<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.loktej.com/tag/4579/dang" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Loktej RSS Feed Generator</generator>
                <title>Dang - Loktej</title>
                <link>https://www.loktej.com/tag/4579/rss</link>
                <description>Dang RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गुजरात में बस खाई में गिरने से पांच श्रद्धालुओं की मौत, 35 घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>डांग (गुजरात), दो फरवरी (भाषा) गुजरात के डांग जिले में रविवार सुबह मध्य प्रदेश के तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक निजी बस के गहरी खाई में गिर जाने से पांच लोगों की मौत हो गई और 35 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि घायलों में से 17 को गंभीर चोटें आई हैं। श्रद्धालु देश के विभिन्न राज्यों के धार्मिक स्थलों की यात्रा पर थे।</p>
<p>प्रभारी पुलिस अधीक्षक एसजी पाटिल ने बताया कि यह दुर्घटना सुबह करीब चार बजकर 15 मिनट पर हुई, जब सापुतारा हिल स्टेशन के निकट चालक ने बस पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/128754/five-devotees-killed--35-injured-after-falling-in-bus-ditch-in-gujarat"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/car-accident-1212.jpg" alt=""></a><br /><p>डांग (गुजरात), दो फरवरी (भाषा) गुजरात के डांग जिले में रविवार सुबह मध्य प्रदेश के तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक निजी बस के गहरी खाई में गिर जाने से पांच लोगों की मौत हो गई और 35 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि घायलों में से 17 को गंभीर चोटें आई हैं। श्रद्धालु देश के विभिन्न राज्यों के धार्मिक स्थलों की यात्रा पर थे।</p>
<p>प्रभारी पुलिस अधीक्षक एसजी पाटिल ने बताया कि यह दुर्घटना सुबह करीब चार बजकर 15 मिनट पर हुई, जब सापुतारा हिल स्टेशन के निकट चालक ने बस पर से नियंत्रण खो दिया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि 48 तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस अवरोधक को तोड़ते हुए लगभग 35 फुट गहरी खाई में गिर गई।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि पांच लोगों- दो महिलाओं और तीन पुरुषों- की मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p>अधिकारी ने बताया, ‘‘ पांच तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 17 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अहवा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ अन्य को मामूली चोटें आई हैं। बचाव अभियान लगभग पूरा हो चुका है।’’</p>
<p>पुलिस के अनुसार मरने वाले तीन पुरुषों और दो महिलाओं में बस चालक भी शामिल है।</p>
<p>पाटिल ने बताया कि कुल 35 यात्रियों का निकटवर्ती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) में इलाज जारी है, जिनमें से 17 को जिले के अहवा स्थित सिविल अस्पताल रेफर किया गया है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना तब हुई जब बस महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर से 48 श्रद्धालुओं को लेकर गुजरात के द्वारका जा रही थी। श्रद्धालु रात में त्र्यंबकेश्वर से द्वारका के लिए रवाना हुए थे।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि वे अपनी यात्रा फिर से शुरू करने से पहले चाय पीने के लिए सापुतारा में कुछ देर रुके थे, तभी हिल स्टेशन से 2.5 किलोमीटर दूर यह दुर्घटना हुई।</p>
<p>उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के गुना, शिवपुरी और अशोक नगर जिलों से श्रद्धालु 23 दिसंबर 2024 को चार अलग-अलग बसों में सवार होकर विभिन्न राज्यों के धार्मिक स्थलों की यात्रा पर निकले थे।</p>
<p>डांग के जिलाधिकारी महेश पटेल ने बताया कि तीर्थयात्रियों को ले जा रही चार बसों में से एक बस खाई में गिर गई।</p>
<p>उन्होंने कहा, “यात्रियों के अनुसार, उन्होंने अपनी यात्रा फिर से शुरू करने से पहले सापुतारा में चाय- नाश्ता किया। आशंका है कि ब्रेक फेल होने के कारण चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। चिकित्सा कर्मचारी घायल व्यक्तियों का उपचार कर रहे हैं।”</p>
<p>स्थानीय लोगों और पुलिस कर्मियों की एक टीम ने यात्रियों को बस से बाहर निकाला तथा उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।</p>
<p>मध्य प्रदेश के ग्वालियर जोन के पुलिस महानिरीक्षक अरविंद सक्सेना ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बस 52 सीट वाली थी और उसमें 48 लोग सवार थे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि ये लोग दिसंबर में तीर्थयात्रा पर निकले थे और देश के विभिन्न पवित्र स्थानों का दौरा कर रहे थे।</p>
<p>अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा एकत्र की गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान मध्य प्रदेश के विदिशा निवासी बस चालक रतन लाल जाटव, दो अन्य पुरुषों बोलाराम कुशवाह, पप्पू यादव और मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की दो महिलाओं गुड्डी बाई और कमलेश बाई यादव के रूप में हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/128754/five-devotees-killed--35-injured-after-falling-in-bus-ditch-in-gujarat</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/128754/five-devotees-killed--35-injured-after-falling-in-bus-ditch-in-gujarat</guid>
                <pubDate>Sun, 02 Feb 2025 18:27:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-12/car-accident-1212.jpg"                         length="173501"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्व आदिवासी दिवस : खेल जगत में नए ‘चैंपियन’ के रूप में उभर रहे हैं गुजरात के आदिवासी युवा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गांधीनगर, 9 अगस्त (हि.स.)। डांग की ‘गोल्डन गर्ल’ सरिता गायकवाड़ ने 2018 में आयोजित एशियाई खेलों में महिलाओं की 4x400 मीटर रिले टीम प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक और मुरली गावित ने 2019 की एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में पुरुषों की 10,000 मीटर प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया।<br /><br />राज्य में खेल के वातावरण को बढ़ावा देने के लिए गुजरात खेल प्राधिकरण (एसएजी) ने विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की, जिनमें स्कूल स्पोर्ट्स कॉन्टैक्ट प्रोग्राम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, खेल प्रतिभा पुरस्कार, शक्तिदूत योजना, इनस्कूल योजना, जिला स्तरीय खेल स्कूल (डीएलएसएस) और खेल महाकुंभ आदि शामिल हैं। गुजरात सरकार खिलाड़ियों की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/103710/world-tribal-day-tribal-youth-of-gujarat-are-emerging-as"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-08/b09082024-08.jpg" alt=""></a><br /><p>गांधीनगर, 9 अगस्त (हि.स.)। डांग की ‘गोल्डन गर्ल’ सरिता गायकवाड़ ने 2018 में आयोजित एशियाई खेलों में महिलाओं की 4x400 मीटर रिले टीम प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक और मुरली गावित ने 2019 की एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में पुरुषों की 10,000 मीटर प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया।<br /><br />राज्य में खेल के वातावरण को बढ़ावा देने के लिए गुजरात खेल प्राधिकरण (एसएजी) ने विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की, जिनमें स्कूल स्पोर्ट्स कॉन्टैक्ट प्रोग्राम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, खेल प्रतिभा पुरस्कार, शक्तिदूत योजना, इनस्कूल योजना, जिला स्तरीय खेल स्कूल (डीएलएसएस) और खेल महाकुंभ आदि शामिल हैं। गुजरात सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए उन्हें योजना के अनुसार स्पेशल कोचिंग, स्पोर्ट्स किट, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, यात्रा व्यय और पोषण सहित तमाम सुविधाएं मुहैया कराती है।<br /><br />उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने स्पोर्ट्स पॉलिसी 2022-27 लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य राज्य में स्पोर्ट्स इकोसिस्टम विकसित करना है। इस नीति के तहत राज्य में आदिवासी लोगों के बीच खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। राज्य सरकार नई पहल और सहायता के जरिए आदिवासी खिलाड़ियों में जोश भरने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके अंतर्गत वर्ष 2023-24 में अरवल्ली, बनासकांठा, भरूच, दाहोद, डांग, नर्मदा, नवसारी, पंचमहाल, साबरकांठा, सूरत, तापी और वलसाड के 15 जिला स्तरीय खेल स्कूलों के लिए 13,91,70,615 रुपए का अनुदान आवंटित किया गया है। इन स्कूलों में 1000 से अधिक आदिवासी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यही नहीं, गत 10 वर्षों में 15 आदिवासी खिलाड़ियों को खेल प्रतिभा पुरस्कार के रूप में 1 करोड़ 39 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है।<br /><br />गुजरात सरकार ने राज्य के होनहार खिलाड़ियों में निहित क्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें आवश्यकता-आधारित सुविधाएं उपलब्ध कराकर ‘चैंपियन’ तैयार करने के लिए ‘शक्तिदूत योजना’ लागू की है। इस योजना के अंतर्गत सरिता गायकवाड़ को वर्ष 2017 से 2024 के दौरान 12 लाख रुपए की सहायता दी गई है, जबकि मुरली गावित को इसी अवधि के दौरान 55,92,806 रुपए की सहायता प्रदान की गई है। राज्य सरकार ‘स्वामी विवेकानंद गैर-निवासी प्रतिभा संवर्धन केंद्र’ के अंतर्गत प्रति खिलाड़ी सालाना लगभग 65 हजार रुपए का खर्च करती है। इस योजना के अंतर्गत 336 आदिवासी खिलाड़ियों का चयन किया गया है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 7 रजत और 17 कांस्य सहित कुल 24 पदक जीते हैं। वहीं, राज्य सरकार द्वारा स्वामी विवेकानंद प्रतिभा संवर्धन केंद्र-आवासीय अकादमी के तहत प्रति खिलाड़ी सालाना लगभग 3 लाख रुपए का खर्च किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत आदिवासी क्षेत्र के 444 खिलाड़ियों का चयन किया गया है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 350 और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 41 सहित कुल 391 पदक अपने नाम किए हैं।<br /><br />खेल क्षेत्र में राज्य सरकार की एक और पहल- ‘इनस्कूल योजना’ के अंतर्गत 14 आदिवासी जिलों के 79 स्कूलों में विद्यार्थी विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें स्कूल के दौरान 37,000 और आफ्टर सेशन में 4000 से अधिक खिलाड़ी शामिल हैं। इतना ही नहीं, गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में स्थित 9 ‘खेलो इंडिया जिला केंद्र’ में कुल 292 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ‘खेल महाकुंभ’ के अंतर्गत 2023 में आयोजित खेल महाकुंभ 2.0 में 16,86,331 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।<br /><br />स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के आयोजन में भी राज्य सरकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 2023-24 की 67वीं एसजीएफआई की अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 प्रतिस्पर्धाओं में 24 लड़कियों और 9 लड़कों सहित गुजरात के कुल 33 खिलाड़ियों ने खो-खो, हैंडबॉल, तीरंदाजी, राइफल शूटिंग, सॉफ्ट टेनिस, वॉलीबॉल और कुश्ती जैसे खेलों में पदक जीते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/103710/world-tribal-day-tribal-youth-of-gujarat-are-emerging-as</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/103710/world-tribal-day-tribal-youth-of-gujarat-are-emerging-as</guid>
                <pubDate>Fri, 09 Aug 2024 14:51:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-08/b09082024-08.jpg"                         length="57036"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : प्राकृतिक खेती ने खोले समृद्धि के द्वार, तीन साल में डांग के युवक की आय में सात गुना की बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सूरत, 4 अगस्त (हि.स.)। ‘हमारा डांग, प्राकृतिक डांग’ अभियान के अंतर्गत राज्य के वनवासी क्षेत्र डांग को वर्ष 2021 में संपूर्ण प्राकृतिक खेतीयुक्त जिला घोषित किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्राकृतिक खेती की व्यापकता बढ़ाने के लिए सघन प्रयास शुरू किए हैं और इस वर्ष केन्द्रीय बजट में भी समग्र देश में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाने की घोषणा की गई है।<br /><br />गुजरात सरकार के प्रयासों से आज राज्य में प्राकृतिक खेती की व्यापकता बढ़ रही है। डांग को प्राकृतिक खेतीयुक्त जिला घोषित किए जाने के बाद यहां खेती से जुड़े युवाओं के जीवन में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/103606/natural-farming-opened-doors-to-prosperity-income-of-dang-youth"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-08/b04082024-07.jpg" alt=""></a><br /><p>सूरत, 4 अगस्त (हि.स.)। ‘हमारा डांग, प्राकृतिक डांग’ अभियान के अंतर्गत राज्य के वनवासी क्षेत्र डांग को वर्ष 2021 में संपूर्ण प्राकृतिक खेतीयुक्त जिला घोषित किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्राकृतिक खेती की व्यापकता बढ़ाने के लिए सघन प्रयास शुरू किए हैं और इस वर्ष केन्द्रीय बजट में भी समग्र देश में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाने की घोषणा की गई है।<br /><br />गुजरात सरकार के प्रयासों से आज राज्य में प्राकृतिक खेती की व्यापकता बढ़ रही है। डांग को प्राकृतिक खेतीयुक्त जिला घोषित किए जाने के बाद यहां खेती से जुड़े युवाओं के जीवन में उल्लेखनीय परिणाम देखने को मिले हैं। जिला मुख्यालय आहवा तहसील के गलकुंड गांव में रहने वाले राजूभाई साहर की सफलता की गाथा प्राकृतिक खेती की सफलता को दर्शाती है।</p>
<p>40 वर्षीय राजूभाई बुधाभाई साहर ने बागवानी विभाग द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ बागवानी खेती की शुरुआत की थी। उन्होंने वर्ष 2021 में 2 हेक्टेयर क्षेत्र में करेले की बुवाई कर 55 हजार रुपये की आय अर्जित की थी, जिसमें उन्हें 40 हजार रुपये का मुनाफा हुआ था। प्राकृतिक खेती में अच्छी उपज मिलने से उन्होंने विभिन्न फसलें लगाना शुरू किया और वर्ष 2023-24 में मल्चिंग तथा टपक सिंचाई पद्धति से मिर्च, करेला, टमाटर तथा ब्रोकली की बुवाई कर 4 लाख 40 हजार रुपये की आय अर्जित की। तीन वर्ष के भीतर ही उनकी आय में 700 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है।<br /><br />राजूभाई प्राकृतिक पद्धति से खेती के अपने अनुभव साझा करते हुए कहते हैं कि इस पद्धति से उपज अच्छी मिल रही है। हम मौसम के अनुसार करेला, टमाटर, कटहल, धान आदि फसलें बोते हैं। ब्रोकली डांग के लोगों के बीच बहुत प्रचलित नहीं है, परंतु मैंने उसका प्रयोग किया। गत वर्ष मैंने स्ट्रॉबेरी के 7 हजार पौधे बोए थे और मुझे उसमें शत प्रतिशत मुनाफा मिला था। इस वर्ष मैंने स्ट्रॉबेरी के 25 हजार पौधे बोए हैं।<br /><br />राजूभाई ने कहा कि उनके परिवार में कुल चार भाई हैं, जो प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। राजूभाई की संतानों में दो बड़ी बेटियां और एक बेटा है, जो इस समय पढ़ाई करते हैं। सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता के विषय में उन्होंने कहा कि हमें बागवानी विभाग की ओर से सब्सिडी मिलती है। हमें अधिकारियों की ओर से आवश्यक प्रशिक्षण एवं सहायता; दोनों मिलते हैं। बागवानी विभाग द्वारा कच्चे मंडप, बीज, प्लास्टिक आवरण, पैंकिंग मटीरियल्स तथा आम के पौधे के लिए सहायता दी जाती है।<br /><br />सरकार ने प्राकृतिक खेती को लेकर किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण एवं सहायता का प्रावधान किया है। राज्य में किसानों के बीच प्राकृतिक खेती का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार हो रहा है और इसके फलस्वरूप किसान अब प्राकृतिक खेती की ओर मुड़ रहे हैं। वर्ष 2023-24 के दौरान तीन वर्षों में प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को 1,603 लाख रुपये की सहायता दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/103606/natural-farming-opened-doors-to-prosperity-income-of-dang-youth</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/103606/natural-farming-opened-doors-to-prosperity-income-of-dang-youth</guid>
                <pubDate>Sun, 04 Aug 2024 18:45:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-08/b04082024-07.jpg"                         length="147677"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : डांग प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर, पर्यटकों के लिए स्वर्ग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>डांग, जिसे "छोटा कश्मीर" भी कहा जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। मानसून के दौरान, यह क्षेत्र और भी अधिक मनमोहक हो जाता है, जिसके झरने बहते हैं और हरियाली छा जाती है। डांग घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और शांत झीलों से युक्त है, जो इसे पर्यटकों के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है।</p>
<p><strong>पर्यटन स्थलों की भरमार</strong></p>
<p>डांग में घूमने और देखने के लिए कई जगहें हैं। इनमें से कुछ लोकप्रिय स्थानों में शामिल हैं:</p>
<ul>
<li><strong>शबरी धाम:</strong> यह धार्मिक स्थल भगवान राम और शबरी के मिलन स्थल के रूप में जाना जाता है।</li>
<li><strong>गीराधोध:</strong> यह एक</li></ul>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/103133/surat-dang-is-a-paradise-for-tourists-full-of-natural"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-07/b14072024-09.jpg" alt=""></a><br /><p>डांग, जिसे "छोटा कश्मीर" भी कहा जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। मानसून के दौरान, यह क्षेत्र और भी अधिक मनमोहक हो जाता है, जिसके झरने बहते हैं और हरियाली छा जाती है। डांग घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और शांत झीलों से युक्त है, जो इसे पर्यटकों के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है।</p>
<p><strong>पर्यटन स्थलों की भरमार</strong></p>
<p>डांग में घूमने और देखने के लिए कई जगहें हैं। इनमें से कुछ लोकप्रिय स्थानों में शामिल हैं:</p>
<ul>
<li><strong>शबरी धाम:</strong> यह धार्मिक स्थल भगवान राम और शबरी के मिलन स्थल के रूप में जाना जाता है।</li>
<li><strong>गीराधोध:</strong> यह एक जलप्रपात है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।</li>
<li><strong>डॉन हिल स्टेशन:</strong> यह एक लोकप्रिय हिल स्टेशन है जो अपनी मनोरम दृश्यों के लिए जाना जाता है।</li>
<li><strong>यू टर्न गिरमाल:</strong> यह एक घुमावदार सड़क है जो डांग के घने जंगलों से होकर गुजरती है।</li>
<li><strong>गिरमाल फॉल्स:</strong> यह एक और जलप्रपात है जो अपनी ऊंचाई और शक्ति के लिए जाना जाता है।</li>
<li><strong>महाल कैंप साइट:</strong> यह एक कैंपिंग स्थल है जो प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श है।</li>
<li><strong>बॉटनिकल गार्डन:</strong> यह एक वनस्पति उद्यान है जिसमें विभिन्न प्रकार के पौधे और पेड़ हैं।</li>
<li><strong>देवी का तल:</strong> यह एक झील है जो अपनी शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।</li>
<li><strong>मायादेवी:</strong> यह एक मंदिर है जो देवी माया को समर्पित है।</li>
<li><strong>पांडव गुफा:</strong> यह माना जाता है कि यह गुफा पांडवों ने निर्वासन के दौरान बनाई थी।</li>
</ul>
<p><strong>डांग की यात्रा का आह्वान</strong></p>
<p>डांग जिले के भाजपा संगठन प्रभारी, राजेश देसाई ने सभी देशवासियों और गुजरातवासियों से डांग-सापूतारा की यात्रा करने और यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि डांग में पर्यटन स्थलों का अनुभव कुछ अलग ही है। राज्य सरकार ने आगामी बजट में सापूतारा हिल स्टेशन को माथेरान और महाबलेश्वर जैसे अन्य हिल स्टेशनों की तरह विकसित करने की योजना बनाई है।</p>
<p><img src="https://www.loktej.com/media/2024-07/b14072024-10.jpg" alt="B14072024-10" width="1280" height="720"></img></p>
<p>डांग अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए एक अद्भुत जगह है। यदि आप प्रकृति से प्यार करते हैं, तो डांग निश्चित रूप से आपके लिए घूमने लायक जगह है।</p>
<p><strong>डांग कैसे पहुंचे:</strong></p>
<p>डांग सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। नजदीकी हवाई अड्डा सूरत में है, जो डांग से लगभग 160 किलोमीटर दूर है।</p>
<p><strong>डांग में घूमने का सबसे अच्छा समय:</strong></p>
<p>डांग घूमने का सबसे अच्छा समय मानसून (जून से सितंबर) के दौरान होता है, जब मौसम सुखद होता है और प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/103133/surat-dang-is-a-paradise-for-tourists-full-of-natural</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/103133/surat-dang-is-a-paradise-for-tourists-full-of-natural</guid>
                <pubDate>Sun, 14 Jul 2024 21:01:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-07/b14072024-09.jpg"                         length="145268"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सापूतारा बस हादसा : एक पेड़ से बची 55 लोगों की जान</title>
                                    <description><![CDATA[हादसे में भाई-बहन की मौत, अभी 4 की हालत है गंभीर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/103026/saputara-bus-accident-lives-of-55-people-saved-by-a"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-07/k08072024-05.jpg" alt=""></a><br /><p>आहवा, 8 जुलाई (हि.स.)। डांग जिले के सापूतारा में रविवार शाम लक्जरी बस पहाड़ से नीचे गहरी खाई में गिरते-गिरते बच गई थी। बस सापूतारा से 2 किलोमीटर की दूरी पर एक मालवाहक वाहन को ओवरटेक करने के दौरान असंतुलित होकर रेलिंग तोड़ती हुई खाई में उतर गई थी। रेलिंग के बाद एक पेड़ ने बस को नीचे गहरी खाई में गिरने से रोक दिया। बस में 57 लोग सवार थे, जिसमें 55 लोगों की जान बच गई। जबकि दो बच्चों की जान चली गई। हादसे में 28 लोग घायल हुए थे, जिसमें 4 की हालत गंभीर है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार रविवार शाम सापूतारा के मालेगाम में यू-टर्न पर ओवरटेक करने जा रही बस असंतुलित होकर सड़क किनारे रेलिंग तोड़ते हुए खाई में उतर गई। यहां बस पूरी तरह से पलट गई। बस की विंडो सीट पर बैठे 3 वर्षीय भाई (उमर अश्फाक शेख, गोपीपुरा, सूरत) और उसकी 7 साल की बहन (अतिफा अश्फाक शेख) उछल कर खिड़की से बाहर चली गई। घटना में दोनों की मौत हो गई। वहीं 28 लोग घायल हो गए। इनमें 4 लोगों की हालत गंभीर है। घायलों को अहवा हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां से 7 घायलों को सूरत सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया है।</p>
<p>घायलों में से एक व्यक्ति ने बताया कि बस पलट कर नीचे जा रही थी, तभी एक पेड़ से अटक कर रुक गई। सूरत से शनिवार रात बापा सीताराम ट्रावैल की बस सूरत के सगरामपुरा से सापूतारा के लिए रवाना हुई थी। सापूतारा में घूमने के बाद सभी रविवार शाम सूरत की ओर लौट रहे थे। सापूतारा से 2 किलोमीटर दूर यात्रा करने के बाद बस चालक एक मालवाहक वाहन को ओवरटेक करने के दौरान असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।</p>
<p>दुर्घटना की जानकारी होने पर सूरत सिविल हॉस्पिटल को अलर्ट कर दिया गया। ट्रोम सेंटर में तत्काल 20 बेड की अलग से व्यवस्था कर दी गई। डॉक्टर को भी रात्रि के दौरान ही स्टैंड बाय कर दिया गया। घायलों में एक व्यक्ति को सिर में गंभीर चोट लगी है, उसे निजी हॉस्पिटल में रेफर किया गया है। सूरत सिविल हॉस्पिटल में जावेदखान लाकडावाला, जुबेर सलीम शेख, सैयद सुलताना अनवर, सैयद हीना आमिर, सैयद आसीरा आमिर, सैयद हलीना आमिर, शबीर अहमद मियां मोहम्मद मंसूरी को भर्ती किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/103026/saputara-bus-accident-lives-of-55-people-saved-by-a</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/103026/saputara-bus-accident-lives-of-55-people-saved-by-a</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 20:48:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2024-07/k08072024-05.jpg"                         length="49408"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : आगामी मानसून के मद्देनजर आहवा में प्री-मानसून तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अद्वितीय वनस्पति वाले डांग जिला में विशेष रूप से मानसून के दौरान भूस्खलन और पेड़ों के गिरने के साथ निचले स्तर के कॉजवे और सड़कों पर बारिश के पानी भरने की घटना बनती है। ऐसे में डांग कलेक्टर द्वारा जिले के संबंधित अधिकारियों से समन्वय एवं सहयोग करने के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आग्रह किया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आंधी-तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है</strong></p>
<p style="text-align:justify;">औसत 1800 से 2000 मिमी वर्षा आधारित डांग जिले के जंगल और पहाड़ी इलाकों में हर साल भारी बारिश या तूफान के कारण कोई न कोई ऐसी घटना हो जाती है जो लोगों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">अद्वितीय वनस्पति वाले डांग जिला में विशेष रूप से मानसून के दौरान भूस्खलन और पेड़ों के गिरने के साथ निचले स्तर के कॉजवे और सड़कों पर बारिश के पानी भरने की घटना बनती है। ऐसे में डांग कलेक्टर द्वारा जिले के संबंधित अधिकारियों से समन्वय एवं सहयोग करने के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आग्रह किया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आंधी-तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है</strong></p>
<p style="text-align:justify;">औसत 1800 से 2000 मिमी वर्षा आधारित डांग जिले के जंगल और पहाड़ी इलाकों में हर साल भारी बारिश या तूफान के कारण कोई न कोई ऐसी घटना हो जाती है जो लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। ऐसी घटना में आपातकालीन निकासी, बचाव और राहत अभियान, आवश्यक दवा और चिकित्सा सेवाएं, अनाज की आपूर्ति, परिवहन सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए विशेष सतर्कता बरतने की भी अपील की गई। उच्च बाढ़ की स्थिति के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों को स्थानीय तैराकों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पर्यटन स्थलों पर प्रकृति प्रेमी पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है</strong></p>
<p style="text-align:justify;">डांग जिले की खूबसूरती जब मानसून में खिलती है तो यहां के झरने और पर्यटन स्थलों पर प्रकृति प्रेमी पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ती हैं। ऐसे समय में फोटोग्राफी और सेल्फी का क्रेज कुछ पर्यटक अपनी जान जोखिम में डाल देते है। साथ ही बेतरतीब पार्किंग के कारण सार्वजनिक परिवहन भी बाधित होता है। इस तरह की स्थिति को बनने से रोकने के लिए सतर्कता के तहत आवश्यक सुरक्षा गार्ड सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निचले स्तर के कॉजवे या सड़कों पर बार-बार बारिश के कारण कोई अप्रिय घटना न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">कलेक्टर महेश पटेल ने भारी बारिश या आंधी के कारण आमजन के जनजीवन की क्षति के दौरान दिये जाने वाला सहायता, भुगतान की जाने वाली सहायता सहित ग्रामीण कर्मचारियों, स्थानीय पदाधिकारियों, स्वयंसेवी-सामाजिक संगठनों की भूमिका सुनिश्चित करने की वकालत की। बैठक का संचालन करने वाले आपदा मामलतदार अर्जुनसिंह चावड़ा ने विभागीय दायित्वों का परिचय देते हुए कार्ययोजना का विवरण प्रस्तुत किया। साथ ही आगामी 1 जून 2023 से जिले के नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे क्रियाशील बनाने के साथ ही संबंधित प्रवर्तन अधिकारियों को नियंत्रण कक्ष में दैनिक सूचनाओं को दर्ज करने के निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/92028/in-view-of-the-upcoming-monsoon-a-meeting-was-held</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/92028/in-view-of-the-upcoming-monsoon-a-meeting-was-held</guid>
                <pubDate>Fri, 12 May 2023 11:46:30 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : डांग जिले में 13 नेताओं के इस्तीफे के बाद भाजपा ने तीन जिलाध्यक्ष नियुक्त किए</title>
                                    <description><![CDATA[ मंगलवार को आठ और नेताओं के स्वेच्छा से इस्तीफा देने से हड़कंप मच गया  था]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/91014/after-the-resignation-of-13-leaders-in-gujarats-dang-district"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/c-r-patil2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">डांग जिले के भाजपा संगठन में मंगलवार को आठ और नेताओं के स्वेच्छा से इस्तीफा देने से हड़कंप मच गया है। कांग्रेस के अधिकांश नेताओं के भाजपा में शामिल होने के साथ ही डांग भाजपा में आंतरिक कलह चरम पर पहुंच गई है। सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के विरुद्ध बगावत करने वाले भाजपा के अध्यक्ष दशरथभाई पवार ने कल स्वेच्छा से प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया था। अब भाजपा ने तीन जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। जिसमें किशोर गावित को डांग जिले में बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>तीन जिलाध्यक्ष चुने गए</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा बीजेपी के संगठन में भी कई बदलाव हुए हैं और अभी भी यह कवायद जारी है। आज गुजरात बीजेपी ने तीन जिलों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति की है। किशोर गावित को डांग, महेंद्र पिठिया को गिर सोमनाथ और रमेश आडोदरा को पोरबंदर जिला अध्यक्ष बनाया गया है। हाल ही में तीन जिलाध्यक्षों ने इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने तीनों जिलों में नए अध्यक्षों का चयन कर लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डांग में बीजेपी के 13 नेताओं ने दिया इस्तीफा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">हाल ही में डांग जिले में भाजपा के 13 नेताओं ने एक साथ इस्तीफा दिया था। सोमवार को डांग जिले में भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के महामंत्री आसिफभाई शाह, डांग जिला अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष प्रवीणभाई अहिरे और डांग जिला अनुसूचित मोर्चा के महासचिव बालूभाई गवली ने गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सी. आर. पाटिल को संबोधित करते हुए के स्वैच्छिक इस्तीफे देने से राजनीतिक भूचाल की स्थिति पैदा हो गई थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/91014/after-the-resignation-of-13-leaders-in-gujarats-dang-district</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/91014/after-the-resignation-of-13-leaders-in-gujarats-dang-district</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Apr 2023 21:19:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-11/c-r-patil2.jpg"                         length="54792"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डांग : झगड़ा करके पीहर गई थी पत्नी, पति ससुराल पहुंच पत्नी-पुत्र को लहूलुहान कर भाग खड़ा हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[<div><span style="font-size:1rem;">गुजरात के डांग जिले के आहवा तालुका के वासूरणा गांव में पारिवारिक कलह का एक मामला सामने आया है। पति से झगड़ा होने के बाद पीहर चली गई पत्नी पर ससुराल जाकर पति ने हमला कर दिया।</span><br /></div><div>घटना के संदर्भ में प्राप्त जानकारी के अनुसार राजेश्री बहन नामक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है कि उनकी शादी दिलीप दीवा नामक शख्स के साथ हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। पति दिलीप उससे पैसों की मांग करके मारपीट करता रहता है। ऐसे में वह अपने पीहर चली गई। </div><div>सोमवार शाम को पति ससुराल पहुंचा और वहां आकर उसकी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68283/dang-wife-was-beaten-up-after-quarreling-husband-reached-in-laws-house-and-ran-away-after-bleeding-wife-and-son"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-01/2991_dang-district-map.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">गुजरात के डांग जिले के आहवा तालुका के वासूरणा गांव में पारिवारिक कलह का एक मामला सामने आया है। पति से झगड़ा होने के बाद पीहर चली गई पत्नी पर ससुराल जाकर पति ने हमला कर दिया।</span><br /></div><div>घटना के संदर्भ में प्राप्त जानकारी के अनुसार राजेश्री बहन नामक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है कि उनकी शादी दिलीप दीवा नामक शख्स के साथ हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। पति दिलीप उससे पैसों की मांग करके मारपीट करता रहता है। ऐसे में वह अपने पीहर चली गई। </div><div>सोमवार शाम को पति ससुराल पहुंचा और वहां आकर उसकी पत्नी के साथ झगड़ा किया। इसी दौरान बीच-बचाव के लिए उनका बेटा आ पहुंचा। पति ने पत्नी और बेटे दोनों पर कैंची से वार कर दिया। दोनों लहूलुहान हो गए और पति दिलीप घटनास्थल से नौ दो ग्यारह हो गया।</div><div>दोनों मां-बेटे को घायल अवस्था में 108 एंबुलेंस की मदद से आहवा सिविल अस्पताल ले जाया गया। इस मामले के संदर्भ में पुलिस ने शिकायत दर्ज करके कार्यवाही शुरू कर दी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/68283/dang-wife-was-beaten-up-after-quarreling-husband-reached-in-laws-house-and-ran-away-after-bleeding-wife-and-son</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/68283/dang-wife-was-beaten-up-after-quarreling-husband-reached-in-laws-house-and-ran-away-after-bleeding-wife-and-son</guid>
                <pubDate>Sun, 30 Jan 2022 14:09:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-01/2991_dang-district-map.jpg"                         length="126047"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : डांग के धावक मुरली गावित ने 10 किमी दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया</title>
                                    <description><![CDATA[स्पेन के वेलेन्सीया में दुनिया भर के 55 देशों के चोटी के 200 धावकों की दौड़ में मुरली ने लिया था हिस्सा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68224/gujarat-dang-sprinter-murli-gavit-sets-national-record-in-10-km-run"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-01/6733_s14-120122.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">डांग एक्सप्रेस के रूप में जाने वाले गुजरात के वघई के रहने वाले 24 वर्षीय मुरली गावित ने 10 किमी की दौड़ में राष्ट्रीय कीर्तिमान बनाया है। मुरली ने ये कीर्तिमान स्पेन में आयोजित एक दौड़ में बनाया। </span><span style="font-size:1rem;">स्पेन के वेलेन्सीया में दुनिया भर के 55 देशों के चोटी के 200 धावकों की एक दौड़ रखी गई थी जिसमें मुरली ने 31वां स्थान हासिल किया। मुरली ने ये दौड़ 28.42 मिनट में पूरी की। इससे पहले भारत की ओर से इंद्रजीत पटेल ने नवंबर 2010 में इतनी ही दूरी की दौड़ 28.54 मिनट में पुरी करके रिकॉर्ड अपने नाम किया था। इससे पहले नवंबर 2007 में सुनील पाठक ने ये दौड़ इसी समयावधि में पूरी की थी। </span></div><div>मुरली गावित ने टाइम्स ऑफ इंडिया को कैन्या से फोन पर दिये साक्षात्कार में बताया है कि वह पिछले दो साल से कोरोना महामारी के कारण काफी व्यथित था। पिछले दो महीनों से ही उसने अभ्यास पुनः शुरु किया था। ऊंटी और उसके बाद कैन्या में उसने अभ्यास किया और स्पेन में दौड़ में अपने प्रदर्शन से वह काफी उत्साहित है। मुरली का मानना है कि अब वह कॉमनवैल्थ गेम्स और एशियाड पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा। </div><div>बता दें कि गुजरात के डांग से ही धाविका सरिता गायकवाड़ ने 2018 एशियाई खेलों में अपना कौशल दिखाते हुए 4*400 मीटर रिले दौड़ में एम आर पूवामा, हीमा दास और वी के विसमाया के साथ मिलकर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। गायकवाड़ को गुजरात सरकार की ओर से पुलिस की नौकरी की पेशकश की गई थी और फिलहाल वे डेप्युटी सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस के पद पर कार्यरत हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/68224/gujarat-dang-sprinter-murli-gavit-sets-national-record-in-10-km-run</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/68224/gujarat-dang-sprinter-murli-gavit-sets-national-record-in-10-km-run</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Jan 2022 21:01:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2022-01/6733_s14-120122.jpg"                         length="33088"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : चार लोगों की एक टीम ने खोजा डांग में एक लुप्तप्राय प्राणी</title>
                                    <description><![CDATA[हाल ही में प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'जर्नल ऑफ थ्रेटन टेक्सास' ने भी पुष्टि की है कि 70 साल बाद गुजरात में दिखाई दिया धोल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/67585/gujarat-a-team-of-four-people-discovered-an-endangered-animal-in-dang"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/8253_ghol.jpg" alt=""></a><br /><div>गुजरात में लुप्त ही चुकी प्रजाति को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई यही। एक शोध में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि डांग के जंगल में लुप्तप्राय 'धोल' जानवर मौजूद है। धोल देश की लुप्तप्राय प्रजातियों में से एक है। दरअसल धोल को घटती आबादी के बाद दुनिया भर में लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची में इस जानवर का नाम शामिल किया गया था। इस बीच, दावा किया गया था कि ये जानवर डांग सहित गुजरात के कुछ वन क्षेत्रों में दिखाई दिया था। हालांकि कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिल पाने के कारण वन विभाग ने धोल को गुजरात से विलुप्त प्रजाति ही माना।  ऐसे में नवसारी कृषि विश्वविद्यालय के वन्यजीव विभाग और दक्षिण डांग वन विभाग द्वारा धोल की उपस्थिति की पुष्टि करने के लिए एक शोध किया गया था।</div><div>इस शोध दल में डॉ.  आदिल काजी, दिनेश रबारी, नवाज दह्या और डॉ.  साल्वाडोर लिंगाडो शामिल हुए। उन्होंने लगातार 5 महीनों तक डांग वंसदा के जंगलों में घूमते रहे और 15,660 ट्रैप नाइट्स में 35,206 तस्वीरें और 481 वीडियो फुटेज एकत्र करने के लिए विशिष्ट स्थानों पर कैमरे लगाए। इन तस्वीरों और वीडियो में से 149 तस्वीरों और 22 वीडियो में ये प्राणी नजर आया है। इस प्रमाण के अनुसार धोल के अधिकांश चित्र केवडी और काला आम क्षेत्र से प्राप्त हुए हैं।</div><div>आपको बता दें कि धोल का आखिरी ऐतिहासिक रिकॉर्ड दिग्वीरेंद्रसिंह द्वारा 1949 में वंसदा नेशनल पार्क में खींची गई तस्वीर है। इस शोध के बाद हाल ही में प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'जर्नल ऑफ थ्रेटन टेक्सास' ने भी पुष्टि की है कि धोल 70 साल बाद गुजरात में दिखाई दिया है। दरअसल धोल' एक जंगली जानवर है जो कुत्तों के समूह में शिकार करता है। वैज्ञानिक रूप से भेड़िये की तुलना में लोमड़ी के करीब, यह जानवर नम और सूखे, पर्णपाती जंगलों में रहना पसंद करता है।  इसका पसंदीदा शिकार चीतल और कृपाण है।  हालाँकि, उसने भैंस, पक्षियों, भेड़ और बकरियों, जंगली सूअर, खरगोश और छिपकलियों का भी शिकार किया है।  वर्तमान में धोल की पुष्टि केवल डांग के जंगल में ही हुई है, लेकिन इसके शूलपनेश्वर सहित जंगलों में भी पाए जाने की संभावना है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/67585/gujarat-a-team-of-four-people-discovered-an-endangered-animal-in-dang</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/67585/gujarat-a-team-of-four-people-discovered-an-endangered-animal-in-dang</guid>
                <pubDate>Thu, 29 Jul 2021 21:14:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-07/8253_ghol.jpg"                         length="14209"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डांग:सामने से आ रही ट्रक को बचाने के चक्कर में सड़क से उतरी लक्ज़री बस, कोई बड़ा नुकसान नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[मात्र क्लीनर को आई मामूली चोटें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>डांग जिले के डांग सापुतारा राजमार्ग से जुड़े बारीपदा गांव के पास एक मोड़ पर आने वाले ट्रक को बचाने की कोशिश कर रहे पर्यटकों से भरी एक लक्जरी के सड़क के किनारे गिर जाने से एक दुर्घटना घटित हुई। घटना के बाद अफरा तफरी का माहौल बनाया गया था। बस में बैठे यात्रियों ने अपनी-अपनी जान बचाने के लिए बस की खिड़कियों का सहारा लिया और वहां से छलांग लगा कर बस से बाहर आये। </div><div>आपको बता दें कि मानसून में सड़कों पर फिसलन होने के कारण डांग जाने वाले पर्यटकों और वाहन चालकों को विशेष ध्यान देना चाहिए। ऐसे में एक यात्री बस अक्षर लग्जरी ट्रैवल्स.NGJ14.Z.9915, जो वागरा भरूच से सापुतारा की यात्रा करने वाले पर्यटकों से भरी हुई थी, बारीपदा गांव के पास एक मोड़ पर सामने से आ रही ट्रक को बचाने के लिए सड़क से काफी किनारे आ गयी और इस तरह लग्जरी बस रास्ते से उतर गई।  </div><div>इस घटना की सबसे अच्छी बात ये रही कि इस घटना में किसी को अधिक नुकसान नहीं हुआ। इस घटना में क्लीनर को केवल मामूली चोटें आने की सूचना मिली और उसे तत्काल इलाज के लिए पास के शामगहन सीएचसी में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया गया था। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके लार पहुंच कर सारी उपक्रम का विवरण प्राप्त किया।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/67577/dang-the-luxury-bus-came-off-the-road-to-save-the-truck-coming-from-the-front-no-major-damage</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/67577/dang-the-luxury-bus-came-off-the-road-to-save-the-truck-coming-from-the-front-no-major-damage</guid>
                <pubDate>Tue, 27 Jul 2021 19:27:43 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जानें किस तरह यह युवती लेकर आई डांग की आदिवासी महिलाओं के जीवन में परिवर्तन</title>
                                    <description><![CDATA[फ़ेलोशिप के लिए आई युवती ने बदली गाँव के महिलाओं की तकदीर, बांस के लड़कियों में से बनाते है अद्भुत गहने]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/67173/learn-how-this-young-woman-changed-the-lives-of-tribal-women-in-i-dang"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-05/4390_s10-17052021.jpg" alt=""></a><br /><div>गुजरात के आदिवासी परिवार के पास पारंपरिक चीजों का खजाना है। जिसमें एक नया खजाना जुड़ चुका है। दक्षिण गुजरात के दाङ जिले के आदिवासी परिवार अब बांस में से इकोफ्रेंडली गहने बनाने लगे है। यहीं नहीं इसके कारण उनकी आय में भी तीन गुना इजाफा हो रहा है। आदिवासी इलाके में लोगों को रोजगार देने के लिए बांसुली नाम की एक संस्था भी शुरू की गई है। </div><div><span style="font-size:1rem;">29 वर्षीय सलोनी संचेती नामक शुरू की गई यह संस्था डांग में रहनेवाले परिवार की महिलाओं को बांस में से गहने बनाना शिखा रही है। सलोनी का कहना है की साल 2017 में एक फ़ेलोशिप के लिए वह डांग गई थी और वहाँ के आदिवासी परिवारों के लिए वह कुछ करना चाहती थी। इसलिए उसने उनके लिए बांसुली नाम से संस्था की स्थापना की। बांसुली मतलब बांबू आर्टिसन सोशियो इकोनोमिक अपलिफ्टमेंट इनीशिएटिव, जो की आदिवासी परिवार की महिलाओं के लिए काम करती है। </span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">सलोनी इसके पहले एक सामाजिक संस्था के साथ जुड़ी थी, जो बांस में से गहने बनाती थी। इसी विचार को आगे बढ़ाकर उसने अपना स्टार्टअप शुरू किया। जिसमें उसने बांस के गहने बनाना शुरू किया। इस अभियान में उसने ग्रामीण महिलाओं को शामिल किया। सलोनी ने जेम स्टोन, जर्मन सिल्वर और अन्य धातुओं का इस्तेमाल कर सुंदर गहने बनाने के काम शुरू किया। जो सलोनी ने आदिवासी महिलाओं को भी शिखाया। इस संस्था में 150 से भी अधिक डिजाइन के ईयररींग्स, ब्रेसलेट, पायल, नेकलेस बनाए जाते है। बांसुली के सभी उत्पादन इकोफ्रेंडली है और उनकी गुणवत्ता भी काफी उच्च होती है। </span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">उच्च गुणवत्ता के कारण लोगों को यह काफी पसंद भी आते है। बारिश की मोसम में गहनों में इस्तेमाल हुआ बांस नमी की वजह से बिगड़े ना इसके लिए उसके ऊपर पहले अलग से प्रक्रिया की जाती है। संस्था में काम करने वाले सभी कारीगरों को वेतन भी दिया जाता है, जिसके चलते ग्रामीण महिलाओं को भी रोजगारी मिलती है। </span><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/67173/learn-how-this-young-woman-changed-the-lives-of-tribal-women-in-i-dang</link>
                <guid>https://www.loktej.com/article/67173/learn-how-this-young-woman-changed-the-lives-of-tribal-women-in-i-dang</guid>
                <pubDate>Mon, 17 May 2021 19:12:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.loktej.com/media/2021-05/4390_s10-17052021.jpg"                         length="119553"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        