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                <description>Tapi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत और तापी जिले की सहकारी संस्थाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं और किसानों की बैठक, आंदोलन और शिकायतों की रूपरेखा तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आज तापी जिले के व्यारा सर्किट हाउस में पूर्व केंद्रीय मंत्री और विधायक श्री तुषारभाई चौधरी की उपस्थिति में कांग्रेस विचारधारा से जुड़े सूरत और तापी जिले के किसान एवं सहकारी नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों जिलों की सहकारी समितियों में वर्तमान पदाधिकारियों द्वारा की गई कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ जन आंदोलन छેड़ने और आगामी चुनावों में कांग्रेस समर्थक उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की योजना बनाना रहा।</p>
<p>बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सूरत और तापी जिले की SUMUL, दूध मंडलियों, शुगर मिलों और सेवा सहकारी मंडलियों समेत सभी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/140253/congress-leaders-and-farmers-meeting-agitation-and-complaints-prepared-against"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2025-04/k20042025-03.jpg" alt=""></a><br /><p>आज तापी जिले के व्यारा सर्किट हाउस में पूर्व केंद्रीय मंत्री और विधायक श्री तुषारभाई चौधरी की उपस्थिति में कांग्रेस विचारधारा से जुड़े सूरत और तापी जिले के किसान एवं सहकारी नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों जिलों की सहकारी समितियों में वर्तमान पदाधिकारियों द्वारा की गई कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ जन आंदोलन छેड़ने और आगामी चुनावों में कांग्रेस समर्थक उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की योजना बनाना रहा।</p>
<p>बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सूरत और तापी जिले की SUMUL, दूध मंडलियों, शुगर मिलों और सेवा सहकारी मंडलियों समेत सभी प्रमुख सहकारी संस्थाओं में आने वाले चुनावों में भारतीय जनता पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के विरुद्ध किसानों के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस विचारधारा से जुड़े उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाएगा।</p>
<p>कार्यक्रम के तहत, आगामी 5 मई 2025 को तापी जिला रजिस्ट्रार (सहकारी समितियां) को शिकायत सौंपी जाएगी, इसके बाद 8 मई 2025 को सूरत जिला रजिस्ट्रार को भी ऐसी ही शिकायत दर्ज कराई जाएगी। इसके पश्चात, कांग्रेस विधायकों और प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ मिलकर राज्य के सहकारिता रजिस्ट्रार एवं खांड (शुगर) नियंत्रक को भी विस्तृत रूप से शिकायत प्रस्तुत की जाएगी ताकि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।</p>
<p>इस बैठक में किसान नेता जयेशभाई पटेल (पाल), सहकारी नेता दर्शनभाई नायक, पूर्व विधायक पुनाजी गामित, आनंदभाई चौधरी, सुनीलभाई गामित, सिद्धार्थभाई चौधरी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनहरभाई पटेल और भिलाभाई गामित, सुनीलभाई पटेल (बारडोली), डॉ. धंश्याम महिदा, अंदाजभाई शेख, अरविंदभाई चौधरी, समीरभाई वसावा (उच्छल), हेमंतभाई पटेल (पलसाणा), तरुणभाई वाघेला, विपुलभाई पटेल, प्रकाशभाई पटेल (महुवा), तुलसी पडवी (निजर), मीरामजीभाई गामित, निलेशभाई पटेल (वालोड), भरतभाई वर्मा, सुरेशभाई वसावा, अनिलभाई चौधरी और अरविंदभाई चौधरी (व्यारा) सहित सूरत और तापी जिले की तालुका कांग्रेस समितियों के अध्यक्षों एवं अनेक सहकारी नेताओं की उपस्थिति रही।</p>
<p>बैठक में सहमति बनी कि सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जन समर्थन जुटाया जाएगा और सभी स्तरों पर राजनीतिक और कानूनी पहल की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Apr 2025 18:41:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : मानसून की शुरुआत में ही राज्य में औसतन 22 प्रतिशत से अधिक बारिश, इस जिले में हुई सबसे अधिक वर्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच राज्य में कई जिलों में बारिश हो रही है और जहां अभी भी भारी बारिश का अनुमान है, वहीं गुजरात में कई जलाशय नया नीर पहुंच गए हैं, वहीं सौराष्ट्र में भी भारी बारिश के कारण माचू और भादर-2 के गेट खोले गए हैं। इसके साथ ही मानसून की शुरुआत में गुजरात में औसतन 22 फीसदी से ज्यादा बारिश हुई है, जिसमें सबसे ज्यादा बारिश कच्छ में हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जूनागढ़ में 10 इंच बारिश हुई</strong></p>
<p style="text-align:justify;">राज्य में मौसम विभाग की ओर से दिए गए पूर्वानुमान के मुताबिक दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कई जिलों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/93363/this-district-received-the-highest-rainfall-in-the-beginning-of"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2023-03/rain.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच राज्य में कई जिलों में बारिश हो रही है और जहां अभी भी भारी बारिश का अनुमान है, वहीं गुजरात में कई जलाशय नया नीर पहुंच गए हैं, वहीं सौराष्ट्र में भी भारी बारिश के कारण माचू और भादर-2 के गेट खोले गए हैं। इसके साथ ही मानसून की शुरुआत में गुजरात में औसतन 22 फीसदी से ज्यादा बारिश हुई है, जिसमें सबसे ज्यादा बारिश कच्छ में हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जूनागढ़ में 10 इंच बारिश हुई</strong></p>
<p style="text-align:justify;">राज्य में मौसम विभाग की ओर से दिए गए पूर्वानुमान के मुताबिक दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कई जिलों में बारिश हुई है। जिसमें जूनागढ़ शहर में 10 इंच, गिरनार पर्वत में 12 इंच बारिश हुई है। बारिश के कारण कई जलाशय में नया नीत आया है, जबकि कई नदियां व नाले उफान पर हैं। जूनागढ़ में बारिश के बाद कई इलाकों में घूटने तक पानी भर गया था, दूसरी ओर, सुरेंद्रनगर के चोटिला में 24 घंटे में 5 इंच बारिश हुई, चोटिला पहाड़ी से बारिश का पानी बहने तथा लखतर और सायला में दो इंच बारिश हुई।  बारिश के कारण मोरबी में माचू-3 डेम के दो गेट एक फीट तक खोल दिए गए और निचले क्षेत्रों के 20 गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही मानसून की शुरुआत में राज्य में औसतन 22.90 फीसदी बारिश हुई है, जिसमें से 76.80 फीसदी बारिश कच्छ में हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>तापी, अरावली, अम्बाजी में हुई तेज बारिश</strong></p>
<p style="text-align:justify;">तापी जिले में देर रात से बारिश शुरू हुई तो 24 घंटे में व्यारा में 8 इंच, वालोड में 9 इंच, डोवलण में 7 इंच और सोनगढ़ में 5 इंच बारिश हुई, जिससे उकाई बांध का स्तर 308.45 फीट तक पहुंच गया।  इसके अलावा तापी के सोनगढ़ का डोसवाड़ा बांध ओवरफ्लो हो गया। मानसून की शुरुआत में ही बांध ओवरफ्लो होने से 10 गांवों को अलर्ट कर दिया गया। इसके साथ ही मेघराजा ने अरावली जिले में जोरदार एंट्री की और धनसुरा और बायड में चार इंच, मालपुर में दो और मोडासा में एक इंच बारिश दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से किसान खुश हैं। अम्बाजी क्षेत्र में भी मेघराजा की एन्ट्री देर रात गर्जना के साथ हुई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भादर-2 बांध के 6 गेट 5 फीट खोले गए</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सौराष्ट्र संभाग में भारी बारिश के कारण राजकोट जिले के धोराजी तालुका में भुखी के पास भादर-2 बांध पूरी तरह से लबालब हो गया है और खतरनाक स्तर तक बह रहा है। इसलिए बांध के 6 गेट 5 फीट खोले गए हैं। इसके साथ ही बांध से 38674 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है और बांध के आसपास के गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। धोराजी तालुका के भोला, भोलगामडा, छाड़वावदर, सुपेडी और उपलेटा तालुका के डुमियानी, चिखलिया, समढीयाला, गणोद, इसरा, कुंढेच, भिमोरा, गाधा, गधेड़, हाडफोडी, लाठ, मेली मजेठी, निलाखा, तलगणा गांवों के लोगों को नदी के किनारे एवं निचले क्षेत्रों में आवागमन नहीं करने तथा नदी तल या तटवर्ती क्षेत्र में भी सावधानी बरतने के निर्देश दिये गये हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jun 2023 21:31:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : मौसम विभाग ने दी दक्षिण गुजरात में भारी बारिश की चेतावनी, जानिए कहां होगी बारिश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">तापी जिले के व्यारा में रेलवे गरनाला पानी में डूब गया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पानी भर गया है। नहर में पानी भरने से वाहन चालक परेशान हैं। उधर, तापी जिले में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कुकरमुंडा के राजपर गांव में उनी नदी में ताजा पानी आने वह दो किनारों पर बह रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">नदी में नया पानी आने से किसानों में खुशी देखी गयी है। इसलिए कुकरमुंडा और निझर के निचले स्तर के पुलों पर पानी भर आया है। कुकरमुंडा में सड़कों पर पानी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">तापी जिले के व्यारा में रेलवे गरनाला पानी में डूब गया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पानी भर गया है। नहर में पानी भरने से वाहन चालक परेशान हैं। उधर, तापी जिले में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कुकरमुंडा के राजपर गांव में उनी नदी में ताजा पानी आने वह दो किनारों पर बह रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">नदी में नया पानी आने से किसानों में खुशी देखी गयी है। इसलिए कुकरमुंडा और निझर के निचले स्तर के पुलों पर पानी भर आया है। कुकरमुंडा में सड़कों पर पानी भर गया है। बालम्बा केडवामोई से मोरम्बा तक सड़क पूरी तरह डूब गई है। जिससे ट्रैफिक जाम हो गया है। साथ ही स्थानीय लोगों को भी आवाजाही में दिक्कत हो रही है। तापी जिले में खूब बारिश हुई है, जिससे चारों तरफ पानी भर गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/93337/gujarat-meteorological-department-warns-of-heavy-rain-in-south-gujarat</link>
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                <pubDate>Thu, 29 Jun 2023 22:02:23 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Dharmendra Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : तापी- नर्मदा लिंक परियोजना रद्द होने के बाद भी विरोध जारी, कांग्रेस ने बताया मात्र चुनावी मुद्दा</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने आदिवासियों के हित में तापी पर नर्मदा लिंक परियोजना को स्थायी रूप से रद्द करने की आधिकारिक घोषणा की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68881/gujarat-protest-continues-even-after-cancellation-of-tapi-narmada-link-project-congress-says-only-election-issue"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-05/2137_jpg202205240528240000.jpg" alt=""></a><br /><div>तापी-पार-नर्मदा लिंक परियोजना को लेकर गुजरात सरकार ने आदिवासियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने आदिवासियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तापी पर नर्मदा लिंक परियोजना को स्थायी रूप से रद्द करने की आधिकारिक घोषणा की है। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष सरकार पर हमला बोल रहा है। विपक्षी समूहों ने संकट में घिरे पीएम से इस्तीफा देने की मांग की।</div><div>पार-तापी-नर्मदा नदी लिंक परियोजना का विरोध अभी भी देखने को मिल रहा है। कांग्रेस ने आज सूरत में आयोजित एक समारोह में परियोजना रद्द करने की घोषणा को चुनाव का मुद्दा बताया और सरकार की खिंचाई की। विधायक अनंत पटेल ने कहा कि पीएम चिखली आएंगे इसलिए ये लॉलीपॉप दिया गया है।हम इस प्रोजेक्ट को रद्द करने पर तभी विचार करेंगे जब श्वेत पत्र दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वंसदा में एक और बड़ी रैली का आयोजन किया गया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि उमरगाम से अंबाजी तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। तुषार चौधरी सीएम के प्रोजेक्ट को कैसे रद्द कर सकते हैं? जल संसाधन मंत्रालय का ये है प्रोजेक्ट, 35 हजार परिवार बेघर हो गए हैं। इस तरह के सवाल उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश की गई।</div><div>वहीं  मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तापी-पार रिवरलिंक परियोजना पर प्रेस वार्ता की। जिसमें उन्होंने आधिकारिक तौर पर प्रोजेक्ट को रद्द करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार की योजना राज्य सरकार की मंजूरी के बाद आगे बढ़ती है। कुछ ने आदिवासी भाइयों और बहनों को गलत समझा। आदिवासियों के हित में कई योजनाएं बनाई गई हैं। इस योजना से आदिवासी समाज नाखुश है। आदिवासी भाइयों और बहनों की मांगों को ध्यान में रखते हुए योजना को रद्द कर दिया गया है। दमनगंगा-पर-तापी-नर्मदा नदी लिंक परियोजना को रद्द कर दिया गया है। वर्तमान परिस्थितियों में यह योजना पूरी तरह से बंद है।</div><div>पर-तापी-नर्मदा नदी लिंक परियोजना को लेकर आदिवासियों में आक्रोश है। इससे नाराज सरकार के मंत्रियों समेत नेता 28 मार्च को आदिवासियों के साथ बैठक करने वलसाड पहुंचे। जहां उन्होंने बांध को हटाने के लिए समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष से बातचीत की। वार्ता के बाद राज्य सरकार की ओर से मंत्रियों को बताया गया कि वह फिलहाल किसी आदिवासी को विस्थापित नहीं करेगी। गुजरात भाजपा के आदिवासी नेता रिवर लिंक परियोजना के लिए गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का परिचय कराने दिल्ली पहुंचे। सरकार के मंत्रियों और विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली गया और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आदिवासी समुदाय की भावनाओं से अवगत कराया। केंद्र सरकार ने तब इस परियोजना को निलंबित कर दिया था।</div><div>उल्लेखनीय है कि हाल ही में आदिवासी समुदाय द्वारा तापी के सोनगढ़ में पर-तापी-नर्मदा नदी लिंक परियोजना को रद्द करने की मांग को लेकर एक सम्मेलन का आयोजन किया गया था। आदिवासी समुदाय की इस रैली को कांग्रेस ने भी समर्थन दिया था। रैली में वंसदा विधायक अनंत पटेल समेत कांग्रेस के नेता मौजूद थे। प्रोजेक्ट कैंसिल करने की बात आने पर वे भड़क गए। काफी देर तक श्वेत पत्र मांगने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला।इस मुद्दे पर पीएम मोदी को 1111 पोस्टकार्ड लिखे गए। जिसमें नर्मदा-पर-तापी लिंक परियोजना को रोकने का प्रस्ताव किया गया था। गुजरात के लिए नर्मदा-पार-तापी नदी लिंक परियोजना को नेताओं की प्रस्तुति के बाद स्थगित कर दिया गया था।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 May 2022 12:29:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>तापी : खुद के अपहरण का नाटक करके इस शिक्षक ने पुलिस को राजस्थान तक दौड़ाया</title>
                                    <description><![CDATA[मामले की शिकायत मिलने पर युद्ध स्तर पर जांच में जुटी पुलिस ने शिक्षक को भेजा जेल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>तापी जिले से पुलिस प्रताड़ना का मामला सामने आया है। जिसमें एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत हर्षद गमेती की बेटी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता का अपहरण कर लिया गया है। जिससे पुलिस जांच में जुट गई। पुलिस की जांच के अंत में, यह पता चला कि शिक्षक ने खुद को अपहरण करने का नाटक किया और पुलिस को राजस्थान तक भगाया। पुलिस को शिकायत मिली थी कि तापी के व्यारा शहर में मिशन नाका के पास चार अज्ञात लोगों ने सरकारी स्कूल के एक शिक्षक का अपहरण कर लिया है।</div><div>इस मामले में जांच करने पर इस मामले में पुलिस के नई जानकारी सामने आई है कि शिक्षिक ने खुद ही अपहरण का नाटक किया था।  पुलिस को गलत तरीके से परेशान करते हुए शिक्षक ने उन्हें राजस्थान तक घुमा दिया। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।</div><div>जानकारी के अनुसार पुलिस को शिक्षक के पद पर कार्यरत हर्षद गमेती की बेटी ने बताया कि उसके पिता का अपहरण 5 अप्रैल को किया गया था। उसकी कार में 4 अजनबियों ने उसका अपहरण कर लिया और उसे ले गए। उसकी बेटी ने व्यारा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।</div><div>व्यारा पुलिस ने इसके बाद अलग टीम बनाई और उसकी तलाश शुरू की। शिक्षक बाद में राजस्थान में पाया गया। इस सिलसिले में तापी पुलिस की एक टीम राजस्थान पहुंची। बाद में पुलिस ने शिक्षक की बेटी को उठा लिया। जब उसे थाने लाया गया और सख्ती से पूछताछ की गई तो पता चला कि शिक्षिक ने खुद का अपहरण किया है। इससे परेशान पुलिस ने इस मामले में झूठा प्रताड़ना का मामला दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी है।</div><div>भले ही इस समय शिक्षक ने झूठा मामला बनाकर पुलिस को हैरान किया पर पिछले कुछ समय से दक्षिण गुजरात में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है। ऐसे मामले से पुलिस भी परेशान है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/68611/tapi-pretending-to-be-kidnapped-this-teacher-made-the-police-run-to-rajasthan</link>
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                <pubDate>Fri, 08 Apr 2022 20:59:01 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रमीलाबेन गामित : आदिवासियों के लिए खर्च कर दी पूरी जिंदगी, अब भारत सरकार ने दिया ये सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा, 7 गुजरातियों को मिलेगा पद्म पुरस्कार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68267/ramilaben-gamit-spent-the-whole-life-for-the-tribals-now-the-indian-government-has-given-the-country-s-highest-honor"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-01/6363_ramila.jpg" alt=""></a><br /><div>गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है। वर्ष 2022 के पद्म पुरस्कार की घोषणा में 7 गुजरातियों को पद्म पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। जिसमें स्वामी सच्चिदानंद को पद्म भूषण, सूरत के सावजी ढोलकिया को पद्मश्री, डॉ। लता देसाई को पद्मश्री, पद्मश्री को मालजी देसाई, पद्मश्री को रामिलाबेन गामित, खलील धनतेजवी को मरणोपरांत पद्मश्री, गुरुप्रसाद महापात्र को मरणोपरांत दिया जाएगा। पद्मश्री से सम्मानित रमीलाबेन गामित नाम कई लोगों के लिए नया है। लेकिन उनका प्रदर्शन आसमान छू रहा है।</div><div>तापी जिले की एक आदिवासी महिला ने स्वच्छता के क्षेत्र में तापी जिले को पूरे देश में गौरवान्वित किया है। इस गरीब आदिवासी महिला ने अपने गांव को स्वच्छ और आरामदायक बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है और सरकार के मिशन मंगल कार्यक्रम के तहत गांव की महिलाओं और पुरुषों को अपने गांव में 100% शौचालय बनाने के लिए राजी किया है और गांव को स्वच्छता के क्षेत्र में एक नई उम्मीद दिखाया है। इस आदिवासी महिला को उसके ऐसे कई कामों के लिए आज पद्मश्री से नवाजा जा चुका है।</div><div><span style="font-size:1rem;">आदिवासी बहुल तापी जिले की टपरवाला गांव की आदिवासी महिला रमीलाबेन गामित ने सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्हें 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित महिला दिवस समारोह में सम्मानित किया गया था। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत की दस महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस आदिवासी महिला ने अपने क्षेत्र में जनकल्याण की कहानी को जारी रखा है। आदिवासियों के कल्याण के लिए अथक प्रयासों के लिए आज महिला को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।</span><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Jan 2022 17:28:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : तापी में दुलर्भ हिरण की तस्करी करने वाले का हुआ पर्दाफाश, वन विभाग ने एक आरोपी को हिरण के दो बच्चों के साथ पकड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[दुर्लभ जानवरों का घर है गुजरात का तापी जिला, दस हजार के लिए बेचे जा रहे थे दुर्लभ हिरण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/73111/surat-rare-deer-smuggler-busted-in-tapi-forest-department-caught-an-accused-with-two-children-of-deer"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-01/5463_deer.jpg" alt=""></a><br /><div>गुजरात का तापी जिला वनाच्छादित इलाका है। इस क्षेत्र में शेड्यूल-1 वाले जानवर बड़े आसानी से देखे जा सकते हैं। वन विभाग द्वारा घोषित अनुसूची-1 में शामिल हिरण के बच्चे की तस्करी के एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है।</div><div>आपको बता दें कि 33% वन क्षेत्र वाले तापी जिले में पैंगोलिन, हिरण, चोसिंगा हिरण सहित अनुसूची-1 के जानवरों का घर है, और यहाँ इन जानवरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह से वन विभाग की है। अब वन विभाग ने चौसिंघा हिरण की तस्करी का पर्दाफाश किया है। वन विभाग ने 2 चौसिंघा हिरण के बच्चों को रेस्क्यू कर वन विभाग के रेस्क्यू सेंटर में रखा है। इस आपराधिक गतिविधि में आरोपी भीमसिंह वसावा को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में वन विभाग ने आरोपी की तीन दिन की रिमांड मांगी थी लेकिन कोर्ट ने आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया है। फिलहाल वन विभाग विभिन्न अन्य मुद्दों को सुलझाने में लगी है।</div><div>तापी जिला दुर्लभ जानवरों का घर है। उस समय दक्षिण गुजरात में दुर्लभ चौसिंघा हिरण की तस्करी का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में खेरवाड़ा के गांवतलाव फलिया में अत्यंत दुर्लभ हिरण मिलने की जानकारी जिला डीसीएफ को मिली थी। जानकारी एक बाद उन्होंने एक टीम बनाई और छापेमारी की। इस छापेमारी में टीम को दो हिरण के बच्चे मिले। जिन्हें पांच-पांच हजार कुल दस हजार की कीमत पर बेचा जाना था। सुरक्षित बचाए गये शावक मुश्किल से 6 महीने के है। वहीं, एक व्यक्ति को हिरण के बच्चों की अवैध रूप से तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।</div><div>यह हिरण चौसिंघा प्रजाति का है। इन हिरणों के बच्चों को मांसाहारी लोगों की दावत के लिए बेचा जाता था। आरोपी चंद रुपये के लिए जंगल से हिरण लाता था और बेच देता था। इसके बाद मांसाहारी लोग इस दुर्लभ जानवर को मार देते थे। गौरतलब है कि अनुसूची 1 के जानवर को मारने या तस्करी करते हुए पकड़े गए व्यक्ति को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अनुसार न्यूनतम 3 साल और अधिकतम 7 साल की सजा होती है। साथ ही न्यूनतम जुर्माना 10,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक होता है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Jan 2022 19:17:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात : नाबालिग युवती के साथ गाँव के पादरी ने ही किया दुष्कर्म</title>
                                    <description><![CDATA[पादरी के दुष्कर्म में पत्नी भी करती थी सहायता, पुलिस ने हिरासत में लिया
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><span style="font-size:1rem;">राज्य के तापी जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। जिले में एक पादरी ने गाँव की 16 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। सबसे हैरानी और शर्मसार बात यह है कि इस काम में खुद उसकी पत्नी भी उसे सहायता करती थी। इसके चलते पुलिस द्वारा पादरी और उसकी पत्नी दोनों को हिरासत में लिया गया है।</span><br /></div><div>सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तापी जिले के सोनगढ़ तहसील में रहने वाली नाबालिग युवती के साथ गाँव के चर्च के पादरी ने तीन बार दुष्कर्म किया था। इस बारे में पीड़िता ने अपने परिवार को बताया तब जाकर यह बात सामने आई। इसके चलते परिवार वालों ने सोनगढ़ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुये चर्च के पादरी और उसकी पत्नी को अपनी गिरफ्त में लिया है। </div><div>तापी के डीवाईएसपी आरएल मावाणी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी चर्च के पादरी ने बलीराम कोकणी किसी न किसी बहाने से बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म करता था। इसमें भी उसकी पत्नी भी उसके इस कार्य में उसका वीडियो उतारती थी। समाज में किसी भी धर्मगुरु का काम समाज को सही राह बताना है। हालांकि यदि वहीं धर्मगुरु ही ऐसा काम करे तो समाज में उसके खिलाफ तिरस्कार की भावना पैदा होती है। इस मामले में भी पादरी का नाम सामने आने के बाद सभी लोग पादरी के खिलाफ अपना तिरस्क्रूत कर रहे है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/68172/gujarat-minor-girl-was-raped-by-village-priest</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Dec 2021 18:00:12 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत :  आयुर्वेद चिकित्सालयों के माध्यम से आशा बहनों को दिया गया आयुर्वेद-योग प्रशिक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[तापी जिले के 17 आयुर्वेद औषधालयों के सहयोग से  510 से अधिक आशा बहनों के लिए विभिन्न तालुका केंद्रों पर दिया प्रशिक्षण ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><span style="font-size:1rem;">आयुष निदेशक कार्यालय गांधीनगर से प्रेरित जिला पंचायत, आयुर्वेद शाखा द्वारा  जिले के 17 आयुर्वेद औषधालयों के सहयोग से पूरे जिले की 510 से अधिक आशा बहनों के लिए विभिन्न तालुका केंद्रों पर आयुर्वेद-योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए।</span><br /></div><div>हाल ही में आयोजित कार्यक्रम में आशा बहनों को मधुमेह में आयुर्वेद के प्रयोग, सामान्य बीमारियों में आयुर्वेदिक घरेलू उपचारों का प्रयोग, योग का परिचय, योगासनों का अध्ययन, घर में उगाई जाने वाली आयुर्वेदिक औषधियों के प्रयोग, आयुर्वेद की जीवन शैली, सदमृत्त, दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार विहार आदि विभिन्न विषयों पर  प्रशिक्षण दिया गया।  जिसमें डॉ. मेहली पटेल, डॉ. नीलेश चभाड़िया, डॉ. आशीष परमार, डॉ. अंकिता गामित, डॉ. दीप्ति पटेल, डॉ. आशीष खनी, डॉ. मित्तल परमार और डॉ. केतन परमार द्वारा व्याख्यान के माध्यम से विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण का उद्घाटन जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. जयश्री चौधरी ने किया। प्रशिक्षण पूरा करने पर सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/71206/surat-ayurveda-yoga-training-given-to-asha-sisters-through-ayurveda-hospitals</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Aug 2021 22:33:20 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत :  मानव जीवन में वृक्षों की महिमा अतुलनीय,  पेड़ पृथ्वी का आभूषण एवं  प्रकृति की सुंदरताः  सूरजभाई वसावा</title>
                                    <description><![CDATA[ विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस से तापी जिले के व्यारा पनियारी में मनरेगा योजना के तहत वानिकी अभियान का शुभारंभ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><span style="font-size:1rem;">विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर, तापी जिले के व्यारा तालुका के पनियारी गांव से घनिष्ठ वनिकरण अभियान का शुभारंभ वृक्षारोपण के साथ  शुरू किया गया है। महात्मा गांधी नरेगा योजना एवं सामाजिक वनीकरण  विभाग के संयुक्त उपक्रम में 28 जुलाई से 4 अगस्त तक जिला की कुल 286 ग्राम पंचायत क्षेत्रों में  कुल 3 लाख पेड़ लगाने का वनीकरण अभियान चलाया गया है।</span><br /></div><div>अभियान का उद्घाटन करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष  सूरजभाई वसावा ने कहा कि कोरोना महामारी में भी प्रदेश सरकार के सफल मार्गदर्शन में जिले में विकास कार्य निर्बाध रूप से चल रहे हैं। कोरोना महामारी के इस विकट समय में हम सभी पेड़ों के महत्व को समझते हैं। पेड़ पृथ्वी का गहना और प्रकृति की सुंदरता हैं। शिशु के पालने से लेकर मानव चीते तक, पेड़ किसी न किसी तरह से हमारे साथ रहते हैं यानी हमारे लिए उपयोगी होता है।  मानव जीवन में वृक्षों की महिमा अतुलनीय है। हमें वर्तमान प्रदूषित पर्यावरण को साफ करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। आइए हम सब मिलकर तापी जिले को हरा-भरा बनाने के लिए इस सप्ताह 3 लाख पेड़ लगाने के लक्ष्य को प्राप्त करें।</div><div>उन्होंने जिला विकास अधिकारी द्वारा मनरेगा योजना के तहत तापी जिले को हरा-भरा बनाने और ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के शुभ उद्देश्य से शुरू किये गये वनरोपण अभियान की सराहना की। </div><div><b>औषधीय, जड़ी-बूटी और धार्मिक वृक्षारोपण सहित मानसून के दौरान प्रकृति को पोषित करने का सर्वोत्तम समय</b></div><div>इस अवसर पर बोलते हुए, जिला कलेक्टर एचके वढवाणिया ने कहा कि पेड़ों का संरक्षण एक सामान्य बात है लेकिन यह वास्तव में पूरे ब्रह्मांड के पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण काम करता है। पृथ्वी के पर्यावरण में सुधार के अलावा मानव जीवन-जानवरों के रहने का स्थान और स्वच्छ-स्वस्थ वातावरण मिलता रहता है। हम सभी भाग्यशाली हैं कि तापी जिला प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और यहां वृक्षारोपण के लिए काफी जगह है। फिर हम सभी अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प करें। उन्होंने कहा कि अपने घर के किसी भी शुभ अवसर पर सभी साथ मिलकर अपने आंगन, खेत,  गौचर और अन्य जगहों पर पेड़ लगाना चाहिए और बच्चों की तरह उनकी देखभाल करनी चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि तापी जिले के 8 लाख लोग मात्र एक-एक ही पेड़ लगायें तो निकट भविष्य में जिले का कायाकल्प हो सकता है। उनके अनुसार, मानसून का मौसम औषधीय, धार्मिक पेड़ लगाने सहित प्रकृति का संवर्दन करने का  सबसे अच्छा समय है।</div><div><b>तापी जिले को हरा-भरा बनाने के लिए मनरेगा योजना सहित 12 परियोजनाओं के तहत 3 लाख पेड़ लगाए जाएंगे: डीडीओ डॉ. दिनेश कापड़िया</b></div><div>इस अवसर पर डीडीओ डॉ. दिनेश कुमार कापड़िया ने वनरोपण अभियान पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि जिले में मनरेगा योजना एवं सामाजिक वनिकी विभाग की सहायता से मियावाकी पद्धति से 30 परियोजनाएं, प्रखंड वृक्षारोपण-191, सीमा वृक्षारोपण-300, बागवानी-700, सरकारी परिसर-60, नर्सरी-5 सहित विविध  1294 परियोजनाओं के तहत अलग-अलग तरीकों से कुल 3 लाख पौध रोपित की जाएगी। इन पेड़ों की सुरक्षा की जिम्मेदारी विभाग की होगी। लगाए गए वृक्षों की चारों ओर घेराबंदी की जाएगी और ग्रामीणों को उपयोगी लकड़ी और फलदार  पेड़ों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएगा। उन्होंने ग्राम सखी मंडल की बहनों से जिला ग्रामीण विकास एजेंसी द्वारा प्रति सदस्य कम से कम 3 पेड़ लगाने का आग्रह किया।</div><div>कार्यक्रम की शुरुआत में जिला ग्रामीण विकास एजेंसी के निदेशक जे जे निनामा ने स्वागत भाषण दिया। जबकि उप जिला कार्यक्रम समन्वयक फाल्गुनी चौधरी ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने पौधरोपण कर जिले को वन संपदा से समृद्ध बनाने का संकल्प लिया।</div><div>इस अवसर पर उप वन संरक्षक आनंद कुमार, सामाजिक वनिकी विभाग सूरत के दिनेशभाई रबारी, जिला पंचायत कार्यकारी अध्यक्ष मोहनभाई कोंकणी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अर्जुनभाई चौधरी, पनियारी सरपंच जीतूभाई, टिचकपुरा सरपंच, अन्य गणमान्य व्यक्ति, वन विभाग तथा जिला ग्राम विकास एजेंसी के कर्मचारियों एवं ग्रामीण उपस्थित थे। </div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/71095/surat-the-glory-of-trees-in-human-life-is-incomparable-trees-are-the-ornament-of-the-earth-and-the-beauty-of-nature-surajbhai-vasava</link>
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                <pubDate>Wed, 28 Jul 2021 23:26:27 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>सूरत : प्रेमीयुगल आत्महत्या प्रकरण,  पांचवें दिन तापी से प्रेमी का मिला शव</title>
                                    <description><![CDATA[ समाज में  मान-सम्मान खोने के डर से प्रेमी युगल ने आत्महत्या कर ली थी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><span style="font-size:1rem;">तापी जिले के कुंकरमुंडा गांव के किनारे तापी नदी पर बने पुल से 22 जुलाई को प्रेमी-युगल ने नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली थी।  प्यार के लिए दोनों प्रेमी एक साथ घर से भाग गए। हालांकि  समाज में इज्जत जाने के डर से तापी नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली।  प्रेमिका का शव तापी नदी में कूदने के दूसरे दिन मिला था। जबकि  पांचवें दिन प्रेमी की लाश मिली। उल्लेखनीय है कि प्रेमी और प्रेमिका के शवों के बीच की दूरी 35 किमी थी।</span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के वाणीविहिर गांव के रहने वाले दोनों गुरुदत्तभाई राजसिंगभाई पड़वी उम्र (26) और तनश्रीबेन कांतिलालभाई गस्वामी (19) फरार हो गए। अलग समाज से होने के कारण  समाज में बदनामी एवं इज्जत जाने के डर से  दोनों ने 22 जुलाई को तापी नदी के पुल से नदी में कूद गये। अगले दिन यानी 23 जुलाई को  ओल्ड कुकरमुंडा के पास तापी नदी के पानी में युवती का शव मिला। पांच दिन बाद उच्छल में पुराने सयाजीगाम के किनारे तापी नदी के फव्वारे के पानी में युवक का शव मिला।</span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के प्रेमी सात दिन पहले घर से भाग गए थे। पुराने कुकरमुंडा गांव की सीमा पर तापी नदी के पुल पर बाइक रखकर दोनों पुल से नदी में कूद गए। जिसकी जानकारी निझर-कुकुरमुंडा को दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस  तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय तैराकों की मदद से प्रमी युगल दोनों की खोजबिन शुरु की गई।  पहले दिन प्रेमी-युगल का सुराग नहीं लगा। जबकि दूसरे दिन पुराने कुकरमुंडा गांव की सीमा में तापी नदी के पानी में एक युवती का शव मिला और युवक की तलाश शुरू की गई। पीएसआई सीजे पुवार और उनकी टीम ने निझर पुलिस की मदद से व्यारा नगर पालिका अग्निशमन विभाग के स्थानीय तैराकों और अन्य तैराकों की मदद भी ली।</span><br /></div><div>तापी नदी में उपरी क्षेत्र से  पानी का स्रोत अधिक आने से युवक के मृत देह नहीं मिला। इस बीच, गत रोज उच्छल तालुका के पुराने सयाजी गांव के सीमा में तापी नदी के पानी में एक युवक का शव मिला। इसकी सूचना निझर पुलिस को देने के बाद निझर थाने के पीएसआई सीजे पुवार कुकरमुंडा चौकी के जमादार अजयभाई सोलंकी और उनकी टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की। </div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/71081/surat-lovers-suicide-case-lover-s-body-found-from-tapi-on-the-fifth-day</link>
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                <pubDate>Tue, 27 Jul 2021 22:32:04 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सूरत : तापी जिले में सखी वन स्टॉप सेंटर एवं 181 अभयम ने पेश किया टीम वर्क का उत्तम उदाहरण</title>
                                    <description><![CDATA[भूली-बिसरी 75 साल की वृद्धा को उसके परिवार तक पहुंचाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/71038/surat-sakhi-one-stop-center-and-181-abhayam-presented-a-great-example-of-teamwork-in-tapi-district"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/1908_sakhivanstop.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;"> तापी की 181 अभयम टीम और सखी वन स्टॉप सेंटर का काम हमेशा से ही सराहनीय रहा है। महिला एवं बाल विभाग तापी से संबद्ध सखी वन स्टॉप सेंटर और अभयम ने टीम वर्क का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए भूली-बिसरी 75 साल की वृद्धा को  उसके परिवार तक सुरक्षित पहुंचाया है।  तापी जिले की 181 महिला अभयम की टीम ने लापता महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंचाया। जहां सिर्फ काउंसलिंग करने पर महिला का मात्र नाम  ही जानने को मिल पाया। लेकिन सखी वन स्टॉप सेंटर ने हार नहीं मानी और उनके परिवार, रिश्तेदारों और गांव को खोजने के लिए अभियान चलाया।  जिसके लिए गांव की महिला ने आसपास के गांव की सरपंच, आशावर्कर और आंगनबाडी कार्यकर्ता बहनों से संपर्क कर वृद्धा की फोटो वाट्सएप के जरिए भेजी और विभिन्न गांवों में जांच की।  अंत में महिला के परिवार के बारे में जानकारी मिली और वृद्धा का उसके परिवार से सुखद मिलन हुआ।</span><br /></div><div>परिवार ने भूली-बिसरी महिला को सकुशल घर पहुंचाने के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर का आभार जताया। जिस तरह से सखी वन स्टॉप ने महिला और उसके परिवार को टीम वर्क की बेहतरीन मिसाल पेश की है वह काबिले तारीफ है। सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को आश्रय के साथ-साथ उपचार और परामर्श जैसी सुविधाएं प्रदान करता है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jul 2021 22:46:28 +0530</pubDate>
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