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                <title>क्षेत्रीय दलों ने वित्त वर्ष 2022-23 में 200 करोड़ रुपये से अधिक चंदा मिलने की घोषणा की: एडीआर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा मिलने की घोषणा की है। ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) के एक विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है।</p>
<p>एडीआर के विश्लेषण के अनुसार झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), जननायक जनता पार्टी (जजपा), तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने चंदे से अपनी आय में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की है।</p>
<p>रिपोर्ट में प्राप्त कुल चंदे में कुछ दलों का प्रभुत्व, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को जानकारी देने में काफी देरी और चंदा देने वालों के विवरण के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/119937/regional-parties-announced-to-receive-donations-of-more-than-rs-200-crore-in-the-financial-year-2022-23--adr"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2024-12/politics.jpg" alt=""></a><br /><p>नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा मिलने की घोषणा की है। ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) के एक विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है।</p>
<p>एडीआर के विश्लेषण के अनुसार झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), जननायक जनता पार्टी (जजपा), तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने चंदे से अपनी आय में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की है।</p>
<p>रिपोर्ट में प्राप्त कुल चंदे में कुछ दलों का प्रभुत्व, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को जानकारी देने में काफी देरी और चंदा देने वालों के विवरण के खुलासे में अंतराल पर प्रकाश डाला गया है।</p>
<p>विश्लेषण किये गये 57 क्षेत्रीय दलों में से केवल 18 ने निर्धारित समय के भीतर निर्वाचन आयोग को अपनी चंदा रिपोर्ट प्रस्तुत की।</p>
<p>अठाईस क्षेत्रीय दलों द्वारा घोषित कुल 2,119 चंदों का विश्लेषण किया गया, जिनकी राशि 216.765 करोड़ रुपये थी।</p>
<p>बीस हजार रुपये से अधिक का चंदा देने वाले लोगों को अपनी पहचान बताना अनिवार्य है।</p>
<p>सत्रह अन्य दलों ने अपने विवरण प्रस्तुत करने में देरी की, जिसमें दो से लेकर 164 दिन तक की देरी हुई। बीजू जनता दल (बीजद) और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) समेत सात दलों ने वर्ष के लिए कोई चंदा नहीं घोषित किया।</p>
<p>रिपोर्ट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में कुछ दलों के चंदे में उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रकाश डाला गया। झामुमो में 3,685 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि देखी गई, जिसके बाद जजपा में 1,997 प्रतिशत और तेदेपा में 1,795 प्रतिशत की वृद्धि हुई।</p>
<p>हालांकि, समाजवादी पार्टी (सपा) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) जैसे दलों ने चंदे में तीव्र गिरावट दर्ज की है, जिसमें क्रमशः 99.1 प्रतिशत और 89.1 प्रतिशत की कमी आई है।</p>
<p>सर्वाधिक चंदा प्राप्त करने वालों की सूची में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) शीर्ष पर रही, जिसने मात्र 47 चंदादाताओं से 154.03 करोड़ रुपये प्राप्त होने की घोषणा की, उसके बाद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को पांच चंदादाताओं से 16 करोड़ रुपये तथा तेदेपा को 11.92 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।</p>
<p>पांच दलों बीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस, तेदेपा, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) को कुल घोषित चंदे का 90.56 प्रतिशत प्राप्त हुआ।</p>
<p>एडीआर ने चंदे की जानकारी देने में पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई। पांच क्षेत्रीय दलों ने 96.2 लाख रुपये के चंदे की घोषणा चंदादाताओं के स्थायी खाता संख्या (पैन) दिए बिना की।</p>
<p>कुल चंदे में नकद चंदे की हिस्सेदारी मात्र 0.099 प्रतिशत थी, जो 43 चंदों से 21.45 लाख रुपये थी। राज्यों में, केरल 9.09 लाख रुपये नकद चंदे के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि दूसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल रहा, जहां 5.91 लाख रुपये का नकद चंदा मिला।</p>
<p>कॉरपोरेट और व्यावसायिक संस्थाओं ने 169.2 करोड़ रुपये का चंदा दिया, जो कुल चंदे का 78 प्रतिशत था, जबकि अन्य चंदादाताओं ने 45.24 करोड़ रुपये का चंदा दिया। बीआरएस को 40 कॉरपोरेट चंदादाताओं से 138.97 करोड़ रुपये मिले, जो क्षेत्रीय दलों में सबसे अधिक है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 19:07:24 +0530</pubDate>
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                <title>सूरत : दुर्घटनाग्रस्त सुरक्षागार्ड के मरने पर परिवार ने किया अंगदान, एक साथ चार लोगों को मिली नई जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[महज 80 मिनट में सूरत से अहमदाबाद पहुंचा शैलेश का हृदय, 22 वर्षीय व्यक्ति को मिला  नया जीवन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/70991/surat-family-donated-organs-after-accidental-security-guard-died-four-people-got-new-life-together"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-07/3280_1.png" alt=""></a><br /><div>दानवीर कर्णभूमि के नाम से प्रसिद्ध सूरत के लोग किसी भी आपदा में दान देने में सबसे आगे हैं। इसी क्रम में सूरत अंगदान में भी सबसे आगे है। कई लोगों ने मरते समय अपना अंगदान कर कई लोगों की जान बचाई है। ऐसा ही बड़ा काम एक सुरक्षाकर्मी ने किया और मरते समय अपना दिल, किडनी और लीवर तक दान कर दिया। अपने इस महान काम से उन्होंने चार लोगों को जिंदा किया और समाज में मानवता की मिसाल पेश की।</div><div> झारखंड के मूल निवासी और ओएनजीसी में सुरक्षा गार्ड शैलेश हरिहर सिंह के परिवार ने चार लोगों को पुनर्जीवित करने और समाज को एक नई दिशा दिखाने के लिए दिल, किडनी और लीवर दान किया। शैलेश सिंह को सूरत के नए सिविल अस्पताल में और बाद में सनशाइन ग्लोबल अस्पताल में 9 जुलाई को एक सड़क दुर्घटना में मस्तिष्क की गंभीर चोट के साथ भर्ती कराया गया था।</div><div>आपको बता दें कि कुछ दिनों के इलाज के बाद 16 जुलाई को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया और उनकी पत्नी सीमा और उनके भाइयों ने शैलेश सिंह के अंगों को दान करने का फैसला किया। डोनेट लाइफ के जरिए शैलेश सिंह का दिल, दो किडनी और एक लीवर डोनेट किया गया। जिसके जरिए चार जरूरतमंद मरीजों को बचाया जा सका। जाम खंभालिया निवासी 22 वर्षीय एक व्यक्ति का अहमदाबाद के सिम्स अस्पताल में सूरत से अहमदाबाद तक 285 किमी की दूरी पर हृदय प्रत्यारोपण हुआ। यह  युवक पिछले दो साल से दिल की बीमारी से जूझ रहा है और पिछले तीन महीनों में उसके दिल की पंपिंग 5 फीसदी से बढ़कर 10 फीसदी हो गई है, जिसका इलाज अहमदाबाद के डॉक्टरों की टीम ने किया है। जबकि डोनेशन में मिली दो किडनी में से एक किडनी ट्रांसप्लांट अहमदाबाद में और दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट के।डी। अहमदाबाद में किया गया।</div><div>आपको बता दें कि अहमदाबाद में हार्ट, किडनी और लीवर को समय पर पहुंचाने के लिए दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। पिछले डेढ़ महीने में, सूरत के डोनेट लाइफ ने छह ब्रेनडेड व्यक्तियों के परिवारों को सहयोग से 3 दिल, 2 फेफड़े, 12 किडनी, 6 लीवर और 8 आंखों सहित कुल 31 अंग दान किए हैं। सूरत और दक्षिण गुजरात से 394 किडनी, 163 लीवर, 8 अग्न्याशय, 34 दिल, 14 फेफड़े और 294 आंखें मिला कर कुल 905 अंग दान किये गये। जिससे 833 व्यक्तियों को नया जीवन और नई दृष्टि देने में सफलता मिली है।</div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सूरत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jul 2021 14:56:50 +0530</pubDate>
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                <title>आखिर फल रही है दानवीरों की मेहनत, धैर्यराज के खाते में जमा हुये इतने रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[SMA-1 की नाम की बीमारी से पीड़ित है नन्हा धैर्यराज, अमेरिका से मंगवाना है 16 करोड़ का इंजेक्शन
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.loktej.com/article/66929/after-all-the-hard-work-of-the-donors-so-much-money-deposited-in-dhirenraj-s-account"><img src="https://www.loktej.com/media/400/2021-04/1172_s1-03042021.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:1rem;">कहते है की बूंद बूंद से ही समंदर भर सकता है। किसी भी बड़े काम को करने के लिए उसकी शुरुआत तो करनी ही पड़ती है। कुछ ऐसा ही हुआ छोटे से धैर्यराज के किस्से में, जो एक गंभीर बीमारी से पीड़ित है और इस बीमारी से इलाज के लिए करोड़ों रुपए के इंजेक्शन की जरूरत है। क्योंकि मासूम बालक के माता-पिता काफी गरीब थे, वह इसका इलाज नहीं करवा सकते थे। इसलिए उन्होंने सोशल मीडिया की सहायता से उसके लिए फंड इकट्ठा करना शुरू किया। </span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">बस फिर क्या था, गुजरात के हर एक कोने से लोगों ने मदद करना शुरू कर दिया। लोग यथाशक्ति अपनी तरफ से मदद करने लगे। गुजरात के कलाकारों से कामदारों तक सबने धैर्यराज के लिए मदद की। कई सामाजिक संस्था के लोगों ने हर दुकान पर जाकर और रास्तों में खड़े रहकर दान इकट्ठा किया गया। लोगों ने खुद के खर्च से प्ले कार्ड, टी-शर्ट, बेनर और दान पेटी बनाकर धैर्यराज की मदद के लिए आगे आए थे।  सभी की सहायता से आज धैर्यराज के अकाउंट में 15.50 करोड़ जमा हो गए है और अब बस 50 लाख रुपयों की जरूरत है। अभी भी कई लोग धैर्यराज की मदद कर रहे है, ऐसे में जल्द ही उसके इलाज के लिए पैसे जमा हो जाएगे ऐसी आशा है। </span><br /></div><div><span style="font-size:1rem;">उल्लेखनीय है की धैर्यराज को जो बीमारी है, वह काफी गंभीर है। पूरे गुजरात में ऐसे और भी 19 बालक है। जिन्हें इलाज के लिए 22 करोड़ रुपए के इंजेक्शन की जरूरत है। जिसके लिए कांग्रेस के विधायकों ने पत्र लिखकर यह खर्च केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा उठाने की मांग की है। इसके अलावा विदेश में मिलने वाली यह दवा भारत में ही उत्पादित की जाए ऐसे भी मांग की थी। </span><br /></div>                                                                            ]]></content:encoded>
                
                                                            <category>गुजरात</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Apr 2021 14:42:46 +0530</pubDate>
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