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                <title>Madhya Pradesh - Loktej</title>
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                <description>Madhya Pradesh RSS Feed</description>
                
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                <title>मप्र के बरगी क्रूज हादसे में आखिरी शव भी मिला, मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हुई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जबलपुर, 03 मई (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद से चल रहे राहत एवं बचाव कार्य के बीच रविवार को एक और लापता व्यक्ति का शव भी बरामद कर लिया गया। इसके बाद हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।</p>
<p>बरगी सिटी सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे में रविवार सुबह 9.40 बजे कामराज आर. का शव निकाला गया। इससे पहले सुबह करीब 6 बजे उनके 8 साल के भतीजे मयूरन की शव मिला था। वह त्रिची</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/146920/last-body-found-in-mps-bargi-cruise-accident-death-toll"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/4420_dead-body.jpg" alt=""></a><br /><p>जबलपुर, 03 मई (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद से चल रहे राहत एवं बचाव कार्य के बीच रविवार को एक और लापता व्यक्ति का शव भी बरामद कर लिया गया। इसके बाद हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।</p>
<p>बरगी सिटी सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे में रविवार सुबह 9.40 बजे कामराज आर. का शव निकाला गया। इससे पहले सुबह करीब 6 बजे उनके 8 साल के भतीजे मयूरन की शव मिला था। वह त्रिची (तमिलनाडु) से आया था। हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है।</p>
<p>हादसे के पहले दिन 30 अप्रैल को 4 शव, दूसरे दिन 5, तीसरे दिन 2 और रविवार को चौथे दिन दो शव मिले। मृतकों में चार बच्चे और आठ महिलाएं शामिल हैं। सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि एहतियात के तौर पर आज दिनभर सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा।</p>
<p>गौरतलब है कि बाते गुरुवार (30 अप्रैल) को शाम तेज आंधी-तूफान के चलते मप्र टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में डूब गया था। क्रूज में करीब 47 पर्यटक सवार थे। जानकारी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।</p>
<p>एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से शुरुआत दो दिनों में तक चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 29 लोगों को बचा लिया गया था। कुछेक पर्यटक तैरकर भी किनारे आ गए थे। इस दौरान नौ लोगों के शव बरामद हुए थे। इसके बाद शनिवार (2 मई) शाम 6 बजे दो बच्चों के शव मिले थे।</p>
<p>भारी बारिश और आंधी तूफान की वजह से शनिवार को राहत एवं बचाव कार्य रोक दिया गया था। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के साथ सेना के जवानों ने रविवार सुबह पुनः सर्चिंग शुरू की।</p>
<p>इस दौरान सुबह करीब 6 बजे घटना स्थल से कुछ दूर पर एक और बच्चे का शव मिला है। मृतक का नाम मयूरन है, जो कि त्रिची (तमिलनाडु) का रहने वाला था। इसके बाद सुबह 9.40 बजे कामराज आर. का शव भी बरामद कर लिया गया।</p>
<p>इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में नीतू सोनी (43) निवासी कोतवाली, जबलपुर, सौभाग्यम अलागन (42) निवासी अन्नानगर, वेस्ट तारापुरम, तमिलनाडु, मधुर मैसी (62) निवासी खाजन बस्ती, नई दिल्ली, काकुलाझी (38) पत्नी कामराज निवासी वेस्ट लैंड खमरिया, जबलपुर, रेशमा सैयद (66) निवासी सिविल लाइन, भसीन आर्केड, जैक्सन होटल के पास, शमीम नकवी (68), निवासी डेरखी, भोपाल, मरीना मैसी (39) पत्नी प्रदीप मैसी निवासी दिल्ली, त्रिशान (4 वर्ष) पुत्र प्रदीप मैसी निवासी दिल्ली और ज्योति सेन, निवासी फूटाताल, घमापुर के आगे जबलपुर, श्रीतमिल (5) पुत्र कामराज निवासी जबलपुर और विराज (5) पुत्र कृष्ण सोनी, मयूरम (9 वर्ष) पुत्र परिमल निवासी त्रिची-तमिलनाडु और कामराज आर. पुत्र श्रीरामालिंगम निवासी जबलपुर शामिल हैं।</p>
<p>बरगी सिटी सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि बरगी क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले तमिलनाडु के पर्यटकों के शव उनके गृह राज्य भेजे जा रहे हैं। जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से कार्गो विमान के जरिए शवों को त्रिची रवाना किया गया है। मृतकों के परिजन भी साथ में रवाना हुए हैं। प्रशासन की ओर से अन्य शवों को भी चरणबद्ध तरीके से उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।</p>
<p>परिजनों में भारी आक्रोश, बोले - यह हादसा नहीं मर्डर है</p>
<p>हादसे के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। हादसे में अपनों को खोने वाले परिजनो ने मप्र टूरिज्म विभाग को कटघरे में खड़ा किया है। परिजनों का कहना है कि यह हादसा नहीं, बल्कि मर्डर है।</p>
<p>हमें मुआवजा नहीं, जस्टिस चाहिए। इसके लिए सारा का सारा एमपी टूरिज्म डिपार्टमेंट रिस्पॉन्सबल है। अभी तक कितने ऑफिसर अरेस्ट किए गए, कितने को सस्पेंड किया गया, बोट ऑपरेटर कहां है? उसे अरेस्ट क्यों नहीं किया गया? उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p>तमिलनाडु के एक परिवार के सात लोगों की मौत, केवल दो 2 बच्चे बचेबरगी डैम क्रूज हादसे में तमिलनाडु के एक ही परिवार 7 सदस्य डूबे थे, जिनमें से केवल 10 साल का पूवीथरन और उसकी 12 साल की कजन ही सुरक्षित बच पाए हैं, जबकि पांच लोगों की मौत हो चुकी है।</p>
<p>कामराज(मूल निवासी त्रिची, तमिलनाडु) जबलपुर की आयुध निर्माणी में मशीनिस्ट के पद पर थे। वे यहां पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। तमिलनाडु से उनके सास-ससुर, छोटे भाई, साली और अन्य परिजन आए हुए थे।</p>
<p>इसलिए उन्होंने छुट्टी ले ली थी। गुरुवार 30 अप्रैल को सभी लोग घूमने निकले। दोपहर में वे भेड़ाघाट गए। वहां रोप-वे का आनंद लेने के बाद करीब 3:30 बजे बरगी डैम रिजॉर्ट पहुंचे।</p>
<p>हादसे में बचे 10 वर्षीय पूवीथरन ने उस डरावने मंजर को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में मौसम बिलकुल साफ था। क्रूज पर एक बच्चे का जन्मदिन भी मनाया गया।</p>
<p>वापस लौटते समय तेज हवाएं चलने लगीं और लहरें बेकाबू हो गईं। पूवीथरन के मुताबिक, क्रूज पर केवल बच्चों ने लाइफ जैकेट पहनी थी। जब क्रूज बुरी तरह हिलने लगा, तब बाकी लोगों ने जैकेट पहनना शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। क्रूज पलटने के बाद मैं लहरों से लड़ते हुए किनारे की ओर आ रहा था, तभी एक व्यक्ति ने रस्सी फेंककर उसकी जान बचाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 19:05:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एडटेक स्टार्टअप ‘पढ़ले’ को अमेरिका की कंपनी ‘Filadd’ से फंडिंग, NEET तैयारी में बदलाव की तैयारी&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इंदौर (मध्य प्रदेश), मार्च 03: इंदौर स्थित एडटेक स्टार्टअप ‘पढ़ले’ (Padhle) ने अमेरिका स्थित वैश्विक शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी ‘Filadd’ से अघोषित राशि में निवेश प्राप्त किया है।</p>
<p>निवेश के साथ ही दोनों कंपनियों ने भारत में NEET परीक्षा की तैयारी के लिए एक नई पीढ़ी का तकनीक-संचालित प्लेटफॉर्म लॉन्च करने हेतु रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। यह पहल देश के उच्च फीस वाले पारंपरिक कोचिंग मॉडल को चुनौती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</p>
<p>Filadd चिली, ब्राज़ील, अर्जेंटीना और कोलंबिया सहित कई देशों में ऑनलाइन शिक्षा सेवाएं प्रदान कर चुकी है। कंपनी अब भारतीय शिक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145848/edtech-startup-padhle-gets-funding-from-american-company-filadd-preparation"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b03032026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौर (मध्य प्रदेश), मार्च 03: इंदौर स्थित एडटेक स्टार्टअप ‘पढ़ले’ (Padhle) ने अमेरिका स्थित वैश्विक शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी ‘Filadd’ से अघोषित राशि में निवेश प्राप्त किया है।</p>
<p>निवेश के साथ ही दोनों कंपनियों ने भारत में NEET परीक्षा की तैयारी के लिए एक नई पीढ़ी का तकनीक-संचालित प्लेटफॉर्म लॉन्च करने हेतु रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। यह पहल देश के उच्च फीस वाले पारंपरिक कोचिंग मॉडल को चुनौती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</p>
<p>Filadd चिली, ब्राज़ील, अर्जेंटीना और कोलंबिया सहित कई देशों में ऑनलाइन शिक्षा सेवाएं प्रदान कर चुकी है। कंपनी अब भारतीय शिक्षा बाजार में अपने उन्नत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक अनुभव के साथ विस्तार कर रही है।</p>
<p>यूट्यूब से शुरू होकर बना तेजी से बढ़ता प्लेटफॉर्म<br />‘पढ़ले’ भारतीय एडटेक प्लेटफॉर्म की शुरुवात वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान बचपन के मित्र अथर्व पुराणिक और प्रणय चौहान ने की थी। शुरुआत में यह कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए मुफ्त शैक्षणिक सामग्री प्रदान करने वाला एक यूट्यूब चैनल था। सरल और छात्रों से जुड़ी हुई शिक्षण शैली के कारण यह प्लेटफॉर्म जल्द ही Gen-Z विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय हो गया।</p>
<p>वर्तमान में ‘पढ़ले’ फ्रीमियम मॉडल पर कार्य कर रहा है, जिसमें<br />•    यूट्यूब के माध्यम से मुफ्त शिक्षा<br />•    मोबाइल ऐप और वेबसाइट पर संरचित पेड कोर्स<br />•    एंड्रॉयड, iOS और वेब पर उपलब्धता<br />प्लेटफॉर्म ‘Padhle.in (कक्षा 9–10)’, ‘Padhle Tenthies’, ‘Just Padhle’ और ‘Padhle NEET’’ जैसे अलग-अलग शैक्षणिक वर्टिकल संचालित करता है।</p>
<p>पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप ने लगातार विकास किया है और वर्तमान में इसके पास लगभग 25–30 पेशेवरों की इन-हाउस टीम है, जिसमें शिक्षक, अकादमिक रणनीतिकार, टेक डेवलपर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और छात्र सहायता विशेषज्ञ शामिल हैं, जो मिलकर सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं।</p>
<p>पारंपरिक ऑनलाइन मॉडल से आगे बढ़ने की दिशा में<br />भारत में एडटेक क्षेत्र के तेज़ी से विस्तार के साथ डिजिटल शिक्षा को व्यापक स्वीकृति मिली, लेकिन समय के साथ कई प्लेटफॉर्म बड़े पैमाने पर नामांकन और एक-समान कंटेंट डिलीवरी मॉडल तक सीमित हो गए। विशाल बैच, रिकॉर्डेड लेक्चर और सीमित व्यक्तिगत मार्गदर्शन उद्योग का सामान्य स्वरूप बन गया।</p>
<p>‘पढ़ले’ इस पारंपरिक ढांचे से अलग रास्ता अपनाने की दिशा में काम कर रहा है।<br />नई NEET पहल सीमित बैच प्रवेश पर केंद्रित है, जिससे प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत ध्यान और मापनीय शैक्षणिक सुधार सुनिश्चित किया जा सके, न कि केवल संख्या आधारित नामांकन पर ध्यान दिया जाए। कंपनी स्वयं को एक विकसित होती शिक्षा मंच के रूप में प्रस्तुत करती है, जो छात्रों के प्रदर्शन डेटा, व्यवहारिक पैटर्न और फीडबैक के आधार पर निरंतर अपने मॉडल को अनुकूलित करता है।</p>
<p>फंडिंग प्राप्त होने के बाद, ‘पढ़ले’ ने देशभर से अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों को जोड़कर अपनी शैक्षणिक नींव को और सशक्त बनाया है।</p>
<p>वैश्विक सहयोग के साथ NEET अध्ययन क्षेत्र में प्रवेश</p>
<p>हर साल 20 लाख से ज़्यादा कैंडिडेट NEET देते हैं, इसलिए भारत का मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी का मार्केट बहुत कॉम्पिटिटिव बना हुआ है और इसमें ज़्यादातर महंगे ऑफलाइन कोचिंग इंस्टीट्यूट और स्टैंडर्ड डिजिटल फॉर्मेट का दबदबा है।</p>
<p>इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि कई एडटेक प्लेटफॉर्म बहुत बोरिंग हो गए हैं, जो लिमिटेड पर्सनलाइजेशन के साथ मास एनरोलमेंट मॉडल पर निर्भर हैं। हालांकि, Padhle खुद को एक ऐसे बदलते प्लेटफॉर्म के तौर पर दिखाता है जो लगातार स्टूडेंट की ज़रूरतों के हिसाब से खुद को ढालता है, फीडबैक को इंटीग्रेट करता है, और कन्वेंशनल ऑनलाइन कोचिंग स्ट्रक्चर से आगे बढ़कर इनोवेट करता है।</p>
<p>पढ़ले–Filadd’ सहयोग का उद्देश्य एक तकनीक-संचालित वैकल्पिक मॉडल प्रस्तुत करना है, जिसमें निम्न प्रमुख विशेषताएँ शामिल होंगी:<br />•    AI आधारित व्यक्तिगत अध्ययन योजनाएँ<br />•    समर्पित वन-टू-वन मेंटरशिप<br />•    डेटा आधारित प्रदर्शन विश्लेषण<br />•    किफायती प्रोग्राम/कोर्स की फीस<br />•    विद्यार्थियों की व्यक्तिगत क्षमताओं और कमजोरियों पर आधारित अनुकूलित अध्ययन सामग्री<br />•    संरचित मानसिक स्वास्थ्य एवं प्रदर्शन परामर्श व्यवस्था<br />इसके अतिरिक्त, पूरी तैयारी अवधि के दौरान निरंतर मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के लिए 24×7 मेंटर उपलब्धता और रियल-टाइम डाउट समाधान प्रणाली भी लागू की जा रही है।</p>
<p>शैक्षणिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान<br />NEET की तैयारी अक्सर गहन शैक्षणिक दबाव के साथ आती है, जिसके कारण तनाव और चिंता छात्रों के बीच सामान्य चुनौतियाँ बन जाती हैं। इस स्थिति का व्यवस्थित समाधान करने के लिए कार्यक्रम में समर्पित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, बुक किए जा सकने वाले व्यक्तिगत परामर्श सत्र, तथा निरंतर मानसिक स्वास्थ्य मॉनिटरिंग को शामिल किया गया है,  यह एक ऐसी संरचित सहायता प्रणाली है जो पारंपरिक कोचिंग मॉडलों में प्रायः अनुपस्थित रहती है।</p>
<p>साझेदारी पर संस्थापकों की प्रतिक्रिया<br />इस साझेदारी पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘पढ़ले’ के सह-संस्थापक प्रणय चौहान ने कहा: “हमारे लिए यह साझेदारी केवल फंडिंग तक सीमित नहीं है बल्कि भारत में NEET तैयारी के सबसे व्यक्तिगत और छात्र-केंद्रित इकोसिस्टम का निर्माण करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम हमेशा मानते रहे हैं कि शिक्षा को छात्र के अनुसार ढलना चाहिए, न कि छात्र को शिक्षा के ढांचे में फिट होना चाहिए।</p>
<p>Filadd की वैश्विक विशेषज्ञता और तकनीकी संरचना के साथ अब हम एक ऐसे मॉडल को बड़े स्तर पर लागू कर सकते हैं, जो मेंटरशिप, मानसिक स्वास्थ्य और मापनीय शैक्षणिक प्रगति को प्राथमिकता देता है।”</p>
<p>‘पढ़ले’ के सह-संस्थापक अथर्व पुराणिक ने आगे कहा: “एडटेक क्षेत्र ने तेज़ी से विस्तार तो किया है, लेकिन नवाचार केवल कंटेंट लाइब्रेरी और बड़े नामांकन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। हमारा फोकस सीमित बैच, मजबूत मेंटर-छात्र संबंध और निरंतर प्रदर्शन ट्रैकिंग पर है। यह साझेदारी हमें इस दृष्टिकोण को बड़े पैमाने पर लागू करने की शक्ति देती है।”</p>
<p>वहीं Filadd की ओर से कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा: “भारत विश्व के सबसे गतिशील शिक्षा बाज़ारों में से एक है। ‘पढ़ले’ के साथ हमारी साझेदारी व्यक्तिगत और तकनीक-संचालित शिक्षा प्रदान करने की साझा दृष्टि पर आधारित है, जो वास्तविक परिणाम दे सके। हमें विचारधारा में गहरा सामंजस्य और दीर्घकालिक विकास की मजबूत संभावनाएँ दिखाई देती हैं।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 18:55:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेवा और साधना की जीवंत मिसाल: प्रशांत महाराज जी का शिवशक्ति अनुग्रह पीठ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भोपाल (मध्य प्रदेश), फरवरी 28: मौन साधना से जनसेवा तक, समाज परिवर्तन का एक दिव्य अभियान</p>
<p>पहाड़ों की गुफाओं में की गई दीर्घकालीन मौन साधना और समाज सेवा का दृढ़ संकल्प — यही शिवशक्ति अनुग्रह पीठ की पहचान है। प्रशांत महाराज जी आज भी अपना अधिकांश समय साधना में व्यतीत करते हैं, किंतु उनकी साधना का प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से पीठ द्वारा संचालित निःशुल्क सेवाओं में स्पष्ट दिखाई देता है।</p>
<p>प्रशांत महाराज जी का स्पष्ट संदेश है — “सेवा ही शिवत्व है।” उनका मानना है कि संत का कर्तव्य लेना नहीं, बल्कि देना होता है। इसी विचारधारा के साथ शिवशक्ति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145803/shivshakti-anugrah-peeth-of-prashant-maharaj-ji-a-living-example"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b28022026-05.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल (मध्य प्रदेश), फरवरी 28: मौन साधना से जनसेवा तक, समाज परिवर्तन का एक दिव्य अभियान</p>
<p>पहाड़ों की गुफाओं में की गई दीर्घकालीन मौन साधना और समाज सेवा का दृढ़ संकल्प — यही शिवशक्ति अनुग्रह पीठ की पहचान है। प्रशांत महाराज जी आज भी अपना अधिकांश समय साधना में व्यतीत करते हैं, किंतु उनकी साधना का प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से पीठ द्वारा संचालित निःशुल्क सेवाओं में स्पष्ट दिखाई देता है।</p>
<p>प्रशांत महाराज जी का स्पष्ट संदेश है — “सेवा ही शिवत्व है।” उनका मानना है कि संत का कर्तव्य लेना नहीं, बल्कि देना होता है। इसी विचारधारा के साथ शिवशक्ति अनुग्रह पीठ समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए अनेक निःशुल्क सेवाएँ संचालित कर रहा है।</p>
<p>प्रशांत महाराज जी कई बार लगातार 41 दिनों तक मौन व्रत के साथ कठोर साधना कर चुके हैं। उन्होंने पहाड़ों, जंगलों और एकांत स्थलों में वर्षों तक ध्यान साधना की है। कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने अन्न का त्याग भी किया।</p>
<p>उनका जीवन त्याग, अनुशासन और आत्मसंयम का जीवंत उदाहरण माना जाता है। पीठ की गतिविधियाँ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, वृद्ध सेवा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में व्यापक रूप से कार्य कर रही हैं।</p>
<p>नियमित रूप से निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित किए जाते हैं। अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से निर्धन एवं असहाय लोगों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराया जाता है। गौ सेवा हेतु गोशाला संचालित की जा रही है। असहाय व्यक्तियों के लिए आवास की व्यवस्था भी की गई है।</p>
<p>बालकों के लिए वात्सल्य बालधाम, बुजुर्गों के लिए “पूज्य ज्येष्ठजन धाम “, तथा संस्कृत एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण हेतु विद्यापीठ संचालित किया जा रहा है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त सामूहिक विवाह, महिलाओं को स्वरोजगार हेतु सहायता, साइकिल वितरण तथा ग्रामीण विकास से जुड़े अनेक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।</p>
<p>पीठ ने आधुनिक तकनीक को भी अपनाया है। स्वास्थ्य सेवाओं एवं सेवा कार्यों को सुव्यवस्थित करने हेतु डिजिटल प्रणाली विकसित की गई है। आने वाले समय में 108 से अधिक गाँवों में सेवा केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की सुविधाएँ सुलभ हो सकें।</p>
<p>पीठ की एक विशेष नीति यह है कि सहायता लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान सर्वोपरि है। कागजी प्रक्रिया को सरल रखा जाता है, ताकि किसी को अपमान या संकोच का अनुभव न हो। पीठ का विश्वास है कि सेवा तभी पूर्ण होती है जब उसमें सम्मान जुड़ा हो।</p>
<p>प्रशांत महाराज जी के विचार उनके कार्यों में स्पष्ट दिखाई देते हैं। वे कहते हैं — “सच्ची सेवा में ही ईश्वर की कृपा स्वतः प्राप्त होती है।”<br />साथ ही उनका दिव्य संदेश है — “सेवा से करुणा जन्म लेती है और साधना से आत्मा प्रकाशित होती है। यही शिवशक्ति अनुग्रह पीठ का दिव्य संदेश है।”</p>
<p>शिवशक्ति अनुग्रह पीठ का संकल्प है — “इन कुरीतियों को ज्ञान के प्रकाश से मिटाना और वैदिक सनातन की पुनः स्थापना करना।<br />जहाँ धर्म भय नहीं, बल्कि प्रेम और ज्ञान बने।”</p>
<p>छोटे स्तर से प्रारंभ हुआ यह सेवा कार्य आज हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। किसी को भोजन मिला, किसी को उपचार, किसी बच्चे को शिक्षा का अवसर मिला, तो किसी गाँव को नई दिशा प्राप्त हुई।</p>
<p>आने वाले समय में शिवशक्ति अनुग्रह पीठ का उद्देश्य और अधिक लोगों तक पहुँच बनाकर समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाना है।<br />शिवशक्ति अनुग्रह पीठ यह सिद्ध कर रहा है कि — सच्ची भक्ति वही है जो किसी के जीवन में प्रकाश बनकर प्रवेश करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 18:41:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>द लास्ट सेल्फी - डिजिटल कर्ज़ और परिवारों का विनाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भोपाल (मध्य प्रदेश), फरवरी 16: Orchestro.AI, के संस्थापक और CEO शेखर नटराजन इस लेख में डिजिटल कर्ज़ और सूदखोरों के प्रभाव को समझाते हैं।</p>
<p>12 जुलाई 2023 को भूपेंद्र विश्वकर्मा ने अपने परिवार को एक तस्वीर के लिए एकत्र किया। उस तस्वीर में, जो बाद में पूरे भारत में वायरल हो गई, 38 वर्षीय बीमा एजेंट अपनी 35 वर्षीय पत्नी ऋतु और अपने दो बेटों — 9 वर्षीय ऋषिराज और 3 वर्षीय रितुराज — के साथ खड़े हैं। वे किसी भी मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार की तरह दिखते हैं — साधारण, सामान्य, पूर्ण।</p>
<p>भूपेंद्र ने तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा: "हमारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145611/the-last-selfie-digital-debt-and-the-destruction-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-02/b16022026-02.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल (मध्य प्रदेश), फरवरी 16: Orchestro.AI, के संस्थापक और CEO शेखर नटराजन इस लेख में डिजिटल कर्ज़ और सूदखोरों के प्रभाव को समझाते हैं।</p>
<p>12 जुलाई 2023 को भूपेंद्र विश्वकर्मा ने अपने परिवार को एक तस्वीर के लिए एकत्र किया। उस तस्वीर में, जो बाद में पूरे भारत में वायरल हो गई, 38 वर्षीय बीमा एजेंट अपनी 35 वर्षीय पत्नी ऋतु और अपने दो बेटों — 9 वर्षीय ऋषिराज और 3 वर्षीय रितुराज — के साथ खड़े हैं। वे किसी भी मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार की तरह दिखते हैं — साधारण, सामान्य, पूर्ण।</p>
<p>भूपेंद्र ने तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा: "हमारी आखिरी पारिवारिक तस्वीर।" तस्वीर लेने के बाद उन्होंने अपने बेटों को ज़हर मिला पेय पिला दिया। फिर उन्होंने और ऋतु ने रतिबड़ की शिव विहार कॉलोनी स्थित अपने घर में फांसी लगा ली।</p>
<p>अपने चार पन्नों के सुसाइड नोट में भूपेंद्र ने बताया कि Tata AIG में स्थायी नौकरी और एक स्नेही परिवार होने के बावजूद आखिर उन्हें ऐसा कदम उठाने पर क्या मजबूर कर गया: "उसे कह दो कि कर्ज़ चुका दे, नहीं तो आज उसे नंगा करके सोशल मीडिया पर डाल दूंगा।"</p>
<p>यह अंतिम संदेश था जो उन्हें एक डिजिटल लोन ऐप के रिकवरी एजेंट से मिला था — उन सैकड़ों संदेशों में से एक, जिन्होंने महीनों तक उन्हें प्रताड़ित किया। एजेंटों ने उनका फोन हैक कर लिया, उनके संपर्कों और फोटो गैलरी तक पहुंच बनाई, उनकी तस्वीरों को अश्लील सामग्री में मॉर्फ कर दिया और उन्हें उनके परिवार, मित्रों और सहकर्मियों को भेज दिया।</p>
<p>उन्होंने उनके बुजुर्ग माता-पिता को फोन किया। उनकी पत्नी को धमकियां दीं। यह सब इसलिए किया गया क्योंकि वे कर्ज़ की एक किस्त समय पर नहीं चुका पाए थे।</p>
<p>जाल<br />भूपेंद्र विश्वकर्मा हमेशा से हताश नहीं थे। वे एक बीमा एजेंट के रूप में काम करते थे और ऑनलाइन काम से अतिरिक्त आय अर्जित करते थे। अप्रैल 2023 में उन्हें व्हाट्सऐप पर एक पार्ट-टाइम नौकरी का संदेश मिला — एक ई-कॉमर्स कंपनी, जो कथित रूप से कोलंबिया में COVID के बाद स्थापित हुई थी।</p>
<p>"अतिरिक्त पैसा कमाने की सोचकर मैंने घर से काम करने के लिए हामी भर दी," उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा। कंपनी की वेबसाइट विश्वसनीय लग रही थी। इसके बाद एक सुनियोजित धोखाधड़ी शुरू हुई।</p>
<p>"नौकरी" के तहत उन्हें विभिन्न ऐप्स से लोन लेने के लिए कहा गया, जो कथित रूप से काम का हिस्सा था। इन लोन की राशि उन खातों में ट्रांसफर की गई जिन पर उनका नियंत्रण नहीं था। जब तक उन्हें सच्चाई का एहसास हुआ, वे 17 लाख रुपये के कर्ज़ में डूब चुके थे।</p>
<p>"मैं इस पैसे का उपयोग घर में भी नहीं कर पाया," उन्होंने लिखा। "मुझे पता भी नहीं चला और काम का दबाव बढ़ता गया। जब मेरे पास पैसे खत्म हो गए, तो कंपनी ने लोन और एग्रीमेंट की मांग शुरू कर दी।" जब उन्होंने रुकने की कोशिश की, तो उत्पीड़न शुरू हो गया।</p>
<p>एल्गोरिदमिक आतंक<br />भूपेंद्र को जाल में फंसाने वाले लोन ऐप्स अब एक महामारी का रूप ले चुके हैं। सेवदेहम इंडिया फाउंडेशन के निदेशक प्रवीण कलाईसेलवन के अनुसार, लोन ऐप उत्पीड़न की शिकायतें 2020 में 29,000 से बढ़कर 2021 में 76,000 हो गईं, और 2022 के पहले नौ महीनों में ही 46,000 से अधिक दर्ज हुईं।</p>
<p>सिर्फ एक वर्ष में कम से कम 64 लोगों ने लोन ऐप उत्पीड़न के कारण आत्महत्या की। वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है — कई मामलों को व्यक्तिगत समस्या मानकर दर्ज ही नहीं किया जाता।</p>
<p>इन ऐप्स की कार्यप्रणाली अब “एल्गोरिदमिक आतंक” में बदल चुकी है:<br />•    2020: खुलासा करने की धमकी, लेकिन संपर्कों को कॉल नहीं।<br />•    2021: रिकवरी एजेंटों ने सीधे पीड़ितों के संपर्कों को कॉल करना शुरू किया।<br />•    2022: आधार और पैन कार्ड की जानकारी संपर्कों को भेजकर पीड़ितों को चोर बताया गया।<br />•    2023: मॉर्फ की गई नग्न तस्वीरें बनाकर संपर्कों में प्रसारित की गईं, एडल्ट वेबसाइट्स पर पोस्ट की गईं।</p>
<p>जब कोई उधारकर्ता ऐप को संपर्क और फोटो तक पहुंच की अनुमति देता है — जो लोन पाने की शर्त होती है — तो वह अपने विनाश के उपकरण खुद सौंप देता है। ऐप्स फोन नंबर, तस्वीरें, लोकेशन डेटा सब कॉपी कर लेते हैं। वे चेहरे की पहचान तकनीक और एआई का उपयोग करके मॉर्फ तस्वीरें बनाते हैं।दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम से संचालित कॉल सेंटर — जिनमें कई मामलों में चीनी निवेशकों की भूमिका पाई गई — इस उत्पीड़न को अंजाम देते हैं।</p>
<p>संकट के चेहरे<br />भूमि सिन्हा, मुंबई: वेतन में देरी के कारण छोटा लोन लिया। सात दिन में चुकाने की उम्मीद थी। देरी होते ही उत्पीड़न शुरू हो गया।<br />"मैं सुन्न हो गई थी… मेरी मॉर्फ की गई नग्न तस्वीरें मेरी बेटी और परिवार के परिचितों को भेज दी गईं।"<br />किरनी मौनिका, 24, तेलंगाना: कई ऐप्स से लोन लिया। लगातार उत्पीड़न के बाद आत्महत्या कर ली।<br />22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र, बेंगलुरु: सुसाइड नोट में लिखा — "सॉरी, मां-पापा…"<br />कोच्चि का एक परिवार: 12 सितंबर 2023 को एक ही परिवार के चार सदस्यों ने आत्महत्या कर ली।<br />29 वर्षीय टेक कर्मचारी, हैदराबाद: 30 से अधिक ऐप्स से लोन लिया। 400 से अधिक कॉल, 10 व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर सार्वजनिक अपमान।</p>
<p>अंडरकवर जांच<br />BBC की एक डॉक्यूमेंट्री जांच में दिल्ली और नोएडा के दो कॉल सेंटरों में अंडरकवर ऑपरेशन किया गया। वहां पाया गया कि यह व्यक्तिगत क्रूरता नहीं, बल्कि व्यवस्थित उत्पीड़न था।</p>
<p>एक मैनेजर, विशाल चौरसिया, ने कहा कि वह वसूली के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। एक अन्य एजेंट ने सुझाव दिया कि पीड़ित “अपनी बहन, घर या जमीन बेच दें।”जांच में परशुराम तकवे का नाम सामने आया, जो कई कॉल सेंटर संचालित करता था। आत्महत्या के मामलों के बढ़ने के बाद वह और उसकी चीनी पत्नी फरार हो गए।</p>
<p>प्रतिक्रिया की विफलता<br />भूपेंद्र ने मदद मांगने की कोशिश की। उन्होंने भोपाल के साइबर क्राइम कार्यालय का दौरा किया, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर Shaktikanta Das ने स्वीकार किया कि कई डिजिटल लेंडिंग ऐप्स केंद्रीय बैंक के नियामक दायरे में नहीं हैं।</p>
<p>आरबीआई ने 600 से अधिक अवैध लोन ऐप्स की पहचान की है। Google ने अपने प्ले स्टोर से 2,200 से अधिक ऐप्स हटा दिए हैं। लेकिन ये ऐप्स नए नामों से फिर सक्रिय हो जाते हैं। भूपेंद्र के मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई और 200 से अधिक बैंक खातों का पता चला। लेकिन मुख्य संचालक अब भी फरार हैं।</p>
<p>क्रूरता की संरचना<br />शेखर नटराजन इसे “मूल्यों के बिना अनुकूलन” कहते हैं। "ये सिस्टम सिर्फ एक चीज़ के लिए ऑप्टिमाइज़ हैं — वसूली। हर फीचर उसी उद्देश्य की पूर्ति करता है। कोई संतुलन नहीं, कोई नैतिक रोक नहीं।" यदि सिस्टम में करुणा (मैत्री), धैर्य (सहन), अहिंसा और विवेक जैसे मूल्य होते, तो शायद परिणाम अलग होता।</p>
<p>"भूपेंद्र विश्वकर्मा इसलिए नहीं मरे क्योंकि किसी ने उन्हें नष्ट करने का फैसला किया," नटराजन कहते हैं। "वे इसलिए मरे क्योंकि किसी ने उन्हें बचाने का निर्णय नहीं लिया। सिस्टम दया के लिए बना ही नहीं था।" शिव विहार कॉलोनी में आज एक पारिवारिक तस्वीर खाली घर की दीवार पर टंगी है — चार मुस्कुराते चेहरे, जिन्हें एल्गोरिदम ने मिटा दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 18:10:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ष 2028 के सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले प्रदूषण से मुक्त होगी क्षिप्रा : मोहन यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इंदौर, 29 दिसंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि उज्जैन में वर्ष 2028 के दौरान लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले क्षिप्रा नदी को प्रदूषण से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा और इस विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालु इसके शुद्ध जल में स्नान करेंगे।</p>
<p>सिंहस्थ कुंभ मेला भगवान शिव के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग वाली धार्मिक नगरी उज्जैन में हर 12 साल में क्षिप्रा नदी के तट पर लगता है।</p>
<p>यादव ने इंदौर जिले के चित्तौड़ा गांव में एक श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम के समापन समारोह में कहा, ‘‘सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालु</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/144907/kshipra-mohan-yadav-will-be-free-from-pollution-before-the"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-01/first-bath-mahakumbh-2025.jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौर, 29 दिसंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि उज्जैन में वर्ष 2028 के दौरान लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले क्षिप्रा नदी को प्रदूषण से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा और इस विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालु इसके शुद्ध जल में स्नान करेंगे।</p>
<p>सिंहस्थ कुंभ मेला भगवान शिव के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग वाली धार्मिक नगरी उज्जैन में हर 12 साल में क्षिप्रा नदी के तट पर लगता है।</p>
<p>यादव ने इंदौर जिले के चित्तौड़ा गांव में एक श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम के समापन समारोह में कहा, ‘‘सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालु क्षिप्रा नदी के शुद्ध जल में स्नान करेंगे। इसके लिए बारिश के दौरान एक जलाशय में पानी जमा किया जाएगा जिसे धीरे-धीरे क्षिप्रा में छोड़ा जाएगा। इससे इस नदी में सतत प्रवाह बना रहेगा।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि श्रद्धालु सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान क्षिप्रा नदी के जल से पूरी श्रद्धा के साथ आचमन भी करते हैं, इसलिए इस नदी के पानी की शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।</p>
<p>यादव ने जोर देकर कहा कि आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ेगा।</p>
<p>उज्जैन में पिछला सिंहस्थ कुम्भ मेला 2016 के दौरान लगा था। इसके लिए प्रदेश सरकार ने नर्मदा-क्षिप्रा सिंहस्थ लिंक परियोजना के जरिये नर्मदा नदी का जल लम्बी दूरी की पाइपलाइन के जरिये क्षिप्रा नदी में छोड़ा था और श्रद्धालुओं ने इस जल में स्नान किया था।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है कि आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले में श्रद्धालु क्षिप्रा नदी के ही शुद्ध जल में स्नान करेंगे।</p>
<p>बहरहाल, क्षिप्रा नदी को प्रदूषण से मुक्त करना प्रदेश सरकार के सामने बड़ी चुनौती की तरह है और कई साधु-संत भी इस विषय में चिंता जता चुके हैं।</p>
<p>इंदौर जिले के ग्रामीण क्षेत्र से निकलने वाली क्षिप्रा बहते-बहते उज्जैन पहुंचती है जहां हर 12 साल में लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले में लाखों श्रद्धालु इस नदी में स्नान करते हैं। क्षिप्रा को हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं में ‘मोक्षदायिनी नदी’ भी कहा जाता है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में गंदे नाले में तब्दील कान्ह और सरस्वती नदियों का पानी भी आगे जाकर क्षिप्रा में मिलता है और इसमें होने वाले प्रदूषण में इजाफा करता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 के सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर क्षिप्रा नदी को कान्ह और सरस्वती नदियों के गंदे पानी से बचाने के लिए अलग योजना बनाई गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 21:08:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पटेल की 150वीं जयंती: मध्यप्रदेश का प्रतिनिधिमंडल 11 नवंबर को गुजरात कार्यक्रम में शामिल होगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भोपाल, 10 नवंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि राज्य का एक प्रतिनिधिमंडल सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनाने के लिए 11 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेगा।</p><p>यादव ने भोपाल में मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले अपने सहयोगियों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने ‘भावांतर योजना’ के तहत मिले मॉडल रेट के फायदों के लिए किसानों को, जबकि ‘समाधान योजना’ से प्राप्त राहत के लिए बिजली उपभोक्ताओं को बधाई भी दी।</p><p>एक अधिकारी ने बताया, “भावांतर (भाव का अंतर)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143971/patels-150th-birth-anniversary-delegation-from-madhya-pradesh-will-participate"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-12/sardar-vallabhbhai-patel-statue-kevadia.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल, 10 नवंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि राज्य का एक प्रतिनिधिमंडल सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनाने के लिए 11 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेगा।</p><p>यादव ने भोपाल में मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले अपने सहयोगियों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने ‘भावांतर योजना’ के तहत मिले मॉडल रेट के फायदों के लिए किसानों को, जबकि ‘समाधान योजना’ से प्राप्त राहत के लिए बिजली उपभोक्ताओं को बधाई भी दी।</p><p>एक अधिकारी ने बताया, “भावांतर (भाव का अंतर) योजना की राशि 13 नवंबर को देवास से किसानों के खातों में अंतरित कर दी जाएगी।”</p><p>बालाघाट जिले में महिला नक्सली सुनीता के हथियार डालने का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि यह राज्य सरकार की ओर से अपनाई गई प्रभावी आत्मसमर्पण नीति का नतीजा है।</p><p>मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मध्यप्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है।</p><p>उन्होंने कहा कि छतरपुर जिले के घुवारा की रहने वाली तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ को जबलपुर में आदिवासी नायक धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के मौके पर राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।</p><p>गौड़ एकदिवसीय विश्व कप जीतने वाली महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 15:13:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इंदौर में ‘अखंड ज्योति’ वाले दीपक से घर में आग लगी, वाहन शोरूम के मालिक की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इंदौर (मध्यप्रदेश), 23 अक्टूबर (भाषा) इंदौर में तीन मंजिलों वाली वाणिज्यिक-सह-आवासीय इमारत के पेंटहाउस (भवन की शीर्ष मंजिल पर बना घर) में बृहस्पतिवार सुबह आग लगने से एक प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी के शोरूम के मालिक की मौत हो गई। पुलिस की एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस निरीक्षक नीतू सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि लसूड़िया थाना क्षेत्र के तीन मंजिला भवन में बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे के आस-पास आग लगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस भवन के निचले तलों पर चारपहिया वाहन निर्माता कंपनी का शोरूम है, जबकि तीसरी मंजिल पर बने पेंटहाउस में शोरूम के मालिक प्रवेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/143711/vehicle-showroom-owner-dies-after-house-caught-fire-due-to"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/sad-death-tragic-news-candle-condolence-tribute.jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौर (मध्यप्रदेश), 23 अक्टूबर (भाषा) इंदौर में तीन मंजिलों वाली वाणिज्यिक-सह-आवासीय इमारत के पेंटहाउस (भवन की शीर्ष मंजिल पर बना घर) में बृहस्पतिवार सुबह आग लगने से एक प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी के शोरूम के मालिक की मौत हो गई। पुलिस की एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p>पुलिस निरीक्षक नीतू सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि लसूड़िया थाना क्षेत्र के तीन मंजिला भवन में बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे के आस-पास आग लगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस भवन के निचले तलों पर चारपहिया वाहन निर्माता कंपनी का शोरूम है, जबकि तीसरी मंजिल पर बने पेंटहाउस में शोरूम के मालिक प्रवेश अग्रवाल का परिवार रहता है।</p>
<p>सिंह ने बताया, ‘‘शुरुआती तौर पर पता चला है कि अग्रवाल के घर में बने देवस्थान में अखंड ज्योति वाला दीपक जल रहा था। इस दीपक के कारण उनके घर में आग लगी। धीरे-धीरे पूरे घर में धुआं भर गया और इसमें रहने वाले लोगों का दम घुटने लगा।’’</p>
<p>पुलिस निरीक्षक ने बताया कि अग्निकांड के वक्त अग्रवाल, उनकी पत्नी और दो नाबालिग बेटियां घर में सो रही थीं।</p>
<p>उन्होंने बताया, ‘‘इस घटना में शोरूम मालिक प्रवेश अग्रवाल की मौत हो गई है। पहली नजर में लगता है कि उनकी मौत दम घुटने से हुई है। उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।"</p>
<p>सिंह ने बताया, "अग्रवाल की बड़ी बेटी एक निजी अस्पताल में भर्ती है और चिकित्सक उसकी हालत पर निगाह रख रहे हैं। उनके परिवार के बाकी दो सदस्य सुरक्षित हैं।’’</p>
<p>पुलिस निरीक्षक ने बताया कि अग्निकांड की विस्तृत जांच की जा रही है।</p>
<p>अग्निशमन विभाग के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सुशील कुमार दुबे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘अग्निकांड की सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। घर में काफी धुआं भरने से प्रवेश अग्रवाल का दम घुट चुका था। हम जब उनके पास पहुंचे, तो वह हमें बेसुध हालत में मिले। हमें पता चला है कि बेसुध होने से पहले उन्होंने अपनी दोनों बेटियों को घर से बाहर निकालने की भरसक कोशिश की।’’</p>
<p>दुबे के मुताबिक, अग्रवाल के पेंटहाउस में धुआं बाहर निकलने का पर्याप्त स्थान नहीं था।</p>
<p>उन्होंने बताया कि अग्निकांड में वाणिज्यिक-सह-आवासीय इमारत की निचली मंजिल पर रखी गाड़ियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।</p>
<p>अग्रवाल, कांग्रेस से जुड़े थे। उनके निधन पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ और पार्टी के अन्य नेताओं ने शोक जताया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Oct 2025 13:52:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जर्मनी की पांच अग्रणी कंपनियों का पांच दिवसीय मप्र दौरा आज से, करेंगी करोड़ों का निवेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भोपाल, 18 अगस्त (वेब वार्ता)। विदेशी निवेश संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के यूरोप दौरे के फलस्वरूप जर्मन की कंपनियों ने मध्य प्रदेश का रूख किया है। मध्य प्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत आज यानी सोमवार (18 अगस्त) से 22 अगस्त तक पांच अग्रणी जर्मन टेक कंपनियों का दौरा शुरू हो रहा है।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल में टाइलर्स के स्टीवन रैनविक, टैलोनिक के निकोलस, स्टेएक्स के एलेक्सजेन्ड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट-एजी के मटियास प्रोग्चा और क्लाउड-स्क्विड के फिलिप रेजमूश शामिल हैं।</p>
<p>ये कंपनियां वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा इंटीग्रेशन, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, आईओटी और कनेक्टिविटी सॉल्युशंस, एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/142569/five-day-madhya-pradesh-tour-of-five-leading-german-companies"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/business-news-update.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल, 18 अगस्त (वेब वार्ता)। विदेशी निवेश संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के यूरोप दौरे के फलस्वरूप जर्मन की कंपनियों ने मध्य प्रदेश का रूख किया है। मध्य प्रदेश ग्लोबल स्टार्टअप एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत आज यानी सोमवार (18 अगस्त) से 22 अगस्त तक पांच अग्रणी जर्मन टेक कंपनियों का दौरा शुरू हो रहा है।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल में टाइलर्स के स्टीवन रैनविक, टैलोनिक के निकोलस, स्टेएक्स के एलेक्सजेन्ड्रा के मिकीटयूक, क्यू-नेक्ट-एजी के मटियास प्रोग्चा और क्लाउड-स्क्विड के फिलिप रेजमूश शामिल हैं।</p>
<p>ये कंपनियां वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा इंटीग्रेशन, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, आईओटी और कनेक्टिविटी सॉल्युशंस, एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर तथा डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग एआई तकनीक के क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं।</p>
<p>इन कंपनियों का अनुभव और तकनीकी क्षमता मध्यप्रदेश के उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी। प्रतिनिधिमंडल इंदौर प्रवास के दौरान तकनीकी कार्यशालाओं और रणनीतिक चर्चाओं में शामिल रहेगा। </p>
<p>इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल आईआईटी इंदौर में इनक्यूबेशन सेंटर का भ्रमण करेगा और स्थानीय स्टार्ट-अप्स से संवाद स्थापित करेगा। इसके बाद भोपाल प्रवास के दौरान उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और शैक्षणिक व तकनीकी संस्थानों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें होंगी।</p>
<p>यह पूरा कार्यक्रम तकनीकी सहयोग, अनुसंधान और निवेश से जुड़ी ठोस संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्रतिनिधि मंडल के बी2बी व्यावसायिक बैठकें और कई तकनीकी साझेदारी के समझौते होंगे। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय निवेश और नई साझेदारियों के द्वार खुलेंगे। इस पहल से प्रदेश के उच्च कौशल वाले हजारों युवाओं के लिये रोजगार सृजित होगे। </p>
<p>इससे प्रदेश के युवा वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ सकेंगे। साथ ही राज्य में नए ‘अनुसंधान औऱ विकास’ केंद्रों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। यह दौरा मध्य प्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की बुनियाद सिद्ध होगा। इस दौरे से वैश्विक नॉलेज और कटिंग एज टेक्नोलॉजी से ट्रांस्फोर्मेटिव साझेदारी विकसित होगी, जो प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।</p>
<p>इस पहल से नवाचार हब के रूप में मध्यप्रदेश की स्थिति और सुदृढ़ होगी और आने वाले वर्षों में राज्य को भारत का टेक्नोलॉजी पॉवर हाउस बनाने की दिशा में निर्णायक गति मिलेगी।</p>
<p>इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एक बयान रविवार को सामने आया है, जिसमें उन्‍होंने बताया कि इसमें मप्र और जर्मनी के बीच व्यापार एवं नवाचार को मजबूती मिलेगी। मप्र के उद्यमों और जर्मन कंपनियों के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ेंगी। साथ ही तकनीकी आदान-प्रदान और निवेश अवसरों में वृद्धि होगी।</p>
<p>म.प्र. ग्लोबल स्टार्ट अप एक्सचेंज कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना, एआई, डेटा एनालिटिक्स और आईटी उद्योग में श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, नवाचारी प्रयासों का आदान-प्रदान करना है।</p>
<p>इसके साथ ही उनका कहना यह भी रहा कि जर्मन कम्पनियों का यह दौरा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं का सेतु बनेगा। इससे प्रदेश में अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा को नई ऊर्जा मिलेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की वैश्विक तकनीकी साझेदारी से प्रदेश में नवाचार और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना रहा, “यह पहल केवल तकनीकी सहयोग का आरंभ नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के लिए एक व्यापक नवाचार यात्रा की नींव है।</p>
<p>ग्लोबल नॉलेज एक्सचेंज और कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से विकसित होने वाली ट्रांस्फ़ॉर्मेटिव साझेदारियाँ प्रदेश के स्टार्ट-अप्स और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने में सहायक होंगी।”</p>
<p>ये है कार्यक्रम का शैड्यूल</p>
<p>इंदौर-उज्जैन (18–20 अगस्त)</p>
<p>- 18 अगस्त: आज सबसे पहले इनफोबीन्स मुख्यालय में स्वागत, “बिल्डिंग ग्लोबल स्केल डिजिटल प्रोडक्ट्स फ्रॉम इंडिया” पर प्रेज़ेंटेशन, फाइरसाइड चैट, नेटवर्किंग लंच और वैलकम डिनर।</p>
<p>- 19 अगस्त: इनोवेशन लैब टूर, डिजाइन थिंगिंक वर्कशॉप, राउंड टेबल मीट और बीटूबी मैच-मेकिंग और शाम को सांस्कृतिक भ्रमण।</p>
<p>- 20 अगस्त: आईआईटी इंदौर और इनक्यूबेशन सेंटर उज्जैन का भ्रमण, स्टार्ट-अप्स से संवाद और साझेदारी चर्चाएँ।</p>
<p>भोपाल (21–22 अगस्त)</p>
<p>- 21 अगस्त: “इंवेस्ट इन एमपी” राउंडटेबल, एमपीआईडीसी मुख्यालय में बैठकें, बीटूबी मैच-मेकिंग और नेटवर्किंग डिनर।</p>
<p>- 22 अगस्त: विज्ञान औऱ तकनीक विभाग और बी-नेस्ट इनक्यूबेशन सेंटर का दौरा, आईएम ग्लोबार के ऑफिस का भ्रमण, कल्चरल हैरिटेज टूर और मीडिया ब्रीफिंग।</p>
<p>यह आयोजन इंक्यूबेशन मास्टर्स, जर्मनी- इंडिया इनोवेशन कॉरिडोर और एमपीआईडीसी के सहयोग से हो रहा है। यह राज्य की प्राथमिकताओं “आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश” और “डिजिटल इंडिया” के अनुरूप है। भविष्य में अमेरिका, सिंगापुर, यूएई तथा अन्य तकनीकी अग्रणी देशों के साथ भी इसी तरह की सहयोग यात्राएँ आयोजित की जाएँगी, जिससे मध्य प्रदेश को एक ग्लोबल टेक-हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य सुदृढ़ होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Aug 2025 15:16:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजा रघुवंशी हत्याकांड : ‘भरोसे के कत्ल’’ का भयंकर अंजाम, तीन मांओं के नहीं थम रहे आंसू</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>इंदौर (मध्यप्रदेश), 10 जून (भाषा) इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम के साथ मिलकर उनके हत्याकांड की साजिश को अमली जामा पहनाने के आरोपी राज कुशवाह की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां चुन्नी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।</p>
<p>कुशवाह के पिता की मौत हो चुकी है और वह अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला शख्स है। अपने बेटे की खैरियत और परिवार के भविष्य की चिंताओं से जूझते हुए चुन्नी देवी बार-बार बदहवास हो जाती है।</p>
<p>वह एक कमरे के किराये के घर में दीवारों पर चिपकी देवी-देवताओं की तस्वीरों के सामने दोनों हाथ जोड़ती हैं</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141250/king-raghuvanshi-murder-case-fruit-ki-ki-ki-ki-ki"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/crime-story.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>इंदौर (मध्यप्रदेश), 10 जून (भाषा) इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम के साथ मिलकर उनके हत्याकांड की साजिश को अमली जामा पहनाने के आरोपी राज कुशवाह की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां चुन्नी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।</p>
<p>कुशवाह के पिता की मौत हो चुकी है और वह अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला शख्स है। अपने बेटे की खैरियत और परिवार के भविष्य की चिंताओं से जूझते हुए चुन्नी देवी बार-बार बदहवास हो जाती है।</p>
<p>वह एक कमरे के किराये के घर में दीवारों पर चिपकी देवी-देवताओं की तस्वीरों के सामने दोनों हाथ जोड़ती हैं और बिलखते हुए प्रार्थना करती हैं,‘‘हे ईश्वर, मेरे बेटे को बचा लो’’।</p>
<p>उनकी छोटी बेटी सुहानी उन्हें संभालने के जतन के दौरान उन्हें पानी पिलाने की कोशिश करती है, लेकिन वह पानी पीने से इनकार कर देती हैं।</p>
<p>कुशवाह के कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में उसकी मां और तीन बहनें हैं। उसका परिवार मूलत: उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। यह परिवार इंदौर में किराये के छोटे-से घर में रहता है।</p>
<p>चुन्नी देवी ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,‘‘मेरा बेटा बेकसूर है। उसे फंसाया गया है। 20 साल का लड़का इतना बड़ा अपराध कैसे कर सकता है? मेरे पति के गुजर जाने के बाद वह हमारे घर में अकेला कमाने वाला है।’’</p>
<p>राजा रघुवंशी हत्याकांड के कथित षड़यंत्रकर्ता की मां ने कहा,‘‘मेरा बेटा राजा रघुवंशी की मौत से दु:खी था और उनकी शवयात्रा में भी गया था। शवयात्रा से लौटने के बाद वह बुरी तरह रो रहा था। मैंने उसे ढाढ़स बंधाया था कि सब ठीक हो जाएगा और अब रोने से क्या फायदा है।’’</p>
<p>अपने गिरफ्तार बेटे से मिलने की उम्मीद में चुन्नी देवी मंगलवार शाम अपराध निरोधक शाखा के पुलिस थाने पहुंच गई जहां कुशवाह को अन्य आरोपियों के साथ मेघालय पुलिस की ट्रांजिट हिरासत में रखा गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कुशवाह से मिलने की इजाजत नहीं दी जिसके बाद वह बदहवासी की हालत में पास के एक मंदिर में पहुंचीं और अपने बेटे की रिहाई के लिए प्रार्थना की।</p>
<p>मेघालय पुलिस के मुताबिक पूर्वोत्तर के इस सूबे में हनीमून मनाने गए ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी (29) की साजिशन हत्या में उनकी पत्नी सोनम (25) कथित रूप से शामिल थी जिसने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह (20) की मदद से वहां भाड़े के तीन हत्यारे बुलाए थे।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस के सामने रविवार देर रात आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि कुशवाह समेत चार आरोपियों को मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि आरोप है कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाह के साथ मिलकर भाड़े के हत्यारों के जरिये पति राजा रघुवंशी की हत्या कराई ताकि उसे रास्ते से हटाया जा सके।</p>
<p>मेघालय पुलिस के इस खुलासे के बाद राजा रघुवंशी के परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई है। इस परिवार को लगता है कि सोनम ने उनके भरोसे का कत्ल किया है।</p>
<p>राजा की मां उमा ने कहा, ‘‘शुरुआत में हमें यकीन नहीं हो रहा था कि मेरी बहू सोनम मेरे बेटे राजा की हत्या करा सकती है, लेकिन हमें इस बात पर धीरे-धीरे यकीन होता जा रहा है।’’</p>
<p>राजा रघुवंशी की हार चढ़ी तस्वीर के पास खड़ी उनकी मां गम और गुस्से के मिले-जुले जज्बात से गुजरते हुए पूछती हैं,"अगर सोनम को दूसरा लड़का पसंद था, तो उसने राजा से शादी से मना क्यों नहीं किया? उसने मेरे बेटे की जान क्यों ली?"</p>
<p>उन्होंने बताया कि मेघालय में पति के साथ हनीमून मनाने जाने की योजना खुद सोनम ने बनाई थी।</p>
<p>उमा ने कहा,‘‘मुझे पता नहीं था कि मेघालय से मेरा बेटा पार्थिव शरीर के तौर पर लौटेगा।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि मेघालय पुलिस के खुलासे से पहले, सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह के बारे में उनके परिवार को कोई जानकारी नहीं थी।</p>
<p>राजा रघुवंशी की विधवा और उनके हत्याकांड की प्रमुख आरोपी सोनम का मायका इंदौर के गोविंद नगर खारचा इलाके में है। वह फर्नीचर में इस्तेमाल होने वाली सनमाइका शीट के कारोबार के पारिवारिक प्रतिष्ठान का काम-काज संभालती है।</p>
<p>स्थानीय पुलिस के मुताबिक राजा रघुवंशी हत्याकांड की साजिश रचने का आरोपी राज कुशवाह हालांकि 12वीं फेल है, लेकिन वह इस प्रतिष्ठान में बतौर लेखापाल काम करता है।</p>
<p>राजा रघुवंशी हत्याकांड को लेकर मेघालय पुलिस के खुलासे के बाद सोनम का परिवार सदमे में है। सोनम की मां संगीता मीडिया से ज्यादा बातचीत की इच्छुक नहीं दिखीं। हालांकि, उन्होंने धीमे स्वर में कहा,‘‘मेरी बेटी पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। मैं अभी नहीं कह सकती कि राजा रघुवंशी के साथ मेघालय में क्या हुआ होगा?"</p>
<p>उन्होंने मांग की कि उनके दामाद के हत्याकांड की विस्तृत जांच होनी चाहिए।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि मेघालय में हनीमून मनाने गए राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 23 मई को लापता हो गए थे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि राजा रघुवंशी का शव दो जून को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र (जिसे चेरापूंजी भी कहा जाता है) में एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था।</p>
<p>राजा रघुवंशी का परिवार ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़ा है। उनकी सोनम से शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी और वे 20 मई को हनीमून के वास्ते मेघालय के लिए रवाना हुए थे।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि मेघालय पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) राजा रघुवंशी की हत्या के मामले की विस्तार से तहकीकात कर रहा है।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Jun 2025 19:31:38 +0530</pubDate>
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                <title>आतंकवादियों के जरिए छद्म युद्ध नहीं चलेगा, अब गोली का जवाब गोले से देंगे: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="content-profession">
<p>भोपाल, 31 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दो टूक कहा कि भारत अब आतंकवादियों के जरिए ‘‘छद्म युद्ध’’ कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी भी दी कि अब उन्हें (आतंकवादियों को) घर में घुसकर मारा जाएगा और अगर उधर से गोली चली तो जवाब गोले से दिया जाएगा।</p>
<p>लोकमाता देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर यहां आयोजित ‘महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन’ में मोदी ने ‘सिंदूर’ को वीरता का प्रतीक करार दिया और पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को देश के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/141068/pseudo-war-will-not-work-through-terrorists-now-modi-will"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-04/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><div class="content-profession">
<p>भोपाल, 31 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को दो टूक कहा कि भारत अब आतंकवादियों के जरिए ‘‘छद्म युद्ध’’ कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी भी दी कि अब उन्हें (आतंकवादियों को) घर में घुसकर मारा जाएगा और अगर उधर से गोली चली तो जवाब गोले से दिया जाएगा।</p>
<p>लोकमाता देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर यहां आयोजित ‘महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन’ में मोदी ने ‘सिंदूर’ को वीरता का प्रतीक करार दिया और पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को देश के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे सफल आतंकवाद विरोधी अभियान बताया।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर ने डंके की चोट पर कह दिया है कि आतंकवादियों के जरिए छद्म युद्ध नहीं चलेगा, अब घर में घुसकर भी मारेंगे और जो आतंकियों की मदद करेगा उसको भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘अब भारत का एक-एक नागरिक कह रहा है, 140 करोड़ देशवासियों की बुलंद आवाज कह रही है कि अगर तुम गोली चलाओगे, तो मानकर चलो कि गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा।’’</p>
<p>इस महीने की शुरुआत में, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों की हत्या किए जाने की घटना के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सैन्य हमले किए गए।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘भारत संस्कृति और परंपराओं का देश है और सिंदूर हमारी परंपरा में नारी शक्ति का प्रतीक है। राम भक्ति में लीन हनुमान जी भी सिंदूर लगाते हैं। हम शक्ति पूजा में सिंदूर चढ़ाते हैं। यह सिंदूर वीरता का प्रतीक बन गया है।’’</p>
<p>सिंदूर हिंदू महिलाओं की वैवाहिक स्थिति का प्रतीक है और 22 अप्रैल को पहलगाम नरसंहार के बाद सैन्य ऑपरेशन के नाम के रूप में इसका इस्तेमाल जोरदार तरीके से हुआ। पहलगाम के हमले में, आतंकवादियों ने पुरुषों को निशाना बनाया और उनका धर्म पूछने के बाद उन्हें मार डाला।</p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘पहलगाम में आतंकियों ने सिर्फ भारतीयों का खून ही नहीं बहाया, उन्होंने हमारी संस्कृति पर भी प्रहार किया है, उन्होंने हमारे समाज को बांटने की कोशिश की है। सबसे बड़ी बात आतंकवादियों ने भारत की नारी शक्ति को चुनौती दी है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘ये चुनौती आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए काल बन गई है। ऑपरेशन सिंदूर आतंकवादियों के खिलाफ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और सफल ऑपेरशन है। जहां पाकिस्तान की सेना ने सोचा तक नहीं था, वहां आतंकी ठिकानों को हमारी सेना ने मिट्टी में मिला दिया। सैंकड़ों किलोमीटर अंदर घुसकर मिट्टी में मिला दिया।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को नारी शक्ति के सामर्थ्य का भी प्रतीक बताया और इस अभियान में महिलाओं की भूमिका को भी रेखांकित किया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) की इस ऑपरेशन में कितनी बड़ी भूमिका रही है। जम्मू से लेकर पंजाब, राजस्थान और गुजरात की सीमा तक बड़ी संख्या में बीएसएफ की हमारी बेटियां मोर्चा संभाल रही थीं। उन्होंने सीमापार से होने वाली गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से लेकर दुश्मनों की चौकियों को ध्वस्त करने तक बीएसएफ की बेटियों ने अद्भुत शौर्य दिखाया है।’’</p>
<p>मोदी ने कहा कि स्कूल से लेकर युद्ध के मैदान तक आज देश अपनी बेटियों के शौर्य पर अभूतपूर्व भरोसा कर रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘नक्सलियों के खिलाफ अभियान हों या फिर सीमापार का आतंक हो... आज हमारी बेटियां भारत की सुरक्षा की ढाल बन रही हैं।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर यह भी कहा कि इस बार 75 महिलाएं लोकसभा में चुनी गईं और उनका प्रयास इस संख्या को बढ़ाने का है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पीछे यही भावना है। संसद और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण अब हासिल हुआ है, जो लंबे समय से लंबित था।’’</p>
<p>नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक कानून है जिसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में कुल सीट में से एक तिहाई सीट आरक्षित करना है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि भाजपा सरकार हर स्तर पर और हर क्षेत्र में हमारी बहनों और बेटियों को सशक्त बना रही है।’’</p>
<p>प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज दुनिया राष्ट्रीय रक्षा में भारत की बेटियों की क्षमता देख रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए भी सरकार ने पिछले दशक में कई कदम उठाए।"</p>
<p>‘नाविका सागर परिक्रमा-द्वितीय’ के सफल समापन के बाद स्वदेश लौटीं भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. और उनकी साथी लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नौसेना की दो बहादुर बेटियों ने लगभग 250 दिनों की समुद्री यात्रा पूरी की है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने मोटर से नहीं बल्कि हवा से चलने वाली नौका में हजारों किलोमीटर की यात्रा करके पृथ्वी की परिक्रमा की। कल्पना कीजिए कि 250 दिनों तक समुद्र में रहना कैसा होगा।’’</p>
<p>मोदी ने यह भी कहा कि अहिल्याबाई होलकर भारत की विरासत की संरक्षक थीं और उन्होंने देश के मंदिरों और तीर्थ स्थलों की रक्षा की जब उन पर हमला हो रहा था।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार ‘नागरिक देवो भव’ के मंत्र पर काम कर रही है जो अहिल्याबाई होलकर का दर्शन था।’’</p>
<p>अठारहवीं सदी के मालवा में होलकर राजवंश की रानी होलकर को उनके असाधारण शासन, सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रति योगदान के लिए याद किया जाता है।</p>
<p>इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी 300वीं जयंती के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और 300 रुपये का सिक्का जारी किया।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 May 2025 19:40:40 +0530</pubDate>
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                <title>दो मुस्लिम युवतियों सनातन धर्म से चुने हिन्दू जीवन साथी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>खंडवा, 06 मई (वेब वार्ता)। सारे देश में हिन्दुओं और जैनियों के धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विख्यात मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में दो मुस्लिम युवतियों ने अपने रूढ़िवादी समाज की बेड़ियां तोड़ते हुए स्वेच्छा से सनातम धर्म को स्वीकार कर नई राह चुन ली।</p>
<p>दोनों ने मां नर्मदा के पवित्र तट पर स्थित प्राचीन महादेवगढ़ मंदिर में दो हिन्दू युवकों का वरण कर उन्हें अपना जीवनसाथी चुना। हिन्दू रीति-रिवाज से यहां सोमवार को हुए इस शादी समारोह के दर्जनों लोग साक्षी बने। मंगलगान किया गया। अग्नि के सात फेरे लेते ही नवदंपतियों पर फूल बरसाए गए।</p>
<p>छत्तीसगढ़</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140582/two-muslim-women-elected-hindu-life-partner-from-sanatan-dharma"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-12/marriage-wedding-bride-groom2.jpg" alt=""></a><br /><p>खंडवा, 06 मई (वेब वार्ता)। सारे देश में हिन्दुओं और जैनियों के धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विख्यात मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में दो मुस्लिम युवतियों ने अपने रूढ़िवादी समाज की बेड़ियां तोड़ते हुए स्वेच्छा से सनातम धर्म को स्वीकार कर नई राह चुन ली।</p>
<p>दोनों ने मां नर्मदा के पवित्र तट पर स्थित प्राचीन महादेवगढ़ मंदिर में दो हिन्दू युवकों का वरण कर उन्हें अपना जीवनसाथी चुना। हिन्दू रीति-रिवाज से यहां सोमवार को हुए इस शादी समारोह के दर्जनों लोग साक्षी बने। मंगलगान किया गया। अग्नि के सात फेरे लेते ही नवदंपतियों पर फूल बरसाए गए।</p>
<p>छत्तीसगढ़ की निषात शेख हिंदू धर्म में आकर मेघना बनी और उसने छत्तीसगढ़ के युवक कमलजीत सिंह मेहरा से शादी की। वहीं, खंडवा जिले के जसवाड़ी बेड़िया की अमरीन खान अनुष्का बन गई। उसने शुभम राजपूत तलवाड़िया से विवाह किया। दोनों युवतियों का कन्यादान खंडवा के व्यवसायी अभय जैन ने किया। उन्होंने पिता की भूमिका निभाई।</p>
<p>विवाह की धार्मिक और वैदिक रस्में पंडित राजेश पाराशर ने पूरी कराईं। इस विवाह में महादेवगढ़ मातृशक्ति की सृष्टि दुबे के अलावा हरीश असवानी, विशाल पासी और अशोक पालीवाल खास तौर पर मौजूद रहे। अशोक पालीवाल ने नवदंपति को रामचरित मानस भेंट की। इस प्राचीन शिव मंदिर यानी महादेवगढ़ में इसके पूर्व भी कई मुस्लिम सनातन धर्म में वापसी कर चुके है। बहुत सी मुस्लिम युवतियों ने हिंदू युवकों से विवाह किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ज़रा हटके</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 May 2025 17:10:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
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                <title>नीमच : अप्रैल में ही 40 डिग्री तापमान, मिट्टी के मटकों की बिक्री में उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नीमच, 07 अप्रैल (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में अप्रैल के पहले हफ्ते में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्यतः मई महीने में देखने को मिलता है। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए पारंपरिक तरीकों की ओर मोड़ दिया है।</p>
<p>इस बार लोगों ने मिट्टी के मटकों की खरीदारी में खासी दिलचस्पी दिखाई है, जिससे बाजार में इनकी मांग बढ़ गई है। नीमच में जगह-जगह मटके बेचने वालों ने अपनी दुकानें सजा रखी हैं, जहां कई आकर्षक डिजाइनों वाले मटके उपलब्ध हैं।</p>
<p>मालवा क्षेत्र में स्थित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/139912/neemuch-jump-in-sales-of-40-degree-temperature-soil-mats"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/heat-temperature-atmosphere-hot-sunlight.jpg" alt=""></a><br /><p>नीमच, 07 अप्रैल (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में अप्रैल के पहले हफ्ते में ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्यतः मई महीने में देखने को मिलता है। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए पारंपरिक तरीकों की ओर मोड़ दिया है।</p>
<p>इस बार लोगों ने मिट्टी के मटकों की खरीदारी में खासी दिलचस्पी दिखाई है, जिससे बाजार में इनकी मांग बढ़ गई है। नीमच में जगह-जगह मटके बेचने वालों ने अपनी दुकानें सजा रखी हैं, जहां कई आकर्षक डिजाइनों वाले मटके उपलब्ध हैं।</p>
<p>मालवा क्षेत्र में स्थित नीमच जिला आमतौर पर बहुत अधिक गर्म नहीं होता। यहां मई-जून के महीनों में तापमान 40 से 46 डिग्री के बीच रहता है। लेकिन इस बार अप्रैल की शुरुआत में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। होली के बाद से ही लोग मटके खरीदने लगे थे और अब इसकी डिमांड में तेजी देखी जा रही है।</p>
<p>आधुनिक युग में फ्रिज और अन्य ठंडे पानी के संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद, लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के चलते मिट्टी के मटकों को तरजीह दे रहे हैं। मटके का पानी न केवल ठंडा रहता है, बल्कि सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है।</p>
<p>नीमच के गुरुद्वारा के ज्ञानी सागर सिंह ने बताया कि इस बार गर्मी अचानक इतनी बढ़ गई है कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने सलाह दी कि लोग बाहर निकलते समय सुरक्षा का ध्यान रखें और खूब पानी पिएं।</p>
<p>उन्होंने कहा, “हम सालभर फ्रिज का पानी नहीं पीते। गर्मी में मटके का पानी ही इस्तेमाल करते हैं। एक मटका पूरे सीजन के लिए काफी होता है।” साथ ही, उन्होंने पशु-पक्षियों के लिए भी पानी का इंतजाम करने की अपील की।</p>
<p>नीमच सिटी के मटका विक्रेता मदन प्रजापति ने बताया कि इस बार गर्मी की शुरुआत से ही मटकों की बिक्री में तेजी आई है। लोग फ्रिज के पानी को छोड़कर मटके के पानी को प्राथमिकता दे रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, “इस बार गर्मी अभी से बहुत तेज हो गई है, इस बार शुरू से ही मटके खूब बिक रहे है क्योकि फ्रिज का पानी लोगों ने पीना कम कर दिया है। ये मटके राजस्थान से आते हैं, जिनमें बालू और रेत मिश्रित मिट्टी होती है। इससे पानी जल्दी ठंडा होता है और स्वाद भी अच्छा रहता है। इस बार अभी तक आधे से ज्यादा मटके बिक चुके हैं। गर्मी बढ़ने के साथ मटकों की मांग और बढ़ने की उम्मीद है।”<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>प्रादेशिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Apr 2025 15:07:38 +0530</pubDate>
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