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                <description>Rain RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दार्जिलिंग पहाड़ियों में भारी बारिश से बड़े पैमाने पर भूस्खलन में 20 की मौत, दौरा करेंगी ममता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल), पांच अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मिरिक और दार्जिलिंग पहाड़ियों में रविवार को लगातार बारिश के कारण हुए भारी भूस्खलन में कई बच्चों सहित कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के कारण कई घर बह गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, दूरदराज के कई गांवों का संपर्क टूट गया तथा सैकड़ों पर्यटक फंस गए।</p>
<p>एनडीआरएफ और जिला प्रशासन द्वारा संकलित रिपोर्ट के अनुसार, कई स्थानों - सरसली, जसबीरगांव, मिरिक बस्ती, धार गांव (मेची), नागराकाटा और मिरिक झील क्षेत्र से लोगों के मारे जाने की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143444/mamta-will-visit-20-deaths-in-landslide-due-to-heavy"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-06/d13062024-22-rain.jpg" alt=""></a><br /><p>दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल), पांच अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मिरिक और दार्जिलिंग पहाड़ियों में रविवार को लगातार बारिश के कारण हुए भारी भूस्खलन में कई बच्चों सहित कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के कारण कई घर बह गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, दूरदराज के कई गांवों का संपर्क टूट गया तथा सैकड़ों पर्यटक फंस गए।</p>
<p>एनडीआरएफ और जिला प्रशासन द्वारा संकलित रिपोर्ट के अनुसार, कई स्थानों - सरसली, जसबीरगांव, मिरिक बस्ती, धार गांव (मेची), नागराकाटा और मिरिक झील क्षेत्र से लोगों के मारे जाने की खबर है।</p>
<p>उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने जान-माल के नुकसान को दुखद बताते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि स्थिति “चिंताजनक” है।</p>
<p>उन्होंने शाम को कहा, “अभी तक मृतकों की संख्या 20 है। यह संख्या बढ़ने की आशंका है। मैं इलाके के लिए रवाना हो रहा हूं।”</p>
<p>एनडीआरएफ के बयान के अनुसार, भूस्खलन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मिरिक में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है और सात घायलों को क्षेत्र से बचा लिया गया है।</p>
<p>दार्जिलिंग में सात लोगों की मौत हो गई और पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया टीमों की मदद से बचाव अभियान जारी है।</p>
<p>दार्जिलिंग उप-मंडल अधिकारी (एसडीओ) रिचर्ड लेप्चा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “कल रात से हो रही भारी बारिश के कारण दार्जिलिंग उपखंड में हुए भीषण भूस्खलन में सात लोगों की मौत हो गई है। बचाव और राहत कार्य जारी है।”</p>
<p>दुर्गा पूजा और पूजा के बाद के उत्सवों का आनंद लेने के लिए दार्जिलिंग की पहाड़ियों में आए सैकड़ों पर्यटक भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन के कारण फंस गए हैं।</p>
<p>उनमें से कई, जिनमें कोलकाता और बंगाल के अन्य हिस्सों से आए परिवार और समूह शामिल थे, मिरिक, घूम और लेपचाजगत जैसे लोकप्रिय स्थानों पर जा रहे थे। पहाड़ियों पर शनिवार से ही बारिश हो रही थी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की, लेकिन राशि का उल्लेख नहीं किया और कहा कि वह छह अक्टूबर को उत्तर बंगाल का दौरा करेंगी और क्षेत्र की स्थिति का आकलन करेंगी, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक भी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मरने वालों का कोई आंकड़ा नहीं दिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मौतों पर शोक व्यक्त किया और कहा कि भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।</p>
<p>नागराकाटा के धार गांव में मलबे से कम से कम 40 लोगों को बचाया गया जहां भारी भूस्खलन के कारण कई घर ध्वस्त हो गए।</p>
<p>विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उनके पास जानकारी है कि इस आपदा में 21 लोगों की जान चली गई।</p>
<p>भूस्खलन के कारण मिरिक-सुखियापोखरी सड़क सहित प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हो गया जबकि कई पहाड़ी बस्तियों की संचार लाइनें टूट गईं।</p>
<p>टीवी9 बांग्ला समाचार चैनल से फोन पर बात करते हुए बनर्जी ने स्थिति को “गंभीर” बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा, “भूटान में लगातार बारिश के कारण पानी उत्तर बंगाल में बह गया है। यह आपदा दुर्भाग्यपूर्ण है - प्राकृतिक आपदाएं हमारे नियंत्रण से बाहर हैं। हम बहुत दुखी हैं। मैंने मुख्य सचिव के साथ पांच प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ डिजिटल माध्यम से बैठकें कीं। मैं सुबह छह बजे से स्थिति पर नजर रख रही हूं।”</p>
<p>बनर्जी के अनुसार, केवल 12 घंटों में 300 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जिससे कम से कम सात जगहों पर भयंकर बाढ़ और भूस्खलन हुआ। उन्होंने इस स्थिति की तुलना पिछले महीने त्योहारों के मौसम में कोलकाता में आई भीषण बाढ़ से की।</p>
<p>उन्होंने कहा, “12 घंटे से लगातार भारी बारिश हो रही है। सात जगहों पर भूस्खलन हुआ है। मैं कड़ी नजर रख रही हूं और उम्मीद है कि सोमवार अपराह्न तीन बजे तक वहां पहुंच जाऊंगी।”</p>
<p>भूस्खलन और सड़क मार्ग पर अवरोधों के कारण पूरे क्षेत्र में हजारों पर्यटक फंसे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था करेगी और पर्यटकों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और वहां से निकलने की जल्दबाजी न करें।</p>
<p>उन्होंने कहा, “कई पर्यटक फंसे हुए हैं। मैं उनसे अनुरोध करती हूं कि वे हड़बड़ी न करें। कृपया जहां हैं वहीं रहें। होटल वालों को उनसे ज्यादा पैसे नहीं लेने चाहिए। उनकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है और प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा।”</p>
<p>बनर्जी ने यह भी घोषणा की कि आपदा में मारे गए लोगों के परिवारों को सरकारी मुआवजा और उनके एक सदस्य को रोजगार मिलेगा। हालांकि उन्होंने राशि का जिक्र नहीं किया।</p>
<p>पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारी और लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव कार्य में भारी बाधा आई है।</p>
<p>उन्होंने कहा, “यह इलाका फिसलन भरा है और कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नुकसान का आकलन अब भी किया जा रहा है। इन ढलानों पर मशीनों के लिए काम करना बेहद मुश्किल हो रहा है।”</p>
<p>मिरिक में कई परिवारों को एहतियाती उपाय के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि स्थानीय गैर सरकारी संगठनों और जिला प्रशासन के समन्वय से अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “दार्जिलिंग में पुल दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से बहुत दुःख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हम प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”</p>
<p>भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दार्जिलिंग और कलिम्पोंग सहित उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में छह अक्टूबर तक अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही, मिट्टी की नाजुक स्थिति के कारण और अधिक भूस्खलन और सड़कों पर अवरोध पैदा होने की चेतावनी दी है।</p>
<p>एनडीआरएफ के अनुसार, दार्जिलिंग जिले और उत्तरी सिक्किम में सड़क संपर्क गंभीर रूप से बाधित है और सिलीगुड़ी को मिरिक-दार्जिलिंग मार्ग से जोड़ने वाला एक लोहे का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे इस क्षेत्र तक पहुंच बाधित हो गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Oct 2025 20:21:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तकनीक : आसमान से बिजली गिरने से पहले ही उन्हें आकर्षित कर जमीन तक पहुंचा देंगी ये छड़े, ब्राजील में प्रयोग शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आसमान से गिरने वाली बिजली के असर से इमारतों और उसमें रहने वाले लोगों को बचाने के लिए छतों पर छड़ें लगाई जाती हैं। ये छड़ें बिजली को शोषित करके भूमि में भेज देती हैं। अब ब्राजील के वैज्ञानिकों ने बिजली गिरने से पहले जमीन के नीचे भेजने की तकनीक का आविष्कार किया है। बिजली गिरने से पहले ये छड़ें बिजली के डिस्चार्ज को आसमान में फेंकती हैं। यह डिस्चार्ज बिजली आसमानी बिजली को अपनी ओर आकर्षित करता है। बिजली इन छड़ों से टकराकर जमीन में चली जाती है।</p>
<p><strong>वैज्ञानिकों ने परीक्षण के लिए स्लो मोशन कैमरे लगाए</strong></p>
<p>आपको बता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>आसमान से गिरने वाली बिजली के असर से इमारतों और उसमें रहने वाले लोगों को बचाने के लिए छतों पर छड़ें लगाई जाती हैं। ये छड़ें बिजली को शोषित करके भूमि में भेज देती हैं। अब ब्राजील के वैज्ञानिकों ने बिजली गिरने से पहले जमीन के नीचे भेजने की तकनीक का आविष्कार किया है। बिजली गिरने से पहले ये छड़ें बिजली के डिस्चार्ज को आसमान में फेंकती हैं। यह डिस्चार्ज बिजली आसमानी बिजली को अपनी ओर आकर्षित करता है। बिजली इन छड़ों से टकराकर जमीन में चली जाती है।</p>
<p><strong>वैज्ञानिकों ने परीक्षण के लिए स्लो मोशन कैमरे लगाए</strong></p>
<p>आपको बता दें कि ब्राजील के वैज्ञानिकों ने साओ पाउलो शहर के उत्तर-पूर्व में स्थित इमारतों पर छड़ें लगाईं। इस प्रकार की घटना एक मिलीसेकंड से भी कम समय में होती है। इस घटना की तस्वीरें या वीडियो बनाना बहुत मुश्किल है। ऐसे में वैज्ञानिकों ने 450 फीट दूर एक हाई स्पीड वीडियो कैमरा लगाया ताकि सड़क के किनारे आसमान में बिजली गिरने समेत पूरी घटना की तस्वीरें ली जा सकें। इस कैमरे ने हर सेकंड 40 हजार तस्वीरें कैद की हैं।</p>
<p><strong>लोगों की जान बचाने में मददगार होंगी ये छड़े</strong></p>
<p>नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च के एक वरिष्ठ शोधकर्ता ने कहा, "हमने 31 विद्युत डिस्चार्ज दर्ज किए, जो आकाश से बिजली को आकर्षित करते दिखाई दिए। आकाश में मौसम बदलते ही ये छड़ें सक्रिय हो जाती हैं। यह आकाश की नेगेटिव चार्ज इलेक्ट्रिसिटी को तुरंत पॉजिटिव बना देता है। ऐसे में लोगों को बचाने का यह एक अच्छा तरीका है।" </p>
<p><strong>ग्रीस में लेजर की मदद से कम किया जा रहा हैं आसमानी का असर</strong></p>
<p>कुछ महीने पहले यूनान के वैज्ञानिकों ने आसमान में तेजी से लेजर दागकर बिजली की दिशा बदल दी थी। इस प्रयोग ने स्थापित किया कि इमारतों पर बिजली की छड़ों के बजाय लेजर बीम का इस्तेमाल किया जा सकता है। जिससे वज्रपात से जान-माल का नुकसान नहीं होगा। हालांकि, इस प्रयोग को पूरी तरह विकसित करने में अभी समय लगेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/90822/technique-will-attract-them-to-the-ground-even-before-lightning</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Mar 2023 21:28:56 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Premkumar Nishad]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाह, पार्क गाड़ियों में से सिर्फ एक कार पर गिरी बारिश</title>
                                    <description><![CDATA[कुदरत के इस करिश्मे को देखने के बाद हर कोई हैरान हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/79823/wow-only-one-car-out-of-the-park-got-rain"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-12/8816_jpg202212072008140000.jpg" alt=""></a><br /><div>इंसान लगातार प्रकृति रहस्यों को समझने के प्रयास में है पर प्रकृति के पास रहस्यों का भंडार है। प्रकृति आये दिन एक से बढ़कर एक ऐसा करिश्मा दिखाती है, जो लोगों को हैरान कर देता है। जब भी  प्रकृति के चमत्कार दिखाती ही वो अद्भुत होते हैं। आंखों पर यकीन करना मुश्किल है। पता नहीं इसके पीछे का राज क्या है?  जिससे दुनिया आज भी अंजान है। सोशल मीडिया ऐसे बहुत से वीडियो से भरा पड़ा है, जिसमें प्रकृति के करिश्माई रूप देखें जा सकते है। इसके बाद एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जहां एक पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियों के बीच बादलों ने एक ही कार पर बरस कर लोगों को अचंभित कर दिया।</div><div><br /></div><h2>क्या है इस वीडियो में?</h2><div><br /></div><div>ट्विटर के @buitengebieden पर एक ऐसा वीडियो शेयर किया गया। जिसे देखकर लोग हैरत में पड़ गए। वीडियो में पार्किंग में कई गाड़ियां खड़ी दिखाई थी। जिनमें से एक अकेली कार पर अचानक बारिश होने लगी जिसने सभी को हैरान कर दिया। एक साथ खड़ी गाड़ियों में बादलों ने एक को ही अपना निशाना क्यों बनाया, कुदरत के इस करिश्मे ने लोगों को अचरज में डाल दिया। लाख सोचने के बाद भी लोगों को इसका कोई हल नहीं सूझ रहा था। क्योंकि कहा जाता है कि प्रकृति अपने आप में रहस्यों का खजाना है।  जिसके बारे में अभी सभी को जानकारी मिलनी बाकी है। जिन्हें प्रकृति समय-समय पर ऐसी हरकतों से हैरान करती रहती है।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">What are the odds? ???? <a href="https://t.co/4PLRXftWT9">pic.twitter.com/4PLRXftWT9</a></p>— Buitengebieden (@buitengebieden) <a href="https://twitter.com/buitengebieden/status/1599452162035421186?ref_src=twsrc%5Etfw">December 4, 2022</a></blockquote> <div><br /></div><h2>सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट</h2><div><br /></div><div>आपको बता दें कि इस वीडियो को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर पोस्ट किए जाने के बाद से अब तक इसे 23 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। लोग इस पर जमकर कमेंट कर रहे हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Dec 2022 20:11:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अजीबोगरीब : घर में बैठा खेल रहा था गेम, अचानक गिरी बिजली, जलने लगा हाथ</title>
                                    <description><![CDATA[इंग्लैंड के ऑक्सफोर्डशायर की है ये घटना, बिजली गिरने से बेहोश हुआ शख्स, लोगों ने आश्चर्य की घर में कैसे घुसी बिजली ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>बरसात के दिनों में बिजली गिरना आम बात है। आपने अपनी आंखों से या यहां तक कि सोशल मीडिया वीडियो में भी बिजली गिरती देखी होगी। लेकिन क्या आपने कभी किसी इंसान को बिजली गिरते हुए देखा है? बिजली गिरने से लोगों की मौत हो जाती है। लेकिन इंग्लैंड में एक व्यक्ति के साथ बिजली गिरने के बाद एक अजीबोगरीब घटना घटी। आमतौर पर बारिश के दौरान खुले में खड़े लोगों पर बिजली गिरती है। लेकिन हम जिस व्यक्ति की बात कर रहे हैं वह अपने घर में आराम से बैठकर वीडियो गेम खेल रहा था कि तभी उसके उपर बिजली गिरी।</div><div><br /></div><div><br /></div><div>एक रिपोर्ट के मुताबिक, 33 साल की ईडन रोवन समलैंगिक पुरुष इंग्लैंड के ऑक्सफोर्डशायर में अपने पति एरन के साथ रहता हैं। अडन पिछले सोमवार रात 10.30 बजे अपने घर पर प्ले स्टेशन पर वीडियो गेम खेल रहा था, तभी उसे अचानक तेज गर्जना सुनाई दी और तुरंत उसके शरीर में एक अजीब सी जलन महसूस हुई।</div><div><br /></div><h2>बिजली घर के अंदर आ गई</h2><p><br /></p><div>एडन अचानक जमीन पर गिर गया लेकिन मिनटों में होश में आ गया। वह अपने पति के पास गया और कहा कि अचानक उसका हाथ जल रहा था। हाथों पर छाले पड़ने लगे, जिसे देखकर दोनों दंग रह गए।</div><div><br /></div><h2>हाथ से होकर गुजरा करंट</h2><p><br /></p><div>एरन ने उसे देखा तो वह उसे लेकर अस्पताल पहुंचा। उन्हें कुछ घंटों तक निगरानी में रखा गया और फिर दर्द की दवा देने के बाद छुट्टी दे दी गई। अदन को बाद में पता चला कि उस पर बिजली गिर गई थी और करंट के कारण वह जल गया और बेहोश हो गया। </div><div><br /></div><h2>हाथों पर गिरे निशान</h2><p><br /></p><div>अदन ने कहा कि जब वह अरन के पास गया और पूछा कि जलने की गंध कहां से आ रही है, तो अदन ने महसूस किया कि उसका शरीर वास्तव में जल रहा था। उसने गीला तौलिया मांगा लेकिन फफोले खराब हो रहे थे। इसके बाद अरन ने अपने माता-पिता को फोन कर सारी बात बताई और उनकी मदद से अडन को अस्पताल ले गए. एडन को समझ नहीं आ रहा था कि घर के अंदर बिजली कैसे आ गई। डॉक्टरों ने अनुमान लगाया कि बिजली पानी से टकराकर खिड़की से अंदर घुसी होगी। अब एडन का शरीर ठीक हो गया है लेकिन निशान रह गए हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/79799/weird-the-game-was-playing-sitting-in-the-house-suddenly-the-lightning-fell-the-hand-started-burning</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Sep 2022 17:59:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>मध्यप्रदेश में होने वाली बारिश से जानिये कैसे गुजरात को होता है लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[सरदार सरोवर में जल स्तर बढ़ने और बिजलीघर शुरू होने से हो रहा है गुजरात को लाभ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>इन दिनों गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश समेत उत्तर मध्य राज्यों में मूसलाधार बारिश हो रही है। मध्य प्रदेश में हो रही भारी बारिश से गुजरात को फायदा हओ रहा है। इसके पीछे का कारण ये है कि मध्यप्रदेश में हो रहे बारिश से सरदार सरोवर में पानी का स्तर बढ़ रहा है। इसके के चलते बिजली घर भी शुरू किए गए हैं।</div><div>आपको बता दें कि नर्मदा बांध का जलस्तर 121.72 मीटर पहुंच गया है। साथ ही बांध में पानी का सजीव भंडारण 1527 मिलियन क्यूबिक मीटर है। और 1200 मेगावाट बिजली पैदा करने वाला एक पावर हाउस शुरू किया गया है। साथ ही बांध का जलस्तर हर घंटे 5 सेंटीमीटर बढ़ रहा है।</div><div>गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में भारी बारिश से सरदार सरोवर बांध प्रभावित हुआ है। बांध का जलस्तर हर घंटे 4 से 5 सेंटीमीटर बढ़ रहा है। साथ ही सीजन में पहली बार जल राजस्व एक लाख क्यूसेक को पार कर 105165 क्यूसेक हो गया है। जिसमें सरदार सरोवर नर्मदा बांध का जलस्तर 121.72 मीटर तक पहुंच गया है। इसमें सरदार झील में 1527 मिलियन क्यूबिक मीटर लाइव जल भंडारण है। और जल राजस्व में वृद्धि देखते हुए, 1200 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता वाला रिवरबेड पावरहाउस चालू किया गया है। बिजलीघर चलाने वाली नर्मदा नदी में 19,858 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। और सरदार झील में पानी की कुल मात्रा 1527.80 मिलियन क्यूबिक मीटर है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/69060/know-how-gujarat-benefits-from-rain-in-madhya-pradesh</link>
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                <pubDate>Wed, 20 Jul 2022 19:58:02 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बारिश के मौसम में भुट्टा खाईये, फायदा भी होगा और मजा भी आयेगा!</title>
                                    <description><![CDATA[बहुत से गुणों से भरपूर है मकई, न सिर्फ स्वाद के लिए बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है ये]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/80746/eat-corn-in-the-rainy-season-it-will-be-beneficial-and-enjoy-it-too"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-07/4825_cron-makka-makai.jpg" alt=""></a><br /><div>मानसून का मौसम आते ही मौसम मनमोहन हो उठता है। इस समय बहुत सी चीजें खाने का मन करने लगता है पर ऐसा वैसा कुछ कह लेना बीमारी को निमंत्रण देने जैसा है। ये मौसम कई बीमारियां लेकर आता है। इस मौसम में आप कॉर्न जैसे सुपरफूड का सेवन कर सकते हैं। इसमें कई पोषक तत्व होते हैं। यह आपको स्वस्थ रखने में मदद करता है।</div><div>आप मकई को चाट और सूप में भी शामिल कर सकते हैं। आप मकई को भून कर मक्के की तरह खा सकते हैं. इसमें मैंगनीज, जिंक, फास्फोरस, विटामिन बी5 और विटामिन बी6 होता है। ये पोषक तत्व शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। ये आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करते हैं। ये शरीर में खून की कमी को दूर करने का काम करते हैं। आइए जानते हैं मकई खाने के स्वास्थ्य लाभ।</div><div>मकई में मैग्नीशियम होता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह दिल से जुड़ी कई समस्याओं से बचाने में मदद करता है। यह दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। मकई प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है। इसमें फेरुलिक एसिड और अन्य एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ये इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है। ये गुण शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भी मदद करते हैं।</div><div>साथ ही मकई फाइबर में उच्च है। यह आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। इससे आपको भूख कम लगती है तो यह जल्दी वजन घटाने में मदद करता है। एनीमिया को दूर रखता है। मकई में कई विटामिन और खनिज होते हैं। इसमें आयरन होता है। यह खून की कमी को दूर करने में मदद करता है। यह नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है।</div><div>मक्के के सेवन से नर्वस सिस्टम अच्छे से काम करता है। इसमें अमीनो एसिड होता है। यह दिमाग को शांत करने में मदद करता है। ये याददाश्त बढ़ाने का काम करते हैं। वे तनाव कम करते हैं। इसका सेवन करने से मूड अच्छा रहता है। मकई के बीज में फेनोलिक एसिड और फ्लेवोनोइड जैसे गुण होते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स की समस्या को खत्म करने में मदद करते हैं। यह त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह महीन रेखाओं और झुर्रियों को दूर करने में मदद करता है। यह शरीर में कोलेजन के स्तर को बढ़ाता है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Jul 2022 21:00:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वलसाड : पानी के तेज बहाव में फंसे दो युवक का चमत्कारिक बचाव, बाइक पानी में बही</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार हो रही बरसात के कारण दक्षिण गुजरात के विभिन्न इलाकों में भरा पानी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/69041/valsad-the-miraculous-rescue-of-two-youths-trapped-in-the-strong-current-of-water-the-bike-fell-into-the-water"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-07/7478_news47.jpg" alt=""></a><br /><div>इन दिनों दक्षिण गुजरात समेत गुजरात के विभिन्न हिस्सों में जोरदार बारिश के कारण हर तरफ पानी भर गया है। तेज बरसात ने नदी नाले उफान पर आ गये है। इन परिस्थितयों के कारण लोगों को बहुत समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच वलसाड के कंजनरांचोड में कॉजवे से गुजर रहे एक बाइक पर सवार दो लोग पानी की एक धारा के बीच में फंस गए, लेकिन एक-दूसरे का हाथ मजबूती से पकड़कर बचकर बाहर आने में सफल रहे। हालांकि बाइक सड़क के पानी में फंस गई।</div><div>वलसाड जिले के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के कारण कोजवे पर पानी के बहाव इतना बढ़ गया कि उसे यातायात के लिए रोकना पड़ा। इस बीच, वलसाड तालुका के वेलवाच गाँव के दो दोस्तों ने बाइक से अपनी जान जोखिम में डालकर ओवरफ्लो कॉजवे से गुजरते समय अपना संतुलन खो दिया। पानी के तेज बहाव के बीच दोनों ने संयम से काम लिया और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर बाहर आ गये गए।</div><div>हालांकि, बाइक हाथ से फिसल जाने से उसकी बाइक बीच रास्ते में फंस गई और पानी के बहाव में बह गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर दौड़ पड़े। </div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Jul 2022 21:30:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गुजरात : बरसात के कारण हर जगह पानी भरने के बाद पुलिस की सेना बन रही आम जनता की मददगार</title>
                                    <description><![CDATA[विभिन्न इलाकों में जमा पानी के कारण परेशान लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है पुलिस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/69039/gujarat-after-filling-water-everywhere-due-to-rain-the-army-of-the-police-is-becoming-helpful-to-the-general-public"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-07/9217_news36.jpg" alt=""></a><br /><div>आज कल गुजरात के विभिन्न इलाकों में जोरदार बारिश हो रही हैं। कच्छ के नखतराना में भारी बारिश हुई। नखतराना तालुका में 5 इंच बारिश हुई है। भारी बारिश ने आसपास के गांवों में पानी भर गया। जिससे निवासियों को काफी परेशानी हुई है। नखतराना गांव में अचानक ही नाव चलने लगे है। आकाश आपदा के बीच खाकी की टीम लगातार काम कर रही है। चाहे ट्रैफिक पुलिस जवान हो या शहर की पुलिस, सभी सड़कों पर उतरकर आम जनों की मदद कर रहे है। वे यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे थे कि शहर और कस्बों के नागरिकों को बारिश में कम परेशानी न हो।</div><div>आपको बता दें कि कच्छ के नखतराना में भारी बारिश के बाद बस अड्डा क्षेत्र में पानी भर गया है। सड़क ढलान होने के कारण पानी का बहाव खतरनाक था। जिसमें एक एक्टिवा चालक बहने लगा था। वह मदद की गुहार लगा रहा था। इसी समय एक पुलिस वाला वहां आ गया और उसने बहादुरी से एक्टिवा चालक को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि चालक को बाहर निकालना मुश्किल हो गया। उस समय तीन-चार पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों के साथ रस्सी की मदद से एक्टिव चालक की जान बचाई। वीडियो जब गृह मंत्री हर्ष संघवी के पास पहुंचा तो उन्होंने पुलिस के प्रदर्शन की तारीफ की।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr" xml:lang="hi">कच्छ- नखत्राणा गाँव में पानी में मोटरसाइकल ओर आदमी को कच्छ पोलिस ने रसी की मदद से बहार निकाला! <br />अभिनंदन! <a href="https://t.co/BARUXiWVlL">pic.twitter.com/BARUXiWVlL</a></p>— Harsh Sanghavi (@sanghaviharsh) <a href="https://twitter.com/sanghaviharsh/status/1545365635319963648?ref_src=twsrc%5Etfw">July 8, 2022</a></blockquote> <div>गुजरात में आज कई जगहों पर बारिश का मौसम बना हुआ है। उस समय अहमदाबाद में ऐसा ही माहौल बना हुआ था और मेघराजा की कृपा से हर जगह पानी भर जाता था। सीजी रोड इलाके में इमारत की दीवार गिरने से कार कुचल गई और ट्रैफिक जाम हो गया था। कार देवपथ भवन की दीवार के नीचे दब गई और स्थानीय लोगों के प्रयासों के बाद कार को बाहर निकाला गया। ऑपरेशन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं।</div><div>बरसात की बात करें तो मेघ राजा ने राज्य के 202 तालुकों में तूफानी पारी खेली है। सबसे अधिक बारिश वलसाड के कपराडा में 8 इंच से अधिक की हुई है। वंसदा में 7 इंच, सूरत के महुवा में 6.5 इंच से अधिक, चिखली में 6 इंच, नखतराना, द्वारका, उमरपाड़ा, निजार और कल्याणपुर में 5 इंच, वाघई और खेरगाम में साढ़े 4 इंच से ज्यादा, बारडोली, जोदिया, विसावदर, खंभालिया में 4 इंच से ज्यादा, सागबरा, मांडवी, सूरत शहर में 4-4 इंच, नवसारी, परसाना, जेतपुर पावी में 4-4 इंच, गंडवी, वापी, डांग अहवा में 3.5 इंच, शेहरा, जामजोधपुर, बाबरा, भंवर में 3-3 इंच, हिम्मतनगर, सांखेड़ा, पारडी में 3-3 इंच बारिश हुई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 Jul 2022 21:13:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बस, थोड़ी सी और सहन करनी है गर्मी; इस बार मानसून शायद जल्दी आ जाए!</title>
                                    <description><![CDATA[इस साल सामान्य से 4 दिन पहले आएगा मानसून]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/80644/just-have-to-bear-a-little-more-heat-this-time-the-monsoon-may-come-early"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/9502_rain-monsoon-boy-umbrella.jpg" alt=""></a><br /><div>एक तरफ देश में भीषण गर्मी पड़ रही है। वहीं, मौसम विभाग ने मानसून का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग ने इस साल मानसून के जल्दी ही आने की संभावना है। मानसून 15 मई तक अंडमान-निकोबार और 26 मई को केरल पहुंचेगा। इस साल सामान्य से 4 दिन पहले मानसून आएगा।</div><div>आपको बता दें, देश के 70 फीसदी हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून से बारिश होती है। देश के लगभग 40 प्रतिशत किसान अपनी फसलों के लिए वर्षा पर निर्भर हैं। केरल से मानसून शुरू हो चुका है और पूरे देश में फैल रहा है। देश में पिछले 15 दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। लेकिन इस साल की शुरुआत में मानसून लोगों को गर्मी से निजात दिलाएगा। अंडमान द्वीप समूह में 14 से 16 मई के बीच पहली बारिश का अनुमान है। वहीं केरल में भी इस बार मानसून सामान्य से 4 दिन पहले आएगा। मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है। लेकिन इस साल मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।</div><div>उल्लेखनीय है कि चक्रवात आसनी के कारण उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम बदल गया है। आईएमडी ने गुरुवार को उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश में छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है। उड़ीसा के कुछ हिस्सों में गुरुवार सुबह से शुक्रवार सुबह तक गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 13 May 2022 14:29:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वायरल वीडियो : आसमान से बरस रही आफत, बिन मौसम ओलों ने फसलों को पहुँचाया भारी नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[मौसम विभाग ने आगे वाले दिनों में भी ऐसे ही मौसम की आशंका दिखाई]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/83210/viral-video-disaster-raining-from-the-sky-without-weather-hail-caused-heavy-damage-to-crops"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-01/9690_1.jpg" alt=""></a><br /><div>इन दिनों देश के विभिन्न हिस्सों में बिन मौसम बारिश हो रही है। इस बीच राजस्थान में एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसे देखकर आप परेशान हो जाएंगे। राजस्थान से दिल दहला देने वाले ओलावृष्टि के वायरल वीडियो में आसमां से ओलों के रूप में आफत बरसती नजर आ रही है। ये वीडियो महज 30 सेकंड का है लेकिन इसे देखना काफी परेशान कर सकता है।</div><div>आपको बता दें कि वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि आसमान से आफत ओलों बरस रहे है। मीडिया से बातचीत में कृषि उपनिदेशक सत्येंद्र पाठक ने बताया कि झालावाड़ जिले के मनोहरथाना, रायपुर के हिम्मतगढ़, पाटलिया व भवानीमंडी में ओलावृष्टि से गेहूं, अफीम, सरसों व धनियां की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं कृषि विभाग भी झालावाड़ में ओलावृष्टि से हुए नुकसान के बारे में सटीक जानकारी पाने के लिए और जरुरतमंद किसानों को मुआवजा दिलवाने के लिए लोगों से अपील की है कि जिन किसानों को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है वे टोल फ्री नंबर 18001021111 पर एसबीआई जनरल बीमा कंपनी को सूचना दे। इसके साथ साथ मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए बीकानेर, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, सीकर, अलवर, जयपुर, दौसा, भरतपुर और नागौर जिले में ओलावृष्टि की आशंका जताई है। अजमेर, भीलवाड़ा, बूंदी, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटा, बारां, झालावाड़, राजसमंद, जोधपुर, पाली और जैसलमेर में बारिश होने का अनुमान बताया है।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr" xml:lang="hi">राजस्थान के 'चेरापूंजी' कहे जाने वाले <a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%9D%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A1%E0%A4%BC?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#झालावाड़</a> में ओलों की बरसात, मनोहरथाना क्षेत्र में ऐसे हुई <a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%93%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%80?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ओलावृष्टी</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#राजस्थान</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#जलस्थान</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/%E0%A4%93%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ओलास्थान</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Rajasthan?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Rajasthan</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Kota?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Kota</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/KotaNews?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#KotaNews</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/rajasthanpatrika?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#rajasthanpatrika</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Patrika?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Patrika</a> <a href="https://t.co/tcLBEy7DPC">pic.twitter.com/tcLBEy7DPC</a></p>— KanaRam Mundiyar (@Krmundiyar) <a href="https://twitter.com/Krmundiyar/status/1478997657603301376?ref_src=twsrc%5Etfw">January 6, 2022</a></blockquote> <div>मौसम विभाग के अनुसान बीते 48 घंटे के दौरान हनुमानगढ़ के संगरिया में 38 एमएम, नागौर के नावा में 38 एमएम, परबतसर में 30 एमएम, मकराना में 48 एमएम, मेड़ता सिटी में 25 एमएम, श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ में 48 एमएम, अनूपगढ़ तहसील में 34 एमएम, श्रीगंगानगर में 26।2 एमएम, करणपुर में 26 एमएम, रावतसर में 25 एमएम, जयपुर के शाहपुरा में 29 एमएम, विराटनगर में 20 एमएम, सांभर में 18 एमएम, चौमूं में 16 एमएम, करौली में 14 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jan 2022 22:00:36 +0530</pubDate>
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                <title>गुजरात : बेमौसमी बरसात से किसानों में चिंता, फसलों के खराब होने की आशंका, भावनगर में मूंगफली का जत्था भीगा</title>
                                    <description><![CDATA[कल रात से राज्य के कई हिस्सों में बेमौसमी बरसात, अचानक बदला माहौल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68081/gujarat-unseasonal-rain-worries-farmers-fear-of-crop-failure-groundnut-batch-in-bhavnagar"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/farmer.jpg" alt=""></a><br /><div>कल देर रात राज्य में अचानक शुरू गैर-मौसमी बारिश के कारण माहौल बदला हुआ है और अभी भी इस बेमौसमी बारिश का संकट बना हुआ है। मौसम विभाग ने पहले ही इस बारिश को लेकर पूर्वानुमान लगाया था। गैर मौसमी बारिश को लेकर सभी जिला कलेक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है।</div><div>आपको बता दें कि कम दबाव और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इसकी भविष्यवाणी की गई है जो 1 से 2 दिसंबर तक रहेगा। ऐसे में किसानों के लिए फसलों को लेकर एडवाइजरी जारी की है। अहमदाबाद, दाहोद, सूरत, नवसारी, डांग, तापी, अहवा, मेहसाणा, पाटन, अमरेली, भावनगर, पोरबंदर में बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार सूरत जिले में गैर-मौसमी बारिश हो रही है। सुबह से ही मौसम बदल रहा है और बूंदाबांदी हो रही है। जिले के कामरेज में सुबह से ही बारिश हो रही है। पूरे जिले में काले बादल छाए रहे।</div><div>वहीं राजकोट शहर और जिले में माहौल बदल गया। जिले के गोंडल तालुका के कुछ गांवों में बारिश हुई। राजकोट जिले के ग्रामीण इलाकों में शाम तक बारिश होने की संभावना है। बेमौसम बारिश हुई तो जीरे की ज्यादातर फसल को नुकसान होगा। अगर बेमौसम बारिश हुई तो सर्दियों की फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना है। बेमौसम बारिश के पूर्वानुमान से राजकोट जिले के किसान चिंतित हैं। बादल छाए रहने से शहरी जनजीवन प्रभावित हो रहा है।</div><div>जामनगर में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज सुबह से पूरे शहर और जिले में मौसम बदल गया। शहर में सुबह से ही बादल छाए रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद मार्केटिंग यार्डों द्वारा एहतियाती कदम उठाए गए थे। कलावाड़ मार्केटिंग यार्ड आज से अनिश्चितकाल के लिए बंद है। आज से यार्ड में कोई लैंडिंग या सौदेबाजी नहीं होगी। अगले निर्देश के बाद एपीएमसी शुरू की जाएगी। यार्ड के अध्यक्ष युवराज सिंह जडेजा ने किसानों से वितरण के लिए नहीं आने की अपील की। 5 नवंबर से नई घोषणा होने तक हापा यार्ड से मूंगफली के राजस्व को रोक दिया गया है। साथ ही हापा यार्ड में प्याज और मिर्च के राजस्व को भी अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है।</div><div>वहीं अमरेली के खंभा तालुका में माहौल बदल गया। पूरी रात सर्दी के मौसम में बारिश होती रही। खंभा में धीमी बारिश से किसानों में बेचैनी है। किसान धूप, जीरा, चना और गेहूं सहित अपनी फसलों को नुकसान होने से डरे हुए हैं। खंभा बस अड्डा क्षेत्र बारिश के पानी से भर गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार देर रात से नर्मदा जिले में गैर-मौसमी बारिश हो रही है। बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान होने का अंदेशा है। बेमौसम बारिश से नर्मदा जिले के किसानों को अरहर, केला और गन्ने सहित फसलों को नुकसान होने का खतरा है। वडोदरा में भी देर रात से बारिश शुरू हो गई। ज्यादातर लोग घर से बाहर जाने से बच रहे हैं। पूरे छोटाउदेपुर जिले में हल्की गैर-मौसमी बारिश हुई। छोटाउदेपुर, बोडेली, सांखेड़ा, नसवाड़ी, क्वांट, पविजेटपुर तालुका में बारिश हुई। कपास, मक्का, अरहर, धान आदि फसलों में नुकसान की आशंका है।</div><div>भावनगर में भी कल रात से मौसम बदल गया है। रात भर हुई बूंदाबांदी के कारण मंडी में मूंगफली का जत्था भीग गया। मूंगफली के 25000 से अधिक यार्ड में खुले रखे हुए थे। यार्ड में मूंगफली के अलावा प्याज भी गीली हो गई है। आंधी के बाद हुई बेमौसम बारिश से किसान प्रभावित हुए हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Dec 2021 22:37:15 +0530</pubDate>
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                <title>मानो या ना मानो: इस देश में आसमान से बरसती हैं मछलियाँ, जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी</title>
                                    <description><![CDATA[मेक्सिको के पास स्थित होंडुरास में पिछले 100 सालों से हो रही है मछली की बारिश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>ये दुनिया अजीबोगरीब घटनाओं से भरी पड़ी है। आये दिन ऐसी कई घटनाओं और बातों के बारे में जानने को मिलता है जिनके बारे में सुनकर एक बार में तो विश्वास करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी घटनाओं के बारे में जानकर आप चौंक जाएंगे। ऐसे में हम आपको दुनिया की उस जगह के बारे में बताएंगे जहां हर साल मछलियों की बारिश होती है। यह अजीबोगरीब घटना यहां पिछले 100 सालों से हो रही है। सुनने में भले ही अजीब लगे पर दुनिया में एक ऐसा भी देश है जहाँ ये होता है और इस देश का नाम होंडुरास है जो मेक्सिको के पास स्थित है। मछली की बारिश दो या तीन साल से ज्यादा नहीं बल्कि 100 साल से ज्यादा समय से हो रही है। कभी-कभी ऐसा साल में एक या दो बार होता है। यह अजीब घटना वसंत या शुरुआती गर्मियों के मौसम में होती है।</div><div>आपको बता दें कि इस मछली की वर्षा के पीछे अटलांटिक महासागर जिम्मेदार है। अटलांटिक महासागर और होंडुरास के बीच की दूरी केवल 200 किलोमीटर है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अटलांटिक महासागर के कारण मछलियों की बारिश होती है। लेकिन यहां रहने वाले लोग कुछ और ही मानते हैं। वे इसे ईश्वर का चमत्कार मानते हैं। मछली की बारिश से पहले मूसलाधार बारिश कहा जाता है कि मूसलाधार बारिश मछली बारिश से पहले गिरती है और बिजली इतनी जोर से पड़ती है कि कोई भी घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं करता है। जब बारिश बंद हो जाती है और मौसम साफ हो जाता है, तो लोग अपने घरों को बाल्टी और टोकरियाँ लेकर सड़कों पर निकल पड़ते है और सडकों पर गिरी मछलियाँ घर लेकर जाते हैं। </div><div>गौरतलब है कि होंडुरन लोगों की मान्यता है कि 19वीं शताब्दी में यहां के लोगों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी, जिसके कारण लोग भूखे मर रहे थे। यह सब वहाँ रहने वाले स्पेनिश पुजारी से नहीं देखा जा सकता था। इसलिए उन्होंने तीन दिन और तीन रात तक लगातार प्रार्थना की। स्पेन के पादरी ने भगवान से चमत्कार करके यहां के गरीब लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था करने को कहा। कहा जा रहा है कि पादरी की प्रार्थना से होंडुरास में अंधेरा छा गया और फिर अचानक आसमान से मछलियों की बारिश हुई। तब से हर साल यहां यह चमत्कार होता आ रहा है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
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                <link>https://www.loktej.com/article/80270/believe-it-or-not-fish-rain-from-the-sky-in-this-country-know-the-full-story-behind-it</link>
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                <pubDate>Tue, 02 Nov 2021 21:20:30 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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