे लोगों को समझाना चाहते थे कि वे इन बीमार लोगों को हमारी जिंदगी जीने और काम के तरीके को बदलने नहीं देंगे। स्थल खाली कराने का निर्णय व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत लिया गया।</p>
<p>ट्रंप ने कहा, “मैं यहां काम करने के लिए हूं। यह काम का हिस्सा है। जब उनसे पूछा गया कि ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों होती हैं, तो ट्रंप ने व्यापक दृष्टिकोण पेश किया। “मैंने हत्याओं का अध्ययन किया है। जो लोग सबसे अधिक प्रभाव डालते हैं। जिनका प्रभाव सबसे बड़ा होता है, वही निशाने पर आते हैं।”</p>
<p>राजनीतिक सफलता को बढ़ती संवेदनशीलता से जोड़ते हुए ट्रंप ने कहा कि मुझे पता है कि बहुत से लोग आपसे खुश नहीं होते। उन्होंने कहा, जोखिमों के बावजूद वे अपने एजेंडे के प्रति प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वह अगले 30 दिनों के भीतर फिर से संवाददाता रात्रिभोज आयोजित करेंगे और हिंसा की वजह से सार्वजनिक कार्यक्रम बाधित नहीं होंगे।</p>
<p>ट्रंप ने अमेरिकियों से मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमें अपने मतभेदों को सुलझाना होगा। उन्होंने रिपब्लिकन, डेमोक्रेट्स और निर्दलीयों से मिलकर काम करने का आह्वान किया।</p>
<p>राष्ट्रपति ने अंत में सुरक्षा बलों पर अपना विश्वास दोहराया और अपने कर्तव्यों को जारी रखने के संकल्प को व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 18:44:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य घेराबंदी को बताया दुनिया के लिए उपहार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 25 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को पेंटागन में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है।</p>
<p>हेगसेथ ने ईरान युद्ध को “दुनिया के लिए उपहार” करार देते हुए कहा कि वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह मिशन आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरानी जहाजों पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक वाशिंगटन का “साहसिक और खतरनाक” मिशन पूरी तरह सफल नहीं हो जाता।</p>
<p>अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस घेराबंदी के कारण अब तक 34 संदिग्ध जहाजों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146785/us-defense-minister-pete-hegseth-called-the-ongoing-military-siege"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/iran-usa-war.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 25 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को पेंटागन में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है।</p>
<p>हेगसेथ ने ईरान युद्ध को “दुनिया के लिए उपहार” करार देते हुए कहा कि वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह मिशन आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरानी जहाजों पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक वाशिंगटन का “साहसिक और खतरनाक” मिशन पूरी तरह सफल नहीं हो जाता।</p>
<p>अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस घेराबंदी के कारण अब तक 34 संदिग्ध जहाजों को वापस खदेड़ा जा चुका है।</p>
<p>रक्षा मंत्री के दावों के विपरीत, ‘लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस’ और ‘विंडवर्ड’ जैसी समुद्री खुफिया एजेंसियों के डेटा से पता चलता है कि ईरान अब भी नाकाबंदी को चकमा देने में सफल रहा है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी टैंकर अपने ट्रैकिंग डेटा में हेराफेरी कर और पाकिस्तानी जलक्षेत्र का उपयोग कर प्रतिबंधित तेल का निर्यात कर रहे हैं। 13 अप्रैल के बाद से ओमान की खाड़ी से कम से कम 11 ईरानी टैंकरों के निकलने की पुष्टि हुई है।</p>
<p>जनरल डैन केन ने भी हाल ही में ईरानी पोत ‘तौस्का’ को रोके जाने की घटना का विवरण पेश करते हुए समुद्र में जारी तनाव की गंभीरता को रेखांकित किया।</p>
<p>आक्रामक रुख के बावजूद पीट हेगसेथ ने कूटनीति के द्वार खुले रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अभी भी समझदारी दिखाने और बातचीत की मेज पर आने का मौका है।</p>
<p>अमेरिका की मुख्य शर्त यह है कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम और हथियारों को पूरी तरह त्यागना होगा, जिसकी जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार की जा सके।</p>
<p>वाशिंगटन ने साफ कर दिया है कि यदि ईरान परमाणु हथियारों की जिद नहीं छोड़ता, तो उस पर लगाए गए सैन्य और आर्थिक प्रतिबंध और अधिक कड़े किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146785/us-defense-minister-pete-hegseth-called-the-ongoing-military-siege</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 14:51:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य गतिरोध के बीच परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावनाओं को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया है।</p>
<p>व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि परमाणु हथियारों का उपयोग कभी किसी को नहीं करना चाहिए और वह ईरान के खिलाफ ऐसे घातक हथियारों का सहारा नहीं लेंगे।</p>
<p>हालांकि, उन्होंने यह जरूर साफ किया कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका का वर्तमान में ‘होर्मुज स्ट्रेट’</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146768/us-president-donald-trumps-big-statement-amid-ongoing-tension-with"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य गतिरोध के बीच परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावनाओं को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया है।</p>
<p>व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि परमाणु हथियारों का उपयोग कभी किसी को नहीं करना चाहिए और वह ईरान के खिलाफ ऐसे घातक हथियारों का सहारा नहीं लेंगे।</p>
<p>हालांकि, उन्होंने यह जरूर साफ किया कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका का वर्तमान में ‘होर्मुज स्ट्रेट’ पर पूरा नियंत्रण है और ईरान पर दबाव बनाने के लिए इसे रणनीतिक रूप से बंद रखा गया है, ताकि वह तेल व्यापार से आय न कर सके।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास तेल की प्रचुर मात्रा है और उसे अब होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वे रूस और सऊदी अरब के संयुक्त उत्पादन से भी अधिक तेल बना रहे हैं।</p>
<p>राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि यदि ईरान एक ठोस समझौते (डील) के लिए तैयार नहीं होता है, तो बाकी बचे 25 प्रतिशत सैन्य लक्ष्यों को भी नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय का दबाव अमेरिका पर नहीं बल्कि ईरान पर है, क्योंकि तेल का निर्यात रुकने से उनका बुनियादी ढांचा चरमरा रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वे किसी जल्दबाजी में नहीं हैं और एक ऐसा स्थाई समझौता चाहते हैं जिससे भविष्य में ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित न कर सके।</p>
<p>राजनयिक तनाव के बीच ट्रंप ने एक मानवीय सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका के नैतिक अनुरोध पर ईरान 8 युवतियों की फांसी रोकने और उन्हें रिहा करने पर सहमत हो गया है।</p>
<p>मध्य पूर्व में शांति के सवाल पर उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह जैसे संगठनों को दी जाने वाली फंडिंग बंद करना ईरान के लिए अनिवार्य शर्त होगी। ट्रंप ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने पहले ही ईरान के अधिकांश महत्वपूर्ण ठिकानों को निष्क्रिय कर दिया है और अब वे आराम से बैठकर समझौते का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p>इस बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका कड़े प्रतिबंधों और सैन्य दबाव के जरिए ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की रणनीति अपना रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 15:35:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान युद्ध की आग के बीच किम जोंग का ‘महा-विनाशक’ दांव, लगातार दूसरे दिन दागी क्लस्टर मिसाइल, US की नींद हराम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 20 अप्रैल (वेब वार्ता)। ईरान-अमेरिका तनाव के बीच किम जोंग उन ने क्लस्टर बम वारहेड वाली हवासोंग-11 मिसाइलों का परीक्षण कर दुनिया को चौंका दिया। इन घातक मिसाइलों की निगरानी के दौरान उनकी बेटी भी मौजूद रही।</p>
<p>उत्तर कोरिया (North Korea) ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और सीजफायर टूटने की खबरों के बीच लगातार मिसाइल परीक्षणों की नई श्रृंखला शुरू कर दी है। रविवार और सोमवार को उत्तर कोरिया ने खतरनाक बैलिस्टिक और क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइलों का परीक्षण किया।</p>
<p>इस महीने यह दूसरा मौका है जब किम जोंग उन के प्रशासन ने क्लस्टर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146694/kim-jongs-grand-destroyer-bet-amid-the-fire-of-iran"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/1886_kim-jong.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 20 अप्रैल (वेब वार्ता)। ईरान-अमेरिका तनाव के बीच किम जोंग उन ने क्लस्टर बम वारहेड वाली हवासोंग-11 मिसाइलों का परीक्षण कर दुनिया को चौंका दिया। इन घातक मिसाइलों की निगरानी के दौरान उनकी बेटी भी मौजूद रही।</p>
<p>उत्तर कोरिया (North Korea) ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और सीजफायर टूटने की खबरों के बीच लगातार मिसाइल परीक्षणों की नई श्रृंखला शुरू कर दी है। रविवार और सोमवार को उत्तर कोरिया ने खतरनाक बैलिस्टिक और क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइलों का परीक्षण किया।</p>
<p>इस महीने यह दूसरा मौका है जब किम जोंग उन के प्रशासन ने क्लस्टर बम वारहेड वाली हवासोंग-11 सतह से सतह बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया।</p>
<p>कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, रविवार को उत्तर कोरिया (North Korea) के पूर्वी तट से कई बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की गईं, जिन्हें दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका ने डिटेक्ट किया।</p>
<p>अगले दिन किम जोंग उन ने क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइल का परीक्षण किया। मिसाइल लॉन्च के दौरान किम और उनकी बेटी किम जू ऐ भी मौजूद थी और मिसाइल को ध्यानपूर्वक देख रही थी। किम जू ऐ को उत्तर कोरिया (North Korea) का संभावित उत्तराधिकारी माना जा सकता है।<br />पांच अपग्रेडेड हवासोंग-11 मिसाइल लॉन्च</p>
<p>KCNA के बयान में कहा गया कि किम ने पांच अपग्रेडेड हवासोंग-11 मिसाइलों के लॉन्च की निगरानी की। इन मिसाइलों में क्लस्टर बम और फ्रैगमेंटेशन माइन वारहेड शामिल थे, और ये एक द्वीप लक्ष्य को हिट करने में सफल रहीं।</p>
<p>किम ने इसे “उच्च घनत्व वाली हमला क्षमता बढ़ाने के सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण” बताया। इससे पहले, इस महीने हुए परीक्षण में भी हवासोंग-11 क्लस्टर बम वारहेड मिसाइल का प्रयोग किया गया था, जो 6.5-7 हेक्टेयर क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध ने उत्तर कोरिया (North Korea) को प्रेरित किया है कि वह अपने क्लस्टर हथियारों को प्रदर्शित करे और उनकी क्षमता बढ़ाने के प्रयास तेज करे।</p>
<p>क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइलें ऊंचाई पर फटती हैं और बड़े क्षेत्र में दर्जनों छोटे बमलेट छोड़ देती हैं, जिन्हें रोकना मुश्किल होता है। 120 से अधिक देशों ने क्लस्टर मुनिशन्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन उत्तर कोरिया, ईरान, इजरायल और अमेरिका इसमें शामिल नहीं हैं।</p>
<p>अमेरिका के साथ विफल रही थी परमाणु कूटनीति<br />2019 में डोनाल्ड ट्रंप के साथ किम की परमाणु कूटनीति विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु शस्त्रागार और अत्याधुनिक हथियारों को बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम किया है। इनमें मल्टी- वारहेड न्यूक्लियर मिसाइलें, हाइपरसोनिक हथियार और पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 15:03:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ट्रंप ने ईरान को दी धमकी, बोले- ‘नहीं माने तो हर पावर प्लांट और ब्रिज कर देंगे तबाह’</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, 19 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर धमकाया है। सीजफायर उल्लंघन का आरोप ईरान पर लगाते हुए कहा है कि अगर डील नहीं की तो देश का हरेक पावर प्लांट और ब्रिज तबाह कर दिया जाएगा।</p>
<p>ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर धमकी दी। उन्होंने ईरान पर संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान में शनिवार को गोली बरसा उन्होंने सीजफायर एग्रीमेंट को पूरी तरह से नकारा है।</p>
<p>दावा किया कि उनमें से कई गोलियां एक फ्रेंच शिप और यूनाइटेड किंगडम के एक मालवाहक जहाज पर निशाना साधकर चलाई गईं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146682/trump-threatened-iran-saying-if-we-dont-agree-we"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, 19 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर धमकाया है। सीजफायर उल्लंघन का आरोप ईरान पर लगाते हुए कहा है कि अगर डील नहीं की तो देश का हरेक पावर प्लांट और ब्रिज तबाह कर दिया जाएगा।</p>
<p>ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर धमकी दी। उन्होंने ईरान पर संघर्ष विराम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान में शनिवार को गोली बरसा उन्होंने सीजफायर एग्रीमेंट को पूरी तरह से नकारा है।</p>
<p>दावा किया कि उनमें से कई गोलियां एक फ्रेंच शिप और यूनाइटेड किंगडम के एक मालवाहक जहाज पर निशाना साधकर चलाई गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसके साथ ही इस्लामाबाद में बातचीत की पुष्टि की। कहा कि उनके प्रतिनिधि सोमवार शाम को पाकिस्तान जाएंगे।</p>
<p>इसके साथ ही ट्रंप ने होर्मुज बंद करने के आईआरजीसी के दावे की भी खिल्ली उड़ाई। उनके अनुसार, ईरान की ये बात अजीब है क्योंकि अमेरिकी नाकेबंदी के चलते पहले ही स्ट्रेट बंद है और ऐसा करके वो अमेरिका की ही मदद कर रहे हैं। उन्हें (ईरान) ही इस मद में रोज 500 मिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने डील और डील पर सहमति न बनने की सूरत में ईरान को बर्बाद कर देने वाली बात कही। उन्होंने कहा, “हम एक बहुत ही सही और वाजिब डील दे रहे हैं, और मुझे उम्मीद है कि वे इसे मानेंगे क्योंकि,अगर वे नहीं मानते हैं, तो यूनाइटेड स्टेट्स ईरान में हर एक पावर प्लांट और हर एक ब्रिज को उड़ा देगा।</p>
<p>अगर वे डील नहीं लेते हैं, तो यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी, क्योंकि मैं वह करूंगा जो पिछले 47 साल से अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति ईरान के साथ नहीं कर पाए।” </p>
<p>28 फरवरी को इजरायल-यूएस की संयुक्त एयर स्ट्राइक शुरू हुई थी। 8 अप्रैल को दो हफ्ते की अस्थाई संघर्ष विराम की घोषणा की गई। इसके बाद स्थाई समाधान ढूंढने के लिए इस्लामाबाद में वार्ता का आयोजन किया गया जो बेनतीजा रही।</p>
<p>इसके बाद से दूसरे दौर के संवाद की चर्चा थी। आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई थी लेकिन डॉन मीडिया आउटलेट ने पुलिस के हवाले रविवार को बताया कि विदेशी डेलीगेशन के राजधानी आगमन को देखते हुए इस्लामाबाद का रेड जोन ट्रैफिक बंद कर दिया गया है।</p>
<p>अब ट्रंप की पोस्ट ने इस्लामाबाद टॉक्स 2 की तस्दीक कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/146682/trump-threatened-iran-saying-if-we-dont-agree-we</link>
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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:42:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान: अमेरिका-ईरान शांति समझौते के लिए पाकिस्तान जा सकते हैं राष्ट्रपति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वॉशिंगटन, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाले बयान में कहा है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता किसी ठोस समझौते पर पहुंचती है, तो वह पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं।</p>
<p>व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद में डील साइन होने की स्थिति में वह वहां जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने में पाकिस्तान की “रचनात्मक भूमिका” की जमकर सराहना की।</p>
<p>ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तानी मध्यस्थ इस जटिल संघर्ष को सुलझाने में बेहद प्रभावशाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146640/donald-trumps-big-announcement-president-can-go-to-pakistan-for"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाले बयान में कहा है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता किसी ठोस समझौते पर पहुंचती है, तो वह पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं।</p>
<p>व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद में डील साइन होने की स्थिति में वह वहां जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने में पाकिस्तान की “रचनात्मक भूमिका” की जमकर सराहना की।</p>
<p>ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तानी मध्यस्थ इस जटिल संघर्ष को सुलझाने में बेहद प्रभावशाली साबित हुए हैं, जिससे दक्षिण एशिया की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ होने वाले संभावित समझौते के आर्थिक फायदों पर भी रोशनी डाली। उन्होंने दावा किया कि इस सफल कूटनीति के परिणामस्वरूप अमेरिका को “मुफ्त तेल” और “होर्मुज स्ट्रेट” तक निर्बाध पहुंच मिल सकती है, जिससे वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक गिर जाएंगी।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में गैस की कीमतों में आई कमी इस बात का संकेत है कि कूटनीतिक प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि परमाणु हथियारों के खतरे को कम करने के साथ-साथ वह अपने देश को विरासत में मिली “ऐतिहासिक महंगाई” को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p>इस बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा को इस शांति प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है। मुनीर ने ईरानी संसद के स्पीकर और विदेश मंत्री के साथ मुलाकात की है, जिसे अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की ‘बैक-चैनल’ बातचीत की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>कतरी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वार्ता मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित है। यदि पाकिस्तान की मेजबानी में यह समझौता धरातल पर उतरता है, तो यह न केवल पश्चिम एशिया में तनाव कम करेगा, बल्कि वैश्विक कूटनीति में ट्रंप और पाकिस्तान दोनों के लिए एक बड़ी जीत साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 15:35:36 +0530</pubDate>
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