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                <title>Narendra Modi - Loktej</title>
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                <description>Narendra Modi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नॉर्डिक समिट के बाद इटली पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रोम, 19 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप दौरे के अंतिम चरण में आज इटली पहुंचे हैं, जहां वह अपनी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।</p>
<p>यह मुलाकात वैश्विक सुरक्षा और रणनीतिक प्राथमिकताओं के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इस कूटनीतिक बैठक में दोनों वैश्विक नेताओं के बीच रक्षा सहयोग को नई गति देने, ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय व्यापार और महत्वाकांक्षी ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।</p>
<p>यह वार्ता भारत और इटली के बीच दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी को एक बिल्कुल नया और कूटनीतिक मुकाम प्रदान करेगी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147197/prime-minister-narendra-modi-reached-italy-after-nordic-summit"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/5077_modi.jpg" alt=""></a><br /><p>रोम, 19 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप दौरे के अंतिम चरण में आज इटली पहुंचे हैं, जहां वह अपनी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।</p>
<p>यह मुलाकात वैश्विक सुरक्षा और रणनीतिक प्राथमिकताओं के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इस कूटनीतिक बैठक में दोनों वैश्विक नेताओं के बीच रक्षा सहयोग को नई गति देने, ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय व्यापार और महत्वाकांक्षी ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।</p>
<p>यह वार्ता भारत और इटली के बीच दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी को एक बिल्कुल नया और कूटनीतिक मुकाम प्रदान करेगी।</p>
<p>इससे पहले प्रधानमंत्री ने ओस्लो में संपन्न हुए ‘तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने आइसलैंड, फिनलैंड, डेनमार्क और स्वीडन के नेताओं के साथ कूटनीतिक संवाद किया।</p>
<p>इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों को नई रणनीतिक दिशा देना है, जिसमें आधुनिक टेक्नोलॉजी, हरित ऊर्जा (Green Transition) और नवाचार (Innovation) को प्रमुखता दी गई है।</p>
<p>साथ ही, सस्टेनेबिलिटी, ब्लू इकोनॉमी, अंतरिक्ष मिशन और आर्कटिक क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक मजबूती देने का बड़ा संकल्प लिया गया है, जो भविष्य की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सहायक सिद्ध होगा।</p>
<p>ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे के साथ हुई सार्थक बातचीत के दौरान दोनों देशों ने अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को ‘हरित रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर उन्नत करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के व्यापारिक समुदाय को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि ‘भारत-ईएफटीए’ (टीईपीए) समझौता लागू होने के बाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में नई ऊर्जा आई है।</p>
<p>इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास और इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में नॉर्वे की भागीदारी को भारत ने एक सुखद और सकारात्मक कदम बताया है, जिससे खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा जैसी वैश्विक समस्याओं का स्थाई हल निकालने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 14:45:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीदरलैंड ने औपचारिक रूप से सदियों पुराने अनैमंगलम ताम्रपत्र भारत को लौटाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 मई (वेब वार्ता)। भारत की सांस्कृतिक विरासत को लेकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। नीदरलैंड ने औपचारिक रूप से सदियों पुरानी अनैमंगलम ताम्रपत्र भारत को सौंप दिए हैं।</p>
<p>चोल काल से जुड़े इन दुर्लभ तांबे के शिलालेखों की वापसी को औपनिवेशिक काल में बाहर ले जाई गई भारतीय धरोहरों की पुनर्प्राप्ति की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह ऐतिहासिक वापसी पीएम मोदी की पांच देशों की यात्रा के दौरान नीदरलैंड दौरे में हुई।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नीदरलैंड में ‘लीडेन प्लेट्स’ के नाम से प्रसिद्ध ये ताम्रपत्र लंबे समय से लीडेन यूनिवर्सिटी में सुरक्षित रखे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147182/netherlands-formally-returns-centuries-old-anaimangalam-copper-plates-to-india"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 18 मई (वेब वार्ता)। भारत की सांस्कृतिक विरासत को लेकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। नीदरलैंड ने औपचारिक रूप से सदियों पुरानी अनैमंगलम ताम्रपत्र भारत को सौंप दिए हैं।</p>
<p>चोल काल से जुड़े इन दुर्लभ तांबे के शिलालेखों की वापसी को औपनिवेशिक काल में बाहर ले जाई गई भारतीय धरोहरों की पुनर्प्राप्ति की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह ऐतिहासिक वापसी पीएम मोदी की पांच देशों की यात्रा के दौरान नीदरलैंड दौरे में हुई।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नीदरलैंड में ‘लीडेन प्लेट्स’ के नाम से प्रसिद्ध ये ताम्रपत्र लंबे समय से लीडेन यूनिवर्सिटी में सुरक्षित रखे गए थे। माना जाता है कि ये शिलालेख 985 से 1014 ईस्वी के बीच चोल सम्राट के शासनकाल से जुड़े हैं।</p>
<p>इतिहासकार इन्हें तमिल सभ्यता और चोल प्रशासनिक व्यवस्था का एक अहम दस्तावेज मानते हैं। इन अभिलेखों में नागापट्टिनम स्थित बौद्ध मठ ‘चूड़ामणि विहार’ को दिए गए भूमि अनुदान, कर व्यवस्था और राजस्व संबंधी जानकारियां दर्ज हैं। यह मठ श्रीविजय साम्राज्य के शासक श्री मार विजयोतुंग वर्मन द्वारा बनवाया गया था।</p>
<p>विशेषज्ञों के मुताबिक ये ताम्रपत्र केवल प्रशासनिक अभिलेख नहीं, बल्कि उस दौर के समुद्री व्यापार, धार्मिक सह-अस्तित्व और दक्षिण भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के सांस्कृतिक संबंधों का अहम प्रमाण हैं। इनसे यह पता चलता है कि चोल शासकों ने बौद्ध संस्थानों को संरक्षण देकर धार्मिक सद्भाव की परंपरा को मजबूत किया था।</p>
<p>इतिहासकार मानते हैं कि यह काल भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच मजबूत सांस्कृतिक और व्यापारिक संपर्कों का स्वर्णिम दौर था। इन ताम्रपत्रों में 21 बड़ी और 3 छोटी तांबे की प्लेटें शामिल हैं, जिनका कुल वजन करीब 30 किलोग्राम है।</p>
<p>इन्हें एक गोलाकार तांबे की रिंग से जोड़ा गया है, जिस पर शाही चोल मुहर लगी है। हालांकि मूल अनुदान राजराज चोल प्रथम के शासनकाल में जारी हुआ था, लेकिन बाद में उनके पुत्र राजेंद्र चोल ने इन्हें स्थाई संरक्षण के लिए तांबे की प्लेटों पर खुदवाने का आदेश दिया था।</p>
<p>इतिहासकारों का मानना है कि ये ताम्रपत्र 18वीं शताब्दी में डच औपनिवेशिक शासन के दौरान यूरोप ले जाए गए थे। उस समय डच ईस्ट इंडिया कंपनी ने कोरोमंडल तट पर अपना प्रभाव बढ़ाया था और नागापट्टिनम को प्रमुख केंद्र बनाया था।</p>
<p>भारत कई सालों से इन ऐतिहासिक धरोहरों की वापसी के लिए प्रयास कर रहा था। 2022 में नीदरलैंड द्वारा औपनिवेशिक काल की कलाकृतियों की वापसी संबंधी नई नीति अपनाने के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आई और आखिरकार अब यह अमूल्य विरासत भारत को वापस मिल गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 15:36:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वीडन में पीएम मोदी ने यूरोपीय उद्योगपतियों को दिया भारत में निवेश का न्योता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गोथेनबर्ग, 18 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के प्रमुख औद्योगिक केंद्र गोथेनबर्ग में आयोजित ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ (ERT) के एक विशेष और हाई-प्रोफाइल सत्र को संबोधित करते हुए यूरोप की शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों से भारत के विकास पथ में भागीदार बनने और बड़े पैमाने पर निवेश करने की कूटनीतिक अपील की है।</p>
<p>स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की संयुक्त मेजबानी में आयोजित इस शिखर बैठक में वोडाफोन, एरिक्सन, नोकिया, शेल, वोल्वो, एयरबस और नेस्ले जैसी दुनिया की 55 सबसे प्रभावशाली कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147176/pm-modi-in-sweden-invites-european-industrialists-to-invest-in"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/9726_modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>गोथेनबर्ग, 18 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के प्रमुख औद्योगिक केंद्र गोथेनबर्ग में आयोजित ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ (ERT) के एक विशेष और हाई-प्रोफाइल सत्र को संबोधित करते हुए यूरोप की शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों से भारत के विकास पथ में भागीदार बनने और बड़े पैमाने पर निवेश करने की कूटनीतिक अपील की है।</p>
<p>स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की संयुक्त मेजबानी में आयोजित इस शिखर बैठक में वोडाफोन, एरिक्सन, नोकिया, शेल, वोल्वो, एयरबस और नेस्ले जैसी दुनिया की 55 सबसे प्रभावशाली कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) और चेयरपर्सन ने हिस्सा लिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी नेवैश्विक व्यापारिक समुदाय के सामने भारत-यूरोप के बीच गहरे औद्योगिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने के लिए एक विशेष पांच-स्तरीय कूटनीतिक ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत की और हर कंपनी से अगले पांच वर्षों में भारत के लिए एक नया निवेश संकल्प लेने का आह्वान किया।</p>
<p>डिजिटल मीडिया को साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने दोनों क्षेत्रों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख सेक्टर्स की पहचान की है, जिनमें टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व सेमीकंडक्टर, ग्रीन ट्रांजिशन व क्लीन एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर व मोबिलिटी, और हेल्थकेयर व लाइफ साइंसेज शामिल हैं।</p>
<p>इन क्षेत्रों में सहयोग को गति देने के लिए पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक और संस्थागत तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें सालाना भारत-यूरोप सीईओ राउंडटेबल का आयोजन, सेक्टर-विशिष्ट वर्किंग ग्रुप्स का गठन और भारत में काम करने वाली यूरोपीय कंपनियों की मदद के लिए एक समर्पित ‘ERT इंडिया डेस्क’ या ‘इंडिया एक्शन ग्रुप’ की स्थापना शामिल है।</p>
<p>उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए भारत- यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की सराहना करते हुए इसे व्यापार विस्तार की ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया।</p>
<p>वैश्विक निवेशकों को आश्वस्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की मजबूत आर्थिक प्रगति और पिछले बारह वर्षों में किए गए युगांतरकारी नीतिगत सुधारों का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसमें माल एवं सेवा कर (GST) का सफल क्रियान्वयन, इन्सॉल्वेंसी रिफॉर्म्स, कॉर्पोरेट टैक्स में ऐतिहासिक कटौती, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम्स और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का उदारीकरण शामिल हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 1.4 बिलियन उपभोक्ताओं के बाजार और दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ भारत आज वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे चमकता सितारा है।</p>
<p>सरकार इन कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से पहचाने गए प्रत्येक बड़े और फ्लैगशिप प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए पूर्ण संस्थागत और प्रशासनिक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को आने वाले समय में एक नई कूटनीतिक मजबूती मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147176/pm-modi-in-sweden-invites-european-industrialists-to-invest-in</link>
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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 15:05:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीदरलैंड में द्विपक्षीय संबंधों की महत्वाकांक्षी रूपरेखा पर सहमति के बाद मोदी स्वीडन रवाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दे हेग17 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि उनकी नीदरलैंड यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिली है और संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।</p>
<p>पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में दो दिन की नीदरलैंड यात्रा संपन्न होने के बाद श्री मोदी ने रविवार को कहा कि नीदरलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत से दोनों देशों ने भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा तैयार की है।</p>
<p>नीदरलैंड की यात्रा के बाद श्री मोदी यात्रा के तीसरे पड़ाव स्वीडन के लिए रवाना हो गये। श्री मोदी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147170/modi-leaves-for-sweden-after-agreeing-on-an-ambitious-roadmap"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-11/5077_modi.jpg" alt=""></a><br /><p>दे हेग17 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि उनकी नीदरलैंड यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिली है और संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।</p>
<p>पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में दो दिन की नीदरलैंड यात्रा संपन्न होने के बाद श्री मोदी ने रविवार को कहा कि नीदरलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत से दोनों देशों ने भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा तैयार की है।</p>
<p>नीदरलैंड की यात्रा के बाद श्री मोदी यात्रा के तीसरे पड़ाव स्वीडन के लिए रवाना हो गये। श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा ,” मेरी नीदरलैंड यात्रा ने भारत-नीदरलैंड संबंधों को नई गति प्रदान की है।</p>
<p>हमारे संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी तक उन्नत करने से लेकर जल संसाधनों, सेमीकंडक्टर, नवाचार, रक्षा, स्थिरता और गतिशीलता में सहयोग के विस्तार तक, हमने भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा तैयार की है। मैं प्रधानमंत्री रॉब जेटन के प्रति उनकी गर्मजोशी भरी मेहमाननवाज़ी और व्यक्तिगत रूप से हवाई अड्डे पर आकर विदाई देने के लिए अपना आभार व्यक्त करता हूँ।</p>
<p>मुझे विश्वास है कि भारत और नीदरलैंड के बीच मित्रता आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होती रहेगी।” इससे पहले श्री मोदी ने प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ नीदरलैंड की प्रतिष्ठित जल प्रबंधन संरचना, अफस्लुइटडिज्क का भ्रमण किया।</p>
<p>इस यात्रा ने नवोन्मेषी जल प्रबंधन समाधान, जलवायु सहनशीलता तथा सतत अवसंरचना के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। यह 32 किलोमीटर लंबा अफस्लुइटडिज्क बांध और उससे बना पुल बाढ़ नियंत्रण और भूमि सुधार के क्षेत्र में एक वैश्विक मिसाल है।</p>
<p>यह बांध नीदरलैंड के बड़े हिस्से को उत्तरी सागर से बचाता है और साथ ही मीठे पानी के भंडारण को भी संभव बनाता है। बांध के भ्रमण के दौरारन गुजरात राज्य में अफस्लुइटडिज्क और भारत की महत्वाकांक्षी कल्पसर परियोजना के बीच समानताओं पर प्रकाश डाला गया।</p>
<p>कल्पसर परियोजना का उद्देश्य खंभात की खाड़ी में एक मीठे पानी का जलाशय बनाना है, जो ज्वारीय बिजली उत्पादन, सिंचाई और परिवहन बुनियादी ढांचे को एकीकृत करता है।</p>
<p>इस संबंध में, दोनों पक्षों ने कल्पसर परियोजना पर तकनीकी सहयोग के लिए भारत के जल शक्ति मंत्रालय और नीदरलैंड के बुनियादी ढांचा और जल प्रबंधन मंत्रालय के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया।</p>
<p>दोनों नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि जल अभियांत्रिकी में नीदरलैंड की विशेषज्ञता और भारत की व्यापक कार्यान्वयन क्षमता परस्पर लाभकारी साझेदारियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती हैं।</p>
<p>यह यात्रा जल क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड सामरिक साझेदारी की पुनर्पुष्टि करती है तथा नवाचार और सतत विकास के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 20:57:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी की ‘ऊर्जा बचत और नो गोल्ड’ अपील को वैज्ञानिकों का मिला बड़ा समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देहरादून, 16 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।</p>
<p>कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इस संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा</p>
<p>संसाधनों का सीमित उपयोग करने और अगले एक साल तक सोना (गोल्ड) न खरीदने की विशेष अपील की है। चूंकि ईंधन और सोने दोनों का बड़े पैमाने पर आयात करना पड़ता है, जिसके लिए देश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147153/pm-modis-energy-saving-and-no-gold-appeal-gets-huge"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/5265_narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>देहरादून, 16 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।</p>
<p>कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इस संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा</p>
<p>संसाधनों का सीमित उपयोग करने और अगले एक साल तक सोना (गोल्ड) न खरीदने की विशेष अपील की है। चूंकि ईंधन और सोने दोनों का बड़े पैमाने पर आयात करना पड़ता है, जिसके लिए देश को कीमती विदेशी मुद्रा (डॉलर) खर्च करनी पड़ती है।</p>
<p>पीएम की इस मुहिम से आयात में कमी आएगी, जिससे न केवल देश का राजस्व बचेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रुपया भी मजबूत होगा।</p>
<p>वातावरण और पर्यावरण वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री की इस ‘नो गोल्ड, सेव एनर्जी’ अपील का पुरजोर समर्थन किया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऊर्जा संसाधनों और वाहनों के अत्यधिक उपयोग से निकलने वाले धुएं के कारण ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज (जलवायु परिवर्तन) की समस्या वैश्विक स्तर पर एक अत्यंत गंभीर चुनौती बन चुकी है।</p>
<p>यदि देश की जनता स्वेच्छा से ऊर्जा की खपत को कम करती है, तो इससे कार्बन उत्सर्जन में भारी गिरावट आएगी। यह अनुकरणीय कदम न केवल मैदानी इलाकों के पर्यावरण को शुद्ध करेगा, बल्कि बढ़ते तापमान के कारण पिघल रहे हिमालई क्षेत्रों और वहां के ग्लेशियरों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी और रक्षा कवच साबित होगा।</p>
<p>वैज्ञानिकों ने इस संदर्भ में कोरोना काल के दौरान देश में लगे लॉकडाउन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय मानवीय और औद्योगिक गतिविधियां थमने से पर्यावरण पूरी तरह स्वतः रीसेट (स्वस्थ) हो गया था।</p>
<p>लॉकडाउन के दौरान गंगा नदी हरिद्वार तक पूरी तरह प्रदूषण मुक्त और निर्मल हो गई थी, हवा की गुणवत्ता में ऐतिहासिक सुधार हुआ था और हिमालई क्षेत्रों में जैव विविधता को नया जीवन मिला था।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम मोदी की इस अपील को अपनाकर हम बिना किसी पाबंदी के, स्वेच्छा से पर्यावरण को वही पुराना जीवन दे सकते हैं।</p>
<p>देश की जनता द्वारा संसाधनों की इस किफायत को अपनाने से देश की आर्थिक सेहत मजबूत होने के साथ-साथ नाजुक हिमालई तंत्र को एक नई संजीवनी मिलना तय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 14:56:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प.एशिया में शांति के लिए भारत हर संभव सहयोग देने को तैयार : प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई में कहा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अबू धाबी, 15 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ शुक्रवार को बातचीत की और इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी और अल नाहयान की मुलाकात मोदी के पांच देशों के दौरे के पहले चरण में यूएई पहुंचने के तत्काल बाद हुई।</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात के नेता के साथ बैठक की शुरुआत में मोदी ने कहा कि हमने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की निंदा की।</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147127/india-is-ready-to-provide-all-possible-support-for-peace"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/9726_modi1.jpg" alt=""></a><br /><p>अबू धाबी, 15 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ शुक्रवार को बातचीत की और इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी और अल नाहयान की मुलाकात मोदी के पांच देशों के दौरे के पहले चरण में यूएई पहुंचने के तत्काल बाद हुई।</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात के नेता के साथ बैठक की शुरुआत में मोदी ने कहा कि हमने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की निंदा की।</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी-इजरायल युद्ध के दौरान ईरानी हमलों का शिकार हुआ है। यहां अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य अड्डा है।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह अस्वीकार्य है लेकिन यूएई ने जिस तरह से संयम रखते हुए मौजूदा स्थिति को संभाला है वह प्रशंसनीय है।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पश्चिम एशियाई संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव सहयोग करने को तैयार है।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री का हवाई अड्डे पर यूएई के राष्ट्रपति ने स्वागत किया, जो मोदी की यात्रा को यूएई द्वारा दिए जा रहे महत्व को दर्शाता है। मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।</p>
<p>मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट कहा, ‘‘अबू धाबी हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के लिए मैं अपने भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का आभार व्यक्त करता हूं।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऊर्जा, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भारत और यूएई के बीच संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से होने वाली हमारी चर्चाओं के लिए उत्सुक हूं।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विश्व</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:02:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच पीएम मोदी की बचत अपील: दुनिया के 40 देशों ने लागू किए सख्त नियम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 14 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और टूटती सप्लाई चेन के कारण उपजे वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और सोना बचाने की अपील की है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, भारत से पहले दुनिया के 40 से अधिक देश ऐसे सख्त कदम उठा चुके हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका ने ऊर्जा बचाने के लिए वर्क फ्रॉम होम कल्चर को दोबारा अपना लिया है।</p>
<p>इन देशों में पेट्रोल की राशनिंग, दफ्तरों के समय में कटौती और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे उपाय युद्ध स्तर पर लागू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147119/pm-modis-saving-appeal-amid-global-energy-crisis-40-countries"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-09/5265_narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 14 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और टूटती सप्लाई चेन के कारण उपजे वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और सोना बचाने की अपील की है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, भारत से पहले दुनिया के 40 से अधिक देश ऐसे सख्त कदम उठा चुके हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका ने ऊर्जा बचाने के लिए वर्क फ्रॉम होम कल्चर को दोबारा अपना लिया है।</p>
<p>इन देशों में पेट्रोल की राशनिंग, दफ्तरों के समय में कटौती और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे उपाय युद्ध स्तर पर लागू किए गए हैं ताकि चरमराती अर्थव्यवस्था को संभाला जा सके।</p>
<p>ऊर्जा संकट से निपटने के लिए हर देश अपनी रणनीति बना रहा है। श्रीलंका में चार दिवसीय कार्य सप्ताह और शाम को स्ट्रीट लाइट बंद रखने का नियम है, जबकि बांग्लादेश में एसी का तापमान 25°C पर फिक्स कर दिया गया है।</p>
<p>पाकिस्तान में रात 8 बजे बाजार बंद किए जा रहे हैं और नेपाल ने सरकारी वाहनों के लिए ईंधन का कोटा तय कर दिया है। चीन अपनी निर्भरता घटाने के लिए बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर ऊर्जा का सहारा ले रहा है।</p>
<p>जॉर्डन और इंडोनेशिया जैसे देशों ने तो गैर- जरूरी आधिकारिक विदेश यात्राओं पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहे।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी की अपील का उद्देश्य देश को आर्थिक मंदी से बचाना और घरेलू मुद्रा को मजबूत करना है। सरकार चाहती है कि नागरिक विदेश यात्राओं के बजाय देश में पर्यटन को बढ़ावा दें, जिससे पैसा भारत के व्यापारियों के पास ही रहे।</p>
<p>पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के पीछे का तर्क यह है कि वैश्विक कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार ने जनता पर बोझ नहीं डाला है, लेकिन इसे बनाए रखने के लिए खपत कम करना अनिवार्य है।</p>
<p>भारत में भी मंत्रियों की फ्लीट कम करने और भविष्य में ऑड-ईवन जैसे सिस्टम लागू करने पर विचार किया जा रहा है ताकि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में देश की आर्थिक रफ्तार सुरक्षित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147119/pm-modis-saving-appeal-amid-global-energy-crisis-40-countries</link>
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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 15:16:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल का बड़ा फैसला, अब नहीं करेंगे पायलटिंग और एस्कॉर्ट कार का इस्तेमाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने और किफ़ायत अपनाने की अपील के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक निर्णय लिया है।</p>
<p>उन्होंने घोषणा की है कि जब तक मौजूदा युद्ध जैसे हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक वे किसी भी सरकारी या निजी कार्यक्रम में पायलटिंग और एस्कॉर्ट कार का उपयोग नहीं करेंगे।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया है। मंगलवार को वे अपने निर्धारित कार्यक्रमों में बिना पायलट और एस्कॉर्ट वाहन के पहुंचे। उनके इस कदम का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल और डीज़ल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147085/surat-union-minister-cr-patils-big-decision-now-he-will"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-05/b12052026-03.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने और किफ़ायत अपनाने की अपील के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक निर्णय लिया है।</p>
<p>उन्होंने घोषणा की है कि जब तक मौजूदा युद्ध जैसे हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक वे किसी भी सरकारी या निजी कार्यक्रम में पायलटिंग और एस्कॉर्ट कार का उपयोग नहीं करेंगे।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया है। मंगलवार को वे अपने निर्धारित कार्यक्रमों में बिना पायलट और एस्कॉर्ट वाहन के पहुंचे। उनके इस कदम का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल और डीज़ल की बचत कर देशहित में योगदान देना बताया गया है।</p>
<p>सी.आर. पाटिल ने कहा कि मौजूदा समय में पूरी दुनिया कच्चे तेल के संकट और बढ़ती चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के नाते ईंधन बचाना सभी का कर्तव्य है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिस तरह उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘जल शक्ति’ और ‘कैच द रेन’ जैसे अभियानों को जनआंदोलन बनाने का प्रयास किया, उसी तरह अब वे फ्यूल सेविंग का संदेश भी लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।</p>
<p>राजनीतिक और सामाजिक हलकों में केंद्रीय मंत्री के इस फैसले की सराहना की जा रही है। माना जा रहा है कि इससे अन्य जनप्रतिनिधियों और राज्यों की सरकारों को भी सादगी और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरणा मिलेगी।</p>
<p>सी.आर. पाटिल की इस पहल से आम नागरिकों के बीच भी सकारात्मक संदेश गया है कि जब नेतृत्व स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करता है, तभी समाज में व्यापक बदलाव संभव होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147085/surat-union-minister-cr-patils-big-decision-now-he-will</link>
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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 19:11:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम की ‘नो गोल्ड’ अपील से ज्वैलरी बाजार में हड़कंप: दिग्गज कंपनियों के शेयर धड़ाम, निवेशकों को करोड़ों का नुकसान </title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 12 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से अगले एक साल तक गैर- जरूरी सोना न खरीदने की अपील के बाद सोमवार को शेयर बाजार में ज्वैलरी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस कदम के पीछे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने और व्यापार संतुलन को सुधारने का तर्क दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस अपील से आने वाले समय में सोने की मांग में बड़ी कमी आ सकती है, जिससे बड़े ज्वैलरी शोरूम्स की बिक्री और मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा।</p>
<p>निवेशकों के बीच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147080/pms-no-gold-appeal-creates-panic-in-jewelery-market-shares"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-07/gold-ingots-treasure-bullion-gold-bars-wealth.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 12 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से अगले एक साल तक गैर- जरूरी सोना न खरीदने की अपील के बाद सोमवार को शेयर बाजार में ज्वैलरी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस कदम के पीछे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने और व्यापार संतुलन को सुधारने का तर्क दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस अपील से आने वाले समय में सोने की मांग में बड़ी कमी आ सकती है, जिससे बड़े ज्वैलरी शोरूम्स की बिक्री और मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा।</p>
<p>निवेशकों के बीच इस घोषणा के बाद से बेचैनी का माहौल है और ज्वैलरी सेक्टर की चमक फीकी पड़ती दिख रही है।</p>
<p>बीते रविवार को हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय युद्धों और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता का हवाला देते हुए नागरिकों से राष्ट्रहित में एकजुट होने का आह्वान किया था।</p>
<p>उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सोने जैसी महंगी वस्तुओं के आयात को कम करने में मदद करें ताकि देश की पूंजी बाहर न जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने रोजमर्रा के जीवन में “मेड-इन-इंडिया” उत्पादों को प्राथमिकता देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में सप्लाई चेन को सुचारू रखने के लिए संयम और स्वदेशी अपनाना अनिवार्य है।</p>
<p>प्रधानमंत्री की इस अपील पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसे सरकार की विफलता का प्रमाण बताया।</p>
<p>उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 12 वर्षों के शासन के बाद अब जनता से बलिदान मांगा जा रहा है कि वे क्या खरीदें और क्या नहीं। गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपनी नाकामियों की जिम्मेदारी जनता पर डालकर जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने इसे एक समझौतावादी नेतृत्व का संकेत बताते हुए कहा कि देश को इस मोड़ पर लाकर खड़ा करना सरकार की नीतियों की हार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 14:52:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोमनाथ मंदिर जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूर्ण: अमृत महोत्सव में शामिल हुए पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सोमनाथ, 11 मई (वेब वार्ता)। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम भगवान सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया।</p>
<p>इस गौरवशाली उत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से शिरकत की। गौरतलब है कि यह महोत्सव स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 11 मई 1951 को पुनर्निर्मित मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा और उद्घाटन की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्र की प्रगति और सांस्कृतिक गौरव के पुनरुत्थान पर बल दिया।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147062/pm-modi-participates-in-amrit-mahotsav-commemorating-75-years-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/6751_somnath.jpg" alt=""></a><br /><p>सोमनाथ, 11 मई (वेब वार्ता)। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम भगवान सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया।</p>
<p>इस गौरवशाली उत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से शिरकत की। गौरतलब है कि यह महोत्सव स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 11 मई 1951 को पुनर्निर्मित मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा और उद्घाटन की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्र की प्रगति और सांस्कृतिक गौरव के पुनरुत्थान पर बल दिया।</p>
<p>कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर के गर्भगृह में पूर्ण विधि-विधान के साथ महादेव की पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर न्यास द्वारा आयोजित विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और जलाभिषेक कर लोक कल्याण की प्रार्थना की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और इस पावन स्थल के ऐतिहासिक महत्व को याद किया। उनके साथ मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी और कई गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण शिवमय और भक्तिमय हो गया।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट आस्था और पुनर्निर्माण की शक्ति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि जिस मंदिर को इतिहास में कई बार नष्ट करने का प्रयास किया गया, वह आज अपनी पूरी भव्यता के साथ नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहा है।</p>
<p>अमृत महोत्सव के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को भारत के आध्यात्मिक वैभव और डॉ. राजेंद्र प्रसाद व सरदार पटेल के योगदान से परिचित कराया जा रहा है। महोत्सव के तहत मंदिर परिसर को विशेष रोशनी और फूलों से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/147062/pm-modi-participates-in-amrit-mahotsav-commemorating-75-years-of</link>
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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 15:43:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस अपनी अकड़ की वजह से फेल हुई, डीएमके को दिया धोखा : पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बेंगलुरु, 10 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपनी चुनावी हार के लिए ‘पूरी दुनिया’ को दोषी ठहराती है और यह सब उसकी अकड़ की वजह से है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने तमिलनाडु में अपने सहयोगी डीएमके को भी धोखा दिया है।</p>
<p>बेंगलुरु में एचएएल एयरपोर्ट के पास एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जहां एक तरफ भाजपा चुनावी जीत हासिल कर रही है, वहीं कांग्रेस (जिसके पास करीब 40 साल पहले 400 से ज्यादा सीटें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147042/congress-failed-because-of-its-arrogance-pm-modi-betrayed-dmk"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरु, 10 मई (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपनी चुनावी हार के लिए ‘पूरी दुनिया’ को दोषी ठहराती है और यह सब उसकी अकड़ की वजह से है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने तमिलनाडु में अपने सहयोगी डीएमके को भी धोखा दिया है।</p>
<p>बेंगलुरु में एचएएल एयरपोर्ट के पास एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जहां एक तरफ भाजपा चुनावी जीत हासिल कर रही है, वहीं कांग्रेस (जिसके पास करीब 40 साल पहले 400 से ज्यादा सीटें थीं) पिछले तीन लोकसभा चुनावों में 100 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई है।</p>
<p>हालांकि कांग्रेस और उसके समर्थकों की अकड़ इतनी ज्यादा है कि वे अपनी हार के लिए पूरी दुनिया को दोषी ठहराते हैं।”</p>
<p>पीएम मोदी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “वे संविधान, लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और अदालतों को दोषी ठहराते हैं। अपने राजनीतिक करियर में मैंने किसी भी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी को ऐसा बर्ताव करते कभी नहीं देखा। वे हार में इतने गहरे डूब चुके हैं कि उनके पास अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के अलावा कोई और चारा ही नहीं बचा है।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “भाजपा सरकारों के लिए लोगों का कल्याण ही सब कुछ है। 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। हमारा नारा है ‘सबका कल्याण’, और हमारा मॉडल है ‘सुशासन’। यही वजह है कि लोग भाजपा को दूसरी और तीसरी बार भी अपनी सेवा करने का मौका दे रहे हैं।”</p>
<p>उन्होंने कहा, “राज्यों में कांग्रेस की सरकारें दूसरी बार सत्ता में वापस नहीं आ पातीं। सत्ता में आने के एक साल के अंदर ही उनके खिलाफ लोगों में नाराजगी शुरू हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कांग्रेस सिर्फ धोखा देना जानती है। उनकी ‘गारंटियां’ भी झूठी होती हैं। कांग्रेस पार्टी की किताब में ‘सुशासन’ नामक कोई अध्याय ही नहीं है।”</p>
<p>उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कर्नाटक में भी हम पिछले तीन सालों से यही देख रहे हैं। लोगों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय, इस सरकार का ज्यादातर समय अपनी अंदरूनी कलह को सुलझाने में ही बीत गया। कोई नहीं कह सकता कि मुख्यमंत्री कब तक सत्ता में बने रहेंगे या किसी दूसरे नेता को मौका मिलेगा या नहीं। उनका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।”</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ यही नहीं, मैंने देखा कि तमिलनाडु में चुनाव प्रक्रिया के दौरान दिल्ली में बैठा उनका इकोसिस्टम देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। 4 मई को नतीजे आने के बाद भी अब तक केरल में सरकार नहीं बन सकी है।</p>
<p>उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, “यह इकोसिस्टम केरल के मामले में चुप रहता है। उन्हें खुद नहीं पता कि उनके पास पांच साल के लिए दो मुख्यमंत्री होंगे या हर साल एक-एक करके पांच मुख्यमंत्री होंगे। वे किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।”</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, “कांग्रेस अपने ही नेताओं से वादे करने के बाद उन्हें धोखा देती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और राजस्थान में ऐसा ही किया। कर्नाटक में भी यही खेल चल रहा है और केरल में भी वे यही कर रहे हैं।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश में यह जानकर आपको हैरानी होगी कि वहां क्या हो रहा है। वे ऐसे मामलों को मीडिया में आने नहीं दे रहे हैं। वे अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रहे हैं।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, “तेलंगाना में भी हालात ऐसे हैं कि किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर किया जा रहा है। जहां भी कांग्रेस सत्ता में होती है, वहां या तो तुष्टीकरण की राजनीति के लिए सरकारी खजाने को लूटा जाता है या फिर लूटे हुए पैसे को लेकर आपस में झगड़ा होता है।</p>
<p>कांग्रेस की पहचान एक धोखेबाज पार्टी के तौर पर बन गई है और इसीलिए, जब भी उसे मौका मिलता है, वह अपने ही नेताओं को धोखा देती है। इसीलिए कहा जाता है कि ऐसा कोई नहीं है जिसे कांग्रेस ने धोखा न दिया हो।</p>
<p>तमिलनाडु में कांग्रेस के डीएमके के साथ 30 सालों से मजबूत रिश्ते थे। डीएमके के साथ गठबंधन की वजह से ही कांग्रेस सत्ता में बनी रही।”<br />उन्होंने कहा कि केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार डीएमके के समर्थन से ही चल पाई थी।</p>
<p>लेकिन हुआ क्या? इतने लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों के बावजूद और डीएमके के हमेशा कांग्रेस पार्टी के हित में काम करने के बावजूद, जैसे ही सत्ता का पलड़ा बदला, कांग्रेस ने मौका मिलते ही डीएमके की पीठ में छुरा घोंप दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 19:00:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोमनाथ स्वाभिमान पर्व : 11 मई को सोमनाथ पहुंचेंगे पीएम मोदी, ऐतिहासिक समारोह में होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 09 मई (वेब वार्ता)। आस्था, साहस और भारतीय सभ्यता की अमर पहचान माने जाने वाले सोमनाथ मंदिर का इतिहास एक बार फिर चर्चा में है।</p>
<p>‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के जरिए इस वर्ष मंदिर पर हुए पहले हमले के 1,000 साल और इसके पुनर्निर्माण के बाद दोबारा उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने का विशेष आयोजन किया जा रहा है। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई को सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे।</p>
<p>गुजरात के सौराष्ट्र तट पर प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला और सबसे पवित्र माना जाता है। शिव पुराण में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/147034/somnath-swabhiman-parv-pm-modi-will-reach-somnath-on-may"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-08/6751_somnath.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली, 09 मई (वेब वार्ता)। आस्था, साहस और भारतीय सभ्यता की अमर पहचान माने जाने वाले सोमनाथ मंदिर का इतिहास एक बार फिर चर्चा में है।</p>
<p>‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के जरिए इस वर्ष मंदिर पर हुए पहले हमले के 1,000 साल और इसके पुनर्निर्माण के बाद दोबारा उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने का विशेष आयोजन किया जा रहा है। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मई को सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे।</p>
<p>गुजरात के सौराष्ट्र तट पर प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला और सबसे पवित्र माना जाता है। शिव पुराण में वर्णित यह मंदिर भगवान शिव, भगवान कृष्ण और शक्ति की उपासना का प्रमुख केंद्र है।</p>
<p>द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र में भी सोमनाथ को सबसे पहला स्थान दिया गया है, जो भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत में इसकी सर्वोच्च पहचान को दर्शाता है।</p>
<p>सोमनाथ मंदिर का इतिहास संघर्ष और पुनर्निर्माण की अद्भुत गाथा है। वर्ष 1026 में इस मंदिर पर पहला बड़ा हमला हुआ था। इसके बाद 11वीं से 18वीं शताब्दी तक कई बार मंदिर को तोड़ा गया और लूटा गया, लेकिन हर बार भक्तों और राजाओं ने इसे फिर से खड़ा किया।</p>
<p>12वीं शताब्दी में राजा कुमारपाल ने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। इसके बाद जूनागढ़ के राजा और फिर इंदौर की मराठा महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने भी सोमनाथ मंदिर को नई पहचान दी।</p>
<p>स्वतंत्रता के बाद लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1947 में सोमनाथ के खंडहरों का दौरा किया और इसके पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। उनका मानना था कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण भारत के सांस्कृतिक आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करेगा। इसके बाद जनभागीदारी और राष्ट्रीय संकल्प के साथ वर्तमान मंदिर का निर्माण कैलाश महामेरु प्रसाद वास्तुशैली में किया गया।</p>
<p>11 मई 1951 को भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का पुनः उद्घाटन किया। आज, 75 साल बाद भी सोमनाथ भारत की आस्था, गौरव और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बना हुआ है।</p>
<p>सोमनाथ की कहानी केवल मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि उन वीरों की भी है जिन्होंने इसकी रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इनमें वीर हमिरजी गोहिल का नाम विशेष रूप से लिया जाता है। माना जाता है कि 1299 में जफर खान के हमले के दौरान उन्होंने मंदिर की रक्षा करते हुए बलिदान दिया था।</p>
<p>‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारत की उसी अटूट आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का उत्सव है। यह आयोजन एक तरफ 1026 में हुए पहले हमले की याद दिलाता है, तो दूसरी तरफ 1951 में मंदिर के पुनः उद्घाटन के जरिए भारत के सांस्कृतिक पुनर्जन्म का संदेश देता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं, ने मंदिर को भारत की ‘अजेय आत्मा’ का प्रतीक बताया है। उन्होंने ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र के साथ सोमनाथ में अगले 1,000 दिनों तक विशेष पूजा आयोजित करने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने लोगों से इस ऐतिहासिक काल में सोमनाथ आने की अपील भी की है।</p>
<p>जनवरी 2026 में भी प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हिस्सा लिया था। इस दौरान 72 घंटे तक ओंकार मंत्र का जाप हुआ और राष्ट्र की समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई। प्रभास पाटन में 108 घोड़ों के साथ भव्य शौर्य यात्रा भी निकाली गई, जो मंदिर की रक्षा करने वाले योद्धाओं को समर्पित थी।</p>
<p>दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से 30 अप्रैल 2026 को ‘चलो चलें सोमनाथ’ अभियान के तहत विशेष ट्रेन रवाना की गई थी। इस यात्रा में 1300 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। 1 मई को यात्रा सोमनाथ पहुंची, जहां आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया गया।</p>
<p>अरब सागर के किनारे स्थित यह भव्य मंदिर 150 फीट ऊंचे शिखर से सुसज्जित है, जिसके ऊपर 10 टन का कलश स्थापित है। मंदिर परिसर में 1666 स्वर्ण कलश और 14,200 ध्वज इसकी भव्यता को और बढ़ाते हैं। हर साल यहां 92 से 97 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।</p>
<p>सोमनाथ ट्रस्ट केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है।</p>
<p>ट्रस्ट ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए कंप्यूटर शिक्षा, सिलाई, डिजिटल साक्षरता और रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ जैसी पहल गांवों तक डिजिटल शिक्षा पहुंचा रही है।</p>
<p>कोविड-19 महामारी के दौरान ट्रस्ट ने पहली लहर में 8.73 करोड़ रुपए और दूसरी लहर में 2.21 करोड़ रुपए की सहायता दी। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ रुपये का योगदान भी दिया गया। ऑक्सीजन प्लांट, मेडिकल सहायता और जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाने का काम भी किया गया।</p>
<p>सोमनाथ को 2018 में ‘स्वच्छ आइकॉनिक प्लेस’ घोषित किया गया था। यहां मंदिर के फूलों से वर्मी कम्पोस्ट बनाई जाती है, प्लास्टिक कचरे से पावर ब्लॉक तैयार किए जाते हैं और हर महीने लगभग 30 लाख लीटर पानी को रीसायकल किया जाता है। 7200 पेड़ों वाला मियावाकी जंगल हर साल करीब 93 हजार किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है।</p>
<p>महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी सोमनाथ एक मिसाल बन चुका है। मंदिर ट्रस्ट के 906 कर्मचारियों में 262 महिलाएं हैं। बिल्व वन से लेकर प्रसाद वितरण और भोजन सेवा तक में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कुल 363 महिलाओं को सीधे रोजगार मिला है, जिनकी सालाना आय लगभग 9 करोड़ रुपये है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 17:37:14 +0530</pubDate>
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