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                <description>RTO RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सूरत : 6 करोड़ की लेम्बोर्गिनी के लिए 13.81 लाख की ‘0001’ नंबर प्लेट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="flex flex-col text-sm pb-25">

<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:--spacing(4)] @w-sm/main:[--thread-content-margin:--spacing(6)] @w-lg/main:[--thread-content-margin:--spacing(16)] px-(--thread-content-margin)">
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<p>सूरत। शौक और लग्ज़री लाइफस्टाइल के लिए पहचाने जाने वाले <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Surat</span></span> में एक बार फिर फैंसी नंबरों का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला।</p>
<p>सूरत RTO द्वारा जारी नई ‘JX’ सीरीज़ की नीलामी में शहर के उद्योगपति परेश खंडेलवाल ने अपनी करीब 6 करोड़ रुपये की लेम्बोर्गिनी के लिए ‘0001’ नंबर हासिल करने को 13,81,000 रुपये की बोली लगाकर नया रिकॉर्ड बना दिया।</p>
<p>चारपहिया वाहनों के लिए जारी ‘JX’ सीरीज़ में ‘0001’ नंबर सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहा। कई उद्योगपति और कार प्रेमी इस नंबर को पाने की दौड़ में थे, लेकिन यशवी ग्रुप के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर परेश</p></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/145849/surat-0001-number-plate-worth-rs-1381-lakh-for-lamborghini"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2026-03/b03032026-03.jpg" alt=""></a><br /><div class="flex flex-col text-sm pb-25">

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<p>सूरत। शौक और लग्ज़री लाइफस्टाइल के लिए पहचाने जाने वाले <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Surat</span></span> में एक बार फिर फैंसी नंबरों का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला।</p>
<p>सूरत RTO द्वारा जारी नई ‘JX’ सीरीज़ की नीलामी में शहर के उद्योगपति परेश खंडेलवाल ने अपनी करीब 6 करोड़ रुपये की लेम्बोर्गिनी के लिए ‘0001’ नंबर हासिल करने को 13,81,000 रुपये की बोली लगाकर नया रिकॉर्ड बना दिया।</p>
<p>चारपहिया वाहनों के लिए जारी ‘JX’ सीरीज़ में ‘0001’ नंबर सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहा। कई उद्योगपति और कार प्रेमी इस नंबर को पाने की दौड़ में थे, लेकिन यशवी ग्रुप के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर परेश खंडेलवाल ने सबसे ऊंची बोली लगाकर बाज़ी मार ली।</p>
<p>RTO अधिकारियों के अनुसार, सूरत में किसी एक नंबर के लिए अब तक इतनी बड़ी रकम की पेशकश नहीं हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि 13.81 लाख रुपये में एक प्रीमियम सेडान या शानदार SUV खरीदी जा सकती है, लेकिन यह रकम केवल नंबर प्लेट के लिए खर्च की गई।</p>
<p>परेश खंडेलवाल को लग्ज़री कारों और फैंसी नंबरों का विशेष शौक है। उनके कलेक्शन में BMW, मर्सिडीज, रेंज रोवर और लेम्बोर्गिनी जैसी कारें शामिल हैं, जिनमें अधिकांश के नंबर ‘0001’ हैं।</p>
<p>इससे पहले उन्होंने अपनी रेंज रोवर के लिए ‘RZ’ सीरीज़ में ‘0001’ नंबर हासिल करने के लिए 11.95 लाख रुपये खर्च किए थे। इस बार 13.81 लाख की बोली लगाकर उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया।</p>
<p>नीलामी में केवल ‘0001’ ही नहीं, बल्कि अन्य फैंसी नंबरों के लिए भी ऊंची बोलियां लगीं।</p>
<ul>
<li>
<p>‘9999’ नंबर 3.62 लाख रुपये में बिका</p>
</li>
<li>
<p>‘0007’ नंबर 3.01 लाख रुपये में</p>
</li>
<li>
<p>GJ-05-JX-1234 के लिए 2.83 लाख रुपये</p>
</li>
<li>
<p>GJ-05-JX-9119 के लिए 81,000 रुपये</p>
</li>
<li>
<p>GJ-05-JX-0005 के लिए 70,000 रुपये</p>
</li>
<li>
<p>GJ-05-JX-7000 के लिए 65,000 रुपये</p>
</li>
<li>
<p>GJ-05-JX-1000 के लिए 61,000 रुपये</p>
</li>
<li>
<p>GJ-05-JX-0006 के लिए 55,000 रुपये</p>
</li>
<li>
<p>GJ-05-JX-0012 के लिए 42,000 रुपये</p>
</li>
</ul>
<p>इन आंकड़ों से साफ है कि सूरत में फैंसी नंबरों को लेकर दीवानगी लगातार बढ़ रही है। RTO की इस नीलामी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सूरत में शौक की कोई कीमत नहीं होती।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>

</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/145849/surat-0001-number-plate-worth-rs-1381-lakh-for-lamborghini</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 19:12:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhatu Patil]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : पॉलिटेक्निक कॉलेज के शिक्षकों की हड़ताल से गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज में बंद हुआ लर्निंग लाइसेंस का काम</title>
                                    <description><![CDATA[आरटीओ को बिना सूचना दिए हड़ताल पर चले गए सरकारी पॉलिटेक्निक के शिक्षक, अब कॉलेज बंद है पर लाइसेंस का अपॉइंटमेंट मिल रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/76247/surat-learning-license-work-stopped-in-gandhi-engineering-college-due-to-polytechnic-college-teachers-strike"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-10/5439_newsphoto32.jpg" alt=""></a><br /><div>सरकारी पॉलिटेक्निक के शिक्षक अपने लंबित प्रश्नों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। पिछले 23 सितंबर से शिक्षकों के हड़ताल पर जाने के बाद सूरत गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस का संचालन ठप हो गया है।</div><div><br /></div><h2>कॉलेज है बंद पर सिस्टम से मिल रहा है अपॉइंटमेंट</h2><div><br /></div><div>जानकारी के अनुसार सरकारी पॉलिटेक्निक के शिक्षक आरटीओ को बिना सूचना दिए हड़ताल पर चले गए। ऐसे में शिक्षकों के हड़ताल की जानकारी न होने पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले लोगों को सिस्टम द्वारा लर्निंग लाइसेंस के लिए गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज के केंद्र का अपॉइंटमेंट मिल रहा है। ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट मिलने से अब बड़ी संख्या में आवेदक रोजाना गांधी कॉलेज पहुंच रहे हैं, लेकिन शिक्षकों की हड़ताल के कारण केंद्र पर ताला लगा होने से आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </div><div><br /></div><h2>क्या है इसका उपाय?</h2><div><br /></div><div>आपको बता दें कि इस प्रकार समस्या का सामना कर रहे याचिकाकर्ताओं ने गांधी इंजीनियरिंग के प्रधानाचार्य को एक अभ्यावेदन दिया, लेकिन उन्होंने भी कोई उचित कार्यवाही नहीं की। हालांकि, यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सूरत आरटीओ लर्निंग लाइसेंस के लिए गांधी इंजीनियरिंग सेंटर की अपॉइंटमेंट हटा देता है, तो क्या समस्या का समाधान हो सकता है? गांधी कॉलेज सेंटर के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बंद होने के बाद, आवेदक सूरत में एक अन्य आईटीआई कार्यालय में अपॉइंटमेंट बुक करेंगे। वर्तमान में गांधी महाविद्यालय की नियुक्ति अगले दिन होने के कारण अधिकांश आवेदक गांधी महाविद्यालय में ही नियुक्ति की बुकिंग कर रहे हैं।</div><div><br /></div><h2>गाँधी कॉलेज के लिए फी भर चुके लोगों के सामने दो-दो समस्या</h2><div><br /></div><div>गौरतलब है कि अब तक जिन आवेदकों ने गांधी कॉलेज की नियुक्ति बुक करा ली है, वे बड़ी मुसीबत में हैं। क्योंकि, जब तक गांधी कॉलेज का केंद्र चालू नहीं होगा, तब तक वे लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कंप्यूटर टेस्ट नहीं दे पाएंगे। उन्हें दूसरे केंद्र में भी अपॉइंटमेंट नहीं मिलेगी। यदि आवेदक किसी अन्य केंद्र पर अप्वाइंटमेंट लेना चाहते हैं तो उन्हें पहले भुगतान किए गए 900 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/76247/surat-learning-license-work-stopped-in-gandhi-engineering-college-due-to-polytechnic-college-teachers-strike</link>
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                <pubDate>Mon, 03 Oct 2022 20:29:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरटीओ : अगर नई गाडी में रखना चाहते है अपना पुराना नंबर तो करना होगा इस नियम का पालन</title>
                                    <description><![CDATA[पुराने नंबर को बचाए रखने के लिए ९० दिनों के भीतर गाड़ी खरीदना और पंजीकरण के लिए आवेदन करना अनिवार्य, इस समय सीमा के बाद लगेगा भारी शुल्क]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/69001/rto-if-you-want-to-keep-your-old-number-in-the-new-car-then-you-have-to-follow-this-rule"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/8076_rto-gujarat.jpg" alt=""></a><br /><div>राज्य के वाहन लेनदेन विभाग ने पुराने वाहन के नंबर को नए वाहन में स्थानांतरित करने के संबंध में पहले घोषित मसौदा नियमों की घोषणा कर नागरिकों से इससे जुड़ी आपत्तियों और समस्याओं के बारे में उनकी राय मांगी है। जिसके आधार पर नियमों को अंतिम रूप देकर 4 जुलाई के बाद उन्हें लागू किया जाएगा।</div><div>मसौदा नियमों की अधिसूचना के अनुसार वाहन मालिक के लिए पुराने नंबर को बरकरार रखने के लिए 90 दिनों के भीतर नया वाहन खरीदने और  पंजीकरण प्रक्रिया के लिए आवेदन करना अनिवार्य रहेगा। यदि 90 दिनों के भीतर नया वाहन नहीं खरीदा जाता है, तो पुराने वाहन के लिए अधिक शुल्क के लिए नीलामी में प्राप्त संख्या का स्वामित्व स्वतः रद्द हो जाएगा।</div><div>वाहन लेनदेन विभाग के उप सचिव आर विभट्ट द्वारा हस्ताक्षरित मसौदा नियम अधिसूचना के अनुसार, पुराने वाहन की संख्या 90 दिनों के भीतर समान रहेगी। लेकिन, वही नंबर नई गाड़ी में लेने के लिए सरकार को 80,000 रुपये तक की फीस देनी पड़ती है! गोल्डन कैटेगरी में दो या तीन पहियों को छोड़कर नए वाहनों में पुराने वाहन के नंबर का इस्तेमाल करने पर 30 दिन के लिए 40,000 रुपये, 30-60 दिनों के लिए 60,000 रुपये और 60-90 दिनों के लिए 80,000 रुपये चार्ज करने का प्रस्ताव है। गोल्डन में ऐसी 3 संख्याएँ होती हैं। इसी तरह सिल्वर कैटेगरी में 15000 से 30000 और अन्य कैटेगरी में 8000 से 16000 तक फीस का सुझाव दिया जाता है। चार पहिया वाहन जैसे दुपहिया या तिपहिया वाहन में नए वाहन के पंजीकरण में पुराने नंबर का उपयोग करने पर मोटी फीस वसूलने का प्रस्ताव है।</div><div>इन शुल्क दरों सहित अधिसूचना के प्रारूप नियमों के संबंध में उच्च नीलामी में संख्या प्राप्त करने वाले हितधारक, नागरिक, वाहन मालिक 4 जुलाई से पहले राज्य वाहन लेनदेन विभाग को आपत्तियां भेज सकते हैं, जिसके आधार पर शुल्क दरों के साथ-साथ नियम भी परिवर्तित होंगे।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jun 2022 09:57:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत : इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए सब्सिडी का फॉर्म नहीं भरने वाले डीलरों पर नकेल कंसने की तैयारी में है आरटीओ</title>
                                    <description><![CDATA[सब्सिडी का फॉर्म नहीं भरने वाले डीलरों को आरटीओ प्रभारी हार्दिक पटेल ने सप्ताह का अल्टीमेटम दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/75144/surat-rto-is-preparing-to-crack-down-on-dealers-who-do-not-fill-subsidy-form-for-electric-vehicles"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/9968_news3.jpg" alt=""></a><br /><div>पेट्रोल के बढ़ते कीमतों के बीच लोगों के बीच इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ी हैं। अब इन इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। दरअसल आरटीओ ने उन डीलरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही है जो अपने इलेक्ट्रिक वाहन बेचने और सरकारी सब्सिडी के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।जिन डीलरों ने अभी तक ऑनलाइन गाड़ियों के लिए सबसिडी का फॉर्म नहीं भरा उन पर लाइसेंस रद्द होने तक का खतरा मंडरा रहा है।</div><div>आपको बता दें कि सब्सिडी का फॉर्म नहीं भरने वाले डीलरों को आरटीओ प्रभारी हार्दिक पटेल ने सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद भी अगर डीलरों ने ये कामर नहीं किया तो उनका ट्रेड सर्टिफिकेट निलंबित कर दिया जाएगा। जिसके बाद डीलर एक निश्चित अवधि के लिए नए वाहन नहीं बेच पाएंगे। सूरत की बात करें तो सब्सिडी के लिए पात्र 1000 वाहनों के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया लंबित है। यह 1000 वाहनों में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन है। सूरत राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की सूची में सबसे ऊपर है। सूरत में पिछले 8 महीनों में अनुमानित 12000 वाहन बेचे गए हैं। वाहन बिक्री के साथ-साथ सूरत आरटीओ वाहनों के लिए सब्सिडी देने में भी राज्य में नंबर वन है। वर्तमान में सूरत आरटीओ की पुस्तक में पंजीकृत और सब्सिडी के लिए पात्र सभी वाहनों के लिए सब्सिडी का भुगतान किया गया है। सूरत में सब्सिडी के लिए दैनिक आवेदन को मंजूरी दे दी गई है। लेकिन वर्तमान में सूरत के विभिन्न डीलरों ने वहां बेचे जाने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों से सब्सिडी के लिए पात्र 1000 वाहनों की सब्सिडी प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन पर कार्रवाई नहीं की है</div><div>इस बीच सूरत आरटीओ कार्यालय के प्रभारी अधिकारी हार्दिक पटेल ने फार्म नहीं भरने वाले डीलरों को सात दिन के भीतर सभी वाहन मालिकों के फॉर्म भरने के लिए वाहन सब्सिडी लेने का आदेश दिया है। यदि अगले सात दिनों के भीतर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो उनके व्यापार प्रमाण पत्र निलंबित कर दिए जाएंगे। इससे पहले आरटीओ प्रभारी ने सभी डीलरों को व्यक्तिगत रूप से वाहन बेचने और सब्सिडी फॉर्म भरने को कहा था।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jun 2022 09:14:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आरटीओ : 15 साल पुरानी गाड़ियों के देरी से पंजीकरण पर फिलहाल को दंड नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<div>राज्य के परिवहन विभाग ने 15 साल पुराने वाहनों के देर से पंजीकरण करने वालों  चालकों से वसूले जाने वाले मासिक संग्रह को फिलहाल स्थगित करने के लिए एक परिपत्र जारी किया है। पुन: पंजीकरण शुल्क के साथ जुर्माना लगाना है या नहीं, इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश देने के बजाय, ‘नरो मरो वा कुंजारो’ जैसा एक परिपत्र जारी कर राज्य के सभी आरटीओ अधिकारियों को भेजा है। हालांकि, प्रधान कार्यालय द्वारा जारी सर्कुलर के मद्देनजर राज्य के कुछ आरटीओ अधिकारियों ने 300 रुपये और 500 रुपये प्रति माह के जुर्माने को टालने का फैसला किया है।  </div><div>आपको बता दें कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68987/rto-no-penalty-for-late-registration-of-15-year-old-vehicles"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2022-06/8181_news.jpg" alt=""></a><br /><div>राज्य के परिवहन विभाग ने 15 साल पुराने वाहनों के देर से पंजीकरण करने वालों  चालकों से वसूले जाने वाले मासिक संग्रह को फिलहाल स्थगित करने के लिए एक परिपत्र जारी किया है। पुन: पंजीकरण शुल्क के साथ जुर्माना लगाना है या नहीं, इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश देने के बजाय, ‘नरो मरो वा कुंजारो’ जैसा एक परिपत्र जारी कर राज्य के सभी आरटीओ अधिकारियों को भेजा है। हालांकि, प्रधान कार्यालय द्वारा जारी सर्कुलर के मद्देनजर राज्य के कुछ आरटीओ अधिकारियों ने 300 रुपये और 500 रुपये प्रति माह के जुर्माने को टालने का फैसला किया है।  </div><div>आपको बता दें कि सूरत आरटीओ भी पंद्रह साल पुराने गाड़ियों के पंजीकरण में दंड वसूलने का काम दरकिनार करने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार द्वारा जाहिर स्क्रेप पुलिस के अनुसार निर्धारित समय बीत जाने के बाद पंजीकरण के लिए आये पंद्रह साल पुराने वाहनों के लिए 300 रुपये और 500 रुपये प्रति माह के जुर्माने का प्रावधान था।</div><div>अब नए कानून के मुताबिक सूरत, अहमदाबाद और मेहसाणा समेत गुजरात के कुछ आरटीओ ने जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है, लेकिन कुछ याचिकाकर्ताओं ने गांधीनगर में याचिका दायर की है। कानून हाल ही में अधिनियमित किया गया था, उच्च न्यायालय के पुराने परिपत्र को उच्च अधिकारियों द्वारा यह जांचने के लिए अनुमोदित नहीं किया गया है कि यह मौजूदा कानून के अनुरूप है या नहीं।  वर्तमान में, इसने एक परिपत्र जारी कर राज्य के सभी आरटीओ से विवाद से बचने के लिए जुर्माना न लेने का आग्रह किया है। ऐसे में  जुर्माना न लेने वाले इस परिपत्र से वाहन चालकों को फायदा हुआ है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jun 2022 12:27:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सूरत : RTO में नए और पुराने लाइसेंस रिन्यू कराने में आवेदकों को आ रही दिक्कत</title>
                                    <description><![CDATA[सूरत आरटीओ के पास लंबे समय से लाइसेंस के लिए जरूरी स्मार्ट कार्ड नहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>सूरत शहर और जिले के लोग लंबे समय से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए धक्के खाने को मजबूर हैं। लोग नए लाइसेंस लेने के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। जिन लोगों के लाइसेंस एक्सपायर हो चुके हैं, उन्हें भी लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। लोग लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं लेकिन उन्हें लाइसेंस नहीं मिल रहा है। इसका मुख्य कारण एटीओ के पास स्मार्ट कार्ड नहीं होना है।</div><div>सूरत के पाल गांव स्थित आरटीओ कार्यालय में कम संख्या में लोगों की उपस्थिति नजर आ रही है. हालांकि, ऑनलाइन संचालन के आगमन के साथ, भीड़ कम हो गई है। लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस न मिलने से भी ऐसी स्थिति पैदा हो गई है। सूरत आरटीओ के पास लंबे समय से लाइसेंस के लिए जरूरी स्मार्ट कार्ड नहीं है। स्मार्ट कार्ड नहीं होने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आने वालों को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है। एक तरफ नए लाइसेंस के लिए आवेदकों की सूची लंबी है जबकि आरटीओ के पास स्मार्ट कार्ड नहीं होने के कारण प्रतीक्षा सूची भी बढती जा रही है। यहां तक कि पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने वालों को भी नए नए स्मार्ट कार्ड से लाइसेंस नहीं मिल रहा है।</div><div>हालांकि जब आरटीओ अधिकारी से समस्या के बारे में पूछा गया तो वो बंगले झाके नजर आए। उनके अनुसार यह समस्या केवल बीस दिनों के लिए थी। लेकिन अब स्मार्ट कार्ड की कमी दूर हो गई है और आवेदकों को पांच दिनों में लाइसेंस मिल रहे हैं।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/74146/surat-applicants-facing-problem-in-renewing-new-and-old-licenses-in-rto</link>
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                <pubDate>Wed, 30 Mar 2022 15:24:02 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात: अब से नहीं खाने होंगे आरटीओ के धक्के, अब से घर बैठे ही हो जाएंगे ये सारे काम</title>
                                    <description><![CDATA[राजकोट में नए आरटीओ भवन की आधारशिला रखी गई, अब से कई जरूरी काम होंगे ऑनलाइन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/68047/gujarat-rto-will-not-be-eaten-from-now-on-from-now-on-all-these-works-will-be-done-sitting-at-home"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-11/8076_rto-gujarat.jpg" alt=""></a><br /><div>गुजरात आरटीओ ने एक ऐसा निर्णय लिया है जिससे अब अपने काम के लिए आरटीओ के धक्के खाने वाले लोगों को राहत मिलेगी। अब से प्रदेश में आधार कार्ड आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से लोगों को वाहन में नाम हस्तांतरण सहित 50 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध होंगी। अहमदाबाद के साथ आज राजकोट के बगल में 2160 वर्गमीटर भूमि पर 2.50 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक नवीन भवन निर्माण कार्य का उद्घाटन किया गया है।</div><div>आपको बता दें कि राजकोट आरटीओ में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की वर्चुअल मौजूदगी और राजकोट विधायक और परिवहन राज्य मंत्री अरविंद रैयानी की मौजूदगी में नए आरटीओ भवन की आधारशिला  रखी गई। इसके साथ ही बहुत सी सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया गया जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।</div><div>जानकारी के अनुसार अब आरटीओ की ऑनलाइन सेवा शुरू होने के साथ ही गाड़ी के मालिक के नाम में बदलाव, वाहन के पते में परिवर्तन, ह्यपोथेनिक जोड़ने और हटाने, अन्य राज्यों की अनापत्ति प्रमाण पत्र, डुप्लीकेट आर.सी.  पुस्तक, नया परमिट, परमिट नवीनीकरण और डुप्लीकेट परमिट, लाइसेंस नवीनीकरण और उसके प्रतिस्थापन, लाइसेंस जानकारी, डुप्लीकेट लाइसेंस, लाइसेंस में पता और नाम परिवर्तन, जैसे काम आसानी से घर बैठे बैठे हो जाएगा। इसके लिए आरटीओ द्वारा आधार आधारित ओटीपी द्वारा सत्यापित किया जाएगा।</div><div>इसी के साथ ही अब आरटीओ कार्यालय को केवल ड्राइविंग टेस्ट, वाहन फिटनेस प्रमाण पत्र, पंजीकरण नवीनीकरण, अन्य राज्य वाहनों के पंजीकरण, वाहन रूपांतरण रूपांतरण के लिए जाना होगा। अब तो लर्निंग लाइसेंस भी ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Nov 2021 16:01:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस नियम के आने के साथ ही अब से पुराने वाहनों के लिए चुकाना होगा 8 गुना अधिक रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल फीस</title>
                                    <description><![CDATA[मौजूदा नीति के तहत मोटरसाइकिलों के लिए पंजीकरण शुल्क लगभग जो अभी 300 रुपये है वो बढ़कर 1,000 रुपये हो जाएगा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/80203/with-the-introduction-of-this-rule-from-now-on-for-the-old-vehicles-8-times-more-registration-renewal-fee-will-have-to-be-paid"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-10/traffic-vechils.jpg" alt=""></a><br /><div>सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय पुराने वाहनों को धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से हटाने की दिशा में काम कर रहा है। वे सभी प्रकार के वाहनों की बिक्री बढ़ाने के लिए एक वाहन स्क्रैप नीति को लागू करने पर भी विचार कर रहे हैं। जिसके तहत ग्राहकों को अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह नीति 15 वर्ष से अधिक के वाणिज्यिक वाहनों और 20 वर्षों से अधिक के यात्री वाहनों को रद्द कर देगी यदि वे फिटनेस और उत्सर्जन परीक्षण पास नहीं करते हैं।</div><div>आपको बता दें कि मौजूदा नीति के तहत मोटरसाइकिलों के लिए पंजीकरण शुल्क लगभग जो अभी 300 रुपये है वो बढ़कर 1,000 रुपये हो जाएगा। जबकि 15 साल से ऊपर के बस या ट्रक के लिए फिटनेस नवीनीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने की वर्तमान दर जो अभी 1,500 रुपये है वो 12,500 रुपये हो जाएगी। इसके अलावा, निजी वाहन पंजीकरण के नवीनीकरण में किसी भी तरह की देरी के लिए प्रति माह 300 रुपये और वाणिज्यिक वाहनों के लिए 500 रुपये का खर्च आएगा। वाणिज्यिक वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र के नवीनीकरण में देरी पर प्रतिदिन 50 रुपये का जुर्माना लगेगा।</div><div>आपको बता दें कि दिल्ली और उसके आसपास 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन पहले से ही प्रतिबंधित हैं। रजिस्ट्रेशन और फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यूअल फीस में बढ़ोतरी का मकसद लोगों को अपने पुराने वाहन रखने से रोकना है। बता दें, निजी वाहन मालिकों को वाहन के 15 साल पुरे होने के बाद हर 5 साल में फिटनेस नवीनीकरण कराना होता है। इसी तरह कमर्शियल व्हीकल के 8 साल पूरे होने के बाद हर साल फिटनेस सर्टिफिकेट का नवीनीकरण कराना होता है। इसके अलावा वाहनों के मैनुअल और ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्ट के लिए भी फीस तय की गई है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फिचर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Oct 2021 19:20:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अहमदाबाद : ट्रैफिक पुलिस द्वारा पीओएस मशीन से जुर्माना भरवाने पर लोगों की मिलीजुली प्रक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[डेढ़ महीने में वसूला गया एक करोड़ का जुर्माना, 1 करोड़ में से सिर्फ 11 लाख रुपए का डिजिटल जुर्माना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>ट्रैफिक पुलिस द्वारा डिजिटल जुर्माना वसूलने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पीओएस मशीन शुरू से ही बंद जैसी हालात में आ चुकी है। इस मशीन से डेढ़ महीने में 1.05 करोड़ की वसूली की गई। इनमें से सिर्फ 10 फीसदी ने ही डिजिटल जुर्माना अदा किया। आने वाले दिनों में इस मशीन का अधिकतम लाभ उठाकर परियोजना को सफल बनाने का प्रयास किया जाएगा।</div><div>जानकरी के अनुसार, यातायात विभाग ने 135 जगहों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर पीओएस मशीन से जुर्माना लगाया है। पीओएस मशीनों से डिजिटल जुर्माना वसूलने के लिए शुरू किया गया पायलट प्रोजेक्ट फेल होने के कगार पर है। क्योंकि डेढ़ महीने में 20 हजार चालकों को मेमो दिया गया है और 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। जिसमें से लगभग 2200 मेमो को डिजिटल पेनल्टी रसीद प्राप्त हुई है और 11 लाख रुपये की वसूली की गई है यानी 90 लाख जुर्माना नकद में जमा किया गया है, इसका अर्थ है कि केवल 10% लोग डिजिटल जुर्माना अदा कर रहे हैं।</div><div>आपको बता दें कि पीओएस मशीन से जुर्माना वसूलना यातायात विभाग के लिए भारी पड़ सकता है क्योंकि अगर एक मशीन में 5 डिजिटल ट्रांजैक्शन नहीं होते हैं तो एक महीने की सभी मशीनों को कुल रु 70 हजार का भाड़ा चुकाना पड़ेगा। लेकिन चूंकि मौजूदा डिजिटल जुर्माना ज्यादा नहीं निकलता है, इसलिए आने वाले दिनों में कितना किराया दिया जाता है यह पता चल सकता है। अभी भी आने वाली कुछ समस्याओं को दूर करने के लिए पीओएस मशीन में क्यूआर कोड विकल्प जोड़ा जाएगा। ताकि आसानी से जुर्माना भरा जा सके।</div><div>वर्तमान में युवा पीओएस मशीनों के अधिक उपयोग के साथ डिजिटल माध्यम को अपना रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर, वृद्ध लोग इसे अस्वीकार करते दिख रहे हैं। हालांकि यदि कोई व्यक्ति कहता है कि उसने नियम नहीं तोड़े हैं, तो मशीन के पीछे लगे कैमरे में ली गयी फोटो की मदद ली जाती है,और यदि कोई व्यक्ति जुर्माना भरने से हिचकिचाता है, तो उसे तुरंत फोटो दिखा दी जाती है। और मौके पर ही जुर्माना ले लिया जाता है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/86084/ahmedabad-mixed-process-of-people-to-pay-fine-from-pos-machine-by-traffic-police</link>
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                <pubDate>Fri, 01 Oct 2021 19:07:32 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आनंद एआरटीओ में सामने आए घोटाले में अहमदाबाद से भी सैकड़ों मामले</title>
                                    <description><![CDATA[आनंद एआरटीओ में तीन साल में 5,000 से अधिक फर्जी लाइसेंस के साथ 4 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/67649/hundreds-of-cases-from-ahmedabad-in-scam-surfaced-in-anand-arto"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-08/7724_1.jpg" alt=""></a><br /><div>आनंद एआरटीओ में तीन साल में 5,000 से अधिक फर्जी लाइसेंस घोटाले मामले में अहमदाबाद के 500 से अधिक लाइसेंस मिले हैं। वैद्यता समाप्त हो चुके लाइसेंस को बेकलोग में रीन्यू करना, टूव्हीलर के लाइसेंस होने पर कार का लाइसेंस लेना हो तो बिना ड्राइविंग टेस्ट के लाइसेंस जारी करना और अन्य शहर के आवेदनकर्ताओं को किराये के समझौते के तहत अन्य शहर के आवेदकों को सीधे लाइसेंस आवंटित करने जैसे का घोटाले ऑनलाइन संचालन की सुरक्षा के खिलाफ सवाल खड़ा करते हैं।</div><div>आपको बता दें कि ऐसा माना जा रहा है कि कार्यालय के अधिकारियों ने 4 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किया है। पूर्व आरटीओ अधिकारी जी. पटेल ने परिवहन आयुक्त के समक्ष साक्ष्य भी प्रस्तुत किया है। डेढ़ साल पहले स्थानीय जिला कलेक्टर द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में वाहन लेनदेन विभाग के ओएसडी एच. एम वोरा ने कहा, "जांच जारी है और हमें इसे जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया जाएगा।"</div><div>इस मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार फर्जी लाइसेंस बनवाने के लिए एजेंटों ने आवेदकों से बीस हजार रुपये या उससे अधिक पैसे लिए, जिनमें से आठ हजार से दस हजार रूपये तक एआरटीओ अधिकारियों को दिया। यह सामने आया है कि कथित घोटाले में शामिल अधिकारी ने फर्जी खाते से लाइसेंस की मंजूरी देकर लाखों रुपये कमाए हैं।</div><div>इस मामले में आरटीओ के पूर्व अधिकारी जी.एम पटेल ने बताया कि आनंद एआरटीओ ऋत्विजा दानी ने 4 मई को कमिश्नर को सूचना दी थी। कार्यालय कर्मचारी चौधरी प्रवीण के नाम से फर्जी खाता खोलकर घोटाला किया गया है। इसने आयुक्त राजेश मंजू को एक ही कार्यालय में 591 फर्जी लाइसेंसों की सूची पेश कर जांच की मांग की है। वहीं इस बारे में आनंद एआरटीओ के अधिकारी ऋत्विजा दानी ने बताया कि आनंद एआरटीओ कार्यालय में फर्जी लाइसेंस की पूरी जानकारी मेरे पास नहीं है। मैं अप्रैल, 2021 से एआरटीओ का प्रभारी हूं। इसलिए मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। मेरे द्वारा परिवहन आयुक्त को कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Aug 2021 19:26:47 +0530</pubDate>
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                <title>अहमदाबाद: लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए आरटीओ ने लिया बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[अब से दिन में पंद्रह घंटे चलेंगे लाइसेंस से जुड़े कामकाज]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div>अहमदाबाद आरटीओ ने लाइसेंस के लिए लगती लंबी लाइन को देखते हुए एक बड़ा फैसला किया है। दरअसल अहमदाबाद आरटीओ ने ड्राइविंग टेस्ट का समय बढ़ा दिया है। इससे लाइसेंस के लिए परीक्षा देने वाले लोगों को फायदा होगा।</div><div>आपको बता दें कि अब से आरटीओ में लाइसेंस के लिए 15 घंटे कामकाज होंगे। जिसमें आरटीओ दो शिफ्ट में काम करेगा। पहली पाली सुबह 6.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक वहीं दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक होगी।</div><div>जानकारी के अनुसार सुभाष ब्रिज आरटीओ सुबह छह बजे से चालू हो जाएगा। लाइसेंस के लिए टेस्टिंग ट्रैक का संचालन भी सुबह छह बजे से शुरू होगा। लाइसेंस के लिए जरुरी सारे काम सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक चलेंगे। एक घंटे में 26 टू व्हीलर और 17 फोर व्हीलर टेस्ट दे सकेंगे।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अहमदाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/85989/ahmedabad-rto-took-a-big-decision-to-remove-the-problems-of-the-people</link>
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                <pubDate>Fri, 16 Jul 2021 12:02:55 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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                <title>लर्निग लाइसन्स का काम 7 मई तक रहेगा बंद</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना के बढ़ते हुये संक्रमण को देखते हुये राज्य सरकार ने लिया फैसला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><div><span style="font-size:1rem;">कोरोना की बिमारी के कारण सूरत सहित देशभर में लोग परेशान हैं। ऐसे में राज्य सरकार भी लोगों को परिस्थिति समझते हुए हर संभव मदद करने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार के रोजगार और प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत सभी सरकारी ग्रांट इन एड और स्वनिर्भर औद्योगिक तालीम संस्थाओं में लर्निंग लाइसेंस सहित तमाम कार्यवाही 29 अप्रैल से आगामी 7 मई तक बंद करने का फैसला किया गया है। </span></div><div><span style="font-size:1rem;">गुजरात रोजगार और तालिम विभाग की ओर से बताया गया है कि संबंधित संस्थाओं को इस नियम का पालन 29 अप्रैल से 7 मई तक बंद करना होगा। इन 8 दिनों के दौरान औद्योगिक तालिम संस्था के सभी अधिकारी कर्मचारियों को मोबाइल फोन, ईमेल और व्हाट्सएप पर अपना काम करना होगा। आपको बता दें कि सूरत सहित गुजरात के कई शहरों में कोरोना कारण लोग परेशान हो गए हैं। </span></div><div><span style="font-size:1rem;">सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड की संख्या घट गई है जिसके चलते प्रशासन ने हर प्रकार की कोशिशें शुरू कर दी है। लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े इसलिए कई फैसले सरकार ने उठाए हैं। साथ ही बीते दिनों जीवन और मृत्यु का प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन मिल सके ऐसी व्यवस्था शुरू की गई है।</span><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

                <link>https://www.loktej.com/article/67102/the-work-of-learning-license-will-be-closed-till-7-may</link>
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                <pubDate>Mon, 03 May 2021 17:56:49 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Loktej]]></dc:creator>
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