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                <title>China - Loktej</title>
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                <description>China RSS Feed</description>
                
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                <title>अमेरिका-ईरान युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका पर बड़ा खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इस्लामाबाद, 14 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक युद्धविराम समझौते में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।</p>
<p>ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान इस कूटनीतिक प्रक्रिया में कोई मुख्य मध्यस्थ (Mediator) नहीं था, बल्कि वह केवल एक ‘संदेशवाहक’ की भूमिका निभा रहा था। असल में, यह समझौता चीन और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे हुई गुप्त बातचीत का परिणाम था।</p>
<p>पाकिस्तान ने केवल एक माध्यम के रूप में कार्य किया, जिससे बीजिंग बिना सामने आए तेहरान और वॉशिंगटन तक अपनी रणनीतिक बातें पहुंचा सका। इस खुलासे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146574/big-revelation-on-pakistans-role-in-us-iran-ceasefire"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/us-china-trade-war.jpg" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद, 14 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक युद्धविराम समझौते में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।</p>
<p>ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान इस कूटनीतिक प्रक्रिया में कोई मुख्य मध्यस्थ (Mediator) नहीं था, बल्कि वह केवल एक ‘संदेशवाहक’ की भूमिका निभा रहा था। असल में, यह समझौता चीन और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे हुई गुप्त बातचीत का परिणाम था।</p>
<p>पाकिस्तान ने केवल एक माध्यम के रूप में कार्य किया, जिससे बीजिंग बिना सामने आए तेहरान और वॉशिंगटन तक अपनी रणनीतिक बातें पहुंचा सका। इस खुलासे ने उन अंतरराष्ट्रीय दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें इस शांति प्रक्रिया का पूरा श्रेय पाकिस्तानी नेतृत्व को दिया जा रहा था।</p>
<p>कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्धविराम की रूपरेखा पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की बीजिंग यात्रा के दौरान ही तैयार कर ली गई थी।</p>
<p>चीन आमतौर पर ऐसे हाई-प्रोफाइल मामलों में सीधे तौर पर शामिल होने से बचता है ताकि विफलता की स्थिति में उसकी वैश्विक छवि को नुकसान न पहुंचे। इसी कारण पाकिस्तान का उपयोग एक ‘पब्लिक पार्टनर’ के रूप में किया गया।</p>
<p>इस शांति प्रस्ताव में विशेष रूप से ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो चीन के व्यापारिक हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ईरान ने भी इस समझौते को केवल इसलिए स्वीकार किया क्योंकि इसके पीछे चीन एक अघोषित गारंटर के रूप में खड़ा था।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए यह स्वीकार करना राजनीतिक रूप से कठिन था कि वैश्विक शांति के लिए वे चीन के प्रभाव पर निर्भर हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इस कूटनीतिक शून्य को भरकर अमेरिका को एक सार्वजनिक चेहरा प्रदान किया।</p>
<p>हालांकि, इस समझौते के कई जटिल और राजनीतिक मुद्दे अब भी अस्पष्ट रखे गए हैं, जो भविष्य में तनाव का कारण बन सकते हैं। फिलहाल के लिए, यह स्पष्ट हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के इस बड़े खेल में पाकिस्तान की हैसियत केवल एक पोस्टमैन की थी, जबकि असली नियंत्रण बीजिंग के हाथों में रहा।</p>
<p>इस घटनाक्रम ने दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व में चीन के बढ़ते कूटनीतिक दबदबे को एक बार फिर प्रमाणित कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 15:03:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन ने शुरू किया ‘2026 फिल्म अर्थव्यवस्था संवर्धन वर्ष’, सिनेमा क्षेत्र में आएगी नई क्रांति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चीन, 14 फरवरी (वेब वार्ता)। चीन ने 2026 को फिल्म अर्थव्यवस्था संवर्धन वर्ष घोषित किया है। इसमें 1.2 अरब युआन की सब्सिडी और अत्याधुनिक एलईडी तकनीक के जरिए फिल्म बाजार को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।</p>
<p>चीन की राजधानी पेइचिंग में हाल ही में ‘2026 फिल्म अर्थव्यवस्था संवर्धन वर्ष’ का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन चीनी राष्ट्रीय फिल्म ब्यूरो और चाइना मीडिया ग्रुप द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य फिल्म उद्योग के जरिए देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति प्रदान करना है।</p>
<p>ऐतिहासिक शुभारंभ समारोह<br />पेइचिंग में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145570/china-starts-2026-film-economy-promotion-year-new-revolution-will"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/3864_bollywood-cinema-multiplex-theater1.jpg" alt=""></a><br /><p>चीन, 14 फरवरी (वेब वार्ता)। चीन ने 2026 को फिल्म अर्थव्यवस्था संवर्धन वर्ष घोषित किया है। इसमें 1.2 अरब युआन की सब्सिडी और अत्याधुनिक एलईडी तकनीक के जरिए फिल्म बाजार को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।</p>
<p>चीन की राजधानी पेइचिंग में हाल ही में ‘2026 फिल्म अर्थव्यवस्था संवर्धन वर्ष’ का भव्य शुभारंभ किया गया है। इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन चीनी राष्ट्रीय फिल्म ब्यूरो और चाइना मीडिया ग्रुप द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य फिल्म उद्योग के जरिए देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति प्रदान करना है।</p>
<p>ऐतिहासिक शुभारंभ समारोह<br />पेइचिंग में आयोजित इस समारोह में चाइना मीडिया ग्रुप के महानिदेशक शन हाईश्योंग ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके साथ उप वाणिज्य मंत्री यान तोंग ने भी हिस्सा लिया और फिल्म अर्थव्यवस्था के भविष्य पर चर्चा की। समारोह के दौरान फिल्म औद्योगिक श्रृंखला को सामाजिक विकास के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ने पर जोर दिया गया।</p>
<p>आर्थिक आंकड़ों में उछाल<br />अपूर्ण आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 में चीन के फिल्म उद्योग का कुल उत्पादन मूल्य काफी शानदार रहा है। यह उत्पादन मूल्य 8 खरब 10 अरब युआन से भी अधिक दर्ज किया गया है जो एक बड़ी उपलब्धि है। फिल्में अब आर्थिक और सामाजिक विकास के अलग-अलग क्षेत्रों से बहुत गहराई के साथ जुड़ गई हैं।</p>
<p>भारी भरकम सब्सिडी योजना<br />सरकार, बैंकों और मनोरंजन प्लेटफॉर्मों ने मिलकर इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी वित्तीय सहायता की घोषणा की है। पूरे साल के दौरान फिल्म बाजार में नई उम्मीद जगाने के लिए कम से कम 1.2 अरब युआन की सब्सिडी दी जाएगी। इस भारी सब्सिडी का मुख्य उद्देश्य फिल्म बाजार को पुनर्जीवित करना और नए निवेश को आकर्षित करना है।</p>
<p>तकनीक में वैश्विक बढ़त<br />चीन वर्तमान में अपनी अत्याधुनिक एलईडी सिनेमा स्क्रीनिंग तकनीक के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो गया है। तकनीकी प्रगति के मामले में चीन की एलईडी तकनीक अब विश्व स्तर पर सबसे आगे निकल चुकी है। आंकड़ों के अनुसार एलईडी सिनेमाघरों की संख्या के मामले में भी चीन दुनिया में पहले स्थान पर है।</p>
<p>भविष्य की बड़ी योजनाएं<br />फिल्म अर्थव्यवस्था संवर्धन वर्ष के तहत देश भर में तरह-तरह की प्रचार गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों का मुख्य लक्ष्य फिल्म से जुड़ी खपत को बढ़ाना और सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ाना है। यह पहल न केवल फिल्म उद्योग को बल्कि चीन के समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास को भी मजबूती देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 15:56:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन की सेना का ताइवान के पास सैन्य अभ्यास दूसरे दिन भी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हांगकांग, 30 दिसंबर (एपी) चीन की सेना ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन ताइवान द्वीप के आसपास संयुक्त अभ्यास किया।</p>
<p>बीजिंग ने इसे अलगाववादी और ‘‘बाहरी हस्तक्षेप’’ वाली ताकतों के खिलाफ "कड़ी चेतावनी" बताया वहीं ताइवान ने कहा कि उसने अपनी सेना को अलर्ट पर रखा है।</p>
<p>ताइवान ने चीन की सरकार को ‘‘शांति का सबसे बड़ा दुश्मन’’ करार दिया।</p>
<p>दो दिनों तक जारी रहने वाले इन सैन्य अभ्यासों को ‘‘जस्टिस मिशन 2025’’ नाम दिया गया है। चीन के ये अभ्यास ताइवान को संभावित रूप से अब तक की सबसे बड़ी अमेरिकी हथियार बिक्री पर आक्रोश व्यक्त करने और जापान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144912/chinese-armys-military-exercises-near-taiwan-continue-for-the-second"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-02/6471_war.png" alt=""></a><br /><p>हांगकांग, 30 दिसंबर (एपी) चीन की सेना ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन ताइवान द्वीप के आसपास संयुक्त अभ्यास किया।</p>
<p>बीजिंग ने इसे अलगाववादी और ‘‘बाहरी हस्तक्षेप’’ वाली ताकतों के खिलाफ "कड़ी चेतावनी" बताया वहीं ताइवान ने कहा कि उसने अपनी सेना को अलर्ट पर रखा है।</p>
<p>ताइवान ने चीन की सरकार को ‘‘शांति का सबसे बड़ा दुश्मन’’ करार दिया।</p>
<p>दो दिनों तक जारी रहने वाले इन सैन्य अभ्यासों को ‘‘जस्टिस मिशन 2025’’ नाम दिया गया है। चीन के ये अभ्यास ताइवान को संभावित रूप से अब तक की सबसे बड़ी अमेरिकी हथियार बिक्री पर आक्रोश व्यक्त करने और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के उस बयान के बाद किए जा रहे हैं कि यदि चीन ताइवान के खिलाफ कार्रवाई करता है तो उनकी सेना हस्तक्षेप कर सकती है। चीन का कहना है कि ताइवान को उसके शासन के अधीन आना होगा।</p>
<p>चीन की सेना ने सोमवार को अपने बयान में अमेरिका और जापान का नाम नहीं लिया, लेकिन विदेश मंत्रालय ने ताइवान की सत्तारूढ़ पार्टी पर अमेरिका से समर्थन मांगकर स्वतंत्रता हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।</p>
<p>मंगलवार सुबह, आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने एक सरकारी प्रवक्ता के हवाले से कहा कि इस दिशा में किए गए किसी भी प्रयास का ‘‘निष्फल होना तय है"।</p>
<p>चीन के रक्षा मंत्रालय में अधिकारी झांग शियाओगांग ने कहा, "हम संबंधित देशों से आग्रह करते हैं कि वे चीन को नियंत्रित करने के लिए ताइवान का उपयोग करने का भ्रम त्याग दें और अपने मूल हितों की रक्षा करने के चीन के संकल्प को चुनौती देने से बचें।"</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.loktej.com/article/144912/chinese-armys-military-exercises-near-taiwan-continue-for-the-second</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 14:31:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन 2030 तक चंद्रमा पर मानव भेजने की तैयारी में : यह क्यों है अहम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कैम्ब्रिज, 12 नवंबर ( द कन्वरसेशन) मानव ने चंद्रमा पर अंतिम बार कदम रखे थे 50 साल से अधिक समय पहले, लेकिन चीन अब धीरे-धीरे अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने की तैयारी कर रहा है। 30 अक्टूबर, 2025 को चीन के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के एक प्रवक्ता ने कहा कि देश 2030 तक चंद्र मिशन शुरू करने की योजना के अनुसार “प्रगति पर” है।</p>
<p>दुनिया की निगाहें क्यों हैं चीन पर</p>
<p>अमेरिकी अंतरिक्ष अधिकारियों और विशेषज्ञों में चीन के मानव चंद्र मिशन को लेकर चिंता है। कुछ का मानना है कि यदि चीन नासा के आर्टेमिस तीन मिशन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144013/why-is-this-important-in-chinas-preparation-to-send-humans"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-03/moon-surface-imaginary-pic1.jpg" alt=""></a><br /><p>कैम्ब्रिज, 12 नवंबर ( द कन्वरसेशन) मानव ने चंद्रमा पर अंतिम बार कदम रखे थे 50 साल से अधिक समय पहले, लेकिन चीन अब धीरे-धीरे अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने की तैयारी कर रहा है। 30 अक्टूबर, 2025 को चीन के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के एक प्रवक्ता ने कहा कि देश 2030 तक चंद्र मिशन शुरू करने की योजना के अनुसार “प्रगति पर” है।</p>
<p>दुनिया की निगाहें क्यों हैं चीन पर</p>
<p>अमेरिकी अंतरिक्ष अधिकारियों और विशेषज्ञों में चीन के मानव चंद्र मिशन को लेकर चिंता है। कुछ का मानना है कि यदि चीन नासा के आर्टेमिस तीन मिशन (जो 2027 में निर्धारित है, लेकिन इसमें देरी हो सकती है) से पहले चंद्रमा पर पहुंचता है, तो यह अमेरिका की अंतरिक्ष शक्ति को चुनौती दे सकता है।</p>
<p>चीन का चंद्रमा तक का सफर तेज रहा है। 2003 में पहले अंतरिक्ष यात्री यांग लीवेई के बाद से चीन ने बहु-सदस्य मिशन और तियानगोंग अंतरिक्ष स्टेशन बनाया। 2030 तक, जब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) सेवानिवृत्त हो जाएगा, तब चीन अकेला देश होगा जिसके पास पृथ्वी की कक्षा में स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन होगा।</p>
<p>चीन की वर्तमान क्षमताएँ और उपलब्धियां</p>
<p>अंतरिक्ष यान शोनझोऊ 21 ने 31 अक्टूबर, 2025 को तीन अंतरिक्ष यात्रियों को तियानगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजा।</p>
<p>चीन ने 20 से अधिक ‘लॉंग मार्च’ रॉकेट विकसित किए हैं, जिनमें 16 सक्रिय हैं और इनकी सफलता दर 97 फीसदी है। नया लॉंग मार्च 10 रॉकेट चंद्र मिशन के लिए तैयार किया जा रहा है।</p>
<p>अंतरिक्ष यान की बात करें तो नई पीढ़ी का मेंगझोऊ क्रू कैप्सूल छह अंतरिक्ष यात्रियों को ले जा सकेगा और इसे पृथ्वी की कक्षा या गहरे अंतरिक्ष मिशन के लिए अनुकूलित किया जा सकता है। इसकी मानव रहित पहली उड़ान 2026 में होने की योजना है।</p>
<p>चंद्र लैंडर लैनयुई का भी डिजाइन तैयार है। इसके दो हिस्से हैं। पहला है लैंडिंग स्टेज जो इसके यात्रियों के लिए है और दूसरा प्रोपल्शन स्टेज लैंडिंग के लिए ईंधन के वास्ते है। करीब 26 टन वजन वाले इस लैंडर की क्षमता दो अंतरिक्ष यात्रियों की है।</p>
<p>चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम के अनुसार, रोबोटिक प्रोटोटाइप का 2027–2028 में परीक्षण किया जाना है और 2028–2029 में मानव रहित मिशन तथा 2030 में पूर्ण मानव चंद्र मिशन रवाना होगा।</p>
<p>चीन ने चंद्रमा की सतह पर आंदोलन के लिए डिजाइन किए गए ‘स्पेस सूट’ को 2024 में चोंगकिंग में प्रदर्शित किया था।</p>
<p>चीन का चांग’ई-6 मिशन 2024 में रवाना हुआ। यह एक रोबोटिक मिशन था जो चंद्रमा से नमूने ले कर आया और चीन की तकनीकी क्षमता को दिखाया।</p>
<p>रणनीतिक और भू-राजनीतिक महत्व</p>
<p>चीन का सफल चंद्र मिशन केवल प्रतीकात्मक नहीं होगा। इससे चीन चंद्रमा के अन्वेषण के नियम, अनुसंधान एजेंडा और अंतरिक्ष भू-राजनीति में प्रभाव बना सकेगा। पूर्व नासा सहायक प्रशासक माइक गोल्ड ने कहा, “जो देश पहले वहां पहुंचेंगे, वे चंद्रमा पर गतिविधियों के नियम बनाएंगे।”</p>
<p>चीन का यह मिशन उसकी दशकों की तैयारी, तकनीकी विशेषज्ञता और पर्याप्त वित्तीय संसाधनों (2024 में 19 अरब अमेरिकी डॉलर) पर आधारित है। यदि यह सफल होता है तो चीन आने वाले दशकों में अंतरिक्ष अन्वेषण में एक प्रमुख खिलाड़ी बन जाएगा।</p>
<p>संक्षेप में कहा जाए तो चीन का 2030 का चंद्र मिशन योजनाबद्ध, तकनीकी रूप से सक्षम और भू-राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम है, जो मानवता के अगले अंतरिक्ष युग में प्रवेश का प्रतीक होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 15:25:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी वस्तुओं पर 24 प्रतिशत आयात शुल्क को एक वर्ष के लिये स्थगित करेगा चीन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीजिंग, 05 नवंबर (वेब वार्ता)। चीनी वित्त मंत्रालय ने आज कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई व्यापार वार्ता के अनुरूप चीन 10 नवंबर से एक वर्ष के लिए अमेरिकी वस्तुओं पर अतिरिक्त 24 प्रतिशत आयात शुल्क को स्थगित करेगा।<br /></p><p>मंत्रालय के मुताबिक “चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता के दौरान बनी सहमति को लागू करने के लिए आयात शुल्क कानून, सीमा शुल्क कानून, विदेश व्यापार कानून और अन्य प्रासंगिक कानूनों तथा विनियमों तथा अंतर्राष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों के अनुसार यह निर्णय लिया गया है। </p><p>राज्य परिषद की स्वीकृति से 10 नवंबर,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143893/china-will-postpone-24-percent-import-duty-on-american-goods"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/us-china-trade-war.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग, 05 नवंबर (वेब वार्ता)। चीनी वित्त मंत्रालय ने आज कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई व्यापार वार्ता के अनुरूप चीन 10 नवंबर से एक वर्ष के लिए अमेरिकी वस्तुओं पर अतिरिक्त 24 प्रतिशत आयात शुल्क को स्थगित करेगा।<br /></p><p>मंत्रालय के मुताबिक “चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता के दौरान बनी सहमति को लागू करने के लिए आयात शुल्क कानून, सीमा शुल्क कानून, विदेश व्यापार कानून और अन्य प्रासंगिक कानूनों तथा विनियमों तथा अंतर्राष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों के अनुसार यह निर्णय लिया गया है। </p><p>राज्य परिषद की स्वीकृति से 10 नवंबर, 2025 से अमेरिकी वस्तुओं पर 24 प्रतिशत का अतिरिक्त सीमा शुल्क एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया जाएगा। लेकिन अमेरिकी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लागू रहेगा।”<br /></p><p>मंत्रालय ने आगे कहा कि यह स्थगन जारी रखने से दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों के स्वस्थ, स्थिर और सतत विकास सुनिश्चित होगा। इससे दोनों देशों के लोगों को लाभ पहुँचाने और वैश्विक समृद्धि में योगदान करने में मदद मिलेगी।<br /></p><p>इस बातचीत के दौरान श्री ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी प्रशासन चीनी आयातों पर फेंटेनाइल से संबंधित शुल्कों में कटौती करेगा और चीनी उत्पादों पर कुछ पारस्परिक शुल्कों को स्थिर रखेगा।<br /></p><p>मंगलवार को जारी कार्यकारी आदेशों में उल्लिखित ये कदम अक्टूबर में दक्षिण कोरिया में एपेक शिखर सम्मेलन के दौरान श्री जिनपिंग के साथ हुए व्यापक व्यापार समझौते के प्रमुख तत्वों को समाहित करते हैं। इसके तहत चीन 10 नवंबर से अमेरिका से आयातित ज्वार, सोयाबीन, सूअर का मांस, बीफ़, जलीय उत्पादों, फलों, सब्जियों और डेयरी उत्पादों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क के साथ साथ चिकन, गेहूँ, मक्का और कपास पर 15 प्रतिशत शुल्क भी हटाएगा।<br /></p><p>इस समझौते के तहत चीन चार मार्च से घोषित सभी परस्पर शुल्कों को स्थगित कर देगा, जो वर्तमान में 10 प्रतिशत पर निर्धारित हैं। इसके बदले में अमेरिका 10 नवंबर से एक वर्ष तक चीनी वस्तुओं पर शुल्कों में 10 प्रतिशत की कमी करेगा ।<br /></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 21:19:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>व्यापार समझौते पर ट्रंप, शी के सहमत होने के बाद एपेक शिखर सम्मेलन समाप्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ग्योंगजू (दक्षिण कोरिया), एक नवंबर (एपी) व्यापार युद्ध पर अस्थायी विराम लगाने को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच सहमति बनने के कुछ दिन बाद, एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 21 देशों के नेताओं ने क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग पर जोर देने वाले एक बयान के साथ शनिवार को अपने वार्षिक आर्थिक शिखर सम्मेलन का समापन किया।</p>
<p>दक्षिण कोरियाई शहर ग्योंगजू में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन के दो दिनों के बाद ‘एपेक’ नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं, अमेरिका और चीन के बीच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143823/apec-summit-ends-after-trump-and-xi-agree-to-trade"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/us-china-trade-war.jpg" alt=""></a><br /><p>ग्योंगजू (दक्षिण कोरिया), एक नवंबर (एपी) व्यापार युद्ध पर अस्थायी विराम लगाने को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच सहमति बनने के कुछ दिन बाद, एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 21 देशों के नेताओं ने क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग पर जोर देने वाले एक बयान के साथ शनिवार को अपने वार्षिक आर्थिक शिखर सम्मेलन का समापन किया।</p>
<p>दक्षिण कोरियाई शहर ग्योंगजू में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन के दो दिनों के बाद ‘एपेक’ नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं, अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव से बुरी तरह प्रभावित वैश्विक अर्थव्यवस्था की साझा चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक सहयोग करने का वादा किया गया।</p>
<p>एशियाई और प्रशांत क्षेत्र के 21 देशों के नेताओं ने आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने और साझा चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को अपना वार्षिक शिखर सम्मेलन शुरू किया था।</p>
<p>इससे एक दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने व्यापार के मामले में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कदम उठाने पर सहमति जताई थी।</p>
<p>इस वर्ष दक्षिण कोरियाई शहर ग्योंगजू में आयोजित दो-दिवसीय एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन पर ट्रंप-शी बैठक का काफी प्रभाव पड़ा है।</p>
<p>ट्रंप ने बृहस्पतिवार को चिनफिंग के साथ हुई आमने-सामने की मुलाकात को बेहद सफल बताते हुए कहा था कि वह चीन पर लगाए गए शुल्क (टैरिफ) में कटौती करेंगे, जबकि बीजिंग ने दुर्लभ धातुओं के निर्यात की अनुमति देने और अमेरिका से सोयाबीन खरीदने पर सहमति जतायी है।</p>
<p>ट्रंप एवं चिनफिंग के बीच बनी सहमति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात है। विशेषज्ञों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार संबंधी तनाव को कम करने में विफलता से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और बढ़ेंगी।</p>
<p>ट्रंप, शी चिनफिंग के साथ समझौते करने के तुरंत बाद दक्षिण कोरिया से चले गए थे।</p>
<p>बढ़ते वैश्वीकरण के दौर में 1989 में स्थापित एपेक वैश्विक व्यापार के आधे से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। यह मंच क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण में तेजी लाने के लिए मुक्त एवं खुले व्यापार और निवेश का समर्थन करता है।</p>
<p>एपेक के संयुक्त वक्तव्य में घोषणा की गई कि एपेक नेता स्वीकार करते हैं कि ‘‘वैश्विक व्यापार प्रणाली अब भी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है’’।</p>
<p>इसमें कहा गया है, ‘‘हम अपनी इस साझा मान्यता की पुष्टि करते हैं कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विकास और समृद्धि के लिए मजबूत व्यापार और निवेश महत्वपूर्ण हैं।’’</p>
<p>संयुक्त घोषणापत्र में यह भी कहा गया कि एपेक सदस्य ‘पुत्रजया विजन 2040’ को लेकर प्रतिबद्ध हैं, जो 2020 में अपनाया गया एक नया 20-वर्षीय विकास विजन है। यह व्यापार के लिए एक ऐसे वातावरण का आह्वान करता है जो ‘‘मुक्त, खुला, निष्पक्ष, भेदभाव रहित एवं पारदर्शी’’ हो।</p>
<p>शी ने शुक्रवार को एपेक शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान कहा कि चीन वैश्विक मुक्त व्यापार और आपूर्ति शृंखला स्थिरता का समर्थन करेगा। यह उनके देश को ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों के विकल्प के रूप में स्थापित करने का एक स्पष्ट प्रयास है।</p>
<p>एपेक के साथ आयोजित सीईओ शिखर सम्मेलन में भेजी गई लिखित टिप्पणी में शी ने कहा, ‘‘चीन में निवेश करना भविष्य में निवेश करना है।’’</p>
<p>चिनफिंग ने शुक्रवार को एपेक शिखर सम्मेलन से इतर जापान, कनाडा और थाईलैंड के अपने समकक्षों से द्विपक्षीय मुलाकात की।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 15:39:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण कोरिया में हुई ट्रंप और शी चिनफिंग की मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बुसान (दक्षिण कोरिया), 30 अक्टूबर (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की।</p>
<p>इस बैठक को दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों के नेताओं के लिए शुल्क को लेकर जारी तनाव को कम करने का एक अवसर माना जा रहा है।</p>
<p>व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में दूसरे कार्यकाल के लिए वापसी के बाद से ट्रंप ने आक्रामक रूप से शुल्क (टैरिफ) लगाए हैं और इसके जवाब में चीन ने दुर्लभ मृदा तत्वों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसके मद्देनजर यह बैठक आवश्यक हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143783/trump-and-xi-jinping-met-in-south-korea"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/us-china-trade-war.jpg" alt=""></a><br /><p>बुसान (दक्षिण कोरिया), 30 अक्टूबर (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की।</p>
<p>इस बैठक को दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों के नेताओं के लिए शुल्क को लेकर जारी तनाव को कम करने का एक अवसर माना जा रहा है।</p>
<p>व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में दूसरे कार्यकाल के लिए वापसी के बाद से ट्रंप ने आक्रामक रूप से शुल्क (टैरिफ) लगाए हैं और इसके जवाब में चीन ने दुर्लभ मृदा तत्वों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसके मद्देनजर यह बैठक आवश्यक हो गयी थी।</p>
<p>दोनों देशों में माना जा रहा है कि कोई भी पक्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का जोखिम नहीं उठाना चाहता क्योंकि इसका असर उनके अपने आर्थिक हितों पर पड़ेगा।</p>
<p>ट्रंप ने शी चिनफिंग से हाथ मिलाते हुए कहा, ‘‘हमारी मुलाकात बहुत सफल होने वाली है, इसमें मुझे कोई संदेह नहीं है।’’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि शी ‘‘बहुत सख्त वार्ताकार’’ हैं। उन्होंने कहा कि वे संभवतः कोई समझौता कर सकते हैं, लेकिन उनके बीच पहले से ही एक ‘‘बेहतरीन समझ’’ है।</p>
<p>जब दोनों नेता आमने-सामने बैठे, तो शी ने अपने पूर्व में तैयार वक्तव्य पढ़े, जिनमें उन्होंने मतभेदों के बावजूद एक साथ काम करने की इच्छा पर जोर दिया।</p>
<p>उन्होंने एक अनुवादक के माध्यम से कहा, ‘‘हमारे देशों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं, इसलिए हमेशा हर मुद्दे पर हमारी राय एक जैसी नहीं हो सकती। दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच समय-समय पर कुछ मतभेद होना सामान्य बात है।’’</p>
<p>हालांकि, इस अनुवाद में थोड़ा अंतर देखा गया क्योंकि चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि शी ने ट्रंप से कहा कि कुछ मतभेद होना लाजमी है।</p>
<p>बैठक से पहले अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया कि ट्रंप चीन से आयातित वस्तुओं पर अतिरिक्त 100 प्रतिशत कर लगाने की अपनी हालिया धमकी पर अमल नहीं करना चाहेंगे। वहीं, चीन ने भी दुर्लभ धातुओं पर निर्यात नियंत्रण में ढील देने और अमेरिका से सोयाबीन खरीदने की इच्छा दिखाई है।</p>
<p>बैठक बुसान (दक्षिण कोरिया) में स्थानीय समयानुसार पूर्वाह्न 11 बजकर 13 मिनट पर शुरू हुई। बुसान शहर ग्योंगजू से लगभग 76 किमी दक्षिण में स्थित है जो एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन का मुख्य आयोजन स्थल है।</p>
<p>ट्रंप का हेलिकॉप्टर स्थानीय समयानुसार सुबह 10:17 बजे उतरा, जबकि 10 मिनट बाद एयर चाइना का एक विमान भी वहां पहुंचा।</p>
<p>दोनों नेताओं की बैठक लगभग 100 मिनट चली, जिसके बाद दोनों नेता बाहर आए, थोड़ी देर बातचीत की और हाथ मिलाए। ट्रंप ने शी के कान में कुछ कहा, जिसके बाद शी अपनी लिमोजिन में बैठ गए। थोड़ी देर बाद ट्रंप अमेरिका वापसी के लिए ‘एयर फ़ोर्स वन’ विमान में सवार हो गए।</p>
<p>दोनों देशों के अधिकारी इस हफ्ते की शुरुआत में कुआलालंपुर में मिले थे ताकि इस बैठक की रूपरेखा तैयार की जा सके।</p>
<p>बृहस्पतिवार को बैठक से ठीक पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि यह बैठक ‘‘जी2’’ होगी। उनका आशय अमेरिका और चीन की विश्व की सबसे बड़ी दो अर्थव्यवस्थाओं के रूप में पहचान से था। जैसे जी7 और जी20 औद्योगिक देशों के समूह हैं।</p>
<p>हालांकि, अन्य वैश्विक शिखर सम्मेलनों की तरह यह बैठक किसी आलीशान जगह पर नहीं बल्कि एक साधारण इमारत में हुई, जो बुसान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक सैन्य अड्डे पर स्थित है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 15:13:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माउंट एवरेस्ट पर बर्फीले तूफान के बाद 200 से अधिक पर्वतारोही फंसे, 350 बचाए गए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीजिंग, छह अक्टूबर (भाषा) माउंट एवरेस्ट के तिब्बती ढलानों पर बर्फीले तूफान के बाद 200 से अधिक पर्वतारोही फंस गए हैं, जबकि 350 अन्य को ग्रामीणों और बचाव दलों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।</p>
<p>रविवार को शिविर स्थलों पर फंसे पर्वतारोहियों की स्थिति हिमपात होने के कारण और भी खराब हो गई। सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण और बचावकर्मी आवश्यक सामान लेकर घटनास्थल की ओर पहुंचे, जहां शुक्रवार से लगातार हिमपात हो रहा है।</p>
<p>‘बीबीसी’ ने सोमवार को सरकारी चैनल सीसीटीवी के हवाले से बताया कि 200 से अधिक पर्वतारोही अब भी बर्फीले तूफान में फंसे हुए हैं। लगभग 350 पर्वतारोहियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143451/more-than-200-climbers-stranded-350-after-icy-storm-on"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/5072_everest-himalaya-nepal-india-mountain.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग, छह अक्टूबर (भाषा) माउंट एवरेस्ट के तिब्बती ढलानों पर बर्फीले तूफान के बाद 200 से अधिक पर्वतारोही फंस गए हैं, जबकि 350 अन्य को ग्रामीणों और बचाव दलों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।</p>
<p>रविवार को शिविर स्थलों पर फंसे पर्वतारोहियों की स्थिति हिमपात होने के कारण और भी खराब हो गई। सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण और बचावकर्मी आवश्यक सामान लेकर घटनास्थल की ओर पहुंचे, जहां शुक्रवार से लगातार हिमपात हो रहा है।</p>
<p>‘बीबीसी’ ने सोमवार को सरकारी चैनल सीसीटीवी के हवाले से बताया कि 200 से अधिक पर्वतारोही अब भी बर्फीले तूफान में फंसे हुए हैं। लगभग 350 पर्वतारोहियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।</p>
<p>पहले की खबरों में कहा गया था कि चीन की ओर स्थित कर्मा घाटी में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की ढलानों पर 1,000 से अधिक पर्यटक पर्वतारोही फंसे हुए हैं।</p>
<p>फंसे पर्वतारोहियों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से पता चलता है कि रविवार को दूरस्थ क्षेत्र में बादलों की गरज के बीच, तेज हवाओं और लगातार बर्फबारी के कारण रास्ते पूरी तरह से बर्फ में दब गए।</p>
<p>चीन में माउंट एवरेस्ट को माउंट क्योमोलंग्मा कहा जाता है, जिसकी ऊंचाई 8,849 मीटर से अधिक है और यह दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी है।</p>
<p>इस बीच, दक्षिण चीन के ग्वांगदोंग प्रांत के झानजियांग शहर के शूवेन काउंटी के पूर्वी तट पर रविवार को तूफान मैत्मो ने दस्तक दी।</p>
<p>स्थानीय सरकारों ने ग्वांगदोंग और हैनान के दक्षिणी प्रांतों से लगभग 3,47,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 14:54:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन ने गाजा में युद्ध समाप्त करने की ट्रंप की शांति योजना का स्वागत किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीजिंग, 30 सितंबर (भाषा) चीन ने मंगलवार को गाजा में युद्ध समाप्त करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना का समर्थन किया जिसमें शत्रुता को तत्काल समाप्त करना और हमास द्वारा बंधक बनाए गए 20 जीवित इजराइली बंधकों को रिहा करना शामिल है।</p>
<p>चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने नई 20-सूत्री योजना के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘‘फलस्तीन और इजराइल के बीच तनाव कम करने के सभी प्रयासों का चीन स्वागत और समर्थन करता है।’’</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि चीन सभी संबंधित पक्षों से संयुक्त राष्ट्र के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143349/china-welcomed-trumps-peace-plan-to-end-war-in-gaza"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग, 30 सितंबर (भाषा) चीन ने मंगलवार को गाजा में युद्ध समाप्त करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना का समर्थन किया जिसमें शत्रुता को तत्काल समाप्त करना और हमास द्वारा बंधक बनाए गए 20 जीवित इजराइली बंधकों को रिहा करना शामिल है।</p>
<p>चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने नई 20-सूत्री योजना के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘‘फलस्तीन और इजराइल के बीच तनाव कम करने के सभी प्रयासों का चीन स्वागत और समर्थन करता है।’’</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि चीन सभी संबंधित पक्षों से संयुक्त राष्ट्र के प्रासंगिक प्रस्तावों को ईमानदारी से लागू करने, गाजा में तत्काल और व्यापक युद्धविराम लागू करने, सभी बंदियों को रिहा करने और स्थानीय मानवीय संकट को तत्काल कम करने का आह्वान करता है।</p>
<p>ट्रंप के समझौते पर टिप्पणी करते हुए, शंघाई इंटरनेशनल स्टडीज यूनिवर्सिटी के मिडल ईस्ट स्टडीज इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर लियू झोंगमिन ने मंगलवार को चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स को बताया कि ट्रंप प्रशासन की 20-सूत्री शांति योजना एक व्यापक रूपरेखा है जिसे गाजा युद्ध का अंत करीब होने के साथ बातचीत और समझौतों के माध्यम से विकसित किया गया है।</p>
<p>लियू ने कहा कि यह योजना संघर्ष को लंबा खिंचने से रोकने और ट्रंप की गाजा के पुनर्निर्माण की पूर्व विकास योजना के तत्वों के साथ इजराइल के उद्देश्यों को संतुलित करने के लिए बनाई गई है।</p>
<p>इस योजना को खाड़ी देशों से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Tue, 30 Sep 2025 15:38:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीन में भारतीय दूतावास ने कैलाश तीर्थयात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीजिंग, 10 सितंबर (भाषा) बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने नेपाल के रास्ते निजी ऑपरेटर के माध्यम से तिब्बत में कैलाश पर्वत की यात्रा करने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों से काठमांडू में मौजूदा स्थिति के कारण सावधानी बरतने का आग्रह किया है।</p>
<p>भारतीय दूतावास द्वारा बुधवार को जारी एक परामर्श में कहा गया कि नेपाल में मौजूदा स्थिति के कारण वहां से निजी टूर ऑपरेटर द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय नागरिकों की योजनाबद्ध यात्रा व्यवस्था प्रभावित हुई है।</p>
<p>परामर्श में कहा गया, ‘‘वर्तमान घटनाक्रम को देखते हुए तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र, चीन में मौजूद भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143020/indian-embassy-in-china-advises-kailash-pilgrims-to-take-precautions"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-04/kailash-mansarovar-.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग, 10 सितंबर (भाषा) बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने नेपाल के रास्ते निजी ऑपरेटर के माध्यम से तिब्बत में कैलाश पर्वत की यात्रा करने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों से काठमांडू में मौजूदा स्थिति के कारण सावधानी बरतने का आग्रह किया है।</p>
<p>भारतीय दूतावास द्वारा बुधवार को जारी एक परामर्श में कहा गया कि नेपाल में मौजूदा स्थिति के कारण वहां से निजी टूर ऑपरेटर द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय नागरिकों की योजनाबद्ध यात्रा व्यवस्था प्रभावित हुई है।</p>
<p>परामर्श में कहा गया, ‘‘वर्तमान घटनाक्रम को देखते हुए तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र, चीन में मौजूद भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।’’</p>
<p>परामर्श में कहा गया, ‘‘बेहद ऊंचाई और दुर्गम भूभाग को देखते हुए, उन्हें अपने स्वास्थ्य और कल्याण के लिए आवश्यक देखभाल और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। उन्हें स्थानीय अधिकारियों के साथ-साथ बीजिंग और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास की सलाह का पालन करने की भी सलाह दी जाती है।’’</p>
<p>बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने किसी सहायता की आवश्यकता होने पर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।</p>
<p>पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के कारण चार वर्षों से रुके संबंधों में सुधार के बाद भारत और चीन ने इस वर्ष जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू की।</p>
<p>नेपाल की सेना ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण के पी शर्मा ओली के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद बुधवार को विरोध प्रदर्शन की आड़ में संभावित हिंसा को रोकने के लिए देशव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए और कर्फ्यू लगा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने कई शीर्ष नेताओं के घरों, राजनीतिक दलों के मुख्यालयों पर हमला किया और यहां तक ​​कि संसद भवन में भी तोड़फोड़ की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Sep 2025 15:04:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन को 7-0 से हराकर भारत हॉकी एशिया कप के फाइनल में पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राजगीर, छह सितंबर (भाषा) स्ट्राइकर अभिषेक के दो गोल की बदौलत भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शनिवार को यहां सुपर चार के आखिरी मैच में चीन को 7-0 से हराकर एशिया कप टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी जगह पक्की की।</p>
<p>अभिषेक ने मैच के 46वें और 50वें मिनट में गोल दागे। उनसे पहले इस एकतरफा मुकाबले में शिलानंद लाकड़ा (चौथे मिनट), दिलप्रीत सिंह (सातवें), मनदीप सिंह (18वें), राजकुमार पाल (37वें) और सुखजीत सिंह (39वें) के गोल ने टीम की बड़ी जीत पक्की कर दी।</p>
<p>रविवार को खेले जाने वाले फाइनल में भारत के सामने मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया की चुनौती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142935/india-reached-the-final-of-hockey-asia-cup-after-defeating"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-09/hockey.jpg" alt=""></a><br /><p>राजगीर, छह सितंबर (भाषा) स्ट्राइकर अभिषेक के दो गोल की बदौलत भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शनिवार को यहां सुपर चार के आखिरी मैच में चीन को 7-0 से हराकर एशिया कप टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी जगह पक्की की।</p>
<p>अभिषेक ने मैच के 46वें और 50वें मिनट में गोल दागे। उनसे पहले इस एकतरफा मुकाबले में शिलानंद लाकड़ा (चौथे मिनट), दिलप्रीत सिंह (सातवें), मनदीप सिंह (18वें), राजकुमार पाल (37वें) और सुखजीत सिंह (39वें) के गोल ने टीम की बड़ी जीत पक्की कर दी।</p>
<p>रविवार को खेले जाने वाले फाइनल में भारत के सामने मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया की चुनौती होगी।</p>
<p>इस जीत के साथ भारत सुपर चार लीग तालिका में सात अंकों के साथ शीर्ष पर रहा जबकि दक्षिण कोरिया चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। चीन और मलेशिया दोनों तीन-तीन अंकों के साथ उनसे पीछे रहे।</p>
<p>इससे पहले भारत ने सुपर चार चरण के अपने शुरुआती दो मैचों में दक्षिण कोरिया के साथ 2-2 से ड्रॉ खेला था और मलेशिया को 4-1 से हराया था।</p>
<p>इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट की विजेता टीम को अगले साल बेल्जियम और नीदरलैंड द्वारा संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने का मौका मिलेगा। भारत ऐसे में विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने से बस एक कदम दूर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/142935/india-reached-the-final-of-hockey-asia-cup-after-defeating</link>
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                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 21:28:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है: ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाशिंगटन, पांच सितंबर (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, ‘‘लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है।’’</p>
<p>यह बात ऐसे समय में कही गई है जब अमेरिकी शुल्क को लेकर भारत और अमेरिका के संबंध पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय में संभवतः सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं।</p>
<p>सोशल मीडिया पर ट्रंप का यह ताजा पोस्ट ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिन पहले चीन के शहर तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142903/we-seem-to-have-lost-india-and-russia-at-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन, पांच सितंबर (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, ‘‘लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है।’’</p>
<p>यह बात ऐसे समय में कही गई है जब अमेरिकी शुल्क को लेकर भारत और अमेरिका के संबंध पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय में संभवतः सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं।</p>
<p>सोशल मीडिया पर ट्रंप का यह ताजा पोस्ट ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिन पहले चीन के शहर तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच गर्मजोशी से हुई बातचीत ने दुनिया का ध्यान खींचा।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। उनका भविष्य लंबा और समृद्ध हो!’’</p>
<p>ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क (टैरिफ) को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच संबंधों में खटास आ गई है, जिसमें भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Fri, 05 Sep 2025 18:26:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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